हे गाइस वेलकम बैक टू इन्वेस्ट माइंडसेट दोस्तों क्या ऐसा पॉसिबल है कि आप सिर्फ ₹ लाख की इन्वेस्टमेंट से कोई बिजनेस शुरू करते हो और वो बिजनेस आपकी लाइफ टाइम में 23 85000 करोड़ का बन जाए यह बात सुनने में आपको बहुत ज्यादा एक्सट्रीम लगती होगी लेकिन ऐसा सच में हुआ था यह फोटो में जिस इंसान को आप देख रहे हो यह है जॉन डी रॉकफेलर यह दुनिया के सबसे पहले डॉलर बिलिनियर थे इन्होंने अपने डैड से $1200 लेकर और अपनी सेविंग से $800 मिला के टोटल $2000 के कैपिटल से अपना बिजनेस स्टार्ट किया और
फिर 1937 में जब इनकी मौत हुई थी जब यह 97 साल के थे तब वह अपने पीछे 1.4 बिलियन यूएस डॉलर्स की दौलत छोड़ गए जो आज के टाइम के हिसाब से लगभग 318 बिलियन डॉलर होती है जो उस टाइम पे पूरे यूएस की 1.5 जीडीपी थी यानी कि 285000 करोड़ या फिर अगर हम वरन बफेट की लाइफ को देखें तो उन्होंने टीनेजर्स में ही अपने फ्रेंड्स को कहा था कि 30 साल की एज तक वह मिलियनेयर बनेंगे और फिर शादी के बाद उन्होंने अपनी वाइफ से कहा कि वह बहुत ज्यादा अमीर बनने वाले हैं
जितने व दोनों इमेजिन भी नहीं कर सकते उतने ज्यादा और ऐसा रियलिटी में हुआ आज उनके पास 100 बिलियन यूएस डॉलर्स की वेल्थ है अब दोस्तों देखो जॉन डी रॉकफेलर और वरन बफेट यह अकेले ऐसे दुनिया के बिजनेसमैन नहीं है जिन्होंने इतने कम अमाउंट से इतनी बड़ी वेल्थ बिल्ड की ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने स्क्रैच से अपना एंपायर बिल्ड किया और जो लगातार अपनी वेल्थ में जीरोज ऐड करते जा रहे लेकिन वो ऐसा कर कैसे रहे क्यों अमीर लोगों के पास पैसा अपने आप चलके आता रहता है और क्यों गरीब लोग लाइफ टाइम पैसों
के पीछे भागने के बाद भी अपनी बेसिक जरूरतों को भी कंफर्टेबल पूरा नहीं कर पाते यह सवाल अक्सर आपके मन में आता होगा हर गरीब आदमी अमीर बनने का सपना दिखता है वह सिर्फ यही चाहता है कि एक दिन वह फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस भी जॉन की तरह छोटा सा अमाउंट इन्वेस्ट करके बहुत बड़ा बिजनेस क्रिएट कर सकते हो इतनी बड़ी वेल्थ क्रिएट करना हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं है लेकिन जब मैं जॉन डी रॉकफेलर वरन बफेट और सभी फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस बिल्ड कर लेते हैं जितनी वह खुद भी अपनी जवानी में इमेजिन नहीं कर सकते थे ये कुछ
ऐसे पैटर्न हैं जिसे मैं सीक्रेट्स कहूंगा जिसे आमतौर पर लोग आइडेंटिफिकेशन शेयर करने वाला हूं जिसे फॉलो करके सारे अमीर लोग फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस यह बात तो पक्की है कि आपकी फाइनेंशियल लाइफ काफी ज्यादा इंप्रूव हो जाएगी और फाइनेंशियल फ्रीडम आपके लिए एक बहुत ही आसान चीज बन जाएगी तो वीडियो को एंड तक जरूर देखना क्योंकि इसमें आप लोगों के लिए बहुत सारी वैल्युएबल फाइनेंशियल टिप्स है खास करके फर्स्ट और लास्ट वाली टिप जो मेरी फेवरेट है तो चलिए शुरू करते हैं तो दोस्तों जॉन डी रॉकफेलर ने जब अपना बिजनेस स्टार्ट किया था तो शुरुआत के कुछ
