तुम जानते हो दुनिया का सबसे बड़ा झूठ क्या है? यह कि अमीर लोग मेहनत से अमीर बनते हैं। सच यह है कि जो सच में अमीर हैं वो कभी यह नहीं बताते कि वो अमीर कैसे बने। वो तुम्हें मोटिवेशनल [संगीत] स्पीच देंगे। हार्ड वर्क की बातें करेंगे। अर्ली मॉर्निंग रूटीन बताएंगे। लेकिन उनकी वेल्थ का असली राज, उनकी दौलत का असली कारण वो कभी [संगीत] शेयर नहीं करेंगे। कभी नहीं। क्योंकि अगर तुम वो जान गए तो तुम भी वही बन [संगीत] सकते हो जो वो हैं। 500 साल पहले एक इंसान ने वो राज लिख दिए थे।
उसका नाम था मैकियावेली और उसकी किताब इतनी डेंजरस [संगीत] थी कि चर्च ने उसे बैन कर दिया। पोप ने कहा यह शैतान की किताब है। गवर्नमेंट्स ने [संगीत] उसकी कॉपियां जला दी क्योंकि उसमें वो सच था जो सिर्फ राजाओं और अमीरों [संगीत] के लिए था। आम इंसान के लिए नहीं। आज वो नौ राज मैं तुम्हें बताने वाला हूं। लेकिन उससे पहले एक वार्निंग यह वीडियो उनके लिए नहीं है जो मोटिवेशनल कोट्स सुनकर खुश हो जाते हैं। यह वीडियो उनके लिए है जो सच सुनने की हिम्मत रखते हैं। जो आज के बाद अपनी जिंदगी अलग तरीके
से जीना चाहते हैं। अगर तुम ऐसे [संगीत] इंसान हो तो आगे सुनो। लेकिन उससे पहले कि मैं शुरू करूं एक बात बिल्कुल साफ कर देता हूं। यह वीडियो हर किसी के लिए नहीं है। जो लोग यह सोचते [संगीत] हैं कि बस थोड़ी मेहनत करो, पॉजिटिव रहो और सब ठीक हो जाएगा, वह [संगीत] अभी यह वीडियो बंद कर सकते हैं। यह कंटेंट उनके लिए नहीं है। यह उनके लिए है जो समझ चुके हैं कि दुनिया [संगीत] वैसी नहीं है जैसी दिखती है। जो जानना चाहते हैं कि असली गेम कैसे [संगीत] खेला जाता है। जो अंदर से
तैयार हैं, वह सच सुनने के लिए जो उन्हें कोई नहीं बताता। अगर तुम उन लोगों में से हो तो इस चैनल को अभी सब्सक्राइब करो क्योंकि यहां वो बातें होती हैं जो तुम्हें कहीं और नहीं मिलेंगी। और अब पहला राज रूल वन लोमड़ी बनो शेर नहीं। इटली में [संगीत] एक आदमी था जुवानी डिमडसी। इटली का सबसे अमीर इंसान। लेकिन अगर तुम उसे सड़क पर देखते, तो तुम्हें जरा [संगीत] भी अंदाजा नहीं होता। साधारण कपड़े, साधारण घर, कोई नौकर नहीं, कोई तामझाम नहीं। बिल्कुल एक आम आदमी। लेकिन असलियत [संगीत] यह थी कि पूरे यूरोप के राजा
उससे पैसे उधार लेते थे। हर बड़ा डील उसके इशारे पर होता था और किसी को बिल्कुल किसी को भी [संगीत] इसकी खबर नहीं थी। मैक्यावेली ने इसी से एक रूल निकाला था। शेर दिखता है इसलिए उसका शिकार होता है। लोमड़ी दिखाई नहीं देती इसलिए वह जीत जाती है। अब एक सेकंड [संगीत] के लिए सोचो। जब तुम YouTube या Instagram पर अपनी नई कार की फोटो डालते हो। नई वॉच की फोटो डालते हो, नए घर की फोटो डालते हो तो तुम्हें लगता [संगीत] है कि लोग इंप्रेस होंगे। लेकिन असल में क्या हो रहा होता है? जलने
