28 सितंबर सन 1987 गो यानिया ब्राजील गवानिया के एक सरकारी हॉस्पिटल में एक औरत अपने हाथ में एक बोरी लेकर डॉक्टर के पास पहुंची और वो उस बोरी को डॉक्टर के टेबल पर गुस्से से पटक देती है डॉक्टर ने कहा यह क्या बदतमीजी है तो उस औरत ने आगे से बोला इस बोरी में कुछ तो ऐसा है जो मेरी पूरी फैमिली की जान ले रहा है देखिए अब डॉक्टर ने मन ही मन सोचा लो आ गई एक और पागल लेकिन उस डॉक्टर को कोई अंदाजा नहीं था जो उस बोरी में था वह ना सिर्फ उस
औरत के परिवार को मार रहा था बल्कि वह पूरे शहर के लिए नर्क का दरवाजा खोलने जा रहा था और अब वही नर्क का दरवाजा उसके डेस्क पर पड़ा हुआ था आगे बढ़ने से पहले मैं आपको बता दूं इस कहानी को दिल्ली में जो रेडिएशन फैला था यानी उस कोबाल्ट 60 की वजह से यहां ऐसी कोई भी बात नहीं होने वाली क्योंकि इस इंसीडेंट का कोबाल्ट 60 से कोई लेना देना नहीं है हां लेकिन यह जरूर सच है दिल्ली का इंसिडेंट इस केस के सामने चीटी के समान है यह इंसीडेंट ना कि आप को अंदर
से चूस लेगा बल्कि एक दो हफ्ते तक आप इस कहानी को सुन सदमे में चले जाओगे क्योंकि आज हम बात करने जा रहे हैं दुनिया के सबसे खतरनाक और अनफॉरगेटेबल गवानिया एक्सीडेंट की सन 1985 गवानिया के एक प्राइवेट रेडियोथेरेपी क्लीनिक को एक नई बिल्डिंग में शिफ्ट करना था और पुरानी वाली बिल्डिंग को तोड़ दिया जाना था लेकिन लास्ट मिनट लीगल डिस्प्यूट की वजह से उस क्लीनिक को तोड़ा नहीं गया जिससे कुछ मेडिकल इक्विपमेंट सालों तक वहां वहां वैसे के वैसे ही पड़े रहे समय बीतता गया और उस पुरानी बिल्डिंग की हालत खस्ता होती गई एक
दिन कुछ चोरों की नजर इस बिल्डिंग पर पड़ी 10 सितंबर सन 1987 वैगनर पीरा और रोबर्ट एल्विस नाम के दो चोर उस पुरानी बिल्डिंग में घुसे वहां उन्हें एक जैकपोट हाथ लगा देखने में वो एक बहुत ही महंगी मेडिकल डिवाइस लग रही थी लेकिन उन चोरों को कोई अंदाजा नहीं था कि वो चीज आखिर थी क्या उन दोनों ने उस मशीन को चुराने का फैसला लिया लेकिन वो मशीन इतनी बड़ी और भारी थी कि वो उसे एक बार में उठाकर नहीं ले जा सकते थे फिर उन दो चोरों ने उस मशीन का सबसे महंगा दिखने
वाला पार्ट उस डिवाइस से रिमूव किया फिर वो दोनों उसे एलवेस के घर ले गए अब उन्होंने प्लान बनाया कि वो इस चुराए हुए पार्ट को डिस्मेंटल करके स्क्रैप मार्केट में बेच देंगे लेकिन वो कुछ करते इससे पहले वह बहुत ही बुरी तरह से बीमार पड़ गए बुखार और डायरिया के लक्षण देख उन्हें लगा शायद उन्होंने कुछ गलत खा लिया होगा पर अब जो उनके साथ होने वाला था शायद उसका अंदाजा उन्हें भी नहीं था देखिए अब उस चोर वैगनर परेरा की हालत कुछ ज्यादा ही बिगड़ने लगी और उसकी एक हथेली में एक अजीब सा
