दोस्तों महाकुंभ का मेला है भक्तों का रेलम रेला है कोई ऐसा गांव नहीं कि जिस गांव से 10 20 50 लोग महाकुंभ के मेले में पहुंच ना रहे हो और संगम में आस्था की डुबकी ना लगा रहे हो तो ऐसे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक महिला जो कि नौजवान विधवा होती है उसके पति की 4 साल पहले मौत हो चुकी थी तो वह भी जो है संगम में नहाने के लिए जाना चाहती थी उसके घर में शिव सास ससुर थे वह उसे इजाजत दे देते हैं लेकिन जब वह जाने के लिए औरतों का साथ
ढूंढती है उन औरतों से कहती है जो उसके गांव की औरतें थी जो कि महाकुंभ में जा रही थी तो उसे अपने साथ ले जाने से मना कर देती है वह कहती हैं सोचती है कि कहीं इसका जो पता नहीं इसने कौन सा पाप किया था कि विधवा हो गई और कहीं इसका पाप धुल के हमारे ऊपर ना चिपक जाए इसीलिए वह उसे ले जाने से मना कर देती हैं अब व परेशान होती है लेकिन दोस्तों उसके इस परेशानी का फायदा एक नौजवान लड़का जो था वह उठा लेता है जो कि उसके में बहुत दिनों
से था बहुत दिनों से उसी के फिराक में रहता था अब वो जो है मौके का फायदा उठाकर उस विधवा औरत को अपने साथ महाकुंभ में लेकर जाता है लेकिन अपने गांव वालों से व उसे अलग कर लेता है और फिर मेले में जाने के बजाय एक होटल में लेकर जाता है जहां पर तीन रात तक वह उसके साथ कमरा बुक करके रहता है और दोस्तों फिर कुंभ में पाप धोने के लिए जो जा रहा था उससे पहले य ना जाने पता नहीं क्या-क्या कर डाला दोस्तों एक बहुत ही रोचक कहानी है सीख देने वाली
कहानी है आइए जानते हैं पूरी कहानी वीडियो में लेकिन वीडियो में आगे बढ़ने से पहले बस ही रिक्वेस्ट वीडियो को लाइक कर दीजिए चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि मेरा हौसला बढ़ता रहे दोस्तों यह कहानी है उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की महाकुंभ के मेले में सरकार के आंकड़े के मुताबिक 50 करोड़ लोग पहुंच चुके हैं यानी कि अगर आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो हर तीसरा हिंदुस्तानी वहां पर जा चुका है दोस्तों जहां 50 करोड़ लोग हो वहां पर कुछ 1000 कहानियां ना बने घटनाएं ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता तो
ऐसी एक घटना का जिक्र मैं कर रहा हूं जो कि 6 फरवरी को घटित हुई थी जो कि एक महिला जिसका नाम रीना होता है जिसकी उम्र करीब 2728 साल की होती है दुर्भाग्य बस तरीके से उसके पति की 4 साल पहले मौत हो चुकी थी और उसका मायके में भी कोई सहारा नहीं था ससुराल में सास ससुर थे इसीलिए जो है अपना गुजारा कर रही थी और जब महाकुंभ के मेले की महिमा जो उस के गांव के लोग आकर कहते थे और वो सुनती थी तो उसकी भी इच्छा जागृत हुई कि मैं भी महाकुंभ
के मेले में जाऊं और इसके लिए जो है वो सब कुछ खर्चे बर्चे अपना जुटा है और कुछ गांव की औरतें जो कि जा रही थी तो उनके साथ वो चर्चा करती है कि बहन मुझे भी लेकर चलो लेकिन वो औरतें उसे मना कर देती हैं कहते हैं भाई हम तुम्हें अपने साथ लेकर नहीं जाएंगे क्योंकि पता नहीं कितने नसीबों के बाद महाकुंभ में तो जाने का मौका मिला है और ऊपर से तुम जैसे बदनसीब को या तुम जैसे मनहूसियत को अपने साथ लेकर जाऊं उसके मुंह पर तो नहीं कहती लेकिन फिलहाल वह मन ही
