हेलो साथियों, स्वागत है आपका टॉप बुक समरी के इस YouTube चैनल में। कल्पना करो तुम एक सामान्य इंसान हो जैसे बाकी सब लोग। लेकिन तुम्हारे अंदर एक आग है, एक चाहत है। कुछ बड़ा करने की एक ख्वाहिश है कि एक दिन तुम्हारे पास इतना पैसा हो कि कभी किसी चीज के लिए सोचना ना पड़े। तुम्हें खुद पर भरोसा है। पर फिर भी कहीं ना कहीं यह सवाल बार-बार आता है कि आखिर अमीर लोग अमीर कैसे बने? और हम क्यों नहीं बन पाए? इसी सवाल का जवाब देता है। यह किताब हाउ टू गेट रिच जो लिखी
है। एक असली करोड़पति फेलिक्स टेनिस ने फेलिक्स कोई फाइनेंशियल गुरु या मोटिवेशनल स्पीकर नहीं था। वो एक असली बिजनेस टकून था जिसने सब कुछ जमीन से शुरू किया और अरबों की संपत्ति बनाई। इस किताब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ सपने दिखाने वाली बात नहीं करती बल्कि हकीकत बताती है और वह भी कड़वी सच्चाइयों के साथ। फिलिक्स शुरुआत में ही साफ कहता है कि अगर तुम्हारा मकसद सिर्फ पैसे कमाना है तो यह रास्ता आसान नहीं है। अमीर बनने के लिए बलिदान करना पड़ता है। दर्द सहना पड़ता है और अपने कंफर्ट जोन से
बाहर निकलना पड़ता है। अब सवाल आता है कि क्या हर कोई अमीर बन सकता है? इस पर फेलिक्स का जवाब है। हां, लेकिन सिर्फ तब जब तुम सच में इसके लिए तैयार हो। वह कहता है कि अधिकतर लोग इसलिए अमीर नहीं बन पाते क्योंकि उनके अंदर खुद को बदलने की इच्छा नहीं होती। वे रिस्क लेने से डरते हैं और सबसे बड़ी बात उन्हें पैसा चाहिए होता है पर अमीरी नहीं। फेलिक्स कहता है कि अमीर बनने का सबसे पहला और जरूरी नियम है ओनरशिप यानी स्वामित्व। अगर तुम किसी और के लिए काम कर रहे हो तो
तुम चाहे जितनी मेहनत कर लो। वह मेहनत आखिर में किसी और को अमीर बना रही है। तुम्हें सैलरी मिलती है लेकिन असली कमाई मालिक करता है। इसलिए अगर तुम वाकई अमीर बनना चाहते हो तो खुद के लिए काम करना शुरू करो। छोटा शुरू करो लेकिन शुरू जरूर करो। अब बात आती है कि क्या पढ़ाई जरूरी है? क्या डिग्री होना जरूरी है? फिलिक्स खुद कॉलेज ड्रॉप आउट था और वह साफ कहता है कि पढ़ाई जरूरी हो सकती है। पर अमीरी का इससे कोई लेना देना नहीं है। असली चीज है तुम्हारा माइंडसेट और तुम्हारी हिम्मत। फेलिक्स एक
दिलचस्प बात कहता है। वो कहता है कि अगर तुम्हें सच में अमीर बनना है तो तुम्हें आलसी बनना होगा। सुनने में अजीब लगता है। लेकिन इसका मतलब यह है कि तुम्हें खुद के लिए ऐसा सिस्टम बनाना होगा जहां दूसरे लोग तुम्हारे लिए काम करें। तुम्हें हर चीज खुद करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। वरना तुम बिजनेस के मालिक नहीं बल्कि उसके नौकर बन जाओगे। वह कहता है कि अमीरी की राह में सबसे बड़ा दुश्मन है। डर डर, फेल होने का डर, रिजेक्ट होने का और डर इस बात का कि लोग क्या कहेंगे। पर अगर तुम
डर को जीत लेते हो तो तुम बहुत आगे निकल सकते हो। एक और बात जो फेलिक्स बहुत जोर से कहता है वो यह कि पैसे के पीछे भागो लेकिन ईमानदारी से। क्योंकि अगर तुम गलत तरीकों से पैसा कमाओगे तो या तो वह ज्यादा दिन टिकेगा नहीं या फिर तुम्हें चैन से जीने नहीं देगा। अब बात करते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात पर और वह है एक्शन यानी कारवाई फेलिक्स। कहता है कि दुनिया में आईडियाज की कोई कमी नहीं है। हर कोई कहता है मेरे पास एक कमाल का आईडिया है। पर फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ
