Scribe
Scribe

ชอบมันไหม? ทำให้ Scribe ดียิ่งขึ้นโดย การให้คะแนน

รับส่วนขยาย Chrome

เรียกดู

  • วิดีโอยอดนิยม
  • วิดีโอล่าสุด
  • ช่องทั้งหมด

เครื่องมือฟรี

  • ตัวดาวน์โหลดคำบรรยาย
  • ตัวสร้างเวลา
  • ตัวสรุปวิดีโอ
  • ตัวนับคำ
  • ตัววิเคราะห์ชื่อเรื่อง
  • ค้นหาบทถอดความวิดีโอ
  • การวิเคราะห์วิดีโอ
  • ตัวสร้างบท
  • ตัวสร้างแบบทดสอบ
  • แชทกับวิดีโอ

ผลิตภัณฑ์

  • ราคา
  • บล็อก
  • รับส่วนขยาย Chrome

Developers

  • Transcript API
  • API Documentation

กฎหมาย

  • ข้อกำหนด
  • ความเป็นส่วนตัว
  • การสนับสนุน
  • แผนผังเว็บไซต์

ลิขสิทธิ์ © 2026 สร้างด้วยความรักโดย Scribe

— ถ้านี่ทำให้ชีวิตของคุณง่ายขึ้น (หรืออย่างน้อยก็วุ่นวายน้อยลง) กรุณาให้คะแนนเรา! เราสัญญาว่ามันจะทำให้วันของเราดีขึ้น 😊

