[संगीत] शशि कलजी मेला प्रीत कर हाजरा जी हरपाल सिंह द्वारा लिखी गई मुंडे दी फोटो निहार रही थी आज उसने मुंडे हरजीत सिंह था जन्मदिन है विष्णु कौर दे चूड़ियां वाले चेहरे तो हॉकी हट्रु कनाडा के अनुसार हो गए सी पर दो नंबर से जानकर के वो अजय तक पक्का नहीं हो पाया सी तो इधर हर पाल हर दिन हर महीने कमल पानी डा गिलास लेकर आई केवल सिंह ने पानी डा गिलास पढ़ लिया कुर्सी पर बैठ गया केवल सिंह तो पूछा वह पाल यह मां से 7 पैसे दे डन पर की जमीन के कागज
मंगदा गैनी रखना पहनकर [संगीत] हो ही जाऊं हौसला रखूं कुड़ी नौकर थोड़ी बैठे रखना श्री के जब गला हुंडियां के साल हो चलिए रिश्ते न्यू बाया क्यों नहीं कर दे व्याधि गली शुरू होते ही कमल अंदर चली गई इस बेबी कैन लगे बिना जीते थे कुड़ी डा व्य कीड़ा करिए रिश्ता हल्दी गाल कर दिया [संगीत] समेट जी रफ्तार नल दौड़ रेहसी जी में बेलगांव कूड़े की तरह हरजीत ने सोच लिया सी के जल्दी पक्का हो जा मांगा पर 4 साल बीट गए उससे प्यार इस जिंदगी रिया जो की इस क्लासी उसका भी विवाह पिछले साल
के थे हो गया अपना दर्द किस छोटी चाहिए परियों जिमेवारियां सन हरजीत बैठा सी अपनी बेसमेंट वाले कमरे जचता मां बड़ा उदास से पुरानी गिफ्ट कीर्ति सी जो आज भी हर जीत ने बन्नी सी रिया ने उसने कहा से उन्नत ब्याह हो जावेगा तब वो कठे कनाडा जान के पर वक्त ने आज की तू की बना देता जीते थे व्हाट्सएप हायरिंग वी जीता उसने देखिए की इस पान का मालदा मैसेज से हैप्पी बर्थडे ना मामा मैं आया था की होय टेंशन रख के पैसे ले लो ₹5 लाख मैं 4 महीने तक का दूंगा किसी कर्ष
उदा ले उन्होंने देती क्या की उसने फोन कैट देता तो ऊंची ऊंची रोन लॉग पिया ओ दी प्यारी बहन दे बास श्यामल ना हो पाउंड में लाल उसे आंख भी तड़प सिर्फ परदेसी ही जान सक देने उसे यहां आगे वह सब पलकों में जादौन में एक पाल भी दूर ना हूं देसी करिए कोई ना लालजी की करिए मजबूरी दिल तो कागज पर वाले ना लालजी बस मीरबानी तोहार दे के होकर नट और नहीं सी रहे बस एक बात अलग रहस्य इधर हरजीत भी कम कर दी तलाश हमारा फिरदा सी पर कम नहीं सी मिल रहा
हालांकि इस से की मासी भी उससे कुछ दूर ही सी पर बाहर देशांतर रिश्ते वाले घोड़े नहीं रहते हरजीत कुछ तेरी शुरू ना खोल रहा पर मसीन साफ का देता के पुत्र इंतजाम जल्दी कर लवी इतने मुश्किल है तो ए गया [संगीत] कुछ ही दिन पहले बनिया सी उसका फोन आया उसने कहा की हरजी ताज कम है तेरे लिए इकबाल पाकिस्तान तो सी पिछले दो साल तो दिलडा पड़ा सांप से हरजीत नल उसे दिन मुलाकात दास के दिन पालना स्टोर बांदा हरजीत निराबन बॉडी लाली तो पैसे ले अंडे उसने अपने बर्थडे पर आधे मुंडे सनी
नल ले लिया की चल साथ हो ज ते मोटरसाइकिल ते जल्दी आज मांगे पर उसने की पतासी के सनी स्मैक पेंडा दी सी जल पता लगा की उसे चाचा को लेने पैसे नहीं था आज तक उसने अपने दाल दिया करो तू तू हो जान से कोई मदद कर दो 10 चाबी हजार भी पर सर खर्चा कितना हो इस सवाल हरजीत उसकी बेबी बापू दे रहा यही फिक्र हर जीत मूवी कुछ नहीं सी कर का रहा पर वह भी बेबी ला कर से की कार्ड [संगीत] के कोई ना मैं तेनु दे दे एक दिन जीना सब
