और अस्सलाम वालेकुम उर्दू कॉर्नर चैनल में आप सबको को शाम दे नहीं आने वाले दोस्तों से गुजारिश है कि हमारे चैनल उर्दू कारण को सब्सक्राइब जरूर कीजिए और साथ ही बैल आइकॉन के बटन को दबा दीजिए ताकि अगली आने वाली वीडियोस का नोटिफिकेशन आपको वक्त पर मिल सके शुक्रिया है कि अगले रोज बातें के मुताबिक शहजाद ने इस तरह कहानी शुरू कि पिछले जमाने में खुसरो इरान का एक बादशाह था उसकी आदत थी के लिबास तब्दील करके शहर का कष्ट करता ताकि रहना के बुरे-भले हालात से वाकिफ रहे एक प्रोसेस पर मामूल वह अपने वजूद
के साथ शहर में गश्त के लिए निकला एक छोटी सी गली में मकानों को देखने लगा कि गरीब किस तरह अपनी बस अब बात करते हैं उन मकानों में औरतों के बोलने की आवाज आई बादशाह कुत्ते को सुनने के लिए ठहर गया दरवाजे की दर्द में से झांक कर देखा तो 39 जवान औरतें चरखा कात रही थी उन्हें बड़ी बहन बोली कि अगर मेरा बस चले तो मैं नान भाई से विवाह कर लो और इसमें शिरकत की जिंदगी से निजात पा हूं मंझली बहन बोली के मैं बादशाह के अवश्य से निकाल कर लो ताकि उम्दा
उम्दा खाने रोज मिले सबसे छोटी बहन ने कहा कि जब तुम लोग ख्याली पुलाव पका रही हो तो मैं भी बात चाहे बयान क्यों ना कर लो कि सारा मुझे मलका कहे फिर हंसने लगी बात चाहे वजह से कहा कि इस घर को पर डू सुबह इन तीनों औरतों को दरबार में हाज़िर करना उसके बाद बादशाह गेस्ट करके आराम करने चला गया दूसरे रोज बहुत तीनों पहने दरबार में पेश की गई बच्चन रात का किस्सा पूछा तो वह डर गई लेकिन खुसरो ने नरमी से कहा कि वह की कोई जरूरत नहीं जो बहुत ही बयान
करो मजबूरन उन्होंने रात को जो कुछ कहा था बादशाह के सामने तोहरा दिया पांच दाने उसी वक्त बड़ी और मछली बहन की शादी नान भाई और बावर्ची से क्रांति और छोटी को अपनी मलका बना लिया चंद रोज बाद दोनों बड़ी बहन ने चोटी से आहत करने लगी और फिर हुई कि उसे किसी तरह बादशाह की नजरों में जरूर करें कष्टदायक अंदर से उसी जमाने में मल्लिका को अ सारे हम अलसाए होने लगे दोनों पहने मुबारकबाद देने आइए छोटी बहन गरीब जो उनके शरीर से नवा करती बड़ी मोहब्बत से पेश आई और बातों-बातों में विलादत के
वक्त उन दोनों को बुलाने का इरादा किया वह बहुत खुशी से राजी हो गई और उन्हें दिल में पहला कर लिया कि जब उसकी हां बच्चा होगा तो उसको अलग करके बिल्ली का बच्चा उसकी गोद में डाल दूंगी और दूर कर देंगे कि बिल्ली का बच्चा पैदा हुआ है इस तरह बात से नाराज होकर या तो इसे कत्ल करा देगा या घर से निकाल देगा और जब मल्लिका पर बसा यह मल का वक्त आया तो उसने अपनी बहनों को बुलाने की बादशाह से इजाजत ली और चलाकर आदि के यहां मेरे पास आ जाओ बड़ी और
मझोली बहने गई और एक बिल्ली के बच्चे का इंतजाम किया बल्कि यहां एक निहायत खूबसूरत लड़का पैदा हुआ आश्रित बहनों ने बच्चे को तो एक टोकरी में बंद करके उसे नहर में बहा दिया जो बहुत में बहती थी और मलका की युद्ध में बिल्ली का बच्चा रख लिया और सारे महल में मजबूर कर दिया कि मल्लिका की गोद में पहली जैसा बच्चा पैदा हुआ है खुसरो को यह सुनकर बहुत गुस्सा आया और उसने मलका को कत्ल करना चाहा लेकिन दाना और अकलमंद वजीर ने रोका और कहां के चंद रोज सर कीजिए मुझे इसमें कोई राज
