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Sigmund Freud: The ultimate lecture

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94.24k67,670 Palabras338m readGrade 18
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इन महाशय को कोकेन से एडिक्शन इन महाशय को सिगार से एडिक्शन एक दिन में 20-20 सिगार पी जाते थे अपनी मां के तरफ लगाव और कुछ लोग तो कहते हैं यह कहीं ना कहीं अपनी मां से शादी भी करना चाहते थे जिसको बाद में डिप कॉम्प्लेक्शन मूवीज की कंसल्टेशन भी रिजेक्ट कर देते थे और उस जमाने में इनको $ लाख डॉलर तक मिले थे एक मूवी करने के लिए फॉर कंसल्टेशन लेकिन इन्होंने उसको भी खारिज कर दिया एक ऐसा इंसान जो कि खुद मेंटल हेल्थ इशू से स्ट्रगल करता रहता था ड्रग एडिक्शन था और एट
द एंड ऑफ हिज लाइफ जो कि उनका डेथ का कारण बना वो मॉर्फिन था मॉर्फिन एडिक्शन मॉर्फिन नेही उनकी जान ले ली आज के इस लेक्चर में हम लोग बात करने वाले हैं सिगमंड फ्रॉड के बारे में जिनको हम सिगी बाबा के नाम से भी कहते हैं या जो फिजिशियन थे ब्रोर वो उनको सीगी के नाम से कहते थे बट कोई बात नहीं यह लेक्चर काफी इंटरेस्टिंग होने वाला है वी विल कवर द हेल आउट ऑफ हिम पूरा कवर करेंगे और इसके अंदर पहले बोल दूं काफी वियर्ड प्रोनंसिएशन रहेंगी जर्मन प्रोनंसिएशन है अजीब अजीब ऑस्ट्रियन
प्रोनंसिएशन है तो पेयर विद मी मैं प्रोनंसिएशन करने की कोशिश करूंगा और नीचे आपको टेक्चुअल फॉर्म में मिल जाएगा कि मैंने किसका नाम लिया किस प्राणी का नाम लिया अगर आप समझ ना पाए तो इस लेक्चर में हम लोग सब कुछ कवर करेंगे हिस्ट्री से लेके फिलॉसफी से लेके साइकोलॉजी सो बी पेशेंट पेशेंट से याद आ आ या हम लोग क्लीनिकल पेशेंट के स्टडीज भी लेके चलेंगे कि किस तरीके से सिगम फ्रॉड के पेशेंट्स होते थे किस तरीके से उनका ट्रीटमेंट करेंगे पहले हम लोग पूरी इनकी थ्योरी समझ ले तो भाई सबको पता है जैसे
कि एक न्यू जर्नी है ऑन दिस चैनल फिलॉसफी ऑफ साइकोलॉजी साइकोलॉजी इसमें वक्त लगता है कंपाइलेशन लगते हैं टाइम लगता है बहुत दिन लगते हैं ऊपर से तो ज्ञान आया नहीं है पढ़ना पड़ता है गले छिल जाते हैं इतने लंबे-लंबे लेक्चर बनाने में सो इन शॉर्ट इफ यू रिस्पेक्ट द कंटेंट भाई साहब डू सब्सक्राइब ये क्या है ये सब्सक्राइबर रेशो क्या चल रहा है भाई सब्सक्राइब करो क्या कर रहे हो बढ़ाओ कम्युनिटी को बढ़ाओ ये कॉल टू एक्शन बाद में देते हैं क्या और वो लोग जो लोग बड़े-बड़े क्लिप्स कंज्यूम नहीं करना चाहते या नहीं
कर पाते उनके लिए इन सारे लेक्चर की शॉर्ट शॉर्ट क्लिप्स उठा के नॉट शॉर्ट्स मतलब 30 सेकंड वाले नहीं छ से 8 मिनट के वीडियो की क्लिप्स उठा उठा के डाली जाएगी दूसरे चैनल पे तो उसका लिंक भी डिस्क्रिप्शन में है जाके जवाइन कर लो एंड हमने नया अनाउंसमेंट बनाया है वो भी जाके नीचे जवाइन कर लो फॉर इंटरेस्टिंग अनाउंसमेंट जब भी फ्यूचर में होगी यहां पे पार्ट वन हम लोग ले लेते हैं अगर इंट्रोडक्शन टू फ्रॉड यहां पर मेरे नोट्स रहेंगे यहां से मैं आपको अपने साथ लेके चलता रहूंगा कुर्सी की पेटी बांध ले
इंटरेस्टिंग होने वाला है लेक्चर अपना जो भी है चना चकना लेकर बैठ जाए है ना और मोस्ट प्रोबेबली रात के वक्त देख रहे होंगे तो अपना घर वालों को डिस्टर्ब मत करना अपना पहली पानी वानी लेके बैठ जाओ कहीं बाहर निकलने निकल के तंग करो तो फ्रॉड की लाइफ एजुकेशन पिताजी यह लोग एक जुश फैमिली से बिलोंग करते हैं ठीक है और पिताजी के पिताजी मतलब दादा जो हो गए फ्रॉड के काफी ज्यादा यह लोग जजम में एसिडिक साइडिंग या एसिडिक बोला जाता है जूज यह लोग हैं जो कि एक ऑर्थोडॉक्स मॉडर्न जूज अपने को
कहते थे और मोर डिवोर्स गॉड ज्यादा स्पिरिचुअलिटी की तरफ थे पिताजी ने तीन शादियां करी थी और तीन शादियों के बाद काफी इनके सौतेले भाई बहन थे और इनका हुआ जन्म भैया अपने सीगी बाबा का अब इनके जो पिताजी थे वो एक वुल मर्चेंट थे और वैसे तो यह इनके पिताजी जाने जाते थे कि भाई थोड़ा बहुत जो तोरा जो इनकी किताब होती है होली बुक ज्यूज लोगों की होती है उसकी स्टडीज के ऊपर जाने जाते थे बट इतने ज्यादा ही वाज नॉट इनटू जजम जूडे इजम तो वह कहीं ना कहीं वह चीज आती है
अगर आप अपने फादर फिगर को देखें जिसको बहुत लोग हीरो फिगर मानते हैं ना भी मानो तो घर का माहौल जो है वह इन्फ्लुएंस होता है ऐसी चीजों से जो कि हुआ फ्रॉड का बहुत हद तक हुआ और फाइनेंशियल स्ट्रगल फैमिली में काफी ज्यादा रहे गरीबी देखी एक रेंटेड अपार्टमेंट में रहते थे इतने सारे बच्चे रहते थे और फ्रॉड वाज वन ऑफ द एल्डेस्ट मतलब सबसे सबसे बड़े थे जो जो तीसरी शादी हुई थी उससे सबसे बड़े थे बेटे वो और आठ आठ बच्चों में सबसे बड़े तो गरीबी देखी और जब यह पैदा हुए थे
तो इनकी जो मदर थी अमेलिया इन्होंने कहा कि भाई यह लकी है हमारे लिए एक अच्छा यह साइन है यह पैदा जो है क् जब यह पैदा हुए थे तो कॉल की कॉल होता है क्या होता है लेयरिंग होती है जब बच्चा पैदा होता है तो मेंब्रेन होती है ना तो वो मुंह के ऊपर चिप सर गर्दन सब पर वो चिपकी हुई थी और उसके साथ वो पैदा हुए तो वो स्लीप जो मेंब्रेन होगी वह मां के कोक के अंदर ही होती होगी एंड वो पैदा हुए जो भी है जो भी कहानी है बट इट
वाज कंसीडर्ड एज अ पॉजिटिव गुड वमन गुड वमन मतलब शुभ माना जाता था वह चीज अच्छी मानी जाती थी वह चीज तो सबने कहा कि भाई यह अच्छा करेगा अपनी लाइफ में ही विल बी वेल्थी इसकी इज्जत होगी इसके आगे पीछे बहुत लोग करेंगे जो कि आगे जाके ओबवियसली ट्रू हुआ बट वह पहले से ही कहीं ना कहीं प्रिडिक्ट कर दिया गया था 18591 से निकल गए और इनके जो हाफ ब्रदर्स थे वो सारे इंग्लैंड चले गए और इनकी बड़ी अच्छी एक बिटर स्वीट रिलेशनशिप था बट स्वीट रिलेशनशिप ज्यादा था इनके नेफ्यू के साथ जिनका
नाम था जॉन वहीं तक फ्रॉड के साथ काफी अच्छा जो एक रिलेशनशिप था ब्रदरहुड वाला वहीं पे था उनके साथ भी वो रिलेशन वहीं खत्म होता है दोनों अपने रास्ते निकल जाते हैं फिर फैमिली लाइब जिक जाती है लाइब जिक के बाद 1860 में फाइनली वियाना जाती है और विनस विएना से इनका असली इन्फ्लुएंस शुरू होता है जो भी फ्रॉड का इन्फ्लुएंस था एजुकेशन इनकी एक कॉलेज था लियो पोल स् कादर रियल जिम्नेजियम्स करे काफी ब्राइट और ब्रिलियंट स्टूडेंट ये रह चुके थे लैंग्वेजेस सीखी काफी लैंग्वेजेस आती थी इंग्लिश आती थी इनको हिब्रू आती थी
इनको जर्मन आती थी इनको यह फ्रेंच भी बोल देते थे थोड़ी बहुत इटालियन भी बोल देते थे थोड़ी बहुत इधर-उधर ग्रीक भी बोल देते थे तो क्योंकि जो कि जूज की थी आदत थी मल्टीलिंगुअल होते थे और काफी इसकी वजह से इनको प्रेज मिलता था कि भाई य तो भाई इंटेलिजेंट बच्चा है निकले अपना ऑनर्स के साथ इन्होंने अपनी डिग्री हासिल करी अब क्या था इनका यहां पे थोड़ा सा जरा पैशन जगह जागरूक हुए ये इनको मजा रोमांच रुचि आने लग गई भाई लिटरेचर में लिटरेचर की तरफ जाएंगे और लिटरेचर से ही बोला इन्होंने कि
भाई मैं जाऊंगा थोड़ा जरा लॉयर 17 साल की उम्र में यूनिवर्सिटी ऑफ विएना गए बोला भाई मैं लॉयर बॉयर बनने की इनकी इच्छा थी बट कहीं ना कहीं कोई और इन्फ्लुएंस और स्विच हो गई यह मेडिसिन के तरफ मेडिसिन की तरफ चले गए इनकी स्टडीज थी ज जूलॉजी पढ़ी इन्होंने फिजियोलॉजी पढ़ी इन्होंने फिलॉसफी की थोड़ी सी पढ़ाई करी थोड़ा सा ग्रीक फिलॉसफी इनके अंदर था और मतलब जो था यू ना कीड़ा होता है वो पड़ जाता है कीड़ा फ्रेडरिक नीचा में भी इंटरेस्ट इनको था फ्रेडरिक नीचा को काफी ज्यादा यह अ ये मानते थे मतलब
कहीं एक कहानी यह भी कही जाती है कि फ्रेडरिक नीचा की किताबें द बर्थ ऑफ ट्रेजेडी ये सब किताबें और वनर से रिलेटेड किताबें जो उनकी थी वो अपने पास रखते तो काफी हैवली इंस्पायर्ड थे बट ये कहते नहीं थे कि मैं इंस्पायर्ड हूं और बोलते नहीं थे मैं पढ़ता नहीं हूं बट दोस्तों ने कहा ये काफी ज्यादा हैवली इंस्पायर्ड थे इन्होंने तो यह भी कहा था फ्रॉड ने कि फ्रेडरिक नीचा इज वन ऑफ द ग्रेटेस्ट साइको एनालिस्ट ऑफ आवर जनरेशन जिस तरीके से वो ह्यूमन साइकोलॉजी को पढ़ते हैं जिस तरीके से ह्यूमन साइकोलॉजी को
समझते हैं उखाड़ के सामने रख देते हैं बहरहाल जो भी है तो 187 6 से तक आते-आते ये अपनी इंटर्नशिप वगैरह प गए और डिग्री विग्री के लिए जो होता है ना कि एक टट एक आइलैंड के पास मतलब शोर शोर लाइन के पास थे इनका वहां पे रिसर्च लैब था वहां पे ईल्स को काट काट के ईल्स को काट के उनका मेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन ढूंढने की लोग कोशिश करते थे बहुत पता नहीं कहा जाता है कितनी हजारों ईल्स को इन लोगों ने काटा और रिसर्च चलती रहती थी वहां से काफी कुछ इन्होंने कंट्रीब्यूट किया
वहां वहां जो इनिशियल रिसर्च थी और उसके बाद जो इन्होंने रिसर्च करी काफी ज्यादा कंट्रीब्यूशन गया टुवर्ड्स द डिस्कवरी ऑफ न्यूरॉन तो जिसमें मेडिकल साइंस में काफी अवार्ड्स भी मिले गए जब य न्यूरॉन के आपको आपका डिस्कवरी हुई भैया को कि भाई मेरे को रख लो अपने पास हमारी अच्छी बनती है हम एक दूसरे की यू नो अच्छे साथी बन सकते हैं और कंट्रीब्यूशन दिया जो भी मेडिकल साइंस को दिया 18792 ना उनकी एसेस को ट्रांसलेट करना शुरू किया और उसके बाद 18810 डेस्क के ऊपर ना कुछ कार्व कर रहे थे और कार्व करते करते
एक टीचर ने इनको पकड़ा कि भाई क्या यह कर रहे हो क्या बकैती काट र हो ये तुम्हारे पप्पा का दिलाया भाई जो तुम इसके ऊपर कोद काफी सुनाया मनाया टीचर आए देखा क्या लिखा है तो उसमें कुछ अलग से लैंग्वेज में लिखा हुआ था लैटिन वगैरह में लिखा हुआ था बट उसको अगर आप इंग्लिश में ट्रांसलेट करें तो उसका मीनिंग निकल के आता है इ इफ आई कैन नॉट बेंड दी हेवनस देन आई विल स्ट दी अंडर वर्ल्ड्स और मतलब अगर मैं ऊपर नहीं उठ सकता ऊपर की तरफ नहीं देख सकता हेवन जिसके पीछे
सब जाते हैं अगर मैं उसको नहीं मैनिपुलेट कर सकता उसको नहीं पकड़ सकता उसको नहीं समझ सकता तो कोई बात नहीं मैं अंडरवर्ल्ड में तहलका मचा दूंगा राइट और अंडरवर्ल्ड का ग्रीक फिलॉसफी में बहुत ज्यादा बहुत बड़ा योगदान रहा है अ उनका कल्ट अलग से था उसके ऊपर भी एक लेक्चर बनाने की सोची है और इसी ने इनके ये जो फैसन था ऑफ द अनकॉन्शियस माइंड जो कि हम पढ़ेंगे ना कॉन्शियस सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस अनकॉन्शियस माइंड से रिलेटेड चीजें जागरूक होने लग गई इनके अंदर कि भाई यह भी कुछ होता है यह भी एक इंटरेस्टिंग चीज
होती है तो इसका बहुत बड़ा योगदान आप कह सकते हैं इस पर्टिकुलर एनेक्ट का अंडरवर्ल्ड मतलब जो चीज छुपी हुई है हेवनस के बारे में तो सब बात करते हैं हेवनस को तो सब बोलते हैं भ ऐसा ये वो लेकिन अंडरवर्ल्ड के बारे में तो भाई कोई नहीं बात करना चाहता लो मैं ही बात कर लेता हूं यहां पे आते हुए भाई वीएन में क्या चल रहा था उस वक्त क्या कल्चर था वहां का क्या कॉन्टेक्स्ट था और कोई कैपिटल विएना ऑस्ट्रेलिया का तो बात तो होनी बनती है और बहुत इंपॉर्टेंट सेगमेंट बनता जा रहा
था कैसे नाजी लोगों ने इफेक्ट किया उसको क्या एंटीसेमिटिज्म टैक्टिक्स वहां पर चल रही थी बट थोड़ा सा जो वह वाला एरा था ना जो शुरुआत हुई थी 18 19 और 20 सेंचुरी का थोड़ा सा स्टार्टिंग वो काफी ज्यादा इंटरेस्टिंग था यहां पे कुछ थीम्स के ऊपर बात होनी शुरू हुई प्यार के ऊपर जिसको बोला गया इरोस और थानाटोस व्हिच इज डेथ इसके ऊपर बात होने चली गई और यह दिखाया अब जो ह्यूमन लाइफ को क्या चीज ड्राइव करती है फ्यूल करती है व ज्यादा इंपॉर्टेंट था हमारे लिए जो कि हमने हमेशा से देखा है
पहले दुनिया ग्रीक फिलॉसफी के टाइम से या एसिएंट फिलॉसफी के टाइम से पूरी तरीके से प्रभावित थी मेटा फिजिकल चीजों से मेटा फिजिकल ऑब्जेक्ट से मेटा फिजिकल दुनिया से और क्या बियोंड है इसके बट धीरे-धीरे रोमांटिसिजम मूवमेंट आया धीरे-धीरे इंसान और अपने अंदर जाने लग गया तो काफी इंटरेस्टिंग कुछ होने लग गया कि भाई अब हम इंडिविजुअलिज्म के ऊपर बात करेंगे इंडिविजुअल के ऊपर बात करेंगे क्या है जो ह्यूमन लाइफ को ड्राइव करता है तो यहां पर कुछ नाम प्ले राइट्स बनने लग गए आर्टिस्ट आने लग गए राइटर्स आने लग गए लोग खुल के अपनी
बातें आगेर आगे रखने लग गए नई चीजें बन रही है पुरानी चीजें खारिज हो रही है हर उसमें हर कल्ट में प्रोटेस्टेंट ग्रुप आ गया सेगमेंट आ गया जो किसी पुरानी चीज के अगेंस्ट है तो यहां पे कुछ प्ले राइट आर्टिस्ट जैसे एक है आर्थर स्टिलर और इनका जो काम था ले बेली एंड दास वाइट लैंड ठीक है यह यहां पर दिखाने लग गए ट्रेजेडी रिलेशनशिप्स कैसे रोमांटिक रिलेशनशिप में ट्रेजेडी आ सकती है कैसे रोमांटिक रिलेशनशिप एक इंसान को इस हद तक पागल कर सकता है कि वह अपनी जिंदगी अपने हाथों से ले ले तो
यह ना विएना के कल्चर में इंपैक्ट छोड़ने लग गई होता है ना जैसे हमने बॉलीवुड में भाई हर मूवी में प्यार दिखाना है हर मूवी में एक हीरो हीरोइन दिखाना है उसके अराउंड प्लॉट रिवॉल्व करवाना है वैसे यहां पे कुछ कुछ होने लग गया यहां पे कुछ इंटरेस्टिंग हो रहा था फिर यहां पे पोएट्स आने लग गए राइनर मारिया रील के जिन्होंने लव और मोरालिटी को अपने काम में दिखाया कि प्यार होना अच्छी बात है लेकिन प्यार के पीछे की मोरालिटी क्या है क्या वह सही है या वह गलत है या वह किस हद तक
सही हो सकता है या वह किस हद तक गलत हो सकता है हमें वह समझना है उसके अंदर की परत निकालनी और यह सब चीजें फ्रॉड को कहीं ना कहीं कल्चर में था है ना लेट्स से एग्जांपल ले लेते हैं रिसेंट हमारे रिसेंट टाइम का कपिल शर्मा शो सब देखते थे भाई हर घर में हर घर में कपिल शर्मा शो चल रहा है जिस जिसने देखा होगा चार्टिंग में वो चलता था भाई बाबाजी का बाबा जीी का ठुल्लू है ना करता था हर कोई एक दूसरे को ये दिखा रहा है भाई बाबा जी का ठुल्लू
बाबा जी का ठुल्लू तो कल्चर बन गया था इंटरेस्टिंग कल्चर था तो यह जो चीजें हैं ऐसी चीजें हैं वह ना सिर्फ पेरेंट्स को ना सिर्फ सोसाइटी को बट जो आसपास के लोग हैं बच्चे हैं उनको इंपैक्ट करती है और उस वक्त के बच्चे फ्रॉड वगैरह हो गए 17 18 19 साल के बड़े इंपैक्ट हो रहे थे मेंटल अवेयरनेस उभर के आने लग गई क्या होता है मेंटल अवेयरनेस मेंटल हेल्थ उससे पहले कोई मेंटल हेल्थ के ऊपर बात नहीं कर रहा था भाई ठीक है भाई भूत चढ़ गया है पगला गया है कोई बात नहीं
कुछ नहीं हो सकता इसके ला ज्यादातर ऑल्ट रिलेटेड चीजें जोड़ दी जाती थी मतलब जादू टोना विचक्राफ्ट भूत चढ़ गया है इसके ऊपर ये पोजेस हो गया है डीम चढ़ गया एसिम चल रहा है ये वो और इसके ऊपर भी बहुत इंटरेस्टिंग लेक्चर में ने सोचा था बट आई डोंट नो इफ द ऑडियंस इ स्टिल रेडी फॉर सच डार्क फिलोसॉफिकल स्टफ बट हां अगर इंटरेस्ट हो तो कमेंट में जरूर बताना हां बट इन शॉर्ट ऑल इन ऑल सीन यह था कि भाई यहां पर अब आर्किटेक्चर में भी मेंटल हेल्थ अवेयरनेस आने लग गया ऑटो वनर
ने एक चर्च बनाया था मतलब उसको डिजाइन किया था सेंट लियोपोल्ड चर्च और उसमें कल्चरल वैल्यूज तो थी क्योंकि ओबवियसली वो चर्च था बट वो मेंटल पे पेशेंट्स के लिए बनाया गया था नॉर्मली और वो जो चर्च है ना अगर उसकी फोटो देखोगे गोल्डन सा डोम है उसके ऊपर और उसने मार्क कर दिया कि मेंटल पेशेंट्स के लिए एक सेफ हेवन है मेंटल पेशेंट्स के लिए एक वो है आप जाके वहां पे अपना इलाज करवा सकते हैं आप जाके वहां पे एक शांति की सांस ले सकते हैं खामोशी मिलेगी मेंटल पेशेंट्स के लिए तो वो
एक सिंबॉलिज्म बन गया कि भाई अब तो ऑस्ट्रेलिया जैसी और यूरोपियन कंट्रीज मेंटल हेल्थ के ऊपर बात करने लग गई और ना सिर्फ मेंटल हेल्थ बट मेंटल हेल्थ से रिलेटेड जितनी डार्क चीजें हैं वो कितनी इंपॉर्टेंट होती है उसके ऊपर अब बात और चर्चा होने लग गई जिससे पूरा वेस्टर्न वर्ल्ड तो इन्फ्लुएंस हो ही रहा था ईस्ट के तरफ भी जरा थोड़ा सा मेंटल हेल्थ से रिलेटेड चीजें आनी शुरू हुई ये जो ऑस्ट्रियन एंपायर था ये एक डिक्लाइन की तरफ जा रहा था गिर रहा था लेकिन लोग जो एलीट क्लासेस थे वहां के लोग थे
वो घूमने लग गए साइकोलॉजी की तरफ कि भाई हम चलो साइकोलॉजी में चले जाए ऐसे ऐसे वक्त में जहां इतना मुश्किलों का मुश्किल हालात है वहां फिलॉसफी और साइकोलॉजी हमारी मदद करेगा ये लोग वर्ल्ड्स ऑपरेट जो ऑपरा वगैरह होता है डांसेसएक्सएक्सएक्स में ये लोग मिलते थे और अपने को एंटरटेन कर लेते थे कि भाई चलो किसी तरह खुद को यू नो शांति देने का एक जरिया है खुद को तसल्ली देने का ये एक जरिया है इसी को अपना लें अब यहां पे एक इकोनॉमिक डिप्रेशन आ रहा था और उस इकोनॉमिक डिप्रेशन जो ऑस्ट्रियन एंपायर में
इकोनॉमिक डिप्रेशन और ऑस्ट्रियन एय एंपायर का जो डिक्लाइन आ रहा था उसको बराबर करने के लिए 18735 यही सब चीजें देखने के लिए बट अचानक से स्टॉक मार्केट क्रैश कर गया और जैसे ही स्टॉक मार्केट क्रैश किया फाइनेंशियल बूम की जो एक्सपेक्टेशन ये लोग रख रहे थे वो डूब गई इनकी होब डूब गई सब कुछ डूब गया सब कुछ पानी में मिल गया जो इमीग्रेंट थे ना जो आर एथ हसिया में उन्होंने विएना का कल्चर और विएना में इन्होंने एक प्रोडक्टिव सिस्टम बनाना शुरू किया और ज्यादातर इंटेलिजेंट लोग सारे बाहर से आए थे सिगमंड फ्रॉड
खुद बाहर से आए थे जो साइकोलॉजी में थे थियोडोर हर्ज करके थे जर्नलिज्म और जियोनिज्म में थे गुस्ताव मलेर म्यूजिक में थे ऑस्कर को कोष्का पेंटिंग बहुत सारे लोग फ्रेश आइडियाज लाते रहते थे तो जितने उस टाइम के महारत थे सारे बाहर से आए थे सारे इधर-उधर से उठ के आए थे तो भैया सीन ऐसा था कि इधर विएना में बहुत तरीके के इंटेलेक्चुअल्स आ रहे थे अलग-अलग थॉट प्रोसेसेस के इंटेलेक्चुअल्स आ रहे थे जो कि आज से पहले कभी नहीं हुआ था धर्म में पड़े हैं धर्म में बातचीत चल र है भाई यहां पे
आए हैं अलग तरीके के इंटेलेक्चुअल्स उठके आए हैं अलग तरीके के कांसेप्ट के बारे में बात चल रहा है और रिप्रेशन के बारे में जो वार्तालाप चला जो कि आगे सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस में इन्होंने उसके बारे में और गंभीर और और घुस के अंदर से उसको रेत के निकाला वो डिप्रेशन अनकॉन्शियस सबकॉन्शियस में किस तरीके से होता है और सोसाइटी में किस तरीके से टेंशन भी था लेकिन खुशियां भी थी एक तरफ आपका इकोनॉमिक डिप्रेशन चल रहा था एक तरफ आपके अमीर लोग भी थे एक तरफ मेले भी चल रहे थे और एक तरफ लोगों को
खाने भी नहीं मिल रहे थे तो इस चीज ने फ्रॉड को काफी ज्यादा इन्फ्लुएंस किया सबसे बड़ी चीज यहां पे थी भैया सोशल प्रेशर एक मुखौटा पहना हुआ था जैसे एक मास्क होता है ना वो पहन के यहां पे सोसाइटी में इंडिविजुअल्स निकलते थे परेशानी चल रही है सोशल एंजाइटी है दिक्कतें हो रही हैं लेकिन फिर भी ऐसे दिखाते थे जैसे कुछ नहीं हुआ और यह शो करता था कि इंडिविजुअल इंडिविजुअल ऑटोनॉमी या इंडिविजुअल की लाइफ कैसी है और इंडिविजुअल से एक सोसाइटी कैसे बन रही है तो फ्रॉड ने इसको घुस के समझने की कोशिश
करी कि यह मुखौटा क्या है यह मुखौटा क्यों आ रहा है मेंटल हेल्थ के ऊपर बात नहीं चल रही है फ्रॉड ने डिफेंस मैकेनिज्म समझने की कोशिश करी कि ऐसा क्या डिफेंस मैकेनिज्म है एक इंडिविजुअल के अंदर जो यह मास्क या फिर एए मुखौटा चढ़ा के चलने की कोशिश करता है जिसकी वजह से वह खुल के आ नहीं पाता जो इंसान तुम घर में हो वह इंसान तुम बाहर नहीं हो जो इंसान तुम बाहर हो व इंसान तुम रिश्तेदारों के साथ नहीं है फ्रॉड ने बोला इसको हमें अनकॉन्शियस में समझना पड़ेगा क्या ऐसे ट्रामेट्स हैं
जो हमारे अनकॉन्शियस माइंड में जाके स्टोर होते जा रहे हैं जूश इंटेलेक्चुअल सर्कल्स का बहुत ज्यादा इनके ऊपर प्रभाव था इन्फ्लुएंस था ज्यादातर जूज यहां पर रहते थे मतलब जो इंटेलेक्चुअल ग्रुप होते थे वो जूज के होते थे यहूदी लोगों के होते थे और यहूदियों ने काफी ज्यादा इन्हें इन्फ्लुएंस किया कि भाई उनका माइंडसेट और वो इंटेलेक्चुअल सर्कल जो यहूदियों का था जू लोगों का था उससे वह काफी ज्यादा घुसते थे उसमें बातचीत करते थे वहां इन्होंने ह्यूमन बिहेवियर को भी समझना शुरू किया कि ह्यूमन एक तरीके से एक्ट कैसे करता है व्हिच इज द
यू नो फाउंडेशन फॉर फ्रॉड सिस्टमैटिक स्टडी या फ्रॉड फ्रॉयन जो साइको एनालिटिक थ्योरी हैं उसका मेन फाउंडेशन जो था ब्रिक बाय ब्रिक फाउंडेशन वो वहीं से बिल्ड हुआ साइंटिफिक मूवमेंट शुरू हो गए एक्सपोजर हुआ फ्रॉड का बहुत महान लोगों के साथ इंटेलेक्चुअल्स के साथ जिनका कुछ लोगों का नाम मैं बता देता हूं यहां पे गुस्ताव क्लिम ऑटो वगन एंड इयोन शल्य यह लोग इन लोगों ने काफी इन्फ्लुएंस दिया कंपटीशन देते थे एक हेल्दी कंपटीशन देते थे जूज के बीच में एक हेल्दी कंपटीशन हो रहा था लेकिन यह बात गलत तरीके से लोगों को चुभने लग
