झाल कर दो कि अ ऐसे बैठ है और आसमान की तरफ थोड़े ही थी शिवजी नजर यहां पर कोटे में संबंध में की प्रॉब्लम शांति ओम शांति जब 5 मिनट ऐसा है ए पार्ट खुले गए हैं थे रियल ॐ हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ मी ए न्यू लुट लुट लुट लो [संगीत] कि मेरी अनुनय हरिद्वार का प्रयोग हरे ओम हरि ओम और हरे ॐ हरे ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम और हरियाणा है हरियाणा अय्यो हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि
ओम हरि ओम हरि ओम प्रकाश प्रथम दुर्गा हैं कि हर दूरभाष न0 हो गई हुआ था भ्रमित करने वाला हरिगंधा निर्दय पूर्वक उच्चारित थोड़ा सा रोहित हनी स्थित तुम निकलती सबस्क्राइब नाउ हिम्मत [संगीत] को भक्ति रस से भर्यो हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम हरी ओम [संगीत] ए न्यू हरियाणवी हेलो हेलो हरियाणा नाम बोलते बोलते फिर मन ही मन में [संगीत]
कुंठा [संगीत] चाणक्य हरे हरे ॐ हरी ॐ हरी ॐ [संगीत] माधुर्य रे ओम जय हो ओम [संगीत] कि रेडियो ओम जा रे ओ मेरे [संगीत] जय हिंद Vivo ओम ओम [संगीत] कि डेढ यू लुट ए न्यू डे हां हां खुली थी की मेज़ थी [संगीत] जय हो ओम हो ओम कि अरे यार ए वीडियो तो ओम हो इस वीडियो में कर दो को भगवत् प्रीति को आर्थिक जाए एक नागिन थी अ को बुझा लुट कार कि कल को एक सेक्सी टीवी मत बनाओ है कि वर्तमान शुभ हो मैं अपने पीछे अपनी गलती में सूखे हुए
10 साल पास बुद्धि है ऑन करो हुआ है जय हो ओम कार मंत्र [संगीत] [प्रशंसा] गायत्री छंद अनुनय है कि परमात्मा सृष्टि मीट अंतर्यामी देवता है [संगीत] मैं इश्वर प्राप्ति अर्थे मेह जब विनियोग गर्ल मैं इश्वर आनंद सर थे मेह है कि जपे विनियोग गूगल [संगीत] ओम ओं ॐ जय हो ओम मां गौरी नमः ओम मां जय हो ओम मां गौरी नमः ओम मां गौरी नमः ओम मां गौरी नमः ओम मां गौरी नमः ओम के [संगीत] प्रोमों ओम [संगीत] ओं ॐ ओं मेक री ओम तो मीडिया ओम हरि ओम शांति मीडिया ओम हरि ओम तुम
सुंधा ओम सुई ए ओम हरि ओम बोलो हरि ओम राधे राधे ॐ तो िह हो तुम्हारी लुट हरे ॐ सुनिधि ओमी डोह ओम हरे हरे मीडिया ओम [संगीत] के खिलाफ हरि ओम हरे ॐ हरे ॐ तो इहो शिवाय ओम नमो शिवाय ओम नमो शिवाय ओम नमो शिवाय ओम हरे हो घड़ी ईएस आंवलों अ मीडिया था आज दिनांक हो ओम मां [संगीत] 108 नाम आमीन हरिम परम पू [संगीत] डुबो लें हरिम परम [संगीत] तुम तो मम्मी हरिम परम [संगीत] लुट कारण लुट [संगीत] झाला [संगीत] कर दो मैं यहां यह हुआ है हां यह तो ठीक हो
ना अजय को इस संसार पेट कप्तान उपयोग परम भक्त संसार किताबों में चंचलता में तपे हुए थे उन है बट इन थिस योग परमहंस के शिष्य ओम जी राम जी जिस प्रकार इस जीव को कल्याण है सुनिए कि जब तक कृत्रिम आनंद ना मिले तब तक दृढ़ अभ्यास करें उस अ कृत्रिम आनंद को प्राप्त करने वाला मैं गुरु जीव मात्र का मैं परम मित्र हूं हमारे संगति जीव को आनंद प्राप्त करने वाली है इसलिए जो कुछ मैं चाहता हूं तो तुम करो फोन संसार के क्षण मात्र के लोगों को त्याग करो फोन ही राम जी
विषय के परिणाम में अनंत दुख है हमसे ज्ञानवानों का संग करो फोन हमारे पशुओं के विचार से तुम्हारे सब नष्ट हो जाएंगे जिस पुरुष ने हमारे साथ प्रीति की है उसको हमने आनंद की प्राप्ति हुई से ब्रह्म अधिक आनंदित हुए हैं कराती है ज्ञान उन आनंदित हुए और निर्देशक पद को प्राप्त हुए राम जी आत्मा का प्रमाद को दिन करता है जिसने संतों और शास्त्रों के विचार द्वारा दृश्य को अदृश्य जाना है वह निर्भय हुआ अज्ञानी का हृदय कमल तब तक ऊंचा रहता है जब तक तृष्णारूपी रात्रि नष्ट नहीं हो जाती और ह्रदय कमल आनंद
से नहीं खिलाता है कि जिस पुरुष ने परमार्थ मार्ग को त्याग दिया है और संसार के खान-पान आदि विभागों में मगन हुआ है उसको तुम जानू प्रभु परमात्मा शांति व्यवस्था ठीक नहीं पकड़ा संसार में खाना पीना मिलना-जुलना उसमें लगा है तो समझो नल नल में कमल कमल सिंह पर होममेड कुछ ऐसे संसार में जो बुद्धिमान है जिन्होंने मनीष कर शुद्ध रखेगा तो संसार में भ्रमण और जो लोग खान-पान उढ़ाकर मेरे लगे हैं वे संसार मे नो इस तरह आत्मा के मुख्य खत्म हो दांत धन तो यहीं पड़ा है सत्ता यह बड़ी रहेगी सुख के साधन
