अगर आपका चैनल मोनेटाइज्ड है या आप मोनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने वाले हो तो अगले 60 सेकंड्स के लिए अपना दिमाग एकदम खोल लो क्योंकि YouTube ने बिना किसी वार्निंग के चुपचाप एक नया रूल लगाकर हजारों चैनल्स को रातोंरात डीमोनेटाइज करना शुरू कर दिया है। सबसे बड़ा झटका पता है क्या है? वह आपको कोई स्ट्राइक नहीं दे रहे बल्कि डायरेक्ट इनऑथेंटिक कंटेंट या रयूज्ड कंटेंट बोलकर आपकी पूरी मेहनत को जीरो कर रहे हैं। अगर आप नहीं चाहते कि आपका खड़ा किया हुआ एसेट एक सेकंड में बर्बाद हो जाए तो इस वीडियो का एक-एक सेकंड ध्यान
से सुनना। तो चलिए सीधे आते हैं पॉइंट पर और समझते हैं कि आखिर यह इनऑथेंटिक कंटेंट और रयूज्ड कंटेंट का भूत अभी के टाइम पर ही YouTube पर इतना ज्यादा क्यों नाच रहा है। बहुत से क्रिएटर्स को लगता है कि उन्होंने खुद की आवाज दी है। खुद एडिटिंग की है। फिर भी उनके पास यह मेल आ जाता है। वो सोचते हैं कि शायद YouTube की कोई गलती है। पर भाई YouTube कोई गलती नहीं कर रहा है। वो एक सोची समझी प्लानिंग के तहत उन सभी चैनल्स का सफाया कर रहा है जो उनके प्लेटफार्म पर सिर्फ
डिजिटल कचरा फैला रहे हैं। अगर आप इस ट्रैप में फंस चुके हो तो डिप्रेशन में जाने की जरूरत नहीं है। आज की ये वीडियो कोई आम ज्ञान नहीं है बल्कि एक लाइफ सेविंग ब्लूप्रिंट है जो आपके रिजेक्टेड चैनल को वापस से अर्निंग मशीन बना देगा। देखो YouTube ने हाल ही में अपना पूरा रिव्यू सिस्टम और एल्गोरिदम बदल दिया है। पहले क्या होता था कि कोई इंसान बैठकर आपका चैनल चेक करता था। पर अब पहला राउंड पूरी तरह से एक इआई मशीन लर्निंग बॉट इनिशियल लेवल पर हैंडल करता है। जब आप मोनेटाइजेशन के लिए भेजते हो
या जब आपके चैनल का मंथली रूटीन ऑडिट होता है तो वो बॉर्ड आपके पूरे चैनल के मेटाडेटा डिस्क्रिप्शन टाइटल्स और वीडियोस की आवाज को स्कैन करता है। अब यह बॉड काम कैसे करता है? इसे ध्यान से समझो। इसके अंदर दो बड़े पैराटर्स सेट किए गए हैं। पहला है ऑडियो वेवफॉर्म्स एनालिसिस। अगर आपकी वीडियो में जो वॉइस ओवर है उसकी टोनल डिलीवरी बहुत ही फ्लैट है या वो किसी आर्म टेक्स्ट टू स्पीच सॉफ्टवेयर जैसा साउंड करती है। भले ही वो आपकी खुद की असली आवाज क्यों ना हो अगर उसमें ह्यूमन इमोशंस, कट्स और नेचुरल पॉजेस नहीं
है तो ईआई उसे रोबोटिक मान लेता है। दूसरा पैरामीटर है विजुअल पैटर्न रिकॉग्निशन। अगर आपका एडिटिंग स्टाइल बहुत ही जेरिक है जैसे इंटरनेट पर मिलने वाले फ्री स्टॉक फुटेज, cवा के रेडीमेड टेंपलेट्स या वह इआई जनरेटेड कैरेक्टर्स जिन्हें आज के टाइम पर लाखों चैनल्स बिना कोई एक्स्ट्रा क्रिएटिविटी डाले बार-बार यूज कर रहे हैं तो वो बॉट बिना सोचे समझे आपके चैनल पर इनऑथेंटिक कंटेंट का ठप्पा लगा देता है। YouTube का सीधा मोटिव है अगर कंटेंट में ह्यूमन वैल्यू और यूनिकनेस नहीं है तो उसे प्लेटफार्म से बाहर फेंको। अब बात करते हैं इसके सबसे बड़े और