गई जूज वेर एक्सलिंग इन एवरीथिंग बी इट फाइनेंस बी इट आर्ट बी इट अ इंटेलेक्ट साइंटिफिक मूवमेंट बी इट इंजीनियरिंग हर जगह जूस घुसते जा रहे थे और दिस वाज एन अलार्म फॉर द वेस्टर्न वर्ल्ड या दि वाज अ थ्रेट टू द ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियंस कि यार यह तो गलत हो रहा है क्योंकि फ्रॉड की जिंदगी पे जूश कल्चर का बहुत ज्यादा एमफसिस रहा है और बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस रहा है तो यहां पे हम थोड़ा सा जूश कल्चर को समझने की कोशिश करेंगे प्री वर्ल्ड वॉर एंड पोस्ट वर्ल्ड वॉर किस तरीके से यह एंटीसेमिटिज्म मूवमेंट चला
सेमिटिक मूवमेंट चला किस तरीके से इन्फ्लुएंस हुई दुनिया अगेंस्ट एंड फॉर द जूज और इसको यहां पर जब तक हम समझे नहीं आगे बढ़ के आगे समझना फ्रॉड का दिमाग कि फ्रॉड किस तरीके से चलते थे काफी ज्यादा कठिन और मुश्किल हो जाएगा पोस्ट वर्ल्ड वॉर टू ना ऐसा था कि जूज को इस तरीके से ले लिया गया कि भाई बस एक रिलीजस डिफरेंस है कल्चरल डिफरेंस है और कुछ तो है नहीं बट जूस का बहुत बड़ा योगदान रहा है सोसाइटल इंपैक्ट में 150 से 200 साल तक उन्होंने वेस्टर्न वर्ल्ड पर राज किया है बोथ
इकोनॉमिकली सोशली और कहीं-कहीं पॉलिटिकली भी बहुत स्ट्रांग थे मॉडर्नाइजेशन का जो ट्रेंड था वो लाया था मॉडर्न फैमिलीज थी मिनिमलिस्टिक लाइफ स्टाइल दिखाने म घर प जाओ उनके मिनिमलिस्टिक लाइफ स्टाइल दिखेगा बहुतों के मॉडर्न फैमिलीज होती थी बच्चों को पढ़ाना खाना तो इससे ना जरा हल्का सा चिड़ते थे जो क्रिश्चन ऑर्थोडॉक्स होते थे या क्रिश्चन लोग होते थे और बुर्गी जो बोलते हैं फ्रेंच फ्रेंच टर्म है लिख ले कहीं पे विच इज अपर क्लास अब बुर्गी और प्रोलिटेरिएट यह दो होते थे अपर क्लास और लोअर क्लास अब वैसे तो जूस को देखा भी हम जूस
के बारे में सुने पोस्ट वर्ल्ड वॉर ट और नादी रेजीम थर्ड रा रायक के टाइम से कि भा गरीब हैं उनके पास चीजें नहीं होती थी वह सब उनसे ले लिया गया दे वर वेरी स्ट्रांग कैसे स्ट्रांग पहली बात तो इनका बर्थ कंट्रोल बहुत ज्यादा था कावत है ना बच्चे दो ही अच्छे बत भाई कम पॉपुलेशन रखो कम से कम पॉपुलेशन रखो पैसा कमाने पे ये लोग ध्यान देते थे इधर-उधर बकैती बिल्कुल नहीं काटते थे 1890 और 1930 के बीच में वर स जो शहर है वहां बहुत ज्यादा इंक्रीज हो गई पॉपुलेशन जूज की अब
मुल गया भाई वेस्टर्न लोगों को मौका चाहिए कोई भी चीज पकड़ने का इनको मिल गया मौका कि देखो तुम लोग बोलते हो बच्चे दो ही अच्छे कम पॉपुलेशन कम भीड़ भड़खा ये तो आके भीड़ बढ़े जा रहे हैं अगर य इनकी पॉपुलेशन इतनी कम है तो फिर कैसे ये लोग इतने वर्सों में आ रहे हैं बट अपॉर्चुनिटी थी अर्बनाइजेशन था जहां मौका वहां रोटी इसलिए सारे जूज लोग वहां भाग रहे थे अब मेजर जो शहर थे बुदापे विएना बर्लिन इसमें नॉन ज्यूज की एजुकेशनल पॉपुलेशन कम थी और जूज की बढ़ रही थी जूज के बच्चे
मल्टीलिंग अलग तरीके की लैंग्वेज बोलते थे सिर्फ यह नहीं कि भाई एक जर्मन आती है या एक फ्रेंच आती है यह बहुत तरीके की लैंग्वेज बोलते थे एंसेट लैंग्वेज तो बोलते ही थे और मॉडर्न लैंग्वेजेस भी इन लोगों ने बोलनी शुरू कर दी तो लोगों को बड़ी इनसे चढ बहुत ज्यादा दे वेर फ्लूएंट इन टॉकिंग विद एनी वन अब अगर खुद सोचो यू नो मल्टीपल लैंग्वेजेस तो बिजनेस कितना आसान हो जाएगा तुम दुनिया में यूरोप में पर्टिकुलर किसी भी कंट्री में जाकर किसी भी कंट्री के बंदे से धंधे पानी की बात कर सकते हो जूस
का मानना सिंपल था कि भाई हम अपनी पर्सनल डेवलपमेंट और सोशल डेवलपमेंट प काम करते हैं इसलिए हमें अपने बच्चों को पढ़ाना बहुत ज्यादा जरूरी है आप उसमें हां ही भरे या उसमें हम ना ही भरे हम तो पढ़ाएंगे अपने बच्चों को बट इन लोगों को मार्जिनलाइज कर दिया था फॉर अनरेगुलेटेड ट्रेड प्रैक्टिसेस और ये लोग खुद भी अनरेगुलेटेड ट्रेड प्रैक्टिसेस में पार्टिसिपेट करते थे तो वेल्थ जूस के पास ज्यादा थी क्योंकि अनरेगुलेटेड अनरेगुलेटेड ट्रेड में रिस्क होता था बहुत ज्यादा खतरा होता था लॉज ठीक से इंप्लीमेंट नहीं हो पाते थे लोग करना नहीं चाहते
थे बट जूज लोग करते थे और वहां से एक इंडस्ट्रियल अर्बनाइजेशन वहां से इंडस्ट्रियल कॉमर्स इंडस्ट्रियल कैपिट आइजे का लबाला और वेव शुरू हुई 1925 प्रशिया में 59 पर जो कॉमर्स में पॉपुलेशन थी धंधे वगैरह में पॉपुलेशन थी वो जूस की थी और ओनली 17 पर वेर नॉन जूस और जितने आर्टिजन वगैरह थे क्राफ्ट पर्सन थे छोटे-मोटे जॉब करनने वाले थे ड्यू टू लैक ऑफ मैन फोर्स यह लोग भी घुसने लग गए ये लोग भी घुसने लग गए हम भी धंधा करेंगे तो अब छोटे-छोटे तबके के जूस भी जो थे जिनको मार्जिनलाइज किया जाता था
दूर भेजा जाता था कि भाई ये तो हमारी सोसाइटी में एडजस्ट नहीं कर सकते हैं वो भी ऊपर आने लग गए वो भी ऊपर बढ़ने लग गए और जूस की आप समझ लीजिए तरक्की में और बढ़ावा मिलने लग गया जो कि अब और चुभने लग गया भैया वेस्टर्न वर्ल्ड को पहले तो ये था कि भाई छोटे-मोटे धंधे कर लेते थे इधर चले गए उधर चले गए जूज लोग है ना अब तो क्या है कि भाई बड़े-बड़े बिजनेस चलाने लग गए बैंक्स में मैनेजर बनने लग गए बैंकिंग सेक्टर में आने लग गए और पूरा वरसो जो
था प्रशिया के बहुत सारे जो रेजीम थे उसमें इन लोगों ने अच्छी-अच्छी स्ट्रांग होल्डिंग बनानी शुरू कर दी ये एलीट क्लास बनने लग गए और इनकी जो प्रेजेंस थी मतलब अब जितने एलिटस जॉब होते हैं मतलब आज जैसे एलिट जॉब क्या होता है पीएसयू होता है गवर्नमेंट टॉ सेंट्रल गवर्नमेंट में पोजीशंस होती हैं कॉपरेट होता है उस टाइम के ऐसी ही कंपनीज में ऐसे ही बड़ी-बड़ी जगहों पर गवर्नमेंट जलने लग गई क्यों ओबवियसली भाई अलग रिलीजस ग्रुप था अलग रिलीजस सेक्ट था ऑल टूगेदर और वह इतना ज्यादा पावरफुल बनता जा रहा है कुछ तो दिक्कत
है भाई यह बर्दाश्त के बाहर जा रहा था अब विएना बर्लिन बुडापेस्ट कहीं भी देख लो डॉक्टर्स इंजीनियर्स लॉयर्स मेडिकल प्रैक्टिशनर्स किसी को भी देख लो टॉप नीच में इंटेलेक्चुअल नीच में सब जगह जूस से अब तो भैया दिमाग फट ना शुरू हो गया था आप यह यह एक स्टैटिस्ट बहुत ज्यादा दिमाग घुमा देने वाला है कि भाई इतने ज्यादा जूज हर तरफ हालत ऐसी हो गई थी कि 1908 तक 1908 तक ऑफ द 31 पर मतलब पूरी जर्मनी में 31 पर जूज वेर वेल्दि एस 31 पर बल्कि उनकी पॉपुलेशन सिर्फ 1 प्र थी फिर
भी दे वेर 31 पर वेल्थीएस्ट मतलब अब तो मिर्ची लग गई अब तो नाक कटने वाली बात हो गई थी यहां पे वल्दी हो रहे हैं इंटेलेक्चुअल स्पेस में जा रहे हैं 1933 तक यह समझ लो जितने नोबेल प्राइजेस जर्मनी को मिलते थे जर्मन को बहुत नोबेल प्राइज मिलते थे उसमें से ऑलमोस्ट 30 पर वेर जूज भाई पहले तो पैसा था अब तो यह लोग आ गए धीरे-धीरे इंटेलेक्चुअल स्पेस में भी और कैपिट ज्म को इनकी वजह से कैपिट ज्म को गाली पड़नी शुरू हो गई इनकी वजह से कैपिट ज्म को बुरा कहना शुरू कर
दि दिया गया और इसी वजह से ग्रोइंग ऑपरेशन किसने फायदा उठाया एक महाशय हैं जिन्होंने बहुत ज्यादा फायदा उठाया इस चीज का है ना फिर लगातार देर धड़ाधड़ देर धड़ाधड़ इन लोगों को मारना शुरू कर दिया जू लोगों को मर्डर करना इन लोगों का शुरू कर दिया जो कि बहुत गलत हुआ बट जस्टिफाई किया गया उस चीज को सबको पता है हिटलर भैया ने क्या किया यही तो था इसी चीज इसी कमजोरी इसी ऑपरेशन को सब दबा दबा के बैठे रहे कि भाई जू सक्सेसफुल हो रहे हैं जू सक्सेसफुल हो र एक बहाना इन लोगों
को डालना था अपनी ना कामयाबी का नो जैसे ब्लेम डालते हैं ना लोग किसी और के सर पर मत्थे फोड़ना था बस फ्रेडरिक नीचा की फिलॉसफी उठाई रमन सुपरमैन का उनका कांसेप्ट उठाया भाई वो तो बल्कि फिलॉसफी कह रहे थे कि यू राइज अबब फिलोसॉफिकली उन्होंने कहा नहीं भाई हम आर्यंस हैं हम कैसे पीछे हट जाए हमारे गोल्डन बाल है हमारी ब्लू आंखें हैं हमारी सफेद चमड़ी है हम बने हैं ऊंचे तबके के यह क्या लोग हैं हमें राज करना चाहिए यह राज करेंगे और वहां से पर्सीक्यूशन शुरू हो गया डिक्लाइन शुरू गया 150 साल
तक जूज ने राज किया एक्ट जो भी बैंक्स में प्रशियन बैंक्स के अंदर जितने जूज थे 43 पर जो उनकी होल्डिंग थी मतलब 43 पर जूज गिर के 18 पर हो गए बिटवीन 18 82 एंड 1925 और आगे जाते जाते वह पूरी तरीके से खत्म भी हो गए सोशली अलग करने लग गए इन लोगों को क्लब्स में आना मना कर दिया जूस के जूज हमारे कॉलेजेस में नहीं पड़ेंगे हमारी यूनिवर्सिटीज में नहीं पड़ेंगे उन लोगों को पूरी तरीके से खारिज कर दिया जो भी हो रहा था इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन आ रहा था वेस्टर्न वर्ल्ड में जर्मनी
में पर्टिकुलर जो भी ग्रोथ आ रही थी सबका माथा उठा के जो भी गंदगी थी उठा के जूस के ऊपर डाल दी मतलब अपनी इनसिक्योरिटी उठाकर डाल दी ये कैपिटल जम इनकी वजह से हो रहा है यह जो सोशलिज्म में रेवोल्यूशन आ रहा है वो इनकी वजह से हो रहा है यह लिबरलिटी जो जितने आ रहे हैं लिबरलिज्म का जो प्रोप चल रहा है वह जूस की वजह से हो रहा है सारा उठा के जूस के ऊपर डाल दिया जितना था सब उनके पर भांडा फोड़ दिया एक ही यहां पर चाबी थी जिसकी वजह से
दिक्कत हुई जूश प्रोस्पेरिटी जूज को कोई आगे बढ़ता हुआ नहीं देखना चाह रहा था ना तो हम खुद आगे बढ़ेंगे ना दूसरों को आगे बढ़ने देंगे वाली मेंटालिटी थी जैसे टर्स टाइप होते हैं ना जो नेगेटिव कंपटीशन करते हैं और यहां से डिक्लाइन शुरू हो गया जूस का अब यह तो जूस का जो डिक्लाइन शुरू हुआ और नाजी रेजीम जो आया किस तरीके से नाजी रेजीम ने सीधा-सीधा फ्रॉड को नो फ्रॉड को इफेक्ट किया ड के काम को इफेक्ट किया आप यह समझिए कि जो भी इंटेलेक्चुअल स्पेस में इंटेलिजेंट लोग थे भले ही वह मेडिसिन
में काम कर रहे हैं फिजिक्स में काम कर रहे हैं केमिस्ट्री में काम कर रहे हैं जो भी जूस थे उन सबको सूडो साइंटिस्ट क्लेम कर दिया नादी रेजीम ने को हमारे देश को तरक्की की तरफ नहीं बल्कि यह लोग हमारे देश को नुकसान के तरफ लेकर जा रहे हैं इन लोगों से दूर रहो यह जो लोग हैं यह हैं गलत लोग यह है कीड़े यह है चमका दर जो भी है चूहा है ना जो भी बोला जाता है छछुंदर वगैरा है ना रेट्स रोडेंट्स गंदे से गंदे नाम दिए गए इन लोगों को इनके साथ
भी बहुत गलत हुआ फ्रॉड के किताबें जला दी गई फ्रॉड गस्ता पो जो था आ गया इनके पास इन्वेस्टिगेशन करने जिस ये बहुत ज्यादा घबरा गए 1938 में पूरा एनेक्स सेशन हो गया ऑस्ट्रिया का एनेक्स कर लिया गया कब्जा कर लिया गया बाय द नाजी रेजीम जिसको एंजलिस एंड जलस कहा जाता है पूरा ऑस्ट्रेलिया कवर कर लिया गया अब तो खतरा आ गया विएना प भी खतरा आ गया नाजी रेजीम का फ्रॉड जैसे लोग परेशान अब हम क्या करें कोई बात नहीं बोला मारिया बोना पार्थ करके एक पोएट है उन्होंने बोला कि भाई चलो कोई
ऑथर पोएट उन्होंने बोला चलो हमारे साथ हम तुमको यहां से बचा के लंदन ले चलते हैं तो जी ये लंदन पहुंच गए एक काफी दुखद कहानी इनके साथ हुई मैं वो बताता हूं आपका आगे एक छोटे से एनेक ोट में शेयर करूंगा तो लंदन पहुंच गए ये वहां पे बहुत ट्रबल रहे वहां पे उनकी मेंटल हेल्थ इश्यूज काफी ज्यादा बढ़ गई और फाइनली इनका जो कैंसर था जो बॉल आई आई सॉकेट के पीछे कैंसर का ट्यूमर बढ़ता जा रहा था उसको इन ऑपरेबल हो चुका था वो उसका कोई ऑपरेशन नहीं हो सकता था तो इन्होंने
अपने दोस्त को परमिशन दी भाई अब ये दर्द मुझसे बर्दाश्त हो नहीं रहा है मेरी जिंदगी बहुत खराब हो गई है मैं बहुत डिप्रेशन में हूं मुझे मॉर्फिन के एक्स्ट्रा इंजेक्शन दो और वह खत्म हो गए सोते सोते जैसे भी 1938 तक काफी फ्रॉड की इज्जत आने वाले साइको एनालिस्ट कहीं ना कहीं वन ऑफ द फोर फादर्स ऑफ साइकोलॉजी है ना काल युंग के साथ-साथ सिगमंड फ्रॉड हो गई य जितने लोग हैं लेकिन यहां पर किताबें जलाई जा रही है पब्लिक स्फेयर में बेइज्जती हो रही है क्या कहा कहा जा रहा है सूडो साइंटिस्ट क्या
कहा जा रहा है यह लोग ढोंग बाज है जू साइंस अरे भाई कम से कम विज्ञान को तो इस चीज से अलग रखो विज्ञान को तो अपनी पॉलिटिकल गंदगी में मत लाओ लेकिन नहीं पैसे डिप्रेसिंग हो गया कब्जा कर लिया गया और डिप्रेशन में आ गए और सबसे जदा डिप्रेशन को तब हुआ जब इनकी चार बहनें पीछे रह गई वहीं ऑस्ट्रिया में उनको कब्जा कर लिया गया उनका मर्डर कर दिया गया वही कंसंट्रेशन कैंप में भेज के इनको यह खबर मिली 1938 में और जो इनकी हालत हुई इन्होंने अपना काम किया यह अपने पूरे कंट्रोल
में रहे यह अपना काम करते रहे लेकिन वई 1939 तक इतना ज्यादा यह चीज बढ़ चुकी थी स्ट्रेस कि इन्होंने अपना दम फाइनली तोड़ दिया जो कि खुद उन्होंने बोला कि भाई अभय कैंसर जो हो रहा है वह बहुत ज्यादा बढ़ चुका है कैन नॉट सरवाइव एनीमोर और उनका देहांत हो गया मतलब ऑब् वियस खत्म हो गए वह एक ऐसा इंसान जो ह्यूमन साइक के ऊपर काम करता है ऐसा इंसान जो हिडन थॉट्स और हिडन मीनिंग्स के ऊपर काम करता है उसकी खुद की आवाजें दब गई उसका खुद खुद का काम जला दिया गया उसका
खुद का काम खत्म कर दिया गया इसने इस चीज ने इस पूरे जो वाक्या हुआ उसने फ्रॉड को इतना ज्यादा डीप ट्रामाटास कर दिया था कि वह आगे जी ही नहीं पाए और यहां पर फ्रॉड का खात्मा हो गया इनके ऊपर एक अल्टीमेट इन्फ्लुएंस आया था एक महान फिजिशियन का इनका नाम था जोसेफ ब्रोर या होसे ब्रॉय होजे ब्रॉय सब अपना प्रोनंसिएशन फ्रॉम रीजन टू रीजन अलग होती रहती थी इनकी एक पेशेंट आई थी एना ओ करके या उनका नाम ले ले बढ़ता पापि नियम अब यह जो पेशेंट थी इसको थी प्रॉब्लम हिस्टीरिया की व्हिच
इज अनकंट्रोलेबल इमोशन अचानक से गुस्सा आ जाना अचानक से एक्साइटमेंट आ जानी अचानक से क्रोध आ जाना अचानक से कोई भी एक्शन कर जाना एजरेट करना किसी भी सिचुएशन को कि ऐसा है कोई चीज छोटी होगी उसकी बात का पतंग बनाना अब उस वक्त तक लोगों को लगता था कि इन क्यूरेबल डिजीज है एक पैरालिसिस है ये एक विजन प्रॉब्लम है और इसका कोई क्योर नहीं हो सकता इसका कोई इलाज नहीं हो सकता बहुत लोग इसको जेनेटिक मानते थे बहुत लोग इसको मानते थे मतलब उतना जेनेटिक चीजों का उस वक्त बोलबाला नहीं था बट ऐसी
चीज है जो बचपन से इंसान को होती है और स्रेस रहती है अचानक से आ जाती है जब वो बड़ा होता जाता है उम्र के साथ-साथ बट यहां पे ब्रॉय ने इसका इलाज निकाला उन्होंने निकाला कथार्सिस मतलब बात करना अंदर से निकलवाना भाव निकलवाना ना अगर आप प्लेटो के बारे में बात करें कथार्सिस जो ग्रीक ट्रेजेडी वगैरह हो गई कि हम जाते हैं किसी स्पेसिफिक चीज में लोग आते थे एक्ट्स ऑफ प्लेस देखने रोने के लिए रो के अपने इमोशन निकालते थे पैसा देके रोना जिसको कहते हैं मूवीज देखते हैं हम लोग पैसा देकर रोना
अभी हम गए थे रिसेंटली वेनम वगैरह देखी थी वेनम में वेनम मर जाता है तो लोग रो रहे हैं आसपास ठीक है थोड़े से आंसू हमारे भी आने वाले था लेकिन हमने कंट्रोल किया नहीं भाई फिलॉसफी पढ़ ऐसा नहीं होना चाहिए बट दैट इज कथार्सिस पैसा देके आप रो रहे हैं ट्रेजेडी राइट पेड ट्रेजेडी नाउ द थिंग इज फ्रॉड इसको देख के काफी ज्यादा इन्फ्लुएंस हु कि आप किसी से बात करके वार्तालाप करके जो अंदर के जिसको आप सप्रे रिप्रेस्ड इमोशंस कह सकते हैं वह निकलते हैं और इसके ऊपर एक फिल्म बनी थी वैसे तो
फ्रेडरिक नीचा के ऊपर है वन नीचा वेप्ट और वो फिल्म काफी अच्छी है 20023 में निकली 2007 में 2007 में फिल्म रिलीज हुई थी काफी इंटरेस्टिंग काफी अच्छे किरदार सबने निभाए हैं वहां वहां पे सिगमंड फ्रॉड और जोसेफ ब्रयू बनी हुई पूरी आधारित है बट उसके अंदर एक रोल व जोसेफ ब्रॉय और फ्रेडरिक नीचा का क्या था और साइड केक एस साइड के वहां पे सिगमंड फ्रॉड थे अब बॉयर का क्या काम था ना वह हिप्नोसिस यूज़ करते थे हिप्नोटाइज करके अपने पेशेंट से हिडन ट्रोथ निकलवा थे या ऐसा कोई ट्रामा हुआ हो बचपन में
जिसकी वजह से व परेशान वो निकलवा दे थे इन्होंने कहा सीगी बाबा ने कि हम जरा थोड़ा अलग प्रोसेस अपनाएंगे हम फ्री एसोसिएशन का प्रोसेस अपनाएंगे कि हम खुल्लम खुल्ली बातचीत करेंगे वार्तालाप करेंगे ना मैं आपकी बात कहीं बोलूंगा ना आप अपनी बात कहीं बताना और एक तरीके से जो हिपोक्रिटस की वो हम भाई कहीं आपका चयन नहीं करेंगे आपके बारे में हम लोग चर्चा नहीं करेंगे डिस्कशन नहीं करेंगे तो आप आके खुले जहन से अपनी बात यहां पर हमारे मथे रख सकते हैं जैसे-जैसे इन्होंने अपने पेशेंट से बात करनी शुरू करी फ्रॉड ने इनको
यह रियलाइफ मेमोरीज होती हैं एक तरीके से यह ना सिर्फ एक फिजिकल मेनिफेस्टेशन के फॉर्म में आती है कि भाई फिजिकली इमोशनली आप मेनिफेस्ट हो रहे हैं बट फिजिकल इसके सिमटम्स भी आने शुरू हो जाते हैं आपको एंजाइटी होगी आपको स्ट्रेस होगा जिससे एंजाइटी डेवलप होगी एंजाइटी फाइनली क्रॉनिक होते-होते एक तरीके से डिप्रेशन में बदल जाएगी नॉट ऑलवेज द केस बट मोस्ट ऑफ द केसेस प्रॉयर और यहां पे फ्रॉड का दोनों का मेन गोल था हिप्नोसिस उन्होंने हिप्नोसिस यूज करी इन्होंने फ्री एसोसिएशन यूज किया यह डिफरेंस था इनके काम में बट इनकी स्टडी थी अनकॉन्शियस
माइंड में ऐसे एरियाज ऑफ द माइंड जहां पे थॉट्स रिप्रेस्ड है जहां पे थॉट्स छुपे हुए हैं हमें समझ में नहीं आ बट हम इन थॉट्स को निकालने की कोशिश करते रहते हैं ना अभी मैं बार-बार नीचे इसलिए देख रहा हूं क्योंकि अभी हो चुका है मैं 202 मिनट बका हूं और रिकॉर्डिंग वॉइस रिकॉर्डिंग जो कि अलग से होती है इस माइक के थ्रू नहीं हुई थी तो हमें देखना पड़ता है कि ऐसा ना हो फिर हम बोल जाए और वह चली जाए तो मैं बारबार नीचे इस वजह से देख रहा हूं सो डोंट माइंड
दैट है ना यहां पर जिसका सबको इंतजार था फ्रॉड ने बोला कि भाई है ना सबको इसी का इंतजार था कि बेस पे क्लिटी एक इशू है जो यह मेंटल इलनेसेस यह जितनी प्रॉब्लम्स है वो क्रिएट कर र है जो मेंटल प्रॉब्लम्स है यह उसका रूट कॉज है ब्रॉय डिड नॉट एग्री विद हिम इन्होंने कहा कि भाई तुम जरा सतर्क होके चलो जरा तुम मैं उमर का तकाजा है तुम्हारे और मेरे बीच में मैं तुम्हारी इज्जत बहुत करता हूं बट जरा होशो हवास में चलो होशो हवास में अपने जोश मत खो देना क्योंकि यह बहुत
डेंजरस पाथ प तुम रास्ते पे पख दंडी पे चलते जा रहे हो है ना तो ध्यान रखो सीन ऐसा था इन्होंने कहा नहीं भाई रूट कॉज प तो सेक्सुअलिटी ही प्रॉब्लम है जो कि हम आगे डिस्कस करते हैं ओबवियसली डेप्थ में जाते हैं लेकिन बेस लेवल पर सबको जो लोग यह लेक्चर देख रहे हो उनको यह बात तो पता ही होगी कि और फ्रॉड फेमस ही थे अपनी सेक्सुअलिटी की जो बात थी उनकी जो उनके कांसेप्ट थे जो उनकी थ्योरी थी उसके ऊपर यहां पर कलेब और डिसएग्रीमेंट्स आने शुरू होए कलेब था 18955 किताब निकली
इनकी स्टडीज ऑन हिस्टीरिया और किताब थी रिसर्च पेपर था उस वक्त जमाने में आप जो भी आप कहना चाहे निकला और इन्होंने बात करी कि किस तरीके से आप हिप्नोसिस यूज करके या किस तरीके से नॉट हिप्नोसिस इन जनरल बट रिप्रेस मेमोरीज के थ्रू आप हिरिया का क्योर निकाल सकते हैं एक तरीके से उसको किस तरीके से आप एक्यूट ट्रीट कर सकते हैं क्रॉनिकली ट्रीट कर सकते हैं बट विथ टाइम जैसे-जैसे फ्रॉड के अपने सेक्सुअलिटी को लेके बेसर इंस्टिंक्ट्स बेसर डिजायर्स को लेके अ कन्वर्सेशन आगे बड़े स्टडीज आगे बढ़ी वो जरा थोड़ा सा ब्रोर से
कटते चले गए बहुत ज्यादा एक दूसरे के खिलाफ इन लोगों ने गंदगी नहीं बकी बट हां सिंपली दे पार्टेड देयर वेज इन साइंटिफिक स्टडी एटलीस्ट अब इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रॉय ने कुछ दिया ही नहीं बहुत कुछ दिया बहुत योगदान दिया फ्रॉय की जो थ्योरी कॉन्शसनेस और अनकॉन्शसनेस थी या कॉन्शियस और अनकॉन्शियस के ऊपर थी वो यहीं से उत्पन्न होके आई थी यहीं से निकल के आई थी वो उसका स्त्रोत यही था और इसको आगे कैसे इन्होंने डेवलप किया चलिए जानते हैं तो हम लोग एक हिस्ट्री तो देखते हुए आ ही गए यूनिवर्सिटी
ऑफ विएना में एज न्यूरोलॉजिस्ट ये लगे इन्होंने अपनी स्टडी शुरू करी फिर यह ब्रोर के अंडर लगे वहां पे इन्होंने टॉकिंग थेरेपी के बारे में जाना हिप्नोसिस के बारे में जाना और अनकॉन्शियस माइंड के बारे में इन्होंने बहुत कुछ सीखना शुरू किया बट अलग होते चले गए ये अपने उन हिप्नोसिस के तरीके से यह फ्री एसोसिएशन प भरोसा रखने लग गए यहां पे इनकी की थ्योरी जब बननी शुरू हुई उनका अ आप समझ लीजिए एक कंसोलिडेशन शुरू हुआ कि अब चलो जोड़ के इन सब थ्योरी को जो मैंने सीखा अब मैं बात करता हूं अनकॉन्शियस