मालूम होता है उसके इलावा मल्लिका का कसूर भी क्या है कुदरत ने जो कुछ पेट में बना दिया वहीं पैदा हो गया टोकरी नहर में बहती हुई जा रही थी कि बादशाह के मालिक की नजर पड़ गई उसने निकाल कर देखा उसमें कि नवजात बच्च के मालिक के घर कोई औलाद ना थी वह खुशी-खुशी बच्चे को लेकर घर आया और अपनी बीवी के हवाले किया माली की बीवी ने अपने ही बच्चे की तरह से पालना शुरू कर दिया टोकरी क्यों के शाही महल की तरफ से आई थी इसलिए मालिन उसका जिक्र किसी से ना किया
मुमकिन है कि कोई बच्चा ही रास्तों बच्चा पलता रहा है यहां तक एक साल का हो गया दूसरे साल मल्लिका के यहां फिर बच्चा पैदा हुआ बदनसीब मलका ने लाइनें से अपनी बहनों को इस मतवा भी बुलाया अब कि उन्होंने मुर्दा कुत्ते का पिल्ला डालकर मशहूर कर दिया कि मुर्दा कुत्ते का बच्चा पैदा हुआ और असली लड़का टोकरी में डाल कर नहर में बहा दिया और इत्तेफाकन उसे भी मारी ने पकड़ लिया और अपने घर पर विश करने लगा तीसरे साल मलका यह लड़की पैदा हुई लेकिन हां सिर्फ बहनों ने उस कभी मुर्दा चूहा मशहूर
कर दिया और लड़की को नहर में बहा दिया तो कसाई कुदरत से लड़की भी मानी को मिल गई उसने उसे भी रख लिया बादशाह ने नाराज होकर मलिक का कोई एक लोहे के पिंजरे में बंद करके शहर की मस्जिद के दरवाजे पर रखवा दिया ताकि हराने वाला उसके मुंह पर थूक के जो इनकार करे उसको कत्ल कर दिया जाए लोग मजबूरन मल्लिका के मुंह पर थूकते और बादशाह के जन्म को बुरा समझते तीनों बच्चे मालिक यहां पर विश पाते रहे माली ने तालीम व तरबियत हंसी करवाइए लड़की भी उसी तरह बढ़ती जैसे शहजादों का कायदा
है बड़े लड़के का नाम माली ने ब्राह्मण छोटे भाई का प्रवेश और लड़की का नाम पर जाम रखा और इसी नाम से हर एक मशहूर हुआ उसी जमाने में मालन इत्तेफाकन बीमार होकर मर गई बच्चों को इतना ही राज धुआं जैसा कि मां का होता है जो कि वह उसी को मां समझते थे इस नाम में सब पढ़ लिखकर जवान हो गए माली भी रूपए पैसे वाला था उसने बादशाह से इजाजत लेकर एक महल तामील कराया और एक बहुत बड़ा पार्क बनवाया जिसमें एक चिड़िया खाना भी था और महीना तीनों बच्चों के उसमें रहने लगा
अब तरह से ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि माली बीमार कि आप बच्चे बहुत ही परेशान हुए लेकिन क्या हो सकता था आखिर सफर करके बैठ गए दोनों भाई साधो शिकार के लिए जाते हैं पर जागें अपना दिल बहलाते या कभी गाना गाती इत्तफाकन मल्लिका की हासित बहनों को भी उनका पता चल गया उनकी आतिशी हसरत भड़क उठी उन्होंने आपस में मशविरा किया कि मल्लिका तो खूब इंतजाम हो गया लेकिन यह घर बच्चे जिंदा रहे तो मुमकिन है किसी वक्त राज़ खुल जाए लिहाजा इनको यहां से चलता करो चुनाचे उन्होंने एक घुटने को बुलाकर अपना
मनचाहा साबित किया वह कहने लगी तो मैं तू नाम रखो मैं इनको ऐसे तरीके से यहां से हटाऊंगी कि किसी को कानो कान खबर न होने पाएगी एक रोज ब्राह्मण और प्रवेश शिकार को गए कोर्ट ने उनके घर आई और परीक्षा से नमाज की इजाजत लेकर वह जो करके नमाज़ पढ़ने लगी परीजाद उसकी ने कि से मुतास्सिर हुई और बाहिर खाना खिला कर अपने साथ बाद दिखाने लेकर ही मक्कार शूट मी बाबे कर कहने लगी यूं तो हर चीज मौजूद है लेकिन इसमें तीन चीजों की कमी है अगर वह में अपने तो फिर यह बेमिसाल