रैश हो गया देखने में जलने के निशान जैसा लग रहा था जब वो डॉक्टर के पास दिखाने गया तो डॉक्टर ने उसे कहा कि ये एक एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है कुछ दिन बेड रेस्ट करो तुम ठीक हो जाओगे वहीं दूसरी ओर दूसरा चोर यानी एलवेस उस डिवाइस को पूरी जद्दोजहद से डिस्मेंटल करने को लगा हुआ था लेकिन उस मशीनी पार्ट को खोलना कोई बच्चों का खेल नहीं था तीन दिन की मेहनत और मशक्कत के बाद एलवेस उस मशीन के पार्ट को खोलने में सफल रहा जैसा कि की एलवेस को अंदाजा था उसे उस मशीन
से एक बहुत ही वैल्युएबल स्क्रैप मेटल मिला जैसे कि लट सबसे ज्यादा ध्यान उसका एक एलुमिनियम के सिलेंडर ने खींचा जो कि उस डिवाइस के एकदम सेंटर में पड़ा हुआ था उस सिलेंडर में एक ग्लास विंडो थी एलवेस ने एक स्क्रू ड्राइवर से उस गिलास को तोड़ा तो उसमें से चावल के दाने जैसी चीज मिली जिसे टच करते ही वह पाउडर बन हवा में फैल गई उसे कोई अंदाजा नहीं था वह पाउडर क्या चीज थी पर आगे चलकर यही पाउडर गवानिया सिटी की 70 प्र इमारतें ताश के पत्तों की तरह गायब करने वाला था आज
की यह सच्ची कहानी किसी जॉम्बी अपोकलिप्टो 5 महीने पहले जो बिटकॉइन 50 लाख का था वो आज 90 लाख टच कर चुका है क्यों फटा ना कलेजा अभी यूएस इलेक्शन की वजह से क्रिप्टो ने एक ऑल टाइम हाई टच किया है एक्सपर्ट्स की माने तो दिस इज द राइट टाइम टू इन्वेस्ट इन क्रिप्टो क्योंकि ये अभी और ऊपर जाएगा बट क्रिप्टो में इन्वेस्ट कैसे करें व्हिच प्लेटफार्म टू यूज यहां आता है इंडिया का बिगेस्ट क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइन स्विच यह बिल्कुल सेफ एंड सिक्योर प्लेटफॉर्म है और अब आप यहां क्रिप्टो फ्यूचर्स में ट्रेड कर सकते हो
जहां आपको मिलती है लोएस्ट फीस 350 प्लस कांट्रैक्ट्स और अब 225 एकस लेवरेज मतलब आप सिर्फ ₹1 से 25000 की ट्रेडिंग कर सकते हो प्लस बिगिनर्स को मिलता है पहले 15 दिन के लिए 100% फी रिवेट कॉइंस विच फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ऑफ इंडिया से रिकॉग्नाइज्ड है और 2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स इस प्लेटफॉर्म पर ट्रस्ट करते हैं इसलिए कॉइन स्विच पर प्रूफ ऑफ रिजर्व्स भी मेंटेन किया जाता है इनकी कस्टमर होल्डिंग 1952 करोड़ करोड़ की है और टोटल कॉइन स्विच होल्डिंग 2515 करोड़ की विच शोज स्ट्रंग फाइनेंशियल हेल्थ ऑफ कॉइन स्विच इसके अलावा कॉइन स्विच
ने कॉइन स्विच केर्स भी लच किया है जिसमें 600 करोड़ का रिकवरी फंड तैयार किया है फॉर हेल्पिंग वजर एक्स हैक्टर यूजर्स टू विड्रॉ फंड्स यही नहीं कॉइन स्विच दे रहा है 1 पर कैश बैक और पहले 30 दिनों के लिए जीरो ट्रेडिंग फी डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में आपको कोइ का लिंक मिल जाएगा चेक इट आउट कप प्रोडक्ट एंड एटी आर अनरेगुलेटेड एंड कैन बी हाईली रिस्की दे मे बी न रेगुलेटरी र्स फर ए लॉस फ्रॉम सच ट्रांजैक्शन जैसा कि मैंने आपको बताया एल्बस ने उस सिलेंडर को बाहर निकाला उसमें कुछ चावल जैसे दाने