माइंड के ऊपर तो इन्होंने कहा कि भाई अनकॉन्शियस माइंड एक ऐसी जगह है जहां पे सब कुछ भुला चुके हैं हम लोग वहां पे हमारे रिप्रेस दबे हुए डिजायर्स जो सोसाइटी दबा जाती है या बचपन में दब जाते हैं या किसी ट्रामा की वजह से दब जाते हैं वो वहां पर दब के रह जाते हैं कभी निकल नहीं पाते और समझ लो एक तरीके से व निकलने की कोशिश करते रहते हैं जिसकी वजह से फिजिकल और मेंटल सिम्टम्स आपके शरीर में और जहन में आपके माइंड में आते रहते हैं वह अंदर हैं वह अंदर दबे
हुए हैं लेकिन आप उसके बारे में अवेयर नहीं है आपको उसके बारे में पता ही नहीं है कि वो वहां एजिस्ट भी करती हैं 1900 में इनका एक काम आया द इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स उसमें इन्होंने कहा कि ड्रीम्स आपको मैसेज देती हैं आपके हिडन डिजायर्स के बारे में जो कि डेवलपमेंट विच डेवलपमेंट लेड टू द डिप्स कॉम्प्लेक्शन में एक इन एक्सप्लेनेबल अट्रैक्शन होता है इन एक्सप्लेनेबल फोर्स होती है जो आपको अपने अपोजिट सेक्स ऑफ पेरेंट के तरफ यू नो रूचि दिलाती है या इंटरेस्ट दिलाती है या आपको उनके तरफ खिंचवा है वो एक अनकॉन्शियस माइंड
में हिडन डिजायर होता है जो कि सोसाइटी दबा देती है और वह बाहर नहीं आना चाहता जिसकी वजह से इनके ऊपर इल्जाम भी ये लगा था कि अपनी मां से ही शादी करना चाहते थे और इसी डिप अस कॉम्प्लेक्टेड घर में हो रहा होता है और उसका फादर फिगर से सबसे ज्यादा उसका झगड़ा होता है क्योंकि फादर फिगर को एक फियर आता है कि भाई मेरी बीवी मेरी है सिर्फ उसके मतलब अनकॉन्शियस फियर होता है कि अ ये एक नया नया नौजवान लड़का आ रहा है क्या मेरी बीवी अब इससे तो अट्रैक्ट नहीं होने लग
जाएगी बल्कि वो की मां है और यही चीज उस लड़के में आती है डोमिनेंस क्योंकि इंसान मेल डोमिनेंस यरार की जो होती है डोमिनेंस लगाने की तो वह डोमिनेटिंग नेचर लगाने की कोशिश करता है कि भाई यह एक और मर्द मैं उभरता हुआ मर्द हूं मैं जवान मर्द हूं यह एक और मर्द कैसे एजिस्ट कर सकता है यहां पे प्रोएड ने साइको सेक्सुअल स्टेजेस के बारे में बात करी कि किस तरीके से सेक्सुअलिटी से रिलेटेड चीजें जो हमारी लाइफ में बचपन से बड़े तक होती हैं हमारी पर्सनालिटी को शेप करती हैं हमारी पर्सनालिटी बनाती जिसके
बारे में हम और पांच स्टेजेस है इसके अंदर क्या है और अच्छे से विस्तार से बात करेंगे बहुत कुछ आया इड ईगो सुपर ईगो और मैं यहां ओवरव्यू दे रहा हूं कि हम लोग क्या कवर करने वाले हैं आगे इसको मैं बहुत ज्यादा डेप्थ में घुस के बताने वाला हूं इसकी फिलॉसफी तो इंपॉर्टेंट है ही इसकी हिस्ट्री इंपॉर्टेंट है इसका कॉन्टेक्स्ट इंपॉर्टेंट है इसको पूरी तरीके से समझना इंपॉर्टेंट है क्योंकि हम यहां रटने नहीं आए हमय समझने आए हैं हम फिलॉसफी फिलॉसफी ऑफ साइकोलॉजी को समझने आए हैं किस तरीके से ह्यूमन माइंड माइंड काम करता
है और भाई मैं इंटरेस्ट के लिए पढ़ाता हूं मैं बहुत पहले भी बोल चुका हूं मैं सिर्फ फिलोसोफी और साइ जो फिलॉसफी और साइकोलॉजी हमने शुरू कि है क्योंकि इंटरेस्टिंग था फिलॉसफी से बहुत रिलेटेड है तो मैं उसके लिए पढ़ाता हूं मैं कोई पर्टिकुलर कोर्स करिकुलम कवर करने के लिए नहीं पढ़ाता हूं तो कहानियां जो मैं बनाता हूं मैं लंबी-लंबी बातें जो बोलता हूं क्योंकि मैं उसी तरीके से आर्टिकुलेट कर पाता हूं मुझे उसमें मजा आता है भले वह तीन घंटे खींचे चार घंटे खींचे मुझे एक वार्तालाप करने में मजा आता है दैट इज हाउ
आई एम और दैट इज हाउ आई लाइक टू प्रेजेंट माय स्टाइल ऑफ टीचिंग जिसको अच्छा लगे वोह देख सकता है जिसको नहीं लगे भैया कुछ नहीं कह सकते जिसे तारक मेहता में बागा भाई कहते हैं ना जैसी जिसकी सोच अब इनकी लेगस सबको पता ही है किस तरीके से इन्होंने अपने साइकोलॉजी का एक इंपैक्ट छोड़ दिया है लोगों की जिंदगी में थेरेपी में कितनी हेल्प हुई है किस तरीके की थेरेपी बनी टॉक थेरेपी बनी ड्रीम एनालिसिस थेरेपी बनी फ्री एसोसिएशन थेरेपी बनी जो कि आज की साइकोलॉजिकल अ एरा को बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस कर रहा है
आज के क्लीनिकल प्रैक्टिस प्रैक्टिशनर्स को बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस कर रहा है दैट इज हाउ फ्रॉड लेफ्ट हिज मार्क लेफ्ट हिज लेगासी ऑन टू द वर्ल्ड जो आज की डेट में हम देख रहे हैं जो साइकोलॉजी हम आजकल देख रहे हैं पार्ट टू में आते हुए कोर थ्योरी एंड द फिलोसोफी ऑफ साइको एनालिसिस अब हम कोई क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट नहीं है लेक्चरर नहीं है फिलोसोफी और उसको थोड़ा डेप्थ में जाके जितना हम समझ सकते हैं उसको समझने की बेस्ट तरीके से कोशिश करेंगे आई विल ट्राई माय बेस्ट टू आर्टिकुलेट द बेस्ट सो लेट्स सी हम लोग कहां
तक इसके डेप्थस को खोल सकते हैं यहां पर माइंड का खेल है दिमाग का खेल है जहन का खेल है क्या चल रहा है विचारों में विचारों में घूम गए हैं अपनी अभी भी एक्स को हम बुला नहीं पा रहे हैं वाली चीजें चल रही हैं लौंडो के साथ तो उन लोगों के लिए यहां पर समझना बहुत जरूरी है कि व्हाट इज माइंड माइंड की फिलॉसफी क्या है और माइंड की फिलॉसफी जानने से पहले यू शुड नो कि भाई माइंड के दर्शन में तो आप घुस जाएंगे फलसफे के बारे में तो जान लेंगे बट पहले
आप समझ लें व्हाट इज द हिस्ट्री ऑफ माइंड और फिलोसॉफिकल हिस्ट्री ऑफ माइंड क्या है पर्टिकुलर अब एंटीक्विटी व्हिच इज सिक्स्थ सेंचुरी बीसीई से लेकर सिक्स्थ सेंचुरी सीई एंटीक्विटी क्या है एंटीक्विटी इज द पीरियड बिफोर द मिडिल एजेस उसको एंटीक्विटी कहते हैं सबसे इंपॉर्टेंट यहां पर योगदान रहा है कंट्रीब्यूशन रहा है प्री सोक्रेटिक फिलोसोफर का अब हमें पता है प्री सोक्रेटिक फिलोसोफर जो मैंने एक अल्टीमेट लेक्चर बनाया था सबसे लंबा लेक्चर वन ऑफ द मोस्ट लंबा लेक्चर ऑन माय चैनल 4 घंटे 40 मिनट उसमें मैंने यही बकैती बके थ कि भाई साहब आपका माइंड होता
है जो कि आपको कनेक्ट करता है सीधा-सीधा कॉस्मो से चूंकि प्री सोक्रेटिक फिलोसोफर बियोंड दि फिजिकल रियलिटी की बात कर रहे थे बियोंड दि फिजिकल वर्ल्ड मेटा फिजिक्स के ऊपर वो ज्यादा फोकस थे अब अभी ड्रास्ट्रिंग सजमत हैं व्हिच इज टुवर्ड्स इंडिविजुअल बाहर से अंदर की तरफ पहले खुद तो खुद को तो पहचान लो भाई तब तो बाहर जाओगे तो इन शॉर्ट ये लोग समझाने लग गए कैसे एक ड्रास्ट्रिंग मूवमेंट की तरफ बढ़ रहे हैं मतलब इंडिविजुअल के तरफ अब इंडिविजुअल फिलोसोफर कहने लग ग रोमांटिक फिलोसोफर भैया खुद को तो पहले समझ लो फिर बाद
में समझना बट फिलोसोफर आए नागोरा जैसे उन्होंने बोला कि भाई माइंड जो होता है नूस जिसको बोला जाता है एन ओ यूएस वह संभालता है आपके पूरे कॉस्मो को कॉस्मो को बनाता है हेराक्लियम के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है माइंड माइंड ही इस दुनिया को बनाता है बहुत मिस्टीरियस है बहुत पावरफुल है ठीक है बहुत ज्यादा छुपा हुआ है लेकिन बहुत ज्यादा ताकत है तो माइंड को समझो प्लेटो की डलिस मम आई अपने प्लेटो बाबा आए प्लेटो बाबा के ऊपर भी लेक्चर अगर देखना चाहे आप प्लेटो ने कहा कि भाई हमारा माइंड अलग है बॉडी
अलग है बॉडी इज जस्ट लाइक अ शेल एक कवच के तरह है शेल के तरह हरमिटक्राफ्ट कंसेप्ट आया था द एगरी ऑफ द केव आप आगे बढ़ते जाएं बढ़ते जाएं जब तक यू मूव बियोंड द अपीयरेंस और आगे बढ़ने का मतलब ट्रुथ की तरफ जाना सत्य की तरफ जाना सच का साथ देना और जब आप उस रास्ते पर भट जाएंगे तो आप छल कपट दिखावा इल्यूजन फरेब इन सबसे आगे बढ़ जाएंगे एंड यू विल नो द ट्रू एसेंस ऑफ दिस वर्ल्ड एरिस्टोटल ने प्लेटो को खारिज किया उन्होंने कहा ये क्या बोल रहे हो बाहर की
बात कर रहे हो पहले यहां की तो बात कर लो माइंड और बॉडी एक ही चीज है उन्होंने वैक्स सील का एग्जांपल दिया जस्ट एज एक वैक्स का पुतला होता है लेट्स से यहां पे ये पड़ा था हमारे जानने में किसी का है ये रखा हुआ है मुझे नहीं पता किसका है शिंचन का जो कुत्ता है इसका नाम भी मुझे नहीं पता तो जो भी है ये बिना इसके मटेरियल लेट्स से ये वैक्स का बना है बिना वैक्स के ये शिनचैन का कुत्ता शिनचैन का कुत्ता नहीं कहलाया जा सकता वैसे ही बिना बॉडी के यह
सोल यह माइंड सोल नहीं कहलाई जा सकती है यह बॉडी यह फॉर्म होना जरूरी है यह था एरिस्टोटल का आर्गुमेंट फिर आया स्टोस ज्म एपिक्यूटिकुलर जब तक आप रैशनल नहीं होंगे आपके ऊपर सेल्फ कंट्रोल नहीं आएगा माइंड आपके काबू में ही रहेगा माइंड को आप कितना प्योर दिखा ले लेकिन अगर वो आपके काबू में नहीं है वो आपके जो जंजीरों से बाहर जा रहा है तो उसका कोई फायदा ही नहीं है ऐसे माइंड का एपिक्यूरिया लोगों ने एप मतलब एपिक क्यूरियस और उनकी फिलॉसफी ने फिजिकल माइंड दिया भाई जब तक आप फिजिकल सेंसेशंस के थ्रू
अपने को इंटरेस्ट नहीं देंगे अपने को मजे नहीं देंगे तब तक आपका माइंड खुश नहीं होने वाला माइंड ए बॉडी आर लिंक्ड और यह जो सेंसेशंस है वही आपको अच्छे अच्छे एक्सपीरियंस देता है जो आपके जहन को बेहतर बनाता है फिर मिडिल एजेस का वक्त आया मिडिल एजेस शुरू होता है फिफ्थ सेंचुरी से लेके आफ्टर क्राइस्ट 14 सेंचुरी और यहां पे सेंट ऑस्टीन जैसे फिलोसोफर है जिन्होंने फेथ का कांसेप्ट लाया ओबवियसली क्रिश्चियनिटी अपने पीक पे था यहां पे मतलब सबसे स्ट्रांग होल्डिंग प यहां पर था और फेथ का बोलबाला बहुत ज्यादा बढ़ गया था क्रिश्चियन
फेथ का पर्टिकुलर इन्होंने मेमोरी थॉट और सेल्फ अवेयरनेस के ऊपर बहुत एमफसिस दिया कि यही चीजें हैं जो कॉन्शसनेस को बनाती हैं सब कुछ करो सेल्फ इंट्रोस्पेक्शन बहुत ज्यादा जरूरी है जब तक आप सेल्फ इंट्रोस्पेक्शन नहीं करेंगे खुद को नहीं समझेंगे तब तक आप गॉड से कनेक्ट नहीं हो पाते हैं और गॉड के हाथ में ही है आपके माइंड का कंट्रोल फिर आए बथाय बथाय ने रैशनल माइंड के ऊपर बात करी कि अगर आपको रैशनल माइंड माइंड को समझना है तो आपको लिंक समझना पड़ेगा इसके बीच में और रैशनल माइंड ही एक ऐसा टूल होता
है जो आपको हायर वैल्यू या हायर ऑर्डर से कनेक्ट करता है फॉर एग्जांपल मैथमेटिक्स आप इंटेलेक्ट यूज करके नेचर में पैटर्न ढूंढ सकते हैं और वो पैटर्न आपको हो सकता है अल्टीमेट ट्रुथ की तरफ खेल दे तो पैटर्न रिकॉग्निशन होना बहुत जरूरी है इन सबका फोकस अब यहां जाने लग गया यहां पे सेंट थॉमस एक्विनास है मैंने सेंट थॉमस अनास के ऊपर एक छोटा सा लेक्चर भी बनाया था ज्यादा लोगों को मजा नहीं आया बट मेरे को तो काफी इंटरेस्टिंग लगा था वो लेक्चर उसके अंदर सेंट थॉमस एक्विनास ने एरिस्टोटल की फिलोसोफी जोड़ दी थी
क्रिश्चियन फेथ के साथ उन्होंने ना तो साइडल क्रिश्चियंस की ना तो उन्होंने साइडल एथी की या जो इंटेलेक्चुअल स्फेयर आ रहा था इन्होंने कुछ बीच का ही अपना अलग से दे दिया ओबवियसली इनका रुझान ज्यादा था क्रिश्चियन फेथ की तरफ बट इन्होंने दिया कि भाई रशन होनी बहुत जरूरी है माइंड का अगर आप एक स्पिरिचुअल एलिमेंट लेक चल रहे हैं ठीक है कोई बात नहीं होगा बट उसका एक प्रैक्टिकल एलिमेंट भी होना बहुत ज्यादा जरूरी है और यही माइंड है जो रीजनिंग में इवॉल्व होता है जितने भी दुनिया में आप एक्शन करते हैं कांड करते
हैं अच्छे अच्छे कर्म करते हैं बुरे कर्म करते हैं उसका एट दी एंड ऑफ द डे रिजल्ट निकालने के लिए यही चीज सबसे ज्यादा जरूरी होती है फिर आया नासा पीरियड व्हिच इज अर्ली मॉडर्न पीरियड 15th और 177th सेंचुरी के बीच में आया सबसे फेमस यहां पर फिलोसोफर न अधिकार आई थिंक देयर फोर आई एम यह स्टेटमेंट कह के इन फिलोसोफर ने इन दार्शनिक ने अलग कर दिया माइंड और बॉडी को यहां पर इन्होंने क्लेम किया भाई माइंड इज नॉन फिजिकल ठीक है और बॉडी इज फिजिकल इसके अंदर कोई दो राय नहीं है भले ही
आप फिजिकल चीज के ऊपर क्वेश्चन कर दे क्या यह रियल है नहीं है क्या यह सनशाइन का कुत्ता असल में एजिस्ट करता है नहीं करता है यह रियल है नहीं है लेकिन इस शिनचैन के कुत्ते का सॉरी मैं सिंच बोल रहा हूं बारबार जो भी है इस कुत्ते का जो भी माइंड में फॉर्म है वह रियल होगा यू कैन नॉट डाउट इट उसके ऊपर आप डाउट ही नहीं कर सकते अपने थॉट्स जो आपके माइंड में आ रहे हैं दोज आर ऑलवेज रियल आप फिजिकल वर्ल्ड में किसी भी चीज के ऊपर आप इस एसी के रिमोट
के ऊपर डाउट कर सकते हैं बट इस एसी के रिमोट के आईडिया को कभी आप डाउट नहीं कर सकते इसके थॉट को कभी आप डाउट नहीं कर सकते क्योंकि वो दोनों अलग चीजें हैं माइंड एंड फिजिकल फॉर्म एंपसिस म आ गया लक डेविड ह्यूम जैसे फिलोसोफर शॉन लॉक आके बोलते हैं कि खाली स्लेट के तरह है माइंड एक्सपीरियंस से आप उस स्लेट के ऊपर कुछ कुछ बनावटी बन चित्र बनाते हैं कला बनाते हैं खूबसूरत उसके अंदर पेंटिंग्स बनाते हैं एक्सपीरियंस के थ्रू और फिर आप चीजें गेन करते हैं थ्रू आउट योर लाइफ टाइम फिर डेविड
ह्यूम आए डेविड ह्यूम ने आर्गुमेंट दिया कि भैया देखो ऐसा है लोग तो कह रहे हैं कि माइंड यूनिफाइड है वन है वननेस है एक है यूनिवर्सल है लेकिन मैं यह सब नहीं मानता मैं मानता हूं माइंड बहुत सारे एक्सपीरियंस से बना हुआ है और उन एक्सपीरियंस को आप जोड़ें तब जाके आपका माइंड बनता है तो आप जो पेंटिंग चित्र देख रहे हैं पीछे से देख रहे हैं पीछे से नहीं पता लग रहा कितनी यहां पे उंगलियां है या मैं ऐसे कर लूं तो कितनी उंगलियां पता नहीं लग रहा एक इल्यूजन लग रहा है लेकिन
अगर मैं इसको घुमाऊ थोड़ा ध्यान से देखूं तो पता लग रहा है यहां पे कितनी उंगलियां तो सिंघम का शेर बन गया भाई एग्जांपल एक फोटो एल्बम ले लें आप फोटो एल्बम में बहुत सारे चित्र होते हैं बहुत सारी अ फोटोज होती हैं तब जाके उस को आप एक एक्सपीरियंस कह सकते हैं उसको एक फोटो एल्बम कह सकते हैं एक फोटो के दम पे आप उसको फोटो एल्बम तो नहीं कह सकते हां फोटो तो कह सकते हैं बट दैट वुड नॉट क्वालीफाई एज एन एल्बम ये चीज ध्यान रखना फिर आ गया मॉडर्न पीरियड 18 और
19 सेंचुरी सबसे फेमस सिस्टमिक फिलोसोफर यहां पे आए मेटा फिजिशियन आए वन ऑफ द फेमस मेटा फिजिशियन इमानुएल कांट इमानुएल कांट के ऊपर भी काफी रिक्वेस्ट आ रही है भाई मैं बनाऊंगा मुझे और जानकारी लेने की अभी जरूरत है बट बेसिकली उनका सीन यह था उन्होंने कहा कि भाई हमारा जो माइंड है वो रियलिटी को बनाता है रियलिटी रेंडर करता है जैसे होता है ना गेम में जैसे-जैसे आपका कैरेक्टर आगे बढ़ता है पीछे लोड होता रहता है बैकग्राउंड दैट इज रेंडरिंग ऑफ द बैकग्राउंड लोड हो रहा है वैसे ही आपका माइंड ना फिल्टर आउट करता
है बहुत चीजें और वो फिल्टर आउट करके रियलिटी शेप करता है और वो रियलिटी शेप करने करता है अपनी कैटेगरी बना के उसकी अपनी कैटेगरी होती है वो कैटेगरी टाइम हो सकता है वो कैटेगरी स्पेस हो सकता है बट वो जो रियलिटी बन रही है वो माइंड के थ्रू बन रही है थ्रू अ प्रोसेस ऑफ फिल्टरेशन जैसे आरओ वाटर फिल्टर होता है ना बहुत बहुत जगहों से होते हुए आता है तब जाके आप पानी पी पाते हैं वैसे ही आपका माइंड है जो आपकी रियलिटी बना के देता है एग्जांपल कॉज एंड इफेक्ट कॉजेशन राइट फिनोमिना
नॉमिना क्या अपने आप में है क्या बाहर से है क्या एक्सटर्नल सरकमस्टेंसस से कंट्रोल है क्या इंटरनल कॉन्फ्लेट से कंट्रोल्ड है और बेसिकली हमारा माइंड हर चीज को एक कॉज एंड इफेक्ट स्टोरी में डालने की कोशिश करता है कुछ तो था जिसकी वजह से हमारे कुता हो भाई यहां पे आए हैं चिंचन ने सोचा वो जो आर्टिस्ट था उसने सोचा और आज ये यहां पर आया है किसी वजह से और इसका इंपैक्ट दुनिया में कहां-कहां पड़ रहा है दैट इज द जर्नी ऑफ कॉज एंड इफेक्ट या कॉजेशन फिर आए हेग गगल ने बोला माइंड के
एवोल्यूशन के बारे में जो हमारा माइंड है या फिर उसको उन्होंने स्पिरिट बोला वो पूरी हिस्ट्री के थ्रू सीखते बात है इन्होंने हिस्ट्री पर बहुत एमफसिस दिया इन्होंने यह ऐसे सिस्टमिक फिलोसोफर थे जिन्होंने कहा हिस्ट्री बहुत जरूरी है हिस्ट्री को आप नेगलेक्ट मत करिए आपका जो जहाज है वह आपके माइंड को शेप करता है वह आपके स्पिरिट को शेप करता है इन्होंने कहा कि रियलिटी और माइंड ना एक दूसरे में घुसी पड़ी है उलझी पड़ी है आप उसको अलग करने की कोशिश करिए लेकिन हमारा मेन गोल है फ्रीडम ये जो हिस्ट्री है और हिस्ट्री की
जो जर्नी है दैट इज ओनली टू अंडरस्टैंड फ्रीडम एंड रीजन फ्रीडम होनी चाहिए सबके पास रीजनिंग करने की क्षमता होनी चाहिए सबके पास उसको समझने के लिए हिस्ट्री को समझना भैया बहुत जरूरी है यहां पे आ आगे बढ़ते बढ़ते साइकोलॉजी और माइंड बॉडी का लिंक बनने लग गया जैसे एक महान फिलोसोफर थे इतने फेमस तो नहीं बट हां जाने माने फिलोसोफर थे फ्रांस बंता उन्होंने माइंड के वर्किंग को देखा और फिलॉसफी और साइकोलॉजी के बीच में जो एक गैप था उसको ब्रिज कर दिया इन्होंने कांसेप्ट दिया इंटेंशनलिटी का मतलब हर मेंटल स्टेट जो भी जहनी
तौर पर इंसान किसी चीज से गुजर रहा है वो किसी पर्टिकुलर डायरेक्शन में आपको भेजती है वो किसी ना किसी चीज की तरफ पॉइंट करती है फॉर एग्जांपल किसी चीज से डर ट्रामा और आपकी जिंदगी में कुछ भी हुआ वो डर उस पर्टिकुलर चीज की जैसे बहुत लोग होते है ना क्लाउन से क्लाउन आपके दुनिया के एक्शंस आपकी जिंदगी के एक्शंस बदल जाते हैं शायद उस क्लाउन से बचने के लिए या उस क्लाउन को आपको देखना ना पड़े या आपको ऐसे सिचुएशंस ना फेस करने पड़े कि आप उस क्लाउन को देख लो जैसे कि फॉर
एग्जांपल रात में अकेले नाइटमेयर्स ना आए तो आप घर में रहते हो ऐसे घर में जिसमें दो-तीन लोग हो पीजी में रहते हो तो जीज में दोस्ती हो जाती है लोगों से वो दोस्त आपके आगे तक आपके साथ रहता है मतलब समझ रहे हो एक क्लाउन के डर ने आपको अकेले रहने से चार दोस्तों के बीच में रखा चार दोस्तों ने आपकी पूरी जिंदगी का पात बदल दिया हो सकता है उसमें से किसी एक से पता नहीं गर्ल्स और बॉयज एक साथ पीजी में रहते हैं कि नहीं बट समझ रहे हो मतलब उसका आप किसी
लड़के की फ्रेंड से मिले और उससे आपकी दोस्ती हो गई आपकी शादी हो गई तो आपकी पूरी ट्रेजक्ड बदल गई आपको पूरा पूरी दुनिया बदल गई 28 सेंचुरी से आज तक की अगर हम बात कर ले तो आज तक तो न्यूज़ चैनल हो गया वैसे बट कोई बात नहीं बात कर ले तो इंपॉर्टेंट यह है कि माइंड को एक बिहेवियर की तरह देखा गया जो कि एक अपने में फील्ड बन गया बिहेवियरिज्म जिसमें फिलोसोफर आए थिंकर्स आए पर्टिकुलर बीएफ स्किनर स्किनर जो भी उनका आप नाम देना चाहे जिन्होंने कहा कि माइंड एक एब्स्ट्रेक्ट आईडिया नहीं
है माइंड एक ऐसी चीज नहीं है जिसको हम हवा में बात कर रहे हैं पता नहीं होती भी है नहीं होती है माइंड कलेक्शन ऑफ हैबिट्स एंड बिहेवियर्स है आप किसी को इंटेलिजेंट नहीं कह सकते कि यह इंटेलिजेंट है इंटेलिजेंट गोट कर दिया पता नहीं इंटेलिजेंट होता क्या है आप जाते हैं उसके बिहेवियर देखते हैं उसके बिहेविरिज्म सॉल्व कैसे करता है और उस प्रॉब्लम सॉल्विंग के प्रोसेस में आप उसको इंटेलिजेंट कहते हैं फंक्शन इज्म आया कि भाई ब्रेन एक कंप्यूटर के तरह है ब्रेन जो है जो अ गोष्ट वाला उसका पार्ट है मीटी पार्ट है
जो फिजिकल पार्ट है जो भेजा हमारा कह सकते हैं दैट इज द हार्डवेयर एंड माइंड इज लाइक द सॉफ्टवेयर वो फंक्शंस चला रहा है वो बाइनरी कोड्स चला रहा है वो न्यूरॉन्स फायर कर रहा है अभी तो न्यूरॉन्स पहले तो न्यूरॉन फायरिंग की वजह से हम लोग कहते थे ना कि हम लोग थॉट प्रोसेस चला पाते हैं जो इलेक्ट्रिकल इ सिग्नल्स जाते हैं बट अभी अ बहुत ज्यादा अ विज्ञान बहुत ज्यादा आगे बढ़ गया अभी अगर आप देखोगे तो इलेक्ट्रिक फील्ड्स के बारे में बात हो रही कि माइंड में इलेक्ट्रिक फायरिंग से ज्यादा इलेक्ट्रिक फील्ड्स
जो क्रिएट होते हैं उसकी वजह से हमारे थॉट प्रोसेस चलते हैं तो उसके ऊपर एक आर्टिकल रिसेंटली निकला था अ मुझे याद नहीं अगर मिला तो मैं डाल दूंगा वैसे मैं डाल नहीं पाऊंगा ओबवियसली एक बार जाके देख लेना माइंड न्यूरॉन्स एंड इलेक्ट्रिकल फील्ड्स तो वो देखोगे तो इलेक्ट्रिक फील्ड वो देखोगे तो शायद कुछ इंटरेस्टिंग मिल जाएगा उसके अंदर बहुत कुछ था फिर कॉन्शसनेस के ऊपर डिबेट्स आने लग गई और ये डिबेट्स रिसेंटली स् पर हुआ है आज की डेट पे तो हमें रीसेंट फिलोसोफर के बारे में ज्यादा पता नहीं होता लेकिन एक बड़े अच्छे
