जब गांव के लोगों तक यह खबर पहुंची कि चरवाहे की बकरी ने इंसानी बच्चे को जन्म दिया है तो उन्होंने चरवाहे को मार मार कर बेहाल कर दिया गांव वाले यही कहते थे जरूर तूने बकरी के साथ कुछ गलत किया होगा तभी बकरी ने इंसानी बच्चे को पैदा किया है चरवाहा बेचारा रो-रो कर फरियाद कर रहा था अल्लाह का वास्ता है मेरी बात पर यकीन करो मैं ऐसा नहीं हूं माना कि यह बकरी मुझे जान से प्यारी है लेकिन मैंने कभी गलत हरकत नहीं की मैं आप सबको हकीकत बता रहा हूं और यही सच है
चरवाहा बताने लगा जब मैं अपनी बकरियों को चरा रहा था तो अचानक मेरी सबसे पसंदीदा बकरी चांदनी एक जगह रुककर अजीब अंदाज में मिमि आने लगी मैं बहुत परेशान हो गया मुझे लगा शायद उसने कोई सांप देख लिया है लेकिन मेरी जान तब निकल गई जब मैंने करीब जाकर देखा कि बकरी के पास एक दूध पीता बच्चा पेड़ के नीचे लेटा हुआ था मैंने फौरन उस बच्चे को उठा लिया और मेरी बकरी उसे लगातार चाटे जा रही थी पहले तो मैं हैरान रह गया लेकिन मैंने बच्चे को देखकर खुदा का शुक्र अदा किया आप सब
जानते हैं कि मैं अरसे से बे औलाद हूं इसलिए मैंने उस बच्चे को उठाकर घर ले आया और उसे अपने बेटे की तरह पालने लगा गांव वालों ने चरवाहे की बात पर विश्वास नहीं किया और उसके साथ जुल्म की हर हद पार कर दी उन्होंने उसे मार मार कर गांव से बाहर निकालने का फैसला किया उसे दो दिन का समय दिया गया कि वह अपना सामान बीवी बकरियां और बच् बचा लेकर गांव छोड़ दे कुछ समझदार लोगों ने सोचा मामला ऐसा है कि इस पर और तहकीक करनी चाहिए कभी हमने यह नहीं सुना कि बकरी
ने इंसानी बच्चे को जन्म दिया हो हमें किसी आलिम के पास जाकर इस मामले की सच्चाई पता करनी चाहिए वे सब लोग एक आलिम के पास गए और सारी बात बताई आलिम ने मशवरा दिया कि बच्चे की असलियत का पता लगाने के लिए किसी तबीब डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए गांव वालों ने तबीब को बुलाया उसने बच्चे का मुआयना किया और कहा यह बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है और यकीनन इंसानों के दरमियान पैदा हुआ है यह बच्चा बकरी का नहीं हो सकता गांव वाले अब भी चरवाहे पर शक करते रहे जब बच्चे के असल बाप का
पता नहीं चला तो उन्होंने यही मान लिया कि चरवाहा ही दोषी है उन्होंने चरवाहे को गांव से निकाल दिया बेचारा चरवाहा अपनी बीवी बकरी और बच्चे के साथ दूसरे गांव की ओर चला गया उसने एक जंगल के पास झोपड़ी बनाकर गुजर बसर शुरू कर दी वह और उसकी बीवी उस बच्चे को इस तरह पालने लगे जैसे वह उनका ही बेटा हो चरवाहे की बकरी भी उस बच्चे से बहुत प्यार करती थी वह अपने बच्चों की तरह उसे सूंघ और अपना दूध पिलाती फिर खुदा की करनी यह हुई कि चरवाहे के घर के साथ ही एक
सौदागर का घर था उस सौदागर की दो बीवियां थी उसकी एक बीवी बहुत नेक सलीके दार और मिजाज की अच्छी थी सात चरवाहे की बीवी की काफी दुआ सलाम हो चुकी थी और वे आपस में सहेलियां बन चुकी थी सौदागर की नेक बीवी को चरवाहे का बेटा बहुत प्यारा लगता था वह उसे देखकर अक्सर अपनी आंखों में आंसू भर लेती और कभी-कभी उसे गोद में उठा लेती एक दिन चरवाहे की बीवी ने उससे पूछ ही लिया बहन तुम मेरे बच्चे को उठाकर इतनी अफसुर्दा क्यों हो जाती हो लगता है तुम बहुत दुखी हो और तुम्हारे
