मित्रों एक छोटे से गांव में रहने वाली पायल अपनी मासूमियत और खूबसूरती के लिए जानी जाती थी 20 साल की साधारण लड़की पायल अपने माता-पिता के साथ रहती थी गांव के पास एक घना जंगल था जिसे लोग भूतिया जंगल कहते थे गांव में इस जंगल को लेकर कई डरावनी कहानियां प्रचलित थी लोगों का कहना था कि वहां अजीबो गरीब घटनाएं होती हैं इसलिए कोई वहां जाने की हिम्मत नहीं करता था पायल को बचपन से जंगलों का बहुत शौक था वह अक्सर गांव के किनारे बैठकर जंगल की ओर देखा करती और सोचती कि वहां ऐसा क्या
है जो सबको डराता है एक दिन जिज्ञासा से भरी पायल ने इस रहस्य से पर्दा उठाने की ठानी उसने अपनी योजना किसी से सांझा नहीं की अगली सुबह सूरज उगते ही पायल ने एक झोले में पानी की बोतल कुछ खाने का सामान और एक टॉर्च रखी और जंगल की ओर निकल पड़ी जंगल के किनारे पहुंचकर उसने गहरी सांस ली और अंदर कदम रखा जंगल का नजारा बेहद खूबसूरत था ऊंचे ऊंचे पेड़ पक्षियों की चहचहाहट और ठंडी हवा पायल को लगा कि लोगों ने इस जंगल के बारे में जो भी डरावनी कहानियां सुनाई थी वे सब
झूठी थी जंगल में चलते-चलते उसे लगभग आधा घंटा बीत चुका था अचानक उसे महसूस हुआ कि कोई उसे देख रहा है उसने रुककर चारों ओर देखा लेकिन कुछ नजर नहीं आया उसे लगा कि यह उसका भ्रम है वह आगे बढ़ी लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद उसने पीछे से सूखे पत्तों की चरमरा की आवाज सुनी डरते डरते उसने मुड़कर देखा वहां एक विशाल गोरिला खड़ा था वह लगभग सा फुट लंबा था और उसकी आंखों में एक रहस्यमई चमक थी पायल का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा उसे लगा कि गोरिला उस पर हमला करेगा लेकिन गोरिल्ला
ने कोई हरकत नहीं की वह बस शांत खड़ा पायल को घूर रहा था पायल ने धीरे धीरे पीछे हटने की कोशिश की लेकिन तभी गोरिला ने अपनी लंबी भुजाएं फैलाकर उसका रास्ता रोक लिया उसने अपनी गहरी आवाज में कुछ अजीब से संकेत किए पायल को महसूस हुआ कि गोरिला उस पर हमला नहीं कर रहा बल्कि उसे कुछ बताने की कोशिश कर रहा है गोरिला ने अचानक जमीन से एक बड़ा पत्ता उठाया और पायल की ओर बढ़ाया पायल डरते डरते पत्ता लेने के लिए आगे बढ़ी पत्ते पर अजीब तरह के निशान बने हुए थे जो किसी
गुप्त संदेश जैसे लग रहे थे गोरिल्ला ने फिर से इशारे किए मानो उसे अपने पीछे आने को कह रहा हो पायल के भीतर डर और जिज्ञासा का अजीब सा संगम था आखिरकार उसने हिम्मत जुटाई और गोरिला के पीछे-पीछे चलने लगी कुछ ही देर में वे एक गुफा के पास पहुंचे गोरिल्ला ने गुफा की ओर इशारा किया मानो उसे अंदर जाने को कह रहा हो पायल ने झिझक हुए गुफा के अंदर झांका वहां उसे कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया उस उसने पास जाकर देखा तो वह एक चमचमा आता हुआ हार था हार के पास ही एक
पुरानी डायरी रखी थी पायल ने डायरी उठाई और उसे खोलकर पढ़ने लगी जैसे ही उसने पहला पन्ना पलटा अचानक उसे ऐसा महसूस हुआ मानो किसी ने उसे पीछे से धक्का दिया हो उसने तुरंत पलट कर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था गोरिल्ला गुफा के बाहर खड़ा था उसकी आंखों में कुछ कहने की कोशिश का दर्द झलक रहा था डायरी के पन्नों पर लिखी बातें बेहद अजीब थी उसमें लिखा था कि यह गोरिला कभी इंसान था लेकिन एक प्राचीन श्राप के कारण वह इस रूप में बदल गया श्राप को तोड़ने के लिए उसे किसी निर्दोष व्यक्ति