Related Videos

हल्के में न लें अमरीका के NRI को

Video thumbnail
410.85k4,416 คำ22m readGrade 18
แชร์
Channel
Ravish Kumar Official
नमस्कार मैं रवीश कुमार अमेरिका में रहने वाले भारतीयों पर ट्रंप के फैसलों का क्या असर पड़ेगा इसे लेकर भारत में तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं भारत में धर्म के आधार पर नागरिकता का समर्थन करने वाले लोग भी जन् के आधार पर नागरिकता नहीं देने वाले ट्रंप का विरोध कर रहे हैं जब बात खुद पर आई तो विरोध करने लगे और जब तक दूसरे समुदाय को डराने के लिए नागरिकता कानून बन रहा था तब ताली बजा रहे थे अब समझ में आज जाना चाहिए कि नागरिकता का आधार राजनीति के हिसाब से नहीं बदला जाना
चाहिए अमेरिका में रहने वाले एनआरआई का भी मजाक उड़ाया जा रहा है हमारा कहना है कि अगर उन पर खतरा है किसी भी तरह का तो प्रधानमंत्री मोदी से लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने अभी तक बोला क्यों नहीं है उन्हें आश्वस्त क्यों नहीं किया है अभी तक कुछ दिन पहले ओड़ीशा में एनआरआई का सम्मेलन किया गया प्रवासी भारतीय दिवस मनाया गया एनआरआई कोई फालतू लोग नहीं है यह भारत की आर्थिक तरक्की की कड़ियां हैं तभी तो भारत में इनके लिए सम्मेलन होता है तो सवाल है कि अगर इनके बच्चों पर असर पड़ेगा इन पर असर
पड़ेगा इनके अधिकारों पर असर पड़ेगा तो हम यूटर के अलावा प्रधानमंत्री मोदी को बोलना चाहिए या नहीं अगर नहीं बोल सकते हैं तो प्रवासी भारतीय सम्मेलन का क्या मतलब रह जाता है आप ही सोचिए अमेरिका में 50 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं इनमें से बड़ी संख्या उनकी है जिनकी पहली पीढ़ी अमेरिका गई कुछ भारतीय मूल के ऐसे भी हैं जो वहां जन्मे और उस नाते उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिल गई क्या इनकी कोई आवाज नहीं क्या इतना आसान है कि ट्रंप अपने आदेश से भारतीय मूल के लोगों को हांक देंगे कि जाइए अमेरिका अपने
देश में काम करने के लिए ए1 बी वीजा जारी करता है यह वीजा सबसे अधिक भारतीयों को ही दिया जाता है 3 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ते हैं वह अपने कमजोर रुपए से मजबूत डॉलर खरीदकर अमेरिका के खजाने में जमा करते हैं 2023 में भारतीय छात्रों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था में करीब 12 अरब डॉलर का योगदान किया एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा पिछले 1 साल में अमेरिका जाने वाले छात्रों की वीजा की फीस और पढ़ाई की फीस बढ़ा दी गई अमेरिका कमा भी तो रहा है क्या वह अपनी कमाई छोड़ देगा उसकी यूनिवर्सिटिट
जाएंगी 2023 में फॉरेन एडमिट्स नाम की संस्था ने सर्वे किया था बताया था कि अमेरिका में मास्टर्स की डिग्री करने के लिए एक भारतीय छात्र औसतन ₹ लाख र का कर्जा लेता है इसलिए भी भारतीय छात्रों के हित को लेकर सरकार को कूटनीतिक चैनलों से कुछ करना चाहिए और पब्लिक में भी बोलना चाहिए ताकि पता चले कि भारत की सरकार की क्या रणनीति होने वाली है विदेश मंत्री एस जयशंकर से सवाल जवाब होना चाहिए इतने भारतीय प्रभावित होने वाले हैं और हम कुछ भी नहीं बोल रहे पूछ भी नहीं रहे फोटो शेयर करने में लगे
हैं कि ट्रंप के शपथ ग्रहण में जय शंकर को आगे बिठाया गया था जयशंकर फोटो शेयर कर रहे हैं नए विदेश सचिव से मुलाकात की तो बताइए ना कि बात क्या हुई भारतीय मूल के लोगों को चिंता करने की जरूरत है या नहीं इस पर भी बोलिए आई नेशनल इमरजेंसी एट आवर सदर्न बॉर्डर जब ट्रंप ने इमीग्रेशन की बात की तब आपने नोट किया होगा विदेश मंत्री ने खड़े होकर ताली नहीं बजाई जबकि दूसरी बातों पर जयशंकर ने ताली बजाई उन्हें पता था कि इस पर ताली बजाएंगे तो यह ताली अपने ही देशवासियों पर पड़
जाएगी झारखंड और दिल्ली में अवैध घुसपैठियों को निकालने का भूत खड़ा करने वाले एक्सपर्ट प्रधानमंत्री मोदी के विदेश मंत्री अमेरिका में अवैध घुसपैठिए बन गए भारतीयों को निकालने की बात पर ताली कैसे बजा सकते थे डू यू गेट माय पॉइंट लेकिन भारतीय मूल के लोग अमेरिका की राजनीति में बहुत दखल रखते हैं कुछ तो उन पर भरोसा कीजिए आप किसी भी राष्ट्रपति का कार्यकाल देखिए उनके प्रशासन में भारतीय मूल के लोग नजर आएंगे तब भी हमारी यह हालत है कि हम आपस में ही एक दूसरे का मजाक उड़ा रहे हैं यह बहुत ही सैड है
