क्या आप अपने जीवन में असली बदलाव लाना चाहते हैं क्या आप सोचते हैं कि एक सही दिशा में छोटा सा कदम आपकी जिंदगी पूरी तरह बदल सकता है आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी किताब के बारे में जो आपको सिर्फ जीवन जीने का तरीका ही नहीं सिखाती बल्कि एक नए नजरिए से जीवन को समझने की प्रेरणा देती है 12 नियम जीवन के लिए जॉर्डन पीटरसन की एक अद्भुत कृति है जो आपके अंदर छिपी शक्तियों को उजागर करने और जीवन के हर पहलू को बेहतर बनाने का तरीका सिखाती है यह किताब ना सिर्फ
एक गाइड है बल्कि एक साथी है जो आपको बताती है कि हर दिन को कैसे ज्यादा अर्थपूर्ण और प्रेरणादायक बनाया जा सकता है पीटरसन के यह 12 नियम आपको जीवन की कठिनाइयों का सामना करने और मुश्किल समय में भी साहस के साथ आगे बढ़ने की हिम्मत देते हैं क्या आप तैयार हैं अपनी सोच में बदलाव लाने के लिए अगर हां तो यह सफर आपके लिए है आइए जानते हैं कि यह नियम कैसे आपके जीवन को और भी सफल खुश हाल और सुकून भरा बना सकते हैं क्या आप अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए
तैयार हैं अगर हां तो चलिए इस यात्रा की शुरुआत करते हैं और अपने जीवन को नए आयाम तक पहुंचाते हैं आगे बढ़ने से पहले अगर आप हमारे चैनल पर नए हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें ताकि हम सब साथ में आगे बढ़ सके चलिए फिर शुरू करते हैं जीवन के मकसद से जब जीवन में मुश्किलें आती हैं तो अक्सर हम चिंता करने लगते हैं और शिकायतें करते हैं लेकिन लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हम अपनी भावनाओं को शांत रखकर और सोच समझकर हालात का सामना करें तो क्या हो सकता है इससे
ना केवल समस्याएं हल होने लगती हैं बल्कि हमें एक नया नजरिया भी मिलता है हर बार जब कोई चुनौती सामने आती है तो घबराने या जल्दबाजी में गलत फैसले लेने की बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना सही होता है अपने व्यवहार को काबू में रखना और परिपक्वता बड़ेपल्ली यह सवाल पूछे आपका यकीन क्या कहता है आपके जीवन का असली मकसद क्या है जब हमारे पास एक साफ सुथरा लक्ष्य होता है तो हम ज्यादा फोकस्ड और तैयार रहते हैं यही लक्ष्य हमें अच्छा और बुरा में फर्क करना सिखाता है और यह बताता है कि हमारा
स्वभाव कितना मजबूत है तो आप किस तरह का इंसान बनना चाहेंगे क्या आप अपने सपनों के लिए डटे रहेंगे या हालात के सामने झुक जाएंगे क्या आप वह इंसान बनना चाहेंगे जो अपने सपनों को पूरा करने की ताकत रखता है या वह जो अपनी उलझनों में ही उलझा रहता है चुनाव आपका है क्या आप बैटमैन की तरह न्याय के लिए लड़ेंगे या जोकर की तरह बिना किसी नियम के जिएंगे क्या आप थोर बनना चाहेंगे जो अपने लोगों की हिफाजत करता है या लोही जो अपनी चालों में फंसा रहता है क्या आप शरल होम्स की तरह
हर मुश्किल सवाल का जवाब ढूंढने की समझ रखते हैं या मोरियार्टी जो हर चीज को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है फैसला आपके हाथ में है क्या आपने कभी ऐसा महस महसूस किया है कि जिंदगी ने आपको हरा दिया है क्या आपको लगता है कि हालात आपके खिलाफ हैं जब मुश्किलें ज्यादा बढ़ जाती हैं तो क्या आप खुद को मायूसी में डूबा हुआ पाते हैं शायद उस समय आप सिर झुकाकर और कंधों को गिराकर बैठ जाते होंगे लेकिन इस किताब के लेखक जॉर्डन पीटरसन कहते हैं कि आपको इस स्थिति में ज्यादा देर तक नहीं
रहना चाहिए आप सोच रहे होंगे क्यों असल में इस तरह से बैठने या खड़े होने से आपका मानसिक स्वास्थ्य और खराब हो सकता है इसके बजाय अगर आप सीधा खड़े होते हैं कंधे सीधे रखते हैं और गहरी सांस लेते हैं तो आपको बेहतर महसूस होगा सिर झुकाने की बजाय उसे ऊपर रखें मुस्कुराने की कोशिश करें सही मुद्रा और मुस्कान आपके शरीर में सेरोटोनिन नाम का हार्मोन बढ़ाती है जिसे खुशी का हार्मोन कहा जाता है यह हार्मोन आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाता है इससे आपके
