नमस्कार ए वेलकम यू ल ू स्टडी आक मैं हूं प्रशांत धवन और इस वीडियो में हम बात करने वाले हैं बहुत ही इंटरेस्टिंग टॉपिक के बारे में हाल ही में चाइना देखिए अपने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की वजह से बहुत ज्यारा बुरा फंस गया था और इनको लिटरली एक छापा हुआ आर्टिकल इंटरनेट से डिलीट करना पड़ा नाउ इधर आप देख पाओगे आर्टिकल हिट एंड स्कूट इसका मतलब होता है पहले मारना फिर भाग जाना चाइना ने जयशंकर साहब के साथ कुछ हद तक ऐसा ही किया है चाइना के ग्लोबल टाइम्स ने हाल ही में जयशंकर साहब
को टारगेट करते हुए एक बहुत ज्यादा हेटफुल आर्टिकल पब्लिश किया इसमें मैं कहूंगा किसी कंट्री के विदेश मंत्री के बारे में इस तरीके से ओपनली बोलना काफी अजीब था जो लाइंस वहां पर लिखी हुई थी बहुत अजीब थी सबको लग रहा था कि ग्लोबल टाइम्स को ऐसा आर्टिकल पब्लिश करने की क्या आवश्यकता अन पड़ी तो जैसे ही क्रिटिसिज्म इस आर्टिकल के प्रति बढ़ना शुरू हो गया तो चाइना ने जो इंग्लिश वर्जन है इसका पहले यह रिमूव कर दिया और अब बताया जा रहा है कि चाइना के सोशल मीडिया से जो इसका मैरेन वर्जन है जो
चाइनीज लैंग्वेज का वर्जन है वह भी हटा दिया गया है और रीजन क्या है इस सबका देखिए रीजन बहुत ही सिंपल है बहुत ही जल्द ब्रिक्स समिट आने वाला है ब्रिक्स समिट व्लादिमीर पुतिन के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है बताया जा रहा है इस बार के ब्रिक्स समिट में पुतिन इंडिया और चाइना दोनों को इकट्ठा लाने की कोशिश करेंगे रशिया में तो उससे पहले उससे कुछ ही हफ्ते पहले अगर चाइना ऐसा आर्टिकल पब्लिश कर देता है जहां पर लिटरली यह लोग कहते हैं कि देखिए चाइना इंडिया रिलेशंस में सबसे बड़ी एक प्रॉब्लम अगर है तो वह
एस जयशंकर खुद है ऐसा आर्टिकल जब वह पब्लिश कर देते हैं तो ओबवियसली उनको वो आर्टिकल डिलीट करना ही था नाउ एक बार मैं आपको दिखाता हूं कि ये आर्टिकल दिख कैसे रहा है क्योंकि अभी भी जो इसका लिंक है यह google's सर्च करते हो का ये वाला आर्टिकल इसकी जो हेडलाइन है ये पढ़िए भारत की डिप्लोमेसी में सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है एस जयशंकर प्रॉब्लम अगेन ये जो टाइटल है बहुत ज्यादा प्रोवोकेटिव है डायरेक्टली एक इंडिविजुअल को टारगेट किया जा रहा है एक बड़े समिट से पहले और अब एक बात नोट करना मैं जैसे
ही इसको ओपन करने की कोशिश करता हूं ना यूआरएल नॉट फाउंड ऐसे लग रहा है किसी ने इमरजेंसी में डिलीट किया ये आर्टिकल कि बेजिंग से फोन आ गया है कि क्या छाप दिया ये और उसके बाद यू नो जो भी इंटर्न था यहां पर उसने जल्दी से बस उड़ा दिया ये आर्टिकल हालांकि सर्च इंजंस पे हर जगह यह आर्टिकल जो इसका मेन लिंक है जो क्विक लिंक है ये अवेलेबल है अब यहां पे आप एक बात पूछ सकते हैं अच्छा जो मेन हेडलाइन थी ना इस आर्टिकल की वो ये थी चाइना के हिसाब से
