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Atul Subhash Last Video: रूला देगा अतुल सुभाष का ये वीडियो, सुनकर कांप जाएगी रूह|Bengaluru| AI |N18V

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हेलो वर्ल्ड मेरा नाम अतुल सुभाष है मैं तकरीबन 34 साल का हूं बंगलोर में रहता हूं आज करने जा रहा हूं इसका कारण पांच लोग हैं पहला प्रिंसिपल फैमिली कोर्ट जज जौनपुर ता कौशिक दूसरा मेरी पत्नी निकिता सिंघानिया जो कि एक्सेंचर कंपनी में काम करती है दिल्ली में तीसरा मेरी मदर इन लॉ निशा सिंघानिया जो कि जौनपुर में रहती हैं चौथा मेरा ब्रदर इन लॉ अनुराग सिंघानिया जो कि उर्फ पियूष सिंघानिया अनुराग उर् पियूष सिंघानिया जो कि जौनपुर में रहता है पांचवा मेरे पत्नी के अंकल सुशील सिंघानिया जो कि जौनपुर में रहते हैं आज मैं
आपको बताऊंगा इस वीडियो में कि हम मेरे मेरे बूढ़े माता-पिता और मेरे भाई पर कितने केसेस डाले गए हैं हमें कैसे हरस किया गया है हमें हमसे कैसे पैसे ठने एक्ट करने की कोशिश की जा रही है कितने पैसों का मामला है और कैसे मुझे यह करने पर के लिए डायरेक्टली इंस्टिगेट किया गया है और ऐसे सिचुएशंस बना दिए गए हैं जहां पर मेरा खुद को खत्म कर देना ही सबसे सही रास्ता समझ में आता है इसमें मैं आपको यह भी बताऊंगा कि यह जो पैसों का खेल है यह कितने अमाउंट का खेल है कितने
कितने पैसों का गोरक धंधा है यह मैं उसके बाद हर किरदार का रोल बताऊंगा पांचों लोगों का और अंत में मैं कुछ अपनी आखिरी इच्छाएं भी बताना चाहूंगा इस वीडियो को देखकर आपको यह सीखने को मिलेगा कि कैसे आज कोई भी लड़की किसी भी आदमी और उसके पूरे परिवार को बर्बाद कर सकता है इस कानूनी व्यवस्था का इस्तेमाल करके और कैसे यह कानूनी व्यवस्था सिर्फ कानूनन तरीके से आदमियों के खिलाफ नहीं है बल्कि कैसे यह भ्रष्ट भी है और आपको यह सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या हम अपनी आस्था ऐसी व्यवस्था पर रख सकते हैं
मैं कोशिश करूंगा कि यह वीडियो हिंदी में बनाऊं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे समझ पाए बट बोलने के फ्लो में मैं कई बार अंग्रेजी में भी स्विच कर जाता हूं उसके लिए माफी चाहूंगा बता दूं आपको कि अभी तक तकरीबन मैंने जोड़ा है 120 से भी अधिक कोर्ट के डेट्स लग चुके हैं लास्ट ई तीन सालों में अक्रॉस ऑल केसेस और 40 बार मैं खुद इन कोट डेट्स को अटेंड करने के लिए बैंगलोर से जौनपुर जा चुका हूं इसके अलावा मेरे माता-पिता और भाई को भी अक्सर कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं एक कोर्ट
डेट अटेंड करने के लिए मुझे तकरीबन दो दिन का समय लगता है मिनिमम बेंगलोर से जौनपुर जाना वहां अटेंड डेट अटेंड करना अगले दिन और फिर वापस आना मुझे साल में 23 छुट्टियां मिलती है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या इनको केसेस से लड़ पाना किसी के लिए भी पॉसिबल है या नहीं यह बात जानकर आपको हैरानी नहीं होनी चाहिए कि अधिकतर डेट्स पर इन कोर्ट केसेस में कुछ भी नहीं होता या तो जज एब्सेंट होती हैं या लॉयर्स का हड़ताल होता है या फिर कंडोलेंस होता है कंडोलेंस का मतलब अगर उस पूरे
इलाके में पूरे जिले में कोई भी वकील पुराना नया कोई भी जज अगर उसकी मृत्यु हो जाती है तो उस दिन कोर्ट में कोई काम नहीं होता चौथा अगर कोर्ट डेट में किसी भी तरह सब लोग मौजूद भी है तो जो सामने वाला वकील है वह अगले डेट की मांग कर सकता है और उसे बड़ी आसानी से ही अगला डेट दे दिया जाएगा तो आप कोट चाहते हो अपना समय बर्बाद करते अपने पैसे बर्बाद करते हो हरस होते हो और वापस आते हो तो यह हो गई कु बात अब मैं आपको बताऊंगा कि हम पर
कितने सारे केसेस डाले गए हैं कितने केसेस चल रहे हैं तो मेरी पत्नी ने कुल नौ केसेस जहां तक मेरी जानकारी है डाले छह लोअर कोट में तीन हाई कोर्ट में एक कोर्ट मैंने हाई कोर्ट एक केस मैंने हाई कोर्ट में डाला है जूरिडिक्शन का पहला केस अगर देखें तो यह बात जान के आपको जरूर हैरानी होनी चाहिए कि मेरे ऊपर मेरे माता-पिता के ऊपर और मेरे भाई के ऊपर मर्डर 302 धारा 302 धारा 377 अननेचुरल सेक्स अ प्राकृतिक न स 498 ए 323 406 504 506 यह सारी आईपीसी की धाराए और डरी प्रोविजन एक्ट
के अंतर्गत धारा ती बा च के अंदर मुझ पर एक केस डाला गया धारा 156 बाती ऑफ आईपीसी अंतर्गत 2022 में ठीक तीन महीने बाद इस केस को वापस भी ले लिया आप अगर अंदाजा लगा पाए तो आप सोच सकते हैं कि किसी भी परिवार पर अगर ऐसी संगीन धाराए मर्डर 302 377 जिसमें बेल मिलना भी मुश्किल है अगर ऐसी धाराएं लगे तो उन पर क्या बीती होगी लेकिन हमारे सिस्टम में किसी को भी अलाउड है कि कुछ भी स डाल दे कभी भी और कभी भी वापस लेलो अब अगर बात करें धाराओं की तो
302 मर्डर मेरे मेरे माता-पिता और भाई पर इल्जाम लगा था कि हमने मेरे स्वर्गीय फादर इन लॉ से 10 लाख रुपए दहेज मांगे 2019 में और उन्हें इससे बहुत गहरा आघात लगा और उनकी मृत्यु हो गई यह भी बताना चाहूंगा कि मेरी पत्नी ने मेरी इनकम कोर्ट के अंदर 4 लाख रुप और बाद में 80 लाख रुप बताइए तो इनका इल्जाम यह है कि 10 लाख रुप की वजह से इनके पिता की मृत्यु हो गई जो हमने मांगा और मैंने अपनी पत्नी और बच्चे को 10 लाख रुप के लिए छोड़ दिया अब यह भी बताना
चाहूंगा कि मेरी पत्नी ने सीआरपीसी 125 जो कि दूसरा केस है उसके क्रॉस एग्जामिनेशन में यह कबूल किया कि उनके पिता की मृत्यु लंबे समय की बीमारी के बाद हुआ यह उन्होंने 2023 दिसंबर अक्टूबर और नवंबर में अपने क्रॉस एग्जामिनेशन में कबूल किया सच्चाई यह है कि मेरे फादर इन लॉ काफी लंबे समय से बीमार थे इसलिए हमारी शादी भी जल्दी हुई उन्हें हार्ट की बीमारी डायबिटीज ब्लड थिनिंग की दवाई लेते थे एम्स में उनका 10 साल से अधिक से इलाज चल रहा था डॉक्टर ने उन्हें बहुत कम टाइम दिया था उसकी वजह से हमारी
शादी 2019 में हुई जल्दी ठीक उसके शादी के कुछ महीनों बाद अगत 2019 में उनकी मृत्यु हो गई 2019 में शादी के बाद और यह केस जो हम पर और उनकी मृत्यु ब्लड क्लॉट ब्रेन में जाने से हुई ये केस हम पर मृत्यु 2019 अगस्त में केस हम पर 2022 में लगाया मई 2021 तक मेरी पत्नी मेरे साथ रहती थी तकरीबन पौने दो साल पिता की मृत्यु के बाद भी और यहां से जाने के तकरीबन आठ महीने बाद उन्होंने य केस डाला 2022 में तकरीबन ढाई साल बाद पिता की मृत्यु के आप खुद ही अंदाजा
लगा सकते हो यह क्या था अब बात करते हैं दूसरी धारा की 377 जो है अननेचुरल सेक्स तो मुझे नहीं पता कि मैंने कौन सा अननेचुरल सेक्स किया है हमारा बेटा है तो जरूर बट क्या अननेचुरल है इसमें मुझे नहीं पता मेरी पत्नी के पास कोई भी मेडिकल प्रूफ कोई भी मेडिकल एग्जामिनेशन कुछ भी नहीं है अब मैं बताना चाहूंगा कुछ बातें ये अननेचुरल सेक्स की बात तो दूर जो नेचुरल सेक्स होता है वह भी अंतिम छ महीने से अधिक में मेरे और मेरी पत्नी के बीच नहीं हुआ इसका कारण अगर मैं आपको बताऊंगा तो
