अगर हम एक फोन को 4 साल तक पानी में छोड़ दें जैसे कि एक स्विमिंग पूल में तो क्या वह वैसा ही का वैसा ही रहेगा इसका एक्चुअल आंसर आपको शॉक कर देगा सही में और इस औरत ने 600 लोगों को मार के उनका ब्लड अपने शरीर पे क्यों लगाया यह एक्चुअल रियल स्टोरी है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है और यह ध्यान से सुनो आपका शरीर का एक्चुअल हाइट असल में 7 लाख किमी के आसपास है यानी यहां से चांद तक अब ये क्या बकवास है ये आपको अभी पता चलेगा बहुत
अजीब सी बात ऐसे ही कई इंटरेस्टिंग रैंडम फैक्ट्स आज आप इस वीडियो में जानोगे अगर आपने अभी तक सब्सक्राइब करके बेल आइकन ऑन नहीं किया है तो जरूर कर लेना बेल आइकन मतलब हर एक वीडियो की नोटिफिकेशन सुई से जाएगी आपको लेट्स बिगिन फैक्ट नंबर 15 क्या आपको पता है आप आप नहीं हो बल्कि आप असल में वो ट्रिलियंस ऑफ सेल्स हो जिससे कि आप बने हो कि फिर मैं भी बना हूं और वैज्ञानिकों ने एक्चुअली में काउंट भी किया है कि कितना सारा सेल हमारे बॉडी में है तो बॉडी में मिलियंस ऑफ सेल है
ऐसा कहा जाता है पर सच्चाई ये है कि मिलियंस ऑफ सेल बॉडी में नहीं है बल्कि बिलियंस ऑफ सेल भी नहीं है बल्कि ट्रिलियंस ऑफ सेल है एगजैक्टली बोलूं तो 37.2 ट्रिलियन सेल्स बॉडी में है और एक सेल एवरेज 20 माइक्रोमीटर का होता है तो यहां पर एक बहुत ही बड़ा इंटरेस्टिंग हाइपोथेसिस आता है कि मान लो किसी इंसान को हम लोग ले और उसका सारा सेल ब्रेक डाउन कर द किसी भी टेक्नोलॉजी से सम हाउ तो अब उसका सारा बॉडी का सेल बिखरा हुआ होगा 37 ट्रिलियन सेल्स अब उन सारे सेल्स को एक के
ऊपर एक स्टैक करना शुरू करेंगे एक सेल उसके ऊपर एक सेल उसके ऊपर एक सेल तो जितना ये सेल है वो कितने इतने ऊपर तक चला जाएगा सिर्फ एक इंसान के बॉडी की सेल्स की बात हो रही है तो जो लोग इसका एक्चुअल टेक्निकल कैलकुलेशन देखना चाहते होंगे तो वो अपने स्क्रीन पर देख लो और फाइनल आप देख ही सकते हो 7 44000 किमी लंबा हो जाएगा यानी यहां पर जमीन से शुरू करेंगे ग्राउंड से सेल्स को रखना एक ऊपर एक तो चांद जितना दूर है उससे भी ज्यादा दूर तक पार हो जाएगा यानी कंटेंट
की बात करें तो एक इंसान के बॉडी में इतना कंटेंट होता है देखा जाए तो और सेल तो एक ऐसी चीज है जिसको हम लोग स्कूल में स्टडी करते हैं वो पढ़े नहीं है माइक्रोक्रिस्टल वही वाला सेल उस एक सेल में पूरा एक दुनिया होता है जैसे कि आपने डायग्राम्स में देखा होगा स्कूल में पर सोचो ऐसे 3700 ट्रिलियन अलग-अलग दुनियां से आप बने हो और स्टैक करें तो चांद के भी आगे पहुंच जाएगा चांद तो 4 लाख किमी दूर है ना ये 7 लाख पहुंचेगा फैक्ट नंबर 14 आप इस बात को तो मानते ही
