अगर आपने कभी ओशो साहब के लेक्चर सुने हैं तो आपको ये एहसास जरूर हुआ होगा कि सब कुछ आपके सामने ही था लेकिन आप कभी उन चीजों को उस तरह से देख ही नहीं पाए दिमाग केवल सतह पर चलाया और इतनी गहराई में जाने लायक आपके पास दिमाग था भी नहीं कहते हैं कि महान लोग अलग चीजें नहीं देखा करते हैं बल्कि वो तो सेम चीजों को अलग तरह से देखते हैं सोचने समझने की इसी क्षमता को कहा जाता है क्रिटिकल थिंकिंग और ध्यान देने वाली बात यह है कि इसे सीखना बेहद आसान और केवल
कुछ मेंटल मॉडल्स के बेस पर आप भी अपनी भावनाओं से रिलेटेड अपने जीवन की सारी समस्याएं ठीक कर सकते हैं फिर चाहे वह एक जगह बैठ के चुपचाप अपना काम करना हो पढ़ाई करना हो या फिर किसी इंसान के कैरेक्टर को स्टडी करना हो कि उसके थॉट्स आग से रहे उसके सोचने का तरीका क्या है और उसकी मोटिवेशन क्या [संगीत] है क्या आपने कभी कोई कांड करा है स्कूल में फोड़ा हो मार पिटाई कर दियो है ना या घर में आग लगा दियो आपको वो समय याद है जब आपसे इस बारे में कुछ पूछताछ करी
जा रही होती है कहां थे क्या कर रहे थे तो सोचिए उसी वक्त आपके सामने तीन ऑप्शन प्रकट हो जाएं और आप उन तीनों के कंसीक्वेंसेस भी अपने सामने देख पाएं कि ये बोलूंगा तो यह सोचेगा ये बोलूंगा तो ऐसे रिएक्ट करेगा इस तरह से सोचने पर आपसे ऐसा कोई सवाल नहीं पूछा जा सकता जिसका आपके पास अपने फायदे के हिसाब से सबसे बेस्ट सॉल्यूशन सबसे बेस्ट उत्तर ना हो आपके जीवन में ऐसी कोई दुविधा आ ही नहीं सकती जिसका जजमेंट और सॉल्यूशन आप जल्द से जल्द ना कर पाएं किसी लड़की को अप्रोच करते समय
भी आप ये जानते हैं कि ऐसे कुछ सेंटेंसेस तो जरूर एजिस्ट करते हैं जो आपका काम आसान कर दें ऐसा कुछ तो जरूर बोला ही जा सकता है जिससे कन्या इंप्रेस होती ही चलेगी लेकिन ये ऑप्शन प्रकट कैसे होंगे कोई मंतर वत्र पढ़ना पड़ेगा क्या मंत्र तो नहीं बस इस वीडियो को अंत तक देखना पड़ेगा क्रिटिकल थिंकिंग की जर्नी में सबसे पहला पड़ाव है ऑब्जर्वेशन [संगीत] स्किल्स देखिए क्रिटिकल थिंकिंग के लिए महत्त्वपूर्ण है कि आपका दिमाग परिस्थिति को समझने में एक्सपर्ट हो और इसके लिए इंपॉर्टेंट है कि आपका दिमाग हर वक्त अलर्ट हो विजुअल प्रोसेसिंग
आपके दिमाग के एक ऐसे हिस्से में होती है जिसे कहा जाता है एक्सीपिटर लोभ इसे एंस करने के कुछ बड़े अतरंगी तरीके हैं सबसे पहला विजुअल फोकस इसमें आप किसी एक ऑब्जेक्ट जैसे कि कोई मोमबत्ती की फ्लेम प अपनी आंखों को 5 मिनट के लिए केंद्रित कर सकते हैं नहीं उसके ऊपर नहीं जलाना नहीं है उसे उसे दूर से लगातार देखना है इस एक्सरसाइज से आप एक हाइट एंड फोकस की स्टेट में आ जाएंगे जहां आपकी सिंगल ऑब्जेक्ट ऑब्जर्वेशन एनहांस हो जाएगी दूसरी टेक्नीक है आई हैंड कोऑर्डिनेशन स्पोर्ट्स बैडमिंटन और टेनिस जैसे स्पोर्ट्स आपके दिमाग