की मदद चाहिए थी जो बिना किसी स्वार्थ के उसकी सहायता करे पायल यह सब पढ़कर सन्न रह गई उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें उसने गोरिल्ला की ओर देखा जो अब भी शांत खड़ा उसकी ओर देख रहा था उसकी आंखों में एक अजीब दर्द और उम्मीद की झलक थी मानो पायल से विनती कर रहा हो पायल ने सोचा कि अगर यह गोरिला सचमुच इंसान है तो उसे उसकी मदद करनी चाहिए उसने हिम्मत जुटाकर डायरी के अगले पन्ने पलटे वहां श्राप तोड़ने का तरीका लिखा था लेकिन निर्देश बेहद स्पष्ट थे उसमें एक
रहस्यमय मंत्र और एक खास दिन का जिक्र था पायल को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें लेकिन गोरिल्ला ने फिर से इशारे किए और उसे अपने साथ जंगल के और अंदर ले जाने लगा जंगल में चलते हुए पायल ने महसूस किया कि गोरिला लगातार चौकन्ना है मानो उसे किसी का डर हो वह बार-बार इधर-उधर देखता और तेज चलने लगता पायल का दिल बेचैन था लेकिन वह उसके साथ चलती रही कुछ देर बाद वे एक छोटी सी झील के पास पहुंचे झील का पानी शांत और रहस्यमय था गोरिल्ला ने पायल को इशारे से
झील के पानी में झांकने को कहा जैसे ही पायल ने झील में झांका उसने देखा कि पानी में उसका प्रतिबिंब अजीब सा दिख रहा था ऐसा लग रहा था जैसे झील के भीतर से कोई अदृश्य शक्ति उसे अपनी ओर खींच रही हो पायल घबराकर पीछे हटने लगी लेकिन गोरिला ने उसका हाथ पकड़ लिया उसने इशारे से समझाया कि डरने की जरूरत नहीं है तभी झील के पानी से अचानक एक रहस्यमय आवाज गूंजी वह आवाज गहरी और गूंजती हुई थी उसने कहा अगर तुम इस गोरिला की मदद करना चाहती हो तो तुम्हें अपनी सबसे कीमती चीज
का त्याग कर ना होगा पायल यह सुनकर सन्न रह गई उसने गोरिल्ला की ओर देखा जो बेचैनी से झील की ओर देख रहा था उसकी आंखों में उम्मीद और दर्द का अजीब मेल था ऐसा लग रहा था मानो वह पायल से अपनी तरफदारी की गुहार कर रहा हो पायल का मन सवालों से भर गया क्या यह गोरिला सचमुच निर्दोष है क्या मैं इसकी मदद करके किसी बड़े खतरे में पड़ जाऊंगी झील की आवाज ने एक बार फिर कहा तुम्हारे पास ज्यादा समय नहीं है फैसला करो पायल की सांसें तेज हो गई वह झील से उठती
आवाजों को सुनकर अंदर तक सहम गई थी उसके सामने दो रास्ते थे या तो वह गोरिल्ला की मदद करके इस रहस्य का हिस्सा बने या अपनी जान बचाकर लौट जाए उसकी आंखें गोरिला पर टिकी रही जो अब भी शांत खड़ा दर्द और उम्मीद भरी नजरों से उसे देख रहा था गोरिला के चेहरे की बेचैनी और दर्द साफ झलक रहा था पायल को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें झील की आवाज ने फिर से गूंजते हुए कहा तुम्हें जल्दी फैसला करना होगा गोरिला को इंसान बनाने के लिए तुम्हें अपनी सबसे कीमती चीज का
