कल्पना कीजिए एक ऐसा समय जहां ना तो कोई कानून था कोई शासन प्रशासन नहीं कोई डेमोक्रेसी कोई गवर्नमेंट नहीं वायलेंस चर्म पर खाने के लाले पड़े हैं वहां एक भेड़ चराने वाला लड़का जिसके मां-बाप नहीं है जिसको बचपन में ही बेच दिया गया है बड़ा होकर दुनिया के सबसे महान और सबसे विशाल अंपायर्स में से एक की रचना करता है उनका सम्राट बनता है और अब कल्पना कीजिए कि इन्हीं भाई साहब की प्लेबुक आपके हाथ लग जाती है जिसमें पावर की हायरा की में सबसे बड़े पद पर पहुंचने के लिए इन्हीं के द्वारा फॉलो करी
गई सभी टेक्निक्स स्टेप बाय स्टेप लिखी गई हैं ये है हमारी सीरीज मैन ऑफ वॉर और इस एपिसोड में हम जानने वाले हैं पावर की डार्क साइकोलॉजी पर लिखी गई अब तक की सबसे महत्त्वपूर्ण किताब अर्थशास्त्र के कुछ रहस्यों [संगीत] को देखिए भारतीय लोग भले ही अपने शास्त्रों को भूल गए हो हम तो वैसे भी अपने किताब के पन्नों में आलू पूड़ी पैक करके दे देते हैं लेकिन अंग्रेजों को इनकी कीमत हमेशा से ही बहुत अच्छे से बता द इतनी कि अमेरिकन आर्मी में चाणक्य साहब और अर्थशास्त्र का एक प्रॉपर सब्जेक्ट ही है जिसे हाईली
एजुकेटेड डॉक्टर्स पढ़ाते हैं इंडिया में आता पता नहीं है किसी को लेकिन फिर भी ऐसा लिख क्या दिया उन्होंने वो भी उस जमाने में जो आज तक की ग्लोबल वॉर स्ट्रेटेजी में पॉलिटिक्स में पावर प्ले में उन्हें मॉडर्न डर्क साइकोलॉजिस्ट ये जो आजकल के जो 48 लॉज चले हैं मैकी वेलियन जम से लेकर जो भी फसाद है इन सब का फादर साहब माना जाता है चाणक्य जी को और ये मैं नहीं कह रहा हूं कि अमेरिकन प्रोफेसर्स का कहना है तो आइए जानते हैं कोटली साहब की कुछ ऐसी स्ट्रेटेजी जिनका पता ना होना आपको बहुत
कमजोर लाचार और गरीब बना सकता है इनमें से कुछ बहुत ही अनैतिक डार्क और गलत लग सकती है बेसिकली बहुत ही खतरनाक चीजें बोली गई है लेकिन हमें ये ध्यान रखना है कि इस समय हम चाणक्य जी के दिमाग में प्रवेश करने वाले हैं तो इस इंफॉर्मेशन को उसी तरीके से देखें थॉट प्रोसेस की जो प्रक्रिया है ना उसे समझने की कोशिश उसकी दिशा को एक्सप्लोर करने की कोशिश करें तो सबसे पहले आते हैं यूरोपिय की सबसे प्रसिद्ध स्ट्रेटजी मंडल थ्योरी देखिए मंडल थ्योरी का यह कहना है कि आपके सबसे करीबी पड़ोसी आपके सबसे बड़े
दुश्मन साबित होंगे और आपके पड़ोसी का पड़ोसी दो साबित होगा और पावर का सारा खेल ही इन रिलेशंस का फायदा उठाने में है क्योंकि जो इंसान आपके जितना करीब है आपको जितना अच्छे से जानता है वो इंसान आपको उतने ही तरीकों से नष्ट कर सकता है तो आपको अपने से दूर के लोगों के साथ अलायंस फॉर्म करने पड़ेंगे ताकि आप इस करीबी के हाथ में जो जरूरत से ज्यादा ताकत दे दी आपने उसको आप टक्कर दे पाए इसे मॉडर्न साइकोलॉजी में बैलेंस ऑफ पावर कहा जाता है अगर आप एक ऐसी फील्ड में बिजनेस करने की
सोच रहे हैं जहां पे आप ऑलरेडी एक विष विशाल कंपटीशन ब्रांड को एजिस्ट करते हुए देख पा रहे हैं जिन्होंने पूरा मार्केट कब्जा लिया हथिया लिया है तो आप उनसे डायरेक्ट टक्कर ले ही नहीं सकते आपको एडजेसेंट फॉर्म के साथ एक अलायंस फॉर्म करनी पड़ेगी या फिर उस कंपनी की जो करीबी कंपनी है उसके जो पड़ोसी हैं उनके साथ अलायंस फॉर्म करनी पड़ेगी रिलेशनशिप बिल्ड करनी पड़ेगी ताकि आप उनके ऊपर एक अनफेयर एडवांटेज डेवलप कर सकें इसके लिए आप सेम फील्ड की अलग इंडस्ट्री वाले ब्रांड्स के साथ भी स्ट्रेटेजिक अलायंस बना सकते हैं मिसाल के