फिलॉसफी जिन्होंने यह कहा कि भाई कॉन्शसनेस जो होती है डायरेक्टली लिंक होती है और एक्सप्लेन की जा सकती है न्यूरोसाइंस का लेकर मतलब अब बायोलॉजी एगजैक्टली बायोलॉजी यूज करके आप समझा सकते हो यार मतलब फिजिकली अब आप समझा सकते हो कॉन्शसनेस को और इसमें लीड प्रोपो गटर्स जो थे या जो इस इंडस्ट्री एक्सपर्ट थे इसमें एक डेनियल डेनेट फिलोसोफर थे अभी वो रिसेंटली उनका देहांत हुआ और डायनल नेट के बारे में अगर देखना है तो उनका उनके बहुत सारे वीडियोस है रिचर्ड डॉकिंस के साथ और एक बड़ा अच्छा डिस्कशन कुछ चार अच्छे जेंटलमैन का हुआ
ठीक है जेंटलमैन एक आप अगर youtube4 हॉर्समैन क्रिस्टोफर हिचेंस वि हु वास अ वेरी ग्रेट ऑरेटर डेनियल डेनेट रिचर्ड डॉकिंस न इज अ बायोलॉजिस्ट हिमसेल्फ एथी और समम हैरिस समम हैरिस का पता ही होगा फ्री विल डिटरमिनिज्म और कॉन्शसनेस के ऊपर उनके भी व फिलॉसफी के काम है तो यह चारों अनफॉर्चूनेटली क्रिस्टोफर हिचेंस और डेनियल डेनेट अब दोनों नहीं रहे बट हां काफी इंटरेस्टिंग भाई इन्होंने बात कही कि भाई अब हम तो बायोलॉजी यूज करके समझा सकते हैं कॉन्शसनेस फिर आ डेविड चामस इन्होंने कॉन्शसनेस को इस तरीके समझा देखो भैया ऐसा है कॉन्शसनेस का ना
अपना एक इनर एक्सपीरियंस होता है जिसको उन्होंने कहा द हार्ड प्रॉब्लम आप उस चीज को समझ नहीं सकते ना उस चीज को साइन समझा सकता है अ थिंग इन इट सेल्फ जो आर्थर चौ फिन और इनुल कांड जैसे लोग बात कर रहे थे अपने में ही एक चीज एजिस्ट करती है फॉर एग्जांपल शिरो शिरो नाम याद आया कुट भाई का नाम तो शिरो सफेद रंग का है अब यह सफेद साइंस विजन परसेप्शन अपने कोन सेल्स जो है आंखों के अंदर रेटिना किस तरीके से इमेज इवर्सन करता है कलर्स को पहचानता है है ना वह है
उसके ऊपर है हम समझा देंगे वाइट बट वाइट की वाइट का वह एक्सपीरियंस क्या है वह पर्सनल एक्सपीरियंस साइंस अभी भी भैया नहीं समझा सकता तो साइंस की रोटी आप हमारे ऊपर ना बेलिए तो माइंड की जहां तक बात है फिलोसोफर को ना बहुत सेंचुरी तक रेन दे कार्ट का जो आई थिंक दे और आयाम का जो कांसेप्ट है यह जो कोटेशन है वो हिट करता है और इसकी जो है ना चीज ऐसी नहीं है कि यह रेने रकार ने हवा में बैठे-बैठे एक दिन चाय पीते पीते बोल दिया कि भाई आई थिंक देर फोर
आई एम पता नहीं उस वक्त चाय होती भी थी कि नहीं होती थी बट जो भी है बहरहाल 1619 में जर्मनी में स्टेशन थे रेन दे कात और सो रहे थे अचानक से उनको जो है ड्रीम्स आने लग जाती वियर्ड कि भाई वो थंडर स्टॉर्म में फसे हैं और फिका रहे हैं इधर से उधर तो घबराते हुए उठते हैं और उठके अपनी आइडेंटिटी और अपने आप उसके ऊपर सवाल उठाना शुरू कर देते हैं कि भाई यह सब जो मेरे साथ हो रहा है वह सही हो रहा है या मतलब रियलिटी भी है नहीं है मेरे
ड्रीम्स तो एकदम रियल लग रहे थे और यह सब कुछ क्वेश्चन करने लग जाते हैं कि भाई रियल होता ही क्या है जहां तक रियलिटी की बात है मैं ड्रीम में था मुझे ड्रीम रियल लग रही थी अभी मैं जगह हू मेरे को मेरी आसपास की चीजें रियल लग रही है यह बेड रियल लग रहा है यह आगे सोफा टेबल रियल लग रही है ये ग्लास रियल लग रहा है तो असल में रियल है क्या क्या मेरी बॉडी रियल है क्या मेरा शरीर रियल है तो इन्होंने इसे कंक्लूजन ड्रॉ किया हो सकता है यह सब
फेक हो हो सकता है यह सब छल कपट हो एक इल्यूजन हो बट जो चीज़ रियल है वह यह है कि आई एम थिंकिंग वह सोच रहे हैं और चूंकि वह सोच रहे हैं तो वह एजिस्ट कर रहे हैं तो इससे इस कंक्लूजन पे यह आए आई थिंक देयर फोर आई एम जिसको आप लैटिन में रिफ्रेश कर सकते हैं कोगीतो एर्गो समम और इसने बहुत डिबेट्स लाई इसने बहुत तरीके के डायलॉग्स भी छेड़े लोगों के बीच में फिलोसोफर के बीच में पर्टिकुलर साइको एनालिस्ट के बीच में जो हम यह सिगमंड फ्रॉड की बात कर रहे
हैं कार्ल यंग की बात कर रहे हैं साइकोलॉजी में घुस रहे हैं ह्यूमन माइंड को समझने की कोशिश कर रहे हैं इन सबने इंस्पिरेशन ली इस फिलोसोफी ऑफ माइंड से तो बाद में इनको बहुत ज्यादा रेन अधिकार को बहुत ज्यादा बैकल भी मिला कि भाई हम एजिस्ट कर रहे हैं तभी तो सोच पा रहे हैं अगर हम एजिस्ट ही नहीं करेंगे तो सोच कैसे पाएंगे जो एक्जिस्टेंशलिस्ट ने बाद में किया बट इतना समझ लो कि हमारा माइंड एक बहुत इंपॉर्टेंट टूल और वेपन है चीजों को समझने के लिए चीजों को परखने के लिए इस तरीके
से रेने देकार्त ने निकाला था आई थिंक देर फोर आई एम यहां पर अब हम आ जाते हैं फ्रॉड की कॉन्शियस सबकॉन्शियस प्री कॉन्शियस और अनकॉन्शियस के ऊपर और क्या-क्या लेयर्स होती हैं मेंटल अवेयरनेस की यह जो कांसेप्ट है ना इसको आप ट्रेस बैक कर सकते हो प्लेटो के अनामनेसिस के कांसेप्ट से व्हिच इज द रीकलेक्शन ऑफ द सोल कि आपकी सोल में इंफॉर्मेशन पहले से होती है बस आप उस इंफॉर्मेशन को याद करते चले जाते हैं विद टाइम और जितना आप ट्रुथ के पीछे जाएंगे उतनी ज्यादा अच्छे से इंफॉर्मेशन आप याद कर पाएंगे अब
मैं यहां पे ना एक एग्जांपल लूंगा और एग्जांपल से मैं कॉन्शियस सबकॉन्शियस और अनकॉन्शियस माइंड को समझाने की कोशिश करूंगा वो एग्जांपल होगा एक फोन का एग्जांपल एक फोन होता है एक फोन में बहुत सारे पार्ट्स होते हैं पर्टिकुलर तीन पार्ट्स के बारे में बात करेंगे और उसको हम रिलेट करेंगे उसका पैरेलल ड्रॉ करेंगे हमारे कॉन्शियस सबकॉन्शियस और अनकॉन्शियस माइंड से लेट से आपने अपना फोन खोला मान लेते हैं इसी का रिमोट फोन है आपने फोन खोला स्कैन करने के लिए आप स्कैनर आपने खोला आप स्कैन करने की कोशिश कर रहे हैं और वह स्कैनर
आपके सब कुछ स्कैन करता है वह जगाह रहता है वह एक्टिवली आपको पता रहता है कि आप कॉन्शियसली वो कोई चीज कर रहे हैं जैसे मैंने ये रिमोट पकड़ा यह मैं रिमोट के पीछे की चीजें पढ़ रहा हूं मैं कसली कर रहा हूं वो मेरा कॉन्शियस माइंड हो गया फिर जैसे फोन के अंदर एक रैम होता है रैंडम एक्सेस मेमोरी कि जब तक फोन जीवित है मतलब जब तक लेट्स से फोन चल रहा है है ना तब तक उसके अंदर वो मेमोरीज आती रहेंगी वह चीजें आपके लिए परफॉर्म करता रहेगा टास्क परफॉर्म करता रहेगा जैसे
ही आप फोन को बंद कर दोगे वो चीज बंद हो जाएगी व कहीं ना कहीं सबकॉन्शियस माइंड के तरह है जिसको हम आगे और बेहतर तरीके से ओबवियसली एक्सप्लेन करेंगे कॉन्शियस माइंड जगते हुए सबकॉन्शियस कि आपकी इधर-उधर मेमोरीज हैं जो उभर उभर के आ रही हैं आपको पता है लेकिन उतने अच्छे से भी नहीं पता इतना अभी समझ लो डेप्थ में समझते हैं फिर आ गया आपका फोन का मेमोरी कार्ड जिसके अंदर हो सकता है आपने कभी कोई फोटो खींची हो आपको याद भी नहीं आप उस ट्रिप प कब गए थे वो ट्रिप कभी हुई
भी थी नहीं हुई थी या आप गए थे रास्ते में चलते हुए कोई रैंडम सी फोटो आपने खींच ली और याद नहीं लेकिन वो मेमोरी कार्ड में अभी भी स्टोर्ड है कहीं पड़ी हुई है आपको नहीं पता और शायद आपको कभी मिलेगी भी नहीं जब तक आप उसको किसी के थ्रू किसी टेक्नीशियन के थ्रू खुज आओगे नहीं कि भाई मेरे मेमोरी कार्ड में क्या-क्या डाटा है जरा डाटा निकाल दो दैट इज योर अनकॉन्शियस मेमोरी तो आपका कॉन्शियस माइंड हो गया लाइक द फो स्कैनर कि आप स्कैन कर रहे हो है ना आपका सबकॉन्शियस माइंड हो
गया लाइक द रम रैंडम एक्सेस मेमोरी बीच-बीच में और आपका जो एक्सटर्नल हार्ड डिस्क एक्सटर्नल हार्ड डिस्क या इंटरनल मेमोरी जो हो गई इसकी फोन की वोह हो गई आपकी अनकॉन्शियस कि आपको नहीं पता उसके अंदर क्या कुछ पड़ा हुआ है लेकिन चाहो तो उसको जरूर एक्सेस कर सकते हो तो हम पढ़ते हुए आए कि माइंड की क्या ये जो कांसेप्ट ऑफ माइंड है उसकी क्या हिस्ट्री है क्या फिलोसोफी है किस तरीके से आइडेंटिटी पर्सनालिटी मेमोरी को इफेक्ट करता है बट अगर हम बेसिकली बात करें कि भाई सिगम फ्रॉड क्या कह रहे थे सिगम फ्रॉड
का क्या इंपैक्ट था तो उन्होंने माइंड को पढ़ा सिर्फ ह्यूमन बिहेवियर को समझने के लिए और उस ह्यूमन बिहेवियर के हिसाब से आप क्या पर्सपेक्टिव दे सकते हैं साइकोलॉजी को या ह्यूमन साइकोलॉजी को यह सब करते कराते फ्रॉड ने अपना मॉडल ऑफ द माइंड दिया 18 97 में राइट और अब यहां पे फ्रॉड की जुबानी हम लोग सुन लेते हैं कि उन्होंने क्या डेफिनेशंस दी थी अपने अपने जो लेवल्स थे माइंड के सबसे पहला इन्होंने दिया था कॉन्शियस पार्ट ऑफ द माइंड द पार्ट वी आर अवेयर ऑफ एंड एक्टिवली थिंक विद जब हम जगे हुए
हैं एक्टिव स्टेट में हैं लोगों से बात कर रहे हैं लोगों ने क्या कहा उसको इंटरप्रेट कर रहे हैं लैंग्वेज पढ़ रहे हैं मैथ्स कर रहे हैं कोई चीज समझने की कोशिश कर रहे हैं कोई चीज रटने की कोशिश कर रहे हैं दैट इज व्हाट मैं एक्टिवली लेक्चर डिलीवर कर रहा हूं दैट इज व्हाट योर कॉन्शियस पार्ट ऑफ द माइंड इज फिर उन्होंने सबकॉन्शियस का कांसेप्ट दिया जिसको इन्होंने प्री कॉन्शियस भी किया व्हिच कंटेंस मेमोरीज एंड थॉट्स दैट कैन बी एक्सेस बट आंट इमीडिएट इन फोकस पता है मेमोरी है किसी ने बोला अच्छा तुमको वो
याद है कि वो एक बार हम लोग गए थे वो भैया मोमो बहुत अच्छे थे लेकिन चटनी में बहुत ज्यादा मिर्ची थी दूसरे दिन हालत खराब हो गई सुबह में हां यार वो तो बड़ी अच्छी थी आपके सबकॉन्शियस माइंड में थी आपके माइंड में वो मेमोरी एजिस्ट कर रही थी बट जब तक आपको किसी ने उसके बारे में याद नहीं दिलाया आपको उसके के बारे में याद भी नहीं आए तो किसी को याद कराने की जरूरत है इमीडिएट फोकस में नहीं है अचानक से कोई बोलेगा भाई याद करो आप उसको याद नहीं कर पाओगे फिर
आपकी आ गई अनकॉन्शियस पार्ट ऑफ द माइंड हाउसेस डीप बरड मेमोरीज एंड डिजायर्स दैट इन्फ्लुएंस बिहेवियर अननोइंग घर है वो ऐसे डिजायर्स का ऐसे थॉट्स का ऐसे ऐसी चीजों का जिस जो आपके बिहेवियर को इफेक्ट करता है जैसे आपके पिताजी हो सकता है आपको बहुत ज्यादा सूते हो चप्पल से या डंडे से उसका रीजन कुछ भी हो सकता है हो सकता है बचपन का ट्रॉमा है जो सप्रे रह गया रिप्रेस रह गया वो ट्रॉमा अब एक मार की तरह से निकल रहा है कोई बुली है जिसको जो बुली होता है ना कॉलेज में स्कूल में
बुली है बचपन में बहुत पीटा जाता है उनको उस बुली को नहीं पता कि मैं बुली क्यों बना लेकिन वो बुली बना इसलिए क्योंकि वो सप्रे था उसकी बिहेवियर हमेशा से सप्रे है अब वो बाहर उभर के निकल र हैं अब वो इंसान बाहर निकल रहा है और वो दूसरों को बुली कर रहा है खुद को खुश करने के चक्कर में क्यों क्योंकि उसके साथ अत्याचार हुआ तो चूना मैं दूस के साथ अत्याचार करूं यूनिवर्सिटीज में कॉलेज में प्रोफेसर होते हैं ना जो बच्चों को तंग करते हैं जे फिजूल बच्चों को तंग करेंगे मार्क्स काटेंगे
बदतमीजी करेंगे जाहिल हैं चार्ट चटाई करके घुस गए हैं कॉलेज के अंदर लेकिन फिर भी बदतमीजी करते हैं बच्चों के साथ होते हैं ना बहुत हरा सिंग टीचर्स होते हैं क्यों मेरे भी टीचर्स ने मेरे साथ ऐसे किया अब मैं भी बच्चों के साथ ऐसे ही करूंगा और वो लूप यू नो चलता जाता है कि अपने सब ऑर्डिनेट्स को तंग करना है ऑफिस में भी यही होता है हर सेटअप में यह होता है और यह सप्रे डिजायर्स की वजह से होता है यह सप्रे मेमोरी सप्रे ट्रामा की वजह से होता है जिसको इन्होंने रिप्रेस ट्रामा
रिप्रेस मेमोरीज का नाम दिया अब इनकी इस थ्योरी का इन्फ्लुएंस और क्रिटिसिजम तो बहुत था कि भाई साइकोलॉजी को इन्फ्लुएंस किया पर्टिकुलर अनकॉन्शियस मोटिवेशन को बट इनको क्रिटिसिज्म भी मिला कि इसमें कोई एंपर कल एविडेंस नहीं है य ये कोई साइंटिफिक एविडेंस इसमें नहीं मिल सकता ये हवा वाली बातें हैं इसको हम किसी तरीके से प्रूव नहीं कर सकते किसी इक्वेशन से प्रूव नहीं कर सकते तो ऐसा नहीं साइंटिस्ट ने अ जो इनको सवाल उठाए बट साइकोलॉजिस्ट ने खुद इनके ऊपर काफी ज्यादा सवाल उठाए कि इनकी जो यह थ्योरी है वह लागू होती भी है
कि नहीं होती है और यह बहुत ज्यादा सब्जेक्टिव है पर्सन टू पर्सन डि डिपेंड करती है हर मरीज अलग हर दिमाग अलग हर दिल दिल अलग तो सबके लिए अलग चीजें अप्लाई करती है आप इसको यूनिवर्सलीस पर थोप नहीं सकते हैं अब हम लोग और डेप्थ में घुसते हैं फ्रॉड के कॉन्शसनेस के ऊपर या कॉन्शियस माइंड के ऊपर कॉन्शसनेस नहीं कॉन्शियस माइंड के ऊपर तो यह यह लेक्चर में आपको बता रहा हूं यह नोट्स मैं एक्टिवली पढ़ रहा हूं कोई चीज मैंने पढ़ी कल उसको मैं रिकॉल कर पा रहा हूं दैट इज योर कॉन्शियस माइंड
जो आप एक्टिवली कर पा रहे हैं वो सब कॉन्शियस माइंड के भीतर आ जाता है लेकिन कॉन्शियस माइंड जरूरी बहुत है बट इसका रोल काफी ज्यादा लिमिटेड है हमारे पूरे माइंड में सिर्फ 10 पर योगदान देता है सिर्फ 10 पर कंट्रीब्यूशन है कॉन्शियस माइंड का पूरे ह्यूमन साइक में या पूरे ह्यूमन माइंड में हम साइक के ऊपर भी अभी बात करते हैं आगे जाते हु व्हाट इज साइक एक्चुअली साइक साइक सब बोलते हैं तो सीन सिंपल सा ऐसा है कि कॉन्शियसली हम चीजें लेते हैं डिसीजंस लेते हैं लेकिन हमारे डिसीजन हमें लग रहा है कि
हमने कॉन्शियसली लिए एक्टिवली लिए लेकिन वो डिसीजंस 90 पर आर इन्फ्लुएंस बाय आवर अनकॉन्शियस एंड सबकॉन्शियस कभी पास्ट में हमारे साथ कुछ हुआ होगा कभी पास्ट में हमारे साथ कुछ चीजें हुई होंगी जिसको अनकॉन्शियस बायस बोलते हैं उस वजह से हमारे डिसीजंस आते हैं कि यार ये तो ऐसा ही होगा सारे ही ऐसे होंगे सारे ही वैसे ही होंगे एक ऐसा है तो सभी वैसे होंगे मतलब आपके साथ एक टोमेट इवेंट हुआ आप कॉन्शियसली उस इंसान को जज नहीं कर पा रहे हो तो आपने अपने अनकॉन्शियस और सबकॉन्शियस का इस्तेमाल करके उस चीज को छेड़
दिया अनकॉन्शियस में आप समझ लो केमिकल के तरह है जो दबा पड़ा है हल्का सा उबला और अनकॉन्शियस उठ के सबकॉन्शियस में गया सबकॉन्शियस में आपको हल्का सा कुछ मेमोरी सी आई वो आप अपने कॉन्शियस मेमोरी में लाके उसको डायरेक्टली नहीं ला पाए जैसे चाइनीज विस्पर होता है ना पहुंचते पहुंचते पहुंचते पहुंचते कुछ और ही चीज बन जाती है वैसा ही हुआ इसमें अनकॉन्शियस में मेमरी एगजैक्टली कुछ और थी आपने उसको उत्पन्न किया उठाया और कॉन्शियस में लाके एक डिसीजन दे दिया जो आपको लग रहा है आपने कॉन्शियसली दिया बट वो अनकॉन्शियसली हुआ है कॉन्शियस
माइंड आपके रैंडम थॉट्स को कभी एक्सप्लेन नहीं कर सकता होता है ना कभी-कभार बैठे-बैठे गाना आ गया एग्जाम में बैठे भैया एग्जाम है लेकिन गाना याद आ गया कॉन्शियस माइंड की एक सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वह रैंडम थॉट्स को एक्सप्लेन नहीं कर सकता एग्जांपल देता हूं अचानक से बैठे-बैठे कोई थॉट आ गया दिमाग के अंदर भैया एग्जाम देने ग एग्जाम दे रहे हैं अचानक से वाई दिस कोलावेरी दी गाना दिमाग में बज रहा है और एग्जाम में लिरिक्स की वो उतार दी आपने फिर फेल हो गए क्यों आया किस लिए आया यह कहां
से आया अनकॉन्शियस से आया या सबकॉन्शियस से आया अचानक से आ गया लेकिन एक्सप्लेन आपका कॉन्शियस माइंड उसको नहीं कर पाता और कॉन्शियस माइंड की यही लिमिटेशन बताती है कि यह 10 पर फंक्शन करता है बाकी 90 पर आप के अनकॉन्शियस और सबकॉन्शियस ने संभाल रखा है तो अभी तक होप फुली इतना समझ में आ रहा होगा कि एक माइंड है उसके तीन लेवल्स है फॉर एग्जांपल ये है उसके तीन भाग है एक भाग दो भाग तीन भाग ऊपरी सतह पे ऊपरी लेवल प आपका कॉन्शियस है ठीक है जो आप जगे हुए देख रहे हैं
मेरे को देख रहे हैं लेक्चर समझ रहे हैं फिर एक सबकॉन्शियस है आपके दिमाग में चल रहा है कहीं पे पीछे है कि हां भाई यह काम भी करना है कल तो ये भी करना है कल तो यहां भी जाना है कल तो कॉलेज भी है और एक अनकॉन्शियस है जो कि एक ट्रामा है कभी हुआ आपके साथ कुछ गलत हुआ किसी ने बदतमीजी करी आपके साथ बुली हुआ सब एक साथ एट अ पॉइंट एजिस्ट कर रहे हैं लेकिन निकल के सारे एक साथ नहीं आ सकते एक तो दिमाग इंसान का दिमाग पगला जाएगा इंसान
पगला जाएगा तभी कहते हैं ना जब इंसान की डेथ हो रही होती है तो सारी मेमोरीज आती है पुरानी सारी मेमोरीज बिकॉज द बॉडी डजन नो योर माइंड बॉडी से ज्यादा माइंड डजन नो व्हाट हैपेंस आफ्टर डेथ या व्हाट इज डेथ क्या हो रहा है डेथ ये मेरे साथ क्या हो रहा है बॉडी एक अलार्म स्टेट में चली जाती है दर् दर दर दर हो रहा है उसके साथ बट माइंड को कुछ तो करना है अपने को बिजी रखने के लिए तो सारी मेमोरीज चन आउट करना शुरू करता है सारी मेमोरीज निकालना शुरू करता है
जो लोगों को सवाल होता है ना क्यों फ्लैशबैक्स आते है मेमोरी के मरने के वक्त तो सारी मेमोरीज इसमें और डेप्थ है इसके ऊपर एक अलग से लेक्चर ही बन सकता है फिलॉसफी ऑफ डेथ में ठीक है आई डोंट नो लोगों को इंटरेस्ट आएगा कि नहीं बहुत मेरे को डर लगता है लेक्चर डालते हुए मैं इतनी मेहनत डालूं मेरा कट जाए ठीक है ना तो मेमोरीज आती जाती है आती जाती है जस्ट सो दैट कि माइंड आपका आपको बिजी रख सके तो एट अ पॉइंट ऑफ टाइम सारी मेमोरीज आपकी फ्लैशबैक में चलती जाती है क्या
बोलते हैं 6 सा मिनट तक इंसान मरने के बाद भी माइंड काम करता रहता है तो वो मेमोरीज आती जाती है इंसान की लेकिन कॉन्शियस माइंड आपको सबसे ज्यादा मदद करता है फोकस करने में तुम अगर मेरा यह लेक्चर अभी तक देख रहे हो अभी यहां तक देख लिया बहुत बढ़िया बात है भाई लाइक ठोक दो एक देख रहे हो वोह इसलिए हुआ है कि आप एक कॉन्शियस माइंड का इस्तेमाल करके यहां तक पहुंचे आप यह लेक्चर देख पा रहे हैं आप ये लेक्चर समझ पा रहे हैं फोकस इन शॉर्ट आपको फोकस करवाने का पूरा
श्रेय जाता है कॉन्शियस माइंड को कॉन्शियस माइंड ही जिम्मेदार होता है इमेजिनेशन के लिए विजुलाइजेशन के लिए भाई मैं बीच पे बैठ के नारियल पानी चूसूको करना है आप बैठे हो टेबल पे लेकिन आप सोच रहे हो वहां के बारे में एग्जाम खत्म हो जाएंगे तो भैया जाएंगे सारे मिलके दिल्ली में हौसखास एक जगह है वहां जाके मस्त पार्टी करेंगे आप विजुलाइज कर रहे हो ये आपका कॉन्शियस माइंड करा रहा है आपका पास्ट मेमोरीज डिटेल में लाना अच्छा ये ऐसे हुआ था यह तो बड़ा इंटरेस्टिंग था यार या तो मजा आ गया या फिर फ्यूचर
गोल से रिलेटेड यार ऐसा करेंगे ऐसा होगा दैट इज व्ट योर कॉन्शियस माइंड डज बट अकेले नहीं करता ये खुरे दता है अंदर से अंदर से खुरे दता है और सामने आपको प्लेट के ऊपर रख के दे देता है जस्ट एज जैसे रेस्टोरेंट में होता है शेफ पीछे काम कर रहा है मेन लोग पीछे काम कर रहे हैं लेकिन आपके सामने खाना परोस के वेटर ला रहा है आप तो बस खाने का काम है आपका दैट इज व्हाट द डिवीजन ऑफ माइंड इज तो फ्रॉड का जो ये तो फ्रॉड का जो ये जो ट्रायड था
व्हिच इज कॉन्शियस सबकॉन्शियस एंड अनकॉन्शियस उसमें कॉन्शियस माइंड तो हमने बात कर ली एक स्कैनर की तरह और इसका एक एक मैं प्रैक्टिकल एप्लीकेशन बताता हूं रिसेंटली मैं मैं अपने एक फ्रेंड से मिला था तो उससे मैं बातचीत कर रहा था और बातचीत करते करते बात हुई कि भाई कॉलेज के जो कुछ लोग हैं ठीक है जो मेरे आइडियो जीी से अ राजी नहीं होते हैं क्यों क्योंकि जो जहां से मैं पढ़ के निकला हूं वहां पर ज्यादातर लोग काफी ज्यादा रिलीजस कट्टर लोग थे और फिलॉसफी रिलीजन में एक्सेप्ट नहीं करी जाती क्योंकि वह खोल
देती है तो वह उससे बोल रहे थे उस उस लड़की जो मेरी दोस्त है उसको बोला होगा कि यह फरा तो गलत काम कर रहा है उसको यह होगा वो होगा जलाया जाएगा पाप लगेगा यह लगेगा तो वह चीज मेरे को बता रही थी कि वह ऐसे ऐसे बोल रहे थे अब क्या हुआ मैंने सुनी बात ठीक है हम लोग कॉफी पी रहे थे अपने कॉफी पी रहे हैं फर्क नहीं प पड़ा लेकिन बाद में ना एक डेढ़ दिन बड़ा अजीब अजीब लगा रहा मेरे को बड़ा अजीब अजीब लगा क्या हो रहा है यह क्या
हो रहा है यह क्या हो रहा है फिर फ्रॉड का जब मैं लेक्चर कंपाइलेशन कर रहा था मेरे को रिलाइज अच्छा भैया उस वक्त तो कॉफी प फोकस चला गया हमारा लेकिन अनकॉन्शियसली या फिर सबकॉन्शियसली व चीज बैठ गई जो उसने कहा कि लोग इस तरह से मेरे बारे में बोल रहे थे जिसका इफेक्ट नहीं पड़ा बट कहीं ना कहीं व चीज हल्का सा काट रही थी क्योंकि इंसान तो भाई हम भी हैं फीलिंग तो हमारी भी है हर्ट तो होती ही है तो तब हुआ अच्छा ये फ्रॉड बाबा की चीज तो काम करती है
सामने नहीं पता क्या हो रहा है दिन खराब है अजीब सा लग रहा है एक एक नेगेटिविटी सी एक डिप्रेसिंग है लेकिन यार बात तो यह है इस वजह से मेरे को यह हो रहा है क्योंकि उसने मेरे को यह बात कही तो मैं सोच इस विचार में पड़ा हुआ था कि यार वो कह कैसे सकते हैं ये बिना मेरे को जाने बिना ये जाने कि मैं क्या काम करना चाह रहा हूं इस दुनिया में लोग तो जजमेंट पास करेंगे जब उस चीज को मैंने कंफ्री एसोसिएशन टॉकिंग थेरेपी जो बोलते हैं ना अपने आप से