मन में अच्छे विचार लगते हैं अब एक गिलहरी का उदाहरण ले गिलहरी की चुस्ती फुर्ती उसकी जिंदगी का अहम हिस्सा है जब वह सही तरीके से खड़ी होती है इधर-उधर दौड़ती है और ऊंचे पेड़ों पर चढ़ती है तो ना सिर्फ अपनी सुरक्षा करती है बल्कि आसानी से खाना भी ढूंढ लेती है उसकी चुस्त मुद्रा और एक्टिव रहने से वह अपने माहौल में सही तरीके से ढल जाती है एक तंदुरुस्त और फुर्ती गिलहरी अपने आसपास के माहौल में आगे रहती है वह आसानी से पेड़ पर चढ़कर अपना खाना जमा करती है और साथी को भी आकर्षित
करती है दूसरी ओर अगर वह डीली और कमजोर हो जाए तो ना सिर्फ खाने की तलाश में नाकाम होगी बल्कि आसानी से शिकार भी बन सकती है इसी तरह इंसान भी गिलहरी की तरह होते हैं खुद को हारने मत दें जब आप सकारात्मक सोचेंगे तभी आपके लिए मौके बनेंगे इसलिए सिर और कंधे झुकाए बिना सीधा खड़े होना सीखें और अपने शरीर में सेरोटोनिन बढ़ाने की कोशिश करें हम सभी अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हैं कि कभी-कभी हमें यह एहसास ही नहीं होता कि हमें थोड़ी देर के लिए रुकना चाहिए हम हमेशा दौड़ते रहते हैं कामों
और जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे रहते हैं इस भागदौड़ में हम छोटी-छोटी खुशियों को देखना और उनका आनंद लेना भूल जाते हैं कभी-कभी हमें अपनी गति को धीमा करना जरूरी होता है अगर हम लगातार चलते रहेंगे तो हमारी जिंदगी एक गाड़ी की तरह हो जाएगी जो नियंत्रण से बाहर हो गई है हमारी दिनचर्या में सोचने और सांस लेने के लिए भी समय नहीं मिलता लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जब हम थोड़ी देर रुकते हैं तब जीवन की छोटी-छोटी खुशियां हमारे सामने होती हैं सोचिए जब आप घर लौट रहे होते हैं और सड़क
पर कुछ बच्चे खेलते हुए नाचते हैं तो क्या यह आपके चेहरे पर मुस्कान नहीं लाता या जब आप एक बुजुर्ग दंपति को एक दूसरे का हाथ थामे धीमे-धीमे चलते हुए देखते हैं तो क्या आपको उन पर गर्व नहीं होता और जब आप एक बिल्ली को खाने की तलाश में भटकते देखते हैं तो क्या आपके दिल में एक हल्की सी खुशी नहीं उमड़ती आवश्यक है कि हम खुद को आराम करने का समय दें थोड़ी देर के लिए रुक और उन चीजों पर ध्यान दें जो हमारे चारों ओर हैं आप उस बिल्ली को प्यार से सहला सकते
हैं या प्रकृति की सुंदरता को निहार सकते हैं यह प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत है लेकिन इसे देखने का समय किसके पास है छोटी-छोटी चीजों की सराहना करना सीखें अपने परिवार और दोस्तों के लिए समय निकालें उनके साथ बिताएं खुद के लिए भी कुछ समय निकालना बहुत जरूरी है आपका आराम करना आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए आवश्यक है अगर आप बिना रुके काम करते रहेंगे तो आपकी उत्पादकता प्रभावित होगी और आपके व्यक्तिगत रिश्ते भी कमजोर पड़ सकते हैं आप सिर्फ एक मशीन बनकर रह जाएंगे लेकिन जीवन को इस तरह जीने की बजाय आपको संतुलन बनाए
रखना चाहिए अपने जीवन के हर पहलू में एक नई दृष्टि लाने की कोशिश करें रुके महसूस करें और जीवन की सुंदरता का आनंद ले यही छोटी-छोटी खुशिया हैं जो हमारी जिंदगी को खास बनाती हैं जॉर्डन की जिंदगी एक छोटे से कस्बे में शुरू हुई जहां ऐसा लगता था कि वकत रुक गया है खासकर सर्द रातों में वहां करने के लिए कुछ खास नहीं होता था और यह जगह बोरिंग लगने लगती थी जॉर्डन का एक दोस्त था एड जो बहुत टैलेंटेड और समझदार था लेकिन धीरे-धीरे गुस्से वाला और नकारात्मक सोचने वाला किशोर बन गया दोनों अक्सर
