हेलो एवरीवन एंड वेलकम टू पीडब्ल्यू ओनली आ दोस्तों आप सभी का स्वागत है इस शानदार सेशन में जहां पर हम लोग अपने इस किताब को वाइंड अप करने की कोशिश कर रहे हैं और बड़ी खुशी की बात है भाई कि हम लोगों ने 16 में से छह चैप्टर ऑलरेडी कंप्लीट कर लिए हैं और यह हमारा सातवां चैप्टर है जो कि बेहद इंपॉर्टेंट है इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी देखो सबसे पहले तो आप सबको पता है कि मैं आप लोग को सिलेबस दिखाता हूं और सिलेबस दिखाने के साथ-साथ मैं आपको बताता हूं कि भाई कहां है कितना
इंपॉर्टेंट है और हर बार आप लोग मुझसे ही बोलते हैं कि सर प्रीवियस क्वेश्चन भी करा दो ना प्रीवियस ईयर क्वेश्चन देखो मैं करा तो नहीं पाऊंगा लेकिन गारंटी देता हूं कि आपको मैं दिखा देता हूं और आप जब यह पूरा सेशन देख लोगे तो यह लगभग सारे ही क्वेश्चन आप बड़े आसानी से सॉल्व कर ले जाओगे तो इतना तो सेटिस्फेक्ट्री रिस्पांस में दे पा रहा हूं इससे तो आप लोग खुश हो ना ठीक है खुश ही हो ना भाई दुखी मत हो जाना किसी भी बात से तो हम लोग इस सेशन में आगे बढ़े
और सब कुछ जल्दी से पता है आपको कि इस चैप्टर में सिर्फ और सिर्फ हम लोग को गिन के 10 कांसेप्ट पढ़ने हैं 10 कांसेप्ट ऑफ आई सटी एंड द आईसीटी इज वाइंडेड अप बस इतना ही है तो उसमें क्या-क्या है उनको हम एक बार देखते हैं उससे पहले बस आपके लिए छोटी सी इंफॉर्मेशन है कि इस दिवाली के शुभ अवसर पर बहुत सारे ऐसे जो भी हमारे कोर्सेस हैं संकल्प टाइटन श्रीजन प्रहार यूपीएससी ऑप्शनल या फिर हमारा यूपीएससी प्रारंभ इन सभी बैचेज पर हैवी डिस्काउंट है तो आप जो भी इन बैचेज में इंटरेस्टेड हैं
वो अपने इंक्वायरी के लिए इस नंबर पर कॉल करके एक बार बातचीत करके देख लीजिए और आपको जिस भी बैच में कंफर्टेबल महसूस होता है कंफर्ट महसूस होता है आप उसको डेफिनेटली जॉइन कर सकते हैं तो इन सभी के प्राइसेस यहीं पर लिखे हुए हैं आप डेफिनेटली इन सभी को यूपीएससी की कंप्लीट प्रिपरेशन के साथ इन सभी चीजों को जवाइन कर सकते हैं हम लोग आते हैं अपने एक पोर्शन पर और यह जान के शायद अब आप लोग को आज तो खुशी हो ही जा जानी चाहिए भाई कि आज तो हमारा एक ऐसा पोर्शन है
जहां पर हम लोग का बेसिकली ऐसा पोर्शन जो कि दिखता है कहां पर दिखता है देखो अवेयरनेस इन द फील्ड ऑफ आईटी पहला आ गया भैया बड़ा सा पोर्शन दूसरा यह देखो क्या लिखा है कंप्यूटर्स और एक पोर्शन यहां पर कहीं लिखा नहीं है कम्युनिकेशन लेकिन कम्युनिकेशन से क्वेश्चंस यूपीएससी पूछती है और अभी मैं आपको क्वेश्चंस भी दिखाने वाला हूं तो इन इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में आप हमेशा अचीवमेंट्स की भी बात कर सकते हैं डेवलपमेंट की भी बात कर सकते हैं कहां गया भाई ये रहा डेवलपिंग न्यू टेक्नोलॉजीज डेवलपिंग न्यू टेक्नोलॉजी इन सबसे रिलेटेड
है हमारा क्या हमारा इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी बस यह पहली और आखिरी बार पूरा लिख रहा हूं अब इसके आगे मैं हर बार क्या लिखूंगा आईसीटी बहुत बड़ा है यार आप लोग भी ऐसे लिख लेना कोई बात नहीं है तो इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को हम लोग पढ़ते हैं उससे पहले मैंने वादा किया आपके क्वेश्चन के लिए वो भी देख लेते हैं फटाफट से इसको मैं अभी भर दूंगा 10 टॉपिक क्या-क्या है आपके सारे पीपीटी बुक्स यार अब मत पूछना भाई साहब अभी भी आप लोग यही पूछते रहते हो कि सर किताब
कहां है किताब का है भाई एक बार जाओ ना यहां पर सर्च कर लो मिल जाएगा बता रहा हूं यार विश्वास किया करो मिल जाएगा यूपीएससी वाला साइंस एंड टेक कुछ भी लिख के सर्च कर लेना इस 10 सालों में 19 क्वेश्चन आप बोल सकते हो कि हर साल मिनिमम दो क्वेश्चन तो प्रीलिम्स में ही आ जाते हैं सेम टू सेम आपके मेंस पोर्शन के साथ भी है कि मेंस में भी आईसीटी से एक इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस लगभग लगभग हर साल तो नहीं बोलूंगा लेकिन हां एक दो साल के बीच में एक क्वेश्चन तो डेफिनेटली आ
जाते हैं यहां पर अब हम लोग बात करते हैं जैसे कि 2022 के क्वेश्चंस को देखते हैं सास सास बहू वाला सास नहीं है यह है सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस क्या है समझेंगे आज के वेब 3.0 यह भी आज के लेक्चर के अंदर ही सम्मिलित है फिर इसके बाद बाद आपका है क्यू बिट क्यू बिट यह एगजैक्टली आज का टॉपिक तो नहीं है यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अंदर में हम लोग क्वांटम जसे चलो आज ही पढ़ ले कोई बात नहीं है आज ही पढ़ लेते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ये आपके नेक्स्ट चैप्टर का है बट अगेन
इससे कुछ ना कुछ चीजें रिलेटेड यहां पर भी है फिर आपका आता है विजिबल लाइट कम्युनिकेशन इसको भी हम लोग पढ़ेंगे बड़े डिटेल से दूसरा हम लोग पढ़ेंगे ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी यह पूरा का पूरा टॉपिक जो है यह वैसे तो देखो नेक्स्ट वाले टॉपिक में डिटेल में आएगा लेकिन आज के भी नॉलेज से आप इसको लगा सकते हो फिर आता है आपका लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन या फिर वोल्टेज ये सब आपके मोबाइल में पहले नेटवर्क आया करता था एलटी और वोल्टे का मैं बता ही रहा हूं कि कम्युनिकेशन वगैरह से भी इससे क्वेश्चंस बनते ही बनते हैं
यहां पर और देखो आप ये देखो ना कम्युनिकेशन ये लिखा हुआ है कि नहीं कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी आप बोलोगे सर डायरेक्ट तो नहीं लिखा है सिलेबस में लेकिन क्वेश्चन पूछता है जैसा मैं बोलता हूं तो देख लो साक्षात सबूत मैं आपको दे रहा हूं फिर यहां पर ऑगमेंटेड रियलिटी वर्चुअल रियलिटी इन सब की बात हो रही है तो डेफिनेटली इन सबके बारे में भी हम समझेंगे फिर हमारा डिजिटल सिग्नेचर क्या है इसको भी समझे हमारा यहां पर वियरेबल टेक्नोलॉजी वियरेबल टेक्नोलॉजी यार ये ये सब जो आप लोग पहनते हो ना फिटनेस ट्रैकर और जितनी भी वियरेबल
डिवाइस अब तो कपड़े भी आ रहे हैं वैसे रेबल डिवाइसेसपोर्ट इट इमेजेस और रिमोट सेंसिंग डाटा कहां-कहां पर इस्तेमाल होता है तो यहां पर आप देख सकते हो फिर उसके बाद यह आपका इंटरनेट ऑफ थिंग्स से रिलेटेड है आईओटी है ना जीओ नहीं है भाई है ना आईओटी है याद रखना कंफ्यूज मत हो जाना सीरीज पर पहुंच गए फिर देखो एक टेक्नोलॉजी है लाइफ आई एक टेक्नोलॉजी है बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन लगातार क्वेश्चंस आए हैं कितने क्वेश्चंस दिखा दूं मैं यह लो वाईफाई डिवाइसेज ब्लूटूथ डिवाइसेसपोर्ट जिसको हम लोग बोलते हैं वीपीएन यह सारी चीजें आप लोग बड़े
बेहतरीन तरीके से डिफाइन कर सकते हो अभी इस अद्भुत पिक्चर पर हम लोग वापस आएंगे सबसे पहले हम लोग कुछ बात कर लेते हैं सबसे पहले ना आपको मैं एक बेसिक इंफॉर्मेशन देना चाहता हूं कि व्हेन एवर वी आर टॉकिंग अबाउट द आईसीटी आईसीटी यह आखिरकार किस सीढ़िया का नाम है अगर आपसे कोई पूछता है तो आप क्या बताओगे भाई बताओ मुझे इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में क्या होगा आप सिंपली यह बोल सकते हो कि सर इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में हम लोग चार चीजों का होना बड़ा जरूरी समझते हैं और अगर यह चार चीज
जहां पर मिल जाएंगे उन्हीं के आदान प्रदान शेयर स्टोरेज इन सबको हम लोग क्या बोलेंगे इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी जैसे कि वो चार चीज कौन-कौन सी है सबसे पहला है आपका हार्डवेयर दूसरा है आपका सॉफ्टवेयर तीसरा है आपका डेटा चौथा है आपका नेटवर्क यह चार चीज यह चार चीज अगर मिल जाते हैं है ना यह चार चीज अगर मिल जाते हैं तो इनके समागम से इनके कॉमिनेशन से क्या बनता है भाई हमारा बनता है इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी अब ये चार चीज में क्या-क्या चीजें मैं आपको एग्जांपल देता हूं जस्ट टेक एन एग्जांपल कि अभी
हम लोग इस वीडियो को देख रहे हैं यह वीडियो को जिस डिवाइस पर आप देख रहे हो बी इट योर मोबाइल फोन बी इट योर लैपटॉप या फिर कोई टैबलेट जहां पर भी आप देख रहे हो दिस इज योर हार्डवेयर आप कहीं तो देख रहे हो इस चीज को है ना कोई तो सॉफ्टवेयर टूल इस्तेमाल कर रहे हो जैसे कि अमीर लोग भी हैं भाई अपने स्टूडेंट तो उन लोग के पास i होंगे और i पर आओ चल रहा होगा i वाला ऑपरेटिंग सिस्टम आपके पास लैपटॉप होगा तो विंडोज चल रहे होंगे उसमें या फिर
अगर मैकबुक हुआ तो वहां पर भी आईओएस चल रहा होगा मैक का कुछ अलग-अलग वर्जन जो भी आते होंगे तो पूरे के पूरे मतलब में है कि वह भी जो ऑपरेटिंग सिस्टम है इट सेल्फ ऑपरेटिंग सिस्टम इज अ सॉफ्टवेयर और कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम तो है उसके साथ-साथ आप यह वीडियो youtube.com पर देख रहे हो मतलब कि आप सबसे पहले एक Chromecast.com प्रदान नहीं हो रहा है है ना ऐसा कुछ है क्या तो देखो इसके लिए तो मैंने आपको जैसे अपना टेलीग्राम चैनल का भी लिंक दिया हुआ है कि यार
वहां पर आके मेरे से डाउट वगैरह पूछ लेना वहां पर आदान प्रदान हो जाएगा फिर है ना तो इंफॉर्मेशन का आदान प्रदान हो या फिर आप में से बहुत सारे लोग चतुर चिंटू बनते हैं वो लोग क्या करते हैं वीडियो सेव कर लेते हैं डाउनलोड कर लेते हैं तो वो क्या करते हैं डटा स्टोरेज पर भी ध्यान देते हैं तो वो डेटा को स्टोर भी कर लेते हैं लेकिन आप में से कई सारे लोग इसको सीधे-सीधे नेटवर्क पर देखते हैं मतलब कि नेटवर्क मतलब कि इंटरनेट की मदद से देखते हैं इंटरनेट की मदद से देख
रहे हो ना तो आखिरकार यह पूरा जो इंटरनेट की दुनिया यहां बिछी हुई है यह इट इज नथिंग बट नेटवर्क अब सोचो कि अगर यह नेटवर्क नहीं होता तो मैं आपको यह लेक्चर कैसे देता मैं आपको यह लेक्चर रिकॉर्ड करता और पेन ड्राइव में इसको अपलोड करता और आपके घर बाय पोस्ट भेज देता आप यह पेन ड्राइव अपने लैपटॉप या अपने मोबाइल फोन कहीं पर भी लगाते और वो लेक्चर देख लेते इसमें इंटरनेट या नेटवर्क की जरूरत नहीं ऐसा नहीं बोल सकते यहां पर भी नेटवर्क है ये जो आदान प्रदान करने का जो भी चैनल
होगा ना ये सब नेटवर्क ही कहलाएगा आप सोचो एक हाइपोथेटिकल कंडीशन लेते हैं कि मैं दिल्ली में बैठ के आपको पढ़ा रहा हूं बैठ के नहीं भाई खड़े हो के पढ़ा रहा हूं मैं पहली बात मैं बैठता नहीं हूं पढ़ाते टाइम दूसरा ये कि आप लोग मान लो पटना में बैठे हो है ना आप में से कोई भी आर अभिषेक का एग्जांपल ले लेते हैं चिंटू का एग्जांपल ले लेते हैं चिंटू जो है पटना में बैठ के मेरा लेक्चर देख रहा है तो पटना तक में मैं ना एक तार दौड़ा देता हूं यहां से अपने
कंप्यूटर में एक तार खोजता हूं और वो तार दौड़ा देता हूं पटना तक और पटना में वही तार जो है वह चिंटू के कंप्यूटर या लैपटॉप में लगा देता हूं अब यहां पर मैं कुछ भी अपडेट करूंगा तो यहां पर जो अपडेट करूंगा वो तार के माध्यम से वो वहां तक चला जाएगा तो एनी मींस ऑफ कम्युनिकेशन जो कि एक एक पर्टिकुलर जगह से दूसरे जगह पर वो डाटा को ट्रांसफर कर देता है उसके बीच में जो मैकेनिज्म होता है उसको हम लोग क्या बोलते हैं नेटवर्क बोलते हैं तो आई होप यू गेट एन आईडिया
कि ये नेटवर्क यार बहुत तरीके से हो सकता है है ना इट इज नॉट ऑलवेज अबाउट द इंटरनेट नेटवर्क कैसा भी नेटवर्क हो सकता है ये वायर्ड नेटवर्क हो सकता है यह पेन ड्राइव वाला जैसे मैंने ट्रांसफर बताया वो भी एक नेटवर्क है तो ऐसे कई प्रकार के नेटवर्क होंगे इनको भी हम आज पढ़ेंगे डोंट वरी तो मोटा मोटा अगर हमसे कोई पूछता है किय इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी क्या है तो मैं बोलता हूं कि देखो यहां पर जो डाटा है इ द डेटा इ स्टोर्ड इफ द डेटा इ स्टोर्ड या ट्रांसफर्ड ट्रांसफर्ड वाया अ
नेटवर्क वाया अ नेटवर्क इट विल बी टर्म्ड एज व्हाट इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन यहां पर डाटा को रिप्रेजेंट कर रहा है कम्युनिकेशन यहां पर नेटवर्क को रिप्रेजेंट कर रहा है और इन दोनों के बेहतरीन मिलाप से हम लोग इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की बात कर लेते हैं ठीक है तो एक बेसिक इंफॉर्मेशन तो यार हम लोग को मिल गई कि इंफॉर्मेशन में ये तीन चार चीजें हो रही है ठीक है ठीक है दिस इज ऑल यहां पर ना अब हम लोग को नेक्स्ट जो टॉपिक पढ़ना है वो पढ़ना है कि यार अच्छा ये तो
हमने देख लिया सुन लिया समझ लिया अब सर मुझे पहले तो ये बताओ कि इंटर इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में अभी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी क्या यह मजेदार वाली चीजें बताओ मेरे को मैं आपको सबसे पहला एग्जांपल दूंगा इसमें मेटा वर्स का सॉरी यहां पर मैं आपको सबसे पहले एग्जांपल दूंगा मेटा वर्स का यह मेटा वर्स क्या चीज है अरे यह कौन है पहचान रहे हो मैं नहीं हूं यार ये अपना चिंटू है यही तो है चिंटू चिंटू क्या कर रहा है अपने दोस्तों से बात कर रहा है यह उसके खास दोस्त है बाकी जो दो दो
दोस्त है इसका नाम तो वैसे अशोक लिखा हुआ है लेकिन कोई बात नहीं आप अभी के लिए इसको चिंटू ही समझ लो यह क्या है दिस इज मेटा वर्स अब ये मेटा वर्स क्या है यह एक प्रकार के कम्युनिकेशन का एक नया जरिया है मान लो कि मैं आपको टेलीफोन पर बात करता हूं या फिर मैं आपको वीडियो कॉल पर बात करता हूं या फिर मैं आपको मैसेज टप टप टप टप टाइप करके बात करता हूं इन सब सिचुएशन में हम लोग क्या कर रहे हैं इंफॉर्मेशन का आदान प्रदान कर रहे हैं इसी तरीके से
एक नयाब तरीका है जिसमें हम लोग ज्यादा से ज्यादा हम लोग क्या दिखाते हैं दिस इज ऑल अबाउट एन इमर्सिव टेक्नोलॉजी क्या है भाई ये ये एक प्रकार का इमर्सिव टेक्नोलॉजी है इमर्सिव टेक्नोलॉजी इसमें क्या होता है हाइपोथेटिकली जैसे आपको ना बहुत सिंपल सा एग्जांपल देता हूं आप लोग जब whatsapp-web लो कि आपका अवतार एक प्लेटफार्म पर चला गया और मेरा अवतार या फिर अगर मैं और चिंटू आपस में बात कर रहे हैं तो मैंने अपना अवतार एक यूनिवर्स में भेज दिया ऐसा यूनिवर्स जो कि मेटा टाइप का है मेटा यूनिवर्स है या फिर मेटा
वर्स है नॉर्मल यूनिवर्स नहीं है हमारा आपका नॉर्मल दुनिया नहीं है यह एक नई दुनिया है उस दुनिया में मैंने अपने अवतार को भेज दिया और उधर से चिंटू ने अपने अवतार को भेज दिया और फिर हम दोनों का अवतार बिल्कुल वैसे ही बिहेव कर रहा है जैसे कि हम लोग को हम मैं कर रहा हूं मैं अगर हाथ ऐसे सही ला रहा हूं तो मेरा अवतार भी ऐसे-ऐसे हाथ हिला रहा है इट इज लाइक अ सिमिलर कम्युनिकेशन मतलब एक एडवांस्ड वर्जन ऑफ कम्युनिकेशन है मतलब आप बोलोगे कि सर क्या ही बोलर इससे अच्छा तो
वीडियो कॉल कर लो आप इसको चिंटू को नहीं उसमें ना इमर्सिव टेक्नोलॉजी नहीं आएगी जैसे आप लोग बड़ी मूवी देखते हो उसमें मीटिंग चलती होती है 10 12 लोग की खतरनाक तरीके से तब से एक गोले सिक्के जैसे गोले में से एक टक टक टक टक टक टक होलोग्राम निकलता है बाहर और उसमें इंसान खड़ा होता है भाई साहब वो बॉस होता है वो सभी लोगों का क्लास ले रहा होता है है ना तो वो क्या है वो एक्चुअल में मेटा वर्स है मेटा वर्स इज एन इमर्सिव टेक्नोलॉजी इमर्सिव टेक्नोलॉजी का मतलब क्या है कि
आप अपनी स्क्रीन पर नहीं देख रहे हो उस चीज को आप एक्चुअल फीलिंग लेते हो कि अच्छा आजूबाजू में क्या चल रहा है यहां पर देखो जैसे यहां पर एक एनवायरमेंट क्रिएट हो रहा है ना एक कमरे के अंदर सब बात कर रहे हैं ना ये मान लो किसी का अवतार है ये किसी और का अवतार है सभी लोग एक दूसरे से बहुत इजली इंटरेक्ट कर पाएंगे दिस इज व्हाट मेटा वर्स इज नोन फॉर तो मेटा वर्स एक प्रकार का क्या है इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का एक नायाब तरीका है एक नया डेवलपमेंट है दूसरा
हम लोग इस तरीके से बोल सकते हैं एक और एडवांस्ड है जिसको हम लोग बोलते हैं सॉफ्टवेयर 2.0 आप बोलोगे सर सॉफ्टवेयर का तो नाम सुना था यह 2.0 जो चीज है यह क्या कोई नायाब चीज आ गई है क्या देखो मैं आपको समझाता हूं अगर मैं और चिंटू एक साथ मिलते हैं और बैठ के एक प्रोग्राम सॉफ्टवेयर को कोड करते हैं किसी में भी जावा सी प्लस प्स किसी लैंग्वेज में कोड कर देते हैं दिस विल बी नोन एस सॉफ्टवेयर 1.0 क्यों क्योंकि इसको इंसानों ने बनाया है लेकिन आजकल की दुनिया में यार मशीन
इतना ज्यादा एडवांस हो चुकी है कि मशीन भी अपने आप से सॉफ्टवेयर प्रोग्राम लिख सकती है मैं आपको एग्जांपल देता हूं जैसे कि मान लो आपको एक ड्राइवरलेस कार बनानी है ड्राइवरलेस कार बनाते टाइम पर आपको यह समझाना है कि भाई साहब तुम ना यह लाल बत्ती आए तो गाड़ी रुक जाना इंसानों ने प्रोग्राम बनाया लाल बत्ती आए तो गाड़ी को रोक देना फिर सामने से अगर कोई कार गाड़ी ऐसे अलग-अलग शेप साइज सब हमने बता दिया कि भाई देखो ऐसे ऐसे प्रकार कुछ भी आता है तो रोक देना हमारा ड्राइवरलेस कार तैयार है भाई
साहब उसको सड़क पर जो चीजें दिखेंगी सब बढ़िया से तैयार है लेकिन गलती क्या हुई हमने उसको येय भी समझाया कि भाई देखो सफेद रंग की पट्टी पर चलता है चलना है तुमको फॉलो करना है सड़क की लेकिन तब तक वह अपने गोरखपुर में आकर ट्रेवल करने लगा भैया और गोरखपुर में ना या गोरखपुर छोड़ते हैं रुको मैं बताता हूं आपको मान लो गाजियाबाद में ट्रेवल कर रहा है या फिर नोएडा में ट्रेवल कर रहा है जैसे ही आप दिल्ली से यूपी में घुसते हो आपको एकदम से पता चल जाता है क्यों क्योंकि आपको ना
बहुत सारे गाय भैस सड़क पर चलते दिखने लगते हैं अब अपने ड्राइवरलेस कार को गाय भैस का इंफॉर्मेशन ही नहीं है यार उसने ले जाकर ठोक दिया तो ये तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी हमारे योगी जी जो है वो तो बहुत ही नाराज हो जाएंगे कि आपने बहुत पाप कर दिया है गलत बात भी है यार आपने ऐसा टेक्नोलॉजी बनाए जिसमें आपने यही फीड नहीं किया तो इंडिया में आके तो वो लॉस में चला जाएगा ना वो तो खराब हो जाएगा नहीं यहां पर आएगा सॉफ्टवेयर 2.0 सॉफ्टवेयर 2.0 का मतलब ये है कि अब जो
आपका मशीन है आप मशीन को इस हिसाब से ट्रेन करो कि कोई भी सामने ऑब्जेक्ट आता है तो वो उसको आइडेंटिफिकेशन डाल के चेंज मेंज करके अपना फिर से प्रोग्राम रन कर ले सॉफ्टवेयर 2.2 इज द सिमिलर सॉफ्टवेयर दैट इज मेड बाय सम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन तो जो मशीन या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर डेवलप करता है फॉर एग्जांपल जैसे कि अभी भी आप चैट जीबीटी पर जाओगे ना चैट जीबीटी पर बोलोगे कि सर एक गेम है मेरे इस इस वाले वॉच में भी वो गेम है एक एक बत्तक है वो ना उड़ती रहती है उड़ती
रहती है उसको जैसे क्लिक करोगे उड़ जाएगी क्लिक करोगे उड़ जाएगी और उसके ऊपर नीचे से दो पाइप लगे रहते हैं उसके बीच-बीच में से उसको चलाना होता है ऊपर पाइप और नीचे पाइप से भिड़ गई तो बत्तक मर जाएगी ऐसे नॉर्मल गेम आपने उसको बताया कि भैया यही वाला गेम मेरे लिए कोड कर दो तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तुरंत ही चा जीबीटी आज के टाइम पर कोड करके दे देगा आपको तो जो उसकी कोडिंग होगी दैट विल बी नोन एज सॉफ्टवेयर 2.0 आई होप दिस इज क्लियर मोर देन क्लियर है ना यहां पर आप देख
सकते हो कि यहां पर जो आपका प्रोग्रामिंग जो है वो एक्सप्लीसिटली कोडेड बाय ह्यूमन है और यह उसी के डाटा पर आधारित अपने बेसिस पर प्रोग्राम डेवलप कर लेता है दूसरा जो है वो आपका डेवलपमेंट राइटिंग स्पेसिफिक रूल्स लॉजिक चाहिए होता है वो ट्रेनिंग मॉडल पर जितना डाटा दोगे उतना बढ़िया सॉफ्टवेयर डेवलप करके दे देगा तो इस तरीके से है बाकी चीजें उतना डिटेल में आपको ने की जरूरत नहीं है लेकिन हां सॉफ्टवेयर 2.2 का एक बेसिक इंफॉर्मेशन आपको मिल गया तीसरा जो है वो है आपका इंटरनेट ऑफ थिंग्स इंटरनेट ऑफ थिंग्स के बारे में
आप लोग फॉर श्यर जानते होंगे मेरे हिसाब से अभी भी आप लोग इंटरनेट ऑफ थिंग्स से कोई चीज इस्तेमाल कर रहे हो क्या बिल्कुल कर रहे हो भाई आज के जमाने में इंटरनेट ऑफ थिंग्स जो है वो आप लोग थोड़ा-थोड़ा इस्तेमाल करने लगे हो लेकिन शायद पूरा नहीं कर पा रहे होंगे जैसे कि मैं अगर अपना एग्जांपल बताता हूं अभी तक का जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स है वो ऑटोमेटेड नहीं है आगे चलके शायद ये ऑटोमेटेड भी हो जाए जैसे कि आज के टाइम पर मैं चैट जीबीटी 4.2 या फिर 3.5 से बातचीत कर सकता हूं
है ना कि और भाई चैट जीबीटी क्या हाल है तो बताएगी मेरे हाल तो बढ़िया है आपका क्या हाल है है ना तो हम बात कर सकते हैं अब मैंने उसको बोला कि चैट जीबीटी एक काम करना जब मैं कल सो के उठूं मेरा अलार्म जैसे ही बजे तुरंत ही उस टाइम पर मेरा गीजर ऑन कर देना है ना तो अब उसको समझ में आ गया कि द मोमेंट आई स्विच्ड ऑफ द अलार्म द गीजर विल बी ऑटोमेटिक स्विच्ड ऑन कैसे हो जाएगा ये क्योंकि मेरा जो गीजर है ना वो भी वाईफाई से कनेक्टेड है
मेरे मोबाइल फोन भी वाईफाई से कनेक्टेड है मेरा रेफ्रिजरेटर भी वाईफाई से कनेक्टेड है मेरा माइक्रोवेव ओवन में वाई-फाई से कनेक्टेड है अरे है नहीं यार एग्जांपल दे रहा हूं मेरे पास इतनी चीजें भी नहीं है है ना तो वो वो सारी चीजें जो है सब वाई-फाई से कनेक्टेड है एक हाइपोथेटिकल एग्जांपल दे रहा हूं है ना तो इंटरनेट ऑफ थिंग्स विल बी दैट हाइपोथेटिकल एग्जांपल इन प्रैक्टिकल वो सच में हो जाएगा द मोमेंट कि आप सो के उठे भाई साहब आपका गीजर ऑन हो गया आपका माइक्रोवेव से दो ब्रेड टोस्ट होके बाहर निकल गया