लोग उस आईडिया को लेकर आगे बढ़ते हैं और बाकी लोग सिर्फ सोचते रह जाते हैं। अगर तुम्हारे पास कोई आईडिया है तो उसे आज ही शुरू करो। चाहे छोटा ही क्यों ना हो लेकिन पहला कदम उठाना जरूरी है। फेलिक्स अपने अनुभव से बताता है कि शुरुआत में सब कुछ आसान नहीं होता। कई बार चीजें उलटी भी हो सकती हैं। लेकिन अगर तुम डटे रहते हो तो धीरे-धीरे चीजें बदलती हैं। वो कहता है कि तुम्हें उस वक्त भी आगे बढ़ते रहना है जब तुम्हें कोई सपोर्ट ना मिल रहा हो। जब लोग तुम्हारा मजाक उड़ा रहे हो
और जब खुद पर भी शक होने लगे। क्योंकि यही वह पल होते हैं जहां जीत और हार के बीच का फर्क तय होता है। अब थोड़ा समझते हैं कि पैसे की असली ताकत क्या होती है। फेलिक्स कहता है कि पैसा कोई बुरी चीज नहीं है और ना ही यह सब कुछ है। लेकिन यह एक ऐसा औजार है जो तुम्हें आजादी देता है। आजादी अपने तरीके से जीने की, अपने समय का मालिक बनने की और वह करने की जो तुम सच में करना चाहते हो। इसलिए पैसा कमाना सिर्फ लालच नहीं है। यह एक जरूरत भी है।
अगर तुम सच में आजाद जिंदगी जीना चाहते हो तो फेलिक्स इस किताब में एक बहुत जरूरी बात कहता है और वो यह कि अमीर बनने की चाहत हर किसी के अंदर होती है लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इसके लिए जरूरी मेहनत करते हैं। जरूरी बलिदान देते हैं और सबसे जरूरी खुद पर भरोसा करते हैं। तो अगर तुम भी उन कुछ लोगों में शामिल होना चाहते हो तो इस किताब की सीखों को सिर्फ पढ़ो मत। उन्हें अपनाओ भी। तुम्हें अमीर बनने के लिए सबसे पहले खुद से ईमानदारी से बात करनी होगी। क्या तुम सच
में अमीर बनना चाहते हो या सिर्फ अमीर बनने का सपना देखते हो? यह फर्क बहुत बड़ा है। असली चाहत वही होती है जिसमें इंसान अपने आराम को त्याग देता है। अपनी नींद, अपने शौक यहां तक कि रिश्तों की कुर्बानी देने को भी तैयार हो जाता है। अगर तुम्हें नींद ज्यादा प्यारी है तो अमीरी को भूल जाओ। अगर तुम्हें आराम चाहिए तो तुम जीवन भर दूसरों के लिए काम करते रहोगे। तुम्हें पैसों से प्यार होना चाहिए। लेकिन पैसे के गुलाम नहीं बनना चाहिए। बहुत लोग सिर्फ पैसे कमाने में इतने खो जाते हैं कि वे अपना मकसद
भूल जाते हैं। पैसा एक जरिया है आजादी पाने का ना कि एक जंजीर जो तुम्हें और जकड़ दे। तुम्हें अपने चारों तरफ मौजूद शोर को अनसुना करना सीखना होगा। लोग क्या कहेंगे यह सोचते रहोगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे। लोग खुद कुछ नहीं करते पर करने वाले को रोकने की पूरी कोशिश करते हैं। तुम्हें जोखिम लेना ही होगा। बिना जोखिम उठाए कोई बड़ा हासिल नहीं किया जा सकता। हर सफल इंसान ने कभी ना कभी ऐसा कदम उठाया होता है जो बाकी लोगों को पागलपन लगता है। तुम्हें खुद पर भरोसा करना आना चाहिए। अगर तुम
