अस्सलाम वालेकुम। वेलकम टू बैच नंबर 40 क्लास नंबर नाइन। आज का जो हमारा टॉपिक है वह आरएसआई पे है। अच्छा जी आरएसआई क्या चीज होती है? कैसे आपने इसको यूज़ करना है? उससे पहले एक छोटा सा इंट्रोडक्शन ले लें। आरएसआई एक ऑसिलेटर है। इसको इसकी फुल फॉर्म है रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स। अच्छा जो चीजें हम कुछ हेल्पिंग टूल्स यूज़ करते हैं या पीएसओ इंडिकेटर जो हम यूज़ करते हैं अपनी ट्रेडिंग में वॉल्यूम के साथ वो दो ही चीजें हैं जो मोस्टली यूज़ होती हैं। उनमें से एक ये है आरएसआई। ठीक है? ये कैसे ओपन करना है
आपको मैं बता देता हूं। उसकी सेटिंग्स क्या होती है वो भी बता देता हूं। और दूसरी चीज़ जो यूज़ करते हैं वो मूविंग एवरेजेस हैं। तो आज आपको आरएसआई के बारे में और नेक्स्ट क्लास में इंशा्लाह इंशाल्लाह मूविंग एवरेजेस के बारे में आपको मैं समझा दूंगा। ये दो चीज़ ऐसी हैं जो आप वॉल्यूम के साथ अगर आप इनको मर्ज कर लेते हैं। स्ट्रक्चर को आप ज़हन में रखते हैं। स्ट्रक्चर तो आपको डायरेक्शन बताएगा कि किस डायरेक्शन में आपने ट्रेड लेनी है। अच्छा उसके बाद आपको अब जो पिछली क्लासेस में एक डिटेल से चीज पढ़ाई है
वह आपको पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आपका बताया कि अगर बुलिश ट्रेंड है तो आपने याद रखना है कि आपका पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट जो आपने अभी तक पढ़ा है वो ये है। किसी भी रेजिस्टेंस को जब प्राइस ब्रेक करेगी तो वो एज अ सपोर्ट काम करेगी। इस जगह को हम ब्रेकर ब्लॉक भी कहते हैं। ठीक है? उसकी शर्त क्या होती है? शर्तें ब्रेकर ब्लॉक की मैं आपको एक हल्की सी बता देता हूं। जैसे प्राइसेस अगर ऊपर जा रही हैं। ठीक है जी। ऊपर प्राइसेस जा रही हैं। यहां पे आखिरी यह बाय की कैंडल बन गई।
ठीक है जी। बाय की कैंडल को प्राइस ने डाउन साइड ब्रेक कर दिया। एंगल्फिंग हो गई। ठीक है जी। अब प्राइस दोबारा यहां से ऊपर आती है। एक लेवल लगाती है और इसको इस ऑर्डर ब्लॉक को फेल कर जाती है। अभी ऑर्डर ब्लॉक बना था ना अभी आपने पढ़ा नहीं है। इसलिए मैं ज्यादा डिटेल से नहीं बता रहा। बैच 39 वाले देख लें। ये इसका ऑर्डर ब्लॉक बन जाता है। ऑर्डर ब्लॉक अब तो वैलिड ही नहीं हुआ था। दूसरा ये ब्रेक भी हो गया है। फिर जब प्राइस दोबारा रिट्रेसमेंट पे आती है इसी ज़ोन पे
इसी ज़ोन पे रिट्रेसमेंट में आती है। तो इसको हम कहते हैं कि यह इसका ब्रेकर ब्लॉक है। पहले यह ऑर्डर ब्लॉक था। जाहिर है इसने काम नहीं किया। इसने फेल करके ऊपर चली गई तो अब यह ब्रेकर ब्लॉक के तौर पे काम करेगा। यह बैच 39 के लिए हो गया। जो बैच 40 है। आपने अभी ऑर्डर ब्लॉक नहीं पढ़ा तो आपके लिए बस इतनी बात समझ लीजिए कि यह एक रेजिस्टेंस जब प्राइस रेजिस्टेंस को ब्रेक करके नीचे आती है तो वह यहां से सपोर्ट लेने की कोशिश करती है या सपोर्ट लेती है। तो यह आपका
पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होता है। ये इसको आपने याद रखना है कि ट्रेडिंग में जो आपने पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट यहां पे सीखा है वो ये है। अच्छा अब यहां पे आपको मैंने ये बताया था कि मल्टीपल कंफर्मसेस आपको या मल्टीपल कन्फर्मेशंस आपको यहां पे मिल सकती हैं। इसमें आपको पहली कन्फर्मेशन क्या बताई थी कि रेजिस्टेंस है। जब यह ब्रेक होती है तो एज अ सपोर्ट काम करती है। यह पहली कन्फर्मेशन आ गई। उसके बाद आपको यह बताया था कि जो इंपल्स वेव होती है उस पे आप फिबोनाची अप्लाई कर सकते हैं। जब आप फिबोनाची
अप्लाई करेंगे इसके लो से हाई तक। यह बात याद रखनी है कि फिबोनाची हमेशा अप्लाई होता है आपकी इंपल्स वेव पे। अगर प्राइस ने यहां पे रेंज की है काफी देर उस रेंज पे फिबोनाची अप्लाई नहीं होगा। जो आखिरी इंपल्स वेव होगी, चाहे वो यहां से स्टार्ट हुई है, वो यहां से स्टार्ट हुई है, उसके लो से आप पकड़ेंगे और टॉप तक जाएंगे। ठीक है? आपने फिबोनाची अप्लाई कर लिया। उसका जो गोल्डन ज़ोन है, वो यहां पे कहीं पे बनेगा। 50% 61% का ज़ोन यहीं पे आएगा। तो, यह आपके पास दूसरी कंफर्मेशन आ गई इस
जगह पे। ठीक हो गया? तो, यह दूसरी कंफर्मेशन हो गई। इसके थ्रू भी आप ट्रेड ले सकते हैं। अपने पॉइंट ऑफ पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होना जरूरी है। तो पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट ये है। उसके बाद तीसरी चीज क्या आती है यहां पे? यहां पे आपने कल पढ़ी थी ट्रेंड लाइन। ट्रेंड लाइन का थर्ड टच भी इसी ज़ोन में आ सकता है। ठीक है? आपने कल पढ़ा था बड़े डिटेल से कि आपका पॉइंट A फिर पॉइंट B A और B के दरमियान जो हाईएस्ट पॉइंट होता है जब वो ब्रेक हो जाता है और प्राइस थर्ड टच
पे आती है। कल आपको डेली की एग्जांपल दिखाई थी। आज जाके देख लें कि डेली की उस एग्जांपल में फोर ऑवर की कंफर्मेशन के बाद प्राइस कितनी ऊपर गई आज। तो ये थर्ड टच की पावर ये होती है। तो यहां पे था थर्ड टच इसका। थर्ड टच पे भी आपको ट्रेड मिल जाती है। तीसरी कंफर्मेशन ये आ गई। इन तीन कंफर्मेशंस पे अगर आपका ट्रेंड बुलिश है, जिस टाइम फ्रेम में भी आप ट्रेड कर रहे हैं। H1 में देख रहे हैं, M5 में देख रहे हैं, M15 में जिसमें भी आप देख रहे हैं, अगर आपके
टाइम फ्रेम्स बुलिश है, बड़े टाइम फ्रेम्स, तो आपको ये तीन कंफर्मेशंस काफी हैं। इनके बेस पे आप ट्रेड कर सकते हैं। इसी तरीके से इसी को फॉलो इसी को फॉलो करने के लिए इसी ट्रेड को लेने के लिए इसी एंट्री के लिए मज़द कंफर्मेशंस भी हो सकती है। इसके अलावा मिसाल के तौर पे क्या कन्फर्मेशन हो सकती है? ये आरएसआई की कंफर्मेशन हो सकती है कि प्राइस आपके पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे है और आरएसआई नीचे से आपको बाय बता रहा है। ये भी एक कंफर्मेशन हो सकती है जो आज हम पढ़ेंगे। उसके बाद मूविंग एवरेजेस
ठीक है? मूविंग एवरेजेस जो होती हैं ये भी एक ऐसी कंफर्मेशन होती है जो आपको इस रिट्रेसमेंट पे ट्रेड दे सकती है। उसके बारे में इंशाल्लाह हम कल पढ़ लेंगे। तो ये हमारा प्राइस सेक्शन तकरीबन सारा कंप्लीट हो जाएगा। ठीक हो गया? अब यहां पे आपको आरएसआई कैसे ट्रेड देगा? देखिए आरएसआई को ट्रेड करने के डिफरेंट मेथड्स हैं। डिफरेंट टेक्निक्स हैं। आज मैं आपको दोनों तीनों टेक्निक्स उसकी बता दूंगा। बल्कि चलिए आज हम पढ़ेंगे डायवर्जेंसेस के बारे में क्योंकि वो भी दो डिफरेंट कांसेप्ट्स हैं। एक हिडन है, एक एक रेगुलर है। तो ऐसा ना हो
कि वो मिक्स अप हो जाए। तो दो चीजें ये पढ़ लेंगे और एक चीज और रह जाएगी वो आपको किसी लाइव क्लास में या इन्हीं क्लासेस के दौरान या नेक्स्ट क्लास का जो मूविंग एवरेज पढ़ेंगे मूविंग एवरेज से पहले आपको मैं वो कांसेप्ट भी क्लियर कर दूंगा। अच्छा जी। अब ये कैसे काम करती है? आरएसआई सबसे पहले आपने क्या करना है? जी आप आ गए इंडिकेटर्स वाले टैब पे। यहां पे आपने क्लिक किया। यहां पे आपने लिखना है जी आरएसआई आरएसआई आपने लिखा तो ये आ जाएगा रिलेटिव स्ट्रेंथ एंड इंडेक्स इसको आपने ऑन कर लेना
है जब आप इसको ऑन करेंगे तो ये नीचे आपको इस तरह से शो होगा इसकी मैंने कोई सेटिंग नहीं छेड़ी इसकी आप सेटिंग में जाएं डबल क्लिक करें या वैसे सेटिंग्स पे चले जाएं तो इसकी ये इनपुट्स में क्या है आरएसआई लेंथ 14 आ रही है सोर्स आ रहा है इसका क्लोज बिल्कुल ठीक है ऐसे ही टाइप आप चाहे तो एसएमए कर लें चाहे तो ईएमए कर लें मैं कभी इसको ईएमए पे कर लेता हूं कभी ये जो बीच में लाइन चल रही है ना येलो वाली ये इसके बारे में होता है ठीक है तो
वैसे कोशिश करें कि ईएमए पे अगर चर चले तो ज्यादा बेहतर है। ईएमए ज्यादा स्मूथ होती है एसएमए की निस्बत। एसएमए होता है सिंपल मूविंग एवरेज। ईएमए होता है एक्सपोनशियल मूविंग एवरेज। तो ये एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज ज्यादा बेहतर होती है। बाकी आपने किसी लेंथ को किसी को किसी और वेरिएबल को इनको नहीं छेड़ना। ठीक है? जो भी है ये सेटिंग्स इसी तरीके से रहने दे। स्टाइल में अगर आप जाते हैं अपने हिसाब से इसको मॉडिफाई करना चाहते हैं। लोगों ने किया होता है कर लें। जैसे मैं इसमें एक मॉडिफिकेशन ये करता हूं कि जो ब्लू
लाइन है इसको आम तौर पे ब्लैक कर लेता हूं ऐसे। ठीक है? ताकि ये ज्यादा विज़िबल हो जाए। बस इसके अलावा मैं कोई सेटिंग इसकी नहीं छेड़ता। तो ये तो आ गई आपकी आरएसआई। अब आरएसआई की अपनी सेटिंग्स यानी इसको आपने पढ़ना कैसे होता है? अच्छा इसमें मैं आपको यहां पे समझा देता हूं। इसके चार लेवल्स होते हैं। अपर लेवल हो गया एक पहले एक लेवल आ गया जिसका इस जगह पे दूसरा लेवल हो गया। फिर तीसरा लेवल इसका आ जाएगा जी। तकरीबन इस जगह पे। मैं आपको भी आरएसआई पे भी दिखाऊंगा। यहां पे पहले