यह है कि मेरी पत्नी चार चार पाच पाच दिन तक नहाती नहीं थी तब भी जब बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग करना है दूध पिलाना है तब भी साफ सफाई का कोई ख्याल नहीं जो उसकी आदत थी कि जो आपका आर्म पिट होता है जिसको आप बगल या काख भी बोलते हैं हिंदी में उसे तो आप अगर लेते हो तो आप सोच सकते हैं कि किसी भी आदमी को यह कितना अजीब सा गंदा लगेगा इसके अलावा मेरी पत्नी की एक्सपेक्टेशन मुझसे थी कि मैं उनके मल मूत्र के तो यह मुझसे नहीं हो पाएगा और यह मैं
नहीं कर पाऊंगा हर दिन जब वह कुछ सेक्स के लिए इनिशिएटिव रहा है आज मैं थक गया हूं तो जो एक सामाजिक धारणा है कि एक औरत को आ के पीछे आदमी पत्नी के पीछे आदमी सेक्स के लिए पड़ा रहता है और उसे सर दर्द और थकने का बहाना बनाना पड़ता है तो ऐसा औरत के साथ ही नहीं आदमी के साथ भी होता है आदमी का भी मिनिमम स्टैंडर्ड होता है सेक्स करने के लिए तो यह 377 के बारे में मैं इतना ही कहना चाहूंगा हालांकि कई सारी बातें हैं जो शायद इस पब्लिक फोरम पर
नहीं बोलना चाहिए उसके अलावा 498 ये धारा तो काफी पॉपुलर है न जाने कितने लाखों परिवारों और करोड़ों आदमियों को बर्बाद किया इसने पिछले 40 सालों में कितने लोगों ने इसकी वजह से अपनी जान दे दी फिर भी ये आज भी है इसके अलावा वही दहेज 10 लाख रुप मांगने का इल्जाम और बाकी कुछ छोटी मोटी धाराएं मारपीट धमकी देना इत्यादि ये पहला केस तो वापस ले लिया उसने दूसरा केस जो हम पर डाला उसने सीआरपीसी 125 के अंदर मेंटेनेंस के लिए यह जज रीता कौशिक के कोर्ट में दाखिल हुआ था और इसके बारे में
विस्तार से बात करेंगे हालांकि यहां पर मैं यह भी बताना चाहूंगा कि इस मेंटेनेंस केस में मेरे पत्नी की डिमांड मुझसे दो लाख रप प्रति महीने ी एक लाख रुप मेरे दो साल से कम उम्र के बच्चे के भरण पोषण के लिए और एक लाख रप अपने भरण पोषण तीसरा जो केस डाला वह एचएम ए हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13 के अंदर डिवोर्स का केस डाला यह भी ता कौशिक के कोर्ट में था यह केस उन्होंने छ महीने बाद लड़ने के बाद एक एप्लीकेशन डाला वापस लेने के लिए इसमें इन्होंने रीजन बताया कि इनके
वकील ने इन्हें गुमराह करके केस दिया इन्ह पता ही नहीं था कि यह केस कोर्ट में डाला है य यह बात जाननी जरूरी है कि मेरी पत्नी एक बीटेक इन कंप्यूटर साइंस एमबीए इन फाइनेंस एक्सेंचर जैसी मल्टीनेशनल कंपनी में एआई इंजीनियरिंग कंसल्टेंट के पद पर काम करती है सारे डॉक्यूमेंट पर मेरी पत्नी के सिग्नेचर है जो कोर्ट डेट छ महीने लगे उनमें यह आती रही वहां पर भी के सिग्नेचर और उस बीच दौरान कितने सारे डॉक्यूमेंट सबमिट हुए हैं कितने रिप्लाई सबमिट हुए हैं जहां पर वह मौजूद इसमें हमने सेक्शन 26 के अंतर्गत मैंने अपने
बच्चे से मिलने का भी आवेदन दिया जिस पर ओबवियसली कुछ भी कार्यवाही नहीं हुई और इस केस को 2022 में वापस लेने के लिए एप्लीकेशन डाला था मेरी पत्नी ने लेकिन रिता कौशिक ने इसे 2022 में ही खारिज नहीं किया 2024 तक य केस फिर भी चलता रहा और 204 में इसका जजमेंट दिया दे साते अब बात करेंगे और इसके बाद कोर्ट का समय बर्बाद करना मैंने अपने वकीलों पर इतना खर्च किया आने जाने में इतना खर्च किया कोऑर्डिनेशन में इनी माथा पची हुई लेकिन इस पर इन्ह इन पर कोई जुर्माना तक नहीं लगा इन्ह
डांट तक नहीं पड़ी ज तोय तीसरा केस हो गया चौथा केस इन्होने डोमेस्टिक वायलेंस का केस डाला मेरे मेरे माता पिता और भाई के डीवी एक्ट सेक्शन 12 के अंदर डालने के तकरीबन 2022 में उन्होने केस डाला और तकरीबन दो साल तक ना यह मेरी पत्नी ना उनका वकील इस पैरवी इस केस की पैरवी करने के लिए कोर्ट में आए और यह केस 2000 24 में कुछ महीने पहले खारिज हुआ यह मुझे ई कोर्ट एप्लीकेशन से पता चला पांचवा केस फिर से खारिज होने के बाद दो साल समय बर्बाद करने के बाद कोर्ट का फिर
से डोमेस्टिक वायलेंस का केस फ्रेश इन्होंने फिर से दाखिल किया अभी सितंबर 2024 में तो यह पांच केसेस हो गए छठा केस जो पहला केस इन्होंने वापस लिया था अब वापस से नॉर्मल एफआईआर के थ्रू फिर से दाखिल किया जिसके अंदर आपकी धाराए हैं आईपीसी के अंदर 498 ए 323 504 506 री प्रिवेंशन एक्ट के अंदर धारा बा फ दहेज लेने के लिए तो यह धाराए डालकर फिर से डाल दिया य पाच केसेस लो केसेस जो है वो लोर कोर्ट में डालो सातवा केस जो हाई कोर्ट में डाला वह सीआरपीसी 125 के केस को फास्ट
ट्रैक करने के लिए डाला हाई कोर्ट से डायरेक्शन भी मिल गया कि छ महीने में सीआरपी 125 का केस कंप्लीट किया जाए यह केस डालने का आशय यह था कि मुझे और हरस किया जाए इस डायरेक्शन को मिलने के बाद चक मुझे बेंगलोर से आना जाना पड़ता है ता कौशिक को पता है फिर भी दो दिन तीन दिन सा दिन 15 दिन ऐसे स्पीड से डेट्स लगने शुरू हो गए तो ता कौशिक ने पूरा सहयोग किया मुझे हरस करने के लिए क्यों इसके बारे में विवाद करेंगे फिर आठवा केस इसी तर्ज पर हाई कोर्ट में
डाला गया कि 498 के एक के केस को भी फास्ट ट्रैक किया जाए फिर से हाई कोर्ट ने उन्हें डायरेक्शन दे दिया कि एक साल के अंदर 498 ए के केस को खत्म किया जाए यह डायरेक्शन उन्हें जनवरी 2024 में ही मिल गया बट ट्विस्ट इसमें यह है कि इन्होंने इसका इस्तेमाल जनवरी 2024 में नहीं किया तकरीबन आठ से न महीने बाद जहां कि एक साल में ही केस खत्म करने का डायरेक्शन है आठ से न महीने बाद उन्होंने लोर कोर्ट में सितंबर 2024 में यह एप्लीकेशन लोअर कोर्ट में डाला इसका कारण यह था कि
मुझे और भी ज्यादा हरस किया जाए पहले एक केस को फास्ट किया जाए अगर दो केसेस फास्ट चल रहे हैं साथ साथ तो आप एक ही डेट को दो केस अटेंड कर सकते हो तो पहले एक केस को फास्ट करेंगे वह खत्म होगा तब जाकर दूसरे को फास्ट करा जाएगा ताकि आप हमेशा ही इस फास्ट डेट्स को अटेंड करते रहे हरस होते रहे अगर यह कानून का दुरुपयोग नहीं है तो मुझे नहीं पता आखिर क्या है कानून का दुरुपयोग यह आठ केसेस हो गए जो नौवा केस मुझे आखरी पता है कि सीआरपीसी 125 का केस
जो रीता कौशिक जज के कोर्ट में चल रहा था वहां पर उन्होंने ऑर्डर सुना दिया कि मुझे 800 हज रप प्रति माह अपने बच्चे के भरण पोषण के लिए देना है 0000 मेंटेनेंस सिर्फ बच्चे के लिए जब वो दो साल की उम्र का था तब से उससे भी कुछ कम तब से मुझे 0000 प्रति माह सिर्फ बच्चे के भरण पोषण के लिए देना है जौनपुर जैसी जगह पर यह दिल्ली बेंगलोर और मुंबई की बात नहीं हो रही है और 0000 तब से जो अरियर बन गया मेरा अब उसके अगेंस्ट तो 80000 मुझे हर महीने अपने
बच्चे के सिर्फ मेंटेनेंस के लिए देना है मैंने कोर्ट में सक्सेसफुली य प्रूफ कर दिया हालांकि मेरी वाइफ ने छुपाने की बहुत कोशिश की लेकिन मैंने प्रूफ कर दिया कि वह कमा रही है अच्छे पद पर है तो उसे मेंटेनेंस तो ना दे पाई ता कौशिक जज लेकिन उसके बदले बच्चे के थ्रू उसे बच्चे के मेंटेनेंस के लिए उसे दे दिया अब आप यह भी समझना चाहिए आपको कि यह मेंटेनेंस जो होता है यह एल मनी से अलग होता है एली मनी जो होता है वह है वह अलग होता है मतलब आखिरी में आपको बड़ा