मन यही सोचती है इसलिए उसे मना कर देती हैं अब वह जो है रोती है परेशान होती है उसके सास ससुर तो कहते हैं कि हां तुम चली जाओ और जब यह बात एक युवक को पता चलती है जो कि उसी के गांव का था उसका नाम मंगल होता है तो वह दोस्तों उसके घर पर आप टपकता है और उसके सास के पैर छूकर कहता है कि चाची मैं जो है महा कुंभ जा रहा हूं और आपके आशीर्वाद की जरूरत है आप मुझे आशीर्वाद दे दीजिए तो व उसकी सास कहती है कि तुहा कुंभ जा
रहा है तो किसके साथ जा रहा है तो वह बहुत लोगों के नाम गिना देता है अब उसकी सास कहती है कि क्या कोई औरतें भी उसमें है तो कहता है कि हां बहुत सारी औरतें हैं वह भी जा रही हैं तो वह कहती है कि ठीक है अगर तू मेरे बाहू को ले जा सकता है तो तू उनके साथ इसको भी ले जा यह जाना चाहती है परेशान है अब दोस्तों जो जिस प्लान के तहत व था वह जो है उसकी जो व चाची थी वो उसे बता रही थी वह कहता है चाची इसमें
कौन सी बड़ी बात है और कल इसको तैयार कर देना सारे लोग तो जा ही रहे हैं कोई बात नहीं मैं हम लोगों के साथ जाएगी दो दिन के बाद आ जाएगी अब दोस्तों वह जो है अगले दिन तैयार हो जाती है मंगल उसके घर पर पहुंचता है और फिर कहता है कि चाची बहू तुम्हारी तैयार हो गई कि नहीं तैयार हुई वह कहती है तैयार है कहता है ठीक है फिर जल्दी से भेजो अब दोस्तों जो रीना थी उसने कुछ कपड़े वगैरह रख रखे थे कुछ खाने पीने का सामान रख रखे थे और उसके
बाद कुछ उसके पास खर्चे थे 1000 500 और फिर वह मंगल के साथ निकल लेती है अब मंगल को व जानती नहीं थी इतना सिर्फ अपने सास ससुर के माध्यम से जानती थी मंगल जो है उसके घर पर अक्सर आ जाया करता था बस इतना जानती थी कि गांव का आदमी है और सास ससुर से उसकी जमती है बनती है भरोसे का आदमी है वो दोस्तों उसके साथ चल देती है लेकिन जब आगे जाती है अब उससे वो बोलचाल नहीं रही थी लेकिन जब बस स्टैंड पर जाती है और बस में बैठने को होती है
तो फिर वो पूछती है कि बाकी के लोग कहां पर हैं वह कहता है कि अरे बस में बैठो अभी बताता हूं कि वोह लोग कहां पर हैं आगे गए होंगे फोन करता हूं अगले स्टैंड पर वोह लोग हैं अब वो बैठ जाती है फिर उसके बाद जब कुछ दूर बस चल देती है फिर वो पूछती है कि कहां पर है सब लोग तो वो कहता है कि वो तो दूसरे बस में बैठकर चले गए हम लोगों ने देर कर दी हमारा कितना वो इंतजार करते अब जो रीना थी वह दोस्तों संकोच में पड़ जाती
है व सोचती है ऐसे कैसे हो गया कहती है फिर क्या होगा अब कैसे उनसे मुलाकात होगी वो कहता है तुम टेंशन मत लो मैं तो हूं ही यार और वहां पर चलेंगे तो उन लोगों से मिलवा देंगे मिल जाएंगे कहां चले जाएंगे उन लोगों का नंबर तो मेरे पास है ही मेरा भी नंबर उन लोगों के पास है कहीं ना कहीं रास्ते में ही मिल सकते हैं अब दोस्तों रीना क्या करती है अबब वो बैठी थी बस तो चल ही रही थी रास्ते में जो कंडक्टर आता है दोनों से टिकट कटवाने के लिए कहता
