क्रिकेट की दुनिया में कहते हैं कि भैया गुमान नहीं करना चाहिए क्योंकि जब किसी को अपने ऊपर अभिमान होता है तो क्रिकेट यह बताता है कि कभी ऊंट पहाड़ पर कभी पहाड़ ऊंट के ऊपर। हां मतलब जो पंजाब सुपर किंग्स मैच रद्द होने पर यह ट्वीट करती थी कि यार दो पॉइंट चले गए। आज वो मैच खेलकर दो पॉइंट नहीं बना पा रही बीते पांच मैच से। वो जो एक शेर था ना कि छत को बड़ा गुरूर था अपने छत होने का। फिर छत के ऊपर छत बनी और छत सड़क बन गई। एक्चुअली रेल जो
है वो पंजाब सुपर किंग की बन गई है क्योंकि इस टीम को देखकर लगता था कि भाई साहब ट्रॉफी उठाकर दे दो। यह सवाल उठने लगा था क्या प्रियांंश और प्रसिमरन आईपीएल के सबसे अंडर रेटेड पावरफुल ओपनर हैं? क्या बॉलिंग सबसे सॉर्टेड है? क्या इंडियन प्लेयर से लैस टीम है? अब सारे एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। कैचेस भी ड्रॉप हो रहे हैं। दो-दो तीन-तीन कैच छूट जा रहे हैं। लेकिन उसके बावजूद यह मैच नहीं जीत पा रहे। एक तरफ़ा हार रहे हैं। दो तरफा हार रहे हैं और अब तो पांच मैच हार गए। उनसे भी हार
रहे हैं जो नीचे से नंबर दो है। कैप्टन में अय्यर जो नंबर वन कैप्टन लग रहे थे अब वो ना नंबर वन बैट्समैन लग रहे हैं और ना नंबर वन कैप्टन क्योंकि टैक्टिकल एरर जो है वो भी दिखाई पड़ रहे हैं। मुंबई से आप देखो प्रियांश आर्य आउट हुए कॉलोनी के लिए राज अंगद बाबा को लाकर अपना छठे सातवां बॉलर निपटा दिया गया। दैट वास जसप्रीत बुमराह। पंजाब नहीं कर पाई। पंजाब के ओवर फंसे थे। आखिर में गए और पिट के खत्म हो गए। बाकोई एंसन गेंदबाजी करना भूल गए। इतना पिट रहे हैं और नतीजा
इसीलिए रहा कि 200 बनाने के बाद भी पंजाब जो है छह विकेट से हार गए। हालांकि दे डोंट डिर्व 200। आज इस मैच में पंजाब ने बहुत ही वाहियात बैटिंग की है। बैटिंग बॉलिंग दोनों बड़ी वाहियात थी। कुछ इंडिविजुअल परफॉर्मेंससेस थी। अदरवाइज बड़ी शर्मनाक स्थिति थी। प्रियांश आर्य के बल्ले पे रन नहीं आ रहे थे। प्रभु सिमरन के दो कैचेस ड्रॉप हुए। एक तो लॉलीपॉप नमनधीर ने ड्रॉप किया था और एक बॉलर ने खुद ड्रॉप किया बॉश ने। उसके बावजूद वो 50 तक गए। बाकी सब देखो श्रेयस अयर फ्लॉप, कूपर कॉलोनी फ्लॉप, शशांक सिंह तो
बिल्कुल बैटिंग भूल गए हैं। आई थिंक वो अंडर प्रेशर बहुत ज्यादा है। सूर्या शाह आज फ्लॉप रहे। अजमतुल्लाह और नीचे के टैलेंडर्स ने मैच को खत्म किया। वरना 140 पे छ सात हो गए थे भाई साहब यह और मैच खत्म हो गया था और उसके बाद मुंबई के बल्लेबाजों ने जिस तरह से पिटाई की चार विकेट पर 19.5 में जीत लिया और यह बता रहा है कि ये टीम अब परेशान हो रही है। पहले सात मैच में छह मैच जीतने वाली टीम जिसमें श्रेयस अयर का एटीट्यूड आता था कि यार बैटिंग फर्स्ट कोई बात नहीं