दिख रहे थे जैसे ही उसने उसको टच किया वो चावल के दाने पाउडर बन हवा में फैलने लगे एल्विस को कोई आईडिया नहीं था यह पाउडर क्या चीज थी लेकिन जहां तक उसे पता था वो चीज उसके लिए बिल्कुल बेकार चीज थी फिर एलवेस उसे एक स्क्रैप यार्ड में ले गया जहां उसने उस मशीन के पार्ट्स को डेवेयर फरेरा नाम के स्क्रैप डीलर को बेज दिया फरीरा ने उसे अपने गैराज में रख दिया लेकिन रात को जब वह स्क्रैपयार्ड का राउंड म कर रहा था तो उसने देखा गैराज में पड़ा वो स्क्रैप जो उसने मॉर्निंग
में खरीदा था उसमें से रोशनी बाहर निकल रही थी वो ग्लो कर रहा था उसमें से कुछ नीले रंग की रोशनी बाहर निकल रही थी जो उसे अपनी ओर बुलाई जा रही थी वो उसकी ओर अट्रैक्ट होने लगा उसके नजदीक जाते ही फरीरा ने देखा कि वो ब्लू लाइट एक एलुमिनियम कैन में से एक चौक जैसी चीज से बाहर निकल रही थी फरीरा वैसे तो स्क्रैप मटेरियल का एक्सपर्ट था लेकिन उसने ऐसा ग्लोइंग पाउडर अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखा उसने सोचा यह पक्का कोई जेम स्टोन का क्रश पाउडर होगा और अगले तीन दिनों तक
उसने अपनी फैमिली और रिश्तेदारों को बुलाकर इस चमत्कारी चीज को दिखाकर शो ऑफ किया यही नहीं उसने इस पाउडर को तो अपने रिश्तेदारों में बांटना भी चालू कर दिया उन्हीं रिश्तेदारों में से एक आदमी आरो फेरेरा जो इस चमत्कारी पाउडर को अपने घर ले गया उसने सोचा यह चीज उसकी बेबी गर्ल को बहुत पसंद आएगी जैसा आइवो ने सोचा उसकी बेटी को वो मिस्टीरियस पाउडर बहुत ही पसंद आया उसकी बेटी ने उस मटेरियल के साथ खेलना चालू कर दिया और उसने उस पाउडर को अपने हाथों और चेहरे पर लगा लिया जिससे उसका पूरा चेहरा नाइट
बल्ब की तरह ग्लो करने लगा लेकिन आइवो की बेटी की मौज मस्ती ज्यादा टाइम तक नहीं चली अपने चेहरे पर उस पाउडर को लगाने के कुछ ही मिनटों बाद वो छोटी बच्ची बहुत ही बुरी तरह से उल्टी करने लगी और हैरानी वाली बात तो यह थी कि उसकी उल्टी से भी नीले रंग की रोशनी बाहर निकल रही थी और वहीं दूसरी ओर अब स्क्रैप डीलर डेवेयर फरीरा की वाइफ बहुत ही बीमार पड़ने लगी वोमिटिंग और डायरिया से उसका भी बुरा हाल था वो लोकल हॉस्पिटल जाती है तो डॉक्टर ने भी उसे यह कहकर घर भेज
दिया कि पक्का यह कोई एलर्जिक रिएक्शन है कुछ दिन आराम करो ठीक हो जाओगे वहीं उसी रात स्क्रैप यार्ड का मालिक फरीरा भी काफी बीमार हो गया लेकिन फिर भी वोह काम पर जाता रहा और जो सामान उसने उन चोरों से खरीदा था उस सामान की अपने बंदों से ट्टा करवाने लगा अपने काम की चीजें व अपने पास रखता गया और बाकी बचे सामान को वह दूसरे स्क्रैप डीलर को बेच देता है इसी तरह वो मशीन और उस मशीन का पाउडर अब पूरे गवानिया सिटी में फैलने लगा और कुछ पार्ट्स तो शहर के बाहर भी
