आज से ठीक 2 साल पहले मैंने इसी टाइम पर कॉलेज ड्रॉप आउट कर दिया था और मेरे हाथ में सिर्फ ₹15,000 थे लेकिन वो ₹15,000 भी मेरे साथ स्कैम हो गए और मैं एक ऐसी सिचुएशन में पहुंच गया जहां मैं सड़क पर था और मेरे पास खाने के भी पैसे नहीं थे। लेकिन आज मेरे पास एक सक्सेसफुल YouTube चैनल है 6 लाख सब्सक्राइबर्स के साथ और मैं एक अच्छी खासी लाइफ जी रहा हूं। मेरे पास वो सब कुछ है जो मैंने 17 की ऐज में इमेजिन किया था। लेकिन ये सब कैसे हुआ? मैं खुद को
सड़क से उठा के 6 लाख लोगों का टीचर कैसे बना ये आज मैं आपको बताने वाला हूं। आप में से कई सारे लोग मुझे पहले से जानते होंगे और अगर नहीं जानते तो इस वीडियो के बाद अच्छे से जान जाओगे। मेरा नाम है प्रवीण कुमार। मैं 20 साल का हूं और मैंने सिर्फ 70 वीडियोस में ही अपने चैनल पर 6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स गेन कर लिए हैं। सुनने में अच्छा लग रहा है ना? लेकिन यह मेरी सबसे बड़ी अचीवमेंट नहीं है। मेरी सबसे बड़ी अचीवमेंट है वो जर्नी जिसमें मैंने हर वो पेन फील किया
जो कि एक मिडिल क्लास का लड़का फील करता है जब वो कुछ बड़ा करने की कोशिश करता है। लेकिन सिस्टम उसे बार-बार दबा देती है। मैं भी एक मिडिल क्लास फैमिली से आया हूं। लेकिन मेरी सोच कभी भी सैलरी तक लिमिटेड नहीं थी। मुझे फ्रीडम चाहिए थी। एक ऐसी लेगसी बनानी थी जो मेरे बाद भी रहे। आई नो आप लोग सोचे होंगे कि एक और सोशल मीडिया गुरु आ गया। कुछ दिन वीडियोस डालेगा और गायब हो जाएगा। लेकिन मैं गुरु बनने नहीं आया हूं। मैं आप लोगों की लाइफ चेंज करने के लिए आया हूं। ठीक
उसी वे में जिस तरह मैंने अपनी लाइफ चेंज करी है। इस वीडियो में मैं आप लोगों को अपनी कहानी बताने वाला हूं। कैसे एक फेलियर और लूजर के टैग वाला बच्चा आज लाखों लोगों को इंस्पायर कर रहा है। मेरी कहानी बहुत ही इंटरेस्टिंग है। ठीक आप लोगों की तरह मैं भी एक मिडिल क्लास फैमिली में पैदा हुआ। और मिडिल क्लास फैमिली में करियर के नाम पर चार ही ऑप्शन होते हैं। और क्योंकि मेरा बड़ा भाई इंजीनियर था इसलिए मुझे लगा कि मुझे डॉक्टर बन जाना चाहिए। और यह बात है 2019 की जब मैंने अपनी नाइंथ
कंप्लीट करी थी और मुझे चंडीगढ़ भेज दिया गया था एलन में कोचिंग के लिए वो भी नीट की। कोचिंग स्टूडेंट की लाइफ कैसी होती है यह मुझे बताने की जरूरत नहीं है। और मेरी लाइफ भी कुछ ऐसी ही हो गई थी। लेकिन मेरा मन सेटिस्फाइड नहीं था क्योंकि मैं जिंदगी भर पढ़ाई नहीं कर सकता था। इवन कोचिंग में रहते हुए भी मैं यही सोचता था कि खुद की फार्मा कंपनी कैसे खोलूं। लेकिन मैं ज्यादा महीने वहां रह नहीं पाया और 1 साल कोचिंग कंप्लीट करने के बाद बड़ी ही हिम्मत करके मैंने अपने पापा को बोल
दिया कि मैं कोचिंग छोड़ना चाहता हूं। सुनने में यह जितना आसान लग रहा है उतना ही मुश्किल था मेरे लिए यह कहना क्योंकि लाखों रुपए लगाने के बाद जब तुम्हें पता ना हो कि आगे क्या करना है और फिर भी एक डिसीजन लेकर अपने बड़ों को बताओ तो तुम सिर्फ बेवकूफी ही दिखते हो और यही हुआ मेरे साथ। मेरी लाइफ का पहला लूजर का टैग मुझे इसी मोमेंट पे मिल गया था। कोचिंग छोड़ने के बाद मैंने कॉमर्स स्ट्रीम चूज़ कर ली और वापस घर आ गया। इस उम्मीद में कि कॉमर्स ली है तो बिजनेस के
बारे में कुछ सीखने को मिलेगा। यह साल था 2020 जब लॉकडाउन लगा और मेरी 11th की स्कूलिंग घर बैठे-बैठे ही हुई। बट मैं एक्चुअल में सिर्फ बैठा हुआ नहीं था। मेरे सर पर जो लूजर का टैग था वो मुझे रोज दिखाई देता था और मैं इस चीज को एडप्ट नहीं कर सकता था। इसलिए मैंने ऑनलाइन अर्निंग के तरीके ढूंढना स्टार्ट कर दिया और तभी मुझे दो चीजों के बारे में पता चला। Instagram और YouTube YouTube तो सब कर रहे थे लेकिन Instagram पे भीड़ कम थी। लोगों को नहीं पता था कि Instagram से कैसे अर्न