ही करी अपने आप को ही साइकोलॉजिस्ट खुद बन गए तब अच्छा लगने लग गया हां भाई हटाओ ना या भाड़ में जाए जिसको जाना है तो ऑल इन ऑल फ्रॉड का जो कॉन्शियस पार्ट है गेट की तरह है जैसे गेट होता है ना गेट के अंदर कौन आएगा कौन नहीं आएगा व कॉन्शियस माइंड के हाथ में है जो चीज आ गई वो आ गई वो जाके कहां सबकॉन्शियस में स्टोर हो जाएगी अनकॉन्शियस में स्टोर हो जाएगी उसके हाथ में जो चली गई लेटर यूज के लिए वो लेटर यूज के लिए बट एक स्कैनर है एक
फर्स्ट पड़ाव है पहला गेट है जो रोकता है इन चीजों को या आने देता है अब आ जाता है भाई साहब फ्रॉड का सबकॉन्शियस माइंड कॉन्शियस के बाद का जिसको आप मैंने राम से कंपेयर किया व्हिच इज क्विक एक्सेस मेमोरी चलते फिरते किसी ने फोन नंबर बताया आपने फोन नंबर याद किया फोन नंबर जब आपको याद करना होगा तब वापस से याद आ जाएगा कि क्या है आपकी मम्मी का नंबर क्या है आपके पापा का नंबर बच्चों को याद कराया जाए ना हमने भी याद किया था कोई अंकल आपको टॉफी चॉकलेट दे तो अपने मम्मी
पापा को फोन लगाए वैसे फोन नहीं होता था उस वक्त लेकिन बहरहाल आपने एक ऐसी चीज रखी जो जब भी आप चाहे उसको रिकॉल कर सकते हैं घर क है आपका यहां है मेरा घर अब हर वक्त थोड़ी घर रिपीट करते रहोगे मेरा घर यहां है मेरा घर यहां है मेरा घर यहां है वो वायरिंग खराब हो गई है इसलिए हो रहा है आपके साथ बट जब आपको याद करना होगा वो आपके अचानक से निकल के बाहर आ जाएगी चीज तो आपका सबकॉन्शियस माइंड जो है वो रिसेंट मेमोरीज को होल्ड करता है जो भी आपके
तजुर्बे हैं जो एकदम नए हैं जो अभी अचानक हुए हैं वो आपको याद रखने में मदद करता है सबकॉन्शियस सबसे बड़ी चीज सबकॉन्शियस की यह है कि वो पैटर्न रिकग्निशन एंड मेमोराइजेशन में हेल्प करता है हैबिट्स पैटर्स मेमोरीज फॉर एग्जांपल आप रोज सुबह उठते हो बचपन में हमारा रूटीन होता था ना सुबह उठना टॉयलेट जाना टॉयलेट से आके ब्रश करना वो हम नींद में भी हो गए ना ऐसे भी हो गए तब भी नींद में भी बच्चे वह काम करते थे क्योंकि वह सबकॉन्शियसली स् जो बोलते है ना सबकॉन्शियसली हो गई चीज सबकॉन्शियसली स्टोर हो
गया है कोई आपको मारने आ रहा है आपने हाथ ऊपर किया सबकॉन्शियसली बॉक्सर लोग होते हैं ना बॉक्सिंग थोड़ी बहुत बॉक्सिंग करले हम थोड़ी बहुत हम भी कर लेते हैं तो बॉक्सिंग वगैरह होती है ना तो सबकॉन्शियसली हो जाता है कि आप ब्लॉक कर रहे हो ये नहीं व एक्टिवली देखेगा समझेगा वो ब्लॉक कर रहा है हाथ आ रहा है सबकॉन्शियसली वो हाथ ऊपर आ गया कि अपने को प्रोटेक्ट करना है राइट वही फाइटर किसी स्ट्रीट फाइट में पड़ गया ठीक है हम क्या होता है भैया जो नॉर्मल लोग होते हैं ऐसे मार रहे हैं
चांटा बजा रहे हैं कैट फाइट लड़ रहे हैं लेकिन उन लोगों का क्या है अपने आप गार्ड ऊपर आ जाएगा अपने आप गार्ड ऊपर करके दे नो हाउ टू प्रोटेक्ट देम सेल्व कहां हाथ रखना है कहां हाथ नहीं रखना है तो दैट इज देर सबकॉन्शियस पैटर्न रिकॉग्निशन बिहेवियर रिकॉग्निशन हैबिट बन जाती है हैबिट फॉर्मिंग और सबसे बड़ी चीज लोग स्ट्रेस में रहते हैं इस वजह से सबकॉन्शियस की वजह से एक डेडलाइन है एग्जाम आ रहा है पता है एग्जाम आ रहा है लेकिन मैं यहां पे पार्टी में बकैती काट रहा हूं मैं दोस्तों के साथ
घूम रहा हूं मैं ट्रिप पे आया हुआ हूं लेकिन ट्रिप से जाते ही दो दिन बाद एग्जाम है तो दिमाग वही लगा एग्जाम है यार एग्जाम है आपको लग रहा है आपका मूड क्यों खराब है आप सबसे बदतमीजी से क्यों बात कर रहे हो चिड़के क्यों बात कर रहे हो अंदर में अच्छा नहीं लग रहा लेकिन सबकॉन्शियसली ना कुछ हो रहा है और वो डेडलाइन आपको सबको कॉन्शियस माइंड बार-बार याद दिला रहा है वो डेडलाइन है भाई वो डेडलाइन है भाई वहां डेडलाइन पर काम करना है पढ़ाई करनी है जाते साथ लगना है तो उस
वजह से आपका करेंटली मूड खराब हो रहा है जिससे आपका पूरा सब पूरा कॉन्शियस खराब हो जा रहा है क्याक आप स्कैन कर रहे हो एक्सपीरियंस ले रहे हो वो सब तहस नहस हो रहे है फ्रॉड ने सबकॉन्शियस को वर्कहाउस ऑफ माइंड बॉडी का रम से कंपैरिजन किया कंप्यूटर का रम होता है कैसा होता है रम आप बहुत ज्यादा वॉल्यूम ऑफ डाटा और इंफॉर्मेशन उसको फीड करते हो लेकिन वो कॉन्शियसली सब चीजों को एक्सेस नहीं करता यह एसेस नहीं करता कि ये ऐसा है अच्छा ये ऐसा क्यों है ये ऐसा किसलिए वो बस स्टोर करता
जाता है स्टोर करता जाता है जितना आपकी जब जरूरत पड़े उस डाटा और इंफॉर्मेशन को निकाल के दे दिया जाएगा है ना अब लेट्स से आप कोई चीज कर रहे हैं ऑन अ ऑन अ डेली बेसिस टाइपिंग कर रहे हैं कीबोर्ड पे टाइपिंग कर रहे हो अब ये वाई है वाई क्यों है यस टाइप करना है वाई एस यस वाई क्यों है ई अच्छा ई यहां है अरे य एसा एस एस आपका वाई एस अपने आप टाइप हो जाएगा आपको पता है कंप्यूटर है कंप्यूटर के ऊपर मैं दबांग तो उसमें इनपुट जाएगा वाय टाइप होगा
वाय पे उंगली दबा ंगा वाई टाइप होगा ई पे उंगली दबा ंगा ई टाइप होगा एस पे उंगली दबा आंगा एस टाइप होगा पूरा वर्ड टाइप हो जाएगा मैं फिर एंटर मार के नेक्स्ट जा सकता हूं आपका वो सबकॉन्शियसली हो गया है मसल मेमोरी हो गई है इतना फास्ट में टाइप नहीं कर पाता बट बता रहा हूं कि मसल मेमोरी आपकी हो चुकी है वो हैबिट फॉर्मिंग हो गई है टाइपिंग की सबकॉन्शियस माइंड ना ऑटोमेटिक फिल्ट्रेशन सिस्टम का काम करता है जो भी इंफॉर्मेशन डाटा आ रहा है कौन सा ऐसा डाटा है जो अ याद
रखने की जरूरत है कौन सा ऐसा डाटा है जिसको आप बाद में भी उठा के फेंक सकते हैं अगेन बात करते हैं हम किसी लेट्स से अ सैलरी की कि भाई आप जॉब पे गए इंटरव्यू हुआ वो सब बता रहे हैं इंटरव्यू में यह है वो है इंटरव्यू के बाद अगर आप चूज आपको चूज कर लिया जाता है आप सिलेक्ट हो जाते हैं एज अ कैंडिडेट तो आपको यह होगा इतने बजे ऑफिस आना पड़ेगा वो कुछ नहीं सुन रहे तुम तुम्हें सिर्फ फर्क पड़ रहा है सैलरी कितनी मिलेगी भाई और तुम वो फिगर याद रखोगे
ठीक है वो सब है कोई पूछेगा बता दू हां 8:00 बजे बोला था उन्होंने शायद और सुबह 8:00 बजे पहुंचना है 9:00 बजे पहुंचना है इतनी छुट्टियां मिलेंगी इतना कट होगा ये होगा लेकिन हां सैलरी मेरे को याद है तो फिल्टर किया माइंड ने कि सैलरी ऊपर में रखनी क्योंकि वो मोस्ट इंपॉर्टेंट है आप जॉब इंटरव्यू देने ही गए हो सैलरी की वजह से क्योंकि आपको सैलरी अच्छी चाहिए पिछला बॉस आपको गलत तरीके से आपको लूट रहा था आपको नहीं चाहिए अब सैलरी चाहिए आपको अच्छी खासी आपका इंडस्ट्री एक्सपीरियंस अच्छा है मेरा मुद्दा है सैलरी
बाकी चीजें फाइल के तरह स्टोर कर लो मुझे कोई मतलब नहीं बट आई शुड रिकॉल स सैलरी क्या सैलरी होनी चाहिए मेरी बहुत बार क्या होता है कोई बहुत सिग्निफिकेंट चीज होती है जो ट्रिगर कर देती है एक इमोशनल एक्सपीरियंस तो वो चीज जो सबकॉन्शियस में हो उठ के कॉन्शियस में आ जाती है अचानक से और आपको वो फील होने लग जाता है अनकॉन्शियस में भी वो होता है बट सबकॉन्शियस में आपको होने लग जाता है कि यार यह मेरे साथ कभी हुआ था वो खुशबू आ रही है वापस से वो वो फिजा में वापस
से है जो पहली बार में उसको अपने साथ डेट पे लेकर गया था तो जो उसने परफ्यूम लगाया था उस परफ्यूम की खुशबू वापस से आ रही है इस मॉल में भले ही वो किसी लड़के ने लगाया हु हो लेकिन आ रही है क्योंकि सही बात नहीं है लेकिन आ रही है आपको खुशबू और वो खुशबू आई आपको अच्छा लगा आपकी पुरानी मेमोरी ट्रिगर हो गई और उसने आपका उस सबकॉन्शियस मेमोरी ने आपका थॉट इफेक्ट कर दिया कॉन्शियसली है सबकॉन्शियसली लेकिन अभी आप प्रेजेंट में उस सबकॉन्शियस की वजह से अलग तरीके से सोच रहे हैं
अब आपका परसेप्शन चेंज हो गया आप मॉल में घुसे होता है ना मॉल में घुसे खुशबुओं आती है बहुत तरीके की परसेप्शन चेंज हो जाता है पुरानी मेमोरी कभी अच्छी मेमोरी दोस्तों के साथ गए थे वहां पे मूवी मूवी देखने वो ट्रिगर हो जाता है तो आपको अच्छा लगने लग जाता है वहां पे जाते साथी एक सबकॉन्शियस सबकॉन्शियस क्विक डिसीजन मेकिंग और इमोशनल इन्फ्लुएंस के ऊपर बहुत ज्यादा इफेक्ट डालता है फॉर एग्जांपल आप किसी से मिलने गए हो और घबरा घबराए हुए हो यू नो हल्की सी घबराहट है हिचक चा रहे हो तो कॉशस हो
खुल नहीं पा रहे हो उसके सामने क्यों कभी पास्ट में ऐसा टोमेट इवेंट हुआ होगा किसी ने बदतमीजी करी होगी किसी ने बेइज्जती कर दी होगी पब्लिकली किसी के सामने एंबेरेसमेंट फील हो गई होगी इस वजह से खुल नहीं पा रहे हो तो ऐसी एक चीज जो आप कॉन्शियसली नहीं करना चाह रहे बट कहीं ना कहीं पास्ट एक्सपीरियंस की वजह से जो सबकॉन्शियस में था वो अब बाहर आ गया है तो अब आप जरा थोड़ा हिच किचा रहे हो लेकिन वो इमीडिएट मेमरी में है आपको पता है कि ऐसा मेरे साथ पहले हो ये नहीं
अनकॉन्शियस में पड़ा है कि पता ही नहीं क्या है क्या नहीं है भूल चुके हो आपके सबकॉन्शियस में पड़ा है इफ यू वांट यू कैन रिकॉल इट कि हां पहले भी मेरे साथ तो कोई पूछे ना यार तुम क्यों नहीं खुल पाते लोगों के सामने भाई मेरे साथ पहले भी ऐसा हो चुका है इसलिए नहीं खुल पाता यू नो इट बट वह एक्टिवली सामने नहीं है और व एक्टिवली अफेक्ट करता है आपकी कॉन्शसनेस को राइट कॉन्शियसली आप क्या काम कर रहे हो उसको अब आ गया फ्रॉड का अनकॉन्शियस सबसे इंपॉर्टेंट हिडन ट्रॉमा जिसको लोग बोलते
हैं ना जेंसी लोग हिडन ट्रॉमा जो होता है रिप्रेस्ड दब चुका है आपको पता ही नहीं है वो आपके अंदर है और जो अनकॉन्शियस माइंड है वो आपके सारे एक्सपीरियंस सारी मेमोरीज ए एन इंडिविजुअल वो लेकर बैठा रहता है सब कुछ है उसके पास वो मेमोरी कार्ड की तरह है एजिस्ट सब कर रहा है भूला वो कुछ नहीं है हम कभी नहीं भूलेंगे भाई हमारे साथ क्या हुआ वो है उस अनकॉन्शियस माइंड में अनकॉन्शियस बोलेगा सबकॉन्शियस को भूलना है तुम भूल जाओ उस कॉन्शियस को बोलेगा तुम्हें इस बच्चे को भूलना है भूल जाओ मैं तो
भैया याद रखूंगा हमारे साथ क्या होगा बाप दादा सबका बदला लेगा तेरा यह अनकॉन्शियस माइंड भाई तो वह जो चीज है अंदर में वह अनकॉन्शियस के थ्रू निकल के आती है किसी के साथ बुली हुआ कोई बचपन में दूसरी तीसरी क्लास में अब वो पब्लिकली हमेशा ऑकवर्ड हो जाता है अभी वो 3040 साल का आदमी हो गया है उसको याद नहीं हो नर्सरी केजी फर्स्ट में कभी बुली हुआ होगा उसको याद नहीं लेकिन उसके अनकॉन्शियस को पता है उसको पता है वो घबराता है कि मेरे साथ अभी फिर वो चीज क्रिएट हो जाएगी मेरे साथ
फिर वो हो जाएगा क्योंकि माइंड तो नहीं पता ना माइंड को कि वो बच्चा है वो एडल्ट हो गया है माइंड माइंड है माइंड एजिस्ट कर रहा है फिलॉसफी अगर हम देखें तो उसमें वो फियर क्रीप इन कर जाता है आप जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं अब इसका ना थोड़ा सा मैकेनिज्म समझ लो कि भाई ये क्यों होता है आपके साथ कोई टोमेट इवेंट हुआ और उस टोमेट इवेंट की वजह से जिसको पीटीएसडी बोलते हैं पोस्ट टोमेट स्ट्रेस डिसऑर्डर क्रिएट हो गया बहुत परेशान हो फटी पड़ी है नींद सो नहीं पा रहे नाइटमेयर हो रहे
हैं रात में सोते-सोते पसीने बह रहे हैं पुरानी यादें आ रही है कुछ भी हो सकता है हो सकता है कार एक्सीडेंट हो कुछ आपने उल्टा सीधा होते हुए देख लिया हो एक दूसरे को किसी ने गोली मारी आपने वो देख लिया हो फटी पड़ी है तो ये वर्ड बोलना नहीं चाहिए बट हां क्या हो रहा है है आप कॉन्शियसली एंड सबकॉन्शियसली परेशान हो अब माइंड क्या करेगा ना उसको पुश कर देगा अनकॉन्शियस में देखो मेमोरी तो अंदर तो इनपुट हो गया उसको उठा के तुम डिलीट नहीं कर सकते एकदम एगजैक्टली निकाल के डिलीट नहीं
कर सकते बट वो वहां रहेगा बस माइंड क्या कोशिश करता है उसको कॉन्शियस और सबकॉन्शियस से पुश कर दो अब अनकॉन्शियस में जैसे ये कोई आया टोमेट इवेंट ठीक है कोई मारा है मैंने इस रिमोट को मारा है ना टोमेट इवेंट अब ये सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस में है ठीक है सॉरी सबकॉन्शियस और कॉन्शियस मेमरी में है आपके परेशान हो पूरा दिन खराब हो रहा है अब आपका माइंड बोलेगा इसको भैया नीचे पुश करके अनकॉन्शियस में स्टोर कर दो जिससे इसका दिन भर दिनचर्या की चीजें खराब ना हो बट व रहे इसको याद रहे अब हो सकता
है वह याद रहना इसलिए रहे जिससे कि आगे वो एक्शंस रिपीट ना हो काइंड ऑफ अ रिमाइंडर कि ऐसी चीजों से दूर रहो कोई भी चीज हो सकती है लेकिन अगेन कोई किसी को गोली मार रहा है तुम कैसे दूर रह सकते हो उससे लेकिन माइंड तो यही कोशिश करता है जो तुम्हारा फ्लाइट ऑफ फाइट रिस्पांस होता है ऐसे ही तो होता है किसी गर्म चीज को छू लिया बचपन में हाथ जल गया तो एक टोमेट इवेंट है अब कोई भी चीज को गर्म को नहीं छुओ ग ऐसे ही तो इंसान सीखता है कि गर्म
चीज को नहीं छूना या गर्म चीज को छुआ या कोई कांच पांच तोड़ दिया तो पप्पा ने कनपा बजा दिया तुम्हारा तो पता है कि कनपटी बजेगी तो तुम आगे तक वह चीज नहीं तोड़ तोड़ोगे कोई कनपटी बजाने वाला है नहीं बट तुम्हारे अंदर है कि कनपटी बज जाएगी मेरी तो वह अनकॉन्शियस में एजिस्ट करता है एकदम डायरेक्ट इसका इंपैक्ट किसी के साथ धोखा हुआ बहुत बहुत टोमेट ब्रेकअप हुआ बहुत साल का रिलेशनशिप था अब इंसान परेशान है खा नहीं पा रहा अ अरजीत सिंह के गाने सुने जा रहा है रोए जा रहा है शराबों
की बोतलें फोड़ दी हैं हर जगह तो माइंड बोलेगा भाई यह तो अपना सेल्फ सबोटाज कर रहा है अपने को खत्म कर रहा है नश वश ना काट ले अपनी तो भैया ऐसा करो कि किससे पहले अपनी नस काटे इसकी जो मेमोरीज है उसको अनकॉन्शियस में मूव कर दो लेकिन व अनकॉन्शियस मूवमेंट की वजह से अब इंसान हर रिलेशनशिप में ट्रस्ट इश्यूज होंगे कहते है ना कि इफ यू हैवेंट हील्ड फुली इन योर प्रीवियस रिलेशन या अभी भी तुम्हारे अंदर वो ट्रामा है तो भैया किसी और की जिंदगी मत खराब करो पहले खुद को हील
कर लो खुद को रियलाइफ बीन ट्रामाटास एंड वर्क ऑन योरसेल्फ सेल्फ इंट्रोस्पेक्शन खुद को प्यार करो तभी तुम्हें कोई और प्यार करेगा यह कांसेप्ट आधे आधे हुए पूरे नहीं एजिस्ट करता है आधे आधे रहोगे तो दूसर को भी आधा कर दोगे यह सिर्फ ऐसे ट्रामेट्स के लिए नहीं है यह है फॉरगॉटेन मेमोरीज एंड ऑटोमेटिक थॉट्स के लिए भी कि कोई ऐसी चीज जो जरूरी नहीं है हार्मफुल हो बट एक्टिवली आपने उ उसको कॉन्शियस माइंड में समझ लिया अब वह जाके स्टोर हो गई है जिससे कभी भी वह अनकॉन्शियसली आपके थ्रू निकल पाए फॉर एग्जांपल रिफ्लेक्सिस
थॉट्स होते हैं या फिर ऑटोमेटिक थॉट होते हैं उसके थ्रू सरफेस कर जाए फॉर एग्जांपल किंडरगार्डन में बचपन में आपने सीखा ए बी सी डी ई एफ जी एच लेटर्स हैं उसको कॉन्शियसली समझा पढ़ा कैसे बनाते हैं ए फॉर एप्पल बी फॉर बॉल ठीक है बी फॉर बाबा तो हमें क्या करना है अब हम भूल जाएंगे हमारा कॉन्शियस माइंड हमारा सबकॉन्शियस माइंड हमारा अनकॉन्शियस माइंड नहीं भूलता सबकॉन्शियस और कॉन्शियस माइंड भूल चुका है अब हम बैठे हैं कोई बोलेगा भाई अल्फाबेट बताओ तुम अचानक से उसको अनकॉन्शियसली निकालो बोलना शुरू कर दोगे क्योंकि वो कहीं ना
कहीं स्टड है बट इतनी एक्टिवली भी स्टोर्ड नहीं है क्योंकि हर वक्त लेटर्स की हमें जरूरत नहीं है ना हर वक्त कोई ना कोई खड़ा नहीं रहेगा ना या फिर या फिर तुम यह थोड़ी किंडरगार्डन की चीज याद रखोगे ए फॉर एप्पल बी फॉर बाबा ठीक है सी फॉर कैट तो आपको जब कोई बोले कि लेटर लिखो मेरे लिए या मेरे को लेटर लिख के भेजो तो आप अल्फाबेट्स अनकॉन्शियसली आपके माइंड से निकल के आ रहे हैं आप उसको फॉर्म करके भेजते जा रहे हो बिलीफ हैबिट बिहेवियर ये भी फॉर्म करता है जैसे सबकॉन्शियस करता
है सबकॉन्शियस थोड़ा एक्टिवली करता है अनकॉन्शियस थोड़ा फिलोसॉफिकली करता है कि भाई मैं तो दुनिया से बच के रहता हूं दुनिया काटती है दुनिया सांप है क्यों क्योंकि लोगों ने आपका पहले से काट रखा है सो यू हैव ऑलवेज केप्ट योर गार्ड अप कि आप हमेशा सतर्क गार्ड अप मतलब हमेशा आप सतर्क रह के चलते हैं कौन मुक्केबाजी करें हम आज पता नहीं बॉक्सिंग माइक टाइसन निकल र है हमारे अंदर से तो यू हैव टू बी विजिलेंट मेरे साथ पहले हो चुका है तो मैं विजिलेंट लहूंगा तो अनकॉन्शियस ने आपका एक बिहेवियर पैटर्न बना दिया
कि मैं क्लब्स लब्स नहीं जाता भाई क्लब्स में मेरे साथ हुआ है मारपीट हो गई है मेरे साथ मैं नहीं जाता मैं कभी नहीं जाऊंगा उस वजह से मेरे ऐसे कोई दोस्त ही नहीं है जो क्लबिंग वाले दोस्त हो तो एक अनकॉन्शियस इवेंट की वजह से आपका पूरा बिहेवियर इफेक्ट हो रहा है फॉयड ने कहा कि जो आपका अनकॉन्शियस है वो सबकॉन्शियस के भी डेप्थ में है तो तो भैया हम जो ये रिमोट आपको इतनी देर से दिखा रहे हैं हो सकता है उसके नीचे और लंबाई और गहराई हो और अनकॉन्शियस और ज्यादा नीचे हो
कॉन्शियस सबकॉन्शियस तो आसपास हो सकता है लेकिन सबकॉन्शियस सबकॉन्शियस लेकिन अनकॉन्शियस बहुत ज्यादा नीचे है बहुत ज्यादा डेप्थ में है फॉर एग्जांपल फैमिली डायनामिक्स घर में कलेश चलता था ठीक है मां-बाप एक दूसरे को कूटते थे बहुत गंदा चल गंदगी होती थी लेकिन वो धीरे-धीरे ठीक हो गई जब उन्होंने देखा बच्चे बड़े हो रहे हैं लेकिन नर्सरी केजी तक या फिर दो तीन चार साल की उम्र तक आपने वो देखा आपके वो अनकॉन्शियस में स्टोर हो गया अब आप वो टॉक्सिक बिहेवियर दूसरों के सामने निकलता है आपको समझ में नहीं आता आपको याद भी नहीं
आपको पता भी नहीं शायद आपके मां-बाप को भी याद नहीं होगा किसी को नहीं पता क्या हुआ उस जमाने में बट आपके अनकॉन्शियस को पता है बोला था ना बाप दादा सबका बदला लेगा दे रे तेरा ये अनकॉन्शियस तो वो बदला ले रहा है अब सबसे नोइंग्ली और अननोइंग्ली सबसे वो अपनी खुन्नस निकाल रहा है तो दैट इज व्हाट सबकॉन्शियस के भी डीपर लेवल पे है वो अनकॉन्शियस का डायरेक्ट कनेक्शन है सबकॉन्शियस से डायरेक्ट कॉल लगा सकता है अनकॉन्शियस सबकॉन्शियस को बट स्टिल ये डीप रूटेड है अब क्या होता है ना जो बहुत इंपैक्टफुल बहुत
स्ट्रांग मेमोरीज होती है बहुत स्ट्रांग फीलिंग्लेस में रहेगी वो सीधा अनकॉन्शियस में चली जाएगी बट अगर अनकॉन्शियस ने कॉल लगा दिया सबकॉन्शियस को तो वो बाहर निकल के आ सकते है जैसे फीलिंग कि मैं अकेला रह जाऊंगा मैं दुनिया में अकेला रह जाऊंगा या फीलिंग ऑफ डेथ कि मेरी मौत बहुत-बहुत स्ट्रांग फीलिंग्लेस शिप में मुझे कोई छोड़ देगा अकेला तो आपकी वो चीजें ना निकल के आती हैं बाहर आप फियर में रहते हो इनसिक्योर रहते हो अगर आपको फियर ऑफ डेथ है तो आप घबराए हुए रहोगे कि यार मैं सोते-सोते मर ना जाऊं यह ना
हो जाए वो पता है सबको कि मैं मर ना जाऊं लेकिन अनकॉन्शियसली वो कोई ऐसी फीलिंग अंदर में एजिस्ट कर रही है अनकॉन्शियसली हो सकता है कभी बचपन में खेलते खेलते समुंदर में या उस पे क्या नाम है स्विमिंग पूल में गिर गए हो और ऐसे नियर डेथ सिचुएशन आ गई हो तो अनकॉन्शियस में ट्रामाटास मेमोरी स्टोर हो चुकी है लेकिन अनकॉन्शियस कभी भी कॉल लगा देता है ऐसी सिचुएशन में वो सरफेस पे आ जाता है और वो तंग करने लग जाते है तो डायरेक्ट कनेक्शन है सबकॉन्शियस और अनकॉन्शियस का बट जो ज्यादा इंपैक्टफुल चीजें
होती हैं इंपैक्टफुल इवेंट्स होते हैं वो जाके अनकॉन्शियस में स्टोर हो जाती है इसको लाइब्रेरी ऑफ लाइक डिसलाइक्स एंड परसेप्शन कहा गया है वो पचपन में ही ज्यादातर अनकॉन्शियस इवेंट्स होते हैं या लेट्स से कोई कार एक्सीडेंट हुआ और आसपास एक फूल था एक पेड़ लेट्स से ऑरेंज का ऑर्चर्ड लगा हुआ था ठीक है उस ऑर्चर्ड में ऑरेंज थे और ऑरेंज की खुशबू थी अब जब भी ऑरेंज की खुशबू बड़े होकर संगता है इंसान या लेट्स से 10 साल 15 साल पहले वो एक्सीडेंट हुआ तब तुम 20 22 साल के थे 50 60 साल के
हो जब वो खुशबू आती है एक अजीब सा पीटीएस द सा एक ट्रिगर होने लग जाता है आप किसी की तरफ लाइक किसी सिचुएशन की तरफ अच्छा लगना या बुरा लगना यह अनकॉन्शियस डिसाइड करता है क्योंकि उसने एक पर्टिकुलर मेमोरी अटैच कर ली है उस इवेंट से अनकॉन्शियस इज लाइक अ डीप रिजर्वॉयर जैसे रिजर्वॉयर होता है ना जिसमें सब कुछ जमा होता है ठीक है रिजर्वॉयर पानी जमा है गोल्ड रिजर्वॉयर गोल्ड जमा है ऑयल रिजर्वॉयर ऑयल जमा हुआ है वैसे ही इमोशंस का रिजर्वॉयर होता है गिल्ट रेजेंटमेंट एक्साइटमेंट एंगर हैप्पीनेस सैड सब कुछ उसके अंदर
स्टोर रहता है कभी भी निकल के आ सकता है तो अनकॉन्शियस ने सेग गट कर दिया यह ये फीलिंग है ये ये फीलिंग है यह ऐसे एजिस्ट करेगी यह वैसे एजिस्ट करेगी और कभी भी बाहर निकल के आ सकती है हो सकता है आपके अंदर आपके अनकॉन्शियस माइंड के अंदर एक अनप्रोफेशनल पड़ा यह है वो है यह कौन करेगा वो कौन करेगा ऐसा है दिमाग ऐसा भटक गया कि इंसान उस ग्रीफ को प्रोसेस नहीं कर पाया अब वो चीजों में निकलता है वो फ्रस्ट्रेशन के थ्रू निकलता है वो इवेंट्स में निकलता है वो लोगों के