सालों में उन्हें हर बिजनेस की तरह काफी प्रॉब्लम हो रही थी खासकर की कैश की क्रेडिटर्स यानी कि जिन लोगों से उन्होंने लोन लिया था वह पैसे वसूल करने के लिए एकदम टाइम पे पहुच जाते थे और हमेशा ऐसा ही होता था कि जब उनके पास अपने बिजनेस में बहुत ज्यादा पैसों की कमी हो रही है वही टाइम पे बैंकर्स अपने पैसे वसूल करने आ जाते थे और उन बैंकर्स को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि तुम्हारा बिजनेस किस कंडीशन में है उनको बस अपने पैसे चाहिए होते तो जॉन अपनी स्पीच हाउ
आई मेड माय फर्स्ट 500 मिलियन डल में बताते हैं कि सिर्फ क्रेडिटर्स ही नहीं उनके खुद के डैडी भी उनसे पैसे लेने के लिए एकदम अजीबोगरीब वक्त में पहुंच जाते थे और स्पेशली तब जब बिजनेस की हालत बहुत ही खराब होती थी लेकिन फिर भी जॉन कैसे ना कैसे करके पैसों का अरेंजमेंट कर लेते और टाइम पे क्रेडिटर्स को और अपने डैडी को पैसा चुका देते अब ये उनके बिजनेस के अर्ली इयर्स की बात है और उनके डैड जानबूझ के बुरे टाइम में पैसे मांगने आते थे या उनका टेस्ट करते थे यह किसी को नहीं
पता लेकिन इससे उनको एक बहुत ही बड़ा फाइनेंशियल लेसन लाइफ के शुरू में ही सीखने मिल गया कि अमीर और गरीब लोगों का सबसे बड़ा फर्क यह होता है कि फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस के होते वो रिलायबल होते जिन परे सिर्फ बैंकर्स ही नहीं उनकी फैमिली मेंबर्स और उनके फ्रेंड्स भी आंख बंद करके भरोसा कर ले कि चाहे टाइम कितना भी खराब हो यह इंसान हमेशा फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस [संगीत] लेकिन जब आप एसआईपी स्टार्ट करते हो तो कुछ ही महीनों बाद मान लो आपको कुछ ना कुछ वजह से कोई ऐसा काम आता है कि आप अपने इन्वेस्टमेंट को कंटिन्यू नहीं
कर सकते कभी आपके एक्सपेंस ज्यादा हो गए या कभी आपको ज्यादा एमआई पे करना पड़ गया या कभी आपको कोई फाइनेंशियल इमरजेंसी आ गई तो मेजॉरिटी लोग ऐसे टाइम पे अपनी एसआईपी को बीच में रोक देते हैं सेम चीज जब अमीर लोगों के साथ होती है तो वो प्रायोरिटी अपने इन्वेस्टमेंट को देते हैं और उस इन्वेस्टमेंट को छोड़ने के बदले वो मनी मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान देते और अपने पैसों को और अच्छे से मैनेज करते जिससे उनका पैसा मल्टी ला होकर ग्रो होता है और आगे जाके उनकी फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स और कम हो जाती है तो