है मंगल जो है टिकट लेता है रीना कुछ पैसे निकाल कर देती है तो कहता है अरे जब मैं हूं तो क्यों चिंता कर रही हो बहुत खर्चे आगे लगेंगे अपना पैसा अपने पास रखो अब वो अपना पैसा जो है रख लेती है लेकिन दोस्तों शाम के टाइम वो लोग बैठे थे और सुबह जो है उनको प्रयागराज पहुंचना था तो उसके बाद जो है अब दोनों एक ही सीट पर बैठे थे रीना जो है संकोच में एक तरफ सिकुड़ी जा रही थी और मंगल जो है वो फैलता जा रहा था किसी ना किसी बहाने से
उसके पैरों से अपने पैरों को टच कर रहा था लेकिन अब रीना क्या कहती मजबूर थी या वो फंस चुकी थी यही मन मन मन ही मन सोचती है कि पता नहीं ये इसका इरादा क्या है यह मेरे साथ धोखा कर रहा है या क्या कर रहा है यही सब सोचते हुए वो बैठी थी और मंगल उसे एक बार बोलता है कि क्या तुम्हें कोई बैठने में तकलीफ तो नहीं हो रही है अब रीना ऐसे में क्या कहती दिक्कत तो उसे हो ही रही थी लेकिन वह कहती है कि नहीं मुझे कोई दिक्कत नहीं है
अब जब बस में जगह इतनी है तो क्या किया जाए दोस्तों फिलहाल वो बैठी रहती है और मंगल जो है अब पूरी नजर जो है वो रीना की खूबसूरती पर उसके बालों पर व जो है टिकी रहती है व उसे अपने हाथों से छूने लगता है कभी बस अगर कहीं सड़क पर झटके लेती तो अगर कम हिचकोले बस लेती फिर भी वो जानबूझ के उसके ऊपर गिर जाता और फिर उसे हाथ से पकड़ लेता यह दिखाने के लिए कि मैं तुम्हें संभाल ना हूं कहीं तुम गिर मत जाओ लेकिन रीना तो समझ ही रही थी
कि यह जो भी कुछ कर रहा है वह एक्स्ट्रा कर रहा है इतना ज्यादा भी नहीं है लेकिन अब वह क्या करती वो बैठी थी अब धीरे-धीरे जब रात हो गई तो फिर वह अब सोने का बहाना करने लगा फिर उसके कंधों पर झुक जाने लगा इसी तरीके से जो है चलने लगा और रीना से धीरे-धीरे वो नजदीकियां बढ़ाने लगा बातचीत करने लगा एक ढाब पर जाकर बस रुकी तो वहां पर उतर कर और उसने जो है रीना से पूछा क्या खाओगी रीना ने बोला कुछ नहीं खाऊंगी लेकिन फिर भी उसने चार-पांच आइटम मंगा लिए
मंगा दिए कि लो खाओ और मैं हूं तो चिंता करने की कोई बात नहीं अच्छा है कि गांव वाले नहीं है वरना हम लोग तो खा ही पी नहीं पाते उनको खिलाते कि खुद खाते लोग एक दूसरे का मुंह ताकते हैं कि ये खर्चा करें ये खर्चा करें तो अच्छी बात है कि वो लोग इस बस में नहीं है अब उस से यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा था कि अगर हम दोनों अकेले हैं तो सबसे अच्छा है रीना जो है धीरे-धीरे उसके बातों में आने लगती है और वो उससे बातें करने लगती है
वो उससे कहता है कि तुम बहुत अच्छी हो बहुत खूबसूरत हो मैंने जो है और बहुत दिनों से तुम्हें देख रहा हूं तुम्हारे बारे में सोच रहा हूं बड़ा दुख होता है कि तुम्हारे पति की मौत हो गई दोस्तों उसके पति की एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो जाती है तो उसे हमदर्दी जताता है और ऐसी कोई कोई भी औरत जो कि पिछले चार सालों से बिना पति के रह रही थी दुनिया में चारों तरफ उसके लिए अंधेरा था कोई उसका अपना नहीं था तो उसको भी डूबते का तिन डूबते हुए को तिनके का सहारा
