अस्सलाम वालेकुम वेलकम टू क्लास नंबर 23 साइन ऑफ स्ट्रेंथ में हमने क्लाइमेट एक्शन बार पढ़ी हुई थी और क्लाइमेट एक्शन बार हमने पढ़ी थी बाइंग क्लाइमेक्स में दोनों तरफ हम सेलिंग क्लाइमेक्स और बाइंग क्लाइमेक्स पढ़ चुके हैं जी अच्छा अब आपको मैंने एक चीज बताई थी कि हमने जो साइन ऑफ स्ट्रेंथ पढ़ने हैं और साइन ऑफ वीकनेस पढ़ने हैं। दो ही चीजें हैं। इनमें बनती है क्लाइमेटिक एक्शन बार जो कि दोनों तरफ बन सकती है। जब आप साइन ऑफ स्ट्रेंथ ढूंढेंगे तो आप अप ट्रेंड की रिट्रेसमेंट में ढूंढेंगे। ठीक है? इन जगहों पे आपको साइन
ऑफ स्ट्रेंथ मिलेंगे। और जब आप साइन ऑफ वीकनेस देखेंगे तो फिर आप इन जगहों पर देखेंगे। यहां पे आपको साइन ऑफ वीकनेस मिलेंगे डाउन ट्रेंड के रिट्रेसमेंट पे। ये बात क्लियर हो गई इतनी बात। उसके बाद जब आप क्लाइमेटिगेशन बार देखते हैं ना उसमें यानी कोई भी सेलिंग क्लाइमेक्स बना है या कोई बाइंग क्लाइमेक्स बना है। ऊपर जाके प्राइस ने कोई बड़ी कैंडल बनाई है। ऊपर विक है और सबसे बड़ा वॉल्यूम उसमें आ गया है। ये चीजें जब बनती हैं उसका सिनेरियो नंबर वन आपने पढ़ा, टू पढ़ा, थ्री पढ़ा और ऑटोमेटिक रैली। ठीक है? है
ऑटोमेटिक रैली के सेटअप आपने पढ़े। इसमें यह बात याद रखें कि एक्यूरेसी के हिसाब से यह सबसे ऊपर है। सबसे अच्छी एक्यूरेसी आपको इन्हीं सेटअप्स में मिलेगी। इसमें आपको मैंने बताया था कि खास तौर पे सिनेरियो नंबर थ्री और ऑटोमेटिक रैली इनकी एक्यूरेसी बहुत ही अच्छी है। अगर ये आपको अगेंस्ट द ट्रेंड भी मिलेंगे तब भी आपको कम से कम जिस टाइम फ्रेम में आपने ट्रेड की है 15 मिनट की टाइम फ्रेम में ट्रेड की है तो कम से कम आपको 30 40 45 पिप्स लाजमी देंगे। मतलब 40 पिप तक आपको लाजमी टारगेट इसका मिलेगा।
अगर आप अगेंस्ट अ ट्रेंड भी हैं और अगर आप विद द ट्रेंड है तो फिर आप इसको होल्ड कर सकते हैं। फिर आप लंबी चला सकते हैं। आमतौर पे जो लोगों को एक चीज समझ नहीं आती वो ये होती है कि अगेंस्ट अ ट्रेंड जाते हैं। मतलब यहां पे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ देख रहे हैं गिरती हुई मार्केट में। यहां पे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ देख रहे हैं या फिर मज़द नीचे ये प्राइस यहां पे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ देख रहे हैं। तो इसको आपने ये एक्सपेक्ट नहीं करना। मैं हमेशा बताता हूं कि ये बहुत लंबी ट्रेड चलेगी।
ठीक है? ये बस यहां तक आएगी। यहां तक आएगी और यहां से ड्रॉप आ जाएगा दोबारा। तो अनलेस यहां पे कोई बहुत स्ट्रांग ज़ोन हो। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आपका डेली का है। फॉर एग्जांपल वीकली का है, मंथली का है और वहां पर प्राइस टैप कर रही है। वहां पर साइन बना के दोबारा उठ रही है तो वह फिर रिवर्सल देती है। लेकिन आमतौर पे आम रूटीन में गिरती मार्केट में अगर आप साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ यहां से बाय कर रहे हैं तो फिर वो थोड़ा चलेगा। ज्यादा नहीं चलेगा। ड्रॉप दे जाएगा। यही काम अगर आप विद
द ट्रेंड कर रहे हैं तो फिर बहुत अच्छी ट्रेड चलेगी। इसको आप होल्ड भी कर सकते हैं फिर। तो ये चीज़ तो हो गई पहली चीज़। दूसरी चीज ये हो गई कि साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ और साइन ऑफ़ वीकनेस में इसके अलावा भी कुछ टेस्ट होते हैं। जिनकी एक्यूरेसी क्लाइमेटिक एक्शन बार की तरह तो नहीं होती लेकिन एक तो आपको वो जल्दी एंट्री देते हैं। उनकी ट्रेड आपको क्लाइमेटिक एक्शन बार से पहले ही मिल जाती है। दूसरा ये होता है कि सारा दिन अगर आप बैठ के ट्रेड कर रहे हैं ना या अगर आप गाहे बगाहे
चार्ट को देखते रहते हैं तो एक चीज़ आपने नोट की होगी कि क्लाइमेटिक एक्शन बार हर रोज हर वक्त तो नहीं बन रही होती। ठीक है? है अगर आपने वैसे स्कैल्पिंग करनी है तो हर वक्त तो आपको क्लाइमेटिक बार नहीं मिलेगी ना उसकी शरायत पूरी होती है ना इतने बड़े-बड़े वॉल्यूम बार-बार आते हैं उसमें फिर आप जा सकते हैं बाकी जो दूसरे टेस्ट हमने पढ़ने हैं तो उनमें से आज एक टेस्ट हमने पढ़ना है उसका नाम है टू बार रिवर्सल टू बार रिवर्सल यह अच्छा टेस्ट है इसकी एक्यूरेसी भी अच्छी है अब इस पे एक
चीज पे आपने गौर करना है वह है यह वर्ड रिवर्सल रिवर्सल क्या होता है रिवर्सल कहते हैं वापसी को वापसी कब होगी यह कि जब प्राइस किसी एक साइड पे मूव करेगी तब उसका रिवर्सल आएगा ना अभी मैं आपको दिखाऊंगा कि लोगों को कन्फ्यूजन क्या होती है इसमें वह हर तरह के कैंडल को टू बार रिवर्सल समझ रहे होते हैं। हर जगह पे टू बार रिवर्सल नहीं आता। रिवर्सल देखें तभी आएगा अगर प्राइसेस डाउन आ रही हैं। प्राइसेस नीचे आ रही हैं इस तरीके से। ठीक है? तो अब इसका रिवर्सल क्या होगा? बुलिश। यह वापसी
है ना? ये आप इसको आप यू टर्न कह सकते हैं कि प्राइस यहां से नीचे आ रही थी और यहां से इसने यू टर्न लिया और ऊपर चली गई। तो, यह रिवर्सल होता है। अगर प्राइसेस पहले ही नीचे गिर रही हैं। इस तरह और यहां पे नीचे आती कैंडल्स में कोई एक बाय की कैंडल बन गई। इस तरह ये और मजीद प्राइस ने फिर नीचे जाना शुरू कर दिया। तो इसको भी अक्सर लोग कहते हैं टू बार बन गया। टू बार रिवर्सल बन गया। ये टू बार रिवर्सल नहीं है। क्योंकि यहां तो प्राइस ने कोई
डायरेक्शन पकड़ी नहीं। पहले भी नीचे आ रही थी। इस एक कैंडल के बाद फिर नीचे जा रही है। तो रिवर्सल किस चीज का आया? कोई रिवर्सल नहीं है। रिवर्सल ये होता है कि प्राइसेस नीचे गिर रही हैं। इस तरह नीचे आ रही हैं और यहां से बुलिश हो जाएं। ठीक है? कोई एक यहां पे पैटर्न बने दो कैंडल्स का और प्राइसेस यहां से बुलिश हो जाए। तो इसको आप कह सकते हैं कि हां ये रिवर्सल है। पहले प्राइस नीचे आ रही थी और फिर रिवर्स हो के ऊपर चली गई। तो इस चीज का आपने फर्क
ज़हन में रखना है। पहली चीज तो ये है। अब टू बाय रिवर्सल से पहले आपको मैं एक छोटी सी चीज यहां पे रिमाइंड करवा देता हूं कि एंगल्फिंग क्या होती है? वैसे आपको पहले बताया हुआ है। एंगल्फिंग से मुद ये होती है कि अगर प्राइसेस नीचे आ रही हैं। ठीक है जी? इस तरह कैंडल बनाती हुई नीचे आ रही है ये चीज़। अब यहां पे आपको एक ऐसी कैंडल मिलती है बाय की कैंडल इस तरह जो ये जो आखिरी आपकी सेल की कैंडल थी इसका मैं बल्कि कलर चेंज कर देता हूं। जो आपकी आखिरी सेल
की कैंडल थी ऐसे प्राइस इसके ऊपर एंगल्फ कर जाती है। ठीक है? इसको कवर कर लेती है फुल्ली। यानी ग्रीन कैंडल अब आप ये देखेंगे कि जो ग्रीन कैंडल है उसने इस आखिरी सेल की कैंडल को मुकम्मल तौर पे कवर कर लिया है। इसको शैडो कर दिया इसको। ठीक है? इसको छुपा लिया है या इसको अपने अंदर समो लिया है या आप जो भी वर्ड यूज़ करना चाहें। अब यहां पे आप देखें दो तीन तरह की इसको हम एंगल्ल्फिंग कहते हैं। जो ये कैंडल बनी है अभी हमारे पास ये वाली कैंडल ग्रीन कैंडल ये एनंगल्फिंग
कैंडल है। ठीक है? जिनको बिल्कुल नहीं पता उनके लिए बता रहा हूं। अच्छा अब अब इसमें होता है इसके दो तीन सिनेरियोस होते हैं। एक सिनेरियो तो यह है जो यहां पे मैंने आपको बना दिया। अब इस सिनेरियो में क्या हुआ कि बॉडी के साथ ये देखिए बॉडी यहां पे क्लोज हो रही है पिछली कैंडल की तो बॉडी के साथ बॉडी उठ रही है यहां से। बिल्कुल बॉडी से बॉडी उठ रही है। ठीक हो गया? कैंडल की बॉडी से लेकिन इसने विक को छोड़ दिया। विक को एंगल्फ नहीं किया। एक सिनेरियो तो ये बन गया
