यानी कि जिन लोगों में सेंस नहीं होती ना जो लकीर के फकीर होते हैं पंजाबी में कहते हैं खोते धुम फ के पीछे पीछे चलना यानी कि धुम पकड़ के पीछे पीछे जो लोग चलते हैं ना लाइन बना के वो लोग होते हैं कि उनको तो वो जो अभी चलती है ना तो उसकी बेस के ऊपर जो मॉडर्न जनरेशन है जल्फा जो है ना वो रिलेट नहीं कर पाते और जब वो जिंदगी के ऐसे पॉइंट्स पे आके फंसते हैं या रुकते हैं जिसमें मैं भी हूं तो उस पॉइंट के ऊपर जो है ना वो इस्लाम
को छोड़ना बहुत आम हो जाता है बात तो जो लोग ये कहते भी है ना जिस तरह सूरज भाई है और भी कुछ लोग हैं कि इस्लाम छोड़ रहे हैं मेजोरिटी वो लोग हैं मेरी मेरी नजर में या मेरे एक्सपीरियंस में वो वो न्यू जनरेशन उसकी सिर्फ एक वाहिद वजह ये है कन्फ्यूजन उनको ये नहीं पता कि एक्चुअल इस्लामिक जो जो टीचिंग्स और ट्रेडिशन जो है ना वो क्या है ये आपकी बात बिलकुल दुरुस्त है इसकी मैं तारीफ करता हूं इसमें कोई शक नहीं [संगीत] एग्नोस्टिक भाई आप पहले किसी मजहब से ताल्लुक रखते होंगे ना
आपके किसी ना किसी मजहब से मैं पहले मैं पहले मुस्लिम था आई वास बोर्न इन इस्लाम जबरदस्त लेकिन फिर मेरी जी वाह वाह बेहतरीन यार देखो मैं खुश हो रहा हूं जब कोई बोलता है ना मैं मुस्लिम हूं जब बड़ी खुशी होती है छोड़ा क्यों इस्लाम आई एम आई एम नॉट रियली एन एक्स मुस्लिम मैं स्केप्टिसिज्म मैंने इसलिए कहा कि मैं स्केप्टिक हूं या इग्नोस्टिक हूं कि मैं उस स्पेक्ट्रम के ऊपर हूं जब आप मुस्लिम और नॉन मुस्लिम के दरमियान एक स्पेक्ट्रम होता है। मैं इसको इस तरफ यानी कि पुट करता हूं कि आई एम
आई एम ऑन दैट स्पेक्ट्रम की मुझे चीजें इस वक्त समझ नहीं आ रही कि मैं किधर जाऊं क्योंकि मेरी लाइफ में ऐसी पोजीशन और ऐसे हालात हुए हैं जिस पॉइंट के ऊपर मुझे अल्लाह की बहुत जरूरत थी। आप यकीन माने मुझे बहुत जरूरत थी। लेकिन उस पॉइंट के ऊपर अल्लाह ने मेरा साथ नहीं दिया। मैंने हर तरह से अल्लाह ताला को अप्रोच करने की कोशिश की। हर तरह से लेकिन मैंने सिर्फ मायूसी और नाकामी हासिल की है। सही है। तो आपने इसलिए इस्लाम को छोड़ दिया क्योंकि आपने कहा कि भाई अल्लाह ने मेरी मदद नहीं
की। नहीं। फिर मैंने जब मैंने ये चीजें की तो फिर मैंने क्वेश्चन करना शुरू किए कि जब मैं तो इसलिए मानता था क्योंकि हमारे मां-बाप ने हमें कहा था कि इस तरह चीजें होती है आपने पांच वक्त की नमाज़ पढ़नी है रोजे रखने हैं जुम्मे को सुबह के आठ शहर के मस्जिद जाना है हर चीज करनी है क्वेश्चन नहीं करना नहीं यानी कि कहते थे क्वेश्चन करना है लेकिन एक एक सर्टन लिमिट पे रह के फिर जब मैंने डीप इनको ये क्वेश्चन करना शुरू किया तो फिर आई रियलाइज भाई एग्स्टिक भाई सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी
दो काम आप करेंगे एक तो अपने नाम के साथ आप एक्स मुस्लिम लगाएं एग्स्टिक के साथ ब्रैकेट में लिखे एक्स मुस्लिम आई मैं मैं ये करना नहीं चाहता लेकिन नहीं नहीं आई रिक्वेस्ट नहीं क्योंकि आपका आपका जो फैमिली बैकग्राउंड है वो मुस्लिम ही है ना भाई आपने इस्लाम को छोड़ा है ना क्या अभी भी आप कह रहे हो कि यार मैं एक्टिंग कर रहा हूं कह रहा हूं मैं यही कह रहा हूं कि मैं ये कह रहा हूं मैं उसको हूं चलो ठीक है तो फिर नहीं हो तो फिर छोड़ दो फिर नहीं लिखो अगर