साथ जरूर कुछ गलत हुआ है आखिर हुआ क्या है इतने में सौदागर की दूसरी बीवी जो उन दोनों की दोस्त से बहुत जलती थी और बच्चे से बड़ी चिढ़ रखती थी उनके पास आई और कहने लगी क्या तुम दोनों आपस में खुसर खुसर करती रहती हो और यह तुम्हारा बच्चा कितनी बुरी आवाजें निकालता है तुम हर रोज मुंह उठाकर हमारे ही घर क्यों चली आती हो अपने घर में रहा करो सौदागर की नेक बीवी की आंखों में आंसू आ गए वह हक्की बक्की रह गई और आंखों में आंसू भरे फौरन अपने घर लौट आई शाम
को जब चरवाहा बकरियां चरा करर घर लौटा तो उसकी बीवी ने रोते हुए सारा मामला बताया उसने कहा मैं साथ वाले घर गई थी वहां सौदागर की एक बीवी जो बहुत नेक और पारसा है मेरे बच्चे को देखकर हमेशा खुश होती है और आंखों में आंसू भर लेती है मैंने उससे वजह पूछी तो वह कुछ बताने ही वाली थी कि सौदागर की दूसरी बीवी आ गई और मुझे डांट करर घर से बाहर निकाल दिया चरवाहा यह बातें सुनकर गहरी सोच में पड़ गया उसने कहा हो ना हो दाल में जरूर कुछ काला है मुझे लगता
है कि सौदागर की जो शातिर बीवी है उसके दिमाग में जरूर कुछ ना कुछ शैतानी चल रही होगी तुम ऐसा करना मौका पाकर फिर उनके घर जाना और हकीकत जरूर मालूम करना हो सकता है हमारे बेटे का असली बाप पता चल जाए चरवाहे की बीवी बोली ठीक है मैं कल जरूर जाऊंगी दूसरे दिन जब चरवाहा बकरियां चराने चला गया तो उसकी बीवी मौका पाकर सौदागर के घर पहुंची सौदागर की शातिर बीवी कुलसूम बाजार गई हुई थी और सौदागर की दूसरी मां मासूम बीवी जरीना घर पर अकेली थी जब जरीना ने चरवाहे की बीवी को घर
आते देखा तो वह तुरंत बच्चे को लेकर उससे खेलने लगी जरीना बच्चे से बातें करते हुए बोली पता है तुझे मेरा भी तुम्हारी तरह एक खूबसूरत बेटा था बिल्कुल तेरी ही शक्ल का लेकिन पता नहीं कहां खो गया मुझे तुझ में वही दिखाई देता है समझ में नहीं आता मेरे बच्चे को जमीन खा गई या आसमान निगल गया मेरा बच्चा कहीं नहीं मिला चरवाहे की बीवी चौक हो गई और कहने लगी बहन तेरे साथ क्या मामला पेश आया जरा मुझे खुलकर बता तू इतना क्यों रोती है फिर सौदागर की मासूम बीवी जरीना अपनी कहानी सुनाने
लगी मैं सौदागर की दूसरी बीवी हूं दरअसल मेरे शौहर की पहली बीवी से कोई औलाद नहीं थी इसलिए मेरे शौहर ने मजबूरी में मुझसे दूसरी शादी कर ली अल्लाह ताला ने कुछ महीनों बाद मुझ पर कर्म किया और मैं हाम हो गई मेरे शौहर की खुशी का तो कोई ठिकाना नहीं था वह मुझसे बहुत प्यार करने लगे लेकिन यह बात कुलसूम को बिल्कुल पसंद नहीं थी वह बहाने से मुझसे झगड़ा करती और तरह-तरह की बातें सुनाती कई बार तो उसने मुझे मारने और मेरा बच्चा गिराने तक की कोशिश की लेकिन वह हर बार नाकाम रही
