अगर आप एक आदमी हैं तो आपके मन में एक प्रश्न हमेशा उठता होगा कि मेरा परपज क्या है मैं इस धरती पे कर क्या रहा हूं जॉब करूं या बिजनेस करूं या एक काम करता हूं ये सब छोड़ छाड़ के हिमालय चला जाऊं इस वक्त आप जिधर आप घुमाएंगे उधर मूर्खों का तमाशा चल रहा है सरकश बन गई है दुनिया और इससे भी बुरा तो यह कि उन्हें देख के लगता है कि शायद उन्होंने भी अपनी जिंदगी फिगर आउट कर ली है वो आपसे भी आगे निकल चुके हैं समय पानी की तरह बह रहा है
और आपका कंफ्यूजन ही समाप्त नहीं हो पा रहा है आपको हमारी इस लेटेस्ट सीरीज में अपने इन सभी प्रश्नों के उत्तर बड़े विस्तार से मिलने वाले हैं और इसी के साथ एडॉन ग्रुप प्रस्तुत करते हैं मैन ऑफ वॉर एक ऐसी सीरीज जहां आपको हमारे पूर्वजों की प्रथाओं से लेकर मॉडर्न साइंस के रिसर्च पेपर्स तक स्टडी किए गए सभी मेंटल मॉडल्स लाइफ स्टाइल नस और मैस्कुलर फ्रेम्स करेंगे आपकी मदद अपने कर्तव्य को और अपने आप को गहराई से समझने के लिए इस सीरीज के पहले एपिसोड में हम डिस्कस करने वाले हैं मैस्कुलर के उन कोर कांसेप्ट
को जिन्हें आपसे छुपाया गया है आपके मां-बाप द्वारा आपके टीचर्स रिश्तेदारों ने यहां तक कि आपके अपनों ने भी आपको आज तक केवल बक्से में बांधने का इंतजाम किया है आप पैदा होते नहीं है कि आपके हाथ में बस्ता पकड़ा दिया जाता है चल भाई एक काम कर स्कूल पहुंच 50 बच्चों के बीच में बैठ गालियां देना सीख पौन देखना सीख मास्टर बेट करर दबा के वहां से निकल के रात तक ट्यूशन में बैठ इतने घर पहुंचे नहीं कि इतने सोने का टाइम हो गया 6 घंटे की नींद फिर साइकिल रिपीट आपको इतने स्ट्रिक्ट शेड्यूल
का बकरा बना दिया जाता है कि आप यह सोच ही नहीं पाते कि भैया मैं ये क्यों कर कर रहा हूं मतलब क्या है साला मतलब ट्रिग्नोमेट्री में क्यों करूं अब ये समझना जरूरी है कि यहां मतलब हर चीज का है लेकिन आपको ये बताया नहीं जाएगा क्योंकि आपके मां-बाप की भी अवेयरनेस इस वक्त बहुत ही कम है इंस्टेड आप बनेंगे बंदर और टीचर बजाएगा आपकी बीन थिरके गी आपकी कमर लेकिन गलती से भी अगर आपने अपना दिमाग इस बंदर नाथ से ऊपर चलाने की जरा भी कोशिश करी तो फिर आपको मिलेगा परिवार का प्यार
सुन जब तक मेरे घर में है जब तक मेरी छत के नीचे है मेरे घर का राशन खा रहा है तब तक मेरी सुनेगा है और अगर अपनी सुननी है तो अपने पैसे कमा और निकल यहां से हो सकता है कि आपको इसके कुछ सॉफ्टर या फिर कुछ मच हार्श वेरिएंट सुनने को मिले हो लेकिन हमारे खानदान की सोच कुछ ऐसी है जिसमें उनकी भी पूरी गलती नहीं है क्योंकि उनके मां-बाप की सोच ऐसी थी हमारे देश में अवेयरनेस बहुत समय से पहले से ही कम चल रही है इसका इलाज हम आगे जाके बताएंगे लेकिन