करते हैं। और उसी टाइम पर मुझे एक बंदा भी मिला जो कि मुझे अपना कोर्स पिच कर रहा था। ऑलदो वो ओरिजिनल वैल्यू ₹1000 की लेके आया था लेकिन मैंने उसे किसी तरह कॉम्प्रोमाइज करवा के ₹200 पे ले आया। अभी के टाइम पे यह आपको बहुत ही छोटा अमाउंट लग रहा होगा। लेकिन 2020 में जब ऑनलाइन नया-नया आया ही था और किसी ऐसे बंदे को पे करना था जिसको मैंने कभी देखा नहीं है। वो भी कोस्ट जैसी चीज के लिए जिसको इंडिया में कोई इतनी लोग वैल्यू भी नहीं करते थे। यह मेरे लिए एक बड़ी
बात थी 17 की ऐज में क्योंकि मेरे पास खुद का बैंक अकाउंट भी नहीं था कि मैं वो पेमेंट कर सकूं। लेकिन मुझे पता था कि उसको उसमें वो नॉलेज है जो मुझे चाहिए इस ऑनलाइन बिजनेस की दुनिया को समझने के लिए। इसलिए मैंने एक रिस्क लिया। बिना घर पे बताए चुपके से मैंने वो ₹200 अपने पापा के फोन से उस बंदे के अकाउंट में डाल दिए। इस मोमेंट में मेरी हालत खराब थी क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मैं पकड़ा जाऊं इसलिए मुझे वो ₹200 जल्द से जल्द वापस कमाने थे। मैंने वो कोर्स सिर्फ
एक हफ्ते के अंदर कंप्लीट कर लिया और मुझे Instagram थीम पेज बिज़नेस के बारे में पता चला। लेकिन उसमें अर्निंग के बारे में कुछ नहीं था। इसलिए मेरे पास पैसा कमाने का सिर्फ एक ही तरीका बचा था उसी कोर्स को रिसेल करना। लेकिन सेल्स भी एक स्किल है जो कि मुझे स्कूल में नहीं सिखाई गई। तो मैंने वही किया जो हम सब करते हैं। YouTube पर ढूंढा और फिर बुक रीडिंग भी करी। मैंने सेल करना जिस बुक से सीखा था उस बुक का नाम है हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल। आज भी मेरी 60%
पर्सनालिटी इसी बुक की वजह से है। इस बुक ने मुझे लोगों से बात करना, उनके थिंकिंग पैटर्न को समझना और सेल्स करने में काफी हेल्प करी। मैंने 2021 के स्टार्टिंग में वो कोर्स लिया था और जनवरी के एंड तक मैंने उसी कोर्स को रिसेल करके ₹3000 कमा लिए थे। पूरे टाइम मुझे इतना ज्यादा फोन में देखना पड़ता था कि फोन की स्क्रीन को देख के भी मुझे उल्टी आने लग जाती थी। बट मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं था। एंड दिस वाज़ माय फर्स्ट अर्निंग इन लाइफ। 17 की ऐज में ₹3000। लेकिन यह ₹3000 मुझे मजे
करने के लिए नहीं चाहिए थे। मुझे एक बंदे से मेंटोरशिप लेनी थी जिसकी फीस ₹3000 थी। मैंने अपने पापा को बताया कि उनके अकाउंट में कैसे मैंने ₹3000 डलवाए हैं और मुझे वह चाहिए एक स्किल्स सीखने के लिए और उन्होंने वह पैसे मुझे दे भी दिए। इस मोमेंट पे मुझे एक्चुअल में नॉलेज में इन्वेस्ट करने का मतलब समझ आया। क्योंकि जो मेंटोरशिप मैंने ली थी उसकी वजह से अब मैं महीने के 20 से ₹25,000 कमा रहा था। सुनने में अच्छा लग रहा है ना? लेकिन मेरे लिए यह बहुत ही मुश्किल काम था क्योंकि मैं एक
बहुत ही इंट्रोवर्ट बंदा था और जो बिजनेस मैं कर रहा था, उसकी रिक्वायरमेंट थी टीचिंग एंड सेल्स। यानी कि मुझे दो-ती घंटे लोगों से बात करनी पड़ती थी। उनको आउटरीच करते टाइम उनको ज़ूम कॉल पे भी लाना पड़ता था। जिसके लिए अगेन मुझे पिचिंग करनी पड़ती थी और खुद को रेडी करना पड़ता था। हर ज़ूम कॉल से पहले ही मेरे पसीने निकल जाते थे। इसलिए मुझे एक ऐसा सोर्स ऑफ इनकम चाहिए था जो कि स्टेबल हो और जहां पर मुझे ज्यादा एक्टिवली वर्क ना करना पड़े। मैं हमेशा छुप के काम करना चाहता था। इसलिए आज
तक मैंने फेस कैम वाली वीडियोस नहीं बनाई। बट एनीवेज इस मोमेंट पे मुझे YouTube ऑटोमेशन के बारे में पता चला और मैं जो अर्निंग कर रहा था उसके सारे पैसेज मैंने चीजें सीखने में निकाल दिए। 2021 से 22 तक मैंने YouTube ऑटोमेशन, Instagram बिनेस, ड्रॉप शिपिंग, वेबसाइट बिल्डिंग, फ्रेंट ऑन डिमांड बिज़नेस, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट क्रिएशन, सोशल मीडिया मैनेजर, बेसिक एडिटिंग, इवन कोडिंग ये सारे काम किए और सीखे भी। इसके सिवाय भी काफी सारे स्किल्स हैं और एक्सपेरिमेंट्स हैं जिन पे मैंने पैसे खर्च करे। लेकिन इन सब में मैं इनकंसिस्टेंट था क्योंकि मुझे स्कूल भी जाना