पार्टी करते और कस्बे में गाड़ी चलाने निकल जाते थे जॉर्डन ने कॉलेज में दाखिला ले लिया लेकिन एड ने ड्रग्स लेना शुरू कर दिया वह उन लोगों के साथ रहने लगा जिन्होंने स्कूल और कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया था जॉर्डन अपने दोस्त की मदद नहीं कर पा रहा था एक दिन एड जॉर्डन के कॉलेज के अपार्टमेंट में आया और उसके साथ एक और दोस्त था कार्ल जैसे ही जॉर्डन ने उन्हें देखा उसे समझ आ गया कि दोनों ड्रग्स के नशे में थे कार्ल नीचे बैठा और छत की ओर ऐसे देख रहा था जैसे उसकी
आत्मा कहीं हवा में उड़ रही हो जॉर्डन ने एड को एक तरफ ले जाकर कहा कि उन्हें यहां से चले जाना चाहिए लेकिन एड ने मना कर दिया साफ था कि वे बस दोस्ती निभाने के लिए एक दूसरे के साथ थे ऐसे लोगों के साथ रहना जो नशे में डूबे हैं और जिनके जीवन में कोई मकसद नहीं है वाकई बहुत दुखद है लेकिन आखिर में यह आपकी खुद की पसंद होती है कि आप किसके साथ रहना चाहते हैं आप उन लोगों के साथ रह सकते हैं जो पॉजिटिव सोचते हैं और आपको जिंदगी में आगे बढ़ने
के लिए प्रेरित करते हैं अच्छे लोगों के साथ रहने से आप जिंदगी के दुख और तकलीफों से बच सकते हैं जीवन में एक मकसद होना बहुत जरूरी है क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर बन जाता है हर दिन आपको एक नया मौका देता है जिससे आप अपने अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ सकते हैं अच्छे दोस्तों का साथ आपको जिंदगी का सही मतलब समझने में मदद करता है अगर आप इन बदलावों को अपनाते हैं तो आपके भविष्य में उम्मीद प्यार और खुशियां आपका इंतजार कर रही होंगी इसलिए अपनी जिंदगी को ऐसे लोगों से भरें जो
आपको प्रेरित करते हैं और आपके सपनों की ओर बढ़ने में मदद करते हैं याद रखें आपकी संगत ही आपकी यात्रा को आकार देती है तो सही लोगों को चुने और एक नई शुरुआत करें जॉर्डन टोरंटो यूनिवर्सिटी की एक बिल्डिंग के पास अक्सर बच्चों को स्केटबोर्डिंग करते देखकर खुश होते थे वहां एक खुली जगह थी जहां बच्चे अपने स्केटबोर्डिंग के हुनर को दिखाते थे वे स्टील की रेलिंग और सीढ़ियों पर नए-नए कतब करते थे सड़क के उस पार एक खेल का मैदान भी था जहां बच्चे खेलते थे लेकिन लोकल सरकार ने बच्चों को उस इलाके में
जाने से रोक दिया था और वहां बैरियर लगा दिए थे बड़ों का मानना था कि स्केटबोर्डिंग खतरनाक है इसलिए बच्चों को इससे दूर रहना चाहिए जॉर्डन इस बात से सहमत नहीं थे उनका मानना था कि किसी भी चीज को सीखने के लिए बार-बार प्रैक्टिस करनी पड़ती है हां स्केटबोर्डिंग करते समय बच्चे गिरते हैं और छोटि हो जाते हैं लेकिन असली बात यह है है कि वे हर बार उठकर फिर कोशिश करते हैं अगर उन्हें खेलने से रोका गया तो वे कभी नहीं सीख पाएंगे कई मां-बाप अपने बच्चों को बहुत ज्यादा सुरक्षित रखते हैं वे उन्हें
बहुत सी चीजों से रोकते हैं और उनकी परेशानियों में दखल देते हैं इसका नतीजा यह होता है कि बच्चे डरपोक और कमजोर बन जाते हैं वे अपने माता-पिता पर पूरी तरह निर्भर हो जाते हैं और खुद से फैसले नहीं ले पाते आप अपने बच्चे के साथ ऐसा नहीं करना चाहेंगे अगर आपके बच्चे का अपने सबसे अच्छे दोस्त से झगड़ा होता है तो उसकी बात ध्यान से सुने पर उनके बीच मत पड़ी उसे अपनी समस्या खुद हल करने दें उसे खुद समझ में आ जाएगा कि क्या करना चाहिए खासकर जब उसे पता है कि आप उसके
साथ हैं इससे उसके अंदर आत्मविश्वास आएगा वह दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी परेशानियों का सामना करना सीखेगा जब बच्चे खुद चुनौतियों का सामना करते हैं तो वे मजबूत होते हैं और जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखते हैं इसीलिए अपने बच्चों को खुद से सी खने का मौका दें उन्हें गिरने और फिर से उठने दें क्योंकि यही जिंदगी का सबसे बड़ा सबक है जब बच्चे अपनी परेशानियों का हल खुद निकालते हैं तो वे ना केवल मजबूत बनते हैं बल्कि आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास भी होते हैं यही उनके सही विकास का रास्ता है 2012 में कनेक्टिकट
