कि यह दिन था 20 दिसंबर दो हजार बीच का जब 130 फूड कीबोर्ड अहमद आयरलैंड से फ्लोरिडा की तरफ रवाना हुई और सपोर्ट में 20 पैसेंजर्स सवार थे क्योंकि इस बोर्ड में बहुमत से फ्लोरिडा का सफर पहले भी कई बार तय किया था इसी वजह से यह सफर भी इनके लिए बिल्कुल नॉर्मल था लेकिन बीच समंदर में इस बोर्ड के साथ आखिर क्या वाकया पेश आया था इनको समंदर निकल गया यहां यह किसी तूफान का शिकार हुए अगर सिर्फ कोई इंफॉर्मेशन थी तो वह यह थी कि बहामास आयरलैंड से यह बोर्ड बिल्कुल ठीक-ठाक हालत में
निकली थी लेकिन इस इन्फॉर्मेशन के अलावा एक और इन्फॉर्मेशन भी थी और वह यह थी कि इस बूट को बरमूडा ट्रायंगल से क्रॉस करके उतरना था कि जब अमेरिकन को स्क्वार्ट को इस बात का इल्म हुआ तो एक सर्च ऑपरेशन कंडक्ट किया गया जो समुद्र के उस हिस्से में पूरे चार दिन और चार रातों तक चलता रहा लेकिन मजाल है कि उस वोट का एक हिस्सा मिला हो जबकि वीडियोस में एक बार फिर से को शांति नाजरीन हम सब ले बरमूडा ट्रायंगल की कई स्टोरी सुन रखी है बरमूडा ट्रायंगल समंदर का एक बहुत बड़ा हिस्सा
है जो असल में अटलांटिक ओसेन में पाया जाता है यह ट्रायंगल शोल्डर से बरमूडा आयरलैंड और फिर पोर्टो रिको से होकर वापस फ्लोरिडा पर खत्म होता है इस बनने वाले ट्रायंगल का एरिया आम लाख स्क्वायर किलोमीटर के बराबर है यानी यह ट्रायंगल पाकिस्तान और टर्की से भी ज्यादा बड़ा है जिसको कभी बरमूडा ट्रायंगल तो कभी डेविल्स ट्रायंगल भी कहा जाता है यह ट्रायंगल अपने मिस्टीरियस फिलोमिना की वजह से पूरी दुनिया में बदनाम है जहां से गुजरते वक्त चिप्स और एयरप्लेंस का कांटेक्ट अपनी बेस स्टेशन से अचानक टूट जाता है और वह हमेशा हमेशा के लिए
हाय हो जाते हैं अशरफ और एयरप्लेंस की एक बहुत बड़ी तादाद इस ट्रायंगल में गुम हो चुकी है आज तक इनमें से सिर्फ चंद टिप्स और एयरप्लेंस कमलबास रिसर्चर्स को समंदर के बॉटम से मिला है लेकिन वह भी उस जगह से नहीं जहां वह आखिरी बार रिटायर पेश हुए थे जबकि दूसरों का तो ना मलबा मिला और ना ही इनके अंदर मौजूद लोगों का आज तक किसी को पता चल सका है समंदर के इस हिस्से में ताकतवर व्हो टेक्स पाया जाता है जहां पर जहां सी मास्टर्स और एलियंस का बसेरा है अगर बरमूडा ट्रायंगल में
कुछ तो एक नार्मल जरूर है जिसकी वजह से ना तो यह बड़ी से बड़ी कार्गो शिप को छोड़ता है और ना ही किसी जहाज को यहां पेश आने वाली ऐप नॉरमल एक्टिविटीज का एक्चुअल रीजन संस्थानों को आखिरकार मिल चुका है यह मामला शुरू हुआ था 1945 में जब यूएस नेवी के पांच टोरपीडो मुंबई एयरक्राफ्ट्स एक मिशन पर निकले थे उन पांच एयरक्राफ्ट में बैठे 14 लोगों के लिए यह बिल्कुल रूटीन प्रैक्टिस थी लेकिन बरमूडा ट्रायंगल के एरिया में आते ही यूएस नेवी के रडार से वह पांच बार तैयार है अचानक है हो गए और वह