जब बच्चा पैदा होने के दिन करीब आए तो मुझे रोज रात एक अजीब ख्वाब आने लगा ख्वाब में एक औरत होती थी जिसका मुंह ढका हुआ रहता था वह मुझसे मेरा बच्चा छीनकर भाग रही होती थी मैं डर के मारे जाग जाती और अपने शौहर को यह सब बताती शौहर कहते कि यह तुम्हारा वहम है तुम इस हाल में ज्यादा मत सोचो अल्लाह ताला सब बेहतर करेगा लेकिन मुझे कभी सुकून महसूस नहीं हुआ हर रात मुझे वही ख्वाब आता था फिर खुदा की करनी यह हुई कि एक दिन अल्लाह ताला ने मुझे चांद जैसा बेटा
अता फरमाया बिल्कुल तुम्हारे बेटे की तरह हमारे घर में खुशियां छा गई मेरे शौहर ने गरीबों को बहुत पैसा दिया और बदले में वे मेरे बच्चे को ढेर सारी दुआएं देने लगे लेकिन यह बात मेरी सौतन कुलसूम के दिल में तीर की तरह लगती थी फिर एक दिन यह कयामत की घड़ी आई जब हम रात को सो रहे थे तो मैंने अपने बच्चे को बिल्कुल अपने साथ सुला लिया लेकिन जब कुछ रात के पहर में मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि मेरा बच्चा बिस्तर पर नहीं था मैं फौरन उठकर अपने बिस्तर से बच्चे को
ढूंढने लगी कभी चारपाई के नीचे देखती यह सोचकर कि बच्चा कहीं जमीन पर तो नहीं गिर गया जब मुझे बच्चा कहीं ना मिला तो मैंने आसमान से सिर पर उठा लिया और रोने पीटने लगी मेरा बच्चा कहां चला गया जब मेरे शौहर सौदागर की आंख खुली तो वह भी तड़प कर रह गए कुलसूम बैठी हुई मुझे तसल्ली दे रही थी उस दिन से लेकर आज तक हमने मेरे बच्चे को बहुत ढूंढा लेकिन मेरा बच्चा नहीं मिल सका इतना बोलकर सौदागर की बीवी फूट फूट कर रोने लगी इतने में सौदागर की शातिर बीवी कुलसूम घर आ
चुकी थी उसने दोनों की कुछ-कुछ बातें सुन ली थी उसे सौदागर की मासूम बीवी पर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था वह मन ही मन सोच रही थी यह सौदागर की बीवी कहीं मेरा राज ना खोल दे और यह जरीना इस चरवाहे के बेटे से इतनी जुड़ी क्यों है कहीं यह वही बच्चा तो नहीं जिसे मैंने अपना शिकार बनाया था फिर उसने अपने मन को झटका और बोली नहीं नहीं इसको तो मैं अच्छी तरह जमीन में दबा आई थी वह बच्चा जिंदा कैसे हो सकता है जरूर यह मेरा वहम होगा मैं भी ना क्याक सोच
लेती हूं लेकिन उसे सु खून नहीं आ रहा था वह यही सोचती रही कि जहां मैंने बच्चे को दबाया था जाकर देख लूं कहीं वहां से बच्चे को किसी ने निकाल तो नहीं लिया वह सोचने लगी अब तक तो बच्चे की हड्डियों का ढांचा बन चुका होगा फिर वह मौका पाकर जल्दी से जंगल की तरफ भागी जहां उसने जरीना के बच्चे को दफन किया था वह जल्दी से वहां की खुदाई करके बच्चे को ढूंढने लगी इधर चरवाहा भी उसी जंगल में बकरियां चरा रहा था चरवाहे की वही बकरी चांद की नजर उस औरत पर पड़ी
बकरी उस औरत को गौर से देखने लगी और सोचने लगी हो ना हो यह वही औरत है जिसने उस रात बच्चा यहां लाकर फेंका था कुलसूम हैरान परेशान हो रही थी उसने जब गड्ढे में देखा तो बच्चे का नामो निशान भी नहीं था वह पागल हो रही थी सोचते हुए आखिर बच्चा कहां गया शायद कोई बच्चा यहां से निकाल कर ले गया हो फिर उसने सोचा यह तो और भी अच्छी खबर है क्योंकि अब वह बच्चा किसी के पास पहुंच नहीं सकता इतना सोचते हुए वह घर लौट आई सौदागर की शातिर बीवी कुलसूम ने सौदागर