आपके पास। फिर एक सिनेरियो मैं आपको और यहां पे बना के दिखाता हूं। इस तरीके से इस सिनेरियो में क्या है कि ये देखिए। ये इंग्ल्फिंग ज़्यादा बेहतर हो गई है। क्योंकि पहले इसका लो प्राइस ने छोड़ दिया था। यहां पे इसने इसका लो भी एंगल्फ कर लिया। ठीक है? स्पेशली वीक के नीचे भी विक लगा के प्राइस फिर ऊपर उठी है। तो, यह दूसरी तरह की एंगल्फिंग है। अब इसमें एक चीज और हो सकती है कि एंगल्फिंग तो हो गई लेकिन अपसाइड बहुत बड़ी विक आ गई। अब ये एनंगल्फिंग तो है लेकिन ये स्टंग
एंगल्फिंग नहीं है क्योंकि ऊपर से बहुत रिजेक्शन आ रही है। तो जो आपने ब्रेकआउट रूल पढ़ा था ब्रेकआउट रूल की दो निशानी आपको बताई थी कि एक तो वो लो वॉल्यूम से होता है और दूसरा मोमेंटम कैंडल से होता है। तो यहां पे वॉल्यूम तो हम बाद में डिस्कस करेंगे। यहां पे तो मोमेंटम कैंडल ही नहीं बन रही। यह टॉप पे बहुत बड़ी विक आ रही है। तो इसका मतलब है कि यह मोमेंटम कैंडल नहीं है। एनंगल्फिंग ये ज़रूर है। लेकिन यह स्टंग एंगल्फिंग नहीं है। ठीक है? ठीक है? तो तीसरी तरह आपकी तीसरी किस्म
ये बन गई। अब यहां पे अगर हम इसको इसी तरीके से बनाएं तो पहली चले हम पहली पे रहते हैं। पहली इनग्ल्फिंग ये थी आपके पास। ठीक हो गया? दूसरी इनग्ल्फिंग ये है कि प्राइसेस नीचे आ रही हैं। इस तरह दो तीन ये कैंडल बन गई। ये इसकी लोअर वीक आ गई। ये इसकी अप्पर वीक आ गई। अब नेक्स्ट कैंडल जो बनेगी वो इसको लो से और अप से दोनों साइड से इनल्फ करेगी स्ट्रोंगली। ये देखिए। अब ये इसने इनफल्फ कर लिया इसको। हाई भी इनल्फ कर लिया। टोटल इसका लो भी इनल्फ कर लिया। ये
देखें। तो ये जो नंबर टू एनगल्फिंग है ये ज्यादा स्टंग है। पहली वाली भी ठीक है। अच्छी है लेकिन ये दूसरी वाली बहुत स्ट्रांग है। अब तीसरी इनल्फिंग एक और हम यहां पे देख लेते हैं। सेम उसी तरीके से प्राइसेस नीचे आ रही हैं। यानी एक साइड पे मूवमेंट आ रही है। ठीक हो गया? अच्छा। अब यहां पे प्राइस एंगल्फ करती है इसको इस तरीके से ऐसे। अब ये इनग्ल्फिंग यहां तक तो बहुत अच्छी है। लेकिन इसके ऊपर विक आ जाती है ज्यादा बड़ी। यानी इसके बॉडी का जो 15% है ऊपर की बात कर रहा
हूं। ऊपर वाले साइड पे बुलिश कैंडल में तो उसमें विक अगर बड़ी आ गई है तो फिर ये अच्छी एंगल्फिंग नहीं है। एंगल्फिंग तो ये भी है लेकिन अच्छी नहीं है। तो अभी तक आपको सबसे अच्छी इनल्फिंग कौन सी मिल रही है? ये वाली। अच्छा अब अगर यहां पे चल एक सजी और बना लेते हैं। ये लें ये प्राइस वन 2 3 ये ऐसी कैंडल है जी। अब यहां पे प्राइस इसको इंग्ल्फ करती है अपसाइड। ऐसे ये ऐसे और ऐसे। ठीक है? ठीक है? वैसे ये थोड़ा सा ऊपर ही क्लोज़ होगा तभी ये ग्रीन में
क्लोज़ होगी। इस तरह। ठीक है जी। ऊपर बहुत बड़ी विक आ गई है। नीचे से अब इसने छोड़ दिया इसको। ये रहे। अब ये बिल्कुल ही किसी काम की एंगल्ग्ल्फिंग नहीं है क्योंकि इसने इसका लो भी इनल्फ नहीं किया। ठीक है? हाई को एनंगल्फ किया लेकिन बहुत बड़ी विक के साथ। तो इसमें इन दोनों में फर्क देखें। ये तीसरी वाली को मैं क्यों कह रहा हूं कि ये उससे भी वीक है। यानी चौथे वाली तीसरी वाली सिनेरियो से भी वीक है। क्योंकि इसमें इसने कम से कम इसकी वीक के ऊपर तो क्लोजिंग दी थी। यहां
तो वीक के ऊपर भी क्लोजिंग नहीं है। ठीक है? यहां तो सिर्फ इस बॉडी के ऊपर क्लोजिंग आई है बस। तो ये तीन चार तरह के इनल्फिंग्स हैं। इनमें सबसे स्ट्रांग जो चीज बनती है वो ये बनती है जो मैं आपको दिखा रहा हूं इस जगह पे ये वाली। ये सबसे स्ट्रांग है जो लो से भी इनग्ल्फ कर ले, हाई से भी एंगल्फ कर ले और ऊपर बहुत बड़ी वेक भी ना हो। ठीक हो गया? अगर इसको ये सबसे टॉप उसमें रैंक में है। उसके बाद फिर ये आ जाएगी। ठीक है? ये क्यों? क्योंकि इसने
टॉप से भी अच्छा इनल्फ किया और ये मोमेंटम कैंडल भी है। इसमें क्या गलती है? ये क्या चीज़ कमी है? किस चीज़ की? कि इसने लो से स्वीप नहीं किया ये। ये स्वीप नहीं हुआ यहां पे। तो इसकी वजह से इसको हम कहेंगे कि ये पहले नंबर पे है। ये दूसरे नंबर पे है। उसके बाद फिर ये हमारे काम की नहीं है। ये भी हमारे काम की इस तरीके से नहीं है। क्योंकि इसमें मोमेंटम कैंडल नहीं है। हमारा जो ब्रेकआउट का मेन रूल था वही पूरा नहीं हो रहा। पहली चीज तो यही तो आपको पता
चल गया कि ये मोमेंटम कैंडल्स कैसे बनती हैं। दूसरी चीज ये है कि जब ब्रेकआउट होता है तो ब्रेकआउट रूल का मैंने आपको तरीका देखिए ब्रेकआउट हो रहा है ना। ये जो रेड कैंडल है आखिरी इसका ब्रेकआउट हो रहा है मुकम्मल तौर पे। तो ऐसे होना चाहिए वॉल्यूम इसका। जो पहली कैंडल है उसका वॉल्यूम थोड़ा बड़ा या जो भी वॉल्यूम आ रहा है बड़ा-छोटा नहीं मैं कह रहा। जो कैंडल एनंगल्फ कर रही है उसका वॉल्यूम छोटा होना चाहिए। वही ब्रेकआउ रूल लो वॉल्यूम और मोमेंटम कैंडल यहां पर भी सेम होना चाहिए। जो ब्रेक आउट कर
रही है उसका वॉल्यूम छोटा रहना चाहिए और जिस कैंडल को ब्रेक आउट किया गया जिसको एंगल्फ किया गया उसका वॉल्यूम थोड़ा बड़ा होना चाहिए। ठीक हो गया? अगली दो तो मैं कह रहा हूं जिसमें मोमेंटम कैंडल नहीं बन रही तो फिर हमारा रूल पूरा नहीं हो रहा। उसको हम देखेंगे ही नहीं। इन दो में आप देख लें कि ये तरीकाकार होता है। अब इसमें ज्यादा स्ट्रांग कौन सी है? मैंने आपको बता दिया कि जो नंबर टू बनी हुई है यह वाली यह ज्यादा स्ट्रांग है। उसकी वजह भी आपको बता दी है। अब इसमें होता यह
है कि कुछ पॉइंट्स पे मैं आपको ट्रेड हम लाइव पे भी करेंगे और यहां पे भी आपको मैं तरीका उसका बता देता हूं। कुछ जगह ऐसी होंगी जहां पे हमें अपना रूल खुद ही ब्रीच करना होगा। यानी हम उसको रिलैक्सेशन देंगे। ब्रीच नहीं करेंगे। थोड़ा सा रिलैक्स करेंगे। मसन रूल्स क्या है हमारे? ब्रेकआउट रूल्स क्या है? ब्रेकआउट रूल्स को एक दफा यहां पर लिख लें। पहला रूल होता है ब्रेकआउ के लिए। चल पूरा लिख लेते हैं। ब्रेकउ रूल। पहला रूल आपको बताया था। नंबर वन मोमेंटम कैंडल। नंबर टू क्या था? लो वॉल्यूम। जो पहला रूल
है ना, जो पहला इसकी शर्त है, यह तो हर सूरत आपने फुलफिल करनी है। यह तो जरूर है। मोमेंटम कैंडल तो हर सूरत होनी चाहिए ब्रेकआउट पे। जो लो वॉल्यूम वाला हमारे पास एक कंडीशन है उसको हम कभी-कभी रिलैक्स कर सकते हैं अपने लिए अपनी ट्रेडिंग के लिए। वो किस सूरत में करते हैं, वह मैं आपको आगे चलके बताता हूं। ठीक है जी? लो वॉल्यूम हो जाए, लो वॉल्यूम से ब्रेकआउट हो बहुत अच्छी बात है। लेकिन समटाइ्स इसको हमें हाई वॉल्यूम पे मिल जाता है यह अक्सर। तो उसको भी आप ट्रेड कर सकेंगे। उसकी क्या
कंडीशंस होंगी वह भी हम आगे पढ़ लेते हैं। उम्मीद है कि यहां तक आपको एनंगल्फिंग की समझ आ गई होगी कि इनग्ल्फिंग क्या होती है और टू बार रिवर्सल होता कब है एक्चुअली। यानी इसमें मैंने आपको ये बताया कि प्राइस नीचे गिर रही है तो नीचे गिरने के बाद गिरती हुई मार्केट में होना चाहिए। जैसे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनते हैं। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ में आपने क्लाइमेटिक बार पढ़ी है तो उसमें आपको क्या बताया था कि सेल्लिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। ठीक हो गया ना? अब इसी तरीके से यहां पे भी सेलिंग बैकग्राउंड सेलिंग बैकग्राउंड होगा तो