हमें उन लोगों को बुलाना चाहिए बल्कि चार्टेड प्लेन में भरकर अमेरिका ले जाना चाहिए जिन्होंने जंतर मंतर पर ट्रंप की जीत के लिए हवन किया था उनसे वाइट हाउस के सामने हवन करवाना चाहिए ताकि ट्रंप को सद्बुद्धि आ जाए अमेरिका के संविधान में जो बात 18680 मौजूद थी ट्रंप ने उसे पलट दिया न्यू जर्सी की तरफ जाने वाली सड़क पर बर्फ तो पड़ रही है इस सुनसान रात में भी कई कारें आपको उन भारतीयों की मिल जाएंगी जो यहां वीजा पर काम करते हैं अखबार के अखबार इस बात से भरे हैं कि भारत के जो
लोग वहां वीजा पर काम कर रहे हैं इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं 30 दिनों के बाद अगर वहां उनके बच्चे पैदा होंगे तो उन्हें अब नागरिकता नहीं मिलेगी इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि लाखों भारतीयों पर इसका असर पड़ेगा नागरिकता तभी मिलेगी जब मां-बाप में से किसी एक के पास पहले से अमेरिका की नागरिकता होगी अमेरिका में नागरिकता पाने का यह भी एक तरीका था जब वहां पैदा होने वाले बच्चे 18 साल के हो जाते थे मां-बाप को भी नागरिकता मिल जाती थी बहुत से लोगों ने वहां ग्रीन कार्ड के लिए भी अप्लाई
किया है कहा जा रहा है ट्रंप के आदेश के बाद ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार 40 से 50 साल का हो जाएगा एक दलील यह भी है कि इंतजार घट जाएगा क्योंकि अवैध रूप से या जुगाड़ के तरीके से अप्लाई करने वाले पीछे हट जाएंगे लेकिन इन सब बातों से वहां रहने वाले भारतीय काफी अनिश्चित असुरक्षित हो गए हैं उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है ऐसा बताया जा रहा है सोशल मीडिया और अखबारों की रिपोर्ट से लगता है अमेरिका में रहने वाले वहां काम करने वाले भारतीय परिवारों के होश उड़ गए हैं उन्हें नींद
नहीं आ रही हो सकता है ऐसा हो लेकिन हमारा फोकस इस बात पर है कि कहीं हम बढ़ा चढ़ा कर तो पेश नहीं कर रहे हम हमने भी उन पर पड़ने वाले असर के बारे में वीडियो बनाया है लेकिन लेबर की नजर से सस्ते मजदूर की नजर से देखने पर ट्रंप के आदेशों की सीमाएं भी दिखाई देने लग जाती हैं जिसके बारे में हम इस वीडियो में आगे चर्चा करेंगे इमीग्रेशन को लेकर ट्रंप की राजनीति इसी पर टिकी है कि ऐसे लोग अमेरिका में अपराध की संख्या बढ़ा देते हैं जैसे इन लोगों के बिना अमेरिका
में अपराध शून्य हो जाता है या ठीक उसी तरह की बकवास बात है जैसे आपसे कहा गया कि नोटबंदी से काला धन समाप्त हो जाएगा आज तक किसी को पता नहीं कि नोटबंदी से भारत को क्या मिला हमें लगता है कि भारत में रात 8 बजे अचानक नोटबंदी कर देने से काला धन समाप्त नहीं हुआ उसी तरह ट्रंप के कार्यकारी आदेश जारी कर देने से अमेरिका तुरंत सारे प्रवासियों से खाली नहीं हो जाएगा ऐसे आदेशों की धमक ज्यादा होती है असर कम होता है अब तो अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों और लोगों
का मजाक उड़ाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में यह लोग मोदी मोदी किया करते थे अब उन्हें वापस भेजा जाएगा तब उन्हें असली भारत यहां आकर दिखेगा सबसे पहली बात है कि ऐसे कार्यक्रमों में आने वाले एनआरआई में सभी नरेंद्र मोदी के समर्थक नहीं होते हैं अमेरिका में रहने वाले एनआरआई एक तरफा मोदी के ही समर्थक हैं यह बात गलत है इनमें से कई लोगों को आना भी पड़ता है क्योंकि इन्हें लाने के लिए तंत्र की शक्तियां लगा दी जाती हैं अगर तंत्र की शक्तियां ना हो वीजा और ओसीआई कार्ड का चक्कर
ना हो तो इन लोगों से ताली बजवाना मुश्किल हो जाए आप यह जरूर कह सकते हैं कि इनमें से बहुत से लोग मोदी समर्थक हैं और उन्हें लगता है कि भारत सुपर पावर बन गया है मोदी कोई ग्लोबल लीडर है लेकिन क्या यह सही में इस पर यकीन करते हैं यह हम नहीं बता सकते अगर किसी को ठीक से पता है कि भारत सुपर पावर नहीं है अमेरिका अमेरिका है तो मोदी के इन समर्थकों को पता है भारत की सच्चाई क्या है और अमेरिका की सच्चाई क्या है विदेशों में मोदी के कार्यक्रमों में भीड़ बनकर