यही पड़ा तथा सुख की लालसा लेकिन फिर भटकते रहते हैं योगी है जो शुद्ध नित्यप्रकाश धुंधले प्रकाश में है सबको जानता है दुख को सुख को बीमारी पुत्तन दृष्टि को बचपन को दुआ पैसे कमा पशुओं को छोड़कर खाने में पिन उन्हें विश करने में जो लगे चतुर्वेदी पर में मेढ़क है मैं किसी की निंदा करना किसी की निंदा सुनना किसी की निंदा की तरह मिलाने युक्त समिति के लोग अपना समय शक्ति विश्व में बात करते हैं पर निंदा संभावना गैस दूसरा केंद्र के समान कोई भी कि परोपकाराय पुण्याय दूसरे का तन से मन से मति
से मंगल सोचना करना पुण्य इस पावन तक शहद स्वभाव हरिकथा ताव न भगवत कथा भगत धन्नौ भगवत् प्रीति के लिए कर्म करना अत्यंत होगा वह सब्सक्राइब नहीं कर सकता ईश्वरप्रीति 68 और स्वास्थ्य में फंसा विश्वविद्यालय कर्म करते हुए को इश्वर प्रधान उमेश शाकर जख्मीसड़क के साथ में कसम तानी थी ओम नारायण नारायण नारायण नारायण ओम श्री राम जी यह संसार बड़ा आपदा का समुद्र है इंसान आधा का समुद्र अ कितने दुख जन्मों से रोकता है कितने बचपन से दुकान हो गए गर्भ का दुख भोगना बचपन का दुख भोग जवानी में काम-क्रोध आदि शत्रुओं को बुढ़ापे
में भी जिंदा रह जाती है इसका खड़ा होगा उसका क्या होगा उसका अंत में पहुंचकर मर जाते संसार तो चलता रहता है कि आखिर क्या नहीं जाना है कि आखिर कितना सुरक्षित है यह सोच सोच न हो विजय सूची लखबार छुपा Tubelight रहते अवतार इतना शांति हो जाएगी ना हो जाए आंखों के अंदर जो हो जड़ों मंडे को इतना अटल उतर जाता रहता है बहुत ही घृणित ओम शांति ओम मेरे मामा घर के भेदी वह बड़े एंड मेंटल शांति शांति तो अपना सौंवा जगत इधर-उधर खेत सूखे होना चाहते हैं मैं इसे सूख का कोई संबंधित
मैं तो तुम्हारा आत्मा-परमात्मा है सूत्रों तुम्हारा नीच घर का खजाना है आज हम आपके सुविधा सुविधा शुभेंदु वादक कम सहयोगी प्रमुखता बाहर की सुविधा सुनाई है तो स्वप्न दोष नहीं जानता है कि इतने सुख मिले तो ठीक है क्या इतने दुख मिले तो क्या इतने जन्म मिले वह सब ठीक है क्या भाई है जो तुम्हारे साथ छोड़ता नहीं उसको खोज लो जो तुम्हारे साथ रहता नहीं उसकी मुमताज सत्य था जब मन से हटा दो इस पावन केशव माधव हे इश्वर प्राप्ति के लिए हम झक मार रहे संसार बाय सत्य कर्म करके अ कि इस पर
महापुरुषों के अनुभव में गठित करने के लिए जख्म गहरे संसार के मोबाइल हेलो हाय स्वीटी जाए रीते के रीते रहना कुछ नहीं ले जाएं साथ कि आखिर कब तक अकेले क्या खा लिया था एक दंतकथा करके क्या हो गया अब कि उत्तर परिवार वर्णन फिर क्या हो गया शरीर मोटा करके क्या हो गया आपके तो मौत निशान है तुम कब सुधरोगे राम साधों कब सुधरोगे गिरा बालक पन खेल गांव है या जो घर में पीढ़े का इन साधकों कब सुधरोगे राम कि वृद्धत्व में अंग फरकन अलार्म पर इलायची हो गया कमजोरी हो तो है कि
मिश्रा हो गया पथरी हो गया ऑपरेशन हो गया कि वृद्धत्व में आग भरकर ला जवाब देने की लगेगी आप सिर्फ मौत निशा साधकों कब सूत्र [संगीत] कि यह जिम दो दिन का मेहमान कब शुरू श्री राम सुनाते-सुनाते राम रस पाना है श्री राम के स्वरूप में जब ना है हुआ है है कि हमदाबाद के घटना है कर दो मैं समझ सकता है सुनने का पुष्प समझा लो कि कोई सुंदर लड़की देखी तो वह सड़क उसकी बहन है वो सोया सा कपड़ा है उसकी पिछली रात को महल में लेकिन सुरेश आमंत्रण कि आखिर ऐसा क्यों है
एक हफ्ते के घाट उतारा था की कथा तो है विस्तार से सुन लेना जब गई तो महान हो गई व्याख्या राजा उसके अ कि चरणों का दास बन गया दिशा दी है का प्रश्न बन गया पुष्य अश्लेषा का कालू हत्यारे का मन मदन शर्मा लगे तो हत्यारे कमल पुष्प सेंड का मन में बदल गया पेश करने लगो बस है हुआ है के प्रति शामिल नाग और आपको लगता है कि किशोर के निमित्त बनाओ ईश्वर के निमित्त दिखाओ ईश्वर के निमित्त खिलाफ विशेष केंद्र अमिताभ सोमेश्वर मंदिर और भाषाई विभ्रम का काम पंक्चर ओम शांति शांति