को विजुअल ट्रैकिंग करने के लिए ट्रेन करते हैं बहुत तेजी से गुजरती हुई चीजों को फोकस करने के लिए ट्रेन करते हैं इसके बाद आता है स्पीड रीडिंग इस टेक्नीक में आप किताब पढ़ते समय एक बार में ज्यादा से ज्यादा शब्द पढ़ने की कोशिश करते हैं इसे करने से आपकी विजुअल प्रोसेसिंग स्पीड बढ़ जाएगी कम से कम समय में आप अपने आगे का पूरा दृश्य ना पटा लेंगे टेक्निकल ज्यादा हो गया क्या कोई बात नहीं अभी धीरे-धीरे बायोलॉजिकल से साइकोलॉजिकल की तरफ बढ़ते हैं तब मजा आएगा देखिए किसी भी चीज को समझने का मजा तभी
है जब आप उसे एटॉमिक लेवल तक समझ जाएं कोई कण ना बचे सब कुछ पता हो इसके बाद आप अवेयरनेस को ट्रेन करने के लिए किसी एक ऑब्जेक्ट को अपने सामने रख के 5 मिनट के लिए लगातार ऑब्जर्व करने की कोशिश कीजिए एक काम करिए आप एक सेब को ले लीजिए और उसके टेक्सचर उसके कलर और उसके वेट जैसी सभी प्रॉपर्टीज को लगातार ऑब्जर्व करिए इन सब को प्रैक्टिस करने के बाद आपकी आंखें ऑब्जर्वेशन और ट्रैकिंग में निपुण हो जाएंगी तो इंफॉर्मेशन कलेक्ट करने के बाद बारी आती है दृश्य को एनालाइज करने की देखिए एनालिटिकल
स्किल्स का बिजनेस की दुनिया में एक बहुत बड़ा रोल होता है आप कितना ही अच्छा डाटा कलेक्ट कर लें कितनी ही अच्छी रिसर्च कर ले कितने अच्छे से प्रेजेंट कर ले लेकिन अगर आपने उसका एनालिसिस सही तरीके से नहीं किया तो डिसीजन आप हमेशा ही गलत लेंगे कुछ लोग स्किल में नेचुरली काफी अच्छे होते हैं लेकिन ऐसा नहीं भी है तो यह कुछ पत्रे आपके एनालिटिकल ब्रेन को ट्रेन कर सकते हैं सबसे पहला मैथ देखिए मैथ स्कूल्स में इसलिए नहीं सिखाई जाती ताकि बच्चों को सताया जा सके बल्कि मैथ प्रॉब्लम सॉल्व करने से आपके दिमाग
के वो कुछ हिस्से एक्टिवेट होते हैं जो आपकी रियल वर्ल्ड प्रॉब्लम सॉल्व सॉल्विंग स्किल्स को काफी एनहांस कर देते हैं तो रेगुलर बेसिस पे कुछ मैथ प्रॉब्लम्स सॉल्व करते रहे उसके बाद आता है सोक्रेटिक मेथड ये एसिएंट ग्रीस में फिलोसोफर सोक्रेट द्वारा बनाया गया था ये एक ऐसा मेथड है जो आज तक लॉ इंफोर्समेंट द्वारा जजमेंट में इस्तेमाल किया जाता है इसका मेन उद्देश्य होता है आपके अंदर छुपे आइडियाज और प्रीजम शंस यानी के ऐसे ख्याल जिन्हें आप बिना दिमाग लगाए सच मान चुके हैं उनको बाहर निकालना और यह किया जाता है एक सिंपल प्रोसेस
क्वेश्चनिंग के द्वारा अगर आपको किसी भी डाटा का सोक्रेटिक एनालिसिस करना है तो उसकी एक समरी बनाइए और खुद से पूछिए कि समरी का मतलब क्या बन रहा है फिर पूछिए कि ये जो मतलब बनाया है आपने इसमें आपने लॉजिक और रीजनिंग क्या लगाई है क्या अलग-अलग रीजनिंग इस्तेमाल करके भी मतलब यही निकलेगा अगर ऐसा नहीं है तो आपने इस रीजनिंग को ही क्यों चुना है अब सोचिए कि जो मतलब आपने निकाला है उसके खिलाफ क्या-क्या बातें बनाई जा सकती हैं ऑपोजिट आर्गुमेंट क्या-क्या होंगे और उनका जवाब क्या होगा अब ये सोचिए कि आपके निकाले