समझ लें। पहले रफ समझ लें थोड़ा सा। फिर आगे चलते हैं। और यह इसका चौथा लेवल आ जाएगा यहां पर। चल जी। इसकी रीडिंग्स कैसे होती है? जी आरएसआई की जो हाईएस्ट रीडिंग होती है, वह होती है 100। ठीक है जी। आरएसआई कभी भी इसकी जो लाइन है ना ये जो लाइन इसकी लाइन चल रही है इसको आरएसआई लाइन कहते हैं। ये कभी भी 100 को क्रॉस करके ऊपर नहीं जाएगी। यानी इसका अपर लेवल जो होगा वो मैक्सिमम 100 है। ठीक है जी। 100 से ऊपर कभी भी आए नहीं जाता। अच्छा इसी तरह इसका जो
मिनिमम लेवल है वो यहां पे नीचे मैं आपको दिखाता हूं। इस जगह पे वो होता है ज़ीरो। कभी भी आरएसआई ज़ीरो से नीचे नहीं आता। यह जो रीडिंग्स हैं इसकी इसके दरमिया जीरो से नीचे नहीं जाती। 100 से ऊपर नहीं जाती। दरमियान के जो लेवल्स हैं, एक लेवल है यह। यह जो आपको कलर्ड पोर्शन नजर आ रहा है सारा यहां से लेके और यहां तक जो ये कलर्ड पोर्शन है, कलर्ड एरिया है, इसकी रीडिंग्स होती हैं 70। इसको आप चेंज भी कर सकते हैं। करना चाहें तो, लेकिन मैं इसको डिफ़ॉल्ट पे ही रखता हूं। ठीक
है? इसका जो अपर ये जो लिमिट है, अपपर पोर्शन जो डॉटेड लाइन नजर आ रही है, यह लेवल है 70 का। और जो नीचे वाला पोर्शन है, यह वाला जिसकी लाइन जा रही है, यह है जी 30 का लेवल। तो आपको चार लेवल्स इसके की लेवल्स मिल गए हैं। 0 30 70 और 100 अच्छा अब इसको जरा यहां पर आपको दिखा देता हूं। यह देखें ये ज़ीरो का लेवल आपको नजर आ रहा है। ये ठीक है जी। ज़ीरो के बाद ये 30 का लेवल है। ये देखें लाइन पे मैं करूं तो 30 आ रहा है।
30.25 इसको एग्जैक्ट 30 पे स्टार्ट होता है ये। उसके बाद ये लेवल आ रहा है। जी कलर्ड लेवल 70 का। ये 70 का लेवल और फिर टॉप लेवल इसका आ रहा है। ये 100 का। यहां पे आपको लिखा हुआ है 120 भी नजर आ रहा है। लेकिन ये बस वैसे रीडिंग्स लिखी हुई है। ये किसी काम के नहीं है। हमारे हमारे जो लेवल्स हैं वो बस ये हैं। मैं आपको यहां पे सेट करके दे चुका हूं। ये देखें 0 25 30 ऐसे कर लें इसको। ये देखें ज़ीरो उसके बाद ये 30 30 से लेके 70
तक कलर्ड है। उसके बाद फिर आगे ये 80 और 100 का लेवल है। एक बात आपने याद रखनी है कि प्राइस की जो ज्यादातर मूवमेंट होती है। ठीक है? 80% 90% जो प्राइस की मूवमेंट होती है वो इसी कलर ज़ोन के अंदर-अंदर रहती है। ऐसे। ठीक है जी? आप नीचे देख भी रहे हैं कि प्राइस की जो ज्यादा मूवमेंट होगी वह इसी कलर जोन के अंदर अंदर होगी। जैसे कि यहां पर आप अगर देखें इसको तो तकरीबन ये वाला कलर है। ऐसे मैक्सिमम या मोस्ट ऑफ द टाइम्स प्राइस इसी कलर ज़ोन के अंदर रहेगी। कुछ
टाइम ऐसे आते हैं जैसे अभी आप देख सकते हैं इस जगह पे भी कि प्राइस जो है वो 70 के लेवल से ऊपर निकल जाती है। यह 70 का है ना ये डॉटेड लाइन जो चल रही है कलर्ड एरिया जो है जहां पे खत्म हो रहा है कलर्ड एरिया इसके ऊपर जब प्राइस आ रही है तो इसको हम कहते हैं कि प्राइस 70 से ऊपर निकल गई है। जब भी प्राइस किसी भी स्टॉक में गोल्ड में करेंसी में किसी स्टॉक में कमोडिटीज जिसमें भी प्राइस अगर 70 के लेवल से ऊपर निकल गई है तो इसको
हम यहां पर लिख देते हैं। इसको हम कहते हैं 70 से ऊपर अगर निकल जाती है यह वाला जो ज़ोन है इसको हम कहते हैं ओवरबॉट। ठीक है जी। अच्छा जी। इसी तरीके से अगर प्राइसेस जो है वो आ जाती हैं 30 के लेवल से नीचे। इसी तरीके से अगर प्राइसेस 30 के लेवल से नीचे आ जाती हैं। जैसे मैं आपको यहां पे दिखा सकता हूं। यहां पे देखें तो यह देखिए। यहां पे रेड हो गई है प्राइसेस बहुत ज्यादा। ठीक है? रेड शेड आ रहा है। यहां पे ऊपर ग्रीन शेड आ रहा था। तो
जब भी ग्रीन शेड में आएगी प्राइस हम कहेंगे कि प्राइसेस ओवरबॉट हैं। इसी तरीके से जब प्राइसेस 30 के लेवल से नीचे आ जाएंगी तो हम कहेंगे कि प्राइसेस ओवरसोल्ड है। ओवर सोल्ड। चलें जी। अब उम्मीद है आपको ये बात समझ आ गई होगी जो अभी तक मैंने बात समझाई है। चार लेवल्स हैं जीरो से लेके 100 तक। जो कलर्ड एरिया है इसका वो है 30 से 70 तक। ठीक है? 40 ये जो पॉइंट्स आ रहे हैं, ज्यादातर प्राइस की मूवमेंट होती है इसी कलर ज़ोन के अंदर। अच्छा, समटाइ्स प्राइसेस ऊपर निकल जाती हैं। 70
के लेवल से ऊपर निकलती हैं। जब भी ऊपर आएंगी, यहां पे आपको ग्रीन शेड इस जगह पे नजर आना शुरू हो जाएगा। ये जो जगह आपको नजर आएगी, इस तरह यहां पे ग्रीन शेड आएगा इस तरीके से। तो हम कहते हैं कि इस वक्त प्राइसेस जो है वो ओवरबॉट कंडीशंस में है। इसी तरीके से अगर प्राइसेस नीचे निकल आती हैं। यहां से प्राइस नीचे आ जाती है इस तरह इस जगहों पे तो यहां पे आपको रेड शेड नजर आना शुरू हो जाता है। मैंने अभी आपको पीछे दिखाया था ऐसी जगहों पे रेड शेड आ जाता
है साथ। तो उसको हम कहते हैं कि प्राइसेस ओवरसोल्ड हो गए हैं। ओवरसोल्ड का मतलब है कि बहुत ज्यादा बेचा जा चुका है यह स्टॉक। ठीक है? या शेयर जो भी है। इसी तरीके से ओवरबॉट का मतलब है कि बहुत ज्यादा खरीदा जा चुका है। यानी गोल्ड है ना तो गोल्ड इस जगह पे इस ज्यादा इस जगह पे बहुत ज्यादा खरीदा जा चुका था। और यहां पे ओवरसोल्ड का मतलब यह है कि प्राइस बहुत ज्यादा सोल्ड हो चुकी है। स्टॉक बहुत ज्यादा सोल्ड ये बहुत ज्यादा बेचा जा चुका है। ओवर हो चुका है। आमतौर पे
इसके बाद रिट्रेसमेंट्स आती हैं। अब कुछ लोग तो इसको बिल्कुल उनका रूल ये होता है कि जैसे ही प्राइस ओवरसोल्ड ओवरबॉट हुई है। जैसे यहां पे ऊपर निकली है। वो यहां से सेल कर देंगे। यह प्राइस बहुत ज्यादा ओवरबॉट हो गई है तो जाहिर है वो रिट्रेसमेंट लेगी नीचे आएगी यहां पे ओवरबॉट हो चुकी है प्राइस यहां से नीचे गिरेगी और गिरती भी है देखिए गिरी है ठीक है लेकिन ये कांसेप्ट इतना सिंपल इतना सादा नहीं है क्योंकि जब प्राइस जो इसका असल तरीकाकार है ये मैं आपको मार्केट का हिसाब बता रहा हूं कि मार्केट
में इसको कैसे देखा जाता है जो इसका असल कांसेप्ट है वो इसका ये है कि जब प्राइस ओवरबॉट कंडीशन में होती है ना तो आप समझें कि प्राइस को पल लगे हैं बहुत तेजी से प्राइस फिर मूव करती है अपसाइड मज़द अप वर जाती है और जब ओवरसोल्ड कंडीशन में होती है तो उसका मतलब है बहुत ज्यादा प्रेशर है। बहुत सेलिंग प्रेशर है। मजीद प्राइस गिर सकती है। मजीद गिर सकती है। मैं आपको उसकी एग्जांपल दिखाता हूं। अभी देखें यहां तक बात समझ आ गई। अगर यहां तक बात समझ आ गई क्योंकि मुझे फिर ड्राइंग
क्लियर करनी है। जितनी बात अभी तक बताई है अगर ये समझ आ गई तो इसका मुझे बस सिर्फ एक मैसेज में बता दें कि यहां तक आपको क्लियर है अगर तो फिर आगे चलते हैं। अच्छा चल यहां तक क्लियर है। ठीक है जी। इसको फिर यहां से ट्राइंग को क्लियर करते हैं। जी। अब मैं आपको इसकी एग्जांपल दिखाता हूं कि किस तरीके से अगर आप सिर्फ इस इस कासेप्ट पर काम करते हैं कि ओवरसोल्ड हो गई है तो सेल बाय कर लो तो वो किस तरीके से फेल होता है। यह देखें अब प्राइस यहां पे
देखें इस जगह पे। यहां पे अगर आप गौर करें इस पॉइंट पे तो प्राइस यहां पे काफी और ज़्यादा ओवरसोल्ड थी इस जगह पे। ठीक है जी। कौन सा लेवल है? 329495 का लेवल है। 329495 पे जब प्राइस पहुंची तो आप नीचे देखें सेम इसी ज़ोन पे प्राइस तो बहुत ज्यादा ओवरसोल्ड हो चुकी थी। इसका मतलब है कि प्राइस को उठना चाहिए था। यहां से बाय होना चाहिए था। रिट्रेसमेंट आनी चाहिए थी अच्छी लेकिन प्राइस तो उसके बाद मज़द गिरती गई और कितना गिरी ये भी देख लें। प्राइस ने इस जगह से जो आपका ओवरसोल्ड
पॉइंट था वहां से प्राइस तकरीबन और नीचे आई है। जी 3886 पिप्स तकरीबन 400 पिप्स। ठीक है जी। तकरीबन 400 पौ50 पिप्स प्राइस 380 पिप्स प्राइस नीचे गिरी है और बल्कि यह भी इसको काउंट कर ले तो यह और ज्यादा गिरी है प्राइस नीचे तो कभी भी आपने इस तरह नहीं करना कि प्राइस ओवरसोल्ड हो गई है तो इसको मैं बाय कर लूं। इसकी टेक्निक्स होती हैं बाय करने के लिए सेल करने के लिए वो आज हमने पढ़नी है। अच्छा आपको कैसे पता चलेगा? मंथली में देखें आपको एक चीज़ दिखाता हूं। देखें अब अगर आपने
सिर्फ ओवरबॉट ओवर सेल ओवरसोल्ड पे ही काम करना है। तो यहां पे प्राइस देखें कितनी ओवरबॉट हुई। ठीक है? इस कैंडल पे प्राइस मंथली मैं दिखा रहा हूं। में कितनी और बॉट थी। उसके बाद देखें रिट्रेसमेंट आई है लेकिन कितना टाइम लगा उसको और प्राइस सिर्फ रेंज में चली गई। इसके बाद सेल तो नहीं हुई ना? सेल तो नहीं हुई। उसके बाद रेंज में चली गई। रेंज में जाने के बाद फिर एक रिट्रेसमेंट आई और फिर उठी है प्राइस। तो बहुत बहुत टाइम प्राइस ले जाती है। ओवर ओवरबॉट ओवरसोल्ड कंडीशन में। अब यहां पे प्राइस
