दोस्तों एक महिला अपनी जवान बेटी को घर पर छोड़कर प्रयागराज जाती है महाकुंभ में स्नान करती है और गंगा मां से दुआएं मांगती है वह कहती है कि हे मां अगर मेरे परिवार की परेशानी किसी तरीके से आप हर ले तो फिर मैं यहां पर दोबारा डुबकी लगाने आऊंगी वह अपनी जवान बेटी के लिए आशीर्वाद मांगती है लेकिन उस महिला को नहीं पता कि जिस बेटी के लिए वह दुआएं कर रही है उस बेटी का उसके ही घर में दो लोग क्या हाल कर रहे हैं दो दोस्तों जिस बेटी के सहारे वह अपने घर को
छोड़कर आई थी उसे नहीं पता था कि मैं वहां पर जाऊंगी तो मुझे मेरी बेटी किस हाल में मिलेगी दोस्तों एक जमाने को सीख देने वाली यह कहानी है आइए जानते हैं पूरी कहानी इस वीडियो में लेकिन वीडियो में आगे बढ़ने से पहले बस ही रिक्वेस्ट वीडियो को लाइक कर दीजिए चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि मेरा हौसला बढ़ता रहे दोस्तों एक कहानी है बिहार के लखी शराय की आजकल जैसा कि आप सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्र राज में महाकुंभ चल रहा है और इस महाकुंभ में देश के हर कोने से
हर गांव से कोई ऐसा गांव नहीं होगा जहां से 100 200 लोग महाकुंभ में पहुंच ना रहे हो तो दोस्तों ऐसे ही वह महिला भी अपने गांव से कुछ लोगों के साथ प्रयागराज जाने के लिए तैयार होती है और अपनी बेटी से जिस बेटी का नाम सपना होता है दोस्तों सपना एक बदला हुआ नाम है सपना की उम्र 21 साल होती है वह उससे कहती हैं अपना सामान वगैरह पैक करती हैं और कहती हैं कि ऐसा है मैं महा कुंभ में जा रही हूं नहाने के लिए घर पे जो है वह तुम दादी का ख्याल
रखना और उनके साथ ही रहना कहीं इधर उधर जाना मत लेकिन वो बेटी कहती है कि मैं घर पे अकेली रहूंगी मेरे पास फोन वगैरह है नहीं मैं अगर तुझसे बात करना होगा तो कैसे बात करूंगी मुझे पहले एक फोन दिलवा कर जा वो कहती है ठीक है अब दोस्तों जाती हैं एक सादा फोन लेकर आती हैं जो कि 12100 का फोन होता है वो जो है सपना को देती है और उसके बाद कहती हैं कि ठीक है मैं जा रही हूं अपना और घर का और दादी का ख्याल रखना दोस्तों उसके बाद वो महिला
अपने गांव वालों के साथ चली जाती है लेकिन दोस्तों जैसे ही वह जाती है इधर सपना जो है आजाद हो जाती है उसकी बातचीत एक लड़के से चल रही थी जिस लड़के का नाम लखन होता है उसके गांव से 7-8 किलोमीटर की दूरी पर उसका गांव होता है एक मायने में उसका वो बॉयफ्रेंड होता है उसके घर पर भी उसका आना जाना था क्योंकि परिवार में यह हुआ था कि लखन से सपना की शादी होगी तो इसीलिए जो है लखन कभी-कभार उसके घर पर आ जाता था वोह उसी के ही परिचित में किसी रिश्तेदार में
आता था तो सपना जो है वो लखन से बात करती है कहती है कि अच्छा मौका है अभी तक तुम दिन में आते थे मुझसे मिलते थे क्योंकि कभी-कभार उन दोनों को मौका मिल जाता था तो चूंकि उनकी शादी होने वाली थी तो दोस्तों वो कुछ अपना रिलेशन को आगे भी बढ़ा चुके थे तो कहती है अभी तक तुम दिन में मिले हो जितनी बार भी मिले हो क्या तुम रात में नहीं मिलोगे लखन कहता है क्या बात कर रही हो तो कहती है कि मैं सही कह रही हूं मां जो है महाकुंभ में गई