अभी भी अंदर बाहर दोनों तरफ हो तो वै गुड आई वांट आप आप लाउड एंड क्लियर ये स्टेटमेंट अभी दीजिए कि वो पेरेंट्स के जो खुद मुसलमान है अपने बच्चों को सही तरह से तरबियत नहीं कर रहे तालीम नहीं दे रहे नहीं समझा रहे लॉजिकली कि भाई अल्लाह को ही हम क्यों मानते हैं? खुदा क्यों है? या जितने भी हमारे अकायद है उनके एक्सप्लेनेशन नहीं दे रहे होते और हर सवाल पर जब कदन लगाते रोकते हैं तो उसके बाद नतीजा ये होता है कि बच्चा इस तरह से एग्स्टिक हो जाता है। आई व लाउड एंड
क्लियर आप ये लाउड एंड क्लियर खुद अपने अल्फाजों में बोले ताकि हम बाकी मुसलमानों को भी ये बात सुने। नहीं ये बात आपकी दुरुस्त है। इसमें कोई शक नहीं है कि जो हमारी एक कंजर्वेटिव और ट्रेडिशनल इस्लामिक टीचिंग्स है ना रूलिंग्स है जो कि 90 80 के जमाने से चलती आ रही है। स्पेशली पाकिस्तान में तो वही प्रवेट है। तो वो जो अभी चलती है ना तो उसकी बेस के ऊपर जो मॉडर्न जनरेशन है जल्फा जो है ना वो रिलेट नहीं कर पाते और जब वो जिंदगी के ऐसे पॉइंट्स पे आके फंसते हैं या रुकते
हैं जिसमें मैं भी हूं तो उस पॉइंट के ऊपर जो है ना वो इस्लाम को छोड़ना बहुत आम हो जाता है बात। तो जो लोग ये कहते भी है ना जिस तरह सूरज भाई है या और भी कुछ लोग हैं कि इस्लाम छोड़ रहे हैं मेजोरिटी वो लोग है मेरी मेरी नजर में या मेरे एक्सपीरियंस में वो वो न्यू जनरेशन उसकी सिर्फ एक वाहिद वजह ये है कन्फ्यूजन उनको ये नहीं पता कि एक्चुअल इस्लामिक जो जो टीचिंग्स और ट्रेडिशन जो है ना वो क्या है ये आपकी बात बिल्कुल दुरुस्त है इसकी मैं ताईद करता हूं
इसमें कोई शक नहीं चलो जबरदस्त जो भी मुसलमान सुनने वाले हैं ना भाई प्लीज इस खाम ख्याली से बाहर निकल के आ जाओ कि जैसे [गला साफ़ करने की आवाज़] खुद मेहनत नहीं कर रहे हो तो बच्चे भी बिना मेहनत के मुसलमान ही रहेंगे नहीं रहेंगे बच्चे मुसलमान भाई ने सिर्फ एक रीज़ दिया है मेरे पास हजारों रीज़ंस है कि ऐसे बच्चे क्यों इस्लाम को छोड़ के चले जाते हैं। ठीक है पर अभी मैं नहीं दूंगा वरना भाई का जो है वो सारा का सारा टाइम जो है वो यहीं पे चला जाएगा। हां जी मेरे
प्यारे भाई मुझे वो आप बुनियादी मसला बताओ कि जहां पर आपने बोला कि बस ठीक है अब मैं इस्लाम को छोड़ रहा हूं। मैं इस पॉइंट के मैं ये कहना चाहूंगा कि मेरे पास कोई ऐसी लॉजिकल रीज़न नहीं है जिसकी बेस पे मैं अल्लाह ताला का इंकार कर सकूं। क्योंकि मेरा बैकग्राउंड मुस्लिम है तो मैं अल्लाह की बात करूंगा। अगेन हम अगर आप चाहते तो मैं गॉड की कह सकता हूं। लेकिन मेरे पास कोई ऐसा ठोस ठोस एविडेंस नहीं है जिसकी बेस पे मैं अल्लाह ताला का इंकार करके एथिस्ट हो जा। सो इथ इज अ
