[संगीत] शायद आप में से बहुत से दोस्त जानते हो या मानते हो कि अमेरिका के लिए इसराइल एशिया का जेम्स टाउन है बिल्कुल ऐसे जैसे ब्रिटिशर्स ने अंग्रेजों ने अमेरिका दरयाफ्त होने के बाद इसके मशरिक सहायल पर अपनी छोटी-छोटी कॉलोनी बना ली थी जेम्स टोन भी इन्हीं में से एक था शुरू में वो इन्हें सिर्फ एक किले के तौर पर या अपने स्ट्रेटेजिक एसेट के तौर पर इस्तेमाल करते रहे लेकिन असल में इनका मकसद इसे आगे तक फैलाना था और पूरे अमेरिका में नेटिव अमेरिकंस की मुकामी कबाइली की जमीनों पर कब्जा करना था एक कॉन्टिनेंटल
नेशन बनना था इसके लिए उन्होंने नेटिव अमेरिकंस की एथनिक क्लींजिंग की यानी उन्हें उनके हजारों साल से बसे बसाए घरों से निकाल दिया उनका कल्चर रहन सहन यादगारे सब मिटा दी फिर कामयाबी से इनकी जेनोसाइड भी गी यानी मिलियंस ऑफ नेटिव अमेरिकंस को हलाक ही कर दिया हथियारों से बीमारियों से और आपस में करर इन्हें खत्म कर दिया इस कामयाब एथनिक क्लींजिंग और नस्ल कुशी से अमेरिका ने दुनिया की ताकतवर तरीन मिलिट्री अंपायर कायम की हुई है यही वह कामयाब तजुर्बा है जो अब इसराइल के जरिए मिडिल ईस्ट में दोहराया जा रहा है एक छोटे
पैमाने पर जब अमेरिक प्रेसिडेंट्स और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट्स कहते हैं कि अमेरिकन और इसराइली वैल्यूज शेयर्ड है हम दोनों एक जैसे हैं तो दरअसल अमेरिका अपने इसी कामयाब कॉलोनियल प्रोजेक्ट की नेटिव अमेरिकंस के लैंड पर प्रोजेक्ट की कामयाबी की बात कर रहा होता है शायद आपको और बहुत से दूसरे दोस्तों को हमारे तजय के इस एंगल पर तराज हो चले हम आपको अमेरिकी कैमरामैन की बनाई हुई तसवीर उनकी पेंटिंग्स और उनकी किताबों से छोटी सी कहानी सुनाते हैं जिससे आप किसी हद तक समझ जाएंगे कि अमेरिका किस तरह अपने कामयाब कॉलोनियल प्रोजेक्ट को इसराइल के
जरिए मिडिल ईस्ट में इस्तेमाल कर रहा है क्यूरिस फेलोज 1828 में 1828 में जब एंड्रू जैक्सन सातवें अमेरिकी सदर बने तो उन्होंने एक जुर्म अजीम किया उन्होंने अमेरिका से मुकामी कमाइल की जिन्हें उर्फ आम में नेटिव्स या इंडियंस कहा जाता था उनकी एथनिक क्लींजिंग को एक कानूनी रंग दिया क्योंकि उन्होंने इलेक्शन ही इस नारे पर जीता था कि वो इंडियन प्रॉब्लम यानी वाइट सेटलर्स के रास्ते में आने वाले नेटिव अमेरिकन ट्राइब को हर सूरत हटाएंगे और वाइट सेटलर्स को अमेरिका में कॉलोनी फैलाने में मदद देंगे इसके लिए उन्होंने इंडियन रिमूवल एक्ट के नाम से कानून