कब से ओवरबॉट? यहां पे ओवरबॉट हो गई थी प्राइस। ये कौन सा महीना है? नीचे अगर आप देखें तो ये जून 2024 है। अब जून 2025 चल रहा है हमारे पास। अभी तक प्राइसेस ओवरबॉट कंडीशंस में है। 1 साल हो गया प्राइस ओवरबॉट कंडीशन में है। लेकिन अब कुछ उम्मीद यहां पे आई है कि शायद बड़े वॉल्यूम्स लग रहे हैं टॉप पे जाके कि अच्छी रिट्रेसमेंट हमें इस लेवल तक की मिल जाए। 2700 2800 तक प्राइस आ जाए कभी। अब एक उम्मीद है क्योंकि ये जाहिर है इसको प्राइस ने सेटल करना है। तो वो कब
करेगी? मुमकिम है अभी 12 महीने और ना करे। मुमकिन है 6 महीने और ना करे। मुमकिन है ये अगले दो-ती महीने में थोड़ा स्टेबल हो जाए। आरएसआई को नीचे तो आना। देखिए यहां पे भी तो नीचे तो आई थी आहिस्ता-आहिस्ता। तो नीचे से आना होता है। लेकिन मुमकिन ये नहीं पता कब सेल होगी। अगर आप यहां से सेल की ट्रेड लगा देते हैं कि ये मंथली में इतनी ऊपर चली गई है। देखें ना कहां पे है? अगर आप लेवल लेफ्ट पे देखें तो 86 पे है। तो 86 तो बहुत हाई लेवल है आरएसआई के हिसाब
से 70 से प्राइस ओवर ओवरबॉट हो जाती है। तो 86 पे है। लेकिन यह कब आएगी नीचे कोई पता नहीं है। कितना अरसा रहेगी ऊपर और ऊपर शायद चली जाए 90 तक चली जाए कोई पता नहीं है। तो आप कैसे बाय सेल करेंगे इसको यूज़ करते हुए या अपने हिसाब से इसको कैसे यूज़ उसकी आज हमने चीजें पढ़नी है। अच्छा इसमें जब भी प्राइस ओवरबॉट या ओवरसोल्ड होगी आपने ये बात याद रखनी है। जी जब प्राइस ओवरबॉट कंडीशंस में है। यानी ये 70 का लेवल है आपका। ठीक है? और ये नीचे आरएसआई चल रहा है।
आरएसआई चल रहा है। आरएसआई चला गया ओवरसोल्ड कंडीशन में। 70 को क्रॉस करके ओवरबॉट सॉरी ओवरबॉट कंडीशन में चला गया। अब आपने यहां पे ढूंढनी होती है डायवर्जेंस। ठीक है? डायवर्जेंस क्या होती है? आप उस पे आ जाएं। मैं आपको पहले देखिए डायवर्जेंस का मतलब होता है कि जैसे आपके पास एक रोड है। ठीक है जी? आप इस रोड पर ट्रेवल कर रहे हैं। अब इस रोड पर आगे चलके कोई काम हो रहा है इस जगह पर। ठीक है? यहां से रोड बंद की हुई है। तो क्या यहां पर क्या बोर्ड लगा होता है? यहां
पर डायवर्जेंस का बोर्ड लगा होता है। ठीक है? पहले लग अगर कोई हाईवे है तो यहां पहले ही तीन चार बोर्ड लगे होते हैं कि जी आगे डायवर्जेंस है। डायवर्जेंस से क्या मुराद है कि प्राइस यहां से निकलेगी। सॉरी यहां से ये रोड थोड़ा सा डायवर्ट होगा। इस तरफ चल पड़ेगा। आगे जाके जब ये काम का एरिया खत्म हो गया तो प्राइस दोबारा अपने रूट पे आ जाएगी। ट्रैफिक दोबारा अपने रूट पे आ जाएगी। ठीक है जी। प्राइस नहीं प्राइस तो अभी हम आपको बताने लगे हैं। तो यह डायवर्जेंस होती है। इनहराफ़ को डायवर्जेंस कहते
हैं। ठीक है? उर्दू में अगर आप इसको पढ़ें तो अब यहां पे डायवर्जेंस कैसे बनती है? यहां पे डायवर्जेंस इस तरीके से बनेगी। ऊपर हम बना लेते हैं वो चार लेवल्स जो हमारे पास थे। ये हो गया जी हमारा 70। चार नहीं अब दो यूज़ करेंगे। 70 और ये हो गया हमारा 30। ठीक है जी। यानी जो कलर्ड ज़ोन था हमारा ये उसका अपपर अपपर लेवल और ये इसका लोअर लेवल। अब प्राइस ने यहां पे ये बिहेवियर रखा कि प्राइस ऊपर निकलती है इस जगह से। ऊपर कैंडल्स बन रही हैं। ठीक है? कैंडल ऐसे ये
कैंडल के साथ-साथ चलती है। मैं आपको दिखाऊंगा। कैंडल के साथ-साथ चलती है। कैंडल्स ऊपर जा रही हैं। प्राइस भी ऊपर जा रही है। यह ऊपर निकल गई। ठीक है? जी। ओवरबॉट कंडीशन में आ गई। अब यहां पे क्या होता है कि प्राइस मज़द ऊपर जाती है। ठीक है? प्राइस मज़द ऊपर जाएगी। लेकिन आरएसआई ऊपर जाना बंद कर देता है। यह वापस आना शुरू कर देता है। प्राइस नीचे आती है। प्राइस ने एक और हाई लगा दिया। ठीक है? प्राइस एक और हाई लगाती है। लेकिन यह आरएसआई क्या करेगी? यह हाई लगाने की बजाय यह देखिए।
अब अगर आप यहां पे देखेंगे इस जगह पे तो प्राइस ने तो एक हाई लगाया। पहले यह हाई था। फिर प्राइस ने एक ली अपनी रिट्रेसमेंट। रिट्रेसमेंट के बाद एक और हाई लगा दिया। प्राइस ऊपर जा रही है। उसके मुकाबले में यहां पे जब आप आरएसआई पे देखेंगे तो आरएसआई नीचे जा रही है। प्राइस ने एक हायर हाई लगा दिया। लेकिन आरएसआई ने हायर हाई नहीं लगाया। बल्कि इसने एक लो लगाया। लो लगाने के बाद फिर प्राइस नीचे आ गई। एक डायवर्जेंस बन रही है। इधर प्राइस ऊपर जा रही है, इधर प्राइस नीचे आ रही
है। इसकी पहले एग्जांपल देखते हैं। फिर हम अगली बात करते हैं। इसको कहते हैं डायवर्जेंस। ठीक है? दो तरह की डायवर्जेंस होती हैं। पहले मैं आपको उनका इंट्रोडक्शन दे देता हूं। डायवर्जेंसेस होती हैं जी दो तरह की। पहले जो डायवर्जेंस होती है उसे हम कहते हैं रेगुलर डायवर्जेंस। ठीक हो गया? क्या? दूसरी जो मैं आपको इसका इसका यूज़ भी बताऊंगा कि यूज़ क्यों होती है ये डायवर्जेंस। दूसरी जो डायवर्जेंस होती है उसे हम कहते हैं हिडन डायवर्जेंस। रेगुलर डायवर्जेंस क्यों यूज़ होती है? रेगुलर डायवर्जेंस का हम यूज़ करते हैं और फॉर पुलबक। ठीक है? यानी
रिट्रेसमेंट पकड़ने के लिए और रिवर्सल। ठीक हो गया? रेगुलर डायवर्जेंस हम क्यों यूज़ करते हैं? पुलबक के लिए या रिवर्सल पकड़ने के लिए। इससे पुलबक आता है आमतौर पे या एक रिवर्सल भी आ जाता है। हिडन डायवर्जेंस क्यों हम यूज़ करते हैं? कहां पर ढूंढते हैं? यह हम ढूंढते हैं। कंटिन्यूशन के लिए या इसको आप यह कह लें कि ट्रेंड कंटिन्यूशन के लिए ठीक है या ये भी कर लें कि टू राइट द ट्रेंड कर लें सबसे आसान है। ये जो हिडन डायवर्जेंस होती है ना ये आपको ट्रेंड के साथ ट्रेड देगी। जो रेगुलर डायवर्जेंस
होती है ये आपको ट्रेंड के अगेंस्ट भी ट्रेड देती है। क्योंकि देखिए ना ट्रेंड आपका चल रहा है बुलिश। ट्रेंड आपका बुलिश चल रहा है। ठीक है? अब यहां पे आके डायवर्जेंस बन जाती है। प्राइस ऊपर जा रही है। यहां पे जो आरएसआई है वो ऊपर नहीं जा रही बल्कि वो ऐसे बन रही है। इस पॉइंट पे इसने हायर हाई लगा दिया। इसने हायर हाई लगाने बंद कर दिए। इसने डाउन साइड की शेप बना दी। तो ये क्या है? ये है रेगुलर डायवर्जेंस। अब रेगुलर डायवर्जेंस। अब देखिए ट्रेंड तो बुलिश है। लेकिन ये आपको यहां
से सेल करवा रहा है। इसने आज 15 मिनट पे भी सेल की ट्रेड दी है। अच्छा एक बात और याद रखें। देखिए जब मैं लाइव पे आया हूं। लाइव पर आए हैं कि बैठे हैं। आप लोग ट्रेड पहले से कर रहे हैं। आपने बाय किया हुआ है या कुछ और सोच रहे हैं। तो मैं आकर आपको यह बताऊंगा ना अगर के मैंने तो वहां से सेल कर दिया था। तो वो सबके लिए एक यानी डीमोटिवेशन होती है सबको कि हम बाय ढूंढ रहे हैं या मैंने सेल कर दिया। मैं तो अब उसका रिस्क मैनेज करूंगा।
अगेंस्ट अटेंडेंट में 1 मिनट की भी कर लेता हूं। मैं 30 सेकंड की स्कैल्पिंग भी आपको मैंने एक दो दफा दिखाई है जो अगर आप लाइव उससे पहले आ चुके थे तो वो भी लाइव की थी हमने। तो उस तक पहुंचते-पहुंचते आपको टाइम लगेगा। आपने स्ट्रिक्टली रूल्स को फॉलो करना है। आपने यहां से सेल करना है ना। ठीक है? आप लाइव पे रूल क्या है? लाइव ज़ूम पे रूल ये है कि आपको यहां से बाय बताई जाए क्योंकि वो ट्रेंड के साथ होगी। प्राइस नीचे गिरेगी। यहां से आपका बाय का सेटअप बने। आप बाय कर
लें। वो आपकी ट्रेड होगी ट्रेंड विद द ट्रेंड। ठीक हो गया? अगर यहां पे डायवर्जेंस बननी है और आपको पुलबैक की एक ट्रेड मिल रही है। उसका तरीका आप पढ़ लें। आपने करनी है। आप चुप करके कर लें। आज लाइव पे यही बात हो रही थी ना। आपने ट्रेड करनी है। आपको चीज पढ़ा दी है। आपका इस पे अगर ट्रस्ट बनता है तो आप ट्रेड कर लें। मैं तो कर लेता हूं ट्रेड। लेकिन फिर मैं करूंगा ये है कि अगर मेरा $25,000 का अकाउंट है ना। ठीक है? तो मैंने इस पे सेल करना है इस
जगह से। मैं आपको सेल की ट्रेड दिखाता हूं। मैंने कल भी एक सेल की है। ठीक है? अभी मैं आपको एंड पे दिखा दूंगा। कल मुझे याद नहीं रहा। क्लास में मैंने आपको बाद में ग्रुप में इसलिए स्क्रीनशॉट भेज दिया था। ठीक है? आपको देख लें कि ट्रेड मैंने किस तरीके से की है वो। आज आपको मैं दिखा दूंगा जो मैंने सेल की ट्रेड की थी। छोटी स्कैल्पिंग की ट्रेड थी लेकिन फिर भी मेरे ख्याल 70 पिप की ट्रेड थी वो तो वो मैं इस तरह की कर लेता हूं। लेकिन मैंने क्या कि $25,000 का
अकाउंट है तो मैं कितनी लॉट लूंगा? 0.20 बिल्कुल छोटी सी लॉट क्योंकि मैं अगेंस्ट ट्रेंड जा रहा हूं उस पे। यहां से जो ट्रेड पकड़नी है अगर स्ट्रांग सेटअप बन गया ट्रेंड के साथ है तो आप बड़े रिस्क के साथ एंटर हो जाए। यह फैसला आपका अपना है। हम वहां पर 1000 एक बंदे को या 800 बंदों को यह नहीं बता सकते कि आप इतना रिस्क ले लें, आप इतना ले लें, इतना ले लें। अपने-अपने हिसाब से आपने ट्रेड करनी है। जो स्ट्रांग सेटअप होगा वो अगर ऑफ टाइम में भी बनता है तो वो डिस्कर्ड