भी एक साथ क्योंकि उस वक्त वर्ल्ड वर टू को खत्म हुए सिर्फ चंद महीने ही खूबसूरत है इसी वजह से यूएस नेवी का शक था कि शायद किसी दुश्मन ने उनके जहाजों को गिरा दिया है उनकी तलाश में एक और नेवी एयरक्राफ्ट भेजा गया लेकिन हैरतअंगेज तौर पर वह भी बरमूडा ट्रायंगल के एरिया में आते ही रिटायर से गायब हो गया और इस तरह ना ही कभी उन पांच व रेडक्रास का और ना ही उस रिश्तों की मिठास का कभी पता चल सका यही वह किया था जिसके बाद दुनियाभर में बरमूडा ट्रायंगल को हॉफ की
निगाहों से देखा जाने लगा लेकिन इस वाकए से तकरीबन 10 साल पहले कुछ ऐसा ही सीन एक और जहाज के साथ हुआ था लेकिन खुशकिस्मती से वह अपनी जान बचाने में कामयाब हो गए थे 19 साला ट्विंस जॉर्ज और डेबिट फाइल अमेरिकन नेवी में ऑफिसर थे अचानक इनको अपने भारत की मौत की खबर मिली तो इनको एक प्राइवेट एयरक्राफ्ट में बैठकर अपने होम टाउन जाना पड़ा अभी दास को बरमूडा ट्रायंगल के समंदर के ऊपर पहुंचे सिर्फ पीस मिनट ही उतरे थे कि पायलट ने इनको बताया कि जहाज के तमाम इंस्ट्रूमेंट्स काम करना छोड़ गए हैं
ना ही पायलट को फ्यूल का अंदाजा था और ना ही उसका रेडियो काम कर रहा था और ना ही उसको यह मालूम था कि इस वक्त वह किस डायरेक्शन में जा रहा है इन दोनों भाइयों का कहना था कि इतनी ऊंचाई से भी हमें ना ही कोई शिप नजर आ रही थी और ना ही जमीन का छोटा सा हिस्सा दूर-दूर तक सिर्फ पानी और सिर्फ पानी नजर आ रहा था इतने में पायलट के पसीने छूटना शुरू हो गए और वह बेहोश हो गया लेकिन खुशकिस्मती थी कि जहाज में को पायलट भी मौजूद था जिसने जहाज
का कंट्रोल संभाल लिया और चंद घंटों की इस खौफनाक प्रवास के बाद आखिरकार उनको जमीन नजर आ गए जहाज को एमरजेंसी लैंड कर लिया गया कई सालों के बाद जब बरमूडा ट्रायंगल अपने मिस्टीरियस वाक़िआत की वजह से मशहूर हुआ तब इन दोनों भाइयों को पता चला कि यह दूध इस चीज का शिकार हुए थे और खुशकिस्मती अध्यापिका है 2015 में f5 नाम की एक कार्गो शिप फ्लोरिडा से प्यूर्टो रिको जा रही थी जो फर्स्ट अक्टूबर 2016 वाले दिन रडार से गायब हो गई यह स्पोर्ट्स गुड्स और एयरफोर्स ने एक कंबाइंड सर्च ऑपरेशन किया और पूरे
एक महीने की सर्च के बाद इंदौर स्थित है समंदर से 15000 फीट नीचे समुद्र के बॉटम पर पाई गई छिप के कैप्टन से जब आखिरी कांटेक्ट हुआ था तब ऐसा लग रहा था जैसे शिप में पानी आ चुका है और वह अखबारों से होने वाला आखिरी कांटेक्ट था [संगीत] 23-5-2017 को टर्किश एयरलाइंस का एक जहाज फ्लाइट टीके 183 क्यूबा के शहर हवाना में लैंड करना था और इसी वजह से उसको बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से गुजरना पड़ा लेकिन अचानक पायलट ने कंट्रोल टावर को रिपोर्ट किया कि जहाज बिल्कुल हैव नॉरमल बिहेव कर रहा है जिसकी