को भी अपनी मुट्ठी में किया हुआ था वह बेचारी जरीना के खिलाफ उसके कान भरती रहती थी यह तुम्हारी दूसरी बीवी जरूर मनहूस है अल्लाह ताला ने तुम्हें खूबसूरत बेटे से नवाजा था लेकिन यह खुद ही अपने बच्चे को खा गई सौदागर अब जरीना से कुछ खास प्यार नहीं करता था और उसके पास कम ही जाता था एक रात जरीना फिर से ख्वाब में डर उसे वही ख्वाब बार-बार आ रहा था कि उसका बच्चा उसकी गोद में है और एक औरत उसे छीनकर भाग जाती है ख्वाब से उठकर वह चीखने चिल्लाने लग गई सौदागर उसके
पास आया और उसे तसल्ली देकर चुप कराने लगा तुम्हें क्या परेशानी है क्यों रो रही हो सौदागर ने जरीना से पूछा जरीना ने बताया आज फिर मुझे वही ख्वाब आया कि एक औरत मुझसे मेरा बच्चा छीन कर ले जा रही है और मैं कुछ नहीं कर पा रही हूं कुलसूम भी यह बात सुन रही थी उसे बहुत गुस्सा आया और वह बोल ही पड़ी तुम क्यों बार-बार मुझ पर इल्जाम लगा रही हो जरीना रोते हुए बोली मैं तुझ पर इल्जाम नहीं लगा रही हूं जो मुझे ख्वाब आ रहा है बस वही बता रही हूं जैसे
जैसे चरवाहे का बेटा बड़ा हो रहा था उसने अब अपने पिता के साथ बकरियां चराना शुरू कर दिया था लेकिन चरवाहा हमेशा अपने बेटे को समझाता बेटा अपना मुस्तकबिल बनाओ पढ़ाई लिखाई करो यह बकरियां चराना कोई काम नहीं है फिर चरवाहे ने अपने बेटे को अच्छी तालीम दिलाने का फैसला किया इधर ताजिर की बीवी को यह पता नहीं था कि जिस बेटे के लिए वह तड़प तड़प कर जी रही है वह बेटा उसके पास ही पल रहा है ताजिर की बीवी को उस लड़के से लगाव होता जा रहा था वह कभी दरवाजे से छुपकर तो
कभी बाहर से उस लड़के को देखती और रोती रहती इधर चरवाहा अपनी बकरियों को चराने के लिए जंगल गया अचानक मौसम खराब हो गया तेज हवाएं चलने लगी और बारिश बहुत तेज हो रही थी चरवाहा अपनी बकरियों को इट ठ करर एक पेड़ के नीचे बैठ गया और बारिश थमने का इंतजार करने लगा खुदा की मर्जी यह हुई कि बारिश इतनी तेज थी कि पेड़ की एक वजनी टहनी चरवाहे के ऊपर गिर गई बकरियां तो वहां से भागकर बच गई लेकिन चरवाहा जमीन पर गिर पड़ा चरवाहे की वफादार बकरी चांदनी चरवाहे को खींचकर वहां से
निकालने की कोशिश करती रही वह बकरी ऊंची आवाज में मिमि आती रही लेकिन वह बेजुबान चरवाहे को बचा नहीं पाई चरवाहा वहीं दम तोड़ गया उस दिन चरवाहे के घर में कयामत टूट पड़ी चरवाहे का बेटा हसन पास बैठा बिलक बिलक कर रो रहा था शाम को चरवाहे का नमाज जनाजा हुआ और उसे दफन कर दिया गया चरवाहे की ख्वाहिश थी कि उसका बेटा पढ़ लिखकर बड़ा आदमी बने और हाफिज कुरान बने उसकी बीवी ने इद्दत के दिन बड़ी मुश्किल से गुजारे वह अपने कमरे में बंद रहती थी ना तो वह बाहर निकलती ना ही
अपने बच्चे को बाहर जाने देती वह खुद भूखी रह लेती लेकिन अपने बेटे को खाना जरूर खिलाती चरवाहे की बकरियों को कुछ दिन रिश्तेदारों ने रखा और उनका घास पानी का इंतजाम किया जब चरवाहे की बीवी की इद्दत पूरी हुई तो उसने सोचा अब मैं खुद बकरियां चरा हंगी और उनका दूध बेचकर अपना और बेटे का गुजारा करूंगी इसके बाद वह सारा दिन अपनी बकरियां चराने लगी उसका बेटा हसन जब स्कूल से वापस आता तो अपनी मां की मदद करने चला जाता हकीकत यह थी कि हसन जिस घर का चिराग था उस घर में यही