बार होगा परिषद ने पूछा वह क्या है कोर्ट ने कहा उनका मिलना जरा मुश्किल है परीजाद ने विस्तार किया तुम बताओ तो सही बुढ़िया ने कहा इसमें बोलती चिड़िया गाता हुआ अदरक और सुनहरी चश्मे के पानी की कसर है अगर वह भी आ जाएं तो फिर यह बात जन्नत का नमूना बन जाए परिजात बोलिए चीजें कहां से मिलते हैं कुट्टी ने कहा कि यहां से 20 रोज की मंजिल पर हिंदुस्तान की सरहद पर जो पहला आदमी मिलेगा वो रास्ता बता सकता है अगर हिम्मत वाला आदमी हो तो जरूर इन नवरात्रास को पा सकता है वरना
यूं लाखों आदमी दुनिया में पेड़ बकरियों की तरह फैल रहे हैं बढ़िया शो की आग भड़का कर रफूचक्कर हो गई लेकिन परीजाद एक गहरी सोच में पड़ गई शाम को जब दोनों भाई शिकार से वापस आए तो खिलाफ माहौल पहन को फिक्रमंद पाया हाल पूछा तो उसने तमाम कैफियत बयान की ब्रह्मण्य कहा कि तुम इतना रंज क्यों करती हो मैं जाता हूं यह सब चीजों में आऊंगा अगले रोज बाह्मण सफर को तैयार हुआ और बहन को खंजर निकाल कर दिया मेरी निशानी है जब तक यह साफ है समझ रहा मैं व खैरियत हूं जब देखो
यह महिला हो गया है तो उस वक्त समझ लेना कि मुझे कोई मुसीबत परछाई है और अगर हो नाराज हो जाए तो समझ लेना कि मैं अब इस दुनिया में नहीं रहा उसके बाद भाई-बहन से रुखसत हो कर 20 रोहतक इसी रास्ते पर चलता रहा जो कि ने बताया था एक इसमें रोज सरहद हिंदुस्तान पर उसे कुटिया नजर आई सीधा वहां पहुंचा तो देखा अंदर एक फकीर बैठा है और उसका चेहरा बालों से छुपा है वह मैंने चेक से कैंची निकालकर फकीर का हाथ बनाया और फिर अदब से सलाम किया फकीर को छुआ और कहने
लगा बाबा यह कैसे आना हुआ ब्राह्मण ने अपना मुद्दा बयान किया और कहा कि अपनी बहन के लिए बोलती चिड़िया गाने वाला तरफ और सुनहरी चश्मे के पानी की तलाश है फकीर ने आंसर भरकर कहा बेटा मुझे रास्ता तो मालूम है लेकिन वहां खतरा बहुत है क्योंकि मेरी फिल्में तुमने बहुत कि मैं तो मैं इस काम से मना करता हूं बहुत से आदमी इस तलाश में गए लेकिन वापिस कोई ना या ब्राह्मण ने इसरार किया तो फकीर अपने घड़ी से एक गेम निकाल कर दी और कहा कि इसको जमीन पर डाल दो और हो इसके
पीछे रवाना हो जाना जहां यह गेंद रुक जाएगी तुम भी घोड़े पर से उतर जाना सामने एक पहाड़ होगा उस पहाड़ पर चढ़ जाना जब तुम बाहर पर चढ़ोगे तो हर तरफ से अजीबोगरीब बाहर जाएंगी और तो मैं अपनी तरफ मत सोचो करेंगी लेकिन कोई नजर आएगा उस वक्त जब से काम लेना और हिम्मत रखना अगर तुम ने पीछे मुड़कर देखा तो पत्थर के हो जाओगे और आगे चले गए तो तुम्हारी मतलब चीजें मजबूत होंगी लेकर चले आना मोहम्मद ने फकीर का शुक्रिया अदा किया और गेंद जमीन पर डालकर खुद इसके पीछे रवाना हुआ गेंद