आने वाले इन लोगों का सोशल मीडिया में मजाक उड़ाया जा रहा है कहा जा रहा है कि अगर आपके अनुसार भारत ने इतनी तरक्की कर ली है यहां अमृत काल आ गया है तो यहीं आ जाइए अमृत काल यूपीआई और वंदे भारत का मजा लीजिए मजाक तक ये बातें ठीक हैं लेकिन अमेरिका जाकर हाड़ तोड़ मेहनत करने वाले डॉलर कमाने वाले तरह-तरह की कामयाबी के झंडे गाड़ने वाले भारती भारत की प्रगति के प्रतीक भी हैं यह नहीं भूलना चाहिए इनके कारण अमेरिका और भारत दोनों को फायदा हुआ है ऐसा भी नहीं लगता कि दो-चार महीने
में पूरा अमेरिका खाली कर दिया जाएगा जैसे बर्फ से भरी इस रात में अमेरिका का या ग्रामीण इलाका खाली-खाली नजर आ रहा है इस अमेरिका को बनाने में वैध रूप से भी और अवैध रूप से भी यहां आने वाले मजदूरों इंजीनियरों और व्यापारियों का बड़ा हाथ है जिस मेक्सिको को ट्रंप दिन रात धमकाते हैं उसी मेक्सिको से खेती और मजदूर ना आए तो अमेरिका की खेती बंद हो जाएगी ऐसे कई जमींदार हैं जिनके पास 2-2 हजार एकड़ की जमीनें हैं और उन पर खेती करना आसान नहीं होता मेक्सिको के लोगों की गरीबी ही उनसे काम
करवा लेती है ऐसे बहुत से किसान ट्रंप के समर्थक हैं क्या यह धनिक किसान अपने खेतों को बर्बाद होने देंगे या ट्रंप पर दबाव डालकर अपनी खेती बचाने का रास्ता निकालेंगे मतलब ट्रंप ऊपर से कुछ भी कहते रहे भीतर से कुछ और करना ही पड़ेगा आज मेक्सिको से आए लोगों को ट्रंप अवैध घुसपैठिया बता रहे हैं लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के समय जब लेबर की कमी हो गई तो अमेरिका को इसी मेक्सिको से लेबर बुलाना पड़ा 1942 से 64 के बीच लाखों किसानों को अस्थाई वीजा दिया गया ताकि वे यहां आकर खेती कर सकें आज
भी अमेरिका की खेती मेक्सिको से आने वाले किसानों पर निर्भर करती है अमेरिका के खेतों में काम करने वाले 2 तिहाई किसान और कर्मचारी मेक्सिको मूल के बताए जाते हैं सस्ते मजदूर किसे नहीं चाहिए जो अमेरिका सस्ते मजदूरों की तलाश में अपनी फैक्ट्रियों को उठाकर चीन भारत और दूसरे देशों में ले गया है क्या वह अपने यहां से सस्ते मजदूरों को निकाल देगा ट्रंप ने यह क्यों नहीं कहा कि कोई अमेरिकी व्यापारी कोई अमेरिकी बिजनेसमैन अपनी फैक्ट्री चीन और वियतनाम में नहीं लगाएगा और जिनकी फैक्ट्री है वह वापस अमेरिका में लाई जाएगी उनके समारोह में
डांस करने वाले मस्क ही ऐलान कर देते कि वे चीन से अपनी टेस्ला की फैक्ट्री बंद करर अमेरिका ला रहे हैं एरिजोना में लगा देंगे ताकि अमेरिकी लोगों को काम मिले क्या अमेरिकी लोगों को काम देने के लिए मस्क अपनी फैक्ट्री वहां से ला सकते हैं क्या i अपनी फैक्ट्री चीन से निकालकर कैलिफोर्निया में लगा देगा बकवास करना अलग बात है राजनीति अलग लेकिन जो सच्चाई है वह नाचने गाने से नहीं बदल जाती यह सभी ओलिगार्की बताए जा रहे हैं अपने मुनाफे के लिए जो गेम करेंगे वह खेल इतना ख होगा कि किसी को समझ
नहीं आएगा अवैध प्रवासियों के नाम पर यह आपको गोली दे रहे हैं इसलिए मैं इन्हें ओलिगार्की नहीं गोली गार कहता हूं गोलीबाज को इंग्लिश में गोली गार कहा जाना चाहिए याद रखना चाहिए कि ट्रंप के साथ जितने भी खरबपति हो सब के सब सस्ते श्रम के कारण ही खरबपति बने हैं वह तो जुगाड़ खोज रहे हैं कि आदमी कम पैसे पर ज्यादा से ज्यादा काम करें ताकि इनके पास और पैसे आते जाएं यही लोग एआई के समर्थक हैं ताकि मजदूरों की संख्या कम हो और मजदूरी कम देनी पड़े और आप इनसे उम्मीद लगाए बैठे हैं
कि अवैध प्रवासियों को निकालने के बाद यह अमेरिकी लोगों को काम देंगे हंसी नहीं आती आपको इतना ही है तो क्या यह निचले स्तर पर मजदूरी बढ़ाने जा रहे हैं ऐसा कोई ऐलान आपने सुना कहने की बात कुछ और होती है और इतना आसान नहीं होता यह सब हर किसी को सस्ता लेबर चाहिए और जरूरी है इसके लिए कि ऐसे लेबर के पास जरूरी दस्तावेज ना हो ताकि उसका शोष शोषण करना आसान हो जाए इस सिस्टम का लाभ डेमोक्रेट समर्थक बिजनेसमैन ने भी उठाया और रिपब्लिकन समर्थक अमीरों ने भी उठाया है मैं अपना अनुभव बताता