सा अमाउंट मिलता है यह सिर्फ मेंटेनेंस की बात हो ही मेरी पत्नी के लिए यह 00 प्रति महीने का जो ऑर्डर पास हुआ है यह भी कम है तो अभी वह हाई कोर्ट में गई है कि उन्हें पैसे नहीं मिले हैं और अब वह हाई कोर्ट में जाके इस बात के लिए लड़ कि उन्हें और पैसे चाहिए तो यह था नवा केस हाई कोर्ट में जो अभी चल रहा है एक केस मैंने हाई कोर्ट में डाला है इलाहाबाद में जूरिस जिक्स के बेसिस पर सीआरपीसी 125 के जूरिस जिक्स अर्थात क्षेत्राधिकार कोट को उस क्षेत्र के
कोर्ट को अधिका ही नहीं है य केस चलाने का और यह मैंने इसलिए डाला है क्योंकि एस पर सीआरपीसी 126 इन कंटिन्यूएशन टू सीआरपीसी 125 अ वाइफ कैन ओनली फाइल केस फ्रॉम द प्लेस इफ शी मडर जनपुर वास नॉट द प्लेस व गट मैरिड दूसरा वेर हर मैट्रिमोनियल होम वास सो बेंगलोर वास द मैट्रिमोनियल होम जौनपुर वास नॉट तीसरा वेर शी लास्ट रि साइडेड विथ द हस्बैंड सो बेंगलोर वास द प्लेस वेर व लास्ट रिइड नॉ जनपुर दिस एस पर द ल अगर मैं यह मान भी लू कि औरत को थोड़ी सहूलियत होनी चाहिए कि
वह अभी जहां रह रही है वहां से कोर्ट फाइल केस फाइल करें तो मेरी पत्नी जब केस फाइल हो रहा था या हुआ उस दौरान जनपुर में नहीं रहती थी वह लखनऊ में रहती थी यह उसने अपने सीआरपीसी 125 के क्रॉस एग्जामिनेशन में भी कबूल किया और हमने नफ डॉक्यूमेंट्री एविडेंस दिए जो मैं मनी भेजता था वो उस एड्रेस से वापस आ रहा था जो बच्चे का बैंक अकाउंट खुला गया था वह लखनऊ में खुलवाया गया था उसने खुद एक्सेप्ट किया और लखनऊ में रहती थी सवाल यह भी उठता है कि एक शादीशुदा औरत जो
बोल रही है कि लखनऊ में उसके कोई रिलेटिव भी नहीं रहते तो क्यों अकेले लखनऊ में रहती है रह रही थी आखिर क्या कारण था क्यों अपने घर पर नहीं रह रही थी हालाकि बहराल बहरहाल वो लखनऊ में उस समय रह रही थी बाद में क्रॉस एग्जामिनेशन 20224 जब हुआ तब उसने कहा कि अब वो दिल्ली शिफ्ट हो गई है तो आखिर जौनपुर से केस करने का क्या औ चित्व है यह समझ पाना मुश्किल है चमत्कार यह कि हाई कोर्ट में जब मैंने और यह मैंने रीता कौशिक के कोर्ट में सबसे पहले डाला था जो
कि उसने खारिज कर दिया तो अब हाई कोर्ट में चमत्कार यह है कि ज्यादातर जज जिनके सामने कोर्ट में केस लिस्ट होता है उनका कहना है कि आप अपना मेंटेनेंस देते रहे हम यह रिजेक्ट कर देंगे वकील हमारे बेचारे हाथ पैर जोड़कर नेक्स्ट डेट लेते हैं कि नेक्स्ट जज कोई सुन ले कुछ जो जज यह बोलता है कि हम सुनेंगे तो शायद लेकिन सबसे पहले मीडिशन कराओ मेडिएशन के लिए पत्नी को पहले 5 हज रप दो इस बात के कि वो जौनपुर से इलाहाबाद आ पाए जौनपुर से इलाहाबाद की दूरी दो घंटे है बस से
तो तकरीबन तीन चार बार मेडिएशन होगा इसके लिए मुझे बेंगलोर से अलाहाबाद जाना है मेरी पत्नी पास मेंही रहती है तो उसको 00 दूंगा ऐसे तीन बार मेडिएशन पहले हो चुके हैं जो कि फेल हो चुके हैं उसके बाद भी पहले मेडिएशन होगा तब जाकर वह सुनेंगे मेरिट पर नहीं सुनेंगे हमारे वकील फिर से हाथ पैर जोड़कर अगली अगली डेट ले रहे हैं देखते हैं कि क्या होता है अब और यह केस का फैसला तो आ भी चुका है सीपी 625 का और वो जूरिडिक्शन का ऑब्जेक्शन अभी चल ही रहा तो टोटल 10 केसेस हो
गए अब मैं कवर करना चाहूंगा कुछ इकोनॉमिक्स के पार्ट का भी कि किस तरह के पैसे का डिमांड हो रहा है तो जैसा कि आपने सुना कि सीआरपीसी 125 धारा के अंदर दो लाख रप के मेंटेनेंस का डिमांड यह तो सुना ही होगा आपने इसके अलावा और भी धाराए जैसे डीवी के अंदर उन्होंने क्या डिमांड किया मैंने देखा नहीं उसके अलावा जब य केस नहीं डाले थे और सोशल लेवल पर हमारा सेटलमेंट होने की बात हो रही थी तो उनका डिमांड एक करोड़ रुपए था एक करोड़ रुप दो नहीं तो हम केसेस डाल के तुम्हें
और तुम्हारी फैमिली को रास करेंगे और तुम्हें चक्कर कटवा हमारा मानना था कि आखिर हमें कितना रास कर सकते हैं मैं पढ़ा लिखा आदमी हू और हमारे पास सारे एविडेंसेस है और गलत नहीं किया तो आखिर हमारे साथ क्या ही गलत हो सकता है बट शायद में काफी गलत था एक करोड़ की डिमांड तब थी शुरू में कोर्ट में रिता कौशिक जज के सामने भी एक करोड़ की डिमांड ओपनली की जब जज रिता कौशिक ने इंटरी हज का मेरे ढाई साल के बच्चे के लिए पास किया तब ये डिमांड एक करोड़ से तीन करोड़ होगी
अब तो 80 हज रप पर प्रति माह का और एक फेवरेबल जजमेंट ता कौशिक द्वारा दिया गया है न् तो अब यह तीन करोड़ रुपए का कितने रुपयों में तब्दील होगा मुझे नहीं पता तो यह दो लाख रुपए इन्ह चौनपुर जैसी जगह पर मेंटेनेंस चाहिए है ना और तीन तीन करोड़ रुप तो अभी तक पहुंच गया पता नहीं तो यह पैसों का मामला इस तरह के पैसों का मामला है और जब तक हम देंगे नहीं तब तक हरा करते रहे अब कहानी में बताऊं कि अगर मैं कोर्ट का ऑर्डर मान भी लो 80000 प्रतिमा देने
का मान लो तो इससे थोड़ी दिन बाद यह फिर से केस डाल सकते हैं चेंज ऑफ सरकमस्टेंस का हर तीन या छ महीने में एक पत्नी कोर्ट में फिर से डाल सकती है केस चेंज ऑ मेरा और मेरे बच्चे का खर्च बढ़या है और चकि आप 80000 दे रहे हो 0000 मेंटेनेंस लगा हुआ अभी और 0000 जो है आप अय के दे तो आप य प्रूफ कर रहे हो कि आपकी हैसियत 800 देने की है तो कप्लाई करोगे ऑर्डर आप तो 00 आपने प्रू करया आपका मेंटेनेंस 80000 हो जाएगा और फिर से कुछ अरियर लगेगा
और फिर य अमाउंट बढ़ेगा तो यह जो साइकिल है यह तब तक चलता रहेगा या तो आप बर्बाद हो जाओ हर केस लड़के या य जो बड़ी अमाउंट मांग रहे हैं वो दे दो या फिर आप अपनी जान ले लो तो यही रास्ता बचता है इसके अलावा भी य हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन के लिए भी जा सकते हैं हर केस के लिए तो कई सारे रास्ते तोय पैसों का मामला हो गया अब बात करेंगे हर किरदार की तो सबसे पहले बात करते हैं जज रीता कौशिक की जो जौनपुर में प्रिंसिपल फैमिली कोर्ट
जज है तो रीता कौशिक जज जो है ये सिर्फ भ्रष्ट ही नहीं है करप्ट ही नहीं है यह इनकमिटेंट भी जिन्ह अपना काम नहीं आता और इवल जज है यह मैं आपको बताऊंगा कैसे है तो रीता कोशिक के कोर्ट में जो करप्शन शुरू होता है ना वह 50 रप से शुरू होता है इनके कोर्ट में एक पेशकार है उसका नाम माधव है यह जज की ठीक बगल में बैठता है वहीं पर और यह जो माधव है य हर किसी से चाहे वह बूढ़ा हो आदमी हो औरत हो गरीब हो मर हो सबसे ही पैसे लेता
है जनरली 50 रप लेता है ज्यादातर लोगों से बट हम जैसे जो मोटे मुर्गे हैं जो बेंगलोर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और ठीक ठाक पैसे कमाते हैं उनसे इनकी डिमांड 00 से लेकर हज तक होती है नेक्स्ट डेट देने के लिए तो ये जो नेक्स्ट डेट मिलते हैं इसमें अगर हमने लंबी डेट मांगी कि हमें बारबार आना जाना पड़ता है या फिर हमने शनिवार की डेट मान ली कि उस दिन हमारी छुट्टी होती है और हम को डेट अटेंड करेंगे तो हमारा एक दिन बच जाएगा ऐसी चीजों के लिए उसे 500 से 000 चाहिए आप