है स्नान करने के लिए और अब दो-चार दिन बाद ही आएगी तो बहुत अच्छा मौका है घर में दादी हैं उन्हें ना ज्यादा दिखाई देता है ना ज्यादा सुनाई देता है तो इसीलिए तुम जो है अगर हो सके तो आ जाओ और मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी लखन कहता है कि ठीक है क्यों नहीं आऊंगा अब दोस्तों जैसे ही शाम हुई रात हुई जल्दी-जल्दी सपना ने खाना बना लिया उसके बाद अपनी दादी को खिला दिया अच्छे से उनको सुला दिया और फिर उसके बाद वह लखन का इंतजार करने लगी अच्छे से तैयार हो गई दोस्तों कुछ
देर के बाद लखन आ जाता है लेकिन वह अकेला नहीं आता उसके साथ एक उसका दोस्त आता है जिसका नाम प्रवीन होता है उसको देखते ही सपना सोचने लगती है उससे कहती है कि यह कौन है इसको क्यों लेकर आए हो तो वो कहता है कि ये मेरा दोस्त है जैसे मैं हूं वैसे यह भी है इसका नाम प्रवीण है हमारे और इसमें कोई फर्क नहीं है तो सपना कहती है कि ठीक है तुम्हारे इसमें कोई फर्क नहीं है लेकिन तुम इसे लेकर ही क्यों आए हो मैं तो तुम्हें अकेले बुलाई थी इसका यहां पर
क्या काम है दोस्तों उसके बाद लखन जो उससे कहता है उसे सुनकर उसका दिमाग खराब हो जाता है वह कहता है कि यह समझ लो हमारे इसमें कोई फर्क नहीं है और आज जो भी भी करेंगे हम तीनों मिलकर करेंगे अब इतना सुनते ही जो सपना थी वो बौखला जाती है कहती है क्या बात कर रहे हो क्या मतलब है तुम्हारा मैं कोई खाने वाली चीज हूं बांटने वाली चीज हूं जो तुम इसके साथ मिलकर मुझे बांटो ग और हमारी तुम्हारी शादी होने वाली है तुम्हें शर्म नहीं आ रही ऐसी बात करते हुए तो कहता
है यार मैं तुमसे कह रहा हूं कि हमारे इसमें कोई फर्क नहीं मेरा जिगरी यार है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है और वैसे भी तुम्हारा क्या चला जाए अगर तुम ऐसा कुछ कर दोगी तो अब दोस्तों व झल्ला जाती है वह कहती है कि अभी यहां से तुम चले जाओ और मैं तुम्हें देखना नहीं चाहती हूं लेकिन वह जो है उससे रिक्वेस्ट करने लगता है कहता मान जाओ लेकिन वो बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं थी वो बोलती है कि नहीं इसको अभी यहां से जाना होगा फिर वो कहता अच्छा ठीक है यह यहीं
कहीं सो जाएगा दूसरे किसी कमरे में सो जाएगा लेकिन सपना मानती नहीं है कहती बिल्कुल नहीं और तुम भी चले जाओ तुम्हारा भी काम नहीं है लेकिन वह कहता है कि ठीक है इतने ठंड में आए हैं कम से कम चाय पानी पिला दे कुछ बनाकर हम लोगों को पिला दे इतनी ठंड लग रही है और अभी यह चला जाएगा अब दोस्तों वह जाती है चाय बनाती है उसके बाद वह दोनों बैठकर वहां पर बातें करते हैं प्रवीण कहता है कि यार तू तो कह रहा था कि बड़ी आसानी से मान जाएगी तेरी हर बात