हालांकि ब्रेड तो टोस्टर में आपको रात में डाल के सोना पड़ेगा ताकि तभी तो वो गर्म करेगा ब्रेड अपने आप से थोड़ी बना देगा फिर इसी तरीके से कॉफी कॉफी मशीन रखा हुआ तो कॉफी वफी बन गई आप सोक साहब सो के उठ गए भाई साहब तुरंत ही उसके लिए चाय और ब्रेड तैयार है बिल्कुल है ना उसके बाद जैसे ही गीजर ऑन हुआ था मैंने अपने वॉशरूम का डोर क्लोज किया ही बाहर निकलकर तुरंत ही वहां पर सेंसर्स लगे हुए थे मेरा जो दीवाल है वो दीवाल नहीं है वो एक डिजिटल स्क्रीन है वहां
पर न्यूज़ फ्लैश होने लगे जो भी आज की बड़ी-बड़ी न्यूज़ है मेरा शेड्यूल क्या है कब से कब मेरी क्लास लगने वाली है सब वहां पर अच्छे से बता दिया जो इंपॉर्टेंट मैसेजेस आप लोग मेरी कार के मैप में यह आता है कि यार आज ना हैवी ट्रैफिक है रूट डाइवर्ट करना पड़ेगा जैसे मैंने रूट डाइवर्ट करने का ऑप्शन उसमें सेलेक्ट किया तुरंत ही मेरे ऑफिस में एक पर्सन को मेल चला गया कि आज ये साहब लेट आएंगे क्योंकि इनका रूट डाइवर्ट हो गया है तो आप अपनी मीटिंग्स को उस हिसाब से शेड्यूल करना ऑल
थिंग्स कैन बी ऑटोमेटेड जब ये सारी चीजें एक पर्टिकुलर इंटरनेट से कनेक्ट हो जाए और आपस में कम्युनिकेट करने लगे सब अपने आप में कंबाइन हो जाए इसी को हम लोग क्या बोलते हैं इंटरनेट ऑफ थिंग्स बोलते हैं सुनने में बड़ा मजा आता है यार लेकिन वही है पता होना चाहिए फिर नेक्स्ट हमारा क्या आता है नेक्स्ट हमारा आता है इसी तरीके से एक और फंडा है हमारा इसको हम लोग नेक्स्ट लेक्चर में और क्लियर पढ़ेंगे इस पर्सन को पहचानते कौन है ये जरा कमेंट सेक्शन में बताना मुझे बहुत शानदार इंसान है यह यह मैं
आपको समझा रहा हूं क्वांटम कंप्यूटिंग आप लोग हमेशा सुनते हो ना कि सर क्वांटम कंप्यूटर बनेगा क्वांटम कंप्यूटर बनेगा है क्या क्वांटम कंप्यूटर अरे वो लैपटॉप मोबाइल लैपटॉप जैसा नहीं दिखता ये है क्वांटम कंप्यूटर ये है भाई ये कंप्यूटर है है ना अब आप बोलोगे कंप्यूटर स्क्रीन तो दिख नहीं रही बटन तो दिख नहीं रहे लेकिन क्वांटम कंप्यूटर ऐसे ही काम करता है क्वांटम कंप्यूटर जो है इसको हम लोग नेक्स्ट लेक्चर में बहुत डिटेल में पढ़ेंगे अभी के लिए मैं आपको बस छोटी सी इंफॉर्मेशन दे देता हूं कि य जो देखो क्वांटम कंप्यूटिंग है या
क्वांटम कंप्यूटर्स है यह बेसिकली दो फंक्शन पर काम करते हैं एक होता है आपका सुपर पोजीशन और एक होता है आपका एंटेंगलमेंट यहां पर मैं लिख देता हूं एक होता है आपके लिए क्या सुपर पोजीशन यह पहला कांसेप्ट और दूसरा कांसेप्ट है एंटेंगलमेंट ठीक है सुपर पोजीशन और इंट एलमेंट में क्या अंतर होता है मैं आपको भी समझा देता हूं क्वांटम कंप्यूटिंग जो है ये बेसिकली क्यूबिट्स पर काम करते हैं किस पर काम करते हैं क्यू बिट्स पर नॉर्मली जो आप अपने नॉर्मल सिस्टम की बात करते हो वो तो बाइनरी लैंग्वेज में काम करते हैं
मतलब कि वो किसम काम करते हैं अगर मैं बोलू नॉर्मल सिस्टम किसम काम करते हैं नॉर्मली हम लोग बिट्स में काम करते हैं बिट्स जो है वो क्या होता है जीरो होता है या वन होता है है ना यही तो दो ही रूल तो होते है दो ही मतलब तो मतलब दो ही तो वैल्यूज हो सकते हैं उसके तो लिए यह वाला फंडा तो अपना नहीं चल पाएगा बिट्स जो है या तो हां या तो ना हो सकता है हां मतलब वन ना मतलब जीरो लेकिन जो क्यूबिट्स है ना ये बेसिकली चार वैल्यूज ले सकता
है क्यों क्योंकि किसी भी एक पर्टिकुलर टाइम पर इसके दो वैल्यू साइमल नियस एजिस्ट कर सकते हैं फॉर एग्जांपल फॉर एग्जांपल जैसे कि मैं आपको दिखाता हूं ये यह देखो भाई बस मेरे पास कुछ ना कुछ होना चाहिए चलो कुछ मिल तो नहीं रहा है लेकिन ये ले लेता हूं मान लेते हैं कि ये एक सिक्का है है ना ये एक सिक्का है अब इसके दो पहलू है एक हेड है और एक टेल है है ना अब मैंने इसको ऐसे रखा मैं बोला क्या है ये आप बोलो टेल है मैंने इसको पलट दिया आप क्या
है आप बोलो हेड है तो क्या यह सिक्का सिर्फ हेड और टेल हो सकता है मान लो कि मैं एक ऐसा मूवमेंट दिखाता हूं ये देखो जब तक यह हवे में था तब तक ये कौन से पोजीशन में था वो पता नहीं कौन से पोजीशन में था हेड भी हो सकता है टेल भी हो सकता है दोनों में से कुछ भी हो सकता है एगजैक्टली तो ये जब तक ये हवे में है ये अपने सुपर इंपोज्ड स्टेट पर है मतलब कि ये हेड और टेल कुछ भी हो सकता है तो ऐसे ही सुपर पोजड स्टेट
पर यह हमेशा रहता है क्वांटम तो यहां पर जो वैल्यूज है ना वो एक ही टाइम पर जीरो भी हो सकती है और वन भी हो सकती है एक ही टाइम पर कुछ इस प्रकार से मैं बोलने की कोशिश कर रहा था इसके अंदर चार वैल्यूज आते हैं हमेशा ये चार वैल्यूज आते हैं इसके हिसाब से ना यह सुपर पोजीशन स्टेट पर आने के साथ-साथ यह बात की तरफ इशारा करता है कि कभी भी कभी भी यह किसी भी पोजीशन को एक्वायर कर सकता है मतलब ये फ्यूचर के सॉल्यूशन को भी प्रेडिक्सी कंप्यूटर सिस्टम से
भी ज्यादा एडवांस हो गया है अरे यार ये तो मैं एकदम बराबर ही हूं इनके पूरा ढक गई ये तो भाई साहब ठीक है इसके सामने मैं ही आ जाता हूं एक फोटो ऐसे खींच लेना मेरी तो और डाल देना मेरे सामने मेरे टे ग्रा पर डाल देना ठीक है मजाक कर रहा था कोई बात नहीं है तो यह मैं बता रहा हूं आपको कि नॉर्मली सुपर पोजीशन का मतलब ये है कि ये एक ही जगह पर दोनों फेसेस में रह सकता है मतलब दोनों वैल्यूज को एक्वायर कर सकता है तो ये फ्यूचर के ना
बहुत सारी चीजों को प्रेट कर ल लेकिन मान लो अब मैं अपना कंप्यूटर सिस्टम उठा के ले आऊं और बोलूं कि भाई साहब तुम बताओ जरा x स् प्वा स् ् z स् इ टू दिस दिस दिस और इसकी वैल्यू फटाफट से निकाल दो उसमें हमारा सिस्टम जीत जाएगा क्योंकि मैथमेटिकल कैलकुलेशंस वो तेजी से कर सकता है क्वांटम कंप्यूटर इज बेसिकली व्हेन आपको एक बहुत बड़ा सा कॉम्प्लेक्शन निकालना चाहते हो जिसकी पॉसिबिलिटीज बहुत सारी हैं और उन पॉसिबिलिटीज को एक जगह कंप्रो मतलब कंप्रा इज करके एक सिंगल सॉल्यूशन देना है उन सब जगहों पर क्वांटम
कंप्यूटिंग हमारा बहुत अच्छे से काम आता है लेकिन ये सारे ऑपरेशंस को बहुत स्मूथली नहीं कर सकता हां फ्यूचर में कर सकता है अभी नहीं कर पा रहा है इसका जो दूसरा दूसरा जो प्रॉपर्टी है वो इंटल मेंट इंटल मेंट का मतलब क्या है कि अगर एक जीरो है और दूसरा वन है तो ये जीरो इस वन से रिलेटेड है है ना ये जीरो इस वन से हमेशा रिलेटेड है ये एक ऐसा पोजीशन है कि जैसे ही अगर एक जीरो है तो दूसरा वन हो रहा है तो अगर दूसरा वन हो जाएगा तो पहला जीरो
हो जाएगा ये भी एक पोजीशन है मतलब इंटल मेंट का मतलब क्या है कि बोथ द डिजिट्स या फिर जो भी सुपर इंपोज्ड हैं सुपर इंपोज्ड सुपर इंपोज डिजिट्स आर रिलेटेड क्या मतलब है जैसे आपको एक ना बड़ा ही सस्ता सा एग्जांपल देता हूं मैं हमेशा देता हूं बच्चे बड़े खुश होते हैं कि अपने चिंटू को उठाते हैं चिंटू अपनी महिला मित्र के साथ बढ़िया रसगुल्ले की दुकान पर जाता है है ना पूछता है अपनी महिला मित्र से कि क्या पसंद है तो बोलती मुझे गुलाब जामुन पसंद है अरे यार मुझे तो रसगुल्ला पसंद है
कहा कोई बात नहीं भैया 250 ग्राम रसगुल्ला 250 ग्राम गुलाब जामुन पैक कर देना अब उस भाई साहब ने दोनों पैक कर दिए बिल्कुल आइडेंट कल डब्बे में और चिंटू भैया को दोनों एक साथ पकड़ा दिए गए यह लोई अब चिंटू और उनकी महिला मित्र दोनों कंफ्यूज कि किसमें गुलाब जामुन है किसम रसगुल्ला है तो अब ये बात पता नहीं है लेकिन उन्होंने डिसाइड किया था कि साथ बैठ के खाना नहीं है कहीं घर जाके खाएंगे अब मान लेते हैं कि इनके महिला मित्र जो है ना इनका घर थोड़ा दूर था तो चिंटू तो अपने
घर पहुंच गए तुरंत ही और इनकी महिला मित्र चलो किसी ना किसी तरीके से पहुंच गई इन लोगों ने फोन उन पर बात किया कि ठीक है अब अब डब्बा खोलने का समय आ गया खोलते हैं द मोमेंट चिंटू ओपेंड द डब्बा उनको ला अरे या मेरे पास तो गुलाब जामुन आ गया मतलब उसके महिला मित्र के पास रसगुल्ला चला गया होगा अरे यह इंफॉर्मेशन तो लाइट की स्पीड से भी तेज चली गई कैसे पता चल गया चिंटू को क्योंकि ये दोनों आपस में कनेक्टेड थे ना पहले ही तो दोनों आपस में इंटैंगल्स अगर महिला
मित्र को हम दूसरे प्लेनेट पर भेज देंगे तब भी यह बात तुरंत ही पता नहीं चल जाएगी कि अगर एक के डब्बे में जो मिल रहा है व दूसरे डब्बे में क्या है तुरंत पता चल जाएगा सेम टू सेम दूसरे के साथ भी ऐसा ही होगा तो कम्युनिकेशन बिल्कुल इंस्टेंट नहीं हो गया यही है इंटैग मेंट इंटैग मेंट में क्या होता है कि कोई भी सुपर इंपोज्ड ऑब्जेक्ट मान लीजिए कोई भी दो ऑब्जेक्ट है उनको कितना भी डिस्टेंट अपार्ट कर दीजिए इफ दे आर इंटैंगल्स मतलब है कि इनकी एक वैल्यू दूसरे वैल्यू पर निर्भर करती
है ये दोनों आपस में इतना कनेक्टेड है इतना कनेक्टेड है कि इसको कितनी भी दूर ले जाओगे ये दोनों आपस में सेम ही इंफॉर्मेशन शेयर करते हैं लगता है जैसे कि कोई करिश्माई ताकत इन दोनों को जुदा करने से रोक रही है है ना तो ऐसा ही होता है ये टंगल मेंट तो इसीलिए चाइनी चाइनीज गवर्नमेंट या फिर चाइनीज टेक्नोलॉजी ने इसी क्वांटम टंगल मेंट का इस्तेमाल करके कम्युनिकेशन चैनल एस्टेब्लिश करने की बात की है जो बहुत ही तेजी से और इसको हैपर करना मतलब इसको ना टैप करना या इसको क्या बोलते हैं हैक करना
बड़ा ही मुश्किल हो जाता है तो तो यह हो गया आपका सुपर क्वांटम कंप्यूटर नेक्स्ट सिमिलरली आपका ऐसे ही एक और फंडा आता है जिसको हम लोग बोलते हैं ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इसको हम लोग नेक्स्ट लेक्चर में पढ़ेंगे है ना डिटेल में पढ़ेंगे बस अभी के लिए मैं आपको एक ना एक सॉल्यूशन दे देता हूं एक जनरल इंफॉर्मेशन दे देता हूं कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इज अ वे ऑफ कम्युनिकेशन सिंपल सा मतलब समझना आप कि ब्लॉकचेन टे टेक्नोलॉजी इज़ अ सिक्योर्ड वे ऑफ़ कम्युनिकेशन सिक्योर्ड में क्यों बोल रहा हूं क्योंकि इसको आप हैपर नहीं कर सकते द
मोमेंट यू विल हैक दिस नेटवर्क यह अपनी इंफॉर्मेशन ही बदल देगा मान लो कि आपने मुझे लिख के भेजा ऐसा मैसेज है ना क् ये ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से आपने मुझे लिख के भेजा कि सर योर लेक्चर आर ऑसम है ना है ही ऑसम यार बोलने की चीज ही नहीं है वैसे फिर भी अगर आपने लिखा कि योर लेक्चर आर ऑसम और ये आप मुझे मैसेज भेज रहे थे तब से बीच में किसी ने इसको हैक कर लिया द मोमेंट इट हैक्ड इट मैसेज ही चेंज हो जाएगा मैसेज जो बोल रहा था कि सर योर लेक्चर
आर ऑसम अब वो बोलेगा अ कुछ भी बोल देगा अब उसको क्या ही समझ में आएगा वो इसका मतलब ये है कि ये जो ब्लॉक्स होते हैं इन ब्लॉक्स में आप इंफॉर्मेशन डालते हो और इन ब्लॉक्स के इंफॉर्मेशन को आप एक चेन के थ्रू कनेक्ट करते हो तो यह इस डब्बे में ना इसका भी इंफॉर्मेशन होगा इस डब्बे में इसका भी इंफॉर्मेशन होगा थोड़ा सा इस डब्बे में इसका भी इंफॉर्मेशन होगा तो सब आपस में कनेक्टेड है आप किसी भी एक डब्बे पर अगर टैप करके इसकी इंफॉर्मेशन जानने की कोशिश करोगे तो जैसे ही इसका
इंफॉर्मेशन आप देखोगे यह भी चेंज हो जाएगा ये भी चेंज हो जाएगा यह भी चेंज हो जाएगा आगे पीछे सब चेंज हो जाएगा तो आप इसको एक तरीके से हैक कर ही नहीं सकते हो है ना ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इज दैट टेक्नोलॉजी अब इस इसके फर्द डिटेल में हम लोग नेक्स्ट लेक्चर में आएंगे और समझेंगे कि ये एक्चुअल में पूरा काम कैसे करता है अभी के लिए बस आप ये समझ लेना कि ये आईसीटी का वन ऑफ द फेवरेट पोर्शन हो सकता है नेक्स्ट आपका जो टॉपिक आता है वो आता है सुपर कंप्यूटर्स कहां लिख दूं
यहां लिख देता हूं क्या है भाई ये सुपर कंप्यूटर्स आपसे कोई पूछे कि ये सुपर कंप्यूटर है क्या आपको मैं बहुत स सस्ता एग्जांपल देता हूं आपके मन में तुरंत सुपर कंप्यूटर की सारी भावनाएं बैठ जाएंगी जैसे कि मान लो मैंने चिंटू का लैपटॉप मंगाया मैंने कहा चिंटू भाई एक काम करर तुम्हारे गांव में कितने लोग रहते हैं उसने बोला सर लगभग यही 5000 लोग रहते हैं मैंने कहा ठीक हैय तुम्हारे 5000 लोग जो है ना एक एक्सेल शीट बनाओ जिसमें उनका नाम उनका एड्रेस उनका एज उनका वर्क और उनका आधार कार्ड का नंबर ले
लेना और उनकी सैलरी ले लेना और उनका क्वालिफिकेशन ले लेना ये सात आठ चीज लेके 5000 लोगों का डाटा कंपाइल करके मुझे दे दो चिंटू इज मोर देन हैप्पी कि सर इसके लिए तो मुझे पैसे भी मिलेंगे मैंने कहा बिल्कुल मिलेंगे भाई तो चिंटू फटाफट से सबके घर घूम घूम के पूरा डाटा बनाक मुझे दे देता है लेकिन इसमें हेल्प किसने की वो कंप्यूटर के हेल्प से किया उसने मैं अब चिंटू को बोलू कि चिंटू भाई एक काम करो यार यह जो तुमने डाटा बनाया बहुत शानदार बनाया यार तो अपने देश में कितनी आबादी है
बोलेगा सर यही लगभग लगभग 140 करोड़ के आसपास लोग हैं मैंने कहा सबका बना दो चिंटू पहले ही अपने हाथ खड़े कर लेगा सर नहीं हो पाएगा मेरा छोड़ो यह सिस्टम नहीं काम कर पाएगा सर ये 5000 डाटा तो इसने मुश्किल से उठाया है आप बोल रहे हो कि इसी में मैं 140 करोड़ का डाटा डालूं इतना डाटा तो ये मिला ही नहीं पाएगा ये तो मैंने आपको बहुत ही सस्ता चिकट सा एग्जांपल दिया है है ना लेकिन सुपर कंप्यूटर कुछ ना कुछ ऐसा ही है तो मैं मैं चिंटू को सलूशन दूंगा कि चिंटू एक
बात बताओ तुम्हारे कितने दोस्त हैं कहा अरे सर दोस्त की कमी ही नहीं है जिंदगी में मैं तो जितन से मिलता हूं सब मेरे दोस्त बन जाते हैं मैंने कहा तुम एक बात बताओ अगर उन सबसे बोलोगे कि अपना अपना कंप्यूटर लेके आओ कुछ काम है इंपॉर्टेंट तो सब आ जाएंगे तो बिल्कुल आ जाएंगे सर मैंने कहा ठीक है एक काम करो तुम अपने हजार दोस्तों को बुला लो और सारे हजार दोस्तों के कंप्यूटर को एक साथ जोड़ दो तार के साथ में ऐसा जोड़ो कि सबका सीपीयू कनेक्ट होक एक बड़ा सीपीयू जैसा काम करने
लगे उसने बोला डन इंस्टेड सर आपने बोला मैंने किया चिंटू गया हजार लोग को बुलाया उन सबके सिस्टम्स को कनेक्ट किया तार से और उन सबका एक डिस्प्ले में एक डेस्कटॉप पर लेके बैठ गया वो नाउ द कॉमिनेशन ऑफ दिस 1000 कंप्यूटर्स विल बी टर्म्ड एज अ सस्ता सुपर कंप्यूटर है ना बिल्कुल झंडू छाप सुपर कंप्यूटर है लेकिन है सुपर कंप्यूटर क्योंकि इसकी प्रोसेसिंग स्पीड है खतरनाक हो चुकी है भाई साहब ऐसा ही सेम टू सेम सुपर कंप्यूटर मतलब यही चीज है सुपर कंप्यूटर जैसे कि यह देखो दुनिया का सबसे बड़ा सुपर कंप्यूटर है भाई
ये सुपर कंप्यूटर ही दिख रहा है आपको इसमें भी कई सारे सीपीयूज को हमने क्या किया है तार के माध्यम से जोड़ दिया है मतलब कि इतना भी सिंपल नहीं है जितना आपको मैं बता रहा हूं इट्स अ कॉम्प्लेक्टेड ये तो एक फ्लोर पर आप देख रहे हो भाई साहब कितना सारा ऐसा लखा हुआ है लेकिन ऐसे कई सारी चीजें और भी है है ना कई सारी चीजें हैं तो यह सारी की सारी चीजें आपको किसमें दिख रही है सुपर कंप्यूटर में दिख रही है और इस सुपर कंप्यूटर का नाम क्या है इसका नाम है
फ्रंटियर फ्रंट यर फ्रंटियर यह फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर है पूरे वर्ल्ड का कहां पर मिलेगा बता सकते हो अरे ओबवियस सी बात है यार यह कहां का होगा यूएसए का होगा क्या चाइना सोच रहे थे क्या नहीं नहीं चाइना के पास भी ठीक-ठाक सुपर कंप्यूटर है लेकिन मतलब एक लिस्ट आती है एक्चुअल में टॉप 500 की हर साल पब्लिश होती है मे मंथ में पब्लिश होती है हर साल तो अभी 2024 की बात करें 2023 में ना बड़ी खुशी का फौ हारा मिला था हम लोग को क्यों क्योंकि जिंदगी में पहली बार हमारा कोई हमारे खुद
के देश का कोई सुपर कंप्यूटर जो है वो टॉप 100 की लिस्ट में पहुंच गया था 75th पोजीशन पर लेकिन 2024 का डेटा आया है आपकी किताब में शायद पुराना डाटा लिखा है आप उसको करेक्ट कर लेना जो 2024 का डाटा आया इस वाले म में वो ना उसमें इंडिया वापस से पछे चला गया भाई 100 के बाहर चला गया तो सिस्टम तो वही है डेस्कटॉप मतलब अपना सुपर कंप्यूटर तो वही है लेकिन पीछे चला गया तो फ्रंटियर जो है वो यूएसए का है और यह दुनिया का सबसे ज्यादा तेज काम करने वाला सुपर कंप्यूटर
है एक्चुअल में जो इनकी स्पीड होती है ना इनकी स्पीड को हम लोग मेजर करते हैं किसमें हम लोग मेजर करते हैं फ्लॉप्स में फ्लॉप्स यह फ्लॉप्स क्या यह है फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड ठीक और यूजुअली जो इन लोग की स्पीड होती है उसको हम लोग पेटा फ्लॉप्स में मेजर करते हैं पेटा फ्लॉप्स में जिसको हम लोग बोलते हैं पी फ्लॉप्स पेटा जो होता है पेटा पेटा इज समथिंग 10 रे टू पावर 15 के नेचर का तो आप समझ सकते हो जैसे वही बिट बाइट किलोबाइट मेगाबाइट गीगाबाइट राबाइट वैसे चीजें होती हैं वैसे ही
समझ लो यह भी फ्लॉप्स जो है वो उनकी स्पीड को मेजर कर रहा है और वो फ्लॉप्स जो है वो पेटा फ्लॉप्स के टर्म में आता है तो ये कितने पेटा फ्लॉप होगा अभी बताऊंगा आपको सब चीज तब तक आप और देखो ये है यह आपका है रोरा रोरा भी आप देखो वन ऑफ द बिगेस्ट बोल सकते हो सेकंड थर्ड पोजीशन प है रोरा और इसके बाद आप देखो ये यह आपका ईगल यह सब सुपर कंप्यूटर्स हैं और सब सुपर कंप्यूटर आप देख सकते हो सब वैसे ही हैं सब में खूब सारे सीपीयू और तार
से जोड़ दिए गए हैं तो ईगल रोरा और फ्रंटियर यह तीनों यूएसए के टॉप थ्री पोजीशन के इस दुनिया के टॉप थ्री फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर्स हैं अ बोलो सर ये सब छोड़ो अपने इंडिया का बताओ आप लो भाई इंडिया का भी देखो इंडिया का है ये भैया रावत रावत किसका नाम है भाई वैसे तो हमारे हिंदू माइथोलॉजी के हिसाब से एक हाथी होता है रावत बट दिस इज इंडियाज फास्टेस्ट इंडियाज फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर एरावत ठीक है रावत यहां लिखा है लिख दूं यहां पर भी लिख देता हूं एरावत अच्छा देखने से लगता
नहीं कि यार थोड़ा देसी टाइप का लग रहा है ना ये पंखे पंखे लगा के ठंडा वंडा कर रहे हैं बाकी जगह तो पंखे अंखे दिख नहीं रहे थे तो है अपना कुछ देसी जुगाड़ हमेशा रहता है कि यार एसी वसी तो नहीं लगा पाएंगे ज्यादा ये पंखे पंखे भी लगा दो साथ में तो ये ना टॉप 500 की लिस्ट आती है वही लिस्ट की मैं जो बात कर रहा था ये अभी हाल फिलहाल 2024 की लिस्ट का है इसमें आप देख सकते हो कि पहले नंबर पर है आपका फ्रंटियर दूसरे नंबर पर है रोरा
तीसरे नंबर पर है ईगल और ये तीनों के तीनों यूनाइटेड स्टेट्स के हैं चौथे नंबर पर आपको जापान का सुपर कंप्यूटर फुगाकू मिलता है और पांचवें नंबर पर आपको लूमी मिलता है फिनलैंड का और छठवें नंबर पर आपको मिलता है एल्प्स तो इतनी सारी चीजें जब आप देख रहे हो एल्प्स शायद पता नहीं कहां का है एल्प्स स्विटजरलैंड का है शायद या पता नहीं एक बार इसको चेक करना पड़ेगा मुझे कहां का है यह मैं भूल गया वैसे इतना आपको याद भी नहीं करना है आपको टॉप थ्री ही याद करने हैं टॉप थ्री बहुत ज्यादा
हो सकता है तो जापान अब इसमें जो चाइना है ना चाइना टॉप 10 में कहीं पर भी नहीं है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि टॉप 10 में चाइना के पास सुपर कंप्यूटर ही नहीं है चाइना के पास है और इनफैक्ट 20222 तक वो अपने बड़े ही लीडिंग पोजीशन पर था अचानक से एक साल में क्या हुआ कुछ हुआ नहीं बस चाइना ने टॉप 500 की लिस्ट में अपने सुपर कंप्यूटर को इनरोल करना बंद कर दिया हम नहीं भेज रहा यार तुम अपना लिस्ट विस्ट निकालो हमसे नहीं मतलब है हम अपना चला लेंगे अगर इंडियन
लेवल पर बात किया जाए इंडिया के पर्सपेक्टिव में बात किया जाए तो यह दो कंप्यूटर है आप देख सकते हो सबसे पहला 110 पोजीशन पर है रावत और उसके बाद अपना 185 पोजीशन पर है परम सिद्धि एआई क्या है भाई परम सिद्धि एआई लेकिन अब जरा अगर इनकी स्पीड मेजर करो ये जो है ये आपके 1200 पेटा फ्लॉप्स के आसपास का है ये आपके 1000 पेटा फ्लॉप्स का है ये आपका 550 के आसपास ये 450 के आसपास ये भी 400 के आसपास लेकिन वही अपना देखो अपना है 885 पटा फ्लॉप है ना और ये अपना
सुपर सबसे फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर है तो अगर कंपेयर करो तो अभी भी हम लोग बहुत पीछे हैं बट स्टिल हमारा इतना काम हो जा आता है इन सब चीजों को हमने बिल्ड करने के लिए एक मिशन चलाया था जिसको हम लोग अच्छा एक चीज मैं आपको बता देता हूं उस मिशन से पहले कि हमारा जो सबसे पहला फर्स्ट सुपर कंप्यूटर था क्या है भाई फर्स्ट सुपर कंप्यूटर इसका नाम था परम 8000 और ये कब बना था पता है ये बन गया था 1992 में ही 1991 1992 में बन गया था तो यह अपना यार पहला
है और यह उस टाइम की बात है जब यूएसए ने सुपर कंप्यूटर की टेक्नोलॉजी देने से इंडिया को साफ मना कर दिया था कि भैया तुम लोग बम बम बना देते हो हम नहीं दे रहे तुमको यह टेक्नोलॉजी और फालतू के ऐसे कई सारे सैंक्शन लगाने की बात हो रही थी तो इंडिया ने बोला कि भाई साहब जाओ तेल लेने हम खुद ही बना देंगे तो एगजैक्टली यहां पर ना एक एक ऑर्गेनाइजेशन का फॉर्मेशन होता है जिसको हम लोग बोलते हैं सीडैक सीडैक अभी इसके बारे में हम और पढ़ेंगे इसके साथ-साथ एक और बॉडी आती
है जिसको हम लोग बोलते हैं आईआईएससी बेंगलोर यह तो नाम आप लोगों ने सुना ही होगा इनका बैंगलर तो इन दोनों को ना ये दीज बोथ आर द इंप्लीमेंटिंग एजेंसी क्या है भाई इंप्लीमेंटिंग एजेंसीज इंप्लीमेंटिंग एजेंसीज इंप्लीमेंटिंग एजेंसीज है जिसको कि नेशनल सुपर कंप्यूटिंग मिशन को आगे बढ़ाने का पूरी जिम्मेदारी दी गई है है ना तो अब यह मिशन क्या है वह एक बार देख लेते हैं यह है नेशनल सुपर कंप्यूटिंग मिशन यहां पर अगर आप इनके ऑब्जेक्टिव्स की बात करोगे तो यह बेसिकली इंडिया की कैपेबिलिटी को एनहांस करना चाहते हैं जिससे कि नेशनल और
