मोबाइल दिलाने को कहा तो मोबाइल का कवर ले आया फाइव स्टार होटल में डिनर का बोला था तो नुक्कड़ पर भजिए खिला दिए ऐसा कौन करता है आजकल अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लकी लकी दिल्ली के एक कॉलेज में पढ़ने वाला गरीब लड़का था जो कॉलेज के बाद एक मेडिकल स्टोर डिलीवरी बॉय का काम करता था एक रात जब लकी एक होटल में कुछ डिलीवर करने पहुंचा तो लकी की आंखें फटी की फटी रह गई उसने होटल के कमरे में अपनी गर्लफ्रेंड डिंपल को एक राहुल नाम के लड़के के साथ देखा वहां डिंपल लकी को देख
देखकर भड़क गई डिंपल पहले से ही लकी की गरीबी से तंग आ चुकी थी और तभी उसने एक बड़ा फैसला ले लिया लकी दिस इज इनफ आज से हमारा ब्रेकअप होता है और आज रात मैं राहुल को डेट कर रही हूं यह सुनकर लकी के पैरों तले जमीन खिसक जाती है उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह कैसे रिएक्ट करें लकी होटल से तो चुपचाप निकल जाता है पर एक अनहोनी जो लकी के साथ होने जा रही थी उसकी लकी को उम्मीद नहीं थी राहुल लकी इजली मेरा पीछा नहीं छोड़ेगा उसे रास्ते से हटाना
होगा यह बात जैसे ही डिंपल ने राहुल को बोली तो राहुल यह सुनकर खुश हो गया राहुल एक अमीर बाप का बेटा था उसने डिंपल से कहा डिंपल मैं लकी को इस दुनिया से ही गायब करवा दूंगा और किसी को खबर भी नहीं होगी पर मेरी एक इच्छा है राहुल मैं लकी को मरते हुए देखना चाहती हूं डिंपल के ऐसा कहने के बाद राहुल ने अंडरवर्ल्ड के एक डॉन को फोन लगाया और लकी की सुपारी दे दी अंडरवर्ल्ड के लोग लोग लकी को ढूंढने निकल पड़े और एक दिन लकी अंडरवर्ल्ड की गिरफ्त में आ गया
डिंपल और राहुल भी वहां पहुंच गए हाथ पैर बांधे लकी एक कुर्सी पर बैठा था और जैसे ही अंडरवर्ल्ड का सबसे बड़ा गुंडा लकी को मारने के लिए उसके सामने पहुंचा तो वह दंग रह गया और लकी के सामने घुटने टेक कर बोला लकी भाई आप मुझे माफ कर दो भाई गलती से मैंने आपकी सुपारी ले ली जैसे ही डिंपल और राहुल ने यह देखा तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गई आखिर क्या है लकी की असलियत जो कोई भी नहीं जानता क्यों अंडरवर्ल्ड के गुंडे ने भी टेक दिए लकी के सामने घुटने क्या
लकी है अंडरवर्ल्ड का कोई आदमी डिंपल और राहुल के मन में इन सवालों ने तूफान मचा दिया था उन्हें कुछ समझ आता उससे पहले ही लकी उन गुंडों की कार में बैठकर चला गया राहुल और डिंपल की हालत खराब हो गई थी उन्हें अब डर लग रहा था यह सोचकर कि लकी अब उन दोनों से बदला लेने के लिए क्या करेगा पर लकी के दिमाग में अभी कुछ और ही चल रहा था उसने गाड़ी चलाने वाले गुंडे की तरफ देखा और कहा ए सुन गाड़ी को किसी सुनसान जगह पर रोक लकी भाई सुनसान जगह क्यों
मैं कुछ समझा नहीं हमसे आज बहुत बड़ी गलती हो गई पर आपकी सुपारी हमने जानबूझकर नहीं ली थी अगर मुझे पता होता कि वो लड़का-लड़की आपकी सुपारी लेकर आए है तो मैं उन दोनों का ही खेल खत्म कर देता माफ कर दो लकी भाई कुंडे की बात सुनकर लकी ने कुछ ऐसा कहा जिससे सुन उस गुंडे के होश उड़ गए अ यही रो दो गाड़ी और तुम लोग भी गाड़ी से उतरो और मुझे पीटना शुरू करो लकी भाई ये आप क्या कह रहे हैं हम आपको मारे पीटे अरे हमारी औकात तो आपके सामने खड़े होने
की भी नहीं है हम आप पर हाथ कैसे उठा सकते हैं अगर इस बात का पता उसे चल गया तो मेरे साथ मेरे परिवार की भी जान ले लेगा वो कुछ नहीं करेगा मैंने उसे सब समझा दिया है अब जल्दी करो और मुझे मारो अगर मेरी बात नहीं मानी तो फिर वो तुम्हारा क्या करेगा ये तुम जानते हो लकी की बात सुनकर गुंडे ने ना चाहते हुए भी लकी को लात मुख के मारना शु शुरू किया कुछ देर बाद लकी का चेहरा मिट्टी से सन गया था और उसके कपड़े भी गंदे हो गए थे बस
बस हो गया अब तुम लोग यहां से निकलो और किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं है गुंडे को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि लकी अब क्या करने वाला है पर लकी के डर से उसकी पूछने की हिम्मत नहीं हुई और वह चुपचाप लकी को फटे हाल छोड़कर गाड़ी लेकर चला गया गुंडे के जाते ही लकी ने फिर से बेचारे गरीब वाली शक्ल बना ली और गली से निकलकर सीधा अपने कॉलेज के सामने में पहुंच गया हल्की-हल्की बारिश शुरू हो गई बारिश में लकी के चेहरे पर लगी धूल और खून बहकर उसकी गर्दन
तक पहुंच गया था लकी ने अपना चेहरा भी साफ नहीं किया और सीधा सामने की चाय टपरी पर चला गया चाचा एक कप चाय दो ना पूरा कॉलेज लकी की गरीबी का मजाक उड़ाता था पर कॉलेज के बाहर चाय समोसे की टपरी वाला लकी का ख्याल रखता था बिगड़े और मार खाए हुए लकी को देख उसे दया आ गई और उसने लकी से कहा अरे लकी बेटा ये चोट कैसे लग गई और तुम तो भीग भी गए हो सुबह से कुछ खाया है या नहीं ये लो चाय के साथ समोसा खा लो गरम गरम बनाए
दुकानदार की बात सुनकर लकी ने अपनी जेब में हाथ डालकर देखा तो उसकी जेब में बस ₹1 का नोट था और समोसा ₹ के आते थे लकी ने थोड़ा झकते हुए दुकानदार से कहा चाचा अभी पैसे नहीं है तो बस चाय ही दे दो अरे लकी बेटा पैसे नहीं है तो कोई बात नहीं बाद में दे देना तुम अच्छे लड़के हो तुम्हारे पैसे कहां जाएंगे लो उधार मैं खाल चाय वाले की बात सुनकर लकी ने समोसे की प्लेट से एक समोसा उठाकर पहले बाइट लिया ही था कि उसे किसी लड़की की आवाज सुनाई दी यार
लकी हमारे साथ कॉलेज में पढ़ता है और ₹ के समोसे खाने के लिए उधार मांग रहा है चल आज तेरे दिन को लकी बना देती हूं चल मेरे साथ लकी की गरीबी की वजह से कॉलेज में हर कोई उसका मजाक उड़ाता था आज कॉलेज की ियर लीडर टीम की कप्तान भावना ने लकी को सड़क पर समोसे उधार में खाते देख लिया तो उसका मजाक उड़ाने लगी लकी माना तू गरीब है फटीचर है तो क्या हुआ मेरे पास तो बहुत पैसा है रोज कुत्तों को खाना खिलाती हूं आज तुझे खिला दूंगी शहर के सबसे महंगे होटल
ब्लू मून ले जाऊंगी तूने तो आज तक कभी ऐसा होटल देखा भी नहीं होगा होटल ब्लू मून का नाम सुनकर लकी भावना के साथ गाड़ी में बैठ गया पर लकी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वहां कितना बड़ा झटका उसका इंतजार कर रहा है होटल में भावना का बॉयफ्रेंड इशान पहले से मौजूद था भावना ये लूजर लकी यहां क्या कर रहा है तुम्हारे साथ आज कुत्तों की जगह इसे खाना खिलाने वाली हो क्या ईशान बेबी मैं इसे यहां लेकर आई हूं ताकि इसे भी तो पता चले कि हम जैसे अमीर लोग कैसे खाते पीते
हैं इसे इसकी असली औकात तो पता चले कि जितना यह महीने भर में कमाता है उतने की यहां एक डिश भी नहीं आती वेटर इधर आना आज हम लकी के लिए कुछ स्पेशल मंगवाए अगले ही पल वेटर ऑर्डर लेने के लिए आया यस मैम मगर लकी को देखते ही वेटर के हाथ से पानी का ग्लास गिर गया लक्ष्मण सर आप आप यहां आई एम सॉरी सर मैंने आपको देखा नहीं हां ले आओ वेटर वहां से चला गया मगर भावना और इशान हक्के बक्के रह गए उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अभी यहां क्या हुआ