कि इंडिया चाइना के रिलेशंस में जो मेन प्रॉब्लम है यह डॉक जयशंकर खुद है अगर ये लोग ऐसा कह रहे हैं तो एक बार को आप कह सकते हैं जयशंकर साहब भी तो काफी बार कह चुके हैं कि इंडिया की एक स्पेशल चाइना प्रॉब्लम है और इसी वजह से जो भी इन्वेस्टमेंट्स आनी है है ना चाइना से इन्हें हमें स्क्रुटनाइज करना होगा देखना होगा कि वो इन्वेस्टमेंट्स कहां से आ रही है किस सेक्टर में आ रही है तो ये उन्होंने कही है बात देखो मुझे यहां पर ये बोलना पड़ेगा जो ये हेडलाइन है ना इससे
काफी ज्यादा हेटफुल ये आर्टिकल था जो नीचे बातें लिखी हुई थी ना लिटरली आप कह सकते हैं कैरेक्टर एसासिनेशन वाली थी यहां पर देखिए चाइना के सरकारी न्यूज़ आउटलेट ग्लोबल टाइम्स में ये लिखा हुआ था कि जयशंकर साहब के लिए नेशनल इंटरेस्ट वाली चीजें इंपॉर्टेंट है नहीं जब इंडिया चाइना के रिलेशंस इंप्रूव होते हैं तो यह घबरा जाते हैं लिटरली ग्लोबल टाइम्स कह रहा है कि इंडिया के विदेश मंत्री घबरा जाते हैं जब इंडिया चाइना के रिलेशंस इंप्रूव होते हैं और इन दी एंड इन्होंने एक लाइन यहां पर यह भी लिख दी कि इनके लिए
मेन कंसर्न यह रहती है कि यूएसए को कैसे प्लीज किया जाए यूएसए के पक्ष में कैसे बातें की जाए बहुत ज्यादा मैं कहूंगा बड़ा आरोप है और अगना आरोप है यह इतना ज्यादा एक अजीब सी स्टेटमेंट लगती है क्योंकि किसी ने भी डॉक्टर अजय शंकर साहब की जो स्टेटमेंट्स हैं पिछले एक दो सालों की वो फॉलो करी है कोई भी ये कहेगा कि यूएसए के अगेंस्ट एक स्ट्रांग स्टंस लेने वाले यह मैं लिटरली कह सकता हूं भारत के शायद पहले विदेश मंत्री होंगे जो इतना स्ट्रांग स्टंस लेते हैं इन फ्रंट ऑफ यूएस और जो ये
आर्टिकल की कंट्रोवर्सी हुई है ना रिसेंटली इसके बाद जयशंकर साहब ने एक क्लेरिफिकेशन यहां पर ये भी दिया है देखो मैंने कभी यह नहीं कहा कि चाइना के साथ हम बिजनेस नहीं करना चाहते चाइना के साथ बिजनेस हो रहा है ओबवियसली हम बिलियंस ऑफ डॉलर्स का का इंपोर्ट करते हैं चाइना से मगर इशू यह है कि चाइना की जो इन्वेस्टमेंट्स हैं यह किसी ऐसे सेक्टर में तो नहीं आ रही जिसको लेकर कल को हम पछताए फॉर एग्जांपल भारत का डिफेंस सेक्टर है स्पेस सेक्टर है टेलीकॉम सेक्टर है वहां पर चाइनीज कंपनीज बहुत बड़ा स्टेक परचेस