फिलहाल ये जानते हैं कि इस केस में आप क्या कर सकते हैं आपको पत्ते मिल चुके हैं अब आपको गेम इन्हीं से खेलना पड़ेगा ये बात समझ के आप लग जाते हैं पैसे कमाने में पर तब तक आपने दिमाग को बात सुनने का इंस्ट्रक्शन मैनुअल का एक ऐसा मुर्गा बना दिया है जिससे आप वहां भी फ्री थिंकिंग नहीं कर पाते दिमाग इतना छोटा कर दिया जाता है कि उसके सोचने समझने की क्षमता ही खत्म हो जाती है वो ट्रेंड्स पे दुनिया पे इतना डिपेंडेंट हो जाता है कि आपके कपड़े लते मोबाइल गाड़ी सब कुछ दूसरों
को देख के खरीदा जा रहा है आपकी पूरी आइडेंटिटी फैब्रिकेटेड हो चुकी है बनाई गई है आप खुद की जिंदगी जी ही नहीं रहे हैं और इसीलिए आप हर वक्त कन्फ्यूज्ड हैं दुख देख रहे हैं आप पीड़ा देख रहे हैं आप कितनी दर्द भरी कहानी है ना तो लोगों ने आपको समझने की कोशिश करी और ना खुद आपको अपने आप को समझने का एक मौका दिया कि आप है कौन ये समझने के लिए खुद को जानने के लिए हम स्टडी करने वाले हैं ट्रेडिशनल मैस्कट देखिए मॉडर्न वर्ल्ड में आदमियों के तीन मेजर आर्किटाइप बन चुके
हैं सबसे पहला स्लेव ये एक ऐसा आदमी है जिसके दिमाग की कंडीशनिंग ही रूल्स फॉलो करने के लिए इंस्ट्रक्शन मैनुअल पढ़ने के लिए की गई है पढ़ी पढ़ है इसकी पूरी तो ये जिंदगी जिएगा उन रूल्स के हिसाब से जो सोसाइटी ने बनाए हैं जो रिलीजन ने बनाए हैं जो हमारे कल्चर में इस्तेमाल किए जाते हैं ये अटेंशन के मतलब इतने भूखे बन जाते हैं ना कि इनकी पूरी जिंदगी समाज की एक्सपेक्टशंस पे खड़े उतरने में जो मुझे समझाया गया है मैं तो वही करूंगा बजाय कि अपनी खुद की सोच अपने खुद के ख्याल के
बेस पे फैसले लूं ये सब चीजें बहुत पहले दफना चुका है उसके बाद आते हैं रोबॉट आर्किटाइप सोसाइटी आदमियों को बनाना चाहती है मशीन कितना काम हो रहा है कितनी तेजी से हो रहा है हाथ चलाना बेटे फटाफट है ना चल प्रोडक्टिविटी एफिशिएंसी कंपटीशन इन चीजों का भी अपना पहलू है लेकिन हमें ये सोचने पे मजबूर किया जाता है कि क्रिएटिविटी की खुशी की स्पॉन्टेनििटी की हमारे जीवन में जगह ही नहीं है हम तो बने अपने हाथ पैर उनके हिसाब से चलाने के लिए और पूरे दिन चलाने के लिए तीसरा और आखिरी आर्किटाइप है सेक्सुअल
मेनिक ये एक ऐसा आदमी है जिसके लिए सेक्स एक बाजार में बिकने वाली चीज है ये ये स्टेप्स करना है जी आपको और सेक्स ले लो इसमें वो सारे यूट्यूब आते हैं जो लौंडियाबाजी के जो स्टेप बाय स्टेप ट्यूटोरियल बताते हैं और वो भी जो देखते हैं यह आदमी अपने प्राइमर डिजायर का एक ऐसा नशेड़ी बना दिया गया है कि इस इंसान को अपनी एक्चुअल नीड्स यानी प्रेम की भावना कनेक्शन की भावना यह सब कुछ बुला चुका है अब ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी आर्किटाइप्स की समस्या सेम है इन सब का
अंत फ्रस्ट्रेशन थकान और आइडेंटिटी लॉस में ही होगा हर आदमी अंदर से इन सब से लड़ना जरूर चाहता है सच की तलाश में है वो लेकिन करो क्या शुरू कहां से करो यार मतलब डायरेक्शन क्या पकड़ो जाओ किस तरफ देखिए इसका सबसे पहला कदम है अपने मुखौटे को उतारना आपके चेहरे पर इस वक्त एक सोसाइटल मास्क चढ़ा हुआ है जो आपकी खाल के साथ धीरे-धीरे एक होता जा रहा है और इससे पहले आपकी कोई आइडेंटिटी बचे ही ना आप इसे तुरंत निकाल के फेंक दें इसका मतलब क्या है देखिए आपको अपने मां-बाप के सिखाए अपने