ग्लोबल लेवल के सभी प्रॉब्लम्स को हम रिजॉल्व कर सके रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी स्टेट ऑफ द आर्ट टेक्नोलॉजी को डेवलप करने के लिए सुपर कंप्यूटर की जरूरत पड़ती है फॉर एग्जांपल जैसे मान लो आपका वेदर फॉर कास्टिंग है है ना अगर आपके एप्लीकेशंस की बात करें इसमें तो मान लो आपके वेदर फॉर कास्टिंग की बात है आप सबको पता है कि हमारे पास वेदर सेटेलाइट्स तो होते ही हैं लेकिन वेदर सेटेलाइट्स तो सिर्फ डेटा इकट्ठा करते हैं उन डाटा को पूरा कंपाइल करके प्रिडिक्शंस कौन देता है सुपर कंप्यूटर्स देते हैं मान लो कि आप किसी भी
न्यू मेडिसिन पर रिसर्च कर रहे हो तो न्यू मेडिसिन के रिसर्च पर कोई भी आउटपुट कैसा आएगा ह्यूमन ह्यूमन इवोल्यूशन के बेसिस पर अगले 10 साल में कितना कारगर होगा ऐसे कॉम्प्लेक्शन को सॉल्व करने के लिए कौन आता है सुपर कंप्यूटर सिमिलरली आप बोल सकते हैं जैसे कि आप मान लो कुछ भी और मान लो कि सीस्मिक एनालिसिस करना चाहते हो आप है ना सिमिक एनालिसिस करना चाहते हो तो इन सभी चीजों के लिए जो भी ऐसे कॉम्प्लेक्शन है जिसमें सिर्फ मैथमेटिकल कैलकुलेशंस ही नहीं है कुछ भी है जैसे कि सबसे बड़ी चीज क्या है
जैसे कि मान लो आज के डेट में बहुत ज्यादा जो इस्तेमाल होता है वह होता है बिग डाटा बिग डाटा एनालिसिस या फिर बिग डाटा एनालिटिक्स इसमें जो है अरबों खरबों लोगों के डाटास प्रेजेंट होते हैं या फिर अरबों खरबों तरीके के डाटास होते हैं उन सभी से जेनुइन इंफॉर्मेशन निकालकर उसको एक सीक्वेंस में बिल्ड करना और मीनिंगफुल इंफॉर्मेशन एक्सट्रैक्ट करना जैसे कि आज हम लोग बोलते हैं ना कि यार सारा डेटा इस्तेमाल कर रहा है whatsapp-web स्टडीज हम लोग ब्लैक होल की स्टडी कर रहे हैं ब्लैक होल या फिर डिस्टेंट गैलेक्सी की स्टडी कर
रहे हैं तो इन सबके डाटास को प्रॉपर फॉर्मुले करता कौन है सुपर कंप्यूटर करता है है ना तो ऐसे ही कई सारे कंप्यूटर्स हमारे डिफरेंट डिफरेंट आईआईटीजी में इन सब जगह पर रखे हुए हैं और वहां पर यह सब के सब एक सिस्टम है एक सिस्टम है जिसको कि हम लोग बोलते हैं क्या जिसको हम लोग बोलते हैं एन के एन कहां लिख दूं यार यहां पर अलग पेन से लिख देता हूं कि ऑल सुपर कंप्यूटर्स ऑल सुपर कंप्यूटर अच्छा ये हैं कितने पहले यह देख लो आप लोग ये टोटल अगर देखा जाए आज के
डेट में नेशनल सुपर कंप्यूटिंग में मिला ले तो हमारे पास कुछ ऐसे हैं जो कि एक पेटा फ्लॉप से ज्यादा हैं और यह ऐसे टोटल एक पेटा फ्लॉप से ज्यादा होने वाले कितने हैं सात सुपर कंप्यूटर हैं फिर 500 टेरा फ्लॉप्स और एक पेटा फ्लॉप्स के बीच वाले आठ सुपर कंप्यूटर हैं और 500 टेरा फ्लॉप के भी नीचे वाले 13 सुपर कंप्यूटर में टोटल मिला के देखा जाए तो हमारे पास आज की डेट में 28 सुपर कंप्यूटर्स हैं यह जो 28 सुपर कंप्यूटर अगर इनके सारे के सारे पावर्स को आप मिला दोगे तो वो पहुंचेगा
एप्रोक्सीमेटली 24 पेटा फ्लॉफ है ना सब के सब ये हाई परफॉर्मिंग हाई परफॉर्मिंग मशीनस है है ना और हाई हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मशीनस है और यह सारे के सारे जो भी मैं अभी आपको बताने कोशिश कर रहा था कि नॉर्मली यहां पर क्या हम लोग बात कर रहे थे कि यह सारी की सारी जितने भी जितने भी मशीनस हैं यह एक्चुअल में इनके इंप्लीमेंटिंग एजेंसीज के साथ-साथ हम यह देख रहे हैं यार मैं क्या बोल रहा था मैं ही भूल गया यहां पर मैं आपको क्या समझाने की कोशिश कर रहा था जो मैंने बोला कि
अभी मैं आगे आपको समझा देता हूं ऐसा तो कुछ था नहीं चलो अच्छा याद आएगा तो मैं आपको बता दूंगा है ना कोई बात नहीं है कि ये टोटल नंबर ऑफ जो सुपर कंप्यूटर्स है आप देख सकते हो कि ये 28 ही सुपर कंप्यूटर हैं एक्चुअल में जो नेशनल सुपर कंप्यूटिंग मिशन जब आया था ना तो हम लोगों ने डिसाइड किया था कि 2022 तक एप्रोक्सीमेटली 73 सुपर कंप्यूटर्स हम बना देंगे बट ऐसा हो नहीं पाया तो हम लोग अलग-अलग फेसेस में अब इनको असाइन करने की बात कर रहे हैं फिलहाल के लिए इसमें आप
लोग ध्यान देना कि इसमें दो बॉडीज हैं अगर आप बोलोगे कि जॉइंट स्टेयरिंग अगर आप बोलते हो जॉइंट स्टेयर्ड जॉइंट स्टेयर्ड बाय बाय दो बॉडीज हैं एक है आपके लिए डीएसटी या फिर दोस्ती भी लिखते हैं बहुत सारे लोग डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और दूसरा है आपके लिए मीटी है ना मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तो उसके वजह से यह सारे के सारे जो है ये दो ऑर्गेनाइजेशंस जॉइंट स्टियर करते हैं और इंप्लीमेंट कौन करता है हमारा सीडेक और आईसी बैंगलोर इतनी बात अगर आपकी हो गई नेशनल सुपर कंप्यूटिंग मिशन
में अब हां अच्छा याद आ गया मुझे क्या बोलना चाह रहा था मैं यह सारे के सारे जो 28 सुपर कंप्यूटर है ना दे ल आर कनेक्टेड बाय दे ऑल आर कनेक्टेड वाया अ नेटवर्क उस नेटवर्क को हम लोग क्या बोलते हैं उसको बोलते हैं एन के एन यह क्या है आपका यह आपका नेशनल नॉलेज नेटवर्क इससे होगा क्या तभी तो हम बोल पा रहे हैं कि हमारे पास टोटल 24 पेटा फ्लॉप के आसपास का कंप्यूटिंग डिवाइस बन चुका है क्योंकि ये सारे के सारे आपस में भी कनेक्टेड है है ना एक नेटवर्क के थ्रू
जिसको हम लोग बोल रहे हैं अलग-अलग जगहों पर है हर जगह तो इसी तरीके से आप देख सकते हो कि नेशनल नॉलेज नेटवर्क इसके बारे में भी आपको पता होना चाहिए फिर हमारा पूरा अगला ही टॉपिक आता है मतलब हम लोगों ने अभी तक जितने भी रिसेंट डेवलपमेंट्स है उनको हम लोगों ने अच्छे से पढ़ लिया अब हमारा जो अगला टॉपिक आता है डिस्कशन का वो आता है वेरियस डिस्प्ले स्क्रीन है ना वेरियस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी हम लिखते हैं इस चीज को यहां पर हम क्या लिख रहे हैं वेरियस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी क्या है यह वेरियस डिस्प्ले
टेक्नोलॉजी जरा देखते हैं यह टीवी याद है बचपन में होती थी पता नहीं आप लोग के टाइम पर थी कि नहीं मेरे टाइम पर थी बहुत बड़ी सी होती थी यार ये पीछे तो इतना होता था कि भाई साहब एक इंसान को इसके अंदर भर दो वो अकडू मुकू होके बैठ भी जाए इस डब्बे के अंदर इतना बड़ा होता था ये तो इसमें होता क्या था इसमें ना ये तीन कलर के इलेक्ट्रॉन गंस होते थे और ये तीन कलर के इलेक्ट्रॉन गंस यहां पर जो स्क्रीन लगी होती थी इस स्क्रीन के ऊपर ना फास्फोरस कोटिंग
होती थी क्या होती थी फास्फोरस कोटिंग होती थी ये जिस भी लाइट से जब वो गन इस पर इलेक्ट्रॉन गन थी ये सारे के सारे जैसे ही जिस इलेक्ट्रॉन को ये प्रिंट करती वो उतने कलर में वो उतने कलर में इल्यूमिनेट हो जाते थे ठीक है तो हमारी सारी पिक्चर वैसे दिखती थी लाइन से दिखेगी कि पहले यह वाला लुमिनेट होगा फिर ये फिर ये फिर ये फिर ये फिर ये फिर ये पूरा ऐसे लाइन से जाएगा फिर ये वाला लाइन लुमिनेट होगा फिर ये वाला लाइन लुमिनेट होगा फिर ये ये ये ये ये करते
करते पूरा एक स्क्रीन इलुमिया ये एक एक स्क्रीन की एक फोटो लुमिनेट हुई है अब सिमिलरली एक सेकंड में एक सेकंड में ऐसे कम से कम 30 टाइम्स क्या बोल रहा हूं मैं 30 टाइम्स इलुमिनाटी होती थी क्यों क्योंकि एक्चुअल में हम लोग 30 फ्रेम्स पर सेकंड की वीडियो को देख रहे हैं 30 एफपीएस बोलते हैं हम इसको 30 फ्रेम्स पर सेकंड मतलब कि एक सेकंड में 30 फोटो फ्रेम्स फटाफट फटाफट से आएंगी और वो भी आप देख सकते हो कि एक सेकंड में ये एकएक पिक्सेल को पहले इधर इधर इधर भरेगा फिर इधर इधर
इधर भरेगा जैसे कॉपी में लिखते हो ना आप लोग वैसे ये भी आपका लेफ्ट टू राइट लेफ्ट टू राइट लेफ्ट टू राइट पूरा भरेगा ये जब पूरा कंप्लीट हो जाएगा तो एक फोटो कंप्लीट हो जाए एक फ्रेम कंप्लीट हो जाएगा फिर उसके बाद दूसरा फ्रेम आएगा ऐसे ही भरेगा फिर तीसरा फ्रेम आएगा वो ऐसे ही भरेगा चौथा फ्रेम आएगा फिर ऐसे भरेगा इसके पीछे एक youtube4 इतना स्लो रिकॉर्ड करते हैं इतना स्लो रिकॉर्ड कर मिलियन टाइम्स स्लो कर देते हैं वो लोग इतना स्लो कर लेते हैं तो उसमें एगजैक्टली दिखता है ये चीज कि हां
ये वाला इलुमिनाटी हुआ फिर ये फिर ये फिर ये ये इलुमिया फिर ये वो वीडियो आप लोग अगर कभी कोशिश करना कभी तफरी काटने के लिए फ्री रहना तो देख लेना मजा आएगा उन सब चीजों में दिस इज वन थिंग तो यह सबसे पहले हम लोग बोलते हैं कि दीज आर दीज आर पहले नंबर पर मैं लिखता हूं दीज आर नोन एज सी आरटी यह क्या है यह आपके लिए कैथोड रे ट्यूब दे आर द कैथोड रे ट्यूब मशीनस कैथोड रे ट्यूब मशीनस तो यह आपके एक तरीके से हो गए अब जरा ना इसी के
एडवांस वर्जन में हम चलते हैं हम बेसिकली इवोल्यूशन की बात कर रहे हैं तो आपको पता होगा कि एक बार ना बड़ा ही मजेदार एक पहले के जमाने का एक स्क्रीन आया था उस स्क्रीन को आप लोग टीएफटी बोला करते थे याद है क्या क्या बोलते थे भाई टीएफटी इसको बोलते थे थिन फिल्म ट्रांजिस्टर सबसे पहले तो देखो आया आपका एलसीडी ये है आपका लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले यही बाद में चलकर एलईडी में भी कन्वर्ट हुआ यह है लाइट एमिटिंग डायोड एलईडी टीवी फिर इस तरीके से इन सबके एलसीडी के थोड़ी ही दिन बाद एलसीडी का
सबसे पहला टाइप जो था ना एक टाइप तो एलसीडी का एलईडी हो गया और दूसरा टाइप इसी को हम लोग बोलते हैं टीएफटी टीएफटी क्या है यह है थिन फिल्म ट्रा र तीनों में अंतर क्या था सब थे एलसीडी लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले ही था लिक्विड क्रिस्टल में मतलब क्या है कि यहां पर ना एक लिक्विड क्रिस्टल होता है यहां पर देखो ये यह जो आप देख रहे हो ना यह लिक्विड क्रिस्टल एक एक पिक्सल्स के हिसाब से काम करता है अब यह लिक्विड क्रिस्टल मूव कर सकता है अपने आपके शेप्स में इधर उधर घूम टल
सकता है आप पुरानी जगह पुराने जमाने के कभी भी टीवी पर या फिर आज के जमाने की भी जो टीवी है आपके घर में एडी टीवी तो होगा एलईडी टीवी के पास जाना ज्यादा तेज से नहीं धीमे से उसकी स्क्रीन पर ऐसे छू के देखना थोड़ा सा दबाना तो आपको लिक्विड फ्लो करते हुए दिखेगा क्यों क्योंकि वो एलसीडी है एक प्रकार का एलसीडी है एडवांस वर्जन है बस उसका और क्या तो हम लोग देते हैं एलसीडी कैसे काम करता है पहले तो इलेक्ट्रॉन गन फास्फोरस वाले स्क्रीन पर फटाफट से इलेक्ट्रॉन बीम बम बार्ड करती थी
लेकिन अब ऐसा नहीं होता अब क्या होता है अब इसके पीछे जो है ना एक लाइट सोर्स लगा होता है व्हाट इज दिस द वेरी फर्स्ट लेयर विल बी लाइट सोर्स लाइट सोर्स और जब हम एलसीडी की बात कर रहे हैं तो एलसीडी में भाई साहब प्रॉपर ऐसे ट्यूबलाइट लगे होते थे ट्यूबलाइट जैसा आप लोग देखते हो ना घर में पहले के जमाने में फ्लोरेसेंट लैंप्स जो होते थे एगजैक्टली वह यही फ्लोरेसेंट लैंप लगे होते थे फ्लोरेसेंट लैंप और इसीलिए तो इसीलिए तो जब भी आप टीवी ऑन भी करते हो और इनफैक्ट अगर काली स्क्रीन
है भाई साहब अंधेरा का सीन है लेकिन फिर भी अंधेरे में भी वो ग्रे कलर का शो करता था बिल्कुल कंपलीटली ब्लैक नहीं होता था क्यों क्योंकि पीछे तो आपने वो लाइट जला रखी है सॉरी यहां नहीं व आपने पीछे लाइट जला रखी है ये वाली ये वाली लाइट जला रखी तो रोशनी तो कुछ करेगा ना अब वो काला अगर कर भी देगा तो भी ग्रेइश कलर दिखेगा उसको तो इसलिए कंपलीटली ब्लैक कलर नहीं दिखता था हम लोग को तो ये लाइट सोर्स हम लोग धीरे-धीरे करके चेंज करते गए जितना एडवांस होते गए उन लाइट
सोर्स को चेंज करते गए और इसमें और भी लेयर्स है इसके बाद लिक्विड क्रिस्टल तो था ही एक आरजीबी फिल्टर था आरजीबी फिल्टर बेसिकली इस वे में इसको फिल्टर करता था कि पर्टिकुलर एक लिक्विड का जो क्रिस्टल है वो आरजी और बी आरजी बी मतलब कि रेड ग्रीन और ब्लू रेड ग्रीन और ब्लू इन तीनों के किस कॉमिनेशन से यह लाइट को फिल्टर करेगा जैसे कि अगर मेरे पास आज के टाइम पर एक रेड ब ब्लू और ग्रीन कलर का अगर एक आप लोग ऐ आप लोग के घर में कोई भी ऐसा पंखे जैसा या
मोटर जैसा कुछ भी चीज हो जो कि बहुत तेज नाचे आप ना एक पेपर लेना सिंपल एक सर्कुलर पेपर लेना उसको 120 डिग्री में सर्कुलर पेपर को 120 डिग्री रेड करना 120 डिग्री ब्लू करना और 120 डिग्री ग्रीन कर लेना और उसको ना उस मोटर के ऊपर पहिए जैसा लगा के नचा के देखना आपको शायद ऐसा लगेगा कि वह ना काला रंग का दिखेगा लेकिन एक्चुअल में वो दिखता है एप्रोक्सीमेटली वाइट कलर का तो आप समझना कि तीनों के कलर मिला के यही तीन बेसिक कलर्स है हमारे इसके बाद सारा कलर इसी बनता है तो
यहां पर ये आरजीबी फिल्टर लगता था और फिर इन दोनों इन सबके कॉमिनेशन से यहां पर हम लोग को पर्टिकुलर वो पिक्चर रिप्रेजेंट होता हुआ दिख जाता था तो ये बेसिकली हमारे एलसीडी स्क्रीन में थे लेकिन चूंकि पीछे ट्यूबलाइट लगा होता था अरे मतलब वही फ्लोरेसेंट लैंप लगा होता था तो इतना पतला नहीं होता था ये तब भी इतना मोटा तो होता ही था थिकनेस इसकी इतनी इतनी विड्थ की होती थी नॉर्मली फिर उसके बाद में नया टेक्नोलॉजी आया इसको हम लोग बोलते हैं एलईडी एलईडी तो आप आप लोग देखो अभी अभी फ्लोरेसेंट लैंप हटा
के आप लोग भी एलईडी लगाते हो एलईडी का कभी वो ढक्कन खोल के देखना जो गोला गोला बल्ब आता है उसका वो गोला वाला हिस्सा निकाल कर देखना इतने छोटे-छोटे भाई साहब उसके लाइट्स होते हैं इतने छोटे-छोटे लाइट्स होते हैं तो वही अब इसके पीछे लगा दिया गया और इनको ऑपरेट करना भी बड़ा आसान था कि पहले तो यह पूरा जलेगा या पूरा बंद होगा मतलब कि इस पूरे लाइन में यह जलेगा या पूरे लाइन में बंद होगा लेकिन अब तो ये एलईडी के ऊपर है कि हम किस एलईडी को ऑन करें किसको ऑफ कर
दें तो अब हमारे लिए यह मनवर कर करना ज्यादा आसान हो गया तो हमारी पिक्चर क्वालिटी इसकी वजह से बढ़ गई जहां पर हम लोग ब्लैक और वाइट का शेड देखना चाहते थे वोह उतना ज्यादा रियल एक्सपीरियंस देने लगा इसीलिए एलईडी टीवी जो है वो आज के टाइम पर ज्यादा एडवांस है कुछ है नहीं वो है एलसीडी जैसा ही सेम टू सेम बस पीछे के फ्लोरेसेंट लैंप को बदल के हम लोगों ने एलईडी लाइट का वाइट सोर्स दे दिया है लेकिन यह भी अब पुरानी टेक्नोलॉजी हो गई इ लाइक ऑर्गेनिक एलईडी ऑर्गेनिक एलईडी इसमें मजेदार
बात यह है कि दिस सिस्टम डू नॉट वांट एनी टाइप ऑफ बैकलाइट सोर्स इसको बैकलाइट सोर्स की जरूरत ही नहीं है इसने क्या किया इसने ना एक ऑर्गेनिक मटेरियल का इस्तेमाल किया ऑर्गेनिक मटेरियल का इस्तेमाल किया और इस ऑर्गेनिक मटेरियल के हिसाब से क्या था कि मान लो अगर ये इसका एटम था और इसके ये चारों तरफ इलेक्ट्रॉन वगैरह घूम रहे थे तो जब भी इस एटम पर इस परे इलेक्ट्रिक सिग्नल्स टैप होते तो इसको ये इसकी एनर्जी क्या होती हायर शेल से लोअर शेल पर इलेक्ट्रॉन शिफ्ट हो जाता अब इतना डिटेल में घुसना नहीं
है बस इतना समझो कि जब इलेक्ट्रॉन जंप करके दूसरे शेल पर जाता तो यह एनर्जी इमिट करता और यह जो एनर्जी इमिट करता है वह विजिबल रेंज में है व विजिबल रेंज की एनर्जी इमिट कर र तो मतलब ये खुद ही अपने आप में लाइट सोर्स बन गया जुगनू टाइप का ठीक है तो समझ लो जुगनू जैसे होते हैं ना जलते बुझते रहते हैं तो वैसे समझ लो ये भी जुगनू टाइप का हो गया कि ये खुद ही जल बुझ सकता है इसका अपना खुद का एनर्जी है तो बैकलाइट देने की जरूरत ही नहीं है
तो ओलेड में ये जो ऑर्गेनिक मटेरियल है ना ये हमेशा क्या करता है विजिबल रेंज में किसी भी चीज को प्रेजेंट कर देगा तो मतलब अब क्या है कि अब इसके पिक्सल्स जो हैं इनको इलुमिया ही जलेंगे बुझ जो कलर चाहिए वो सब के सब अपने आप ही कर लेंगे अब इनको इतने सारे लेयर्स की जरूरत ही नहीं है है ना ये रेड ब्लू ग्रीन फिल्टर गया लिक्विड क्रिस्टल गया फिर वो सीधे ऑर्गेनिक एलईडी आएगी सीधे उसी से और यह बैक लाइट का बड़ा सा पोर्शन भी गया य तो सफेद प सफेद दिख नहीं रहा
यह भी गया तो अब इसीलिए जब आप ओलेड लेने जाते हो ना तो आपको फोटो फ्रेम जितना पतला दिखता है है कितना पतला बोलू मैं यह रखा है माउस पैड हो गया इसी को उठा लेता हूं यह देखो भाई यह इतना पतला दिखता है इतना पतला ओलेड वगैरह जो है अब वो इतना ही पतला दिख सकता है बहुत ही सिंपल सा हैय ठीक है और और इसीलिए फ्लेक्सिबल स्क्रीन के कांसेप्ट भी आप देख सकते हो लेड स्क्रीन में तो ड जो है ना लेड जो है वह बेसिकली क्या करता है वह यार इन सबको बहुत
ही शानदार तरीके से पतले फॉर्म में अरेंज कर देता है लेकिन अब क्या यह आखिरी टेक्नोलॉजी नहीं नहीं नहीं ओलेट की दिक्कत है ऑर्गेनिक चीज इस्तेमाल हो रहा है ना मान लो कि आप क्या कर रहे हो आप एक ही चैनल देखे जा रहे हो कौन सा चैनल आप देख रहे हो मान लो सनी टीवी यहां पर लिख देता हूं आप सनी टीवी देख रहे हो और दिन भर स ही टीवी देखते हो तो यहां का जो ऑर्गेनिक मटेरियल है वो सनी टीवी का सिंबल लोग को दिखाते दिखाते रेड लाइट एमिट करते करते करते करते
करते करते खराब हो जाएगा फ्यूज हो जाएगा जल जाएगा तो इतने दूर का जो स्क्रीन है ना वो नहीं चलेगा फिर इसके लिए वो ऐसा भी बोलते थे कि भाई थोड़ा अंधेरे वाला सीन रहे मतलब चारों तरफ अंधेरा रहे क्योंकि अगर इसके अंदर और कहीं से रोशनी जा रही है अगर तो वो उसके हिसाब से भी एनर्जी एक्वायर करके कलर चेंज कर देगा मतलब जिस कलर को वो इमिट करना चाहता है वो नहीं कर पाएगा तो उसे लिमिटेशंस है ओलेड का बेसिकली वहां इस्तेमाल होता है जब आपके घर में भाई साहब एक आलीशान थिएटर रूम
हो सब अंधेरा अंधेरा सा हो बड़ी सी स्क्रीन लगाओ और कभी-कभी देखो ओलेड उसके लिए बेस्ट है तो इसका अल्टरनेट सलूशन क्या है अल्टरनेट सलूशन मिलता है हम लोग को क्यू लेड से ठीक है क्यू लेड से यहां पर लिख देता हूं मैं इसका अल्टरनेटिव सॉल्यूशन क्या है हमारे पास क्यू लेड क्यू लेड क्या है भाई क्यू लेड इज क्वांटम एलईडी क्या है भाई क्वांटम एलईडी दिस इज सिमिलर टू एलसीडी स्क्रीन है ना एलसी स्क्रीन जैसा ही है सिमिलरली वैसा ही है बस अभी तक जो इसके पीछे हम लोग एलईडी लगाते थे अब वहां पर
हम लोगों ने उस एलईडी को रिप्लेस करके हमने क्या किया कि जो एलईडी लगा रहे थे उसको रिप्लेस करके हमने क्या कर दिया रिप्लेस करके नैनो साइज्ड ननो साइज एक प्रकार से नो साइ एलईडी लो आप ननो साइज एलईडी लगा दि उस है ना नैनो साइज एलईडी का आप मतलब समझ रहे हो मतलब इसकी स्क्रीन की क्वालिटी अब तो और अच्छी तरीके से एनहांस हो गई है तो अब इसीलिए अब यह और भी क्लियर 4k में आपको बता सकते हैं 4k का मतलब क्या है जरा मैं दिखाता हूं आपको कि जो आप हाई डेफिनेशन एचडी
में जो वीडियो देखते हो वो 720 पिक्सल की होती है वो क्या होती है आपकी इस साइड पर 1280 और इस साइड पर 720 पिक्सल्स होंगे तो टोटल अगर इनको मल्टीप्लाई करोगे तो इतने बड़े स्क्रीन पर आपका लगभग 92000 पिक्सल्स बनते हैं आपका एक आता है फुल एचडी फुल एचडी 1080 पिक्सल को बोलते हैं 1080 इसमें यह वाला जो होता है वो 1920 पिक्सल का होता है और यह वाला हिस्सा जो होता है वो आपका 1080 का होता है अब आप सोचो कि अगर आप 240 पिक्सेल में देखना चाहते हो तो व क्या करेगा जैसे
मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं यह आपकी स्क्रीन है है ना और आपकी इस स्क्रीन पर आपकी इस स्क्रीन पर आपने ना कुछ पिक्सल्स ड्र कर दिए कुछ भी पिक्सल्स बना दो है ना अब क्या होगा कि इस पिक्सल का एक सबसे खासियत बात क्या है कि अगर अभी इसको फुल एचडी में देखना है तो ये क्या करेगा सारे पिक्सेल को भाई इंडिविजुअली जला के देखेगा लेकिन आप बोलोगे नहीं भैया मेरे पास डाटा कम है तुम क्या करो तुम 240 पर चला दो तो वो क्या करेगा इतने बड़े को एक पिक्सेल मान लेगा फिर इतने
बड़े को दूसरा पिक्सेल मान लेगा इसीलिए तो आप जब लो रेजोल्यूशन प चलाते हो तो आपको डब्बे डब्बे जैसे सब चीज दिखने लगता है क्यों क्योंकि इतने बड़े स्क्रीन का एक कॉमन कलर होगा मान लो इसमें ग्रे था इसमें पिंक था इसमें ब्लू था इन सबका मिला के वो कुछ ब्लू ग्रे कलर बन रहा था है ना तो वो इस पूरे डब्बे को रिप्लेस कर देगा एक सिंगल इंफॉर्मेशन से ब्लू कलर तो डटा कम इस्तेमाल होगा सिंपल है तो इस तरीके से आप अल्ट्रा एचडी तक जा सकते हो क्वाड एचडी अल्ट्रा एचडी ये सब है
फिर इसके बाद ना और भी बहुत सारे डिस्प्लेज आते हैं जैसे कि सिमिलरली एक क्यू लेड के पहले एक माइक्रो एलईडी भी आता है वो माइक्रो साइज का एलईडी होता है सिमिलरली यहां पर प्लाज्मा डिस्प्ले आता है प्लाज्मा डिस्प्ले जो होता है वो बेसिकली प्लाज्मा गैस का इस्तेमाल करता है यहां पर एक गैस का अ मतलब सोर्स आता है लेयर ऑफ गैस यहां पर देख सकते हो आप डिस्प्ले यूस अ लेयर ऑफ गैस दैट इज आयनाइज्ड बाय इलेक्ट्रिकल करंट प्लाज्मा स्टेट यहां पर देखने को मिलता है बट वही सारी चीजें है कि हर बार क्या
कर रहे हैं हम लोग बैकग्राउंड स्क्रीन चेंज कर रहे हैं अगर इन सबके बीच में बेसिक डिफरेंस देखने की हम बात करें तो एलसीडी एलईडी और ओलेड में अगर बात करें तो देखो एलसीडी जो है एक प्रकार का इसी क्या टाइप है एलईडी तो दोनों में आपके बैकलाइट सोर्स तो चाहिए यहां पर एडजस्टिंग एलईडीज लगता है और यहां पर फिल्टर लगा के फिर एलईडी लगाते हैं हम लोग तो बैक लाइट यहां पर एलईडी होता है और यहां पर फ्लोरेसेंट होता है और यहां पर इंडिविजुअल पिक्सल्स होते हैं लाइट इमिट करते हुए तो यहां पर बैक
लाइट की जरूरत ही नहीं पड़ती है यहां पर आप देखोगे एलसीडी एलईडी का व्यूइंग एंगल व्यूइंग एंगल मतलब क्या कि अगर आपकी स्क्रीन ऐसी है है ना तो सामने से देखोगे तो बड़ा बढ़िया दिखेगा लेकिन अगर ऐसे करके देखोगे तो एकदम भाई साहब ग्रे कलर का देखेगा कुछ स्क्रीन नहीं देखेगा व्यूइंग एंगल बहुत गंदा होता है किसका एलसीडी का टीएफटी का एलईडी का थोड़ा इंप्रूव होता है ओलेड का बहुत ही शानदार होता है फिर यह काफी मोटे होते हैं यह थोड़ा सा पतला होता है ये तो सबसे ही पतला है ये सब हम लोगों ने