तौर पे आप [संगीत] [संगीत] कटर्स है ना सेकेंडरी कंपीटीटर्स और पोटेंशियल एलाइज की एक पूरी लिस्ट बना लीजिए आप इस तरीके के मैप में भी उन्हें डाल सकते हैं और फिर डायरेक्ट कंपट र्स की पावर को काउंटर बैलेंस करने के लिए एलायंस स्ट्रेटेजी सोचनी चालू करिए अभी बताऊंगा वो कैसे करते हैं उससे पहले आते हैं कि पार्टनरशिप क्राइटेरिया क्या होना चाहिए देखिए आपको संबंध उन्हीं के साथ बनाने हैं जिनके इंटरेस्ट आपसे मिलते जुलते हो लेकिन वो आपके डायरेक्ट कंपट ना हो इससे होगा ये कि आप दोनों एक दूसरे दूसरे के रिसोर्सेस का फायदा भी उठा
सकते हैं और आपके बीच में झगड़ा भी नहीं होगा मिसाल के तौर पर अगर आप एक टेक स्टार्टअप चला रहे हैं तो मार्केटिंग एजेंसीज या फिर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के साथ संबंध बनाना आपके लिए बहुत ज्यादा प्रॉफिटेबल साबित होगा क्योंकि आपके बीच में कंपटीशन नहीं है इंडस्ट्री अलग है और दोनों के पास बिल्कुल अलग-अलग रिसोर्सेस भी हैं ये कंपनीज आपके एक्चुअल कंपट र के जितना करीब हो उतना ही फायदा है अब ये स्ट्रेटेजी उल्टी भी पड़ सकती है इसलिए पूरी डिपेंडेंसी जो है इसकी आपके इंटेलेक्ट और आपकी टाइमिंग के ऊपर है इसके बाद चाणक्य साहब बताते
हैं कि अलायंस इस को फॉर्म किया कैसे जाता है साम दाम दंड भेद बहुत ही पॉपुलर कोर्ट है लेकिन उतना ही अनपॉज मतलब आपकी ना मेरी वो वाली बात होती है ना जो हां वही दान का अर्थ है जानते ही है आप दान करना गिफ्ट कंपनसेशन भेद का अर्थ है ट्रिकी जालसाजी धोखेबाजी और दंड का अर्थ है बाय फोर्स कुछ काम ना आए तो भली सही ताकत ही सही इसके अलावा भी चाणक्य किसी भी और ऑर्गेनाइजेशन को अंदर से तोड़ने के बड़े खतरनाक टैक्टिक्स मेंशन करते हैं मैं फिर से कहना चाहता हूं यह समझना इसीलिए
जरूरी है क्योंकि यह हर समय आपके खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे हैं इस कंटेक्सकंपैट के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं कोई भी पॉलिटिकल पार्टी कोई भी अलायंस देखिए कोटले कहते हैं कि अगर आपका कंपीटीटर बहुत ही ताकत है तो आपका सबसे बेस्ट मूव है उसके साथ तब तक दोस्ती बना के रखना जब तक वह कमजोर नहीं हो जाता लेकिन उसे कमजोर होने का इंतजार नहीं करना है आपने आपका कर्तव्य है उसे कमजोर बनाना और क्योंकि हर ऑर्गेनाइजेशन केवल अपना भला सोचती है तो यहां पे धर्म निभाने का प्रिंसिपल मो इन सबका कोई मोरालिटी वगैरह
का खेल है नहीं और अगर आपको एक स्ट्रांग ऑर्गेनाइजेशन बनानी है तो आपको एक जैसे लोगों को लेना पड़ेगा क्योंकि एक ऐसी ऑर्गेनाइजेशन जिसमें लोग अपने भाइयों के लिए अपने दोस्तों के लिए मेहनत कर रहे हैं उसे हराना बहुत मुश्किल होता है और इसीलिए उस ऑर्गेनाइजेशन को हराना बेहद आसान हो जाता है जिसमें लोग एक नहीं है बल्कि उनकी बनती नहीं है आपस में कंफ्लेक्स होते हैं और इंटरेस्ट अलग हैं उस ऑर्गेनाइजेशन को टारगेट बनाने के बाद सबसे पहला कदम होना चाहिए आपका उनका एक दूसरे पे जो भरोसा है ना और जो रिलायबिलिटी है उनकी