होंगे कि मोबाइल एडिक्टिव होता है आप मोबाइल चलाते हो तो आपको अपने आप ही मजा आने लगता है मतलब नॉर्मल सी बात है पर मैं आपको बता दूं इंसान के तरह ही जो स्पीशीज है जैसे कि एप्स और घोरी गला उनके लिए भी फोन एडिक्टिव होता है क्योंकि ऐसा ऑब्जर्व किया गया बहुत सारे एक्सपेरिमेंट्स में कि गोरिला को अगर आप फोन दे दो और वो रील्स स्क्रॉल करे तो वो फोन वापस नहीं देता है वो रील्स को एंजॉय करता है अब आप बोलोगे इसका कुछ रेफरेंस या एक्चुअल केस दिखा दो तो देखो ये एक यंग
गोरिला है इसका नाम है नसीर और ये कनाडा में टोरंटो शहर में एक जू में है और इसका हालत ऐसा है कि फोन नहीं मिलने से इसको विड्रॉल फील होने लगता है गुस्सा आने लगता है तो बहुत सारे विजिटर जो आते हैं इसको देखने के लिए या फिर z के बाकी जानवरों को देखने के लिए तो कई लोग अपने फोन को दिखाने लगते हैं कि देख देख एंजॉय कर तो ये ना हो इसीलिए देखो ये वाला पोस्टर चिपकाया गया है कि प्लीज मत दिखाओ मुझे क्योंकि मैं एक एडिक्ट हूं और जो मेरा नॉर्मल बिहेवियर है
परिवार के साथ उस परे असर पड़ता है इससे यानी देखो मोबाइल इंटरनेट कैसी चीज है जानवरों के लिए भी एडिक्टिव होती है पर यहां पर एक डीप चीज समझ रहे हो जो एप्स और गोरिला ये जो थोड़ा दिमागदार जानवर होते हैं इनके लिए एडिक्टिव है अगर आप बिल्ली के सामने रील स्क्रॉल करो तो वो आपको फिर से नहीं बोलेगा कि फिर से मुझे दिखाओ एक घंटे दिखाओ या फिर कुत्ता को कोई फर्क नहीं पड़ेगा वो ऐसे मुंह घुमा लेगा पर ये ज्यादा इंटेलिजेंट क्रिएचर्स में होता है फैक्ट नंबर 13 जब साल 2020 में इस सेंचुरी
की सबसे बड़ी घटना हुई थी जो कि है लॉकडाउन यानी सब कोई घर के अंदर थे कोरोना वायरस के डर से उस समय एक स्टडी में अजीब सी बात पता चली पता ये चला कि इंसानों के लॉकडाउन के चलते चांद का टेंपरेचर बहुत ज्यादा ठंडा हो रहा था क्या इंसान घर में है लॉकडाउन है पूरी दुनिया में इससे चांद का टेंपरेचर ड्रॉप क्यों होगा वो ठंडक क्यों होगा क्या लॉजिक है इसके पीछे तो देखो इसका एक्सप्लेनेशन ये है कि इंसान का जो भी हरकत होता है जैसे कि मान लो प्लेन उड़ रहा है गाड़ियां चल
रही है या फिर जो भी नॉर्मल हरकत है उससे एरोसोल पार्टिकल्स क्रिएट होते हैं हमारे एनवायरनमेंट में और जो हम लोग ये सुनते हैं ना कि चांद का कोई अपना लाइट नहीं है सूरज से जो लाइट धरती पे आती है वही चांद को वापस रिफ्लेक्ट होता है तो ये रिफ्लेक्ट हो पाता इसलिए है क्योंकि एनवायरनमेंट में बहुत सारे एरोजोल पार्टिकल्स होते हैं और ये ज्यादा तब होते हैं जब इंसान अपनी फुल हरकत में होता है तब नॉर्मल दुनिया होती है तब जैसे अभी है पर जैसे ही इंसान ठप पड़ गया वो एरोजोल पार्टिकल्स कम हो
गए हमारे एनवायरनमेंट में से और ज्यादा सनलाइट नहीं रिफ्लेक्ट हो पा रहा था कम हो पा रहा था और यही कारण है कि मून का टेंपरेचर नॉर्मल से ज्यादा ड्रॉप हो गया कितना अजीब कनेक्शन है है ना फैक्ट नंबर 12 ये देखो एक इंटरेस्टिंग सा कमेंट है फैक्टस भाई ऐसा कहा जाता है कि एक तरह के दिखने वाले दुनिया में सात लोग होते हैं तो क्या हम मान ले कि दुनिया में ठ बिलियन पॉपुलेशन के हिसाब से सिर्फ 160 करोड़ लोग हैं बस ये बहुत ही इंटरेस्टिंग ऑब्जर्वेशन है जो नॉर्मल सी बात कही जाती है
