[संगीत] हरे हरे [संगीत] मैं प्रभु का प्रभु मेरे नारायण नारायण हरि हरि [संगीत] [संगीत] जय श्री राम जय जय सियाराम जय सियाराम जय जय सियाराम हरि हरि ओ मेवाड़ में मीरा बोले हरि हरि ओम बंगाल में गौरांग हरि हरि ओम महाराष्ट्र में नामदेव बोले हरि हरि ओम पंजाब में ना लगे ओम भारत भर में गुंजा नाम हरि हरि ओम हरि मैं तुम्हारा [संगीत] जय हो [संगीत] जय सियाराम जय जय सियाराम जय सियाराम जय जय [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] डोक वाले दुख वाले दुख करेंगे संध्या की बेला है पहले चंद्रमा दिखाई ना दे और सूर्य उदय
होने के पहले की घड़ियां मंत्र सिद्धि योग की होती सुषमा नदी को उसे समय सक्रिय करगी वेल होती सूक्ष्म अनाड़ी आनंददाई पर ब्रह्म परमात्मा की साक्षात्कार करने में सहयोग करती लंबा सांस लो और पक्का विश्वास करो पक्का मां लो विश्वास क्या भगवान के हैं भगवान हमारे अनीता नित्य है रोग और तंदुरुस्ती अनीता जन्म और मृत्यु अन्य लेकिन उम्र आत्मा चेतन [संगीत] नित्य होने की समझी है ओम इस प्रकार का ओम का गुंजन शरीर में साथ मुख्य जंक्शन है मुख्य केंद्र है उसने यह पंचम केंद्र विश्वविद्यालय होता है तो संसार की छोटे आपको नहीं जैसे कोई
गिरता और अच्छे खेस रबर के गद्दे पर गियर अथवा तो निश्चित सरगस में कुछ जानबूझकर झूले पर से गिरते हैं मजाक में गिरते और जंप खाता छुटने लगता ऐसे तुम्हारे जीवन में उतार चढ़ा के जंप पाएंगे लेकिन झूठ नहीं लगेगी केवल [संगीत] विद्यार्थी है अथवा स्मृति शक्ति को गई है स्मृति शक्ति तीव्र करनी है तो दोनों कानों में उंगली दाल दिया और गहरा सांस लिया करो तो मां ओ मां यहां कंठ को ऊपर क्रियां नहीं करनी है केवल गुंजन करना है फिर से करो तो सोच लो ऐसा 10 बाहर करना है तो यार शक्ति में
इजाफा होगा वीरेंद्र मेहता नाम का विद्यार्थी पढ़ने में बहुत ढीला सरस्वती मंत्र दिया और यह प्रयोग सिखाया तो स्मृति शक्ति जागी और एक्सपोर्ट लर्न डिक्शनरी के 80000 शब्द याद हो गए पढ़ने में ढीला मांग के साथ लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में प्रथम याद शक्ति वालों ने लड़का है हमारा साथ अंक ऐसे कई आपके केंद्र हैं जो उसमें खूब योग्यताओं के चमत्कारों के स्टार छुपी हुए जैसे बीच में वृक्ष छुपाई ऐसे जीवात्मा में परब्रह्म परमात्मा छुपाई आप अंतरात्मा की ज्योतिया की ज्योति हो केवल उसको जगन है अब थोड़ी डर पहले पूर्वक ओम शांति ओम आनंद
मैं प्रभु का प्रभु मेरे बिल्कुल सच्ची बात है सच्चाई है शरीर तुम्हारा नहीं है अगर तुम्हारा शरीर होता तो तुम्हारे खाने में चला तुम नहीं चाहते बीमा हो जाए लेकिन एक कम वक्त बीमा भी हो जाता है तुम नहीं चाहते हो बुद्ध हो जाए हो जाता है तुम नहीं चाहते हो मा जाए लेकिन मा जाता है शरीर तुम्हारा नहीं है यह पांच भूतों का पुतला है लेकिन इस शरीर को जो सप्ताह चेतन देता है और करने के बाद भी तुम्हारा साथ नहीं छोड़ना हुआ तुम्हारा परमात्मा का है आत्मा परमात्मा तुम्हारा बिल्कुल पक्की बात है अगर
मैं झूठ बोलूं तो तुम सब एक साथ मारूंगा इतनी बड़ी कसम का रहा हूं शरीर तुम्हारा नहीं लेकिन जिसका सब कुछ है वह आत्मा परमात्मा तुम्हारा है जैसे खड़े का आकाश महाकालती कहां है शरीर में तो परिवर्तन होगा शरीर में सहयोग भी होगा लाभ हनी होगा जिसके रथ के संचालक श्री कृष्णा थे ऐसे अर्जुन को श्री कृष्णा ने कहा गमों ए पी गहरा सांस लो दोनों से सांस ले सकें ऐसा करो मैं प्रभु का प्रभु मेरे प्रभु दुर्लभ नहीं है दूर नहीं है पैर नहीं है पराई नहीं ओम माधुरी ओम प्रभु जी ओम प्यार जी
[संगीत] उसे परमेश्वर से दिल्लगी करो जो शरीर करने के बाद भी तुम्हारा साथ नहीं छोड़ना उसे अपना नता पक्का है उसको खाली सिमरन करो [संगीत] [संगीत] जाता है ऐसी कृष्णा तो आत्मा है यशोदा है बुद्धि बुद्धि और आत्मा के बीच की दूरी है गई बुद्धि आत्मा में हो जाते आंखें बैंड मत करो और आंखें खोलो नहीं स्वाभाविक [संगीत] माधुरी [संगीत] भीतरी भीतर शांति हंसी और माधुरी उभरेगा [संगीत] उसके बुद्धि में योग देता हूं संता देता हूं माधुरी देता हूं अमृता का एहसास करता हूं दुख मरता है उसको जन वाला में अमर सुख मरता है बचपन
मरता है जवानी मारती है बुढ़ापा मरता है फिर भी कोई राहत है [संगीत] [संगीत] माधुरी छलकेगा हमे खुशी से खाओ खुशी से पी मेगापिक् में रहो एकदम अगर है शॉप मिलने का तो हरदम लो लगता [संगीत] अगर है [संगीत]