बात कर लिया इसकी थिकनेस क्यों वैरी कर रही है यह भी आपको पता पता चल गया पावर कंजमपट्टी छोटे एलईडी जलेंगे और कम यहां पर तो एलईडी है ही नहीं तो ये और ज्यादा एफिशिएंट होगा तो ऐसे ही अब आप सब चीजें इसी पर बेस्ड लेके चला सकते हो अगला जो हमारा टॉपिक आता है वो आता है टाइप्स ऑफ कम्युनिकेशन ये हमारा तीसरा टॉपिक है ठीक है हम लोगों ने क्या-क्या पढ़ लिया सुपर कंप्यूटर पढ़ लिया डिस्प्ले पढ़ लिए अब हम लोग पढ़ रहे हैं टाइप्स ऑफ कम्युनिकेशन ये हमारा तीसरा टॉपिक है 10 में से
तीसरा टॉपिक है सबसे बड़ा टाइप्स ऑफ कम्युनिकेशन की जब भी आप बात करते हो देखो आपके पास ना किसी भी कम्युनिकेशन को मेंटेन करने के दो तरीके हैं शुरुआत में मैंने आपको बताया क्लास के बिल्कुल इनिशियल स्टेज में ही बताया नेटवर्क कम्युनिकेशन कैसे हो रहा है या तो तार से तार से होगा या तो किसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव से होगा है ना मतलब जैसे इंटरनेट वाईफाई वगैरह इस्तेमाल करते हो उसमें कोई तार थोड़ी नहीं लगता है आपके आपके मोबाइल में तार लगा के इंटरनेट चला रहे हो नहीं तो वायरलेस भी हो सकता है और वायर्ड भी
हो सकता है वायर्ड जो होता है वो तीन प्रकार से हो सकता है वो तीन प्रकार कौन-कौन से है भाई वो तीन प्रकार है आपके ये या तो वो पहला आप देखो यहां पर या तो वो जो है आपका ट्विस्टेड पेयर केबल होगा यह वही वाला पेयर केबल है जिससे आप लैन वायर कभी अपने कॉलेज में जोड़ते हो लैन वायर कंप्यूटर में खोस के चलाते हो बिल्कुल इंटरनेट को वैसा कुछ या फिर पहले जमाने में टेलीफोन का वायर चलता था है ना वो भी था ऐसे ही बातचीत करने के लिए टेलीफोन वायर इस्तेमाल हो रहा
है तो वो है आपका पेयर्ड ट्विस्टेड पेयर्ड केबल दूसरा जो है वो आपका है कोएक्सिल केबल कोएक्सिल केबल मतलब जो आपका अभी डिस टीवी लगा होगा उसके अंदर जब आप जाओगे नाना उसके तार को जब आप काट के देखोगे तो उसमें आपको बीच में ऐसा चीज दिखेगा एक पतला सा वायर रहेगा उसके चारों तरफ आप देखोगे तो एक इंसुलेशन रहेगा इसके भी चारों तरफ आप देखोगे तो एक बड़ा सा एक मेश बना होता है मेटल का है ना और उसके ऊपर भी एक बड़ा सा दूसरा आप देखोगे कि एक और लेयर होता है प्लास्टिक का
तो ऐसे कई सारे मल्टीपल लेयर्स बट ईच एंड एवरीथिंग इज को सेंट्रिक तो सेंटर सबका सेम होता है इसको को एगल वायर बोलते हैं तो यह भी एक प्रकार का वायर है है ना सिग्नल ट्रांसमिशन इससे थोड़ा सा और बेहतर हो जाता है इन वायर के तुलना में और तीसरा आता है आपका फाइबर ऑप्टिक्स केबल फाइबर ऑप्टिक्स केबल में जो भी आपका वायर होता है यह बेसिकली एक ग्लास के जैसा होता है और इसमें अब इन दोनों में तो अभी तक इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स ट्रेवल कर रही थी क्या कर रही थी भाई इसके अंदर भी इलेक्ट्रिकल
सिग्नल था इसके अंदर भी इलेक्ट्रिकल सिग्नल था इसके अंदर लाइट सिग्नल्स होते हैं मतलब कि अब इसमें क्या होगा कि एक लाइट जो है एक लाइट जो है वो ट्रेवल करेगी टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन के थ्रू ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे टकरा टकरा के जहां उसको जाना होगा वहां त चली जाएगी इसका ट्रांसमिशन जो है वो लंबे डिस्टेंस तक हो सकता है इन दोनों में तो लिमिटेशंस है रेजिस्टेंस है तार के अंदर में कॉपर वायर का अपना खुद का लॉसेस होते हैं डेटा लॉसेस होते हैं यहां पर डटा लॉस बहुत कम है जैसा आपने इंफॉर्मेशन भेजा है
वैसे का वैसे ही बिल्कुल एंड तक जाता है तो इसीलिए वो ज्यादा इंपॉर्टेंट ज्यादा अच्छा हो गया इन सब में तो कोई कटिया फसा लेता है कटिया फसाने का मतलब समझते हो हम लोग के यहां पर बिजली के तारों में कटिया फसाया जाता है तो आप आप कैसे समझ सकते हो इसको कि कोई भी इंफॉर्मेशन जा रही है पहले के जमाने में देखा नहीं था कि हम लोग के घर में जब लैंड लाइन होते थे ना तो दोदो लैंडलाइन कनेक्शन होता था घंटी बसती थी तो दोनों में बसती थी और गलती से भी अगर आप
अपनी महिला मित्र से बात कर रहे हो तो पता चला दूसरे रिसीवर पर मम्मी फोन उठाकर सब बात सुन रही है आपकी तो हालत खराब हो जाती थी फिर उसके बाद तो यही बात है मैं अपना आप बीती कहानी नहीं सुना रहा हूं बेटा उस टाइम पर इतने लेवरेजेस नहीं होते थे बट हां इन ए वे मैं अपने भाई और बहनों को देखता था जिसकी शादी वदी फिक्स हो जाती थी कि वह रात-दिन को उठा के सुन लेता था टैप करना आसान है अरे कॉपर का वायर ही तो है बिजली का तार कहीं टूटा उनको
ट्विस्ट करके ऐट के फिर से आपने जोड़ के चला दिया भाई ऑप्टिकल फाइबर में नहीं हो पाएगा यह चीज ऑप्टिकल फाइबर में अगर टूट गया वो तो अगर आप इसमें कुछ भी नया जोड़ने जाओगे तो इतना इजी नहीं है इसको आप ऐसे ट्विस्ट करके नहीं बना सकते हो इसमें वो रिफ्लेक्शन टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन का होना जरूरी है वो नहीं हो सकता है फिर इसलिए यह थोड़ा सेफर भी है है ना लेकिन अगर हम ओवरऑल कंसीडर करें एक तरफ हमारा यह वायर्ड कम्युनिकेशन है और दूसरी तरफ हमारा कंपलीटली वायरलेस कम्युनिकेशन है वायरलेस कम्युनिकेशन के भी अभी
एग्जांपल देता हूं तब तक के लिए आप बहुत कॉमन एग्जांपल ले लो यार एक वायरलेस कम्युनिकेशन जो आप आप लोग हमेशा इस्तेमाल करते हो वह है ब्लूटूथ है ना ब्लूटूथ से अभी आप लोग के पास ब्लूटूथ हेडसेट हो सकते हैं ब्लूटूथ स्पीकर्स हो सकते हैं कई सारी चीजें ब्लूटूथ पर काम करती हैं और इनफैक्ट आज से कई सालों पहले की बात है जब वाईफाई वगैरह के सिग्नल्स हमारे फोन में नहीं आते थे उस टाइम के फोन पे कोई भी फोटो वगैरह ट्रांसफर करने के लिए हम लोग ब्लूटूथ का ही सहारा लेते थे कि एक फोटो
दूसरे फोन से एक फोन से दूसरे फोन में ट्रांसफर करने के लिए दीस ऑल आर कम्युनिकेशन विद वायरलेस थिंग वायरलेस है कोई तार से जोड़ के नहीं कर रहे तो अगर उन दोनों में कंपेयर किया जाना तो वायरलेस कम्युनिकेशन इज मोर सिक्योर क्यों ऐसा बोल रहे हैं क्योंकि देखो इसमें ना कोई भी अगर टैप करने की कोशिश करेगा ना तो दिख जाएगा हम विजिबल होगा अंडरग्राउंड तार जा रही है कोई गड्ढा खने का उसके अंदर जाएगा तार जोड़ेगा दिख जाएगा दूसरा कनेक्शन कहीं तार फसाया हुआ है दिख जाएगा वायरलेस में कुछ चीज दिखती ही नहीं
है आप एक कमरे में बैठे हो आपके दूसरे कमरे में दूसरा शरारती भाई आईटी करके आया है वो आप कुछ भी चीज देख र हो अपने सिस्टम पर भाई साहब वो आपका सिस्टम हैक करके सब पता कर ले रहा है है ना कि कौन-कौन सी वेबसाइट खुल रही है यहां पे तो अब या फिर आप जो चैट कर रहे हो किससे चैट कर रहे हो क्या चैट कर रहे हो सब हैक हो सकती है तो यहां पर सिक्योरिटी के मायने बदल जाते हैं जब आप वायरलेस कम्युनिकेशन इस्तेमाल करते हो तो थोड़ा सा कम है और
दूसरी चीज क्या है ना कॉम्प्लेक्शन कम्युनिकेशन के फायदे में ये आता है कि कनेक्ट कर लेते हो आपका लैपटॉप घर में सबके मोबाइल किसी का टैबलेट बहुत सारी चीजें अगर वाईफाई इनेबल कोई और चीजें आपके घर में है तो सब कनेक्ट हो जा रही है उससे और सोचो यही तार तार से जोड़ा जाए तो आप भी मोबाइल फोन में अपने तार लेके टहल रहे हो अपने कमरे में उधर से पापा जी आए आपके कि अरे बेटा कहां इंटरनेट का तार दे दो एक तो आपने दूसरा तार पापा जी को भी दे दिया कि पापा जी
ये लो चलाओ इंटरनेट तो पापा जी भी पूरे घर में तार के साथ में घूम रहे हैं मम्मी अलग इस वायर्ड कम्युनिकेशन वायरलेस कम्युनिकेशन इ वेरी वेरी लेस कॉम्प्लेक्शन भी देख लिया और हम अब नेक्स्ट हम देखते हैं वायरलेस कम्युनिकेशन क्या देखते भाई वायरलेस वायरलेस कम्युनिकेशन इसमें एक एग्जांपल है आपका देखता हूं ब्लूटूथ का मैंने कुछ लिया है हा इसका एक एग्जांपल यहां पर जो आप रहा हू ना वो है आपके लिए लाइफ आई विल कम टू दिस एट सर्टेन पॉइंट सबसे पहले इसको देखते हैं हमारा एक है ना ब्लूटूथ ब्लूटूथ अब एक बात का
आप हिसाब हमेशा रखना हमेशा रखना कभी भी अगर हम लोग कम्युनिकेशन कर रहे हैं तो ऑल द कम्युनिकेशन मेजॉरिटी ऑफ द कम्युनिकेशन आर ऑलवेज डेल्ट इन रेडियो वेव्स जो उसकी फ्रीक्वेंसी होगी वो रेडियो वेव्स की होगी तो अगर आप लोग के पास एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम का एक रफ नॉलेज भी है है ना एक रफ नॉलेज है कि कैसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जो है काम करता है तो आप बोल सकते हो कि सबसे पहले आता है रेडियो वेव्स उसके बाद आता है आपका माइक्रोवेव्स उसके बाद आता है आपका इंफ्रारेड उसके बाद आता है आपका विजिबल रेज उसके
बाद आता है आपका यूवी रेज उसके बाद आता है आपका एक्स रेज उसके बाद आता है आपका गामा रेज तो इतना दूर जाने की जरूरत नहीं है आपका जो कम्युनिकेशन हो होता है वह बेसिकली इन रेंज में हो जाता है कभी-कभी हम लोग विजिबल रेंज का भी इस्तेमाल कर सकते हैं तो इन सबका इस्तेमाल करके अब इसमें ना कुछ चीजों का ध्यान देना जैसे ही आप इधर जा रहे हो आपकी फ्रीक्वेंसी जो है वो बढ़ती जा रही है फ्रीक्वेंसी बढ़ रही है इसके दो मायने हैं पहला इसका मतलब है फ्रीक्वेंसी अगर बढ़ रही है तो
डेटा ट्रांसमिशन आपका या फिर हम यूं बोले डेटा ट्रांसमिशन स्पीड डाटा ट्रांसमिशन स्पीड आपकी बढ़ जाएगी और अगर आप इसके रेंज की बात करोगे मतलब कि डिस्टेंस थ्रू व्च इट इज एक्सेसिबल वो कम होता जाएगा यह जनरल इंफॉर्मेशन है लेकिन यह आप दोनों को तभी कंपेयर करना जब आप सिमिलर डाटा या फिर सिमिलर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हो उसका एग्जांपल भी मैं दूंगा कि यह कहां पर आपको कंफ्यूज कर सकता है लेकिन मोटा मोटा आप हमेशा समझना अब जैसे ना मैं जो यह रेंज बता रहा हूं आपका अब यह हर प्रकार के वायरलेस कम्युनिकेशन
का आप सहारा ले सकते हो जैसे कि अगर आप ब्लूटूथ लेते हो जैसे कि आप वाईफाई लेते हो जैसे कि आप आरएफ आईडी लेते हो यह आरएफ आईडी क्या है अरे वही जो फास्ट ट्रैक वगैरह में इस्तेमाल होता है जैसे कि आप एनएफसी लेते हो नियर फील्ड कम्युनिकेशन आजकल वो नहीं होता टैप कर दो दो आईफो है दोनों को ऐसे दोनों को चिपका दो तो एक जगह से दूसरी जगह फोटो अपने आप ही चली जाती है यह सब क्या है एनएफसी है नियर फील्ड कम्युनिकेशन है तो ये जितनी भी चीजें हैं यह सब के सब
किस में आ रही हैं रेडियो वेव्स में आ रही है इनफैक्ट जो आपके मोबाइल नेटवर्क्स हैं मोबाइल नेटवर्क मोबाइल नेटवर्क कौन से आपका मान लो 4जी नेटवर्क है 5जी नेटवर्क है वह सब भी इन्हीं सब रेंजेस में है है ना तो आप हमेशा याद रखना कि जितने भी ऐसे वायरलेस कम्युनिकेशन हो रहे हैं वह स्पेक्ट्रम के उधर वाले रेंज में है जिसकी फ्रीक्वेंसी कम है और वेवलेंथ ज्यादा है वेवलेंथ क्या है यहां पर इन सभी जगहों पर वेवलेंथ इनका लडा यह क्या होता है वेवलेंथ वेवलेंथ ज्यादा है और जो इनकी फ्रीक्वेंसी है फ्रीक्वेंसी यह कम
है आई होप यू गट द पॉइंट है ना अब इसमें हम लोग एक पढ़ रहे थे ब्लूटूथ ब्लूटूथ और वाईफाई को जरा देखते हैं पहले के जमाने में सब काम ब्लूटूथ से होता था अब हम लोग ग्रैजुअली वाईफाई की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं तो वाईफाई बेटा क्या है वाईफाई इज जस्ट अ सिग्नल लाइक ब्लूटूथ बस एक सिग्नल है कोई भी एक रेडियो फ्रीक्वेंसी का एक सिग्नल है रेडियो वेव का एक सिग्नल है वाईफाई इज नॉट इंटरनेट है ना उस वाईफाई के थ्रू आप इंटरनेट का सप्लाई ज्यादा होते हुए देखते हो इसलिए आपको सिनोनिम लगता
है कि वाईफाई बोले तो इंटरनेट किसी घर पर जाते हो तो भी बोलते हो कि यार वाईफाई है क्या तुम्हारे पास पासवर्ड दे दो वाईफाई का लेकिन वो पासवर्ड वाईफाई का इसलिए होता है क्योंकि उस वाईफाई रूटर में किसी ने इंटरनेट कनेक्शन खोंस के उस रूटर को इस लायक बनाया कि भाई साहब अब तुम्हारा काम ये होगा कि बाकी लोग को तुम क्या करो इंटरनेट की सप्लाई दो लेकिन वाईफाई का काम सिर्फ इंटरनेट की सप्लाई देने का नहीं है आप लोगों को पता होगा कि कई बार फाइल ट्रांसफर या फाइल शेयरिंग के बहुत सारे एप्लीकेशंस
आते हैं आते हैं ना जिसमें कि बड़ी-बड़ी फाइल्स भी बड़ी तेजी से ट्रांसफर हो जाती है अगर यही ब्लूटूथ से भेजोगे तो नहीं होगा एक्चुअल में यह सारी चीजें वाईफाई सिग्नल्स का इस्तेमाल करते हैं इसीलिए वो बोलते हैं कि आप अपने ब्लूटूथ वाईफाई सब सारी चीजों को ऑन कर दो और फिर दोनों पेयर करते हैं पेयर करते टाइम वाईफाई सिग्नल्स में एक वाईफाई जनरेट करता है और दूसरा वाईफाई इससे कनेक्ट कर लेता है फिर वाईफाई के माध्यम से फाइल ट्रांसफर होती है तो इतना जल्दी ट्रांसफर हो जाता है इनफैक्ट जो आपके आ में एक शेयर
ऑप्शन आता है ना शेयर तो आप लोग बोलते हो कि हां ये शेयर पर हम लोग जा रहे हैं और इसका का तुरंत ही में लिखा होता है 5g तो यह 5g और 2.4g एक्चुअल में आपका यह 5g नहीं है जो आपका मोबाइल फोन है 4g 5g 2g यह वाला नहीं है यह इसकी फ्रीक्वेंसी बताता है कि 2.4 गगा हर्ज का है और 5 गीगाहर्टज का है तो जो 2.4g वाला नेटवर्क है आप देखोगे कि वह दूर तक आता है क्योंकि मैंने बोला कि अगर फ्रीक्वेंसी कम है तो वह ज्यादा दूर तक ट्रेवल करेगा अगर
फ्रीक्वेंसी डि अगर फ्रीक्वेंसी बढ़ रही है तो इसका मतलब है कि उसकी रिचिंग कैपेबिलिटी जो है वो कम है 5g नेटवर्क इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने राउटर के आसपास रहना पड़ता होगा लेकिन अगर आप मान लो किचन में आपका राउटर लगाया और आप किसी दूसरे कमरे में बैठ के इस्तेमाल कर रहे हो दूर कहीं हो तो उस टाइम पर आप 2.4g प स्विच करोगे तो फुल नेटवर्क आएगा है ना तो ये सारी चीजें लेकिन आप ये भी देखो अगर इंटरनेट चलाने की स्पीड देखोगे तो 5g वाले पर जब आप कनेक्ट करते हो तो आपकी
स्पीड इंटरनेट की बढ़ जाती है क्यों क्योंकि एज द फ्रीक्वेंसी इंक्रीजस एज द फ्रीक्वेंसी इंक्रीजस डाटा ट्रांसमिशन स्पीड इंक्रीजस तो फ 5 गगा हट वाला ज्यादा तेजी से आपका इंटरनेट का कनेक्टिविटी देगा डाटा ट्रांसफर तेज हो जाएगा 2.4 गीगाहर्टज प डिस्टेंस की एक्सेसिबिलिटी तो ज्यादा होगी लेकिन स्पीड कम हो जाएगी तो सिंपल सा फंडा है यार है ना इन सब चीजों को याद करने की जरूरत नहीं है आप एक बार समझोगे तो चीजें अपने आप याद हो जाती हैं दिस इज द थिंग अब यहां पर हम लोग ऐसे ही अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल कर सकते
हैं इनका रेंज कितना होता है यूजुअली देखो यहां पर लिखा होता है 10 मीटर लेकिन आजकल के एडवांस ब्लूटूथ में हम लोग इसको 30 मीटर तक भी एक्सटेंड कर चुके हैं ठीक है और यूजुअली वाईफाई जो होता है वह 100 मीटर का होता है और अगेन वाईफाई के भी हम लोग लिमिट्स को ब्रीज कर चुके हैं 100 मीटर के ब्रीज को लिमिट को ब्रीज कर चुके हैं सिमिलरली आप देखो कि फेयरली सिंपल टू यूज़ स्विचिंग बिटवीन डिवाइसेज इजियर है है ना ब्लूटूथ कनेक्टिविटी जैसे ही आप अपने किसी डिवाइस से कनेक्ट करते हो देखो ना आप
तुरंत के तुरंत स्विच करते हो तुरंत के तुरंत स्विच करते हो लेकिन एक बार अगर इंटरनेट कनेक्शन चल रहा है और तब से लाइट कट गई घर की लाइट ऐसी कटी कि आपके घर में इनवर्टर नहीं है और आपका वाई-फाई फिर से रीस्टार्ट होगा उसको कंप्यूटर से कनेक्ट होने में भाई साहब 5 मिनट लग जाते हैं तो कनेक्टिविटी ना कॉम्प्लेक्टेड होगा इसके लिए इतना कोई झाम ताम की जरूरत नहीं है तुरंत ही हो जाता है पेयर किया कोड आया पेयर किया कनेक्ट खत्म एक बार कनेक्ट कर लिया हमेशा याद रहेगा तुरंत ही उसको डिस्कनेक्ट किया
दूसरा डिवाइस कनेक्ट उसको डिस्कनेक्ट किया तीसरा डिवाइस कनेक्ट कनेक्टिविटी इजी है यहां पर इसमें फायदा क्या है कि मोर डिवाइसेसपोर्ट कनेक्ट जस्ट वन डिवाइस तो ये भी एक प्रॉब्लम है ब्लूटूथ से सिर्फ एक ही डिवाइस काम जैसे कि मान लो आप अपने मोबाइल से अगर स्पीकर कनेक्ट करते हो तो अब सिर्फ आप ही का फोन उस स्पीकर से कनेक्ट होगा कोई दूसरा दोस्त भी चाहे कि मैं भी इससे कनेक्ट करके चला लू नहीं चल पाएगा ब्लूटूथ में एक ही डिवाइस कनेक्ट होता है तो यही सारी चीजें है जो आप अपने रोज मरना की जिंदगी में
जीते हो लेकिन अब यहां पर थोड़ा तामझाम के साथ पढ़ ले रहे हो सिमिलरली एक और ऐसी टेक्नोलॉजी आती है जिसको हम लोग बोलते हैं आरएफ आईडी आरएफ आईडी जो है यह है आपका रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन आरएफ आईडी आरफ आईडी का बहुत ही सस्ता सा एग्जांपल आप लोग फास्ट टैक देख सकते हो फास्ट टैग और इसका दूसरा एग्जांपल देख सकते हो आप आपके कांटेक्ट लेस डेबिट या क्रेडिट कार्ड देखते हो ना इसको भी कांटेक्ट लिस डेबिट या क्रेडिट कार्ड तो जाहिर सी बात है यार इन सब चीजों का आप किसमें देखते हो
रेडियो फ्रीक्वेंसी अब इसमें क्या होता है इसमें दो तीन चीजें होती है अपने पास क्या-क्या चीजें होती है मैं आपको बता देता हूं जैसे एक होता है आपका यह रीडर ये एंटीना ये ऐसा कुछ हुआ इन सभी फ्रीक्वेंसी का आदान प्रदान जब भी हो रहा होगा तो ये क्या करती है एक लाइट को रीड करती है और रीड करने के बाद सीधे मतलब छोड़ देती है वो एमिट करना सब बंद कर देती है इसमें सिंपल मैं आपको एक और सिंपल तरीके से बताता हूं एक्चुअल में क्या होता है कि इसमें ना ना आपका मान लो
फास्ट ट्रैक है फास्ट ट्रैक पर एक मेटल चिप लगी होती है यहां से ना एक सिग्नल होता है जब आप टोल के पास जाते हो तो यह सिग्नल जाता है इसके ऊपर और यह रिफ्लेक्ट बैक होके कुछ सिग्नल्स लेके आता है यहां पर जो भी इंफॉर्मेशन होती है बड़ी सिंपल सी होती है जैसे कि आपका कार का नंबर यह कार का नंबर जिस भी अकाउंट से लिंक होगा वो यहां पर उतनी डिटेल की जरूरत नहीं है वो बस कार का नंबर लेके आएगी सारा डाटा जो है अब ये यहां पर एक कंप्यूटर कनेक्ट होगा इस
कंप्यूटर पर सारा डाटा फिट होगा इसको बस कार का नंबर चाहिए कार का नंबर आते ही बाकी सारी चीजें ये एक्सेस करेगा तो यह सारी चीजें क्या है आपके आरएफ आईडी से मेट्रो कार्ड जैसे आप लेते हो मेट्रो कार्ड क्या है मेट्रो कार्ड के अंदर भी यही आरएफ आईडी का ही इस्तेमाल होता है मेट्रो कार्ड की एंट्री करते हो ना चिपका के उसको तो वहां कुछ होता नहीं है बस वो चिप जो है वोह रीड कर लेता है और चिप के अंदर में कोई छह सात डिजिट का नंबर होता है बस वो नंबर कंप्यूटर से
कनेक्टेड है वही सारा कैलकुलेशन करता है तो ये क्या है आरएफ आईडी है अगर आप एनएफसी पर जाते हो एनएफसी का मतलब है नियर फील्ड कम्युनिकेशन क्या है भाई नियर फील्ड कम्युनिकेशन नियर फील्ड कम्युनिकेशन का मतलब क्या है कि ये एक तो पियर टू पियर कम्युनिकेशन करने की सक्षम रखती है मतलब इसको पूरा पावर है पियर टू पियर साथ में कनेक्ट करने का दूसरा इसका कॉमन यूज अगर आप देखो तो आप मोबाइल फोन टू मोबाइल फोन जो ट्रांसफर करते हो चीजों को ऐसे चिपकाते हो और ट्रांसफर हो जाता है तो दिस इज कनेक्टेड विद नियर
फील्ड कम्युनिकेशन है ना वो नियर फील्ड होता है जैसे दो डिवाइसेसपोर्ट हो कि लेस देन 4 सेंटीमीटर लेस देन 4 सेंटीमीटर का डिस्टेंस ये होना चाहिए ठीक है तो ये अपना ये भी हो गया दूसरा हम लोग अच्छा इस पर आते हैं लेकिन आपका एक पोर्शन ये तो छूट ही गया ना लाइफ आई लाइफ आई में देखो हम लोग जैसे बता रहे थे ना कभी-कभी हम लोग विजिबल रेंज को भी इस्तेमाल करते हैं तो समझ लो विजिबल रेंज का ही इस्तेमाल यहां पर हो रहा है जो आपके कमरे में नॉर्मल ट्यूब लाइट एलईडी बल्ब वगैरह
सब लगे हैं ना सपोज करो कि अगर यही एलईडी लैंप इज यूज्ड टू डिस्प्ले या फिर यूज टू द इंटरनेट कनेक्टिविटी ये कैसे कर रहे हैं ये एलईडी से आपको पता है कि लाइट जो होता है डुअल नेचर का होता है है ना लाइट डुअल नेचर का होता है यह पार्टिकल नेचर का भी होता है और यह वेव नेचर का भी होता है इन्हीं चीजों में हम लोग क्या करते हैं लाइट्स जो है फोटॉन्स के फॉर्म में फोटॉन्स पैकेट्स के फॉर्म में यह ट्रांसमिट होता है तो फोटोन पैकेट्स में हम लोग क्या करते हैं यहीं
पर हम लोग सारा डाटा इसके थ्रू भेजने की कोशिश करते हैं तो लाइफ आई इज समथिंग जहां पर यह जो बल्ब बल्ब लगे हैं ना इसी में आप इंटरनेट का कनेक्शन कर देते हो और यही लाइट जहां जहां तक जा रही है यही सारी डिवाइस को अपने आप में कनेक्ट कर लेगी इसी को हम लोग क्या बोलते हैं लाइफ आई बोलते हैं ठीक है अब आप बहुत ध्यान से मतलब इसको ऐसे समझोगे तो या बहुत इजली इसको आप रिकॉग्नाइज कर सकते हो तो यह सारे आपके वायरलेस कम्युनिकेशन के एग्जांपल्स है है ना अब सिमिलरली अगर
हम लोग बात करते हैं आपके डिजिटल कम्युनिकेशन की यहां पर हम लोग अपने चौथे टॉपिक की तरफ बढ़ते हैं जो है आपका मोबाइल नेटवर्क मोबाइल नेटवर्क के इवोल्यूशन की अगर हम लोग बात करें ना तो यह देखो कुछ इस प्रकार से है सबसे पुराने जमाने में यार 1g फिर 2g 3g 4g 5g 6g और इनफैक्ट हमारे इंडिया में तो ट्रांसफर हुआ है 3g से डायरेक्ट 4g पर नहीं आए 3g के बाद हम लोग पहले एलटीई पर आए फिर हम लोग वॉइस ओवर एलटी पर आए और फिर 4g पर आए ही थे तब से तुरंत ही
5g आ गया क्योंकि यही दोनों एप्रोक्सीमेटली 4g के ही रूप थे तो एलटी और वोल्टे क्या है यह 4g का ही प्रारूप है एक्चुअल में और इनफैक्ट हम लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन बोलते हैं तो तुरंत स्विच हम लोग नहीं कर पा रहे थे इसलिए हम लोगों ने एक लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन लिया जिसके थ्रू हम लोग 4g तक पहुंचेंगे क्या कहानी है एक बार जरा समझते हैं इस चीज को देखो जो हमारा 1g है वज तो यार यह वॉइस कॉल के लिए इस्तेमाल होता था बड़ा डब्बा जैसा फोन होता था जेब में तो आता नहीं था यह