हम जीतेंगे। बॉलिंग फर्स्ट जीत लेंगे। हम अपने को चैलेंज करते हैं। अब वह टीम संघर्ष कर रही है क्योंकि पहला मैच हारे तो लगा कोई बात नहीं। एक बार हो गया। दूसरा हारे कोई बात नहीं। जी तीसरे पे लगा ठीक है अगले में रिकवर कर लेंगे। लेकिन चौथे से पांचवें आने पर अब श्रेयस अयर के चेहरे का कॉन्फिडेंस गायब हो गया है। एंड दिस डिफाइन क्रिकेट इज अ वेरी फनी गेम। मतलब पंजाब किंग अनबिटेबल थी। भाई साहब केकेआर का कितना मजाक उड़ाया था उन्होंने। सोचो आप। अब वो शुक्रिया अदा कर रहे होंगे। भाई साहब वो
एक पॉइंट था। अदरवाइज पंजाब जो है वो शायद क्वालीफाई भी ना कर पाती। क्योंकि अभी भी क्वालिफिकेशन पक्का नहीं है। छह मैच जीते हैं। एक एक्स्ट्रा पॉइंट है 13। दो जीतेंगे तो शायद 100% क्वालीफाई होगा। एक जीतेंगे तो शायद आधे फंसे रहेंगे। और उस ट्वीट और उस कहानी के बाद से वो फंसे पड़े हैं। सबका मजाक उड़ा रहे थे। वो फंसे पड़े हैं। एक्चुअली अब किसी को समझ ही नहीं आ रहा कि हो क्या रहा है। ना वो 200 प्लस डिफेंड कर पा रहे हैं और ना 250 बना पा रहे हैं। और आज तिलक वर्मा
ने भी उनका मजाक उड़ा दिया। वही तिलक वर्मा जिनका वीडियो बनाकर अर्शदीप सिंह ने मजाक उड़ाया था। अंधेरा ए अंधेरे हालांकि क्या वो रेसिस्ट कमेंट था? यह भी अपने आप में एक सवाल है। क्योंकि तिलक वर्मा को अंधेरा कहना मतलब काला कहना ये अपने आप में एक सवाल है। बट जो भी है आज तिलक वर्मा ने पंजाब की प्लेऑ की उम्मीदों पे थोड़ा अंधेरा तो किया है। 33 गेंदों 75 रन, छह चौके, छह आज जबरदस्त पारी खेली। मतलब एक शुरू में रियान रिकल्टन ने मारा। रोहित शर्मा ने बहुत गंदा खेला। बहुत गंदा टुकटुक खेले नमनदीर
ने डिसपॉइंट किया। रदरफोर्ड बीच में बहुत गंदा खेले थे। बट तिलक वर्मा ने एक्चुअली वन मैन शो खींचा। थोड़ा सा साथ आखिर में विल जैक्स लिया। 106 मीटर का मारा और इस आईपीएलl में कुछ मैचेस तो तिलक वर्मा ने अकेले खत्म किए। जैसे एक वो जीटी वाला मैच था। 45 गेंदों पर 101 रन। आज 33 गेंदों पर 75 रन। आरसीबी के सामने 4257। सो तिलक वर्मा जिन्हें आज इंडिया के कैप्टन बनाया गया है। बेहतर पारियां खेल रहे हैं। बेहतर पारियां खेल रहे हैं और धीरे-धीरे धीरे-धीरे वो बता रहे हैं कि वो इंडियन टीम में जगह
क्यों डिर्व करते थे। हालांकि उनका बड़ा अजीब है। बहुत टाइम लेते हैं। सडनली गियर चेंज कर लेते हैं। लेकिन जब तिलक वर्मा तेज खेलते हैं तो वो वर्ल्ड क्लास प्लेयर लगते हैं और ये वर्ल्ड क्लास डोमिनेंस दिखता है। पंजाब की बॉलिंग जो है ऐसा लगता है कि वापस उसी एरा में चली गई है जो 2019 और 202021 जाया करती थी। मतलब पंजाब की बॉलिंग एक्चुअली में डिसपॉइंटिंग हो गई वापस पुराने एरा पे क्योंकि तीन ओवर में अगर आपको 50 रन चाहिए हो तो आप मैक्सिमम ये मान लेते हैं कि अब मैच निकल गया। तीन ओवर
