जब भी हम प्यार या फिर सैक्रिफाइस के बारे में सोचते हैं तो हमारे दिमाग में सिर्फ एक वर्ड आता है मां लेकिन आज का यह जो इंसीडेंट है इस इंसिडेंट ने इस रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया सबसे पहले तो आई एम रियली सॉरी वीडियो इतना लेट लाने के लिए आप लोगों के बहुत सारे मैसेजेस और कमेंट्स आ रहे थे लेकिन थोड़ा बिजी था इसलिए वीडियो थोड़ा लेट आया लेकिन अब यह जो वीडियो आया है यह वीडियो देखने से पहले मैं आपको कुछ बताना चाहूंगा हो सकता है यह वीडियो आपके सेंटीमेंट्स को हर्ट करे और
यह भी हो सकता है कि इस वीडियो को देखने के बाद आप अपने हर रिलेटिव को हर अपने फैमिली मेंबर को शक की नजर से देखने लगे तो इस वीडियो में आगे तभी बढ़े अगर आप इतने में चोर हो कि आप इस तरह के कंटेंट को हैंडल कर सकें अदर वाइज आप वीडियो को अभी के अभी छोड़ के जा सकते हैं यह इंसिडेंट है महाराष्ट्र के जलगांव के एक छोटे से विलेज का जिसका नाम है चहड़ी 4 फरवरी 2019 को जब गांव का एक इंसान जंगल की तरफ जाता है तो उसको जंगल में एक पैर
बाहर निकला हुआ दिखाई देता है घड़ियों से उसको लगता है कि शायद कोई बच्चा वहां पर बेहोश पड़ा हुआ है या फिर इस तरह का ही कुछ है और यह सोच के वह आगे देखने जाता है लेकिन जैसे ही वह आगे देखता है तो वह शॉक्ड रह जाता है असल में यह एक कटा हुआ पैर था जो कि क्लीयरली देखने से पता चल रहा था कि यह 12 से 13 साल के एक लड़के का है जिसके बाद वो इमीडिएट पुलिस को कॉल करता है पुलिस को भी जब यह पता चलता है तो पुलिस तबी के
तबी वहां पे पहुंचती है जिसके बाद वो इन्वेस्टिगेट करना शुरू कर देती है कि आखिरकार यह सारा मैटर क्या है लेकिन इसी ड्यूरिंग गांव में एक फैमिली रहा करती थी जो कि बिलो पुअर फैमिली थी और इस फैमिली में चार लोग रहते थे दगदूषेठ मंगेश पाटिल और साथ ही मंगेश की बहन इसी फैमिली में जो मंगेश था वह पिछले दो दिनों से गायब था और इसी के चलते पिछले ही दिन फैमिली ने इसके लिए पुलिस में कंप्लेंट भी लिखाई थी जिसके बाद पुलिस ढूंढ रही थी लेकिन जैसे ही उनको यह पैर मिला तो पुलिस को
शक हुआ कि यह पैर कहीं उसी का तो नहीं है लेकिन इससे पहले यह मैटर क्या था जो दो दिन पहले हुआ था जब से मंगेश गायब था असल में 2 फरवरी को मंगेश स्कूल से घर वापस आ रहा था यूजुअली जो स्कूल से वापस आने का टाइम था उससे उसको जल्दी छुट्टी हो गई थी और मंगेश वापस घर जल्दी पहुंच गया था तो ये जो गांव के लोग हैं मोस्टली इनमें से फ्रेश होने जंगल में जाते हैं मंगेश भी घर पहुंच के चेंज करता है और उसके बाद वह जंगल की तरफ चला जाता है
फ्रेश होने अपनी मां को बता के जिसके बाद उसकी मां वेट करती रहती है लेकिन मंगेश रात तक घर नहीं पहुंचता जिसके बाद सारी की सारी फैमिली बहुत ही ज्यादा वरी हो जाती है और उसकी मां बहुत ही ज्यादा रोने लगती है बहुत ही ज्यादा परेशान हो जाती है धीरे-धीरे यह बात गांव में फैल जाती है और गांव के सब लोग मिलके मंगेश को ढूंढने लग पड़ते हैं लेकिन अनफॉर्चूनेटली मंगेश किसी को भी नहीं मिलता जिसके बाद फैमिली बहुत परेशान हो जाती है और अगले ही दिन सुबह ही पुलिस में कंप्लेंट लिखा है मंगेश की