पहाड़ के दरमियान ठहर कई ब्राह्मण घोड़े से उतर और से पहाड़ पर चढ़ने लगा अभी चंद ही काम चला था कि चारों तरफ से शोर मच गया गाड़ियों की आवाज आने लगी लेना पकड़ो पकड़ो ब्राह्मण सब कुछ हम तरह ओर बढ़ता रहा जब ऊपर चढ़ा तो गलियां संस्कर ब्राह्मण का खून खौल उठा चंद कदम और आगे बढ़ा तो बिलकुल बराबर से किसी ने बड़ी सेट कर ली थी और वह मंगलवार लेकर पलटा तो पूछना था लेकिन वह खुद पत्थर का हो गया परीज़ाद रोज ब्राह्मण का खंजर देखती और उसकी सलामती की दुआएं मांगते हैं एक
रोज़ उसकी तबीयत उदास थी दिन में खंजर उठाकर देखा तो वह चमक रहा था उसी तरह शाम हो गई लेकिन उसकी परेशानी दफन हुई परवेज़ बाहर से आया तो कहने लगा ब्राह्मण भाई का खंजर मुझे दिखाना मेरा जी खुद बैठा जा रहा है परीजाद अंदर से खंजर लाई और ध्यान से निकाला तो वह बिल्कुल से हो चुका था यह देखकर पर यह याद रोने लगी और प्रवेश से कहा जरूर भ्रमण पर कोई जबरदस्त मुसीबत आ पड़ी है क्योंकि खंजर तारीख है खुदा का शुक्र है कि वह भी जिंदा है परवेज़ बड़ा परेशान हो और बहन
को समझाकर कहने लगा मैं ब्राह्मण की तलाश में जाता हूं परीजाद ने कहा भाई मैं अकेली कैसे रहूंगी प्रवेश कहने लगा कि मैं तुम्हें खुदा के सपोर्ट करके जा रहा हूं लेकिन सोचो अगर उस वक्त भ्रमण की बदलना की गई तो उसका क्या हश्र होगा उसके बाद दोनों भाई-बहन मिलकर बहुत रोए परवेज ने अपने गले से मोतियों की मालाओं उतारकर बहन को दी से कहा मेरी हालत का अंदाज़ा होता रहेगा जब तक यह अच्छी हालत में है मैं खैरियत से हूं और अगर इसके दोनों एक दूसरे से जुड़ जाएं तो मेरी मौत का दिन होगा
परीक्षा में भाई का हार गले में पहन लिया और कहा जाओ मैं तुम्हें खुदा के सपोर्ट करती हूं प्रवेश भी स्पिन सफर के बाद एक इसमें रोज़ उसी फ़कीर की कुटिया पर पहुंचा और वही सवाल किया कि बोलती चिड़िया गाता हुआ तुरंत और सुनहरी चश्मे का पानी लेने आया हूं यह केंद्र समझाया कि बेटा क्यों अपनी जान देता है चंद्र बोस हुए तेरा हमशक्ल नौजवान गया लेकिन अभी वापस नहीं आया शायद पत्थर का हो गया तो मिस इरादे से बाहर आ जाओ परवेज ने कहा बाबा को मेरा भाई था अब मैं जरूर जाऊंगा या अपनी
जान देगा या भाई का इंतकाम लूंगा पकी ने जब देखा कि नहीं मानता तो गेंद निकाल कर दिया और कहा कि इसको डाल दो जमीन पर इसके पीछे चले जाना और सपना पिछले वर्ष समझाती है परिवेश केंद्र को जमीन पर डाल कर उसके पीछे-पीछे रवाना हुआ गेंद पहाड़ के दामन में जाकर रुक गया परवेज़ घोड़े से उतरकर पहाड़ पर चढ़ने लगा जो भी उसने उड़ाया हर तरफ शोर रुकना पड़ गया और गालियों की बौछार हो गई कोई उसका नाम लेकर उसे धमकाने लगा बावजूद इन्हीं कोशिश के प्रवेश न कर सका और तलवार लेकर पीछे पलटा
ही पिता के उसी वक्त पत्थर का हो गया जिस वक्त वह पत्थर का हुआ उसी वक्त परिजात के गले में पड़ी हुई माला के दाने एक के करीब हो गए जिससे परिवार समझ गई कि दूसरे भाई परवेज़ पर भी कोई मुसीबत आन पड़ी तमाम दिन वह भाइयों को याद करके रोती रही दूसरे रोज ने फैसला किया कि जब ही ना है तो मेहरा कर क्या करोगी चुनांचे मर्दाना लिबास पहनकर घोड़े पर सवार हुई और तवक्कल खुदा चल पड़ी 20 रोज के मुसाफत के बाद एक इसमें रोल्स रॉयस के झोपड़े में पहुंच गई हैं है और
