नोटिस किया होगा आपने वेब सीरीज का ट्रेंड धीरे-धीरे खत्म सा हो गया है लोगों को चाहिए फास्ट एंटरटेनमेंट फटाफट छोटा जल्दी भूलने वाला लेकिन वो कहावत है ना सब्र का फल मीठा होता है तो पूरी फ्रेंचाइजर जिसमें खाकी माने पुलिस केसेस को डिटेल में दिखाया जाता है कुछ रियल लाइफ कहानियां हैं जिनका सच सिर्फ रियल लाइफ पुलिस ऑफिसर्स जानते हैं और अब जनता को बता रहे हैं बाय द पुलिस ऑफ द पुलिस फॉर द पब्लिक समझ गए बहुत कम लोग जानते होंगे खाकी का पार्ट वन सीरीज जिस ऑफिसर पे बनाया गया था उनको रियल लाइफ
में इस शो की वजह से सस्पेंड तक कर दिया गया था ऐसी न्यूज़ आई थी अच्छी बात यह है खाकी का फर्स्ट पार्ट और अब ये नेक्स्ट पार्ट दोनों का आपस में कोई लेना देना नहीं है रिश्ता है बस कंटेंट का जो उसमें भी जबरदस्त था और इस बार भी मस्त है तो अगर आप चाहो डायरेक्ट इस नए शो को देखना शुरू कर सकते हो या फिर मन करे तो पहले उसको देख लो बाद में इसको देख लेना मजा डबल हो जाएगा बंगाल के छोटे से फुटबॉल ग्राउंड में कुछ बच्चे पेनल्टी किक ले रहे हैं
जानते हो ना जब गोल और प्लेयर के बीच में सिर्फ अकेला कीपर खड़ा होता है अब इंटरेस्टिंग बात यह है यह गेम किसी फुटबॉल से नहीं हो रहा है एक इंसान के कटे हुए सर से खेला जा रहा है गोल तब तक पड़ने चाहिए जब तक सर फट ना जाए दूसरी तरफ पानी में जाल फेंककर कुछ मछुआरे मछली पकड़ रहे हैं फिर बाहर निकलता है 200 किलो का शिकार एक मरा हुआ आदमी जिसकी लाश पूरी तरह गल चुकी है डर गए यह कहानी है बंगाल के खून जमाने वाले क्रिमिनल शंकर बरुआ की किडनैपिंग मर्डर या
फिर फुटबॉल शहर में जो भी होता है उसके पीछे यही नाम होता है इस पूरे सिस्टम को पुलिस चलाती है और खुद इस पुलिस को शंकर बरुआ चलाता है प्यार से उसको बागा बोलते हैं जो बाग का शिकार करता है ये कोई सिंपल डॉन गैंगस्टर स्टोरी नहीं है यह सिर्फ एक धोखा है क्योंकि शो का लीड कैरेक्टर एक ह्यूमन स्केलेटन है मरे हुए इंसान का कंकाल जो शहर की सबसे बड़ी फैक्ट्री के नीचे जमीन में दफन है शायद मरने वाले को भी नहीं पता होगा कि उसकी हड्डियों से बंगाल की कहानी लिखी जाएगी अब ट्विस्ट
क्या है जानते हो शंकर बरुआ से पूरा बंगाल डरता है लेकिन तब क्या होगा जब शहर में वो आएगा जिससे बंगाल का पूरा पुलिस डिपार्टमेंट डरता है वर्दी वाला गुंडा ये टाइटल इन पे बहुत सूट करता है क्योंकि अक्सर ये क्रिमिनल से ज्यादा पुलिस वालों का पीछा करते हैं ईमानदारी या फिर गोली सिर्फ दो ऑप्शन होते हैं कहानी सेटअप कर दिए मैंने आपके लिए एक खून खराबे वाले फेस ऑफ के लिए बीच में वो स्केलेटन वाला सस्पेंस भी डाल दिया है अब यह सब कुछ आपस में कैसे जुड़ेंगे और कहानी के क्लाइमैक्स तक कौन से