वैरी नॉनसेंसिकल पोजीशन टू मी जी आपने ये वर्ड इस्तेमाल किया है जी इसका तर्जुमा क्या होता है सर यानी कि जिन लोगों में सेंस नहीं होती ना जो लकीर के फकीर होते हैं पंजाबी में कहते हैं खोते धूम फड़ के थोड़े पीछे पीछे चलना यानी कि जानवरों की धूम पकड़ के पीछे पीछे जो लोग चलते हैं ना लाइन बना के वो लोग होते हैं कि उनको आप किसी भी एथियस से पूछेंगे कि कंक्रीट एविडेंस में अल्लाह ताला का इंकार करो कोई ऐसा बंदा नहीं है पैदा ही नहीं हुआ जो कर सके पॉसिबल ही नहीं है
चलिए ठीक मैंने सिर्फ इसी वर्ड पे और इस जुमले पे इसलिए मैंने इतना जोर दिया क्योंकि अभी कुछ देर पहले जब तक मैं कह रहा था तो मेरे जो नॉन मुस्लिम भाई है वो नाराज हो रहे थे। आप देख लो जो बंदा खुद इस्लाम छोड़ रहा है वो भी ये बात कह रहा है एथिस्ट के हवाले से। खैर हां जी सर कंटिन्यू जी लेकिन एट द सेम पॉइंट मेरे पास कोई ऐसी पोजीशन भी नहीं है या कोई ऐसा एविडेंस नहीं है जिसकी बेस के ऊपर मैं अल्लाह ताला को मान सकूं। अल्लाह ताला को ये इस
वजह से आई एम काइंड ऑफ इन बिटवीन आई एम कन्फ्यूज्ड। आई एम स्केप्टिक एंड हेंस आई एम इग्नोस्टिक। तो मुझे मेरे मेरे नजदीक अल्लाह ताला से राब्ता करने का सिर्फ एक तरीका है जो मुझे समझ आई हुई है इस्लाम की वो अल्लाह का रसूल है और अल्लाह ताला के अल्लाह ताला के रसूल की जो जिंदा मिसाल है हमारे सामने वो कुरान है सीधी सी बात है जो जो जिंदा मोजजा है लेकिन अगेन कुरान इस स्टिल इटसेल्फ अ बुक वो कोई एक कंक्रीट ठोस एविडेंस नहीं है कि सुपर नेचुरल एंटिटी एक्सिस्ट्स तो मुझे वो कंक्रीट एविडेंस
चाहिए जिसकी बेस के ऊपर मैं मना ही ना कर सकूं कि हां भाई अल्लाह ताला एक्सिस्ट करता है। एंड एंड आई एम रेडी टू एक्सेप्ट हिम एस इट इज। मेरा मसला ये है। अच्छा मेरे भाई मुझे ये बताओ के आप स्कूल गोइंग हो, कॉलेज गोइंग हो। किसी खास फील्ड से आपका ताल्लुक है? नहीं नहीं अब तो मैं ग्रेजुएट हो चुका हूं। किस फील्ड में आपने ग्रेजुएशन की है? मेडिसिन एमबीबीएस। अरे वाह जबरदस्त। तो फिर तो माशा्लाह से काफी पढ़े लिखे आदमी हो। बहुत सारी चीजों को समझते भी हैं। जबरदस्त। भाईस्टिक भाई एक मिनट भाई। एग्स्टिक
भाई जरा खुल के मत बताइएगा। जहां तक आपने बता दिया वो भी जायज नहीं था लेकिन आपने बता दिया थोड़ा सा आइडेंटिटी छुपाइए अपनी प्लीज ज्यादा ज्यादा आइडेंटिटी मत बताइएगा वरना स्वामी भाई आ जाएंगे फूल लेके घर पे [हंसी] नहीं बात ये नहीं है बात ये नहीं है बात ये नहीं है हम एग्नोस्टिक जो होते है ना भाई हम किसी एक का टारगेट नहीं होते हम सभी का टारगेट होता है ये भाई अभी एग्नोस्टिक नहीं है ये अभी बीच में है टेंशन ना लो यार ये लेकिन लेकिन अगेन ये जो मैं आपके साथ बातें कर
रहा हूं ना ये बातें स्पेशली जहां पे मैं रहता हूं वहां पे बहुत ओपन है और आई एम मैं मैं मैं यानी कि शहर की बात नहीं करूंगा लेकिन पाकिस्तान की जो अपर मिडिल क्लास या एलट सोसाइटी है वहां पे ये डिस्कशन बहुत ओपन है। इसमें कोई इतना इशू नहीं है। वेरी गुड वेरी गुड मेरे भाई मैं पर्सनल लेवल पर मैं इस चीज की क्लासेस देता हूं और जब मैं अकायद पे जब क्लासेस दे रहा होता हूं तो हम शुरू के कुछ हफ्तों तक हम सिर्फ बात पता है किस टॉपिक पे करते हैं? मेरे जितने