लकी ये वेटर तुम्हें लक्ष्मण सर क्यों बुला रहा था क्या मतलब तुम इस होटल में पहले भी आ चुके हो जल्दी ही समझ में आ जाएगा कुछ ही देर में वेटर ₹ लाख की शैंपेन की बोतल लेकर वहां आया और लकी के ग्लास में डालते हुए कहा ये लीजिए सर आपका फेवरेट चैंपेन इतना महंगा शैंपेन ए लकी इसका पैसा क्या तेरा बाप भरेगा लकी बिना कुछ कहे मुस्कुराने लगा अगले ही पल वेटर ने कहा सर लक्ष्मण सर को इसके पैसे भरने की जरूरत नहीं मतलब समोसे के लिए उधार मांगने वाले लकी से वेटर ने 2
लाख के चैंपेन के पैसे क्यों नहीं लिए वेटर लकी को लक्ष्मण सर क्यों कह रहा था क्या है लकी की सच्चाई भावना और ईशान यह बात सोच ही रहे थे कि मौका देखते ही लकी उस होटल से निकलकर बाहर आ गया उसके बाहर आते ही एक के बाद एक महंगी गाड़ियां लाइन से आके खड़ी हो गई ये सभी गाड़ियां लकी को होटल से पिक करने के लिए आई थी उन गाड़ियों के साथ कई बॉडीगार्ड्स भी थे जिनमें से चार लोग भागते हुए लकी के लिए गाड़ी का दरवाजा खोलने आए लकी गाड़ी में बैठा और तुरंत
अपनी गर्लफ्रेंड डिंपल को कॉल लगाया हेलो डिंपल शायद तुम सही कह रही थी मैं तुम्हारे लायक हूं ही नहीं कहां मैं एक गरीब और फटीचर कॉलेज स्टूडेंट और कहा तुम अमीर लोगों में उठने बैठने वाली हाई मेंटेनेंस लड़की शायद मैं तुम्हारी जैसी लड़की डिजर्व ही नहीं करता तुम राहुल के साथ महंगे रेस्टोरा में चाइनीज खाना एंजॉय करो क्योंकि मुझे तो जिंदगी भर उधार के समोसे से ही काम चलाना पड़ेगा यह बोलकर जैसे ही लकी ने बिना डिंपल का रिप्लाई सुने फोन काट दिया उसने देखा कि उसका बॉडीगार्ड जो उसके बिल्कुल बगल में बैठा था वह
बहुत हैरानी से लकी को देखे जा रहा था उसे समझ नहीं आ रहा था कि लकी ने अभी जो फोन पर कहा वो क्यों कहा लकी ने बस एक हल्की सी स्माइल दी और फिर से अपने फोन में देखने लगा वह बार-बार अपने फोन की ओर ऐसे देख रहा था जैसे किसी के कॉल या मैसेज का इंतजार कर रहा और तभी लकी के फोन में एक मैसेज का नोटिफिकेशन आया शायद यही वह मैसेज था जिसका लकी को बेसब्र से इंतजार था लकी ने तुरंत गाड़ी रुकवा और गाड़ी से बाहर निकला वो इस वक्त शहर के
सबसे बड़े बैंक के नीचे खड़ा था जहां सिर्फ करोड़ पतियों के खाते ही खुलते थे लकि ने फोन में आए मैसेज पर क्लिक किया और उसे पढ़कर लकी की छोटी सी स्माइल बड़ी हंसी में बदल गई लकी जोर-जोर से हंसने लगा गाड़ी में बैठे सभी बॉडीगार्ड्स एक बार फिर से उसे देखकर कन्फ्यूज्ड थे कि आखिर उस मैसेज में ऐसा क्या था जिसे पढ़कर लकी पागलों की तरह हंसने लगा और वह तो यह भी नहीं समझ पा रहे थे कि इतनी महंगी गाड़ी में बैठने के बावजूद लकी ने फोन पर ऐसा क्यों कहा कि वह उधार
के समोसे खाता है महर तेज बारिश थी और लकी भीग रहा था लेकिन लकी को आज किसी बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था पर आखिर क्यों क्या था उस मैसेज में जिसकी वजह से लकी इतना खुश था लकी ने डिंपल को कॉल करके खुद को गरीब और फटीचर क्यों कहा क्या है जो लकी डिंपल भावना इशान और सारी दुनिया से छुपा रहा है आखिर क्या है लकी का सच उस मैसेज को पढ़ने के बाद भर बरसात में भी उसका चेहरा सूरज की तरह खिल उठा था लकि ने इस मैसेज को पढ़कर खत्म किया
ही था कि उसके फोन पर बारिश की बूंदे जमा होने लगी थी लकि ने थोड़ी देर की खुशी मनाने के बाद याद किया कि वह सच में गरीब नहीं था असल में उसके परिवार ने उसे एक परीक्षा में डाल रखा था जिसका नाम था गरीबी अभ्यास परीक्षा इस परीक्षा के तहत लकी को अग्रवाल खानदान में उसके नाम की जमीन और जायदाद पर तभी हक मिलने वाला था जब वह इस परीक्षा को पास कर लेता अचानक से उसे याद आया कि वह गरीब नहीं था बल्कि गरीब होने की परीक्षा दे रहा था हालांकि परीक्षा देते देते
उसे आठ बरस हो चुके थे इसलिए उसे एहसास होने लगा था कि वह कभी परीक्षा को पास ही नहीं कर पाएगा और हमेशा हमेशा के लिए गरीब ही रह जाएगा अच्छा हुआ चली गई अब मिलना कभी लकी ने होटल की तीसरी मंजिल की ओर देखा और पानी के अंदर ही अपना पैर पटक दिया वह डिंपल को कोस रहा था उसने अपनी मोटरसाइकिल उठाई और फिर से चमन मेडिकल स्टोर जाने के लिए मुड़ने लगा अगले दिन जब लकी की आंख खुली तो वह सीधा उठा और तैयार होकर शहर के सबसे बड़े बैंक न्यू सिटी बैंक पहुंच
गया न्यू सिटी बैंक ना सिर्फ शहर का सबसे बड़ा बैंक था बल्कि वह सबसे अमीर बैंक भी था वहां पर शहर के सबसे अमीर लोगों के ही पैसे जमा किए जाते थे लकी वहां पैसे को निकलवाने के लिए जा रहा था न्यू सीडी बैंक साउथ दिल्ली में बसा हुआ था और उसके दरवाजे के बाहर महंगी से महंगी गाड़ी खड़ी थी भाई अब इसमें से कौन सी नहीं गाड़ी लेगा लकी ने मन ही मन सोचा उसे यकीन नहीं होहा रहा था कि कल तक तो व एक मोटरसाइकिल तक नहीं खरीद पा रहा था और आज वह
एक कार और वह भी इतनी महंगी कार खरीदने की सोच रहा था फिर उसने अपनी नजर गाड़ी पर से हटाई और बैंक के अंदर जाने लगा उसने देखा कि बाहर बहुत भीड़ थी और महंगे से महंगे कपड़े पहने लोग बैंक के अंदर जा रहे थे कहां दवाओं की बदबू और कहां यह खुशबू उसने एक बहुत ही गहरी सांस के अंदर ज्यादा से ज्यादा खुशबू को समेटने की कोशिश करते हुए अपने मन में सोचा लेकिन अगले ही पल उसके मन में संकोच पैदा हो गया था रातों-रात लकी की किस्मत तो बदल गई थी लेकिन उसके कपड़े
नहीं बदल पाए थे इतने बड़े बैंक में वह वही कपड़े पहनकर आ गया था जो वह अक्सर अपने काम पर पहन कर जाता था पैसे लेते ही ना सबसे पहले नए कपड़े खरीदने हैं लकी ने अपने आप से कहा और फिर बैंक के अंदर दाखिल होने लगा जैसे ही उसने दरवाजे को धक्का दिया उसे आवाज आई आउच लकी थोड़ा सा हड़बड़ी में दिखाई दे रहा था और जल्दबाजी के चक्कर में वह एक लंबे बाल वाली लड़की से जा टकराया था जो कि उसके बगल में ही चल रही थी माफ करना मैं आपको देख नहीं पाया
सॉरी लकी ने तुरंत उससे हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए कहा उस लड़की ने इतने अच्छे कपड़े पहन रखे थे कि उसे देखकर ही लग रहा था कि वह किसी अमीर घराने की लड़की थी इसलिए सॉरी बोलते वक्त ना चाहते हुए भी लकी के हाथ उसके सामने जुड़ गए थे लेकिन जब उस लड़की ने लकी के कपड़े और उसके हुलिए को देखा तो उसने अपनी नाक बहुत सी कोट ली वो वो लगभग हर रोज इस बैंक में आया और जाया करती थी लेकिन उसने आज तक इस बैंक के अंदर लकी जैसे फटीचर आदमी को घुसते हुए
नहीं देखा था उसके बालों में से आंवले के तेल की गंध आ रही थी उसने गुस्से भरी नजरों से लकी की ओर देखा और बोली क्यों नहीं देख पाए मैं क्या ट्रांसपेरेंट हूं तुम्हें इतनी बड़ी लड़की दिखाई नहीं देती इससे पहले की बात आगे बढ़ती उस लड़की ने देखा कि इस बैंक की मैनेजर यास्मिन पटेल उन दोनों की ओर बढ़ी चली आ रही है उसने भी लकी को देखकर वैसी ही शक्ल बनाई थी जैसी शक्ल उस लंबी लड़की ने बनाई थी आई एम सो सॉरी मिस आपको कहीं लगी तो नहीं यास्मिन ने उस लड़की से