कि मेरे तरह दिखने वाले सात लोग होंगे दुनिया में या फिर आप जैसा दिखते हो वैसे ही एग्जैक्ट दिखने वाले कहीं ना कहीं किसी ना किसी कोने में सात लोग होंगे तो इसका मतलब जितने लोग हैं दुनिया में सबका साथ होगा तो इसका मतलब तो दुनिया में फिर 800 करोड़ लोगों में से सिर्फ 100 200 करोड़ लोगों का ही यूनिक फेस है बाकी सबका तो फेस मैच कर जाना चाहिए अगर हम 800 करोड़ डिवाइड बा 7 कर दे तो तो ये सेंस नहीं बनाता है जिसका मतलब ये है कि नहीं ये बात ट्रू नहीं है
कि हर एक इंसान का मिलता-जुलता सात फेस होगा धरती पे ये बस फैली हुई बात है इसमें कोई बड़ी सच्चाई नहीं है फैक्ट नंबर 11 मेंटल हेल्थ की कैसे धज्जिया उड़ रही है इसका प्रूफ आपको एक दिखाता हूं अभी जैसे कि क्या है कि बहुत लोग ओवरथिंकिंग करते हैं डिप्रेशन में है लेकिन उनको खुद नहीं पता कि वो डिप्रेशन में है इसको कहते हैं मेंटल हेल्थ का ना पता होना तो एक अजीब सी चीज आपको दिखा रहा हूं आप चौक जाओगे एक स्टडी हुई थी जिसका रेफरेंस आपको स्क्रीन प दिखा रहा हूं देखो क्या है
इसका समरी ये है कि 86 पर ऑफ द साइकोलॉजिस्ट जो है वो खुद थेरेपी लिए हैं यानी हमें जब भी कुछ दिमाग में कुछ अजीब से जदा ओवरथिंकिंग टेंशन होता है तो ज्यादातर जो टियर वन सिटीज में रहते हैं वो जाते हैं साइकोलॉजिस्ट के पास या फिर थेरेपिस्ट के पास तो वो जो लोग होते हैं उसमें से 80 पर खुद ही ओवरथिंकिंग करते हैं यानी उनका काम तो ठीक है वो पढ़ाई किए हैं कि कैसे लोगों को काम करना है समझाना है वो तो ठीक है अपनी जगह है लेकिन जब बेसिक लेवल पे अपनी उसकी
खुद की बात करें जो खुद साइकोलॉजिस्ट है तो असल में वो खुद दूसरे साइकोलॉजिस्ट से थेरेपी लेते हैं सीक्रेट और इस स्टडी में ये भी पता चला कि 62 पर खुद ही डिप्रेस्ड है क्या करें भाई तब अजीब बात है जब साइकोलॉजिस्ट और थेरेपिस्ट ही खुद थेरेपी और साइकोलॉजी का क्लास ले रहे हैं वो भी अपने डाउन मेंटल हेल्थ के लिए तो हम उनके पास जाएंगे तो फैक्ट नंबर 10 एलिजाबेथ बेथरी यह इतिहास में इकलौती ऐसी वमन है जिस परे ऐसा एलिगेशन है कि वो 600 से भी ज्यादा लोगों को मार चुकी है क्योंकि उसका
यह मानना था कि ब्लड में इंसान के खून में ऐसा कुछ होता है जिससे उसको और ब्यूटीफुलसूप स मिल जाएगा वह खून पीती थी और खून में नहाती थी ताकि उसका यूथ बचा रहे भाई लड़कियां और उनका मेकअप से ऑब्सेशन किसी भी लड़की को मेकअप करने से मत रोकना चाहे वो आपकी वाइफ हो या फिर आपके घर की सिस्टर हो वो मेकअप कर रही है उसको करने देना आराम से क्योंकि ये अगर नहीं करने दे क्योंकि उनके जींस में होता है एक्चुअली में 600 लोगों को मार दिए एलिजाबेथ बेथरी अपने आपको यंग दिखाने के लिए