पे शेयर हो जाता है। अगर यहां बैठे-बैठे बनता है तो यहां पे भी शेयर हो जाता है। लेकिन आपने ये देखना है कि आपने दिन में ट्रेड की है। मुमकिन है कुछ लोग होते हैं वो दिन में 20 ट्रेड्स कर चुके होते हैं। उनके लिए कुछ भी रिकमेंडेड नहीं है। बस आराम करें। फिर कुछ ऐसे होते हैं जिन्होंने सारा दिन इंतजार किया। उनके लिए फिर हम बता देते हैं कि यह लो प्रोबेबिलिटी है। ये हाई प्रोबेबिलिटी है। और अगर आपको इस तरह का सेटअप मिलता है आइंदा जो मैं अभी आपको पढ़ाने लगा हूं। तो आप
बेशक ट्रेड करें। हम सब बाय ढूंढ रहे हैं। आपने यहां से सेल करनी है। आज भी आपने देखा होगा वो इंडिया से एक्स स्टूडेंट है। प्रभुजत उन्होंने सेल किया हुआ था ऊपर से। तो वो आपकी अपनी मर्जी पर डिपेंड करता है। हम जो आपको बताएंगे वहां पर ट्रेड वो सिर्फ ट्रेंड के साथ होगी। हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप होगा। बाकी लो प्रॉपर्टी सेटअप शेयर नहीं कर सकते क्योंकि सब लोग एक जैसा रिस्क ले लेते हैं फिर। अच्छा जी। अब आपने करना क्या है जी? दो तरह की डायवर्जेंसेस हैं। एक होती है रेगुलर डायवर्जेंस, एक होती है हिडन
डायवर्जेंस। रेगुलर डायवर्जेंस यूज़ होती है कि प्राइसेस ऊपर जा रही थी। यह पुलबैक पकड़ने के लिए आपने सेल कर दिया। यह आपको सेल करवा देगा यहां से। अच्छी ट्रेड बन जाती है। वह भी स्कैल्पिंग के लिए अच्छी है। अच्छा एक होती है हिडन डायवर्जें। हिडन डायवर्जेंस क्या करेगी? वह आपको इस ट्रेड में बिठाएगी कि ओवरऑल आपका ट्रेंड बुलिश था। प्राइस डीप रिट्रेसमेंट पे है। यहां से प्राइस ने बाय होना है। ये आपको यहां से बता के आपको मेन ट्रेंड के साथ बिठा देगी। इसलिए हिडन डायवर्जेंस ढूंढना मुश्किल होती है। लेकिन यह बहुत कमाल का काम
करती है। क्योंकि इसकी जो ट्रेड है वो ट्रेंड के साथ होती है। विद द ट्रेंड होती है। इसका रिजल्ट अच्छा आता है। जो अगेंस्ट ट्रेंड है यह बहुत ध्यान से लेनी चाहिए। रेगुलर डायवर्जेंस जो है इसको बहुत तसल्ली से आपको प्ले करना पड़ेगा। बहुत सारी चीजें ऐड करके देखनी पड़ेंगी। लेकिन यह भी एक अच्छा कांसेप्ट है। अगर आप इस पे स्कैल्पिंग करना चाहते हैं या अगेंस्ट सटन भी रहना चाहते हैं तो आपको ये ट्रेड अच्छी दे देती है। आज जो हमारा टॉपिक है वैसे मेरा दिल तो ये है कि दोनों इकट्ठी पढ़ लें। लेकिन मेरा
ख्याल है कि अगर दोनों इकट्ठी पढ़ेंगे ना तो ये चार डायवर्जेंस बनती हैं। रेगुलर बुलिश रेगुलर बेरिश हिडन बुलिश हिडन बरिश। तो वो आपसे ज्यादा मिक्स अप ना हो जाए। इसलिए आज एक पे रहते हैं। नेक्स्ट क्लास में इंशा्लाह दूसरी पढ़ लेंगे या मैं आपसे पूछ लूंगा कि मजीद पढ़ाऊं या ना पढ़ाऊं। जब हम ये रेगुलर डायवर्जेंस कंप्लीट करते हैं तो चल जी। अब रेगुलर डायवर्जेंस का मॉडल पहले यहां पे समझ लें। फिर इसकी एग्जांपल देख लेते हैं जल्दी से। ये देखें रेगुलर डवर्जेंस ये होती है कि बुलिश ट्रेंड है आपका। ठीक है? जैसे गोल्ड
में चल रहा है। अभी कुछ बुलिश ट्रेंड चल रहा है। प्राइस लगा रही है हाई पे हाई। अब नीचे आप आ जाते हैं आरएसआई पे। आरएसआई इस तरह बनाती है। मैं आपको पहले चीज़ समझा चुका हूं। ये देखिए इसने एक लगाया हाई। पहले आपका ये हायर हाई था। उसके बाद प्राइस ने एक हायर हाई यहां पे लगा दिया। लेकिन जब आप नीचे आरएसआई पे देखेंगे आरएसआई से ऐसे चल रही होगी। ये बिल्कुल ट्रेंड के साथ-साथ चल रही होती है। ठीक है जी। यह अब यहां पर इसने हायर हाई लगाया। यहां पर नीचे उसके बिल्कुल नीचे
आप देखेंगे यह थोड़ा सा गलत बन गया। ऐसे दोबारा देखें इसको ऐसे। अब यहां पे इसने हायर हाई बनाया। लेकिन यहां पे उसके एग्जैक्ट नीचे देखेंगे तो यहां पे इसने हायर हाई नहीं बनाया। बल्कि प्राइस ने अपना रुख नीचे की तरफ कर दिया है। चलिए इसकी एग्जांपल देखते हैं। अब 15 मिनट का टाइम फ्रेम है। 15 मिनट पे ही एग्जांपल्स हैं। 15 मिनट पे और वन ऑवर पे मैंने एग्जांपल्स ढूंढ के रखी हैं आपके लिए। चल जी ये मैं आज की ट्रेड कह रहा हूं कि किसी ने सेल करना है। प्रभुजत ने सेल किया हुआ
था। बड़ा अच्छा किया। उन्होंने नहीं किसी ने किया तो ट्रेंड के साथ बैठना चाहता है। वो भी ठीक है। ये देखें। अब यहां पे क्या हो रहा है? ये प्राइस ऊपर गई। ठीक है जी। अब आखिरी आपकी बाय की कैंडल ये बन रही है। प्रॉपर रिट्रेसमेंट नहीं आई। लेकिन यहां पे जब आप लाइन मैं आपको अभी सिर्फ कुछ समझाना चाह रहा हूं। वो देख लें पहले। फिर बाकी स्ट्रक्चर को छोड़ें। मैं आपको दूसरी एग्जांपल में दिखाता हूं। ये देखें जी। यहां पे एक स्विंग बन रहा है। प्राइस नीचे आई है। ये देखिए नीचे आ गई।
फिर प्राइस ऊपर चली गई। ये भी ऊपर चली गई। यहां पे प्राइस ने एक और हाई लगा दिया। इस स्ट्रक्चर के इस इंटरनल स्ट्रक्चर के हिसाब से एक और हाई लगा दिया। यहां पे प्राइस ने हाई नहीं लगाया बल्कि आरएसआई जो है वो नीचे रह गया। ठीक है? उसके बाद एक बनी मोमेंटम कैंडल स्ट्रांग मोमेंटम कैंडल जब आपके पास ये वाली डायवर्जेंस बन जाए कि प्राइस ऊपर जा रही है आरएसआई नीचे जा रहा है और उसके बाद सेल की डायरेक्शन में ही एक स्ट्रांग मोमेंटम कैंडल बन जाए उसी टाइम फ्रेम की तो आप सेल कर
सकते हैं टेस्ट पे ठीक है टेस्ट पे आप सेल कर सकते हैं यहां से भी आप सेल कर सकते हैं 1 कम से कम क्योंकि आपको पता है कि रिट्रेटमेंट छोटी होती है ना ट्रेंड आपका बुलिश है ट्रेंड ये चल रहा है इस तरीके से तो जाहिर है वो किसी लेवल तक आएगी प्राइस यहां पे दोबारा साइन बनाएगी और उठ जाएगी तो आपने कम से कम अगेंस्ट ट्रेंड है तो जल्दी आउट हो जाना है विद द ट्रेंड है तो आपने बैठे रहना है ठीक हो गया ये ये बात समझ आ गई आपको? अब इसकी और
एग्जांपल्स देखें। फिर आपको समझाता हूं। ये वाली इसलिए थी क्योंकि ये बिल्कुल रीसेंट है। बाकी देखें अब आप इसको अभी हम नहीं देख रहे। ठीक है? क्योंकि ये कोई और चीज है। अभी आपके लिए जरूरी है कि हिडन आप रेगुलर डायवर्जेंस देखें। एक रूल आपने याद रखना है यहां पे। वो मैं आपको दिख देता हूं यहां पे। कि जो आपकी रेगुलर डायवर्जेंस है दो तरह की डायवर्जेंस आपको बताई है ना रेगुलर डायवर्जेंस एक चीज बीच में मिसिंग है रेगुलर डायवर्जेंस जो है ये आपने देखनी होती है ओवरबॉट या ओवरसोल्ड कंडीशन में ठीक है और ये
आपको क्या करती है ये आपको पुलबैक देती है या ये आपको रिवर्सल देती है बस इसका स्क्रीनशॉट ले लें रेगुलर डायवर्जेंस जो है ये आपने हमेशा देखनी है प्राइस ओवरबॉट हो या ओवरसोल्ड हो। ठीक हो गया। अगर ओवरसोल्ड है तो आप बाय की ट्रेड देखेंगे। ओवरबॉट है तो आप सेल की ट्रेड देखेंगे और पुलबैक या रिवर्सल आपको मिलेगा इससे। अब देखें आगे चलके इसका स्क्रीनशॉट ले लीजिएगा। यहां पे प्राइस क्या थी? ये देखें प्राइस यहां पे ओवरबॉट थी। तो हमने सेल की ट्रेड देखी इस जगह पे तो हमें सेल की ट्रेड मिल गई यहां से।
ठीक है? चलिए दोबारा देखते हैं कि और प्राइस कहां पे ओवरबॉट है। या ओवरसोल्ड है। ये देखें प्राइस यहां पे ओवरसोल्ड थी। ठीक है जी। जी अब यहां पे क्या हो रहा है? यहां पे ये हो रहा है कि प्राइस तो ओवरसोल्ड कंडीशन में है। आ गई ओवरसोल्ड कंडीशन। अब आपको बाय की ट्रेड देखनी है। तो बाय कैसे करेंगे आप? प्राइस नीचे आ रही है। ये इसने एक स्विंग बनाया। दो स्विंग्स के दरमियान आपने डायमेंस देखनी होती है। फिर प्राइस ऊपर चली गई। ठीक है? आखिरी जो सेल सेल की कैंडल थी इसको इसने ब्रेक कर
दिया और एक और नीचे लेग लगा दी। अब यहां पे आप देखें तो प्राइस नीचे आ रही है। ठीक है? यानी एक लोअर ये लगा लोअर लो। उसके बाद एक और लोअर लो लग गया। प्राइस आ रही है नीचे की तरफ। लेकिन यहां पे आरएसआई ने लोअर लॉस लगाने बंद कर दिए हैं। डायवर्जेंस बन गई। अब इस डायवर्जेंस के बाद फ़ौरन आपने बाय नहीं कर देना क्योंकि डायवर्जेंस फेयर हो जाती है। अब इसे आपने बाय नहीं करना। आपने बाय कब करना है? आपने देखना है कि इसके बाद आपको एक अच्छी मोमेंटम कैंडल मिल जाए या
दूसरा तरीका क्या है? जिसप मैं ट्रेड कर लेता हूं। मैं आपको अपना ज्यादातर तरीका बता रहा हूं। मैं यहां पे एक ईएमए ऑन करता हूं। फाइव कौन सी ईएमए ऑन की है मैंने? फाइव। ये देखें ये आप अभी आपको अगर ईएमए की सेटिंग का नहीं पता जिन लोगों को आप छोड़ दें। यह आपने सर्च करना है इंडिकेटर्स में जाके एम ए रिबन लिखना है आपने। ठीक है? इसकी सेटिंग में जाएंगे। बाकी सबको बेशक आप ऑफ कर दें। यहां से ये इनपुट्स में जाएं। बाकी सबको ऑफ कर दें। ये ईएमएस हैं। ठीक है? टू को थ्री