गिड़गिड़ा है वहां पर और यह भी आराम से नहीं देंगे आपके साथ मस्ती करके देंगे इनका ऑन एक्सप्रेशन होता है कि आपको हम बुधवार ही दे पाएंगे शनिवार तो नहीं हो पाएगा या फिर इतनी लंबी ज नहीं सात दिन में 15 दिन में ही देंगे दो दिन में ही देंगे आप इनसे सर सर करके काफी गिड़गिड़ा होगे और पैसे दोगे तब जाकर कहेंगे आपकी बात मान ले अगर सामने वाले वकील ने या मेरी मदर इन लॉ ने वहां पर अगर बोल दिया तो फिर वो आप पैसे देने के बाद भी आपको नहीं मिलेंगे आप और
रास हो तो ये कोर्ट में गीता कौशिक जज के सामने ही पैसे लेता है यह मैं बताने की कोशिश कर रहा हूं इसके अलावा जौनपुर कोर्ट में बड़ी सार्वजनिक सी बात है कि ये जो रीता कौशिक जज है और इनके पति जो है वो भी जहां तक मेरी जानकारी है जौनपुर कोर्ट में हैं या थे यह दोनों ही घूस लेकर जजमेंट देते हैं ये एक आम सार्वजनिक बात आप सुन सकते हैं जौनपुर कोर्ट में अब इनके पति के बारे में मुझे नहीं पता मैं उनके इसमें नहीं गया और मैं उन पर यह इल्जाम अभी नहीं
लगाना चाहूंगा बिना किसी जानकारी के लेकिन रीता कौशिक जज जो है वोह करप्ट है यह मुझे पता है क्योंकि उन्होंने खुद मुझसे घूस के पैसे मांगे अब मैं आपको यह भी बताऊंगा कि कैसे क्यों मैं सुसाइड कर रहा हूं कैसे एक्सप्लिसिट इंस्टिगेशन ऑफ सुसाइड हुआ जज के सामने हुआ जज का इलिसिट अप्रूवल है उसे इसके लिए तो मैं डेट्स के साथ ही बताना चाहूंगा काफी सारा प्रूफ को जो कोई अगर टेंपरिंग करने की कोशिश करेगा डॉक्यूमेंट तो मेरे पास सारे सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट है तो कोड के डॉक्यूमेंट के साथ और फाइल के साथ कोई छेड़खानी ना
करें मेरा यही सजेशन है नहीं तो य यह तो और भी अपराध होगा तो 21 मार्च 204 को मेरा क्रॉस होने के पहले लंच लंच के बाद सेकंड हाफ में क्रॉस होता है जनरली जनपुर कोर्ट में ता कौशिक के कोर्ट में तो तो मैं जाकर बैठा था लंच के टाइम पर उसके बाद क्रॉस होना था मेरा मुझे जब मैं गया कोर्ट में तो अंदर बुलाया गया अंदर बुलाया तो मैंने देखा कि मेरी पत्नी पहले से ही अंदर है और जज ने बोला कि तुम ये कोर्ट के केसेस सेटल क्यों नहीं कर लेते मैंने बोला कि
मैम इन्होंने आपके जो 200 हज के इंटरी मेंटेनेंस का ऑर्डर है उसके बाद इ पहले एक करोड़ मांग रहे थे अब तीन करोड़ मांग तो इस पर जज का रिप्लाई यह था इसका मतलब कि तुम्हारे पास तीन करोड़ होंगे तभी तो मांग रही मैं बिल्कुल ही शौक सुनके की कैसे य बोल सकती ह बट और भी शॉक होना था मुझे उसके बाद मैंने बोला कि मैडम यह इसने मेरे मां बाप भाई सब पर मुझ पर इतने सारे मुकदमे डाल रखे हैं ये पिटीशन आप पढ़ के देखो सारी गलत सारे गलत इल्जाम लगा हैं तो जज
का कहना था कि तो फिर क्या हो गया तुम्हारी पत्नी है अगर तुम पर गलत केसेस डाल भी दिए तो क्या हो गया ऐसे ही होता है है ना यह सुनकर मैं और भी शौक था मैंने फिर बोला कि मैम अगर आपको पता नहीं तो लाखों लोग इन गलत केसस केसेस की वजह से लाखों आदमी सुसाइड करते हैं यहां पर मेरी पत्नी बोलती है कि तो फिर तुम क्यों नहीं कर लेते और यह सुनके वो जज हस पड़ती है यह तो सुनने के बाद मैं स्पीचलेस ही था मैं चुपचाप खड़ा था फिर जज ने मेरी
पत्नी को बाहर जाने को बोला और मुझसे बोला कि देखो यह केसेस तो ऐसे ही चलते हैं सारे केसेस ऐसे ही डाले जाते हैं झूठे होते हैं सबको पता है लेकिन सिस्टम ही यही है तुम इसे सेटल कर लो मैं तुम्हारे सेटल करवा देती 5 लाख रुपए तुम दो मुझे और मैं तुम्हारा केसे सेटल करवा दूंगी इसी कोर्ट में नहीं तो जीवन भर इसी कोर्ट के इन्ही कोट्स के चक्कर तुम और तुम्हारी पूरी फैमिली काटते रहेगी और काटते रहो यह सुनने के बाद तो मैं मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई एक जज ओपनली मुझ से
घूस मांग रही है डायरेक्टली मैंने कहा मैम आप हमारा जजमेंट मेरिट पर दो मेरे पास हमारा क इसका क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ जिसम इतनी सारी चीज प्रूफ हो रही है मेरा क्रॉस एग्जामिनेशन अब खत्म होने वाला है एविडेंसेस है मेरे पास इतने है ना तो बोली ठीक है हम तुम्हारा केस जो है मेरिट परही लड़ेंगे देख लो जाओ मैं बाहर आया क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ और फिर मैं वापस आ गया मुझे समझ में नहीं आ रहा था मैं क्या करूं मैंने कई लोगों से पूछा अब मैं आपको यह भी बताना चाहूंगा यह 2024 का जो डेट बताए
ये पहली बार मुझसे घूस नहीं मांगा गया था जब यह शुरू शुरू में जज आई थी तब पेशकार ने मुझे अपना नंबर दिया था और मुझे कॉल करने को बोला था कि आप इतनी दूर से आते हो तो आपका आपको इतनी परेशानी होती है हम कोशिश करेंगे कि आपका आपको इतना दौड़ना नहीं पड़े मैंने उसको फोन किया तो उसने पेशकार माधव ने मुझसे न लाख रुप मांगे कहा कि हम जज से बात कर लेंगे और हम आपका केस सेटल करा देंगे यह 2022 में जब शुरू शुरू में जज आई थी तब मुझे पेशकार ने मांगे
थे तब मेरा मानना था कि शायद यह पेशकार खुद पैसे खाने के चक्कर में और मुझे मेरा पैसा खा जाएगा तो मैंने उसे भी कहा था कि नहीं हमारे पास बहुत एविडेंस है हमारे पास तीन लाख रप नहीं है देने को हम देखते हैं लेकिन उसके बाद जोब हुआ अब मैं अगर वापस जोड़ने की कोशिश करूं तार तो मुझे लगता है कि तब भी जज का ही हाथ था क्योंकि उस कॉल के बाद जब मैं गया तो जज ने का बिहेवियर यह था कि मैं तुरंत अब इंटरी मेंटेनेंस का ऑर्डर पास करूंगी तब हमने जूरिस
क्शन का एप्लीकेशन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एप्लीकेशन डाला हुआ था मेरी वाइफ ने जो रजनीश वर्सेस ने एफ डिफीट होता है अकॉर्डिंग टू सुप्रीम कोर्ट डायरेक्शन इंटर मेंटेनेंस का ऑर्डर पास करने के पहले आपको रजनीश वर्सेस नेहा एफिडेविट का कंप्लायंस करवाना पड़ता है नियम य कि पहले पत्नी को अपना अपनी आय अपना आय का स्त्रोत और लायबिलिटी एसेट्स यह अपनी डिक्लेयर करने पड़ते हैं रजनीश वर्सेस नेहा फर्मेट में फिर हस्बैंड को कुछ हफ्ते टाइम मिलता है और उसे सबमिट करना पड़ता है तब इंट मेंटेनेंस डालना पड़ता है उस वाक्य के बाद जब मैंने घसने से कर
दिया पेशकार को 2022 में तब जज का यह रवैया था कि और ऐसा भी नहीं कि मैं बहुत डिले कर रहा था कुछ मार्च अप्रैल में कुछ हमारा फर्स्ट अपीयरेंस था मैं पहले टाइम पहली बार नोटिस के बाद ही अपीयर हो गया था और कुछ महीनों बाद ही यह वाकया हुआ है तो उस समय हमने ऑब्जेक्शन डाला मेरी पत्नी ने जहां अपना सारा डिटेल भरना है व सब कुछ मेरा डिटेल भरा जैसे कि मेरी आय उसके हिसाब से क्या है मेरे एसेट उसके हिसाब से क्या है मेरी फैमिली के एसेट्स उसके हिसाब से क्या है