तो आप समझ सकते हो कि डीएनए में इंबेडेड होता है उनका कि हमें गुड लुकिंग होना है तो प्लीज सावधान फ्रॉम योर सिस्टर एंड वाइफ्स फैक्ट नंबर नाइन हम मूवीज में अक्सर देखते हैं कि लोग एडवेंचर्स के लिए जाते हैं जैसे जंगलों में एडवेंचर के लिए गए हैं जैसे अमेजन जंगल में या फिर अंटार्कटिका में तो ये सीन हम लोग को देख के लगता है कि काश हम लोग भी जाते कहीं घूमने एडवेंचर करने तो देखो ये जो एडवेंचर्स होते हैं ये शुरुआत तो बड़े एनर्जी के साथ होते हैं लेकिन अक्सर रियल लाइफ का एडवेंचर
का एंडिंग मूवी की तरह नहीं होता मूवी में हैप्पी एंडिंग होता है लेकिन कोई भी ग्रुप अगर कहीं जाता है अकेले घूमने जैसे कि amazon2 में जो सबसे बड़े एक्सप्लोरर थे पूरे अर्थ के वो थे पर्सी फसेट ये इनके बेटे जैक फसेट और इनका एक फ्रेंड फाइनली करने निकला वहां पर एक शहर सुने थे वो है अन जंगल के बीच में कोई हिडन शहर जिसका नाम है जी एक लॉस्ट सिटी जिसका नाम है जी उसे ढूंढने गए और जैसे कि आप गेस कर सकते होंगे वो जो अनकंटेस्टेड वांस दुनिया है वो अभी भी 1 लाख
साल पहले वाला जीवन जी रहे हैं हंटिंग करके खाना ये सब इसलिए बाहर के इंसानों को वो नहीं बख्ते हैं आपने वो न्यूज़ नहीं सुना था जो हमारे अंडमान निकोबार में नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड है उसके ट्राइबल लोगों के बारे में आपने सुना होगा वो एक ओल्ड अमेरिकन एक मिशनरी है जॉन एलन चाओ उनको मार दिए थे क्योंकि वो घुस के और क्रिश्चियनिटी को इंट्रोड्यूस कर रहे थे बाहर के नॉलेज दे रहे थे उनको मार दिए सीधा जान से मारती है फैक्ट नंबर एट आप लोग में से कई लोग ये पूछते हैं कि 70 पर ऑफ
द दवाइयां जब हम खाते हैं तो उसके पहले खाना क्यों खाया जाता है मतलब कुछ कुछ ऐसे दवाई होते है जो खाने के पहले खाना है लेकिन ज्यादातर दवाई खाना खाने के बाद खाना होता है तो ऐसा क्यों उसका सिंपल रीजन है सिर्फ एक बात है स्टमक लाइनिंग आपका पेट अंदर से कुछ ऐसा दिखता है और ये जो इसका बॉर्डर देख रहे हो स्टमक लाइनिंग इसको प्रोटेक्ट करना बहुत जरूरी है तो नॉर्मल खाना खाते हैं तो वो तो कुछ नहीं है वो पच जाता है लेकिन दवाई क्या होते हैं कंपाउंडेड केमिकल्स होते हैं तो अगर
रॉ केमिकल स्ट स्टमक लाइनिंग को टच करता है तो उससे इरिटेशन हो सकता है और इंफ्लेमेशन हो सकता है और स्टमक पेन अल्सर में भी हार्ट दवाइयां लेने से ये सब होता है इसलिए खाना खाने के बाद जो लाइनिंग है उसके पास खाना चला जाता है और फिर बीच में दवाई आता है तो उसका असर काइंड ऑफ कम होता है तो बस आपके पेट के प्रोटेक्शन के लिए ज्यादातर दवाइयां खाना खाने के बाद खाया जाता है फैक्ट नंबर सेवन आप में से किसी एक ने पूछा था और ये चीज आप लोगों में से बहुत लोग
फेस करते होंगे कि खाना खाने आप जब भी बैठते हो तो हैंड वॉश करते होंगे तो जब भी किसी हैंड वॉश से हैंड वॉश करते हैं तो फिर आते हैं तो आप देखना हाथ में हैंड वॉश स्मेल करता है तो अब क्योंकि डीप साइंस वाले जानते हैं कि वो स्मेल आता है इसका मतलब एक्चुअल कंटेंट हैंड वॉश का केमिकल्स तब भी रहता है हाथ में तो क्या इसका मतलब उसके एक मिनट बाद अब हम खाना खाना शुरू करते हैं तो हम वो वो भी हैंड वॉश भी खा रहे होते हैं तो देखो ये ट्रू तो
