एक इंसान को उस समय नौकरी से निकाल दिया गया जब लोग उसे पागल कहते थे। उसकी बनाई हुई कारों का मजाक उड़ाया करते थे। आज वही इंसान जब एक ट्वीट करता है तो अरबों डॉलर का बाजार हिल जाता है। इनफैक्ट उसने Twitter को ही खरीद लिया और उसका नाम बदल के रख दिया एक्स। आप जान गए होंगे वो इंसान है ईलॉन मस्क। लेकिन कहानी ईलॉन मस्क की नहीं है। कहानी उसकी औकात की है। एक समय था जब ईलॉन मस्क को इंटरव्यूज में हंसकर टाल दिया जाता था। लोग कहते थे कि इलेक्ट्रिक कारें कभी नहीं चलेगी।
रॉकेट बनाना सरकारों का काम है। किसी पागल का नहीं उसकी कंपनियां दिवालियां होने के कगार पर थी। उसके पास अपने कर्मचारियों को सैलरी देने तक के भी पैसे नहीं थे। लेकिन आज आज वही इंसान दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों में गिना जाता है। अमेरिका के राष्ट्रपति उससे मिलना चाहते हैं। दुनिया के सबसे बड़े निवेशक उसके एक फैसले पर अपनी पूरी रणनीति बदल देते हैं। करोड़ों लोग उसकी बातों को सुनते हैं। उसके ट्वीट पर पूरी दुनिया की मीडिया बहस करती है। आखिर बदला क्या? उसका चेहरा नहीं बदला। उसकी आवाज नहीं बदली। उसका डीएनए भी नहीं बदला।
बस सिर्फ एक चीज बदली उसकी औकात और यहां औकात का मतलब घमंड से नहीं है। औकात का मतलब है तुम्हारी वैल्यू, तुम्हारी क्षमता, तुम्हारा प्रभाव, वो स्तर जहां पहुंचकर दुनिया तुम्हें नजरअंदाज करने की हैसियत खो देती है। क्योंकि एक कड़वा सच यह है कि दुनिया तुम्हें तुम्हारे इरादों के लिए सम्मान नहीं करती। दुनिया तुम्हारे रिजल्ट्स के लिए तुम्हारा सम्मान करती है। तुम कितने अच्छे इंसान हो इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। तुम कितने यूज़फुल इंसान हो इससे सबको फर्क पड़ता है। यही कारण है कि जब तुम्हारे पास कुछ नहीं होता तब लोग तुम्हें समझाने
आते हैं और जब तुम्हारे पास सब कुछ होता है तब वही लोग तुम्हें समझने की कोशिश करते हैं। इसलिए आज अगर लोग तुम्हें हल्के में लेते हैं तुम्हारी बातों को नजरअंदाज करते हैं। तुम्हें वो सम्मान नहीं देते जिसके तुम खुद को योग्य समझते हो तो हो सकता है समस्या लोगों में नहीं तुम्हारी वर्तमान औकात में हो। सुनने में थोड़ा बुरा लगेगा। लेकिन सच अक्सर बुरा ही लगता है मेरे दोस्त। लोग कहते हैं कि इंसान को उसकी अच्छाई के लिए सम्मान मिलना चाहिए। बिल्कुल मिलना चाहिए। लेकिन वास्तविक दुनिया आदर्शों पर नहीं मूल्यों पर चलती है। स्कूल
में सबसे ज्यादा सम्मान किसे मिलता था? टॉपर को। कॉलेज में किसको मिलता था? सबसे टैलेंटेड स्टूडेंट को। ऑफिस में किसको मिलता है? सबसे ज्यादा रिजल्ट देने वाले कर्मचारी को। और बिजनेस में किसको मिलता है? सबसे ज्यादा वैल्यू क्रिएट करने वाले इंसान को। और जिंदगी में उस इंसान को सबसे ज्यादा सम्मान मिलता है जिसकी औकात इतनी बड़ी हो जाए कि उसकी मौजूदगी अपने आप सम्मान पैदा कर दे। तुम्हें दुनिया से यह उम्मीद छोड़नी पड़ेगी कि लोग तुम्हें वैसे ही सम्मान देंगे जैसे तुम खुद को देखते हो। दुनिया तुम्हें वैसे देखती है जैसे तुम्हारे रिजल्ट उनको तुम्हें