हूं न्यूयॉर्क से सटे एडिसन नामक जगह में एक रेस्तरां में गया भारतीय व्यंजनों का था लेकिन बटर चिकन बनाकर जो लाया वह मेक्सिकन था मेक्सिको का बंदा बटर चिकन बना रहा है यह क्यों हुआ होगा इस पर अलग से वीडियो बन सकता है लेकिन क्या इतना आसान है कि अवैध के नाम पर किसी भी देश से करोड़ों मजदूरों को निकाल दिया जाए क्या उनकी जगह अमेरिकी लोग जिन्हें आप ट्रंप सपोर्टर कहते हैं रातों-रात बटर चिकन बनाने लग जाएंगे खेती करने लग जाएंगे हम यह भी नहीं कह रहे कि ट्रंप के आदेशों से मेक्सिको के गरीब
लोगों से लेकर वहां अवैध रास्तों से बसने जा रहे भारतीय परिवारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा ऐसा हम बिल्कुल नहीं कह रहे असर बिल्कुल पड़ेगा लेकिन 1 करोड़ से अधिक लोगों को पकड़कर उनके देश वापस भेजना आसान भी नहीं इन्हें पकड़कर प्लेन में बिठाने के बीच में अमेरिका के राज्यों की अपनी कानूनी प्रक्रियाएं भी आती हैं उन्हीं से निपटने में ट्रंप जैसों के कई कार्यकाल निकल जाएंगे ट्रंप ने आदेश जारी कर दिया और सारा अमेरिका चुप हो गया ऐसा भी नहीं हुआ है उस अमेरिका को भी तो देखिए जो इन फैसलों का विरोध कर रहा
है अदालतों में जा रहा है ट्रंप के इन आदेशों के खिलाफ 22 राज्यों ने मुकदमा किया है नागरिकता के सवाल पर 18 डेमोक्रेट राज्यों के गठबंधन ने केस किया कई लोगों ने अपने स्तर पर भी और कई संस्थानों ने भी आगे आकर मुकदमा किया है कि ट्रंप का यह फैसला संविधान विरोधी है मुकदमा मा करने वालों में न्यू जर्सी भी है जहां बड़ी संख्या में काम करने वाले भारतीय रहते हैं वहां केवल गुजरात के लोग नहीं रहते महाराष्ट्र बिहार पंजाब और आंध्र प्रदेश के लोग भी रहते हैं कनेक्टिकट के अटॉर्नी जनरल हैं विलियम टोंग यह
चीनी मूल के हैं लेकिन अमेरिकी नागरिक हैं क्योंकि इनका जन्म अमेरिका में हुआ उनका बयान आया है कि ट्रंप का आदेश उन्हें निजी तौर पर टारगेट करता है यह सब देखिए कि कौन लोग बोल रहा है और बोलने के अवसर अभी भी उसी अमेरिका में मौजूद हैं जिसका लाभ लोग उठा रहे हैं ट्रंप के आदेश के बाद उनके जैसे कई लोगों को नागरिकता नहीं मिलेगी और मिलेगी भी तो कुछ शर्तों के साथ 24 घंटे के भीतर ट्रंप के आदेश के खिलाफ इतने केस हो गए ऐसे भी बयान आ रहे हैं कि राष्ट्रपति के पास शक्ति
तो है लेकिन वह इस देश के राजा नहीं है राज्यों का अदालतों में केस करना बता रहा है कि अमेरिका में केंद्रीय ढांचे के साथ-साथ राज्यों का ढांचा भी अभी कितना मजबूत है कितने ही शहरों ने केस कर वहां रहने वा वाले प्रवासियों को भरोसा दिया है कि उनके राज्य ने उन्हें अकेला नहीं छोड़ा है क्या भारत के किसी भी शहर में ऐसी नैतिक शक्ति बची है कोई मेयर खड़ा होकर बोल सकता है कि मोदी जी के फैसले का हम विरोध करते हैं इससे उसके शहर पर असर पड़ेगा उसे पता है कि बोलने की गलती
करेगा जांच एजेंसियां महीनों और सालों तक जेलों में गायब कर देंगी इसलिए कभी नहीं बोलेगा लेकिन अमेरिका तो लड़ रहा है वहां की सिविल सोसाइटी खड़ी हो गई है अब इस लड़ाई में भारतीय मूल के अमेरिकी लोग या वहां रहने वाले अमेरिकी कितने शामिल हैं इसकी हमें कोई प्रमुख खबर नहीं मिली आपको बहुत सी ऐसी खबरें पढ़ने को मिल जाएंगी कि लाखों की संख्या में भारतीय ट्रंप के फैसले से प्रभावित होंगे लेकिन क्या आपने ऐसी भी कोई खबर पढ़ी कि वहां रहने वाले प्रभावशाली भारतीय ट्रंप के फैसले का मुखर विरोध कर रहे हैं अदालतों में
मुकदमे कर रहे हैं अमेरिका की इस पादरी की खूब चर्चा हो रही है ट्रंप की शपथ के बाद पहली प्रार्थना सभा में रेवरेंड मैरियन बडी ने उन्हें सुना दिया कि प्रवासियों पर जरा दया कीजिए एलजीबीटी क्यू समुदाय के प्रति कठोरता मत बरतिए मेरियन बडी वाशिंगटन डीसी की एपिस्कोपल बिशप है और पहले भी सरकारी कार्रवाइयों की निंदा कर चुकी हैं सामने से राष्ट्रपति के फैसलों पर टिप्पणी कर देना भारत में तो इन दिनों कल्पना से बाहर की चीज हो गई है इन द नेम ऑफ आवर गड आई आस्क यू टू हैव मर्सी अपॉन द पीपल इ