कर ले क्योंकि पैसा तो उनके पास बहुत सारा है फिर उस केस में अगर मान लो चाइना इंडिया के रिलेशंस कल को खराब होते हैं तो हम क्या करेंगे हमारी जो लिटल एक कोर इंडस्ट्री है वह चाइना ओन करता होगा तो अगेन यहां पे उन्होंने बात कही है कि कभी भी यह इंडिया चाइना के बिजनेस के अगेंस्ट नहीं थे बट इशू इज व्हिच सेक्टर और किन शर्तों पे इन्वेस्टमेंट्स आ रही हैं तो देखो जो यह आर्टिकल है यह काफी अजीब था और मुझे एक बात यह भी और लगी लोगों ने ना वैसे इस आर्टिकल को
डीप रिसर्च किया है कि ये आर्टिकल एक्चुअली किस ऑथर के अंडर पब्लिश हुआ था जब सर्च किया गया तो ऑथर गुमनाम था नहीं तो यूजुअली आप देखोगे ऐसे आर्टिकल्स या तो कोई चाइनीज यूनिवर्सिटी का कोई प्रोफेसर लिखता है या फिर कोई इनके आर्मी का कोई जनरल लिख देगा कुछ ऐसे आर्टिकल मगर इस केस में कंपलीटली एक गुमनाम आदमी था ग्लोबल टाइम्स में आर्टिकल पब्लिश हो रखा था यूजुअली ऐसा काम मतलब बिल्कुल आप कह लीजिए एक एनोनिमस ऑथर से ऐसे आर्टिकल यह छुपाते हैं जब चाइनीज गवर्नमेंट को डायरेक्टली कुछ बात पहुंचा होती है बट वह खुद
पर आरोप लेना नहीं चाहते तो क्लीयरली कहीं ना कहीं कम्युनिकेशन गैप हुआ है एक बड़ा ब्लंडर हुआ है चाइना से क्योंकि मैं आपको बता दूं रशिया में ना ब्रिक्स का जो समिट है धीरे-धीरे इसकी जो मीटिंग्स हैं यह और ज्यादा फ्रीक्वेंसी आपको पता होगा भारत के जो नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर है अजीत दुवाल साहब ये रिसेंटली गए हैं रशिया में यह हो सकता है कि वैंग ही से मिले इन रशिया लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यहां पर डिस्कस की जाए और फिर उसके बाद पॉसिबिलिटी है कि मोदी जी और सीजिंग पिंग दोनों रशिया के शहर कजन में
मिले और व्लादिमीर पुतिन पूरी दुनिया के सामने इंडिया के पीएम और चाइना के प्रेसिडेंट का हाथ पकड़ के खड़े हो और दुनिया को यह शो करें कि देखिए ब्रिक्स आज के समय कितना ज्यादा एक इंपॉर्टेंट इंटरनेशनल फरम बन चुका है चाहे रशिया को जी एड से निकाल दिया हो कई साल पहले रशिया पर वेरियस और सैंक्शंस इंपोज कर दिए हो रशिया आज भी जो मेन कंट्रीज है दुनिया की जो फ्यूचर की इकॉनमी संभालेगी उनके साथ रशिया कंधे से कंधा मिला के खड़ा है तो रशिया के लिए देखिए ये समिट बहुत इंपॉर्टेंट है तो मैं सरप्राइज
नहीं होंगा रशिया ने लिटरली चाइना को बोल रखा होगा कि एटलीस्ट जब तक यह समिट चल रहा है इंडिया के अगेंस्ट कुछ बहुत ज्यादा खराब स्टेटमेंट मत दे देना कुछ ऐसा मत बोल देना जिससे यह पूरा समिट खराब हो जाए इंडिया अनाउंस कर दे कि पीएम मोदी बिजी है थोड़ा सा उनको कहीं पर कुछ फंक्शन अटेंड करना है तो नहीं आ पाएंगे ऐसा ना हो जाए तो आई एम श्यर रशिया भी यहां पर कहीं ना कहीं इवॉल्व रहा होगा और अब वैसे देखना यह है कि जो कजन में ब्रिक्स का समिट होगा वहां पर क्या