पूछा और फिर घिन्हा आंखों से उन दोनों को देखा जा रहा था वह जानता था कि उसने इतनी जोर से भी दरवाजा नहीं खोला कि उसे चोट लग जाए लेकिन असल में उसे यह मालूम नहीं था कि वह लोग उसे नहीं बल्कि उसके कपड़े को देख रहे थे यास्मीन ने लकी को ऊपर से नीचे तक देखा और ना जाने उसके मन में क्यों शक पैदा हो गया क्या आप मुझे बता सकते हैं कि आप यहां पर किस काम से आए हैं यास्मीन ने बड़ी मुश्किल से अपने चेहरे पर एक मुस्कान लाते हुए कहा वह उसका
हुलिया देखकर ही समझ गई थी कि वह यहां का कस्टमर तो नहीं था लकी ने अपने आप को संभाला और कहा हां वो मैं अपना पैसा निकलवाने के लिए आया था पैसे निकलवाने के लिए आए हो यास्मीन ने लकी की बात को ही दोहराते हुए कहा वैसे तो वह लकी की बात पर जोर से हंसना चाहती थी लेकिन उसने अपने आप को थोड़ा सा काबू में कर लिया था लकी की बात सुनकर उसे लग रहा था कि वो कोई पागल था जो यहां जबरदस्ती घुसा चला आ रहा था हां तो क्या आपके पास कार्ड है
यास्मीन ने उससे आगे पूछा न्यू सिटी बैंक का कार्ड हासिल करना एक बहुत ही मुश्किल भरा काम था अगर किसी को भी उस बैंक का कार्ड लेना था तो सबसे पहले उस आदमी को अपने खाते में कम से कम ₹ लाख रप जमा करवा करर रखने पड़ते थे तब जाकर उसे कहीं कार्ड मिलता था लेकिन लकी तो पहली बार ही यहां आ रहा था इसलिए उसके पास कार्ड होने की कोई संभावना ही नहीं थी लकि जब यास्मीन के सवाल का जवाब नहीं नहीं दे पाया तो यास्मीन ने फिर उससे पूछा मैं पूछ रही हूं कि
आपके पास कार्ड है वह समझ गई थी कि लकी पागल ही था जो कहीं से भागकर सीधा उनके बैंक में आ गया था कार्ड नहीं कार्ड नहीं है मेरे पास लकी ने उसके सवाल का जवाब दिया और वह फिर इधर-उधर देखने लगा जैसे ही उस लंबे बालों वाली लड़की ने लकी का जवाब सुना तो वह खिलखिला करर हंस पड़ी यास्मीन को तो सिर्फ लग रहा था कि वह पागल है लेकिन वह लड़की तो अपने मन में मान चुकी थी कि यह लड़का कोई पागल ही है जो कहीं झोप पट्टी से यहां आ गया है इससे
पहले कि आगे कोई कुछ कह पाता उस लंबे बालों वाली लड़की के पिता वहां आ गए और बोले चलो बेटी उनके हाथों में कुछ कागजात थे लकी ने देखा कि उन्होंने महंगा सा सूट पहन रखा था उस लड़की ने यासमीन के दोनों हाथों को पकड़ा और बोली यास्मीन देखो अगर इस तरह के सड़क छाप लोग तुम्हारे बैंक में ऐसे ही घुसते चले आए ना और बाकी कस्टमर्स को परेशान करने लगे तो तुम्हारे बैंक की इमेज और उसके शेयर्स दोनों को काफी नुकसान होगा एक मैनेजर होने के नाते तुम्हें इन सब चीजों का ध्यान रखना चाहिए
मुझे उम्मीद है कि आगे मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं होगा उस लड़की ने कहा और अपने पिता के साथ बैंक के बाहर चली गई अपना ध्यान रखना कोयल मैडम मैनेजर ने उसकी गाड़ी तक छोड़ने के लिए आते हुए कहा आज तो वह बाल-बाल बच गई थी कोयल और उसके पिता इस बैंक के सबसे पुराने और सबसे वफादार कस्टमर्स थे अगर आज यास्मिन उन्हें नाराज कर देती और वह उसके बैंक से अपना खाता बंद करवा देते तो शायद यास्मीन की नौकरी तक जा सकती थी और यह सब हो रहा था उस पागल लकी की वजह से
इसे जल्द से जल्द यहां से भगाना पड़ेगा यास्मीन ने अपने आप से कहा और फिर बैंक के अंदर आने लगी यास्मीन उसे अपने बैंक से बाहर निकालने के तरीके के बारे में सोच रही थी मगर जैसे ही वह बैंक में दाखिल हुई उसने देखा कि लकी वहां था ही नहीं अरे अब यह कहां चला गया उसने अपने आप से पूछा वह इधर-उधर देखने लगी लेकिन लकी वहां भी नहीं था यास्मीन को अच्छे से पता था कि वह उसके सामने तो बाहर नहीं निकला था इसका मतलब था कि वो बैंक के अंदर ही था लेकिन यास्मीन
उसे ढूंढ नहीं पा रही थी कुछ देर तक बैंक के सारे कोनों को देख लेने के बाद यास्मीन को लगा कि शायद लकी यहां बहुत ही असहज महसूस कर रहा होगा और जब वह कोयल को दरवाजे पर छोड़ने के लिए आई तब उसके पीछे-पीछे वह भी निकल गया होगा चलो जान बची यास्मीन ने अपने आप से कहा और अपने केबिन में आकर बैठ गई जैसे ही उसने आज के दिन की पहली फाइल उठाई थी उसे किसी एक की झलक दिखी यह कोई और नहीं बल्कि लकी ही था अरे यह कहां छिपा हुआ था यास्मीन ने
अपने आप से ही कहा और तुरंत फाइल को टेबल पर रखकर वह ऑफिस के बाहर आ गई उसने देखा कि लकी बैंक के वीआईपी लॉन्च के बाहर खड़ा था और उसके खंबे की आड़ की वजह से वह यास्मीन की नजर से बाहर हो गया था अब यास्मीन को तो वह मिल गया था लेकिन उसके लिए उससे भी बड़ी एक और मुसीबत खड़ी हो गई थी लकी जिस कमरे के बाहर अभी खड़ा था उस कमरे के अंदर शहर के सभी रईस लोगों का उठना बैठना था बैंक के सिलसिले में या फिर किसी दूसरे काम के सिलसिले
में वो सभी लोग यहीं आकर बात किया करते थे उस कमरे के अंदर जो लोग बैठे थे उन सबके करोड़ों रुपए इस बैंक के खाते में जमा थे अब अगर ऐसे मिलकी वहां घुस जाता तो सब लोग मिलकर यास्मीन की गर्दन पर चढ़ जाते रुको जहां हो वहीं खड़े रहो यास्मीन जोर से और साथ ही गुस्से से चिल्लाई बाकी के लोग जो वहां खड़े थे वह यास्मीन की ये चीख सुनकर डर गए थे कुछ लोगों को उसकी इतनी जोर से आवाज करने की वजह से गुस्सा भी आ गया था और यास्मिन सबसे मुस्कुराते हुए माफी
मांगकर आगे बढ़ती जा रही थी वो लकी को किसी भी तरह से उस कमरे में जाने से रोकना चाहती थी लेकिन उससे पहले ही वह उस कमरे के अंदर दाखिल हो चुका था अरे यार यह आदमी है या गधा यास्मीन ने अपना ही सिर पीटते हुए कहा और वह भी उस कमरे के दरवाजे की ओर बढ़ने लगी उसने उस कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन वह अंदर से लॉक हो गया था बाप रे यह कैसा आदमी है बिना परमिशन के अंदर घुसा तो घुसा लेकिन दरवाजा भी अंदर से बंद कर लिया अब यास्मीन
की सांसें फूलती जा रही थी उसे बहुत डर लग रहा था उसका जी यह सोचकर घबराए जा रहा था कि ना जाने अंदर लकी और उस रिलेशन मैनेजर के बीच क्या हो रहा होगा इधर जैसे ही लकी कमरे में दाखिल हुआ वहां का कस्टमर रिलेशन मैनेजर जो कि सोफे पर फैला हुआ था वह उसे देखते ही अचानक सीधा बैठ गया हेलो सर कैसे हैं आप उसके मुंह से बिना लकी को देखते हुए यह शब्द निकले उसे याद था कि इस कमरे में कुछ खास लोग ही आते थे और जो भी आते थे यास्मीन उनके आने
की खबर उसे पहले ही दे देती थी लेकिन इस वक्त जो आदमी उसके सामने खड़ा था उसे देखते ही वह अपनी जगह पर जम गया था ना तो वह कहीं से भी वीआईपी लग रहा था और ना ही वह उसका कोई रिश्तेदार था कौन हो भाई तुम क्या चाहिए तुम्हें उस मैनेजर ने 20 साल के जवान लड़के को देखते हुए कहा मैं यहां अपना पैसा लेने आया हूं लकी ने सीधे मुद्दे की बात को मैनेजर के सामने रखते हुए कहा तुम्हारे पास हमारा सुप्रीम कार्ड है मैनेजर ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा और पूछा