समझ रहे थे कि उनका बच्चा अब इस दुनिया में नहीं रहा दूसरी ओर ताजिर की शातिर बीवी कुलसूम घर में राज्य कर रही थी जरीना बेचारी अपने ही घर में नौकरानी बनकर रह गई थी वह सारा दिन नौकरों की तरह काम करती और अपनी सौतन कुलसूम की हर ज्यादती सहती रहती वह कभी किसी से गिला नहीं करती थी जब वह तन्हाई में होती तो नमाज पढ़कर अल्लाह के सामने खूब रोती उस दिन वह अपने रब के सामने रोकर अपना दिल हल्का कर लेती तो उसे सब्र आ जाता ताजिर भी अब जरीना पर कोई ध्यान नहीं
देता था इधर जब हसन कुरान की तिलावत करके घर आया तो उसने अपनी मां से कहा मां आज मैंने कुरान की तालीम मुकम्मल कर ली है मैंने बाबा की ख्वाहिश पूरी कर दी हसन ने आगे कहा मां हमारे जामिया में बहुत बड़ी तकरीब रखी गई है वहां बड़े-बड़े मौलवी साहब भी आएंगे और हमें तोहफे देंगे लेकिन मैं वहां बिल्कुल नहीं जाऊंगा उसकी मां ने पूछा बेटा क्यों क्या वजह है कि तुम वहां नहीं जाओगे हसन बोला मां मेरे कपड़े फटे पुराने हैं बच्चे मुझे गरीब कहकर मेरा मजाक उड़ाते हैं इसलिए मैं वहां नहीं जाऊंगा चरवाहे
की बीवी ने उसे गले से लगा लिया और कहा बेटा मैंने बकरियों का दूध बेचकर थोड़े-थोड़े पैसे जमा किए हैं मैं आज ही बाजार जाकर तुम्हारे लिए अच्छे कपड़े और जूते लाऊंगी फिर उसने कहा जो हमारा पास वाला घर है वहां ताजिर की बीवी ने मुझसे कहा था कि उनके घर में काम कर लिया करो तो मैंने सारा दिन घर में क्या करना होता है मैं कुछ देर के लिए साथ वाले ताजिर के घर में झाड़ू पोंछा कर लिया करूंगी ताकि मैं तुझे आगे पढ़ा सकूं दूसरे दिन चरवाहे की बीवी ताजिर के घर पहुंची ताजिर
की शातिर बीवी चरवाहे की बीवी को गुस्से से देख रही थी उसका बिल्कुल भी दिल नहीं कर रहा था कि वह चरवाहे की बीवी को काम पर रखे क्योंकि वह घर का सारा काम जरीना से करवाना चाहती थी लेकिन जरीना की काफी दिनों से तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए उसने चरवाहे की बीवी को काम पर रख लिया चरवाहे की बीवी को जरीना पर बहुत ज्यादा तरस आता था क्योंकि उसने कुछ दिन पहले ही अपनी सारी कहानी चरवाहे की बीवी को सुनाई थी जरीना बेचारी वाकई खुद को मनहूस समझने लगी थी और कहने लगी मैं तो
घर से बाहर भी नहीं जा सकती हूं अब तो जीना मरना इसी घर में है क्योंकि मेरे मां-बाप भी दुनिया में नहीं है चरवाहे की बीवी ने उसे बहुत तसल्ली दी और कहा तू अपने आप को क्यों कसूरवार समझती है तुम्हा इही बातों की वजह से तुम्हारी सौतन ने तुम्हारे शौहर को अपनी तरफ कर लिया खुद पर भरोसा रखो अगर अल्लाह ताला ने तुम्हारी एक औलाद छीन ली है तो अल्लाह पाक तुझे दूसरी औलाद अता करेगा तुम्हारी कौन सी उम्र गुजर गई है अब तुम मेरा ही हाल देख लो मैं तो सारी जिंदगी बे औलाद