खुद पर भरोसा नहीं करते तो कोई और क्यों करेगा? तुम्हारी सोच ही तुम्हारे रास्ते तय करती है। छोटी सोच लोग को सीमित कर देती है। पैसे कमाने के लिए तुम्हें अपनी सीमाएं तोड़नी होंगी। तुम्हें हर उस चीज को छोड़ना होगा जो तुम्हें पीछे खींचती है। पुरानी आदतें, पुराने दोस्त, आरामदेह माहौल, यह सब चीजें तुम्हारी तरक्की की दुश्मन बन सकती हैं। तुम्हें तेज फैसले लेना आना चाहिए। बहुत सोचने से सिर्फ समय जाता है। अमीर लोग फैसले जल्दी लेते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलना भी जानते हैं। गरीब लोग फैसले लेने से डरते हैं और जब
तक लेते हैं तब तक मौका निकल जाता है। काम शुरू करने के लिए परफेक्ट समय का इंतजार मत करो। परफेक्ट समय कभी नहीं आता। आज से बेहतर वक्त कोई नहीं हो सकता। छोटे में शुरू करो लेकिन शुरू जरूर करो। तुम्हारा पहला काम तुम्हें सिखाएगा कि असली दुनिया कितनी अलग होती है। जो तुम किताबों या YouTube में देखते हो उससे बहुत अलग। अगर तुमने एक बार चलना सीख लिया तो दौड़ना भी सीख जाओगे। शुरुआत में गलतियां होंगी और होनी भी चाहिए। क्योंकि हर गलती तुम्हें सिखाएगी। बिना गलतियां किए सीख नहीं मिलती और बिना सीख के सफलता
नहीं मिलती। अपनी कमाई को हमेशा बचाओ और सही जगह निवेश करो। पैसा कमाना एक कला है लेकिन पैसा बचाना उससे भी बड़ी कला है। बहुत लोग पैसा तो कमा लेते हैं लेकिन उसे सही तरीके से रोक नहीं पाते। इसलिए हमेशा अपनी कमाई को समझदारी से इस्तेमाल करो। पैसा तभी बढ़ेगा जब वह काम में लगाया जाए। पैसे को बैंक में पड़े रहने देने से अमीरी नहीं आती। पैसा बिजनेस में लगाओ। नए आईडिया में लगाओ। उस काम में लगाओ जो तुम्हें और पैसा बनाकर दे। हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करो। तुम्हारा आज का संघर्ष
तुम्हारे कल की आजादी बनेगा। हर दिन कुछ ना कुछ नया सीखो और उसे अपने काम में लगाओ। तुम्हें मेहनत से नहीं डरना चाहिए। लेकिन मेहनत को दिशा देना जरूरी है। सिर्फ भागते रहना काफी नहीं होता। कहां भाग रहे हो यह जानना भी जरूरी है। अगर तुम चाहते हो कि लोग तुम्हें गंभीरता से लें तो पहले खुद को गंभीरता से लो। अपनी बात को वजन दो। अपनी सोच को मजबूत करो। तुम जैसा सोचोगे वैसे ही बन जाओगे। अब अगर तुम सच में अमीर बनना चाहते हो तो आज ही पहला कदम उठाओ। बड़ा सोचो, जल्दी सोचो और
अब सोचो। अमीर बनने की राह पर सबसे जरूरी चीज होती है खुद को तैयार करना। मानसिक रूप से, भावनात्मक रूप से और व्यवहारिक रूप से फेलिक्स कहता है कि पैसा बनाने का खेल दिमाग का खेल है। तुम्हें अपने भीतर की आवाज को समझना होगा और उस डर को खत्म करना होगा जो तुम्हें बार-बार रोकता है। हर बार जब तुम किसी मौके के करीब पहुंचते हो तो तुम्हारा डर तुम्हें पीछे खींचता है। और तुम सोचते हो कि कहीं यह फेल ना हो जाए। कहीं सब कुछ खो ना दूं। लेकिन फेलिक साफ कहता है कि अगर तुम
फेल नहीं हुए तो इसका मतलब है कि तुमने कोई रिस्क नहीं लिया और अगर कोई रिस्क नहीं लिया तो कोई इनाम भी नहीं मिलेगा। यह दुनिया उनके लिए नहीं है जो सुरक्षित खेलना चाहते हैं। यह दुनिया उनके लिए है जो हर कीमत पर जीतना चाहते हैं। तुम्हें अपनी मेहनत पर यकीन करना होगा। अपने इरादों पर भरोसा रखना होगा और हर उस मौके को पकड़ना होगा जो तुम्हें आगे ले जा सकता है। अमीर बनने का रास्ता अकेला होता है। कई बार तुम्हें लगेगा कि तुम गलत जा रहे हो। लेकिन अगर तुम्हारा मकसद साफ है और इरादे