जा चुके थे जहां सभी लोग यह सोच रहे थे कि वो फूड पॉइजनिंग की वजह से बीमार पड़ रहे हैं वहीं स्क्रैप यार्ड के मालिक डिवेट फेरेरा की वाइफ मारिया के दिमाग की बत्ती जली उसे ख्याल आया जब से वो पाउडर और स्क्रैप हमने अपने रिलेटिव्स को दिखाए हैं हम सब बीमार पड़ रहे हैं हो ना हो यह कचरा ही सभी बीमारियों की जड़ है देखिए मारिया इतनी पढ़ी लिखी तो नहीं थी लेकिन जब डॉक्टर ने उसे कहा कि उसे सिंपल एलर्जी हुई है तो वो चुप करके नहीं बैठी क्योंकि उसे अंदर से आवाज आ
रही थी कि जब से यह पाउडर घर में आया है तब से वो और उसके रिश्तेदार बीमार पड़ रहे हैं क्योंकि उन्होंने भी उसे टच किया था मरिया से चुप ना बैठा गया तो मारिया ने अपने एक वर्कर जेराल्ड ला सिल्वा को उस बोरी को उठाने को कहा जिसमें वो पार्ट्स और पाउडर था और फिर ढेरों लोगों से भरी पूरी फुल बस में बैठकर गवानिया के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में पहुंच गए और वो उस कबाड़ की बोरी को डॉक्टर के डेस्क पर पटक कर बोली मुझे कोई अलर्जी लर्जी नहीं है यह है साली वो चीज जो
हमारे पूरे खानदान की जान ले रही है और हमारे रिश्तेदारों को भी मार रही है डॉक्टर भी सोच में पड़ गया फिर उसने मारिया से कुछ सवाल पूछे इसने कितनों को बीमार किया और यह कबाड़ आया कहां से वगैरह वगैरह क्यों ने के बाद डॉक्टर को लगा यह किसी प्रकार की ट्रॉपिकल डिजीज हो सकती है जैसे कि डेंगू या चिकन बुनिया इसलिए डॉक्टर ने मारिया को नियरेस्ट ट्रॉपिकल डिजीज क्लीनिक में भेज दिया मरिया के जाने के बाद डॉक्टर को कुछ तो अजीब लग रहा था उसे घबराहट होने लगी और वो खांसने लगा उसने उस कबाड़
को उठाया और हॉस्पिटल के बाहर एक टूटी हुई चेयर पर रख दिया वो कोई चांस नहीं लेना चाहता था देखिए डॉक्टर के इसी डर के चलते उसने फोन उठाया और सीधा हायर अथॉरिटी का फोन लगाकर इसको रिपोर्ट किया उधर मारिया और उसका वर्कर ट्रॉपिकल डिजीज क्लिनिक में पहुंचे वहां पहुंच उन्हें पता चला सिर्फ उन्हीं का परिवार नहीं जिनके साथ यह सब कुछ हो रहा है बाकी लोग भी सेम सिमम के साथ वहां आते जा रहे थे और जिस बस में वो उस कबाड़ को लेकर हॉस्पिटल में पहुंची थी हैरानी वाली बात तो यह थी वो
सेम बस उस ट्रॉपिकल डिजीज क्लीनिक के बाहर खड़ी थी और उस बस के सारे यात्री उल्टियां करते हुए उस क्लिनिक में घुसे जा रहे थे हर तरफ भगदड़ मची हुई थी ऐसा लग रहा था जैसे गवानिया सिटी में सचमुच जॉम्बी अपोकलिप्टो पिकल डिजीज क्लीनिक में किसी भी डॉक्टर को इसके बारे में कुछ कुछ नहीं पता चल रहा था कि यह चीज क्या है और लोगों को क्या होता जा रहा है लेकिन एक यंग डॉक्टर अपनी एक थ्योरी बनाता है भाउ से पेशेंट की स्किन जली हुई थी कईयों की स्किन में स्वेलिंग आ चुकी थी और
स्किन का कलर चेंज हो रहा [संगीत] था उस यंग डॉक्टर को कुछ-कुछ तो अंदाजा हो रहा था कि यह क्या हो रहा है लेकिन अगर वह अपनी यह थ्योरी अपने सुपीरियर्स को बताता तो उसका मजाक बन सकता था लेकिन फिर भी उसने फोन उठाया और सीधा हायर अथॉरिटी को कॉल लगा डाली और अपनी थ्योरी के बारे में सब को बता दिया 28 सितंबर सन 1987 मेडिकल फिजिसिस्ट डॉक्टर मोंटो के ऑफिस में एक कॉल आती है एक्चुअल में उस दिन डॉक्टर को एक नहीं बल्कि दो बहुत ही अनयूजुअल कॉल आती हैं पहली थी गवानिया हेल्थ डिपार्टमेंट