कुछ हो गया [संगीत] कुछ तो हर जीत ने साड़ी गाल दासी इकबाल ने उसे दर्द समझते हैं की हां कोई ना भाई जान पैसे डा इंतजाम है मेरे कल हर चीज यहां का झांज ए गए वो समझ नहीं पैरेहासिक के कहे पाजी मैं कोई गाल ना पी जान आज ही पढ़ो पैसे तो मेरे नल पहले अगकर दे इन्हीं टेंशन से टक्कर किया था हर जीत न्यू लगा की कोई है जो इस प्रदेश भी उसका भी है कम शुरू हो गए विवाह भी हो गया सब कुछ सुख की संदेह बाढ़ गया हरजीत करूं दूर से जिन्ना
सुनो इस गलता दुख सी के वो अपनी पहन दे व्याज शामली सकल दी खुशी सी के हो इस कढ़ी करदेयन दे कम ए सके [संगीत] बड़ा राय उसने पावन हो गया शाम हो गई दोनों बोतल खोल के बैठे सी पी जान आज तेरे बाल देख के मेनू अपना टाइम ज्यादा गया हो की दान पाजी इसी तरह मेरी सिस्टर जानू एक इंडियन पर आने मेरी मदद की थी अच्छा पाजी टोडा एहसान करें नहीं चुका सकता अल्लाह अल्लाह सब ठीक करो दोनों डर रात तक आपने सुख दुख फूल दे रहे गण कर दे रहे प्रदेश एक दूजे
जैसा हरे दिल की की हुंडी है एक हरजीत इकबाल बखूबी जान दे संवैधता गया हर जीत का कम भी हूं ठीक से उसने एक बार भी पैसे मोड देते ही टाइम नल से दोनों कठे ही रहते सी जिंदगी बड़ी समस्त चल रही थी सब कुछ ठीक से हर जीत हूं लगता सी के बस सब ठीक ही होगा पर अचानक के इंडिया तो अचानक फोन आया ते हरजीत सुन र गया चीन वाले सोच भी नहीं सिख सकता हूं ओड के वापस इंडिया चला जावे पर वो बिना पासपोर्ट दे वापस नहीं से जा सकता है परदेसियों दे
पल्ली ए ही विशुदे थे दुख क्यों लिख देते रब्बा वो ऊंची ऊंची राय पर उसे ऊंचा पकड़ वाला कोई नहीं अंतिम संस्कार भी नहीं सी जा सकता उसका दिल गीता के सब कुछ छांट के चला जावे पर उसने ज्यादा क उससे कनाडा आज ले लिया ताज लिख दिया नहीं सी की करें किस टाइम डालना मगर सब कुछ छठ के सख्त समुद्र दूर होने वाली हर जीत कर लिया ना हो कम पर गया ना बाहर निकले सब कुछ निपट गया संस्कार भी हो गया नासूर पाल पाल रिश्ता मोना देख सके ऐसी होनहारजी दे बापू दे दिया
वो गैलन ज्यादा ए रही है सी के जीते हुए बापू मेनू मेरे पुत्र डा मुंह दिखा दे मरण तो पहले ही मां को दिया आखरी मुलाकात हुई थी हर जीत बापू डर पी गया दाल दूंगा प्यार से जो की हर किसी मुंडे चर किस कुड़ी जाते नहीं जानता हूं हरजीत जादौन में किस बुजुर्गों अपनी मां नजर दी देवरिया अखा चौहान पापड़ी मानव श्रद्धांजलि पीट करें उसने टिकट करवा लेती हरजीत अखंड मापनी मुल्क जा रही 10 कीमती साल जिंदगी दी उसने ग्वालो से बहुत कुछ काम लिया सी पर उसे दिल ने खुशी नहीं सपने पूरे कर
लिए उसने सब कुछ झूठ अपने हंसी फ्लाइट्स बैठ गया पर उसे मंच कोई छह कोई उत्सुकता नहीं सी इंद्र इंडिया हो रही है सानू ते सी शायद हरजी देखकर बापू बीमा सी रोग डॉक्टर अंबेडकर हो रही सी डॉक्टर का जवाब दे गया सी के बस कुछ पलंगड़ा ही मेहमान है और रीता बापू आखिर कार्ड बार गद्दे आकर रुकी हरजीत उतरेगा सब बहरवाल दौड़े इस पहने तेल जया दोनों एक दूजे देगा अपने बापू को लाया बापू ने कोई होश नहीं जूस से सारे उम्मीद नहीं सखी थी हरजी दे बापू ने अखन कोलिया इंच ग गया के
पोट पे आरती आवाज ने उसने मौत दे मुंह तो वापस ले आना हो गई थोड़ा सहारा देकर उठाया था हरजीव न्यू कोटा के साइन ना ललिया दोनों दे हंजू देख इस पहनावे रो पी डॉक्टर आया उसने हरजीविदा जीजा बुला के ले आया सी डॉक्टर हैरान सी की हर जिंदा बापू ठीक ना हो गया थोड़ी ही डर माहौल सुखम हो गया सब रिश्तेदार कर रहे सी हर जीत कर दी सट्टे की कल खड़ा से सारे पूछ रहे सी हरजीत खड़ा अपने पिंड दी श्यामू देख रहे हैं