अपनी जानकारी की जगह मेरी जानकारी भरी अपनी कोई जानकारी नहीं भरी उसने अपना एजुकेशन क्वालिफिकेशन भी गलत भरा जो मैंने बाद में प्रूफ किया कि वो ग्रेजुएट नहीं पोस्ट ग्रेजुएट है बट उस पर भी कोई कारवाई नहीं हुई जज ने सिंपल बोला कि मैं तो इंटरम ऑर्डर पास कर रही हूं विदाउट कंप्लायंस और कोई हमारे एप्लीकेशन पर कोई कारवाई नहीं की और इंटरम ऑर्डर पास तो अब मुझे ऐसा लगता है कि यह जो हमने तब पैसे नहीं दिए थे है ना और उसकी वजह से यह रवैया था सिर्फ हमें 10 दिन का टाइम दिया जो
अपना तो हमने फटाफट फिर अपना इंटर मेंटेनेंस के अगेंस्ट एप्लीकेशन दिया हमने रिटन स्टेटमेंट फाइल किया ए लेकिन मेरी वाइफ का रजनी स कंप्लायंस नहीं हुआ मेरा नहीं हुआ उन्होने ऑर्डर पास कि और अपने ऑर्डर में झूठ लिखा कि इनफ अपॉर्चुनिटी दी गई है हमें र सोर्सेस ने य फाइल करने के लिए जबक वो कुछ ही डेट्स हुए थे तो ऐसा भी नहीं है कि एनफ टाइम मिला था अब यह हो गई करप्शन की बात है ना तो यहां पर आपको जानने को मिला कि कैसे करप्शन में 50 से करप्शन शुरू होता है जज के
सामने मेंही कैसे पेश का जज के बिहा पर पैसे मांगता है जज खुद पैसे मांगती है है ना और नहीं देने पर कैसा हरासमेंट करती है और कैसे जौनपुर में सार्वजनिक बात है ये करप्ट अभी सिर्फ करप्शन की बात हुई है अब मैं इनकमिटेंट की भी बात करूंगा तो सबसे पहले तो आपको बताया कि सारे हमारे खारिज हो गए रजनी ससे ने य कंप्ला नहीं किया जोक सुप्रीम कोर्ट का डायरेक्शन है अब एक कॉमन सेंस है हर किसी को पता होता है कि एविडेंस जो है क्रॉस एग्जामिनेशन के पहले सबमिट होता है कुछ भी तो
कोई भी डॉक्यूमेंट है एविडेंस है वो सबमिट करो फिर वो दूसरे वकील के साथ शेयर होता है और उसके बेसिस पर क्रॉस एग्जामिनेशन होता है ज्यादा से ज्यादा कोई वकील ओवर स्मार्ट बन रहा है तो वहीं पर क्रॉस एग्जामिनेशन के वक्त कटघरे में वो डॉक्यूमेंट दिखाता है बंदे को और उसको सरप्राइज करके कुछ क्वेश्चन पूछता है ज्यादा से ज्यादा य होता है कोर्ट उसे अला कर सकती है डिसला कर सक है ना लेकिन महान ता कौशिक कोर्ट के के कोर्ट में ऐसा कुछ भी नहीं होता पहले क्रॉस एग्जामिनेशन विदाउट एड एक भी एविडेंस के बिना
और उसके बाद क्रॉस एग्जामिनेशन में सारा का सारा पूछ लो उसके बाद कोई भी एविडेंस जमा कर सकते हैं तो आप यह सोच सकते हो कि अब वो एविडेंस जमा हुआ है जो अब उस पर फिर से क्रॉस एग्जामिनेशन तो कोई कराएगा नहीं क्योंकि ऑलरेडी हराप तो वो एविडेंसेस पर कुछ क्रॉस नहीं होगा है यह इनके तरीके हैं उसके अलावा जब यह एविडेंस सबमिट हो मतलब क्रॉस एग्जामिनेशन हो गया उसके बाद एविडेंस सबमिट होता है आदमी का ऑर्डर आना है है ना फाइनल समरी जो भी बहस होगी वकीलों की और उसके बाद ऑर्डर आना है
तो यह क्रॉस एग्जामिनेशन के बाद क्रॉस एग्जामिनेशन के बाद मैं बताऊंगा कौन सा डेट है 22 अप्रैल 20224 को क्रॉस एग्जामिनेशन के बाद वाले डेट पर सेकंड हाफ में सारा का सारा एविडेंस ज करना होता है फर्स्ट हाफ में ही मेरी पत्नी का वकील मेरा रजनी वर्सेस नेहा का कंप्लायंस नहीं इसके लिए एप्लीकेशन डालता है और उसमें डिमांड करता है कि मेरी कंपनी में से डिटेल मंगाई जाए मेरी अब यह मेरी नौकरी के साथ खेल र मेरे लाइवलीहुड के साथ खेल र है और अभी सबमिट हुआ है एप्लीकेशन और वहीं पर जज यह ऑर्डर दे
देती है मेरे वकील को दो ऑप्शन देती है कि या तो रजनी वसेस नेहा कप्लाई करो सिर्फ मैं सिलेक्टिवली और नहीं तो मैं ये एप्लीकेशन एक्सेप्ट कर देती हूं मेरे वकील ने ऑब्जेक्ट किया कि हमारा ऑब्जेक्शन प कोई एक्शन नहीं हुआ है लड़की ने नहीं भरा है रनी सने प्रॉप जज ने वही पर ऑर्डर कर दिया की गो अहेड जबक प्रोसेस यह है कि रिप्लाई फाइल करने का हमें टाइम मिलना चाहिए रिप्लाई फाइल करने के बाद उसे जो भी डिसाइड करना है वो करेंगे हम रिप्लाई फाइल करने का भी टाइम नहीं दिया मैं पहुंचा दौड़ा
दौड़ा जब वकील ने फोन किया सेकंड हाफ में ने वेमेंटली इसको अपोज किया मेरे लॉयर्स ने भी अपोज किया कि यह रिप्लाई फाइल करने का भी आपने टाइम नहीं दिया है है ना जज का कहना है कि तुम्हारे वकील ने बोला कि भाई मैंने बोला ऑप्शन दिए उसने फर्स्ट ऑप्शन चूज नहीं किया मैंने यह इस लेवल पर बायस है जज का क्योंकि मैंने पैसे नहीं दिए उस दिन मेरी मदर इन लॉ भी थी और हम वी शाउटेड एट द जज की हमारा जो 2022 का र सोर्सेस नेहा का ऑब्जेक्शन है उस परे कोई तुमने काम
नहीं कि तो ओपनली जज बोलती है कि मुझे उस पर कोई काम करने की जरूरत नहीं है मैंने पूछा कि क्या यह लॉस सिर्फ हस्बैंड के लिए है या दोनों के लिए हस्बैंड या वाइफ के लिए तो उसने ओपनली कोर्ट में बोला कि सिर्फ हस्बैंड के लिए जो करना है कर लो तो जो पहले हमें पता था कि सिर्फ बायस होता है और दिखता ही है बस लेकिन अब ये बोल भी रहे हैं ओपनली हम जो करना है मन में आएगा हम करेंगे मेरी मदर इन लॉ यली उस दिन वहां पर थी तो वो हंस
रही थी उसने जब मैं बाहर निकल रहा था तो उसने मुझे टंट किया कि तुमने सुसाइड नहीं किया पिछली बार तुमने बोला था सुसाइड करोगे अभी तक जिंदा हो मैं तो इस बार आई थी कि कुछ ऐसे सुसाइड का तुम्हारा आएगा मामला और मैं बस जो भी एक आदमी फ्रस्ट्रेशन में पैर पटकता हुआ निकल सकता है क्योंकि हम तो भाई लॉ बाइडिंग लोग है ना तो हम तो कुछ कर नहीं सकते पैर पटकता बाहर निकल गया और परेशान होता रहा और काफी सोचा मैंने और मैंने अब यह समझ में मुझे आया कि शायद मेरी पत्नी
और मेरी मदर इन लॉ और ये जज जो चाहते हैं वह शायद सही है कि मैं अपनी जान ले लू और इसी से शायद सब कुछ बंद होगा तो ठीक है ये स्टेप मैं लूंगा जो मेरे कर्तव्य है अपनी फैमिली के माता-पिता भाई के लिए एट वो मैं कंप्लीट तब से कर रहा हूं और अब आई थिंक अपने सारे काम निपटा चुका हूं तो अब मैं अपनी जान ले सकता हूं और यही सही रास्ता है जब तक मैं जिंदा रहूंगा तब तक मेरे मां-बाप को और भी हरस करते रहेंगे मेरे भाई को और हस करते
रहे इससे अच्छा है कि य मैं खत्म कर तो आपको समझ में आया कि कैसे करपट भी है इनकमिटेंट भी है कुछ सुप्रीम कोर्ट के डायरेक्शन ल प्रोसेसेस प्रोसीजर कुछ भी नहीं मानना और यह इवल है या नहीं है मैं आप छोड़ता हूं ज तो यह कहानी थी जज रीता कौशिक जी की अब बात करता हूं मेरी पत्नी निकिता सिंघानिया मेरी मदर इन लॉ निशा सिंघानिया ब्रदर इन लॉ अनुराग उ यूष सिनिया जो दया का पात्र भी है यह तो इसे इसकी मां और बहन हमेशा से नालायक नकारा ऐसा बोलते रहे बताऊंगा और क्या-क्या इसके
बारे में सोचते हैं जब इसके पिता मरे तो ये वहां पिता के पास भी नहीं था इसे इसके मामा के यहां भेज दिया गया था काम करने के लिए घर से निकाल के क्योंकि इसके पिता के साथ इसकी हाथापाई हो गई थी तो ये आखरी बार जब पिता से मिला था तो लड़ के गया था और जब वापस आया तो पिता थे नहीं कुछ महीनों बाद क्योंकि इसके पिता भी इसे नालायक समझते थे और इसे अपने बिजनेस में कुछ इसके डिसीजन को नहीं मानते थे कक भरोसा नहीं था उस पता नहीं यह इसके डी मन