ऐसा नहीं है कि पैसा मैनेज करना अमीर लोगों के लिए आसान होता है या वोह इस चीज में एक्सपर्ट होते हैं इनफैक्ट जब आपकी वेल्थ बढ़ती रहती है तो यह काम और भी ज्यादा मुश्किल होता रहता है आप किसी भी लॉटरी विनर्स की लाइफ को देख लो अचानक से बहुत सारे पैसे आ जाने के बाद आपकी लाइफ इजी नहीं होती है बल्कि आपकी लाइफ और ज्यादा डिफिकल्ट हो जाती है क्योंकि अब आपके पास और बड़ा अमाउंट आ गया है और आपको मैनेज करने की और बड़ी रिस्पांसिबिलिटी आ गई है बस फर्क सिर्फ इतना है कि
रिच लोग खाना बनाना ग्रोसरीज की शॉपिंग करना घर की साफ सफाई और ऐसे सारे काम दूसरे लोगों को दे देते हैं जैसे घर के काम करने वाले मेड्स को और फाइनेंशियल मैनेजमेंट और अपने इन्वेस्टमेंट को वह खुद करते लेकिन जब बात आती है मिडिल क्लास लोगों की तो व अपना फाइनेंशियल मैनेजमेंट और अपने इन्वेस्टमेंट दूसरों के भरोसे छोड़ देते जैसे फाइनेंशियल एडवाइजर या एक्सपर्ट्स और घर की साफ सफाई खाना बनाना यह सब काम खुद करते तो यहां पे आपको यह डिफरेंस क्लियर समझ आ गया होगा कि रिच लोगों का मेन सीक्रेट क्या है क्योंकि दोस्तों
एक बात हमेशा याद रखना कि जो जो काम हम खुद करते उस तरीके से वह काम आपके लिए कोई और बिल्कुल भी नहीं कर सकता तो इसीलिए इन्वेस्टमेंट और मनी मैनेजमेंट आपको खुद ही करना चाहिए अपनी फाइनेंशियल ऑब्लिगेशंस आपको खुद ही पूरी करना चाहिए उसे सीख के तो इसीलिए जिन लोगों को इन्वेस्टिंग नहीं आती है क्योंकि स्कूल में हमें ये सब सिखाया नहीं जाता है तो सिर्फ रिच लोग अपने बच्चों को ये सिखाते हैं जिससे उनके बच्चे और ज्यादा रिच बनते रहते हैं और मिडिल क्लास लोग हमेशा जॉब करते रह जाते हैं पूरी हार्ड वर्क
करने के बाद भी लाइफ टाइम अपनी फाइनेंशियल प्रॉब्लम को सॉल्व नहीं कर पाते तो अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि मैंने स्टॉक इन्वेस्टिंग का एक बहुत ही पावरफुल कोर्स बनाया है पिछले 3 साल की मेहनत से जिसमें मैंने काफी सारी वैल्युएबल चीजें डिस्कस की है यह कोर्स उन सभी लोगों के लिए जो स्टॉक इन्वेस्टिंग करके अपनी वेल्थ बिल्ड करना चाहते हैं और इसके लिए आपको कोई स्पेशल नॉलेज की जरूरत नहीं है यह एकदम बिगनर फ्रेंडली कोर्स है और मैं इसकी वैल्यू को लेके इतना कॉन्फिडेंट हूं कि मैंने आप लोगों के लिए सेवन डेज की रिफंड पॉलिसी
रखी है और दोस्तों आप लोगों की स्पेशल रिक्वेस्ट के बाद मैंने फाइनली दूसरे कोर्स को लॉन्च करने का प्लान किया है इस कोर्स प मैं पिछले ऑलमोस्ट 1 साल से काम कर रहा हूं तो काफी थॉटफुल तरीके से मैंने इसकी की टॉपिक चूज की है क्योंकि मैं वरन बफेट और चार्ली मंगर से काफी ज्यादा इंस्पायर्ड हूं और उनकी एक लाइन है कि डोंट सेल एनीथिंग यू वांट बाय योरसेल्फ तो मैं वही टॉपिक्स के कोर्स बना के सेल करूंगा जिसमें मैं पर्सनली बिलीव करता हूं और जिसको मैं खुद बाय करना पसंद करूंगा तो इसीलिए अभी तक
