छोटी सी चीज से कितना बड़ा फर्क पड़ता है यह आपके सामने रखता हूं मैं बोर तो नहीं हो रहे आप लोग आप सोचिए कि भारत 1948 में नहीं पैदा हुआ लेकिन कुछ लोग यही समझ रहे हैं और भारत माता है यह हमारी तो भारत माता के बेटे होंगे कि पिताजी होगा भाई भारत माता के पुत्र हुए ये पिताजी कब से हो गए इसलिए मैं जो आपको बात कहना चाह रहा हूं वह सिर्फ इतनी सी है दिमाग से स्लिप हो गई मेरे मैं क्या बोल रहा था जरा मुझे बताइए कुछ होना चाहिए पहले कुछ बोल रहा
था नहीं छोटी छोटी बातें ब हां यस भारत की पहचान भारत में ऑफिश भारत का जो राष्ट्रीय अध्यक्ष है जिसे आप राष्ट्रपति कहते हैं राष्ट्रपति विदेशी मेहमानों को हमारे भारत राष्ट्र की पहचान के रूप में ताजमहल देता था चल रहा था क्योंकि गंगा जमुना तहजीब हिंदू मुस्लिम भाई भाई जिस कबर को इस्लाम में घर में रखना हराम है वह ताजमहल राष्ट्रपति भवन में रखा रहता था कि विदेशी मेहमानों को भारत की पहचान के रूप में दिया जाएगा अब यह बहुत छोटी सी बात लगती होगी आपको बहुत छोटी सी लगती होगी इसलिए मैं कहता हूं कि
अगर कोई पुरुषार्थी आपके बीच में से निकला है तो कम से कम यह कहिए कि हमें पुरुषार्थी चाहिए इसकी जात नहीं पता करनी हमको मैंने बहुत चीजें पास से देखी है इसलिए आपको बोल रहा हूं यह अखबारों में नहीं छपती है व भी चाटुकार से कम नहीं है एक ट्रक में एक दिन एक आदमी ने कुछ चीजें रखी और राष्ट्रपति भवन चला गया और कहा कि वो प्रधानमंत्री मिलना चाहते हैं राष्ट्रपति सकपका गए कि ये साला कैसा प्रधानमंत्री है बगैर बताए आ गया है और उनसे सिर्फ उसका पहला सवाल था पैर छुए उसने उने कहा
ना कि कभी-कभी फालतू की बातों से आप फोकस से डिफोकस हो जाते हैं पैर छुए और पहला सवाल था कि भारत की पहचान के रूप में हम विदेशी मेहमानों को क्या देते हैं वह दूसरी पार्टी के थे यह बात अलग है कि मरने से पहले उन्होंने किताब लिखी है तो वह जो इटालिया से बहन आई है उनकी धज्जिया उड़ा द उसने उसने पहले जैसे उनके मुंह से निकला ताजमहल देते हैं जो आदमी पढ़ा हुआ नहीं है लोग कहते हैं डिग्री नहीं है मनमोहन के पास बहुत सारी डिग्रियां थी इसके पास डिग्री नहीं है इसने डिग्री
की चिंता नहीं की इसने कहा आज से भारत की पहचान के रूप में ताजमहल नहीं दिया जाएगा मैं ट्रक के अंदर दुनिया की हर भाषा में गीता छवा के लाया हूं अब जो भी मेहमान आएगा उसे उस देश की भाषा की गीता दी जाएगी अब यह तो एक पाठ हुआ अब मैं दूसरा पार्ट आपका शौर बढ़ाने के लिए कह रहा हूं गीता हमारी तो दिक्कत यह है कि हम तो जो जितना अमीर आदमी होता है उसके ड्राइंग रूम में उतनी ही सजी हुई किताबें रखी होती है जो 200 साल से कभी उठाता नहीं कोई आदमी
वो रखी र डराना होता है ना वो रखते पढ़ता पड़ता नहीं उस कोई मतलब जितनी महंगी किताब होगी व रखी होगी पढ़ेगा नहीं रखी रहेगी रोज साफ आई होगी हम तो उन लोगों में से है पढ़ते पढ़ते नहीं हम लोग विदेशी ऐसे नहीं है पूरी दुनिया के लोग यहां आए यहां लूटा यहां से चले गए वहां जाकर उन्होंने बताया कि जहाज हमने बनाया है क्योंकि हम पढ़े नहीं लेकिन दुनिया पढ़ती है तो एक ही किस्सा बताता हूं क्योंकि मेरे लिंकेज वहां है मैंने वहां नौकरी की है जब अभिनंदन नाम का एक आदमी पाकिस्तानी का पीछा