त्याग करना होगा पायल ने झील की ओर देखा और धीमे स्वर में पूछा मेरी सबसे कीमती चीज क्या है झील की आवाज ने उत्तर दिया यह तुम्हारे दिल से तय होगा जो चीज तुम्हें सबसे प्रिय है वही त्याग करनी होगी पायल गह सोच में पड़ गई उसके पास ऐसा क्या था जिसे वह सबसे अधिक प्रिय मानती थी उसका परिवार उसकी स्वतंत्रता या उसकी अपनी पहचान उसने गोरिल्ला की ओर देखा जिसकी आंखों में उम्मीद और दर्द का अजीब सा मिश्रण था पायल ने अपने अंदर की हिम्मत जुटाई और कहा मैं त्याग के लिए तैयार हूं लेकिन
मुझे पहले यह जानना होगा कि तुम कौन हो और तुम्हारे साथ ऐसा क्यों हुआ गोरिल्ला ने झील के पानी की ओर इशारा किया अचानक झील के पानी में लहरें उठने लगी और उसमें एक कहानी उभरने लगी पायल ने देखा कि गोरिल्ला कभी एक राजकुमार था जिसका नाम अरुण था अरुण एक शक्तिशाली राज्य का उत्तराधिकारी था सुंदर साहसी और नेक दिल लेकिन एक दिन उसने जंगल में एक रहस्यमई महिला की मदद करने से इंकार कर दिया वह महिला एक जादूगरनी थी उसके अपमान से क्रोधित होकर उसने अरुण को गोरिल्ला बना दिया और कहा तो तुम्हे इस
श्राप से तब तक मुक्ति नहीं मिलेगी जब तक कोई निर्दोष लड़की अपनी सबसे प्रिय चीज त्याग कर तुम्हें बचाने का साहस नहीं दिखाएगी पायल यह सब देखकर हैरान रह गई उसने गोरिल्ला की ओर देखा और कहा तुम्हारा दर्द मैं समझ सकती हूं मैं तुम्हारी मदद करूंगी तभी झील की आवाज फिर से गूंज उठी अगर तुमने त्याग किया तो गोरिल्ला इंसान बन जाएगा लेकिन याद रखना तुम्हारे जीवन में एक ऐसी कमी आ जाएगी जिसे तुम हमेशा महसूस करोगी पायल ने कुछ पल के लिए आंखें बंद की फिर धीरे-धीरे अपने माता-पिता अपने सपनों और अपनी जिंदगी के
बारे में सोचा लेकिन गोरिल्ला की पीड़ा देखकर उसका दिल पिघल गया उसने दृढ़ निश्चय किया और कहा मैं तैयार हूं मैं अपनी सबसे कीमती चीज त्याग दूंगी झील की लहरें अचानक शांत हो गई और एक अदभुत रोशनी झील के पानी से उठकर पायल को घेरने लगी गोरिला भी उस रोशनी के अंदर खड़ा हो गया पायल ने महसूस किया कि उसकी यादों का एक हिस्सा धुंधला हो रहा था रोशनी ने उसे संबोधित किया क्या तुम जानती हो कि तुम किस चीज का त्याग कर रही हो पायल ने उत्तर दिया नहीं लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं
जैसे ही उसने यह कहा रोशनी ने चारों ओर फैलना शुरू कर दिया गोरिला का शरीर कांपते हुए छोटा होने लगा उसके लंबे हाथ और पैर सिकुड़ने लगे और उसकी भारी काया हल्की हो गई वह धीरे-धीरे एक इंसान में बदलने लगा पायल ने देखा कि गोरिला अब एक सुंदर और साहसी युवक में बदल चुका था वह युवक अरुण था जिसने पायल की ओर देखा और उसकी आंखों में कृतज्ञता के आंसू थे उसने कहा तुमने मेरे लिए जो कुछ भी किया उसके लिए मैं हमेशा तुम्हारा आभारी रहूंगा तभी पायल को महसूस हुआ कि कुछ अजीब हो रहा
है उसकी यादें धीरे-धीरे धुंधली हो रही थी उसने खुद को अपने माता-पिता और अपने घर के बारे में सोचना चाहा लेकिन सब कुछ धुंधला हो गया उसने घबराकर अरुण से पूछा मुझे क्या हो रहा है अरुण ने दुख भरे स्वर में कहा तुमने अपनी सबसे कीमती चीज यानी अपनी यादें त्याग दी हैं अब तुम अपने परिवार अपने घर और अपनी पुरानी जिंदगी को भूल जाओगी पायल के लिए यह अत्यंत कठिन था उसने अरुण से कहा मैंने यह सब तुम्हारे लिए किया लेकिन क्या अब मैं अपने परिवार को कभी नहीं देख पाऊंगी अरुण ने सिर झुका