भी स्टूडेंट्स होते हैं उनके पास सिर्फ एक ही टास्क होता है टू डिस्प्रूव द एक्सिस्टेंस ऑफ़ गॉड। सही है? मैं मैं इस चीज पर बात ही नहीं करता उनसे कि भाई मैं आओ तो मैं साबित करूंगा कि अल्लाह है या खुदा है। नहीं नहीं नहीं मैं ये कह रहा हूं कि आपने बस हर तरह से मुझे साबित करना है कि गॉड नहीं है। हम इसी पे बात करेंगे। अब मैं आपको देखो ऑफर दे रहा हूं क्योंकि आप जरा सा समझदार इंसान हो और अभी आप बीच में है। ठीक है। आई आई एम गिविंग यू ऑफर
कि आप मुझसे यार हंसने वाली बात नहीं थी यार। वो भी माइक खोल के हंस रहे होंगे यार। दो मिनट मैं जानबूझ के माइक खोल खोल के हंसा रहा हूं क्योंकि आपने एक मिनट में किसी को समझदार घोषित कर दिया। आप एक मिनट में किसी को बेकलग को घोषित कर देते हैं। मैं उस हंस रहा हूं। अच्छा अच्छा स्टाइल है ना क्या कह भाईजान का स्टाइल है। खैर तो मैं मैं आपको मैं आपको देखो ऑफर ये दे रहा हूं। एग्नोस्टिक भाई आप मेरे साथ कांटेक्ट कर ले। मैं आपके साथ पर्सनल में सेशन करूंगा इन तमाम
चीजों के ऊपर। हम दोनों मिलकर हम दोनों मिलकर साबित करेंगे इस चीज को कि भाई कोई अल्लाह नहीं है। हम दोनों मिलकर साबित से इस चीज को करेंगे। अभी हम कर सकते हैं। मगर अभी हम करेंगे ना बाकी सब बोर हो जाएंगे। वो बोलेंगे यार ये क्या बातें लेके बैठ गए। हम पर्सनल में करेंगे। मैं पब्लिक भी वो चीज नहीं करूंगा। हम प्राइवेटली करेंगे ताकि आपके लिए भी सेट एंड साउंड हो और हम मजे से उल्टे सीधे एतराज लेकर आएंगे जो भी हम ला सके। फायदा क्या होगा उससे? ये कुछ दिनों तक सेशन चलेगा। या
तो इसके बाद आप मुझे कन्वस कर लोगे कि भाई वाकई में अल्लाह नहीं है जिसके नहीं कर सकता मैं तो अभी कभी कभी कभी कभी कभी कभी कभी कभी कभी कहता हूं मैं नहीं कर सकता मेरे पास कोई एविडेंस नहीं है इसका कोई चांस नहीं है ना ये पॉसिबल ही नहीं है हां या फिर ये होगा कि मैं आपको 1% साबित कर दूंगा इस चीज पर अल्लाह ही सिर्फ है मैं आपको 1% साबित कर दूंगा और मैं आपको जो साबित करूंगा ना वो कुरान से साबित करूंगा ना वो हदीस से साबित करूंगा मैं सिर्फ आपको
लॉजिकल ग्राउंड पर रैशन ग्राउंड पर मैं आपको साबित करूंगा इफ यू आर ओके सर स्क्रीन पे मेरे सारे कांटेक्ट चल रहे है चाहे ईमेल करो चाहे WhatsApp करो कुछ भी करो हम प्राइवेटली इस चीज को कर लेंगे स्टार्ट करेंगे कि भाई कोई अल्लाह नहीं है और बुरे तरीके से हम साबित करेंगे कि कोई अल्लाह नहीं है इफ यू आर ओके जी शोर ठीक है तो सर मेरे स्क्रीन पे मेरी सारी डिटेल्स है आप मुझसे राब्ता कर लो मैं अभी आपका ज्यादा वक्त नहीं लूंगा इस चीज सर जी जी नहीं आप ठीक कह रहे है मैं
मैं आपको ईमेल बेशक ये मैं आपको ईमेल करूंगा जरूर आपकी ईमेल शो नहीं हो रही कहां पर है या मेरी YouTube पे अगर आओगे तो वहां पर शो कर जाएगी ना डली ओके मेरी YouTube पे देखो हां ओके ओके ओके अच्छा एगोस्टिक भाई एगोस्टिक भाई आप अली रजा भाई की स्ट्रीम में भी आए थे ना शायद