फिर कोई रिवर्सल आएगा ना। जब सेलिंग बैकग्राउंड ही नहीं है तो फिर रिवर्सल कैसे? ऊपर जाती मार्केट में एक और बुलिश कैंडल बन गई तो फिर कैसा रिवर्सल? अच्छा अब ये देखें एक और चीज इसी चीज को अभी हमने बरिश साइड पे देखा है। इसी को हम देखते हैं अभी दूसरी तरफ भी कि प्राइसेस आपके बुलिश हैं। ये देखें सेम वही चीज हम यहां पे बनाएंगे अब साइन ऑफ़ वीकनेस देखने के लिए। इसमें साइन ऑफ़ वीकनेस साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ आपके इकट्ठे होंगे। ठीक है? आगे जो चीजें अभी हमने पढ़नी है वो इकट्ठी हैं। अब यहां
पे एक एंगल्फिंग हो जाती है। अच्छा अब आप अगर देखें तो ये एंगल्ल्फिंग बड़ी स्ट्रांग लग रही है। ठीक है? लेकिन अगर इसको हम यह कर देते हैं कि पिछली जो कैंडल थी उसकी विक ज्यादा बड़ी है तो अभी भी इनल्फिंग अच्छी है लेकिन उस लेवल की नहीं है क्योंकि इसका हाई प्राइस ने एनल्फ नहीं किया नीचे आते हुए यह रिवर्सल है प्राइस ऊपर जा रही है तो प्राइस ने रिवर्सल दिखाया टू बार रिवर्सल अच्छा अब अच्छी है हमारे ख्याल से तो ये एक अच्छी टू बार रिवर्सल है अच्छा टू बार रिवर्सल है लेकिन उतना
स्ट्रांग नहीं है अगर ये इसकी कंडीशन ये कर दी जाए अब ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो गया बस आपको समझ आ गई है ना क्योंकि अब इसने हाई से भी स्वीप कर दिया और लो भी ब्रेक कर दिया अब अगर इसमें ये हो जाता। अब फिर से इसकी एक्यूरेसी ड्रॉप है क्योंकि इसके नीचे तो बहुत बड़ी विक आ गई है। तो मोमेंटम कैंडल की निशानी यह होती है कि जिस साइड पे वो ट्रेवल कर रही होती है, जिस साइड पे वो मूव कर रही होती है, उस साइड पे बड़ी विक नहीं आनी चाहिए। बॉडी तक क्लोज हो
जाना चाहिए उसको इस सूरत में। ठीक है? छोटी-मोटी विक हर कैंडल में होती है, उसका मसला नहीं है। तो, यह बात आपने याद रखनी है। अब ये अच्छी जो हमारे पास इस वक्त जो हमारे सामने आ रही है, यह बहुत जबरदस्त किस्म की एंगल्फिंग है। इस पे आप ट्रेड कर सकते हैं। फिर आ जाता है ब्रेकआउट रोल। तो ब्रेकआउट रूल में आपको बस यही बात बताई हुई है कि जो पहली कैंडल होती है उसका जो भी वॉल्यूम हो कोई मसला नहीं है। यह लें यह पहली कैंडल का यह वॉल्यूम है। जो दूसरी कैंडल है जो
उसका लो ब्रेक कर रही है या टू बार रिवर्सल बना रही है उसका वॉल्यूम इससे छोटा रहना चाहिए। अब कौन सी ऐसी सूरतें हैं कि जब प्राइस का वॉल्यूम बड़ा हो जाएगा। इसके बावजूद इसको हम ट्रेड कर लेंगे। तो वो भी अभी हम पढ़ लेते हैं। यहां तक आपको कोई बात समझ आ गई है अगर तो मुझे बस इतना बता देंगे। यस कि यहां तक हमें क्लियर है। फिर मैं आगे चलता हूं। चलिए ठीक है जी यहां पर पूरा दिन ट्रेड करेंगे नहीं पूरा दिन ट्रेड नहीं करेंगे समटाइ्स आपको क्लाइमेटिक एक्शन बार नहीं मिलेगी तब
आप इसको यूज़ कर लेंगे ठीक है क्लाइमेटिक बार नहीं मिल रही उस तरह का वॉल्यूम नहीं मिल रहा लेकिन तब आप इसको यूज़ कर सकते हैं एक और ऊपर चीज़ है टू बाय रिवर्सल किस टाइम फ्रेम में यूज़ करना चाहिए जो भी हम यहां पे आप पढ़ रहे हैं किस पीआई में पीओआई तो अच्छी होनी चाहिए ठीक है पीओआई तो होगा तो कोई मूवमेंट आएगी ना आपने मैं कितनी दफा एग्जांपल दे चुका हूं कि आपने लाहौर से कराची जाना तो आपको पहले पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पर जाना पड़ेगा। आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आपको पता है वह
क्या है? वह बस है या वह ट्रेन है या वह एरोप्लेन है या वह किस तरीके से आपने जाना है। ठीक है? तो जो आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होगा किसी स्टॉप पे तो आप जाएंगे ना पहले उसी स्टॉप से आपकी ट्रेडिंग स्टार्ट होगी। आपका जर्नी स्टार्ट होगा। तो यहां पे भी ऐसे ही है कि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट कुछ तो होगा। कोई स्ट्रक्चर लेवल आएगा। कोई आपका ऑर्डर ब्लॉक होगा, कोई फेयर वैल्यू गैप होगा। कोई ऐसी चीज होगी तो वहां पे साइन मिलेगा। तो आप उस पे ट्रेड कर सकते हैं। अच्छा जी। चलिए यहां तक आपको
समझ आ गई। इसको हम किस टाइम फ्रेम पे कर सकते हैं? किसी भी टाइम फ्रेम पे कर सकते हैं। ये बात भी याद रखें। इसके जितने भी रूल्स हैं वो हर टाइम फ्रेम पे अप्लाई होते हैं वीएसए के। चलिए अब इसको अब हम देखते हैं जरा चार्ट्स पे चल के। शुरू में अभी आप 5 मिनट 15 मिनट पे काम करें। आपके लिए ज्यादा बेहतर। अच्छा मैं आपको दिखाता हूं इसमें कि ट्रेंड के साथ ये ट्रेंड विद द ट्रेंड दोनों जगह पे आपको इसकी चीजें दिखाता हूं। यह जी मैंने कुछ दिन का डाटा निकाल के रखा
है पीछे से। अब यह देखें पहला तो आपसे यह सवाल है। सबसे पहले तो आप इसका जवाब देंगे कि अब यहां पे मैं आपको दिखाता हूं प्राइसेस आ रही है नीचे। ये लें जी प्राइस नीचे आ रही है। यहां से ओवरऑल वैसे भी ड्रॉप आ रहा है। अब इस ड्रॉप में पहले आपके पास ये कैंडल बनी एक ये इज़ इट अ टू बार रिवर्सल। इसको मैं मिटा देता हूं यहां से ताकि ऊपर कर लेते हैं। चलें। हां जी। इस जगह पे एक कैंडल ये बनी। उसके बाद नेक्स्ट कैंडल बनी बाय की कैंडल। ठीक है? यानी
सेल की कैंडल बनी। फिर बाय की कैंडल बनी। बाय के बाद फिर सेल की कैंडल बन गई। तो यह इनल्फिंग हुई है। देखिए ना यह कैंडल जो बाय की कैंडल थी यह वाली, यह इनल्फ हुई है रेड कैंडल से। रेड कैंडल ने इसको इनल्फ किया। तो, क्या यह टू बार रिवर्सल है? या अब आप मुझे यस या नो बता सकते हैं कि क्या यह टू बार रिवर्सल है या नहीं है? हां जी, क्वेश्चन जल्दी से जवाब दे दें। नहीं है, ठीक है जी? अच्छा। ठीक है। अब इसके दो जवाब हो सकते हैं। मुमकिन आप कह
रहे हो कि वॉल्यूम नहीं है, वॉल्यूम से पता नहीं चल रहा। तो, यह अगर इसका वॉल्यूम मैं आपको शो कर भी दूं, फिर भी यह टू बार रिवर्सल नहीं है। ठीक है? जिन्होंने नो कहा है, सबका जवाब ठीक है। इसमें अभी वॉल्यूम इन्वॉल्व ही नहीं होगा। वॉल्यूम कब इन्वॉल्व होगा? जब आपकी पहली शर्त पूरी होगी कि रिवर्सल होना चाहिए। यह तो पहली प्राइस नीचे आ रही है। उसमें सिर्फ एक कैंडल ऊपर बनी है बाय की और फिर दोबारा से रिवर्सल। तो, सेल साइड पे रिवर्सल कब आएगा? जब प्राइस उठ रही होगी, ऊपर जा रही होगी।
ऐसे ऊपर जा रही थी। यहां से प्राइस ने इसको एनगल्फ कर लिया इस कैंडल को। अब इसका रिवर्सल हम कह सकते हैं कि रिवर्सल आ गया। यहां पे तो यहां प्राइस नीचे आ रही है। ऊपर जा रही है इस तरह। ठीक है? ठीक है? जो मैंने ये एग्जांपल दी है। इसी तरह नीचे की देख लें। नीचे आ रही है प्राइस। इस तरह जैसे यहां पे नीचे आ रही थी। अब नीचे आते-आते यहां पे एक बाय की कैंडल बन गई। जैसे कि ये बनी है। इस बाय की कैंडल को दोबारा एंगल्फ कर लिया प्राइस ने तो
इनल्फिंग तो जरूर हुई है। लेकिन ये टू बार रिवर्सल नहीं है। रिवर्सल तब होता है जब प्राइस यहां से उठती ऊपर जाती और फिर यहां से रिवर्सल लेती। फिर उसको हम रिवर्सल कहते हैं। तो ये बात आपने याद रखना है। ये कंटिन्यूएशन पैटर्न्स होते हैं। इनको आपने टू बार रिवर्सल नहीं कहना कि ये टू बार बन गया। बस इसको आपका इंग्ल्फिंग हो गई है। बस या ये भी इनग्ल्फिंग हो गई है। ये भी इनल्फिंग हो गई है। टू बार ये नहीं बने। हां ये टू बार है। ये बन सकता है टू बार ये वाला। ठीक
है? इसका चलिए हम वॉल्यूम भी चेक करते हैं। मुझे नहीं पता इसका मैंने नहीं चेक किया हुआ। अभी हम चेक करते हैं। यह ले यह टू बार रिवर्सल। अब इसमें क्या हुआ? मोमेंटम कैंडल तो बनी लेकिन वॉल्यूम बड़ा हो गया। तो इसको अब छोड़ देंगे। क्यों छोड़ेंगे? एक तो हमारा बेसिक रूल पूरा नहीं हो रहा। ठीक है जी? कि हमारा मोमेंटम कैंडल तो है लेकिन वॉल्यूम बड़ा हो गया। पहली चीज। दूसरा ये कि ये अभी इस वक्त जो साइन बन रहा है वो अगेंस्ट द ट्रेंड बन रहा है। क्यों अगेंस्ट द ट्रेंड बन रहा है?