में 50 रन बहुत ज्यादा होते हैं भाई साहब। लेकिन फिर मार्को यसन का वो ओवर आता है। पहली पे दूसरी पे चौका, तीसरी पे सिंगल, चौथी पे चौका, फिर सिंगल, फिर फिर 12 पे 28 चाहिए होता है। पहली पे दूसरी पे सिंगल, फिर डॉट, फिर सिंगल, फिर चौका। अर्दीप 13 देते और आखिरी में चाहिए होते 14। अब अगर अदीप ने 13 दिए थे तो आखिरी में पिटना पक्का था। विल जैक्स पहली पे मारते हैं। फिर सिंगल फिर डॉट फिर खत्म खत्म। मतलब शुरू के दोनों बॉलर ठीक होते हैं। अर्शदीप 429 उमरजाई 4 36 लेकिन उसके
बाद की कहानी क्या है? उमरजाई तो सरप्राइज़ पैकेज आए थे। बैटिंग से भी रन बनाए। बॉल में जबरदस्त किया। लेकिन उसके बाद मार्को यसन चार ओवर 55 रन। जेवियर बारलेट तीन ओवर पांच गेंद 53 रन यहां मैच हार गए। यह जो आठ ओवरों में 100 रन गए हैं यहां मैच हार गए। वैसे मैच ये पहले भी हार गए थे क्योंकि 140 पर ये सात थे। नोबडी वाज़ एक्सपेक्टिंग कि ये 200 जाएंगे। नोबडी वाज़ एक्सपेक्टिंग। वो तो भला हो अजमत का जिन्होंने 17 पे 38 रन मार दिए। गेंदबाजी में दो विकेट निकाल दिए। मतलब जबरदस्त परफेंस
दी और इनको पंजाब बिठा के रखी थी। मेरी तो समझ से भी पर है कि इनको बिाने का मतलब क्या था? मतलब पंजाब डिफिटेबल टीम तो है गुरु पंजाब के लिए अजमत ने आज बहुत बार मैच पलटा है। आप याद करो 17वां ओवर वो मैच उस टाइम तक भी फेवर में था मुंबई के। 17वें ओवर में दो रन गए और विकेट गिर गया। जिसके बाद तीन या 50 चाहिए था और वहां लगा कि मैच जो है वो पंजाब का हो गया। बट मुंबई इंडियंस ने पलट दिया। जबरदस्त पलटा और पलटा। क्या जबरदस्त पलटा मतलब मैच
खत्म हो गया। हालांकि मैच दोनों साइड चल रहा था। मुंबई ने शुरुआत बड़ी जबरदस्त की थी। पावर प्ले में पांच ओ छह ओवर में 59 रन। उसके बाद सडनली 88 पे तीन हो गया। बैक टू बैक फिर लगा यार एमआई बाहर जा रही है। एमआई ने कहा यार रुको थोड़ा बदलाव ले लेते हैं। आज जसप्रीत बुमराह कैप्टन बने हैं तो कैप्टेंसी में तो दिखाना पड़ेगा। और बुमराह का तो वैसे भी रिकॉर्ड है। जब पहली बार टेस्ट में कैप्टन बने तो टेस्ट जीत लिए। पहली बार टी20 में कैप्टन बने टी20 जीत लिया। पहली बार आईपीएलl में
कैप्टन बनेल जीत लिया। मतलब बुमराह अपने आप में क्लास बॉलर है। बुमराह को आज विकेट नहीं मिला। हालांकि वो कैच ड्रॉप कर दिया था बट सारा काम शारदुल ठाकुर ने कर दिया। शारदुल ठाकुर ने आज फिर गोल्डन आप दिखाए। पहले ओवर में पिटे लेकिन बुमराह ने बैक किया और विकेट बैक करने का असर यह था कि मैच पलट दिया गया। शारदुल ठाकुर ने चार ओवर में 39 रन देकर चार विकेट निकाले। यहां पर थोड़ा क्वेश्चन यह है कि आज जसप्रीत बुमराह ने 12 मैच में केवल तीन विकेट निकाले हैं। और यह भी अपने आप में
बताने के लिए काफी है कि मुंबई का इस साल डाउनफॉल क्यों था? 12 मैच में बुमराह के तीन विकेट हैं। व्हिच इटसेल्फ डिफाइंड कि आज मामला फंसा पड़ा था। बट शारदुल ठाकुर ही वास फंड। शारदुल ठाकुर ने इस साल मुंबई को दो मैच अपने दम पर जिताए। प्रफु सिमरन ने अच्छा खेला लेकिन प्रफु सिमरन की वही कहानी है कि दो-तीन कैचेस ड्रॉप होने के बाद 50 रन को बहुत अच्छी इनिंग आप नहीं मान सकते। दो कैचेस ड्रॉप में थे। श्रेयस अय्यर जो है वह 200 प्लस में तो लगातार हार रहे हैं। बीते कुछ समय से