पास करवाया और नेटिव्स की एथनिक क्लींजिंग का बाकायदा आगाज कर दिया इस कानून के मुताबिक तमाम मुकामी आबादिया नेटिव अमेरिकंस के कबाइली जाए गन पॉइंट पर नेटिव्स की फैमिलीज को घरों से निकाला गया इन्हें जबर दस्ती उकी बस्तियां छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया इन्हें इनके आबाई इलाकों कबीलों और बस्तियों से 1600 किलोमीटर दूर ऑलमोस्ट 1000 माइल्स दूर एक जगह पर कैदियों की तरह जाने पर मजबूर कर दिया गया यह सारा रास्ता उन्होंने बेपना तकलीफ से तय किया और इस रास्ते को तारीखी तौर पर और इस वाक को ट्रेल ऑफ टयर्स कहते हैं आंसुओं का
रास्ता तकलीफ का रास्ता लेकिन इनसे वादा किया गया कि जबरदस्ती डिस्प्लेस किए जाने वाले इन तमाम कबाइली को इस नई सरजमीन पर तंग नहीं किया जाएगा यहां वो अपने कदीम रस्मो रिवाज के मुताबिक जिंदगियां गुजार सकेंगे और इसे आजादी का नाम दिया गया बाकायदा इसको फ्रीडम ऑफ नेटिव्स कहा जाता था फ्रीडम ऑफ इंडियंस कहा जाता था इन्हें कहा गया कि वाइट सेटलर्स भी इन नए इलाकों में आपके रास्ते में बिल्कुल नहीं आएंगे आपके जमीनों पर कब्जा करने के लिए पेश कदमी नहीं करेंगे सो क्या हुआ कि कई साल जारी रहने वाली इस एथनिक क्लींजिंग के
जरिए इंडियन ट्राइब्स को नेटिव अमेरिकंस को आखिरी का उस जगह धकेल दिया गया जहां आज स्टेट ओक्लो हामा है लेकिन उस वक्त इसे ओकलाहोमा के इस पूरा एरिया को इंडियन टेरिटरी का नाम देकर एक नीम खुद मुख्तार स्टेट जैसी शक्ल दे दी गई थी जिन जगहों से अब इन सब ट्राइब्स को निकाला गया था वहां ट्राइब्स की जो जमीनें थी वहां से इनके तारीखी मुका मात इनकी आबादिया और सदियों की यादगार को मिटा दिया गया और वहां वाइट सेटलमेंट कायम कर ली गई अब ये नेटिव अमेरिकंस जो कंप्रोमाइज करके यहां आ गए थे कि जो
बचे हैं संघ समेट लो तने दाग दार लुटा दिया यह यहां भी महफूज नहीं रहे नेटिव अमेरिकंस दरअसल भूल गए थे कि कॉलोनियल पावर्स तो नेटिव्स को अपने जैसा इंसान नहीं समझती वो उन्हें डी ह्यूना कर चुकी होती हैं अपने माइंड्स में यही बात अमेरिकन प्रेसिडेंट एंड्रू जैक्सन कहते भी थे कि ये तो जंगली कबाइली किया अच्छी हैं और ना ही इनमें तरक्की करने की कोई ख्वाहिश है इससे साथियों आप अमेरिकन फोर फादर्स के माइंडसेट का जरा अंदाजा लगाइए तो इसी माइंडसेट ने जिसने नेटिव्स को डी ह्यूना करके दिखाना शुरू किया हुआ था वह अपने
तमाम वादों से एक-एक करके फिरना शुरू शुरू हो गई क्या हुआ कि हर गुजरते साल के साथ मुकामी कमाइल से इनकी इंडियन टेरिटरी यानी ओकलामा को भी टुकड़े-टुकड़े करके इनसे वापस लेना शुरू कर दिया गया कभी कागजी कानून बनाकर इनकी जमीन हथिया ली गई कभी धमकी देकर और कभी सेटलर्स के जरिए मुकामी आबादी के कुछ लोगों को मार कर क्योंकि जवाब में जब आउट नंबर्ड मुकामी कबाल नेटिव कबाइटारी तो उन्हें दहशत गर्द वगैरह कहकर खत्म कर दिया जाता था और बाकी बच रहने वालों को अपनी सिक्योरिटी के नाम पर डिफेंस के नाम पर दूर कहीं