का यह मेरा सेकंड कोर्स होगा मैंने अपने हिसाब से इन टॉपिक्स को फाइनलाइज किया है अगर आपको लगता है कि कुछ और टॉपिक्स ऐड हो सकती है तो मुझे कमेंट करके बताओ मैं जरूर उन्हें ऐड करने की कोशिश करूंगा तो बहुत ही जल्द आप लोगों के लिए कोर्स लॉन्च होने वाला है और आप मेरे लॉयल सब्सक्राइबर्स को कुछ स्पेशल डिस्काउंट भी मिलेंगे तो आने वाले वीडियोस में मैं इसकी डिटेल्स शेयर करूंगा फिलहाल के लिए अगर आपने स्टॉक इन्वेस्टिंग का कोर्स नहीं देखा है तो उसकी लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में है क्योंकि दोस्तों जब किसी मिडिल क्लास
इंसान की जॉब लगती है या जब वह पहली बार पैसे कमाना शुरू करता है तो उसे एक जगह से पैसा मिलता है तो तब व और सोर्सेस से पैसा कमाने के बारे में सोचना बंद कर देता है और यही सोचता रहता है कि उस कमाए हुए पैसों को वह कैसे खर्च करेगा और इस चक्कर में वो अपने पूरे पैसे स्पेंड कर देते लेकिन दोस्तों जॉन डी रॉकफेलर जब 7 साल के थे तब उन्होंने अपने पड़ोसी के फार्म में काम करके अपना पहला डॉलर कमाया था फिर उन्हें ये डर था कि बाकी लोगों की तरह वो
भी अपने कमाए हुए पैसों को वेस्ट ना कर दे इसीलिए अपनी मां के कहने पर उन्होंने एक बुक और पेन खरीदी और उसमें उन्होंने लिखना शुरू किया कि उनके पास कहां-कहां से पैसे आते हैं और किन चीजों में वो पैसे स्पेंड करते दोस्तों जरा सोचिए एक 7 साल का बच्चा यह काम कर रहा है और फिर वो अपनी बहुत सारी अर्निंग्स इन्वेस्टमेंट में लगाते यानी बुक्स खरीदने में और उसे पढ़ने में तो इससे उनके पास अपने पैसों का पूरा कैश फ्लो स्टेटमेंट रेडी हो जाता और फिर वह अपने पैसों को सही जगह इन्वेस्ट करना शुरू
कर देते इस हैबिट को यानी कि अपने एक्सपेंसेस को कंट्रोल करके सही जगह इन्वेस्टमेंट करने की हैबिट इसको उन्होंने अपनी पूरी लाइफ टाइम 97 की एज तक कंटिन्यू रखा जब तक उनकी डेथ हुई तब तक मतलब यह हैबिट उन्होंने पूरी लाइफ टाइम मेंटेन रखी फ्यूचर में बिलिनियर बनने के बाद भी क्योंकि उनको यह बात समझ में आ गई थी कि पैसों को ट्रैक करके एक बजट बना के एक्स्ट्रा फंड्स को इन्वेस्ट करने से पैसा मल्टीप्लाई होता है और कंटीन्यूअस नॉलेज गेन करते रहने से आप आने वाली ऑलमोस्ट सभी प्रॉब्लम्स के लिए तैयार रहते हो फिर
दोस्तों जॉन के पेरेंट्स चाहते थे कि वह किसी यूनिवर्सिटी में जाए और अच्छे से एजुकेशन ले फिर जॉन ने यूनिवर्सिटी में जाके अकाउंटिंग के कोर्स में एडमिशन लिया कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें एक अकाउंटिंग फर्म में जॉब मिला जहां पे उनकी सैलरी थी $17 पर मंथ की अब क्योंकि वह बचपन से ही अपना पर्सनल अकाउंट्स मेंटेन करते थे तो वह नंबर्स से और अकाउंट से काफी ज्यादा फैमिलियर थे तो जो लोग जॉन के साथ काम करते थे उनको ये अकाउंट्स बहुत ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड लगता था तो वो ऐसे टास्क को अवॉइड करते थे