मिसिंग होने की जिसके बाद पुलिस अभी यह सब कुछ ढूंढ ही रही थी लेकिन शाम तक पुलिस के हाथ भी कुछ नहीं लगा अगले ही दिन सुबह यह अपडेट पुलिस को मिली जो पैर वाली मैंने आपको बताई जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई और सबको लग रहा था कि पॉसिबिलिटी यही है कि यह जो पैर है यह मंगेश का हो सकता है जिसके बाद पुलिस ने सारे जंगल में फिर से सर्च करना शुरू किया और धीरे-धीरे मंगेश के बाकी बॉडी पार्ट्स भी मिलने शुरू हो गए सिर्फ जो उसका सर था वो पुलिस को कहीं भी
नहीं मिल रहा था असल में यह जो टाइम था यह था मोनी अमावस्या का या फिर डार्क अमावस्या का जो कि 27 साल के बाद आया था और ऐसा माना जाता है कि इस टाइम पे ब्लैक मैजिक जैसी चीजें करने वाले लोग बहुत ही ज्यादा एक्टिव होते हैं और यह भी देखने से लग रहा था कि मंगेश के बॉडी पार्ट्स को जिस तरह से काट के फेंका गया था क्लीयरली समझ आ रहा था कि शायद इसका लेना देना इसी ब्लैक मैजिक से था तो अभी जो गांव के लोग थे इनमें हड़क मच गया और गांव
के लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल तक भेजना बंद कर दिया इस डर से कि कहीं उनके बच्चे भी गायब ना हो जाएं और जो भी इंसान ये चीजें कर रहा है वह उनके बच्चे को भी उठा के ना ले जाए गांव के लोग अपने बच्चों को घर से बाहर तक नहीं भेजते थे अब क्योंकि यह सारा का सारा मैटर इतना सीरियस हो गया था तो पुलिस वालों ने भी इस मैटर को ब बहुत सीरियसली लिया और इस सारे मैटर को सॉल्व करने के लिए लगभग 50 पुलिसमैन काम पे लग गए अब जो मंगेश की
फैमिली थी अभी तक उनको उम्मीद थी कि शायद मंगेश को कोई ले गया है या फिर मंगेश कहीं चला गया है और वो शायद जिंदा वापस आ जाएगा लेकिन अब जब पुलिस ने सारे बॉडी पार्ट्स ढूंढ लिए थे उसके बाद उसके कपड़े भी वहीं पे मिले तो पुलिस ने मंगेश की फैमिली को बुलाया पहचानने के लिए कि क्या यह मंगेश के ही कपड़े और बॉडी पार्ट्स हैं तो मंगेश की फैमिली ने देखते ही पहचान लिया कि वो मंगेश ही था हालांकि उसका सर जो था वो अभी भी मिसिंग था जिसके बाद फैमिली बहुत ही ज्यादा
दुखी थी मतलब एक तरह से टूट ही चुकी थी स्पेशली जो मंगेश की मां है वह सबसे ज्यादा दुखी थी और वो संभले नहीं संभल रही थी बहुत ही ज्यादा रोए जा रही थी कंटीन्यूअसली अब क्योंकि मैटर इतना सीरियस हो गया था और सारा का सारा गांव ही इसमें इवॉल्वड था तो 50 जो पुलिस वाले थे उनकी हेल्प गांव के लोगों ने भी करनी शुरू की पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया सबसे पहले पुलिस अपने डॉग्स लेके आई सर्च करने के लिए कि शायद इससे कोई सुराग मिल जाए जिसके बाद पुलिस ने वही डॉग्स को