एनालॉग चीजों का इस्तेमाल में लेके आता था फिर इसके बाद जो है इसके बाद एनालॉग जैसे आप लोग कभी कभी उसको देख सकते हो जैसे बहुत पहले के जमाने में आप लोग देखते हो घर में जब आपका टेलीफोन चलता था तो टेलीफोन के साथ-साथ ना एक बार कभी-कभी कॉर्डलेस फोन भी आता था रखा फोन के ऊपर रहता था लेकिन आप उसको उठा के उसमें तार नहीं कनेक्ट होता था आप उसको उठाकर बकायदा घूम टहल के बात कर सकते थे थोड़ी दूर तक ऐसा नहीं कि छत पर लेकर निकल गए फिर तो कनेक्शन कट जाएगा जहां
पर टेलीफोन रखा है उसी के इर्द गिर्द थोड़ा आसपास में आप उसको टहल ग दिस वाज एनालॉग तो यहां पर ना इसकी बैंड विड्थ वगैरह बहुत ही कमजोर थी बहुत ही ज्यादा कमजोर थी यहां पर एक सीक्वेंस यूज होता था इसको हम लोग बोलते हैं एफडीएमए फिर इसके बाद कुछ नई टेक्नोलॉजी आ गई नई टेक्नोलॉजी में थोड़ा 2जी आया 2जी जब आया ना तो अभी तक हम लोग सिर्फ एनालॉग में बातचीत कर पाते थे और कुछ नहीं करते थे फिर धीरे-धीरे जब हमारा 2g आया तो हम लोगों ने टेक्स्ट मैसेज करना स्टार्ट किया है ना
कि और भाई क्या हाल चाल है उसमें वर्ड लिमिट होती थी 150 वर्ट के होते थे बस उसके बियोंड भेजोगे तो दूसरे पैसे कट जाएंगे तो 160 वर्ड होता था टू बी एग्जैक्ट बड़े मैसेज किए मैंने तो तो 2g ये वाला हिसाब किताब है यहीं पर आपको याद होगा कि हमारे पास मोबाइल फोन में एक जीएसएम सिम आता था है ना जीएसएम सिम आता था उसके कुछ दिन बाद नेटवर्क में बना 3g समझ लो एक वैसा हिसाब किताब है जब पहली बार हम लोगों ने अपने मोबाइल फोन पर इंटरनेट चलाया था आप बोलोगे नहीं नहीं
सर इसके पहले भी चलाते थे और आप सही भी हो इस चीज पर इसके पहले हम लोग ना 2g नेटवर्क पर भी चलाते थे उस टाइम पर हम लोग एक्चुअल में जीपी आरएस का इस्तेमाल करते थे याद करो अगर पता नहीं आप लोग को याद है कि नहीं लेकिन जब मैं अपने एथ थ क्लास में हूंगा सिक्स सेवंथ क्लास में एथ क्लास में तो उस टाइम पर यह जीपीआरएस जीपीआरएस का टाइम था वो है ना पहली पहली बार भाई साहब मोबाइल फोन ऐसा दिखता था कि यार अब तो जीपीआरएस मोबाइल चल रहा है और स्पीड
कितनी होती थी 2 केबीपीएस 10 केबीपीएस इतनी स्पीड होती थी मतलब अगर एक फोटो भी डाउनलोड करना है हम लोग को तो वो फोटो डाउनलोड करने के लिए हम लोग 510 मिनट मोबाइल छोड़ देते थे कि 10 मिनट बाद तो वो थोड़ा बहुत 15 20kb 100kb की फाइल डाउनलोड हो ही जाएगी तो ये इंटरनेट की स्पीड थी बट देन केम 3g ये वही दौर है 3g का जब reliance1 दन दनादन ले बात करो ले इंटरनेट चलाओ भाई साहब स्पीड स्पीड कितनी स्पीड हो गई इसकी 2 एमबीपीएस की स्पीड हो गई और इस 2 एमबीपीएस की
स्पीड से हम लोग को लगा कि भाई जहां हासिल हो गया क्यों क्योंकि इसके पहले देख र हो 64 केबीपीएस की स्पीड मिल रही थी ये वही जमाना है जब हम लोग टेक्स्ट मैसेज कर पा रहे थे अब यहां से हम लोग पहली बार पहली बार इंटरनेट यूज करना स्टार्ट करते हैं और इसके बाद हम लोग इंटरनेट की हाई स्पीड को अटन करते हैं अपने 4g नेटवर्क से 5g अभी हम लोग इस्तेमाल कर रहे हैं और आप सबको पता है इसका दिन कैसा है और फ्यूचर में हम लोग 6g को भी इस्तेमाल करेंगे तो बेसिकली
आप अब इसके ना कुछ कुछ चीजों को देखना कि कैसे ये सारी चीजें चेंज होती है इसके रिगार्डिंग ना कुछ टेक्नोलॉजीज है जैसे कि हम लोग जीएसएम और सीडीएम की सबसे पहले बात करते हैं देखो जीएसएम और सीडीएमए यहां पर जो जीएसएम सिम है वह आपका टीडीएमए और एफडीएम इस्तेमाल होता है यह टीडीएम और एफडीएम क्या है मैं बताता हूं आपको यहां पर लिख देता हूं ये है टाइम या फिर फ्रीक्वेंसी डिवाइडेड मल्टीपल एक्सेस तो इसका मतलब क्या है टाइम टाइम टाइम डिवाइडेड मल्टीपल एक्सेस और फ्रीक्वेंसी डिवाइडेड मल्टीपल एक्सेस इन दोनों का अंतर क्या मैं
आपको समझाता हूं बहुत ही सिंपल सा है मतलब आप एक बार में समझ जाओगे मान लो कि हमारे पास ना एक पर्टिकुलर फ्रीक्वेंसी है मान लो कि हम ऐसा बोलते हैं कि जो हमारा सिम ऑपरेट करता है वो ब मान लो कि हम जस्ट फॉरन एग्जांपल मैं एग्जांपल दे रहा हूं मान लो 2.4 गीगाहर्टज से लेकर 2.8 गीगाहर्टज पर काम कर रहा है है ना इतना लगभग लिमिट है तो हमने इसको अलग अलग बैंड में डिवाइड कर दिया हमने क्या बोला कि देखो 2.4 से लेकर 2.5 तक जो है वह एक बैंड कहलाएगा या फिर
बैंड ए कहलाएगा इसको काट देते हैं फिर 2.51 से लेकर 2.6 तक ये बैंड बी कहलाएगा एंड सो ऑन अब ये जो एक बैंड आया हमारे पास जिसकी फ्रीक्वेंसी 2.4 से 2.5 गगा हर्ज तक की है इस कंडीशन में हम लोगों ने डिसाइड किया कि मान लो कि अब मैं अपने 10 दोस्तों को या फिर 10 अलग-अलग लोग हैं है ना ऐसे 10 लोग हैं 1 2 3 4 5 फिर यहां पर भी है ए बी c डी यह लोग आपस में ना कनेक्ट होना चाहते हैं यह आपस में फोन करना चाहते हैं दोनों का
अंतर समझना जो आपका फ्रीक्वेंसी डिवाइडेड मल्टीपल एक्सेस है वो क्या करेगा एक पर्टिकुलर बैंड को पकड़ेगा है ना 2.4 2.4 से 2.5 तक था तो पहले वाले को ये बोलेगा कि भाई तुम लोग बात करो 2.41 गीगाहर्टज की फ्रीक्वेंसी पर तुम लोग बात करो 2.42 गीगाहर्टज की फ्रीक्वेंसी पर तुम लोग बात करो 2.43 गह की फ्रीक्वेंसी पर तुम लोग 2.44 की गीगाहर्टज फ्रीक्वेंसी पर बात करो और तुम लोग 2.45 गगा की फ्रीक्वेंसी पर बात करो और इनफैक्ट और भी इसमें पॉइंट पॉइंट में हम लोग और भी डिवाइड कर सकते हैं तो मैंने बहुत बड़ा-बड़ा स्पेक्ट्रम
दिया इनको हम इसके आगे 2.41 412 413 ऐसा भी दे सकते हैं इतना भी माइन्यूट डिवीजन हो सकता है तो मतलब है कि एक टाइम पर काफी सारे लोग मल्टीपल एक्सेस हो जा रहा है है ना यही तो मल्टीपल एक्सेस है हम लोगों ने फ्रीक्वेंसी डिवाइडेड मल्टीपल एक्सेस दे दिया तो ये जीएसएम जैसा इस्तेमाल कुछ यहां पर होता था इसी के साथ-साथ एक और फीचर आता है जिसको हम लोग बोलते हैं टाइम डिवाइडेड मल्टीपल एक्सेस हम लोग क्या करते हैं इस डिवीजन में इस डिवीजन में हम लोग बोलते हैं कि भाई साहब देखो तुम पांचों
लोग को हमने ना और और खतरनाक खेल खेलना स्टार्ट किया फ्रीक्वेंसी डिवीजन से फ्रीक्वेंसी डिवीजन पर हम लोगों ने बोला कि तुम सब लोग क्या बात करोगे 2 पंट 51 गीगाहर्टज की फ्रीक्वेंसी पर सपोज करो बात करोगे लेकिन तुम लोग ऐसे बात करो कि मैं एक सेकंड को 10 पार्ट में डिवाइड कर दे रहा हूं एक सेकंड को यह एक सेकंड टाइम है ना इसका एक सेकंड का 10 हिस्सा है है ना और 10 हिस्सा यह जो पहला हिस्सा है यह इंफॉर्मेशन जाएगी इनके बाद की यह जो दूसरा हिस्सा है वो इनके बाद की इंफॉर्मेशन
यह तीसरा हिस्सा इनके बाद की इंफॉर्मेशन चौथा हिस्सा इनके बाद की पांचवा हिस्सा इनके बाद की और छठवां हिस्सा जो है वो फिर इसी के बाद का कंटिन्यूएशन अगला होगा तो ब्रेक हो हो के आप आपका कम्युनिकेशन ट्रांसमिट होगा लेकिन आपके लिए यह इतना तेज टाइम से ये इतने इतना जल्दी आपका दोबारा नंबर आ जाता है कि आपको लगता है कि एक फ्लो में ही बात मेरे तक पहुंच रही है मतलब मेरा वॉइस जो चल रहा है ना उसके बीच में पांच और लोग का वॉइस भिड़ा हुआ है लेकिन इतना क्विकली चेंज होके आपको मैं
सिर्फ आपको क्या-क्या सुना दे आपको भाई समझ लो कि हर बार छठवां टाइमलाइन हमेशा सुनाई देगा पहला छठवां फिर 12वां फिर 18वां फिर 24 वां ले लेकिन यही सारी चीजें जो हैं यही सारी चीजें आपके एक सेकंड के पता नहीं कितने छोटे फ्रैक्शन में हो जा रही है तो आपको भले ही एक के बाद छठवें नंबर पर 12वें 18वें 24वें नंबर पर आपकी बारी आ रही है बात सुनने की लेकिन आपकी बात अपने आप में बड़ा कंटीन्यूअस रेंज में दिख रही है क्योंकि इसमें इतनी इतनी ज्यादा तेजी से वो स्विच कर देते थे तो इसमें
टाइम डिवाइड कर दे रहे हैं इंस्टेड ऑफ फ्रीक्वेंसी हम क्या कर रहे हैं टाइम डिवाइड करते हैं आई होप यू यू आर गेटिंग द पॉइंट है ना तो ये टाइम डिवीजन मल्टीपल एक्सेस और फ्रीक्वेंसी डिवीजन मल्टीपल एक्सस है लेकिन यहां पर आपका कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस आता है सीडीएमए जो है वो ज्यादा शाना बनता है शाना किस बात पे बताता हूं आपको कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस है इसने बोला कि भाई साहब मेरे पास एक मोबाइल फोन है इस मोबाइल फोन का अपना एक कोड है मैं इस मोबाइल फोन से जब भी बात करूंगा तो मेरा
कोई भी फ्रीक्वेंसी हो कोई भी फ्रीक्वेंसी हो उसके सामने ए बी जड लिखा होगा और उसके बाद उसकी बातें लिखी होंगी जो भी इंफॉर्मेशन देना है वो दो और ये ए बी जड जिससे भी कनेक्ट करेगा उसके भी फोन के सामने यह ए बी ज जैसा सिग्नल पहुंचाना है तो अब मैंने जैसे ही एक कोड दिया ना तो उस कोड के ऊपर समझ लो मैंने एक स्टीकर चपका दिया कि भैया फलाना वन जो है वो a को फोन कर रहा है वन सीडीएमए का सिम यूज कर रहा है तो उसके हर मैसेज के आगे ए
बी जड लिखा होगा जब ए बी ज मिलेगा वो तुरंत री रूट कर देगा a पर तो वन की a से बहुत इजली बात हो जाएगी अगर दो भी दूसरा कोई सीडीएम में इस्तेमाल कर रहा है इसका कोड कुछ और होगा मान लो इसका कोड होता है मान लो b ज b जटी है ना तो अब ये कुछ भी कोड इस्तेमाल करेगा तो भी ये टू टू बी डायरेक्ट कनेक्शन हो जाएगा मतलब कोड डिवीजन का मतलब क्या है कि हमने एक-एक कोड सभी सीडीएम में मोबाइल फोस को असाइन कर दिया है उनसे जब भी कोई
फोन कॉल जाएगी तो वो पर्टिकुलर उसी पर लैंड करेगी क्यों क्योंकि उनका कोड यूनिक है सिंपल सी बात है इसमें ना टाइम का टेंशन ना आपके फ्रीक्वेंसी का टेंशन और इनफैक्ट यूं बोलूं कि ये दोनों चीजें इस्तेमाल कर लेता है टाइम डिवीजन भी मल्टीपल डिवीजन भी और साथ में कोड भी चिपका देता है तो ये ज्यादा एडवांस स्टेज है सीडीए में लेकिन इसके साथ प्रॉब्लम थी प्रॉब्लम क्या थी कि इसके इसपे ममिंग नहीं चलती थी आप एक ज दूसरी जगह जाओगे तो आपका कनेक्शन कट जाएगा दूसरा क्या था इसके साथ फायदा फायदा यह था इसका
कि आप डेटा और कॉल दोनों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हो इसका फायदा क्या था कि सीडीएम में सिम पर आपका डेटा भी चल जाएगा और आपकी कॉल भी हो जाएगी यहां पर कॉल जो है वह आपका ज्यादा डिफाइंड भी होगा लेकिन ट्रांसमिशन रेट भी आपका ज्यादा फास्ट होगा लेकिन सब चीजों में दिक्कत क्या थी कि इसकी डाटा स्पीड जो है वो इतनी अच्छी भी नहीं थी जीएसएम में क्या होता था कि यहां पर एक बार में एक ही चीज चलेगा या तो डाटा चलेगा या तो आपका कॉल चलेगा दोनों एक साथ नहीं चल
सकते जैसे ही एक चलेगा दूसरा अपने आप कट जाएगा मतलब कि कॉल पे बात करतेक करते आप इंटरनेट का एक्सेस नहीं कर सकते हो इस पे तो यह प्रॉब्लम थी जीएसएम सिम के साथ में तो ये कुछ था जीएसएम और सीडीएम में इनके अलग-अलग टेक्नोलॉजीज पर भी हम लोगों ने बात करिया कि कैसे ये सब काम करते थे अब सिमिलरली आगे चलके ना हम लोग एलटी और वोल्टे वगैरह में भी आते हैं एलटी और वोल्टे क्या था 3g से 4g पर स्विच करना था हमारे टेलीकॉम अथॉरिटी ने बोला कि भैया तुम लोग 4g पर फटाफट
से स्विच करो लेकिन यहां वाले लोग थे वो परेशान हो गए बोले कि सर इतना तो टाइम ही नहीं है अपने पास और इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत खर्चा आएगा हमारे पास पैसे वैसे नहीं है हम नहीं कर पाएंगे तो इनको बोला कि ठीक है तुम्हारे पास अगर पैसे नहीं तो तुम एक काम करो तुम ना अपना एलटी टू वोल्टे कन्वर्जन में जब भी जा रहे हो तो तुमको सिंपली एक काम यह करना है कि तुम 3g से 4g पर डायरेक्ट मत छलांग लगाओ तुम 3g से पहले एलटीई बनाओ और एलटीई से वोल्टे बनाओ और फिर 4g
बना लेना तो एक रास्ता दे दिया इसी को हम लोगों ने बोला लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन अब एलटीई में प्रॉब्लम क्या थी मैं आपको बताता हूं एलटीई के साथ सेम वही प्रॉब्लम थी जो जीएसएम के साथ थी एलटीई ने बेसिकली सबसे ज्यादा एलटीई नेटवर्क की जब बात आई तो एलटी नेटवर्क बेसिकली वही है जिसको कि हम लोग बोलते हैं ri-bhoi एक तो हम लोग फोन पे बात करते हैं और दूसरा हम लोग इंटरनेट चलाते हैं तो इंटरनेट चलाने वाले को डाटा बोलते हैं और जो फोन पर बात कर रहे हैं उसको वॉइस कॉल बोलते हैं तो
इस एलटी नेटवर्क इज स्पेसिफिकली स्पेसिफिकली मेड फॉर हाई स्पीड डाटा ट्रांसमिशन किसके लिए बना था भाई ये हाई स्पीड डाटा के लिए बना था यहां पर आप देख भी सकते हो जो इवोल्यूशन में हम लोग देख रहे थे आप देखोगे ना जबरदस्त जंप आएगा 2 एमबीपीएस से लगभग लगभग आप एलटी के 100 एमबीपीएस की स्पीड पकड़ लेते हो दो से 100 सीधा समझ रहे हो बहुत बहुत तेज है वो तो यह कैसे हो पाया यह reliance1 नेटवर्क डेवलप कर लिया और इसने एकदम उसने अपने फायदे के लिए काम किया जो किया होगा उस पॉलिटिक्स में
आपको पढ़ना ही नहीं है बट इस बात का हमेशा आपके दिमाग पर यह असर होना चाहिए कि इसके बदौलत ही आज आप लोग ऑनलाइन पढ़ रहे हो ठीक है आप बोलो सर यह नहीं होता कोई और आता कोई और आता तो भाई उसका नाम ले लेते है ना लेकिन अभी फिलहाल के लिए हमारे लिए 4g पर जाएंगे तो डेटा स्पीड बढ़ाना पड़ेगा हम डेटा स्पीड अभी से बढ़ा दे रहे हैं हम डेटा स्पीड के लिए अलग चैनल ही डाल दे रहे हैं तो जितने उनके टर्स लगे थे jio-tele-verification चलाओ या तो वॉइस कॉल चलाओ तो
लोग फिर भी मैनेज कर ले जा रहे थे क्योंकि इंटरनेट की स्पीड इतनी खतरनाक थी यह वही दौर है जहां पर आपके बहुत सारे वीडियो चैट एप्स स्टार्ट हो गए थे या फिर हम इसका इस्तेमाल करने लगे थे जैसे कि स्प बटन दबा के उस परे दो ऑप्शंस आते हैं अब कि बेटा तुमको वॉइस कॉल करना है कि वीडियो कॉल करना है अब ये अब ये डिफरेंस पहले नहीं होता था ऐसा क्यों नहीं होता था क्योंकि हमारा सारा का सारा वॉइस कॉल जो है 3g की स्पीड पर चलता है 3g स्पीड कितनी है यार ये
दो एमबीपीएस की स्पीड पर बात बात नहीं हो पाती है और दो एबीपीएस तो कहने कहने का है आता तो केबी में था तो इसीलिए इस परे कुछ नहीं हो पाता व वीडियो कॉल तो हो ही नहीं पाता तो इसीलिए हम लोगों ने क्या किया एक नया इवोल्यूशन लेके आए हम लोग हम लोगों ने बोला कि देखो एक काम करते हैं 3g को ना कंपलीटली हटा देते हैं और जितना एलटी का इस्तेमाल कर रहे हैं हम लोग इस पर डाटा दे रहे हैं ना डाटा जो है वो कैसे चल रहा है वो पैकेट्स के फॉर्म
पर जा रहा है है ना ये डाटा कैसे ट्रेवल कर रहा है पैकेट्स के फॉर्म में ट्रेवल कर रहा है और इसी पैकेट्स के फॉर्म पर हम लोग यार अपनी वॉइस कॉल को भी स्विच कर देते हैं हमारा सारा वॉइस कॉल भी बाद से इन्हीं पैकेट्स के फॉर्म में जाएगा यार सिंपल और इसी नेटवर्क को हम लोगों ने क्या बोला वॉइस ओवर एलटीई बोला वॉइस ओवर एलटीई कि हम लोग इसी एलटीई के ऊपर वॉइस ओवर भी दे दे रहे हैं मतलब हमारा वॉइस कॉल जो है वो भी एलटी के नेटवर्क के ऊपर ही चलेगा तो
अब हमारा वोल्टे हो गया अब वोल्टे में भाई साहब बड़ा शानदार चीज था अब जब वोल्टे आया आपका ना तो वीडियो कॉलिंग की फैसिलिटी आपके लोकल फोन में भी हो गई वीडियो कॉलिंग जो है अब आप डायरेक्ट कर सकते थे इसके लिए अब आपको किसी एप्लीकेशन की जरूरत नहीं है भैया क्योंकि आपका वॉइस कॉल जो है अब वो भी वैसे ही चल रहा है जैसे आपका इंटरनेट का डाटा चलता है तो वोल्टे में ये फायदा आया फिर इसी को हम लोगों ने 4g तो हम लोगों ने देखा ही नहीं इनफैक्ट सीधे हम लोग का 5g
नेटवर्क आ गया 5g नेटवर्क में और और भी फ्रीक्वेंसी को हमने बढ़ाया यहां पर अब आप देखो जरा ध्यान से यहां पर आप देखोगे तो कितने फ्रीक्वेंसी पर यह काम कर रहे हैं तो आपको अलग-अलग दिखेगा फ्रीक्वेंसी बढ़ते हुए ये 30 कोर्ट्ज पर काम कर रहा है तो ये 1.8 गगा हट्ज पर ये 1.6 से 2 गह तक ये 2 से 8 गह तक ये तीन से 30 गह तक और ये अब टेरा हर्ट्ज पर 6g आने की बात हो रही है है ना अपना भारत का 6g मिशन है कि भारत चाहता है कि 6g
में हम लोग बहुत तेजी से आगे बढ़ें तो मतलब इस तरीके से वो धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा है ना यहां पर अब बाकी चीजें तो अब हम लोगों ने मोटा-मोटा इसका भी कवर कर ही लिया है यहां पर आप देखो कि जब एलटी नेटवर्क आप करते थे तो कॉल कनेक्शन में काफी टाइम लगता था जब भी आप डायल करते थे तो टिक टिक टिक फिर घंटी ब टन टन घंटी फिर बसती थी लेकिन जब से वोल्टे आया भाई साहब कनेक्शन यूं लगता है आप डायल करते हो हेलो सीधे घंटी बजती है आज के 5जी नेटवर्क तक
में भी आप यही सारी चीज देख रहे हो तो एक्चुअल में क्या हो रहा है कि हम सिर्फ फ्रीक्वेंसी बढ़ा रहे हैं फ्रीक्वेंसी बढ़ाने से साथ-साथ हम लोग कुछ एक लिमिटेड टेक्नोलॉजी के बस चेंजेज में हम लोग वो देख रहे हैं कि छोटी-छोटी टेक्नोलॉजीज बढ़ाते जाओ और ये अपना काम बनता जाएगा छोटी स टेक्नोलॉजी मतलब कि हमारा बस फ्रीक्वेंसी बढ़ाते जाओ और ये अपना पूरा काम बन जाएगा बस फ्रीक्वेंसी बढ़ाओ अपनी डाटा स्पीड बढ़ जाएगी डाटा स्पीड के साथ-साथ अब हम लोग जो जिस हिसाब से देखो अभी जैसे हम लोग टीडीएम में एफडीएम में सीडीएम
में इन सब तरीके से हम लोग मल्टीपल कॉल्स के एक्सेस को चेंज करते थे ना अब समझ लो इन सब तरीके में ना थोड़े-थोड़े और टेक्नोलॉजीज आ गई जैसे कि मैं आपको कुछ-कुछ चीजें बता भी देता हूं जब आपका 5g आया तो आपके 4जी की बात कर लेते हैं 4जी में आपका हाई स्पीड पैकेट एक्सेस आ गया है ना एचएस पी मैं आपको यह सारी चीज बस लिख देता हूं कहीं पर यहां पर मैं एक चीज इसके पहले ही बस लिख देता हूं यहां पर 4जी की अगर बात करोगे 4जी की बात करोगे तो यहां
पर आपका एक टेक्नोलॉजी आता है एचएस पीए है ना यह क्या आता यह आपका हाई स्पीड पैकेट एक्सेस है ना जब आप 5g पर आते हो अब ये सब क्या है ट्रांसमिशन का है कि कैसे-कैसे ये लोग ट्रांसमिट करते थे अब ये भी पैकेट्स का इस्तेमाल करने लगे मैंने बताया वोल्टे वोल्टे के बाद तो यार सब पैकेट्स के इस्तेमाल पर आ गए इसके बाद जब आपका 5g नेटवर्क आता है तो 5g जो है वो बेसिकली आपका एक तो सबसे पहले वो मिलीमीटर वेव तक शिफ्ट हो गया था गिगा हर्ट्स पर काम करने लगा था और
यहां पर एक और तगड़ा काम होता है जिसको हम लोग बोलते हैं ममो ममो है मासि मल्टीपल इनपुट एक्सेस हम लोग बोलते हैं ममो मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउटपुट मतलब कि ममो पर काम करने लगे मतलब इसमें आप समझ लो कि और ज्यादा लोग की कनेक्टिविटी आ जाएगी मतलब एक एरिया में जैसे मान लो पहले 1 लाख लोग बात कर पाते होंगे एक कनेक्शन से मतलब एक नेटवर्क टावर से तो आप 5g नेटवर्क केतार अब एक 1 लाख के जग 10 लाख लोग कनेक्ट हो जाएंगे तो ये मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउटपुट ज्यादा लोग कनेक्ट हो सकते
हैं एक ही नेटवर्क पर ऐसा कुछ सिस्टम बनने लगा जब आप 6g की बात करते हो 6g में आता है एक इंटेलिजेंट रिफ्लेक्टिंग सरफेस भी आ जाता है 6g में जब आप बात करते हो 6g में तो एक आ जाता है इंटेलिजेंट इंटेलिजेंट रिफ्लेक्टिंग सरफेस तो इसके वजह से भी अब आप देख सकते हो कि मतलब अब वही है कि ना मोर डिवाइस कैन बी कनेक्टेड अ मिलियंस ऑफ डिवाइसेज पर किलोमीटर अब इसकी कवरेज हो जाएगी तो इस तरीके से हाईली हाईली इमर्सिव डिजिटल कम्युनिकेशन वगैरह सब इससे पॉसिबल हो पाएगा जो हम लोग अभी बात
कर रहे थे ना मेटा वर्स की बात कर रहे थे या फिर होलोग्राम वाले इमेजेस की बात कर रहे थे तो ये सारी चीजें किस पर डिपेंडेंट हो जाएगी अब यही सब चीजें चला पाएगा है ना तो यह सारी चीजें अब आप लोग बहुत अच्छे से क्लियर विजिबल देख सकते हो इसके बाद में एक चीज और हम लोग देख लेते हैं फटाफट से आप सब लोग को पता होगा यार कि आप लोग इस्तेमाल करते हैं जैसे हम बोल सकते हैं सब लोग सेम इस्तेमाल करते हो क्या अरे इसमें बोलोगे सर यह पूछने वाली बात है
करते ही हैं तो आखिरकार यह सिम क्या यार य सिम क्या चीज है अरे या यह क्या चल रहा है सिम क्या चीज है यह है एक्चुअल में आपका सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल है ना क्या है भाई सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल यह सिम है सिम है आपका सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल इसको मैं लिख देता हूं यहां पर सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल यहां से जो है वो क्लासरूम चेंज हो गई है मेरी आपको पता नहीं भनक लगी है कि नहीं लेकिन अब मैं यह दूसरे क्लास में रिकॉर्ड कर रहा हूं और इसका बोर्ड जो है वह मेरे लायक नहीं है
मतलब की यह बोर्ड का पेन जो है व अजीब तरीके से बिहेव कर रहा है अब यहां पर इतनी अच्छी राइटिंग नहीं बनेगी मेरी तो बियर विथ मी है ना कुछ नहीं कर सकते ना आप ना मैं तो जैसा लिख रहा हूं पढ़ लीजिएगा सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल इसका बहुत सिंपल सा मतलब है सिम जो होता है एक आपका मेटल चिप जैसा होता है है ना क्या है भाई ये मेटल चिप है इसके अंदर ना सर्टेन होते सर्टेन इंफॉर्मेशन का क्या मतलब है जैसे कि इसमें सबसे पहले यह होगा कि आपका जो भी आइडेंटिटी है आइडेंटिटी
जैसे कि आपका जिसको आप लोग मोबाइल नंबर बोलते हो ना जनरल भाषा में वो दूसरे नंबर पर होगा आपका नेटवर्क प्रोवाइडर नेटवर्क प्रोवाइडर इंफॉर्मेशन यह कौन हो सकता है यार य देखो आपका एटेल हो सकता है या आपका j हो सकता है आपका मतलब j बोले तो reliance1 ही दिखता है हर जगह तो यह यह एक इंफॉर्मेशन है फिर इसके बाद एक मेटल चिप में और इंफॉर्मेशन होती है मोबाइल नंबर का पता चल गया आपका जिस नेटवर्क के साथ में कनेक्शन है वो नेटवर्क आपको प्रोवाइड कौन कर रहा है यह पता चल गया इसके साथ-साथ
एक इफ फॉर्मेशन ये भी होगा कि जो कि कनेक्शन को ऑथेंटिकेट कर सके तो हम बोल सकते हैं इसमें क्या ऑथेंटिकेशन ऑफ ऑथेंटिकेशन ऑफ कनेक्टिविटी या कनेक्शन कौन इस कनेक्शन को ऑथेंटिकेट कर रहा है है ना आपने किसी को फोन किया या आपके पास किसी का फोन आता है तो एक कनेक्शन एस्टेब्लिश करना पड़ेगा ना वो भी सिम के अंदर में छोटी सी इंफॉर्मेशन होती है तो बहुत ही छोटा सा इंफॉर्मेशन इन सबके अंदर में होता है आप बोल सकते हैं बहुत ही छोटा डाटा कई बार तो पुराने जमाने में कुछ स्टोर इसके अंदर क्या