दिखाते हैं। याद रखना लोग तुम्हारी संभावना को नहीं खरीदते। लोग तुम्हारी उपलब्धियों को खरीदते हैं। तुम्हारे अंदर आज चाहे कितना भी टैलेंट क्यों ना हो अगर वही दुनिया के किसी काम नहीं आ रहा तो दुनिया उसके लिए ताली नहीं बजाएगी। इसलिए अपनी पूरी ऊर्जा को लोगों को गलत साबित करने में मत लगाओ। अपनी पूरी ऊर्जा खुद को इतना बेहतर बनाने में लगाओ कि लोग तुम्हारे बारे में गलत होने के लिए शर्मिंदा हो जाए। अब मैं तुम्हें एक सच बताने वाला हूं जो शायद तुम्हें चोट पहुंचा सकता है। अगर मान लो आज तुम्हारा फोन बंद हो
जाता है और अगले 30 दिनों तक तुम किसी को कॉल नहीं करते हो तो कितने लोग तुम्हें याद करेंगे? अगर कल तुमने नौकरी छोड़ दी तो कंपनी कितने दिनों में तुम्हारी जगह किसी और को रख लेगी। अगर तुम सोशल मीडिया से गायब हो जाओ तो कितने लोग सच में तुम्हें ढूंढने आएंगे? इन सवालों का जवाब ही तुम्हारी वर्तमान औकात है। हम में से ज्यादातर लोग खुद को अपनी नजरों से देखते हैं, खुद की नजरों से देखते हैं। लेकिन दुनिया हमें हमारी उपयोगिता से देखती है। तुम्हारी मां के लिए तुम दुनिया के सबसे कीमती इंसान हो।
लेकिन दुनिया के लिए तुम उतने ही कीमती हो जितनी वैल्यू तुम खुद पैदा करते हो। ये दुनिया बहुत क्रूर है मेरे दोस्त। यहां किसी की नियत नहीं बिकती है। यहां नतीजे बिकते हैं। लोग कहते हैं कि पैसा सब कुछ नहीं होता। बिल्कुल नहीं होता लेकिन गरीबी भी तो कुछ नहीं होती। अगर पैसा सब कुछ नहीं है तो पैसे की कमी भी कुछ नहीं है। सच यह है कि पैसा, ज्ञान, हेल्थ, कैरेक्टर, इन्फ्लुएंस और क्षमता यह सभी मिलकर तुम्हारी औकात बनाते हैं। औकात वो है जहां पहुंचकर लोग तुम्हें इग्नोर नहीं कर सकते। इतिहास उठा करके देख
लो। जब तक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल नहीं बना रहे थे, तब तक दुनिया उनको नहीं जानती थी। जब तक सचिन तेंदुलकर मैदान में रन नहीं बना रहे थे, तब तक लोग उन्हें भगवान नहीं कहते थे। जब तक ईलॉन मस्क दुनिया को बदलने की कोशिश नहीं कर रहे थे, तब तक लोग उन्हें पागल कहते थे। दुनिया तुम्हारे संघर्ष का सम्मान नहीं करती। दुनिया तुम्हारी सफलता का सम्मान करती है। संघर्ष का सम्मान भले ही तुम खुद कर रहे हो लेकिन दुनिया दुनिया को खाली ट्रॉफी चाहिए तुम्हारे हाथ में। तब वो तुम्हारी रिस्पेक्ट करेगी। तुम्हारी औकात समझेगी।
इसलिए अगर आज लोग तुम्हें हल्के में लेते हैं तो उनसे नफरत मत करो। उन्हें गलत साबित करने की कोशिश भी मत करो। बस अपनी औकात बढ़ाओ। इतनी बढ़ाओ कि तुम्हारा नाम ही तुम्हारी पहचान बन जाए। इतनी बढ़ाओ कि तुम्हारे माता-पिता तुम्हारा परिचय देते हुए गर्व महसूस करें। इतनी बढ़ाओ कि तुम्हारे दुश्मन भी तुम्हारे लिए सम्मान वाले शब्द इस्तेमाल करने को मजबूर हो जाए। और याद रखना औकात दिखाने की चीज नहीं होती, बनाने की चीज होती है। आजकल लोग ₹5000 की शर्ट पहनकर खुद को बड़ा समझने लगते हैं। कोई महंगी गाड़ी खरीद कर खुद को सक्सेसफुल