एक दूसरे के ऊपर उसे नष्ट करना है और इसीलिए कोटेल कहते हैं कि आपके पास होने चाहिए कुछ ऐसे लोग जो पार्टी में घुस के उसे स्टडी कर सके और उसके अंदर के जो भेदभाव है ना उन्हें बढ़ावा दे सके चाणक्य के मुताबिक हर स्टेट में चार तरह के लोग होते हैं सबसे पहला एनरेज्ड इन्हें गुस्सा बहुत भयंकर आता है और हर बात पे ट्रिगर हो जाते हैं पिनक जाते हैं उसके बाद आता है डरपोक उसके बाद आते हैं प्राउड लोग ओवरली प्राउड और उसके बाद आते हैं लालची लोग चार लोग हो गए है ना
अग्रेसिव प्राउड लालची और फीयरफुल अब हम अपने कुछ लोगों को पार्टी में घुसा के उनका रोल है इन लोगों के बीच बीच में दूरियां बढ़ाना आग लगाना उनका कहना यह था कि आपको कंपट और उसके एलाइज के बीच में इनके याडी जो होते हैं उनके बीच में कराना युद्ध और इससे होगा यह कि वो दोनों ही कमजोर हो जाएंगे लड़ते लड़ते आपस में ही और दोनों में से एक तो इतना कमजोर हो जाएगा कि उसको लेना पड़ेगा कोपचे में अब कोपचे का मतलब क्या है केवल लीडर को कोपचे में लेना भैया और बची हुई ऑर्गेनाइजेशन
को करना है प्रसन्न खुश क्योंकि एक नाराज प्रजा हमेशा देश को कमजोर बनाती है अब न्यूट्रल देश को भी छोड़ना नहीं है चाणक्य साहब ने इनका भी इलाज लिख रखा है किताब में जो ऑर्गेनाइजेशन बेचारी कभी युद्ध में नहीं पड़ी है उसे बड़वाओ अपने पड़ोसी से और न्यूट्रल पार्टियों की बात ही कुछ ऐसी है कि वो युद्ध के लिए ना प्रिपेयर्ड नहीं होते तो वो आएंगे आपके पास और तब आपको बनाना है एग्रीमेंट एक ऐसा समझौता जिसमें हर केस में आप ही का फायदा हो लेकिन इस एग्रीमेंट की भी कोई औकात नहीं है जिस क्षण
आपको उस समझौते से फायदा मिलना बंद हुआ उसी क्षण उसे भी ले लो साले कोपचे में ऐसा इसलिए है क्योंकि आज का दोस्त आज का जो साथी है वो कल का दुश्मन है बनेगा ही बनेगा अगर आपने ये स्ट्रैटेजी ध्यान से सुनी है तो आप अब तक ये समझ पा रहे होंगे कि इन सब चीजों के लिए एक चीज जो कि हमेशा कंपलसरी है वो है इंटेलिजेंस दिमाग वाली नहीं यहां वाली नहीं इंटेलिजेंस मतलब इंफॉर्मेशन इटेल और इंटेलिजेंस के सबसे अव्वल पथरे हैं गुत पुरुष नेटवर्क ऑफ स्पाइज देखिए इंफॉर्मेशन बहुत ही वैल्युएबल है और उससे
ज्यादा वैल्युएबल है इंफॉर्मेशन के फ्लो पर कंट्रोल पाना और कुछ वेल ट्रेंड लोग इन दोनों को ही हासिल कर सकते हैं लेकिन इन लोगों में दो-तीन स्किल्स का होना बहुत इंपॉर्टेंट है जैसे कन्वर्सेशन का एक मास्टर जो होता है ना वो इंफॉर्मेशन के पूरे नैरेटिव को बदल सकता है एक ही इंफॉर्मेशन लोगों को भड़काने के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है और उनका ध्यान भटकाने के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है मॉडर्न कंपनीज भी इसका इस्तेमाल अपने कंपट र्स को स्टडी करने के लिए अक्सर करती हैं वो अपने एंप्लॉयज को कस्टमर की तरह
भेजती है ताकि अपने कंपीटीटर्स के सेल्स फनल को स्टडी कर सकें अब अगर आपने लोगों का चुनाव सही तरीके से किया अगर वो वाइज हैं उनमें फुर्थ है उनमें चार में है तो वो किसी भी ऑर्गेनाइजेशन की बहुत ही डीपर लेयर्स को भी पेनिट्रेट कर सकते हैं फिर चाहे वो उनका लीगल सिस्टम हो चाहे बिजनेस मॉडल हो यहां तक कि रिलीजस सिस्टम्स को भी पूरी तरह से मैनिपुलेट किया जा सकता है ये भी छोड़ो इस समय लगभग हर बड़ी टेक कंपनी कुछ ऐसे ही काम करती है मार्केट एनालिसिस कस्टमर फीडबैक लूप सोशल मीडिया की जो