होता था कुछ मेमोरी स्टोरेज भी होती थी मेमोरी स्टोरेज भी होती थी जिसके अंदर कुछ बेसिक लोगों के कांटेक्ट डिटेल सेव हो जाते थे ये पहले आप लोग करते थे ना अब तो सब कुछ मेल बेस्ड हो गया है कि आपके जीमल से लिंक्ड होता है एक बार दूसरे फोन में जैसे ही आप अपना प्ले स्टोर में लॉग इन करते हैं सारा का सारा कांटेक्ट नंबर अपने आप आ जाता है लेकिन पहले सिम के अंदर ही आपका मेमोरी भी होता था तो वहां पर भी लिमिटेड नंबर ऑफ फोन नंबर जैसे कि 100 लोगों का है
ना एप्रोक्सीमेटली 100 लोग के नंबर्स यहां पर सेव हो जाते थे इसी का एक अब नया एक नया भाई आया है उसको हम लोग बोलते हैं ई सिम ई सिम ई सिम जो है वह है आपका सब्सक्राइबर एटी मॉड्यूल के साथ साथ इंबेडेड सिम हैय यह क्या है भाई साहब इंबेडेड एंबेडेड सिम एंबेडेड सिम का मतलब क्या है यह सारी इंफॉर्मेशन जो एक मेटल चिप पर हुआ करती थी इस मेटल चिप को रिप्लेस करके हमने इसको डिजिटाइज कर दिया क्या कर दिया भाई डिजिटलाइज कर दिया डिजी डीजी गलत हो गया वी हैव मेड इट डिजिटल
डिजिटल वर्जन है इसका अब हम लोग को जितनी इंफॉर्मेशन उस मेटल चिप में स्टोर होती थी ना यही सारी इंफॉर्मेशन तो यार हम लोग कहीं पर भी स्टोर कर सकते हैं ऐसा क्या है स्टोर करके ऑथेंटिकेट कर दो बात खत्म तो हम लोग के लिए अब आगे का जमाना जो है वो ई सिम का है अब सारे के सारे नेटवर्क प्रोवाइडर आपके मोबाइल के अंदर की छोटी सी मेमोरी लेंगे उसमें ई सिम दे देंगे आपको और इनफैक्ट जब अब आजकल आता नहीं था कि भाई यह डबल सिम सपोर्ट करता है यह सिंगल सिम वाला ही
है तो हम डबल सिम वाला लेंगे अरे जरूरत ही नहीं है एक सिम स्लॉट भी है तो दूसरा सिम ई सिम में कन्वर्ट हो जाता है तो दो सिम वो भी बन जाते हैं तो अलग-अलग सिम्स का इस्तेमाल कर सकते हो आप लोग मल्टीपल सिम्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जब भी हम लोग इसकी बात करेंगे तो है ना तो इस तरीके से इस तरीके से आप एक मिनट को साइलेंट प कर देता हूं यस तो इस तरीके से सिम की बात हो गई अब सिम के साथ-साथ ना आपके मोबाइल फोन में एक और चीज
होती है जिसको हम लोग बोलते हैं क्या आई एमई आई नंबर यह यूनिक नंबर है आपके मोबाइल गैजेट का जितने भी डिवाइसेोकंट्रोल में ऐसा देखा गया कि वो कुछ ऐसे मोबाइल फोस का डेवलपमेंट कर रहे थे जिसका आईएमईआई नंबर सेम था आप जब भी किसी कंपनी के फोन को ले जाके आप अपना आईएमईआई नंबर दिखाते हो तो उसी से आपका पूरा मोबाइल का डाटा डेटा नहीं मतलब हिस्ट्री ट्रैक हो जाता है तो आपके पास ना आपके मोबाइल का एक यूनिक नंबर है अगर यकीन नहीं है तो आप अपने मोबाइल पर अभी-अभी स्टार हैश 06 हैश
डायल करके देख लो आपके मोबाइल स्लॉट दो सिम वाले हैं तो आपके दो आईएमईआई नंबर आएंगे अगर एक है तो एक आईएमईआई नंबर आएगा आ आईएमईआई नंबर इज रिप्रेजेंटेड जस्ट इन केस कि वो आपके नेटवर्क प्रोवाइडर से बिल्कुल डिफरेंट रहे मतलब कि हो सकता है कि आप jio1 पर पोर्ट करा लिया कुछ दिन बाद आपने बीएसएनए पे पोर्ट करा दिया सेम ही नंबर अलग-अलग पोर्ट हो जा रहा है तो सर्विस प्रोवाइडर तो चेंज होते जा रहे हैं लेकिन कोई एक चीज जो कि बिल्कुल कांस्टेंट रहे जिसके थ्रू इनफैक्ट अगर आपका सिम भी निकाल दिया जाए
तो भी आपका मोबाइल ट्रैक हो सके अगर आप किसी भी नेटवर्क के थ्रू कनेक्टेड हैं तो उसके लिए बनाया गया था यह आईएमईआई नंबर है ना आईएमईआई नंबर का मतलब है इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी क्या है भाई ये इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी ठीक है यह बात भी क्लियर है अब आप लोग के मन में इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी आईएमईआई नंबर होता है ये बेसिकली आपका एक यूनिक 15 डिजिट का नंबर है इसमें आप देख सकते हो अभी भी आप देखोगे तो आपको मिल जाएगा कि ये यूनिक 15 डिजिट नंबर है अगर आपके घर में दो-चार
मोबाइल फोन है आप देख लेना निकाल के सबके आईएमईआई नंबर जो है वो अलग-अलग शो करेंगे ठीक है ये हो गया आईएमईआई नंबर तो ये दो-तीन चीजें आपको और पता होनी चाहिए थी नाउ मूविंग टुवर्ड्स आवर नेक्स्ट टॉपिक नेक्स्ट टॉपिक में हमारा जो आज का हम लोगों ने सबसे पहले क्या बेसिक्स पढ़े उसके बाद हम लोगों ने रिसेंट एडवांसमेंट आईसीटी में क्या है वो पढ़ा फिर उसके बाद सुपर कंप्यूटर पढ़ा तीसरे नंबर पर चौथे नंबर पर हम लोगों ने पढ़ा डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पांचवे नंबर पर हम लोगों ने पढ़ा मोबाइल का इवोल्यूशन अब छठवें नंबर पर
हम लोग पढ़ रहे हैं क्या अपना इंटरनेट का तो यहां पर चलते हैं हम लोग और नेटवर्क की बात कर लेते हैं हम लोग है ना हम लोग बेसिकली क्या बात कर रहे हैं मोबाइल नेट के साथ अच्छा पहले हम लोग इंटरनेट की बात करते हैं फिर उस पर आएंगे तो हम लोग यहां से लिखते हैं जरा क्या हम लोग लिख रहे हैं इंटरनेट इंटरनेट इंटरनेट का ना आपको थोड़ा सा मलब बेसिक वर्जन पता होना चाहिए कुछ चीज जो है जो आपको बहुत ही बेसिक समझाए जिसको हम लोग बोलते हैं इंटरनेट की टेक्नोलॉजी यहां पर
लिख देते हैं इंटरनेट टेक्नोलॉजी कुछ चीज हैसे इसमें आप लोग को मैं बताता हूं जैसे ना बहुत बेसिक सी चीज बताता हूं आप लोग हमेशा एक वेब का इस्तेमाल करते हो जिसको हम लोग बोलते हैं व वड वाइड वेब जिसको बेसिकली हम लोग डबल डब्ड बोलते हैं यही लिखते हो ना जैसे पडली की साइट पर जाना है तो क्या लिखते हैं प www.pc ऐसा लिखते हो आप लोग तो आखिरकार य डडड क्या है एक्चुअल में आप हमेशा समझना कि जो डब्ल्यूडब्ल्यू डब् है यह आपका एक प्रकार का जैसे ना आपको ना एक हाइपोथेटिकल इमेजिनेशन पर
चलना है इंटरनेट इज सम वट सिमिलर टू ऑर्डरिंग पिज्जा कुछ भी कर लो है ना आपको पिज्जा जो है वो ऑर्डर करना है और इस पिज्जा को ऑर्डर करने के लिए आपको यह समझना है कि कैसे ही काम कर रहा होगा मान के चलो कि आप एक ऐसी जगह को जानते हो मान लो कि हम यहां का कनॉट प्लेस ले लेते हैं सीपी ले लेते हैं दिल्ली का सीपी का जो दिल्ली दिल्ली का जो सीपी जगह है वहां पर ना कई सारे पिज्जास के शॉप्स हैं वहां पर डोमिनोस का पिज्जा मिलता है वहां पर आपके
केएफसी का पिज्जा मिलता है वहां पर आपके मैगडी वाले भी पिज्जा दे रहे हैं वहां पर आपके और कौन सी कंपनी है डोमिनोज वाले दे रहे हैं सब अलग-अलग पिज़्ज़ा हट दे रहा है सब दे रहे हैं है ना तो अब इसी तरीके से ये जो वर्ल्ड वाइड वेब है दिस विल बी सिमिलर टू योर सीपी सीपी इज अ लोकेशन इज अ प्लेस वयर ऑल द पिज़्ज़ शॉप्स आर बीइंग ओपें अप ये जो प्लेस है ये एक बड़ा सा प्लेस है है ना बड़ा सा प्लेस बहुत सारी दुकानें हैं पिज्जाज की उन सब को हम
लोग क्या बोलेंगे डडड वर्ल्ड वाइड वेब वर्ल्ड वाइड वेब क्या है एक लोकेशन एक जगह है जहां पर दुनिया जहां की हर एक चीज मिलने को तैयार है इसी को हम लोग क्या रिफर करते हैं डडड यू कैन से इट लाइक कि यह एक प्रकार का इंटरनेट है एक ऐसी दुनिया है जिसको कि ओपन करने के लिए जहां पर पहुंचने के लिए आपको डडड जैसी कोई चीज का इस्तेमाल करना पड़ता है इतनी बात क्लियर है आपके मन में तो जब भी हम लोग डडड की बात करते हैं वर्ल्ड वाइड वेब की बात करते हैं तो
यह तो एक एक फॉर्मल चीज हुई अब देखो अब आपने समझा कि यार वहां तो कई सारे पिज्जा की दुकान है डोमिनोज वाला भी खुला है यह पिज्जा हट वाला भी है यह मैगडी वाला भी है यह दूसरे दूसरे अलाना फलाना धमकाना सब है उसमें लेकिन आपको खाना डोमिनो से है तो आप किसी डोमिनोस पर जाओगे कैसे या फिर आपको घर बैठे ऑर्डर करना है मान लो ठीक है सिंपल समझते हैं आपको घर बैठे हो आप यहां पर मान लो आप अपने पटेल नगर करोलबाग किसी भी एरिया में हो और यहां से आपको सीपी वाले
मार्केट के सभी पिज्जा वाले शॉप से किसी एक शॉप से ऑर्डर करना है तो अब आपने सबसे पहले तो उस जगह को सेलेक्ट किया डडड जहां पर सारी दुकाने पिज्जा से खुली थी अब आपको एक पिज्जा के शॉप पर विजिट करना पड़ेगा मतलब उसका पता आपको पता होना चाहिए उसका पता है क्या उसका पता है मान लो सीपी के अंदर डोमिनोज वाला डोमिनोज जो है वह आपका सीपी के अंदर है तो डोमिनोज जो है उसका एक नाम है ना कंपनी का नेम हो गया तो सिमिलरली यहां पर एक दूसरे नंबर पर ऐसे ही आ सकता
है जिसको हम लोग बोलते हैं यू आरएल ठीक है यूआरएल ये जो यूआरएल है यह आपका है यूनिफॉर्म सोर्स लोकेटर है ना इसको क्या बोलेंगे हम लोग इसको हम लोग बोलेंगे यूनिफॉर्म यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर अब ये बेसिकली आपका क्या बता रहा होगा सीपी के अंदर डोमिनोज जो है वहां के आपको ऑनलाइन विजिट कर रहे हो ना आप तो तो ऑनलाइन विजिट में डोमिनोज जो है वो वहां पर आपको जाना है तो यहां पर मान लो इसका कुछ एक एड्रेस होगा है ना यूआरएल कैसा होता है जैसे मान लो आपको प ड ओनली
आ पर जाना होता है तो हमारा जो एक सर्वर है सर्वर सर्वर सर्वर सर्वर का एड्रेस है जहां पर हमारा सारा चीज सारा डाटा अपडेटेड है उसको हम लोग बोलते हैं सर्वर और यह सर्वर का एड्रेस जो है वोह हमारे लिए है पीड ली ias.com है ना तो pw.com जो है यह हमारे लिए क्या कहलाएगा इसका यूआरएल कहलाएगा हमारा यूआरएल क्या है pw.com सिमिलरली यहां पर कोई भी इमेजिनेशन में ले लेते हैं हम लोग लिखते हैं कि इसका और जो है वो हैड cpc.gov.in पर आपने डोमिनो सर्च किया तो डोमिनोस का अपना एक यूआरएल होगा
समझ लो एक प्रकार से यह इस दुकान का एड्रेस है है ना जैसे दुकान का अपना एड्रेस होता है कि भाई 5/17 डोमिनोज वहां खुला है तो ये तो लोकल एरिया फिजिकली पहुंच जाओगे आप और इंटरनेट से पहुंचना है तो पहले इंटरनेट की दुनिया में जाओगे डड से और फिर उसके बाद इसका लोकेशन आप भरोगे जो कि है www.dominos.com तो आप इसके दुकान के अंदर लैंड कर गए हो अब ऐसे समझ लो अब आपके पास यह होगा भाई साहब आर्डर करना है फटाफट से तो उसमें ना ना प्रकार के सारी चीजें होंगी तो वो इस
इस वेबसाइट के अंदर का सर्वर या डाटा जो भी होगा वो इस पर होस्टेड होगा है ना सर्वर पर ये सारा का सारा इस सर्वर के एड्रेस पर सारा का सारा डाटा जो है वो होस्ट होगा इतनी बात भी समझ में आ गई इसके बाद एक तीसरा यहां पर आप लिख सकते हो क्या इसके बाद आप लिख सकते हो एक आपका आता है प्रोटोकॉल्स प्रोटोकॉल जो होता है ना वो बेसिकली आपके रूल्स और रेगुलेशंस के ऊपर डिपेंडेंट है रूल्स एंड रेगुलेशंस ये जो रूल्स एंड रेगुलेशंस हैं यही सब चीज डिफाइन करेगा कि आखिरकार इंटरनेट पर
कैसे काम होगा अगर पिज़्ज़ वाले एग्जांपल को देखें तो यहां पर ये कौन एड्रेस कहां से आपको लेकर आएगा कौन लेके आएगा कौन इंसान सोनू मोनू कौन आपके घर तक डिलीवर करेगा वगैरह वगैरह ये सारा नियम कानून जो होगा वो इस प्रो मतलब इंटरनेट की दुनिया के जितने नियम कानून है वो सब प्रोटोकॉल्स में आएंगे है ना अब जैसे इसमें इथरनेट कनेक्टिविटी कैसी होगी आपका इंटरनेट कनेक्टिविटी कैसा होगा इनफैक्ट इसमें एक एचटीटी हम लोग लिखते हैं है ना एचटीटीपी एचटीटीपी यह क्या है आपका यह आपका हाइपर टेक्स्ट या फिर हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल मतलब उस
तरीके से आप समझ लो कि डाटा को वेबसाइट या ऐप के ऊपर कैसे आपको फॉर्मेट करना है उन सबका नियम कानून है पूरा यह एचटीटीपी हाइपर टेक्स्ट हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल तो यह सारा नियम कानून बताता है चौथा आप इसमें लिख सकते हो आपका आईपी एड्रेस क्या है भाई आईपी एड्रेस आईपी एड्रेस जो है ना वह एक प्रकार का यूनिक एड्रेस है आपका आईपी एड्रेस जो है वह एक प्रकार का क्या है यूनिक एड्रेस है जो कि आप मान लो कि आप अभी कहां बैठे थे पटेल नगर या करोलबाग में तो जहां पर आप बैठे
होगे वहां पर भी तो कुछ आपके घर का एड्रेस होगा ना डिलीवरी वाले को कैसे पता चलेगा कहां डिलीवर करना है तो सेम टू सेम अगर आप मोबाइल फोन से ऑर्डर कर रहे हो तो मोबाइल फोन को पता कैसे चलना है कि कहां आपने डाटा जो प्लेस किया है ना आपने रिक्वेस्ट की होगी ना कोई डाटा को कि मेरे मेरे मोबाइल फोन पर इस नोस की वेबसाइट को लोड कर दो तो यह जो डाटा आपने रिक्वेस्ट किया यह इस प्रोटोकॉल की मदद से गया होगा कहीं सर्वर पर और सर्वर पर डाटा जितना भी था वह
आपके मोबाइल फोन पर अपलोड होने लगा मोबाइल फोन आप ही के क्यों अपलोड हुआ आपके दोस्त के बाजू वाले के मोबाइल फोन पर क्यों नहीं अपलोड हो गया क्योंकि उसको पता था कि भाई साहब इसको रिक्वेस्ट किसने किया है तो रिक्वेस्ट करने वाले डिवाइस का एक यूनिक नंबर होगा जब भी आप किसी भी डिवाइस से इंटरनेट चलाते हो तो उसका एक यूनिक आईपी एड्रेस होता है जैसे कि आपके घर का एड्रेस है वैसे ही समझ लो आपके गैजेट्स का भी एड्रेस है इसको हम लोग क्या बोलते हैं आईपी एड्रेस इसको बोलते हैं आईपी एड्रेस और
यह बेसिकली इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस है और यह दो तरीके से हो सकता है एक है आपका आईपीवी फ मतलब इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्जन फर और एक है आपका आईपीवी स तो यह जो दो वर्जन है आपके इंटरनेट प्रोटोकॉल या फिर आपके आईपी एड्रेस के जो दो अलग-अलग वर्जंस है एक पुराना है एक नया है बस यहां पर आप लोग बचपन में कॉलेज वगैरह में इस्तेमाल करते होंगे यार ऐसा कुछ 192.168 1.1 ऐसा कुछ करते थे ए डिजिट का यह कितना है आपका छोटा सा 32 बिट का है ये सिमिलरली इसी तरीके से आपका 128 बिट का
और आता है 1238 बिट जो है यहां पर आपका यह तो सिर्फ न्यूमेरिक है यह तो सिर्फ क्या है यह सिर्फ न्यूमेरिक है तो आपका अल्फा न्यूमेरिक होता है अल्फा न्यूमेरिक होता है और यह काफी बड़ा डिजिट का होता है जैसे कि यह हमने बोला कि ये 32 बिट का है तो ये उसी तरीके से ये 128 बिट का है ये ऐसा क्यों किया गया अरे यार हर चीज में तो इंटरनेट चलने लगा इसमें भी इंटरनेट चलता है भाई साहब इसमें भी इंटरनेट चलता है मैं इससे भी इंटरनेट का पेजेस वगैरह स्क्रॉल अप डाउन कर
सकता हूं तो आखिरकार सोचो कि इस इसका भी तो फिर आईपी एड्रेस होगा ना हम जब इससे कोई भी चीज रिक्वेस्ट करेंगे तो इसी में डाटा वापस आना चाहिए मेरे मोबाइल फोन में थोड़ी ना आएगा तो जायर सी बात है कि हर एक नए-नए जितना यार रेबल डिवाइस है जो भी चीज जो डिवाइस देख लो यह वो इसलिए होता है जिससे कि आपके मोबाइल फोन को यूं ही हम नेटवर्क के बेसिस पर वो बात करने वाले नेटवर्क के बेसिस पर ट्रैक कर सके और इसको हम इसलिए लिखते हैं ताकि जो भी आपने इंटरनेट चलाते टाइम
जिस डाटा को रिक्वेस्ट किया है वही डाटा सेम टू सेम आपके डिवाइस पर लोड हो सके और यहां पर ना एक इस तरीके से और भी फॉर्म है जिसको हम लोग बोलते हैं पैकेट्स पैकेट्स प्रोटोकॉल्स एंड पैकेट्स तो पैकेट्स जो होते हैं ये ये क्या है ये एक्चुअल में डेटा पैकेट्स हैं तो आपने जिस पैकेट को रिक्वेस्ट किया है वही पैकेट आपके डाटा वही आपके मोबाइल फोन में अपलोड हो जाते हैं क्यों क्योंकि आपका आईपी एड्रेस ट्रैक हो रहा है जिस आईपी एड्रेस से जो डाटा का डिमांड किया रहेगा उसी आईपी एड्रेस पे वही डाटा
को भेज दिया जाएगा ये भी बात समझ में आ गई और जो डाटास है वो पैकेट्स के फॉर्म में आते हैं मतलब हम यूं बोले कि पैकेट दर पैकेट लाइन से आएंगे ये ए बी सीडी पहले ये जाएगा दूसरा ये तीसरा ये चौथा ये तो इस तरीके से आप देखोगे कि आपका जो इंटरनेट का पेज है वो ऊपर से नीचे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे पूरा अपलोड होता है जब इंटरनेट स्पीड बहुत धीमी होती है तो पहले एकदम से वो घूम घूम के थोड़ा नाचता रहेगा फिर सारा टेक्स्ट आ जाएगा फिर उसके बाद आपका मल्टीमीडिया आ
जाएगा फिर कोई वीडियो प्ले करने वाला होगा वो भी आ जाएगा तो वो सब क्या किस फॉर्म में आ रहे है सब पैकेट्स की फॉर्म में आ रहे हैं आपके मोबाइल फोन पर कैसे पहुंच जा रहे हैं क्योंकि आपके मोबाइल का यूनिक आईपी एड्रेस है ठीक है तो इस तरीके से आप समझ सकते हो इवन आपके लैपटॉप का यूनिक आईपी एड्रेस होता है इसके बाद एक और चीज आती है मतलब कि अब आपके मोबाइल फोन का एड्रेस जो है वो भी ट्रैक हो गया भाई साहब अब पि जो है वहां से निकलने को तैयार है
सब कुछ डन है मोटा-मोटा अब आप इस तरीके से पिज़्ज़ ऑर्डर कर सकते हो है ना आप लोगों ने मोटा-मोटा सब चीज समझ लिया आपका पैकेट क्या है प्रोटोकॉल क्या है आपका नॉर्मली इंटरनेट में डडड क्या है एचटीटीपी क्या है नॉर्मली आपका यूआरएल क्या है सर्वर क्या है और साथ में आपका आईपी एड्रेस क्या है यह सब अब आप बहुत अच्छी तरीके से समझ चुके हो तो यही पूरा इंटरनेट टेक्नोलॉजी को डिफाइन करता है कि एक्चुअल में इंटरनेट वर्क कैसे करता है इट इज सिमिलर टू ऐसा कुछ समझ लो कि यहां पर मान लो आपका
मोबाइल फोन है मोबाइल फोन से आपने एक मैसेज टाइप किया डड से आप इंटरनेट पर पहुंच गए यहां से आपने टाइप किया पडल ओनली आई कॉ यहां से यह जो डाटा रिक्वेस्ट है डटा रिक्वेस्ट जो है यह पहुंचा आपके नेटवर्क प्रोवाइडर पर है ना यह मान लो टावर लगा होगा यहां पर यह गया और इसने इस टावर ने ट्रांसमिट किया है ना इसने ट्रांसमिट किया और यहां पर जो प्रॉपर इंटरनेट था वो प्रॉपर इंटरनेट जो है उस पर यह डाटा सर्वर गया ठीक है इस डाटा सर्वर को जब ये यहां पर पहुंचा ना तो इसने
इसको पढ़ा और वापस किया वापस किया अपने डाटा को जो आपने रिक्वेस्ट किया है सारा का सारा और यह क्या है इसने कनेक्ट किया होगा सर्वर के साथ में क्योंकि आपका सारा डाटा कहां पर स्टोर है सर्वर पर स्टोर है और वो सर्वर को यही इंटरनेट ही देख रहा है तो ये जो सर्वर आपने होस्ट किया मान लो यह कहां पहुंचा के लेके गया होगा आपको pw.com प वहां का सारा इंफॉर्मेशन सर्वर से लिया होगा और वो सारे इंफ पैकेट्स के फॉर्म में पैकेट्स के फॉर्म में आपको वापस से आपके नेटवर्क प्रोवाइडर को भेजा होगा
इसने फिर यह जो नेटवर्क प्रोवाइडर है इसने वापस से उसी आईपी एड्रेस पर जिस आईपी एड्रेस से आपने यहां पर रिक्वेस्ट किया था उसी आईपी एड्रेस से इस पैकेट्स को यहां पर आपके फोन पर यह लोड कर देगा तो आपका जो जो डेटा रिक्वेस्टेड था वह सारा का सारा यहां पर लिख जाएगा दिस इ हाउ इंटरनेट एक्चुअली वर्क्स है ना और यह सब सोचो ऐसे चुटकियों में हो जाता है भाई साहब इन सब चीजों को समझने के लिए ना आपको एक चीज का पता होना बड़ा जरूरी है यार यहां पर क्या चीज का पता होना
जरूरी है मैं आपको बता देता हूं एक्चुअल में इंटरनेट कैसे काम करता है यह तो आप लोगों ने सब समझ लिया लेकिन यह बेसिकली देखो दो चीजें और भी होती है यहां पर एक होता है आपका मॉडम और एक होता है रूटर ये दोनों को भी आप समझ लो एक बार यहां पर मैं लिखता हूं यह क्या है एक है आपका मॉडम मॉडम का फुल फॉर्म बड़ा ही सिंपल सा यह है आपका मॉडर डी मॉडले ठीक मॉडले र डी मॉडले मॉडले डी मॉडले जो है ना वो बेसिकली देखो वही सेम फंक्शन है जो कि आपके
बेसिक समझ लो कि आप जैसे आप इंटरनेट कनेक्टिविटी को इस्तेमाल करना चाहते हो वो इंटरनेट के कनेक्शन को इंश्योर करके कोड करता है इंक्रिप्ट करता है मतलब कि जो देखो आपके मोबाइल फोन से कुछ रिक्वेस्ट गया है ना तो यहां पर लगा होगा एक मॉडले या फिर एक लगा होगा मॉडेम मॉडेम क्या करेगा इस रिक्वेस्ट को यह डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट कर देता है मतलब कि यह रिक्वेस्ट को क्या कर रहा है डेटा रिक्वेस्ट को डेटा रिक्वेस्ट को डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करता है डिजिटल फॉर्मेट में इंक्रिप्ट कर देता है मॉडले कर देता है है
ना इनक्रिप्ट या मॉडले कर देता है और यही सिग्नल जो है यही सिग्नल फिर पैकेट्स के फॉर्म में आपके नेटवर्क प्रोवाइडर के पास जाती है वहां से सब कुछ आएगी वापस आएगी फिर इसी फॉर्मेट में वापस जब आती है तो ये यहां पर वापस आया अब जिस हिसाब से इसने डाटा को मॉडले किया था अब वो उसको डी मॉडले कर देगा डी मॉडले करेगा और वापस से आपके फोन पर वो डाटा चखने लगेगा तो दिस इज हाउ मॉडले एंड डी मॉडले अपर वर्क आप मतलब उसके बिना काम ही नहीं कर पाओगे यार मॉडम के बिना
है ना तो जब भी आप कोई भी इंटरनेट एक्सेस के लिए मॉडेम का इस्तेमाल करते हो मॉडम का इस्तेमाल करते हो तो बेसिकली वो सिग्नल्स को आप समझ लो एनालॉग और डिजिटल वगैरह में कन्वर्जन की बात करता है इसमें फिर आता है दूसरा आपका रूटर है ना दूसरा आता है आपका रूटर जैसे कि नाम से पता चल रहा है यह रूट कर देता है रास्ता दिखा देता है तो जो आपका रूटर होता है जो आपका रूटर होता है ऐसे एंटीना लगा होता है कुछ यहां पर केबल्स वगैरह लगे होते हैं इसका काम क्या है यह
बेसिकली ना इसी मॉडम के साथ में कनेक्शन के साथ में आता है कनेक्शन मॉडले डी मॉडले करता है ये इस रूटर का काम क्या होता है सिग्नल्स को अलग-अलग जगह पर पहुंचा देना जो जिस डिवाइस से मान लो एक आईपी एड्रेस था यहां पर ना आईपी आईपी एड्रेस कोई भी मान लो मान लो ए था ये यहां पर दूसरा आईपी बी था यहां पर तीसरा आईपी सी था यहां पर चौथा आईपीडी था एंड सो ऑन यह जिस डिवाइस से जो डाटा इस तक आता है वो इसको ले आएगा ये इसको मॉडले करेगा पूछेगा वापस आएगा
डी मॉडले करेगा इसको देगा यह सेम टू सेम उसी डिवाइस उसी आईपी एड्रेस पर भेज देगा तो यह किसका काम है यह काम है आपके रूटर का रूटर क्या करता है अलग-अलग डिवाइसेसपोर्ट रूट करने का काम करता है अब इसी में अगर एक कनेक्शन आपने दे दिया किसका इंटरनेट का भी इंटरनेट का भी कनेक्शन दे दिया तो अब आप यह सारा काम बहुत इजली कर सकते हो है ना तो ये है दिस इज हाउ योर रूटर वर्क्स तो ये मॉडम और रूटर की बात हो गई अब इसके बाद ना आपका जो अगला है वो है