आपका ट्रेंड तो बेरिश है। प्राइस नीचे आई यहां तक। फिर एक छोटी सी रिट्रेसमेंट इसने ली है। फिर नीचे आ गई। फिर रिट्रेसमेंट ली फिर नीचे आई तो अगेंस्ट अ ट्रेंड आप इसको कोशिश कर रहे हैं छोटे टाइम फ्रेम में 15 मिनट में ठीक है तो अगेंस्ट अ ट्रेंड तो जाना ही नहीं पहली बात तो आपको ये समझाई है अब इसमें आप ट्रेड कब करेंगे यानी साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ है ना ये आप बाय देख रहे हैं साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ कब देखेंगे जब ट्रेंड ओवरऑल बुरिश होगा बुलिश ट्रेंड की रिट्रेसमेंट आएगी ऐसे यहां पे आप इसको
ढूंढेंगे ये टू बार रिवर्सल अच्छा काम करेंगे गिरती हुई मार्केट में टू बार रिवर्सल बार-बार यह देखिए फिर बना हुआ है यानी पूरी इंग्ल्फिंग हुई है या नहीं हुई फिर बना हुआ है यहां पे आपको मैं ऐसे दिखा सकता हूं सैकड़ों बने होंगे गिरती हुई मार्केट में टू बार बने होंगे इस तरह लेकिन वो काम नहीं करते फेल हो जाते हैं तो कैंडल उसके बाद क्योंकि वो अगेंस्ट अटेंडेंट जा रहे होते हैं अब। तो ये चीज़ याद रखनी है। दूसरा ये कि ये टू बार रिवर्सल नहीं है। टू बाय रिवर्सल नहीं है। यहां आप इसको
देखें क्या ये टू बार रिवर्सल है? इसका बताएं चले इसका जवाब दें आप। इस वाले को मैं कर रहा हूं यहां से डिलीट। ठीक है? अब आप आ जाएं इस जगह पे। इसको नज़र में रखें। हां, यह मुझे बताएं। इसका वॉल्यूम भी आपको शो हो रहा है। छोटे वॉल्यूम से ऊपर जा रही है। ठीक है? तो क्या यह ट्यूब रिवर्सल है? जल्दी से चैट में बता दें। यह मैं इसलिए करता हूं ताकि आपका ध्यान भी लगा रहे और थोड़ा सा मुझे आईडिया भी हो जाए चीज कितनी समझ आ रही है। क्या यह ट्यूब रिवर्सल है?
जी। ठीक है जी। सबका जवाब है कि टू बार रिवर्सल नहीं है। क्यों नहीं है जी टू बार रिवर्सल? इसलिए कि प्राइस पहले ही बुलिश है। तो बुलिश प्राइस में एक कैंडल की रेंज हुई है और प्राइस दोबारा बुलिश हो गई है। तो रिवर्सल कब होता है? बुलिश रिवर्सल कब होता है? यहां पे हो सकता था ऐसी जगहों पे कि प्राइस नीचे आ रही है। यहां पे एक एंगल्फिंग होती स्टंग सी हम कहते टू बार रिवर्सल बन गया। ठीक है? एक साइड पे एक ड्रॉप के बाद बनता। तो यहां पे तो कोई ड्रॉप नहीं आया।
ऊपर जाती मार्केट में एक कैंडल की रेंज हुई है और उसका हाई ब्रेक हो गया। तो यह टू बार नहीं कहलाएगा। बेशक इसका दूसरा रूल पूरा है बल्कि पहला भी पूरा है कि यह मोमेंटम कैंडल है और यह लो वॉल्यूम से ब्रेकआउट हुआ है। इसके बावजूद यह टू बार रिवर्सल नहीं है। कंटिन्यूएशन पैटर्न ठीक है ये। यानी एक एंगल्फिंग हुई है इनल्फिंग के हिसाब से। ठीक है? लेकिन हमारा रूल इस पे पूरे नहीं हो रहे टू बार रिवर्सल वाले। अब चलते हैं कुछ ऐसे एग्जांपल्स कि आपको इसको देखना कब है? किस सूरत में देखना है।
हां जी। अब यहां पे आपने देखा इस जगह पे कि प्राइस अपना हाई लगाती है। चलिए हम इसको इस तरह ही मानते हैं कि अभी अभी तक बेरिश है। ठीक है? ठीक है? अभी तक हम इसको बेयरिश ही मानते हैं। वैसे अगर देखा जाए तो इस जगह पे थोड़ी सी स्ट्रक्चर की बात भी कर लेते हैं। स्ट्रक्चर में भी कंफ्यूज़ आती हैं। अक्सर यह देखिए प्राइस ने अब यहां पे वेव कैसे लगाई है? ये आपका एक लो था। ये लो लगा हुआ है पहले। ठीक है? जो भी रिट्रेसमेंट थी प्राइस ऊपर गई लो लगाया। लो
लगाने के बाद इसने इसका हाई मार लगाया होगा कहीं पे। दोबारा देख लेते हैं। ये लें। चलें जी। यह पूरी एक वेव लगी हुई है यहां से लेके। यह देखिए ना यह लो नहीं ब्रेक हो रहा। यह लो लगा था इस वक्त। फिर यह लो दोबारा इसने अपनी जगह पे रखा। लो यह लगा हुआ है और हाई यह लगा हुआ है। तो बस इतनी सी चीज़ मार्क कर लिया करें बस। ठीक हो गया? अब क्या यह लो ब्रेक हुआ? यह लो ब्रेक हो गया। जब यह लो ब्रेक हो गया तो ये क्या हो गया? आपके
पास मोमेंटम शेयर मैं पीछे नहीं देख रहा। पीछे क्या हुआ? मैं आपको बस ये समझा रहा हूं कि प्राइस ऊपर जा रही है। आपने एक लो और एक हाई मार्क कर लिया। जो भी आपको नजर आ रहा है। आखिरी यहां से आपने एनालिसिस करना है। आखिरी ये लो है। ये हमारे पास आखिरी हाई है। आपने लो मार्क कर लिया। अब प्राइस नीचे आती है। नीचे आते आते आते आते आते इसको आपने देखना है कि प्राइस यहां पर इसको ब्रेक किए बगैर कुछ साइन बनाती है। वह साइन अभी आपने पढ़ने हैं। ऐसे बना दे तो बहुत
अच्छी बात है। यहां से आपको मैंने बताया था कि ये पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होता है। यहां से आपको ट्रेड मिलती है। देखिए मिली भी है इस जगह पे। ठीक हो गया? लेकिन आपने क्या देखा? कि अब प्राइस ने लो ब्रेक कर दिया अपने इस जगह पे। जब लो ब्रेक कर दिया इसको मार्क कर लिया आपने कि ये लो ब्रेक हो चुका है। तो कंफर्म हाई पीछे कौन सा था? वो आपको नजर आ रहा है ये वाला। ठीक है? फिलहाल के तौर पे मैं ये ले रहा हूं। आपको मैं चले एग्जैक्ट बता देता हूं। यह आई
आपके पास एक वेव। यह वेव आई। ज़ूम इन कर लेते हैं। थोड़ा सा ध्यान देंगे। चलिए थोड़ा सा टॉपिक से हट रहे हैं। लेकिन ये चीज भी जरूरी है साथ-साथ क्योंकि स्ट्रक्चर में बहुत लोग फंसते हैं आगे। ये देखें अब आप यहां से प्राइस ने ड्रॉप देना शुरू किया। ठीक है? पीछे हम नहीं जा रहे बहुत ज्यादा। ये लें। ये एक लो लगा दिया। लो लगाने के बाद आखिरी सेल की कैंडल ये थी। इसका हाई ब्रेक हो गया। यह हाई लगा। फिर यह लो ब्रेक हो गया। ठीक है जी? अब आखिरी हाई कौन सा है?