को फोर को ऑफ कर दें। वन को चेक कर लें। ऑन कर दें। यहां पे एसएमए लिखा होगा। आप इसको ईएमए पे ले जाए। ये क्लोज रहने दें। ये फाइव कर दें। कलर इसका ब्लू कर दें। सेटिंग का स्क्रीनशॉट ले लीजिएगा बाद में। इसको ओके कर दें। अब मैं ये करता हूं कि जैसे ही प्राइस ये डायवर्जेंस बन गई। डायवर्जेंस बनाने के बाद अपसाइड यह देखिए डायवर्जेंस बन गई। डायवर्जेंस बनने के बाद यहां पर नीचे आ रही है। लोअर लो लग रहा है। यहां पर लोअर लो लगाने प्राइस ने बंद कर दिया। जैसे ही यह
कम हो और प्राइस ईएमए फाइव को अपसाइड क्रॉस कर जाए विद अ मोमेंटम कैंडल जो कि यहां पे हो रहा है। यहां पे इसने क्रॉस नहीं किया। यहां पे मोमेंटम कैंडल नहीं थी। यहां पे क्रॉस भी किया और मोमेंटम कैंडल भी बन गई। अगर मोमेंटम कैंडल नहीं है। इसके बाद एक और मोमेंटम कैंडल बन गई तो भी आप बाय कर सकते हैं। लेकिन यहां पे इसने मोमेंटम कैंडल भी बना दी। अपसाइड ब्रेक भी कर दिया। ठीक है? तो यहां से आपकी एंट्री है। नीचे आपका स्टॉप लॉस है। 1 वन कम से कम आप ले सकते
हैं। 15 मिनट की ये एंट्री है आरएसआई के हिसाब से। कैसे बनी है? सिंपल है। बिल्कुल। ये लो लगा फिर एक स्विंग लो लगा। ठीक है? आपने दो प्रॉपर लॉस लेने हैं। यानी एक दो लेग्स लेनी है आपने और वो होनी चाहिए यानी कंजक्टिव यानी एक स्विंग लगा। उसके बाद नेक्स्ट स्विंग लगा। तो दो स्विंग ये नहीं कि एक स्विंग यहां पे ले लिया, एक स्विंग यहां पे ले लिया। अपनी मर्जी नहीं करनी। आपने जो दो कंजक्टिव स्विंग्स हैं उनको लेना है। बस एक स््रिंग ये था, एक स्विंग ये है। ठीक है? इसके नीचे अगर
आप देखें तो इन स्विंग्स के दरमियान ये इसकी स्लोप अपवर्ड है। इसकी स्लोप डाउनवर्ड है। तो ये डायवर्जेंस बन गई है। अभी भी बाय नहीं करना कि आप फ़ौरन से बाय कर लें। डेंजरस है। प्राइस यहां से और नीचे भी आ सकती है ऐसे। ठीक हो गया? मैं आपको इसकी एग्जांपल दिखाऊंगा कि प्राइस कैसे और नीचे आ सकती है। यहां पे आप देखें तो इसने ये मोमेंटम कैंडल बनाई। यहां से आप बाय करेंगे। स्टॉप लॉस नीचे लगाएंगे। स्टॉप लॉस वैसे इसके नीचे भी आ सकता है। क्योंकि जब इसने चलना होता है फिर प्राइस आ तौर
पे नीचे नहीं आती। लेकिन यह देखिए विक लग गई है। इसलिए स्टॉप लॉस लो पे ही बेस्ट होता है। स्टॉप लॉस लगाएं और 1 कम से कम आप यहां से इसको ट्रेड ले सकते हैं। अच्छा अब आ जाए 1 इसलिए कह रहा हूं मैं तो चली तो देखें कितनी ज्यादा है। लेकिन मैं आपको हर दफा कहूंगा कि 1 6 ले लें। 1 5 ले लें तो फिर वो चलेगी नहीं हर दफा। लेकिन 1 ले उसके बाद मैनेज कर लें। मैनेजमेंट आपको आगे जाके पढ़ाएंगे इंशाल्लाह। वो बैच 39 को भी अभी करनी है। अच्छा अब यहां
पे देखें प्राइस तो ओवर सोल्ड यहां पे भी थी। ठीक है? अब ये एक स्विंग लगा है ना। यह एक स्विंग लगा है। ठीक है? प्राइस ऊपर गई है। दूसरा स्विंग है ये वाला। ठीक है जी। अब यहां पे अगर आप देखें ना तो इसकी आखरी जो सेल की कैंडल है वो यह है। इसका प्रॉपर ब्रेकआउट नहीं हो रहा। यह जो हुआ है यह भी मोमेंटम कैंडल से नहीं है। सो यहां पे आपने ट्रेड नहीं लेनी है ऐसी जगह पे। यह जो एक स्विंग होता है ना एक ही स्विंग लगा। ये देखें प्राइस ओवरसोल्ड हुई।
ओवरसोल्ड होने के बाद साथ ही प्राइस ने इसका ईएमए फाइव को ब्रेक कर दिया। मोमेंटम कैंडल। ये ट्रेड की जगह नहीं है। आपको मैंने क्या बताया कि दो लेग्स चाहिए आपको। ये पहली लेग थी। फिर प्राइस एक पुलबैक लेती और फिर दूसरी लेग आती। ठीक है? इसमें डायवर्जेंस बनती। यहां पे डायवर्जेंस बनती। अब यहां पे कोई मोमेंटम कैंडल इसका हाई ब्रेक करती है। आखिरी सेल की कैंडल का हाई ब्रेक करे और यानी प्रॉपर रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो और ईएमए फाइव के ऊपर क्लोजिंग करे। तो आपने जैसे यहां पे होगा देखा ना आखिरी सेल की कैंडल ये
थी और ईएमए फाइव जो है यहां पे मोमेंटम के साथ ब्रेक नहीं हुई। यहां पे भी ब्रेक नहीं हुई। प्राइस फिर नीचे चली गई। यहां पे मोमेंटम के साथ ब्रेक हो गई है। तो यानी एक रिट्रेसमेंट का भी आगाज़ हो गया आपके पास। और प्राइस ने ईएमए 5 को भी ब्रेक कर दिया। अब आप एंट्री ले सकते हैं। समझ आ गई? अच्छा इस यहां पे मैंने क्यों एंट्री नहीं ली? अब इसको आपने खुद देखें। यहां पर वीडियो स्टॉप कर लीजिएगा। बेशक जब रिकॉर्डिंग देखेंगे और खुद आपने सोचना है क्यों नहीं ली। मैं फिर वजह बता
देता हूं। यहां पर दूसरा स्विंग जो है वो नहीं बन रहा प्रॉपर। यह आखिरी सेल की कैंडल असल में तो आखिरी सेल की कैंडल ये है। ठीक है जी। आखिरी सेल की कैंडल आपके पास ये है। ये वाली ये वाली भी इनसाइड बाहर है। इसने एक लो लगा दिया। चले तो इसका हाई ब्रेक होना चाहिए था। इसका हाई ब्रेक कर दिया। चल एक हमने मान लिया कि जी एक रिट्रेसमेंट आ गई। अब दूसरी लेग चाहिए। तो प्राइस नीचे आती दोबारा से एक स्टंग रिट्रेसमेंट होती। फिर इनके दरमियान डाइवजेंस बनती यहां पे। फिर हम इसको ट्रेड
करते। तो ये ट्रेडेबल नहीं है और ना इसलिए ये भी आपको बता रहा हूं कि जैसे ही साथ ही प्राइस नीचे आती है रेड होती है तो यह भी नहीं करना कि साथ ही बाय कर लें कि बस अब तो उठेगी तो देखिए कितनी ज्यादा नीचे आ गई नहीं उठती इस तरह प्राइस ये रेगुलर डायवर्जेंस है इसको छोड़ देते हैं कोई और हिडन ढूंढते हैं सॉरी ये हिडन थी हम रेगुलर ढूंढ रहे हैं अभी देखें जी यह रेगुलर डायवर्जेंस है अच्छा यहां पे देखें आप जरा पहले यहां पे नजर लगाएं एक यह देखें प्राइस ओवरसोल्ड
हुई इस जगह पे ठीक है ओवरसोल्ड होने के बाद अब आखिरी सेल की कैंडल कौन सी कंसीडर कर रहे हैं आप? यही वाली है। इसी का लो लगा हुआ है या ये वाली है। चल यही आखिरी सेल की कैंडल है ना ये जो छोटी कैंडल है ये लें। अब प्राइस ने अवल तो इसका हाई ब्रेक ही नहीं किया। रिट्रेसमेंट का आगाज़ ही नहीं हुआ। ठीक है? जब रिट्रेसमेंट का आगाज़ नहीं हुआ तो फिर ये स्विंग कैसे बनेगा? हमें तो स्विंग चाहिए प्रॉपर कि एक प्राइस से रिट्रेसमेंट ले फिर एक स्विंग लगाए। तो यहां पे तो
स्विंग लगा ही नहीं है। जब स्विंग नहीं लगा तो फिर ये हमारा वैलिड नहीं है। ठीक है ना? इसको नीचे आने दे और नीचे आएगी। जब प्राइस ने अपनी आखिरी एक कैंडल को ब्रेक नहीं कर सकती। कितनी मैंने नॉर्मल सी शर्त रखी हुई है कि जो आखिरी कैंडल लगी है ना अह लास्ट इंडिपेंडेंट कैंडल वह आप यह वाली है। इसका देखिए यह यह वाली कैंडल है। बाकी सब कैंडल इसके अंदर-अंदर क्लज़ कर रही हैं। ठीक है? नीचे बेशक विक लग जाए विक का मसला नहीं होता। अब ये आखिरी सेल की कैंडल है आपकी ये वाली
या ये वाली जो भी आप लेना चाहते हैं इसका हाई मार्क कर लें। तो जब प्राइस एक कैंडल को भी नहीं ब्रेक कर सकी तो ये किस तरह की रिट्रेसमेंट है? तो रिट्रेसमेंट नहीं है। जब रिट्रेसमेंट नहीं है इसका मतलब है कि अब जो नीचे डायवर्जेंस बन रही है इस तरह की ये वैलिड भी नहीं है। क्यों नहीं वैलिड? क्योंकि यहां पे रिट्रेसमेंट नहीं थी। प्रॉपर एक स्विंग होना चाहिए। फिर आए प्राइस फिर 16 आए इसके दरमियान होनी चाहिए डायवर्जेंस फिर वह काम करेगी वरना देखिए यहां पे काम नहीं कर रही अब तो डायवर्जेंस बनी
नहीं है यह भी नीचे आ रही है और यह भी नीचे आ रही है देखिए दोनों की स्लोप डाउनवर्ड है तो डायवर्जेंस बनी नहीं है हां अब इसको हम देखते हैं यहां पे आके यहां पे देखें अब आप यहां पे क्या है जी आखिरी सेल की कैंडल सेल की कैंडल का हाई ब्रेक हुआ यानी कि एक रिट्रेसमेंट आ गई ठीक हो गया उसके बाद प्राइस ये भी बना रही है ठीक है अच्छा और ये बना रही है प्राइस मैंने आपको बताया था जब ओवर होती है प्राइस प्राइस नीचे आती रहती है। आती रहती है। अब
यहां पे क्या चक्कर है? यहां पे क्या चक्कर है? अब यहां पे आपने देखना यह है कि अगर तो इस जगह पे एक ऐसी स्ट्रांग कैंडल मोमेंटम के साथ क्लोज हो जाती है। ऐसे इसका रूल क्या होता है? इसका रूल ये होता है कि 30% पोर्शन ये बातें याद रखेंगे। कभी आपकी बहुत कम आपकी ट्रेड्स फिल्टर होती जाएंगी। 30% पोर्शन जो है ना आपका वो कैंडल के ऊपर यानी ये कैंडल सेल की बनी है और ये बाय की बनी है। इस तरह अगर कम से कम 30% आपकी कैंडल ऊपर क्लोज हुई है तो ये हाई
प्रोबेबिलिटी ट्रेड कंसीडर होती है। ठीक है? यानी इसमें ये कंसीडर होगा कि ये एक अच्छी ट्रेड है। ये एक अच्छी एंगल्फिंग है या ये एक अच्छा ब्रेकआउट है। अगर कैंडल क्लोज़ करती है इस तरह। ये सेल की कैंडल है। नेक्स्ट बाय की कैंडल ने इस तरह क्लोज़ कर दिया है। इस तरह 10% है या 5% है या 15% है। यह आप कैसे काउंट करेंगे? कितने परसेंट है? सिर्फ अपनी आंख से देख के। यानी अगर आधी से थोड़ी सी कम समझ लें यानी ये सेल की कैंडल है और नेक्स्ट बाय की कैंडल यहां पे क्लोज कर