के एक छोटे से स्कूल में एक भयानक घटना घटी एक आदमी ने गोली चलाकर 20 बच्चों की जान ले ली और छह टीचरों को भी मार डाला उसने वहां एक चिट्ठी छोड़ी थी जिसमें उसने बताया कि वह इंसानों से बहुत निराश है उसने लिखा कि इस दुनिया में इंसान रहने के लायक नहीं है वह मानता था कि यह धरती जानवरों की होनी चाहिए क्योंकि उसे लगता था कि इंसान सिर्फ बुरे काम करते हैं उसकी सोच बहुत खतरनाक थी उसने हिटलर का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे हिटलर ने यहूदियों का मुद्दा हल किया था वैसे
ही वह भी कुछ करना चाहता है यह सब पढ़कर ऐसा लगता है जैसे उसने दुनिया को सिर्फ मायूसी और गुस्से से देखा कभी-कभी हम भी अपनी जिंदगी में ऐसे हालात का सामना करते हैं जब हम निराश हो जाते हैं जब हम टीवी पर हर दिन युद्ध भूकंप या कोई और बुरी खबरें सुनते हैं तो दिल में उदासी सी आ जाती है चारों ओर गरीबी और भ्रष्टाचार की बातें सुनकर लगता है कि शायद यह दुनिया सच में बहुत खराब हो गई है लेकिन इन सबके बीच एक सवाल उठता है हम इस दुनिया को कैसे देखते हैं
क्या हम सिर्फ बुरे हालातों पर ध्यान देंगे या हम खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे जब हम दुनिया की बुराइयों के बारे में सोचते हैं तो क्या हमने कभी अपने अंदर झांका है अपनी जिंदगी में बदलाव लाने का पहला कदम खुद को बदलने से शुरू होता है अगर आप खुद में बदलाव नहीं ला सकते तो आप दुनिया को कैसे बदलेंगे खुद से पूछिए क्या आप अपने काम को पूरी मेहनत से कर रहे हैं क्या आप अपने परिवार को प्यार और इज्जत दे रहे हैं क्या आप अपनी बुरी आदतों को सुधारने की कोशिश कर रहे
हैं अब एंटोन चेखव की कहानी पर ध्यान दीजिए उनका बचपन बहुत गरीबी और परेशानियों में बीता था उनके पापा शराबी थे और नशे में बच्चों के साथ बुरा व्यवहार करते थे लेकिन एंटोन ने इन मुश्किलों को चुनौती के रूप में लिया उन्होंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और छात्रवृत्ति हासिल की उन्होंने अपने घर के खराब माहौल को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया अपने अच्छे सोच विचार से उन्होंने ना सिर्फ खुद को बदला बल्कि अपने भाइयों को भी प्रेरित किया उन्होंने अपने आसपास के माहौल को बदला और एक सफल लेखक बने उनकी किताबें आज भी
लोगों को प्रेरित करती हैं इससे हमें यह सीख मिलती है कि बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से होती है जब हम अपनी जिंदगी में अच्छाई लाते हैं तो हम सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अपने आसपास के लोगों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं याद रखें आपकी सोच और आपके काम दुनिया को बदल सकते हैं इसलिए निराशा छोड़ें और एक नई शुरुआत करें अपनी जिंदगी को खुशियों और अच्छाई से भरें एक छोटे से गांव में एक बच्चा था जिसका नाम था आर्यन वह हमेशा नए रोमांच की तलाश में रहता था एक दिन उसने अपने दादा से
एक पुरानी कहानी सुनी जिसमें एक जादुई बाग का उल्लेख था कहा जाता था कि इस बाग में एक रहस्यमय पेड़ था जिसके फल कभी ना सड़ते थे और जो किसी भी समस्या का समाधान कर सकते थे आर्य ने सोचा अगर यह सच है तो मुझे उस बाग को ढूंढना चाहिए उसने अपने दोस्तों को अपने विचार के बारे में बताया और सभी बहुत उत्साहित हो गए अगले दिन उन्होंने बाग की खोज शुरू की उन्होंने गांव के बाहर की ओर यात्रा की जहां पेड़ और फूलों का एक सुंदर जंगल था जंगल में चलते-चलते उन्हें एक चमकदार प्रकाश
दिखाई दिया जब वे उसके करीब पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वह एक बड़ा और सुंदर बाग था जिसमें तरह-तरह के रंग बिरंगे फूल खिल रहे थे बाग के बीचोंबीच एक विशाल पेड़ खड़ा था जिसके फल सुनहरे और चमकीले थे आर्य और उसके दोस्तों ने पेड़ के पास जाकर देखा अचानक पेड़ ने बोलना शुरू किया नमस्ते बच्चों मैं इस बाग का रक्षक हूं तुमने यहां आने का साहस किया है लेकिन याद रखना इन फलों को केवल वही लोग ले सकते हैं जो अपने दिल में सच्चाई और ईमानदारी लेकर आए हैं आर्य ने अपनी सच्ची भावना से