रियल सॉल्यूशन की क्योंकि गलती तो हो गई पर इसे ठीक कैसे करें? मेरे पास इसके दो सबसे सॉलिड और प्रैक्टिकल तरीके हैं जिसे अगर आपने सही से फॉलो कर लिया तो आपका चैनल 100% रीमनेटाइज हो जाएगा। सबसे पहला और सबसे पावरफुल हथियार है अपील वीडियो रूल। जब आपका मोनेटाइजेशन रिजेक्ट या डिसेबल होता है तो YouTube आपको अपनी बात साबित करने के लिए सिर्फ 14 दिनों का एक टाइम देता है। जिसमें आप एक 5 मिनट की अपील वीडियो बनाकर उन्हें भेज सकते हो। और 90% क्रिएटर्स यहां पर सबसे बड़ी गलती करते हैं। वह वीडियो में रोते
हैं, हाथ जोड़ते हैं, रिक्वेस्ट करते हैं कि सर प्लीज मैं गरीब हूं। मेरा चैनल मोनेटाइज कर दोबारा गलती नहीं होगी। YouTube को आपके रोने या आपकी पर्सनल लाइफ से कोई मतलब नहीं है। उन्हें सिर्फ और सिर्फ टेक्निकल प्रूफ चाहिए। एक परफेक्ट अपील वीडियो बनाने का एक ऑफिशियल फोर स्टेप फार्मूला होता है जिसे आपको अपनी वीडियो में फॉलो करना है। स्टेप वन वीडियो के पहले 30 सेकंड अंदर आपको अपने चैनल का नाम अपने चैनल का यूआरएल स्क्रीन पर दिखाना है और साफ शब्दों में बोलना है कि यह अपील वीडियो आपके चैनल के रिव्यू के लिए है।
स्टेप टू आपको कैमरे के सामने आना है। अपना फेस दिखाना है ताकि रिव्यूअर को पता चले कि इस चैनल के पीछे एक असली इंसान है। स्टेप थ्री आपको उन्हें लाइव अपना एडिटिंग सॉफ्टवेयर खोल कर दिखाना है। चाहे आप प्रीमियर Pro यूज करते हो या मोबाइल में इनशॉट या कैपकट यूज करते हो, आपको अपने प्रोजेक्ट की टाइमलाइन दिखानी है। उन्हें कट्स दिखाओ, लेयर्स दिखाओ, [संगीत] इफेक्ट्स दिखाओ और यह साबित करो कि यह वीडियो स्क्रैच से आपने खुद असेंबल की है। स्टेप फोर, आपको अपने वॉइस ओवर का असली रॉ फाइल दिखाना है। अपने माइक का सेटअप दिखाओ,
अपना रिकॉर्डिंग सॉफ्टवेयर दिखाओ और बताओ कि आप अपनी स्क्रिप्ट खुद कैसे लिखते हो और उसे कैसे रिकॉर्ड करते हो। जब YouTube का ह्यूमन रिव्यूअर आपका यह टेक्निकल प्रूफ देखता है ना तो उनके रोबोट का डिसीजन 1 सेकंड में पलट जाता है और आपका चैनल वापस मोनेटाइज हो जाता है। लेकिन मान लो कि आपका अपील वीडियो रिजेक्ट हो गया या आपने अपील वीडियो का ऑप्शन ही मिस कर दिया है तो अब आपके पास दोबारा री-अप्लाई करने के लिए पूरे 30 दिनों का समय होता है। इन 30 दिनों के अंदर आपको अपने चैनल का एक-एक कोना साफ
करना पड़ेगा। सबसे पहले अपने चैनल के मोस्ट व्यूज वाले वीडियोस और रीसेंट वीडियोस को खुद एक जज की तरह बैठकर देखो। जिस भी वीडियो में आपने बहुत ज्यादा जेनेरिक एआई टूल्स का यूज किया है या किसी और क्रिएटर के बड़े-बड़े क्लिप्स बिना अपनी वॉइस ओवर या बिना किसी तगड़ी रोस्टिंग रिव्यू के सीधे उठा लिए हैं, उन वीडियोस को आपको तुरंत डिलीट या एडिट करना पड़ेगा। और भाई सिर्फ वीडियो डिलीट करने से काम नहीं चलेगा। YouTube का रिव्यूअर आपके चैनल का मेटाडेटा भी चेक करता है। अगर आपने अपनी पुरानी वीडियोस के डिस्क्रिप्शन में कीवर्ड्स की स्टफिंग