पड़ता था। एक 17 साल का लड़का जो कि मंथली 20 से 25,000 कमा रहा है। एक बड़ी अचीवमेंट थी। लेकिन 2022 में जब मेरी 12th कंप्लीट हुई और कॉलेज जाने का टाइम आया चीजें चेंज होने लगी। फाइनल एग्जाम्स की वजह से और कॉलेज ढूंढने की स्ट्रगल की वजह से 3 महीने Instagram पे मैं एक्टिव नहीं रह पाया। इवन कॉलेज में एडमिशन होने के बाद भी मैं ज्यादा एक्टिव नहीं था क्योंकि कॉलेज में 75% अटेंडेंस चाहिए होती है। सुबह 9:00 बजे कॉलेज जाता था और 4:00 बजे वापस पीजी पहुंचता था। मुझे पता था कि ट्रेडिशनल एजुकेशन
मुझे कभी आगे नहीं ले जा पाएगा। इसलिए मैं दोबारा से काम करने का सोचा। बट इस बार मैं सेल्स नहीं कर पा रहा था। सोशल मीडिया हैंडल नहीं कर पा रहा था। मैंने 6 महीने ट्राई किया बट कुछ चेंज नहीं हुआ। जो अर्निंग पहले 20,000 25,000 की थी, अब वह गायब हो गई थी। रीजन यह था कि मैं काफी महीने से इनक्टिव था अपने Instagram पे जिसकी वजह से मेरा पेट डेड हो गया था। एंड देन मैंने अपनी लाइफ का सबसे बड़ा डिसीजन लिया। 2023 के मार्च में मैंने कॉलेज छोड़ने का सोचा। यस, आई ड्रॉप्ड
आउट ऑफ कॉलेज। नीड छोड़ना और कॉलेज छोड़ने में जमीन आसमान का अंतर है। घर वालों को नहीं पता था कि मैं क्या करूंगा। एंड टू बी ऑनेस्ट, मुझे भी नहीं पता था कि मैं आगे कैसे चलने वाला हूं। मेरे पास बस एक प्लान था ऑनलाइन अर्निंग का। लेकिन वह सक्सेसफुल होगा या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं थी। मैंने अपने पापा को बोला था कि मैंने एक सेमेस्टर लगा लिया है। अभी मेरे कॉलेज के पांच सेमेस्टर बाकी है। अगर इन पांच सेमेस्टर के टाइम फ्रेम में मैं अपने लिए कुछ ना कर पाया तो मैं आप लोगों
के साथ गांव जाने के लिए तैयार हूं। बेसिकली मेरे पास सिर्फ दो साल थे खुद को प्रूव करने के लिए, खुद को स्टेबल करने के लिए और दिखाने के लिए कि मेरे डिसीजंस गलत नहीं थे। मेरी लाइफ में मैंने जो एक चीज सीखी थी वो यह थी कि कभी भी कहीं गुम हो जाओ तो वापस से बेसिक से स्टार्ट करो। इसलिए मैं वापस उसी शहर में आ गया जहां से एक टाइम पे मैं रोता हुआ गया था और जहां पे मुझे पहला लूजर का टैग मिला था चंडीगढ़। Instagram थीम पेज से मैंने 2 साल में
नियरली ₹5 लाख कमाए थे। लेकिन वह सारे पैसे मैंने इधर-उधर खर्च कर दिए। टूल्स खरीदने में, कोर्सेस सीखने में, वेबिनार्स लगाने में और अलग-अलग चीजों में। और जब मैं 2023 में चंडीगढ़ शिफ्ट हुआ, तो मेरे पास सिर्फ ₹00 बचे थे। और इस ₹00 में मुझे खुद के लिए एक रूम भी ढूंढना था और अलग-अलग बिनेसेस में इन्वेस्ट भी करना था। लेकिन मेरी किस्मत कुछ ज्यादा ही खराब चल रही थी। जिस ब्रोकर के साथ मैं रूम देखने गया था, उस ब्रोकर ने मेरे साथ स्कैम कर दिया और मुझे 15,000 का चूना लगा गया और उसने मुझसे
ऐसे मोमेंट पर चूना लगाया कि मैं लिटरली रास्ते पे खड़ा था सारा सामान लेके अपने एक दोस्त के साथ। मेरे पास कोई जगह ही नहीं थी जाने के लिए। उस मोमेंट पे मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं क्या करूं? इसलिए मैंने खुद से रूम ढूंढना स्टार्ट कर दिया। सारे सामान के साथ मैंने अपने दोस्त को वहीं छोड़ा और मैं खुद ही सारे सेक्टर में पैदल घूमने लगा रूम ढूंढने के लिए। और ऑन द स्पॉट मुझे जो रूम मिला उसका रेंट ₹15,000 था। तो मैंने वह रूम ले लिया। मेरे हाथ में सिर्फ ₹15,000 बचे
थे। और अगर आपने कभी रूम रेंट पे लिया होगा तो आपको पता होगा कि जितना रूम का रेंट होता है उतना एडवांस भी देना पड़ता है। तो टेक्निकली मुझे ओनर को ₹30,000 देने थे। इस मोमेंट पे लिटरली मेरे पास ₹1 नहीं बचा था। बिजनेस तो दूर की बात है। इवन खाने के पैसे भी नहीं थे। एंड सच कहूं तो उस दिन एक्चुअली में मैं बिना खाए सो गया था क्योंकि मेरे को समझ ही नहीं आ रहा था कि अब करूं क्या? बट अगली सुबह मैं उठा और मैंने गोल्ड बिल्डिंग स्टार्ट कर दिया। अपने सारे कांटेक्ट्स