किसी और जगह मुंत किल कर दिया जाता था वाइट सेटलर्स इस एथनिक क्लींजिंग और डी ह्यूना को एक मुकद्दस मिशन समझकर भी अंजाम दे रहे थे वह समझते थे कि खुदा का हुक्म है खुदा की मर्जी है कि जंगलिया से यह कीमती जमीन लेकर बाइबल को मानने वालों के इख्तियार में दे दी जाए इसीलिए सेटलर करते थे कि जो नसीहत कबूल कर लेते थे उन नेटिव्स को आर्ज रिलीफ दे देते थे लेकिन आखिरकार उनसे भी जमीन छीन लेते थे उस दौर को दिखाने के लिए एक पोस्टर भी बहुत मशहूर हुआ जिसमें एक वाइट सेटलर खातून
आसमान से एक फरिश्ते की तरह आगे बढ़ रही है इसके साथ जमीन पर वाइट सेटलर्स भी आगे बढ़ते जा रहे हैं वह अपने साथ बहरी जहाज रेलवे ट्रैक्स और मॉडर्न एग्रीकल्चर सिस्टम ला रहे हैं जबकि उनके आगे-आगे जंगली नजर आने वाले नेटिव अमेरिकंस भाग रहे हैं और नेटिव्स के साथ-साथ बायंस वहां का जो मुकामी जानवर है वह गौल दर गौल भाग रहा है क्यूरिस फेलोस नेटिव्स से मुकामी अमेरिकियों से उनको अलर्ट की हुई जमीन बार-बार छीनने का सिलसिला 1880 1880 तक भी जारी था क्योंकि हजारों किलोमीटर दूर यूरोप से वाइट मैन को लाकर यहां बसाने
का सिलसिला भी जारी था लेकिन असल मसला सिर्फ बसाने का नहीं था जमीन तो बहुत थी असल प्रॉब्लम यह था कि उन्हें ऐसी जगहों पर बसाना था जहां नेटिव्स अब रहने लगे थे लेकिन वो जमीन बहुत कीमती हो चुकी थी वहां से मिनरल्स निकल आए थे वो जरखेज थी और बहुत सी जगहों से सोना भी निकल रहा था मतलब जिस भी जगह से दौलत कमाई जा सकती थी और वहां पर नेटिव्स रहते थे और अमेरिकन सेटलर्स के नजदीक नेटिव्स का वहां होना उस जमीन को जाया करने के मतरा था सो वो उस पर कब्जा करते
थे और इस कब्जे को अपना हक समझते थे और कहते थे कि नेटिव्स के लिए तो यह जमीन किसी काम की नहीं नॉन प्रोडक्टिव सेटलमेंट है लिहाजा हम इसे प्रोडक्टिव बना रहे हैं अन ऑक्यूपाइड टेरिटरी उसको कहते थे और इस पर कब्जा कर लेते थे इसके लिए कई बार मुजका खेज तरीके भी इस्तेमाल किए गए वो ऐसे कि पूरे वेस्टर्न वर्ल्ड में इश्तेहार दिए जाते थे कि कोई भी शख्स मतलब वाइट सेटलर जिसकी उ 21 साल हो वो 160 एकड़ लैंड इंडियन लैंड पर सेटलमेंट बना सकता इसका मालिक बन सकता है जब ऐसे इश्तिहार पर
अप्लाई करने वाले बहुत से वाइट सेटलर्स आ जाते तो इन सब फैमिलीज के दरमियान एक रेस होती एक दौड़ का मुकाबला होता घोड़ों और बियों पर ये लोग मुकाबले में दौड़ते इस मुकाबले को लैंड रेस कहा जाता था आम होती थी ये कई दईयो तक अमेरिका में होती रही जो फैमिली या जो शख्स इस रेस में जीत जाता जमीन के उस टुकड़े का मालिक बन जाता जिसके लिए दौड़ हो रही थी बाकी लोग अगली दौड़ का अगली लैंड रेस का इंतजार करते उस दौर की तसवीर पेंटिंग्स और वीडियोस आज आम ऑनलाइन मौजूद है और बताती