मिल जाता है मंगल की बातों से उसको सुकून मिलता है कि चलो कोई तो है मेरा दुख दर्द समझने वाला फिर वह कहता है कि मुझे जाना नहीं था लेकिन जब मैंने सुना कि तुम बहुत परेशान हो रही हो तुम्हें जाना है तो मैं भी तैयार हो गया कि चलो तुम्हारे साथ क्या पता जाने का मौका मिले यह भी बात उसे बोल देता है रीना को यह भी अच्छा लगता है कि चलो बोलती है कम से कम आपने इतना तो सोचा आपकी बड़ी-बड़ी मेहरबानी लेकिन अब उसको यह नहीं पता कि और यह क्या-क्या सोच रखा
है उसे यह नहीं पता था दोस्तों रात के करीब 3:00 बजे थे प्रयागराज वहां से 810 किलोमीटर दूर था बस जाती है और वहां से फिर प्रयागराज तक यह हुआ कि जाम लगा है क्या पता यहां से पैदल उतर कर जाना पड़े तो मंगल जो है वो रीना को जगाता है जो कि उसके कंधे पर सर रखकर सो रही थी कहता है अरे उतरो यार बहुत जाम लग चुका है और आगे लगता है पैदल जाना पड़ेगा और चलो बस से नीचे उतरते हैं अब वो बस से नीचे उतर जाता है रीना भी उतर जाती है
और उसके बाद वो सड़क के किनारे जाता है तो सड़क के किनारों पर होटल थे होटल में चला जाता है और वहां पर एक कमरा बुक करता है रीना उसका मुंह देख रही थी कि यह क्या हो रहा है पूछती है कि यह क्या बोलता है कि यार अब इतनी रात को कहां जाएंगे अभी कोई छीना झपटी हो जाए और कुछ भी हो जाए तो जब सुबह होगी तब जाएंगे यहां से अभी दूर है जाने में भी तीन-चार घंटे लगेंगे तो कहां चलेंगे वह कहती है कि सुबह होने वाला होगा क्या टाइम हो रहा है
वो बोला 3:00 बज रहा है बोली पहुंच जाएंगे 5-6 बजे तक नहाने के टाइम तक लेकिन वो बोलता है कि नहीं आराम से चलेंगे सुबह चलेंगे उसके बाद एक कमरा लेता है तो व कहती है कि मेरे पास तो पैसे हैं नहीं कमरे के देने के लिए क्योंकि मैंने जो है 7800 मेरे पास हैं तो कमरे का ही तुम 2000 000 बता रहे हो तो मैं क्या करूं वह कहता है तुम क्यों टेंशन ले रही हो पैसों की बात ही मत करो पैसा मैं देता हूं और फिर उसके बाद एक कमरा लेता है उसके बाद
वह अंदर जाता है लेकिन रीना जो थी वह गेट प खड़ी होके उसका शक्ल देख रही है अब वह कह रहा है कि अंदर आ जाओ वह कहती है कि मैं कैसे अंदर आ जाऊं और तुम एक ही कमरा लिए हो तुम कह रहे थे कि चिंता मत करो मैं अब तुम्हारे साथ कैसे कमरे में आ जाऊं वो कहता है क्यों ट ले रही हो कौन देख रहा है किसी को पता नहीं चलेगा रीना कहती है कोई सुनेगा तो तो क्या कहेगा वो कहता है कौन सुनेगा कौन देख रहा है तो तुम एक काम करो
आओ और सुबह होने वाली है दो-चार घंटे सो जाते हैं आराम करते हैं उतना दूर पैदल चलना है अब रीना जो है वह संकोच में पड़ जाती है लेकिन फिलहाल वह उसके साथ जो है अब कमरे में आ जाती है और मंगल जो है दरवाजा बंद कर लेता है और फिर उसके बाद रीना जमीन पर बैठ जाती है मंगल कहता यह क्या कहती है फिर अब सोते हैं कहता कैसे सोगी इतने ठंड में तुम वहां पर कैसे सोगी आओ इसी पर सो जाओ रीना कहती है कि मैं ऐसे कैसे सो जाऊं तुम ऐसी कैसी बात