रही है। इस तरह आधी कैंडल कितनी बन रही है? ये 50% तो कितना ब्रेकआउट होना चाहिए कि कम से कम 30% 70% बेशक बराबर हो जाए। 30% ऊपर क्लोजिंग होनी चाहिए। अगर ये होती है तो वो स्ट्रांग मानी जाती है। अगर नहीं होती तो फिर वो वीक मानी जाती है। अब यहां पे देखें क्या हुआ है इस जगह पे यहां पे जो ब्रेकआउट हुआ है मोमेंटम कैंडल तो थी ये वाली लेकिन क्लोजिंग अच्छी नहीं है। कैंडल के ऊपर भी इसने क्लोजिंग नहीं दी। ठीक है? ईएमए के ऊपर तो क्लोज हुई है। कैंडल के ऊपर भी
क्लोजिंग नहीं की। बाकी उसके बाद क्या है? बिल्कुल छोटी-छोटी कैंडल्स। मोमेंटम कैंडल्स नहीं है ये। इनको हम आगे चलके पढ़ेंगे। ये नो डिमांड कंसीडर होती हैं। नो डिमांड कैंडल कहते हैं इसको वॉल्यूम देखने के बाद। आपको यहां पे चाहिए थी एक स्ट्रांग मोमेंटम कैंडल जैसे कि ये है। अब इसका ब्रेकआउट देखें। लास्ट कैंडल से भी काफी ऊपर है। ठीक है? इसके हिसाब से अभी भी नहीं हुआ। लेकिन ईएमए के हिसाब से बता रहा हूं। ईएमए के हिसाब से इसने अच्छा स्ट्रांग ब्रेकआउट दिया। इसके हिसाब से कौन सा ब्रेकआउट अच्छा है? ये वाला। यह भी मोमेंटम
कैंडल है। ईएमए से ऊपर बनी हुई है और इसके ऊपर कम से कम 30% इस कैंडल की क्लोजिंग ऊपर है। तो जब आपने खास तौर पर रेगुलर डायवर्जेंस पर काम करना है। एक कैंडल अगेंस्ट है। ट्रेंड क्या है? नीचे आ रहा है। डाउन ट्रेंड चल रहा है। जब आपने अगेंस्ट ट्रेंड कोई ट्रेड लेनी है, तो आपको बहुत सारा वेट करना पड़ेगा। अब इसमें वेट करना आसान नहीं है। 15 मिनट की एक कैंडल है। आप तो यहां से बाय करना शुरू हो जाते हैं कि यहां से बाय कर लूं, बाय कर लूं, बाय कर लूं। वेट
करना पड़ेगा। फिर आप कहेंगे यहां से बाय कर लूं। यहां से भी बाय नहीं है। स्ट्रांग कैंडल आपको चाहिए जो ब्रेकआउट दे इस तरह का। जैसे यह यह नजर आ जाएगी कैंडल वो वो आपको फिर पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। वो आपको कैंडल नजर आ जाएगी। ये देख लें। ये देख लें। ये देख लें। वो ऐसी कैंडल होती है। फिर जो एक पूरे मोमेंटम से बनती है। वॉल्यूम उसका लो होता है। वॉल्यूम आपने पढ़ा नहीं है। वरना आपको निशानी पूरी बता देता। अभी अच्छा अब यहां पे रेगुलर डायवर्जेंस कैसे बन रही है? ये देखें। ये
प्राइस लगा रही है लोअर लो और यहां पे लोअर लो लगना बंद हो गया है। प्राइस ने ये चीज बना दी है। ठीक हो गया जी। यहां से अगर आप देखते हैं इसको। यहां से अगर आप देखते हैं ना तो यहां से क्या बना था कि प्राइस ने भी प्राइस की डायरेक्शन भी अपवर्ड है और इसकी डायरेक्शन भी अपवर्ड है। ठीक है? तो ये मोमेंटम कैंडल्स का मैंने आपको बीच में वैसे एक आईडिया दे दिया कि इस तरह की कैंडल्स नहीं होनी चाहिए। स्ट्रांग कैंडल होनी चाहिए। यहां पे हम ट्रेड क्यों नहीं ले रहे? यहां
पे ट्रेडिंग इसलिए ले रहे हैं कि यहां पे डायवर्जेंस नहीं बन रही। डायवर्जेंस का बनना जरूरी होता है। यहां पे आप देखें तो इसकी स्लोप है वो अपवर्ड है। यहां पे देखें तो यहां पे थोड़ी ज्यादा अपवर्ड है। यानी दोनों का रुख तो एक तरफ ही है ना। दोनों अपवर्ड है। तो डायवर्जेंस तो बने नहीं। डवर्जेंस तब बनती है कि प्राइस नीचे आए। आरएसआई ऊपर जाए। यह डवरजेस बनी है। अब प्रॉपर आपको पता चलता है कि प्राइस नीचे गिरने की कोशिश कर रही है। लेकिन आरएसआई बता रहा है कि बस प्राइस जितना गिरना से गिर
चुकी है। प्राइस अब ऊपर जाएगी। अब आपको चाहिए एक मोमेंटम कैंडल जो कि आखिरी सेल की कैंडल के ऊपर भी क्लोज करे और ईएमए फाइव के भी ऊपर हो। ठीक है? तो वो आपको यहां पे आके मिल रही है। थोड़े से वेट के बाद मिल रही है आपको। आम तौर पे यहां पे मिल जाती है। ये कैंडल ऐसे क्लज़ कर जाती है। जैसे ही क्लोज करेगी अब आप यहां से बाय कर लेंगे। इसकी मैं आपको एग्जांपल 4 ऑवर में भी दिखाता हूं अभी। तो यहां से आपने जैसे ही इसको बाय किया स्टॉप लॉस इसी के
नीचे आ जाएगा। 1 पे कम से कम आपका पहला टारगेट है। क्यों उसमें कम बता रहा हूं टारगेट आपको? हालांकि चली तो ये भी ट्रेड ज्यादा है। ये देखिए चली तो ये भी अच्छी ट्रेड है। यहां तक गई है। 1 वन से ज्यादा से टारगेट दिया है। लेकिन मैं क्यों 1 वन बता रहा हूं आपको कि ये अगेंस्ट अ ट्रेंड है। जब भी आप अगेंस्ट अ ट्रेंड ट्रेड लेंगे 15 मिनट में तो ट्रेंड बरिश है। ये देखें तो जब अगेंस्ट ट्रेंड आप ले रहे हैं तो फिर आपने जल्दी आउट होने की कोशिश करनी है। जब
आप हिडन डायवर्जेंस पढ़ लेंगे ना वो फिर लंबी चला सकते हैं आप ट्रेड। इसको मैं भी नहीं छेड़ रहा। हिडन डायवर्जेंस क्या होती है? ये भी आपको नहीं बता रहा। ठीक है जी। वन ऑवर पे आ जाए। ये हिटन है। अच्छा जी। दोबारा ये मैं आपको बात बताने की कोशिश कर रहा था। ये देखें जी अब दोबारा प्राइस ड्रॉप दे रही है। ड्रॉप होते प्राइस ने दोबारा से एक यानी 30 के नीचे जैसे ही टच भी कर ले वो भी वैसे काफी होता है। लेकिन जितनी ज्यादा स्ट्रांग डायवर्जेंस प्राइस डीप आएगी उतनी अच्छी आपको ट्रेड
मिलेगी। अब यहां पे इसने अगर आप देखें तो 30 के नीचे उतरी है प्राइस। इसका मतलब क्या हुआ कि यहां पे इस कैंडल पे प्राइस ओवरसोल्ड हो गई है। ओवरसोल्ड होने के बाद प्राइस ने यह रिट्रेसमेंट ली। यह देखिए आखिरी जो बाय की कैंडल थी इसको ब्रेक किया गया तो ब्रेक होना जरूरी है क्योंकि अभी आप ट्रेड तो नहीं कर रहे ना यहां से अभी आपको सिर्फ एक एक लेग चाहिए तो लेग कब कंप्लीट होगी जब प्राइस नीचे आएगी और आखिरी जो आपकी सेल की कैंडल है इसका हाई ब्रेक करेगी तो एक रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो
गई है तो रिट्रेसमेंट मानी जाएगी ट्रेड इन कैंडल्स पे नहीं होगी क्योंकि ये बहुत लो कैंडल्स हैं बहुत छोटी कैंडल्स हैं। छोटी कैंडल नहीं चाहिए। हमें प्रॉपर मोमेंटम कैंडल चाहिए। तो ये अच्छी कैंडल नहीं है। लेकिन रिट्रेसमेंट तो काउंट होगी क्योंकि आखिरी जो सेल की कैंड थी उसका हाई ब्रेक हो गया। उसके बाद प्राइस फिर नीचे आ गई। एक और लेग लग गई। ठीक है जी? अब ये देखें अगर आप इसके नीचे आके देखेंगे तो यहां पे ये लोअर लो लग गया। यहां पे ये लोअर लो लगना बंद हो गए। ये चीज़ बन गई। डायवर्जेंस
बन गई। डायवर्जेंस के बाद क्या रूल होता है? आपको सिंपल सा बताया हुआ है। आखिरी जो सेल की कैंडल है इसके ब्रेकआउट का वेट कर लें। वो ब्रेकआउट हो रहा है इस जगह पे और इस पे ईएमएफ भी ब्रेक हो रही है। दोनों ईएमएफ ये ईएमएफआई मैंने खुद डाली है। ये लोग नहीं करते इस पे काम। ये मैंने खुद डाली है एक्स्ट्रा कन्फर्मेशन के लिए कि आखिरी सेल की कैंडल भी ब्रेक हो जाए और ईएमए फाइव भी स्ट्रोंगली ब्रेक हो जाए। मोमेंटम कैंडल ये दोनों काम इस कैंडल ने कर दिए। अब आप यहां से ट्रेड
ले सकते हैं। नीचे आप स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। 1 इसने आपका यहां तक ही पूरा कर दिया है। ठीक है? ये इतना सिंपल इसका मेथड है इसको ट्रेड करने का। बस शर्तें वो रखनी है जो मैं बता रहा हूं। मैं इसलिए कहता हूं अगर आप इसमें रद्द बबल करेंगे मेरी जिम्मेदारी ख़ हो जाएगी। क्योंकि मैंने जिस तरीके से बैक टेस्ट किया हुआ है उसी तरीके से आपको बता रहा हूं अब आगे। और भी एग्जांपल्स देख लें इसकी। अच्छा फिर यह नहीं है कि यह सेटअप फेल नहीं होता। इसके भी फेल होते हैं। इसमें भी
प्राइस फेल कर देती है। वो भी कोई अभी सेटअप हमारे सामने आ जाएगा। उसको भी ढूंढ लेते हैं। कोशिश करें 15 मिनट से छोटे टाइम फ्रेम पे इन चीजों को प्ले ना करें। समटाइ्स ऐसा हो जाता है। अब ये देखें ये क्या है? ये प्राइस ओवरसोल्ड हुई है इस जगह पे। ठीक है जी। अब यहां पे ये बराबर है लेकिन ये अपवर्ड है। क्या करेंगे? ऐसे में ऐसे में मैं ट्रेड नहीं करता। उसकी वजह क्या है? हमें ये चीज चाहिए कि ये नीचे आए और ये ऊपर जाए। प्रॉपर एक डायवर्जेंस बननी चाहिए जो आपको क्लियर
नजर आ रही है। वो बनेगी तो प्राइस अच्छा काम करेगी। नहीं बनेगी तो नहीं काम मिलेगा आपको। फिर वेट करना होता है और तो कुछ नहीं। वेट करना है बस आपने। अच्छा जी। अब फोर ऑवर में जाके देखते हैं। फोर ऑवर में आपको लॉन्ग टर्म चीजें ऐसे मिल सकती हैं। इसमें ना बनी है ट्रेड्स। कहां-कहां बनी है मैं आपको दिखाता हूं। जाहिर है जितना बड़ा टाइम फ्रेम में जाएंगे उतनी फ्रीक्वेंसी कम हो जाएगी ट्रेड के बनने की। अब यहां पे देखें यहां पे टच हुई है प्राइस। मैं इसलिए आपको पीछे अभी थोड़ी देर पहले बताया