नहीं नहीं मेरे पास कोई कार्ड नहीं है लकी ने कहा तो फिर हम तुम्हें कोई पैसा नहीं दे सकते चलो अभी दरवाजा खोलो और सीधा बाहर निकलो मैनेजर ने कहा और सोफे पर से उठ गया नहीं मैं अपना पैसा लिए बिना नहीं जाऊंगा यहां से लकी भी जिद पर रट गया अरे बोला ना बिना कार्ड वाले को पैसा नहीं मिलता है और वह भी पैसा होगा तब तो मिलेगा ना मैनेजर ने उसके बाते हुए कहा अरे पैसा है तभी तो निकालने आया हूं सर लकी ने कहा देख फालतू की बहस मत कर सुबह-सुबह वरना मैं
सिक्योरिटी को बुला लूंगा तो वह लोग मार मार कर बाहर निकालेंगे तुझे लकी यह सुनकर घबरा गया था मैनेजर के चेहरे का गुस्सा उसे साफ नजर आ रहा था लेकिन ऐसा भी नहीं था कि वह झूठ बोल रहा था भले ही उसके पास कार्ड नहीं था लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि वह अग्रवाल खानदान का लड़का नहीं था जैसे जैसे मैनेजर उसकी ओर बढ़ता चला जा रहा था लकी का डर भी बढ़ बता जा रहा था मैनेजर को लग रहा था कि वह कोई संकी था और वह उसे धक्का मारकर बाहर निकालने के लिए
आगे बढ़ ही रहा था कि अचानक घबराए हुए लकी के दिमाग में एक आईडिया आया फिंगरप्रिंट उसने अपना अंगूठा कमरे में मौजूद उस मैनेजर के सामने उठाते हुए कहा फिंगरप्रिंट कौन सा फिंगरप्रिंट मैनेजर ने चौक हुए पूछा अरे अरे आपने कहा ना कि आपको कार्ड चाहिए पर मेरे पास कार्ड नहीं है फिंगरप्रिंट है और मुझे मालूम है कि आपके यहां फिंगरप्रिंट से भी पैसे निकलते हैं यह कहते ही लकी ने एक राहत की सांस ली थी लेकिन मैनेजर को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर लकी को फिंगरप्रिंट की जानकारी मिली कैसे तुम फिंगरप्रिंट
यूज करना चाहते हो मैनेजर ने लकी को घूरते हुए पूछा लकी की शक्ल और उसका हुलिया मैनेजर के लिए उसकी बातों से मेल नहीं खा रहा था हां मैं फिंगरप्रिंट यूज करना चाहता हूं सर लकी ने सीना चौड़ा करते हुए कहा उसे इस तरह देख तो मैनेजर और भी कंफ्यूज हो गया था मैनेजर ने सोचा कि उसे एक चांस देना चाहिए इसलिए उसने लकी को फिंगरप्रिंट प्रिंट इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी थी वो अपनी टेबल के पास गया और उसके दराज में फिंगरप्रिंट वाली मशीन ने लगा दो-तीन ड्रॉर में झांकने के बाद आखिरकार उसे
वो मशीन मिल गई थी चुपचाप यहां पर अपना अंगूठा लगाओ मैनेजर ने मशीन को आगे बढ़ाते हुए लकी से कहा लकी ने अपनी फटी हुई पैंट के पिछले हिस्से में अपना अंगूठा पोछा और फिर उस मशीन पर लगा दिया दो सेकंड बाद मशीन में से एक आवाज आने लगी उसके अंदर एक लाल बत्ती चल रही थी और वह जोर-जोर से बीप कर रही थी देखा तुम्हारा फिंगरप्रिंट मैच नहीं कर रहा है मैंने पहले ही बोला था कि कोई खाता नहीं है इस बैंक में तुम्हारा मैनेजर ने लकी को ऐसे देखा जैसे वह कोई बड़ा अपराधी
था मैनेजर उसकी पैंट की ओर देखने लगा उसे लग रहा था कि लकी ने अपनी जेब में कोई हथियार छुपा रखा था और वह मैनेजर को बेवकूफ बना रहा था इससे पहले कि लकी अपनी जेब से कोई बंदूक या बम निकालता मैनेजर ने अपना फोन निकाला और पुलिस का नंबर लगाने लगा लकी ने उसकी स्क्रीन पर देख लिया था कि वह 100 नंबर पर फोन लगा रहा था लकी बुरी तर तरह से घबरा गया था वो बहुत ही उत्साह और जोश में अंदर तक तो चला गया था लेकिन उसे मालूम नहीं था कि वह इतनी
बड़ी मुसीबत में फंसने वाला है अब आगे क्या होने वाला था क्या लकी उसे पुलिस को बुलाने से रोक पाता कहीं उसे कोई फेक मैसेज तो नहीं आया था लकी कैसे इन मुसीबत से बाहर निकलेगा लकी बैंक के अंदर दाखिल तो हो गया था लेकिन जब मैनेजर ने उससे पैसे निकालने के लिए कार्ड मांगा तो उसके पास कार्ड नहीं था उसकी फटे हाल हालत देखकर पहले ही मैनेजर को गुस्सा आ रहा था और उसमें लकी ने ये डिमांड रख दी थी कि वो फिंगरप्रिंट से पैसे निकलवाना चाहता था लेकिन पानी तब सर के ऊपर से
निकल गया जब उंगली मैच नहीं हुई मैनेजर ने फोन निकाला और पुलिस को फोन लगाने लगा अरे अरे यह क्या कर रहे हो देखिए सर मेरी बात सुनिए मैं कोई क्रिमिनल नहीं हूं हो सकता है मैंने गलत उंगली लगा दी हो बस आप मेरे को एक लास्ट बार फिंगरप्रिंट लगाने दो प्लीज लकी ने उसके सामने हाथ जोड़ते हुए कहा देख ये उंगली भी अगर नहीं लगी ना तो फिर यह मत कहना कि मैं अगली उंगली भी ट्राई करके देखता हूं बार-बार ऐसा नहीं चलने वाला है अगर यह वाली काम नहीं की तो मैं सीधा पुलिस
को फोन करने वाला हूं अभी मैनेजर ने लकी को धमकाते हुए कहा उसने अपने एक हाथ में मशीन और दूसरे हाथ में मोबाइल फोन पकड़ा हुआ था उसने अपने स्क्रीन पर पुलिस का नंबर खोल रखा था और उसका अंगूठा हरे बटन पर ही टिका हुआ था इधर लकी ने अपने सीधे हाथ की उंगली को अपने पैंट से साफ किया और भगवान का नाम लेकर उसे उस मशीन पर लगा दिया जैसे ही उसकी उंगली उस मशीन पर पड़ी अबकी बार फिर मशीन से एक आवाज आई और वह चमक कर हरी हो उठी तभी मैनेजर के मोबाइल
पर एक मैसेज आया मैनेजर ने उस मैसेज को पढ़ना शुरू किया वेरिफिकेशन सक्सेसफुल खाता एक नाम लक्ष्मण लाल अग्रवाल खाता नंबर 01104 जैसे ही मैनेजर ने इस मैसेज को देखा उसकी आंखें फटी की फटी रह गई थी उस मशीन पर चमकती लाइट को देखते हुए लकी की आंखें भी चमक आई थी लकी उस हरी बत्ती को देखते ही झूम उठा था और फिर उसने मैनेजर को घूर कर देखा उसके दिमाग में वह सारी बातें चल रही थी जो मैनेजर उससे अभी थोड़ी देर पहले सुना रहा था इधर मैनेजर ने उसके आगे हाथ जोड़े और खिसिया
करर हंसते हुए कहा लक्ष्मण सर प्लीज मुझे मुझे माफ कर देना सर मैं इस ब्रांच में नया नया आया हूं और इसलिए मुझे मालूम नहीं था कि आप कौन हो मैं इस ब्रांच का कस्टमर मैनेजर शशिकांत फरमा हूं प्लीज आगे भी मेरा ध्यान रखना सर प्लीज सॉरी सर हां हां ठीक है तुम मुझे यह बताओ कि मेरे खाते में कितने पैसे रखे हुए हैं लकी ने कहा और वह अब सोफे पर बैठ गया मैनेजर उसके सामने ही खड़ा हुआ था और उसके खाते की जानकारी अपने फोन पर ही निकाल रहा था उसने अपने फोन पर
इधर-उधर कुछ उंगलियां चलाई और बोला हो गया सरा आपके खाते में इस वक्त 90 करोड़ 80 लाख 7650 रखे हुए हैं सर शशिकांत के खुद के होश इतनी बड़ी रकम को देखने के बाद उड़ गए थे उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि इस आदमी के खाते में इतना पैसा भी हो सकता था लकी की शक्ल देखकर तो यही लग रहा था कि उसकी उम्र 20 से 22 साल से ज्यादा नहीं थी ऐसे में अगर उसके खाते में इतना सारा पैसा रखा हुआ था तो यह वाकई बहुत बड़ी बात थी शशिकांत अपने मन में यह
सोच रहा था कि दुनिया के 999 पर लोग ही अपनी पूरी जिंदगी काम करने के बाद भी इतना पैसा नहीं कमा सकते थे जितना कि लकी के खाते में इतनी छोटी सी उम्र में रखा हुआ था लेकिन लकी ने इधर जब उसके फोन में अपने खाते पर पड़ी हुई जानकारी को देखा तो उसे कुछ अजीब सा लगा उसे लग रहा था कि उसे तुरंत इतने पैसों के हिसाब से अब अपनी जिंदगी को ढालने की कोशिश करनी शुरू कर देनी चाहिए वरना उसके साथ वही होने वाला था जो आज बैंक में उसके साथ हुआ था अरे