यह वाला। फिर प्राइस ऊपर गई। आखिरी सेल की कैंडल का हाई ब्रेक करने हाई ब्रेक कर दिया और उसके बाद यह लो ब्रेक हुआ यह वाला। ठीक है? इसको नहीं मानेंगे हम लो ब्रेक होना ना इसको मानेंगे क्योंकि यहां पे तो यह लो ब्रेक ही नहीं हुआ। लो तो ब्रेक हो रहा है यहां पे आके। यह मोमेंटम कैंडल नहीं है। मोमेंटम कैंडल जब तक नहीं होगी, हम लो ब्रेक नहीं मानेंगे। तो, लो ब्रेक हुआ इस जगह पे आके इस कैंडल से। इसका क्या मतलब हुआ कि आपके पास आखिरी लो कौन सा है? यह और आखिरी
हाई कौन सा है? यह। बस, इसके ऊपर प्राइस गई, इसने आपका मोमेंटम शिफ़्ट यहां पे कर दिया। जिन लोगों को समझ आ गई है अच्छी बात है या जिनको समझ नहीं आई प्रॉब्लम का उनको मसला आ रहा है प्रॉब्लम आ रही है इस चीज में तो आप स्ट्रक्चर की क्लास जब तक आप स्ट्रक्चर नहीं ठीक होगा आगे मसले रहेंगे स्ट्रक्चर की क्लास को बार-बार देखें बार-बार बार-बार एक बार दो बार 10 बार देखें उसको बेशक जल्दी नहीं है जैसा अभी वो बैच 41 वाले कह रहे हैं कि हमें चीज की समझ नहीं आई या कुछ
चीजें एक दो लोग होंगे ऐसी जिनको नहीं समझ आ रही होगी तो आपने क्या करना है आपको जल्दी नहीं है अपने आपको हम ये कहेंगे कि आपका कोर्स खत्म हो गया अब आप फरग हैं इधर ही रहेंगे आप रिपीट करते रहेंगे रिपीट करते रहेंगे डिस्कर्ड में भी आ जाएंगे फिर आगे चलती रहेगी कहानी इसी तरीके से तो तो आप सीख जाएंगे आहिस्ता-आहिस्ता। अब देखिए ये मैंने आपको सामने करके दिखा दिया। ठीक है? यहां से मैंने पकड़ लिया इसको और पीछे ले के जाएंगे और पीछे चले जाएंगे लेकिन रिकॉर्डिंग फिर लंबी हो जाती है। तो यहां
से हम इसको ले रहे हैं ये स्ट्रक्चर। ये लो लगा दिया। फिर ये हाई लगा दिया। फिर लो लगाया। फिर ये हाई लगाया ये वाला। बस देखना ये होता है कि जब आप हाई मार्क कर रहे हैं तो क्या प्राइस ने अपनी आखिरी सेल की कैंडल को ब्रेक किया ऊपर? बस ये चीज़ देखनी है। तो यहां पे ब्रेक किया। ब्रेक करके फिर ये नीचे आ गई। तो ये हमारा आखिरी हाई था। तो हमारा आखिरी हाई यहां पे ब्रेक हो गया। जब आखिरी हाई ब्रेक हुआ, मोमेंटम शिफ्ट हो गया, तो यह हमारा ब्रेकआउट स्ट्रक्चर यानी हमारा
मोमेंटम शिफ्ट हो गया। अब ये जो रेजिस्टेंस थी अब ये एज़ अ सपोर्ट काम करेगी यहां पे। तो देखिए कितना परफेक्ट उसने यहां से काम किया और यहां पे आके दोबारा साइन बना दिया। तो ये चीज़ बन गई ये ये। ठीक है? तो मैंने आपको कहा था कि पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट यह है और दूसरा यह है। तो इस जगह पे आके आपको ये टू बार रिवर्सल मिल रहा है आपके पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे आपको टू बार रिवर्सल मिल रहा है। अब इसको गौर से देखें। यानी यह अब बुलिश ट्रेंड में
बन रहा है। ठीक है? मैं इसलिए इतनी डिटेल में गया हूं कि आपको मैं यह दिखा सकूं कि यह अगेंस्ट ट्रेंड नहीं है। यह अब मोमेंटम शिफ्ट करने के बाद बिल्कुल जो सपोर्ट बिकम्स रेजिस्टेंस वाली बात है या रेजिस्टेंस बिकम सपोर्ट है उस पे आके टू बार रिवर्सल बन रहा है। तो इस चीज़ का ख्याल रखना है। 15 मिनट का टाइम फ्रेम क्यों रखा है ताकि आपको आपके पास ये साइन बनने के बाद टाइम हो थोड़ा सा आप सोच भी सकें। ये आपके सामने आहिस्ता-आहिस्ता कैंडल्स बन रही हो। आपको समझ आ जाए किस तरीके से
आपने करना है। अब यहां पे देखें इस जगह पे जी। यहां पर टू बार रिवर्सल तो बन गया लेकिन वॉल्यूम देखें तो नीचे वॉल्यूम बड़ा है। यह देखें यह वॉल्यूम बड़ा है। हालांकि आपको मैंने यह कहा था कि जो टू बार रिवर्सल जो कैंडल एंगल्फ करती है उसका वॉल्यूम छोटा होना चाहिए। यहां पे उसका वॉल्यूम छोटा रहना चाहिए। यह तो बड़े वॉल्यूम से है। अब ये क्यों है? इसका कोई बंदा जवाब दे सकता है ताकि मुझे आईडिया हो। क्या आप इसका जवाब दे सकते हैं? अब मैं यह कह रहा हूं यह वैलिड है। यानी अगर
यह मेरे सामने बनता है इस जगह पे, तो मैं यहां पे सीधी-सीधी एक बाय की ट्रेड लूंगा इस जगह पे नीचे इसका स्टॉप लॉस होगा 10 12 पे नीचे छोड़ के। और इसको फिर मैं कैसे होल्ड करूंगा? यह जो हाई है इस हाई तक कम से कम पहला टारगेट है। ठीक है? कम से कम पहला। लेकिन अबकि ट्रेंड चेंज हो चुका है तो आप इसको 1 2 1 3 यानी यह होल्ड करेंगे तो फिर यह थोड़ी बहुत ऊपर चली जाएगी। लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि आप ₹1000 पे होल्ड कर लें। ट्रेंड कंटिन्यू होता रहता
है। आपने बस अपना दिन का टारगेट देखना है। वह आपका यहां पे पूरा हो रहा है। यहां पे पूरा जहां पूरा हो रहा है लेके निकल जाए। फिर दोबारा बैठ जाएं अगले दिन। ठीक है? अगले दिन नहीं मिलती ट्रेड उससे अगले दिन बैठ जाएं। बाहर होल्ड करना चाहें, तो उसका तरीक़ा आपको रिस्क मैनेजमेंट में बताऊंगा ट्रेड मैनेजमेंट में। अब कोई बंदा यह बता दे कि यहां पे जब यह हमारे पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट अच्छा था। हमारा स्ट्रक्चर लेवल है। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे आने के बाद प्राइस ने टू बार रिवर्सल बनाया। एंगल्फिंग अच्छी की। लो से
भी इनल्फ किया, हाई से भी इनल्फ किया। लेकिन उसमें वॉल्यूम बड़ा कर दिया। तो, यह मैं कह रहा हूं कि मैं इसको ट्रेड आपके सामने आइंदा भी करेंगे हम। आप लोग भी करेंगे। तो, बड़े वॉल्यूम से टू बार बना है। तो, कैसे इसको ट्रेड क्यों? बड़ा वॉल्यूम क्यों है? मैं क्यों कह रहा हूं कि यह वैलिड है। अब आपने इसका जवाब चैट में लिखना है जल्दी से जरा। मैं यहां पढ़ के सुना दूंगा ताकि जो लोग रिकॉर्डिंग देख रहे हैं उनको भी समझ आ जाए। ठीक है यार। जबरदस्त है। माशा्लाह बेहतरीन है। अच्छा जवाब दिया
आप सब लोगों ने। सब लोग कह रहे हैं कि जी लिक्विडिटी इनवॉल्व हो गई है। मैंने हल्का सा इशारा दिया था इस जगह पे कि ये लिक्विडिटी का साइन होता है। ये डॉलर बना हुआ है। ठीक है? अच्छा अब जिन लोगों को नहीं समझ लिक्विडिटी की अभी जाहिर है आपने पढ़ी नहीं है। बैच 14 बैच 41 ने भी नहीं पढ़ी। आप लोगों ने नहीं पढ़ी। ये सब लोगों ने रिकॉर्डिंग्स देख लिखी हुई है या जानते हैं काम पहले से। यहां पे क्या मसला है? यहां पे मसला यह है कि प्राइस ने इस जगह पे आके
एक सपोर्ट बनाई है। देखिए यह प्राइस आई। यहां पे इसने आके एक सपोर्ट बनाई। सपोर्ट के बाद यह बाय दिखाया। यह देखिए दो कैंडल्स बड़ी स्ट्रांग बाय की बनी है। तो इसके नीचे ना लोग क्या करते हैं। जब बाय की स्टंग कैंडल्स देखते हैं, देखते हैं यह पूरी रेंज का ब्रेकआउट हो गया है। तो यहां से लोग बाय के ट्रेड्स लगा के स्टॉप लॉस नीचे रख लेते हैं इन जगहों पे। यहां पे स्टॉप लॉस आ जाता है। तो इसको कहते हैं लिक्विडिटी। किसी भी स्विंग लो के नीचे और किसी भी स्विंग हाई के ऊपर। मैंने
क्यों कहा पहला टारगेट यहां पे होगा क्योंकि ये लिक्विडिटी है इसके ऊपर भी। यह भी स्विंग हाई बन रहा है। तो किसी भी स्विंग लो के नीचे, किसी भी स्विंग हाई के ऊपर लिक्विडिटी होती है। वहां पे लोगों के ऑर्डर्स होते हैं। पेंडिंग ऑर्डर्स होते हैं। लिमिट्स सब कुछ लगा होता है यहां पे। स्टॉप लॉस होते हैं। टीपीस होते हैं। ठीक है? तो प्राइस क्या करती है? उसको लिक्विडेट करती है। उसको उन लोगों को निकालती है। अब जिन लोगों ने यहां से बाय किया था इस कैंडल पे कि ये बड़ी जबरदस्त कैंडल बनी है ये
वाली कैंडल या ये कैंडल बड़ी अच्छी मोमेंटम से क्लोज हुई है। दो कैंडल्स मुकम्मल क्लोज हो गई है। ऊपर रेंज का इस रेंज का भी ब्रेकआउट कर दिया है। तो यहां से लोग इंटरेस्टेड होते हैं। बाय करते हैं। स्टॉप लॉस नीचे रखते हैं। अब जाना इसने बाय था। उनकी उनकी ये अंडरस्टैंडिंग थी कि यहां से बाय होगा। लेकिन प्राइस लिक्विडिटी के बगैर नहीं जाती। ये पेट्रोल है समझ लें इसका। इसको एंट किए बगैर नहीं जाती। प्राइस अमूमन चली भी जाती है। बहुत दफा जाती है। अमूमन नहीं जाती। आपको इसका वेट करना चाहिए। अब अगर आपको