टीचर्स के थोपे गए कांसेप्ट को जहन से निकालना होगा ताकि आप अपना खुद का चेहरा आईने में देख पाए आप हैं कौन आपके अंदर ना एक बहुत ही गहरी नीड है एक्सटर्नल वैलिडेशन की अप्रूवल की आप भूखे हैं कॉम्प्लीयंट के आगे बहुत छोटी है इतनी छोटी चीज है तो इसे समझने के लिए आपको अपनी इन्हेरिटेंस को एनालाइज करना पड़ेगा सवाल पूछिए खुद से क ये ख्याल मेरे खुद के भी हैं या मैंने बिना मतलब के बिना इन सब को जाने इनका बकरा बन चुका हूं देखिए आदमी मशीन बनने के लिए नहीं आजाद होने के लिए
पैदा हुआ है अगर एक आदमी अपने सच को समझेगा तो उसका जीवन खुशियों से क्रिएटिविटी से भर जाएगा ऑथेंटिक लाइफस्टाइल प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स को भी एक्टिवेट करती है और एनस करती है जो कि दिमाग का वो हिस्सा है जहां डिसीजन मेकिंग और सेल्फ कंट्रोल का प्रोसेस होता है देखिए हर आदमी के अंदर मैस्कुलर और फेमिनिन दोनों ही क्वालिटीज होती हैं लेकिन समाज कहता है भा प्रेम कुमार गोली और लड़की के गले में बांध पट्टा इससे हमारे नेचुरल इमोशंस जैसे कि इंटू कंपैशन यहां तक कि इमोशनल रेगुलेशन तक बर्बाद हो सकते हैं देखिए इमोशंस को मैनिपुलेट
करने के लिए भी आपको इमोशंस की समझ होना जरूरी है और वो तब तक नहीं होगा जब तक आप उन्हें दबाने की कोशिश करेंगे ऐसा करते हुए एक आदमी कभी एक सक्सेसफुल रिलेशनशिप कायम ही नहीं कर पाएगा और लो इमोशनल इंटेलिजेंस वाला आदमी कभी भी एक अच्छा लीडर नहीं बन सकता लोगों को लीड करने के लिए आपको उन्हें समझना जरूरी है उनके दुख सुख को महसूस कर पाना आवश्यक है आपके दिमाग का मिरर न्यूरॉन सिस्टम आपकी एंपैथी के लिए जिम्मेदार है और इसे एनहांस करने से आप एक बहुत ही बेहतरीन कम्युनिकेटर बन सकते हैं इसका
एक तरीका ये भी है कि आप जब भी किसी से बात करते तो पूरे मन से उन्हें सुनने की कोशिश कीजिए महसूस करिए उनकी पीड़ा को उनकी उनकी भावनाओं को हमारा अगला पड़ाव है वॉरियर आर्किटाइप स्ट्रेंथ विदाउट अग्रेशन देखिए कमजोर आदमी हमेशा फिरने का मौका ढूंढते हैं क्योंकि उसे खुद की काबिलियत पे इतना शक है कि वो ऐसे लोगों को ढूंढता फिर रहा है जो खुद को बचा ही नहीं सकते वो अपने आप को ताकत के एक ऐसे भ्रम में रखना चाहता है जहां पे वो मेंटल मास्टरबेशन करता चले क्योंकि उसे खुद की काबिलियत पे
शक होता है है इसीलिए वह ऐसे लोगों को ढूंढता है जो खुद को बचा ही नहीं सकते लेकिन एक मैस्कुलर आदमी कभी भी केवल आउटर स्ट्रेंथ को अपना गोल बना ही नहीं सकता और अपने साहस पर अपनी रेसिलिंक करता है वॉरियर आर्किटाइप एक ऐसा आदमी है जो खुद को मास्टर करने में ज्यादा रुचि रखता है बल्कि दूसरों को डोमिनेट करने से इसका मतलब आपको विरोध तो करना पड़ेगा रिबेल तो बनना ही पड़ेगा सवाल उठाने ही पड़ेंगे लेकिन सदियों पुरानी परंपराओं पे उन ख्यालों पे जो आपके खुद के हैं ही नहीं और रास्ता बनाना पड़ेगा खुद