कि टच भी काफी होता है। लेकिन अगर टच से ऊपर नहीं जैसे यहां पे ज्यादा ओवरबॉट हुई है। यहां पे ज्यादा ओवरबॉट हुई है। ऐसी चीज़ मिल जाए तो वो ज्यादा अच्छी चीज़ होती है। अब यहां पे देखें यहां पे क्या है? प्राइस ऊपर आ रही है। जैसे-जैसे प्राइस मूव कर रही है, नीचे आ रहा भी वैसे ही मूव कर रहा है। यहां पर आकर इसने 70 को हल्का सा ब्रीच भी किया है। ठीक है? यहां पर 70 को टच कर लिया। फिर नीचे आ गई। आखिरी बाय की कैंडल का लो ब्रेक हो गया। ये
देखिए। ठीक है जी? एक हाई लगा था। उसके बाद प्राइस ने आखिरी बाय की कैंडल का लो ब्रेक किया। नीचे आ गई प्राइस और फिर ऊपर चली गई। अब यहां पे क्या है? ये है जी ये चीज और ये है ये चीज। अब बहुत मजे की डायवर्जेंस नहीं है। अब इसमें रूल क्या है? रूल यह है जी कि आपको अगेंस्ट ट्रेंड है ना फोर आवर तो आपका हाई ब्रेक करता है ऊपर जा रहा है। ये देखें। ठीक है? अब यहां पे अपवर्ड है। यहां पे ये हल्की सी डाउनवर्ड है। या आप इसको बराबर भी कह
सकते हैं। ठहरे मैं आपको लगा देता हूं ताकि बिल्कुल क्लियर चीज़ हमें नजर आए। यह देखें ऐसे है। हल्की सी स्लोप डाउनवर्ड है इस जगह पे देखें तो और यहां पे अपवर्ड है। अब डायवर्जेंस बनी है। बहुत मजे की नहीं है। लेकिन बहाल बन गई है। एक लेग भी पूरी बन गई है। उसके बाद नेक्स्ट लेग आ गई। अब यहां पे आपने देखना है कि आखिरी बाय की स्ट्रांग कैंडल कौन सी है। वह यह है। इसका लो ब्रेक हो एक तो दूसरा ईएमए 5 के नीचे प्राइस ब्रेक करें। अब ईएमए 5 के नीचे तो यहां
पर निकल आई है। ठीक है? ब्रेक हुआ लो यहां पर। यहां से आपकी ट्रेड है। ऊपर आपने स्टॉप लॉस लगाना है। मैं इसलिए कहता हूं कि 1 वन पे निकल जाया करें अगेंस्ट द ट्रेंड। इस डायवर्जेंस पे जो आपको रेगुलर डायवर्जेंस बता रहा हूं। यहां से आप ट्रेड लें। ऊपर से सेल करें या नीचे से बाय करें। क्योंकि ये पुलबैक दे रहा होता है। आपको उस मौजूदा ट्रेंड के अगेंस्ट दिखा रहा होता है। तो उसमें फिर आपने जल्दी निकलना होता है। बस अगर आप यहां से 1 वन लेते हैं इस जगह से तो वो तो
आपको मिल गया। अच्छे पिप्स मिल गए हैं 4 ऑवर के हिसाब से। काउंट कर लें कितने मिलते हैं। यहां से आपकी ट्रेड है और इसने आपको दिए हैं जी 519 पिप्स। 500 पिप्स की ट्रेड है। यह इसमें आपका स्टॉप लॉस भी क्योंकि 4 ऑवर का टाइम फ्रेम है तो स्टॉप लॉस भी थोड़ा सा बड़ा ही बनेगा। स्टॉप लॉस भी इसका आपका इतना ही होगा तकरीबन। ठीक है जी। तकरीबन 600 का इसका स्टॉप लॉस भी है 600 650 का। अच्छा इसमें एक चीज़ और होती है। जाहिर है आप फ़ौरन से नहीं सेल करते। आपने देखना ये
होता है कि छोटे टाइम फ्रेम में ऊपर एफजी छोड़ दी है प्राइस। वो अभी आपने पढ़ा नहीं है। इसलिए हमें उसको इंक्लूड नहीं करना। वरना तरीका ये होता है कि प्राइस को टेस्ट पे आने दें। टेस्ट पे जिस तरह आज मैंने जो डिस्कर्ड पर ट्रेड शेयर की थी वो बन गई थी ऊपर से ही। आपको मैंने शेयर की थी लाइव ट्रेडिंग में। मैंने वहीं से एक लेयर ले ले थी। एक लेयर यहां से ले लें। फिर प्राइस आती है नीचे अपने एफजी में। किसी लेवल पे आती है। एक लेयर यहां से ऐड कर लें। सेकंड
लेयर यहां से ऐड कर लें। फिर आपको यहां से अच्छा प्रॉफिट हो जाएगा। यह भी अच्छा प्रॉफिट देगी। यह भी अच्छा प्रॉफिट देगी। लेकिन समटाइ्स चकि प्राइस टेस्ट पे नहीं आती। अब यहां इस केस में तो टेस्ट मिल गया तो आप एंटर हो सकते हैं। कभी टेस्ट नहीं मिलता। नेक्स्ट कैंडल ही आपको टारगेट दे देती है। तो एक ट्रेड आप यहां से ले लें। एक टेस्ट पे एफजी ऑर्डर ब्लॉक के लिए छोड़ दें। एक वहां से ले लें। अगर अच्छा स्ट्रांग सेटअप है तो। अच्छा जी। तो ये है जी हमारी रेगुलर डायवर्जेंस 15 मिनट से
नीचे इसपे काम। देखिए काम तो ये 1 मिनट पे भी करेगी। मैं आपको 1 मिनट पे भी दिखा देता हूं। बाकी आपकी अपनी मर्जी है। आपको क्या चीज पसंद है? किस टाइम फ्रेम पे आप कंफर्टेबल रहते हैं। मैं आपको चीजें दिखा सकता हूं। बाकी मर्जी आपने अपनी करनी है। अब छोटे टाइम फ्रेम पे भी काम करती है। ये देखें। ये प्राइस ये आज की एग्जांपल है मेरे ख्याल है। शायद क्या डेट आ रही है नीचे। हां जी। ये कम जुलाई है। आज की एग्जांपल्स हैं। हां जी। यहां पे आप देखें क्या हो रहा है। प्राइस
ओवरबॉट हुई। यह ओवरबॉट हो गई प्राइस। ठीक हो गया जी। यह इसने आखरी लो भी ब्रेक कर दिया। यानी कि स्विंग बन गया आपका। ठीक है? स्विंग हाई बन गया ना आपका। अब रिट्रेसमेंट आ गई है। रिट्रेसमेंट के बाद प्राइस ने फिर ऊपर जाना शुरू कर दिया। ये देखें जी। अब यहां पे अगर आप स्लोप लगाएंगे या ट्रेंड लाइन लगाएंगे तो यहां पे आपकी ट्रेंड लाइन बन रही है। अपवर्ड ऐसे विक्स को काउंट करना है। विक्स को छोड़ना नहीं है आपने बीच में। ठीक है? ये अपवर्ड है। उसके अगेंस्ट अगर आप नीचे देखेंगे प्राइस को
तो प्राइस आपकी डाउनवर्ड है। ये चीज़ डायवर्जेंस बन गई। प्राइस ऊपर जाने का कह रही है लेकिन आरएसआई ने आपको बता दिया कि बस मज़द ऊपर प्राइस अब नहीं जाएगी। अब इसमें आपने सेल कैसे करना है? सेल का वही फ़ूला जो मैंने आपको डेली पे बताया है जो फोर ऑवर पे जो वन ऑवर पे वही फार्मूला है कि एक मोमेंटम कैंडल बने। अभी मैं इसमें वॉल्यूम ऐड नहीं कर रहा। सिर्फ आपको प्राइस एक्शन के हिसाब से पढ़ा रहा हूं। बाद में वॉल्यूम आ जाएगा तो एक्यूरेसी बढ़ जाएगी। ये प्राइस डायवर्जेंस बनाने के बाद सेल डायरेक्शन
में एक मोमेंटम कैंडल बनाए जो कि आखिरी सेल की कैंडल को भी ब्रेक करे। एक कैंडल करे, दो करे, चार करें वो मसला नहीं है। लेकिन जो ब्रेकआउट कर रही है कैंडल वो मोमेंटम कैंडल होनी चाहिए। इससे पहले तीन चार कैंडल्स बन जाती। कोई मसला नहीं था। लेकिन ब्रेकआउट मोमेंटम कैंडल से होना चाहिए। इसी एक कैंडल ने आखिरी बाय की कैंडल को भी ब्रेक कर दिया डाउन साइड। और इसी एक कैंडल ने ईएमए 5 को भी ब्रेक कर दिया। सो यहीं से आपकी ट्रेड है। ऊपर आपका स्टॉप लॉस है। 1 कहीं भी नहीं गया आपका।
ठीक है? अगेंस्ट ट्रेंड है फिर अगेंस्ट ट्रेंड क्यों है? 1 मिनट तो बुलिश है सुबह से। ये देखें। तो अगेंस्ट अटेंडेंट उसने आपको पुलबैक दे दिया। जब रिवर्सल आएगा तब भी ऐसा कोई साइन बन जाएगा। यह पुलबैक की ट्रेड थी। देखिए स्टंग पुलबक आया है। तो आरएसआई ने आपको ऊपर ही बता दिया था कि पुलबैक आ रहा है। ठीक हो गया? इसमें एक चीज और है। अगर आप यह चीज नहीं यूज करना चाहते ना, आप यह चीज नहीं यूज करना चाहते ईएमए 5 वाली तो आपको एक और कंडीशन बता देता हूं। वो कंडीशन ये है
कि जब प्राइस पुलबैक ले ट्रेड वाला पुलबैक ये ट्रेड वाला पुलबैक नहीं है ये वाला। यहां तो आपने ट्रेड नहीं करी ना तो एक लेग बनी है आपकी। दूसरी लेग बनेगी यहां पे। तो सेकंड लेग में जब स्ट्रांग कैंडल बने तो आप ये देख लें कि प्राइस ओवरबॉट कंडीशन से निकल चुकी हो। नीचे आ चुकी हो। अगर आपने ये नहीं देखना कि ईएमए 5 को ब्रेक करे तो चल ईएमए 5 बंद कर देते हैं। ये लें ईएमए फाइव बंद कर दिया। अब क्या शर्त है? अब ईएमए फाइव तो नहीं यहां पे नजर आ रही। अब
शर्त ये है कि प्राइस ने अगर मोमेंटम कैंडल बनाई है तो उस टाइम पे प्राइस ओवरबॉट कंडीशन में ना हो। ओवरबॉट कंडीशन से निकल चुकी हो नीचे तो फिर भी आप सेल कर सकते हैं या बाय कर सकते हैं। ठीक है? अब और एग्जांपल आपको दिखाता हूं इसकी जहां पे डायवर्जेंस अच्छी बनी हो। अब देखिए यहां पे नहीं बनी प्राइस फिर भी उठ गई है। तो जब बगैर एविडेंस बनाए उठ रही है तो उठने दें। फिर कुछ नहीं हो सकता ना। अभी क्वेश्चंस आके अगर नहीं डायवर्जेंस बनती तो फिर हम क्या करें? फिर कुछ भी
ना करें। फिर छोड़ दें अगर आपके उस पे नहीं आ रही तो। मैं देख रहा हूं यहां पर कहीं पर प्राइस ओवरबॉट हुई हो अगर ओवरसोल्ड हुई हो तो वहां पर सेल कैसे कर सकते हैं आप सॉरी ओवरसोल्ड में बाय कैसे कर सकते हैं इस जगह पे शायद बनी हो डायवर्जेंस अच्छा अब ये जो है ना ये अच्छा सेटअप नहीं होता इसको समझे आप जरा ये देखिए आखिरी सेल की कैंडल ये थी अब ब्रेक तो नहीं हुई प्राइस आखिरी सेल की कैंडल का हाई ब्रेक नहीं हुआ बल्कि वहीं पे प्राइस ने रेंज ही की है
और दोबारा आ गई है नीचे लोग क्या गलती करते हैं मैंने बड़े-बड़े बड़े एक्सपर्ट ट्रेडर्स को देख के आपकी ये गलती है। गलती ये है। आपको ना मैं एक चीज़ बताता हूं। बैच 39 वाले खास तौर पे आपको यह फील आती होगी कि मैं हम ट्रेड्स मिस करते हैं ज्यादा। उसकी वजह ये होती है कि हमारा मेरा अपना खास तौर पे जो मैं पब्लिक अकाउंट जो अभी चला रहा हूं ना उसको मैंने इस महीने खत्म कर देना है। क्योंकि इस महीने वो इसको 4 महीने पूरे हो जाएंगे 13 तारीख को। यानी 12 13 दिन बाद