दे एन इमट न ए इपें फ सम र ला ए प पल प क्र एन बल् फ ए प्रमें बटी कम ए गुने दे फथ च ए मग म मिस्टर प्रेड न इन आमज ्र फर द पेंट बी टेकन ए द यूप दो फली व जन् एशन इन दे ओन ला फा कपा एंड वेलकम यर आवर गड टीचे अस द वी आर ट बीसफल ट द स्ट्रेंजर फ वी व व स्ट्रेंज इन दिस लाड य व य य लाक एक्टिंग टू एक्ट आड सर्स थैंक यू वेरी मच थैक यू प्रस थंक यस अमेरिका में बहुत
सारे भारतीय धर्म गुरु बनकर दुकान चला रहे हैं लेकिन यह लोग क्यों नहीं बोल रहे हैं कभी इस पर सोचिए भारत के अखबार और पत्रकारों की अपनी असुरक्षा देखिए कहीं भी कोई भारतीय ल का सांसद बनता है मंत्री बनता है तो यह इस तरह से खुश होने लग जाते हैं जैसे वह भारत का भी काम करने लगेगा अजीब हालत हो गई है टाइम्स ऑफ इंडिया की 20 जनवरी की खबर देखिए हाउ उषा वंस हिंदू फेथ हेल्प तेलुगु सन इन लॉ जेडी वंस बिकम वाइस प्रेसिडेंट टाइम्स ऑफ इंडिया वर्ल्ड डेस्ट की खबर है लिखने वाले का
नाम नहीं भारत की मीडिया की प्राथमिकताएं क्या यही हैं लिखा है उषा और जेडी वांस येल यूनिवर्सिटी में मिले थे जेडी नास्तिक थे लेकिन हिंदू विचारों को उनके जीवन में लेकर आई जब आप उपराष्ट्रपति को तेलुगु दामाद लिख रहे हैं तो फिर क्यों चिंता कर रहे हैं दामाद जी से कह दीजिए ससुराल के लोगों को तंग ना करें उन्हें अमेरिका से ना निकाले और ग्रीन कार्ड तुरंत पहुंचा दें जब इतना हिंदू कनेक्शन हो ही गया है ट्रंप प्रशासन में उपराष्ट्रपति की पत्नी भी हैं तो फिर भारतीय लोग क्यों परेशान हैं एनआरआई की घबराहट की बात
क्यों छप रही है भारत में पत्रकारिता का सत्यानाश हो गया है अमेरिका में भी हो गया है ट्रंप के लिए आसान नहीं होगा करोड़ों लोगों की पहचान करना वापस भेजने के लिए हजारों प्लेन का इंतजाम करना यह ऐसा काम नहीं कि बालकनी में खड़े होकर आपने थाली बजा दी और कोरोना भाग भी गया बेशक कुछ हजार लोग भेजे जाएंगे लेकिन 7 लाख लोग भेजे जाएंगे सवा करोड़ लोग भेजे जाएंगे पहले भेज कर तो दिखाइए फिर हम देखेंगे अमेरिका को प्रवासियों ने बनाया बसाया है अमेरिका यह बात जानता है इसलिए ट्रंप भी एचव बी वीजा को
लेकर गोलमोल बातें कर कर रहे हैं उन्हें पता है कि ऐसे लोगों का आना अगर रुक गया तो अमेरिका भी रुक जाएगा आई लाइक आई लाइक बोथ साइ ऑ द आर्गुमेंट बट आ आई आल्सो लाइक वेरी कपेट पीपल कमिंग इनटू आवर कंट्री इवन इफ दैट इवॉल्व देम ट्रेनिंग एंड हेल्पिंग अदर पीपल दैट मे नॉट हैव द क्वालिफिकेशन दे ड ब आई ड वाट स्टॉप एंड आम नॉट जस्ट टकिंग अबाउ एर्स आईम टकिंग अब पपल ए ऑ लेवल्स वी वांट कपें पीपल कमिंग इटू आवर कंट्री एंड hb1 आ नो द प्रोग्राम वेरी वेल आई यूज द
प्रोग्राम अ मैड य एक्सर्ट वन हा क्लिटी वेय गे द ब प देन य ग री एनी ए ए म ए दि जलम नो ड वट है द क्लिटी पंग इउ बा ंग एक् बिनेस एट टेफ एब सो सन ब सा बट व्ट आ रिली डू फील इज द वी हैव टू लेट रियली कंटेंट पीपल ग्रेट पीपल कम इनटू आवर कंट्री एंड वी डू दैट थ्रू द h1 प्रोग्राम ट्रंप को पता है कि अमेरिका का काम काबिल इंजीनियरों के बिना नहीं चलेगा हो सकता है कि ए1 बी वीजा के नियम कुछ सख्त कर दिए जाएं
लेकिन कोई रास्ता भी बना देंगे जिससे किसी का काम ना रुके ऐसा मुझे लगता है ठीक है कि वे कानूनी रास्ते से आने की बात कर रहे हैं और ऐसा होना भी चाहिए लेकिन अमेरिका में अवैध रास्ते से आने का पूरा सिस्टम विकसित है इसका फायदा वहीं के अधिकारियों नेताओं और कंपनियों ने भी उठाया है वह सिस्टम इतनी जल्दी खत्म नहीं होने जा रहा इसलिए जो वहां के सिस्टम को जानते हैं अपने रुकने का जुगाड़ निकाल लेंगे जो भारतीय नौजवान अहमदाबाद से ग्वाटेमाला चला जा रहा है वहां से डोमिनिक रिपब्लिक चला आता है पैदल चलते
हुए कई बीहड़ रास्तों को पार करता है कई महीने लगाकर अमेरिका में घुसता है कम से कम उसके इस टैलेंट पर और जज्बे पर कुछ तो भरो कीजिए कि वह वहां रहने का जुगाड़ निकाल लेगा परमात्मा ब्लेस अमेरिका प्लीज डोंट सेंड देम बैक इन इंडिया यह खबर भारत के लिए शर्मनाक तो है कि करीब 182 हजार भारतीयों को तुरंत वापस भेजा जाएगा लेकिन इनके वापस भेजने का फैसला तो पिछले साल नवंबर में ही हो गया था यह वह लोग हैं जो अमृत काल वाले भारत को छोड़कर बिना कागज पत्त्र के अमेरिका में घुसने का प्रयास