लिया और गहरी आवाज में कहा तुमने बहुत बड़ा बलिदान दिया है पायल मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा लेकिन मैं वादा करता हूं कि मैं तुम्हें हमेशा खुश रखने की पूरी कोशिश करूंगा पायल की आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन उसने अपने दिल को संभाला उसने धीमे स्वर में कहा अगर मेरी यादें ही मेरी सबसे कीमती चीज थी तो मैंने सही फैसला किया है तुम्हारी मुक्ति मेरे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण थी अरुण ने का हाथ थामा और झील की ओर देखा उसने झील से वादा किया मैं पायल की हर मुश्किल में उसका साथ दूंगा झील ने
दोनों को आशीर्वाद दिया और कहा तुम्हारा मिलन अब एक बड़े उद्देश्य के लिए है तुम्हारे बलिदान की कीमत जल्द ही स्पष्ट होगी झील के पास का वातावरण अचानक शांत हो गया पायल जिसने अपनी यादों का त्याग किया था अब अपने अतीत से पूरी तरह कट चुकी थी उसे अपना गांव अपने माता-पिता और अपनी पुरानी जिंदगी का कुछ भी याद नहीं था उसके मन में एक अजीब सा खालीपन था अरुण ने पायल का हाथ थाम हुए कहा तुमने मेरे लिए जो किया उसका कर्ज मैं कभी नहीं चुका सकता लेकिन अब यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं
तुम्हें एक नई जिंदगी दूं चलो यहां से चलते हैं पायल ने अरुण की ओर देखा उसकी आंखों में अनजाना सा पंथा उसने कहा मुझे नहीं पता कि मैं कौन हूं लेकिन अगर तुम कह रहे हो कि तुम मेरी मदद करोगे तो मैं तुम्हारे साथ चलूंगी दोनों जंगल के रास्तों से गुजरते हुए गांव की ओर बढ़े अरुण ने पायल से वादा किया कि वह अब उसे खुशहाल जिंदगी देगा लेकिन जैसे ही वे गांव के करीब पहुंचे अजीब घटनाएं शुरू हो गई गांव के लोग जैसे ही अरुण और पायल को जंगल से बाहर आते देखे उनकी आंखों
में डर और आशंका भर गई एक बूढ़ी औरत ने कांपती आवाज में चिल्लाया यह वही गोरिल्ला है यह फिर से लौट आया है अरुण हैरान रह गया उसने समझाने की कोशिश की मैं अब गोरिल्ला नहीं हूं मैं इंसान बन चुका हूं इस लड़की ने मुझे मुक्त किया है लेकिन गांव वाले उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थे भीड़ में से एक युवक ने क्रोधित स्वर में कहा तुम वही हो जिसने हमारे गांव के कई लोगों को नुकसान पहुंचाया हम तुम्हें यहां रहने नहीं देंगे अरुण ने पायल की ओर देखा जो अभी भी स्थिति को समझने
की कोशिश कर रही थी अरुण ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा हमें यहां से चलना होगा दोनों गांव से दूर एक सुनसान जगह पर चले गए अरुण ने गहरी सांस लेते हुए कहा श्राप ने मुझे इंसान बना दिया लेकिन यह मेरी आत्मा से पूरी तरह से मिटा नहीं लोग मुझे कभी नहीं अपनाएंगे पायल जो अब अपने अतीत से पूरी तरह अनजान थी ने गंभीर स्वर में कहा मैं सब कुछ नहीं समझ पाई हूं लेकिन अगर यह सच है तो हमें इस श्राप का असली कारण खोजना होगा हो सकता है इसका अंत अ भी