खुला छोड़ दिया उसी जंगल में वो डॉग्स वहां से भाग के सीधा मंगेश के घर गए पुलिस वालों को लगा कि शायद मंगेश की स्मेल लेके यह मंगेश के घर पहुंच रहे हैं जिसके बाद पुलिस ने यह सब कुछ फिर से रिपीट किया लेकिन दोबारा फिर से सेम ही चीज हुई ये जो भी कुत्ते थे यह फिर से मंगेश के घर ही पहुंचे पुलिस वालों को समझ नहीं आ रहा था कि अब वह करें क्या पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा अब इसके बाद पुलिस ने सोचा कि कोई सीसीटीवी कैमरा उनको आसपास मिल जाए
जिससे वोह उस इंसान तक पहुंचे जिसने भी यह सब कुछ किया है क्यों क्योंकि अब जो मंगेश की तलाश थी वह तो खत्म हो गई थी बस तलाश उस इंसान की थी जिसने मंगेश के साथ यह सब कुछ किया था हालांकि यह जो गांव था यह बहुत ही छोटा गांव था और इसमें सीसीटीवी कैमरा थे ही नहीं लेकिन गांव के पास ही एक ज्वेलरी शॉप थी और वहां पे एक सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था पुलिस ने उसी कैमरा में 2 फरवरी की कुछ फुटेजेस निकाली इस उम्मीद के साथ कि उनको शायद यहां से कोई लीड
मिले और पुलिस को ऐसा कुछ मिला भी पुलिस ने देखा कि उस वीडियो में एक भिखारी घूम रहा था जो कि लो लोगों से पैसे मांग रहा था लोगों से खाना मांग रहा था लेकिन उसके पास एक बैग भी था जो कि बहुत हैवी लग रहा था देखने में और पुलिस का मानना यह था कि शायद इसी बैग में मंगेश था जिसके बाद पुलिस ने सराउंडिंग में इस भिखारी को ढूंढना शुरू किया लेकिन वो भिखारी उनको कहीं प भी नहीं मिला फाइनली कुछ लोगों की हेल्प से पुलिस ने उसका एक स्केच बनवाया और जो कि
पूरे के पूरे गांव में लगवा दिया यह बोल के कि जो भी इसके बारे में बताएगा उसको कुछ कैश प्राइस दिया जाएगा लेकिन अनफॉर्चूनेटली इसके बाद भी पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा अब पुलिस फिर से बहुत ज्यादा परेशान थी कि वो करें तो करें क्या लीड लें तो कहां से ले मैटर ऐसा भी नहीं था कि जो मंगेश की फैमिली थी वो बहुत रिच थी या फिर उनके किसी की फैमिली के साथ कंफ्लेक्स थे जो कि कोई मंगेश के साथ ऐसा करें क्लीयरली लग रहा था कि ये जो सिनेरियो है ये किडनैपिंग का
तो है ही नहीं ये मैटर जो था वो सबको अभी तक ब्लैक मैजिक का ही लग रहा था लेकिन असल में जो रियलिटी थी वो सबको शॉक्ड करके रख देने वाली थी अब पुलिस के हाथों क्योंकि कुछ भी नहीं लगा था तो पुलिस वाले एक बार फिर से इकट्ठे हुए उन्होंने एक मीटिंग प्लान की जहां पे उन्होंने डिसाइड किया कि वह गलती कहां पे कर रहे हैं या फिर वह छोड़ कौन सी जगह रहे हैं तो डिस्कशन में एक चीज डिसाइड हुई कि जितनी बार भी उन्होंने डॉग्स को छोड़ा वह मंगेश के घर जा रहे