करते करते गिर गया बेचारा वहां उसे पकड़ लिया उन्होने बोले बस अब तो भारत से बारगेनिंग होगी क्योंकि वो तो समझ रहे थे अभिनंदन पर देश बारगेनिंग हो जाएगी इसने कुछ नहीं कहा अंकल समम ने फोन किया पागलो इसे 9 बजे तक छोड़ देना वो जो करेगा तुम जानना अंकल से ने गीता पढ़ ली थी गीता पढ़ता है तो ये जो पूरे देश आजकल आप देख रहे हैंट 20 20 य कर रहे हैं यह सब समझ में आ गया य जो खड़ा हुआ है ना खामोशी से इसके गीता पर चल रहा है और गीता के
अंदर कर्म प्रधान है भावुक बात नहीं होती है जो कृष्ण जी थे व भी बांसुरी बजा रहे थे जब उनको समय लगा तो उन्होंने बांसुरी रखी और सुदर्शन चक्र उठा लिया तो दुनिया को पता है कि यह सिर्फ सत्ता नहीं बदली है इस सत्ता को बदलने वाले बदल गए हैं इसलिए इसलिए मैं फिर कह रहा हूं करेज नहीं है भारत में सच को सच कहने का करोड़ों अखबार निकलते हैं करोड़ों मैगजीन निकलती है हजारों टेलीविजन थे 2014 के चुनाव का जब समीक्षा दुनिया में की तो जिन्होंने आपको गुलाम बनाया वह एक एक पक्ष है उसका
वोह एक पक्ष है लेकिन उनका एक पक्ष खराब होने की व से आप उनका चरित्र हरण करने लगे यह ठीक नहीं है भारत के हजारों लाखों अखबार गली मोहल्ले से निकलते थे इसमें य करेज नहीं था ग्रेट ब्रिटेन का सबसे बड़ा अखबार गार्डियन उस गार्डियन ने 2014 के चुनाव को अपने एडिटोरियल में लिखा कि भारत के अंदर पहली बार भारतीय सरकार बनी है अभी आपके पास समय है कि आप अपनी जहां जगह खड़े हैं बेटे बेटी मां नानी दादा जो भी हैं अपने होने पे गर्व कीजिए अगर जाति का भी गर्व है तो उस परे
भी गर्व कीजिए कोई दिक्कत नहीं है गर्व करना आप इतने हीन भावना इंफिनिटी कॉम्प्लेक्शन कमतरी में चले गए हैं कि आपको लगता है हम कुछ है ही नहीं यार हम हमारे पास यह नहीं है हमारे पास वो नहीं है भाई आचार्य चाणक के पास कुछ नहीं था डिग्री नहीं थी जो इतनी बड़ी लिख के किताब चले गए डिग्री नहीं थी उनके पास और मेरा एक्सपीरियंस यह कहता है इस 22 साल की उम्र में करियर में जिस समाज को जिस पुरुष को जिस महिला को जिस बेटी को मार्कशीट की चिंता होती है वह जीवन भर अपनी
मार्कशीट बचाती और मार्कशीट बचाने वाले कभी देश नहीं बचाते जिस परे मार्कशीट नहीं है उसी ने यह करिश्मा कर दिया है कि हमारे यह कहने से कि हम इजराइल के साथ खड़े हैं यह ताकत आप में है नहीं तो पिछली सरकारें फलस्तीन के उस चोर को जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी था उसने देश की प्रधान मंत्री को बहन कहा और वो हमारा मामा हो गया उस आतंकवादी को हमने इंटरनेशनल इंदिरा गांधी पीस एंड जस्टिस अवार्ड दिया उस यासर अराफात को जिसे दुनिया आतंकवादी मानती थी हम ये थे आपका आदमी गया और प्रधानमंत्री निवास में बातचीत रिकॉर्ड होती
है पता है ये बात आपना जितनी बातें स्ट्रक्चर्ड होती हैं जो मुलाकातें होती हैं वो सब रिकॉर्ड प होती है घरेलू हो या विदेशी हो यह वो 15 साल की ट्रेनिंग में समझ गया था गुजरात में उसको पता था तो नन हान से मिलने गया बोला चलो समुद्र में चलकर बात करते हैं सो हाउ थिंग्स मूव आप खुश होइए आप प्रफुल्लित होइए कुंठा में मत जीज आप हारे हुए लोग नहीं है आप सच बोलिए कोई 1400 साल पहले आ कोई 2000 साल पहले आए कोई तब आया हम ही थे हम ही हैं और हम ही
रहेंगे अपने होने का एहसास कीजिए बहुत-बहुत धन्यवाद थैंक यू वेरी मच