से जो बता रहा था कि एक औरत उसके डेस्क पर कुछ कचरा छोड़ गई है और कह रही है यह चीज सबको मार रही है और दूसरी कॉल थी उसी शहर के ट्रॉपिकल डिजीज क्लीनिक से उस यंग डॉक्टर की जो बताता है कि उसे शक है कि उसके पेशेंट्स शायद रेडिएशन का शिकार होते जा रहे हैं देखिए डॉक्टर मोंटो एक बार के लिए किसी एक कॉल को नकार भी सकते थे लेकिन एक ही जगह से एक ही दिन में कुछ ही घंटों के अंतराल उसे दो फोन कॉल आ जाती हैं इसलिए उसने सोचा हो ना
हो गवानिया सिटी में कुछ तो अनयूजुअल हो रहा है जैसे ही डॉक्टर मोंटो ने फोन नीचे रखा तो उसने चौथी फ्लोर से जब विंडो से नीचे झांका तो उसने देखा बाहर बहुत से लोग चिल्लाते हुए सड़कों से अपनी गाड़ियां छोड़ कहीं भागे जा रहे थे कुछ कंधों पर लादकर तो कुछ अपने बच्चों को सीने से लगाकर जिसे देख डॉक्टर मोंटो की फटके हाथ में आ गई इसलिए डॉटर मोंटो ने अपने कांपते हुए हाथों से फोन उठाया और गवानिया स्टेट एनवायरमेंट डिपार्टमेंट को कॉल किया और उस बोरी में जो स्क्रैप मेटल था उसे जांच करने के
लिए एक साइंटिस्ट भिजवाने की रिक्वेस्ट की ताकि पता लगाया जा सके गवानिया सिटी में आखिरी यह चल क्या रहा है एनवायरमेंट डिपार्टमेंट ने वाल्टर फरीरा नाम के एक मेडिकल फिजिसिस्ट को इसकी इन्वेस्टिगेशन की जिम्मेवारी सौंपी और उसे उस सरकारी हॉस्पिटल की ओर रवाना किया जहां वो अजीबोगरीब सी मेटल स्क्रैप वाली बोरी पड़ी हुई थी डॉक्टर फरेरा ने अपने इंस्ट्रूमेंट का जुगाड़ किया और टैक्सी पकड़ निकल पड़ा रास्ते में उसने रेडिएशन मीटर को टेस्ट करने का सोचा कि चलो इसे ऑन करते हैं देखते हैं क्या होता है लेकिन जैसे ही उसने उसे ऑन किया तो उस
रेडिएशन मीटर के अलार्म बजने लगे और उस मीटर की सुई ऐसे हिलने लगी जैसे कूद कर बाहर आ जाएगी डॉक्टर वोल्टर ने सोचा शायद ये डिवाइस ही खराब होगा इसलिए उसने टैक्सी घुमाने को कहा और ऑफिस से एक नया रेडिएशन मीटर उठाया इस बार डॉक्टर वाल्टर ने उस डिवाइस को को ऑफिस से बाहर निकलते ही चालू कर दिया और फिर से वही हुआ सेम रिजल्ट मीटर की सुई फटने को तैयार थी ऐसा होने का एक ही मतलब हो सकता था प्रॉब्लम रेडिएशन मीटर में नहीं बल्कि उसके आसपास कहीं बहुत ही बड़ी मात्रा में कोई ऐसा
एनर्जी सोर्स है जो लगातार आयनाइजिंग रेडिएशन एमिट कर रहा है कोई अनजान शक्ति उसके अगल-बगल घूम रही थी जिसे देख डॉक्टर वाल्टर की फटके हाथ में आ गई उसने एक बार के लिए तो सोचा शहर छोड़ कहीं दूर भाग जाऊं लेकिन उसने हिम्मत जुटाई और जिस काम के लिए उसे अपॉइंट्स नहस हो जाएगा डॉक्टर वोल्टस के उस सरकारी हॉस्पिटल पहुंचते ही जो उसने देखा उसे देख उसे चक्कर आने लगे उसने देखा वहां पर तो बहुत सारी फायर एंबुलेंस खड़ी हुई थी देखिए बात यह थी जिस डॉक्टर को एक दिन पहले मारिया वो बोरी पकड़ा करर