थे हमने सिर्फ मंगेश के घर ही नहीं देखा बाकी हर जगह देख लिया तो इस बार पुलिस ने कोशिश की कि वह मंगेश के घर जाके देखें लेकिन फिर से पुलिस अनफॉर्चूनेटली क्योंकि मंगेश के घर भी कुछ भी नहीं था जिसके बाद पुलिस ने मंगेश के नेबर से पूछताछ करनी शुरू की जब नेबर से से पूछा गया तो नेबर्स ने बताया कि एक लड़का है जो कि इनके घर बहुत फ्रीक्वेंसी को लगा कि शायद समाधान से कुछ लीड मिल सके पुलिस ने फटाफट से समाधान को उठाया और पुलिस स्टेशन उसको भी पूछताछ के लिए लेके
गए लेकिन वहां पे भी मैटर कुछ और ही निकला असल में जो मंगेश के मां और बाप हैं यह समाधान के सगे मामा और मामी लगते हैं मतलब उसने क्लीयरली बताया कि वह मेरे सगे मामा मामी है मैं क्यों ना उनके घर जाऊं और यह जो समाधान पाटिल था यह भी मंगेश के ही गांव में रहता था मतलब उन्हीं के घर से थोड़ी ही दूरी पे तो ओबवियस था उसका आना जाना एक नॉर्मल सी बात थी लेकिन पुलिस को फिर भी कुछ फिशी लग रहा था पुलिस ने वहां से भी समाधान को भेज दिया लेकिन
उन्होंने फिर भी उस परे नजर रखी जिसके बाद एक बहुत शॉकिंग चीज पुलिस को पता चली पुलिस ने काफी टाइम जब समाधान पे नजर रखी तो उन्होंने देखा समाधान यूजुअली मंगेश के घर तभी जाता था जब उसके मामा घर पे नहीं होते थे यानी कि जब धग दू पाटिल घर पे नहीं होते थे और जब बच् भी उनके स्कूल गए होते थे ऐसे समय पर अपनी मामी के पास जाना पुलिस को थोड़ा तो शक देता था अब पुलिस ने यह सब कुछ असेस करने में थोड़ा और टाइम लिया जिसके बाद पुलिस ने फिर से समाधान
को उठाया और पुलिस स्टेशन ले गए पूछताछ के लिए और अब पुलिस ने सच जानने के लिए झूठ का सहारा लिया पुलिस ने समाधान से एक झूठ बोला पुलिस ने बोला कि उनको पता चल गया है कि उसने मंगेश को किस तरह से मारा और किस तरह से उसको छुपाया तो उनको सारा का सारा मैटर पता है बेटर यही होगा कि समाधान अपने आप पुलिस को बता दे सब कुछ नहीं तो उन उनके पास और भी काफी रास्ते हैं जिसके बाद समाधान बहुत ही ज्यादा डर गया और उसको लगा कि शायद पुलिस को सब पता
चल गया है और इसी मूमेंट के बाद एक बहुत ही ज्यादा शॉकिंग सच सबको पता चला समाधान ने जैसे ही मुंह खोला पुलिस एकदम शॉक्ड रह गई उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई समाधान ने बताया कि वह अपने मामा के घर बहुत फ्रीक्वेंसी घर पे उसकी मामी होती थी धीरे-धीरे इन दोनों में दोस्ती हो गई और उसके बाद इन्होंने इंटीमेट होना स्टार्ट कर दिया किसी को खुद ही पता नहीं चला यह काफी फ्रीक्वेंसी नाम है राजेंद्र पाटील समाधान ने उससे यह ब्रैक करते हुए शेयर किया कि वो कैसे-कैसे अपनी मामी के साथ इंटीमेट
होता है और उनके घर बहुत फ्रीक्वेंसी करके जिसके बाद जो राजेंद्र था वो भी क्यूरियस हो गया इस चीज के लिए और उसने एक डिमांड रखी समाधान के आगे उसने समाधान को बोला कि मैं भी चाहता हूं तुम्हारी मामी के साथ इंटीमेट होना अगर पॉसिबिलिटी हो तो और समाधान भी इस बात के लिए झट से राजी हो गया उसने राजेंद्र को बस यह बताया कि वह एक बारी अपनी मामी से पूछेगा जब उसने अपनी मामी से पूछा तो उसकी मामी भी इस चीज के लिए रेडी होगी बस अब जो सिलसिला था वह शुरू हो गया