वही सवाल किया दरवेश ने कहा बेटी मुझे मालूम है कि तुम मत नहीं फिर इतना बड़ा इरादा क्यों किया इस रास्ते में तो कई जवान मर जाया हो गए परीजाद ने हाथ बांधकर कहा बाबा भी चंद रोज सुबह मेरे दो भाई आकर यहां खप गए अब मैं या उनका बचा लूंगी यहीं खत्म हो जाऊंगी उसे भी फकीर ने पहाड़ के सब्सक्राइब बता दिए और एक गेंद निकालकर परीक्षित को दी कि इसके पीछे चली जाओ पहाड़ तक पहुंचकर ऊपर चली जाना परीजाद ने गेंद लेकर द्रविड़ को सलाम किया फिर अपनी जेब से रुपए निकालकर कानों में
इस तरह मौसी के बिल्कुल काम बंद हो गए यह देखकर धर्मेश मुस्कराया और कहने लगा मालूम होता है कि बेटी तुम जरूर कामयाब हो जाओगी यह तरकीब आज तक किसी की समझ में आई इस तरह बेशक नाक कान में आवाज से पड़ेगी और ना तू धोखा खाएगी जाओ खुदा तुम्हारी मदद करें परीजाद गेंद के साथ रवाना हुई और पहाड़ के दामन पहुंचकर घोड़े से उतरी कारों की रही दोबारा ठीक की ओर पहाड़ पर चढ़ने लगी हर तरफ से आवाज़ें बुलंद हुई लेकिन परीजाद के तो काम बन थे कुछ सुनाई ही तथा वह बेहतर पहाड़ की
चोटी पर पहुंच गई वहां चिड़िया का पिंजरा लटक रहा था परीजाद ने अपने कानों की लोई निकाली सुना के चिड़िया शोर मचा रही है इसको पकड़ लो यह चोर है पर इस जार में बढ़कर उसका पिंजरा उतार लिया चिड़ियां मौत हो गई कुछ देर बाद बोली अब मैं आपकी गुलाम हो परिवार ने कहा गाने वाला ब्रश करा कहां है चिड़िया और उसका पता बताया और कहा उसकी शाख तोड़ लो वही काफी है परेशान है उसकी साख रोली फिर सामने के चश्मे से वहीं रखा हुआ एक चांदी का घड़ा भर लिया फिर परीजाद ने चिड़िया से
पूछा कि मेरे भाई जो पत्थर हो गए किस राज्य होंगे चिड़िया बोली यह सब रिलेशन का खेल है इसी चश्मे का पानी डाल लो फिर खुदा की कुदरत देखो परीजाद ने पहले अपने भाइयों को पहचान कर उन पर सुनहरी चश्मे का पानी छिड़का वह उसी वक्त असली हालत में आ गए और बहन से मिल कर बहुत खुश हुए उसके बाद तीनों ने मिलकर उन तमाम आदमियों पर बीच में का पानी छिड़का जो पत्थर के बने हुए थे पानी पड़ते ही सब के सब रुक में खुदा से असली हालत में है और परीजाद का प्रतिशत शुक्रिया
अदा किया उसके बाद सब पहाड़ के नीचे उतरे तो देखा के घोड़े खड़े होना रहे हैं सबने अपने अपने घोड़े पहचाने और पर सवार होकर अपने रास्ते पर चल पड़े झांककर देखा ना तो फकीर था ना उसकी कुटिया साफ मैदान पड़ा है परीक्षा कहने लगी यह फकीर ही रिलेशन से मसाले था जब रिलेशन खत्म हो गया तो वह भी राय हो गया था कि उसके बाद उसने सब नौजवानों को रुखसत किया और खुद अपने भाइयों के साथ नवरात लिए अपने वतन रवाना हो गई घर आकर उसने गाने वाले तरफ कि शायद एक मौजूद जगह पर
लगा दी और एक उम्दा है उसमें हमारा तैयार करके उसमें सुनहरे चश्मे का पानी डाल दिया जब अगले दिन देखा तो उसने के बजाय पूरा ट्रक खड़ा था और उसमें अजीबोगरीब स्वर फूट रहे थे और लबरेज चौक फव्वारा चौक से चल रहा था बारादरी में चिड़िया का पिंजरा लटक रहा था और चिड़ियां बड़ी उम्दा बातें करती थी सारे शहर में उन चीजों की शौहरत हो गई जो जो लोग न जाए बात को देखने आते हराम रह जाते एक रोज ब्राह्मण और प्रवेशिका आखिर कर वापिस आ रहे थे कि रास्ते में बादशाह की सवारी मिल गई