लेकिन जॉन को इन सब चीजों में मजा आता था तो स्टार्ट से उन्होंने वो काम को एंजॉय करना शुरू किया और उनके अच्छे परफॉर्मेंस की वजह से नेक्स्ट मंथ में उनकी सैलरी बढ़ा के $25 की कर दी गई और एक साल के अंदर ही जॉन उस फार्म के मैनेजर बन गए और उनकी सैलरी $17 से बढ़ के सीधा $800 की हो गई थी अब दोस्तों बचपन में जब भी हम अपने पेरेंट से पैसे मांगते या कोई एक्सपेंसिव चीज खरीदने के लिए कहते तो आपको कभी ना कभी यह बात सुनने जरूर मिलती होगी कि बेटा पैसे
पेड़ पे नहीं उगते और यह चीज सुन सुनकर हम मिडिल क्लास लोग अपने माइंड में यह बात फिक्स कर देते कि पैसा एक बहुत ही टफ चीज होती है और उसके लिए आपको हमेशा काम करते रहना पड़ेगा इसीलिए हम ज्यादातर पैसों को अलग तरीके से देख ही नहीं सकते लेकिन जॉन के केस में व हर एक चीज को क्वेश्चन करते थे कि ये ऐसा क्यों हो रहा है क्या यह चीज किसी और तरीके से ज्यादा अच्छी हो सकती है जैसे जब वो ऑइल के बिजनेस में एंटर हुए थे तब वो ऑयल को ट्रेन में ट्रांसपोर्ट
करते थे क्योंकि उनका बिजनेस ही यही था ऑयल को रिफाइन करके उसे सेल करने का जो कम टाइम में काफी स्पीड में ग्रो हो गया था तो कुछ सालों बाद कुछ ऐसा हुआ कि उनके बिजनेस को ज्यादा स्पीड में ग्रो होता हुआ देख के दूसरे बिजनेसमैन उनसे जलने लगे और फाइनली जो रेल रोड के बिजनेसमैन थे उन्होंने ट्रांसपोर्टेशन के प्राइसेस बहुत ज्यादा बढ़ा दिए ताकि जॉन को अपने प्रॉफिट का एक बड़ा हिस्सा उनको देना पड़े यह जॉन के लिए एक बहुत बड़ा शौक था तब उन्होंने दिमाग लगाया कि ऑयल को ट्रांसपोर्ट करने का और कौन
सा तरीका हो सकता है और फाइनली उन्होंने पूरे वर्ल्ड में पाइपलाइन सिस्टम को इंट्रोड्यूस किया जो एक बिल्कुल न्यू आईडिया था उन्होंने पूरे पूरे शहर में पाइप्स इंस्टॉल कर दिए जिसके जरिए ऑयल ट्रांसपोर्ट होने लगा तो रेल रोड की जरूरत ही नहीं पड़ती थी उन्होंने पहले इसका पूरा कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस किया और फाइनली उनको पता चल गया कि यह एक गेम चेंजर मनी ट्री ग्रो करने वाली स्ट्रेटेजी होगी पाइप्स इंस्टॉल हो जाने के बाद उनका ट्रांसपोर्टेशन का एक्सपेंस बिल्कुल जीरो हो जाएगा मतलब यह एक बहुत सारे पैसों के पेड़ लगाने जैसा काम होगा और असलियत
में ऐसा ही हुआ पाइपलाइंस इंस्टॉल हो जाने के बाद उनके प्रॉफिट्स और ज्यादा ग्रो हो गए जिससे उनकी वेल्थ और ज्यादा बढ़ती गई तो दोस्तों आज भी बहुत सारे ऐसे बिजनेसमैन हैं जो ऐसी स्ट्रेटेजी अपने बिजनेस में इंप्लीमेंट करते रहते हैं जिसके इन्वेस्टर बनके आप भी अपने लिए लिए मनी ट्री ग्रो कर सकते हो और फाइनेंसियल फ्रीडम अचीव कर सकते हो तो अगर आप इस कांसेप्ट में बिलीव नहीं करोगे कि पैसे पेड़ पे उग सकते हैं तो आपके पास एक ही ऑप्शन रहेगा वो है हमेशा काम करते रहने के लिए जो हर मिडल क्लास इंसान