अरे सर खाते में पैसे के अलावा और भी चीजें हैं जो मैं आपको बताना चाहता हूं सर मैनेजर ने फिर से अपनी फोन पर उंगलियां फेराई और बोला सर एक तो आपके खाते में एक फरारी जुड़ी हुई दिखा रहा है सर इसके अलावा आपके खाते में 2 किलो सोने की 100 ईंट रखी हुई हैं 5 किलो सोने की 20 ईंट पिकासो की तीन असली पेंटिंग है 20 हीरे हैं 24 कैरेट के और और और भी बहुत कुछ है सर मैनेजर ने हाफ हुए और अपने पसीने साफ करते हुए कहा इतना सारा धन देखने के बाद
शशिकांत की आंखें तो बाहर ही निकल आई थी उसने कभी लकी जितना अमीर आदमी अपनी जिंदगी में नहीं देखा था जितना पैसा और सोना और जायदाद उसके पास था उसका 10 पर भी इस ब्रांच में किसी और के पास नहीं था ठीक है चलो मुझे एक कार्ड दे दो तुम लकी ने अपने दोनों हाथों को अपने सिर के पीछे रखते हुए कहा जी जी सर मैं अभी आपके लिए एक नया कार्ड बनवा देता हूं सर मुझे बस 10 मिनट दीजिए सर बस 10 मिनट शशिकांत ने कहा और फिर लकी के सामने ही निकल गया जितनी
देर में लकी ने अपने फोन पर फिर से उस मैसेज को खोलकर देखा उतनी ही देर में मैनेजर उसके लिए एक चमकता हुआ सुप्रीम कार्ड लेकर उसके सामने आ गया था लेकिन उस कार्ड को देखने के बाद ना जाने क्यों मैनेजर को ऐसा लग रहा था कि यह कार्ड लकी की संपत्ति के आगे कुछ भी नहीं था फिर भी मैनेजर इसमें कुछ नहीं कर सकता था क्योंकि वो जानता था कि उसके पास इस ब्रांच में इससे बड़ा और कोई कार्ड नहीं था इसलिए फिलहाल वह लकी को यही दे सकता था उसने उस कार्ड पर लकी
का पूरा नाम लक्ष्मण लाल अग्रवाल गुदवा दिया था लीजिए सर आपका कार्ड पासवर्ड वगैरह सर आपको ईमेल पर मिल जाएगा शशिकांत ने मुस्कुराते हुए कहा और वह लकी के सामने हाथ बांधकर खड़ा हो गया इधर लकी ने उस कार्ड को उलट पलट कर देखा और फिर अपनी जगह से खड़ा होकर वह बाहर निकलने लगा शशिकांत का मन तो यही कर रहा था कि व उसे दरवा तक छोड़ने जाए लेकिन उसकी ड्यूटी इसी ऑफिस में थी और वह किसी को बाहर छोड़ने नहीं जा सकता था फिर भी वह लकी के लिए दरवाजा खोलने के लिए आगे
आ गया था इधर यास्मीन अपनी केबिन में अपना सिर पकड़े हुए बैठी थी उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर अंदर चल क्या रहा था एक पल को तो उसे लगा कि लकी पागल नहीं बल्कि बदमाश था कोई और उसने शशिकांत को बंदी बना लिया था लेकिन जब वो लकी के लिए कार्ड लाने के लिए अपने दफ्तर से बाहर आया तो यासमीन को लगा कि कुछ गड़बड़ नहीं हुई थी फिर यह इतनी जल्दी में कहां जा रहे हैं उसने अपने आप से पूछा शशिकांत को सुरक्षित देख बैंक के बाकी लोग भी दरवाजे पर से
पीछे हट गए थे वैसे भी उसे देखते ही सब लोग अपनी-अपनी जगह पर वापस दौड़े चले जाते थे शशिकांत का खौफ ही ऐसा था कि उसकी आंखों की झलक भर से खड़ा कर्मचारी जाकर अपनी कुर्सी पर बैठ जाता था लेकिन एक बार शशिकांत के बाहर आने के बाद वह दोबारा बाहर नहीं आया था और ना ही लकी कमरे से बाहर आया था इधर यास्मीन पर परेशान हुए जा रही थी वह जानती थी कि अगर कुछ भी गड़बड़ हुआ तो सबसे पहले उसकी नौकरी जाने वाली थी उसने बड़ी मुश्किल से और मेहनत करके इस नौकरी को
हासिल किया था और वह किसी पागल की वजह से इसे अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी जैसे ही परेशान यास्मिन ने अपनी नजर उठाकर फिर से उस कमरे की ओर देखा तो पाया कि लकी बहुत ही आराम से उस कमरे से बाहर निकलकर दरवाजे की ओर बढ़ता चला जा रहा था ए रुको तुम इस तरह नहीं जा सकते यास्मीन जोर से चिल्लाई और भागते हुए लकी के पास चली गई तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई जबरदस्ती हमारे वीआईपी रूम में घुसे चले जाने की यास्मिन ने गुस्से में पूछा उसका मन तो यही कर रहा था
कि वह अभी लकी का गिरेबान पकड़कर उसे झकझोर दे लेकिन उसने अपने आप को रोक रखा था मैंने पहले भी कहा था ना आपसे मैं यहां सिर्फ अपना पैसा लेने आया था और कुछ नहीं लकी ने कहा और मुस्कुराने लगा यास्मीन ने देखा कि उसके हाथ में एक सुप्रीम कार्ड था और वह उसकी उंगलियों के बीच चमक रहा था यास्मिन के दिमाग में आया कि लकी ने यह कार्ड कहीं अंदर से चुरा तो नहीं लिया और इससे पहले कि वह यहां से चोरी करके भागता यास्मिन जोर से चिल्लाई सिक्योरिटी सिक्योरिटी उसकी आवाज को सुनते ही
दो बंदूक वाले कार्ड भागे भागे यास्मिन के पास आ गए यह चोरी करके भाग रहा है पकड़ो इसे लकी ने जब यास्मिन के मुंह से यह बात सुनी तो उसके कान खड़े हो गए इससे पहले कि वह वहां से अपनी जान बचाकर भाग पाता सिक्योरिटी वालों ने उसे धर दबोच लिया था और फिर उसकी जेब टटोलने लगे थे इधर यासमीन ने देखा कि उस सुप्रीम कार्ड पर उसने अपना नाम भी गुदवा लिया था तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुमने शशिकांत सर को डराकर अपना नाम भी लिखवा लिया इस पर इसकी जेब चेक करो यास्मिन ने गुस्से
से कहा दोनों में से एक गार्ड लकी की जेब टटोलने लगा था लकी की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह लड़की उससे समझ क्या रही थी अगर उसे उसके खाते या उसकी संपत्ति या सिर्फ इसके परिवार के बारे में भी पता चल जाता तो भी उसके पैरों में गिर जाती इससे पहले कि लकी अपनी सफाई में कुछ कह पाता एक गार्ड बोला मैडम इसकी जेब में तो कुछ नहीं है बल्कि फटी हुई जेब है इसकी तभी उसकी बात सुनकर दूसरे सिपाही ने कहा मैडम हो सकता है ये इसी जेब में चाकू रख
कर लाया हो और उसको निकालते वक्त उसी चाकू से इसकी जेब फट गई होगी मुझे तो ऐसा ही लग रहा है दूसरे सिपाही ने अपनी लड़खड़ी जबान में बोला अरे पागल हो क्या यह सब आप लोग क्या बोल रहे हो शशिका इससे पहले कि लकी आके कुछ बोल पाता एक गार्ड ने उसके दोनों हाथों को मरोड़ दिया था इधर यास्मीन अपने मन में सोच रही थी कि अगर वह चाकू लाया था तो फिर वह चला कहां गया था बाप रे अचानक से यास्मिन की आंखें बड़ी सी हो गई थी उसे लगा कि लकी ने उस
चाकू से शशिकांत का खून कर दिया था यास्मीन ने तुरंत अपना फोन निकाला और पुलिस को फोन मिलाते हुए कहा हेलो पुलिस स्टेशन मैं न्यू सिटी बैंक से बोल रही हूं हमारे बैंक में एक सनकी चोर घ आया है और उसने हमारे कस्टमर मैनेजर का खून कर दिया है आप प्लीज जल्दी आ जाइए सर यास्मिन ने घबराते हुए कहा और फोन रख दिया तब तक दोनों गार्ड ने लकी को नीचे घुटनों के बल बैठा दिया था और उसके सिर पर बंदूक तान दी थी जैसे ही बाकी लोगों ने भी अपनी आंखों के सामने यह मंजर