इस प्राइस इसकी लिक्विडिटी स्वीप कर लेती है। इतनी रेंज के बाद प्राइस लिक्विडिटी स्वीप देखिए ना आप 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 तो 11 या 12 कैंडल्स का मतलब है कि 3 घंटे 3 घंटे प्राइस इस ज़ोन में रही है तकरीबन तो नीचे इसने प्राइस ने इसको स्वीप नहीं किया। यहां पे इसने विक लगाई। विक लगाने के बाद टू बार रेसल बना दी। तो इसका ऑटोमेटिकली वॉल्यूम बड़ा होना बनता है। क्योंकि यहां पर जो लोगों के ऑर्डर्स थे ना स्टॉप लॉस लगे हुए थे या पेंडिंग ऑर्डर्स थे सेल के
जो भी था उनकी ये ट्रांजैक्शंस है ना ये नंबर ट्रांजैक्शंस आ रहा है। ये जो वॉल्यूम बढ़ा होता है इसका मतलब है कि इसमें ज्यादा ट्रांजैक्शन हुई हैं। तो ये ऑटोमेटिकली वॉल्यूम बढ़ जाता है क्योंकि इसमें ज्यादा ट्रांजैक्शंस होती हैं। इसमें लोगों के स्टॉप लॉस हिट होते हैं। तो स्टॉप लॉस हिट होना भी एक ट्रांजैक्शन होती है। तो उस ट्रांजैक्शन को काउंट करते-करते ये वॉल्यूम थोड़े से बड़े हो जाते हैं। बंदा टू बार है तो इसको आप ट्रेड कर सकते हैं। अगर लिक्विडिटी इनवॉल्व हो गई है। अगर लिक्विडिटी इनवॉल्व नहीं हुई, तो फिर हर सूरत
इसका वॉल्यूम छोटा रहना चाहिए। जो कैंडल इंगल्फ़ कर रही है। एंगल्फ़िंग कैंडल का वॉल्यूम हमेशा छोटा रहना चाहिए। अनलेस वह कोई लिक्विडिटी स्वीप ना कर ले। लिक्विडिटी स्वीप कर ली। अब आप इसको जाने दें। अब आप इसको जाने दें बिल्कुल। ठीक? अब यह बाय है। अच्छा जी। उसके बाद और एग्जांपल देखते हैं। अब यहां पे दोबारा देखें। प्राइस ने फिर एक इंपल्स वेव लगाई। यानी ये पूरा स्ट्रक्चर ब्रेक कर दिया। पूरा स्ट्रक्चर ब्रेक करने के बाद यह देखिए ना यह पूरा स्ट्रक्चर था ये वाला। यहां से स्टार्ट हो रहा है यह पूरा। दोबारा उसी जगह
पर यह आपकी रेजिस्टेंस थी। यह भी आपकी रेजिस्टेंस थी। अब इसको एज अ सपोर्ट लेगी प्राइस यहां पर। बिल्कुल स्ट्रक्चर प्ले हो रहा है। आपको मैंने पहली क्लास में बताया हुआ है कि आपका पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट यह होता है। यह यह देखिए यह सेम चीज इस मार्केट में चल रही है। तो यह आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। अब इस पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे आपको एविडेंस चाहिए वॉल्यूम का। मिलेगा तो बहुत अच्छी बात है। नहीं मिलेगा तो जब तक नहीं मिलता आप उसको छोड़ के रखेंगे। अच्छा जी। अब यहां पे कुछ मिल रहा है इस
टाइम फ्रेम में। छोटे में शायद मिला हो इस टाइम फ्रेम में जिसको हम देख रहे हैं। इसमें फिलहाल यहां पे हमें कोई चीज नहीं मिल रही। ठीक है जी। जी कोई ऐसा एविडेंस नहीं है। टू बार रिवर्सल नहीं है। मैं क्लाइमेटिक बार की बात भी नहीं करूंगा अभी या मैं किसी और चीज़ की किसी और साइन की बात नहीं कर रहा। अभी मैं सिर्फ बात करूंगा जो हम पढ़ रहे हैं ताकि आपको इसकी पहचान हो। प्राइस दोबारा उठ गई दोबारा हल्की सी रिट्रेसमेंट आई। अब इसके अंदर जो भी होता रहे ये आपका आखिरी लो है।
ये आपका आखिरी हाई है। यही हो गई बात। इसके अंदर जो भी मूवमेंट होगी वो इसका इंटरनल मैटर होगा। अब यहां पे ये हमारा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बनता है। हमें यहां पे कोई एविडेंस चाहिए था। यहां पे नहीं मिल रहा तो प्राइस यहां पे आपको दे रही है ऊपर जाके। यहां पे क्या है? यह देखिए। ये है आपकी सेल की कैंडल। यह वॉल्यूम बड़ा है थोड़ा सा। बाकियों से तो बहुत छोटा है। लेकिन आपने बस इन दो कैंडल्स का देखना है जिनमें इनल्फिंग हुई है। एक यह कैंडल और एक जिसने एंगल्फ किया है। दूसरी कैंडल
देखें। इसका वॉल्यूम उससे भी छोटा आ गया है। ये देखें मैं इसको ज़ूम इन करता हूं। ये ज़ूम करके देखें आप इसको। अब देखें इसका इस कैंडल का वॉल्यूम देखें। जो सेल की कैंडल है वॉल्यूम बड़ा है थोड़ा सा। जिसने एंगल्फ किया उसका वॉल्यूम और भी छोटा है। अब यहां पे क्या लिक्विडिटी इन्वॉल्व हुई है? अभी यहां पे इस वक्त कोई लिक्विडिटी होती है स्विंग्स लो पे ऐसे या कम से कम एक दफा जब बाय स्टार्ट होती है ना वो दिखाई जाए उसके नीचे लिक्विडिटी होती है। अच्छा इसमें अगर लिक्विडिटी इनवॉल्व हुई भी है तो
इस कैंडल में हुई है। सेल की कैंडल्स में ये अगर एक सपोर्ट बनी है ना आगे ये सपोर्ट बनी है तो सेल की कैंडल्स में वॉल्यूम ऑलरेडी बड़ा हो गया है। ये देखिए। अब तो हमें देखना ही नहीं है ना लिक्विडिटी इन्वॉल्व हुई है कि नहीं। क्योंकि हमारा ऑटोमेटिकली जो साइन बन रहा है वो हमारे रूल्स के मुताबिक है। रूल्स क्या है? नंबर वन मोमेंटम कैंडल, नंबर टू लो वॉल्यूम। तो हम क्यों देखें लिक्विडिटी रिसीव हुई है कि नहीं? हमारा साइन बन गया। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पर आकर हमने बाय करना है। बड़े वॉल्यूम आपने या
लिक्विडिटी तब देखना है कि वॉल्यूम बड़े वॉल्यूम से टू बार बन गया। तो अब आप उसकी वजह देख लें। क्या लिक्विडिटी रिसीव हो रही है उस कैंडल में इस तरह? ठीक है? अगर हो रही है तो ठीक है। बड़ा वॉल्यूम भी चलेगा। नहीं हो रही तो बस फिर छोटे सी आपने बाय करना है। दूसरी एग्जांपल हो गई। दोबारा फिर आप ये देखें। अब इसने फिर स्ट्रक्चर ब्रेक कर दिया। ये देखें। ये कब की एग्जांपल्स हैं? इसी पिछले हफ्ते की एग्जांपल्स हैं। ये किस 20 तारीख से लेकर स्टार्ट किया और आगे तक इसको मार्क किया थोड़ा
सा। ठीक हो गया? अच्छा। अच्छा, अब यहां पे फिर यह सेम चीज़ बन गई। अब यहां पे क्या है? यह देखिए। पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट प्राइस आई है। रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो गई। यह आखिरी बाय की कैंडल यह थी। इसका लो ब्रेक हुआ। रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो गई। जब रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो गई, तो आपको पता चल गया कि डाउन साइड मूव आ गई है। जब डाउन साइड मूव आ गई है, तो अब रिवर्सल आपका आ सकता है। तो, पहला रिवर्सल कहां पे आ रहा है? यह आ रहा है। ये ये बड़ा वॉल्यूम था। नेक्स्ट कैंडल ने इसको एंगल्फ
किया। लो वॉल्यूम के साथ। यहीं से आपकी ट्रेड है। नीचे आपका स्टॉप लॉस है। ठीक हो गया जी। यहां पे क्या बन रहा है? यहां पे नहीं बन रहा। लेकिन बस जो पहले वाला बना हुआ है वही आपका वैलिड है। उसी के नीचे आपका स्टॉप लॉस है। स्टॉप लॉस तो नहीं है। यहां पे लगा प्राइस पर चलेगी दोबारा। तो ट्रेंड के साथ ट्रेड करने का क्या तरीकाकार है? ये सब एग्जांपल्स आगे भी हैं। इन जगहों पे भी हैं। लेकिन यहां पे क्यों दिखा रहा हूं? ट्रेंड बिलकुल क्लियर चल रहा है। तो इसलिए कहता हूं ट्रेंड
के साथ ट्रेड बेखम हो के करें। बेखौफ होके करें। वो आपकी चलेगी। अगेन से ट्रेंड थोड़ा सा आपको डरना चाहिए। अब यहां पे आके देखें। जी हमारे पास कोई लेवल है। 3400 का साइकोलॉजिकल लेवल है। जो भी है। यहां पे आके क्या हुआ? प्राइस ने हाई लगा दिया। रिट्रेसमेंट आ गई। प्राइस ऊपर गई दोबारा यहां पे आके देखें। यह है जी छोटा वॉल्यूम। यह छोटे वॉल्यूम की कैंडल है। उसको स्ट्रांगली एनंगल्फ किया है बड़े वॉल्यूम ने। ठीक है? मोमेंटम कैंडल है और लिक्विडिटी स्वीप कर चुकी है प्राइस ऊपर। एक फिक लगा दी है इसने। इसका