कर रहे थे ऐसा आपने कब सुना कि यहां अमृत काल है और यहां के लोग अवैध घुसपैठ बनने अमेरिका चले गए इन्हें तो अमृत काल का अमृत चखने के लिए वैसे भी भारत के खर्चे पर भारत लाना चाहिए 8080 लाख रुप कर्ज लेकर जमीन बेचकर यह लोग गए हैं वे बेंगलुरु या मुंबई नहीं गए उन्हें पता था कि जो सपना अमेरिका में पूरा हो सकता है वह बेंगलुरु और मुंबई में नहीं हो सकता कहीं ऐसा तो नहीं कि हम और आप अमेरिका को कुछ ज्यादा गंभीरता से ले रहे हैं कि अमेरिका केवल आदेशों से चलता
है जो नियम बन जाता है उसी से चलता है चलता है इसमें कोई दो राय नहीं नहीं लेकिन वहां भी दो नंबर खूब चलता है इसमें भी कोई शक नहीं वरना अमेरिका में इतने देशों से लोग इतने सालों तक अवैध रास्तों से कैसे आते रहे ट्रंप प्रेस के सामने बैठकर कार्यकारी आदेशों पर दस्तखत किए जा रहे हैं हर आदेश की अलग-अलग फाइलें हैं कभी वे डब्ल्यूएचओ से अमेरिका को अलग कर देते हैं कभी 90 दिनों के लिए विदेशी मदद पर रोक लगा देते हैं एक साइन से 1500 लोगों को माफ कर देते हैं जिन पर
राजधानी के कैपिटल हिल में घुसकर दंगा करने के मामले चल रहे थे इनमें से कई आदेश इनके विध्वंस कारी हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन और टीका के प्रति उनका बर्ताव जानलेवा साबित हो सकता है ताली बजाने के लिए बयान देना अलग बात है लेकिन इन्हें सही साबित करना जल्दबाजी होगी ट्रंप का ज्यादातर फैसला बड़बोला का उड़न खटोला लगता है 2016 में ट्रंप कहते रहे दक्षिणी बॉर्डर पर एक बहुत बड़ी दीवार बनाएंगे मेक्सिको ही उस दीवार की कीमत अदा करेगा हम आपको याद दिलाना चाहते हैं कैसे दीवार बनाने के चक्कर में ट्रंप ने अमेरिका में 35 दिनों
का शटडाउन करा दिया सरकार शटडाउन हो गई क्योंकि इस सनक भरी योजना के लिए ट्रंप 5 अरब डॉलर का बजट मांग रहे थे सेनेट ने मंजूरी नहीं दी तो सरकार शटडाउन हो गई उसके काम रुक गए यह अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन था 35 दिन बाद ट्रंप बिना फंडिंग के ही शटडाउन वापस लेने के लिए राजी हो गए भाषण बाजी में इनका कोई जवाब नहीं काल्पनिक दुश्मन खड़े करना हर समय खुद को दुश्मनों से घिरा हुआ दिखाने के फन में उस्ताद है अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप दावा करते थे सीमा पर हर दिन 16
किमी दीवार बना रहे हैं इस पर अलजजीरा की 2020 की एक रिपोर्ट मिली जिसमें बताया गया है कि अमेरिका और मेक्सिको के बीच 3145 किमी लंबा बॉर्डर है अमेरिकी कस्टम और सीमा सुरक्षा विभाग के अनुसार अक्टूबर 2020 तक इस बॉर्डर पर मात्र 600 किमी लंबी दीवार खड़ी हो पाई उसमें भी नए निर्माण की लंबाई सिर्फ 20 से 25 किमी है बाकी सारा ढांचा पुराने निर्माण पर किया गया इसमें बताया गया था कि मेक्सिको ने दीवार के निर्माण में किसी भी हिस्से के लिए कोई पैसा नहीं दिया इस दीवार का निर्माण अमेरिकी टैक्स पेयर के पैसे
से किया गया ट्रंप से पहले एक और रिपब्लिकन राष्ट्रपति हुए जॉर्ज बुश यह भी दीवार बनाते रहे अक्टूबर 2006 में बुश ने अमेरिका मैक्सिको बॉर्डर पर 700 मील लंबी दीवार बनाने का आदेश पास किया था यथा अमेरिका का सिक्योर फेंस एक्ट बुश ने यह आदेश अपने कार्यकाल के छठे साल में दिया उस समय माना गया कि चुनाव बचाने के लिए कर रहे हैं उस समय भी दीवार बनाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान भी मैक्सिको से आने वाले प्रवासियों के मुद्दों पर काफी चर्चा होती थी इसकी लागत 2 अरब
डॉलर से भी ज्यादा आंकी गई पर सरकार के पास दीवार के लिए इतना पैसा नहीं था बुश के बाद ओबामा के कार्यकाल में इस बॉर्डर पर अलग-अलग तरह के अवरोध खड़े किए गए जिसमें दीवार भी शामिल थी और फेंसिंग भी बाइडर ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन इस दीवार के निर्माण पर रोक लगा दी थी प्रवासी किसी भी रूप में अमेरिका की जान है लेकिन मुद्दा भी है इन्हें मुद्दा बनाने से ट्रंप को बहुत वोट मिलता है आखिर कोई देश किस हद तक अवैध प्रवासियों को स्वीकार कर सकता है यह सवाल तो है लेकिन