है एक तरह से केमिकल लेवल पे मॉलिक्यूलर लेवल पे हां खा रहे होते हैं पर वो इस तरह क्राफ्टेड होता है हैंड वॉश कि वो आपके लिए हार्मफुल नहीं होता है उसका फॉर्मूलेशन ऐसा डिजाइंड रहता है कि वो बहुत माइनर अमाउंट ट रहता है तो हैंड वॉश करके खाना खाना इससे कोई खराबी नहीं है एक्चुअल में और फिर भी अगर आपको उसका स्मेल अच्छा नहीं लगता आप कंसर्न हो तो ऐसा हैंड वॉश ले लो जो कि नेचुरल हो फ्रेगरेंस फ्री हो फ्रेगरेंस फ्री भी मिलता है फैक्ट नंबर सिक्स ये देखो ये बड़ा ही थॉटफुल कमेंट
है एकदम ध्यान से इसको पढ़ना आप लोग फैक्ट इज भाई क्या ऐसा हो सकता है कि एलियन दिखने में एकदम हमारे जैसे हो लेकिन वो जब हमारे धरती पे देखे गए हो तो वो अपना स्पेस सूट पहन कर आए हो उनका स्पेस सूट ही दिखने में कुछ ऐसा हो और हमें ये लगता है कि उनकी शक्ल ही ऐसी है लेकिन सच्चाई कुछ और ही है समझ रहे हो ना इस कमेंट को आई थिंक ये हो सकता है होने का तो हो सकता है हो सकता है एलियंस हमारी तरह दिखते होंगे मान लो मैं एलियन हूं
अब मैं अपने आप को ऐसे डिजाइन कर लिया हूं कि मैं वो जैसे ये इमोजी होता है वैसा दिख रहा है मे बी फैक्ट नंबर फाइव ये एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन है कि अगर मैं यहां से आज मैं चल दूं आज मैं निकल रहा हूं अब क्या है कि यहां से मैं सीधा ऐसे जाऊंगा सीधा यहां से तो सीधा जाते जाते जाते जाते जाते जाते जाते फिर देखूंगा मैं इसी जगह पे आ गया क्योंकि धरती के आप एक पॉइंट से शुरू करोगे तो घूम कर आप उसी पॉइंट पे आ जाओगे सिंपल फिर से मैं यहीं आ
गया तो रियलिस्टिकली मैं आज मान लो एक्चुअल में गाड़ी में बैठ गया और उस जर्नी पे निकल गया सीधा पूरा धरती का सरकंफ्रेंस कवर करेंगे तो रियलिस्टिकली कितना टाइम लग जाएगा तो देखो धरती का सरकंफ्रेंस 40000 किमी के आसपास है और मान लो एवरेज मैं अपने गाड़ी को 80 80 के स्पीड प चलाता हूं 80 किमी पर आवर पे तो 40000 / 80 इक्टू 500 घंटे मेरे को लगेगा अब 500 घंटे को दिन में करने के लिए 500 / 24 कर दो यानी या 20 दिन टोटल अगर नॉन स्टॉप चलाओ तो और अगर एक एक
दिन रेस्ट लेकर चलाऊ तो हां 40 दिन यानी एक डेढ़ महीने में ये जर्नी पूरे धरती की जर्नी कंप्लीट हो सकती है लेकिन यहां डीप चीज देख रहे हो ये जर्नी हम लोग सिर्फ गाड़ी से नहीं कर पाएंगे गाड़ी को फिर शिप पे चढ़ाना होगा फिर सीधा समुंद्र में सेल करना होगा फिर टेक्निकली हम इसी जगह पे आ पाएंगे अरे कहां पहुंच गए हम लोग सरकंफ्रेंस कवर करने नेक्स्ट फैक्ट फैक्ट नंबर फोर रायस भाई अगर सौरमंडल के सारे ग्रह एक साथ सूरज में जाकर टकराए तो क्या सूरज जाएगा या उनकी गर्म या उसकी गर्मी में