मानती है और यहां पर तो यार ऐसे नखरे दिखा रही है वह कहता है कोई बात नहीं यार तू जो है चला जा लेकिन वह कहता है कि मैं क्यों जाऊं यार इतना पैसे मैं खर्च किया हूं और तेरे साथ आया हूं मैं क्यों चला जाऊं मैं नहीं जा सकता उधर वो चाय बना रही थी इधर ये दोनों बातें कर रहे थे दोस्तों कुछ देर में चाय भी बन जाती है उसके बाद वो उन दोनों के सामने लेकर आती है लेकिन वो जो है गुस्से से मुंह फुलाई हुई थी किसी तरीके से दोनों चाय पीते
हैं उससे भी कहते हैं तुम भी पी लो तो व भी पीती है और उसके बाद जब चाय पीते हैं तो वह कहती है कि ठीक है अब तुम दोनों जाओ लेकिन दोस्तों अब वह दोनों जाने के मूड में बिल्कुल नहीं थे जाने के लिए आए ही नहीं थे वह सपना से कहते हैं कि आज हम लोग नहीं जाएंगे और तुम्हारी मुझसे शादी होने वाली है जैसा मैं कह रहा हूं वैसा तुम नहीं करोगी तो मैं तुमसे शादी भी नहीं करूंगा सपना कहती है कि मुझे खुद तुमसे शादी नहीं करनी है तुम्हारी ऐसी सोच है
जो हुआ सो बहुत हुआ हम दोनों के बीच में अब आज से हमारे बीच में कुछ नहीं है तुम यहां से चले जाओ लेकिन जो लखन था वो दोस्तों उसका हाथ पकड़ लेता है और सपना इस पर कहती है कि तुम मेरा हाथ छोड़ो वरना मैं शोर मचा दूंगी अभी आप पास पड़ोस वाले जो भी हैं मैं उनको बुला लूंगी दादी को बुला लूंगी अब इतना सुनते ही दोस्तों बौखला जाता है और उसके बाद उसको धक्का देता है अंदर एक बिस्तर था उस पर उसको पटक देता है वह शोर मचाने की कोशिश करती है तो
उसके मुंह पर हाथ रख देता है और उसके बाद दोस्तों पूरी तैयारी के साथ आए थे वोह दोस्तों उसके दुपट्टे से या फिर उसकी मां की साड़ी थी उससे उसका हाथ पैर सब बांध देते हैं मुंह में कपड़ा ठूंस देते हैं ताकि वह कुछ शोर ना मचा पाए और उसके बाद दोस्तों वह पूरी तरीके से असहाय हो जाती है जब व असहाय हो जाती है तो यह दोनों जो है ड्रिंक वगैरह लाए थे उसको पीते हैं और फिर उसके बाद दोस्तों जिस काम के लिए आए थे बारी-बारी से उसके साथ हैवानियत करते हैं अब दोस्तों
सपना कितना झेलती कुछ देर में बेहोश हो जाती है उसके बाद फिर यह लोग ड्रिंक करने लगते हैं फिर वोह होश में आती है इस तरीके से वह लोग उसके साथ जो है दरिंदगी की सारी हदें पार कर देते हैं उसको नचते रहते हैं और सपना जो है उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था उसके बगल वाले कमरे में उसकी जो दादी सोई थी उन्हें यह नहीं पता कि मेरे बगल के कमरे में मेरे चंद कदमों के कुछ दूरी पर उनके घर में उस लड़की के साथ क्या हो रहा था दोस्तों उन्हें जरा भी
इस बात का अंदाजा नहीं था यह लोग जो है उसके साथ जितना मर्जी जो भी कर सकते थे मनमानी किए और उसके बाद दोस्तों जब सुबह होने वाली थी सुबह होने से पहले लखन कहता है कि यार अब चल निकलते हैं तो प्रवीण कहता है कि इसका क्या करें दोस्तों उस समय जो सपना थी बेहोश थी तो वह कहता है कि यार बेहोश है चल इसका गला दबा देते हैं नहीं तो यह उठेगी तो हम लोगों को फंसा देगी शोर मचाएगी तो फिर क्या होगा लेकिन जो लखन था वोह कहता है कि यार जब आदमी