हरचंद उन्होंने कोशिश की के बचकर निकल जाए लेकिन सामना हो गया मजबूरन मौत हो कर खड़े हो गए और जब बच्चा करीब से गुजरा तो जो करतार सिंह झाला आए उनको देखकर बादशाह की तबीयत खुद बहुत खींचने लगी चुनाचे सवारी देखकर तय किया कि तुम किसके लड़के हो उन्होंने अयोध्या के हजूर मालिक के लड़के हैं और फलां जगह ससुर की इजाजत से महल तैयार कराया था उसमें रहते हैं बादशाह के दिल में लम्हों की मोहब्बत बढ़ रही थी सिर्फ बहुत बड़ा ने को पूछा कि तुम कहां से आ रहे हो ब्राह्मण ने अर्ज किया के
शिकार खेलने गए थे बच्चन ने कहा कि बगैर इजाजत में शिकार गांव में क्यों गए दोनों ने हाथ बांधकर कहा कि हमें पता नहीं था कि यहां शिकार खेलने मना है आइए दिखता नहीं होगी बादशाह उनके तौर-तरीके देखकर और चेहरा सुषमा फिर मुस्करा कर कहने लगा अच्छा मेरे साथ आओ दिखाओ क्या शिकार खेलते हो दोनों भाई साथ हो लिए जंगल में जाकर थोड़ी देर में कई शेर मारना है और बादशाह के आगे पेश किए बच्चन की जड़ों तक भारत से और ज्यादा मुतास्सिर और कहने लगा कि तुम मेरे साथ महल चाहे चलो खाना खाकर चले
जाना दोनों भाइयों ने फिर हाथ बांधकर अर्ज़ की कि तमिल हुकुम में उतर रहीं लेकिन हमारी एक बहन है और हम सब ने मिलकर कसम खा रखी है कि आप उसके मछुए के बगैर कोई कामना करेंगे हम उससे पूछ ले थे और कल हजूर की खिदमत में हाजिर होंगे पांच दानें इजाजत दे दी और दोनों भाई घर आए लेकिन बादशाह की दावत का जिक्र परीक्षण करना भूल गए दूसरे रोज वाच्य से शिकार गांव में मुलाकात हुई तो दोनों शर्मिदा हुए महाराज की असुर हमें कल याद नहीं रहा कल पूछ कर फिर हाजिर होंगे अगर इसी
तरह तीन दिन बराबर भूलते रहे चौथे रोज बादशाह ने दोनों को एक गेंद दिया और कहा इसको कमर में बांध तो जब कपड़े उतारोगे तो यह गिरेंगे तो तुम्हें याद आ जाएगा दोनों भाइयों ने शुक्रिया अदा करके गेंद कमरों में बांध दिए रात को जब लिखने लगे तो वह गेंद कपड़ों से गिरी और उन्हें बादशाह से किया हुआ वादा ज्यादा आ गया दोनों उसी वक्त परीजाद के पास आए और बादशाह की दावत का जिक्र किया था परीक्षा कहने लगी तुमने पहले यात्रियों अ रखा कैट घरों में अपनी चिड़िया से मालूम करके बताओ चिड़िया के पास
आई और सवाल किया कि मेरे भाइयों को बादशाह के दावत में जाना चाहिए चिड़िया ने कहा हां परीजाद भाइयों के पास आए और कहा कि आप बादशाह की दावत मंजूर करने और दूसरे रोज के लिये बादशाह को आधे मैं उसका इंतजाम कर लूंगी दूसरे रोज बहमन और परवेज फिर शिकार गांव में बाढ़ से मिलकर कहा हमारी बहन बहुत नाराज हुई कि तुमने पहले दावत क्यों न कबूल की और अगर आपस की कसम का पास्ता तो उसी दिन क्यों ना याद रखा बादशाह ने हंसकर कहा कोई बात नहीं इसमें भी कुछ बेहतर है फिर वह दोनों
भाइयों को लेकर महल शराब में दाखिल हुआ रास्ते में लोगों ने देखा तो बहुत हैरान हुए यह कहा कि सह जाते हैं लोग उन्हें हुस्नो-जमाल को देखकर खुश हुए बादशाह बहमन और परवेज को लेकर कमरे में आया फिर दस्तरख्वान पर खाना चुना गया और सबने मिलकर खाना खाया बादशाह की हालत ठीक है जी चाहता है कि दोनों उसकी नज़रों के सामने रहे जब तक खाना खाया जाता रहता बादशाह बराबर कनखियों से हम दोनों को देखता रहा खाने के बाद महफिले रक्त शुद्ध रूप बनाकर हुई व रात तक दोनों भाई भाषा के मेहमान रहकर रुखसत होने