को फोन लगाया और काम के लिए एक दूसरे से पूछने लगा। मैंने जितने कांटेक्ट्स को फोन मिलाया वहां से काम ढूंढने की कोशिश करी और मुझे एक रील एडिट करने के ₹30 मिल रहे थे उस टाइम पे। वो क्लाइंट महीने के 100 रील बनवाता था तो मेरे को ₹3000 बन जाते थे जो कि मैं जिससे कि मैं टिफन सर्विस के पैसे पे कर रहा था। आज के टाइम पर अगर किसी एडिटर को ₹30 देने की बात करोगे तो वह ऑन द मोमेंट आपको गाली देकर फोन बंद कर देगा। लेकिन मैं ₹30 में भी काम किया
है। इसलिए मैंने सोचा कि दोबारा से Instagram वाला काम शुरू करता हूं एक नए पेज के साथ। लेकिन अगेन मैं कोई भी क्लाइंट क्लोज नहीं कर पा रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं मार्केट से ही आउट हो गया हूं और मेरी सारी क्रेडिबिलिटी एंड अथॉरिटी जो मैंने वहां बनाई थी कुछ ही महीनों में गायब हो गई है। मेरे पास इतने पैसे भी नहीं बचे थे कि मैं कोई और बिजनेस ट्राई करूं। मेरा पहला महीना लिटरली ऐसे ही निकल गया सिर्फ खुद के टिफिन सर्विस के पैसे निकालते हुए। रूम भी ऐसा था जहां
जुलाई के टाइम में पानी रूम में ही आ जाता था और गर्मी इतनी थी कि एसी 24 घंटे चला लूं फिर भी कोई फायदा नहीं। बिजनेस ग्रोथ इस मोमेंट पे मेरा सेकंड गोल बन गया था। पहला गोल सर्वाइवल था। इसलिए मैं हर रोज उठता हर रोज काम करता। एंड किसी तरह जून के लास्ट वीक में मैंने एक क्लाइंट को क्लोज किया ₹40,000 के लिए और उस मोमेंट पे मुझे थोड़ी सी शांति मिली क्योंकि उससे अब मेरे अगले 3 महीने का रेंट थोड़ा सा सॉर्ट आउट हो गया था। और जैसे ही मुझे अपॉर्चुनिटी मिली मैंने ऑन
द मोमेंट लॉन्ग टर्म प्लानिंग स्टार्ट कर दी। मैंने यह देखा कि ऐसा कौन सा बिजनेस है जिसको मैं अगले 3 से 6 महीने के अंदर ग्रो कर सकता हूं। और ऐसा कौन सा बिजनेस है जिसमें अगर मैं एक-द साल कंसिस्टेंट रहा तो वो कंफर्म ग्रो हो ही जाएगा और एट द एंड इन सबका कंक्लूजन सिर्फ YouTube ही निकला। तो मैंने ऑन द मोमेंट YouTube चैनल बनाया भी और सारी चीजें सीखी दोबारा से क्योंकि 2 साल के इंटरवल में YouTube काफी चेंज हो गया था। इसलिए मैंने एक ही हफ्ते के अंदर एडिटिंग भी सीखी। वॉइस ओवर
कैसे करते हैं, स्क्रिप्टिंग कैसे करते हैं? यह सारी चीजें सीखी। अब इस मोमेंट पे मैं काफी सारे काम एक साथ कर रहा था। तो दिन के 18 से 19 घंटे में लिटरली काम ही कर रहा था और एज अ रिजल्ट मेरी बॉडी कमजोर होने लगी क्योंकि मुझे प्रॉपर खाना नहीं मिल रहा था। एनवायरमेंट काफी खराब था। आप लिटरली में देख सकते हैं कि मैं उस टाइम पर कैसा दिखता था। मेरी कोलर बोन भी दिखनी स्टार्ट हो गई थी। अब YouTube पे आते ही मेरा लक नहीं चल गया। इवन YouTube पे आने के बाद भी मैं
हर महीने वीडियो डाल रहा था और हर वीडियो पे सेम रिजल्ट था। जीरो व्यूज लेकिन फिर भी मैं 3 महीने कंसिस्टेंट रहा। वैल्यू प्रोवाइड करने की कोशिश करता रहा, इंप्रूवमेंट करने की कोशिश करता रहा और फाइनली मेरी एक वीडियो चली गई। जिसके बाद मैंने लिटरली सारे काम छोड़ दिए और फाइनली सेप्टेंबर तक मुझे एक 7000 की एक स्टेबल इनकम आने लग गई। मेरी स्ट्रगल मार्च में स्टार्ट हुई थी जिसके बाद मैं किसी तरह से तक सर्वाइव कर गया और उसके बाद चीजें थोड़ी स्टेबल होने लगी। एंड उसी मोमेंट पे मुझे एक स्पॉन्सर भी मिला जो
कि एक डेडिकेटेड वीडियो चाहता था मेरे से। एंड कैन यू गेस कि मैंने उस स्पोंसर से कितने पैसे लिए होंगे सिर्फ ₹6,000। आई नो अभी यह सुनने में बहुत ही बड़ा पागलपन लग रहा है। लेकिन लिटरली में उस टाइम पे मुझे पता भी नहीं था कि स्पॉनसर से चार्ज कितना करते हैं। और वो ₹6,000 मेरे लिए इतनी बड़ी बातें उस मोमेंट पे कि मैंने खुशी-खुशी उसके लिए वीडियो बना दी। मैंने पिछले बिजनेसेस में जो गलतियां करी थी वह मैं इस बार नहीं करना चाहता था। इसलिए जो ₹7000 मेरे पास आ रहे थे वह पूरे के