डेवलपमेंट सामने आती है जो मच अवेटेड ब्रिक्स करेंसी थी क्या उसको लेकर पुतिन एक बड़ी अनाउंसमेंट करते या नहीं करते दिस विल बी वेरी इंटरेस्टिंग टू सी बट अभी के लिए यहां पे मैं आपसे जानना चाहूंगा एक क्वेश्चन आपके हिसाब से जो भी यह आर्टिकल कीय कंट्रोवर्सी हुई है क्या यह चाइना की तर तरफ से एक मिस्टेक थी एरर हो गया या फिर यह बिल्कुल प्लान तरीके से किया गया हिट एंड स्कूट का केस है कि आर्टिकल पब्लिश करो बात जो बोलनी है बोल दो फिर डिलीट कर दो डिसन कर दो और बात ओबवियसली पूरी
दुनिया में यह फैल ही जाएगी बताइए आपके हिसाब से क्या आपको लगता है चाइना ने यह इंटेंशनली किया है जानबूझ के किया है या फिर यह बस एक इनोसेंट ससी मिस्टेक थी मैं जानना चाहूंगा आपका ओपिनियन लिखेगा अपने थॉट्स कमेंट सेक्शन में और फाइनली आपसे पूछूंगा एक एमसीक्यू यहां पर यह है कि बारका न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट इस पर लिटरली मैंने एक वीडियो बनाई है आज आपको बताना है कि यह किस कंट्री में आपको मिलेगा ये है यहां पे आपकी ऑप्शंस भारत सऊदी अरेबिया कतर या फिर यूनाइटेड अरब एमिरेट्स कमेंट सेक्शन में करिए उत्तर जो लोग
देंगे सही आंसर उनकी कमेंट को मैं हार्ट दे दूंगा ताकि बाकी लोग समझ पाएं कि सही उत्तर क्या है और फाइनली यहां पर मैं यह भी ऐड कर दूं कि आज आखिरी दिन है स्टडी आईक्यू के लॉन्ग टर्म यूपीएससी बैच में एनरोल करने का क्योंकि आज के बाद से हम और बच्चों को एनरोल नहीं कर पाएंगे क्योंकि कोर्स स्टार्ट हो चुका होगा ऐसा तो है नहीं कि एक बार एक बैच स्टार्ट हो जाए तो आप आधे रास्ते में स्टूडेंट्स को कर रहे हो एनरोल दैट इज नॉट पॉसिबल तो आपके पास एक गोल्डन अपॉर्चुनिटी है आज
आज के लिए कमेंट सेक्शन में जाइए इस वीडियो की और यहां पे आपको पिंड कमेंट में ये दिख जाएगा यूपीएससी लॉन्ग टर्म पीटीआई फाउंडेशन बैच 2026 के लिए हमने इसको डिजाइन किया है क्योंकि इस कोर्स की जो वैलिडिटी है ये 36 महीने की है तो आराम से आपके पास टाइम होगा अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं आपके पास समय है कि आराम से प्रिपेयर करके आपको एक प्रॉपर अटेंप्ट देना है यूपीएससी का तो आप यह कोर्स कर सकते हैं परचेज आज आखिरी दिन है यह कोर्स लेने का और जो यह प्राइस यहां पर लिखा है
नेवर एवर पे दिस प्राइस सिंपली यहां पर कोड आपको टाइप करना है पीडी 10 और प्राइसेस अपने आप गिरना शुरू हो जाएंगे यू विल बी एबल टू सेव अ लॉट ऑफ मनी बेसिकली आप पर मंथ 000 भी पे नहीं कर रहे होंगे ₹1 से भी कम में आप परचेज कर सकते हैं स्टडी आईक्यू का लॉन्ग टर्म यूपीएससी लाइव कोर्स सो इसी नोट के साथ यह वीडियो का अंत थैंक यू फॉर लिसनिंग एंड एज आई ऑलवेज से मे द गड्स वाच ओवर यू