देखा तो वो सब लोग भी लकी के आसपास घेरा बनाकर खड़े हो गए अंदर बैठे मैनेजर ने जब इस हलचल को देखा तो वह भी अपना सारा सिस्टम बंद करके बाहर आ गया अरे क्या हो रहा है यह सब उसने जोर से आवाज देते हुए पूछा जैसे ही सब लोगों ने उसकी आवाज सुनी तो वह चौक गए और शशिकांत वर्मा की ओर देखने लगे देखने वालों में यासमीन भी शामिल थी और उसने देखा कि उसका मैनेजर तो जिंदा है और सही सलामत उसकी आंखों के सामने खड़ा था सर आप जिंदा हैं यास्मीन ने खुशी और
आश्चर्य भरे भाव के साथ शशिकांत की ओर देखते हुए कहा लेकिन अगले ही पल उसकी खुशी की जगह दुख ने ले ली थी उसे एहसास हो रहा था कि आखिर उसने कितनी बड़ी गलती कर दी थी यास्मिन ने अपनी ही जुबान काट ली थी और उसके जले पर नमक छिड़का शशिकांत ने उसने कहा मैं क्यों इतनी जल्दी मरने लगा और तुमने यह सब क्या तमाशा लगा रखा है उसने कहा और फिर उस भीड़ की ओर बढ़ने लगा जैसे ही वह आगे आया उसने देखा कि उन लोगों ने लकी को गन पॉइंट पर बैठा रखा है
अरे किसने किया किसने किया यह शशिकांत तुरंत लकी की ओर दौड़ा और उसने उसके पास खड़े दोनों गार्ड्स को हटा दिया फिर लकी को उठाने के लिए उसने अपना हाथ उसकी ओर बढ़ा दिया और बोला सर आईम आई एम रियली सॉरी सर इस बेवकूफी के लिए मैं आपसे माफी मांगता हूं सर आई एम रियली सॉरी सर शशिकांत उसके पैरों में ही गिरने को हो गया था लकी उसका हाथ पकड़कर खड़ा हुआ और फिर यास्मीन की ओर घूरने लगा आप पूछ रहे थे ना य किसने किया इसने किया है यह और इसने सिर्फ इतना ही नहीं
किया बल्कि इसने पुलिस को भी बुला लिया है इसे लग रहा है कि मैं कोई क्रिमिनल हूं जिसने आपका खून कर दिया है और आपसे यह कार्ड चुरा आ कर भाग रहा हूं यह काड जो आपने मुझे दिया है लकी ने यास्मीन की ओर उंगली दिखाते हुए गुस्से में कहा अचानक ही सब लोग थोड़ा पीछे हटकर यास्मीन को देखने लगे थे यास्मीन घबराई हुई सी फर्श पर तो कभी छत को देखे जा रही थी यास्मिन जो मैं सुन रहा हूं क्या वह सच है शशिकांत ने यास्मिन को घूरते हुए गुस्से में पूछा उसकी आंखों में
छुपे गुस्से को यास्मीन बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी इसलिए उसकी ना तो लकी से और ना ही शशिकांत से नजर मिलाने की की हिम्मत हो रही थी फिर भी वह जानती थी कि उसका चुप रहना इस वक्त उसके लिए बहुत खतरनाक हो सकता था इसलिए उसने कहा सर यह सब मेरी गलती है सर ये मेरी बहुत बड़ी मिसअंडरस्टैंडिंग है सर मुझे लगा कि यह जबरदस्ती अंदर घुस आया है और इसने इसने आपके ऊपर हमला करके आपसे जबरदस्ती यह कार्ड बनवा लिया है और फिर आपको मार दिया है सर यास्मीन ने घबराते हुए कहा उसकी
डरी सहमी सी आंखों में अब आंसू ही आ गए थे मैनेजर ने जब उसकी यह बात सु तो उसने अपना सिर पकड़ लिया यास्मीन जैसी समझदार लड़की इतनी बड़ी भूल कैसे कर सकती थी उसने लकी को पहचाना ही नहीं था खैर मैनेजर को लगा कि इसमें उसकी कोई गलती नहीं थी जब वह खुद लकी को नहीं पहचान पाया था तो फिर यासमीन कैसे पहचान पाती इसलिए उसने सोचा कि सबके सामने उसे कुछ कहने से अच्छा था कि वह यास्मीन को एक कोने में ले जाकर लकी की सच्चाई बताए शशिकांत ने उसका हाथ पकड़ा और उसे
खींच करर अपने साथ खंबे के पास ले गया और बोला तुम्हें मालूम हैय ये कौन है अरे ये लक्ष्मण अग्रवाल है लक्ष्मण अग्रवाल खानदान का वारिस तुम्हें पता है ना कि अग्रवाल खानदान का खाता हमारे बैंक की जितनी भी शाखाएं है उसमें सबसे बड़ा खाता है यासमीन ने जैसे ही यह नाम सुना उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई थी वो जानती थी कि अगर न्यू सीडी बैंक इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचा था तो उसके पीछे अग्रवाल खानदान का सबसे बड़ा हाथ था इस बात का जिक्र उससे तब भी किया गया था जब उसने नौकरी
जवाइन की थी तुम्हें पता है इस लड़के के नाम पर कितनी प्रॉपर्टी है यह अपने दम पर ना इस पूरे एरिया को खरीद सकता है शशिकांत ने यास्मिन से कहा यास्मीन जैसे-जैसे लकी को देखी जा रही थी वो बड़ी-बड़ी आंखों से उसे घूरे जा रही थी लकी कभी उन दोनों को देख रहा था तो कभी अपने आसपास खड़े लोगों को देख रहा था अब सबसे पहले तो पुलिस को फोन करो और उनसे कहो कि हमसे गलती हो गई थी और उसके बाद जाकर तुम उनसे भी माफी मांगो और अगर उन्होंने तुम्हें माफ कर दिया तो
तुम्हारी किस्मत वरना समझ लेना कि तुम्हारी नौकरी चली गई शशिकांत ने कहा और दौड़कर लकी के पास जाकर खड़ा हो गया इधर यास्मीन अभी भी वहीं पर खड़ी थी अभी-अभी जो शशिकांत उसे बता कर गया था वो यास्मीन पचा नहीं पा रही थी उसे लग रहा था कि इसमें उसकी कोई गलती नहीं थी लेकिन कोई उसकी सुनने वाला नहीं था बैंक उस छोटी सी मैनेजर के चक्कर में अपने सबसे बड़े कस्टमर को छोड़ने वाला तो नहीं था अब मेरे पास और कोई रास्ता नहीं बचा है यास्मिन ने निराश होते हुए अपने आप से कहा और
फिर अपनी जेब से फोन निकालकर पुलिस थाने में फोन लगाया जैसे ही यास्मिन ने पुलिस वालों से यह कहा कि उससे गलती हो गई और जिसे वह बदमाश समझ रही थी असल में वह बदमाश नहीं बल्कि शहर के सबसे बड़े रईस का बेटा था तो उधर से आवाज आई मैडम सॉरी लेकिन अब तो गाड़ी निकल गई है वहां पहुंचती होगी अब आपको जो भी कहना है इंस्पेक्टर साहब से कह देना और उस पुलिस वाले ने फोन काट दिया मर गए यास्मिन ने अपने आप से निराश होते हुए कहा उसके हाथ थरथर कांप रहे थे उसे
समझ नहीं आ रहा था कि अब वो क्या करें अब उसके पास लकी से माफी मांगने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था लेकिन अगर लकी सर ने मुझे माफ नहीं किया और उल्टा मेरे ऊपर डिफ मेशन का चार्ज लगा दिया तो यास्मीन ने अपने आप से कहा और वह अब और भी ज्यादा घबरा गई थी उसने देखा कि लकी उसे घूर कर देख रहा था शशिकांत पूरी कोशिश कर रहा था कि वह लकी को शांत करवा सके लेकिन लकी वहां से हिलने का नाम तक नहीं ले रहा था यास्मीन उसके पास पहुंच गई
थी वैसे तो वह जानती थी कि उसे माफी मांगने से उसकी किस्मत बदलने वाली तो थी नहीं फिर भी उसने एक बार कोशिश करनी चाहि और लकी से कहा सर मैं आपको गलत समझ रही थी सर एक्चुअली आपके यास्मिन ने उसके कपड़े को देखा और एक सांस लेते हुए आगे बोली सर प्लीज मुझे माफ कर दीजिए सर मेरी इंटेंशन आपको हर्ट करने की बिल्कुल भी नहीं थी मैं तो जो कुछ कर रही थी बैंक की सेफ्टी के लिए कर रही थी सर यास्मिन ने गिरगिर हुए कहा और नीचे देखने लगी इट्स ओके कोई बात नहीं
है लकी ने कहा और उसके हाथ से अपना सुप्रीम कार्ड लेकर निकल गया यास्मीन को को अपने कानों पर तो विश्वास ही नहीं हो रहा था वो मान ही नहीं पा रही थी कि लकी ने उसे माफ कर दिया था उधर लकी को अपने आप पर विश्वास नहीं हो रहा था कि वो रातों-रात इतना अमीर हो गया था आखिर लकी इतने पैसों का क्या करने वाला था क्या उसके खाते की बैलेंस की तरह वह भी रातों-रात बदल जाता यह पैसा उसकी जिंदगी को क्या दिशा देने वाले थे लकी न्यू सिटी बैंक से अपना सुप्रीम कार्ड