मतलब है कि इसमें अगर बड़े वॉल्यूम वाला भी बन जाएगा तो वो भी चलेगा। ठीक है? इख्तियात करनी है क्योंकि आपका ट्रेंड बुलिश है। मैं शायद ये ट्रेड ना लूं। देखिए मैं आपको दिखा दे रहा हूं कि जब लिक्विडिटी इन्वॉल्व हो जाती है तो फिर लिक्विडिटी इन्वॉल्व होने के बाद आपका बड़े वॉल्यूम वाला टू बार रिवर्सल भी चलेगा। अगर एंगल्फिंग बहुत अच्छी है तो इसकी इन्ल्फिंग बहुत जबरदस्त है। बड़ी इनग्ल्फिंग है। तो इसमें जब यह बड़ा बन जाता है ना तो इसका तरीकाकार यह होता है कि आप इसके टेस्ट का वेट कर लें। 50% कम
से कम टेस्ट का वेट कर लें। यह जगह और भी अच्छी होती है। टेस्ट का वेट कर लें। उसके बाद फिर आप इसमें ट्रेड ले सकते हैं। अगर बड़ा बन जाए छोटे-मोटे बने हैं। जैसे यहां बन रहा है, यहां बन रहा है। इनका कोई मसला नहीं है। स्ट्रेट अवे उसी जगह से आपने ट्रेडें लेनी है। अब इसमें लोग ये पूछते हैं कि जी ये तो एंगल्ग्ल्फिंग वाला यानी प्राइस एक्शन का पैटर्न है एंगल्फिंग वाला। तो उसमें वॉल्यूम का क्या किरदार है? तो वॉल्यूम का किरदार सिर्फ यही है। इसमें कि आप वॉल्यूम देख के ट्रेड करते
हैं। एंगल्फिंग्स तो सारा दिन होती हैं। ठीक है? एंगल्फिंग सारा दिन होती हैं। ये भी एंगल्फिंग है। ये भी एंगल्फिंग है। एंगल्फिंग सारा दिन होंगी। लेकिन हम कहां देखते हैं? दो चीजें। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट अच्छी जगह पे ड्रॉप पे होना चाहिए अगर आपने बाय करना है तो। और दूसरी अहम चीज ये के वॉल्यूम जो नेक्स्ट कैंडल है जो एंगल्फ कर रही है उसका वॉल्यूम लो होना चाहिए। अगर वो उसने लिक्विडिटी रिसीव नहीं की तो उसकी है तो फिर बड़े वाली भी चल जाएगी। ठीक हो गया? ये सेल की ऑप्शन देखें। सेल का साइन देखें इस
जगह पे। उसके बाद यहां पे आके देखें। ये अब यहां पे क्या है? ये कितनी जबरदस्त सपोर्ट बना के उठी है प्राइस। ये देखें सपोर्ट बनी है। तो जो सपोर्ट की लाइन होती है उसके नीचे लिक्विडिटी होती है। अब इन कैंडल्स ने लिक्विडिटी रिसीव की है यहां पे। लिक्विडिटी रिसीव करने के बाद फिर वही चीज बन रही है। टू बाय रिवर्सल। आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आ गया पीछा या आप प्राइस ने लिक्विडिटी जनरेट कर दी। अब यहां पे पीछे देखा जाए तो 15 मिनट में कुछ भी नहीं है। कोई पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट नहीं है। यहां
पे एक ही पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बन रहा है कि प्राइस ने सपोर्ट क्रिएट की। लिक्विडिटी जनरेट हो गई। सपोर्ट पे लिक्विडिटी आ गई ऑटोमेटिकली। प्राइस ने उसको स्वीप किया और टू बार बना दिया। बस यहां से आपकी बाय है। दोबारा नीचे आपका स्टॉप लॉस है और यहां से ऊपर। अब इसमें और चीज़ भी मुमकिन है कोई एशियन हाई लो भी हो। मैं उस पे भी नहीं जा रहा। मुमकिन है कोई टाइम क्या है यह? और यह 6:45 नहीं एशियन हाई लो नहीं है लेकिन यह है कि आर्म सपोर्ट की जो लिक्विडिटी होती है वह उसमें
काम कर रही है। अच्छा जी अब इस चीज की समझ आई है कि इसमें मैं क्या बात बताना चाह रहा हूं आपको कि अगर हमारे रूल सिंपल है। ब्रेकआउट रूल ही पे आपने काम करना है। बस इसके अलावा कोई चीज नहीं है इसमें। ब्रेकआउट रूल होना चाहिए। ब्रेकआउट रूल कब आप उसको थोड़ा रिलैक्स कर सकते हैं अगर प्राइस लिक्विडिटी कर रही है। अब आपको किसी और टाइम फ्रेम में भी चले तो मैंने एग्जांपल्स निकाल के रखी हुई थी। हम किसी और टाइम फ्रेम में चले जाते हैं। 1 ऑवर में इसको देख लेते हैं। 30 मिनट्स
में भी देख सकते हैं। मिसाल के तौर पे यहां पे देखें। ठीक है? अब यह क्या है? इन चीज़ों को ट्रेड करने का तरीका आपको बताऊंगा कि आपने इसको कैसे ट्रेड करना है। यह भी ट्रेडेबल है। यह भी ट्रेडेबल है। देखिए स्टॉप लॉस आपने खुद इसमें मैनेज करना होता है। मैंने स्टॉप लॉस अब यहां पे बहुत बड़ा बन गया है। यह 3304 है। यहां पे 3328 है। तो उसको छोड़ दें बस। यहां पे कोई साइन टेस्ट पे बनेगा, तो ठीक है। जैसे आज की अगर आप वेव देखें, तो यहां पे अब इस इस कैंडल पे
तो नहीं ट्रेड हो सकती। जैसे मर्ज़ी अच्छी कैंडल बन जाती। ठीक है? एक पैटर्न बना था हमारा 15 मिनट पे। यह आपको बताऊंगा पैटर्न। यह वाला पैटर्न। यह बाय का पैटर्न होता है बार-बार। देखिए प्राइस उससे नीचे नहीं उतर रही ना। यहां पे फंस गई। एक तो अब फ्राइडे है उस वजह से भी। दूसरा प्राइस इसके नीचे नहीं उतर रही। ये बड़ा स्ट्रांग पैटर्न है। लेकिन लाइव पे बात हुई थी। तो मैंने यह पूछा कि इसका स्टॉप लॉस भी कहां रखेंगे? स्टॉप लॉस उसके इसके नीचे होता है। कैंडल के नीचे तो बहुत बड़ा बन रहा
है। तो ऐसी जगहों पे आप ट्रेड नहीं करेंगे। फिर आपने दिन में ऐसी जगह देखनी है कि आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट अच्छा हो। स्टॉप लॉस मैनेजेबल हो। आपका यानी रिस्क उस पे काम करता होगा। रिस्क मैनेजमेंट में चीज़ पढ़ेंगे बड़े डिटेल से। उसके बाद फिर जब सपोर्ट ब्रेक होती है ना तो अगर टू बार नहीं बना ऊपर फिर भी वो ट्रेडेबल है। फिर अब वो अब्सॉर्प्शन कैंडल में होता है। वो जब उसकी बारी आएगी इंशाल्लाह वो भी पढ़ेंगे जरूर। तो इस पे आपने प्रैक्टिस करनी है। टू बार जो लोग लाइव पे हैं। बैच 41 तो
अभी नहीं है। बैच 40 वाले लाइव पे हैं। लाइव पे आप देखेंगे टू बार की बहुत ज्यादा बात होती है। आज भी हुई होगी। तो अच्छा साइन है ये ट्रेड करने के लिए। ये बहुत अच्छा साइन है। ये वो 15 मिनट वाले जो आपको दिखाए थे ये वन ऑवर पे भी है इसमें। नहीं सॉरी वन ऑवर पे तो शिफ्ट ही नहीं हुआ। ये वन ऑवर है। ये वो 15 मिनट वाले जो आपको मैंने दिए थे ये वो यहां पे नजर आ रहे हैं। अच्छा जी। यहां पे देखें। ये देखें। हां एक चीज और। ये देखें।
जैसे ये वाला टू बार रिवर्सल है। अब इसमें होता ये है कि दो चीजों का आपने ख्याल रखना है। सम टाइम्स ये होता है कि मैं आपको ये बना के दिखाता हूं। इसकी एग्जांपल ये है वैसे पहले ये देख लें। नीचे वॉल्यूम समटाइम इक्वल आ जाते हैं। इक्वल वॉल्यूम्स आ जाते हैं। मैं आपको यह बना के दिखाता हूं। जैसे प्राइस में सेल हो रहा है। आपके पास ओवरऑल जो ट्रेंड है वो बुलिश है। इस तरीके से इस तरह। ठीक है? ठीक है? ये बुलिश ट्रेंड चल रहा है। अब बुलिश ट्रेंड का मतलब है वो कोई
स्ट्रक्चर ब्रेक करके आया है। आपके किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे प्राइस आ जाती है। यहां पे कोई पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। कोई एफजी ऑर्डर ब्लॉक कुछ भी है। और यहां से प्राइस आपको एक बुलिश कैंडल बना देती है इस तरीके से ऐसे। और वॉल्यूम आ जाता है इस तरह। आमतौर पे इस तरह हो जाता है। आपको ये आप पीछे इसको बैक टेस्ट करेंगे। काफी दफा नजर आएगा। ये इसका वॉल्यूम था पहली कैंडल का और दूसरी का भी ये आ जाता है। ठीक है? जाहिर है वो बाय में आएगा यानी ग्रीन कैंडल में आएगा। इस तरह
आ जाता है। यह भी ट्रेडेबल है। ठीक है? अगर बराबर वॉल्यूम के साथ भी वापस मुड़ जाए यह भी ट्रेडेबल है। बस सिर्फ यह चीज है कि बड़ा नहीं होना चाहिए। इस तरह बड़ा नहीं यानी क्लियरली बड़ा नहीं होना चाहिए। वो फिर अगर हो रहा है तो फिर आप यह देखें कि उसने कोई लिक्विडिटी स्वीप की हो। बस फिर वो वो भी ट्रेडेबल है फिर। वरना पहली कोशिश आपकी क्या है कि लो वॉल्यूम से हो। चाहे लिक्विडिटी स्वीप हुई है या नहीं हुई। लो वॉल्यूम से हो। पहली चीज़। दूसरी चीज़ यह है कि पॉइंट ऑफ
इंटरेस्ट अच्छा हो। तीसरी चीज़ अगर लिक्विडिटी इनवॉल्व हो गई है तो फिर आप बड़े वॉल्यूम पे भी कर सकते हैं। इसको अब आपने देखना है सेल में बाय में दोनों तरफ। एक चीज़ का ख्याल रखना है कि जो ट्रेंड चल रहा है क्योंकि अब हम काम करेंगे या आप भी काम करेंगे ज़्यादा 5 मिनट पे। बस यह 5 मिनट पे काम करेंगे। तो, इसमें आपने बस इस चीज़ का ख्याल रखना है कि जिस टाइम फ्रेम पे भी यह बन रहा है, जैसे अभी यह बन रहा है, देखिए नीचे। यह देखिए, छोटे वॉल्यूम छोटी है प्राइसेस