हैं कि किस कामयाबी से अमेरिका ने नेटिव अमेरिकंस के लैंड्स को वेस्टर्न सेटलमेंट से भर दिया जमीन के असल मालिकों को डी हूना करके मार दिया गया या फिर कोनों खुदर में रहने पर मजबूर कर दिया गया उनसे महदे किए जाते कि अब यह जमीन का हिस्सा जिस पर आपको लाकर बसाया गया है यह आपसे कोई नहीं छीनेगा लेकिन कुछ साल बाद इसी की प्लॉटिंग की जाती खूबसूरत नक्शे बनाए जाते और कटिंग्स करके टुकड़ों टुकड़ों में उसे भी बेज दिया जाता जैसा कि आप इन नक्शों में देख भी रहे हैं जिसे आज अमेरिकन ड्रीम कहते
हैं यह उस दौर की एक डार्क साइड भी है क्या आए और इंडियन लैंड मुकामी लोगों के जमीने बेचकर या जमीनों का इस्तेमाल करके अमीर तरीन हो जाए मुकामी लोगों की खैर है इनको कहीं भी धकेला जा सकता है यह एगजैक्टली वही स्टाइल है जो इसराइल अमेरिका से सीखकर अब अरबों की जमीनों पर फिलस्तीन में इस्तेमाल कर रहा है अप्लाई कर रहा है अमेरिकी सेटलर्स दो सदियों ततक इंडियन लैंड फॉर सेल इंडियन लैंड फॉर सेल के शेमलेस पोस्टर छापते रहे इन पर लिखा जाता था कि बहुत आसान किस्तों में अपना घर बनाएं आप किराई पर
क्यों रहते हैं बेहतरीन टाइटल इंडियन लैंड पर घर बनाए 30 दिन में कब्जा हासिल करें अब जाहिर है इस कब्जे का मतलब यही था कि 30 दिन में ताकतवर सेटलर्स किसी भी तरह वहां मौजूद नेटिव से उनकी जमीन छीन लेंगे और जिन्होंने किस्तें अदा की हैं उन्हें वहां लाकर बसाएंगे फिर ऐसे बे जमीर और बेदिल इश्तिहार भी छापे जाते कि एक करोड़ 15 लाख एकड़ जमीन खाली पड़ी है आए और सेटलमेंट बनाए बेहतरीन दरख्त है यहां जरखेज जमीन है और बहुत सा पानी भी है और यह वोह जमीन है जो इंडियंस ने अमेरिका को आजादी
के लिए खुद बेच दी है कहा की आजादी भाई गन पॉइंट पर ली हुई जमीन को आजादी के बदले बेची गई जमीन कैसे कहा जा सकता है अपनी जमीन पर किससे आजादी फिर इन्हीं अतिरा में लिखा होता था कि अमरकी सदर ने इजाजत दे दी है कि जो जमीन अन ऑक्यूपाइड है सेटलमेंट बना ली जाए यह बिल्कुल वही अल्फाज हैं जो इसराइली सेटलर्स इस वक्त फलस्तीनी जमीनों पर कब्जे के लिए इस्तेमाल करते हैं ये किसी भी लैंड एरिया को अन ऑकुपाड़ा रहते हैं यकीन कीजिए ये सब इसराइली सेटलर्स उसी टेक्स्ट बुक को फॉलो कर रहे
हैं जो अमेरिका ने अपनी स्टेट्स बनाने के लिए दो सदियों तक इस्तेमाल की है ये सब उन्होंने अमेरिकियों की कामयाब कॉलोनियल स्टेट से ही सीखा है अमेरिकी जब शेयर्ड वैल्यूज की बात करते हैं तो दुनिया में कॉलोनियल हिस्ट्री जानने वाला शायद ही कोई हो जो इसका कोई और मतलब लेता हो फलस्तीन में इसराइली सेटलर्स यही समझते हैं कि जैसे अमेरिका ने नेटिव्स को कामयाबी से श कस्ते फाश देकर उनके जमीनों पर सेटलमेंट कायम कर ली थी आज तक कायम है तो इसराइल इससे कहीं छोटी जमीन पर ऐसा आज क्यों नहीं कर सकता अमेरिकियों ने ने