कभी राजेंद्र और समाधान दोनों इकट्ठे जाते तो कभी बारी-बारी सब नॉर्मल ही चल रहा था जैसा इन सब का प्लान था लेकिन 2 फरवरी को एक ट्विस्ट आया जब मंगेश टाइम से पहले अपने घर पहुंच गया जिसके बाद जैसा मैंने आपको बताया वह फ्रेश होने जंगल की तरफ गया और जैसे ही वह जंगल की तरफ गया रेंद्र पाटिल वैसे ही गीताबाई से मिलने पहुंचा और इन दोनों को ध्यान भी नहीं रहा कि मंगेश वापस आ गया है और वह थोड़ी ही देर में जंगल से भी वापस आ जाएगा इन्होंने दरवाजा सिर्फ नॉर्मली बंद किया और
अंदर इन्होंने इंटीमेट होना शुरू कर दिया अब इसके थोड़ी ही देर बाद मंगेश घर वापस आया वापस आते उसने दरवाजा खोला और जो उसने देखा वो देख के वो शॉक्ड रह गया इससे पहले ये तीनों कुछ प्रोसेस कर पाएं राजेंद्र ने पास ही पड़ा एक डंडा उठाया और मंगेश के सर पे मार दिया जोर से जिसके बाद मंगेश की वहीं पे डेथ हो गई अब मंगेश की जान जा चुकी थी लेकिन इनको समझ नहीं आ रहा था कि वह बॉडी को डिस्पोज कैसे करें हीट ऑफ द मूवमेंट में कुछ ऐसा हो गया था जो शायद
वह करना नहीं चाहते थे लेकिन मैंने आपको शुरू में बताया था कि इस इंसिडेंट ने मां के रिश्ते को भी शर्मसार करके रख दिया इसके बाद जो हुआ वह इंटेंशनली था और इससे कहीं ज्यादा भयानक था जब उनको समझना है कि बॉडी को किस तरह से डि कोोज करना है तो उन्होंने इसी मोनी अमावस्या का सहारा लिया उनको पता था कि लोगों को वो डाइवर्ट कर सकते हैं इस चीज से तीनों ने मिलके मंगेश की बॉडी के पार्ट्स किए और उसके सर को गायब कर दिया और बाकी के बॉडी पार्ट्स को जंगल में फेंक दिया
यह सोच के कि लोगों को अगर यह मिलेंगे तो सब यही समझेंगे कि किसी ने ब्लैक मैजिक के लिए यूज किया है इनको और मंगेश की फैमिली पे स्पेशली उसकी मोम पे या फिर समाधान पे किसी को डाउट ही नहीं आएगा लेकिन पुलिस ने बहुत होशियारी से काम किया और सब के सब कल्प्रिट्स पकड़े गए इसके बाद सो गाइज ऐसे बहुत सारे इंसीडेंट्स हैं जिनमें लोग ऐसी सिचुएशंस में आ जाते हैं या फिर ऐसी सिचुएशन में खुद को पाते हैं कि वह अपने नेयर एंड डियर को भी नहीं देखते उनको इतना हाम करने से पहले
और यह जो रिश्ता था इस इंसीडेंट में यह शायद सबसे प्योर रिश्ता था मां और बेटे का रिश्ता लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस तरह की भी चीजें हो सकती हैं सो गाइज ऐसी वीडियोस को शेयर करने से मेरा मतलब किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है बस मैं चाहता हूं कि हर इंसान अवेयर हो अपने आसपास के लोगों से कि कोई भी इंसान आप पे किसी भी तरह की सिचुएशन पे कुछ ऐसी चीज ना कर तो वीडियो अगर पसंद आए तो वीडियो को लाइक करना ना भूलें चैनल को सब्सक्राइब करना
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