क्या आपने कभी किसी नेता को देख के यह सोचा है कि इसके जैसा मूर्ख आखिर पावर की इतनी हायर पोजीशन पे पहुंच कैसे गया आखिर एक अनपढ आदमी दुनिया के कुछ गिने-चुने सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोगों से आईएएस ऑफिसर से भी पावर के मामले में ऊपर कैसे हैं कॉलेज के ड्रॉप आउट्टन कैसे बना देते हैं दोस्तों पावर के इसी खेल को कहा जाता है डोमिनेंस हायरा की आज हम सीखेंगे कि सोसाइटी की यही हायरा की काम कैसे करती है और इसी के अंदर ऊपर कैसे बढ़ा जाता है आखिर क्या है वो स्पेसिफिक स्किल्स जो ना
किसी स्कूल में पढ़ाई जाती है और ना ही किसी एग्जाम में पूछी जाती है लेकिन दुनिया ऐसे ही स्किल्ड लोगों के कदमों प चलती है सत्ता का खेल तो चलेगा सरकारें आएंगी जाएंगी नेता बनने से पहले ये समझ लेते हैं कि हायरा की होती क्या है देखिए हायरा की सोसाइटी का एक ऐसा स्ट्रक्चर है जिसमें आपकी कॉम्पटन आपके कौशल डोमिनेंस और औकात के हिसाब से पूरी सोसाइटी अलग अलग लेवल्स में विभाजित है और ज्यादातर लोग इसके सबसे निचले लेवल पे होते हैं उनकी पिछली पीढ़ियां भी इसी लेवल पे समाप्त हुई है और इस बात की
संभावना बहुत ज्यादा है कि आने वाली पीढ़ियां भी इसी लेवल पे निपट जाएंगी एंड्रू टेट साहब को भी आपने इस बात पे अधिक चर्चा करते सुना होगा कि कैसे मेट्रिक्स सोसाइटी का एक ऐसा डिजाइन है जिसमें पावरफुल लोग सबसे ऊपर हैं वो वहां इसलिए हैं क्योंकि वो पावरफुल हैं और वो चाहते हैं कि हायरा की के नीचे वाले लोग वहीं रहे ताकि उनको कोई खतरा ना हो करीब ग को गरीब ही बना के रखो और अमीर को और अमीर बनाते जाओ यह बात कुछ हद तक सही भी है लेकिन पूरी कहानी का यह 10 प्र
हिस्सा भी नहीं है ये तो डीएसएलआर से खींची गई एक बड़ी फोटो का एक छोटा सा पिक्सल है यही सेम बात आपने बॉलीवुड की मूवीज में भी सुनी होगी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के नेता भी इसी भगर चोदी में बहुत आगे हैं इसका एक कारण ये है कि हायरा की के लोअर लेवल्स पे जो लोग बैठे हैं उन्हें ये सुनना बहुत पसंद है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है क्योंकि गलती उनकी नहीं है इसका मतलब हाथ में भी उनके कुछ नहीं है तो उन्हें करना कुछ नहीं पड़ेगा मतलब मौज लो और यही चीज आप भी
कह सकते हैं कि वो सब तो ठीक है भाई लेकिन हायरा की में ऊपर जाके मेरा क्या फायदा मैं क्या करूंगा ऊपर जाके मुझे कौन पैसे दे रहा है धैर्य बस धैर्य थोड़ा सबको मिलेगा भैया प्रसाद सबको मिलेगा देखिए इंसानियत की शुरुआत से अब तक हमारा नर्वस सिस्टम कुछ इस तरह से इवॉल्व हुआ है कि ये इस हायरा की में हमारी पोजीशन को बहुत ही सटीकता से ट्रैक करता है हमारा दिमाग इस बात से पूरी तरह से वाकिफ है कि सोसाइटी में हमारी औकात क्या है और हम हैं किस लेवल पे ऐसा इसीलिए क्योंकि इन्हीं