कर रखी है यानी जबरदस्ती सैकड़ों टैग्स और कॉमा लगाकर कीवर्ड्स भर रखे हैं या मिसलीडिंग टाइटल्स लिख रखे हैं तो उन्हें तुरंत एडिट करके एक क्लियर और क्लीन फार्मूला में बदलो। आपकी हर वीडियो का टाइटल और डिस्क्रिप्शन एकदम जेनुइन होना चाहिए। अब बहुत से क्रिएटर्स के दिमाग में एक सबसे बड़ा डर आता है। वह मुझसे पूछते हैं भाई अगर हमने अपनी पुरानी और वायरल वीडियोस को डिलीट कर दिया तो हमारा वॉच टाइम तो पूरा का पूरा कम हो जाएगा। हमारा चैनल तो एकदम फ्रीज हो जाएगा। हां भाई मैं आपसे कोई झूठ नहीं बोलूंगा। आपका वॉच
टाइम बिल्कुल कम होगा और आपके व्यूज पर भी थोड़ा असर पड़ेगा। पर आप खुद सोचो एक डेड रिजेक्टेड और बिना कमाई वाले चैनल को लेकर जिंदगी भर बैठे रहने से लाख गुना बेहतर है कि आप अपने चैनल का सारा कचरा साफ करो। अपनी गलतियों को सुधारो। नया और फ्रेश वॉच टाइम पूरा करो और एक एकदम क्लीन इमेज के साथ दोबारा मोनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करो। आपको आने वाली अगले फाइव से 10 वीडियोस में अपनी खुद की असली वैल्यू ऐड करनी पड़ेगी। इसका मतलब यह है कि अब जो आप नई वीडियोस बनाओगे उसमें या तो अपना
फेस कैम रखो या फिर अगर आप फेस नहीं दिखाना चाहते तो आपकी जो वॉइस ओवर है वो एकदम रियल, हाई एनर्जी और कड़क होनी चाहिए। आपकी स्क्रिप्टिंग में एकदम होना चाहिए। रिसर्च दिखनी चाहिए ताकि जब YouTube का रिव्यूअर 30 दिन बाद आपके चैनल को दोबारा चेक करे तो उसे आपकी नई वीडियोस में एक असली क्रिएटर की मेहनत दिखाई दे। बात एकदम साफ है दोस्तों। YouTube अब उन लोगों को धक्के मारकर बाहर फेंक रहा है जो सिर्फ शॉर्टकट अपनाने आए हैं जो सिर्फ कॉपी पेस्ट करके या एआई का गलत इस्तेमाल करके रातोंरात अमीर बनने का सपना
देख रहे हैं। YouTube को मशीनों की नहीं इंसानों की जरूरत है। पर अगर आप एक रियल क्रिएटर हो। आपके अंदर टैलेंट है और आप ईमानदारी से मेहनत करना जानते हो तो यह नया कड़ा नियम आपके लिए एक बहुत बड़ा मौका है मार्केट के बाकी सारे कचरा और कबाड़ चैनल्स को हमेशा हमेशा के लिए पीछे छोड़ने का। अपने कंटेंट में अपनी जान डालो। अपनी खुद की रियल वैल्यू ऐड करो और फिर देखो YouTube खुद आपके सामने झुकेगा और आपका चैनल दोबारा शांत से मोनेटाइज होगा। अब मुझे नीचे कमेंट करके एकदम सच-सच बताओ। क्या आपके चैनल पर
भी रीयूज्ड कंटेंट या इनऑथेंटिक कंटेंट का एरर आया है या फिर आपका मोनेटाइजेशन रिजेक्ट हुआ है? अगर ऐसा हुआ है तो बिना डरे अपने चैनल का नाम और आपने क्या गलती की थी उसे नीचे लिखो। मैं खुद टाइम निकालकर कुछ चैनल्स को पर्सनली ऑनड करूंगा और कमेंट में ही आपको उसका सही सॉल्यूशन बताऊंगा।