दोस्तों 6 महीने पहले की बात है जब एक लड़का एक लड़की को शादी के लिए पसंद करने गया था। लेकिन वह लड़की उसे पसंद नहीं आती। वह उसे शादी करने के लिए मना करने ही वाला था कि तभी वह लड़की की मां को देखता है। उसे देखता है तो देखता ही रह जाता है। किसी से पूछता है यह कौन है? तो वह उसे कहता है कि यह लड़की की मां है और फिर वह शादी के लिए हां कर देता है। यानी कि भले ही उसको लड़की पसंद नहीं थी लेकिन वो जो लड़की की मां थी
वो उसके दिलो दिमाग में बैठ जाती है और फिर वो शादी के लिए हां कर देता है। शादी 16 अप्रैल 2025 को तय हो जाती है। लेकिन उसके बाद वो एक मोबाइल खरीद कर अपनी सासू को गिफ्ट देता है और फिर उससे वो प्यार भरी बातें करने लगता है। उसकी होने वाली सास की उम्र मात्र 38 साल की थी। यानी कि अभी बहुत कुछ उसमें बाकी था। तो वह सास भी उससे प्यार भरी बातें करने लगती है। और जब तीन-4 महीने बीत जाते हैं तो एक दिन वह कहती है कि मैं इससे पहले अपनी बेटी
को तुम्हारे घर पर भेजूं शादी करके उससे पहले मैं तुमसे मिलना चाहती हूं क्योंकि शादी होने के बाद हमारा रिश्ता बदल जाएगा। मैं तुम्हारी सास हो जाऊंगी। तो इसीलिए एज ए गर्लफ्रेंड मैं तुमसे मिलना चाहती हूं। दामाद भी उसके लिए उतावला था और फिर वो उसका इंतजाम करता है। वो बीमारी का बहाना बनाता है। उसके बाद उसको देखने के लिए वो सास जाती है और उधर दामाद ने सारा इंतजाम कर रखा था। एक ही कमरा एक ही बिस्तर और सोने वाले दो लोग सास और दामाद। उसके बाद रात होती है वह बात होती है। जिसके
लिए वो पिछले चार महीनों से तड़प रहे थे, तरस रहे थे। लेकिन इस एक रात में उनकी आग नहीं बुझती। उसके बाद वो वहां पर पांच और रातें गुजारते हैं। शादी से 1 1/2 महीना पहले और जब उन दोनों का मन भर जाता है तो फिर सास वहां से अपने घर पे आती है और फिर शादी की तैयारियों में जुट जाती है। लेकिन उनकी कहानी यहीं खत्म नहीं होती। असली कहानी तो अब शुरू होती है। दोस्तों क्या कुछ होता है सास और दामाद की इस कहानी में? आइए जानते हैं पूरी कहानी इस वीडियो में। लेकिन
वीडियो में आगे बढ़ने से पहले बस वही रिक्वेस्ट वीडियो को लाइक कर दीजिए। चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि मेरा हौसला बढ़ता रहे। दोस्तों, एक कहानी है उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की। एक थाना लगता है मराक। उसी मद्राक थाने में एक गांव लगता है। उस गांव में एक जितेंद्र उर्फ़ जीतू नाम का आदमी रहता था। उसकी पत्नी और उसके तीन बच्चे थे। एक बच्ची जो कि सबसे बड़ी थी और उसके अलावा दो बेटे थे। जितेंद्र जो था वह बोर में कपड़ों का कारोबार करता है और उसकी पत्नी जिसका नाम अनीता देवी होता है। जब
उसकी बेटी धीरे-धीरे बड़ी हुई आठवीं तक की पढ़ाई की और जब 18 साल की हुई तो फिर माता-पिता उसकी शादी करने के लिए एक लड़का ढूंढते हैं और उसी गांव में एक लड़का होता है जिसका नाम राहुल होता है। उम्र 25 साल देखने में अच्छा खासा हैंडसम सा वो लड़का। शादी की बात होती है, देख दिखाई होती है। जैसा कि मैंने पहले बताया कि वो लड़की उसे कुछ खास पसंद नहीं आती। लेकिन जैसे ही वह लड़की की मां को देखता है यानी कि अनीता को देखता है वैसे ही वो उसके दिलो दिमाग में बस जाती