लेवल्स के बेस पे हमारा दिमाग हमारी फीलिंग्लेस में आपकी इज्जत नहीं है आपका गुजारा भी मुश्किल से हो रहा है और आपके पूरे परिवार की रिस्पांसिबिलिटी आपके कंधों पर है तो आपका दिमाग सेरोटोनिन के लेवल्स गिराता ही चलेगा अब आपको बुरी चीजें बहुत ज्यादा बुरी लगने लगेंगी और अच्छी चीजें बहुत कम अच्छी आप डिप्रेशन के बहुत करीब आ आ जाएंगे और ये आपके दिमाग का तरीका है आपको सजा देने का आपको होश मिलाने का आपको अलाम करने का हो सकता है कि आप जिस पोजीशन में इस वक्त हैं वो किसी और की गलती है या
फिर एक्सीडेंटल है किसी की भी गलती नहीं है और ये भी हो सकता है कि आपका ही किया धरा हो लेकिन ये सारी चीजें मैटर करती ही नहीं है इनका कोई अस्तित्व ही नहीं है देखिए आपके हालात जो भी हैं और जिस भी वजह से हैं यहां से निकलना तो आपको खुद ही पड़ेगा आपकी जो भी समस्या है वो सुलझा नहीं तो आपको खुद ही पड़ेगी लेकिन आपका दिमाग इतनी बेसब्र से इस हायरा की में ऊपर जाना क्यों चाहता है देखिए आदमियों की जिंदगी बड़ी जालिम है एक सिंपल उदाहरण यह है कि इस धरती पर
आज तक पैदा होने वाले सभी आदमियों में से ज्यादातर ने तो प्रोक्रिएशन करी तक नहीं है आदमियों को मौका ही नहीं मिला है ऑफ स्प्रिंग पैदा करने का बच्चा पैदा करने का है और कुछ आदमी हजारों बच्चों के पिता हैं आदमियों के केस में लगभग सारे स्टैट्स इसी लेवल पे एक्सट्रीम होते हैं यहां तक कि अगर हम इंटेलिजेंस लेवल को भी स्टडी करें तो बहुत ही ज्यादा संख्या में आदमी या तो आपको बहुत ज्यादा इंटेलिजेंट मिलेंगे हाई आईक्यू या फिर बिल्कुल ही घोंचू मिलेंगे अब महिलाओं के केस में ऐसा नहीं है ज्यादातर महिलाओं ने आज
तक एक ना एक बार प्रोक्रिएशन अवश्य करी है और इसी कारण से आदमियों के अंदर कंपटीशन की भावना इतनी इंटेंस होती है क्योंकि अपने कौशल का इस्तेमाल ना करना उनके जीवन को जड़ से उखाड़ सकता है और वो ये बहुत अच्छे से जानते हैं कि भैया यरार की में जो ऊपर हैं सबसे अच्छी कन्याएं और सबसे महत्त्वपूर्ण रिसोर्सेस उसी को मिलेंगे और वो नीचे वालो के लिए कुछ छोड़ने वाला है नहीं मतलब ऊपर तो जाना ही पड़ेगा दूसरा ऑप्शन ही नहीं है लेकिन यार मैं तो लंबा चौड़ा हट्टा कट्टा हो ही नहीं ना मैं बहुत
ज्यादा इंटेलिजेंट हूं मुझे कोई वैसे भी सीरियसली लेता नहीं है मैं हायरा की मैं इतनी ऊपर जाऊंगा कैसे हो सकता है आपको य जान के आश्चर्य हो लेकिन आपको पावर के उस मुकाम तक पहुंचने के लिए इनमें से कुछ भी नहीं [संगीत] चाहिए देख र्की के पावर डायमेंशन को समझने के लिए वैज्ञानिकों के ग्रुप ने चिंपांजीस पर एक स्टडी कंडक्ट करी चिंपांजीस इसीलिए क्योंकि इनका और हमारा जेनेटिक कोड लगभग 98 पर सेम है और इनकी सोसाइटी भी हमसे बहुत ज्यादा मेल खाती है अब वैज्ञानिकों का ये अनुमान था कि जानवरों में तो सबसे शक्तिशाली ही