करता है तो इसीलिए अगर आपको ये चीज एक बार में नहीं समझ आ रही है तो इस चैनल को सब्सक्राइब करो और बेल आइकन को प्रेस कर लो ताकि आप भी रिच लोगों की तरह सोचने लगोगे और जल्दी फाइनेंशियल फ्रीडम अचीव करोगे क्योंकि दोस्तों सोशल मीडिया को देख के और बहुत सारे इन्फ्लुएंस को देख के आज वैसे तो हर इंसान रिच बनना चाहता है ताकि वो भी बड़े से बंगलों में रह सके वर्ल्ड टूर पर जा सके दुनिया की हर एक लग्जरियस ब्रांड की चीजें पहन सके शायद आप भी ये मिलिनेयर वर्ड सुनके कुछ ऐसा
ही सोचते होंगे लेकिन रियलिटी में मिलियनर्स और बिलियनर्स ऐसे दिखते हैं सिर्फ इंडिया में नहीं पूरे वर्ल्ड में अब आप में से बहुत सारे लोग सोचते होंगे कि रिच लोग इतना सिंपल लाइफस्टाइल फॉलो क्यों करते हैं अगर उनके पास पैसे हैं तो वो उसे स्पेंड क्यों नहीं करते तो दोस्तों इसका रीजन ये है कि सक्सेसफुल होने के लिए सबसे पहले आपको इंडिपेंडेंटली सोचना पड़ता है मतलब सोसाइटी के लोग और हमारे रिश्तेदार जो कह रहे हैं उससे अलग सोचना होगा क्योंकि अगर आप बाकी लोगों के जैसा सोचोगे तो आप भी वैसा ही करोगे जो बाकी लोग
कर रहे हैं जो है जॉब लेकिन जब आप इंडिपेंडेंटली सोच के अपने दिमाग को यूज करके अपनी लाइफस्टाइल में चीजें करोगे और फिर हार्ड वर्क से अपनी वेल्थ बिल्ड करोगे तो आपका रहना और आपकी लाइफस्टाइल कैसा होगा यह भी आप खुद ही डिसाइड करोगे इंडिपेंडेंटली सोसाइटी के बोलने पे नहीं क्योंकि हर एक रिच इंसान जानता है कि जो सबसे वैल्युएबल चीज पैसा बाय कर सकता है तो वह है अपना टाइम और फिर सेकंड वैल्युएबल चीज जो पैसा बाय कर सकता है तो वो है एक स्ट्रेस फ्री लाइफ और अपनी फैमिली के लिए कंफर्टेबल लाइफ अच्छे
से अच्छा हेल्थ केयर और पावर जो चीज आपको नहीं पसंद है उसको नो बोलने का पावर तो यह पैसों की असली वैल्यू है जो सिर्फ स्मार्ट लोग समझते हैं क्योंकि बहुत सारे मिडिल क्लास लोग बस आंख बंद करके फेक रिच लोगों के जैसा दिखने की कोशिश करते हैं जिससे अल्टीमेटली वो और ज्यादा गरीब होते रहते हैं और अपनी फैमिली के लिए वो बेसिक सा हेल्थ केयर भी अफोर्ड नहीं कर पाते तो इसीलिए दोस्तों फाइनली मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि नो डाउट पैसों से आप बहुत सारी लग्जरियस चीज खरीद सकते हो लेकिन वो सब एक
बोनस होता है व सब बाद में काम आता है पैसों का असली बेनिफिट यह है कि उससे हमें अपने टाइम पे कंट्रोल मिलता है क्योंकि हमारे पास जो सबसे वैल्युएबल चीज है तो वो है हमारा टाइम और इसीलिए जितना ज्यादा पैसा कमाते हो तो उतना ज्यादा पावरफुल बनते हो और आपके पास अपनी आसपास की चीजों का उतना ज्यादा कंट्रोल होता है जैसे मान लो कोई बहुत ही ज्यादा रिच बिलिन है जिसको दूर से देख के आपको ऐसा लग रहा है कि देखो वो कितनी लग्जरियस लाइफ जी रहा है अभी व अपने प्राइवेट जेट में बैठ