समझने लगता है। कोई Instagram पर लग्जरी लाइफ दिखाकर सोचता है कि उसने अपनी औकात बढ़ा दी। नहीं, तुम्हारी औकात तुम्हारी घड़ी की कीमत से नहीं बढ़ती। तुम्हारी औकात तुम्हारे समय की कीमत से बढ़ती है। तुम्हारी औकात तुम्हारी कार से नहीं बढ़ती। तुम्हारी औकात इस बात से बढ़ती है कि तुम कितने लोगों की जिंदगी को बेहतर बना सकते हो। तुम्हारी औकात तुम्हारे कपड़ों से नहीं बनती। तुम्हारी औकात तुम्हारे चरित्र, तुम्हारे ज्ञान और तुम्हारी मेहनत से बढ़ती है। अगर आज तुम्हारे पास ₹10 करोड़ हैं लेकिन तुम्हारा चरित्र घटिया है तो तुम्हारी औकात अधूरी है। अगर तुम्हारे पास
शानदार शरीर है लेकिन दिमाग कमजोर है तो तुम्हारी औकात अधूरी है। अगर तुम्हारे पास बहुत ज्यादा ज्ञान है लेकिन डिसिप्लिन नहीं है तो तुम्हारी औकात अधूरी है। एक महान औकात बनाने के लिए तुम्हें चार चीजें बनानी पड़ेगी। पहला ऐसा ज्ञान कि लोग तुमसे सीखना चाहे। दूसरा ऐसी फिटनेस कि लोग तुम्हें देख कर के मोटिवेट हो। तीसरा ऐसा कैरेक्टर कि लोग तुम पर आंख बंद करके भरोसा कर सकें। और चौथा ऐसी उपलब्धियां कि लोग तुम्हें नजरअंदाज करने से पहले 100 बार सोचे। याद रखना इस दुनिया में सबसे महंगी चीज समय तो है ही लेकिन तुम्हारे लिए
एक और चीज महंगी है। वो है तुम्हारी वैल्यू। क्योंकि अगर तुम्हारी वैल्यू बहुत ज्यादा है तो दुनिया तुम्हारे एक घंटे के लिए भी लाखों रुपए देने को तैयार हो जाती है। इसलिए शिकायत करना बंद करो कि लोग तुम्हारी कदर नहीं करते। अपने आप से पूछो कि क्या मैंने खुद को इतना वैल्यूुएबल बनाया है कि लोग मेरी कदर करने को मजबूर हो जाए। अगर जवाब नहीं है तो अच्छी बात है क्योंकि इसका मतलब है तुम्हारे पास काम करने के लिए एक क्लियर गोल है। आज से किसी से रिस्पेक्ट मत मांगो। किसी के पीछे मत भागो। किसी
को यह मत समझाओ कि तुम अच्छे इंसान हो। बस इतना करो कि अगले 5 साल अपनी औकात बनाने में लगा दो। इतना सीखो कि लोग तुम्हें सुनना चाहे। इतनी मेहनत करो कि लोग तुम्हारे रिजल्ट देख के हैरान हो जाए। और इतना डिसिप्लिन डेवलप करो कि तुम्हारा भविष्य तुम्हारे वर्तमान को धन्यवाद कहे। और याद रखना जब तुम्हारी औकात छोटी होती है तो तुम्हें अपनी बात को साबित करनी पड़ती है। लेकिन जब तुम्हारी औकात बड़ी हो जाती है तो तुम्हारी मौजूदगी ही तुम्हारा परिचय बन जाती है। इसलिए आज से यह मत कहो कि लोग मुझे इग्नोर करते
हैं। ऐसा इंसान बनो जिसे इग्नोर करना दुनिया के लिए सबसे महंगी गलती बन जाए। अपनी औकात इतनी बड़ी बना लो कि एक दिन तुम्हें अपनी कीमत बताने की जरूरत ही ना पड़े। तुम चुपचाप खड़े रहो और तुम्हारी औकात बोलती रहे। अपना ख्याल रखिए और आगे बढ़ते रहिए और मेहनत के दम पर देश में अपना ही नहीं बल्कि दुनिया में देश का नाम रोशन कीजिए। जय हिंद। वंदे मातरम।