मजबूत हैं तो रास्ते खुद बनते जाएंगे। इस सफर में तुम्हें ऐसे लोग मिलेंगे जो कहेंगे कि यह मत करो। तुमसे नहीं होगा। लेकिन तुम्हें वह सुनना है जो तुम्हारा दिल कहता है। जब तुम एक बार चलना शुरू कर देते हो तो धीरे-धीरे तुम्हें अपनी ताकत का अंदाजा होता है। फेलिक्स कहता है कि अमीरी केवल धन नहीं होती। अमीरी एक सोच है। एक तरीका है जीने का। अमीरी उस आजादी का नाम है जो तुम्हें फैसले लेने की ताकत देती है। इसलिए अगर तुम इस राह पर चल चुके हो तो रुकना नहीं है, मुड़ना नहीं है। सिर्फ
आगे बढ़ना है। चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों ना आए अमीर बनने की इस यात्रा में सबसे जरूरी चीज होती है समय की कद्र करना। फेलिक्स बार-बार कहता है कि समय ही असली संपत्ति है। पैसा तो कभी भी आ सकता है, जा सकता है। लेकिन जो इंसान अपना समय बेकार करता है, वह जिंदगी में कभी सफल नहीं हो सकता। हर दिन जो गुजर रहा है, वह या तो तुम्हें अमीरी के पास ले जा रहा है या उससे दूर कर रहा है। इसीलिए तुम्हें हर सुबह तय करना होगा कि आज का दिन तुम्हारे लिए क्या मायने रखता
है। तुम क्या ऐसा करोगे जो तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य के करीब ले जाए? बहुत से लोग सुबह से रात तक व्यस्त रहते हैं। लेकिन व्यस्त होना और प्रोडक्टिव होना दोनों में फर्क होता है। तुम्हें यह समझना होगा कि क्या तुम्हारा किया गया काम वाकई तुम्हें आगे बढ़ा रहा है या सिर्फ वक्त काटने के लिए किया जा रहा है। फिलिक्स यह भी कहता है कि कामयाब बनने के लिए तुम्हें ना कहना आना चाहिए। ना कहना एक ताकत है। हर वह चीज जो तुम्हारे लक्ष्य से जुड़ी नहीं है। उसे ना कहना सीखो। हर उस इंसान को जो तुम्हारा
वक्त खराब कर रहा है उसे ना कहना सीखो। तुम्हें अपनी ऊर्जा को उन चीजों में लगाना है जो तुम्हें रिटर्न दे सकती हैं। इस सफर में तुम्हें अकेले चलना पड़ सकता है। लेकिन यही अकेलापन तुम्हें मजबूत बनाएगा। तुम्हें दूसरों से अलग बनने की हिम्मत रखनी होगी। दुनिया में जो भी लोग वाकई अमीर बने हैं, उन्होंने भी अकेले ही शुरुआत की थी। और फिर अपनी मेहनत से उन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाई जो उनके नाम से पहचानी जाती है। अगर तुम सोचते रहोगे तो सिर्फ सपने ही देख पाओगे। लेकिन अगर तुम उठकर काम शुरू कर दोगे तो
धीरे-धीरे वह सपना हकीकत में बदलने लगेगा। तुम छोटे हो, बड़े हो, पढ़े लिखे हो या नहीं इससे फर्क नहीं पड़ता। फर्क इससे पड़ता है कि तुम कितना चाहते हो। तुम कितने भूखे हो। उस सफलता के लिए क्या तुम हर दिन बिना थके बिना बहाने बनाए अपने लक्ष्य के लिए काम कर सकते हो? क्या तुम गिरने के बाद फिर से खड़े हो सकते हो? यही असली परीक्षा है और यही अमीरी की असली राह है। फेलिक्स कहता है कि जो इंसान अमीर बनना चाहता है, उसे यह समझना होगा कि पैसा सिर्फ मेहनत से नहीं आता। पैसा समझ