ट्रंप का जो तरीका है क्या वह सही है क्या ट्रंप वाकई अमेरिका को अवैध प्रवासियों से खाली कर देंगे अगर करोड़ों प्रवासियों को खदेड़ा गया तो अमेरिका में युद्ध जैसे हालात पैदा हो जाएंगे छोटी-छोटी दुकानों से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियां बंद हो सकती उन्हें सस्ते मजदूर नहीं मिलेंगे क्या यह कंपनियां अचानक से दयालु हो जाएंगी अमेरिकी लोगों को अधिक मजदूरी देने लग जाएंगी इतनी मनुष्यता उनके भीतर लौट आने वाली है मुझे तो संदेह है यह भी सोचिए क्या अमेरिकी लोगों के पास इस तरह के काम करने का कौशल है उसी की तैयारी में कई साल निकल
जाएंगे और ट्रंप का कार्यकारी आदेश कहां बिला जाएगा पता नहीं चलेगा नमस्कार मैं रवीश कुमार
วิดีโอที่เกี่ยวข้อง
हीरो  की तरह अस्पताल से निकले सैफ! कंगना की डब्बा फिल्म SUPERFLOP!
18:10
हीरो की तरह अस्पताल से निकले सैफ! कंगना क...
Abhisar Sharma
342,255 views
राष्ट्रपति ट्रम्प का पहला दिन, अमरीका जाने वालों की बढ़ी चिंता
24:05
राष्ट्रपति ट्रम्प का पहला दिन, अमरीका जाने...
Ravish Kumar Official
1,700,309 views
Trump Signs Slew of Crazy Executive Orders, Gets Mad at Church & a Shocking Lie Witness News
15:11
Trump Signs Slew of Crazy Executive Orders...
Jimmy Kimmel Live
1,467,409 views
Old Soulful Hindi Tracks || BOLLYWOOD SONGS || Part - 1
28:20
Old Soulful Hindi Tracks || BOLLYWOOD SONG...
Music Mantra
12,327,350 views
din bhar ki khabar | news of the day, hindi news india | delhi assembly election 2025 | Rahul Gandhi
13:42
din bhar ki khabar | news of the day, hind...
DB Live
199,380 views
करेंगे 90 घंटे नौकरी?
20:20
करेंगे 90 घंटे नौकरी?
Ravish Kumar Official
1,706,687 views
BREAKING NEWS: Trump Takes Question After Question From The Press On First Full Day Back In Office
29:46
BREAKING NEWS: Trump Takes Question After ...
Forbes Breaking News
1,446,332 views
हमास से बंधक क्यों नहीं छुड़ा सका इस्राईल,
21:46
हमास से बंधक क्यों नहीं छुड़ा सका इस्राईल,
Ravish Kumar Official
2,601,431 views
जज लोया हत्याकांड में फंस गए शाह प्रियंका गांधी ने दिखा दिया सबूत!?
जज लोया हत्याकांड में फंस गए शाह प्रियंका ...
Nation Night
होशियार, डॉनल्ड ट्रंप पधार रहे हैं!
18:47
होशियार, डॉनल्ड ट्रंप पधार रहे हैं!
Ravish Kumar Official
1,802,750 views
Elon Musk salute was 'no accident', says expert in the alt-right | LBC
15:44
Elon Musk salute was 'no accident', says e...
LBC
10,791 views
पीएम मोदी को पत्र लिखकर पलट गए नीतीश कुमार, JDU ने किया अधिकारिक ऐलान, खुली बगावत!
8:07
पीएम मोदी को पत्र लिखकर पलट गए नीतीश कुमार...
4PM
24,186 views
BREAKING: Trump—Flanked By Larry Ellison, Sam Altman, & Masayoshi Son—Announces Project Stargate
14:18
BREAKING: Trump—Flanked By Larry Ellison, ...
Forbes Breaking News
1,899,691 views
Saif Ko Dekh Sulag Gaye
15:29
Saif Ko Dekh Sulag Gaye
Paurush Sharma
134,894 views
क्यों बेकारी को पसंद करने लगे हैं भारत के युवा?
25:41
क्यों बेकारी को पसंद करने लगे हैं भारत के ...
Ravish Kumar Official
1,294,652 views
Golden Retriever Meets Terrified Rescue for the First Time
14:02
Golden Retriever Meets Terrified Rescue fo...
The Golden Kobe Family
2,592,322 views
Man Insults Keanu Reeves on a First Class Flight – Instantly Regrets It When the Truth Is Reveal!
24:00
Man Insults Keanu Reeves on a First Class ...
Heroic Acts
2,421,672 views
Rahul Gandhi’s Politics: Future of socialist politics in India? | AKHILESH YADAV | NITISH KUMAR
Rahul Gandhi’s Politics: Future of sociali...
Satya Hindi सत्य हिन्दी
Saif ali khan मामले में आया नया मोड़ | फ़ोरेंसिक report ने मचा दिया तहलका |kumar vishwas फँसे
Saif ali khan मामले में आया नया मोड़ | फ़ो...
TV 14 Bharat
Pushpak Express Train Accident: Jalgaon में भयानक रेल हादसा चलती ट्रेन के नीचे... डरावनी तस्वीरें!
Pushpak Express Train Accident: Jalgaon मे...
Oneindia Hindi | वनइंडिया हिंदी