लेकर निकल रहा था असल में उसे क्लास में जाने में देर हो रही थी इसलिए वह बिना यास्मीन से कुछ कहे या उसे सबक सिखाए वहां से निकल गया था लकी दिल्ली यूनिवर्सिटी के ही एक कॉलेज में पढ़ता था जैसे ही वह कॉलेज के अंदर दाखिल हुआ उसके पैर एक कीचड़ से भड़े गड्ढे में पड़ गए ओ शिट उसने अपने आप से कहा और अपने जूतों को पास की सड़क पर साफ करने लगा वह कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन के दफ्तर की ओर देखकर उसे कोस रहा था कॉलेज की सड़कों पर इतने सारे गड्ढे हो गए थे लेकिन
वो लोग एक भी गड्ढा नहीं भरवा रहे थे जब भी लकी इस चीज की कंप्लेन कर ने के लिए वहां जाता तो वह इसे यह कह देते कि फंड ही नहीं है उसने जैसे तैसे अपना जूता तो साफ कर लिया था लेकिन वह अपनी पैंट पर लगे कीचड़ के दाग को साफ नहीं कर पाया था वह बाथरूम की ओर जा पाता इतने में क्लास की घंटी बज गई वह भागते हुए क्लास में पहुंचा उसने दरवाजे के बाहर से ही देखा कि प्रोफेसर कमलनाथ मिश्रा पोडियम पर आ गए थे और उन्होंने आज के लेक्चर की शुरुआत
भी कर दी थी जैसे ही उनकी नजर बाहर खड़े लकी पर पड़ी तो उनकी आंखें निराशा से भर आई इधर लकी का सिर भी से झुक गया था और उसे अंदर ही अंदर बुरा लग रहा था कॉलेज में जितने भी प्रोफेसर थे उनमें से कमलनाथ जी को लकी सबसे ज्यादा पसंद करता था बाकी प्रोफेसर्स यह बात जानते थे कि लकी पढ़ाई के साथ-साथ जॉब भी करता था इसलिए उसका पढ़ाई में ध्यान नहीं था इसलिए वह भी लकी के ऊपर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे कुछ लोग तो पूरी क्लास के सामने उसका मजाक भी उड़ाते थे
लेकिन सिर्फ कमलनाथ जी ही ऐसे प्रोफेसर थे जो उसके साथ बराबरी का व्यवहार करते थे लकी बिना कुछ कहे वैसे ही अपना सिर नीचे झुकाए क्लास में दाखिल हो हो गया जैसे ही उसके पैर क्लास में पढ़े सभी लोग उसकी ओर देखने लगे अबे यह फटीचर कब से लेट आने लगा सूरज पश्चिम से उग सकता है लेकिन यह कभी लेट नहीं हो सकता आज क्या हो गया ऐसे एक लड़के ने लकी को चढ़ाते हुए कहा अबे यार इसकी पैंट तो देख कितनी गंदी है भाई क्लास में लड़कियां भी होती हैं कम से कम कपड़े तो
ढंग से पहन के आ यार दूसरे लड़के ने कहा और उसकी यह बात सुनकर उसके पास बैठी लड़की हंस द और बोली अरे कहां से पैन कराता कपड़े के लिए तो पैसे हैं नहीं इसके पास एक यह कपड़ा है इसके पास बहुत है इसके लिए क्लास में बैठे सभी लोगों ने लकी के ऊपर फफ दियां कसनी शुरू कर दी थी हर कोई उसके ऊपर कुछ ना कुछ कहे जा रहा था ऐसा नहीं था कि लकी ये सब आज ही सुन रहा था इस तरह की फतियों का सामना वह रोज करता था रोज उसे ऐसी बातें
सुनकर बुरा भी लगता था और आज भी उसने अपना सिर नीचे तो झुका लिया था लेकिन आज उसके चेहरे पर एक मुस्कान थी इन लोगों को पता नहीं था कि यह अनलकी आज कितना लकी होकर आ रहा है जैसे ही क्लास में बैठे बच्चों का शोर बढ़ने लगा उधर से कमलनाथ जी ने चिल्लाते हुए कहा आपस में बात करना बंद करो अगर तुम लोग इस तरह बात करते रहोगे तो मैं आगे नहीं पढ़ाऊंगा सभी लोग शांत होकर उनकी बात सुनने लग गए तब तक लकी भी अपनी कुर्सी पर जाकर बैठ गया था कमलनाथ जी ने
फिर से पढ़ाना शुरू किया और पढ़ाते पढ़ाते ना जाने क्यों उनकी नजर बार-बार लकी की ओर जा रही थी लकी को समझ नहीं आ रहा था कि कमलनाथ जी ऐसा जानबूझकर कर रहे थे उनकी आंखों को देखकर ऐसा लग रहा था कि उनमें लकी के लिए ढेर सारा गुस्सा भरा हुआ था उसे ऐसा लग रहा था कि शायद वह अपने प्रोफेसर की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा था थोड़ी ही देर में कमलनाथ जी की क्लास खत्म हो गई बच्चों आज की क्लास यही खत्म होती है कल आप सबको क्या काम करके लाना है वह
मैंने यहां लिख दिया है कल मिलते हैं आप सबसे कमलनाथ जी ने कहा और क्लास के बाहर चले गए जैसे ही वह बाहर गए पीछे वाले दरवाजे से किसी की आवाज आई डिंबल जैसे ही वह आवाज सबके कानों में पड़ी सब लोग क्लास के पीछे वाले दरवाजे की ओर देखने लगे वहां कोई और नहीं बल्कि डिंपल का नया बॉयफ्रेंड राहुल खड़ा था यह लोग राहुल को अच्छी तरह से जानते थे राहुल ने दरवाजे से झांक कर देखा तो वहां कोई नहीं था वह धीरे-धीरे कमरे में दाखिल हुआ और सीधा डिंपल के पास चला गया डिंपल
खिड़की के पास बैठी हुई थी जैसे ही राहुल उसके पास पहुंचा डिंपल ने अपने हाथ उसकी गर्दन में किसी हार की तरह डाल दिए और उसकी बहु में झूम उठी उधर राहुल ने भी डिंपल को सबके सामने चूम लिया था यह नजारा देखते ही सबकी नजरें लकी के ऊपर जाट की सबको अभी तक तो यही पता था कि डिंपल लकी की गर्लफ्रेंड है किसी को इस बात की खबर नहीं थी कि उन दोनों का ब्रेकअप हो गया था डिंपल को राहुल की बाहों में देखकर लकी के तन बदन में आग तो लग गई थी लेकिन
फिर भी वह शांत होकर वहीं बैठा हुआ था और उसने अपने गुस्से पर काबू कर लिया था अरे भाई लकी क्या हो रहा है ये सब डि डिंपल राहुल के साथ कैसे उसके एक दोस्त ने आकर लकी से कहा होने देना यार जो हो रहा है छोड़ ना लकी ने कहा उसका इस बारे में किसी से बात करने का कोई मन नहीं हो रहा था अरे भाई तुझे पता है वह राहुल कितना चालू आदमी है अभी तक इस कॉलेज की पांच लड़कियों को फंसा चुका है और यह डिंपल छठी है लकी के दोस्त प्रीतम ने
उससे कहा उसकी यह बात सुनते ही लकी ने प्रीतम को घूर कर देखा प्रीतम को लगा कि लकी को उसकी बात का बुरा लगा था लेकिन अगले ही पल वो उसे देखकर मुस्कुराया और बोला कोई बात नहीं भाई सबकी अपनी अपनी है यह कहकर लकी डिंपल की ओर देखने लगा जो कि राहुल की बाहों में इतरा रही थी वह जानती नहीं थी कि लकी चाहता तो यहीं खड़े-खड़े राहुल और उसके पिता को उनके कारोबार समेत खरीद सकता था उधर जैसे ही राहुल और डिंपल की नजर भी लकी पर पड़ी तो वह जानबूझकर उसे छेड़ने के
लिए उसके सामने से गुजरने लगे अच्छा लकी सुनना जरा अचानक से डिंपल लकी के सामने रुकी और बोली उसने अभी भी राहुल की कमर में अपना एक हाथ डाल रखा था फिर उसने अपने दूसरे हाथ से अपना मोबाइल निकाला और उसका कवर खोलकर लकी के मुंह पर फेंक दिया और बोली अब क्योंकि मैं तुम्हारे साथ नहीं हूं इसलिए मुझे तुम्हारे इस बेकार से कवर की कोई जरूरत नहीं इसे तुम अपने पास रख सकते हो लखी ने उससे कुछ नहीं कहा और नीचे गिरा वह कवर उठाकर अपनी टेबल पर रख दिया बेबी इसने तुम्हें कवर गिफ्ट
किया कवर कौन गिफ्ट में देता है भाई राहुल ने उसके सामने ही डिंपल से कहा राहुल लकी को नीचा दिखाने का एक भी मौका अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था लकी अंदर ही अंदर मुस्कुरा रहा था डिंपल ने राहुल की ओर देखा और बोली बेबी बात यह है कि जिसकी मोबाइल खरीद कर गिफ्ट करने की औकात नहीं होगी वो सिर्फ कवर ही तो गिफ्ट कर सकता है ना और क्या कोई बात नहीं बेबी मैं आज ही तुम्हें एक नया फोन दिलवा हूं आ जाओ चलते हैं कनट प्लेस और वहां से लाते हैं बेबी