अपनी तारीख के इस भयानक पहलू में नेटिव अमेरिकंस को इंच बाय इंच ऐसे पीछे धकेला कि आज नेटिव अमेरिकंस 2 फीसद हैं और सिर्फ 2 फीसद जमीन की मलकीत रखते हैं 98 फीसद जमीन वो खो चुके हैं सबसे पसमांदा और सबसे पिसे हुए तबके में यह लोग शामिल हैं आज इनकी मुकम्मल एथनिक क्लींजिंग कर दी गई है इस एथनिक क्लींजिंग में वो तमाम अमेरिकी प्रेसिडेंट्स शामिल हैं जिनकी तसवीर आज अमेरिक बड़े फखर से अपने ड्राइंग रूम्स में लगाते हैं और वाइट हाउस में लगी है इनमें ए जैक्सन मर्टन वेन विलियम हैरिसन अब्राहम लिंकन जेम्स गारफील्ड
विलियम मनले और थियोडोर रोज बलट सभी शामिल है कुछ ब्राहे रास्त इस ट्रेल ऑफ टियर्स में यानी इंडियन रिमूवल एक्ट पर अमल करवाने में शामिल रहे और कुछ इसके बाद बाकी रही सही जगहों से नेटिव्स को निकालने में बहुत मुथकूर इन सब ने एथनिक क्लींजिंग में पूरा किरदार अदा किया साथियों दो सदियों में अमेरिकियों से जो नेटिव अमेरिकंस अपनी बका की जंग लड़ते रहे इनमें एक बहादुर वॉरियर लीडर और लाला लको कबीले के चीफ मा पीहा ओठ थे इन्हें अमेरिकी हुकूमत और अंग्रेज रेड क्लाउड कहते थे यही इनके नाम का अंग्रेजी तर्जुमा था सुर्ख बादल
इन्होंने 1840 से 1909 तक कई अमेरिक प्रेसिडेंट्स के खिलाफ जंगे भी लड़ी कुछ बार जीते लेकिन ज्यादातर हारते रहे बे दस्तो पा कौन कितनी देर तक आखिर लड़ सकता है आखिर इन्होंने यह किया के मुसलसल श कस्तो के बाद अपनी यकीनी हार देखते हुए सेटलर्स के सामने हथियार डाल दिए और अमेरिक यों से डिप्लोमेसी के जरिए हुकूक की बात शुरू कर दी अमेरिकी बहुत खुश हुए इन्हें टेररिस्ट से एक सियासी हीरो का दर्जा दिया जाने लगा इनसे वादे किए जाने लगे कि अगर तुम लोग हथियार मुकम्मल तौर पर छोड़ दो तो तुम्हारे इलाकों को तुम्हारे
पास रहने दिया जाएगा तुम लोग अपने पुराने रस्मो रिवाज के हिसाब से रहते रहो तुम अमेरीकी शहरी भी रहोगे और बैरून हमलों से हम तुम्हारी हिफाजत भी करेंगे इस जैसे सैकड़ों मुआद हुए लेकिन किसी पर अमल नहीं हो सका रेड क्लाउड अपने लोगों में और अमेरिकियों के दरमियान डिप्लोमेसी करता रहा और इसमें पिसता रहा उगला लाले कोटा चीफ रेड क्लाउड से एक जुमला मंसूब है जो तारीख में बहुत मशहूर है उन्होंने कहा कि वाइट सेटलर्स ने हमसे बहुत से वादे किए सवाय एक बात के उन्होंने किसी बात पर अमल नहीं किया और वोह बात जिस
पर उन्होंने पूरा अमल किया वो यह थी कि हमें तुम्हारी जमीन चाहिए साथियों रेड क्लोट पर कई किताबें लिखी गई हैं अगर आप एक कामयाब कॉलोनियल पावर की तारीख जानना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि इंडिजिनियस लोग मुकामी लोग कमजोर होने की वजह से कैसे बेबस हो जाते हैं तो आपको यह किताब जरूर पढ़नी चाहिए या फिर इंतजार करें यह हमारी उन तारीख की 100 किताबों में शामिल है जिनकी डॉक्युमेंट्रीज हमने आपके लिए बनाना है दोस्तों इस मुख्तसर अमरकी तारीख को सामने रखें और एक बार फिर उन मुजा करराय अमेरिकी सरपरस्ती में पिछले