का एक रिबेल समाज की सक्सेस की परिभाषा के आगे झुकता नहीं है लेकिन ध्यान दीजिए आपको असर्टिव तो बनना है लेकिन एग्रेसिव नहीं बनना क्योंकि अग्रेशन का सोर्स है इनसिक्योरिटी और असर्टिव बस का सोर्स होता है कॉन्फिडेंस आप खुद को साबित करने की कोशिश ना करें बल्कि इतने काबिल बने कि लोग आपकी बात खुद बखुदा फॉलो करना चाहे और इसका सबसे शानदार तरीका है स्ट्रेंथ को काइंड के साथ कंबाइन करने का बलशाली लेकिन दयावान है क्योंकि आपकी जो स्ट्रेंथ है ना वो अगर बैलेंस नहीं हो पाई तो आपका दिमाग एमग डेला को एक्टिवेट कर देगा
और आप चले जाएंगे फाइट और फ्लाइट मोड में यहां आपके सारे फैसले इमोशन और घबराहट के बेस प होंगे लेकिन अगर आपने स्ट्रेंथ को बैलेंस करना सीख लिया तो इमोशनल रेगुलेशन आप सीख लेंगे जहां फैसले आपका प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स लेगा जिसमें तर्क और विजडम भर भर के पड़ा है ध्यान दीजिए कि आपकी लड़ाई दुनिया से नहीं बल्कि आपके खुद के दिमाग से है अगला पड़ाव है मेडिटेशन देखिए मेडिटेशन के फायदे आप सब जानते हैं लेकिन स्टेप बाय स्टेप तरीका नहीं जानते शुरू कैसे किया जाए अप्रोच कैसे करी जाए तो आज मैं आपको एक ऐसी टेक्निक
बताने वाला हूं जिसे मैंने खुद भी अपने जीवन में इस्तेमाल करके उसकी बहुत सहायता मिली है मुझे लेकिन इससे पहले मैं एक चीज क्लियर कर देना चाहता हूं कि आपको कोई भी चीज तब तक नहीं मिलने वाली तब तक मिल ही नहीं सकती जब तक आप उसकी डिस्परेयूनिया अगर ये सोच के बैठे कि कुछ मिलने वाला है कुछ होने वाला है दिमाग में तरंगे आने वाली हैं तो दिमाग में केवल बाजा बजेगा असली ध्यान वही कर पाता है जिसकी कुछ मिलने की कुछ एक्सचेंज रेंज की इच्छा ही खत्म हो चुकी हो तो एक्सपेक्टेशन को जीरो
करिए और एक जगह बैठ के बस 10 मिनट के लिए खाली हो जाइए कुछ मत करिए ना मंतर पढ़ना ना योगा करना है कुछ एक्सपेक्ट भी नहीं करना है चुपचाप एक जगह 10 मिनट के लिए बैठना है बस और फिर अपनी आंखों को हिलाना बंद करिए ढूंढना बंद कर दीजिए चीजों को स्थिरता का एहसास कीजिए जहां बैठे हैं उसके सामने जो भी दिख रहा है उस एक पॉइंट को अगले आधे घंटे के लिए अपना केंद्र बना लीजिए अब वहां आपका दिमाग आपको व्यस्त रखने के लिए ख्यालों को पेश करना चालू कर देगा आने दीजिए आपके
सामने सरकस चलने वाला है पूरा लेकिन आपको उसमें जोकर नहीं बनना ख्याल बनते रहेंगे बहते रहेंगे आपको उन्हें देखते रहना है आपके सारे कर्मकांड बाहर आ सकते हैं लेकिन आपको केवल उन्हें देखना है और धीरे-धीरे आपकी सारी असमंजस तर्क में बदलने लगेगी और फिर या तो वो निपट जाएगी या फिर वो सुलझ जाएगी ये था हमारी सीरीज मैन ऑफ वॉर का पहला एपिसोड इसके आने वाले एपिसोड्स के लेटेस्ट अपडेट्स के के लिए सब्सक्राइब कीजिए एडन ग्रुप के ऑफिशियल