गई थी वो डॉक्टर उस बोरी को लेकर इतना ज्यादा नर्वस हो गया था कि उसने इमरजेंसी सर्विसेस को बुला लिया और उसने कहा इस बोरी को अभी के अभी कहीं ठिकाने लगाओ हैरानी वाली बात तो यह थी फायर ब्रिगेड वाले उस बोरी को नजदीकी नदी में बहाने वाले थे उनका बेड़ा गर हो लेकिन उस बोरी के साथ फायर डिपार्टमेंट वाले कुछ करते इससे पहले खुशकिस्मती से डॉक्टर वोल्टर वहां पहुंच जाते हैं और उन्हें कुछ भी करने से रोक देते हैं उसने कहा अभी के अभी पूरा हॉस्पिटल खाली करो नहीं तो यहां जितने भी पेशेंट हैं
सब सबकी लाशें बाहर निकलेंगी यह सब होने के बाद अब डॉक्टर वोल्टर को पता लगाना था कि यह साला कौन सा रेडियोएक्टिव सोर्स है और यह आया कहां से काफी छानबीन करने के बाद डॉक्टर वाल्टर ने रेडियो एक्टिव सोर्स को पहले तो मरिया के हस्बैंड के स्क्रैप यार्ड तक ट्रैक किया और फिर वहां से उसने इसका कनेक्शन पुराने रेडियोथेरेपी क्लीनिक के साथ निकाला उस पुरानी पड़ी हुई रेडियोथेरेपी क्लीनिक की बिल्डिंग पर पहुंचने पर उसे पता चला 2 साल पहले नई बिल्डिंग में शिफ्ट होते वक्त क्लिनिक वाले एक रेडियोथेरेपी मशीन वहीं भूल गए और वही मशीन
इस भयानक हादसे का कारण बन गई उस मशीन में एक एलुमिनियम सिलेंडर था जिसमें 93 ग्राम हाईली रेडियोएक्टिव सीसियम क्लोराइड था यानी सीजम सॉल्ट जो कि सीजम 137 रेडियोएक्टिव आइसोटोप से बना था मतलब कोबाल्ट 60 के पापा पापा नहीं पर दादाज मौजूद थे जो सबको वहां से टाटा बाय बाय बोलकर कहीं और निकल पड़े थे वो भी चोरों के हाथ देखिए अब डॉक्टर वाल्टर के लिए यह बहुत ही खतरनाक न्यूज़ थी आजकल रेडियोथेरेपी में सीजय को यूज नहीं किया जाता क्योंकि यह बहुत ही डेंजरस होता है अगर इसके सोर्स को मिस हैंडल किया जाए या
यह डैमेज हो जाए तो इसका अंजाम बहुत ही घातक हो सकता है क्योंकि सीजम क्लोराइड पानी और हवा में आसानी से घुल जाता है दूसरे शब्दों में कहूं तो सीजय एक न्यूक्लियर डिजास्टर ला सकता है लोग जॉम्बीज की तरह तड़प-तड़प कर मर जाते हैं लेकिन जिंदा होने की कोई गुंजाइश नहीं डॉक्टर ने अपनी फाइंडिंग्स को हायर अथॉरिटी को इफॉर्म किया जिसे सुन ब्राजीलियन सरकार के तोते उड़ गए कुछ ही मिनटों में गवानिया सिटी में न्यूक्लियर इमरजेंसी डिक्लेयर कर दी दी गई हजारों लाखों लोगों को भेड़ बकरियों की तरह बसेस में भर के शहर से बाहर
ट्रांसपोर्ट करने लगे पूरा शहर खाली होने लगा हर तरफ सन्नाटा था अब सबसे पहले तो रेडियो थेरेपी मशीन के पार्ट्स को ठिकाने लगाने का काम एक्सपर्ट्स को सौंपा गया एज ए प्रायोरिटी नंबर वन उस बोरी को उस चेयर से रिमूव करना काफी डेंजरस था इसलिए एक क्रेन की मदद से एक सीवेज पाइप को उठाकर उसे चेयर के ऊपर पड़ी बोरी के साथ ही कवर कर दिया गया और उसे कंक्रीट से भर दिया गया पूरे गवानिया शहर में अफरा अफ्रीका माहौल था ब्राजील के चप्पे-चप्पे से साइंटिस्ट और एक्सपर्ट्स आए जा रहे थे और उन्हें आवारा कुत्तों