बाकी हो अरुण ने उसकी ओर देखा और कहा तुम सही हो शायद यह श्राप पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है हमें झील के पास वापस जाना होगा और सच्चाई का पता लगाना होगा दोनों ने रात भर इंतजार किया और अगली सुबह झील की ओर रवाना हुए जैसे ही वे झील के करीब पहुंचे उन्होंने वहां एक अजीब सी हलचल महसूस की झील का पानी गहरे काले रंग में बदल चुका था और वहां से रहस्यमई आवाजें आ रही थी अरुण ने झील की ओर देखते हुए कहा तुमने कहा था कि श्राप खत्म हो जाएगा लेकिन लोग मुझे
अब भी स्वीकार नहीं कर रहे क्या अभी भी कुछ बाकी है झील से एक गूंजती हुई आवाज आई तुम्हारा श्राप खत्म हो चुका है लेकिन पायल का बलिदान अधूरा है जब तक उसका बलिदान पूरा नहीं होगा श्राप पूरी तरह खत्म नहीं होगा पायल ने चौक कर पूछा मेरा बलिदान अधूरा मैंने तो अपनी यादों का त्याग कर दिया है अब और क्या बाकी है झील की गूंजती आवाज ने उत्तर दिया तुमने अपनी यादों का त्याग किया लेकिन यह बलिदान केवल तुम्हारे अतीत को छूता है इस श्राप को पूरी तरह खत्म करने के लिए तुम्हें अपनी आत्मा
की गहराई से त्याग करना होगा अरुण का चेहरा गुस्से और पीड़ा से भर गया उसने झील की ओर चिल्लाकर कहा यह अन्याय है उसने पहले ही बहुत कुछ खो दिया है मैं इसे सहन नहीं कर सकता लेकिन झील की शांत स्थिर आवाज गूंजी यह श्राप उसी त्याग से बंधा है अगर वह यह त्याग नहीं करती तो तुम फिर से उसी गोरिल्ला के रूप में लौट जाओगे और इस बार तुम्हें कोई बचा नहीं सकेगा पायल की आंखों में आंसू छलक आए उसने धीमे स्वर में कहा अगर यही सच है तो मैं त्याग के लिए तैयार हूं
अरुण ने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा नहीं मैं तुम्हें और खोने नहीं दूंगा मैं इस रूप में ही जी लूंगा लेकिन तुम्हारी जिंदगी को और खतरे में नहीं डाल सकता पायल ने उसकी ओर दृढ़ता से देखा और गंभीर स्वर में कहा मैंने पहले ही फैसला कर लिया है अगर तुम्हारा दर्द मेरे बलिदान से खत्म हो सकता है तो मुझे यह करना होगा झील की आवाज ने फिर से पायल को संबोधित किया इस बार तुम्हें अपनी इच्छाओं और सपनों का त्याग करना होगा इसका मतलब यह है कि तुम्हारी जिंदगी से खुशी प्रेम और सपने हमेशा के
लिए दूर हो जाएंगे तुम दूसरों के लिए जीने वाली एक छाई बन जाओगी क्या तुम इसके लिए तैयार हो पायल ने बिना किसी झिंझक के कहा हां मैं तैयार हूं झील से अचानक एक तेज रोशनी उठी जिसने पायल को चारों ओर से घेर लिया रोशनी इतनी तेज थी कि अरुण को अपनी आंखें ढकनी पड़ी पायल के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था और उसका शरीर कांपने लगा अरुण ने रोते हुए और चिल्लाते हुए कहा नहीं इसे रोको लेकिन झील की प्रक्रिया रुकने वाली नहीं थी रोशनी बढ़ती रही और पायल का शरीर धीरे-धीरे हल्का और
कमजोर होता गया जब रोशनी थमी तो पायल जमीन पर गिर पड़ी अरुण ने पायल को संभाला और गहरी सांस लेते हुए कहा पायल तुम ठीक हो पायल ने उसकी ओर देखा लेकिन उसकी आंखों में कोई भावना नहीं थी उसने धीमी आवाज में कहा अब मैं सिर्फ तुम्हारे लिए हूं मेरी जिंदगी का एक मात्र उद्देश्य तुम्हारा साथ देना है अरुण समझ गया कि पायल ने अपनी हर इच्छा हर सपने को त्याग दिया है वह अंदर से टूट चुका था उसने पायल का हाथ थाम हुए कहा मैं तुम्हारी इस कुर्बानी को कभी व्यर्थ नहीं जाने दूंगा लेकिन
