[संगीत] इश्क वे छया तू कदा नहीं सुानू इश्क वे छया तू कदा नहीं सु तकदे जीनु ओ तक नहीं सु तकदे जीनु ओ तक सु फिर जीनु ख्याला सा फिर दे जीु ख्याला साज़रा दे विच भी ओ रखदा सु इश् इवे छया तू बखदा नहीं सु हुंदा है सज्जन जो सा तो ज्यादा है सज्जन जो सा तो ज्यादा मंगदे जीु दुआवा तो ज्यादा मंगदे जीु दुआवा तो ज्यादा मंजिल नहीं फिर ओे रामा तो ज्यादा मंजिल नहीं फिर ओे रामा तो ज्यादा राह सुया तू सु इश् [संगीत] दिल दी तेनु सुनावा नहीं सुनदा दिल दी तेनु
सुनावा नहीं सुन सुनदा होके नहीं सुनदा तू हवा नहीं सुनदा होके नहीं सुनदा तू हवा नहीं सुनदा सजन करिया दुआ नहीं सुनदा सजन भी करिया दुआ नहीं सुनदा ते अपना बना के भी रखदा सु इश् इश्कावे छया तू पखदा [संगीत] मोमन ना छे तू हिंदू ना छे मोमन ना छे तू हिंदू ना छे लंग्या धर्म ते जात तो आगे लंग धर्मा जात तो आगे रजे बनाए ते मजनू ने ठगे ने ठगे लगदा तू सा भी सु इश् इश्कावे छया तू पखदा नहीं सु इश् इश्कावे छया तू बख सुू [प्रशंसा] तू सु इश् [संगीत]