वाले रिश्तेदार [संगीत] तुम्हारे स्क्रीनशॉट ले रहे होते हैं। वो दोस्त देख रहे होते हैं जो कल तुमसे [संगीत] उधार मांगेंगे। तुम्हारे कॉम्पिटिटर्स समझ जाते हैं कि तुम्हारे पास पैसा है। तुम कूल नहीं बन रहे। तुम खुद को टारगेट बना रहे हो। वारेन बफेट आज भी उसी घर में रहते हैं जो उन्होंने 1958 में खरीदा था। यह कंजूसी नहीं है। यह स्ट्रेटजी है। आज से एक काम करो। [संगीत] अपनी सक्सेस के बारे में बात करना बंद करो। अपनी इनकम के बारे में बात करना भी बंद कर दो। रूल टू गरीबी का नाटक करो। यह सुनने [संगीत]
में बिल्कुल गलत लगेगा। लेकिन पूरी बात सुनो। मैकियावेली के जमाने में फ्लोरेंस में एक टेक्सटाइल मर्चेंट था फ्रेंचेस को। उसने अपना बिजनेस शुरू किया और पहले [संगीत] ही साल में बहुत अच्छा प्रॉफिट कमाया। अब एक आम इंसान क्या करता? नई कार खरीदता, बड़ा ऑफिस लेता। लोगों को बताता कि बिजनेस बहुत अच्छा चल रहा है। लेकिन फ्रेंचिस्को ने कुछ और किया। उसने अपने पुराने कपड़े पहनना जारी रखा। वो उसी छोटी पुरानी दुकान [संगीत] में बैठा रहा। जब भी कोई उससे पूछता बिजनेस कैसा चल रहा है? तो वह हमेशा यही कहता मार्केट स्लो है भाई [संगीत] जैसे
तैसे मैनेज हो रहा है और इसका नतीजा क्या हुआ? कॉम्पिटिटर्स ने उसे कभी सीरियसली नहीं लिया क्योंकि उन्हें लगा यह तो छोटा [संगीत] खिलाड़ी है। सप्लायर्स ने उसे बेहतर रेट्स दिए क्योंकि उन्हें लगा यह बेचारा अभी स्ट्रगल कर रहा है। गवर्नमेंट ने उसे इग्नोर किया और किसी ने उसकी ग्रोथ को ट्रैक ही नहीं किया। सिर्फ 5 साल में [संगीत] वो चुपचाप पूरे शहर का सबसे बड़ा टेक्सटाइल मर्चेंट बन गया और किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई। यही ह्यूमन साइकोलॉजी है। इंसान कमजोर की मदद करता है और ताकतवर से जलता है। ताकतवर को रोकने
की कोशिश करता है। उसके खिलाफ [संगीत] लोगों को इकट्ठा करता है। तो इस साइकोलॉजी को अपने फेवर में इस्तेमाल करो। मीटिंग [संगीत] में जाओ। कहो मार्केट टफ है। नेगोशिएशन में बैठो। कहो बजट टाइट है भाई। लेकिन अंदर ही अंदर बिना किसी को बताए चुपचाप अपना [संगीत] एंपायर खड़ा करते रहो। याद रखो अमीर लोग गरीबी का नाटक करते हैं और गरीब लोग अमीर [संगीत] होने का। लेकिन तीसरा रूल तुम्हारे सबसे करीबी लोगों के बारे में है। रूल थ्री दुश्मन तुम्हारे घर में है। एक कड़वा सच सुनो जो शायद तुम सुनना नहीं चाहते। तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन
वो नहीं है जो तुम्हारे [संगीत] सामने खड़ा होकर तुम्हें चैलेंज करता है। तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन वो है जो तुम्हारे [संगीत] घर में बैठकर तुम्हारे साथ खाना खाता है। जो तुम्हारा दोस्त बनकर तुम्हारे [संगीत] साथ हंसता है। जो तुम्हारे सामने तुम्हारी तारीफ करता है और पीछे तुम्हारी बर्बादी चाहता है। और सबसे [संगीत] डेंजरस बात यह है कि तुम उसे पहचानते भी नहीं। मुंबई में [संगीत] कुछ साल पहले एक स्टार्टअप फाउंडर था। उसकी कंपनी की वैल्यू्यूएशन 100 करोड़ तक पहुंच गई थी। वो खुश था और उसे खुश होने का पूरा हक भी था। उसने एक बड़ी
पार्टी रखी। सबको बुलाया। रेवेन्यू के फिगर्स बताए, फ्यूचर प्लांस शेयर [संगीत] किए और अपनी पूरी स्ट्रेटजी खुलकर बता दी। उसे लगा कि यह उसकी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन था। लेकिन 6 महीने बाद क्या हुआ? उसके सीटीओ ने रिजाइन कर दिया और कॉम्पिटिट ज्वाइन कर लिया। साथ में पूरी [संगीत] टेक्निकल नॉलेज भी ले गया। मार्केटिंग हेड ने उसी बिजनेस मॉडल पर अपनी अलग कंपनी शुरू कर दी। इन्वेस्टर्स ने प्रेशर बढ़ाना शुरू कर दिया और जो कंपनी [संगीत] 100 करोड़ की थी वो 2 साल में बंद हो गई। उससे सिर्फ एक गलती हुई थी। उसने सबको
बता दिया था कि उसके पास क्या है। संसू ने कहा था जब स्ट्रांग [संगीत] हो तो वीक दिखो। जब वीक हो तो स्ट्रांग दिखो। लेकिन मैक्यावेली एक कदम और आगे गया। उसने कहा हमेशा वीक दिखो। लोगों को तुम्हारी ताकत का पता तब चले जब बहुत देर हो चुकी हो। जब तुम पहले से इतने आगे निकल चुके हो कि कोई तुम्हें रोक ही ना पाए। आज से एक रूल फॉलो करो। जो तुम्हारी सक्सेस के बारे में नहीं जानता वो तुम्हें रोक भी नहीं सकता। रूल फोर परछाई में साम्राज्य बनाओ। एक सवाल खुद से पूछो। असली पावर
[संगीत] क्या होती है? जो दिखती है या जो कभी दिखाई ही नहीं देती। जिसके Instagram [संगीत] पर 5 मिलियन फॉलोवर्स हैं, वह पावरफुल नहीं है। वो एक प्रोडक्ट है, एक टूल है। असली पावर उसके पास है जो उसे [संगीत] स्पॉन्सर करता है। जिसके पैसे उसकी रीच खरीदते हैं और लाखों लोगों तक अपना मैसेज पहुंचाते हैं। वो पावरफुल है और हो सकता है तुमने उसका नाम कभी [संगीत] सुना भी ना हो। उसका कोई Instagram नहीं है। उसकी कोई पब्लिक प्रेजेंस नहीं है। [संगीत] वो कहीं दिखाई नहीं देता लेकिन उसका असर हर जगह होता है। यही है
असली पावर। आज से यह करो। मल्टीपल [संगीत] इनकम स्ट्रीम्स बनाओ। लेकिन उनमें से सिर्फ एक के बारे में लोगों को पता रहने दो। और वो भी सबसे साधारण और बोरिंग वाली। बाकी किसी [संगीत] को मत बताओ। अगर तुम स्टॉक मार्केट में पैसा लगाते हो तो यह सिर्फ तुम्हारे और तुम्हारे अकाउंटेंट की बात होनी चाहिए। और जब कोई पूछे क्या करते हो? [संगीत] तो बस इतना कहूं बस छोटा सा काम है जैसे तैसे चल रहा है कनेक्शंस बनाओ लेकिन चुपचाप उस सीए से दोस्ती करो जो बैकग्राउंड में रहकर काम करता है। उस लॉयर को जानो जो
