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Trump Declares Victory - Then Begs Allies For Help | US-Iran War Keeps Escalating | Akash Banerjee

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मतलब मैं यह नहीं जानता वर्ल्ड वॉर थ्री किन हथियारों से लड़ा जाएगा। बट मैं यह जरूर जानता हूं कि अगर वर्ल्ड वॉर फोर होता है तो वह स्टिक्स एंड स्टोन से लड़ा जाएगा। अभी जो यूएस और इजराइल ने ईरान के ऊपर वॉर वेज किया है। उसमें हम विद इन द वॉर ओनली इतने ज्यादा गुम जाते हैं दैट वी डोंट रियलाइज कि जिओपॉलिटिकली इसकी क्या सिग्निफिकेंस है। आज उसी के बारे में डिस्कस करेंगे। ईरान जियोपॉलिटिकली एक बहुत ही सिग्निफिकेंट पोजीशन पे है। कितने सालों से कितना सारा ट्रेड यहां के थ्रू गया है। एंड यहां पे वेरियस
चोक पॉइंट्स भी हैं सच एज स्टेट ऑफ हॉर्मूस जिससे मोर देन 20% ऑफ वर्ल्ड्स ऑयल फ्लो करता है। अब अगर इजराइल को डोमिनेंट होना है रीजन में तो उसको ईरान को खत्म करना पड़ेगा। बिकॉज़ एक ही देश ऐसा है सॉर्ट ऑफ मिड लेवल पावर वाला जिससे इजराइल को खतरा हो सकता है। क्योंकि देखो बाकी जितने भी हैं वहां पर कंट्रीज ज्यादातर तो कॉलोनाइज्ड हैं। जैसे कि आप यूएई की बात कर लो, कतर की बात कर लो, सऊदी अरेबिया, बरेन यहां पे यूएस बेससेस हैं इसलिए मैं उनको कॉलोनाइज्ड कह रहा हूं। अब इसके अलावा जो बच
गए देश वो एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस कहते हैं हम उसे। जैसे पैलेस्तीन में आर्म्ड ग्रुप कौन है? हमास है, सीरिया, लेबन में हज़बुल्ला है, यमेन में हुथज़ हैं और ईरान। ईरान अपने सारे प्रॉक्सीस को सपोर्ट करता है। इसलिए इजराइल की हालत उससे बहुत खराब होती है। ठीक है? उसको लगता है कि भाई ये क्यों सपोर्ट कर रहे हैं? क्योंकि बाकी सब तो इतने ज्यादा डिग्रेडेड है कि अगर ईरान नहीं सपोर्ट करे तो वो जाके उनको इनवेड ही कर ले। एंड एक-एक करके इजराइल ने इन सबको निपटाया है। सबसे पहले तो बात करते हैं जब अक्टूबर सेवंथ
हुआ उसके बाद हमास को अटैक किया गया। मीनवाइल सीरिया की बात करें तो इतने सालों से वहां पे वॉर चल रहा था। इतने सालों से यूनाइटेड स्टेट्स ने सेंक्शन कर रखा था सीरिया को कि जो आसाद की गवर्नमेंट थी या आप रिजीम कह लो जैसे कहना चाहो वो गिर गई। सीरिया गिर गया। वहां पे इन्होंने अपना टेररिस्ट अलजुलानी बैठा दिया जो कि फॉर्मर अलकायदा था, अल नुसरा था, फॉर्मर आइसिस था। ये सब अगर आप बिलीव करते हो कि नहीं हमने तो इस टॉपिक पर पूरा वीडियो बनाया उसको चेक आउट कर लेना। दीज़ पीपल आर फाइनेंस्ड
बाय इजराइल बाय यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका। फिर इन्होंने हज़बुल्ला के अगेंस्ट वॉर छेड़ा। एंड इट वाज़ बिलीव्ड कि हज़बुल्ला को इतना जख्मी कर दिया है कि वो उठ ही नहीं पाएगा। बट अब इट टर्न्स आउट कि हज़बुल्ला वास जस्ट लंग लो वेटिंग फॉर द राइट मोमेंट। एंड वो मोमेंट तब आया जब ईरान के ऊपर जानलेवा हमला हो चुका था। फिर बात करते हैं हुथस की जो कि यमेन में है। इनका एक्चुअल नाम अंसार अल्लाह है। बट हुस इज सॉर्ट ऑफ जो लोग ज्यादा यूज करते हैं। अमेरिका को सुपारी दी इजराइल ने कि इनको जाके निपटा