से आता है। तुम्हें अपनी सोच को तेज बनाना होगा। बाजार को समझना होगा, लोगों की जरूरतों को पहचानना होगा और फिर उन जरूरतों को पूरा करने का तरीका ढूंढना होगा। हर बिजनेस इसी सिद्धांत पर चलता है। अगर तुम लोगों की समस्याओं का समाधान दे सकते हो तो लोग तुम्हें पैसा देंगे। इसलिए फोकस इस बात पर नहीं होना चाहिए कि पैसा कैसे आएगा। बल्कि इस बात पर होना चाहिए कि तुम क्या ऐसा कर सकते हो जिससे लोगों को फायदा हो सके। एक और बात जो फेलिक्स बहुत जोर से कहता है, वह यह कि परफेक्शन का पीछा
मत करो। बहुत से लोग किसी काम को तब तक शुरू नहीं करते जब तक सब कुछ परफेक्ट ना हो जाए। लेकिन सच्चाई यह है कि परफेक्ट कुछ भी नहीं होता। जो लोग जल्दी शुरुआत करते हैं, वही धीरे-धीरे सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं। जबकि जो लोग सिर्फ तैयारी में लगे रहते हैं, वे पीछे छूट जाते हैं। तुम्हें तुरंत एक्शन लेना आना चाहिए। जितनी जल्दी तुम किसी काम की शुरुआत करोगे उतनी जल्दी तुम्हें असली अनुभव मिलेगा और असली सीख वही होती है जो अनुभव से मिलती है। किताबें सिर्फ रास्त दिखाती हैं लेकिन चलना तुम्हें खुद होता
है। एक और अहम बात जो अमीरी की राह में बहुत जरूरी है वह है टीम बनाना। तुम्हें ऐसे लोगों की जरूरत होगी जो तुम्हारे विज़न को समझे और उस पर काम करने के लिए तैयार हो। लेकिन याद रखो सबसे पहले तुम्हें खुद को एक अच्छा लीडर बनाना होगा। एक ऐसा लीडर जो खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाए जो फैसले लेने से डरे नहीं और जो हर चुनौती का सामना कर सके। लोग तुम्हें तभी फॉलो करेंगे जब उन्हें लगेगा कि तुम में दम है। इसलिए हर दिन खुद को बेहतर बनाते रहो। खुद से बड़ा सोचो। खुद से
बड़ा बनो। और जब भी कोई मुश्किल आए तो उसे एक मौका समझो। क्योंकि सबसे बड़े मौके अक्सर सबसे बड़ी मुश्किलों के पीछे छुपे होते हैं। अगर तुमने हार मान ली तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर तुम डटे रहे तो वक्त खुद तुम्हारे हक में बदलने लगेगा। यही अमीरी की असली कुंजी है। जब तुम सफलता की ओर बढ़ने लगते हो तो तुम्हारे सामने एक नई चुनौती खड़ी होती है और वह है अहंकार की फिसलन फेलिक्स। चेतावनी देता है कि जैसे-जैसे पैसा आता है, वैसे-वैसे लोगों में घमंड भी आने लगता है और यही घमंड उन्हें
फिर से उसी जगह गिरा देता है जहां से उन्होंने शुरुआत की थी। इसलिए हमेशा खुद को जमीन से जुड़ा हुआ रखो। याद रखो कि पैसा तुम्हारी पहचान नहीं है। वो सिर्फ एक साधन है तुम्हें आगे बढ़ाने का। तुम्हें दूसरों से बेहतर बनने की जरूरत नहीं है। तुम्हें खुद से बेहतर बनने की जरूरत है। पैसा आने के बाद असली खेल शुरू होता है। अब तुम्हें उसे संभालना आना चाहिए। बहुत से लोग अमीर तो बन जाते हैं लेकिन वह पैसा टिक नहीं पाता क्योंकि उन्हें उसे चलाना नहीं आता। फिलिक्स साफ कहता है कि तुम्हें अपने पैसे का
मालिक बनना है। उसका नौकर नहीं। अगर पैसा तुम्हें चलाने लगे तो समझो। तुमने सब कुछ खो दिया। अमीरी का मतलब है कंट्रोल। तुम्हारी जिंदगी का पूरा नियंत्रण तुम्हारे हाथ में होना चाहिए। तुम कब काम करोगे? किसके साथ काम करोगे? कहां जाओगे? क्या खाओगे? क्या सोचोगे? यह सब तुम्हारा फैसला होना चाहिए। यही असली आजादी है और असली अमीरी इसी में है। लेकिन इसके लिए तुम्हें हर कदम सोच समझ कर चलना होगा। अपने पैसों को इस तरह लगाओ कि वह और पैसा बनाए खर्च करने से ज्यादा निवेश करना सीखो। और सबसे जरूरी बात यह कि जितनी तेजी
से पैसा आता है उससे भी ज्यादा तेजी से जा सकता है। इसलिए कभी भी लापरवाह मत बनो। अमीर बनने के बाद तुम्हें अपनी जिंदगी को और सादगी से जीना होगा। ताकि तुम लंबे समय तक उस अमीरी को बनाए रख सको। फिलिक्स खुद कहता है कि उसने भी बहुत गलतियां की। बहुत पैसा उड़ाया लेकिन अगर उसे दोबारा मौका मिले तो वह अपने पैसों को और समझदारी से चलाएगा। इसलिए जो गलती उसने की उसे तुम्हें नहीं दोहराना है। तुम्हें सीखना है और उसे अपनी ताकत बनाना है। याद रखो कि अमीरी कोई मंजिल नहीं है। यह एक सफर
है। और इस सफर में अगर तुम सीखते रहो, बढ़ते रहो और कभी रुकने का नाम ना लो। तो एक दिन सब कुछ तुम्हारे पास होगा जो तुमने कभी सोचा था भी नहीं। अगर तुम वाकई अमीर बनना चाहते हो तो तुम्हें अपने अंदर से यह जड़ से निकाल देना होगा कि तुम्हें किसी और की इजाजत चाहिए। किसी बड़े काम को करने के लिए अमीरी किसी की मेहरबानी से नहीं मिलती। यह खुद से खुद के लिए लड़कर हासिल ली जाती है। बहुत से लोग इंतजार करते हैं कि कोई उन्हें कहे कि अब वक्त आ गया है। अब
तुम शुरू कर सकते हो। लेकिन असली खिलाड़ी वह होता है जो खुद अपना वक्त तय करता है। खुद अपने लिए दरवाजा खोलता है और अगर दरवाजा बंद मिले तो तोड़कर अंदर घुस जाता है। फिलिक्स कहता है कि इस दुनिया में अगर तुम कुछ बनना चाहते हो तो सबसे पहले खुद को साबित करना पड़ेगा और वह भी बिना किसी गारंटी के कई बार तुम्हें काम करना होगा। बिना पैसे के सिर्फ इस भरोसे पर कि कल कुछ बड़ा होगा। अमीर बनने के सफर में शुरुआत में ऐसा बहुत बार होगा जब मेहनत का कोई इनाम नहीं मिलेगा। कोई
तारीफ नहीं होगी, कोई साथ नहीं देगा। लेकिन वही वक्त होता है जो तुम्हें गढ़ता है। अगर तुम उस वक्त टिक गए तो तुम में वह आग पैदा हो जाएगी जो किसी भी चीज को हासिल कर सकती है। और अगर तुम उस वक्त हार गए तो तुम वही इंसान बनकर रह जाओगे जो सिर्फ सपने देखता है। उन्हें पूरा नहीं करता। तुम्हें अपने आप को अकेले काम करने के लिए तैयार करना होगा। कोई टीम नहीं, कोई मोटिवेशन नहीं, सिर्फ तुम और तुम्हारा सपना। यही असली परीक्षा होती है। दुनिया उन्हीं को देखती है जो दुनिया की परवाह नहीं
करते और बस अपने काम में लगे रहते हैं। इस सफर में तुम्हें खुद को मैनेज करना आना चाहिए। फेलिक्स कहता है कि आत्म अनुशासन अमीरी की रीड है। अगर तुम अपने टाइम को खुद कंट्रोल नहीं कर सकते तो पैसा आकर भी चला जाएगा। तुम्हें रोज तय करना होगा कि तुम्हारा दिन किस काम में बीतेगा। क्या वह काम तुम्हारे लक्ष्य से जुड़ा है या सिर्फ समय की बर्बादी है? बहुत से लोग पूरे दिन बिजी रहते हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता। क्योंकि उन्होंने कभी सोचा ही नहीं कि जो कर रहे हैं, वह क्यों कर रहे हैं।
तुम्हें हर कदम पर सोचना है। क्या यह काम मुझे पैसा बनाकर देगा या सिर्फ मुझे व्यस्त रखेगा? अगर जवाब पैसा नहीं है, तो वह काम छोड़ दो। तुम्हें बहाने बनाना बंद करना होगा। लोग अक्सर कहते हैं मेरे पास समय नहीं है, पैसा नहीं है, अनुभव नहीं है। लेकिन फेलिक्स कहता है कि यह सारी बातें सिर्फ बहाने हैं और कुछ नहीं। अगर तुम सच में कुछ पाना चाहते हो तो रास्ता खुद बन जाता है। और अगर नहीं पाना चाहते तो बहाने खुद सामने आ जाते हैं। तुम देखोगे कि बहुत से बड़े लोग बिना किसी बैकग्राउंड के
बिना पैसों के, बिना पढ़ाई के आगे बढ़े हैं। तो तुम क्यों नहीं कर सकते? फर्क सिर्फ सोच में होता है। अगर तुमने ठान लिया कि मुझे अमीर बनना है तो पूरी कायनात तुम्हारी मदद करेगी। लेकिन अगर मन में शक रहा, डर रहा तो फिर कुछ नहीं होगा। इस दुनिया में रिस्क लेने वाले ही आगे बढ़ते हैं। तुम्हें अपने डर से ऊपर उठना होगा। फेलिक्स कहता है कि डर सबसे बड़ी बीमारी है जो इंसान को खा जाती है। डर इस बात का कि क्या होगा? अगर मैं फेल हो गया। क्या होगा? अगर लोग हंसेंगे लेकिन सच
यह है कि अगर तुमने कोशिश नहीं की तो तुम पहले ही हार चुके हो। हिम्मत वही होती है जो डर के बावजूद आगे बढ़े। डर को महसूस करो लेकिन फिर भी काम करो। यही जीत की असली परिभाषा है। एक और बात जो फेलिक्स बहुत गंभीरता से कहता है वो है ध्यान लगाना। आज की दुनिया में ध्यान सबसे बड़ी ताकत है। तुम्हारा ध्यान जहां जाता है, तुम्हारी ऊर्जा वहीं जाती है। अगर तुम हर समय सोशल मीडिया देख रहे हो, हर समय इधर-उधर की बातें कर रहे हो, तो तुम अपने असली मकसद से भटक जाओगे। अमीरी का
मतलब है फोकस ध्यान केंद्रित करके काम करना और लगातार करते रहना। जब तक नतीजा ना आ जाए, तुम्हें खुद को इस काबिल बनाना होगा कि तुम एक समय में एक ही एक ही चीज पर पूरा ध्यान दे सको। कोई भी बड़ा काम बिना ध्यान के पूरा नहीं होता। तुम्हारा माइंड ही तुम्हारा हथियार है। अगर यह भटका तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। तुम्हें उसे ट्रेन करना होगा एक सैनिक की तरह जो हर वक्त तैयार रहे किसी भी मौके को पकड़ने के लिए। अब बात आती है असली पैसे की ताकत की फेलिक्स। कहता है कि पैसे
से तुम्हें आजादी मिलती है। वह आजादी जो दुनिया में सबसे कीमती होती है। आजादी, अपने फैसले खुद लेने की आजादी, अपना वक्त, अपने तरीके से बिताने की आजादी, उन लोगों के साथ रहने की जो तुम्हें सच में पसंद हैं। और उन लोगों से दूर रहने की जिनसे तुम मजबूरी में जुड़े रहते हो। अमीर बनना सिर्फ गाड़ियों या बंगले का सपना नहीं है। असली अमीरी तब आती है जब तुम आजाद महसूस करते हो। जब तुम्हें किसी से पूछने की जरूरत नहीं होती कि तुम क्या कर सकते हो या नहीं कर सकते। अगर तुम इस स्तर तक
पहुंच गए तो समझो तुमने वाकई कुछ हासिल किया है। लेकिन इसके लिए तुम्हें बहुत कुछ छोड़ना पड़ेगा। बहुत सी चीजों की कुर्बानी देनी होगी और वह सबसे पहली कुर्बानी होगी तुम्हारी आरामदायक जिंदगी की। आराम सबसे बड़ा दुश्मन होता है। तरक्की का जो इंसान आराम चाहता है, वह बदलाव नहीं चाहता और जो बदलाव नहीं चाहता, वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता। फेलिक्स कहता है कि उसने अपनी जिंदगी के कई साल बिना छुट्टी के बिताए, बिना आराम किए काम करते हुए और वही साल उसकी सफलता की नींव बने। इसलिए अगर तुम्हें लग रहा है कि बस थोड़ा
काम करके बहुत पैसा आ जाएगा तो यह ख्याल छोड़ दो। मेहनत करनी ही पड़ेगी और वह भी इतनी कि लोग हैरान हो जाए। लेकिन यही मेहनत एक दिन तुम्हें उस जगह ले जाएगी जहां तुम सबको चौंका दोगे। तुम्हें लोगों को समझना आना चाहिए। दुनिया का हर बड़ा बिजनेस लोगों की जरूरतों पर बना है। अगर तुम लोगों को समझ सकते हो तो उन्हें कुछ भी बेच सकते हो। और अगर तुम यह कर पाए तो पैसा अपने आप आएगा। फेलिक्स कहता है कि लोगों को पढ़ो। उनके व्यवहार को देखो, उनके इरादों को पहचानो और फिर उनके लिए
कुछ ऐसा बनाओ जो उनकी जिंदगी को आसान कर दे। यही बिजनेस की असली चाबी है। कोई भी चीज जो लोगों की समस्या हल करे वह बिकेगी ही बिकेगी। तुम्हें बस सही वक्त पर सही चीज लेकर आनी है। और वह तभी होगा जब तुम हर दिन बाजार को समझोगे। अपने आसपास की दुनिया को देखोगे और खुद से यह पूछोगे कि लोग क्या चाहते हैं। क्या चीज उन्हें परेशान कर रही है और क्या मैं उस परेशानी का हल दे सकता हूं। अगर हां तो वहीं से अमीरी की शुरुआत होती है। तुम्हें सीखना बंद नहीं करना है। यह
सफर कभी खत्म नहीं होता। अमीरी एक यात्रा है जिसमें हर मोड़ पर कुछ नया सीखने को मिलता है। फेलिक्स कहता है कि उसने अपनी जिंदगी में हर रोज कुछ नया सीखा और वही सीख उसे आगे बढ़ाती गई। जो लोग सोचते हैं कि अब उन्हें सब कुछ आता है, वह सबसे पहले गिरते हैं। तुम जब तक सीखते रहोगे तब तक बढ़ते रहोगे। तुम जहां हो वही तुम्हारा स्कूल है। हर इंसान जो तुम्हारे आसपास है उससे कुछ सीखा जा सकता है। इसलिए हमेशा सीखने के लिए तैयार रहो। खुद को कभी भी पूरा मत मानो क्योंकि जितना तुम
सीखोगे उतना ही तुम्हारा नजरिया बड़ा होगा और जितना बड़ा नजरिया उतना बड़ा पैसा। तुम्हें कभी समझौता नहीं करना है। अगर तुम्हें पता है कि तुम क्या चाहते हो तो उसके लिए डटे रहो। चाहे जितना वक्त लग जाए, चाहे जितनी मुश्किलें आए। अगर तुम सही दिशा में मेहनत करते रहोगे तो एक दिन वो भी आएगा। जब तुम अपने सपने को सच में जी रहेगे, तुम वो कर रहेगे जो तुमने कभी सिर्फ सोचा था। और तब तुम समझोगे कि यह सब मुमकिन था। सिर्फ इसीलिए क्योंकि तुमने हार नहीं मानी। तुम टिके रहे, तुम चलते रहे और तुमने
रुकने से इंकार कर दिया। यही असली अमीरी है। अमीरी किसी किस्मत या जादू का खेल नहीं है। अमीरी मेहनत, समझ, फोकस और ना रुकने वाली सोच का नतीजा है जो इंसान अपने डर पर काबू पा लेता है। रिस्क लेने से नहीं डरता। हर दिन खुद को बेहतर बनाने में लगा रहता है। और तब तक नहीं रुकता जब तक मंजिल ना मिल जाए। वही इंसान सच्चे मायनों में अमीर बनता है। अमीरी सिर्फ पैसों का नाम नहीं है। यह आजादी का दूसरा नाम है। और इस आजादी तक पहुंचने का रास्ता खुद के ऊपर विश्वास, मेहनत और लगातार
सीखते रहने से होकर गुजरता है। अगर यह बातें तुम्हारे दिल को छू गई हो तो इस वीडियो को तुरंत शेयर करो और नीचे कमेंट में बताओ। तुम्हारी अमीरी की राह में सबसे बड़ी रुकावट क्या है? क्या तुम हर हालत में उसे पार करने के लिए तैयार हो? अगर हां तो आज से ही शुरुआत करो। हर दिन कुछ ऐसा करो जो तुम्हें तुम्हारे सपने के करीब ले जाए। और अगर तुम चाहते हो कि ऐसे ही दमदार और सच्चाई से भरे विचार तुम्हें लगातार मिलते रहे तो टॉप बुक समरी चैनल को जरूर सब्सक्राइब करो क्योंकि यह सफर
अभी शुरू हुआ है और मंजिल बहुत बड़ी है। ओम [संगीत]