रही लेकिन अपने शौहर को दूसरी औरत की तरफ देखने तक नहीं दिया तुम भी अपने शौहर को अपनी तरफ मत वज्ज किया करो उसका ख्याल रखो और उसे अपने होने का एहसास दिलाओ ताजिर भाई अगर कुलसूम का शौहर है तो उतना ही वह तुम्हारा भी शौहर है चरवाहे की बीवी की बातें जरीना की थोड़ी-थोड़ी समझ में आने लगी अब वही जरीना खुद को संवारने लगी अब वह साफ सुथरे कपड़े पहनती थी और शौहर की पसंद का ही खाना बनाती थी और अपने शौहर की हर छोटी बड़ी जरूरत का ख्याल रखती थी यह देखकर कुलसूम के
सीने पर सांप लौटने लगे एक दिन जब चरवाहे की बीवी अपने बेटे को घर पर छोड़कर सौदागर के घर काम पर जाने लगी तो अपने बेटे से कहने लगी बेटा आज तुम्हें स्कूल से छुट्टी है तुम ऐसा करो बकरियों को चरा कर ले आओ मुझे अभी जल्दी काम पर जाना है नहीं तो बीवी जी नाराज हो जाएंगी इतना बोलकर चरवाहे की बीवी ताजिर के घर आ गई ताजिर के घर के बाहर एक खुला प्लॉट था जिसमें काफी घास उगी हुई थी हसन ने अपनी बकरियों को लिया और उसी प्लॉट में बकरियों को घास खिलाने लगा
हसन अपनी बकरी चांदनी को समझा रहा था यहीं पर रुककर घास खाना इस घर के अंदर दाखिल ना हो जाना हसन की बकरी चांदनी बहुत ज्यादा समझदार थी और वहीं पर रुककर घास खाने लगी हसन उस घर में घुसकर अपनी मां के पास चला गया उस दिन जरीना को बहुत ज्यादा बुखार था और ताजिर भी अपनी बीवी का बहुत ख्याल रख रहा था पूरी रात उसने अपनी बीवी के पास गुजारी यह देखकर ताजिर की बीवी कुलसूम जल भुन करर रह गई अगर उसका बस चलता तो वह कभी भी ताजिर को जरीना के पास जाने ना
देती कुलसूम अब दिमाग में यही सोच रही थी यकीनन यह चरवाहे की बीवी है जो इसे पट्टियां पढ़ाती है वरना जरीना में इतनी अकल कहां से आ गई वह जब भी बीमार होती थी तो ताजिर कभी उसे पूछता भी नहीं था और आज इसका इतना ख्याल रख रहा है वह इन्हीं सोचो में गुम थी इधर जरीना के दिल की धड़कने बहुत तेज हो चुकी थी क्योंकि उसके घर में हसन ने अपने कदम रखे थे मां तो मां होती है आखिर उसने हसन को पैदा जो किया था हसन अभी बच्चा था और गरीबी में पला हुआ
था उसने तो कभी कीमती खिलौने देखे भी नहीं थे लेकिन जहां वह खड़ा था उसी कमरे में कुलसूम की बेटी के खिलौने पड़े हुए थे हसन ने शीशे की अलमारी से खिलौने निकाले और वहीं पर बैठकर खेलने लग गया कुलसूम की बेटी भी कुलसूम की तरह बड़ी लड़ाकू थी हसन ने जब उसके खिलौने को हाथ लगाया तो वह चिड़कर हसन को मारने लगी और जल्दी से अपने खिलौने उसे छीन लिया हसन बेचारा फूट फूट कर रोने लगा इधर चरवाहे की बीवी किचन में बर्तन धो रही थी थी जब जरीना ने बच्चे के रोने की आवाज
सुनी तो बेशाख आता उसके मुंह से निकला यह तो मेरा बच्चा रो रहा है लेकिन ताजिर यही समझ रहा था कि जरीना बुखार की वजह से ऐसा बोल रही है जरीना तो दीवानों की तरह फौरन कमरे से बाहर भाग गई जब उसने हसन के करीब जाकर उसे रोते हुए देखा तो ना जाने उसे क्या हो गया उसने फौरन हसन को सीने से लगाया और कहने लगी ना मेरे बच्चे अब मत रोना क्योंकि तुम्हारी मां तुम्हारे पास आ गई है हसन को भी जरीना के सीने से लगकर मां की गोद का एहसास हो रहा था इधर