वजह से पायलट ने फौरन जहाज का रुख बदल दिया और है वरना के बजाय दिल्ली से एयरपोर्ट पर जहाज को लैंड कराकर 440 पैसेंजर्स की जान आधी इस तरह के और कई इंसिडेंट बरमूडा ट्रायंगल की हर दूध में पेश आ चुके हैं कई तो इंसिडेंट्स रिपोर्ट हुए जिनकी लिस्ट विकिपीडिया पर मौजूद है लेकिन चंद इंसिडेंट तो ऐसे भी थे जो आज तक कभी रिपोर्ट नहीं हुए 1967 में क्रिसमस वाले दिन एक अमेरिकन बिजनेस मैन जिसका नाम पर और तथा अपनी लग्जरी यॉट में मियामी बीच की सैर को निकला लेकिन थोड़ी ही देर बाद बीच घाट
को भरा की कॉल आई और उसने बताया कि उसकी यार्ड की किसी ठोस चीज से टक्कर हुई है जब गार्ड्स वहां पहुंचे तो ना ही उनको कोयोट मिली और ना ही भरा का कोई नामोनिशान न था वाला आलम समंदर में कौन सी चीज से उसकी टक्कर हुई थी यह राजपुरा के साथ ही हमेशा के लिए दफन हो गया बरमूडा ट्रायंगल की रोंगटे खड़े करने वाली मिस्ट्री इस हर नए वाकए के बाद एक बार फिर से लोगों के जहन में ताजा हो जाती हैं और हर बार की तरह इस मिस्ट्री का जवाब तलाश करने के लिए
साइज दोनों की खोज एक बार फिर से शुरू हो जाती है लेकिन इस बार साइज दोनों ने कुछ ऐसे ट तब्बू तलाश किए हैं जिससे जाहिर होता है कि शायद वाकई केमिस्ट्री अब सॉल्व हो चुकी है यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो से ताल्लुक रखने वाली एक अमेरिकन साइंटिस्ट की टीम ने सेटेलाइट से बरमूडा ट्रायंगल की कड़ी जांच की जिसमें उनको कुछ ऐसा देखने को मिला जो शायद आज से पहले किसी ने भी नहीं देखा था उन्होंने नोटिस किया कि बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर कुछ ऐसे खिलाफ बन रहे हैं जो ना ही स्क्वायर है और ना ही सरकार
बल्कि यह ब्लाउज एग्जाम कौन की शक्ल जैसे हैं और इनका साइज आठवें किलोमीटर कितना बड़ा होता है एक्सपर्ट टीम का मानना है कि शायद यह लास्ट कोई आम क्लास नहीं बल्कि यह वार्म क्लॉथस है यानि जब यह अजीब किस्म के बादल बनते हैं तो इनके नीचे बहुत ही तेज हवा के झोंके चलते हैं जिनकी स्पीड हाई फॉर किलोमीटर पर आवर तक पहुंच सकती है हवा के इन चीजों की स्पीड इतनी तेज होती है कि ना ही इन्हें कोई हवाई जहाज आसानी से और सकता है और इनकी वजह से पानी में जो लहरें बनती है ना
ही उन्हें कोई बड़ी से बड़ी शव तैर सकती कि संस्थानों का कहना है कि शायद बरमूडा ट्रायंगल में होने वाले हाथ की यह भी एक वजह मानी जा सकती है उम्मीद है जब टीवी का यह एपिसोड भी आप लोग पर पूर्व लाइक और शेयर करेंगे आप लोगों के प्यार भरे कमेंट का बेहद शुक्रिया मिलते हैं अगली शानदार पट्टियों है