इसका कभी पछा नहीं छोड़ेंगे तो मुझे लगता है य दया का पात्र और इसमें इसके कहानी में इसके ताऊ और या फिर मेरी मेरी पत्नी के अंकल सुशील सिंघनी जो 70 साल के ऊपर का आमी जैसे परिवार का मुखिया होना चाहिए अपने छोटे भाई के मरने के बाद उसका क्या रोल था इस सब में और कैसे मुझे और मेरी फैमिली को इसने भी हरस किया यह भी बताएंगे तो अब मैं बताऊं कि मेरी शादी 2019 में अप्रैल में हुई थी मेरी मुलाकात इस फैमिली से शादी कॉ के थ्रू हुई थी जनवरी 2019 में हमारा इंगेजमेंट
हुआ था इंगेजमेंट के दौरान और शादी के पहले तक मेरी पत्नी बहुत ज्यादा बोलती नहीं थी फोन पर जब बात होती थी हमारी और काफी सोच समझ के जवाब देती थी है ना तो मैं चक काफी बातें बातें करने वाला बंदा हूं तो मैं हमेशा सोचता था कि यह तो एक समझदारी का सूचक है एक विजडम का मार्क है कि कोई लड़की कम बोल रही है और सोच समझ के बोल रही है तो शी इ वाइज ब सचा य है कि जो मेरी पत्नी ने मुझे खुद बताया कि इनकी भाभिया मां इत्यादि लोगों ने इसे
समझाया कि शादी के पहले कम बात करो नहीं तो शादी टूटने के चांसेस होते हैं अब मुझे समझ में आता है कि ऐसा क्यों बोलते हैं क्योंकि अगर लड़की ज्यादा बोलेगी तो सच पता चल जाएगा शादी के पहले अप्रैल में हमारी शादी हुई क्योंकि इसके पिता को डॉक्टर ने कम टाइम दिया था शादी के बाद हम दो दिन के लिए मेरे मां-बाप के का घर जो बिहार में है वहां पर गए दो सिर्फ थे वहां पर मेरे पास टिकट है बेंगलोर उसके बाद कभी बिहार नहीं गए क्योंकि बाद में कोरोना हो गया बच्चा था पेट
में नौकरी थी और कोरोना था तो उसके बाद नहीं जा पाए है ना मां यहां आ गई तो सिर्फ दो दिन रहे मेरे मेरा भाई सिर्फ दो दिन वहां पर मिला है इसता से और इसने अपने सीआरपीसी 125 के क्रॉस में भी कबूल किया मेरे भाई पर भी मारपीट दहेज और मर्डर का केस है मेरे पिताजी जो चलने में उनको दिक्कत होती है पूजा पाठ करने वाले आदमी भगवान पर बहुत भरोसा उ दो दिन वहां पर मिले घर पर शादी के बाद और दो दिन जब इनके पिता की मृत्यु हुई थी तो जौनपुर में गए
सिर्फ चार दिन इससे मिले उन पर भी मर्डर दहेज मारपीट का इल्जाम और केसेस तो यह है ठीक है अभी यहां फिर दो दिन रहने के बाद बेंगलोर आ गए फिर हम मॉरिशस गए हनीमून के लिए जहां पर मुझे पता चला कि यह तो शादी ही नहीं करना चाहती थी है ना और कैसे इनके परिवार वालों ने इसे समझाया कि पिता की तबीयत खराब है तो शादी कर लो तो उसने शादी कर ली और यह पढ़ी लिखी लड़की है तो पता नहीं मुझे क्यों किया शादी इसने मैं तो शौक था सुनके कमाल हो गया वहां
पर भी इनके कारना में थे मॉरिशस में भी है ना और कई बात पर हमारा वहां पर भी लड़ाई हुआ है ना जैसे कि सामान खो देना बस छोड़ देना और हसना उसके बाद वापस आए मैं जो हस्बैंड कर सकता है जितना प्यार दे सकता है है ना इनको ऑफिस पहुंचाने जाता था 13 अपने बाइक पर बेंगलोर में काफी ट्रैफिक होता है फिर वहां से अपने ऑफिस काम करने आता था फिर शाम को इनके ऑफिस जाता था लेने के लिए और फिर वहां से वापस आता तो डेली तकरीबन 50 किलोमीटर साइकिल चलाता था मोटरसाइकिल चलाता
था और ऐसे करके जो भी मैं कर सकता हूं किया फिर थोड़ा थोड़ा इनका नेचर पहले से बदला फिर यह प्रेगनेंट हुई उनके पिता की मृत्य हो गई तब और भी थोड़ा सा नीचे ठीक हुआ इनकी नौकरी चली गई क्योंकि इनका डिसिप्लिन इशू था वो मेल्स भी है मेरे पास उसके बाद चीजें बहुत ही गंदी हो गई उसके बाद इन्होंने घंटों घंटों नौकरी जाने के बाद अपनी मां से बात करना शुरू किया इसकी मां ने इन्ह चीजें समझाने शुरू की उसके बाद इनके दोस्तों का जो सर्कल है उनसे बात दिन करती थी दिन भर कोरियन
ड्रामा देखती थी कोरियन रोमांटिक ड्रामा उनका एक्सपेक्टेशन था कि मैं जो है ना कोरियन आदमी जैसा हो जाऊं मैं इंडियन आदमी हूं और मैं ऐसे ही ठीक हूं थैंक यू मुझे कोरियन आदमी नहीं बनना काम धाम भी करने होते हैं आदमी को जिंदगी मूवी नहीं अगर जिनको ऐसा लग रहा हो कि हम अपनी पत्नियों से यहां पर शहरों में प्रताड़ित करते हैं और काम कराते हैं उनको मैं यह बताना चाहूंगा कि भाई हमारे पास यहां काम करने के लिए हाउसमेड होती अम्मा आती थी काम करने के लिए कुक होता है है ना तोय जो अम्मा
आती है यह बर्तन धोने से लेकर झाड़ू पछा लगाना ब चेंज करना कपड़े धोना बाथरूम साफ करना सारा काम करती जो कुक है वो खाना बनाता है तो आपको कुछ करना है सिर्फ इतना काम करना है कि डॉक्टर ने आपको हेल्दी खाने को बोला वो खाना है डॉक्टर ने आपको थोड़ा फिजिकली एक्टिव होने को बोला है क्योंकि वो जो नली होती है बच्चे का बच्चे को जिसे न्यूट्रिशन मिलता है मां से उस नली से खून कम जा रहा था यह रिपोर्ट में आया था और डॉक्टर ने बोला था आपको फिजिकली एक्टिव होना है और हेल्दी
खाना है उसी से वो ठीक होगा तो हम मेरी मां दिसंबर में आ गई थी ख्याल रखने के लिए सालों बाद हमारे घर में कोई बच्चा होने वाला था मेरे पापा चल नहीं पाते ठीक से लेकिन फिर भी उन्होंने मेरी मम्मी को भेजा कि जाकर ख्याल रखो मेरी मम्मी आने के बाद सब कुछ और काम जो होता है पूजा होती है है ना वो सब होने लगा इनकी मां का कहना यह था कि अच्छा कोई काम नहीं करना है य टहलने के लिए मैं मेरी मम्मी साथ जाने के लिए तैयार है तब भी नहीं जाना
हेल्दी खाना नहीं खाना मेरी मां वेजिटेरियन है ना मैं ज्यादा ही मॉडर्न बन गया था एक वक्त प और मेरी मां के आने के पहले तो घर पर भी अलाउ होता था मैंने घर पर अलाउ किया था कि चलो ठीक है तुम्हें अच्छा लगता नॉनवेज खाना तो खाओ मेरी मां आने के बाद घर में तो ओबवियसली नॉनवेज नहीं बना सकते तो यह बाहर से नॉनवेज मंगाती थी तो जैसे चिकन खाया इनकी आदत है कि डस्ट बिन में नहीं फेंकें खाली में नहीं रखेंगे वही हड्डी कोने में फेंक देंगे अब आप सोच सकते हैं कि मेरी
मां वेजीटेरियन है तो अगर वो हड्डी ऐसे देखेगी ओपन ऐसे तो उसे कैसा लगेगा क्या झगड़ा नहीं होगा क्या यह करना जरूरी है क्या आप डस्ट बिन में नहीं फेंक सकते अगर मंगा भी रहे हो तो कोई भी पूजा पाठ हो रहा है तो मेरी मां ने जैसे इसे एक साड़ी या कोई एक दो ड्रेस दी है ना चांदी का सिक्का दे दिया तो इनकी मां का कहना था कि बाकी लोगों को छोटी छोटी पूजा में छह छह ड्रेस मिलती है छह छह साड़िया मिलती है और सोने का एक सेट मिलता है तो हर छोटी
पूजा पन का एक्सपेक्टेशन है कि छह छह ड्रेस देंगे और सोने का सेट देंगे हम है ना ये इनको सिखाती थी इन्ह सिखाती थी कि शुरू से जब तक तुम काम नहीं करोगे ना जब मेरी मां यहां नहीं थी और इनको उल्टी ती मैंने अपने हाथ से इनको उल्टी साफ किया है ना जो भी एक हस्बैंड को करना चाहिए प्रेगनेंट औरत का जो ख्याल रखना चाहिए जो एक कर सकता है आदमी कर रहा है है ना अ जो भी बेस्ट मेडिकल केयर हो सकता हम पर ये भी इल्जाम है कि हम इनको खाना पीना नहीं