मतलब 20 मैच में सात मैच हार चुके हैं। 200 प्लस बनाने के बाद और ये भी अपने आप में कहानी है। मतलब उनकी कैप्टेंसी जो अनमैचेबल लग रही थी पॉइंटिंग कैप्टन जो अनमैचेबल लग रही थी अब धीरे-धीरे फंस रही है। और ऐसा भी हो सकता है कि यह टूर्नामेंट से बाहर भी हो जाए। मतलब अब पक्का नहीं है पंजाब अंदर जा रही है। हो सकता है पंजाब बाहर हो जाए। अगर लखनऊ वाला एक मैच शायद इनका बचा है। लखनऊ को भी अब हल्के में मत लेना। हो सकता है अपने दिन पे वो भी कूट जाए।
उनके पास भी इंग्लिश है। कई प्लेयर हैं। वो सही कॉम्बिनेशन नहीं खिला रहे हैं मुकुल चौधरी एंड ऑल को। अगर वो सही कॉम्बिनेशन खिलाएं तो वो पटक सकते हैं अपने दिन पर मिच मार्श या इंग्लिश और एक दो मिच दो खिलाड़ी उनके चल जाए। तो वो पलट सकते हैं मैच। और पंजाब की बॉलिंग लाइनअप ऐसी है कि उसको पटका जा सकता है। कैचिंग तो उनकी माशा्लाह वैसे ही बहुत जबरदस्त है। मतलब शशांक सिंह का कैश से पूरा करियर फंस गया है। ना वो बेचारे बैटिंग कर पा रहे हैं, ना फील्डिंग कर पा रहे हैं। बहुत
बहुत दिक्कत हो रही है उनको पंजाब को। पंजाब के पास कई प्लेयर ऐसे हैं जो परेशान कर रहे हैं उन्हें। ही वास अ ग्रेट प्लेयर बट फील्डिंग कितना डिसपॉइंट करती है वो आज जो है समझ में आ रहा है और पंजाब के अगले दो मैच दोनों टफ टीम से हैं। एक मैच उनका आरसीबी से है। एक मैच उनका लखनऊ से है। मैं पहले भी कह चुका हूं कि पंजाब फंस सकती थी। आरजेएमआई ने फंसाया उनके 13 पॉइंट हैं। वो दो मैच अगर जीतेंगे 17 पॉइंट तो तो वह क्वालीफाई कर जाएंगे। बट अगर वह सिर्फ एक
मैच जीतते हैं तो ऐसा हो सकता है वह बाहर हो जाए और वह भी तब मैं मान रहा हूं जब लखनऊ या आरसीबी में हराएंगे। ऐसा भी हो सकता है कि इनको दोनों टीमें पटक दे बिकॉज़ आरसीबी भी सॉलिड टीम है। नंबर वन टीम है। वो अपने दिन पर पटक सकती है इनको। एंड देयर आर हाई चांसेस कि आरसीबी इनको पटक देगी। देयर आर चांसेस कि लखनऊ से वो जीत सकते हैं। बट अगेन आई सेड जोश इंग्लिश मिच मार्श पूरन अपने दिन पर वो इनको पटक सकते हैं। अपने दिन पर वो पटक सकते हैं और
ये कहानी पलट सकते हैं। मुंबई इंडियंस से क्या है? अपना खेल खत्म हो चुका है। अब उनको खेल बिगाड़ना है। कोलकाता ऑलमोस्ट बाहर है। उसको वो हरा सकते हैं या हार सकते हैं। एक लड़ाई उनकी राजस्थान से है। उसमें भी कहानी हो सकती है। बट पंजाब के लिए प्रॉब्लम है। पांच मैच लगातार हारना यह बहुत बड़ी बात है। टॉप फोर टॉप नंबर वन थे वो और नंबर वन से वो नीचे घुसा है। और अगर आप पिछले पांच मैच देखोगे सब फ्लॉप रहे। प्रियांश आर्य 29 2 1 56 22 प्रभु सिमरन 59 15 3 18 57