वह ठहर गया फिर बोला क्या झील ने हमें सच में सारा सच बताया है या इस कहानी में अभी भी कोई बड़ा रहस्य छिपा हुआ है पायल का चेहरा शांत था लेकिन उसकी आंखों में किसी भी तरह की भावना का नामो निशान नहीं था वह अरुण के पास ड़ी थी मगर ऐसा लग रहा था जैसे वह अब एक जिंदा इंसान नहीं बल्कि एक खाली खोल बन चुकी हो अरुण ने उसे देखते हुए कहा पायल मैंने तुम्हारे लिए ऐसा कभी नहीं चाहा था यह सब मेरी वजह से हुआ है मैं तुम्हें इस हालत में नहीं देख
सकता पायल ने धीमे स्वर में कहा अब मेरी कोई इच्छा नहीं है कोई सपना नहीं है मेरी जिंदगी का मकसद केवल तुम्हारी मदद करना है अरुण का दिल मानो हजार टुकड़ों में बंट गया उसने झील की ओर देखते हुए चिल्लाकर कहा क्या यही तुम्हारा न्याय है मैंने जो गलती की थी उसकी सजा मुझे मिली लेकिन इस लड़की ने सिर्फ भलाई का काम किया उसे इस तरह क्यों भुगतना पड़ रहा है झील की आवाज फिर से गूंजी शांत लेकिन गहरी अरुण यह श्राप तुम्हारी गलती का परिणाम था लेकिन पायल ने अपनी मर्जी से इस बलिदान को
चुना है हर श्राप की जड़ केवल सत ही नहीं होती यह किसी के कर्मों की गहराई में छिपी होती है अरुण ने झील की ओर देखते हुए पूछा क्या इसका मतलब है कि इस श्राप के पीछे अब भी कोई सच छिपा हुआ है झील की आवाज गंभीर हो गई अगर तुम इस श्राप की असली जड़ तक पहुंचना चाहते हो तो तुम्हें अपने अतीत की ओर लौटना होगा अरुण ने सवाल किया मेरे अतीत में ऐसा क्या है जिसे मैंने जानने से चूक गया झील ने गंभीर स्वर में उत्तर दिया तुम्हारा श्राप केवल जादूगरनी की नाराजगी का
परिणाम नहीं था इसके पीछे एक और गहरा रहस्य जादूगरनी ने तुम्हें गोरिल्ला इसलिए बनाया क्योंकि उसने तुम्हारे परिवार से एक पुराना हिसाब चुकता करने का फैसला किया था अरुण चौक गया और हैरान होकर बोला पुराना हिसाब यह कैसे संभव है झील ने उत्तर दिया तुम्हारे पूर्वजों ने कई साल पहले जादूगरनी के गांव पर हमला किया था उन्होंने उसके लोगों को नुकसान पहुंचाया और उसके परिवार को नष्ट कर दिया जादूगरनी ने उस दिन शपथ ली थी कि वह तुम्हारे परिवार को इसका परिणाम भुगतने पर मजबूर करेगी तुम्हारे पिता ने उसे रोकने की कोशिश की थी लेकिन
यह श्राप तुम्हारे हिस्से में आया अरुण को यह सुनकर गहरा झटका लगा अब उसे समझ में आया कि यह सिर्फ उसकी गलती नहीं थी बल्कि उसके परिवार के कर्मों का भी परिणाम था उसने झील से पूछा अगर यह सच है तो मैं इस श्राप को पूरी तरह से खत्म कैसे कर सकता हूं झील ने उत्तर दिया तुम्हें जादूगरनी को ढूंढ होगा और उससे माफी मांगनी होगी लेकिन यह आसान नहीं होगा वह अब भी इस जंगल में कहीं छिपी हुई है और उसकी तलाश करना मौत को बुलाने जैसा हो सकता है पायल जो अब अपनी इच्छाओं