कुछ फर्क पड़ेगा भा ये ऐसी बात हो गई कि आप जिस घर में रहते हो उस पूरे घर के बाहर आप चले जाओ और थोड़ा सा बालू हाथ में लो और घर पे जोर से मारो घर में कुछ फर्क पड़ेगा वैसे ही है सूरज और प्लेनेट सूरज से अगर सारे प्लेनेट जाकर टकरा गए तो 0.00 पर में उसका हीट पे फर्क पड़ेगा और ऐसे मिलियंस ऑफ प्लेनेट को सूरज तबाह कर देगा सूरज को टक्कर देना है सन को तो ऐसा कोई प्लेनेट चाहिए जो कि सूरज से भी बड़ा हो और अमेजिंग फैक्ट ये है बड़ा
अजीब लग ता है यूनिवर्स में हर एक तरह का एकएक बड़ा से बड़ा मस्त मस्त चीज है लेकिन ऐसा कोई प्लेनेट आज तक फाइंड नहीं किया गया है जो कि सूरज से ज्यादा बड़ा हो उससे बड़ा तारा फाइंड किया गया है लेकिन प्लेनेट ग्रह को नहीं पाया गया है यानी प्लेनेट का छोटा होना यह चीज यूनिवर्सल लेवल पर एप्लीकेबल है फैक्ट नंबर थ्री देखो हवा जो हम अभी सांस ले रहे हैं आप जो सांस ले रहे हो एक बार लो जोर से और स्मेल सूंघने की कोशिश करो कुछ स्मेल आ रहा है नहीं आ रहा
है नॉर्मल हवा का स्मेल हमें नहीं आता है बट एक्चुअल में उसका स्मेल होता है लेकिन क्योंकि आप बचपन से लेकर आज तक वही हवा सुनते आ रहे हो तो आप यूज टू हो गए हो अब इसका स्मेल नहीं आएगा बल्कि कुछ और होगा उसका स्मेल आएगा तो अब बात ये है कि इसका मतलब ये हुआ कि हम यूज टू हो गए हैं हमें आदत हो गई है इसलिए हमें पता नहीं चलता इसका स्मेल कितना भी ट्राई कर ले नहीं पता चलेगा क्योंकि 2400 घंटे हम नॉन स्टॉप यही हवा को लेते हैं ऑटोमेटिक हमारा सबकॉन्शियस
माइंड इससे सांस लेने का प्रोसेस को ऑटोमेटिक ही चलाते रहता है ठीक है तो हम लोग नहीं सुन पाते होंगे लेकिन ऐसे बच्चे जो अभी-अभी जन्म लिए हैं और मां के वूम से निकले हैं जब वो निकलते होंगे और एक्चुअली में जब मां के पेट से जब कोई बच्चा निकलता है तब वो पहली बार इस स्पेस में आता है इस रूम के स्पेस में और तब ह्यूज अमाउंट ऑफ एयर पहला बार उसके नेचुरल नोज से जाता है नाक से इसका मतलब जैसे वो निकला बच्चा छोटा सा और पहली बार नोज में गया तो उसको बहुत
स्ट्रांग स्मेल फील होता होगा हां फील होता है बट क्योंकि बच्चे लॉजिकल नहीं होते उनको क्या पता है स्मेल उस स्मेल क्या होता है तो वो उसको कॉन्शियसली फील नहीं कर पाते हैं लेकिन वो जो ह्यूज स्मेल है हवा का वो उनके अंदर जाता है उनके नोज में वो सेंसेशन होता है अब बच्चों का दिमाग नहीं होता तो समझ नहीं पाते हैं अलग बात फैक्ट नंबर टू यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया को एक मैजिकल यूनिवर्सिटी माना जाता है ऐसा क्यों पता है क्योंकि इस यूनिवर्सिटी ने लिटरली 36 बिलिनियर को जन्म दिया है जैसे देखो एलोन मस्क डोनाल्ड
ट्रंप सुंदर पिचाई और ये लिस्ट 36 का है तो ये जो सवाल आता है कि ऐसा कौन सा यूनिवर्सिटी है जिसने सबसे ज्यादा बिलिनियर दुनिया को दिया है तो यही है वो फैक्ट नंबर वन मान लो हम एक i को स्विमिंग पूल में डाल दें और 4 साल तक छोड़ दें तो क्या-क्या सबसे ज्यादा इंटरेस्टिंग चीजें होंगी तो सबसे पहले यह जान लो कि एक एवरेज फोन में जो हमारा पीरियोडिक टेबल है ये वाला जिसमें कि इतने सारे एलिमेंट्स हैं जो कि आपने स्कूल में देखा होगा एक एवरेज फोन में इसमें से 60 एलिमेंट्स यूज