देते थे और दवाइया नहीं देते थे मेरा जो बेस्ट है बेंगलोर का हॉस्पिटल वहां मेरे बच्चे की डिलीवरी हुई है जो दवाइयां जितने दवाइया हो सकती है टेस्ट हो सकता है क्या करीबन दोढाई लाख रुप हमारी खाली डिलीवरी में पैसा खर्च हुआ है जो कि मुझे नहीं लगता है कि इंडिया में ज्यादातर लोग खर्च कर पाते हैं बेस्ट मेडिकल केयर बेस्ट फूड हो सकता है सब कुछ दिया है किसी चीज की कमी फिर भी हम कि हमने खाना नहीं दिया और इन्ह दवाइया नहीं द इनका जो इनकी माने क्या बताती थी कि उनके घर पर
पूरे खानदान में किससे क्या झगड़ा हो रहा है क्या प्रॉब्लम है य सारा का सारा मेरे बेडरूम में अपनी प्रेग्नेंट बेटी को बता र क्या एक प्रेगनेंट लड़की को इतना नेगेटिव कुछ जानना चाहिए प्रेगनेंसी गुड फॉर चा बट इनकी जो फ्रेंड सर्कल है इनम मैक्सिमम लोगों का तो डिवोर्स हो चुका है या डिवोर्स हो रहा होने वाला है या फिर शादी नहीं करनी शादी हो गई तो बच्चे पैदा नहीं करने तो यह इनका फ्रेंड सर्कल था है ना तो यह सब कहानी है मेरी मां य उसके बाद फिर बच्चे का जब डिलीवरी हो गया उसके
बाद वो पूजा होती है एक महीने बाद तो उसमें इसकी मां भाई आए मेरा घर वन बीएच के का है एक बेडरूम और बाहर हॉल किचन वहां मेरी मां सोती थी तो हमने इनके लिए पास में एक होटल में ठीक ठाक होटल में तकरीबन दोढा हजार तकरीबन उसका भारा पडे का था वहां पर इन्हें रखवाया ये लोग जो जौनपुर में इनका घर तबेले के पीछे है है ना उनका पुष्प पनर तबेले के पीछे जिससे इनको शर्म आती है वो लोग ये होटल में आके जो कि काफी नाइस है है ना उसमें इनको प्रॉब्लम है कि
ये कैसे होटल में हमें ठहरा दिया है और अच्छा होटल क्यों नहीं कराया हम जो अपने बच्चे को चढ़ा रहे हैं पूजा में दे रहे हैं खिलौने गिफ्ट कपड़े वो इनके हिसाब से अच्छे नहीं है जो मेरी मम्मी ने बच्चे के लिए दिया वो बनवा के लाई थी बच्चे के लिए मेरे घर से वह सब इनको अच्छा नहीं लग रहा है कम लग रहा है जो कि आप मेरे य गेस्ट हो आपका तो बनता भी नहीं है बोल मेरी मां खाना बना रही है यहां पर इनके आने के बाद है ना और खुद बना के
खिला रही है बाहर से जो मंगा सकते हैं मंगा रहे हैं उसमें यहां पर इनका इल्जाम है कि हम इनको बासी खाना खिलाया इस बात के लिए लड़ाई मेरी मां बहुत दुखी थी मैं बहुत दुखी था लेकिन चलो यह सब हो गया उसके बाद फिर यह लोग गए मेरी मां मेरी मदर इन लॉ ब्रदर इन लॉ यहां से उसके ठीक दो दिन बाद कोरोना का लॉकडाउन शुरू हो गया फर्स्ट कोरोना का लॉकडाउन अब उस कोरोना के लॉकडाउन में ना तो बाई आ सकती है काम करने वाली ना ही कुक आ सकता है मेरी वाइफ बोल
रही है कि बच्चा मुझसे नहीं संभालेगा समय में मैं नहीं संभाल सकती मुझे अपनी नौकरी भी करनी है इनके पास नौकरी नहीं लेकिन बच्चा नहीं संभाल सकती अब मैंने किसी तरह से पास में कोई औरत थी जो पास में घर है तो सुबह सुबह जब कोरोना का सामान अमान ने के लिए खुलता थोड़ा टाइम तो फिर वो आती यहां पर है ना सुबह 7:8 बजे और रात को 8 बजे चुपके से जाती थी घर और हमारा बच्चा संभालने में मदद किया उसने बहुत तो उस समय बच्चा अब उस समय चक कुक नहीं आ रहा है
और बाई काम करने वाली नहीं आ रही है तो इसकी मां इसे सिखा रही कि अभी जैसा सिस्टम बन जाएगा काम करने का वैसा ही हमेशा रहेगा तो यह कोई काम नहीं करती थी दिन भर ये कोरियन मूवी मां से बात करना सोना मस्त और कोई काम नहीं करना तो सुबह मुझे उठके झाड़ू पोछा लगाना है बर्तन धोना है है ना बाकी साफ सफाई करनी बाथरूम धोना है है ना उसके बाद अगर बाई नहीं आ पाई उस समय तक तब बच्चे को नहलाने में मदद करना है है ना कपड़े धोने में डालने है एक सुखाना
है है ना समेट का समेटने का काम ये खुद करती थी क कि अगर मैंने समेट के ठीक से नहीं रखा अगर थोड़ा सा भी इधर उधर हो गया कपड़ा तो फिर उस पर भी महाभारत होती थी तो ये समेट कपड़े समेट थी और इस पर भी बाद में यह इशू बनाया कि कपड़े तो खुद अपने समेट के नहीं रखता था और खुद तो अपने कपड़े लेता नहीं था क्योंकि मैं कपड़े अगर खुद अपना पहन रहा हूं कुछ गड़बड़ हो गया तो फिर से प्रॉब्लम मैं अगर पहनाऊ कुछ तो वो अच्छा नहीं लग रहा है
मुझ पर वो भी प्रॉब्लम तो मैं अलाव करता था कि भाई कपड़े तुम ही दे दो मैं भी पहन लेता हूं इस बात पर भी काफी हमें सुनाया गया है है ना और फिर मुझे इन सब काम करने के बाद फिर खाना नहीं बनाएंगे तो नाश्ता लेके आना है या तो बाहर से या तो ऑर्डर बाहर से करना है राइट मैं खुद अच्छा खाना नहीं बना पाता हूं कोशिश की लेकिन अच्छा नहीं लगा तो दैट्ची में बच्चे का डाइपर ये बीच में नीचे फेंक देंगे अब वो बच्चा थोड़ा जब बड़ा हुआ तो वो नीचे चलने
लगता है अपने हाथ पैर प राइट तो वो गंदगी में लौटेगा वो डस्ट बिन सामने रखा है लेकिन डस्ट बिन में नहीं रखेंगे तो मुझे वो जितनी बार भी वो नीचे फकेग उतनी बार पोछा लगाना है और तब डस्टिन में फेंकना है अगर मैं कुछ बोल दू कि क्यों नहीं डस्ट में फेंक रही हो तो फिर से लड़ाई है ना तो ये डायनेमिक्स था तो जो लोग ये बोल रहे हैं कि हम प्रताड़ित कर रहे हैं घर काम में हाथ नहीं बते और ये सब वाइफ ने कुछ कुछ बातें तो एक्सेप्ट भी कि कोर्ट में
अपने क्रॉस एग्जामिनेशन तो ये फर्स्ट कोरोना का हाल है है ना उसके बाद इनका चक नौकरी चला गया तो एक अलग रोना धोना है है ना इनको अपने कजन से प्रतिस्पर्धा है कि वह अच्छा कर रहे हैं अपनी नौकरी में और मेरी नौकरी चली गई है है ना अब इनम वो है और यह नेगेटिव साइकल रोज रोज का है मैं बोला कि पढ़ाई करो चकि मैं अपनी फील्ड में बहुत अच्छा हूं मैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के फील्ड में काम करता हूं और मैं अपनी फीड में अच्छा ही नहीं हूं बहुत अच्छा मेरे एज ग्रुप में दुनिया
में शायद ही कुछ ऐसे लोग होंगे जो शायद मेरे लेवल ऑफ मेरा जितना अकाउंटेबिलिटी है और जो रिस्पांसिबिलिटी मेरी कंपनी में है उतना मेरे जज में किसी को मिलता है जनरली तो मैंने कहा कि और पहले ये कस्टमर केयर का काम करती थी मुझे झूठ बताया था नौकरी के पहले शादी के पहले कि क्या काम करती है मुझे ऐसा दिखा था कि ये लो ये जो है एनालिस्ट है लेकिन ये कस्टमर सक्सेस एनालिस्ट मतलब कस्टमर का कॉल आता है उसका प्रॉब्लम सॉल्व करते हैं ठीक है तो फिर मैंने इन्ह बोला कि कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट
हो मैं तुम्ह पढ़ाता हूं है ना लेकिन पढ़ाई में मन लगता नहीं है तो मैंने इन्ह प्रोग्रामिंग करना सिखाया है आपको लग रहा होगा बीटेक कंप्यूटर साइंस किए है तो इनको कुछ प्रोग्रामिंग आती है कुछ प्रोग्रामिंग नहीं आती तो प्रोग्रामिंग करना सिखाया इन्ह इन्ह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिखाना शुरू किया इन्ह इंटरव्यूज इतनी सारी कंपनी में का रेजु मेे बनवाया हर इंटरव्यू के बाद क्या क्वेश्चन का कैसे जवाब देना है यह सिखाया मेरी कंपनी में भी इंटरव्यू लाया जहां सिलेक्ट नहीं हुई ऐसे कुछ नहीं नहीं तो दो दर्जन कंपनियों में इनका सिलेक्शन नहीं हुआ फिर एक साल