ट्रैकिंग है यहां तक कि लोगों की कन्वर्सेशन सुनना भी एक बहुत ही बड़े इंफॉर्मेशन नेटवर्क का हिस्सा है पूरा लेकिन इस इंफॉर्मेशन का करना क्या है देखिए केवल इंफॉर्मेशन के बेस प ही आप किसी भी ऑर्गेनाइजेशन को उसके घटना प ला सकते हैं देखिए रूमर्स और फेक न्यूज बर्बादी की एक शानदार रेसिपी है और इन्हें फैलाना भी बहुत आसान होता है लेकिन जान इनमें तब आती है जब इनमें ना एक स्ट्रक्चर जो होता है वो रियलिटी के बेस पे फॉर्म होता है मतलब बेसिस हमने असली इंसीडेंसेस को लेके चले हम और उनका पातड़ा ऐसा बनाया
उनका पोट्रेयर ऐसा किया कहानी ऐसी रची कि पूरी इंफॉर्मेशन का नैरेटिव बदल गया हुलिया बदल गया इंसान की धजिया उड़ गई जिससे भी वो एसोसिएटेड है और उसे मैनिपुलेट करना तो मजाक है न्यूज़ बिकाऊ है सोशल मीडिया बिकाऊ है इन्फ्लुएंस तो फिर सारे बिकाऊ है पॉइंट ये है कि डायरेक्ट युद्ध ना बहुत अननेसेसरी और एक्सपेंसिव होता है इसलिए एक हाइब्रिड वरफेन की रचना करी गई है जहां अपोनेंट को इंटरनली कमजोर करने के तरीके डिस्कस किए जा रहे हैं जैसे ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल नेटवर्क किसी भी सोसाइटी को डिस्टेबलाइज करने के लिए वहां का क्राइम रेट बढ़ा के
वहां नशे पते इंट्रोड्यूस करवा दीजिए और ये नैरेटिव बिल्ड करना इतना आसान है कि आज भी इसका इस्तेमाल जो है स्पेसिफिक टारगेट्स की ग्लोबल बदनामी करवाने के लिए अक्सर किया जाता है जैसे आप अक्सर सुनते होंगे कि किसी पर्टिकुलर इलाके में पर्टिकुलर चीजें बहुत ज्यादा होती हैं और फिर उन पर्टिकुलर लोगों को ही उन पर्टिकुलर चीजों का बैनर बना दिया जाता है पूरी तरह से उसके बाद आप कैरेक्टर को भी टारगेट बना सकते हैं कई टेक कंपनीज तो ये तक करती पाई कि वो इलीगल पार्टीज होस्ट ही इसलिए करती हैं ताकि वह कंपटीशन को गलत
काम करते हुए उन्हें इनवाइट करके फंसा सके क्योंकि लीडर का प्रजा से कनेक्शन तोड़ना पूरी ऑर्गेनाइजेशन को खोखला बना देता है और लोग इतने पैदल भी हैं दिमाग से कि फैक्ट्स बदलने की भी जरूरत नहीं है आपको केवल फैक्ट्स की रिप्रेजेंटेशन बदलनी है और इस मेथड से किसी भी अच्छी पॉलिसी को किसी भी बढ़िया लीडर को पब्लिक वर्सेस लीडर के पूरे युद्ध में क्रिएट किया जा सकता है पूरा नैरेटिव बदला जा सकता है है तो फिर तो खेल खत्म ही है ये सारी चीजें केवल आपके सामने नहीं हो रही है बल्कि आपके साथ भी हो
रही है और आपको इस बात का अता पता भी नहीं है क्योंकि आप सो चुके हैं पहिए पे और आपका दिमाग हो गया दलिया जहां घुमाओ जिधर ले जाओ और दुख की बात यह है कि हर व्यक्ति होश में आ भी नहीं सकता तो ये आपके ऊपर है या तो आप इस जानकारी का सही इस्तेमाल करें या फिर इसका शिकार बने ये है हमारी सीरीज मैन ऑफ वॉर इसके आने वाले एपिसोड्स के लिए अपडेट्स के लिए सब्सक्राइब कीजिए एडन ग्रुप के ऑफिशियल और इसके और भी एपिसोड्स चेक आउट करना बिल्कुल ना भूलें अगर आप इसी
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