होते हैं इंक्लूडिंग यूरेनियम नहीं नहीं मजाक कर रहा हूं मजाक कर रहा यूरेनियम यूज़ नहीं होता है हां तो 60 यूज होते हैं और i में स्पेसिफिकली 75 एलिमेंट्स होते हैं उसमें एडवांसड फीचर होते हैं ना तो उसमें ज्यादा टेक कारीगरी होती है तो अब इन 75 एलिमेंट्स में से ऐसे कई एलिमेंट्स हैं जिसको कि पानी से फर्क नहीं पड़ता मतलब ऐसे एलिमेंट्स जिसको आप 4 साल क्या 8 साल क्या 40 साल भी छोड़ दो तो वो एलिमेंट वैसा ही का वैसे ही रहेगा जैसे फॉर एग्जांपल गोल्ड ले लो सबसे कॉमन गोल्ड को कुछ नहीं
होता है चाहे पानी में रखो चाहे भूसे में रखो तो इस एक्सपेरिमेंट की बात करते हैं सबसे पहली बात iphone7 आप किसी भी फोन को देखो उसमें लिखा रहेगा वाटरप्रूफ ip68 फीचर टाइप का कुछ लिखा रहेगा इसको तो कैजुअली देखें हम लोग बहुत बार पहले इसका एक्चुअल मतलब समझते हैं देखो ip68 वाटर प्रूफिंग सारे वाटरप्रूफ फ्स में यही होता है तो ip68 एक कोड का नाम है आईपी कोड मतलब इंग्रेस प्रोटेक्शन कोड और जो इसके आगे 68 लगा हुआ है इसका बड़ा इंटरेस्टिंग मतलब है ip68 का मतलब यह नहीं कि वो सिर्फ वाटर से फुल
प्रूफ रहेगा बल्कि डस्ट से भी क्योंकि i 68 में सिक्स का मतलब होता है कंप्लीट प्रोटेक्शन अगेंस्ट डस्ट और एट का मतलब होता है वाटर से प्रोटेक्शन इसलिए ip68 तो 30 मिनट तक i ठीक रहेगा 1 घंटे तक ठीक रहेगा एक दिन तक भी ठीक रहेगा लेकिन उसके बाद सबसे पहली बात उसमें जो पूल के बैक्टीरिया और वाटर ऑर्गेनिस्ट मस होंगे वो जमना शुरू हो जाएंगे यानी पहले होगा बायोफिल्म एंड एलगी ग्रोथ एलगी और बैक्टीरिया वहां पर जाके कॉलोनाइज करने लगेंगे और अपना 1 लाख का मकान बनाने लगेंगे उस i को एक मिनी इको सिस्टम
में बदल जाएगा ये होगी स्विमिंग पूल में दिन में सूरज का धूप पड़ेगा रात में ठंडा होगा तो फोन मॉलिक्यूलर लेवल पे बड़ा होगा छोटा होगा बड़ा होगा छोटा होगा आपने सुना ही होगा कि ठंडे में चीजें सिक कुड़ती है और गर्मी में फैलती है ये सब चीजें होंगी पर वो पार्ट्स जो कि 4 साल बाद पानी में होने के बावजूद भी सेफ रहेंगे वो कौन-कौन सा है वो है प्रोसेसर यानी सीपीयू का सिलिकॉन पार्ट यानी सीपीयू का जो मेन पार्ट है वो तब भी इंटैक्ट रहेगा जो प्रोसेसर और चिप्स होते हैं उनका दाम ऐसे
ही इतना ज्यादा नहीं होता है और जो फोन का स्टोरेज होता है जिसे कहते हैं सॉलिड स्टेट स्टोरेज जो कि ईएमएमसी और एनडी होता है फ्लैश वो भी सिलिकॉन और मेटल से बनता है इसलिए वो भी ठीक रहेगा तीसरा पार्ट जो सेफ रहेगा वो है ले रखा है वो हटने के चलते स्क्रीन जरूर कर लेना थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग मिलते हैं अगले वीडियो में