बाद इनका य एक्सेंचर कंपनी में सिलेक्शन हुआ अप्रल 2021 में और अप्रैल 2021 के अंत में इनका जॉइनिंग था और ठीक उसके 18 20 दिन 181 दिन बाद चली गई जॉइनिंग के वो पूरी कहानी मैं बताऊंगा आपको सेकंड कोरोना में जब ये गई है तब उस समय उस टाइम प एटली उस टाइम प पूरी इंडिया में सबसे ज्यादा कोरोना केसेस बेंगलोर में थे सबसे पूरी दुनिया में ज्यादा केसेस इंडिया में थे ऐसे टाइम पर जब एक्टर्स एंड पॉलिटिशियन को हॉस्पिटल में जगह नहीं मिल रही थी सारी जगह पर हाहाकार मचा हुआ था है ना ऐसे
टाइम पर ये कई है है ना तो अब हुआ ये कि सेकंड कोरोना जब शुरू हुआ तो लॉकडाउन फिर से शुरू हो गया तो इनकी मां की का दुकान बंद हो गया वहां पर और बोर ही थी वो घर पर और उनको पैसे चाहिए थे अब ये पैसे का जो मामला है ये पूरा पैरेलल थ्रेड है जो मैं आपको बताना चाहूंगा सारे प्रूफ कोर्ट में सबमिट किए हैं और मेरे परिवार के पास भी सारे प्रूफ रहेंगे आप में से कोई भी चकि ये केस खत्म हो गया है तो यह एक्सेस कर सकता है जान सकता
है है ना तो मैं आपको डेट्स के साथ बताना चाहूंगा कि क्या-क्या कब कब पैसे लिए हैं तो इनके फादर के डेथ के कुछ महीनों बाद इनकी मदर एक्टिवेट हो गई और मेरी वाइफ ने प्रेशराइज करना शुरू किया मुझे पैसा देने के लिए तो सबसे पहले इन्होंने न लाख रप मांगे मे 2020 में ही है ना और यह लाख रप इसलिए बोल के मांगे कि और जो मैंने उनके सिंघानिया ट्रेडिंग कंपनी के अकाउंट में डाला है आईडीबीआई बैंक में और फिर बाकी के कुछ पैसे अनुराग ए निशा सिंघानिया बंधन बैंक में डाला है है ना
वो सार के सारी डिटेल्स है तो सबसे पहले 3 लाख मांगा इन्होने ये बोल के कि मैं हम पहले ही परचेसिंग कर लेंगे विंटर के टाइम का मटेरियल और फिर विंटर के टाइम पर हम उसे सस्ते दाम पर खरीद के महंगे दाम में बेचेंगे प्रॉफिट अच्छा होगा मेरे वाई के प्रेशर डालने की वजह से मैंने लाख रप दे दिए और मुझे लग रहा था कि भाई चलो ठीक है उसके बाद फिर इन्होंने और पैसे मांगने शुरू किए मैंने काफी टाइम तक ऐसे अवॉइड किया कि अभी नहीं अभी नहीं है लेकिन फिर इन्होंने बहुत प्रेशर डाला
कि हमें फिर से अगले साल 2021 में मार्च में कि अभी हमें फिर से सारा का सारा बरसात के सीजन का और विंटर के सीजन का परचेसिंग करना है तो अभी हमें अगर पैसे दे दोगे तो प्रॉफिट होगा तो इन्होंने मुझसे समझ लो कुछ 15 लाख रुप और मांगे तो 18 लाख रप पहले के 3 लाख और 15 लाख बाद में मा मैंने कहा ठीक है तो मैंने मार्च में 9 लाख रप डाले इनको है ना और अप्रैल 2021 में 4 लाख डाले तो अभी तक आप सोच सकते हो 9 च 13 और 16 16
लाख रप अप्रैल 17 अप्रैल 2021 तक मैंने दिए हैं उसके बाद इनका कहना है कि हमें पहले 15 लाख मांग रहे थे है ना उसमें से 13 लाख दे दिए है ना अब इनका डिमांड अचानक से हो गया अप्रैल में कि हमें 50 लाख रुप और चाहिए अच्छा क्यों चाहिए इसलिए चाहिए कि ये माल के लिए नहीं चाहिए अब चकि ये तबेले के पीछे के घर में रहते थे है ना तो इनको इनके बेटे को शर्म आती थी मेरी मदर मेरे ब्रदर इन लॉ को शर्म आती थी अनुराग सिंघानिया को और उ प सिंघानिया को
तो मेरा मानना है कि मुझे खुद को ही खत्म कर लेना बेस्ट है मेरे लिए क्योंकि जो मैं पैसे कमा रहा हूं उसी से मैं अपने दुश्मन को बलवान बना रहा हूं वही पैसे मे ही मुझे ही बर्बाद करने के लिए और य साइकल बढ़ता ही रहेगा मेरे ही टैक्सेस के पैसे से ये कोर्ट य पुलिस सिस्टम मुझे और मेरी फैमिली को और बाकी लोगों को भी रास करेगा जो अच्छे लोग तो जो सप्लाई है वैल्यू का उसी को खत्म कर देना चाहिए और एनीवे एवे गव सजेशन सजेशन ल् मी टू कमिट सुसाइड आई थ
ट टस द राइट सलूशन व स सो आम टेक माय लाइफ ना ल्स मेरी कुछ आखरी इच्छा भी बताना चाहूंगा तो मेरी कुछ आखरी इच्छा जो है य है ज्यादा मुझे उम्मीद तो नहीं है लेकिन अभी भी मैं अपनी वाइफ को बोलूंगा कि उसम तो कोई वैल्यू नहीं है मेरी वाइफ में खुद तो मेरे बच्चे को क्या ही बड़ा करेगी वैल्यू के साथ मेरे पेरेंट्स को मेरा बच्चा दे दे वो उसको बेटर वलू के साथ बड़ा करेंगे और आई थ श श नवन चाइड मुझे बच्चे से अलग रख के दुख पहुंचाने के लिए उसने किया
जबक उसे भी पता है वो बच्चे को रेज करने में अक्षम है री बोली कि मैं बच्चे के पाल परवरिश के लिए पैसे भी नहीं है अगर तुम्हारे पास तो हमें दे दो बच्चा हम मेरा आखिरी अंशर मेरे बाप मां बाप को दे दो वो बहुत नाजो से पा लेंगे उसे और मेरा भाई एक बहुत अच्छा आदमी है वो भी पाले उसे बट मुझे ज्यादा उम्मीद नहीं है इसकी दूसरा है और मैं अपने मां बाप और भाई को बोलूंगा कि बिना किसी कैमरा के मेरी पत्नी या उसकी मां या उसके किसी भी फैमिली मेंबर से
बिना कैमरा पब्लिक प्लेस के ना मिले आप रे केस भी लगाया जा सकता है कोई भी केस लगाया जा सकता तो बहुत ध्यान से अगर किसी भी बात के लिए मिले तो पब्लिक प्लेस मिले बाकी और औरत होनी चाहिए हमारी तरफ से जो टेस्टिफाई कर सके की कुछ गलत नहीं हुआ कैमरा होना चाहिए तभी मिले दूसरा की मेरी मेरे मरे हुए शरीर के आसपास मेरी पत्नी या उसका परिवार के तरफ से कोई नहीं आना चाहिए तीसरा मेरा अस् विसर्जन तब तक नहीं होना चाहिए जब तक मेरे हरासर को पनिशमेंट नहीं मिलता है तो मेरा आस्की
विसर्जन ना हो अगर इतने सारी चीजें एविडेंस और सब कुछ होने के बाद भी अगर कोर्ट ये जज और मेरे बाकी के हरासर को पनिशमेंट नहीं देती है और बरी कर देती ह तो मेरा जो अस्थि है वही कोर्ट के बाहर किसी गटर में बहा देना चाहिए ताकि मैं यह जान जाऊ हमेशा हमेशा के लिए मैं ये अपना लेसन सीखता र हू कि इस देश में क्या वैल्यू है एक लाइफ की तो ये एक है और जुडिशरी से मेरी एक दरख्वास्त है कि मेरे मां-बाप और भाई को इन फल्स केसेस में और हरस नहीं किया
जाए सेे खारिज किया जाए और मेरे हरासर को और इसका जज को और यह माधव का भी इन्वेस्टिगेशन होना चाहिए य भी लाखों रुप कमाता है तो जरूर पकड़ पकड़ा जाएगा बेसिक से कोई इन्वेस्टिगेशन करेगा तो कोई ना माधव पकड़ा जाएगा उसके पास प्रॉपर्टी होंगी पैसा होगा जज के पास प्रॉपर्टी पैसा होगा करप्शन का तो पकड़ जरूर जाएंगे अगर कोई तो हर कोई देता है ये तो कोई ना कोई तो सामने आके बोलेगा कि 50 घूस लिया तो यह तो सार्वजनिक बात अगर यह सब भी नहीं पकड़ पाते तो फिर मेरी अ बाहर जाए में
कोर्ट के बाहर तो यह मेरी कुछ अंतिम इच्छा है इसी के साथ में यह वीडियो बंद करता हूं अ थोड़े मोे थोड़े बहुत जो मेरे आखरी काम है कंपलीट करके मैं मुक्ति पाना चाहूंगा इससे मैं अपने मैं इस जज का कंप्लेंट सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में भी मेल करने वाला हूं और मैं अपनी मां बाप भाई से अलग से उनसे बात करूंगा खक हो सके तो माफ करना जिस उम्र में मुझे अपने मम्मी पापा का सहारा बनना था उस उम्र में उन्हें हमेशा के लिए दुख दे के जा रहा हूं ऐसा तो सॉरी और
बाकी आप लोग जो देख रहे हैं सब आपका कल्याण हो थैंक यू
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