है और वो शादी के लिए हां कर देता है। उसके बाद 16 अप्रैल 2025 को शादी की बात तय होती है और फिर उसके बाद जो दामाद ने देखा था और जो कुछ उसके मन में चल रहा था उसके लिए उसने एक दिन देखा कि अनीता के पास कोई मोबाइल ढंग का नहीं था। एक छोटा सा मोबाइल था। तो उसने कहा कि मैं अपनी होने वाली पत्नी जिसका नाम शिवानी होता है। कहता मैं उससे बातें करना चाहता हूं। इसीलिए एक 300 का मोबाइल खरीदता है और फिर उसके बाद वो अपने ससुराल पहुंचता है। गांव के
बाहर ही अपनी सास को बुलाता है यानी कि अनीता को बुलाता है। यहां पर वो अपनी पत्नी से ज्यादा अपनी सास से मिलने के लिए बेकरार था और उसी के लिए वह आया था। वह फोन अनीता को दे देता है और फिर उसके बाद वह अपने गांव वापस आ जाता है। अनीता अब उससे बातें करने लगती है। हालांकि जो उसकी होने वाली पत्नी थी उससे वह मात्र 5 मिनट या 10 मिनट ही बातें करता था और उसके बाद कहता था कि फोन मम्मी को दो। मम्मी से कुछ पूछना है। और उसके बाद दोस्तों वो उस
अनीता से घंटों बातें किया करता था। 25 साल का राहुल, 38 साल की अनीता। अगर आम जिंदगी में देखें तो प्यार किसी से भी हो सकता है। किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन यहां रिश्ते की बात थी। एक होने वाली सास, एक होने वाले दामाद से घंटों बातें करने लगती है। अगर अनीता के पति की माने तो वो 16-1 16 घंटे बातें करने लगते हैं। लेकिन जो उसकी बेटी थी जिसकी शादी होने वाली थी। शिवानी ने कभी इस पर शक नहीं किया कि यह दोनों क्यों इतनी बातें करते हैं। यहां तक कि जब
वह बाथरूम में होती थी तब भी उसका फोन आता था। वह कहता था मम्मी कहां पे है? कहती थी बाथरूम में है। कहता था उनको फोन दो। इस हद तक दोनों में बातें चलती रहती थी। किसी को कोई शक नहीं हुआ लेकिन जब तीन-4 महीने खूब इन दोनों में बातें हो गई तो एक दिन अनीता ने कहा कि बातें ही होती रहेंगी या फिर कुछ और होगा। जो दामाद था वह कहता है बिल्कुल होगा। लेकिन क्या करें? कैसे करें? वो कहती है कुछ भी करो शादी से पहले ही मुझे तुमसे मिलना है और उसके बाद
वो दोनों एक खतरनाक प्लान बनाते हैं जिसके मुताबिक जो राहुल था वो अपने बीमारी का बहाना बनाता है 1 मार्च 2025 को यानी कि शादी से करीब 1ढ़ महीना पहले और उसके बाद उसे अपने घर पे बुलाता है जिस समय उसके घर पर कोई नहीं था लोग 5 6 दिनों के कहीं गए हुए थे। तभी वह बुलाता है और उसके बाद दोस्तों बस जो भी होना था उन लोगों ने पहले से तय कर रखा था। 1 मार्च और 2 मार्च 3 मार्च 5 मार्च तक वो सास यानी कि अनीता वहीं पर अपने दामाद होने वाले
दामाद के साथ रहती है और फिर इन पांच दिनों में दोनों पति पत्नी की तरह रहते हैं और उन दोनों में खूब रिलेशन बनते हैं। उसके बाद जब अनीता का मन भर जाता है तब उसके बाद वो वहां से जाती है अपने घर पे। लेकिन इस बीच जो है जो उसका पति था जितेंद्र था उसे शक हो जाता है क्योंकि वह जब भी फोन करता तब भी अनीता का फोन बिजी जाता था। वो पूछता था किससे बात करती है? वह कहती थी मैं दामाद जी से बात करती हूं। पूछता है इतनी सी कौन सी बात