इसको मैं ज़ूम इन कर देता हूं। ये वाला ये वाला। अब एक चीज आपको मैं थोड़ी सी उसकी पर्सनल उसकी बताऊं। यह चल तो गया है। बड़ा अच्छा चल गया यह वाला। देखिए इसने कितना अच्छा काम किया है। यह बनाया जी इस कैंडल से लो वॉल्यूम से। पिछली कैंडल इससे भी लो था। ठीक है? नेक्स्ट उससे भी लो वॉल्यूम से यानी लो वॉल्यूम था पिछली कैंडल में। नेक्स्ट उससे भी लो वॉल्यूम से प्राइस ने इनंगल्फ किया। स्ट्रोंगली चल गया। उसके बाद यह पैटर्न भी बना दिया। इसकी हम बात कर रहे थे। पैटर्न भी अच्छा चलता
है। लेकिन, एक बात का ख्याल रखना है कि जो इनंगल्फिंग ऐसी होती है ना जिसके नीचे विक नहीं होती। इस तरह इसके नीचे विक नहीं है ना अब देखिए आप। इसको कहते हैं इंस्टीट्यूशनल कैंडल। यानी इसमें फौरन से बाइंग स्टार्ट होती है। देखिए नीचे बिल्कुल भी वीक नहीं है। जरा सी भी वीक नहीं है। तो ऐसी कैंडल जो है वो इसमें आपने फौरन से बाय नहीं करना। यहां पे तो हो गई है। मैं जो एग्जांपल मेरे सामने आई उसमें तो हो गई है बाइंग फ़ौरन से लेकिन इसमें आपने फौरन से बाय नहीं करना क्योंकि आम
तौर पे प्राइस नीचे आती है। इसका लो स्वीप करती है पहले। इसके लो के नीचे हल्की सी वी विक लगा देती है। विक लगाने के बाद फिर उठती है। तो आप कोशिश करें कि ऐसी कैंडल से अगर एंगल्फिंग हो रही है। इसके नीचे बिल्कुल भी विक नहीं है। तो उसमें फिर वेट करें लो पे आने का। यह रूल नहीं बता रहा कोई आपको। ये बस आपको ऑब्जरवेशन बता रहा हूं कि आम तौर पे ऐसा होता है। ऐसी कैंडल का लो स्वीप होता है छोटी-मोटी विक से। फिर प्राइस ऊपर उठती है। क्योंकि ये इंस्टीट्यूशनल कैंडल है।
ये किसी ये उस वक्त बनती है जब यानी इसको जानबूझ के बनाया जाता है। आप ये समझ लें। ठीक है? फौरन से कोई प्रेशर आता है बाइंग प्रेशर तो ऐसी कैंडल बनती है जो नीचे जा ही नहीं सकती। इसमें प्रेशर इतना ज्यादा होता है कि प्राइस नीचे की तरफ मूव ही नहीं कर पाती। फौरन से ऊपर बुलिश हो जाती है। तो फिर इसकी लिक्विडिटी रिसीव करने के लिए आमतौर पे प्राइस नीचे आती है। फिर यहां से उठती है। आमतौर पे टू बार रिवर्सल पे ट्रेड कब लेनी है। उस पे ट्रेड करने का तरीका यह होता
है कि एक रिस्क आप यहीं से ले लेंगे। ठीक है? फौरन से आधा रिस्क। आधा रिस्क से मुराद क्या है? कि अगर आप 2% रिस्क लेते हैं एक ट्रेड पे। अब 2% क्या है? फॉर एग्जांपल आपका $1000 का डॉलर एक $1000 का आपका अकाउंट है। तो आपने इस पे ट्रेड करनी है 2% के हिसाब से तो आपका स्टॉप लॉस बनेगा $20 का। तो आप $10 का स्टॉप लॉस यहां से लगा सकते हैं और 10 का यहां से लगा सकते हैं। जब प्राइस इस वीक को टेस्ट करने आती है। इसकी सबसे अच्छी जगह यह होती है
50% टेस्ट। वही फिबोनाची वाला काम है। यानी उसमें स्ट्रक्चर ब्रेक होता है। यहां पे कैंडल ब्रेक हुई है। कैंडल ब्रेक हुई। 50% टेस्ट। यहां से आप गोल्डन ज़ोन से बाय करते हैं। ठीक है? तो इसमें आपने ख्याल रखना है कि कुछ रिस्क यहां से ले लें और बाकी यहां के लिए छोड़ दें। अवल तो कोशिश करें कि हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप का वेट करें। दिन में एक आधी ट्रेड मिले, दो मिले तो आपको वो क्लाइमेटिक बार्स में मिले। टू बाय रिवर्सल जगह-जगह बनते रहेंगे। आप परेशान भी होंगे। लेकिन जो रूल्स बता रहा हूं जो जगह और
तरीके बता रहा हूं इस पे रहेंगे तो इंशाल्लाह नहीं होगा आपको लॉस। यह देखिए यह भी 50% से उठी है। इसमें जब भी आप इसको देखेंगे आम तौर पे 50% से ही यह काम करती है। यह काम भी हो जाता है। देखें। अब यहां पर क्या चक्कर है? यह देखें यह प्राइस नीचे आ रही है। इसको गौर से देखें। अच्छी एग्जांपल सामने आ गई है। यह प्राइस ड्रॉप दे रही है। अच्छा अब इसमें हमने एक चीज गौर करनी है कि आपके पास आखिरी सेल की कैंडल कौन सी है? ये एक कैंडल बनी हुई है। अच्छी
कैंडल बनी हुई है। ठीक है? ये मैं ये आगे वालों की बात नहीं कर रहा। सिर्फ इन कैंडल्स की बात कर रहा हूं। ये बनी है ना? लेकिन ये तो इसके अंदर है। इस कैंडल के अंदर है। अब ये बनी है। इसकी बॉडी इसके अंदर है। तो आखिरी सेल की कैंडल आपके पास जो इंडिपेंडेंट कैंडल है जिसने कोई नीचे ब्रेकआउट किया वो ये वाली है। जितनी ऊपर वाली लेंगे ना उतना आपको फायदा होगा। यह आपका लो बन रहा है। अब इसको मैं अगली क्यों क्यों नहीं मान रहा? इसको क्यों नहीं कह रहा? क्योंकि इसने तो
कोई ब्रेकआउट किया ही नहीं। इनसाइड बाहर आए। तो सिर्फ एक लगाइए नीचे। ठीक है ना? पिछली कैंडल के अंदर है। इस कैंडल को देखें। यह भी पिछली सेल की कैंडल के अंदर है। तो आखिरी जो इंडिपेंडेंट कैंडल है जो किसी पिछली कैंडल के अंदर नहीं थी वो ये वाली कैंडल है। ठीक है? तो इसका हाई जब तक ब्रेक नहीं होगा इसको हम रिट्रेसमेंट नहीं मानेंगे। ठीक है? जब रिट्रेसमेंट नहीं हुई और चलती मार्केट में एक ये कैंडल बन गई तो देखिए प्राइस ने इसका स्टॉप लॉस हिट कर दिया ऊपर जाके। यानी यहां पर इसको इस
कैंडल को मैं टू बार रिवर्सल या एनल्फिंग इस तरह से एंगल्फिंग तो है टू बार रिवर्सल यह नहीं है क्योंकि रिट्रेसमेंट नहीं आई रिट्रेसमेंट नहीं हुई अगर आखिरी जो सेल की कैंडल थी इसका हाई ब्रेक हो जाता प्राइस ऊपर जाती और यहां पे एंगल्फिंग बनाती तो ये अच्छा काम करती फिर आप इस पे ट्रेड कर सकते थे 50% टेस्ट पे वेट करते और ट्रेड कर लेते तो यहां पे स्टॉप लॉस क्यों हिट हुआ है हालांकि बाय की कैंडल्स के बाद यह रिवर्सल आया है ठीक है वॉल्यूम भी लो है कैंडल भी मोमेंटम है फिर भी
स्टॉप लॉस हिट हुआ तो एक जवाब तो इसका यह है जो कि एक वैलिड इसका आंसर है वो यह है कि किसी भी सेटअप का स्टॉप लॉस हिट हो सकता है चाहे वो हाई प्रोबेबिलिटी बिलिटी है चाहे वह लो प्रोबेबिलिटी है। जाहिर है स्टॉप लॉस हिट होने का चांस तो है। इसलिए तो हम रिस्क मैनेजमेंट पढ़ते हैं एंड पे जाके कि रिस्क कैसे मैनेज करना है फिर इसके साथ। क्योंकि इसमें प्रोबेबिलिटीज़ तो टूटने की भी हैं और चलने की भी हैं। दूसरी चीज़ वो टेक्निकल रीज़न आपको मैंने बता दिया। टेक्निकल रीज़न यह है कि इसने
अभी तक रिट्रेसमेंट नहीं ली थी। रिट्रेसमेंट ले लेती उसके बाद टू बार बनता तो फिर वो अच्छा चलता। लेकिन चकि ये रेंज के अंदर ही बन गया तो फिर प्राइस ने उसका हाई स्वीप कर दिया। गई फिर भी नहीं चाहिए। लेकिन हाई लिक्विडिटी स्वीप करने के बाद गई है। ठीक हो गया? तो इसको हम पूरी एक ही वेव काउंट करेंगे। इस तरह इसमें कोई यह रिट्रेसमेंट यहां पे नहीं है। चलिए जी इसको आपने देखिए असल चीज यह है कि एक घंटे की क्लास में कोई भी बात इस तरीके से नहीं होती कि बस वो अब
फाइनल हो गई। आपको सारी समझ आ गई है। हां बेसिक कांसेप्ट आपको समझ आ जाता है। बाकी आपकी अपनी प्रैक्टिस है और लाइव में बैठना है। लाइव में बैठने का फायदा ये होता है ना कि वहां पे आगे क्या है हमें भी नहीं पता ना। ना आपको पता है ना हमें पता है। तो फिर देखेंगे गलती हमसे भी होगी। आपसे भी होगी। ओवरऑल आप प्रॉफिट में रहेंगे हमेशा। ये मेरा आपसे वादा है इस तरह। कि रूल्स को फॉलो करेंगे। ओवरआल कब आपका अकाउंट हमेशा प्रॉफिट में होगा इंशाल्लाह। इस तरह नहीं होगा कि आपका प्रॉफिट ओवरऑल
लॉस में चला जाए। कोई एक स्टॉप लॉस हो गया, दो स्टॉप लॉस हो गए, महीने में 10 स्टॉप लॉस हो गए। उसकी टेंशन ना लें। उससे डबल आपके टीपी भी हट होंगे इंशा्लाह। चल जी। अब इसकी रिकॉर्डिंग करते हैं बंद। आपने कोई मैसेज में बात करनी है तो आप कर सकते