साथ निकलता है लगता है क्यों निकल रहा है लेकिन रिलाइज होता है यार वो अनप्रोसैस्ड हो जाती हैं डोमेटिक इवेंट्स हैं जो स्टोर हो जाते हैं समझ रहे हो फॉर एग्जांपल मेरे फादर हॉस्पिटल में एडमिट थे जब उनका आखिरी वक्त चल रहा था तो हॉस्पिटल से कॉल आते थे सुबह के 4:30 बजे 5 बजे 5:30 बजे ठीक है जिसको नहीं पता वो कोविड में एक्सपायर कर गए थे अचानक से नींद खुलती थी अब क्या है जब भी फोन बजता है सुबह के 7:00 बजे भी 8:00 बजे भी मैं अगर सो रहा हो तों ऐसी नींद
खुलती है जैसे कुछ टोमेट हो गया दिमाग फटने को हो रहा होता है हार्ट बीट फुल होती है हो रहा है क्योंकि अनप्रोसैस्ड अटैच कर चुकी है जो कि बहुत मुश्किल है लगता जाना पड़ेगा किसी सिंगम फ्रॉड से हमें भी मिलना पड़ेगा भाई अब यहां पे इसके कंक्लूजन में इन तीनों के बीच में एक रिलेशनशिप ले लेते हैं ठीक है कॉन्शियस सबकॉन्शियस और अनकॉन्शियस यह तीनों एक दूसरे को किस तरीके से कॉम्प्लीयंट आई सबकॉन्शियस आई अनकॉन्शियस आई अब अनकॉन्शियस जो है आपका मेन बिहेवियर एंड इमोशन स्टोर करके रखता है कि आप बड़े होके कैसे बनेंगे
या आप आगे किस तरीके से परफॉर्म करेंगे यह हिडन मेमोरीज कैसे भी आ सकती है हो सकता है यह एक ड्रीम के थ्रू आ जाए हो सकता है बोलते बोलते आप अचानक से कुछ यू नो इंस्टिंक्टिवली कुछ बोल दो किसी को यह सब अनकॉन्शियस के थ्रू निकल के आता है और यह आपके बिहेवियर डिसाइड करता है बचपन में जो आपके साथ हुआ कोई मेमोरी है फ्रॉम चाइल्डहुड या आपके एडल्टहुड में आपकी हैबिट्स क्या होगी आपका बिहेवियर क्या होगा आप किस तरीके से हो ग फॉर एग्जांपल एक आदमी है लेट्स से उसके फादर आर्मी में है
और वो बच्चा है आर्मी वालों का स्ट्रिक्ट रूटीन होता है बहुत स्ट्रिक्ट रखा भाई कॉलोनल वगैरह है कर्नल वगैरह हां भाई हमने स्ट्रिक्टली रखा बच्चा बड़ा हुआ भले ही वो इंजीनियर बना लेकिन वो स्ट्रिक्टनेस आएगी वह हैबिट में दिखेगी वह रूटीन में दिखेगी सबसे पहले वह पहुंचेगा सारे काम वह करेगा सबके लिए वह खड़ा रहेगा व हिलेगा नहीं अपनी बातों से वह सबके लिए खड़ा मतलब सबकी जो भी गलत हो रहा है किसी के सा उसके लिए आवाज उठाएगा जो कि आर्मी वालों की एक नेचर होती है तो भले ही वो बना नहीं आर्मी लेकिन
बचपन में जो उसके अंदर हैबिट स्टोर हो गई थी अनकॉन्शियस में वो उसके एडल्टहुड में निकल के आती है इन तीनों के बीच में डिफेंस मैकेनिज्म चल रहा है ऑफ रिप्रेशन व्हिच इज कोई ट्रामेटिनीब में हो डिप्रेशन में हो बुरी हालत हो रखी है अब क्या होगा व चीज कोशिश करेगा आपका माइंड कि उसको बेहतर करने की आप बेहतर भी हो जाओगे मतलब आपके कॉन्शियस और सबकॉन्शियस मेमोरी से वो चीज चली गई बट वो अनकॉन्शियस मेमोरी में स्टोर हो रखी है होता है ना कभी कभार फेजेस ऑफ डिप्रेशन आते हैं लोगों को सीजनल डिप्रेशन जिसको
बोलते हैं आते हैं ना बहुत लोगों को बूढ़े लोगों में ये चीज ज्यादातर कॉमन होती है देखने को इलाज लोग बोलते हैं डिप्रेशन को उर्दू में इला इलाज बोला जाता है तो होता है कैसे होता है वो कोई ट्रामेटिनीब हम कैसे समझे हमारे अनकॉन्शियस माइंड में क्या-क्या चीजें एजिस्ट कर रही है तो यहां पर फ्रॉड आते हैं और फ्रॉड बोलते है भाई अपने ड्रीम्स को देखो अपने ड्रीम को इंटरप्रेट करो क्योंकि तुम्हारे ड्रीम जो है तुम्हारे अनकॉन्शियस की चाबी है तुम्हें सपने में दिख रहा है कि कोई सांप काट रहा है तुम्हें बहुत बार लोगों
को देखता है सांप काट रहा है कहीं से गिर रहे हो फ्लाइट मेंस हो जा रही है बड़ी-बड़ी छलांग मार रहे हो लेकिन कोई चीज कवर नहीं कर पा रहे वो सब कुछ मैसेज देने की कोशिश कर रहे हैं साप काट रहा है मतलब कि आपकी लाइफ में कोई है जो आपको बहुत ज्यादा परेशान कर रहा है उससे दूर हो जाओ आप अपनी फ्लाइट मिस कर दे रहे हो मतलब कि कोई लाइफ अपॉर्चुनिटी है जो आप मिस कर रहे हो आप समझ नहीं पा रहे हो आप ऊपर से गिरने गिर रहे हो मतलब कोई ऐसा
डिसीजन ले रहे हो जो आपकी लगा सकता है तो ये सब चीजें गिल्ट ये सब गिल्ट वगैरह ये सब आपके अनकॉन्शियस माइंड में एजिस्ट करता है जो सपनों के थ्रू आपको दिखता है और वेरियस मेमोरीज वेरियस चीजें जो आप देखते हो वैसे वह चीजें बिल्ड होती चली जाती है इन ड्रीम मेमोरीज स्टिच अप होके एक फैब्रिक बन के आपको ड्रीम में दिखती है तो क्या आप यह कह सकते हो आज से 5000 साल पहले जब लोगों के पास मूवीज नहीं थी मूवीज नहीं देखते थे फैंटेसी वर्ल्डस नहीं देखते थे तो उनके ड्रीम्स अलग तरीके की
होती थी इतनी रोब और विविड नहीं होती थी अब चकि लोग मूवीज देखते हैं हैरी पॉटर देख लिया है ना और अच्छी-अच्छी मूवीज देख ली सब कुछ देख के जादुई दुनिया एजिस्ट करने लग गई है तो उनके ड्रीम्स और विवेड बन गई क्योंकि उनके पास और पजल्स हैं जोड़ने के लिए तो आज से 5000 साल पहले लोग कैसी ड्रीम देखते थे और आज की डेट में लोग कैसी ड्रीम देखते हैं क्या उसके बीच में डिफरेंस है ओबवियसली मीनिंग सबका सेम होता होगा बट क्या ड्रीम के विजुअल्स में डिफरेंस है सोचो भाई ये पता नहीं किसी
ने इसके ऊपर काम किया है कि नहीं किया है बट दिस इज एन इंटरेस्टिंग थॉट इसके ऊपर आप सोच सकते हैं बैठे-बैठे आ गया बोलते बोलते आ जाता है हमें भी निकल जाता है कहीं-कहीं से फिर साइकोसेक्सुअल डेवलपमेंट एंड पर्सनालिटी फॉर्मेशन अभी साइकोसेक्सुअल डेवलपमेंट की स्टेजेस से जाएंगे आप बच्चे से लेकर जब बड़े होते हैं कैसे वो एजिस्ट करता है बट किस तरीके से वो आपकी पर्सनालिटी ट्रेट इन्फ्लुएंस करता है आप क्या बनेंगे फॉर एग्जांपल पोटी करते हुए स्ट्रिक्ट ट्रेनिंग आपके हु जिसको बोलते हैं स्ट्रिक्ट पोटी ट्रेनिंग कि भाई ऐसे एकदम ये वो और पोटी
के वक्त नो नो बकवास नो बकैती तो उससे क्या होगा आप बड़े होक कंट्रोलिंग ह्यूमन बीइंग बनेंगे आप भी एक ऐसे इंसान बनेंगे जो अपनी लाइफ भी कंट्रोल में रखेंगे आपकी वैल्यूज बहुत ऑर्डर में चलेंगी क्योंकि आपकी पॉटी ट्रेनिंग बहुत सॉलिड हुई है रूल्स एंड रेगुलेशंस में हुई है तो अब आगे जाके एक उसूलों वाले आदमी बनेंगे भाई जो कि बहुत इंपॉर्टेंट बन जाता है फिर इन्होंने फ्री एसोसिएशन के बारे में बात करी कि भाई एक थेरेपी टूल है आप बात करें पेशेंट के साथ बैठे क्या पता वह कोई ऐसी बात बोल दे जो अनरिजॉल्वड
हो जो कि एक कॉन्फ्लेट हो जो एजिस्ट कर रहा हो अनकॉन्शियस में और बोल दे उसको रियलाइफ फर उसके ऊपर वो काम करें और वो बेहतर हो जाए जैसे मेरी जिंदगी खराब है मैं हर वक्त गुस्से में रहता हूं मैं फ्रस्ट्रेटेड रहता हूं क्यों रहता हूं पता नहीं बोलते बोलते हां मेरे पापा मुझे बहुत ज्यादा मारते थे मेरे पापा मुझे बहुत ज्यादा पीटते थे इसलिए ऐसा हो रहा है जैसे मेरे साथ होता था बचपन में मैथ्स पढ़ते हुए सब पिटे अपने पिताजी से मैं तो पिटा हूं भाई तो चीज यह है कि मैथ्स के पेपर
में जब भी होता था मैथ्स का पेपर आया मैं ब्लैंक हो जाता था 12वीं के भी मैथ्स के पेपर में मैं ब्लैंक हो गया जितना पढ़ा था सब सफा चट क्या करना है क्या नहीं करना कुछ नहीं पता बाद में रिलाइज हुआ उस वक्त तो नहीं रिलाइज हुआ बाद में रिलाइज हुआ क्योंकि एक ट्रामा बैठ गया गया था नहीं होता 1 प्सव टू भी नहीं बोला जाता भाई बचपन में ऐसी हालत हो जाती है जब पिटते हो तुम तो वो चीज फियर आ जाता है पेपर में पूरी तरह से इंसान भूल जाता है क्या लिखने
वाला है तो यह एक फ्री एसोसिएशन और इसका एक बहुत अच्छा एग्जांपल वैसे तो ब्रोर का ज्यादा अच्छा एग्जांपल रहेगा यह अगर आप भूल भुलैया देखें अक्षय कुमार वाली नहीं नहीं पता नहीं कौन सी आ रही है बट अक्षय कुमार वाली भूल भुलैया इज वेरी इंटरेस्टिंग उसमें जिस तरीके से विद्या बालन के थ्रू वो मंजुलिका वाली चीज निकालता है वो अनकॉन्शियस में होता है उसको नहीं प ता हो रहा है यह अनकॉन्शियस में होता है उसको वो निकालता वो सिगमंड फ्रॉड की कांसेप्ट के ऊपर ही बेस्ड मूवी है साइकोएनालिसिस जो है वो बात करता है
उसको हिप्नोसिस वैसे हिप्नोसिस सिगम फ्रॉड नहीं डालता तो फ्री टॉकिंग प बिलीव रखते थे फ्री एसोसिएशन बट ब्रॉय करते थे हिप्नोसिस हिप्नोसिस के थ्रू उसको निकालना क् हो सकता है भाई अक्षय कुमार अगर डायरेक्टली फ्री टॉक करता तो वो जो थी पूरी तरीके से मंजुलिका बन गई होती सबका कत्लेआम कतल कर देती तो इसलिए हिपनो हिप्नोटाइज करके उसके थ्रू वो इंफॉर्मेशन निकलवाने की कोशिश करी और उसको ठीक कर दिया जब आपके आपको रियलाइफ हो जाए कि आपके अनकॉन्शियस में एजिस्ट कर रहा है तो आप कॉन्शियसली भी उसको लेके उसके साथ सुलह कर सकते हैं उसके
साथ हाथ मिला सकते हैं एंड यू कैन लिव हैपिली भैया एवर आफ्टर इड ईगो और सुपर ईगो सबने इसके बारे में सुना है बहुत जगह बहुत तरीके के यहां पे वर्णन है इसके बट हम लोग यहां पर इसकी डेप्स में जाएंगे इसको समझने की कोशिश करेंगे इन तीनों के बीच में क्या रिलेशनशिप था अब यहां पे जो टर्मिनोलॉजी है साइक बहुत ज्यादा यूज होगी क्योंकि इड ईगो सुपर ईगो ह्यूमन माइंड की कॉम्प्लेक्शन करी गई थी पर्टिकुलर अनकॉन्शियस और द ह्यूमन साइक की उसका स्ट्रक्चर क्या है व्हाट इज साइक साइक की अगर डेफिनेशन देखो तो इट
इज पार्ट ऑफ योर माइंड स्पिरिट या फिर ह्यूमन सोल जिसको आप कह सकते हैं ये एक अननोन चीज के बारे में इसमें बात चल रही है एक ऐसी चीज व्हिच इज अननोन और इसको एक ड्यूलिस्टिक टोन दी गई है जिसमें माइंड और बॉडी को अलग तरीके से देखा जाता है साइक इस पूरी तरीके से एक एब्स्ट्रेक्ट कंटेंट व्हि इज डिफरेंट फ्रॉम माइंड माइंड से अलग है आपके दिमाग से अलग है ये ऐसी चीज है जो एब्स्ट्रेक्ट है और इसमें ड्यूलिस्टिक टोन आपको दिखने को मिलेगी ड्यूलिस्टिक मतलब कि माइंड अलग है और बॉडी अलग है ठीक
है जो फिजिकलिटी होते हैं फिजिकल ये बोलते हैं फिजिकल पार्ट अलग होता है माइंड से माइंड अलग होता है और दोनों अलग एजिस्ट करता है तो या तो माइंड है या तो बॉडी है यह होते हैं मोनिस्ट माइंड भी है बॉडी भी है यह होते हैं ड्यूलिस्ट के दोनों को रिलेशन में एजिस्ट करता है वाइस वर्सा तो यही होता है आपकी साइक तो इड ईगो सुपर ईगो का मेन रोल था जो कि यूज किया हमारे फ्रॉड बाबा ने यह समझाने के लिए कि किस तरीके से हमारे अनकॉन्शियस डिजायर्स ड्राइव होते हैं और किस तरीके से
हम अपने बिहेवियर के बिहेवियर के पैटर्स को चेंज करते हैं इसके हिसाब से नोइंग और अननोइंग्ली वॉलेटर या इवॉलेंट हमें हो सकता है ना पता हो कि हमारे साइक इफेक्ट हो रही है हमारा माइंड इफेक्ट हो रहा है लेकिन फिर भी हम उस चीज को करने की कोशिश करते हैं जो कि अंदर से उठ के आती है अनकॉन्शियस से उठके आती है अब भैया बहुत तरीके के टर्म्स यूज कर सकते थे बहुत तरीके के शब्द शब्दों का प्रयोग हो सकता था बट यहां पर फ्रॉड ने ईगो सुपर ईगो यही टर्म्स क्यों यूज करें पहली बात
तो इसके जो रूट्स अगर आप देखोगे इटिमोलॉजी जो बोली जाती है कोई वर्ड कहां से निकल के आया है नॉट एस्टमो जीी इटिमोलॉजी तो बेसिकली लैटिन और जर्मन से इसके रूट्स निकल के आएंगे इड मतलब होता है लैटिन में इट राइट और इट यह चीज दिखाने के लिए है कि जो हमारा माइंड है या पार्ट ऑफ द माइंड है जिसको रेफर किया जा रहा है वह कितना रॉ है व पूरी तरीके से बॉडी से अलग है उसका बॉडी से कोई लेना देना नहीं है जैसे किसी जानवर को इट बोला जाता है ना इट वैसे ही
इड हो गया व्हिच इज टेकन फ्रॉम द लैटिन टर्म ईगो लैटिन में होता है आई मैं और वह यह दिखाने के लिए कि किस तरीके से हम कॉन्शियसली रिलाई करते हैं दुनिया पे और दुनिया हमें किस तरीके से पर्सीव कर रही है हमारी आइडेंटिटी परसेप्शन क्या है मेरी आइडेंटिटी है मैं कुछ हूं है ना ये कुड भाई ये शिरो भाई कुछ और है तो सबकी आइडेंटिटी अपने आप में डिफर करती है या किस तरीके से बनती है वह उभर के आता है आपकी ईगो की वजह से सुपर ईगो नाम से ही पता लग रहा है
आई के ऊपर ईगो के ऊपर व्हिच इज आपको ड्राइव करती है वह एथिक्स की तरफ मोरल्स की तरफ जस्टिस की तरफ क्या सही है क्या गलत है क्या सोशल वैल्यूज है किस तरीके से सोसाइटी में एक्ट करना है यह सब काम सुपर हीगो का होता है फ्रॉड ने यह तीनों टर्म्स इस तरीके से यूज करें कि तीनों एक दूसरे को कॉम्प्लीयंट सके आपकी एड आती है एड आपके बेसर इंस्टिंक्ट्स को समझाता है फिर आपकी ईगो आती है जो आपके रैशनल को समझाती है और फिर आपकी सुपर इगो आती है जो आपकी मोरालिटी को समझाती है
और यह तीनों बैलेंस में एजिस्ट करना बहुत जरूरी है जिससे कि इंसान एक कंप्लीट इंसान बन सके यह था फ्रॉड का कहना फ्रॉड ने इड ईगो सुपर ईगो एक तरीके से क्लीनिकल पर्सपेक्टिव में भी इजाद किया था कि भाई क्लिनिकली इसके बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंस है और इसको एसिंट सिविलाइजेशन या हमारी सिविलाइजेशन जो बनी है जिस तरीके से पंपी है जिस तरीके से हमारी सिविलाइजेशन शेप ले रही है उसके लिए भी बहुत इंपॉर्टेंट है सबसे इंपोर्टेंट अगर किसी को मेंटल हेल्थ इश्यूज हैं तो इड ईगो सुपर ईगो इन तीनों के तालमेल में कुछ ना कुछ डिफरेंस
है जिसकी वजह से यह दिक्कत आ रही है और जिसको इन्होंने नाम दिया न्यूरोसिस का और न्यूरोसिस के ऊपर हम लोग एक स्लाइड अलग से मैंने बना रखी है उसके ऊपर थोड़ा और डेप्थ में बात करेंगे तो बेसिकली यह जो इड ईगो सुपर ईगो की वजह से मेंटल हेल्थ इश्यूज आ रही है वह तो बेसिकली फ्रॉड ने कहा यही है कि भाई तुम्हारे कोई रिप्रेस्ड डिजायर्स है जो दबा दिए गए लेट्स से सेक्स के बारे में बात करना जो कि तबू माना जाता है नहीं बात करेंगे उसके बारे में वो दबा दिया गया और एक
तरफ तुम्हारे मोरल कंस्ट्रेंट्स क्या सही है क्या गलत है क्या 12:00 बजे के बाद क्लब में घूमना सही है या गलत है या फिर क्लब जाना ही सही है या गलत है तो यह सब चीजें इन सबके अंदर आती है फॉयड ने कहा ह्यूमन बिहेवियर को समझने के लिए सबसे इंपॉर्टेंट सुपर ईगो है बिना सुपर ईगो के आप ह्यूमन बिहेवियर को नहीं समझ सकते हो और वो ह्यूमन बिहेवियर किस तरीके से सोशल कंस्ट्रक्ट को कॉम्प्लीयंट में क्या रूल्स बने हैं उसके प्रति क्या है क्या आप उन रूल्स को मानते हैं क्या आप उ उन रूल्स
को तोड़ रहे हैं क्या आप चोरी कर रहे हैं चिकारी कर रहे हैं गलत काम कर रहे हैं तो वो सब चीज सुपर ईगो का काम होता है जो सुपर ईगो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट बन बन जाती है यहां पे सुपर ईगो ना सिर्फ इंसान के बिहेवियर्स को अलाइन करती है बट सुपर ईगो इंसान को कल्चरल सरवाइव करने की क्षमता देती है मतलब आप अपनी सोसाइटी में आप अपने कल्चर में सरवाइव कर पाते हो क्योंकि अगर सुपर हीग नहीं होगी आप रूल्स एंड रेगुलेशंस को फॉलो नहीं करोगे रूल्स और रेगुलेशंस को फॉलो नहीं करोगे तो कांड
होंगे कांड होगे तो निकाल दिए जाओगे या बंद कर दिए जाओगे तो फ्रॉड का जो कांसेप्ट है एंथ्रोपोलॉजी में काफी यूज होता है लिटरेचर में यूज होता है सोशियोलॉजी में यूज होता है और सेटलमेंट स्टडीज में यूज होता है काफी ज्यादा क्योंकि सिंस आई एम एन आर्किटेक्चर स्टूडेंट तो हमको सेटलमेंट के बारे में पढ़ाया गया था एसिंट सिविलाइजेशन उनके सेटलमेंट कैसे होते थे उनके सेटलमेंट पैटर्न उनकी टोपोलॉजी उनकी ज्योग्राफी तो उसमें एक साइकोलॉजी का यह पार्ट था एड ईगो सुपर ईगो जिससे कि उनके माइंडसेट के बारे में पता लगता था कि किस तरीके से वह
एक्ट करते थे किस तरीके से वो बिहेव करते थे यहां पे न्यूरोसिस के बारे में पढ़ लेते हैं क्योंकि हम लोग न्यूरोसिस साइकोलॉजी में आगे जाओगे फिलॉसफी ऑफ साइकोलॉजी में जाओगे बहुत बार सुनने को मिलेगा तो यह टर्म काफी ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है अब न्यूरोसिस या न्यूरोटिक बिहेवियर ऐसा बिहेवियर होता है जो कि बहुत इंटेंस होता है जो कि अननेसेसरी होता है जिसकी जरूरत नहीं होती और एक फालतू की परेशानी दिमाग में लगी रहती है जो हर दिन हर दिन प्रतिदिन अपने को रिपीट करती है जो लोगों के साथ होता है ना रात में
सोए सुबह उठे ऐसा लग रहा है सुबह उठ के खाली बर्तन के तरह अचानक से पिछले दिन की सारी परेशानियां तुम्हारे आज के दिन में कैरी फॉरवर्ड हो गई वो बर्तन भर गया और अब तुम परेशान घूम रहे हो हिस्टॉरिकली इसका कोई इलाज नहीं होता था यह बोला जाता था कि ऐसे लोगों को कोई इलाज नहीं है बट आज के मॉडर्न साइंस और मॉडर्न साइकोलॉजी इसको एंजाइटी डिसऑर्डर के पत्ते के अंदर डालने की कोशिश करती है इसके कैरेक्टरिस्टिक क्या है यहां पर मैं जल्दी से इसके थ्रू निकल जाता हूं क्योंकि हमारा मुद्दा है नहीं एजरेट
रिएक्शंस जो होते हैं जो एक हैबिट में बन जाते हैं छोटे-छोटे स्ट्रेस की वजह से हो सकता है किसी ने पेन गिरा दिया तुम्हें ट्रिगर कर गया वो तुम चिल्ला रहे हो बदतमीजी कर रहे हो चिल्ला चिल्ली कर रहे हो हल्ला कर रहे हो होता है सबके साथ होता है जब माइनर स्ट्रेसेस होते हैं एक शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम के लिए वो स्ट्रेसर्स तुम्हारे पूरे साइकिक कवर कर लेता हो तुम्हारा पूरा दिन ही उसके अराउंड रिवॉल्व करता है वह परेशानी वाली बात है नहीं लेकिन तुम्हारी माइंड ने उसको परेशानी बना लिया है और न्यूरोटिक बिहेवियर
में एक्सेसिव वरिंग होती है एक्सेसिव पेसिम जम होता है गिल्ट होता है इरिटेबिलिटी होती है परेशान आदमी घूमता रहता है जबरदस्ती की गिल्ट हो रही है पार्टी में है क्लब में दोस्तों के साथ है मुंह लटका के बैठा है ना हंस रहा है ना बात कर रहा है एक ऐसी चीज को लेकर परेशान है जिस चीज का कोई मायने दुनिया के नजरों में लेकिन उस इंसान के लिए व चीज बहुत ज्यादा बड़ी है न्यूरोटिसिजम जो होता है पर्सनालिटी ट्रेट का वन ऑफ द फाइव बिग फाइव उसको बोला जाता है बिग फाइव पर्सनालिटी ट्रेट में से
एक होता है अब वह कोई डिसऑर्डर नहीं है अपने में बट उससे इंसान कमजोर बन जाता है और उस कमजोरी की वजह से एंजाइटी डिप्रेशन और बाकी अलग-अलग तरीके के डिसऑर्डर्स इंसान को हो सकते हैं इसलिए न्यूरोटिक बिहेवियर को जितना जल्दी ट्रीट करो जितना यंग एज में करो उतना अच्छा अब यहां पे कुछ फर्क है पर्सनालिटी वर्सेस मेंटल इलनेस कुछ लोगों को ओसीडी होती है कुछ लोगों को ओसीडी की वजह से न्यूरोटिसिजम अब बढ़ जाता है जिससे उनको और दिक्कत होती है लेकिन यहां पे डिलन या लुसिन नहीं होता मतलब ऐसे स्कज फ्रेनिक पीरियड्स या
स्क्रो फ्रेनिक सेशंस नहीं होते इंसान के साथ जिसमें इंसान अपनी ही आगे पढ़ेंगे हम लोग इसके बारे में इंसान अपने ही मन ग्रंड कहानियां बनाए चले जा रहा है अपनी ही दुनिया में जी रहा है किसी चीज को लेकर बहुत ज्यादा खुश है या फिर किसी इमेजिनरी एब्स्ट्रेक्ट चीज को लेकर बहुत ज्यादा दुखी है परेशान है या घबराया हुआ है बहुत लोगों को ऐसा दिखता है अपनी दुनिया में कि भाई मर्डर चल रहे हैं कोई मर्डर है जो मेरे पीछे भाग रहा है कुछ मेरे साथ हो रहा है तो इसके बारे में भी इन्होंने बात
करी अब क्या है न्यूरोटिसिजम हमेशा बुरानी है उसके प्रोज हैं कॉनस है प्रोज ये है कि अब रिसर्च से यह पता लग रहा है कि पॉसिबल फ्यूचर में न्यूरोटिसिजम का हम लोग लिंक करके जेनेटिक्स से डिप्रेशन और एंजाइटी को जड़ से ट्रीट कर सकते हैं इसके कॉनस ओबवियसली यह है कि भाई सोशल डिफिकल्टीज क्रिएट कर देता है अजीब अजीब हैबिट लग जाती हैं लोगों को लोगों को ड्रग एडिक्शन हो जाता है लोगों को सब्सटेंस एडिक्शन जो कह सकते हैं किसी भी सब्सटेंस से एडिक्शन हो जाता है प्रोज यह है कि लोग अगर इसको ठीक से
न्यूरोटिसिजम बैलेंस करके चले तो उनकी लाइफ में सेल्फ इंप्रूवमेंट हो सकता है मोटिवेशन आ सकती है दुनिया बदल सकती है अपनी जिंदगी बेहतर हो सकती है जिनको न्यूरोटिसिजम है या हो सकता है जो यह वीडियो देख रहे हो उनको किसी को न्यूरोटिसिजम हो तो सेल्फ हेल्प सबसे ज जरूरी है बिकम द सर्जन ऑफ योर ओन माइंड न्यूरोटिक बिहेवियर के ट्रिगर्स ढूंढो उससे अपने आप को इंप्रूव कर सकते हो अपने आसपास के सरकमस्टेंसस को तुम इंप्रूव कर सकते हो अब बहुत इंपॉर्टेंट है यहां पे इड ईगो एंड सुपर ईगो जो मैंने नोट्स बनाए थे उसे मैं
लेता चलूंगा जिससे कि कहीं पर भी गलती होने की गुंजाइश ना हो सबसे इंस्टिंक्चुअल पार्ट ऑफ पर्सनालिटी होता है हमारा इड मतलब जो सबसे बेस प होता हैसे प्लेटो का ट्रा टाइट सोल का एक कांसेप्ट था जिसमें सोल के तीन पार्ट्स है ठीक है एक एटिव पार्ट है एक रैशनल पार्ट है और एक इमोशनल पार्ट है अगर उन तीनों के बीच में बैलेंस नहीं हो तो दिक्कत हो जाएगी तो जो एटिव पार्ट है वह है एक तरीके से आपका इड वो आपके बर्थ से है क्योंकि हमें खाने की लालसा होती है हमें खाना चाहिए बच्चा