है कि तुम हमेशा उसी से बात करती हो। कहती है जिसके घर बेटी को भेजना है पूरी तरीके से जांच परख के ही तो भेजूंगी। जितेंद्र सोचता है कितनी अच्छी मां है। बेटी का इतना ख्याल रखती है। बेटी के बारे में इतना सोचती है। इसीलिए वह और बेफिक्र हो जाता है कि चलो पत्नी तो घर पे है। और घर पे पैसों की जरूरत थी। इसीलिए जितेंद्र जो था वह बोर में रह के दिनरा काम करता था। अब शादी की डेट नजदीक आ गई। मात्र 15 दिन बचे थे कि जितेंद्र जो है वह बोर से घर
आ जाता है। उसके बाद शादी के कार्ड छपते हैं। शॉपिंग होती है। यहां तक कि जो भी पैसे कमा कर लाए थे कुछ उसने उधार भी लिए। करीब ₹3.5 लाख अपने अलमारी में रख दिया कि कहीं पर किसी चीज की कोई कमी ना हो। इसके अलावा करीब 5.5 लाख का ज्वेलरी भी खरीद के रख लिया। सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी और उसके बाद जो भी अंतिम रूप था शादी का वो दिया जा रहा था। अब शादी में सारे रिश्तेदारों को कार्ड बांटना था न्योता देने की बारी थी। लेकिन जितेंद्र को अपनी पत्नी पर कुछ
शक हो जाता है कि इसकी और जो होने वाला दामाद है उसके बीच में कुछ ठीक चल नहीं रहा है। लेकिन वोकि शादी नजदीक थी। इसीलिए कुछ बोलता नहीं कि अगर कुछ बोलूंगा तो बवाल होगा, झगड़ा होगा और बेटी सुनेगी तो उसे भी बुरा लगेगा कि मेरा होने वाला पति और मेरी मां के साथ इस तरीके से पापा शक कर रहे हैं। इसीलिए वो कुछ नहीं बोलता। लेकिन एक दिन जब शादी का कार्ड बांटने के लिए जो अनीता थी अपने पति को कहती है कि जाओ मेरी बहन के यहां शादी का कार्ड दे आओ। जितेंद्र
तैयार होता है कार्ड लेके कई कार्ड लेके वहां पर पहुंचता है कि ऐसे सारे रिश्तेदारों को निपटाते हुए आऊंगा। सुबह का निकला पहले वो पहुंचता है उसी के बहन के घर कार्ड देता है और उसके बाद जो है और रिश्तेदारों के यहां निकल जाता है। यहां जो अनीता थी वो अपनी बेटी से कहती है कि ऐसा है कुछ शॉपिंग के सिलसिले में मुझे बाजार जाना है और हो सकता है आने में मुझे देर हो जाए। वह कहती है कोई बात नहीं मम्मी तुम जाओ मैं घर पे हूं। अब दोस्तों उधर वह जाती है शॉपिंग करने
लेकिन शाम हो गया वह आए नहीं। जितेंद्र जो है न्योता बांटकर घर पे आ जाता है। वह अपनी बेटी से पूछता है कि तेरी मां कहां गई? वह बोलती है कि मां तो शॉपिंग करने गई है। वह कहते हैं कि क्या शॉपिंग करने गई है। वह कहती है वह तो वही जाने। उन्होंने बताया नहीं कि क्या शॉपिंग करने गई हैं। फिलहाल वो बाप-ब बैठकर अनीता का इंतजार करने लगते हैं। लेकिन रात के 9:00 बज गए अनीता नहीं आई। जब ये लोग फोन करके उसको पता करने की कोशिश करते हैं तो अनीता ने फोन नहीं उठाया
और जब सुबह हो गई अनीता का पता नहीं चला। चारों तरफ शोर मच गया कि इनकी पत्नी गायब है। हालांकि जो जितेंद्र थे और उनकी जो बेटी थी उन्होंने लोगों से यह राज छुपाए रखा कि वो जो है सारे रुपए और गहने लेकर भी गई है। लेकिन जब सुबह हो गई बाप को भी पता है कि वह दामाद से बात करती थी। बेटी को भी पता है कि मां मेरे होने वाले पति से बात करती थी। लेकिन यह दोनों एक दूसरे से कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे कि हो सकता है कि यह