बेहोश हो जाता है कोई इंसान बेहोश हो जाता है उसके बाद जब होश में आता है तो फिर उसे कुछ याददाश्त पिछला क्या हुआ उसके साथ उसे कुछ पता नहीं रहता यह कहता है कि यार कैसी बात कर रहा है तू तुझे ज्यादा चढ़ गई है ऐसे थोड़ी होता है कि बेहोश होने के बाद आदमी होश में आएगा तो उसके साथ क्या हुआ है सब कुछ भूल जाएगा लेकिन लखन कहता है नहीं यार मैंने सुना है इस तरीके से कि एक बार बेहोश हो जाता आदमी तो उसे होश में नहीं आता अब इस तरीके से
वो इस टॉपिक पर बहुत टाइम तक बात करते हैं और फिर पी पी के इतना वो नशा कर लेते हैं कि फाइनली ये कहते हैं कि चल ठीक है यार और वो सारा कुछ भूल जाएगी और वैसे भी होश में भी आएगी तो किसी से कुछ कहेगी नहीं क्योंकि मैं तो उससे शादी करने वाला हूं यही सब वो फाइनली डिसीजन लेते हैं और उसके बाद वहां से वो निकल जाते हैं वहां से वो निकल जाते अपने घर चले जाते हैं हैं और सपना जो है दोस्तों उसी हालत में ऐसे पड़ी रहती है इधर-उधर लुढ़क है
डोलती है लेकिन वह कहीं से कुछ कर नहीं पाती है जा नहीं पाती है और दोस्तों वह ऐसे ही पड़ी रहती है सुबह जब होती है तो उसकी दादी उसका इंतजार करती हैं कि अभी तक उठी नहीं क्या बात है क्योंकि वह जल्दी उठ जाती थी सपना भी जल्दी उठ जाती थी उसकी मां भी जल्दी उठ जाती थी लेकिन मां तो थी नहीं महा कुंभ में गई थी स्नान करने के लिए गई थी तो दादी जो है उठ जाती हैं और उसके बाद थोड़ा-थोड़ा जब सुबह हुआ तो जाती हैं कमरे में देखती हैं तो सपना
की हालत देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक जाती है उन्हें समझने में देर नहीं लगती कि आखिर उस सपना के साथ हुआ क्या है फिर वह उससे पूछती है उसका जो हाथ पैर बधा था सब खोलती हैं मुंह से कपड़ा निकालती हैं उससे पूछती हैं कि कौन था यह क्या हुआ तुम्हारे साथ कौन आया था तो दोस्तों फिर वो रोने लगती है और उसके बाद बताती है कि लखन आया था अब जैसे व लखन का नाम सुनती है तो कहती है कि क्या बात कर रही है लखन क्यों ऐसा तुम्हारे साथ करेगा तुम्हारी उससे शादी
होने वाली है लेकिन सपना ने रोते हुए कहा कि नहीं उसने ही ऐसा किया है फिर उसे समझाती हैं कि चलो जो भी कुछ हुआ सो हुआ लेकिन अब इस बात को यहीं पर भूल जाओ किसी से कुछ मत कहना और क्योंकि उससे तुम्हारी शादी होने वाली है लेकिन दोस्तों सपना फिर जो कहती है वह कहती है कि वह अकेला नहीं आया था उसके साथ एक उसका दोस्त भी आया था और उन दोनों ने मिलकर यह सब किया है अब दोस्तों जैसे ही दादी सुनती है कि वो एक नहीं दो लोग थे तो फिर उनका
पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है वो उसका हाथ पकड़ती हैं और फिर कहती हैं कि चल पुलिस स्टेशन चलते हैं वो कहती है कि मां को फोन कर देती हूं दादी कहती है कि नहीं बिल्कुल नहीं पहले चल पुलिस स्टेशन चलते हैं दोस्तों उसके बाद वो दोनों लोग पुलिस चौकी पर जाते हैं और वहां पर सारी कहानी बताते हैं अब पुलिस वालों को भी समझ में नहीं आ रहा था क्या करें क्या ना करें हाल फिलहाल वह जो है उन दोनों को वहीं पर बिठाते हैं और उसके बाद वह वहां से फौरन निकलते हैं