के मुंबई से किसी दूसरी जगह जाएगा लेकिन एक्चु में अगर वो बिजनेसमैन नॉर्मल प्लेन से ट्रेवल करेगा तो उसको 4 घंटे फ्लाइट का वेट करना पड़ेगा फिर बहुत सारे सिक्योरिटी चेक्स में उसका टाइम वेस्ट होगा फिर एयरपोर्ट से निकल के उसको ऑफिस जाने के लिए अलग टाइम देना होगा जिससे उनका पूरा दिन वेस्ट हो जाएगा लेकिन अगर वो डायरेक्टली अपनी मुंबई की ऑफिस की बिल्डिंग के टेरेस प जाए और अपने प्राइवेट जेट में बैठ जाए तो कुछ ही मिनटों में वह हवा में होगा और दो घंटे में वह अपने बेंगलोर के ऑफिस के छत पे
होगा और उसके 5 मिनट के बाद वो मीटिंग अटेंड करने के लिए रेडी हो जाएगा तो ये प्राइवेट जेट्स खरीदने का आईडिया भी उनका इसीलिए होता है क्योंकि उससे उनका कीमती समय बचता है जिसे वह सही जगह यूज करके और भी ज्यादा पैसा कमाते फिर वह उससे और ज्यादा रिच बनते रहते क्योंकि उनको बहुत ही फ्रीक्वेंसी लगता है कि देखो वो अपने पैसों को कैसी लग्जरी जगह पर स्पेंड कर रहा है फ्यूचर में जब हम भी पैसे कमाएंगे तो हम भी उसकी तरह पैसे स्पेंड करेंगे लेकिन वह उसका लॉजिक नहीं समझते इसीलिए एक बहुत ही
इंटरेस्टिंग कोट है कि अमीर लोग गरीब दिखने की एक्टिंग करते हैं जिससे वह और ज्यादा अमीर बनते थे और मिडिल क्लास लोग रिच दिखने की एक्टिंग करते जिससे वह और ज्यादा पुअर बनते रहते हैं जबकि एक्चुअली में अमीर लोगों को फर्क ही नहीं पड़ता वह कैसे दिख रहे हैं तो इसीलिए मेरा फाइनल मैसेज आप लोगों के लिए यह है कि जो भी फाइनेंशियल डिसीजन आप ले रहे हो उसको बहुत ही सोच समझ के लो किसी दिन फुर्सत में अपने घर के सारे दरवाजे और विंडोज बंद करके शांति से सोचो कि कौन सेकन से बड़े फैसले
आपने रिसेंटली लिए और क्यों लिए और तब आपको रियलाइफ होगा कि आप अपने लिए नहीं बल्कि सोसाइटी के लिए अपनी जिंदगी जी रहे हो और वो भी सोसाइटी के बताए हुए रास्ते पे चल के तो दोस्तों आज की वीडियो में इतना ही उम्मीद करता हूं आपको इस वीडियो से कुछ ना कुछ सीखने जरूर मिला होगा तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लेना और बेल आइकॉन प्रेस कर देना ताकि आपसे कोई वैल्युएबल वीडियोस मिस ना हो जाए और इस वीडियो को शेयर करो अपने फ्रेंड्स और फैमिली मेंबर के साथ ताकि उनको भी फाइनेंशियल फ्रीडम की रियल
नॉलेज मिल सके और अगर आपको स्टॉक इन्वेस्टिंग सीखना है तो उसके लिए मेरे कोर्स की लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में है आप वहां जाके उसे चेक आउट कर सकते हो और नेक्स्ट कोर्स के लिए आप लोग सजेशन दीजिए कि उसमें कौनसी-कौनसी वैल्युएबल टॉपिक्स मैं ऐड कर सकता हूं क्योंकि मैं जेनुइनली उसे एक बहुत ही वैल्युएबल कोर्स बनाना चाहता हूं आप सभी लोगों के लिए वीडियो पसंद आया तो इसे लाइक करो नहीं पसंद आया तो डिसलाइक करो आपका वैल्युएबल टाइम देने के लिए थैंक यू एंड गुड बाय