70 साल से फलस्तीन के लिए इसराइल के साथ हो रहे हैं आपको ठीक और साफ नजर आएगा कि अमेरिका अपनी तारीख के आजमाए हुए फार्मूले के मुताबिक मुजक्र को एक वॉर टैक्टिक के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है अल्टीमेटली उसे पूरा फलस्तीन और अरब का एक बड़ा हिस्सा चाहिए अपनी सेटलमेंट के लिए अपने फ्यूचर के लिए इसराइल अमेरिका का जेम्स स्टोन है इसीलिए आप देखें कि 7 अक्टूबर के बाद इन 10 माह के मुजा करराय चीज अशोर की है मुकरा के दरमियान तो वोह सिर्फ एक है वो यह कि इसराइल को मुकम्मल तहफ्फुज मिले और
उसे इतने हथियार मिले इतने ज्यादा हथियार मिले कि वह जब चाहे जहां चाहे हमला कर सके जिसको वह क्वालिटेटिव और क्वांटिटेशन एज कहता है जंग बंद करवाने के लिए सबसे अहम शर्त कि वो इसराइल को जंग करने के लिए हथियार देना बंद करें इस पर वो बिल्कुल अमल नहीं कर रहा इसके उलट कर रहा है याद रखें अमेरिका कभी भी मुस्तकिल सीज फायर के लिए परमानेंट सीज फायर के लिए कोई संजीदा कोशिश नहीं करेगा हर कोशिश सिर्फ सेटलर्स को एक रिलीफ देने के लिए होगी ना कि पायदे अपने इलेक्शन में थोड़े से फायदे के लिए
जिसके बाद उसे फिर बैक ट्रैक हुआ जाएगा वरना पूरी दुनिया और अवाम मुतह द अमन के लिए सैकड़ों फार्मूले दे चुके हैं जिन पर अमल हो सकता आप यह दुनिया का नक्शा स्क्रीन पर देख रहे हैं इसमें देखें कि ज्यादातर दुनिया के मुमा फलस्तीन की आजादी को तस्लीम करने के हक में है और फलस्तीनी नुमाइंदे को अपने यहां तस्लीम करते हैं मगर सेटलर्स और सेटलर के अमेरिकन मास्टर्स नहीं कर रहे क्योंकि उन्होंने अपने माजी से सीखा है कि नेटिव्स को दबाया जा सकता है इसमें कामयाबी हासिल की जा सकती है लेकिन एक थोड़ा सा प्रॉब्लम
है जो अब इन्हें दरपेश है वो यह कि नेटिव अमेरिकंस की जब ये वाइट सेटलर्स एथनिक क्लींजिंग कर रहे थे इनकी जेनोसाइड कर रहे थे तो वह सब कुछ लाइव नहीं था मगर अब फलस्तीन में यह सब कुछ लाइव हो रहा है पूरी दुनिया के सामने हो रहा है देखते हैं कि दुनिया का इजतेमा जमीर ह्यूमन कॉन्शियस क्या एक कदम आगे बढ़ा है इंसानियत ने थोड़ी तरक्की की है या फिर बुलंद हो के भी आदमी अभी ख्वाहिशों का गुलाम है साथियों इस वीडियो में हमने मुख्तसर जेम्स टोन की वाइट सेटलर्स की और नेटिव अमेरिकंस की
बात की है लेकिन यह सब कुछ बहुत डिटेल से पेंटिंग्स के साथ मैप्स के साथ एनीमेशंस के साथ आप हिस्ट्री ऑफ अमेरिका की हमारी सीरीज में यहां जान सकते हैं यहां जानिए कि एटम बम कैसे बनाया अमेरिका ने और यह रही एनिमल फॉर्म अर्थशास्त्र द प्रिंस और वॉर एंड पीस जैसी लाजवा किताबों पर हमारी वीडियो सीरीज जिसे जिंदगी में एक बार आपको जरूर देखना चाहिए [संगीत]