पूरे ₹7000 मैं टीम बिल्डिंग में लगा रहा था। लेकिन 2024 में सब कुछ चेंज हो गया। जनवरी तक मैंने एक टीम सेटअप कर लिया था जिसको अच्छे खासे पैसे भी मिल रहे थे। साथ में मैंने उससे पहले भी काफी बड़े रिस्क ले लिए थे और जनवरी के बाद मेरे को एक अच्छी खासी अर्निंग आने लगी। इतनी कि मैं घर पे बता सकता था कि मैं कर क्या रहा हूं। जनवरी तक हमारे चैनल को सिर्फ 8 महीने हुए थे और मैं 100 के सब्सक्राइबर्स भी टच कर लिए थे तब तक। मेरे को अच्छी खासी इनकम भी
आने लग गई थी और 2024 में मैंने काफी सारे पैसे कमाए। मैं जिस रूम में रहता था, मैंने सबसे पहले अगस्त में वह रूम छोड़ा और एक 2 बीएचके अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गया। जिसके बाद मैंने एक बाइक भी ली, काफी सारे इक्विपमेंट्स भी लिए। नियरली 7 से ₹1 लाख मैंने इक्विपमेंट पे ही खर्च कर दिए। इसके सिवाय मैंने काफी सारे ट्रैवल्स भी करे और वह सब कुछ किया जो कि मैं 17 की एज में करना चाहता था। पिछले साल सिर्फ ऐड सेंड से मैंने ₹8 लाख कमाए और स्पोंसर से नियरली ₹22 लाख कमाए। राइट
नाउ मेरे अकाउंट में इनफ सेविंग है कि अगर मेरी लाइफ में दोबारा से कोई ऐसी प्रॉब्लम आ जाए या ऐसी सिचुएशन आ जाए तो भी मैं एक साल तक अपने काम को कंटिन्यू रख सकता हूं। रीजन यह है कि मैंने अपनी पिछली गलतियों से बहुत कुछ सीखा है। एंड इवन आज भी मैं अपनी नॉलेज में इन्वेस्ट करता रहता हूं। हर महीने मैं एक नया कोर्स कंप्लीट कर रहा होता हूं। यह है मेरी बैक स्टोरी। नाउ इस जर्नी में मैंने बहुत कुछ सीखा। चाहे वो बिजनेस के बारे में हो, सेल्फ डेवलपमेंट के बारे में हो या
फाइनेंस के बारे में हो। और तब मुझे रियलाइज हुआ कि मुझे यह चीजें बताने के लिए कोई नहीं था। इन चीजों के लिए गाइड करने के लिए कोई नहीं था। हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पे सबने अपनी सक्सेस स्टोरी दिखाई थी। लेकिन किसी ने भी अपनी जर्नी नहीं दिखाई थी मेरे लेवल से स्टार्ट करके और यही चीज मैं आप लोगों के लिए चेंज करना चाहता हूं। आप में से मैक्सिमम लोग जो यह वीडियो देख रहे हैं कहीं ना कहीं उसी सिचुएशन में है जिसमें मैं था 2 साल पहले और शायद आप भी अभी भटके हुए होंगे।
मेरा मिशन है आप लोगों को गाइड करना सिर्फ स्ट्रेटेजिकली नॉलेज के साथ नहीं बल्कि रियल लाइफ एक्सपीरियंस के साथ। मैंने अपनी लाइफ में वो अचीव नहीं किया है जो मुझे करना है। राइट नाउ मैं स्टेबल तो हूं लेकिन टोटली फ्री नहीं हूं। और यही चीज मैं आप लोगों को दिखाना चाहता हूं। मैं आप लोगों को अपनी सक्सेसफुल होने की जर्नी में इनवॉल्व करना चाहता हूं। बजाय किसी रैंडम दिन में आप लोगों की inा फीड पे एक लंबो के साथ आ जाऊं। मैं चाहता हूं कि आप लोग देखो कि मैं उस लंबो तक पहुंचा कैसे। बेसिकली
हर वो चीज जो एक एंटरप्रेन्योर बनने के लिए चाहिए होती है जो कि मैंने सीखी है और आगे भी सीखता रहूंगा। वो हर एक चीज पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ मैं आप लोगों के साथ शेयर करना चाहता हूं। और इस वे में करूंगा कि आप लोग मेरी तरफ भटकने में टाइम वेस्ट ना करो। बजाय इसके मैं आप लोगों को हर एक रोड मैप दूंगा। हर एक चीज के लिए। हर एक प्रॉब्लम के लिए आपको एक सॉल्यूशन दूंगा। आपको पता होगा कि अपनी जर्नी में आपको किसी भी प्रॉब्लम को कैसे टैकल करना है। जैसा कि मैंने कहा
था। मेरा गोल है अपकमिंग हसलर्स को ट्रेन करना। उनको फ्यूचर एंटरप्रेन्योर्स बनाना। और इसके लिए मैंने अपना एक विज़न बोर्ड तैयार किया है जो कि मैं आप लोगों के साथ शेयर करना चाहता हूं। ताकि आप लोग अच्छे से समझ पाए कि अपनी लाइफ में आगे बढ़ने के लिए आपको क्या स्टेप्स लेने हैं। मेरा गोल आप लोगों को पता है लेकिन उसको एक्चुअल में रियलिटी बनाने के लिए मुझे एक YouTube चैनल से बढ़के कुछ बनाना पड़ेगा और वो है एक पर्सनल ब्रांड। यह चैनल मेरा यही पर्पस पूरा करेगा। लेकिन मेरा गोल एंड विज़ आप लोगों के