वो मैं खत्म करके मैं अपनी दूसरी ट्रेडिंग पे वापस आ जाऊंगा। उस पे मैं क्या कर रहा हूं कि मैं इंतहाई सिलेक्टिव हूं उस पे। उसकी वजह यह है पब्लिक अकाउंट है। उसको हमने प्रूफ भी करनी है। चीज़ ये चीज़ काम कर रही है। तो वो अब डबल हो जाएगा। चार माह में चौथा महीना खत्म हो रहा है इसको 13 अप्रैल को 13 अप्रैल को जब चार महीने पूरे हो जाएंगे तो वह 86% ग्रोथ में है इस टाइम अगले 8 10 दिन में 12 दिन में इंशा्लाह मैं उसको एक-एक करके 1% डेली के हिसाब से
उसको मैं 100% पे ले जाऊंगा तो उसमें क्या होगा कि चार माह में आपने जो भी इन्वेस्ट किया था मैंने इन्वेस्ट किया था $2000 ठीक है तो चार माह के बाद वह ग्रो करके $00 हो चुके होंगे इंशाल्लाह 10 दिन में हो जाएंगे 810 दिन में $18000 पे पहुंच गया हूं तो अब ठीक है यह मैं चाहता हूं कि आप इसी तरीके से ट्रेड करें अब यहां यहां पे सारी दुनिया ट्रेड कर लेगी। मुझे पता है जो आरएस पे ट्रेड करते हैं वो यहां पे ट्रेड करेंगे लाजमी। ठीक है? और चल भी गई है। लेकिन
उससे पहले प्राइस मुमकिन है यहां पे आपका स्टॉप लॉस भी हिट कर जाए। क्योंकि ये वीक सेटअप है। मैं ऐसे सेटअप को छोड़ देता हूं फिर जब मैं पर्सनल ट्रेडिंग में आता हूं। अब यहां पे क्या चीज है? यह प्राइस ओवरसोल्ड हुई। अब आखिरी जो बाय की कैंडल थी मेरा रूल सख्त है वो ये है कि प्राइस इसको ब्रेक करे। तब ये लेग कंसीडर होगी। फिर प्राइस नीचे आए। फिर जो आखरी आपकी सेल की कैंडल है, फिर इसका हाई ब्रेक हुआ। अब यह लेग कंसीडर होगी। दो लेग्स हो गई। अब आप देखें यह और यह
डायवर्जेंस बन रही है। अब वेट करें मोमेंटम कैंडल का। जैसे ही मोमेंटम कैंडल बनेगी तब आपने बाय करना है। यहां पे क्या हुआ? यहां पे तो कोई रिट्रेसमेंट नहीं आई। ऊपर तो हाई तो ब्रेक हुआ ही नहीं। प्राइस और नीचे आ गई। तो वो यहां पे ट्रेंड लाइन लगा लेते हैं। ये तरीका गलत है मेरे नजदीक। ठीक है? यहां पे वेव्स आपकी कंप्लीट ही नहीं हुई। दो लेग्स होनी चाहिए। यहां पे ये एक लेग है सारी। ये एक लेग है। ठीक हो गया? तो इस तरीके से आपने यहां पे ट्रेड नहीं करनी। मेरा आपका ये
मशरा है। ताकि एक्यूरेसी आपकी बाहर रहे। अभी तक देखें फेल सेटअप होते हैं। इसमें फेल सेटअप्स निकलते हैं। कोई ना कोई नजर आ जाएगा। अभी ये देखिए यहां पे नजर आ रहे हैं। ये नहीं लेकिन मेरे हिसाब से यह भी फेल सेटअप नहीं है क्योंकि सेटअप बना ही नहीं है। ये आखिरी बाय की कैंडल थी। देखिए ना अब यहां पे लोग पता है कहते हैं कि जी डवर्जेंस फेल हो रही है। डवर्जेंस नहीं फेल होती। वो तरीका ही गलत है। वो क्या करेंगे? यहां पे इस तरह लगा लेंगे इसको। चलो जी सेल कर दो। ठीक
है? सेल करने की बजाय यहां से सेल कर देंगे। यहां मोमेंटम कैंडल बन गई है। यह भी मोमेंटम कैंडल बन गई। यहां से सेल करेंगे। प्राइस स्टॉप लॉस हिट कर देगी ऊपर जाके। वजह क्या थी? वजह सिर्फ यह थी कि मार्किंग ही गलत है। आपकी यह लेग है ही नहीं। यह लेग तब बनती है जब प्राइस ऊपर जाए इसका लो ब्रेक करे। अब एक लेग बनी है। फिर ऊपर जाए दूसरी लेग अब बनेगी। ये तो सारी एक वेव है जैसे आपने पढ़ी हुई है। ठीक है? मेरा ख्याल है ये चीज़ आपको समझ आ रही होगी।
नहीं समझ आएगी तो स्ट्रक्चर दोबारा देखें जाके। ये देखें ये आखिरी बाय की कैंडल। अब लेग कब बनेगी? पुलबैक कब आएगा? रिट्रेसमेंट कब आएगी? जब प्राइस यहां से इसका लो ब्रेक कर देगी। तो मैं कहूंगा कि जी ये इंपल्स वेव और ये रिट्रेसमेंट। फिर एक और इंपल्स वेव लगेगी। जैसे यह लगी ऐसे जगह पे फिर प्राइस नीचे ड्रॉप दे जाएगी। अब मैं कहूंगा कि यहां पे यह अपसाइड है और यह डाउन साइड है। अब रिट्रेसमेंट अब वो बनी है आपकी रेगुलर डायवर्जेंस बनी है। बयरिश डायवर्जेंस। ठीक है? अब यहां पे जैसे ही मोमेंटम कैंडल बनेगी
अब आप सेल करें तो फिर आपका स्टॉप लॉस नहीं हिट होगा। लेकिन यहां पे क्या हुआ? यहां पे लेग बनी नहीं है। ये पूरी एक वेव थी। जैसे ही यहां पे सेल की कैंडल बनी वो कहते हैं जी डायवर्जेंस बन गई है। सेल कर दो। सेल करते हैं स्टॉप लॉस हिट हो जाता है। फिर सारा इल्जाम आता है इस पे कि इसने काम नहीं किया। हालांकि तरीका गलत था। फिर आपने इसको देखना कैसे है? आपने देखना है। मैं पहले बता चुका हूं कि टू कंजक्यूटिव जो आपके होते हैं ना वेव्स उसके दरमियान देखना होता है।
अगर एक वेव आपने ये ले ली और दरमियान वाली उनको छोड़ दिया, दूसरी ये ले ली फिर भी ये काम नहीं करेगी। टू कंजक्टिव वेव्स जो हैं उनको आप देख लिया करें। बस अगर उस पे काम मिल रहा है आपको तो ठीक है। नहीं मिल रहा तो छोड़ दें। और स्ट्रांग किस्म की आपकी होनी चाहिए डायवर्जें। अगर डायवर्जेंस स्ट्रांग नहीं है तो फिर वो आपका स्टॉप एसेट कर सकती है। अच्छा इसमें अब कोई क्वेश्चन आपका है तो क्योंकि ये थोड़ा सा एक कॉम्प्लेक्स टॉपिक है। हल्का सा डायवर्जेंस ढूंढना आसान नहीं होता। आपका क्वेश्चन है तो
आप क्वेश्चन कर सकते हैं। अभी मैं आपको सिर्फ रेगुलर पढ़ा रहा हूं। ठीक है? एक रीकैप मैं आपको आखिर में दे देता हूं। रीकैप क्या है इसका कि ये ऊपर 70 है। नीचे 30 है। एक बेसिक रूल बताने लगा हूं बस। ठीक है जी? नीचे है जी ओवरसोल्ड। ओएस लिख देते हैं। ऊपर है ओवरबॉट। ओ भी लिख देते हैं। ऊपर ओवरबॉट है। इसके 70 के ऊपर नीचे ओवरसोल्ड है। आप आखरी 3 मिनट ध्यान से देख लें। सिर्फ दो-ती मिनट में खत्म करने लगा हूं। आपने रेगुलर डायवर्जेंस कब ढूंढनी है? जब प्राइस ओवरसोल्ड हो और डायवर्जेंस
बन जाए। ठीक है? तो इसको हम कहते हैं रेगुलर बुलिश डायवर्जेंस। रेगुलर बुलिश। ठीक है जी? यहां पे आपको ये क्या देगी? पुलबैक देगी या आपको रिवर्सल देगी। समझ आ गई? रिवर्सल कम देती है, पुलबक ज्या देती है। इसी तरीके से अगर प्राइसेस ऊपर निकल गई है, ओवरबॉट हो गई हैं। जहां पे आपको डायवर्जेंस मिल रही है। यानी आपको प्राइस कह रही है कि ऊपर जा रही हूं मैं। ठीक है? हायर हाई लगा के और यहां पे आपको उसके अगेंस्ट हायर हाई नहीं मिलता। बल्कि आपका जो आरएसआई है वो एक लोअर लो लगा देता है।
यह लो ब्रेक करके एक और लो लगा देता है। और यहां पे आपको चार्ट पे एक स्ट्रांग बियरिश कैंडल मिल जाती है। जो ईएमए फाइव को क्रॉस कर लेती है और आखिरी बाय की कैंडल को भी क्रॉस कर देती है डाउन साइड। या अगर आप ईएमए 5 नहीं देखना चाहते तो प्राइस इस जगह पे जब इसने मोमेंटम कैंडल बनाई थी नीचे तो ऊपर से प्राइस ओवरबॉट के ज़ोन से निकल के नीचे आ चुकी होती है। तो यहां से आप सेल की ट्रेड लेंगे। ऊपर आप स्टॉप लॉस लगाएंगे। 1 यहां से ले लेंगे। यहां से आप
बाय करेंगे। 1 यहां से ले लेंगे। ठीक है? 15 मिनट की बात कर रहा हूं। अगर स्ट्रांग लेवल है जैसे कि देखिए पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बड़ा मैटर करता है। जैसे कि अभी आपको मैंने डेली पे कल भी दिखाया था। परसों की क्लास में बताया था। मैं हर रोज इसको बता रहा हूं। आपको मुसलसल उस दिन से अपडेट कर रहा हूं कि यह स्ट्रांग लेवल है। थर्ड टच स्ट्रेटजी है। वन टच, सेकंड टच और यह थर्ड टच। यहां पे अगर फोर ऑवर पे आपको अच्छा साइन मिल रहा है, तो यह डेली का लेवल है। यहां से
अच्छा पुलबैक आना चाहिए। कल भी बताई थी ये बात। तो अब अगर आपको ऐसी जगह पे 15 मिनट की डायजेंस मिल रही है। देखें अगर आपको इस ज़ोन में आके 15 मिनट की डवरेंस मिल रही है। तो, अब आपने 1 वन पे नहीं निकलना। उसकी वजह क्या है? कि डेली का ज़ोन है। डेली के ज़ोन पे कंफर्मेशन आ रही है। तो, डेली का ज़ोन कम से कम भी 5700 पे तो देगा ना आपको। 4 ऑवर आपको 200 टिप्स दे देता है कम से कम। तो डेली का ज़ोन आपको उससे थ्री टाइम्स यानी 4 टू 500
या 600 पे भी दे सकता है। तो इसमें फिर आपने मैनेज कर लें ट्रेड को लेकिन चलता रहने दें। जैसे मैंने कल भी होल्डिंग दिखाई कि आज भी मैंने दो 250 पे होल्ड करके रखी है ट्रेड इस जगह से तो वो फिर आप जितनी होल्ड करेंगे वो आपकी आपकी मर्जी आपका फायदा है। तो मुझे अब उम्मीद है कि आपको ये रेगुलर डायवर्जेंस कम से कम समझ आ गई होगी। ये बनती कहां पे है? ओवरसोल्ड या ओवरबॉट जो कल हमने पढ़नी है या परसों पढ़नी है हिडन डायवर्जेंस वो कहां बनेगी? दरमियान में। चार्ट के दरमियान में
बनती है। वो ग्राफ इसके आरएसआई के दरमियान में। में ये देखिए ये भी हिडन है। ये दरमियान में बन रही है। ये भी हिडन है। ये भी दरमियान में बन रही है। रेगुलर नीचे बन रही है। ठीक है? तो ये इनका फर्क होता है। इंशाल्लाह आपको नेक्स्ट क्लास में बताऊंगा। यहां पर रिकॉर्डिंग स्टॉप कर लेते हैं या पॉज कर लेते हैं। कोई क्वेश्चन आपका है तो लिख लें। मैं आपको चैट ऑन कर देता हूं।