क्या आपने कभी यह सोचा है कि पायरेट्स अपनी एक आंख पर पट्टी क्यों लगाते थे मुझे पता है आप लोग सोच रहे होंगे कि शायद वह अपनी खोई हुई आंख को ढकने के लिए पहनते थे लेकिन आप गलत हो दरअसल जब पायरेट्स अंधेरे से रोशनी में जाते थे तो उनकी आंख काफी जल्दी एडजस्ट हो जाती थी और सब कुछ बहुत जल्दी दिखने लगता था लेकिन जब वो उजाले से अंधेरे में जाते थे तो उनकी आंख को एडजस्ट होने में 20 से 25 मिनट तक लग जाते थे वेल ये चीज आपके साथ भी हुई होगी जब
आप कड़कती धूप से आकर अचानक अंधेरे कमरे में जाते हो आप को थोड़ी देर के लिए कुछ नहीं दिखता पर धीरे-धीरे सारी चीजें दिखने लगती हैं यही चीज पायरेट्स के साथ भी होती थी क्योंकि पायरेट्स को हमेशा ऊपर से नीचे जाना पड़ता था अब ऐसे में आंखों को तुरंत एडजस्ट करने के लिए वो अपनी एक आंख पर पट्टी बांध लेते थे क्योंकि जब आंख पहले से ही अंधेरे में रहती थी तो वह अंधेरे को तुरंत एडजस्ट कर लेती थी जिससे वह काफी अंधेरे में भी बहुत आसानी से देख पाते थे