लिए कैसे फायदेमंद है वो देख लेते हैं। सबसे पहली चीज जिसकी वजह से मुझे मेरी लाइफ में प्रॉब्लम आई थी वो थी प्रीमियम नॉलेज का एक्सेस ना होना। जिसकी वजह से मुझे हिट एंड ट्रायल मेथड का यूज करना पड़ा और काफी टाइम इन्वेस्ट करना पड़ा अपनी लाइफ का। आप लोगों को यह प्रॉब्लम ना हो इसलिए मैं tube सेंस चैनल रन करता हूं। जहां पे मैं आप लोगों को प्रीमियम नॉलेज बिल्कुल फ्री में दे रहा हूं। वो प्रीमियम नॉलेज है रिलेटेड टू टेक, ऑनलाइन अर्निंग, कंटेंट क्रिएशन एंड एआई। लेकिन ऑब्वियसली इतनी हाई वैल्यूुएबल इनेशन देना और
उसको अच्छे से प्रेजेंट करने में काफी टाइम लगता है। इसलिए मैं उस चैनल पे फेस कैम नहीं कर सकता। अदरवाइज शूटिंग एंड बाकी चीजों में एक्स्ट्रा टाइम लग जाएगा। एंड आप लोगों को मैं उतना क्वालिटी वीडियो नहीं दे पाऊंगा जितना अभी दे पा रहा हूं। मेरी जर्नी में मुझे जो दूसरी प्रॉब्लम आई थी वो थी लाइफ का रोड मैप ना होना, एक मेंटोर ना होना। और इसलिए मैंने प्रवीण कुमार के नाम से यह चैनल स्टार्ट किया है। यहां पे मैं आप लोगों को बिजनेस स्ट्रेटजीस, फाइनेंसियल लिटरेसी, सेल्फ डेवलपमेंट, मार्केटिंग, साइकोलॉजिकल हैक्स एंड माइंडसेट एंड एवरीथिंग
जो भी मैं ट्यूब सेंसर पे शेयर नहीं कर सकता वो सब कुछ मैं आपको यहां पे सिखाऊंगा। और यह सब कुछ मैं कैमरा के सामने रह के आपको सिखाऊंगा। स्टार्टिंग में ये चीजें बोरिंग लगेगी। लेकिन जैसे-जैसे आप अपनी जर्नी में आगे बढ़ते जाओगे आपको रियलाइज होगा कि जो इंफॉर्मेशन मैं दे रहा हूं जो मैं आपको एक्सपीरियंसेस यहां पे बता रहा हूं वो कितनी वैल्यूुएबल है। देसी प्रॉब्लम जो राइट नाउ जर्नी में फेस कर रहा हूं वो है पैसों की। यस आपने सही सुना। कहने के लिए मेरे पास इतना पैसे हैं। लेकिन जो मेरा मिशन है
मुझे उसके लिए एक बहुत ही इंटेलिजेंट टीम चाहिए और ऐसे लोग चाहिए जिनकी डिमांड सीधा लाखों में होती है। अब 2 साल ट्यूब सेंस चैनल चला के मुझे यह तो समझ आ गया है कि मैं इंडियन ऑडियंस से पैसे नहीं मांग सकता। और अगर मैं सिर्फ स्पोंसर के चक्कर में बैठा रहा तो उस चीज को भी ऑडियंस सपोर्ट नहीं करती है। डजंट मैटर कि मैं स्पॉनसर जितने मर्जी सोच समझ के लूं उनसे ऑडियंस का जितना मर्जी फायदा हो लेकिन इससे मुझे कोई फायदा नहीं मिलता। वो मेरे लिए एक नेगेटिव इंपैक्ट ही डालता है। इसलिए इस
प्रॉब्लम का सॉलशन निकालने के लिए मैं ऑलरेडी एक नया चैनल क्रिएट कर चुका हूं। ये चैनल पे मैं ट्यूबsi की वीडियोस को इंग्लिश में डब करके अपलोड कर रहा हूं ताकि मैं फॉरेन ऑडियंस को गैदर कर सकूं। फॉरेन ऑडियंस मेरे लिए बैंक का काम करेगी क्योंकि उनकी परचेसिंग पावर काफी ज्यादा होती है और फॉरेन चैनल पर सीपीएम भी अच्छा खासा मिलता है। मेरा गोल है कि मैं साल के कम से कम ₹80 लाख से लेके ₹1 करोड़ इस चैनल से निकाल सकूं ताकि वो पैसे मैं इन्वेस्ट कर सकूं इंडियन ऑडियंस को सर्व करने के लिए।
मैं ऑलरेडी इस पे वर्क कर रहा हूं लेकिन यह चीज थोड़ा टाइम लेगी और इस चैनल के डेमोग्राफिक्स खराब ना हो और इसलिए इस चैनल को अभी मैं आप लोगों के साथ शेयर नहीं कर सकता। नाउ ये तो वो प्रॉब्लम्स थी जो कि मुझे आज तक अपनी जर्नी में फेस करनी पड़ी। लेकिन अभी फ्यूचर में और भी प्रॉब्लम्स आने वाली है जिनके लिए मैं अभी से तैयारी कर रहा हूं। यह प्रॉब्लम होगी ऑडियंस के अटेंशन पैन की। लोग ऑलरेडी लॉन्ग फॉर्म कंटेंट से शॉर्ट फॉर्म कंटेंट पे शिफ्ट हो रहे हैं। और इस चीज से मेरा
मिशन इफेक्ट ना हो इसलिए मैंने इंस्टा पेज भी ओपन किया है जिसका नाम है ट्यूबsi। इस पेज पे मैं हर तीसरे दिन पे सोशल मीडिया स्ट्रेटजी एंड अलग-अलग एआई टूल्स के बारे में इंफॉर्मेशन दे रहा हूं ताकि जो ऑडियंस लॉन्ग फर्म कंटेंट के थ्रू जानकारी नहीं ले पा रही है वो श्स के थ्रू अपनी जर्नी को स्टार्ट कर सके। अब यह सारी स्ट्रेटजीस मैंने उन लोगों के लिए बनाई है जो एटलीस्ट अपना सफर स्टार्ट करना चाहते हैं। लेकिन कुछ ग्रुप ऑफ ऑडियंस ऐसी भी हैं जो कि अपनी लाइफ में खुश है और सिर्फ दूसरों को