और सपनों से मुक्त थी बोली मैं तुम्हारे साथ चलूंगी तुम्हें जादूगरनी तक पहुंचने के लिए मेरी मदद की जरूरत होगी अरुण ने उसे रोकने की कोशिश की नहीं पायल यह बहुत खतरनाक है लेकिन पायल ने दृढ़ता से कहा अब मेरी जिंदगी का एकमात्र मकसद तुम्हारी मदद करना है मुझे रोको मत दोनों ने झील से विदा ली और जादूगरनी की तलाश में जंगल के और गहरे हिस्से की ओर बढ़ने लगे जंगल अब और भी अंधकारमय और डरावना हो गया था जगह-जगह खतरनाक जंगली जानवरों की आवाजें गूंज रही थी लेकिन दोनों ने अपने कदम नहीं रोके कुछ
समय बाद उन्हें एक पुरानी और जरजर सी झोपड़ी दिखाई दी झोपड़ी से धुआं निकल रहा था और चारों ओर और काले रंग की लताएं फैली हुई थी अरुण ने पायल की ओर देखा और कहा यह शायद वही जगह है दोनों झोपड़ी के पास पहुंचे और दरवाजे को खटखटाया अंदर से एक करक आवाज आई कौन है क्या तुम नहीं जानते कि इस जगह पर आना मना है अरुण ने दरवाजे के पास खड़े होकर कहा मैं अरुण हूं मैं तुम्हारे सामने माफी मांगने आया हूं मेरे परिवार ने जो कुछ भी किया उसके लिए मैं शर्मिंदा हूं कृपया
मेरा श्राप खत्म कर दो दरवाजा खुला और एक बूढ़ी औरत बाहर आई उसके बाल सफेद और बिखरे हुए थे और उसकी आंखें गहरी और डरावनी थी उसने अरुण को देखा और कहा तुम्हें माफी मांगने के लिए यहां आने की हिम्मत कैसे हुई क्या तुम्हें लगता है कि सिर्फ माफी से सब कुछ ठीक हो जाएगा अरुण ने दृढ़ता से कहा जानता हूं कि माफी काफी नहीं है लेकिन मैं अपनी गलती सुधारने के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं जादूगरनी ने पायल की ओर देखा और कहा यह लड़की कौन है क्या यह भी तुम्हारे परिवार का
हिस्सा है पायल ने शांत स्वर में कहा मैं इस पर अपना सब कुछ निछावर कर चुकी हूं अब मेरी इस दुनिया में कोई पहचान नहीं है जादूगरनी हंस पड़ी और बोली यह लड़की तुम्हारे लिए सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ी कमजोरी है अगर तुम सच में अपने श्राप को खत्म करना चाहते हो तो तुम्हें अपना सबसे बड़ा बलिदान देना होगा अरुण ने चौक कर पूछा सबसे बड़ा बलिदान वह क्या है जादूगरनी ने गंभीर स्वर में उत्तर दिया तुम्हें इस लड़की को हमेशा के लिए छोड़ना होगा अरुण ने यह सुनकर गहरी चुप्पी साध ली पायल को
हमेशा के लिए छोड़ने का विचार उसके दिल को भीतर से चीरने जैसा था उसने पायल की ओर देखा जो शांत खड़ी थी लेकिन उसकी आंखों में अब कोई भावना नहीं थी वह अब एक खाली खोल बन चुकी थी जिसे केवल अरुण की मदद करना ही एकमात्र उद्देश्य बन चुका था अरुण ने गहरी सांस ली और जादूगरनी से कहा तुम्हारा प्रस्ताव असंभव है मैंने पायल की वजह से अपनी मानवता वापस पाई है वह मेरी सबसे बड़ी ताकत है मैं उसे नहीं छोड़ सकता जादूगरनी ने ठंडी हंसी के साथ कहा तो तुम्हें यह भी स्वीकार करना होगा
कि तुम्हारा श्राप कभी पूरी तरह खत्म नहीं होगा तुम्हारी किस्मत में हमेशा अधूरी मुक्ति ही रहेगी अरुण ने पायल की ओर मुड़कर कहा मैं तुम्हें छोड़ने का ख्याल भी नहीं कर सकता तुमने मेरे लिए सब कुछ खो दिया मैं तुम्हें अकेला छोड़ सकता हूं पायल ने शांत स्वर में कहा अगर यही रास्ता है तो तुम इसे अपनाओ मेरी इच्छाएं और सपने पहले ही खत्म हो चुके हैं तुम्हारी मुक्ति मेरे लिए सबसे बड़ी बात है अरुण का दिल टूट गया लेकिन पायल की आत्मीयता और त्याग ने उसे मजबूर कर दिया कि वह इस प्रस्ताव पर गंभीरता