कभी मीडिया में नहीं आता। उस बैंकर से रिश्ते [संगीत] बनाओ जो हमेशा स्पॉटलाइट से दूर रहता है। यही असली नेटवर्क है। और यही नेटवर्क [संगीत] एक दिन तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। अब तक के चारों राज [संगीत] बाहर की दुनिया के बारे में थे। लेकिन पांचवा रूल तुम्हारे अंदर की उस [संगीत] कमजोरी के बारे में है जो तुम्हें बिना एहसास के बर्बाद कर रही है। रूल फाइव सब्र सबसे बड़ा हथियार। 2017 में जब बिटकॉइन [संगीत] का बूम आया एक लड़के की कहानी सुनो। उसने ₹1 लाख इन्वेस्ट किए [संगीत] और सिर्फ 2 महीने यानी 60 दिनों
के अंदर वो ₹5 लाख बन गए। पांच गुना रिटर्न बिना किसी मेहनत के। और उसने क्या किया? Facebook पर स्क्रीनशॉट शेयर करने लगा। दोस्तों [संगीत] को इन्वेस्टमेंट टिप्स देने लगा। खुद को क्रिप्टो एक्सपर्ट बताने लगा। मीडिया को इंटरव्यू देने लगा। हर किसी से कहने लगा देखो मैंने क्या कर दिखाया। रिजल्ट क्या हुआ। रिश्तेदारों ने इन्वेस्ट करने के लिए उसे पैसे मांगने शुरू कर दिए। इनकम टैक्स का नोटिस [संगीत] आ गया। कुछ लोगों ने उसे फिजिकली थ्रेटन किया। स्ट्रेस इतना बढ़ गया कि उसकी [संगीत] रातों की नींद उड़ गई। उसने घबराकर सब कुछ बेच दिया और
जो पैसा बचा था वह भी धीरे-धीरे [संगीत] खर्च हो गया। दौलत आई और शोर मचा कर चली गई। मैकियावेली [संगीत] ने 20 साल तक इटली की पॉलिटिक्स को ऑब्जर्व किया। राजाओं को देखा, मर्चेंट्स [संगीत] को देखा, जनरल्स को देखा। और आखिर में उसका सिर्फ एक ही निष्कर्ष था। जो जल्दी चमकता है वो जल्दी बुझता भी है। फास्ट मनी फास्ट जाता है। क्विक रिच [संगीत] स्कीम्स काम नहीं करती। असली वेल्थ धीरे-धीरे बनती है। चुपचाप बिना किसी अनाउंसमेंट के, बिना किसी स्क्रीनशॉट के। और जब वो बनती है तो कई जनरेशन तक टिकती है। सब्र कोई वीकनेस [संगीत]
नहीं है। सब्र एक स्ट्रेटजी है और जो इसे समझ गया उसे कोई नहीं रोक सकता। [संगीत] और अब छठा रूल उस चीज के बारे में है जो तुम हर रोज करते हो। लेकिन तुम्हें पता भी नहीं चलता कि [संगीत] वही तुम्हें बर्बाद कर रही है। रूल सिक्स दुनिया को वही दिखाओ जो तुम चाहते हो। एक सच बताता हूं जिसे शायद तुमने कभी इस नजरिए से नहीं सोचा होगा। दुनिया में कोई भी इंसान तुम्हें [संगीत] वैसा नहीं देखता जैसा तुम सच में हो। वो तुम्हें वैसा देखता है जैसा तुमने [संगीत] उसे दिखाया है। तुम्हारी रियलिटी नहीं
तुम्हारी इमेज मायने रखती है। और मैकिया बेली ने 500 साल पहले ही यह बात समझ ली थी। उसने कहा था यह मायने नहीं रखता कि तुम असल में क्या हो। मायने यह रखता है कि लोग तुम्हारे [संगीत] बारे में क्या सोचते हैं। क्योंकि लोग तुम्हारी रियलिटी के हिसाब से नहीं चलते बल्कि तुम्हारी [संगीत] इमेज के हिसाब से चलते हैं। अब सोचो अगर तुम अमीर हो लेकिन लोग तुम्हें साधारण समझते हैं तो तुम पूरी तरह सेफ हो। कोई तुम्हें टारगेट नहीं करेगा। कोई तुमसे उधार नहीं मांगेगा। कोई तुमसे जलेगा नहीं। तुम चुपचाप अपना एंपायर बनाते रहोगे