बाहर जब हसन की बकरी चांदनी को हसन के रोने की आवाज सुनाई दी तो वह तुरंत ताजिर के घर में घुस गई बकरी की आंखें सुर्ख लाल हो चुकी थी वह कुलसूम की बेटी को घूर कर देख रही थी इससे पहले की बकरी बच्ची पर हमला करती कुलसूम भी कमरे से बाहर आ गई इस वाक्य को चाहे अरसा गुजर चुका था लेकिन वह बेजुबान बकरी कुलसूम को पहचान चुकी थी यह वही औरत थी जिसने कई साल पहले इस मासूम बच्चे हसन पर बहुत जुल्म किए थे हसन को जमीन में गाड़ने वाली और कोई नहीं बल्कि
यही औरत थी बकरी ने ना तो कुछ देखा ना ही सोचा और कुलसूम पर हमला कर दिया कुलसूम फौरन जमीन पर गिर पड़ी बकरी दांतों से उसका चेहरा नोचने लगी सब लोग डर कर पीछे हट गए ताजिर यह सब देखकर हैरान था उसने फौरन बकरी को वहां से हटाने की कोशिश की जरीना यह सोचकर सहम गई कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो इस बेजुबान जानवर ने कुलसूम पर हमला कर दिया जब तक ताजिर बकरी को पीछे हटाता तब तक बकरी कुलसूम के चेहरे को लहू लुहान कर चुकी थी जब बकरी दोबारा हमला करने लगी तो
हसन जल्दी से आगे बढ़ा और बकरी को अपने सीने से लगा लिया वह रोते हुए अपनी बकरी को लेकर बाहर चला गया इधर ताजिर की बीवी को बार-बार चरवाहे के बेटे का ख्याल आ रहा था वह बच्चा घर पर अकेला होगा क्या कर रहा होगा भूखा होगा उसने खाना खाया होगा या नहीं एक दिन वह घर वालों से छिपकर उसके घर चली गई और हसन से कहने लगी बेटा जब तक तुम्हारी मां घर नहीं आती तुम ऐसा करो मेरे साथ चलो हसन जब जरीना के साथ जाने लगा तो बकरी हसन को कपड़ों से खींचने लगी
वह बेस्वाद बकरी उसे जरीना के साथ जाने नहीं दे रही थी फिर जरीना ने उस बकरी को भी अपने साथ लिया और दोनों को अपने घर ले आई ताजिर ने जब बकरी को देखा तो उसने गुस्से से आंखें लाल कर ली बकरी को झपक पककर मारने के लिए दौड़ा तो फौरन जरीना आगे बढ़ी और कहने लगी शायद यह बेजुबान बकरी हमें कुछ बताना चाह रही हो ताजिर बोला लगता है बीमार होने के साथ-साथ तुम्हारा दिमाग भी खराब हो गया है इतने में पास खड़ा हसन वहीं पर सजदा रेज हो गया और फूट फूट कर रोने
लगा वह दुआ करने लगा ऐ अल्लाह पता नहीं यह बेजुबान बकरी क्या बताना चाहती है और क्यों इस बकरी ने इस घर में हलचल मचा दी है ऐ खुदा तू इस बकरी को जुबान दे ताकि इस ताजिर से मेरी लाडली बकरी की जान बच सके जब हसन दुआ से फौर हो गया तो बकरी के पास आया और कहने लगा ऐ मेरी प्यारी बकरी चांदनी बताओ तुम सबको क्या बताना चाहती हो इतने में वह बकरी अल्लाह के हुक्म से बोलने लगी और बताने लगी कई साल पहले की बात है हम जंगल में घास चढ़ रहे थे
तभी एक औरत जंगल में बच्चे को लपेटे हुए भागती आ रही थी उसने आते ही एक खड्डा खोदा और उसमें बच्चे को दफन कर दिया फिर उस बकरी ने हसन की तरफ इशारा करके बोला वह बच्चा भी कोई और नहीं था यह हसन था यह बात जैसे ही कुलसूम ने सुनी तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई बकरी ने जो अगली बात बोल दी वह सुनकर ताजिर जमीन पर सिर पकड़ कर बैठ गया बकरी कहने लगी वह औरत कोई और नहीं बल्कि यही औरत है जिस पर मैंने हमला किया था जब यह औरत बच्चे