से विचार करें उसने जादूगरनी से कहा क्या यह श्राप तब खत्म होगा जब मैं पायल को छोड़ दूंगा जादूगरनी ने उत्तर दिया हां लेकिन याद रखो तुम्हें उसे केवल छोड़ना नहीं है तुम्हें उसे भूलना होगा हमेशा के लिए और यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी तुम्हारे मन शरीर और आत्मा को गहरा दर्द सहना पड़ेगा अरुण ने कुछ पल सोचा फिर उसने अपने दिल पर पत्थर रखते हुए कहा अगर यही एक मात्र रास्ता है तो मैं तैयार हूं जादूगरनी ने झोपड़ी से एक चमकता हुआ पानी का कटोरा निकाला और कहा इस कटोरे में एक जादुई मिश्रण है
इसे पीते ही तुम्हा यादें धीरे-धीरे धुंधली हो जाएंगी तुम पायल को भूल जाओगे लेकिन याद रखना यह प्रक्रिया तुम्हारे मन और शरीर पर गहरा प्रभाव डालेगी अरुण ने कटोरा हाथ में लिया और पायल की ओर देखा उसने कहा पायल मैं यह सब तुम्हारे लिए नहीं बल्कि तुम्हारी कुर्बानी को सार्थक बनाने के लिए कर रहा हूं मुझे माफ करना अगर मैंने तुम्हें दुख पहुंचाया हो पायल ने हल्की मुस्कान के साथ कहा तुम्हारे लिए मैंने सब कुछ त्याग दिया अगर तुम्हारी मुक्ति से मेरा बलिदान सफल होता है तो मुझे कोई दुख नहीं होगा अरुण ने गहरी सांस
ली और औषधि पी ली जैसे ही उसने कटोरा खाली किया उसका सिर घूमने लगा उसकी आंखें बंद होने लगी और उसके शरीर में तीव्र दर्द महसूस होने लगा पायल ने उसे थामने की कोशिश की लेकिन जादूगरनी ने कहा उसे मत छुओ यह प्रक्रिया उसे अकेले पूरी करनी होगी अरुण की यादें एक-एक करके धुंधली होने लगी उसे गोरिल्ला बनने के दिन झील के पास पायल के बलिदान और अंत में पायल का चेहरा याद आया लेकिन धीरे-धीरे यह सारी यादें उसकी नजरों से ओझल होने लगी कुछ समय बाद अरुण ने अपनी आंखें खोली वह पूरी तरह से
अलग महसूस कर रहा था उसे कोई दर्द नहीं था लेकिन उसकी आंखों में एक गहरा खालीपन था उसने चारों ओर देखा और पूछा मैं यहां कैसे आया और यह लड़की कौन है जादूगरनी मुस्कुराते हुए बोली तुम अब आजाद हो तुम्हारा श्राप खत्म हो चुका है लेकिन तुम्हें यह याद नहीं रहेगा कि यह कैसे हुआ पायल ने अरुण को देखा लेकिन अब उसकी आंखों में कोई आंसू नहीं थे वह जानती थी कि अरुण अब उसे कभी याद नहीं करेगा उसने धीरे से कहा अब तुम्हारी जिंदगी शुरू हो सकती है जादूगरनी ने पायल की ओर देखा और
कहा तुमने जो बलिदान दिया है वह अमर रहेगा अब तुम इस दुनिया में एक परछाई बनकर रहो जिसका कोई अस्तित्व नहीं होगा पायल ने सिर झुका लिया और अपने दिल को संभालते हुए कहा अगर मेरा बलिदान किसी की जिंदगी को बेहतर बना सकता है तो मुझे इसका कोई दुख नहीं अरुण ने जादूगरनी को धन्यवाद दिया और जंगल से बाहर निकल गया वह अब पूरी तरह से आजाद था लेकिन उसे इस आजादी की असल कीमत का कभी पता नहीं चलेगा पायल ने जादूगरनी से पूछा अब मेरी जिंदगी का क्या होगा जादूगर गनी ने उत्तर दिया तुम
अब एक रहस्यमय शक्ति का हिस्सा बन चुकी हो तुम्हारा अस्तित्व अब दूसरों की मदद करने में समाहित हो जाएगा जब तक तुम्हारा कार्य पूरा नहीं होता तुम्हारी आत्मा इस जंगल में भटकती रहेगी पायल ने शांत स्वर में कहा अगर यही मेरी नियति है तो मैं इसे पूरी तरह से स्वीकार करती हूं