और दुनिया को पता भी नहीं चलेगा। लेकिन अगर तुम साधारण हो और लोग तुम्हें अमीर [संगीत] समझने लगे तो तुम चारों तरफ से खतरे में पड़ जाओगे। हर तरफ से हाथ बढ़ेंगे। हर तरफ से एक्सपेक्टेशंस आएंगी। हर तरफ से [संगीत] लोग तुमसे वो मांगेंगे जो तुम दे ही नहीं सकते। और जब तुम नहीं दे पाओगे तो वही लोग तुम्हारे दुश्मन बन जाएंगे। आज से एक काम करो। [संगीत] अपनी लाइफ की स्क्रिप्ट खुद लिखो। लोगों को वही दिखाओ जो तुम चाहते हो कि वो देखें। जो तुम्हें कमजोर बनाए उसे छुपाओ। जो तुम्हें सेफ रखे वही दिखाओ।
क्योंकि जो अपनी इमेज [संगीत] खुद कंट्रोल करता है वो अपनी जिंदगी भी खुद कंट्रोल करता है। और जो [संगीत] दूसरों को अपनी इमेज बनाने देता है वो हमेशा दूसरों के हाथों में रहता है। लेकिन सातवां रूल उन लोगों के लिए है जो बहुत ज्यादा स्मार्ट दिखने की [संगीत] कोशिश करते हैं। और उन्हें पता भी नहीं कि यही उनकी सबसे बड़ी गलती है। रूल सेवन [संगीत] जितना कम दिखोगे उतना ज्यादा पाओगे। मैकिया वेली ने रनाइसेंस [संगीत] के द्वार में एक बहुत डेंजरस पैटर्न नोटिस किया था। जब उसने इस पैटर्न को समझा तो उसे एहसास हुआ कि
यही पैटर्न आज भी हर जगह काम करता है। जो सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा था वो सबसे पहले मारा जाता था। जो सबसे [संगीत] ज्यादा कैपेबल था उसे सबसे पहले एग्जाइल किया जाता था। जो सबसे ज्यादा [संगीत] जानता था वही सबसे पहले बर्बाद होता था। क्यों? क्योंकि नॉलेज एक थ्रेट है। जो बहुत ज्यादा जानता है, वह राजा को [संगीत] रिप्लेस कर सकता है। वो सिस्टम को अपने फेवर में इस्तेमाल कर सकता है। और डेंजरस [संगीत] लोगों को राजा कभी अपने पास नहीं रखता। या तो उनका इस्तेमाल करके उन्हें फेंक देता है या फिर पहले ही खत्म
कर देता है। यही चीज आज तुम्हारे ऑफिस [संगीत] में भी हो रही है। जो सबसे ज्यादा स्मार्ट दिखता है उसी पर सबसे ज्यादा काम डाला जाता है। उसी के [संगीत] खिलाफ सबसे ज्यादा पॉलिटिक्स होती है। उसे सबसे ज्यादा रोकने की [संगीत] कोशिश की जाती है। उससे सबसे ज्यादा लोग डरते हैं और जो डरता है वही नुकसान पहुंचाता है। तो मैकिया वैली का सॉल्यूशन [संगीत] क्या था? कभी-कभी सबसे स्मार्ट मूव यही होता है कि थोड़ा कम स्मार्ट [संगीत] दिखो। ऑफिस में प्रमोशन मिला। कहो यार लकी था। बॉस की मेहरबानी है। बिजनेस में प्रॉफिट हुआ? कहो बस
जैसे तैसे सर्वाइव कर रहे हैं। कोई ब्रिलियंट आईडिया आया उसे धीरे-धीरे [संगीत] प्रेजेंट करो। ऐसे कि लगे यह सबका आईडिया है। जब तुम होशियार दिखते हो, लोग तुमसे कमपीट करते हैं। तुम्हें रोकते हैं। तुम्हारे खिलाफ हो जाते हैं। लेकिन जब [संगीत] तुम सीधे-साधे दिखते हो, लोग तुम्हारे सामने अपने गार्ड्स नीचे कर देते हैं। वो तुम्हारे सामने खुलकर बात करते हैं। वो तुम्हें सीरियसली [संगीत] नहीं लेते और तभी तुम सब कुछ देख सकते हो, सुन सकते हो और समझ सकते हो। क्योंकि असली पावर इंफॉर्मेशन में होती है। और अब आठवां रूल उस गलती के बारे में