कहा हम यहां सिर्फ मदद करने आए हैं हम चाहते हैं कि यह बाग हमेशा खिलता रहे और लोग खुश रहे पेड़ उनकी ईमानदारी को समझ गया और उन्हें फल देने के लिए तैयार हो गया उन्होंने फल तोड़े और गांव लौट आए जब उन्होंने फल गांव के लोगों को दिए तो लोगों की समस्याएं धीरे-धीरे हल होने लगी किसी की बीमारी ठीक हो गई किसी को रोजगार मिला और गांव में खुशियां लौट आई इस घटना ने सभी को यह सिखाया कि सच्चाई और ईमानदारी के साथ किया गया हर कार्य फलदाई होता है आर्य और उसके दोस्तों ने
यह साबित कर दिया कि अगर हम अपने दिल से किसी की मदद करने की कोशिश करें तो जादुई चीजें भी संभव हैं इस प्रकार जादुई बाग ने गांव के लोगों को एकजुट किया और उन्हें एक नई दिशा दिखाई अब वे जानते थे कि असली जादू हमारे दिलों में है और जब हम एक दूसरे की मदद करते हैं तो हम सबके जीवन में खुशियां उला सकते हैं इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि सच्ची नियत और ईमानदारी से किया गया कार्य हमेशा फल लाएगा इसलिए जब भी आप किसी समस्या का सामना करें अपने
दिल की सुने और मदद के लिए आगे बढ़े कहानी एक छोटे से गांव की है जहां लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति बहुत सजग नहीं थे कुछ लोग जब भी उन्हें थोड़ी सी बीमारी होती तुरंत डॉक्टर के पास दौड़ पड़ते लेकिन जब डॉक्टर दवाई लिखकर देते तो वे उसे ठीक से नहीं लेते कई बार यह पैसे की कमी के कारण होता तो कभी-कभी यह उनकी जिद्दी स्वभाव के चलते उन्हें लगता था कि बीमारी अपने आप ठीक हो जाएगी दवाई लेने की क्या जरूरत है हम तो बड़े हो गए हैं उनका तर्क होता दवाई तो बच्चों के
लिए होती है यह कितनी अजीब बात है कि जब हमारे पालतू जानवर बीमार पड़ते हैं तो हम की सेहत का कितना ध्यान रखते हैं हम उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाते हैं और समय पर दवाई देते हैं ऐसा लगता है जैसे हम अपने जानवरों की स्वास्थ्य को अपनी सेहत से ज्यादा प्राथमिकता देते हैं अब जब हम किसी अपने को बीमार देखते हैं तो हम उनकी दवाई समय पर लेने की याद दिलाते हैं हम तो यहां तक करते हैं कि उन्हें दवाई लेने से पहले कुछ खाना खिलाने बैठ जाते हैं हम हमेशा उनसे कहते हैं
अपना ध्यान रखो यह सब देखकर एक सवाल उठता है हम दूसरों की परवाह करते हैं लेकिन खुद की नहीं यह समझना जरूरी है कि हमें खुद से भी उतना ही प्यार करना चाहिए जितना हम अपने परिवार और पालतू जानवरों से करते हैं खुद का भी ख्याल रखना आवश्यक है अपनी अहमियत और मूल्य को समझना शुरू करें डॉक्टर की सलाह का पालन करें हाइजीन को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं अपने आहार में स्वस्थ भोजन शामिल करें बुरी आदतों से दूर रहे इसके साथ ही अपने मन को सकारात्मक विचारों से भरें हमेशा कुछ नया सीखते रहे अपने
मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखें जब आप अपने आप को नियंत्रित करना और अनुशासन में रहना सीख जाएंगे तो सोचिए कि आपकी जिंदगी कितनी बदल जाएगी आपकी जिंदगी कितनी संगठित हो जाएगी जब आप स्वस्थ और खुश रहेंगे तो इसका सकारात्मक प्रभाव आपके जीवन के हर पहलू पर पड़ेगा इसलिए खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें यह ना केवल आपके स्वास्थ्य में सुधार लाएगा बल्कि आपको एक नई ऊर्जा और दृष्टिकोण भी देगा याद रखें आपकी सेहत ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है अगर आप खुद का ध्यान नहीं रखेंगे तो ना तो आप अपने परिवार की देखभाल ठीक तरीके