आपका डिफरेंट टाइप्स ऑफ कंप्यूटर नेटवर्क ये बहुत इंपॉर्टेंट है कंप्यूटर नेटवर्क की हम लोग बात करते हैं नाउ द टाइम कम्स व्हेन हम लोग कंप्यूटर नेटवर्क की बात करें यहां पर मैं बड़ा-बड़ा टॉपिक एक बार लिख देता हूं व्हाट इज दिस दिस इज कंप्यूटर नेटवर्क तो इसका पहला जो टाइप है वो है आपका पर्सनल एरिया नेटवर्क पन पन बड़ा ही आसान सा है यार पर्सनल एरिया नेटवर्क मतलब आपके अपने अपने डिवाइस सारे कनेक्ट रहते हैं जहां पर मान लो आपने लैपटॉप लिया लैपटॉप में पेनड्राइव लगाया दूसरे से उस पर तार खोस के हेडफोन लगा लिया
और फिर उसी से एक तार घुड़ा और उसको अपने मोबाइल फोन में डाल दिया और तार से अपना मोबाइल से डाटा को ट्रांसफर कर रहे हो लैपटॉप में वो हेडफोन को वायर से कनेक्ट कर रहे हो अपने कान में वायर से इंटरनेट को जोड़ रहे हो इज योर वायर्ड पैन आप मतलब एक पर्सनल एरिया नेटवर्क बना रहे हो अगर यही चीज को मैं बोलूं कि अरे आपने अपना मोबाइल निकाला आपने अपना ब्लूटूथ हेडसेट लगा लिया वायरलेस पर्सनल एरिया नेटवर्क सिंपल पर्सनल एरिया नेटवर्क इज वेरी वेरी वेरी लिमिटेड बस आप अपने पर्सनल यूज के लिए जितने
भी डिवाइसेसपोर्ट ठीक है अब सिमिलरली यहां पर अब यहां पर बेसिकली हम लोग ब्लूटूथ वाईफाई इन सबका इस्तेमाल करते हैं फिर आता है लोकल एरिया नेटवर्क लोकल एरिया नेटवर्क एक बड़े एरिया के लिए होता एक नेटवर्क बनाने की बात हो रही है इंटरनेट जहां पर कई सारे डिवाइसेज आपस में कनेक्टेड रहे तो यहां पर आप देख सकते हो जैसे कि आपका एक रूटर से कनेक्ट हो गया इंटरनेट दे दिया वहां पर आपने लैन केबल डाल के प्रिंटर से कनेक्ट कर दिया आपने लैन केबल डाल से लैपटॉप को कनेक्ट कर दिया अब लैपटॉप को अगर प्रिंटर
से कनेक्ट कर दिया लैपटॉप को आपने दूसरे लैपटॉप से कनेक्ट कर दिया मैं आपको एक सिंपल एग्जांपल देता हूं आप लोग कोटा गए हो मैं तो गया हूं यार काफी पहले गया था लगभग आज से हो गया कम से कम 18 साल पहले और लगभग 16 से 18 साल पहले जब मैं कोटा गया था तो उस टाइम पर यह मैंने देखा था कि वहां पे साइबर कैफेस थे वहां पे इंटरनेट नहीं चलता था साइबर कैफे के अंदर वहां पर बड़े-बड़े डेस्कटॉप रखे होते थे वही सीआरटी वाले डेस्कटॉप होते थे उस टाइम पर है ना वो
सीआरटी वाले डेस्कटॉप पर बच्चे बैठ के मूवी देख रहे हैं हां और उस टाइम पर इतना बड़ा डेटा आता ही नहीं था जैसे आज के टाइम पर मोबाइल फोन निकाल लो भाई साहब उसमें एक टीवी का डाटा मिल सकता है उस टाइम पर 100gb का मुश्किल से है वो भी बड़े महंगे कंप्यूटर होते जिसमें 100gb का डाटा होता था और मूवी जो है वो तो अच्छा खासा डेटा स्पेस लेती थी तो उसने क्या किया कि उसके उसके कैफे में अगर 20 कंप्यूटर है तो 20 कंप्यूटर को उसने तार से तार से सबसे जोड़ दिया उसने
क्या बनाया एक लोकल एरिया नेटवर्क बना दिया उन सबका मतलब सारे कंप्यूटर्स को एक साथ इकट्ठा कर दिया आप अपने एक कंप्यूटर पर बैठ के 20वां कंप्यूटर भी एक्सेस कर सकते हैं 16 वां कंप्यूटर भी एक्सेस कर सकते हैं उस कंप्यूटर के अंदर भी जो मूवी है वो भी अपने कंप्यूटर पर देख सकते हैं ये कैसे हो पा रहा है क्योंकि आपने सारे कंप्यूटर्स को एक जगह स्विच के माध्यम से सब में कनेक्ट कर दिया है तो ये जो लोकल एरिया नेटवर्क है दिस इज समथिंग सिमिलर कि आप जैसे ऑफिस के नेटवर्क को सभी सभी
जितने भी कंप्यूटर सिस्टम है उन सबको जोड़ दीजिए हमारे ऑफिस में भी ऑनली ए वाले ऑफिस में भी आप देखोगे ना तो वैसे ही हो रहा है कि इंटरनेट प्रोवाइड करने के लिए जितने भी डेस्कटॉप लगे होते हैं उन सबको तार से लाक कनेक्ट कर देते हैं बोलते हैं तार वाला ज्यादा अच्छा कनेक्शन देता है वाईफाई के मदद से वाईफाई के कंपैरिजन में तो ये सही बात भी है तो इस तरीके से आपका लोकल एरिया नेटवर्क बन गया अब सिमिलरली इसका जो नेक्स्ट स्टेज है वो आता है मैन मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क है ना मेट्रोपॉलिटन एरिया
नेटवर्क जो है वो इससे और बड़े इस्तेमाल में आता है जैसे मान लो जब आप किसी स्कूल कॉलेजेस में बात कर रहे हो तो कॉलेज में कई सारे हॉस्टल्स होंगे हॉस्टल में में कई सारे रूम्स होंगे रूम्स में कई सारे डिवाइसेज होंगे उन सबको कनेक्ट करने के लिए मतलब समझ लो इसके अंदर कई सारे लैंस बनेंगे है ना बहुत सारे लैन कनेक्टिविटी के साथ जैसे हम लोग के कॉलेज के टाइम पर जब थे हम लोग तो वहां पर हम लोग इस नेटवर्क का इस्तेमाल करके हम लोग ना गेम खेलते थे यस हम लोग गेम खेलते
थे तो उसमें क्या होता था कि गर्ल्स हॉस्टल से भी कुछ लड़कियां होती थी अपने बॉयज हॉस्टल से भी बहुत लोग होते थे और हम सब लोग गेम खेल रहे हैं एक ही गेम खेल रहे हैं उन सब में कम से कम 10 12 15 लोग हैं या फिर और भी लोग हो जाते थे हम सब लोग मिलके एक गेम खेलते थे लेकिन कनेक्ट एक्टिविटी कैसे होती थी आज के टाइम पर तो ये सारा चीज आप इंटरनेट से डायरेक्ट कनेक्ट करके खेल सकते हो लेकिन पहले के टाइम पर ऐसा नहीं था पहले के टाइम पर
इनका इस्तेमाल करना पड़ता था कि हम सबको एक सिग्नल एक सिंपल सेंट्रल नेटवर्क चाहिए जिससे कि सारे डिवाइसेसपोर्ट हैं इनडायरेक्टली कनेक्टेड है तो हम मैन का इस्तेमाल करते थे कि हम अपने कॉलेजेस के अलग-अलग हॉस्टल्स के अलग-अलग लोगों अलग-अलग कंप्यूटर सिस्टम को निकाल निकाल कर उन सभी चीजों से इस्तेमाल करते थे फिर है ना तो ये हॉस्पिटल यूनिवर्सिटी इन सब जगहों पर अगर आप इस्तेमाल कर रहे बहुत सारे वायरलेस और वायर्ड एरिया नेटवर्क दोनों हो सकते हैं फिर अगर आप फिर बात करते हो वाइड एरिया नेटवर्क की तो वाइड एरिया नेटवर्क जो है इसी का
और बड़ा वर्जन है आप वाइड एरिया नेटवर्क के थ्रू आप देख सकते हो कि पूरे सिटी में अगर आपको देना है है ना मेट्रोपॉलिटन सिटी है तो इसके अंदर कई सारे मैन कई सारे लैन ये सारी चीजें मिलेंगी आपको तो इन सबके कॉमिनेशन से अगर एक बड़े सिटी को आप रन कर रहे हो तो वो क्या कहलाएगा आपका वाइड एरिया ट कहलाएगा तो सिंपल सी बात है इसके बाद हम लोग नेक्स्ट पढ़ते हैं आपके इंटरनेट से रिलेटेड है कैश और कुकीज है ना यहां पर लिखते हैं भाई हम लोग क्या लिख रहे हैं कैश कैश
क्या चीज है देखो कैश जो है ना मान लो कि आप आपके डिवाइस में स्टोर होती है वो सब है ना याद रखना जो कैश है कैशे है ये आपके डिवाइस में स्टोर होती है और इसीलिए अभी-अभी मैंने अपने whatsapp2 gb2 स्पेस तो वही खा गया था तो 53 gbscampuscare.in वो आपका क्या कहलाता है कैश कहलाता है कैश कई बार ऐसा होता है कि कुछ-कुछ वेबसाइट्स जो हैं वो आपके जैसे ध्यान रखना कि कैशे जो है ये ह्यूज अमाउंट ऑफ डाटा को स्टोर करता है ह्यूज अमाउंट ऑफ डाटा को स्टोर करता है लेकिन अगर यही
चीज आप कुकीज की बात करो कुकीज इज समथिंग लोकली अपडेटेड ऑन द वेबसाइट इट सेल्फ ये आपके डिवाइस तक के संबंधित नहीं है कुकीज जो है वो वेबसाइट वाले देख लेते हैं यह ना कुछ ऐसी चीज है मैं आपको बताता हूं जैसे कि मान लो आप किसी वेबसाइट पर विजिट करने गए हो है ना और वो वेबसाइट आप 10 बार पहले भी विजिट कर चुके हो तो वेब पेज जो है ना वेबसाइट जो है आपके कुकीज के अंदर में वो पेज पहले से थोड़ा सा स्टोर करके रखेगा जैसे ही आप जाओगे तुरंत ही आपका वेबसाइट
खुल जाएगा लेकिन वो एक्चुअल वेबसाइट नहीं है और दो सेकंड बाद वो तुरंत ही इंटरनेट से कनेक्ट होके अपडेट भी कर देगा तो ये ना यूजर एक्सपीरियंस को स्मूथ करने के लिए होता है जैसे कि कुकीज जो है ना वो बड़ा ही छोटा डाटा लेता है कुकीज कभी भी आपके डिवाइस में स्टोर नहीं होगा बल्कि ये वेब ब्राउजर में स्टोर होगा दूसरा स्मॉल डाटा होता है ये स्मॉल डाटा तीसरा यह आपके यूजर एक्सपीरियंस को स्मूथ कर देता है यूजर एक्सपीरियंस स्मूथ कर देता है तो अब आप इस बात को समझ चुके होंगे कि यह क्या
काम कर रहा है कुकीज क्या काम कर रहा है और यह जैसे instagram2 वीडियो वैसे ही चल जाती है बार-बार नहीं चलेंगी एक बार चल जाएंगी आपकी वो क्यों चल रही है क्योंकि कुछ डाटा वेब ब्राउजर पर ऑलरेडी है ताकि जब भी आप instagram2 वीडियो जब तक आप खोल के देखोगे तब तक बाकी चीज व अपलोड कर देगा है ना दिस इज व्ट कॉल्ड कुकीज कुकीज छोटे डाटा होते हैं आई थिंक दोनों का कंफ्यूजन आपका हमेशा के लिए क्लियर हो गया अब इन सभी चीजों को एक्चुअल में मॉनिटर कौन करता है तो दो बेसिक ऑर्गेनाइजेशन
है एक है आपका आई कैन और दूसरा है आईटीयू आईटीयू बेसिकली वहां पर काम करता है जहां पर आपका स्पेक्ट्रम लोकेशन की बात होती है अभी तक हम लोग बहुत सारे फ्रीक्वेंसी पर देख रहे थे ना 1g 2g 3g 4g 5g 6g हम लोग ने देखा कैसे किलोहर्टज से गिगा हर्ट्ज फिर टेरा हर्ट्ज तक पहुंच चुके हैं हम लोग सिमिलरली आपके रेडियो फ्रीक्वेंसी में जो बातचीत कर रहे हो आप लोग उसके लिए डाटा जो यूज़ कर रहे हो उसके लिए उन सबका जो बैंड विड्थ स्पेक्ट्रम है कौन सी फ्रीक्वेंसी पर क्या काम करेगा वह कौन
देखता है आईटीयू देखता है ठीक है तो यह बड़ा ही क्रुशल रोल प्ले करता है यह यूएन की एक एजेंसी है आई कैन जो है ना आई कैन एक नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है इसका मेजर काम क्या है डोमेन और सर्वर को मेंटेन करना जैसे कि Pw.com अब pw.com एक बार हमने डीएनएस ये टा आपका सर्वर आपने खरीद लिया तो अब यह pw.com कोई भी चंगू मंगू आके और नहीं खरीद सकता है क्यों क्योंकि यह आई कैन मैनेज कर रहा है तो कॉड net.org यह सारे जितने भी ऐसे डीएनएस होते
हैं ना उन सबको यह मैनेज करता है टॉप लेवल टॉप लेवल डोमेन जितने भी हैं क net.org ये सब मैनेज करता है ये तो अब आई कैन जो है वैसे तो इसमें ना काफी सारी बातचीत भी हो रही है कि यार देखो ये आई कन जो है एक इंटरनेट का बहुत बड़ा मुद्दा है और डायरेक्टली इनडायरेक्टली ये यूएस के अंदर में आता है तो यह अब नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन यूएस क्यों देख रहा है यार यूएसए नहीं देखना चाहिए यूएसए का तो एक बड़ा बोलबाला हो गया इस पे इसको भी शिफ्ट करो और यूएन की
एक एजेंसी बना दो ताकि एक सभी देश इसका कंट्रोल देख सके कि हां एक एक क्या बोलते हैं न्यूट्रल बॉडी है यूनाइटेड नेशन जैसी जो कि इसका पूरा कंट्रोल देख रहा है तो यह क्या है आई कैन और आईटीयू इन दोनों के बारे में आपको पता होना चाहिए फिर यहां से आपका आता है वेब यह आपका है अब अगला टॉपिक इंटरनेट हो गया इंटरनेट के बाद आपने कंप्यूटर नेटवर्क देख लिया आईटीयू आई कैन देख लिया अब इसके बाद आप देखते हो वेब इवोल्यूशन है ना व्हाट इज दिस दिस इज वेब इवोल्यूशन वेब इवल एक्चुअल में
ना तीन फेसेस है वेब 1.2 2.2 3.2 आगे भी है 4.2 5.2 भी है उनके बारे में बात करेंगे अभी पहले हम ये तीन वर्जंस पढ़ते हैं पुराने जमाने का है भाई साहब ये वेब 1.2 टाइमलाइन अगर देखना चाहते हो तो देख लो वेब 1.0 जो है वो 1989 से 2004 तक के आसपास के एरिया को बोलते हैं हम लोग 2004 से आज तक हम लोग प्रेजेंट टाइम पर वेब 2.0 ही चला रहे हैं और तो आगे चलके वेब 4.0 इमर्ज होगा और वेब 5.0 इज कंपलीटली इमेजिनेशन में है अभी हमारे है ना तो अभी
उसका इवोल्यूशन नहीं हुआ है तो वेब 1.2 क्या था वेब 1.2 वाज रीड ओनली रीड ओनली ये देखो क्या लिखा हुआ है रीड ओनली डिसेंट्रलाइज्ड यहां पर जब हम लोग जाते थे तो विकपीडिया पढ़ते थे पहले के जमाने में जब हमारे स्कूल का प्रोजेक्ट होता था तो उस टाइम पर ना हम लोग इंटरनेट को क्या ही इस्तेमाल करते थे ज जैसे आज आप लोग जब चलाते हो कोई चीज आपको लगा कि यार सर बकवास पढ़ा रहे हो सर क्या कर रहे हो खुन्नस आया तुरंत हीय का नीचे आया कमेंट सर बकवास पढ़ा रहे हो दो
कौड़ी का पढ़ा रहे हो कुछ नहीं है बकवास है एक्सप्रेस कर दिया अब टीचर भले ही कितना बुरा फील करे इससे आप लोग को थोड़ी ना कुछ होता है जस्ट जोकिंग यार खराब है तो लिख दो क्या ही बात है यार सच सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए लेकिन सिंपल सी बात बताता हूं कि इन वेब 1.2 इट वास रीड ओनली यू कैन नॉट कमेंट ऑन एनीथिंग तो शुरुआत में जब इंटरनेट का पैदा हुआ ना जो यह वेब था तो वेब वाज अंडर द हैंड्स ऑफ फ्यू प्लेयर्स जो कि डाटा को टाइप करके अपलोड करते थे
और वी आर मियर रीडर्स हम सब बस जाके उसको पढ़ते थे हा हा हंसते थे वापस आ जाते थे और हम हंस रहे हैं या दुखी हैं हम बता भी नहीं सकते थे क्योंकि वी कैन नॉट एक्सप्रेस एनीथिंग वी कैन नॉट रीड ऑन इट सॉरी वी कैन नॉट राइट ऑन इट वी वी कैन जस्ट रीड ऑन इट हम विकपीडिया का पेज खोलते हैं उसमें इंफॉर्मेशन लिखते हैं अरे वाह हिस्ट्री में अच्छा 1857 क्रांति में यह भी थे ओके ओके कॉपी में लिखा बंद दिस वाज वे 1.2 इन व्हिच दिस दे देयर वाज अ लिमिटेशन ऑफ़
रीडिंग ओनली फिर हम लोग वे वेब 2.0 में आते हैं वेब 2.2 है ना एक पार्टिसिपेटरी और सेंट्रलाइज यहां पर भी कुछ ही लोग के हाथों में था लेकिन काफी सारी चीजों को डिसेंट्रलाइज कर दिया गया कि यार तुम भी लिखो ये सारा का सारा तामझाम हम लोग लिखे और तुम सिंपली पढ़ के आके निकल लो ऐसा थोड़ी ना होगा तुम भी लिखो तुम्हारी बात बाकी लोग भी पढ़ेंगे तुम ही लोग इस पे डेटा कंटेंट देना स्टार्ट कर दो दिस इज कॉल्ड 2.0 एंड दिस इज वयर वी केम इनटू सोशल मीडिया आप लोग को शायद
पता नहीं होगा instagram2 तो सबसे पहले जो मैंने अकाउंट बनाया था वो ऑरकुट पे बनाया था पता नहीं ऑरकुट चलता है कि नहीं आई डू नॉट नो लेकिन सबसे पहले मैंने बनाया था अकाउंट ऑरकुट पर तो ऑरकुट वाज द वन ऑफ द फर्स्ट वेबसाइट जहां पर इंडिया के पर्सपेक्टिव से बता रहा हूं जहां पर लोग अपने बारे में बातचीत कर सकते थे अपना फोटो अपलोड कर रहे हैं बाकी लोग उसपे कमेंट कर रहे हैं है ना तो दिस इज हाउ वी वी स्टार्टेड राइटिंग ऑन द वेब तो ये वाला फेस है वेब 2.0 और इनफैक्ट
आज तक का जितना भी पेज है instagram2 twitter.com अकाउंट पर 000 रप नहीं जमा करोगे तब तक तुम्हारा सारा फोटो एक्सेस ही नहीं मिलेगा तुमको क्या उखाड़ लोगे आप कुछ नहीं कर सकते आप मेल लिखते लिखते परेशान हो जाओगे मेरा अभी youtube0 पे मेल किए जा रहा हूं कोई नहीं सुनता है है ना तो ये इनकी मनमानी चल रही है भाई साहब वेब 2 में ये कुछ ही प्लेयर है जो कि कमा रहे हैं Google.in के थ्रू ड्रिवन होगा ब्लॉकचेन के थ्रू ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के थ्रू ड्रिवन होगा जिसमें हम सब आप सब लोग मालिक होंगे
यहां पर जितना भी कंटेंट अपडेटेड होगा वह हम सब उसके मालिक होंगे इसका किसी भी एक पर्सन को पैसा नहीं जाएगा डिसेंट्रलाइज कर देंगे हम लोग इसे है ना तो इस वर्जन को हम लोग क्या बोल रहे हैं वेब 3.0 वर्जन बोल रहे हैं जहां यहां पर चीजें सेंट्रलाइज्ड नहीं है पार्टिसिपेटरी रहेंगी यहां पर और डिसेंट्रलाइज्ड रहेंगी कोई इंटरमीडियरीज नहीं रहेगा कोई amazon.com नहीं रहेगा कोई लोग और ज्यादा पर्सनलाइज्ड इमर्सिव एक्सपीरियंस करेंगे इंटरनेट प घुस के काम कर रहे होंगे हम लोग है ना वेबसाइट के अंदर अब वेबसाइट को स्क्रॉल नहीं कर रहे होंगे वेबसाइट
जैसी दुकान होगी उसके अंदर घुस जाएंगे और हम देखेंगे अरे यहां पर अच्छा पीडीएफ डाउनलोड करने का है ए पीडीएफ इधर आओ ये पीडीएफ उठा के वे पीडीएफ उठाकर अपने जेब में भर लिया हां सेव हो गया भाई सेव हो गया गुड दिस इज इमर्सिव टेक्न हाउ दिस इमर्सिव टेक्नोलॉजी विल वर्क ये 4.0 है 5.0 एक कांसेप्चुअल है जहां पर आपका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो है है वो सेंटियंट हो जाएगा क्या मतलब है इसका बड़ा ही मजेदार सा टॉपिक है यार ये कभी आराम से डिटेल में पढ़ाऊंगा आपको लेकिन सेंट का मतलब होता है कि आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस को भी फीलिंग आ जाए इंसानों जैसा सोचने लगे इमोशंस आ जाए उसको वो गुस्सा हो जाए नाराज हो जाए आपसे पर्सनलाइज्ड बातें करें तो ऐसे सिचुएशन में वो क्या होगा कांसेप्चुअल है ये 5.2 है 5.2 है तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उस टाइम पर बिल्कुल हमारे आप जैसा ही होगा कतई विद्वान कतई विद्वान भाई इंसान ही है लेकिन कतई विद्वान है फिर ह्यूमन कंप्यूटर सिंबायोसिस हमारा और कंप्यूटर का कोई डिफरेंस बंद हो जाएगा इट इज नॉट लाइक कि आप मोबाइल फोन निकाल के इंटरनेट चला रहे हो आप ही इंटरनेट हो आपके खपड़िया के अंदर वो इंटरनेट
फिक्स हो चुका है आपका इंटेलिजेंस ऑलरेडी एनहैंस्ड है जैसे जो हॉलीवुड मूवी में सबसे एक्सटेंडेड वर्जन पर आप देखते हो ना कि भाई साहब ये विलन भाई साहब अपने मोबाइल इसका सारा चीज सब कुछ सको पता है जैसे आप वो देखते हो क्रिश को देखा होगा आपने ऐसे खरखरा के पूरा किताब ऐसे ही पढ़ डाला वो सब क्या है वो वेब 5.2 है एक्चुअल में है ना वेब 5.2 अभी इसीलिए कांसेप्चुअल है कि हम सबके पास इंटरनेट एक्सेस करने के लिए हमारा दिमाग ही काफी है हम दिमाग में टक टक टक टक करेंगे हमारा इंटरनेट
पूरा इसी के अंदर चल रहा होगा तो दिस इज हाउ वी विल बी एक्सप्रेसिंग आवर सेल्फ इन वेब 5.2 ठीक है तो बहुत ही बहुत ही खतरनाक सा है वेब 5.2 पता नहीं कब तक आएगा अभी कि नहीं हमारी जिंदा होने तक तो अब अगला जो है इसी तरीके से हमारा वेब वर्जन तो हो गया वेब वर्जन के बाद जो हमारा नेक्स्ट आता है वो आता है आपका क्लाउड कंप्यूटिंग ठीक है हम लोग क्या बोलते हैं क्लाउड कंप्यूटिंग क्लाउड कंप्यूटिंग को जरा यहां पर आप समझना इसको यार तो फिर पहले कर देते हैं यह देखो
हमारा यह है क्लाउड कंप्यूटिंग एक्चुअल में क्लाउड कंप्यूटिंग क्या होता है अगर हम लोग किसी भी प्रकार की चीजों को जैसे मान लो कि हम अपना गाना जो है सबसे पहले का जमाना याद करो आज से चार पाच साल छ साल पहले का हम लोग के अरे अभी मतलब और पहले की बात कर लो आज से 12 15 15 साल पहले की बात कर लो आप तो हम लोग कॉलेज में भाई साहब कुछ ऐसे लड़के होते थे जिनका मूवी का कलेक्शन होता था जिनके पास गानों का कलेक्शन होता था फोल्डर में कुमार सानू के गाने
सोनू निगम के गाने कैलाश खेर के गाने उनका फोल्डर पूरा म्यूजिक लिस्ट बनाक रखा था मूवीज का अलग हॉलीवुड अलग बॉलीवुड अलग सब अपने कंप्यूटर में हार्ड ड्राइव में स्टोर करके रख रहे हैं आज के जमाने में कोई करता है ऐसा नहीं करता है भाई सब कुछ ओटीटी डायरेक्ट देख लो जरूरत ही नहीं क्योंकि इंटरनेट स्पीड इतनी बढ़ी है सेम टू सेम यही चीज है कि आप ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो कि आप पहले लोकल स्टोरेज पर काम करते थे बट स्टोरेज इ जस्ट एग्जांपल है ना स्टोरेज बस एक एग्जांपल है कि आपने क्या
किया अपने स्टोरेज को हटा के google3 पांचवे 10वी जगह जहां जाना है वहां चले जाओ तो यह सारा का सारा डेटा अब जो आपके लोकल डिवाइस में स्टोर होता था अब वो कहां स्टोर हो रहा है क्लाउड पर स्टोर हो रहा है उसको क्या बोलते हैं क्लाउड स्टोरेज बोलते हैं तो क्लाउड स्टोरेज है क्लाउड कंप्यूटिंग नहीं है वो वो क्लाउड स्टोरेज है क्लाउड कंप्यूटिंग का एक हिस्सा है वो क्लाउड कंप्यूटिंग का क्या मतलब है बहुत सारी चीजें आप ऑनलाइन कर लेते हो जैसे कि आप सबसे पहले क्या करते थे आप अपने कंप्यूटर लैपटॉप में पावर
पॉइंट इंस्टॉल करते microsoft.net पर है सारा फोटो वहीं पर अपडेट होगा सारा स्लाइड वहीं पर अपडेट होगा तुम जहां-जहां जैसे-जैसे अपडेट करके उसको शेयर भी कर सकते हो तो 50 लोग के पास शेयर कर दो तुम जो जो अपडेट करोगे उन सबको वो 50 लोग को दिखता रहेगा 50 लोग के पास उसका एक्सेस है कैसे हो पा रहा है क्योंकि वो क्लाउड बेस्ड है तो वो क्लाउड कंप्यूटिंग है आप कुछ भी अगर चेंज कर रहे हो उसमें तो वो सब जगह चेंज हो जा रहा है तो ये क्या कहला रहा है दिस इ दिस इज
दिस ऑल विल बी कॉल्ड एज क्लाउड कंप्यूटिंग मतलब हम सारी चीजें जो अपने लोकल डिवाइस पर करते थे वी आर मेकिंग देम अपलोड ऑन द इंटरनेट एंड वर्किंग देयर मतलब एक स्पेस है एक बड़ा सा स्पेस है जहां पर हम अपना सारा लोकल काम उस पर कर रहे हैं तो वहां पर उसको हम लोग क्या बोलेंगे क्लाउड कंप्यूटिंग बोल देंगे उसको अब इसीलिए क्लाउड कंप्यूटिंग के कई सारे फॉर्म्स होते हैं इसको हम लोग बोलते हैं तीन पर्टिकुलर आप देख सकते हो इंफ्रास्ट्रक्चर एस अ सर्विस है क्या बोल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एस अ सर्विस प्लेटफॉर्म एस
अ सर्विस सॉफ्टवेयर एस अ सर्विस इनको छोटे फॉर्म में सास पास औरस क्या है इसका मतलब देखो इसमें क्या होता है कि कई सारे लोग ऐसे भी होते हैं जिनको ना बहुत सारी चीजें अपने यहां पर मिलती नहीं है जैसे कि मान लो हमारे अगर मान लो हमें कुछ भी चलाना है मान लो पीड ली को अपना एप्लीकेशन बनाना है और एप्लीकेशन बना के सारे लेक्चर अपडेट करने सारे टीचर से कोऑर्डिनेट करना है लेक्चर अपडेट होगा बच्चे देखेंगे बच्चे कोर्स खरीदेंगे उस परे फी सबमिट करेंगे इतना सब तामझाम करने का भैया अपने पास पैसा नहीं
है और ना ही अपने पास जुगाड़ है ना टेक्नोलॉजी है तो उस केस में हम लोग कुछ चीजों को ना क्लाउड बेस्ड कर देंगे थर्ड पार्टी को दे देंगे अपने कंट्रोल नहीं करेंगे फॉर एग्जांपल जैसे कि मान लो हमारे पास हमारे पास क्या है एप्लीकेशन हमने एक बंदे को पैसे देके बनवा लिए उसके अंदर जो टीचर्स थे टीचर्स को हमने हायर कर लिया उनका लेक्चर रिकॉर्ड करके रख लिया कितना देर चलाना है पता है जो बीच-बीच में जैसे कि विंडो मीडिया प्लेयर हमारे एप्लीकेशन पर ऑलरेडी है बीच-बीच में जितने भी ऐसे सॉफ्टवेयर वगैरह चाहिए वो
सब है हमारे पास लेकिन यह सारा चीज चलेगा कहां वो हमारे पास नहीं है प्ले स्टोर जैसे है नहीं है हमारे पास तो एप्लीकेशन को डालेंगे कहां पर पता नहीं है किस पर रन करेगा ऑपरेटिंग सिस्टम है ही नहीं हमारे पास फिर इसके बाद इसका सर्वर हमारे पास नहीं है इसका जितना भी डाटा होगा अरे भैया डाटा जो है डाटा तो है हमारे पास लेक्चर तो पड़ा है यह मान लो एक लेक्चर 2gb का है लेकिन 2gb जो है उसको अपडेट कहां करेंगे और 2gb बेसिकली मान लो कि 10000 बच्चे देख रहे हैं तो वो