देखना चाहते हैं। तो ऐसी ऑडियंस के लिए मैंने परवीन टेल्स के नाम से एक ब्लॉगिंग चैनल भी खोल रखा है। जहां पे मैं अपने सिनेैटिक ट्रेवल ब्लॉग्स एंड शॉट्स डालता हूं। इस चैनल से मुझे कोई एक्सपेक्टेशन नहीं है। यह चैनल मैंने सिर्फ फीमेल ऑडियंस के बीच में अपनी पॉपुलैरिटी बढ़ाने के लिए ओपन किया है। और इसके पीछे का रीजन क्या है? यह अगर मैं आज आप लोगों को बता भी दूं, तो आप लोग नहीं समझ पाओगे। यह चीज फ्यूचर में टाइम के साथ ही आपको समझ आएगी। अब जो जो प्रॉब्लम्स मैंने फेस करी थी और
आज नहीं तो कल आप लोग भी फेस करोगे उनके लिए मैंने पहले से स्ट्रेटजी बना रखी है जो कि आपकी हेल्प करेगी और वही मैंने आप लोगों के साथ अभी शेयर की है। इसके सिवाय मैं खुद को फ्यूचर के लिए भी तैयार कर रहा हूं ताकि आप लोगों की प्रॉब्लम आने के टाइम पे मैं गायब ना रहूं। इस वीडियो में मैं आप लोगों के साथ बस यही शेयर करना चाहता था। आज से आप कह सकते हैं कि मेरा कंटेंट क्रिएशन की फील्ड में एक नया जन्म हुआ है और बजाय व्यूज के पीछे भागने के मैं
एक विज़न के पीछे भाग रहा हूं। अब इस विज़न में मुझे जॉइ करना ना करना वो आपकी इच्छा है। लेकिन मैं अपने मिशन और अपने गोल्स को कंप्लीट जरूर करूंगा। और जब ऐसा होगा तब यह वीडियो मैं रिशेयर करूंगा आप लोगों को प्रूफ करने के लिए कि मैंने जो प्रॉमिस किया था वो मैंने कर दिया है। सो लेट्स बिल्ड इट। ओके। तो आज मैं आप लोगों को अपना रूम टू दे रहा हूं। यह वीडियो आई गेस मैं फ्यूचर में कभी आप लोगों को दिखाऊंगा। मैं नीचे से दिखाना स्टार्ट करता हूं। मैं टॉप फ्लोर पे रहता
हूं। लोकालिटी मतलब देख लो। बड़ी शांत सी जगह है वो है नीचे मेन गेट जो वहां है उस मेन गेट से यहां सीढ़ियां आती है लाइक बैक गेट है वो इस घर का ताकि मैं मतलब पूरी इंडिपेंडेंट तरह से रहता हूं कभी भी आऊं कभी भी जाऊं कोई भी आए कोई भी जाए कोई इशू नहीं यहां से ये नीचे जो है ये मेरे ओनर एक्चुअली मेरे लॉयर है तो उनकी प्रॉपर्टी है मतलब उनका ऑफिस है और यहां से एक और सीढ़ी आती है और यहां आता है मेरा छोटा सा रूम अब मैं वहां कचरा रखता
हूं ये रूम की एंट्रेंस है यह दरवाजा बंद रहता है क्योंकि ये नीचे नीचे मेन मतलब जो ऑफिस है और नीचे वाला जो सबसे नीचे वाला फ्लोर है जहां अंकल आंटी रहते हैं उनसे कनेक्ट होता है। मेरा वाशरूम यहां पे है। छोटा सा वाशरूम है और अलग है रूम से अटैच नहीं है। तो बस आज के टाइम यहां आने में मतलब मान के चलो भीग जाते हैं क्योंकि ऊपर कोई शेल्टर वगैरह भी नहीं है। मौसम अच्छा हो रहा है ऑलदो। चलो चलते हैं आगे। तो ये है रूम। एक मास्टर बेड एसी यहां जगह सामान रखने
के लिए परदे यह एक डेस्क है जो कि बाद में मिला था मुझे और यहां पर मैंने अपने जूते जूते रखे हुए हैं। यहां पे भी मैंने अपना सामान फंसा के रखा हुआ है। और यहां पे मेरी कुछ बुक्स वगैरह और अगेन थोड़ा सामान एंड और एक अलमारी मिली हुई है जिसके ऊपर अगेन सामान है। वो जो आप देख रहे हो वो साउंड पैनल्स मैं यहां पे लगा देता हूं टेंपरेरी। और यहां पे फिर माइक एडजस्ट करके वॉइस रिकॉर्ड करता हूं। बस इतना सा एरिया और इसका रेंट है 15,000 क्योंकि यह सेक्टर ऐसा है। अब
यह सेक्टर ऐसा क्यों है वह भी बताता हूं मैं। ऑल मेरे पास दो बालकनी है। मेन चीज ये है बालकनी काफी बड़ी है। शाम को यहां बैठ के मैं सनसेट देखता हूं। यहां से होता है और मार्केट बहुत पास है यहां से। लाइक बस वो जो बड़ा वाला पेड़ आपको अगर दिख रहा हो उस पेड़ के इस साइड बस मार्केट ही है। अब इस लोकालिटी के लिए एक्चुअली में मैं पैसे दे रहा हूं। आप ये देखिए ये घर कितना अच्छा है। आगे के सारे घर लगभग ऐसे ही हैं। यहां पे गाड़ियां अभी तो सारे ऑफिस