कर रहे हो और यह हम कुंभ जा रहे हैं और मेरे समझ में नहीं आ रहा है तुम यह कैसी बात कर रहे हो वह कहता है कि क्या बात कर रहा हूं सो जाओ कौन देख रहा है अब दोस्तों फिर वह थकी थी ही वह जो है बिस्तर पर लेट जाती है लेकिन उसे नींद नहीं आती मंगल भी में सो जाता है अब मंगल के दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था फिर वह उससे जो है बातें करता है बोलता है तुम बस में सो रही थी तो तुम मुझे सोती हुई बड़ी
अच्छी लग रही थी और तुम्हारे बालों से अजीब सी अच्छी सी खुशबू आ रही थी तुम्हारे हाथ बड़े कोमल हैं इस तरीके से जो है वह उसे उसकी तारीफ कर रहा था उसे लुभाने की कोशिश कर रहा था और रीना जो है वह चुपचाप एक तरफ करवट फेरे उसकी बातों को सुन रही थी व सोच रही थी अगर मैं भी कुछ बोलूंगी तो बात बढ़ जाएगी अब दोस्तों कुछ नहीं बोलती है 10 मिनट ऐसे बड़बड़ा आता रहा उसके बाद फिर उसके करीब चला जाता है और उसके ऊपर अपना एक हाथ रख देता है और फिर
कहता है तुम सो गई क्या अब जैसे ही उसके ऊपर हाथ रखता है तो उसकी धड़कने तेज हो जाती हैं वो सिहर जाती है कहती है कि नहीं मैं जग रही हूं जब इतना सुनती वो सुन लेता है तो और सोचता है कि इसने मेरा हाथ भी नहीं हटाया तो फिर वो सोचता है कि शायद इसका भी वही मन है जो मेरा मन है वह और उसके करीब चला जाता है और फिर उसे अपने पाव में भर लेता है फिर उसके बाद रीना कहती है कि क्या तुम यही सब करने के लिए लाए थे मुझे
इसीलिए तुम लोगों से मुझे अलग कर लिए यही सब करने के लिए तुम धोखा दे रहे हो और कोई क्या कहेगा हम और तुम कुंभ लेकर जा रहे हो मुझे और इस तरीके से यह काम कर रहे हो ऐसा मत करो अब उसके बाद दोस्तों इसे भी अफसोस होता है सोचता है कि शायद इसे बुरा लग रहा है फिर ये उसे छोड़ देता है सोचता है कि मैं जो भी कुछ करूंगा जबरदस्ती तो करूंगा नहीं वो उससे अलग हो जाता है और उसके बाद पांच सा मिनट चुप्पी साधे रहता है लेकिन दोस्तों फिर रीना जो
है अब उसे चार सालों बाद कोई उसकी तारीफ कर रहा था कोई इसके इतना करीब आया था तो उसके भी मन में हलचल मच जाती है और वो फिर वापस उसके पास आती है और कहती है उसके ऊपर हाथ रखते हुए कहती है क्या हुआ नाराज हो गए क्या अब दोस्तों जब मंगल इतना इशारा रीना से पाता है तो फिर उसे अपनी बांहों में बर लेता है और फिर दोनों अपने आप को रोक नहीं पाते हैं उसके बाद दोस्तों फिर उनमें संबंध बनते हैं और उसके बाद फिर दोनों एक दूसरे के बाहों में समेटे हुए
और सो जाते हैं फिर सुबह 7:00 बजे रीना की आंख खुलती है उसके बाद वह जाती है नहाती है धोती है कपड़े बदलती है और उसके बाद फिर उसे जगाती है कहती है कि क्या हुआ कुंभ में नहीं जा जाना क्या वो नींद में ही उठता है और बोलता है कि मेरा तो मन कर रहा है कि अब यहीं पर रहूं और जाऊं ही मत रीना कहती है कि घर वालों को क्या जवाब दोगे अगर यहीं पर रहोगे तो वो कहता है कि बोल देंगे जाम लगा था जाम में फंस गए आजकल तो वैसे ही
जाम जाम का चारों तरफ शोर है कि प्रयागराज में गए तो 40 घंटे जाम में फंसे रहे चार दिन जाम में फंसे रहे तो ऐसे ही बोल दूंगा रीना कहती है कि क्या तुम्हारी बातों पर लोग यकीन कर लेंगे अब वह सोच रहा था कि शायद रीना का भी मन है वह कहता है कि क्यों नहीं यकीन कर लेंगे उसके बाद कहती है ठीक है लेकिन जो भी कुछ होगा तुम संभाल लेना दोस्तों अब दोनों को एक दूसरे से प्यार हो चुका था और रीना को भी मंगल का साथ बहुत अच्छा लगा था और मंगल