उसमें तीन कैच ड्रॉप कूपर कोली 30 0 1 7 28 38 21 अय्यर 30 19 59 4 मतलब ये सारी चीजें हैं। तो इसीलिए मैं कह रहा हूं कि मामला फंस गया। भाई साहब पंजाब किंग्स का मामला तगड़ा फंसा है। और ऐसा हो सकता है कि वो शायद क्वालीफाई भी ना करें। बिकॉज़ अगर आरसीबी की बात लखनऊ ने भी हरा दी। लखनऊ से जीत भी गए तो भी इट्स नॉट 100% दो टीमें 16 हैं। दो टीमें अगर और 16 पहुंचंगी तो क्वालीफाई कर सकती है वो तो भला इनका 15 पॉइंट है और अभी 13 है
और दोनों हार गए तो सीधे-सीधे बाहर हैं। तो यही सवाल है कि पंजाब के साथ गड़बड़ क्या हुआ? मतलब सब तो अच्छा चल रहा था। ऐसा भी नहीं कि प्लेयर चोटिल हुए, गायब हुए। एक टाइम पे सब मार रहे थे। अब कोई नहीं चल रहा। कोई नहीं चल रहा और MI आज खुश होगी यार। 200 प्लस चेस कर रहे हैं वो। नेक्स्ट ईयर की तैयारी चल रही है। हालांकि एमआई में भी कमजोरियां हैं। बहुत सारी हैं। बट स्टिल आज उन्होंने अच्छा खेला। मुंबई इंडियंस ने टॉस जीता। गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरू में तो लगा
यार 150 पौने 200 के अंदर खत्म। प्रफु सिमरन ने कैच पकड़ा तो और जल्दी खत्म होता। लेकिन उसके बाद कूपर कोली फ्लॉप, अय्यर फ्लॉप, सूर्यांश फ्लॉप, शशांक सिंह फ्लॉप। उमरजाई की वजह से थोड़ा बेहतर हुआ। विष्णु विनोद ने थोड़ा अच्छा खेला। जेवियर ने थोड़ी अच्छी बैटिंग की लेकिन जेवियर ने जो बैटिंग की बॉलिंग बिठा दिया। दीपक चहर ने अच्छी बॉलिंग किया। 436 पे दो बुमराह 35 पे जीरो। शारदुल 39 पे चार कॉरबिन बॉस्ट 42 पे एक। रघु शर्मा थोड़े महंगे साबित हुए। विल जैक्स नौ रन। राज बाबा ने भी ठीक गेंदबाजी की। मुंबई से रोहित
शर्मा ने खराब खेला। बट रिकल्टन वास क्लास। नमन धीर फ्लॉप्ड बट तिलक वास नाइस सुपर्ब रदरफोर्ड फ्लॉप्ड बट विल जैक्स वास गुड 10 बॉल 25 रन और इसमें आप ऐड कर लो हार्दिक पांड्या मुंबई इज अ गुड टीम अगर इसमें हार्दिक पांड्या ऐड कर लो सूर्य कुमार यादव बाहर करके ये टीम बेहतर है बुरी टीम नहीं है और यहीं से मेरा क्वेश्चन है कि मुंबई अपने आप को कमबैक कर मुंबई की टीम बुरी नहीं है परफेंस नहीं आ रही कई बड़े नाम थे कुछ नए लड़के के आएंगे कुछ बेहतर आएंगे एक दो अच्छे प्लेयर आ
गए सॉलिड टीम बट द क्वेश्चन पंजाब सात मैच लगातार अनडिफिटेबल रहने वाली टीम अगर प्लेऑ की रेस से बाहर होती है आई थिंक ये बहुत बड़ा शव होगा सबसे बड़ा सरप्राइज होगा आश का व्हाट्स योर टेक लेट अस नो बताओ आप कमेंट सेक्शन में कौन सी चार टीमें जा रही है भाई क्या सीएसके आरआर में किसी के पास चांसेस हैं और अगर सीएसके आरआर में चांसेस हैं और उधर एसआरएच है तो फिर बाहर कौन गया पंजाब? अब बताओ दो टीम तो पक्की है गुजरात और आरसीबी। अगले दो स्लॉट के लिए चार टीमें हैं। वन इज़
एसआरएच आरआर देन यू हैव पंजाब। आप बताओ एनसीएस के कौन जाएगा? कमेंट सेक्शन आप इंतजार कर