के आओ। क्योंकि इन्होंने रेड सी का जो रूट था वो फॉर इजराइल क्लोज कर दिया था। एंड जिसकी वजह से इनकी जो इजराइल का एक पर्टिकुलर पोर्ट था वही बंद हो चुका था। यूएसए गया वहां पे अटैक करने मुंह की खा के आया। बट फिर भी उनको काफी डिग्रेड तो कर ही दिया। जब आप इतने बम बरसाओगे कहीं भी आप वापस रिट्रीट कर लोगे क्योंकि आपके ऑब्जेक्टिव्स नहीं पूरे हुए बट डिग्रेड तो काफी कर ही दिया। फिर उसके बाद आता है ग्रैंड प्राइ ईरान। यह बहुत टाइम पहले ही डिसाइडेड था। एंड अगर आपको लगता है
कि नहीं ऐसा कुछ नहीं था। यह पर्टिकुलर क्लिप देख लो। यह जो क्लिप है यह जनरल वेज़ली क्लार्क की है जो कि अमेरिकन जनरल थे। एंड आई बिलीव नेटो के भी हेड रहे थे यह फॉर सम टाइम। आफ्टर 9 इराक व्हाई ही सेड आई डोंट नो ही सेड आई गेस दे डोंट नो व्हाट एल्स टू डू सो आई सेड दे फाइंड इन कनेक्टिंग ही सेड नो नो ही से नथिंग न्यूट दे जस्ट मेड द डिसिशन टू गो टू वॉर विथ ही सेड आई गेस इट्स लाइक वी डोंट व्हाट टू डू अबाउट टेररिस्ट बट वी गॉट
अ गुड मिलिट्री वी कैन टेक डाउन गवर्नमेंट्स एंड ही सेड आई गेस लाइक सो आई बैक टू सी लेटर टाइम अफगानिस्तान ही देना से कंट्री इन स्टार्टिंग रैक लबिया सूडान फिनिशिंग ऑफ ईरान तो अब आपने सुन लिया कि प्लान तो बहुत पहले से ही डिसाइडेड था एंड उसके बाद अनफॉर्चुनेटली 91 भी हो जाता है तो भाई हियर वी आर कि अगर ईरान गिरता है तो फिर क्या होगा इजराइल बन जाएगा रीजनल हैजेमोन रीजनल पावर बन जाएगा सबसे बड़ा इजराइल एंड ईरान का ऑयल जो है जो कि 1953 के बाद बेसिकली अमेरिका ने और यूनाइटेड किंगडम
ने यहां पे कु कराया था तो मोजाद दे थे एट दैट टाइम द डेमोक्रेटिकली इेड प्रेसिडेंट उनको हटा के शाह को इंस्टॉल कर दिया एंड इनका तेल लूटते रहे। उसी के बाद हुआ इस्लामिक रेवोल्यूशन ईरान के अंदर। ईरान इसलिए भी की है क्योंकि वो चाइना का वन ऑफ द बिगेस्ट सप्लायर्स है फॉर ऑयल। एंड ईरान बेचता है चाइना को ऑइल। कौन सी करेंसी में? डॉलर में तो बेच नहीं सकता। चाइनीस वन में बेचता है। यह वन ऑफ़ द बिग रीज़ंस था कि वहां वेनेजुएला के प्रेसिडेंट माधुur को इन्होंने उठा लिया। क्योंकि वो वेस्ट के साथ
अलाइन नहीं करता था। अपना ऑइल चाइना को बेचता था। अगेन पॉइंट टू नोट नॉट इन यूएस डॉलर्स। ईरान पार्ट ऑफ ब्रिक्स है। नॉर्थ साउथ ट्रेड कॉरिडोर में बहुत ही इंपॉर्टेंट पार्ट है। एंड ईरान इज आल्सो अ पार्ट ऑफ चाइनास बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव। तो ये चाइना के लिए एकदम मेक और ब्रेक है। क्योंकि अगर ईरान गिरता है एंड वो होस्टाइल हैंड्स में आ जाता है बेसिकली अमेरिकन हैंड्स में तो वो यहां से ट्रेड नहीं कर पाएंगे ना यहां से ऑइल ले पाएंगे। चाइना की इतनी बड़ी इकॉनमी है दे नीड ऑयल। एंड चाइना कब तक यह
अलव करता रहेगा कि वह कहीं भी जाएं एक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएं और अमेरिका आ जाए अपनी मिलिट्री पावर लेके या वहां पर कू करा दे एंड एज अ रिजल्ट जितना भी उनका इन्वेस्टमेंट था वो पूरा वेस्ट हो जाए। तो इसलिए दिस इज मेक और ब्रेक फॉर चाइना एंड रशिया। क्योंकि ये सब जानते हैं कि अगर ईरान गिरता है तो इनके एंबिशंस वहां खत्म नहीं होंगे। दे विल कम आफ्टर रशिया, दे विल कम आफ्टर चाइना। इसको एक ग्रैंड चेस बोर्ड की तरह देखो। ठीक है? ईरान नाइट है पर जो ग्रैंड प्राइज है वो है रशिया