है जो लगभग हर एंबिशियस इंसान करता है। वही गलती जो उसे [संगीत] अमीर बनने से रोकती है और उसे इसका एहसास भी नहीं होता। रूलेट पैसा कमाओ मत पैसे से पैसा कमाओ। एक सवाल [संगीत] पूछता हूं और इसका जवाब खुद से पूरी ईमानदारी से देना। अगर तुम [संगीत] कल से काम करना बंद कर दो तो तुम्हारा घर कितने दिन चलेगा? एक हफ्ता, एक महीना, 3 महीने। अगर जवाब एक साल से [संगीत] कम है तो सुनो। तुम अभी भी एक स्लेव हो, चाहे तुम्हारा खुद का बिजनेस हो, चाहे तुम लाखों [संगीत] कमाते हो। चाहे तुम कितने
भी सक्सेसफुल क्यों ना दिखते हो। अगर तुम्हारी इनकम तुम्हारे टाइम पर [संगीत] डिपेंड करती है, तो तुम आजाद नहीं हो। तुम सिर्फ एक गिल्डेड केज में हो जो देखने में खूबसूरत है लेकिन आखिर में केज ही है। मैकियावेली ने रनायसेंस इटली में एक बहुत इंटरेस्टिंग पैटर्न देखा था। जिन फैमिलीज ने बड़े-बड़े ग्रैंड पैलेसेस [संगीत] बनाए। जिन्होंने अपनी वेल्थ दुनिया के सामने दिखाई। जिन्होंने एक्सपेंसिव [संगीत] सेलिब्रेशंस किए और अपनी पावर का प्रदर्शन किया। वो फैमिली सिर्फ दो या तीन जनरेशन [संगीत] में पूरी तरह गरीब हो गई। उनके पैलेसेस खाली हो गए। उनके नाम इतिहास में सिर्फ
एक फुटनॉट बनकर रह गए। लेकिन जिन फैमिलीज ने ट्रेड रूट्स कंट्रोल किए, जिन्होंने सिस्टम्स [संगीत] बनाए, जिन्होंने ऐसी स्ट्रक्चर्स खड़ी की जो उनके बिना भी [संगीत] काम करती थी, वो फैमिलीज आज भी पावरफुल हैं। सेंचुरीज बाद भी। फर्क सिर्फ एक था। एक ने मोन्युमेंट [संगीत] बनाया, दूसरे ने सिस्टम बनाया। मोन्यूमेंट दिखाई देता है लेकिन तुम्हारी जेब से पैसा खाता है। सिस्टम दिखाई नहीं देता लेकिन लगातार पैसा कमा कर देता है। फेरारी खरीदना [संगीत] एक मोन्यूमेंट है। हर साल वो तुम्हारी पॉकेट से पैसा निकालती है। लेकिन एक डिविडेंड [संगीत] पोर्टफोलियो बनाना एक सिस्टम है। वो हर
महीने तुम्हारे अकाउंट में पैसा डालता है। RX पहनना एक मोन्यूमेंट है। वो तुम्हें कुछ [संगीत] देर के लिए अच्छा महसूस कराता है, लेकिन तुम्हारे लिए काम नहीं करता। लेकिन एक पैसिव [संगीत] इनकम स्ट्रीम बनाना एक सिस्टम है। वो तुम्हारे सोते हुए भी तुम्हारे लिए काम करता है। आज से हर महीने खुद से सिर्फ एक सवाल पूछो। क्या मैंने इस महीने [संगीत] ऐसी कोई चीज बनाई जो मेरे बिना भी पैसा कमाए? अगर जवाब नहीं है तो समझ लो कि तुम अभी भी उसी राइट रेस में हो। जिससे निकलना हर दिन और मुश्किल होता जाएगा। सिस्टम बनाओ