गए इस मतलब का डायरेक्ट इफेक्ट क्या क्या होगा खेल सिर्फ इतना है कि आपने खुद के बनाए हर आर्गुमेंट को तब तक डाक्टर है जब तक आप अपनी लॉजिकल फैल सस तक नहीं पहुंचा जाते जिसका मतलब है आपके दिमाग में फिक्स्ड कुछ ऐसे ख्याल जो केवल सुनी सुनाई बातों पर बेस्ड हैं जिन पर आपने कभी प्रश्न नहीं उठाया है लड़की के साथ क्लब में छेड़ा छड़ी हो गई अब है लड़की क्लब में कर क्या रही थी हैं देखयो एक काम करते हैं सारे भाई क्लब चलते हैं और लड़कियों के साथ चिपक चिपक के नाचेंगे यह
होता है जब प्रेग्नेंट माएं ठा लगाती है ना तो बालक ऐसे पैदा होते हैं ऐसी रीजनिंग होती है उनकी वो सिर्फ उस इंफॉर्मेशन पे ध्यान देने वाला है जो उसके प्री एसिस्टिंग बिलीफ को साबित कर देगा उसने मन में बैठा रखा है कि लड़कियां तो हराम है अब ढूंढते हैं इसका प्रूफ ऐसी ना जाने कितनी लॉजिकल फैले सज आपके दिमाग में घड़ी हुई है बल्कि आपका अधिकतम दिमाग आपके अधिकतम ख्याल आपके है ही नहीं और अब समय चुका है एक फावड़ा लेने का और अपने दिमाग की खुदाई करने का निकालिए अपने उन सभी ख्यालों को
बाहर पूछिए खुद से कि क्या मैंने भी इन बातों पे कभी सोच विचार किया है या केवल सुनी सुनाई बातें चेप रहा हूं आपके ज्यादातर टीचर्स के पास भी केवल इंफॉर्मेशन है किताब पढ़ के दोहराने के एक्सपर्ट हैं सब के सब अब किताब है क्या किताब तो उसका एक्सपीरियंस है ना जिसने रचना करी है जिसने एक्सपेरिमेंट किए है जिसने वो जिंदगी जी है जब आप कोई ड्रिंक पीते हो ना तो थोड़ी सी ड्रिंक गिलास के अंत में बच जाती है उसे पैमाना कहते हैं वो है किताब प तो मार चुका है साइंटिस्ट या फिर कोई
साइकोलॉजिस्ट उसने पैग मार लिया है अब जो उसका झूठा पैमाना बचा है किताब वो है और अधिकतम लोग इसी को चाट के वापस उकल देते हैं देखिए किताब एक ऐसी इंस्ट्रक्शन मैनुअल है जिससे आप खुद वो सब कुछ एक्सपीरियंस कर पाएं जो लिखने वाले ने किया है ना कि उन बातों को पढ़ के कहीं और चेप के अपने आप को महान समझे जब आप उसे पढ़ने के बजाय जिएंगे ना तो उसे याद करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी खुद ही निकलेगा मुंह से सारा ज्ञान अब एनालिसिस तो आपने कर लिया लेकिन जरूरी यह है कि
आप कम से कम समय के अंदर एक डिसीजन भी ले सकें देखिए आपके दिमाग में दो तरह के मेमोरी प्रोसेसिंग सिस्टम हैं शॉर्ट टर्म जिसमें आपका दिमाग कम जरूरी चीजों को रखता है और कुछ समय बाद आप वो भूल भी जाते हैं जैसे आपने नोटिस किया होगा कि आप जब किसी से बात करते हैं और उसका नाम पूछते हैं तो 5 मिनट के अंदर ही आपका दिमाग ऐसा रिफ्रेश मारता है कि आप सब कुछ भूल जाते हैं डिसीजन मेकिंग के लिए दिमाग के इसी हिस्से को ट्रेन करना आवश्यक है ताकि ये हमारे हिसाब से चले