से कर पाएंगे और ना ही अपने पालतू जानवरों के लिए एक अच्छा उदाहरण स्थापित कर पाएंगे इसीलिए आज से ही फैसला करें कि आप खुद को पहले रखेंगे क्योंकि जब आप खुद खुश और स्वस्थ रहेंगे तभी आप दूसरों को भी खुश रख पाएंगे एक दिन एक थेरेपी सेशन में डॉ जडन अपने एक मरीज की बात सुनने के लिए तैयार थे मरीज ने कहा मुझे अपनी पत्नी से नफरत है यह सुनकर जॉर्डन ने ध्यान से उसकी आंखों में देखा मरीज कुछ पल के लिए चुप हो गया जैसे उसके विचार उसके खुद के लिए भी नए थे
फिर उसने कहा रुको मैंने थोड़ा ज्यादा कड़वा बोल दिया मैं उसे कभी-कभी नफरत करता हूं हमेशा नहीं मुझे उसकी चुप्पी पागल कर देती है जब वह मुझसे अपनी समस्याएं बताती नहीं है तो मुझे बहुत चिड़चिड़ा महसूस होता है मेरी मां भी यही करती थी वह हमेशा किसी ना किसी बात की शिकायत करती थी लेकिन कभी बताती नहीं थी व हमेशा कड़वा बोलती थी और मेरे पिता को यह बात पसंद नहीं थी हम सब उनकी इस आदत से परेशान थे मरीज ने गहरी सांस ली और कहा अब जब मैं अपनी पत्नी को देखता हूं तो मुझे
लगता है कि वह मेरी मां की तरह नहीं है कभी-कभी वह अपनी इच्छाओं के बारे में मुझसे बात करती है लेकिन जब वह कुछ छुपाती है तब मुझे बुरा लगता है शायद मैं ही ओवर रिएक्ट कर रहा हूं मैं अपने माता-पिता की तरह नहीं बनना चाहता और यह मेरी पत्नी से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है मुझे उसे यह बताना होगा जॉर्डन ने उसकी बातों को ध्यान से सुना उन्होंने कुछ नहीं कहा क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि मरीज खुद को जज महसूस करे या निराश हो जाए बस चुपचाप सुनते रहना ही सबसे अच्छा था मरीज
को यह एहसास होने लगा कि वह अपनी मां की छवि को अपनी पत्नी में देख रहा था कुछ समय बाद उसने कहा इस सेशन के लिए धन्यवाद डॉक्टर अब मैं सच में बेहतर महसूस कर रहा हूं जॉर्डन ने सिर हिलाया उन्हें अपने चुप रहने का निर्णय सही लगा इस कहानी में एक गहरी सीख छिपी हुई है बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें किसी ऐसे इंसान की जरूरत होती है जो उन्हें सुन सके वे अकेला महसूस करते हैं और अपनी भावनाएं किसी के साथ सांझा करना चाहते हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं होता यदि यह
स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है अगर आप किसी को सिर्फ सुनते हैं तो आप उसकी बहुत मदद कर सकते हैं सुनने का मतलब है ध्यान से सुनना और यह दिखाना कि आप उसकी परवाह करते हैं आपके चेहरे के हाव भाव से वह व्यक्ति समझ जाएगा कि आप उसकी बातों को गंभीरता से ले रहे हैं इसे बिना शब्दों के संवाद करना कहते हैं डॉ जॉर्डन की तरह आप भी किसी की भावनाओं को समझने में मदद कर सकते हैं अगर आप उन्हें सलाह नहीं भी देते तो
भी उन्हें अपनी सोच को स्पष्ट करने का मौका दें अक्सर से लोग खुद ही अपनी समस्याओं का हल ढूंढ लेते हैं इसीलिए बस ध्यान से सुने याद रखें सुनने की शक्ति अद्भुत होती है जब हम किसी की बात को ध्यान से सुनते हैं तब हम ना केवल उनकी भावनाओं को समझते हैं बल्कि उन्हें यह भी एहसास दिलाते हैं कि वे अकेले नहीं हैं इस तरह हम एक दूसरे के लिए एक मजबूत सहारा बन सकते हैं एक दिन जब आप सोशल मीडिया पर स्क्रॉल कर रहे थे तो अचानक आपके दोस्तों की तस्वीरें आपके सामने आने लगी
कुछ लोग यूरोप में छुट्टी मना रहे थे दूसरे अपने करियर में प्रमोशन हासिल कर रहे थे और कुछ ने अपने जीवन साथियों के साथ शादी की वहीं कुछ ने अपने क्षेत्र में पुरस्कार जीते और कुछ ने अपनी मास्टर्स डिग्री पूरी की आपको यह सब देखकर सोचने लगे कहां यह सब मजे कर रहे हैं और मैं मैं तो अपने अस्तव्यस्त अपार्टमेंट में अकेला बैठा बियर पी रहा हूं अचानक आपके मन में अस सुरक्षा और जलन का भाव आ जाता है क्या मैं बिना किसी खास उपलब्धि के अकेला मर जाऊंगा यह सवाल आपके मन में गूंजने लगता