को रीना तो अच्छी लग ही रही थी दोस्तों उसके बाद उस दिन भी वह रुक जाते हैं और सारा दिन वहीं रहते हैं फिर अगले दिन रात को रहते हैं 6 तारीख को रुकते हैं और फिर आठ तारीख को उन्हें होश आता है कि हम यहां पर किस काम के लिए आए हैं उधर जो गांव में था वहां हंगामा मच जाता है कि मंगल जो है वह रीना को लेकर भाग गया इनकी बहू को लेकर भाग गया इसका चारों तरफ जो है शोर मच जाता है लेकिन इधर यह दोनों जो है अपना फोन ये स्विच
ऑफ कर लेता है रीना के पास तो फोन ही नहीं था उसके बाद दोस्तों फिर जब ये 8 तारीख वहां से निकलते हैं तो कहते हैं कि चलो यार जिस काम के लिए आए थे मां गंगा में चलकर डुबकी लगा लेते हैं संगम में चलकर नहा लेते हैं और मेला घूम लेते हैं वहां से फिर वो दो घंटे बाद कुंभ में पहुंचते हैं निकलते हैं कुंभ में पहुंचते हैं वहां पर वो नहाते हैं धोते हैं स्नान करते हैं यूं कहे कि अपने पापों को धुतेरेरे और पहले आ भी गए थे वह बोलते हैं कहीं जाम
नहीं लगा था हम तो गए और आ गए तू कौन से जाम में फंस गया था अब लोग उसकी बातों को पकड़ लेते हैं कभी कहता है कि मेरा मोबाइल गुम हो गया क्योंकि मोबाइल स्विच ऑफ किया ही था वो ले जाक गंगा जी में बहा देता है सोचता है कि यही एक बहाना रहेगा कि हां मेरी किसी से बात नहीं हुई उसके बाद बोलता है कभी बस खराब हो गया था फिर कभी कहता है मैं रास्ता भूल गया था लेकिन अब दोस्तों कितना भी वोह बहाना करे लेकिन लोग समझ चुके थे कि यह कुछ
ना कुछ कांड जरूर किया है वह बोलते हैं कि सच सच बता तूने क्या किया है और तूने क्यों इसको लेकर भगा कर गया और क्या किया तुम तुम दोनों ने जब वो परेशान हो जाता है बोलता है भाई अगर तुम लोगों को विश्वास नहीं है कि हम दोनों कहीं भाग गए थे तो तुम्हारी ही बात सही और मैं जो है अगर तुम लोगों को इतनी तकलीफ है तो मेरी शादी करवा दो अब दोस्तों जब रीना यह बात सुनती है तो रोने लगती है क्योंकि उसने तो उससे वादा किया ही था कि मैं तुमसे शादी
करूंगा उसके बाद ही दोनों में जो भी संबंध बने थे वो कुछ हुआ था लेकिन उसे यकीन नहीं था कि ये उससे शादी करेगा जब वो कहता है कि मेरी शादी करवा दो सब लोगों के सामने सब लोग कहते हैं ठीक है दोस्तों उसके बाद उसी वक्त जो है दोनों की वहीं पर शादी करवाते हैं मंदिर में और फिर जाकर ये मामला शांत होता है अब दोस्तों मंगल ने रीना से शादी करके अच्छा काम किया लेकिन दोनों जो धार्मिक यात्रा पर गए थे और बीच रास्ते में जो भी कुछ तीन दिनों तक यह लोग किए
क्या यह सही था या गलत था आप कमेंट में जरूर बताएं और क्या सच में इनके वहां पर नहाने से जिन्होंने पाप किया क्या वो पाप धुल गए आप कमेंट करके जरूर बताएं तो दोस्तों यह रही कहानी आपको अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक नहीं किया तो लाइक कर दीजिए चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए इसी प्रकार की कहानियों के लिए फिर मिलेंगे अगले वीडियो में तब तक के लिए जय हिंद