झाल कि तुम फालतू यह कहानी है इन बैठेगी स्कूटर पर कहीं पर जा रहे होते हैं तभी जो आप होता है उसकी नजर पड़ती है रोड के साइड में कुछ लड़कों के ऊपर चुकी की चाह में कुछ ढूंढ रहे होंगे तो अपना सूरमा पर होते हैं यह करके मुझसे पूछते हैं कि क्या ढूंढ रहे हो यहां पर उनमें से बोलता है कि आपको दिख रहा है कि हमने सोने का फल है हम्म उसको पाने की कोशिश कर रहे हैं उसकी यह बात सुनते हैं पिता का ध्यान जाता है सोने की खान की तरफ जो चमक
रहा होता है और उनके बारे में कुछ इमैजिनेशन बढ़ने लग जाती है कि काशी जो होल है यह मेरे बेटे के पास में आ जाए तो ना सिर्फ उसकी बल्कि मेरी जिंदगी भर जाएगी तो बिना सोचे-समझे अपने बेटे को धक्का मार देते हैं उसी छोड़ दें और उसे तुझे किसी भी कीमत पर वह आप लेकर के आना है है लेकिन बेटी को फल नहीं चाहिए होता उसके अपने कुछ और ही सपने होते हैं कि वह बहुत कोशिश करता है अपने पिता को यह समझाने कि मेरी खुशी इस पल में नहीं है मेरी ख़ुशी कहीं और
है मेरे सपने कुछ और है लेकिन उसके पिता उसकी एक नहीं सकते हैं उसको धक्का मारते हुए स्टेशन और बोलते हैं कि मैं तुझे पूछ रहा हूं तुझे बता रहा हूं कि मुझे को लेकर के आना है तो बेटा भी अपने बाप के सपने को सच करने के लिए अपनी पूरी जान लगा देना है और पूरी कोशिश करता है कि किसी तरीके से उसको देखा और उसके बाद में आ जाए तो थे लेकिन जैसे-जैसे वहां पर मारता है उस पर को पकड़ने के लिए वह और नीचे हंसने लग जाता है और फिर जाकर को समझ
जाता है कि कीचड़ नहीं है यह दलदल है उस चीखता चिल्लाता है अपने पिता को आवाज लगाता है फिर उसके पिता उसकी एक नहीं सुनी बोलते हैं बहाने मत बना और भी लोग यहां पर जो कर रहे हैं तो जब वह कर सकते तो तू क्यों नहीं कर सकते तो एक बार वह फिर से कोशिश करता हूं अपनी पूरी जान लगा देता लेकिन उसके बाद भी उसके हाथ में कुछ नहीं आता है और वह धीरे-धीरे नीचे धंसता चला जाता है हैं और मर जाता है है तब जा करके उसके पिता का एहसास होता है कि
उससे कितनी बड़ी गलती हो गई वहीं बैठ करके रो रहा होता है ठीक रावत चिल्ला रहा था तभी वहां पर एक साथ हुआ था है कि अवसाद उस आदमी से पूछता है कि तुम क्यों रो रही हो फिर वह आदमी सोने के ऊपर की तरफ इशारा करते हुए उस अधिक अपनी पूरी बात बताता है और बोलता है कि इसमें मेरी क्या गलती है मैंने तो जो कुछ भी अपने बेटे की खुशी के लिए किया तो साधु निप्पल को ध्यान से देखता है और उस आदमी को रहता है जिस सोने के फल की वजह से तुम
ने अपने बेटे को गंवा दिया कम से कम एक बात ध्यान से उसकी पर देखा तो होता कि वहां पर कोई फल है भी या नहीं आ कि यह सुनकर के उस आदमी को गुस्सा आया और उसने कहा था कि सामने तो दिख रहा है फल आपको नहीं देखा क्या है तब वह साधु उसकी चढ़कर ऊपर एक पेड़ होता है जिसकी तरफ इशारा करते हुए होते हैं कि वह जिसे तुम देख रहे हो उस पल की परछाई है असली फल वहां पर उस पेड़ के ऊपर है [संगीत] [प्रशंसा] तो फिर उस आदमी को बोला कि
अपने बेटे को जबर्दस्त धक्का देने की बजाय और उसको बताने की बजाय कि तेरी खुशी किसमें है अगर तुमने उससे पूछा होता कि बेटा तू बता तू क्या करना चाहता है और तेरी खुशी किसमें है तो ना सिर्फ तुम्हारा बेटा सिद्ध होता बल्कि हो सकता है कि उसके हाथ में वह असली सोने का फल भी होता है झाल