चाइना। अगर आप जरा भी इस वॉर को फॉलो कर रहे हो तो यू विल रियलाइज के अमेरिका इज रनिंग लो ऑन मिसाइल्स डिफेंसिव एंड ऑफेंसिव। उनके पास इंडस्ट्रियल कैपेसिटी नहीं है ये सब मिसाइल्स को फटाफट बनाने की। वो अपने रिसोर्सेज बहुत फटाफट डिप्लीट कर रहे हैं। मतलब इतना के एयर डिफेंसेस अपने एलआई से लेके बेसिकली कोरिया से लेके एंड अप पॉसिबल चांसेस है कि जापान से लेके यहां पे इजराइल को दे देंगे। यह सब चीज़ ताइवान भी देख रहा है। सपोज़िटली यूएस एलय वह यह देख रहा है कि अमेरिका अपने एलयज़ को कैसे ट्रीट करता
है। सबसे अच्छा एग्जांपल तो गल्फ स्टेट्स का ले लो। क्या नहीं किया इन्होंने अमेरिका को खुश करने के लिए? इनके इकॉनमी में इतने पैसे डालते हैं। ट्रंप को अदरवाइज खुश करने के लिए उसको अपना पूरा बड़ा-बड़ा एयरक्राफ्ट भी गिफ्ट करते हैं। बदले में क्या मिला अमेरिका से? धोखा एज ऑलवेज। तो अब जो यूएस की पोजीशन है वो बहुत कमजोर हो चुकी है। क्योंकि अगर वह यह वाला वॉर हारते हैं उनको मिडिल ईस्ट जो इस रीजन या वेस्ट एशिया अगर हम कह लें तो पूरा छोड़ना पड़ेगा। उनके एलआई को क्या मैसेज जा रहा है कि भाई
यह अपने एलआई को एलआई ही नहीं समझते। यहां से जब आप एयर डिफेंस ट्रिप ऑफ करके ले जा रहे हो और आप कह रहे हो कि भाई चाइना अटैक कर देगा इन सब लोगों को तो आपने उनको चाइना के रहम पर छोड़ दिया। वैसे मुझे नहीं लगता चाइना कहीं अटैक करेगा। एंड अगर ताइवान की बात है बहुत लोग कह रहे हैं कि चाइना इनवेड कर लेगा ताइवान को। दे डोंट नीड टू डू इट। ताइवान सब देख रहा है कि यह सब क्या हो रहा है। अमेरिका ने अपनी कब्र खुद खोद ली है। प्राइस ऑफ ऑयल
एंड गैस देखो कहां पहुंच रहा है। यह किसको फेवर करता है? रशिया को फेवर करता है। अब तो पुटिन ने यूरोपियंस को बोल दिया है कि भाई हम क्या करें? आप तो रिलायबल पार्टनर हो भी नहीं। मतलब रिलायबल कस्टमर नहीं हो। तो हमारे पास और बहुत सारे लोग हैं। बहुत सारी डिमांड है गैस की। हम वहां चले जाते हैं। क्योंकि जब स्टेट ऑफ हॉर्मोस बंद है तो ऑयल एंड गैस वहां से निकल ही नहीं पा रही रीजन से। एंड ये ईरान की स्ट्रेटजी है कि सबको इकोनॉमिक पेन फील हो। एंड रशिया के लिए और भी
ज़्यादा बेनिफिशियल है क्योंकि सब यूक्रेन वॉर से डिस्ट्रैक्ट हो चुके हैं। यहां पर आ चुके हैं। वहां से रिसोर्सेज डाइवर्ट हो के इधर आएंगे। इजराइल की मदद करने आएंगे। एंड चाइना तो बिल्कुल चाहेगा कि अमेरिका डिस्ट्रैक्टेड रहे। फॉर एवर मिडिल ईस्ट के वॉर्स में फंसा रहे। क्योंकि अगर आपका कंपेटिट वॉर्स में फंसा हुआ है तो आप तो एडवांस कर ही सकते हो। इकोनॉमिकली एडवांस कर सकते हो। एंड इससे चाइना को अपनी वॉर स्ट्रेटजी अपने वेपन्स टेस्ट आउट करने का भी बहुत अच्छा मौका मिलता है। एंड लेट मी टेल यू यही सेम स्ट्रेटजी कि कैसे वो