कैरेक्टर जिंदा बचेंगे उसके जवाब आपको सात लंबे एपिसोड्स के बाद मिलेंगे शो का एक्सपेक्टेड यही है कि इसमें आप जो सोचोगे उसके ठीक उल्टा हो जाएगा इस कहानी में कोई हीरो नहीं कोई विलन नहीं सब शिकार हैं जिसको एक सांप खा जाएगा इस सांप के बारे में मैंने आपसे फिलहाल सब कुछ छुपा के रखा है क्योंकि असली मजा तभी आएगा जब शो आपको उसके सामने लेकर जाएगा खाकी से भी बड़ा मास्टरमाइंड यही तो परपस होता है ऐसे शोज को बनाने का जो फिल्मों में सोच नहीं सकते उससे ज्यादा ज्यादा ट्विस्ट रियल लाइफ केसेस में होते
रहते हैं मजेदार बात यह है इस शो के क्रिएटर्स बॉलीवुड से हैं लेकिन कास्टिंग टोटली बंगाली एक्टर्स से भरी पड़ी है इसीलिए शो एकदम ऑथेंटिक है बिल्कुल असली जैसा है टेंशन मत लो ये लोग बोलेंगे हिंदी लेकिन आपको फील होगा एकदम रियल बंगाली कल्चर यही इस शो का एक्स फैक्टर भी है कुछ भी फिल्मी नहीं लगेगा नकली नहीं होगा बहुत सारे कैरेक्टर्स हैं जिनको खूब सारी डिटेल्स के साथ कहानी में प्रेजेंट किया है इसीलिए सिर्फ लुक्स या फिर बैकग्राउंड म्यूजिक नहीं कहानी से आपको इंप्रेस करेंगे कुछ जगह पे मार काट थोड़ी ज्यादा हो जाएगी लेकिन
ऐसा कुछ नहीं है कि वायलेंस देखकर आप डर जाओगे बस जितना जरूरी है उतना दिखाया है पूरा फोकस इन्वेस्टिगेशन पे लगाया है आसान नहीं होता है छ घंटे तक कोई सीरीज को लगातार बिना ब्रेक देख जाना लेकिन क्रेडिट देना पड़ेगा एक भी सीन एक्स्ट्रा नहीं है फालतू नहीं है सब कुछ आपको बांध के रखेगा और ट्विस्ट वगैरह की तो आप बात ही मत पूछो मतलब आंखों के सामने झूठ बोलता है यह शो लास्ट एपिसोड तक किसी पे भरोसा नहीं कर पाओगे बहुत सारे धोखे खाओगे इंटेलिजेंट शो है हर किसी के लिए बनाया है बस शर्त
इतनी सी है कि टाइम देना पड़ेगा क्योंकि इसके साथ कनेक्ट करना पड़ेगा ऊपर ऊपर से मजा नहीं आएगा पांच में से चार स्टार्स मिलेंगे देसी नार्कोस जैसी डिटेल कहानी दूसरा डॉन वर्सेस पुलिस के पीछे स्मार्ट मास्टरमाइंड क्लाइमैक्स तीसरा जबरदस्त कास्टिंग लीड एक्टर्स जीत शाश्वता चैटर्जी प्रसनजीत ऋत्विक भौमिक आदिल खान वाओ क्या परफॉर्मेंस है चौथा कमाल की डिटेलिंग नीरज पांडे ने पुलिस डिपार्टमेंट प लिटरली रिसर्च कर लिया है नेगेटिव्स में क्लाइमैक्स तो जबरदस्त था लेकिन उसका प्रेजेंटेशन थोड़ा फास्ट हड़बड़ी में हो गया और कुछ कैरेक्टर्स काफी प्रिडिक्टेबल हो गए सरप्राइज फैक्टर मिसिंग था रियल सिनेमा देखना
है तो यह शो आपके लिए बना है सा घंटे की कुर्बानी लगेगी लेकिन यह सीरीज सारे बॉक्सेस टिक कर देगी आप देखो मैं चलती हूं टेक केयर बाय बाय