मोन्यूमेंट नहीं। और अब [संगीत] आखिरी राज यही मैकियावेली का सबसे पर्सनल, सबसे डेंजरस और सबसे गहरा लेसन है। ऐसा लेसन जो उसने अपनी पूरी जिंदगी [संगीत] की ऑब्जरवेशंस के बाद निकाला था। रूल नाइन अमीर दिखना बंद करो। अमीर बनो। यह मैकियावेली [संगीत] का सबसे डेंजरस और सबसे गहरा लेसन है। और यह लेसन एक इंसान की रियल लाइफ से आता है। आईकिया के फाउंडर इंगवार कमरा नेटवर्थ 58 बिलियन दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक। लेकिन अगर तुम उनसे सड़क पर मिलते तो तुम्हें जरा भी अंदाजा नहीं होता कि वो दुनिया के सबसे अमीर लोगों
में से हैं। वो हमेशा इकॉनमी क्लास [संगीत] में ट्रैवल करते थे। 15 साल पुरानी Volvo चलाते थे। ग्रोसरी खरीदने के लिए डिस्काउंट कूपंस इस्तेमाल करते थे। स्ट्रीट फूड खाते थे और मार्केट [संगीत] जाकर खुद सब्जियां खरीदते थे। लोग उन्हें देखकर हंसते थे। कहते थे इतना पैसा है [संगीत] फिर भी ऐसे रहता है। कितना कंजूस आदमी है। लेकिन वह कंजूस नहीं थे। वो खुद को अनवांटेड अटेंशन से बचा रहे थे। लोगों की जेलसी से बचा रहे थे। उन लोगों से बचा रहे थे जो सिर्फ उनकी दौलत देखकर उनके करीब आना चाहते थे। उन्होंने अपनी वेल्थ को
एंजॉय किया लेकिन उसका तमाशा कभी नहीं बनाया। उन्होंने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी। बिना किसी [संगीत] को यह साबित किए कि वह अमीर हैं। क्योंकि जिसे अपनी अमीरी साबित [संगीत] करनी पड़े, वह अभी भी साबित करने वाली स्टेज में है। जो सच में वेल्थी होता है, उसे कुछ भी प्रूफ [संगीत] करने की जरूरत नहीं पड़ती। आज से एक काम करो। बड़े-बड़े लोगों वाले ब्रांडेड कपड़े कम पहनो। अपनी सक्सेस स्टोरीज [संगीत] सोशल मीडिया पर शेयर करना बंद करो। सिंपल रहो, इनविज़िबल रहो। क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा सच यही है। मनी इज लाउड। वेल्थ इज क्वाइट।
[संगीत] पैसा शोर मचाता है। दौलत खामोश रहती है। तो आज तुमने यह नौ राज सुने। लेकिन यह सिर्फ राज नहीं है। यह एक नई सोच [संगीत] है। दुनिया को देखने का एक नया तरीका है। जिंदगी जीने का एक नया नजरिया है। जब तुम खुद को प्रूफ करना बंद करते हो तभी तुम [संगीत] सच में इंप्रूव करना शुरू करते हो। जब तुम शोर करना छोड़ देते हो तब तुम्हारा काम खुद बोलने लगता है। मैकियावेली ने इसलिए [संगीत] कहा था वो बनो जो है लेकिन दिखता नहीं। वो बनो जिसके पास सब कुछ है लेकिन किसी को पता
नहीं चलता। वो बनो जो खामोश है [संगीत] लेकिन जिसकी खामोशी में एक पूरा एंपायर छिपा है। अगर यह वीडियो तुम्हारे दिल तक पहुंची है तो इसे उस एक [संगीत] इंसान को जरूर भेजो जो अपनी हर सक्सेस सोशल मीडिया पर डालता है। जिसे यह [संगीत] बात सुनने की सबसे ज्यादा जरूरत है। वीडियो पसंद आई हो तो लाइक करो, चैनल को सब्सक्राइब करो। मिलते हैं अगली वीडियो में।