इसका सबसे पहला तरीका है अतरंगी चीजें सीखना जैसे कोई नई लैंग्वेज या कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट या ऐसे सब्जेक्ट्स जिनका आपके करंट फील्ड से कोई लेना देना बिल्कुल नहीं है इसका दूसरा तरीका है पजल्स चेस या मैथ इक्वेशंस को टाइमर लगा के सॉल्व करना देखिए टाइमर की जो टिकटिक होती है ना वो आपके दिमाग में स्ट्रेस इंड्यूस करती है और स्ट्रेस भांपते ही आपका दिमाग खून में एड्रीनलिन रिलीज कर देता है जिससे आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है और खून में ग्लूकोज की मात्रा भी बढ़ जाती है और आपके दिमाग को वो सारे हथियार मिल
जाते हैं जिनकी मदद से किसी भी प्रॉब्लम को सॉल्व किया जा सकता है कुछ लोगों की स्ट्रेस में फड़ भी जाती है और वो जाते हैं भाग लेकिन आपको अपने दिमाग को संभाले रखना है ध्यान नहीं बटाना कोपि नहीं करनी सारी शक्तियों को केंद्रित करके देखिए और सब कुछ खुद ब खुद सॉल्व होता ही चलेगा अब मैं क्रिटिकल थिंकिंग इंप्रूव करने के ऐसे तरीके के बारे में बात करने जा रहा हूं जिसका मेरे जीवन प भी एक बहुत बड़ा इंपैक्ट पड़ा है यह एक्टिविटी मैं लगभग रोज करता हूं और मैं आप सभी से रिक्वेस्ट करूंगा
कि आप आप भी इसे अभी के अभी चालू कर दें इस एक्टिविटी का नाम है राइटिंग देखिए लिख पाना और सोच पाना बिल्कुल बराबर है आपने नोटिस किया है कि जब आप बिना सोचे बोलते हैं तो आप बोलते बोलते सोचते हैं और 10 में से नौ बार आप कुछ अट शंट ही बकते हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने थिंकिंग की स्किल को अनलॉक ही नहीं किया है आपने जाना ही नहीं है कि सोचा जाता कैसे है इसीलिए जब आप लिखना चालू करेंगे तब आपको समझ में आएगा कि आपके दिमाग में जो भस है ना उससे
एक सेंटेंस फॉर्म करने में एक सेंस बनाने लायक बात निकालने में कितनी ऊर्जा लगती है तब आप ये क्लियर देख पाएंगे कि अधिकतम लोगों के द्वारा बोली जाने वाली ज्यादातर चीजें कोरी बकवास हैं दिमाग और मुंह का कनेक्शन ही नहीं है यहां से बकी जा रही है और ये बंद पड़ा है क्योंकि उसमें समय इतना लगता है और सोचने विचार करने और सेंटेंस फॉर्मेशन करने के लिए एनर्जी चाहिए ही बहुत ज्यादा तो लोग लगाना ही नहीं चाहते और राइटिंग इसी प्रोसेस की स्पीड बढ़ा देता है सोचिए मूर्खों की इस दुनिया में एक ऐसा आदमी कितना
खतरनाक हो सकता है जो केवल सोच विचार करके बोलना जानता हो देखिए ये वीडियो कितनी भी लंबी खींची जा सकती है क्योंकि क्रिटिकल थिंकिंग की ये स्किल आपके जीवन का पूरा नक्शा बदलने की क्षमता रखती है और इसमें जानने को है भी इतना कुछ इस वीडियो में मैंने भी बहुत सारे टॉपिक्स को काफी ओवर सिंपलीफाई किया है लेकिन अगर आप चाहते हैं कि बताए गए हर प्रोसेस को इंडिविजुअली ब्रेक डाउन करके मैं सारी स्किल्स की एक डेडिकेटेड वीडियो बनाऊं सबकी एक-एक वीडियो बनाऊं तो आप अपने विचार कमेंट सेक्शन में लिख के हमें जरूर बताएं दोस्तों
यह था गेम्स पीपल प्ले का आठवा एपिसोड इसके आने वाले एपिसोड्स के लेटेस्ट अपडेट्स के लिए सब्सक्राइब कीजिए एडन ग्रुप के ऑफिशियल youtube2 एपिसोड्स भी देखना बिल्कुल ना भूले [प्रशंसा] [संगीत]