तो भाई साहब 2gb * 10000 20000 जीब हो गया अब 20000 जीब हम कहां स्टोर करने वाले हैं 20000 जीब का हम कैसे डिवीजन करेंगे हमारे पास है ही नहीं कुछ तो ऑल दीज थिंग्स कैन बी गिवन टू सम थर्ड पर्सन यह ना कोई वेंडर मैनेज कर लेगा दिस विल बी नोन एज इंफ्रास्ट्रक्चर एज अ सर्विस मतलब हमारे पास बेसिक चीज है लेकिन हमारे पास इंफ्रा नहीं है इन सब चीजों को मैनेज करने का तो व्हाट वी आर सेइंग इज कि हम किसी क्लाउड सर्विस को लेख लेंगे और किसी थर्ड पार्टी को दे देंगे तुम
मैनेज करो तो यह ना सबसे बेसिक लेवल है मतलब कि जिनके पास थोड़ा पैसा है तो वह क्या करते हैं छोटी सर्विस लेते हैं और बाकी चीजें अपने आप में मैनेज करने की कोशिश करते हैं लेकिन उनके पास और ज्यादा पैसा है वो क्या करेंगे कि भाई साहब हम यह सब भी नहीं जानते हम यह बस अपना एप्लीकेशन बना रहे हैं टीचर वचर से बात कर ले रहे हैं लेकिन उनका डाटा ले लेंगे लेकिन बाकी सब चीज अब तुम देखोगे तो इनफैक्ट जो प्लेटफार्म जिस प्लेटफॉर्म पर इनको लेके जाना था मान लो कि आप लोग
एप्लीकेशन कहां से इंस्टॉल करते हो आप लोग इंस्टॉल कहां से करते हो भाई प्ले स्टोर से करते हो कहां से करते हो आप लोग आईओएस ऐप वहां से एप्लीकेशन से करते हो तो वो भी नहीं है अपने पास तो हम लोग वो भी बाहर से ही ले लेंगे सिमिलरली हमारे पास मतलब कि उस सॉफ्टवेयर को रन करने का प्लेटफॉर्म भी नहीं है अब सिमिलरली हमारे पास एज सर्विस अब हमारे पास कुछ नहीं है ना हमारे पास टीचर है ना हमारे पास एप्लीकेशन है हम सब कुछ थर्ड पार्टी को दे रहे हैं भाई तुम टीचर हायर
करोगे उनसे लेक्चर बनवाओ तुम क्या करोगे तुम उसको उस परे अपडेट कर देना बच्चों से फीस भी कलेक्ट कर लेना तुम सब काम करना उसका जो प्रॉफिट आएगा वो हम ले जाएंगे और इसके बदले में हम तुमको फीस दे देंगे तो यह क्या कहलाता है सॉफ्टवेयर एज सर्विस सॉफ्टवेयर ए सर्विस मेजोरिटी ऑफ द चीज जो है वो थर्ड पार्टी वेंर ही कंट्रोल करता है हम लोग कुछ भी नहीं करते मतलब आपके हाथ में कुछ भी नहीं रहेगा तो एवरीथिंग इज मैनेज बाय वेंडर यहां पर आपके पास मैनेजरियल पावर बहुत ही कम रहेगा तो ऐसी तरीके
से कई सारी चीजों को हम लोग क्लाउड बेस्ड क्लाउड बेस्ड क्लाउड बेस्ड करते जाते हैं इसी के तीन फदर स्टेप्स यहां पर आप देख सकते हो नेक्स्ट हमारा जो टॉपिक आता है वो आता है क्लाउड कंप्यूट के बाद आपका साइबर सिक्योरिटी साइबर सिक्योरिटी जो है साइबर सिक्योरिटी यह बड़ा ही इंटरेस्टिंग सा मजेदार सा टॉपिक है मैं आपको दिखाता हूं व्ट इज दिस दिस इ साइबर सिक्योरिटी ना साइबर सिक्योरिटी का सबसे इंपॉर्टेंट हिस्सा है साइबर अटैक्स साइबर अटैक्स कई टाइप के होते हैं यहां पर आप देख सकते हो मालवेयर है फिशिंग पासवर्ड अटक डीडीओएस मेन इन
द मिडल ड्राइव बाय डाउनलोड यह आपका मालव टाइज मेंट रॉक सॉफ्टवेयर बहुत सारी चीज तो इन सबके सब के सब क्या है सब के सब क्या है भाई मेजॉरिटी ऑफ चीज जो है वो क्या है मालवेयर मालवेयर का मतलब क्या है यह होता है सॉफ्टवेयर तो ये हो गया मालवेयर मलेशिया सॉफ्टवेयर जो कि आपके कंप्यूटर के अंदर आपके डिवाइस के अंदर जाके छेड़छाड़ कर दे आपको काम ना करने दे इसको क्या बोलेंगे हम लोग मालवेयर मालीशियस सॉफ्टवेयर बोलते हैं तो यह कई प्रकार के हो सकते हैं ही तो हम लोग देखते हैं जैसे कि एक
मालवेयर जो है वो आप पे कंप्यूटर वायरस के फॉर्म में भी हो सकता है वो स्पाई वेयर के फॉर्म में हो सकता है एडवेयर के फॉर्म में हो सकता है ट्रोजन हॉर्स के फॉर्म में हो सकता है वर्म्स के फॉर्म में हो सकता है इन सब चीजों का अलग-अलग अपना टाइप है जैसे कि मान लो वर्म है कीड़ा वर्म जो चलता है ना इस ऐसे तो वम क्या करता है आपके डेटा को डिलीट करता है यूं कहे कि नॉर्मल जैसे आपके आप कहीं पर कीड़ा लग जाता है तो जैसे मान लो दीमक लग गए तो
आप पूरी लकड़ी खा जाता है ना लकड़ी इज लाइक डाटा कंटेंट आपके कंप्यूटर सिस्टम का तो अगर कंप्यूटर सिस्टम के अंदर वर्म गए तो आपके सारे इंपॉर्टेंट डाटा फाइल सब डिलीट कर देंगे सब सफा छट कर देंगे जब तक डिलीट करते रहेंगे जब तक उसमें जीरो पूरा एमटी स्पेस ना हो जाए आपके सारे इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट सब खाली कर देंगे भाई साहब फिर आपका ट्रोजन ट्रोजन हस एक तगड़ा सॉफ्टवेयर है आप बोल सकते हो जो कि आपके पूरे सिस्टम के वर्किंग को ही रोक देता है काम ही नहीं करने देता जैसे कि मैंने एक बार याद
है कि मुझे मैंने इंटरनेट डाउनलोड मैनेजर पहले आता था youtube2 सेकंड बाद पॉप अप हर दो सेकंड बाद पॉप अप उसको काटोगे कटेगा भी नहीं उसको स्लाइड करोगे तो वो वहां से फिर उठके वापस चलाएगा तो ये आपको काम ही नहीं करने देगा कभी भी ट्रोजन हर समथिंग लाइक दैट फिर आपका आता है मान लो कंप्यूटर वायरस वायरस जैसे नॉर्मल वायरस होता है वायरस क्या करता है जिस चीज को उसको मारना चाहिए वह मारता नहीं है मतलब कि आपके सिस्टम का कंट्रोल जो है वह अपने हाथ में ले लेता है वायरस यही करता है ना
आपके शरीर का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेता है तो ऐसे ही वायरस यही काम करता करता है वायरस एक बहुत ही ब्रॉडर टर्म है जो कि इसका जो इंटेंशन है वो सही नहीं है फिर स्पाई वेयर है चुपके से कभी-कभी आपके सिस्टम में घुस जाएगा पता नहीं चलेगा आप कुछ और डाउनलोड करने जा रहे होंगे उसके साथ-साथ वो भी डाउनलोड होके आ जाता है और फिर आपके पूरे कंप्यूटर से इंपॉर्टेंट डाटा एक्सट्रैक्ट करके कहीं और अपलोड करवा देगा ये स्पाई वेयर है एडवेयर जो है ऐड इज लाइक एडवर्टाइजमेंट तो एडवर्टाइजमेंट के माध्यम से कभी-कभी
बहुत बार क्या होता है एडवेयर आता है जैसे कि मान लो कि आपके कंप्यूटर सिस्टम पर अभी इन सबके एग्जांपल्स बहुत अच्छे से आएंगे मैं आपको दिखाता हूं एक-एक करके देखो एडवेयर जो है एडवेयर एड्स के माध्यम से आपके कंप्यूटर को इस्तेमाल करता है स्पाई वेयर आपका स्पाई करता है आपके इंटरनेट की एक्टिविटी से गलती से डाउनलोड हो जाता है वायरस जो है एक प्रकार का कंटे गयस प्रोग्राम या कोड है फिर स्पैम जो है जैसे कि आपका अ मेल है मेल के अंदर में कई बार स्पैम स्पैम स्पैम आता रहता है कि भैया ले
लो ले लो ले लो 50 पर ऑफ 100% ऑफ फ्री में ले जाओ ये वो आप कहोगे अरे या फ्री में मिल रहा है एक बार क्लिक करके देख ही देता हूं इतनी बार मैसेज करेगा इतनी बार मैसेज करेगा आप झल्ला जाओगे और बोलोगे आज तो इस पे क्लिक करके ही रहेंगे और जैसे ही क्लिक करके रखते हो डाउनलोड वायरस डाउनलोड हो गया भाई साहब वही है स्पैम आपका वम मैंने पहले बताया कि सारा का सारा क्या करता है आपके फाइल्स डाटा और फाइल्स को डिस्ट्रॉय कर देता है तो ये कुछ टाइप और भी है
जैसे ट्रोजन ट्रोजन हॉर्स की मैंने बात किया कि लेजिटिमेसी अटैक ये क्या करता है डॉस अटैक देता है डॉस अटैक मतलब कि जैसे मैंने आपको बताया डिनायल ऑफ सर्विस आप कुछ कर ही नहीं पाओगे कर ही नहीं पाओगे कर ही नहीं पाओगे वो तुरंत पॉप अप पॉप अप पॉप अप ये देता रहेगा फिर बैक डोर्स बैक डोर इज लाइक स्पाई वेयर है ना यह कब कहां से डाउनलोड हो जाएगा आपको भी नहीं पता है रूट किट रूट किट जो है वो बेसिकली लिंक टू द बगलर हाइडिंट वेटिंग टू टेक फ्रॉम यू वाइल यू आर नॉट
होम यह क्या करता है रूट किट जो है ना वो बेसिकली आपके सिस्टम पर तब काम करता है जब आप कंप्यूटर को चला ही नहीं रहे हो आपने कंप्यूटर को स्लीप मोड में डाल दिया है उसके अंदर इलेक्ट्रिक पावर तो चल रही है वो पीछे पीछे से सारा काम अपना फाइनल कर लेता है तो यह बहुत ही खतरनाक होता है फिर कुछ होते है की लॉगर्स लॉगर्स होते हैं वो बेसिकली क्या करते हैं कि मान लो एक ऐसा सॉफ्टवेयर होगा कि जब भी आप अपने फ का आईडी और पासवर्ड लिख रहे होंगे तो आप जितना
भी कीज लॉक करते हो मतलब जितना भी कीज दबाते हो वो सब स्टोर करके वो सब स्टोर करके एक जगह पर भेज देता है तो आपका सारा पासवर्ड पासवर्ड क्रेडिट डटा मतलब क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स डेबिट कार्ड के डिटेल्स सब वो लेके चला जाता है क्रेडिट की लगर से रॉक सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर समथिंग लाइक सिमिलर थिंग है है ना रसम वेयर फिरौती के पैसे भी मांग लेता है ब्राउजर जैक मतलब आपका पूरा का पूरा ब्राउजर ही मतलब सिमिलर तरीके से जैसे आप से देख रहे होंगे वो चाइनीज वेबसाइट को फ्लश करने लगेगा ये देखो यहां पर
सस्ता मिल रहा है और जैसे ही पैसा पैसा डला होगे सब उड़ जाएगा तो मालवेयर कुछ कैसे काम करता है वही सब है स्टॉप मालवेयर ये सब अपने को पढ़ना नहीं है नेक्स्ट है आपका फिशिंग फिशिंग में क्या होता है कोई भी पर्सन ना आपके पर्सनल डेटा को गलती से चुराने की कोशिश करता है फिशिंग इज लाइक कि आपके मोबाइल फोन पर मैसेज आता होगा ना कि अरे वाह आप जीत गए हैं एक आपके जितने भी पर्सनल इंफॉर्मेशन थी वो आपने शेयर कर दिया या फिर कई बार आपको कॉल आता है वो बोलते है कि
हेलो सर आपका जो डेबिट कार्ड है वह किसी ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया है और उससे अभी-अभी 00 डेबिट किए हैं आपको मैसेज आया क्या तुरंत ही आपके मैसेज पर नॉर्मल नंबर से मैसेज आएगा योर अकाउंट हैज बीन डेबिटेड बाय 10000 इफ यू आर नॉट द टेकर ऑफ द मनी काइंडली क्लिक ऑन दिस लिंक तो आप उस परे क्लिक कर देते हो अगेन फिरौती फंस गए इनमें आपने मूवी भी देखी होगी है ना फिर इसके बाद फिशिंग कॉन्फिडेंशियल डाटा को लॉगइन क्रेडेंशियल को इंपर्सनेट करने के लिए इन सब में होता है फिशिंग अवेयरनेस देखो
अब जैसे क्या होता है कई बार हम लोग को amazon.com आता है लेकिन देखो कि ये भेज कौन रहा है मेल यह मेल भेज रहे हैं अन नहीं है मैनेजमेंट @amazon canada.com है ना ये यह देखो amazononline.in देंगे आपको लिंक पर कॉपी करेंगे और बोलेंगे आपका amazonbusiness.in देखो सारा का सारा डाटा आपकी मेल आईडी आपका कॉपी ये एसकेएसएस स्टम ये सब लेके चले जाएंगे आपका और फिर उसके बाद आपको वापस रीडायरेक्ट कर देंगे असली वाले पेज पर और आप जब अपना असली वाला पासवर्ड वगैरह डालोगे तो वहां पर फिर सब कुछ लॉगिन हो जाएगा अच्छे
से आपको पता भी भनक भी नहीं लगेगी सिमिलरली पासवर्ड अटैक्स होते हैं अ डिक्शनरी अटैक्स कीलॉगर अटैक ये सब तो हम लोगों ने पढ़ लिया पासवर्ड कैसे रोकना है इतना कुछ देखना नहीं है अपने को हां डिस्ट्रीब्यूटर डिनायल ऑफ सर्विस मतलब कि रसम वेयर के टाइम पर ये होता है कि आपको ना काम नहीं करने देते आपके सारे डाटा को वो लोग क्या करते हैं इनक्रिप्ट कर देते हैं इंक्रिप्ट जब भी करेंगे तो आपका सारा का सारा कोड जो है वो खत्म मतलब कि अगर आप मानस लिखते हो मानस तो अब यह लिखेगा डॉलर रेट
है 137 अब बताओ ये माइनस कौन पढ़ पाएगा इसको क्यों क्योंकि इसने एक यूनिक कोड से इसको इंक्रिप्ट कर दिया है तो रसम वेयर में भी यही होता है है ना रसम वेयर में भी यही करते हैं कि वो इंक्रिप्ट कर देते हैं फिर वो आपसे फिरौती के पै पैसे मांगेंगे जब आप उनको पैसा दोगे तब जाके आपके सारे के सारे फाइल्स जो कि मान लो माइनस के टाइप से सेव थे मानस अब ये हो गया ये तो सिर्फ टेक्स्ट का बता रहा हूं वीडियोस तो सारे करप्ट आपके जितने इंपोर्टेंट फाइल्स पीपीटी वगैरह सब करप्ट
कुछ नहीं चलेगा भाई साहब कुछ नहीं चलेगा सिर्फ एक स्क्रीन पर फ्लैश होता रहेगा कि भैया पैसे चाहिए पैसे इस अकाउंट में जल्दी से इतने रुपए भेज दो और जैसे आप पैसे भेजोगे आपको एक वो की दे देते हैं ये की जो होता है जैसे आप इसको रन करोगे तो ये सारे के सारे पेज सारे के सारे इंफॉर्मेशन को वापस से डिक्रिप्ट कर देता है डी क्रिप्ट करेगा तो आपका सारा का सारा ओरिजिनल फॉर्मेट वापस से पहुंच जाता है दिस इ हाउ रसम वेयर वगैरह वर्क मैन इन द मिडल वही है कि आपके लिए बैंक
बैंक के लिए कोई आप बन के काम कर लेगा ड्राइव बाय डाउनलोड ड्राइव वगैरह से कुछ चीज डाउनलोड हो जाती है साइट विजिट करते हैं वहां पर आ जाता है मालव टाइजिंग मालव टाइजिंग में क्या होता है ये सब कुछ चल रहा होगा उसको पता चलगा कि भाई साहब आप चुंगम के शौकीन हो तो आपको यहां पर दे देगा कि ये देखो नया फ्लेवर आ गया इस चंगम का आप क्लिक कर दोगे इस यहां पर डिजिटल सोल्यूशन की बात हो रही है चंगम का प्रचार कहां से आ गया आप चंगम पे क्लिक कर दोगे और
जैसे ही क्लिक करोगे अरे वाह नया नया नया नया फ्लेवर आया देखते हैं देखते हैं खाके क्या है इसमें और वहीं से वो अपना काम आगे बढ़ा देता है तो इस तरीके से है मालवेयर इंजेक्शन रीडायरेक्ट कर देता है आपको प्रिवेंशन यहां पर है वही सब थोड़ा संभाल के रहो भाई सिमिलरली रॉक सॉफ्टवेयर प्रिवेंशन कैसे करना है तो मोर और लेस यार इन सब चीजों में ना ऐसी ही बातों को आप देखते हो जरा इसके बाद अ मोर और लेस यार आपका फंडा तो क्लियर है बस एक चीज मैं आपको और यहां पर समझा देता
हूं लास्ट चीज इस चैप्टर का जो है वो है आप डिजिटल सिग्नेचर क्या है भाई डिजिटल सिग्नेचर डिजिटल सिग्नेचर इसको समझाने के लिए मैं आपको ना एक इमेज दिखा देता हूं फटाफट से यहां पर गया मैं और आ जाओ भाई हा डिजिटल सिग्नेचर डिजिटल सिग्नेचर यहां पर मैं आपको दिखा देता हूं इसको इसको बस अपने साथ ले चलते हैं अरे आ जाओ भाई बड़ा ही कठिन काम दे दिया इन्होंने मुझे चलो व्हाट इज दिस डिजिटल सिग्नेचर हाउ इट वर्क्स तो डिजिटल सिग्नेचर का मतलब यह नहीं है कि आप पीडीएफ पर अरे पेन से ऐसे साइन
कर दे रहे हो दिस इ कॉल्ड डिजिटल सिग्नेचर नो नेवर लाइक ट डिजिटल सिग्नेचर वैसा बिल्कुल भी नहीं होता है तो आख डिजिटल सिग्नेचर क्या है डिजिटल सिग्नेचर बेसिकली किसी भी डाटा को किसी भी डाटा को ऑथेंटिकेट करता है क्या करता है डेटा ऑथेंटिकेशन के लिए काम आता है ये हमेशा ध्यान रखना डेटा ऑथेंटिकेशन आप कोई भी डटा है आपने उस डेटा को किसी भी एक पर्टिकुलर हैश फंक्शन के थ्रू मतलब यह कोड है जिसके थ्रू आपने इस डाटा को इंक्रिप्ट कर दिया है ना इनक्रिप्ट कर दिया और आपके पास सेट ऑफ की होते हैं
एक प्राइवेट की है है ना आपने एक एल्गोरिदम दिया इसको एल्गोरिथम करने के बाद आपने इसको अपने प्राइवेट की से इनक्रिप्ट कर दिया इंक्रिप्ट करने का मतलब क्या है कि इस पर जो भी चीज लिखी होगी अब देखो वो चेंज होके ये हो गई है बात समझ में आई क्या एक तो इसके हैश फंक्शन से इसका ओरिजिनल डाटा जो था ओरिजिनल डाटा वो ऑलरेडी चेंज हो चुका था इसके हैश फंक्शन से लेकिन आपने इसके हैश फंक्शन को बदलने के बाद वापस से अपने प्राइवेट की का इस्तेमाल करके इसको एंक्रिप्ट कर दिया प्राइवेट की इज लाइक
समथिंग डिजिटल सॉफ्टवेयर आप बोल सकते हो और आपके पास खुद का प्राइवेट की हमेशा आप ही के पास रहता है और किसी के पास नहीं रहेगा किसी को भी नहीं पता होगा इट इज लाइक योर पासवर्ड कि ईमेल आईडी तो आप सबको बता सकते हो है ना कि मेरा ईमेल आईडी है शिवम डट इतना इतना @ समथिंग समथिंग है ना तो ये तो पब्लिक है सबको सबको पता है कि आपको कुछ भी भेजना है आपसे कुछ भी रिसीव करना है तो वो इसी मेल आईडी से आएगा लेकिन आपका पासवर्ड सबको पता होता है नहीं पासवर्ड
इज लाइक प्राइवेट की और यहां पर जो पब्लिक में आप डोमेन में देते हो वो एक पब्लिक की भी सबको बांट के रखते हो कि दिस इज माय पब्लिक की सबके पास होना चाहिए भाई सब लोग रखो मेरा पब्लिक की तो जैसे ही आप कोई भी साइन डॉक्यूमेंट अब यहां पर जैसे आपने एंक्रिप्ट किया ना इट इज सिंबॉलिक नेचर में आपने डॉक्यूमेंट को साइन कर दिया अब यही डॉक्यूमेंट जो साइन डॉक्यूमेंट है रिसीवर के पास जाएगा रिसीवर आपके पब्लिक की से पब्लिक की से डिक्रिप्ट करेगा दिस इज वन थिंग और किसी जरिए से आप इस
पर इस पर्सन को किसी जरिए से आपको हैश की देना पड़ेगा क्योंकि अगर हैश की नहीं दिया तो यह इसको इंक्रिप्ट नहीं कर पाए मान लो कि अगर इसको देखना है कि डेटा टेंपर हुआ है कि नहीं हुआ है या फिर डेटा को पढ़ना है तो एक्चुअल में डेटा तभी खुलेगा जब इसका पब्लिक की से इंक्रिप्ट किया हुआ फाइल और जो आप इसको हैश का की दे रहे हैं वो हैश फंक्शन वापस से चलाने के बाद अगर यह दोनों डाटा सेम हुआ ये दोनों डाटा सेम हुआ तब जाके यह क्या करेगा सिग्नेचर को वैलिड कर
देगा सिग्नेचर क्या करेगा वैलिड कर देगा मतलब कि जो डाटा है वो टेंपर नहीं हुआ है कहीं से भी दिस इज हाउ डिजिटल सिग्नेचर वर्क है ना डिजिटल सिग्नेचर का काम क्या है डाटा ऑथेंटिकेट करना इसका काम यह नहीं है कि डिजिटल साइन करना नहीं नहीं नहीं कभी क्यूज मत हो जाना इस चीज से दूसरा काम होता है डिजिटल सर्टिफिकेट डिजिटल सर्टिफिकेट इसको भी मैं एक बार आपको यहीं से दिखाता हूं डिजिटल सर्टिफिकेट वर्सेस डिजिटल सिग्नेचर यह खुलेगा नहीं क्या यार खुल गया खुल गया ओपन इमेज इन न्यू टैब यहां पर एक फ्रेश पेज ले
लेते हैं आपके लिए और यहां पर इसी चीज को हम लेते आते हैं यह बढ़िया सा आपको डिफाइन कर देगा यह देखना जरा हम लोगों ने अभी तक डिजिटल सिग्नेचर पढ़ा है ना डिजिटल सिग्नेचर में क्याक चीज लिख जरा एक बार देख लेते फटाफट से इसमें लिखा हुआ है वैलिडेट और ऑथेंटिकेट करता है डिजिटल डॉक्यूमेंट को यह एक ऑथराइज एजेंसी इशू करेगी स्पेसिफिक इंडिविजुअल को मतलब डिजिटल सिग्नेचर जो हैश की है की है वह सब कौन दे रहा है इट गारंटी यह गारंटी देता है कि जो भी साइनर है डॉक्यूमेंट का जो भी डॉक्यूमेंट को
अपने प्राइवेट की से इनक्रिप्ट कर रहा है यह किसी भी दूसरे के द्वारा चेंज नहीं किया जा सकता फिर वगैरह इससे मतलब मतलब झूठ मूठ में कभी भी इसको आप देख नहीं पाओगे ये बेसिकली आपके डिजिटल सिग्नेचर स्टैंडर्ड पर बेस्ड है ये सारी चीजें है अब यहां पर डिजिकल सर्टिफिकेट के बारे में देखना यहां पर बेसिकली किसी भी इंडिविजुअल या प्रो ऑर्गेनाइजेशन को आइडेंटिटी सही है कि नहीं उसकी लेजिटिमेसी मिलती है जैसे कि मान लो मैंने एक डिजिटल सर्टिफिकेट अपना ले लिया मान लो कि मैं जब पहले ऑनली आस में था तो मतलब पहले अभी
भी अब तो पी डब् नली एस हो गया ना ऑनली एस को तो पूरा मतलब हम लोग जब एस्टेब्लिश करते थे मैं आया था ऑनली एस में तो हम दो ही तीन लोग थे मैं सुमित सर और शायद देवेंद्र सर थे तो हम ही तीन लोगों ने इसको स्टार्ट किया था मैंने ही पूरा यहां पर सारी टीमम बिल्ड करना स्टार्ट किया था तो यहां पर मैं आपको बता रहा था हूं कि वहां पर मैंने ना फिर ऑनली आस के नाम पर अब मेरे को बारबार अब सुमित सर ओनर थे उस टाइम पर है ना तो
सुमित सर से बार-बार कोई चीज साइन कराने के लिए मुझे डॉक्यूमेंट भेजना पड़ता था मैं क्या करता था मैंने एक डिजिटल सर्टिफिकेट बनवा दिया किसी भी मान लो टैक्स फिल करना है कुछ भी फिल करना है तो डिजिटल सर्टिफिकेट एक ना पेन ड्राइव जैसा चीज आती है डिजिटल सर्टिफिकेट के नाम पे वो पेन ड्राइव लगाता मैं और उसका कोई एक पर्टिकुलर इश्यूर होता है है ना वो क्या करता था उस इंडिविजुअल या ओनली एज जैसे ऑर्गेनाइजेशन को लेजिटीमेट लेजिटिमेसी देता था कि भाई साहब ये वही पर्सन है इसका डाटा प्रोसेस कर दो टैक्स फाइल कर
दो कुछ भी कर दो इन सब पर ये डिजिटल सर्टिफिकेट काम आता था डिजिटल सर्टिफिकेट इज लाइक अ पेन ड्राइव डिवाइस है ना जो कि आपके डिजिटली किसी को मतलब सेंट्रलाइज्ड अथॉरिटी मतलब सुमित सर को डायरेक्ट आने की जरूरत नहीं पड़ती थी सारे डॉक्यूमेंट पर साइन करने की जरूरत नहीं पड़ती थी हम इस डिजिटल सर्टिफिकेट की मदद से भी हम प्रूफ कर पाते थे कि भैया हम ही हैं यह ओनली आईएएस का ही मुद्दा है कर दो आगे प्रोसीड ठीक है दिस इज हाउ सर्टिफिकेट्स वर्क तो दोनों का ना आप हमेशा याद रखना देखो इट
इज यूज्ड इन ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बता रहा हूं ना जैसे कि जो भी चीजें हैं कि ये सेंडर और इसका डाटा जो है उसकी रिलायबिलिटी कितनी है वो इससे मालूम होगी तो हम लोग टैक्स वैक्स फाइल करने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे फिर आइडेंटिटी को वैलिडेट करने के लिए होता था पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी ये सब तो ठीक है मतलब उतना कुछ खास नहीं है इतना डिटेल में नहीं जाना आपको यह पूरा पूरा डिजिटल सिग्नेचर हो डिजिटल सर्टिफिकेट हो इन सबको आप किस पर देख सकते हो इन सबको आप एक वर्जन पर देखते हो जिसको हम
लोग बोलते हैं क्रिप्टोग्राफी क्रिप्टोग्राफी है ना क्रिप्टोग्राफी ये सब वर्ड जो है ये किसके अंदर में आता है आपके क्रिप्टोग्राफी के अंदर में आता है अगर कोई आपसे पूछता है कि क्रिप्टोग्राफी का मतलब क्या है तो आप समझ लो अगर आप किसी भी डाटा को आप आप वैसा कर रहे हो जैसे कि इंक्रिप्ट कर रहे हो डिक्रिप्ट कर रहे हो तो बेसिकली किसी भी इंफॉर्मेशन को अगर आपको सिक्योर कहीं पर भी पहुंचाना है तो उसके लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है जिसमें हम लोग डाटा को इनक्रिप्ट कर देते हैं उसी टेक्नोलॉजी का नाम क्या है
क्रिप्टोग्राफी क्रिप्ट इनक्रिप्ट डिक्रिप्ट वहीं से क्रिप्टोग्राफी आ गया ठीक है इट्स अ टेक्नोलॉजी तो मोटा-मोटा इतना ही था आपके इस पूरे किताब में जो कि इंपॉर्टेंट लगा मुझे पढ़ाने के लिए और आप लोग बहुत अच्छी तरीके से अब आईसीटी में महारत हासिल कर चुके हो और आसानी से भी इसको पढ़ सकते हो तो आज की वीडियो में बस इतना ही था आई होप कि आप लोग को मजा आ रहा होगा इस पूरे टॉपिक्स को आप लोग अच्छे से समझ पाए होंगे पीपीटी पीडीएफ जो भी होगा मैं अपने पर अपडेट कर दूंगा थैंक यू सो मच
फॉर लिसनिंग इट वेरी पेशेंटली फ्रेंड्स हैव अ नाइस डे थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच