हेलो एवरीवन। अब देखते हैं क्वेश्चन नंबर 54। ये क्वेश्चन में कुछ स्टेप्स आपको दे रखे हैं। सबसे पहले यहां डाला हुआ है SOCl2H न्यू। तो यहां पर SOCl2 पहले तो क्या करता है? वैसे तो Cl नेगेटिव जनरेट करता है। लेकिन यहां पर जो मैकेनिज्म हमें दे रखा है वो लाइट की प्रेजेंस में है। तो फ्री रेडिकल मैकेनिज्म जो है यहां पर फॉलो होगा। अब सबसे पहले इसको स्टार्ट करते हैं। तो यहां पर मैं रिएक्टेंट ड्रॉ कर लेता हूं। यहां पर क्या है? CH3 और नीचे इसके क्या दे रखा है? एक साइक्लो पेंटाइल ग्रुप। अब यहां
पर फ्री रेडिकल बेंजीन रिंग के ऊपर तो जनरेट हो नहीं सकता क्योंकि बेंजीन रिंग के ऊपर ना तो पॉजिटिव चार्ज स्टेबल है ना नेगेटिव चार्ज स्टेबल है ना ही फ्री रेडिकल स्टेबल है। वैसे भी जो यहां पर रेडिकल जनरेट होगा वो अलाइलिक फ्री रेडिकल होगा। अब अलाइलिक फ्री रेडिकल में क्या-क्या पॉसिबिलिटीज हैं? या तो ऊपर रेडिकल जनरेट हो जाए इस कार्बन पर या फिर ये जो मैंने रेड डॉट लगाई है इस कार्बन पर जो है जनरेट कर सकते हैं। तो बेसिकली होगा क्या? नीचे वाले जो साइक्लोपेंटाइल रिंग है इस पर रेडिकल क्रिएट होगा। क्योंकि यहां
पर फ्री रेडिकल की डिग्री क्या होगी? वो ज्यादा होगी। तो यहां पर अगर फ्री रेडिकल मैं जनरेट कर देता हूं। मैं एक बारी ड्रॉ करके दिखाता हूं। अगर मैंने यहां पर फ्री रेडिकल जनरेट किया तो इसकी डिग्री क्या हो जाएगी? ऊपर से वन लेफ्ट में एक कार्बन और राइट में तो 3 डिग्री का फ्री रेडिकल बन जाएगा। तो सबसे पहला रेडिकल जो बनेगा वो यही बनेगा। अब यहां पर अगर रेडिकल बन गया तो यहां पर कौन जुड़ जाएगा? क्लोरीन सबसे पहले तो जो cl रेडिकल होगा वो नीचे कनेक्टेड हो जाएगा। इसके बाद नेक्स्ट स्टेप में
क्या दे रखा है? एनबीएस। अब इसमें एनबीएस की रिएक्शन है। एनबीएस क्या होता है? एन ब्रोमोसक्सिनीमाइड। मैं लिख देता हूं एन ब्रोमोसिनीमाइड। यह भी क्या करता है? यह भी अलाइलिक सब्स्टट्यूशन करता है। अलाइलिक सब्स्टट्यूशन और इसका भी मैकेनिज्म कौन सा होता है? फ्री रेडिकल। अब एक बार तो हम फ्री रेडिकल नीचे बना चुके हैं। तो जो अगला फ्री रेडिकल जनरेट हो सकता है। यहां पर तो कार्बन की चार की चार बॉन्ड्स कंप्लीट हो चुकी हैं। अब रेडिकल बन जाएगा ऊपर। अब अगर मैं ऊपर रेडिकल बनाऊं तो फिर से ये मॉलिक्यूल को ड्रॉ कर देता हूं।
तो रेडिकल जो बनेगा वो बनेगा ऊपर CH2 यहां पर रेडिकल आ जाएगा कार्बन पर और यहां पर मेरा नीचे क्या बन चुका है? साइक्लोपेंटाइल के ऊपर ये क्लोरीन अटैच था। अब एन ब्रोमोसिनियमाइड में बीआर रेडिकल जो है और ये जो ऊपर रेडिकल बना है ये दोनों कनेक्ट हो जाएंगे। तो जो यहां पर मेरा प्रोडक्ट बनेगा अब मैं ये दो डॉट्स को इरेज करके एक बॉन्ड ही बना देता हूं। नहीं तो मुझे फिर से पूरा रिएक्टेंट और ये प्रोडक्ट बनाना पड़ेगा। तो यहां पर क्या बनेगा? CH2 के साथ यह यहां पर कनेक्ट हो गया Br. अब
BR के बाद क्या है? यहां पर डाला हुआ है KSH। अब KSH कैसे टूटेगा? K पॉजिटिव में और SH नेगेटिव में। तो ये कैसे टूटा? K पॉजिटिव में और SH नेगेटिव। अब SH नेगेटिव क्या है? एक स्ट्रंग न्यूक्लियोफाइल। मैं यहां पर लिख देता हूं। ये कैसा है? स्ट्रांग न्यूक्लियोफाइल। अच्छा भाई एक बात बताओ स्ट्रंग न्यूक्लियोफाइल कैसी रिएक्शन करता है? SN2 रिएक्शन। तो यहां पर SN2 रिएक्शन शो करेगा। SN2 रिएक्शन में बैक साइड अटैक होगा। अब बात है निकलेगा कौन? ये अटैक या तो Cl पे भी हो सकता है। Cl वाले कार्बन पर या Br वाले
कार्बन पर। अगर Br वाले कार्बन पर हुआ तो ब्रोमाइड निकलेगा। Cl वाले कार्बन पर नीचे यहां पर हुआ तो क्लोराइड निकलेगा। अब क्लोराइड और ब्रोमाइड में से ज्यादा अच्छा लिविंग ग्रुप कौन है? ब्रोमाइड। तो यहां पर कौन निकल जाएगा? SH नेगेटिव जो है यहां पर अटैक करेगा इस कार्बन पर और यहां से ब्रोमीन जो है यह बाहर निकल जाएगा। तो प्रोडक्ट मेरा कैसा बनेगा? तो ये बात समझ में आ गई ना? क्लोराइड क्यों नहीं निकला? क्योंकि ब्रोमाइड जो है क्लोराइड के कंपैरिजन में अच्छा लिविंग ग्रुप है। तो यहां पर क्या होगा मेरे साथ? तो यहां
पर CH2 के साथ कौन लग गया? SH और नीचे जो है वो साइक्लोपेंटाइल ग्रुप है और यहां पर क्या लगा हुआ है? Cl। अब देखते हैं कौन सा ऑप्शन इसके साथ मैच करता है। तो ऑप्शन नंबर ए में जो है CH2SH भी है लेकिन नीचे ब्रोमीन लगा हुआ है तो ये मेरा ऑप्शन गलत है। हमारा नीचे क्या लगा हुआ है? क्लोरीन। तो बी ऑप्शन में देखो CH2 के साथ क्या है? SH है और नीचे क्या लगा हुआ है? क्लोरीन। तो ये जो है मेरा करेक्ट ऑप्शन हो गया। तो सिंपल सी बात थी। दो बार फ्री
रेडिकल मैकेनिज्म करवा के देखना। फर्स्ट स्टेप में नीचे रेडिकल बनेगा। नीचे रेडिकल बनेगा तो क्लोरीन लग जाएगा। उसके बाद नेक्स्ट स्टेप में एन ब्रोमो सक्सिनीमाइड है तो वो भी एक रेडिकल जनरेट करेगा। तो ऊपर जो है ब्रोमीन लग जाएगा। उससे अगले स्टेप में केएसए डाल रखा है। SH नेगेटिव जो है एक स्ट्रांग न्यूक्लियोफाइल है यानी कि SN2 रिएक्शन होगी। तो ब्रोमाइड को हटा के क्या लगवा देगा? SH कोई बच्चा ये जरूर गलती कर सकता है कि लास्ट स्टेप में सब कुछ सही करने के बाद ब्रोमाइड की जगह क्लोराइड निकलवा दे। लेकिन याद रखना ब्रोमाइड अच्छा
लिविंग ग्रुप है तो क्लोरीन के कंपैरिजन में पहले निकल जाएगा। तो ब्रोमीन हटा के क्या लग जाएगा? एसए तो इसीलिए मेरा करेक्ट आंसर क्या है? ऑप्शन नंबर बी। अगर आपको यह वीडियो हेल्पफुल लगी हो तो यार कमेंट करना फ्री है। सब्सक्राइब करना फ्री है। अगर अच्छी नहीं भी लगी तो भी कमेंट कर दिया करो यार। तो मिलते हैं आपसे नेक्स्ट वीडियो