अपने एलआई को हेल्प कर सकता है ड्यू टू इट्स सेटेलाइट नेटवर्क ऑपरेशन सिंदूर में भी हमने देखा था। एक बात तो क्लियर है हम डिक्लाइन ऑफ यूएस एंपायर देख रहे हैं। क्लियरली यूएस इतना स्ट्रांग मिलिट्री है नहीं जितना हम सब सोचते थे। यूएस डॉलर डिक्लाइन होगा एंड उसका एक बहुत बड़ा रीजन है क्योंकि पेट्रोल डॉलर डिक्लाइन होगा। अगर मान लो अमेरिका का मिडिल ईस्ट से सफाया हो जाता है तो वहां पे जितने भी देश हैं वह सब सोचेंगे एंड ऑयल प्रोड्यूसिंग नेशंस हैं वह सब सोचेंगे कि भाई अमेरिका तो इतनी बड़ी फोर्स है नहीं अब
हम जिस करेंसी में चाहे अपना ऑयल बेच सकते हैं हमारा प्रोडक्ट है। सऊदी अरेबिया तो ऑलरेडी चाइना को बेच ही रहा है। वान में बेच रहा है। इजराइल का क्या होगा? यह तो बहुत बड़ा सवाल है। अगर यूएसए की एड खत्म हो जाती है तो मुझे नहीं लगता इजराइल एज अ नेशन सर्वाइव करेगा। सवाल यह भी उठता है कि यूएसए टोटली वाइंड अप कर लेता है यहां से। वो बोलेगा कि भाई अब मुझे कुछ करना ही नहीं है। स्पेशली गिवन कि वहां पर इतना एंटी इजराइल सेंटीमेंट है। सवाल एक यह भी उठता है कि इस
वॉर के दौरान क्या नतीजा यह निकलता है कि इजराइल को एक्सेप्ट करना पड़ेगा टू स्टेट सॉल्यूशन। अगर वो टू स्टेट सॉल्यूशन एक्सेप्ट कर लेते हैं तो इट विल बी द एंड ऑफ द जाइनस प्रोजेक्ट। क्योंकि इजराइल की जो मेन कंपनीज़ हैं, ठीक है? कि अगर आप उनका स्टॉक एक्सचेंज भी उठा के देख लोगे तो जो टॉप कंपनीज़ हैं वॉर वगैरह होता है तो वहां का स्टॉक मार्केट एक्चुअली ऊपर जाता है क्योंकि ये सारी जितनी कंपनीज़ हैं वो सर्ेलेंस की कंपनीज़ हैं। मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स की कंपनीज़ हैं। तो भाई ये सब चीजें हैं डायनामिक्स व्हिच वी
नीड टू कीप इन माइंड कि कुछ भी हो सकता है यहां पे। बट आई थिंक इससे भी बड़ा एक कॉन्सक्वेंस है। जितने क्विकली एस्केलेट हुए हैं मैटर्स एक दूसरे की ऑयल फैसिलिटीज को टारगेट कर रहे हैं। एट द डेट ऑफ दिस रिकॉर्डिंग तेहरान की ऑइल फैसिलिटी जो है ब्लो अप कर चुके हैं। ये ईरान अटैक कर रहा है इजराइल की ऑइल फैसिलिटीज को। डिसलिनेशन प्लांट्स तक को अटैक कर रहे हैं, डिस्ट्रॉय कर रहे हैं। लोगों के लिए पीने का पानी नहीं बचेगा। देश के ऊपर एकिस्टेंशियल थ्रेट हो जाएगा। एंड सबसे बड़ा तो एग्जांपल इसका इजराइल
है। पांच डिसलिनेशन प्लांट है वहां टोटल सिर्फ पांच। तो भाई जिस तरीके से मैटर्स एस्केलेट कर रहे हैं चीजें कहीं भी जा सकती हैं। अगर आप उनकी बात सुनो जो एक्चुअली नॉलेजेबल लोग हैं। ठीक है? प्रोफेसर्स हैं। फॉर एग्जांपल प्रोफेसर सैक्स की अगर आप बात करो तो उनका कहना है वी आर इन द अर्ली डेज ऑफ वर्ल्ड वॉर थ्री। प्रोफेसर जियांग की अगर आप बात सुनो तो वो तो कहते हैं हम ऑलरेडी वर्ल्ड वॉर थ्री में हैं। एटॉमिक साइंटिस्ट जो हैं हमारे वो बताते हैं वी आर 85 सेकंड्स टू मिडनाइट। मतलब दुनिया आज के डेट
में जितनी करीब है टुवर्ड्स डिस्ट्रक्शन ऑफ द वर्ल्ड। ऐसा पहले कभी भी नहीं था। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने क्या बताया था वर्ल्ड वॉर थ्री के बारे में। आई नो नॉट व्हाट वेपन्स वर्ल्ड वॉर थ्री विल बी फोर्ट विद बट वर्ल्ड वॉर फोर विल बी फॉट विद स्टिक्स एंड स्टोंस। मतलब मैं यह नहीं जानता वर्ल्ड वॉर थ्री किन हथियारों से लड़ा जाएगा। बट मैं यह जरूर जानता हूं कि अगर वर्ल्ड वॉर फोर होता है तो वो स्टिक्स एंड स्टोन से लड़ा जाएगा।
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