है लेकिन यह सत्य नहीं है अगर आप एक म्यूजिशियन है तो खुद को महान मोजार्ट से तुलना ना करें यदि आप एक शेफ हैं तो खुद को मास्टर शेफ गॉर्डन रामसे के साथ तुलना करना छोड़ दें आपके पास अपनी अनोखी क्षमताएं हैं आप उनसे अलग हैं उनसे कम नहीं आप एक अद्वितीय इंसान हैं इस दुनिया में आपके जैसा कोई और नहीं है खुद को उसी रूप में स्वीकार करें जैसा आप हैं आपकी जो खास स्किल्स हैं उन्हें विकसित करें नकल करने से ना तो आप उनके जैसा बन पाएंगे और ना ही अपनी एक अलग पहचान
बना सकेंगे दूसरों से तुलना करने की बजाय खुद को कल से तुलना करें तब आप असल में फर्क देख पाएंगे हर दिन खुद को थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश करें अपने कौशल को अभ्यास करते रहे और अपनी प्रगति को नोटिस करें जब आप खुद में सुधार देखेंगे तो आपको अपने पर गर्व महसूस होगा असुरक्षा अच्छी आदत नहीं है सोशल मीडिया पर ब्राउज करने के बजाय अपना समय और ऊर्जा किसी उत्पादक चीज में लगाए काम को कल पर टालना छोड़ दें और प्रैक्टिस में समय लगाए ऐसा करने से आप बहुत तेजी से सुधार कर सकते हैं
जो चीज आपको पसंद है बस उसे करते रहे दूसरों से तुलना करने से सिर्फ नकारात्मकता बढ़ती है यह आपकी आत्मविश्वास को कम कर देता है और आपको एक नकारात्मक इंसान बना सकता है आपका लक्ष्य खुद को कल से बेहतर बनाना होना चाहिए जब आप ऐसा करेंगे तो आपकी जिंदगी असली मायनों में खूबसूरत और शानदार होगी और इस बदलाव को साबित करने के लिए आपको किसी सोशल मीडिया पोस्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी याद रखें आपकी यात्रा अद्वितीय है अपने सपनों का पीछा करें और अपने कौशल को निखारे दूसरे क्या कर रहे हैं इससे ज्यादा महत्त्वपूर्ण यह
है कि आप क्या कर रहे हैं खुद पर विश्वास रखें और अपने रास्ते पर आगे बढ़ते रहे आपकी कहानी अद्भुत है और इसे खुद जीने का समय आ गया है एक समय की बात है जॉर्डन और उनकी पत्नी एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते थे उनके पड़ोस में डेनिस नाम का एक शराबी था डेनिस एक लंबा और भारी भरकम आदमी था जो पेंटिंग और इलेक्ट्रिशियन का काम करता था लेकिन काम के अलावा उसका अधिकांश समय शराब पीने में ही बीतता था कई बार तो वह सिर्फ दो दिन में 60 बियर पी जाता यह देखना अजीब
था कि इतनी शराब पीने के बावजूद वह कैसे खड़ा रहता था डेनिस अपनी कमाई का सारा पैसा शराब में खर्च कर देता जब उसके पास पैसे खत्म हो जाते तो वह जॉर्डन के दरवाजे पर आकर खड़ा हो जाता भले ही रात का समय हो डेनिस सिर्फ बियर खरीदने के लिए ही नहीं बल्कि अपने सामान जैसे पोस्टर्स और माइक्रोवेव बेचने के लिए भी तैयार रहता था जॉर्डन ने कई बार उसकी मदद की और उसका सामान खरीदा लेकिन उसकी पत्नी को यह सब पसंद नहीं था उनकी पत्नी ने जॉर्डन को सुझाव दिया कि डेनिस को अपनी आदतें
बदलने की जरूरत है जॉर्डन को यह सोचकर चिंता होती थी कि वह नशे में धुत डेनिस को कैसे समझाए आखिरकार जॉर्डन ने फैसला किया कि उन्हें सच बोलना होगा उन्होंने डेनिस को सीधा कहा कि वह अब कोई सामान नहीं खरीदना चाहते उन्होंने समझाया कि यह डेनिस के लिए बेहतर है कि वह शराब पर और पैसे ना खर्च करे डेनिस कुछ देर तक चुप रहा जैसे वह जॉर्डन की बातों को समझने की कोशिश कर रहा हो उसने जॉर्डन के चेहरे पर ईमानदारी देखी और फिर वह वहां से चला गया इसके बाद डेनिस ने कभी जॉर्डन को
बेचना नहीं चाहा अब दोनों अच्छे पड़ोसी बन गए थे याद रखें झूठ केवल समस्याओं को बढ़ाता है चाहे वह किसी की भावनाओं को बचाने के लिए हो या शांति बनाए रखने के लिए झूठ हमेशा झूठ ही होता है एक छोटा सा झूठ आज आपको किसी परेशानी से बचा सकता है लेकिन धीरे-धीरे यह आपके लिए एक आदत बन सकता है सच कभी भी छुपता नहीं है और एक दिन वह सामने आता है जिससे आपकी जिंदगी में और भी कठिनाइयां आ सकती हैं इसीलिए हमेशा सीधे और ईमानदारी से सच बोलना सबसे अच्छा होता है इस कहानी में