सबका नेता होगा लेकिन स्टडी का नतीजा बड़ा आश्चर्यजनक था उन्होंने पाया कि चिंपांजीस के झुंड को एक शक्तिशाली नर अगर काबू करने की कंट्रोल कर ने की कोशिश कर भी लेता तो भी झुंड के बाकी कुछ नर जिनके अंदर दोस्ती का एक गहरा कनेक्शन है मिलके उसको खत्म कर देते थे इसका मतलब केवल फिजिकल प्राउस के बल पर आप मार काट मचा के शायद हायरा की की टॉप पोजीशन एक बार को हासिल भी कर ले लेकिन वहां पर टिक नहीं पाएंगे तो वैज्ञानिकों ने यह देखा कि पावर सोसाइटी का राजा बनने के लिए एक बहुत
ही खतरनाक और अनस्टेबल बेस है क्योंकि ऐसे आदमियों का अपने इमोशंस पे जरा भी कंट्रोल नहीं होता इनका थोड़ा भी दिमाग सर का तो ये सब कुछ तज नेज कर देंगे तो अंत में वैज्ञानिकों ने पाया कि स्टेबल सोसाइटीज को ऐसे नर चलाते हैं जिनके अंदर ये कुछ ट्रेट्स मौजूद हो सबसे पहला एफिलिएटिव इसका मतलब एक ऐसा आदमी जो लोगों से कनेक्शन बनाने में सक्षम है जो लोगों को यह बहुत जल्द महसूस करा सकता है कि उनकी सुनी जा रही है और उनकी केयर करी जाएगी ऐसे लोग बहुत जल्द ही इमोशनल बॉन्ड्स फॉर्म कर सकते
हैं और एक बहुत ही हाई फंक्शनिंग टीम की रचना कर सकते हैं दूसरा ट्रेड था ग्रेगोरियस इसका मतलब एक ऐसा इंसान जिसे लोगों के बीच ही रहना पसंद है लोगों से मिलना जुलना पसंद है मिलनसार है और जो ये रील नहीं बनाता कि अकेला हूं तो क्या हुआ काफी हूं नहीं भैया काफी नहीं है तू तू बिना पत्थ की चाय है उसके बाद आते हैं कर्तव्य का एहसास होने वाले और अपनी ड्यूटीज को फुलफिल करने वाले आदमी जो रिश्तों को निभाना जानते हैं दोस्ती का मतलब समझते हैं जो लोगों को एजुकेट करना चाहते हैं लोगों
को सिखाना चाहते हैं वातावरण को साफ रखना चाहते हैं और खतरों से बचाना चाहते हैं ऐसे पुरुष जो महिलाओं को सम्मान देना जानते हैं और बच्चों से लगाव रखते हैं भले ही वो बच्चे उनके ना हो ये सभी थे एथिकल ट्रेट्स अब समस्या यह है कि अगर एक अच्छे इंसान को बुराई का अंदाजा भी नहीं है तो उसका फायदा उठाना बेहद आसान है और इसीलिए हमें यह जानना जरूरी है कि लोग आपके खिलाफ कैसी-कैसी चालें चल सकते हैं दोस्तों ये था मैस्कुलर डोमिनेंस का पार्ट वन और इस सीरीज के अगले एपिसोड में हम डिस्कस करेंगे
डार्क ट्रेट्स कुछ ऐसे टैक्टिक्स जिनकी मदद से लोग किसी का भी फायदा उठाते हैं कुछ ऐसे टैक्टिक्स जिनकी मदद से लोग किसी का भी फायदा उठा सकते हैं किसी को भी मैनिपुलेट कर सकते हैं अगर आप भी उस एपिसोड को मिस नहीं करना चाहते तो सब्सक्राइब कीजिए एडन ग्रुप के ऑफिशियल youtube0 है हमारी सीरीज गेम्स पीपल प्ले इसके और एपिसोड्स को एक्सेस करने के लिए देखिए हमारे चैनल की ऑफिशियल प्लेलिस्ट को