सही कहा किसी ने लाखों में नहीं करोड़ों में एक होते हैं वो लोग जो अपनी मेहनत से कामयाबी के शिखर तक पहुंचते हैं मात्र 17 साल की लड़की जिसका नाम शीतल देवी आज पूरी दुनिया इनको देख के दंग है पैरा ओलंपिक 20224 में आरकी रैंक वन ये जम्मू कश्मीर के छोटे से गांव से हैं इनके बचपन से ही दोनों हाथ नहीं है ये पढ़ने लिखने के लिए अपने दोनों पैरों का इस्तेमाल करती हैं इनके पिता खेतों में दिन भर काम करते हैं और इनकी मां दिन भर घर के काम संभालती है इनके जज्बा इनके जुनून
इनकी मेहनत और इनकी तपस्या को आज पूरी दुनिया मिसाल दे रही है हिम्मत हो तो ऐसी जुनून हो तो ऐसा ये मेहनत को सब कुछ मानती है इनका कहना यह है कि अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए मेहनत नहीं बहुत मेहनत करनी पड़ती है और जो बहुत मेहनत करते हैं वो आखिर में मंजिल तक पहुंच ही जाते हैं तुम कमजोर हो तुम्हारे अंदर क्या कमी है यह बात तुम्हें दुनिया हमेशा बताएगी लेकिन तुम क्या हो तुम क्या कर सकते हो तुम कितने मजबूत हो ये बात सिर्फ और सिर्फ