हमारे जीवन के कई महत्त्वपूर्ण सबक छिपे हैं जैसे कि सच्चाई का महत्व ईमानदारी की शक्ति और नशे से दूर रहना कितना जरूरी है जब हम अपने आसपास के लोगों के साथ ईमानदारी से पेश आते हैं तो हम ना केवल अपनी जिंदगी को बेहतर बनाते हैं बल्कि दूसरों की जिंदगी में भी सकारात्मक बदलाव लाते हैं इसी तरह जब हम दूसरों की मदद करते हैं तो हम एक मजबूत समुदाय का निर्माण करते हैं सच्चाई और ईमानदारी के साथ जीना एक बेहतर समाज की नियम रखता है इसीलिए हमेशा याद रखें कि सच्चाई कठिनाई में भी आपके साथ होती
है और यही आपको सही रास्ता दिखाती है एक बार एयरपोर्ट की भीड़भाड़ में जॉर्डन ने एक छोटे बच्चे को देखा जो करीब न साल का होगा उसकी नन्ही आंखों में आंसू थे और वह जोर-जोर से रो रहा था जैसे उसे कुछ चाहिए हो उसके मम्मी पापा जो शायद अपनी ही सोच में थे उस पर ध्यान नहीं दे रहे थे वे अपने रास्ते पर चलते जा रहे थे और बच्चा उनके पीछे पीछे दौड़ता हुआ रुकने की गुहार लगा रहा था ऐसे वक्त पर अगर मम्मी पापा बस थोड़ी देर रुककर उसकी बात सुन लेते तो शायद वह
इतना परेशान ना होता बच्चों का रोना अक्सर यह बताता है कि उन्हें हमारी कोई प्रतिक्रिया चाहिए मम्मी पापा के लिए यह जरूरी है कि वे अपने बच्चों की भावनाओं को समझे छोटे बच्चे कई बार अपनी बातें ठीक से नहीं कह पाते इसलिए वे इस तरह से इशारा करते हैं मम्मी पापा का अपने बच्चों के साथ बर्ताव का उनके दिल पर गहरा असर पड़ता है अगर आप उन्हें अनदेखा करते हैं या बस डांट कर चुप कराते हैं तो बच्चे धीरे-धीरे आपसे दूर हो सकते हैं एक अच्छे मम्मी पापा का फर्ज है कि वे अपने बच्चों को
ना सिर्फ सही राह दिखाएं बल्कि उनकी बातें भी सुने रिसर्च ने यह भी बताया है कि बच्चों को सीखने और नए अनुभव करने का मौका मिलना चाहिए लेकिन साथ ही उन्हें सही दिशा भी मिलनी जरूरी है जब आपका बच्चा कोई गलती करे तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय उसी वक्त उसे समझाना चाहिए इससे बच्चा समझता है कि उसने क्या गलत किया और उसे सुधारने का मौका मिलता है बच्चों के साथ अच्छा वक्त बिताना और उनकी भावनाओं को समझना बहुत जरूरी है जब आप उनके साथ होते हैं तो उन्हें यह महसूस कराएं कि वह आपके लिए
सबसे अहम है इससे आपका और आपके बच्चे का रिश्ता मजबूत होता है और वह गलत राह पर नहीं जाता बच्चों को प्यार और ध्यान की जरूरत होती है और अगर आप उनकी बात समझते हैं तो वे खुश और दिमागी तौर पर मजबूत रहते हैं डांटने या सजा देने के बजाय उन्हें सिखाएं कि परेशानियों का हल बातचीत और समझ से निकलता है बच्चे जब स्कूल में अपने दोस्तों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं और उनके टीचर उनसे खुश होते हैं तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है एक ऐसा बच्चा जो अच्छा स्वभाव रखता है उसे हर कोई पसंद
करता है और इससे उसके व्यक्तित्व का विकास होता है बच्चों की देखभाल आसान काम नहीं है इसमें बहुत धैर्य और समझदारी की जरूरत होती है लेकिन यह एक ऐसा काम है जिसका असर उनके भविष्य पर गहरा पड़ता है जो बच्चे अपने मम्मी पापा का प्यार और साथ पाते हैं वे दिमागी तौर पर मजबूत और आत्मविश्वास होते हैं और उनके जीवन में कामयाबी की उम्मीदें बढ़ जाती हैं इसलिए अपने बच्चे को यह महसूस कराएं कि आप हमेशा उनके साथ हैं उन्हें अपने दिल की बात कहने का मौका दें जब बच्चे यह समझते हैं कि उनके मम्मी
पापा उनसे बहुत प्यार करते हैं तो वे बेझिझक दुनिया का सामना करते हैं और जिंदगी में सफल होते हैं इस तरह आप ना सिर्फ उनके जीवन में अच्छा बदलाव लाते हैं बल्कि उन्हें एक मजबूत और सफल इंसान बनने की राह पर ले जाते हैं यह समरी यहीं पर समाप्त होती है आपने इसमें 12 रोल को जाना आपको क्या अच्छा लगा और क्या नहीं हमें जरूर बताएं और आगे से ऐसी ही बुक समरी सुनते रहने के लिए हमारे इस चैनल को सब्सक्राइब करें आप सभी ने इतना टाइम निकालकर इस बुक समरी को सुना हम आपके आभारी
हैं आप सबसे अलग हैं और आप एक पॉजिटिव इंसान है आप सभी और यूनिवर्स का बहुत-बहुत धन्यवाद ब [संगीत]