लगे तो दस्तबस्ता डिफिकल्ट जहाज और शिकार से वापस हो तो हमारे गरीब खाने को भी जाते हैं बादशाह जो रोज-ब-रोज उनका मौत के हुआ ज्यादा था में काम न कर सका और कहने लगा बच्चों मैं जरूर तुम्हारे साथ चलूंगा दोनों भाई अपने घर आया और सब किस आपने पहन परिषद को बताया दूसरे रोज ब्राह्मण प्रवेश तो शिकार गांव में चली गई परीक्षा चिड़िया के पास आई और कहने लगी मेरी प्यारी चिड़िया आज बादशाह कि हमारे यहां दावत है क्या खाना पकाना चाहिए चिड़िया ने कहा तुम्हारे पास अच्छे-अच्छे बावर्ची है उनको होंठों के अच्छे-अच्छे खाने तैयार
करें लेकिन एक रखा आप मोतियों की खीर जरूर पर खाना पर इस आपने कहा मोतियों की खीर कैसे पटेगी और इतने मोती कहां से आएंगे चिड़िया बोली बाद में फ्रंट के नीचे खजाना है जितने चाहो मोदी निकालो परीजाद ने खुद जाकर खुदा तो वह किला था खजाना खड़ा था उसने एक संदूक ही मोतियों की निकाली और बावर्ची को बुलाकर मुख खाने पकाने का हुक्म दिया और साथ ही मोतियों की संदूकची देकर कहा इसके खीर बनाओ बावर्ची हैरान हो गया और कहा कि बेगम साहिबा मोतियों की तरह करेगी और यह किस तरह की जाएगी परीजाद ने
कहा कि तुमको इससे क्या तो मैं जो हुक्म दिया वह करो बावर्ची ने कहा बेहतर तो बहमन और परवेज तमाम दिन बादशाह के साथ शिकार खेलते रहे शाम को जब वापसी का वक्त आया तो दोनों ने भाइयों ने व्हाट्सएप को रास्ता पाता जाते लाया बादशाह तैयार हो गया और शिकार यहां से सीधा उनके घर आया जब परीक्षित को मालूम हो कि बात यह शिमला हैं तो अपने कंधों के साथ जोड़कर दरवाजे पर इस्तकबाल किया बात यह ने परीक्षित को देखा तो उसके सीने में एक हूक उठी जैसे बहमन और परवेज को देखकर उठी थी उसने
परीक्षित को बेटियों की तरह प्यार किया और फिर तीनो बहन-भाई वाचक को अपना बहुत दिखाने लेकर वहां जाने अदरक से तरह तरह की आवाज़ या गाड़ियों सुनी तो बहुत हैरान हुए और पूछा यह इसरार है वह मैंने सब हाल कह सुनाया कि हमारी बहन के ना थ्रो नायाब तोहफा इस तरह लाइव बादशाह बहुत खुश हुआ और 10 का दिल आवेश गाना सुनता रहा फिर हौंसला देखा जिसमें सुनहरी पानी बरसा था उसके बाद बोलती चिड़िया के पिंजरे के पास आया वह बहुत से प्रदेश के गिरते माथे परीजाद ने कहा राहुल चिड़िया बादशाह सलामत खड़े हैं चिड़िया
फौरन मौत हो गई यह बादशाह को सलाम कि मात्र अथवा हुई बादशाह उसकी गुरु शंकर बड़ा हैरान हुआ जब यह सब खाना खाने के लिए चले गए तो चिड़िया ने कहा मुझे पहले चलो परीजाद ने पिंजरा अपने साथ लिया और कमरा तो आम मिलाकर लटका दिया बादशाह के साथ खाना खाने को बैठा तो फिर मोतियों की खेल देखकर हैरान व कहने लगा कि यह कैसी की है क्या मोती बिछाए जाते हैं मैं तो समझता था कि तुम सब अकलमंद हो गए लेकिन यह ऐसी बेवकूफी है जिसका जवाब मिलना मुश्किल है वह मन प्रवेश और परीक्षा