क्योंकि जो लखन था और जो प्रवीण था दोनों रात भर के जगह थे तो इसीलिए जब अपने घर पर गए तो वो दोनों सो रहे थे चैन की नी सो रहे थे कि हमारा जैसे कुछ होगा ही नहीं उन्होंने जैसे कुछ किया ही नहीं है दोस्तों पुलिस जाती है उनके घर पे और उन्हें सोते हुए भी दबू लेती है उसके बाद उन्हें उठाकर थाने पर लेकर जाती है और उसके बाद उनसे पूछताछ करती है वह लोग अपना जुर्म कबूल कर लेते हैं कहां तक जाते भागकर और उसके बाद दोस्तों फिर उसकी मां को फोन लगाया
जाता है सपना की मां को फोन लगाया जाता है कि आप अपने घर पर आ जाइए आपके घर पर ऐसी ऐसी बात हो गई है उसकी मां जो है वहां से रोते भी लगते हुए वापस आती हैं अपने गांव वालों का साथा छोड़कर कि मुझे घर प जाना है इमरजेंसी है हालांकि वहां पर यह नहीं बताती कि हुआ क्या है लेकिन वह कहती हैं क्योंकि जो उसके पति थे वह मुंबई में रहते थे काम करते थे तो कहती है कि उनकी तबीयत खराब है और वह घर पर आए हैं तो मुझे भी जाना होगा अब
दोस्तों इसीलिए वह तुरंत आती है और जब घर पर अगले दिन पहुंचती है क्योंकि वहां से 4500 किलोमीटर दूर है प्रयागराज तो जब घर पर पहुंचती है तो अपना सर पकड़ लेती है अपना माथा पीटने लगती है कि मैंने अपनी बेटी पर क्यों भरोसा किया और सपना अपना सर पीटती है कि मैंने लखन पर क्यों भरोसा किया अब दोस्तों पुलिस उन दोनों को पकड़ती है मारती है पीटती है उसके बाद जो है लखन से पूछती है कि जिस लड़की को तुझ पर इतना भरोसा था तेरी उससे शादी होने वाली थी तूने उसके साथ ऐसा काम
क्यों किया अगर उसने तुझे बुलाया ही था तो तू अपने दोस्त को लेकर क्यों गया इस पर जो लखन था वो कहता है क्योंकि वो मेरा जिगरी यार था उ ने सारे पैसे खर्च किए थे इसीलिए मैं उसको वहां पर लेकर गया था और कोई बात नहीं अभी भी मैं उससे शादी करने के लिए तैयार हूं दोस्तों इस बात पर जो है पुलिस वाले उसे और मारते हैं सपना से पूछते हैं सपना कहती है बिल्कुल नहीं और इसने जो किया है इसकी सजा इसको मिलनी चाहिए दोस्तों सपना क्या दुनिया की कोई भी लड़की ऐसे लोगों
को माफ नहीं करना चाहेगी जिस तरीके का हरकत उसने सपना के साथ किया था हाल फिलहाल उसे उसके साथ जो है विभिन्न धाराओं में उस पर एफआईआर किया जाता है दोनों को जेल भेज दिया जाता है तो दोस्तों यह रही कहानी गलती किसकी थी आप कमेंट में जरूर बताएं मेरा यह वीडियो बनाने का मतलब किसी का दिल दुखाना नहीं था किसी के भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था बस लोगों को जागरूक करना था कि किसी पर इतना भी भरोसा ना करें कि जिससे आपकी जिंदगी बर्बाद हो जाए तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही
वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक कर दीजिए चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया तो सब्सक्राइब कर लीजिए इसी प्रकार की कहानियों के लिए लिए फिर मिलेंगे अगले वीडियो में तब तक के लिए जय हिंद