राहुल के साथ ही चली गई हो। लेकिन फिर सुबह जो शिवानी थी वो अपने पिताजी से कहती है कि एक बार राहुल को भी फोन करो। उससे भी पूछो क्या पता उसको पता हो कि मां कहां गई है। अब वह राहुल के पास फोन करता है तो राहुल पहले तो गोल-गोल घुमाने लगता है। लेकिन जब कई बार फोन करता है और स्ट्रांगली यह बोलते हैं कि जो तुम्हारी सास है तुम्हारे ही साथ है। मेरी पत्नी तुम्हारे साथ है। कहां पे है और किस मकसद से गई है। यह तुम बता दो। अब तो राहुल कहता है
कि अगर तुम ऐसा कह रहे हो तो यह बात सच है और तुम उसको भूल जाओ। हम दोनों दो जिस्म एक जान हो चुके हैं और हम शादी करने वाले हैं। जैसे ही जितेंद्र ये सुनते हैं उनके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। वो कहते हैं क्या बात कर रहे हो? तुम्हारा दिमाग तो सही है। वो कहता है मेरा दिमाग सही है। तुम अपना दिमाग सही करो। तुम्हारी शादी को हुए 18 साल हो गए। 18 साल में तुमने इनको चैन से जीने नहीं दिया। जितना इनको सताया है, वह सारी चीजें इसने मुझसे बताई है और
अब यह तुम्हारे साथ नहीं रहेगी। तुम इसको भूल जाओ। जितेंद्र कहते हैं कि यह सब कब से चल रहा है तुम लोगों का? तो वो सारी कहानी बता देता है कि जब से मैंने इनको देखा है तभी से मैं इनको पसंद करने लगा हूं और पिछले मार्च में जो 1 मार्च को ये मेरे घर पर गई थी पांच दिन तक हम लोगों ने एक साथ गुजारे हैं। तो तुम समझ सकते हो कि हम दोनों किस हद तक जुड़े हैं। अब जितेंद्र को काटो तो खून नहीं। उसके बाद वह सारी कहानी अपने बेटी से बताते हैं।
बेटी जो है वह रोने लगती है। कहती है कि मुझे पहले से ही शक था लेकिन यह नहीं पता था कि मां ऐसा करेगी। उसके बाद बाप-ब कुछ रिश्तेदारों की राय लेते हैं और फिर उसके बाद थाने पहुंचते हैं। वहां पर जाकर सारी आपबीति बताते हैं और फिर पुलिस भी हैरान हो जाती है और यह मामला सुर्खियों में आता है। उसके बाद उन दोनों के नंबर को सर्वििलांस पर डाला जाता है। पता चलता है कि यहां दोनों घर के लोग परेशान हैं और वहां यह दोनों उत्तराखंड के रुद्रपुर में कहीं पर रंगलियां मना रहे हैं
और किसी होटल में छुपे हुए हैं। अब दोस्तों इधर जितेंद्र परेशान हो जाते हैं। बेटी को सदमा लग जाता है। उसकी तबीयत खराब हो जाती है। हॉस्पिटल में पहुंच जाती है। उसे ग्लूकोज चढ़ता है। उसे डिप्रेशन की दवाई दी जाती है। और इधर यह दोनों उत्तराखंड में जाकर सुकून के पल बिताते हैं। और फोन करने पर जो राहुल था वह इनको ही हड़काता है। अपने होने वाले ससुर को धमकाता है कि तुम इसको भूल जाओ। दोस्तों, एक जमाना था जब सास दामाद से पर्दा किया करती थी। उसे अपना मुंह नहीं दिखाती थी। अगर आप 40
50 साल या उसके ऊपर के होंगे तो आपको पता होगा और एक आज का जमाना है कि सास दामाद के सामने बेपर्दा हो चुकी है और देश में अपने कुकर्मों की कहानी बयां कर रहे हैं। दोस्तों उम्मीद है कि बहुत जल्द ये दोनों पकड़े जाएंगे। लेकिन जब पकड़े जाएंगे तो किसी को क्या मुंह दिखाएंगे यह सोचने वाली बात है। फिलहाल आज के लिए इतना ही। आपकी इस पर क्या राय है? कमेंट में जरूर लिखें और इसी प्रकार की कहानियों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें। वीडियो को लाइक करें। फिर मिलेंगे अगले वीडियो में।