चल गए। लेकिन यहां पे Mercedes, BMW, Audi ऐसे ही खड़ी रहती है रैंडम। मतलब उनकी कोई वैल्यू नहीं है इस जगह पे। ऐसा है और ये तो अगर मैं अगर बैक साइड चला जाऊं तो एक घर ऐसा है उसने भाई जीन और पता नहीं क्या-क्या रखा हुआ है अंदर कम से कम पांच छह गाड़ियां रखी हुई है सारी की सारी महंगी हां ये किचन है मेरा छोटा सा किचन स्टार्टिंग में तो मेरे पास मतलब पीने के लिए अच्छा पानी नहीं था तो मैंने मटका ले रखा था ठंडा पानी मिल जाए लेकिन लेटर ऑन मैंने ये
डिस्पेंसर खरीद लिया जो कि फ्रिज का काम भी कर देता है अब एक और चीज लाइक एक अगर मैं ज़ूम करूं वो जो आपको दिख रहा है वो मंदिर है। तो मैं शाम को यहां बैठता हूं। वहां से मंदिर से आवाजें आती है आरती की भजन की वो सुनता हूं। यहां से सनसेट देख रहा होता हूं। पूरे दिन तो काम कर रहा हूं। शाम के टाइम थोड़ा एस्ट मिलता है। और जो चीजों की मैं बात कर रहा था वो ये देखिए। मस्त एक पोsशिया Audi खड़ी है वहां पे। वो जो यहां से लोगो दिख नहीं
रहा। लेकिन ऐसी खास यहां आती जाती रहती है। कार वगैरह तो नॉर्मल है इन सड़कों पे। आप यहां पे और गाड़ियां देखिए जरा। अभी सब ऑफिस या कहीं अपने काम पे निकल गया इसलिए इतनी ज्यादा दिख नहीं रही है। लेकिन वहां पे एक Mercedes खड़ी होती है शाम के टाइम। यहां पेड़ है और इतना सा ही है। यही जगह। इसके मैं 15,000 दे रहा हूं। अभी तो अब शिफ्टिंग करेंगे। हम देख रहे हैं कहां करनी है क्योंकि इस रूम के अंदर स्टूडियो तो नहीं बन सकता। यहां जगह ही नहीं इतनी कि मैं स्टूडियो बना लूं
या एक और डेस्क लगा के कुछ कर लूं। ऊपर से यहां से डस्ट इतनी आती है कि अगर कुछ भी बनाया रखा तो गंदा ही बहुत हो जाएगा। अब आई होप ये वीडियो मैं आप लोगों को फ्यूचर में कभी दिखाऊंगा। ओके। अभी रात के 12:30 बज रहे हैं। रिकॉर्डिंग करके मैं अभी हटा हूं। ये वीडियो जब आपने देखी ना मैं अभी रिकॉर्ड करके आनी प्रॉब्लम्स होती है रिकॉर्डिंग करने में। ये यश भाई है। हेलो ब्रो ये एडिटर भी हैं इस चैनल के जो आप देख रहे हो और साथ में कैमरा लाइटनिंग का सारा काम संभालते
हैं। ये मेरा छोटा भाई है। अब ये जो रूम देख रहे हो ना ये ड्राइंग रूम है। यहां पे हमने सारा सेटअप बिगाड़ रखा है। पिलो रखे हुए थे ताकि रिवर्ब ना हो यहां पे क्योंकि बहुत ही ओपन रूम है। अगर आप देखोगे यहां पे पहले तो इतनी मुश्किल से अरविन हटियो जरा। ये टेलीप्रटर में हमने ऑर्डर किया था। वो लाइटनिंग ऑर्डर करी। वो पौधा भी ऑर्डर करा। उसके बाद आईपैड लिया ताकि टेलीप्रटर पे लग सके। चलो ये स्पॉट लाइट तो पहले से थी। अब यहां की अरेंजमेंट देखो इसकी आ रही है लाइट। ये यहां
से उसके बाद ये यहां पे हमने एक लाइट और रखी हुई है जो एक्शन लाइट की तरह काम कर रही है। लैंप है वहां। अब इसकी तार आ रही है यहां पीछे से। पीछे तुम देखो कितना जुगाड़ लगाना पड़ा है। उसके बाद यहां पे पौधा और यहां पे ऑडियो के लिए क्योंकि ऑडियो के लिए हमारे पास वायर वो वायरलेस माइक कहीं ना कहीं उतनी अच्छी ऑडियो नहीं देता है। क्योंकि हमने सारा सामान ड्राइंग रूम का खाली कर दिया था। कहीं ना कहीं तो वो जाना था। तो यहां पे पूरा गंद मचा हुआ है। वैसे ये
मेरा नॉर्मल स्टूडियो है। मैं यहां पे वॉइस ओवर वाली जो ट्यूब सेंस की वीडियोस होती है वो यहां बनाता हूं। अगर मैं दिखाऊं यहां पे टेबल होता है ये जो आप देख रहे हो तो वो टेबल यहां पे होता है एक्चुअली तो आवाज यहां से और यहां से बाउंस बैक नहीं होती वो किचन है और इसी बहाने आप लोग देख लो अब मैं तो टू बीएचके के रूम में रहता हूं यहां पे अरविन और यश रहते हैं ये किचन है खाना बनाने का काम अरविंद का होता है धोने का मेरा लिए यहां पे बहुत ही
गन मचा हुआ है ये भी थक गए हैं बेचारे वो मेन डोर है और ये मेरा रूम है। मैं यहां सोता हूं। ये देख रहे हो श्स में बना रहा हूं मैं। कंफर्ट जरूरी है भाई क्योंकि यहां एसी लगा हुआ नहीं है और गर्मी बहुत थी रिकॉर्डिंग के टाइम। एक तो सारी लाइटें मुंह पे पड़ती है ना। कोई फाइनल ऑडियंस के साथ कुछ शेयर करना चाहता है। हसलिंग डे 10 साल बाद शेयर होएगी वीडियो YouTube पे या कहीं तो ऑनलाइन। आज कमाएगा तो कल बैठ के खाएगा। हां मेरी बाय।