खमोश होकर चिड़िया की तरफ देखने लगे चिड़िया ने भाषा को महत्त्व करते हुए कहा कि आप मोतियों की खीर देखकर तो हैरान हैं और हमें बेवकूफ बताते हैं लेकिन मैं आपसे पूछती हूं कि जब आपके साथियों ने यह कहा था कि मल्लिका के यहां बिल्ली कुत्ते और चुनौतियां पैदा हुए हैं उस वक्त आपने यह ना सोचा कि इंसान के यहां जानवर की तरफ पैदा हो सकते हैं चिड़िया की यह बात सुनकर बादशाह हैरान रह गया और कहा कि भी चिड़िया अगर तुम राज की बातें जानती हो तो बताओ कि असल मामला क्या है चिड़िया ने
हुआ था कि मल्लिका की बड़ी बहन जिनका भैया आपने उनके हुए मर्जी नान भाई और बावर्ची से करवाया था अपनी छोटी बहन से आहत करने लगी थी मीणा चावला दत्त के वक्त दोनों ने पहली और दूसरी बाहर के लड़कों को टोकरी में डाल कर बाकी नहर में बहा दिया और मजबूर कर दिया कि बिल्ली और कुत्ते के बच्चे पैदा हुए हैं तीसरी बार बेटी पैदा हुई उसको भी इसी तरह नहर में बहा दिया और आपसे कह दिया कि मुर्दा चूहा पैदा हुआ लेकिन खुदा के हुक्म से वह पीने बच्चे आपके मालिक के हाथ लगे उसने
उनकी खूब अच्छी तरह प्रवेश की लिखवाया पढ़ाया और आप लाइक पैक बनाकर आपके सामने बैठे हैं यह सुनकर बादशाह रोता हुआ उठाकर अपने तीनों बच्चों को गले लगाकर बेहद रोया और माफी मांगी कि बेटा मेरी लाइफ में तो मेरी मोहब्बत से महरूम रहे फिर तीनों बच्चों को ले जाकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों तक पहुंचा दिया और पिंजरा खुलवाकर मल्लिका के कदमों में जाकर गिर गया और सारी सूरते हाल बताकर माफी मांगी और मल्लिका भी रोने लगी और बादशाह को उठाकर उसके कर्मों में बैठ गई कि उसके बाद तीनों बच्चों को देर तक प्यार करती रही
बादशाह ने मल्लिका को हमाम में भेजा था कि सोशल निवास तब्दील करें और खुद बच्चन ने मलका की हासित बहनों को बुलवाकर उसी वक्त कत्ल करवा दिया बल्कि हम आम से फारिग होकर आ गई उसी वक्त सब ने मिलकर एक साथ बैठकर खाना खाया दूसरे रोज बादशाह ने जश्न ए आम का ऐलान कर दिया परिजन परवेज़ और ब्राह्मण के साथ नए महल में आ गई बादशाह भी यही रहने लगा और उसके बाद उसने एक और सार्थक अपने शत्रुओं इंसाफ से हुकूमत की और अल्लाह के फजल से कोई मुसीबत बिश्नाई शहजाद ने जब यह कहानियां 1000
रास्तों में पूरी की तो बादशाह बहुत खुश हुआ और उसके दिन में औरतों के मुताबिक जो बदगुमानियों पैदा हो गई थी वह दूर हो गई और आइंदा के लिए उसने तो व कर ली कि हर रोज नई शादी करके पहली बीवी को कत्ल नहीं करूंगा शहजाद से उसे तेरी मोहब्बत हो गई और वह इसको इतना चाहने लगा कि हम से हम काम भी उसके मच वे के बगैर नहीं करता था बजे अलार्म का भी बच्चन शुक्रिया अदा किया कि तुम्हारी लड़की की आज से मैं मस्जिद इसको ना से बच गया बादशाह ने फिर शहजाद के
सिवा किसी दूसरी औरत का मुंह नहीं देखा और अमन और चैन की जिंदगी बसर करता रहा दोस्तों इस कहानी के साथ ही अलिफ लैला की तेजस कहानियों का सिलसिला खत्म हुआ उम्मीद है कि इस सिलसिले की सारी कहानियां आपको यकीनन पसंद आई होगी अगर आपने वर्क इन कहानियों को पसंद किया तो नीचे कमेंट में अपने कीमती फैलाकर हिसार जरूर कीजिए और हमारे चैनल उर्दू कारण को सब्सक्राइब करना मत भूलिए क्योंकि हम आपके लिए इसी तरह की दिलचस्प और हैरतअंगेज़ कहानियां लाते रहेंगे शुक्रिया