रोने लग जाएगा और अनकस ऑपरेट होता है तुम चाहो ना चाहो तुम्हें भूख लगेगी लोग चाहे ना चाहे उन्हें सेक्सुअल अर्ज होगा सेक्सुअल डिजायर होंगे यह सब इड के माध्यम से होता है इड के थ्रू होता है यह एजिस्ट कर रहा है यू कैन नॉट एक्चुअली डू माइक देख लेते चल रहा है कि नहीं यू कैन नॉट एक्चुअली डू एनीथिंग अबाउट इट अग्रेशन भी इड का पार्ट है अगर बच्चे से कोई खिलौना ले लिया गया देखोगे ना बचपन में वो चिल्लाएगा चिल्लाने के बाद रोने लग जाएगा रोएगा परेशान होगा तो यह सब बेसर इंस्टिंक्ट है
जो कि इड में आते हैं अब एक प्लेजर प्रिंसिपल होता है जिसकी वजह से इड चलता है अगर हम कहे कि भाई इड का ड्राइविंग फोर्स क्या है इड एजिस्ट क्यों कर रहा है इड एजिस्ट इसलिए कर रहा है क्योंकि उसमें प्लेजर प्रिंसिपल है इड मतलब इंसान का बेसर पार्ट प्लेजर सीक करता है डिस्कंफर्ट से दूर जाता है भाई चलो थोड़ा सा सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेट कर लेंगे ठीक है हम डिस्कंफर्ट से दूर चले जाएंगे हम सब्सटेंस अब ब्यूज कर लेंगे एक बार क्या वैसे तो बचपन से कोई सब्सटेंस अब ूज करता नहीं लेकिन बच्चों
को भी अगर तुम देखो किसी एक चीज का लालच लग गया मिट्टी खाने का लालच लग गया व मिट्टी खाता रहेगा तो ना वो बच्चा हो सकता है किसी ऐसे खाने से परेशान हो जो उसके मां-बाप देते हो और उसने अपना बेसर इंस्टिंक्ट ढूंढ लिया उस मिट्टी में या जो पपड़ी खा रहा है वो दीवार की तोड़ के और अब वो वही खाता रहता है तो डिस्कंफर्ट है उसके लिए जो मां-बाप खाना खिला रहे हैं उससे अब वो दूर भागना चाह रहा है तो यह बहुत चीज यहां पे इंपॉर्टेंट है प्राइमरी प्रोसेस थिंकिंग मतलब इड
विजुलाइज करके भी अपना डिस्कंफर्ट मिटाने की कोशिश कर सकता है एक भूखा आदमी जिसको भूख लग रही है बहुत जोर से व बर्गर किंग या केएफसी के चिकन के बारे में या बर्गर किंग के पनीर पैटी के बारे में इमेजिन कर सकते हो पता नहीं बर्गर कि में पनीर पैटी मिलती है कि नहीं बट बहरहाल इमेजिन करके विजुलाइज कर सकता है तो एक बेसर इंस्टिंक्ट पे व अनकंफर्ट बल हो रहा है उसको भूख लग रही है और वह उसको विजुलाइज कर रहा है एक और एग्जांपल एक बच्चा है जो अभी-अभी पैदा हुआ है रात हो
रही है सुबह हो रही है कितने लोग हैं आस उसको कोई मतलब नहीं अगर उसको भूख लग रही है तो वो रोने लग जाएगा उसको खाना लाके दो वो जब तक रोता रहेगा जब तक तुम उसको खाना लाके दे नहीं दोगे तो यह भी एक चीज है इसका एग्जांपल विजुलाइजेशन बहुत हद तक चली जाती है सब्सटेंस ब्यूज में विजुलाइजेशन चली जाती है अगर किसी को सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेशन का मौका नहीं मिलता तो लोग विजुलाइज करके ही काम चलाते हैं समझने वाले को इशारा ही काफी है ईगो सबसे इंपॉर्टेंट ईगो एक इंसान को बनाता है
ईगो प्रॉब्लम सॉल्विंग पार्ट ऑफ योर माइंड होता है ईगो का काम है सेहलाना आपके इड को इड में डिजायर है उस डिजायर को फुलफिल करने के लिए ईगो पूरी कोशिश करता है मोरल स्टैंडर्ड्स के अंदर रह के जिसमें आगे सुपर ईगो हेल्प करता है उसकी सब एक दूसरे को सहला रहे हैं यहां पे तो ईगो का काम है प्रॉब्लम सॉल्विंग करके रैलिटी का उपयोग करके खाना लेना अब यह नहीं अगर कोई इंसान 20 2 साल का हो गया खाना लेने के लिए रोना शुरू कर देगा रोड पर खड़े-खड़े पैसे कमाए जाएगा रेस्टोरेंट में बैठेगा तमीज
से सोशल ऑर्डर बैठ रहा है सुपर हीगो का सोशल ऑर्डर यूज करेगा बैठ के हां पैसे देगा खाएगा ये नहीं खा के भग गया रोते-रोते है ना तो उसने उसमें आपकी ईगो भी इड भी सेटिस्फाई हो गया डिजायर आपका ईगो भी सेटिस्फाई हो गया जिसमें आपने अपना दिमाग इस्तेमाल करके पैसे का उपयोग किया पैसा कमाया और सुपर ईगो भी सेटिस्फाई हो गया जिसमें आपने उस सोशल कंस्ट्रक्ट की रिस्पेक्ट करी कि रेस्टोरेंट में भैया तमीज से रहना है यहां पे बकैती नहीं काटनी है सबके सामने ईगो जो है सेकेंडरी प्रोसेस थिंकिंग में बहुत ज्यादा काम आता
है या उसको सेकेंडरी प्रोसेस थिंकिंग ही कहते हैं च्च इज रियलिटी ओरिएंटेड थिंकिंग जो चीज रियल है भैया जो चीज प्रैक्टिकल है उसके बारे में बात करो जो हम सामने कर सकते हैं पैसा कमाना रियलिटी है जो चीज एब्स्ट्रेक्ट है जो चीज हवा में है जो चीज ऐसी प्रॉब्लम सॉल्विंग है जो जिसका कोई प्रूवन रिजल्ट नहीं है जिसकी कोई थीसिस नहीं है बट वो हाइपोथिसिस है तो उसका कोई फायदा नहीं है क्योंकि वह हवा में है हमें ऐसी चीजें करनी है जो रियलिटी एजिस्ट करती है जो प्रॉब्लम्स है प्रैक्टिकली एजिस्ट कर रही है और उन
प्रॉब्लम्स को हमें प्रैक्टिकली ही सॉल्व करना है सुपर ईगो सुपर ईगो अब तक समझ में आ ही गया होगा लोगों को बट सुपर ईगो तीन से पा साल के बीच में डेवलप होता है हमारे बड़े हमारे मोरल केयर गिवर्स जो होते हैं जो हमें सिखाते हैं क्या सही रवैया है क्या सही तरीका है एजिस्ट करने का क्या सही तरीका है बात करने का क्या सही तरीका है व्यवहार करने का और इसके भी अपने पार्ट्स है सुपर ईगो के फॉर एमल कॉन्शियस अगर आप कोई गलत काम करोगे तो आपका जो कॉन्शियस पार्ट है ऑफ द सुपर
ईगो उसको गिल्ट होगा उसको बुरा लगेगा लेट्स से यू आर अ बॉस आपने अपने किसी एंप्लॉई को या टीम मेंबर को डाट दिया राइट बेसर इंसेंट पे एंगर आया आपने उसको डांट दिया इड की वजह से एंगर आया आपने उसको डांट दिया आपने अपना ईगो पूरी तरीके से बंद कर दिया दिमाग बंद रैशनल आपने सोचा नहीं अब आपकी सुपर ईगो बाद में उस लेसन को लेगी आपको गिल्ट होगा उस गिल्ट की वजह से आप वापस से वह चीज नहीं दोहरा होगे या फिर अपने केबिन में बुला के उससे तमीज से बात करोगे तो इन तीनों
का बैलेंस होना बहुत जरूरी है अगर एक भी चीज़ कट ऑफ हो गई यहां पे अगर एग्जांपल आपने देखा इड ईगो सुपर ईगो इन तीनों में से एक भी चीज़ कट ऑफ हो गई तो आपकी लाइफ डिसबैलेंस हो जाएगी तो तीनों का बैलेंस होना बहुत जरूरी है और किसी का एक भी पैरामीटर बहुत ऊपर उछल रहा है सुपर ईगो बहुत है या ईगो कुछ ज्यादा ही है इड बहुत ही कम है तो लग जाएंगे साइंटिस्ट होते हैं साइंटिस्ट होते हैं उनका इड बहुत ज्यादा है लेट्स से कि भाई बहुत रैशनल सोचते हैं प्रैक्टिकली चलते हैं
या फिर कोई बैंकर है बहुत प्रैक्टिकली चलता है रैशनल सोचता है लेकिन उसका इड बेसर इंस्टेंट खराब है उसकी मैरिड लाइफ की लगी पड़ी है बीवी परेशान है डाइवोर्स हो गया लग गई उसकी है ना या इतने रूल्स एंड रेगुलेशंस में घुसा पड़ा है सुपर ईगो इतनी ज्यादा है रूल्स मोरालिटी ये वो कि भाई उसका ईगो ही काम नहीं कर रहा रैशनल सोच ही नहीं रहा तो कमाए कैसे खाएगा क्या इट भी खराब हो गया और ईगो भी खराब हो गई तो तीनों का तालमेल होना यहां पर बहुत जरूरी है इससे यह समझ में आता
है सुपर ईगो में ना एक ईगो आइडियल होता है मतलब कोई चीज आपने परफेक्ट तरीके से करी तो आपको अंदर में खुशी होगी एक प्राइड की फीलिंग होगी और उसको आप गुड बिहेवियर कह सकते हो गुड मोरल्स कह सकते हो जस्ट बिहेवियर कह सकते हो तो आपके अंदर एक कॉन्फिडेंस आएगा कि हां भाई दिस इज हु आई एम यह मैंने इसको इस तरीके से किया मैं बहुत अच्छा इंसान हूं और अब मुझे खुशी हो रही है लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात य यहां पे मोरल वर्सेस रियलिस्टिक गोल्स में डिफरेंस आ जाता है कि
भैया इतने भी सुपर ईगो में मत पड़ जाओ कि तुम रियलिटी से बाहर चले जाओ ठीक है और ईगो होना यहां पर बहुत जरूरी है जब तक आप ईगो का उपयोग नहीं करेंगे ईगो की मदद नहीं लेंगे तो आपकी सुपर ईगो इतनी हावी हो जाएगी कि आपके वैसे ही लग जाएंगे एग्जांपल ले लेते हैं एक स्टूडेंट है एग्जाम में सफा चट दिमाग कुछ नहीं आता उसको बैठा है डिजायर हो रही है कि मैं चीटिंग कर लू चीटिंग कर लूंगा अच्छे नंबर आएंगे अच्छे नंबर आएंगे अच्छी नौकरी मिलेगी अच्छी नौकरी मिलेगी अच्छा खाऊंगा पिऊंगा अच्छा रहूंगा
राइट अच्छा खाऊंगा पिऊंगा अच्छा कमाऊ अच्छी पार्टनर होगी मेरा बेसर इंस्टिंक्ट पूरी तरीके से सेटिस्फाइड यह इसका इड ईगो कह रही है रेशनल पार्ट कह रहा है कि भाई अगर पकड़ा गया तो पूरा करियर भी खत्म हो सकता है और सुपर ईगो को हो रही है गिल्ट अंदर में गिल्ट की फीलिंग हो रही है कि भाई यह तो गलत हो रहा है जो भी हो रहा है ये नहीं करना चाहिए दिस इज इम्मोरल दिस इज नॉट करेक्ट दिस इज नॉट राइट एक और छोटा सा एग्जांपल लेते हैं आप डाइट पे हो ठीक है और आपने
एक टेम्टिंग डेजर्ट देखा मीठा मजेदार ब्राउनी पड़ी है सामने एकदम चॉकलेट मड केक टाइप कुछ है मजेदार भूख लग गई भाई साहब तो आपका इड कह रहा है खा ले भाई आपकी ई गोई नहीं भाई मत खा इससे तुम्हारा शुगर बढ़ जाएगा तुम्हें डायबिटीज की प्रॉब्लम है या फिर आपका वेट बढ़ जाएगा जो भी है मैंने डायबिटीज में डाल दिया सीधा आपका वेट बढ़ जाएगा मत खा और सुपर ईगो आके कह रही कि अगर खा लिया तो गिल्ट होगी और वो गिल्ट हमें नहीं चाहिए और अगर खा लेते हो तो गिल्ट आएगी जिससे आपको एक
लेसन मिल जाएगा तो आगे आप नहीं खाओगे तो यह जो फ्रॉड का मॉडल था इड ईगो सुपर ईगो इससे यह समझ में आता अगर बैठ के प्रैक्टिकली सोचो कि किस तरीके से एक दूसरे को कंप्लीमेंट करते हैं है ना किस तरीके से एक दूसरे के बिना ये एजिस्ट नहीं कर सकते एक अगर निकालो इक्वेशन से पूरा इक्वेशन डिसबैलेंस हो जाएगा बोलते हैं ना एलएचएस इक्वल टू आरएचएस पूरा ऊपर नीचे हो जाएगा तो तीनों का होना बहुत जरूरी है इड ईगो और सुपर ईगो के बारे में जानने के बाद एक सबसे इंपॉर्टेंट चीज आती है तीनों
के बीच का रिलेशनशिप जो कि हम बात करते हुए आ रहे हैं बट एक कांसेप्ट होता है जिसका नाम होता है द मीडिएट ईगो कि इन तीनों का बैलेंस क्यों और किस लिए जिंदगी में जरूरी होता है ईगो जो होती है एक रेफरी की तरह होती है जैसे गेम है ना रेफरी है दो काउंटर पार्ट हैं दो टीमें हैं जो लड़ रही हैं या दो इंडिविजुअल हैं जो लड़ रहे हैं और दोनों को संभालने का काम है ई होगा इड जो अपने बेसर डिजायर्स को सेटिस्फाई करना चाह रहा है और सुपर ईगो जो मोरल सब्सटेंस
को सेटिस्फाई करना चाह रहा है या यह बताना चाह रहा है क्या सही है या गलत है अब हमें इतना सही गलत में भी नहीं पढ़ना कि हम खाना पना भूल जाए हम बाकी की एक्टिविटीज भूल जाए और हमें इतना बाकी के एक्टिविटीज खाने पीने में भी पार्टिसिपेट नहीं करना कि भाई हम भूल जाए क्या सही है क्या गलत है तो यहां पे ईगो ना एक रेफरी के तरह होता है इससे बनती है एक बैलेंस पर्सनालिटी ईगो का काम है एक बैलेंस पर्सनालिटी बनाना एक बैलेंस पर्सनालिटी इसलिए जरूरी है जिससे आप कंट्रोल में रहो आप
सही डिसीजन बनाओ और आप सोशली एजिस्ट कर सको बाकी लोगों के बीच में और अजीब तरीके से निकल के ना हो सोसाइटी में जो कि बहुत इंपॉर्टेंट होता और अगर आपके डिजायर्स इतने ज्यादा आगे बढ़ गए आपकी रियलिटी से या इतने ज्यादा आगे बढ़ गए आपके मोरल डिसीजन से तो सब ऊपर नीचे हो सकता है व्हिच इज वेरी इंपॉर्टेंट तो एक हैप्पी पर्सनालिटी कि आप ऐसे काम कर रहे हो जो कि सोशली एक्सेप्टेबल है बट आपके डिजायर्स को भी कवर कर रहे हैं बट वह ना तो गलत है ना तो वह गंदगी में जा रहे
हैं वह राइट है तो यू आर अ हैप्पी पर्सनालिटी यू हैव अ वेरी हैप्पी एंड जॉली पर्सनालिटी अगर इनमें से एक भी चीज ट ऑफ बैलेंस हो जो हम बात कर रहे हैं तो क्या होता है लेट्स सी क्या होता है सबसे पहली चीज अगर इट डोमिनेंस ज्यादा हो गया इट डोमिनेंस अगर ज्यादा हो जाता है तो हम रूल्स कंसीक्वेंसेस क्या नियम है क्या सही है क्या गलत है उसके बारे में नहीं सोचते हैं और गलत काम उठा लेते हैं जैसे क्रोध गाड़ी ठुक गई गुस्सा आ रहा है क्रोध है निकाला पत्थर पत्थर जमीन से
उठाया और किसी के मार दिया आपने क्रोध में मारा यह ना सोचते हुए कि आप किसी की जान भी ले सकते हैं सामने वाला मर गया आपकी पूरी जिंदगी खराब हो गई तो यह बहुत इंपॉर्टेंट है अगर सुपर ईगो आपको डोमिनेट कर लेगी तो आप इंसान को छोटी-छोटी चीजों में जज करना शुरू कर दोगे हर चीज में मजाक भी कोई करेगा ना बोलेगा नहीं भाई मजाक एक तरीके का झूठ होता है और झूठ बोलना मोरली रंग होता है तो हम तो भाई किसी के साथ मजाक भी नहीं करते होता है ना बोलते भाई हमने पूछा
घर जाके होते हैं ना कुछ मेरे घर में ऐसे बुजुर्ग लोग थे जैसे मेरी मम्मी ने बोला मैंने पूछा क्या बनाया आज खाने में मम्मी ने बोला करेला बना है मुझे बचपन में करेला नहीं पसंद था नहीं भाई करेला इसे झूठ मत बोलो दिस इज झूठ दिस इज नॉट मजाक दिस इज झू झूठ हम अपनी मोरालिटी नहीं भूल सकते तो इंसान इतना ज्यादा सुपर ईगो में चला गया इतना ज्यादा मोरल बन गया कि अब भाई उसको सब कोई हर इंसान गलत लग रहा है उसको हर चीज गलत लग रही है हर किसी के ऊपर वो
जजमेंट पास कर रहा है तो सुपर ईगो होना भी डोमिनेटिंग नेचर में बहुत खराब हो सकता है और अगर ईगो डोमिनेंस ज्यादा हो गया भले ही ईगो रेफरी है तो आप गेम ही नहीं खेल पाओगे भाई अगर रेफरी इतना ज्यादा ही रूल्स में पड़ गया तो आप गेम ही नहीं खेल पाओगे समझ लो यूएफसी की फाइट चल रही है मुक्का बाजी चल रही है और रेफरी बोल रहा है एक दूसरे को मारोगे नहीं बिल्कुल चोट लग सकती है नुकसान हो सकता है तो मारेंगे ही नहीं तो गेम ही कहां से होगा तो अगर आपका ईगो
इतना बढ़ गया कि आप इतना ज्यादा रैशनल चल रहे हो सब कुछ सही होना चाहिए कि आप इतना ज्यादा उसमें भावुक हो गए कि आप रिस्क ही नहीं ले रहे हो आपके रिस्क टेकिंग एपेटाइट ही खत्म हो गई है तो आप जिंदगी में आगे ही नहीं बढ़ पाओगे आप जिंदगी में बेहतर ही नहीं बन पाओगे और वहीं पे आपका खात्मा हो जाएगा बी इट करियर बी इट लाइफ बीट रिलेशनशिप विद अदर पीपल किसी के साथ आप ढंग के संबंध नहीं बना पाएंगे अब यहां पर कांसेप्ट आता है जिसके बारे में बहुत लोग जानना चाह रहे
होंगे और हो सकता है बहुत लोगों ने टाइम्स टाइम स्किप करके यहां तक पहुंचे होंगे वच इज द डिप कॉम्प्लेक्शन करने वाले होते हैं ना जो भविष्य बताते हैं ज्योतिष टाइप ज्योतिष ने बताया कि भाई तुम्हारा जो बच्चा होगा वही तुम्हारी जान लेगा या तुम्हारी मौत का जिम्मेदार तुम्हारा बच्चा ही होगा इस दर से डिपे के जो बाप थे जो उस टाइम के रूलिंग किंग थे उन्होंने क्या किया एक मैसेंजर को बच्चे को दे दिया एपेस को दे दिया और बोला डिप को जाके कहीं फेंक आओ मार दो कहीं जला दो नदी में भा दो
जो करना है करो बट बच्चे की इनोसेंस देख के मैसेंजर ने कुछ किया नहीं और मैसेंजर ने पास वाला कोई किंगडम था वहां पे उस बच्चे को सौंप दिया जैसे जैसे बच्चा बड़ा हुआ या बड़ा बड़े होते टाइम उस जो दूसरे किंगडम का राजा था उसने एपस को अपने बेटे के तरह पाल लिया अब क्या हुआ जैसे-जैसे एपस बड़ा हुआ उसको इस प्रोफेसी के बारे में पता लगा कुछ लोग कहते हैं कि जो ओरेकल थी ओरेकल ऑफ डेल्फी वन ऑफ द ओरेकल ऑफ डेल्फी जिन्होंने सकरात को कहा था कि सकरात भाई बहुत महान सबसे इंटेलिजेंट
फिलोसोफर सकरात है सक्रेटीज या सक्रत तो उसने कहा कि भाई इसी को डिप को कि भाई तुम्हारी तो प्रोफेसी में लिखा है तुम्हारे फ्यूचर में लिखा है कि तुम अपने मां-बाप के मौत के जिम्मेदार होगे तुम ही अपने मां-बाप को मरवाओ ग या अपने बाप को मारोगे तो डबस बड़ा घबरा गया एपस ने बोला यार मैं छोड़ देता हूं मैं यहां से निकल जाता हूं अपने अडॉप्टिव पेरेंट के पास से जिन्होंने उसको पाल पोस के बड़ा किया था उनको छोड़ के वह निकल जाता है रास्ते में कुछ भिड़ंत होती है एक बूढ़ा आदमी अपने सोल्जर्स
के साथ चल रहा होता है उसको डिप मार देता है मौत की घाट उतार देता है ठीक है भाई अब मौत की घाट उतारने के बाद बाद आगे जाता है आगे जाकर देखता है कि एक स्पिंक्स आता है स्पिंक्स एक माइथोलॉजी क्रीचर है देखोगे ना इजिप्ट वगैरह में भी स्पिस बना हुआ है जो अजीब से क्रिचर्स होते हैं आधी बिल्ली आधा इंसान आधा कुत्ता आधा इंसान टाइप्स तो उस पिंग्स का एक रिडल थी एक पहेली थी पहेली सुलझाओ ग तो तुम उसको हरा दोगे डिप ने पहेली सुलझा दी उसको हरा दिया और भैया आगे निकल
गए वो किंगडम की तरफ किंगडम में पता लगा कि जो वहां का राजा था वह नहीं रहा राजा वहां का खत्म हो चुका है और इस किंगडम में जो रानी है वह अकेली है तो डिप अस ने वहां पे उस रानी से शादी कर ली जो कि उम्र में डिप से काफी बड़ी थी फिर क्या होता है भाई शादी वादी हो गई एक बड़ी महामारी फैलती है उस किंगडम में थी बीस में और बुरी हालत होती है महामारी थी बीस में फैलती है या सराउंडिंग रीजन में फैलती है और महामारी में यह होता है कि
भाई राजा जो खत्म हुआ राजा के खत्म जो मेन राजा था उसके खत्म होने के बाद कोई ठीक सा रूलर नहीं मिल पाया तो ढूंढो भाई किसने मारा राजा को किसने मारा तो मैसेंजर आके एपस को बोलता है कि तुमने मारा है ना शायद राजा को कहता है हां कहता है वो राजा तुम्हारा असली बाप था और वो मैसेंजर वही था जिसने छोड़ा था उसको डिप अस को दूसरे किंगडम में एपस एकदम दिमाग फट गया उसका क्या कहता है हां वो तो ही वाज योर फादर तुमने उसको मार दिया यह खबर सुनके एडिबेस की मां
जो कि अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर पाती वो कूद जाती है सुसाइड कर लेती है और डिप अपनी आंखों को ही फोड़ लेता है सरिया घुसे लेता है कुछ कुछ गम गर्म सरिया डाल लेता है और डिप अस को एजाइल प भेज दिया जाता है अपने को अंधा कर लेता है एपस तो यही डिप अस की कहानी है कि भाई प्रोफेसी ट्रू हुई उसने फाइनली अपने मां-बाप की मौत का जिम्मेदार डिप बना और डिप ने ही अपनी मां से शादी कर ली जो कि इनिशियल प्रोफेसी में यह भी था कि टपस अपनी ही मां से
शादी कर लेगा जो कि सही में हो गया तो इसी को आगे लबरेट किया फ्रॉड ने व्हिच वाज द टपस डिप कॉम्प्लेक्शन सेप्ट था बेसिकली यह था कि जो एक बच्चा होता है उसको एक अनकॉन्शियस डिजायरेबल फीलिंग होती है टुवर्ड्स द अपोजिट सेक्स मतलब कोई लड़का है तो उसको अपनी मां के तरफ एक अनकॉन्शियस डिजायर होगा ठीक है वो सेक्सुअल डिजायर भी हो सकता है सेक्सुअल अर्ज भी हो सकती है और अपने सेम सेक्स जैसे अपने बाप के साथ एक राइवल्री का अंदर में भावना होगी क्यों क्योंकि वो उस औरत का पति है और वो
सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेट कर है उस आदमी के साथ लेकिन अपने बच्चे के साथ नहीं ओबवियसली क्योंकि वो उसकी मां है तो अनकॉन्शियसली कॉन्शियसली या सबकॉन्शियसली नहीं बट अनकॉन्शियसली एक डिजायर होती है टू क्रेव द अपोजिट सेक्स पेरेंट क्या कांसेप्ट है भाई सिगमंड फ्रॉड का कि बचपन में इंसान को सेक्सुअल क्रेविंग्स होती है अपने ऑपोजिट पेरेंट के साथ फ्रॉड ने यह पूरा कांसेप्ट निकाला डिप के थ्रू जिसने अननोइंग क्योंकि हमारा अनकॉन्शियस अननोइंग होता है अननोइंग अपने बाप को मार के अपनी मां से मतलब अपनी मां से अननोइंग शादी कर ली तो यही कांसेप्ट आता है
जो अ साइकोसेक्सुअल स्टेजेस में डेवलप होता है एक किसी भी बच्चे के हम लोग आगे जाके पढ़ेंगे जो फेलिक्स स्टेज होता है थ्री टू सिक्स इयर्स की उम्र में यह चीज डेवलप होती है और यह अनकॉन्शियसली प्लस सबकॉन्शियसली यह एक फीलिंग डेवलप होती है अपने ऑपोजिट पेरेंट की तरफ तभी बच्चा इस उम्र में अब अनकॉन्शियसली काम नहीं कर र सबकॉन्शियसली अट्रैक्टेड होता है ज्यादा अपने लड़की अपने बाप से ज्यादा अट्रैक्ट होगी लड़का अपनी मां से ज्यादा अट्रैक्ट होगा कहते हैं ना मम्मा बॉय यह लड़की अपने बाप को बहुत ज्यादा पूछती है तो एक यह अट्रैक्शन
की भावना अब डिप अस कॉम्प्लेक्शन सेप्ट लेबोरेटरी जो लड़का होता है वो अपनी मां को एक ऐसे ऑब्जेक्ट के तरह देता देखता है जो उसको प्यार और अफेक्शन देगी जो उसको केयर देगी और उसके अंदर सेक्सुअल फीलिंग्लेस उत्पन्न होने लग जाती है और इसी जज के दौरान वह लड़का अपने बाप से थोड़ा सा चिड़ताला वलरी बन जाती है जो कि डायरेक्टली वह कह नहीं सकता क्योंकि उसको डर होता है उसका बाप उसका ऑर्गन जो मेन ऑर्गन है मेन पार्ट है वह उखाड़ ना दे या वोह उसको नुकसान ना पहुंचाते तो वह बाप से चिड़ताला है
कि वड़ खाड़ा ना जाए और उसको यह भी डर है कि अगर बाप को पता लग गया तो या फिर मेरा बाप जो है मेरी मां से ज्यादा प्यार करने लग जाए मेरी मां मुझे प्यार करना बंद कर देगी तो मेरा ओनली सोर्स ऑफ ममथ केयर एंड अफेक्शन वो क्या रहेगा वो कौन रहेगा राइवल कुछ बच्चों में इस हद तक भर जाती है कि बच्चे यह सोचने लग जाते हैं कि अगर बाप इक्वेशन से हट गया तो मेरे को मेरी मां का पूरा पूरा संपूर्ण एंड कंप्लीट प्यार मिलेगा बहुत बच्चे बोल देते हैं ना कि