की तरह न्यूक्लियर रेडिएशन के सोर्स का पता लगाने का काम सौंप दिया गया स्पेशल रेडियोमीटर फिटेड कार्स को गवानिया सिटी की गलियों में घुमाया गया ताकि कंटेम सोर्स को ढूंढा जा सके और फिर हेलीकॉप्टर्स को भी इसी काम के लिए लगा दिया गया गवानिया सिटी का एक ओलंपिक स्टेडियम हायर अथॉरिटीज ने उसे टेस्टिंग सेंटर में कन्वर्ट कर दिया ताकि जो लोग रेडिएशन के कांटेक्ट में आए उन्हें आइडेंटिफिकेशन और पानी की जांच करने के लिए एक लैब सेटअप की गई सर्च और इंस्पेक्शन के बाद यह आइडेंटिफिकेशन [संगीत] और कुछ को धीरे-धीरे डिस्मेंटल कर दिया तोड़े हुए
मकान और बिल्डिंग्स की जो डेबी थी उसे ट्रकों में भर शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट कर दिया गया इन टोटल 3500 टन सीजय कंटेम वेस्ट को पूरे शहर से रिमूव किया गया और शहर से 15 किमी दूर ले जाकर धरती में दफना दिया गया वहीं स्टेडियम में 1 लाख लोग जॉम्बीज की तरह आते जा रहे थे और स्टेडियम भरे जा रहा था 1 लाख लोगों का टेस्ट किया गया जिसमें से 1000 लोगों में कंटे कनेशन पाया गया और उनमें से भी 249 लोगों में हाईली रेडिएशन पाया गया ज्यादातर केसेस में स्किन के ऊपर लेकिन कुछ केसेस
में ब्लड के अंदर भी पाया गया उन 249 लोगों में से भी 20 लोग तो इतने ज्यादा रेडियो एक्टिव हो चुके थे कि उनकी पोटी और पेशाब को भी एज न्यूक्लियर वेस्ट मानकर डिस्पोज करना पड़ा रब द कृपा नाल ज्यादातर लोग कुछ महीनों में थोड़ा बहुत ठीक हो गए लेकिन जिंदगी भर उन्हें उस रेडिएशन से दिक्कतों का सामना करना ही पड़ेगा लेकिन हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं था उन दोनों चोरों में से वैगनर प्रेरा की दो उंगलियां काटनी पड़ी रोबर्ट एल्विस जिसने उस डिवाइस को डिस्मेंटल किया था उसे अपनी पूरी दनी बाजू गवानी पड़ी मारिया
का एक वर्कर जो उस बोरी को हॉस्पिटल लेकर गया था उसकी पीठ पर बहुत ही बुरी तरह से रेडिएशन बर्न हो चुका था और यह एक तरह का कॉमन सिम्टम्स था जो लोग डायरेक्टली सीजीएम के कांटेक्ट में आए थे और चार लोग तो ऐसे थे जिन्हें उसी मंथ अपनी जान गवानी पड़ी इनकी मौत कैसे हुई आपका कलेजा धरा जाएगा उनमें से सबसे से ज्यादा बुरी मौत उस 6 साल की बच्ची की हुई यानी आइवो की बेटी लीडे फरीरा की जिसने ना सिर्फ सीजम 137 को अपने चेहरे पर लगाया बल्कि उसने सैंडविच खाते समय उस ग्लोइंग