के लिए एक नया-नया फोन राहुल ने कहा लकी का मन तो यही कर रहा था कि वह जोर से राहुल के ऊपर हंसे लेकिन उसने अपनी हंसी को रोक लिया था हां बेबी हम ना एक पहले नया फोन खरीदेंगे और फिर उस फोन की पार्टी भी करेंगे और उसके बाद आज डिंपल ने कहा और राहुल के चेहरे पर उंगलियां फिराने लगी राहुल भी और लकी भी उसके इशारे को समझ गए थे लकी जानता था कि यह सब सिर्फ उसे चिढ़ाने के लिए वो कर रही थी लेकिन लकी को खुद के लिए नहीं बल्कि डिंपल के
लिए बुरा लग रहा था वो मन ही मन यह सोच रहा था कि अगर डिंपल थोड़ा सा बस थोड़ा सा और इंतजार कर लेती तो आज लकी उसके लिए फोन की पूरी दुकान खरीद कर रख देता भाई यह सब क्या हो रहा है तेरे सामने ये सब हो रहा है और तू बस मुस्कुराए जा रहा है गुस्सा नहीं आ रहा तुझे प्रीतम ने लकी से पूछा नहीं यार जो हो रहा है अच्छा ही हो रहा है जो होता है वह भी अच्छे के लिए होता है इसलिए चल यार छोड़ लकी ने कहा और फिर राहुल
और डिंपल की ओर देखने लगा अब उन दोनों की नजर लग के मुस्कुराते हुए चेहरे पर पड़ी तो वह अंदर से भवकुंज ही नहीं था जब अपनी इस बातों का लकी के ऊपर कोई असर होता नहीं दिखा तो डिंपल राहुल से बोली बेबी चलो यहां से बेबी नहीं बेबी हबी आज से तुम मुझे हभी बोलोगी और मैं तुम्हें बोलूंगा मेरी प्यारी वाइफी राहुल ने कहा और लकी के सामने ही डिंपल को चूम लिया यह देखते ही लकी थोड़ा सा जल भुन तो गया और उसका जवाब भी वो राहुल को देना चाहता था इसलिए उसने कहा
डिंपल यह सब क्यों कर रही हो तुम क्या दिखाना चाहती हो इससे लकी को डिंपल का ऐसा रूप देखकर उसी के लिए बुरा लग रहा था राहुल की किसी बात का तो लकी के ऊपर कोई असर ही नहीं हुआ लेकिन लकी की इस बात का राहुल को जरूर बुरा लग गया था उसने गुस्से से अपनी नाक फुला हुए कहा ओए फटीचर ज्यादा बकवास करने की जरूरत नहीं है आज के बाद अगर तूने मेरी डिंपल के बारे में कुछ कहा या उसकी तरफ आंख उठाकर भी देखा ना तो मैं राजपथ पर तेरी परेड करवा दूंगा रहन
दे भाई उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी मैं खराब चीज ना तो देखता हूं और ना ही उसके बारे में बात करता हूं लकी ने कहा और फिर से प्रीतम की ओर देखकर हंसने लगा जिस तरह से लकी आज राहुल के मुंह पर जवाब पर जवाब फेंक कर मार रहा था प्रीतम को तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि यह वही लकी है जो उसका दोस्त हुआ करता था उधर राहुल उसका जवाब सुनकर गुस्से से लबरेज हो रहा था वोह लकी को सबक सिखाने के लिए अपना घूंसा तानकर उसकी दिशा में बढ़ा ही रहा था कि
इतने ही में पीछे से एक लड़की की आवाज आई डिंपल सब लोगों ने फिर से उस आवाज की ओर देखा वहां पर एक थोड़े छोटे कद की लड़की खड़ी थी और वह गुस्से से डिंपल की ओर देख रही थी उसकी आंखों पर चश्मा लगा था और उसके बाल खुले हुए थे अब तू हद से आगे बढ़ती जा रही है डिंपल लकी जैसे लड़के को छोड़कर तू इस एक नंबर के लफंगे लड़के के साथ पड़ी है तुझे तो कॉलेज के किसी गड्ढे में जाकर डूब मारना चाहिए साक्षी क्या कह रही है तू सुबान संभाल अपनी डिंपल
ने कहा राहुल के बारे में बुराई नहीं बल्कि लकी के बारे में अच्छी बातें सुनकर डिंपल का मन खराब हो गया था जब डिंपल लकी के साथ थी तो उसकी साक्षी से भी अच्छी दोस्ती थी साक्षी एक बहुत ही सुलझी हुई लड़की थी जब भी डिंपल और लकी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा होता तो डिंपल उसे सुलझाने के लिए अक्सर साक्षी की ही मदद लेती थी मैं जो कह रही हूं ना सही कह रही हूं तुझे सीरियसली शर्म आनी चाहिए डिंपल मैंने कभी नहीं सोचा था कि तू ऐसी लड़की निकलेगी लकी जैसा बंदा
ना तुझे कहीं नहीं मिलेगा साक्षी ने कहा और एक कदम आगे आ गई इधर लकी ने देखा कि साक्षी की बात सुनते ही राहुल के कान खड़े हो गए थे लेकिन वो सच बोल रही थी इसलिए राहुल भी कुछ नहीं कर सकता था साक्षी लकी के पास आकर खड़ी हुई और बोली तू इतनी जल्दी कैसे भूल गई यार लकी तेरे लिए हर टफ टाइम में खड़ा रहा था जब भी तू बीमार होती थी और तेरे खड़े होने की भी हालत नहीं होती थी तो बेचारा तेरे लिए खाना बनाता था तेरे कपड़े धोता था और तो
और तेरे लिए दवाई तक लेक आता था तुझे याद है ना जब हम हिमाचल घूमने गए थे और तेरे पैर में मोच आ गई थी तो यह बेचारा अपनी नौकरी छोड़कर भागा भागा रात में हमारे पास आ गया था इतना प्यार किया इसने तुझसे और तू इसे छोड़कर जा रही है साक्षी ने कहा अपने लिए साक्षी के मुंह से इतना सब कुछ सुन लेने के बाद लकी ने अपनी गर्दन नीचे झुका ली थी उसे डिंपल के साथ बिताए वह सारे लम्हे याद आ रहे थे वह डिंपल के ऊपर जान छिड़क था उसका बस चलता तो
वह डिंपल को अपनी हथेलियों पर लेकर घूमता भले ही उस वक्त उसके पास पैसे नहीं थे लेकिन वह फिर भी डिंपल की छोटी सी छोटी डिमांड को पूरा करने के लिए अपनी जान लगा देता था जो कवर डिंपल ने उसके मुंह पर फेंक कर मारा था वह कवर को खरीदने के लिए लकी ने दिन तक ओवरटाइम किया था लकी को जैसे ही यह सब याद आया उसकी पलकों की कोरे भीं गई थी इधर साक्षी की बात पूरी नहीं हुई थी उसने आगे कहा अरे यह लकी अपनी छोटी सी सैलरी में से भी रोज तेरे गोल
गप्पे के लिए पैसे निकाल लेता था तुझे नहीं पता है मुझे पता है कि आज भी एक बाइक खरीदने के लिए बंदा तेरे लिए पैसे जुटा रहा था रोज दाल और रोटी खा रहा है सिर्फ इसलिए ताकि तुझे बाइक पर घुमा सके और तू ऐसे आदमी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है यह सब सुनकर डिंपल का चेहरा ही बुझ गया था उसे भी साक्षी की कई बातें दिल पर लग रही थी लेकिन इस वक्त वह राहुल के साथ थी और उसका हाथ राहुल की कमर में था वह चाहकर भी राहुल के खिलाफ ना
तो कुछ बोल सकती थी और ना ही कुछ सुन सकती थी इसलिए उसने अपने बचाव में कहा हां तो यह तो इसका प्रॉब्लम है ना मैंने इससे पहले ही कहा था कि ये मेरा प्यार अफोर्ड नहीं कर पाएगा तो फिर यह मेरे साथ इतना आगे क्यों बढ़ा आज अगर मैं चीज सैंडविच खा सकती हूं तो फिर मैं बिना घी वाली रोटी क्यों खाऊं लकी डिंपल की यह बात सब सुन रहा था और उससे पहले कि वह कुछ जवाब देता अचानक उसका फोन बज उठा उसने मोबाइल निकाल कर देखा तो पाया कि किसी अनजान नंबर से
उसे फोन आया था साक्षी और डिंपल के बीच हो रही बहस के बीच ही लकी फोन उठाने के लिए वहां से निकल गया देखा कितनी बदतमीजी से उठ के चला गया चलो अभी डिंपल ने राहुल के हाथ को कस कर पकड़ा और निकल गई इधर फोन पर लकी कुछ बोलता उससे पहले ही दूसरी तरफ से आवाज आई बहुत हो गया लक्ष्मण अब बस घर आ जा जल्दी से यह आवाज सुनते ही लकी एक पल में उसे पहचान गया था उसके दिमाग से डिंपल के सारे खयालात चले गए थे और सिर्फ उस आवाज को सुनकर ही
उसकी आंखें भीं आई थी आखिर किसकी थी वह आवाज किसका फोन आया था लकी को जो उसका घर पर इंतजार कर रहा था क्यों आखिर लकी की आंखें भीं आई थी जानने के लिए सुनते रहे इं मिलियनेयर ओनली ऑन पकेट एफएम डाउनलोड द पकेट एफएम प नाउ