को दफन करके चली गई तो मैंने फौरन जमीन खोदी और बच्चे को निकाला और उसे मुंह में लेकर अपने मालिक चरवाहे के पास चली गई जब लोगों में हलचल मची कि बकरी के पास इंसानी बच्चा है तो उन्होंने चरवाहे को शक की नजर से देखा चरवाहे ने सबको अपनी सफाई देने की बहुत कोशिश की लेकिन लोगों ने चरवाहे की एक ना सुनी हालांकि वह नेक इंसान था पांच वक्त का नमाजी था गांव वालों ने इल्जाम लगाकर चरवाहे को गांव से निकाल दिया और मेरा मालिक चरवाहा आप लोगों के घर के पास झोपड़ी बनाकर रहने लगा
लेकिन उसने अपने बच्चे को अच्छी तालीम दी और उसकी अच्छी तरबियत की लेकिन जब यह बच्चा बड़ा हुआ तो उसे देखना नसीब ना हुआ वह इस दुनिया से चला गया मैं बेजुबान जानवर हूं अल्लाह से यही दुआ करूंगी कि ऐ अल्लाह तू इस औरत को कभी माफ ना करना ताजिर की बीवी जरीना यह सब सुनकर फूट फूट कर रोने लगी और उसने फौरन आगे बढ़कर हसन को अपने सीने से लगाया और कहने लगी यह बच्चा मेरी आंखों के सामने पलता रहा और मुझे पता ही ना चला यह मेरा खून है यह मेरा बेटा है ताजिर
तो सोच भी नहीं सकता था कि उसकी बीवी कुलसूम उसके बच्चे के साथ इतना जुल्म कर सकती है कुलसूम का चेहरा बहुत ज्यादा बिगड़ चुका था और दर्द की वजह से वह चिल्ला रही थी जब उसने बकरी की यह बातें सुनी तो वह फौरन मुकर गई लेकिन वहां पर काफी मजमा इकट्ठा हो चुका था सब कहने लगे यह बेजुबान जानवर इंसानों की तरह तो बोल ही नहीं सकते लेकिन यह अल्लाह के हुक्म से बोल रही है तो यह औरत झूठी है इतने में कुलसूम चीख कर बोली हां मैंने ही किया सब कुछ तुमने मेरे होते
हुए दूस दूसरी शादी कर ली और ऊपर से इसने खूबसूरत बेटे को जन्म दे दिया और तुम्हारी जायदाद का वारिस तो यह लड़का बन जाता तो मेरी बेटी कहां जाती इसलिए मैंने इस लड़के का काम तमाम करना चाहा लेकिन बदकिस्मती से आज यह बच गया इतना सुनते ही वहां खड़े गांव के लोगों पर तो जैसे बिजली गिर गई वे सब हैरान और शर्मिंदा हो गए उन्होंने एक बेगुनाह इंसान को इतनी बड़ी सजा दे दी फिर उस गांव के बड़े बूढ़े फौरन चरवाहे की बीवी के कदमों में गिर गए और माफी मांगने लगे वे कहने लगे
आप हमारे गांव वापस आ जाइए चरवाहे की बीवी दिल की बहुत अच्छी थी उसने बस एक ही शर्त रखी वह गांव तभी वापस आएगी जब उसके साथ इंसाफ होगा फिर सब गांव वालों ने मिलकर यह फैसला किया कि ताजिर की बीवी को गांव के कामों में लगाया जाएगा ताकि वह अपनी गलती का कफारा अदा करें ताजिर का तो बस नहीं चल रहा था कि वह अपनी बीवी को जान से ही मार डाले फिर गुस्से में आकर ताजिर ने अपनी बीवी को तलाक दे दी इस के बाद चरवाहे की बीवी गांव वापस आने लगी तो हसन
रोने लगा फिर ताजिर ने चरवाहे की बीवी को भी इज्जत से अपनी बहन बनाकर अपने घर रख लिया और ताजिर और जरीना दोनों अपने बेटे के गले लगकर खूब रोए अब हसन अपनी दोनों मांओं के साथ खुशी खुशी जिंदगी गुजारने लगा प्यारे दोस्तों यह वाकया आपको कैसा लगा उम्मीद है बहुत पसंद आया होगा मजीद ऐसे ही वाक्यात सुनने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके हमारी फैमिली का हिस्सा जरूर बनिए शुक्रिया i