पाउडर को निगल भी लिया था उसकी मौत 23 अक्टूबर 1987 को बहुत ही बेरहमी के साथ तड़प-तड़प कर हुई उसी दिन उसकी आंटी मरिया जो उस बोरी को हॉस्पिटल में लेकर गई थी और जिसने उस स्क्रैप का कनेक्शन लोगों के बीमार होने से बताया था उसकी भी 37 साल की उम्र में हाई रेडिएशन के चलते तड़प-तड़प कर मौत हो गई वो भी इंटरनल ब्लीडिंग के चलते बचे दो जाने जिन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा वो दोनों मरिया के हस्बैंड के स्क्रैप यार्ड में काम करते थे जिन्होंने उस रेडियो एक्टिव आइसोटोप के साथ सिग्निफिकेंट टाइम
स्पेंड किया था कहते हैं उन दोनों की आंखें काली हो गई थी किसी भूत की तरह इस न्यूक्लियर इंसीडेंट की वजह से गवानिया सिटी के लोगों को बहुत ही मुसीबतों का सामना करना पड़ा जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता देखिए इस इंसीडेंट के एक साल पहले 1986 में चेर्नोबिल डिजास्टर हुआ था इसलिए जो लोगों में न्यूक्लियर इंसीडेंट के प्रति डर था वो ता और बहुत ज्यादा था और इसी डर के चलते गवानिया सिटी के लोगों को बहुत ही डिस्क्रिमिनेशन का सामना करना पड़ा बाहर के लोग गवानिया सिटी के लोगों से बात करने से भी डरते
थे मिलना तो बहुत दूर की बात पायलट उन्हें हवाई यात्रा से रिफ्यूज कर रहे थे बस ड्राइवर उन्हें बस में चढ़ने नहीं देते थे और बाहर वाले तो उन्हें किराए पर मकान भी नहीं देते थे यह सब तो ठीक था लेकिन बाहरी शहर के बिजनेसेस ने गवानिया सिटी के व्यापारियों से सामान खरीदने से मना कर दिया जिससे गवानिया सिटी के बड़े से लेकर छोटी कंपनीज की कमर टूट गई और व पारी सड़क पर आ गए डिस्क्रिमिनेशन की हद तो इतनी हो चुकी थी कि जिस दिन उस 6 साल की बच्ची को दफनाया जाना था तो
उसे रोकने के लिए करीब 2000 लोगों ने दंगे कर दिए कोई भी उस बच्ची को अपने कब्रिस्तान में दफनाना नहीं चाहता था लेकिन फिर भी हजारों पुलिस कर्मियों की सहायता से उस बच्ची को वहीं दफनाया गया उस बच्ची के लिए स्पेशल फाइबर ग्लास का कफिन बनाया गया जिसे अंदर से लेड से पेंट किया गया कहा तो यह भी जाता है उस बच्ची को उस कब्रिस्तान में दफनाने के बाद आज तक कभी भी किसी ने भी अपने करीबी को उस कब्रिस्तान में नहीं दफनाया वो आखिरी बच्ची थी जो उस कब्रिस्तान में दफना गई उसके बाद उसे
अबन छोड़ दिया गया गवानिया इंसीडेंट को हिस्ट्री का वन ऑफ द वर्स्ट न्यूक्लियर डिजास्टर माना गया पर अफसोस की बात यह है इसे आसानी से टाला जा सकता था इन्वेस्टिगेशन में पता चला क्लीनिक के ओनर ने उस मशीन को निकालने की भी कोशिश की थी पर प्रॉपर्टी के मालिक और उनकी कंपनी के बीच चल रहे लीगल डिस्प्यूट के कारण उस मशीन को ले जाने नहीं दिया गया खैर हमने कोबाल्ट 60 की भी बात की थी जिसका रेडिएशन दिल्ली में फैला था पता नहीं क्यों हर रेडियो एक्टिव आइसोटोप के पीछे किसी कबाडिया का कनेक्शन निकल ही
जाता है खैर आज भी वह सीजीएम 137 का कचरा कंक्रीट के अंदर उस टूटी हुई चेयर पर वैसे ही पड़ा हुआ है जिसे डॉक्टर ने सिर्फ कचरा समझा उसे इसका बिल्कुल अंदाजा नहीं था आगे चलकर वही कचरा गवानिया सिटी की 70 प्र इमारतें तोड़ने वाला था ओवर एंड [संगीत] आ और [संगीत]