[संगीत] क्र ल ओवर इंडिया सीफ क्रेडिटेड प्रोस्पेरिटी ंग मिल्क प ्र मि अ इ टा नल [संगीत] मिक जिस दिन भगवान गणपति ने दूध उस दिन ऐसे लग रहा था जैसे कोई विशेष दिवाली का या होली का तोहार सा हो पूरे उससे भी ज्यादा उमंग और लहर दौड़ी हुई थी बड़े खुश हो रहे थे चारों तरफ एक दूसरे को सूचना दे रहे थे कि हां जी आपको पता है जो पिला भी आए वह दूसरे को कह रहे दूसरा उसको कह रहा है तो दिन भर ऐसा मेला लगा रहा जैसे शायद तोहार वाले दिन भी इतना
मेला नहीं होता हिंदुओं की लिए इतना महत्त्वपूर्ण दिन है कि जिसका कोई वर्णन नहीं किया जा सकता 12 बजे के बाद और दो बजे से पहले हम जबी हमको नींद आई उसी समय बहुत भगवान की पूजा में लीन रहने वाले और भगवान से बात करने वाले एक हमारे पड़ोसी भक्त थे बहुत न होकर भगवान की सेवा करते थे उन्होंने हमको जगाया गेट खटखटा के कि पंडित जी उठो उठो और देखो गणपत भगवान दूध पी रहे हैं तो मैं एकदम से हड़बड़ा के नींद आई थी तो एकदम उठा उठकर के मैंने कहा कि गणेश जी दूध
पी रहे हैं मंदिर तो बंद है गणेश जी कहां से दूध पी रहे हैं व नहीं दूध पी रहे हैं आप मंदिर तो [संगीत] खोलो मैंने उठकर के और दूध होगा आपके पास मैं दूध तो जरूर होगा भगवान की कृपा से तो थोड़ा सा कटोरी में दूध डाला एक चम्मच ली मंदिर के पट खोले खोलने के बाद भगवान गणपति के दरबार में हम पहुंच गए जाकर के हमने कली में यह ऐसे हमारे पास कटोरी में हमने थोड़ा जो दूध था वह दूध डाला और चम्मच से दूध लिया मान की कहां पी रहे हैं तो वहां
हम पहुंच गए तो वह इस प्रकार से जैसे ही लगाया हमने तो भगवान गणपति ऐसे चूस रहे जैसे ऐसे करके हम जो है नलकी से फ्रूटी वगैरा पीते हैं उसी ठीक उसी प्रकार से दूध अंदर चम्मच हमने हल्का सा ऐसे किया और दूध अंदर गया सो वाइड स्प्रेड रिपोर्ट मिरल थ व इंडि फेडरल डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी वा टू इन्वेस्टिगेट दे स्केप्टिकल एले लाखों की लोग लान लग गई मंदिर में अपने में तो म लगी उसके बाद जैसे जैसे सूचना मिली संदेश मिला लोगों को समाचार न्यूज मिलते ही कि ऐसा हो रहा है एक
दूसरे को फिर हर मंदिरों में भीड़ लग गई हमारे यहां भी शाम तक लगी रही भीड़ लेन की लेन चल रहे हैं लोग शाम तक दूध ला रहे हैं फिर थैली की थैली ला रहे हैं दूधों को जो पिलाते जा रहे हैं जाते जा रहे हैं मा जनक्षण के मा ती ओम जय शिव [संगीत] ओमकारा हमारे हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता विराजमान रहते हैं और वह 33 करोड़ देवी देवता भी हमारे सबके शरीर में विराजमान होते हैं हर जीव के अंदर ऐसे 33 करोड़ देवी देवता में हमारे गणपति भगवान का वही स्थान है
जैसे शरीर में प्राण का स्थान [संगीत] है