या मेरा बाप मर गया होता तो अच्छा होता या मेरा बाप तो यह है नहीं खेलते कूदते बोल देते हैं मेरे सामने एक दो लोगों ने बोला है ऐसा तो मुझे याद अभी भी वो चीज तो हम लोगों ने सबने उसको अलग कर दिया था उस मतलब हम लोग भी सब छोटे थे कि भाई ये तो उल्टी सीधी बातें करता है बट एक डिप कॉम्प्लेक्टेड था कि मुझे संपूर्ण एंड कंप्लीट प्यार चाहिए मेरा बाप मेरे बीच में आ रहा है मेरी मां के बीच में आ रहा है और सारा इक्वेशन वो खराब कर रहा है
अब भाई अगर ऐसी बात है तो ऐसा क्यों नहीं होता कि लड़का जाके अपनी मां से कंफेस कर दे और अपने बाप को बोले कि मेरे को तुम्हारे बीवी से ज्यादा मुझे तुम्हारी बीवी से प्यार है मतलब मुझे अपनी मां से प्यार है और मुझे एक सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करना इतना ज्यादा प्यार है भा ऐसे तो यही हो रहा हो दुनिया में वो इसलिए नहीं होता बिकॉज देयर इज अ फियर ऑफ कैस्ट्रेशन इन द किड क्योंकि पता है कि बाप पेलता है तो यह भी डर है कि बाप कहीं औजार ही ना उखाड़ दे
व्हिच इज जेनिटल्स को नुकसान ना पहुंचा दे अगर उसने कंफ्री अपने जो डिजायर्स हैं तो वह बच्चा अपने डिजायर्स दबा के रखता है टीनेज यर्स के दौरान भी वो अनकॉन्शियसली दबके रह जाते हैं ये सब अनकॉन्शियसली हो रहा है ये ऐसा नहीं कॉन्शियसली वो सोच रहा है वो अनकॉन्शियसली दबके रह जाते हैं ना तो वह अपने डिजायर्स ना तो वह अपनी फीलिंग अपनी मां को बता पाता है कि मैं आपसे इतना प्यार करता हूं ना तो वह अपना अग्रेशन अपने बाप की तरफ जता पाता है क्योंकि उसको डर होता है कि उसके औजार उखाड़ दिया
जाएगा यहां पे अब रिप्रेशन चल रहा है और यहां पे ईगो आ गई रिप्रेशन क्या करता है रिप्रेशन यह थॉट्स को दबा देता है राइट प्रिपरेशन इज अ प्रोसेस थ्रू विच दीज थॉट्स आर सप्रे मतलब दबा दिए जाते हैं यह थॉट इन टू दी अनकॉन्शियस माइंड और जैसे-जैसे बच्चा मैच्योर होता है बड़ा होता है उसकी ईगो और ज्यादा मैचोर होती है उसको यह रियलाइफ से भेड़ के कोई फायदा होने नहीं वाला तो अपनी मां के तरफ मां के प्रति अपनी जो फीलिंग्लेस करने लग जाता है व्हिच गोज इन टू दी अनकॉन्शियस माइंड इस चीज का
रेजोल्यूशन कैसे निकलता है सबसे बड़ी चीज जो कैस्ट्रेशन का एंजाइटी है बच्चे के अंदर डर है वो निकलता है थ्रू आइडेंटिफिकेशन अब वह बच्चा अपने बाप को देख के अपने बाप के कदमों पर चलने की कोशिश करता है मैं इससे ब भिड़ा नहीं मैं इसके कदमों प चलने की कोशिश करूंगा इसके तरह बनने की कोशिश करूंगा बच्चे नहीं बोलते माय फादर इज माय हीरो फिगर क्यों बिकॉज दे वांट टू बिकम लाइक हिम नाउ वो उसके तरह वैल्यू सीखेंगे बिहेवियर सीखेंगे हैबिट सीखेंगे जिससे कि अब वो बच्चा सबके सा मां के साथ भी एक स्टेबल रिलेशनशिप
बिल्ड कर पाए और अपने बाप के साथ भी एक स्टेबल रिलेशनशिप बना पाए और ये रेजोल्यूशन इंपोर्टेंट क्यों क्योंकि अगर ये रेजोल्यूशन नहीं होगा तो लड़का कुछ भी कांड कर सकता है वो अपनी मां के साथ ही जो अल्टीमेट स्टेज होता है अपनी मां के साथ ही सो जाएगा अपने मां के साथ ही सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेट कर लेगा तो यह रेजोल्यूशन बहुत ज्यादा जरूरी है जिससे कि अगर ये रेजोल्यूशन सक्सेसफुल हो जाता है तो एक सुपर ईगो बनती है एक सॉलिड सुपर ईगो बनती है जिससे उसको पता लगता है कि यह मोरली सही है
यह मोरली गलत है नहीं मेरी मां मेरी पार्टनर नहीं हो सकती मेरी सेक्सुअल मेट नहीं हो सकती मुझे कोई और इंसान ढूंढना पड़ेगा मैं अपनी मां के साथ ही बच्चे नहीं कर सकता यह चीज बहुत डार्क है टू बी ऑनेस्ट ये सुनने में बड़ा अजीब लगता है आई डोंट नो कितने लोगों ने बंद कर दिया होगा अभी तक ये लेक्चर बट दिस इज द रियलिटी दिस इज व्हाट सिगमंड फ्रॉड वाज टेलिंग इसलिए उनको पागल घोषित कर दिया गया इसलिए वो बच्चा वो लड़का अपने आप को कंट्रोल करना शुरू करता है व अपने आप के ऊपर
कंट्रोल लाता है जिससे कि सोशली उसको एक्सेप्ट करा जा सके क्योंकि ओबवियसली व आसपास के लोगों को देखता है आसपास के मर्दों को देखता है और बड़े लड़कों को देखता है वो ऐसी चीजों में पार्टिसिपेट नहीं कर रहे वो उस चीज को समझ चुके हैं वो उस चीज से आगे बढ़ चुके हैं तो वो लड़का भी उसका रेजोल्यूशन निकालता है चलो अब अगर सवाल उठाएं कि अगर यह चीज डिप्स कॉम्प्लेक्टेड के रिलेशनशिप नहीं बनेंगे हेल्दी रिलेशनशिप नहीं बनेंगे और जो भी अथॉरिटी फिगर उसकी लाइफ में होगा यह नहीं कि वो उल्टे सधे काम कर रहा
है बट जो भी अथॉरिटी फिगर अथॉरिटेरियन फिगर उसकी लाइफ में आएगा उसके साथ वह कभी ठीक से रह नहीं पाएगा कुछ लोग होते हैं अथॉरिटी फिगर के साथ हाथ मिला के रह पाते हैं बट जो यह अनरिजॉल्वड डिप्स कॉम्प्लेक्शन नहीं निकाला वह कभी किसी के साथ ढंग से रिलेशनशिप ही नहीं बिल्ड कर पाएगा उसकी लाइफ के वैसे ही लग जाएंगे फ्रॉड ने कहा सब बच्चों को यह होता है ऐसा नहीं है कि कोई अकेला है कोई अलग है बचपन में किसी के साथ हुआ होगा ये हर बच्चे के साथ होता है और हर बच्चा इस
चीज को समझता है इसको आगे बढ़ता है इसको एज अ पर्सनालिटी ट्रेट समझता है और किस तरीके से यह करंट पर्सनालिटी मेरी फ्यूचर पर्सनालिटी को इन्फ्लुएंस करेगी उसमें बहुत ज्यादा यह योगदान देता है इसका मतलब टपस कॉम्प्लेक्टेड आल्सो गोज थ्रू जिसको आगे हम पढ़ेंगे इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्शन चीजें हैं ये चीजें होंगी एंड यू एज अ मैन और एज अ वुमन शुड नो हाउ टू फेस दीज थिंग्स हाउ टू काउंटर दीज थिंग्स अगर ऐसे कन्वर्सेशन उत्पन्न होके आए अपने बच्चों के साथ तो कैसे उसको डील करना याय नहीं मार पीट के उसको बराबर कर दिया इसका एग्जांपल
सिंपली जो मैंने बताया कि भाई बेसिक हाउसहोल्ड सेटअप मां के तरफ लगाव बच्चे को टपस कॉम्प्लेक्शन इरिटेशन राइवल्री बट धीरे-धीरे वह बाप के तरह अपनी फ्रस्ट्रेशन को चैनल करता है अपने बाप के कदमों पर चलने की कोशिश करता है नॉट इन अ सेक्सुअल वे बट उनके मोरल्स उनकी ड्यूटीज उनका रिस्पांसिबिलिटीज लेता है और उनके साथ आइडेंटिफिकेशन करा के ही लीड्स अ बेटर एंड हैप्पी लाइफ विद हेल्दी रिलेशनशिप्स इन द फ्यूचर कंक्लूजन इसका यही निकल के आता है कि भाई ऐसी बहुत सारी एक्सपीरियंस होते हैं अर्ली चाइल्डहुड एक्सपीरियंस होते हैं ऐसी बहुत सारी अनकॉन्शियस डिजायर्स होते
हैं जो हमारे आगे लाइफ को शेप करते हैं भले ही यह कंट्रोवर्शियल होते हैं लेकिन इनके बारे में बात करना बहुत जरूरी है और मेरा मानना तो यह है इनके बारे में जो सिर्फ साइकोलॉजी स्टूडेंट्स को मत पढ़ाओ 12 में जिनका जो मैं सीबीएससी बोर्ड में था मुझे सीबीएससी बोर्ड का पता है कि साइकोलॉजी में ये सब चीजें बहुत बेसिकली टच करी जाती थी बट ये करिकुलम का मेजर पार्ट होना चाहिए यह सब चीजें जो टैबू के तरह नहीं होनी चाहिए बट पता होनी चाहिए खुले आम बच्चों को पेरेंट्स को कि ऐसा भी कुछ हमारे
पेरेंट्स को नहीं पता होगा ईडिपस कॉम्प्लेक्शन साइकोलॉजी इट इज पार्ट ऑफ ह्यूमन बीइंग्स भले ही ये कांसेप्ट हैं ये कांसेप्ट ऐसे सॉलिडली प्रूवन लिखे हुए नहीं है कहीं पे फॉर्मूले के थ्रू निकाले नहीं है बट बिहेवियर के थ्रू यह कांसेप्ट आइडेंटिफिकेशन कॉम्प्लेक्टेड पस कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लेक्शन अब इलेक्ट्रा के पिताजी जो हैं वो वॉर प जाते हैं बहुत लंबी कहानी माइथोलॉजी है ओबवियसली उसके ऊपर ही एक घंटे का अलग से वीडियो बन जाए बट वर पे जाते हैं और पीछे से इनकी मां किसी और अपने लवर के साथ ठीक है शादी-वादी कर लेती है या भाग जाती
है धोखा दे देती है अपने बाप को और इस चीज का इलेक्ट्रा को बड़ा बुरा लगता है और सिर्फ यह नहीं जैसे ही इसके फादर रिटर्न करते हैं मतलब जो किंग होते हैं वो रिटर्न करते हैं वॉर से इलेक्ट्रा की मां अपने लवर के साथ मिलक इलेक्ट्रा के फादर को मार देती है मर्डर कर देती है अब इस चीज का गुस्सा इलेक्ट्रा के अंदर है इलेक्ट्रा किसी तरह से कोशिश करके अपने भाई को बुलवा है जो भी वॉर में गया हुआ था हुआ सेंट अवे वॉर में गया हुआ था भेज दिया गया था एजाइल पे
जो भी था एंड वह आता है एक अंदर में गुस्से की आग अपनी मां के तरफ लेके अब वो जब आता है तो इलेक्ट्रा और ये दोनों प्लॉट करते हैं कि अपनी मां को भी मार देंगे मर्डर कर देंगे और उसके लवर को भी मार देंगे दोनों ने वो काम किया दोनों ने मार दिया और मारने के बाद फैमिली के ऊपर कर्स लग जाता है कि फैमिली कभी भी खुश नहीं रह पाएगी और ब्रदर को बहुत ज्यादा गिल्ट होता है क्योंकि ब्रदर के अंदर हो सकता है डीबस कॉम्प्लेक्शन ये इंटेंस ड्रामा यही दर्शाता है व्हाट
वाज द इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लेक्शन यह भी अराउंड 3 टू स में शुरू होता है फैलिक एज में शुरू होता है और एक डायरेक्ट लिबिडो व्हिच इज सेक्सुअल डिजायर लिबिडो के ऊपर भी हम लोग आगे चलते हुए बात करेंगे लेक्चर भाई साहब लंबा है तो कुछ ना कुछ हमने डाला ही होगा इसके अंदर और किस तरीके से मां के प्रति राइवल्री क्रिएट होती है तो इसमें कुछ स्पेसिफिक है नहीं मैं पॉइंट्स के थ्रू लेके चलता हूं बट सीन यह है कि समझ लो जो जो डबस कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लेक्शन हो जाता है फ्राइड की वजह जसे फ्रॉड ने
थोड़ा ना इसमें जरा बकैती काट दी थी बट काफी इंटरेस्टिंग है यहां पे एक कांसेप्ट आता है वि इज रिलाइजेशन ऑफ एनाटॉमिकल डिफरेंसेस जिसको पीनस एनवी कहा जाता है पीनस जो मेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन होता है ओबवियसली हम उसका हिंदी शब्द नहीं बोलना चाहेंगे बहुत अच्छा साउंड नहीं करता है बट आप समझ जाए जो भी आपकी भाषा में देसी भाषा में बोला जाता है वैसे तो देसी ब्लजर हैं हम तो पॉइंट टू बी नोटे इज क्या क्या बताना पड़ रहा है फिलॉसफी से कहां आ गया बट ठीक है हम वी कंट्रोल पॉइंट टू बी नोटे इज
कि एक लड़की को एनवी होने लग जा क्या भाई ठीक है तो जल्दी से बता देते हैं यहां पे पीनेस एनवी होने लग जाती है कि लड़कियां अपने को लड़कों से इनफीरियर फील करने लग जाते है कि उनका मेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन नहीं है और उसकी तलाश में वो उसको रिप्लेस कर देती हैं मेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन प्राप्त करने का जो अ वॉइड होता है या जो अनसक्सेस अनसक्सेसफुल अटेंप्ट होता है उसमें वह अपने फादर के लव को रिप्लेस कर देती है वहां पर मतलब हमारे पास मेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन नहीं है लेकिन हमारे पास अपने पिता श्री
का प्यार है ऑपोजिट सेक्स का प्यार है तो वही हमारे लिए काफी है और देखते नहीं हो इस उम्र में लड़कियां काफी ज्यादा लड़कों से चिड़ी हैं लड़कियां जो होते हैं ना बच्चे इस उम्र की लड़कियां वो चिड़म चती है उनको लड़कों से वो कहीं ना कहीं सिगमंड फ्रॉड ने कहा यही रीजन है उसका इसमें भी वही है रेजोल्यूशन कैसे है आइडेंटिफिकेशन विद द मदर किस तरीके से मोरल वैल्यू सुपर ईगो मदर के रंग ढंग पर चलना मदर के वैल्यू से आइडेंटिफिकेशन रिलेशनशिप बिल्ड करके चल रही है तो वह चीजें सीधा-सीधा ट्रांसफर हो जाती है
और वही आता है फियर ऑफ लूजिंग फादर्स लव जैसे एपस कॉम्प्लेक्शन क्यों है रेजोल्यूशन का इंपॉर्टेंस इसलिए कि अगर रेजोल्यूशन नहीं आया तो कोई लड़की कोई ढंग का अपने लिए पार्टनर ढूंढेंगी ही नहीं अगर ढूंढे गी तो अपने बाप जैसा ढूंढे गी आई डोंट वांट टू से दिस बट बहुत लड़कियां कहती है ना मुझे तो अपने फादर जैसा हस्बैंड चाहिए जो ऐसा हस्बैंड जो मेरे को मेरे फादर के तरह केयर करे तो उनका इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्टेड और यहां पे एक डिफरेंस क्रिएट हुआ फ्रॉड ने भी इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्टेड किया था बट दोनों के बीच में डिफरेंस ये
था कि फ्रॉड का बहुत फिजियोलॉजिकल था बायोलॉजिकल कांसेप्ट था कि भाई एक पीनस एनवी होती है लड़की को दैट इज व्हाट इलेक्ट्रा और यंग कह रहे हैं कि सिर्फ वो पीनस एनवी नहीं है वो टपस कॉम्प्लेक्टेड जाता है वो और उसको आप सिर्फ एक बायोलॉजिकल ट्रेट के ऊपर रख के छोड़ नहीं सकते हैं दिस इज नॉट इट तो अगर ऑल इन ऑल समझे हम एपस कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लेक्शन सेक्स के पेरेंट से वो फीलिंग्लेस तरीके से रिलेट कर पा रहे हैं और किस तरीके से हमारी मैचोर होती है अब ये चीजें सुनने में अजीब लगती हैं हम
भी जरा थोड़ा डिरेल हो गए जो कि हम यूजुअली होते नहीं है बट दीज आर एंबेडेड इनटू द सोसाइटी इनटू द सिस्टम इनटू द ह्यूमन माइंड तो इनको समझना बहुत जरूरी है इसको धकेल नहीं सकते इसको ये नहीं आया ये तो बकवास कर रहा है क्योंकि बहुत रिलीजियस कल्ट्स इसको गलत तरीके से देखते हैं बट हां अगर आप डेप्थ में घुसो ग अगर आप ह्यूमन साइकोलॉजी समझोगे आप उसको खु खदेड़ के निकालना चाहोगे तो आपको समझ में आएगा कि यह ह्यूमन डेवलपमेंट के लिए कितना ज्यादा इंपॉर्टेंट है आगे बढ़ते हुए हम लोग साइकोसेक्सुअल डेवलपमेंट पर
बात करेंगे और उसका शुरुआत में ले लेते हैं क्या बैकग्राउंड और ओवरव्यू रहेगा बट साइकोसेक्सुअल स्टेज समझ लो जब बच्चा बड़ा हो रहा होता है बचपन से लेकर उसके बड़े होने तक ऐसे स्टेजेस हैं जो कि उसके डेवलपमेंट में उसकी पर्सनालिटी में ओवरऑल पर्सनालिटी डेवलपमेंट में बहुत जरूरी होते हैं क्रुशल होते हैं अगर बच्चा किसी भी स्टेज में फसा पांच स्टेजेस होते हैं टोटल हम लोग पांचों स्टेजेस के बाद बारे में विद एग्जांपल्स बात करेंगे विद केस स्टडीज कपल ऑफ अगर कहीं भी फंसा तो उसके आने वाले आगे जि आगे की जिंदगी बड़ी मुश्किल में
फस जाएगी मेंटल इश्यूज होंगे जिसको न्यूरोसिस का नाम दिया गया जो अभी हमने न्यूरोसिस पढ़ा तभी मैंने न्यूरोसिस के बारे में बता दिया न्यूरोसेस समझना बहुत जरूरी है ऐसे बिहेवियर होंगे जो कि सोशली अन एक्सेप्टेबल भी हो सकते हैं और बहुत बहुत हद तक उस इंसान के लिए भी अन एक्सेप्टेबल हो सकते हैं जैसे जैसे वो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेगा साइकोसेक्सुअल डेवलपमेंट में फ्रॉड ने एक बहुत ही इंटरेस्टिंग कांसेप्ट के बारे में बात करी बड़ा मजा आएगा इंटरेस्टिंग लगेगा सुनके व्हिच इज पॉलीमोर्फस पर्वर्सिटी जब बच्चा छोटा होता है इसका मैं मतलब बता रहा हूं
जब बच्चा छोटा होता है वह बच्चा किसी भी चीज में प्लेजर ढूंढ सकता है किसी भी बॉडी पार्ट में प्लेजर ढूंढ सकता है किसी भी एक्टिविटी में प्लेजर सीक कर सकता है हर इंसान की एक एनर्जी होती है लिबिडो थोड़ा आगे बढ़ते हुए इसको और विस्तार से पढ़ेंगे बट एक एनर्जी होती है समझ लो लिबिडो अब वो एनर्जी जब बच्चा छोटा होता है वो किसी भी बॉडी पार्ट में उसको इंपार्ट कर सकता है ज्यादातर एनर्जी लिबिडो मेल फीमेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की तरफ जाती है तभी सेक्सुअल अट्रैक्शन होता है राइट अब बच्चे के लिए रिप्रोडक्टिव ऑर्गन
जैसा कोई सिस्टम ही नहीं होता क्योंकि उसके लिए रिप्रोडक्टिव ऑर्गन इज इक्वल टू टॉयलेट करने का एक साधन राइट बाद में उसको पता लगता है रिप्रोडक्टिव ऑर्गन जैसे-जैसे फीलिंग डेवलप होती है कि दूसरी दूसरी चीजों के लिए भी सेक्सुअल एक्टिविटीज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है तो तब तक उस बच्चे के अंदर पॉलीमोर्फस पर्वर्सिटी होती है ठीक है कि वो किसी भी बॉडी पार्ट में वो रुचि ढूंढ सकता है इसकी एक केस स्टडी थी एक क्लीनिकल केस स्टडी थी एक पेशेंट था फ्रॉड का जिसका नाम था लिटिल आंस उसका नाम दिया गया लिटिल आंस
और उसकी केस स्टडी के बाद यह समझ में आया फ्रॉड को कि बचपन में ऐसी चीजें जो रिप्रेस करी गई है या रिप्रेस हो गई हैं वो अनकॉन्शियस में चली गई हैं व कभी ना कभी आगे जाके उभर के आती हैं और न्यूरोसिस में बदल सकती हैं इसलिए उनके ऊपर जो मार्कर्स होते हैं व जो ट्रिगर्स होते हैं उनके ऊपर ध्यान देना बहुत जरूरी है चलो जान लेते हैं द केस स्टडी ऑफ लिटिल हंस 1909 1909 में सिगम फ्रॉड के पास एक पेशेंट आता है लिटिल ंस करके और वह बहुत ज्यादा घबराया हुआ समामा पेशेंट
आता है और उसको डर है घोड़े से उसको डर लगता है कि घोड़ा उसके ऊपर गिर जाएगा उसको दबा देगा या उसको मार देगा और उस घोड़े किसी भी घोड़े को देख के लिटल हंस को बहुत ज्यादा घबराहट होती है अब फ्रॉड समझ जाते हैं कि यह घबराहट घोड़े से नहीं है यह घबराहट अनकॉन्शियस में रिप्रेस दबी हुई एक एक फियर है जो कि उभर के आता है जब भी वह घोड़े को देखता है यहां पर सिगमंड फ्रॉड ने उस पर्टिकुलर एनेक ोट को उस पर्टिकुलर सिचुएशन को सीधा-सीधा इडिब कॉम्प्लेक्टेड से सेक्सुअल अट्रैक्शन है क्योंकि
उसकी मां उसको यू नो बचपन से उसका ध्यान रखती है एक लड़का अपनी मां से सबसे क्लोजेस्ट रहता है एक मां अपने लड़के को अपने कोक से जन्म देती है लड़की के केस में भी होता है बट लड़के के केस में चूंकि अपोजिट सेक्स का सीन चल रहा है इसलिए ज्यादा अट्रैक्शन है वो अपने बाप से डरता है कि अगर मैंने खुल्लम खुल्ली कुछ कांड करने की कोशिश करी तो मेरा बाप मेरे साथ वही करेगा कैस्ट्रेशन जिसके बारे में हमने ईडिपस कॉम्प्लेक्टेड हो जाता है घोड़े पे वई बिकॉज एक घोड़ा इज सिंबॉलिज्म ऑफ व्ट स्ट्रेंथ
पावर घोड़ा बड़ा होता है घोड़े के पास अथॉरिटी होती है आप घोड़े के ऊपर चढ़े हुए तो आप घोड़े को कंट्रोल नहीं कर रहे घोड़ा आपको कंट्रोल कर रहा है एक तरीके से तुम्हें लग रहा है तुमने नाल कस के तुमने घोड़े को कंट्रोल किया लेकिन घोड़ा एक अगर उछाल मारेगा खत्म हो तुम पूरी तरीके से मैंने अपनी आंखों के सामने लोगों को पैराला एक इंसान को पैरालाइज होते हुए देखा अपने स्कूल में घोड़े ने उछाल दिया तो लकड़ पर जाकर पड़ा उसका उसका पूरा सिस्टम तो वो चीज उस बच्चे में आ रही थी वहां
से अब वो लड़का भाई 5 साल का उसको क्या समझाएं उसको लिबिडो क्या समझाएं उसको पर्वर्सिटी के बारे में हम क्या समझाएं उसको एपस कॉम्प्लेक्शन भैया इसके थेरेपी करेंगे बैठ के इसके साथ बात करेंगे उसको बताएंगे कि आपका अनकॉन्शियस फियर है बेटा आपको डरने की बात नहीं है घोड़ा है घोड़े को पेल देना कुछ करेगा तो चढो मजे करो धीरे-धीरे विद फ्री टॉकिंग और जिस तरीके से फ्रॉड ने उनसे बात करी फोबिया जो था जिसको फोबिया कहा जा रहा था घोड़े से वो लग गया और भैया ंस बाबा सॉरी हंस बाबा नहीं बच्चा है वो
ंस भैया लिड हैप्पीी एवर आफ्टर तो यह वन ऑफ द मोस्ट फेमस केसेस है फ्रॉड के चच शोज की साइकोसेक्सुअल डेवलपमेंट को अगर कहीं पर भी ंडर किया गया या उसको फ्री फ्लो में नहीं जाने दिया या उसको रिजॉल्व नहीं किया गया तो व किस तरीके से एंजाइटी में बदल सकते और व एंजाइटी किस तरीके से फोबिया में बदल सकते हो हम हम सबकी लाइफ में कोई ना कोई ऐसे इंस्टेंसस है हमें किसी चीज का डर है हमें किसी सिचुएशन में देख के ट होने लग जाती है हमें किसी सिचुएशन से परेशानी होने लग जाती
है हम समझ नहीं पाते वो क्या हो रहा है बट अगर फ्रॉड बाबा होते तो फ्रॉड बाबा सिगी बाबा ने बता दिया होता कि भैया तुम्हारे साथ यह चल रहा है इसको दिखने की जरूरत है आओ मैं आपके साथ करूं फ्री एसोसिएशन यहां पे फाइव साइकोसेक्सुअल स्टेजेस के ऊपर हम वार्तालाप करेंगे थोड़ा सा बताएंगे आपके साथ मैं यहां पे पढ़ते हुए लेकर चलूंगा समझाते हुए लेकर चलूंगा बिकॉज ओबवियसली कुछ इंपोर्टेंट स्लाइड्स होती हैं जिसमें इंपोर्टेंट इंफॉर्मेशन होती है मैं नहीं चाहता कि वो मिस आउट हो जाए है ना क्योंकि मैं बोलते बोलते कहीं भी निकल
जाता हूं इसलिए पढ़ना बहुत ज्यादा जरूरी है सबसे पहला स्टेज होता है ओरल स्टेज अभी हम इन सब स्टेजेस को ना अच्छे से विस्तार से समझाएंगे बट अभी एक ब्रीफ ओवरव्यू ले लेते हैं ओरल स्टेज होता है जो कि जीरो से वन ईयर के बीच में आता है फोकस माउथ के तरफ रहता है विच इज सकिंग फीडिंग ब्रेस्ट फीडिंग होती है ना बच्चे की फिर बिहेवियर क्या होता है बिहेवियर होता है इसमें बच्चा कंफर्ट और प्लेजर फाइंड सीख करता है ब्रेस्ट फीडिंग से ठीक है और ब्रेस्ट फीडिंग फीडिंग ना भी हो तो जिस भी तरीके
की फीडिंग क्योंकि बच्चे के लिए सबसे इंपोर्टेंट चीज होती है भाई खाना खिला दो उसको उसका पेट है ना पेट पूजा हो जाए सबसे बड़ी चीज वही है और और अगर यहां पर कोई हिंडरलैंड नहीं हो पाते वो चाहते हैं कोई यू नो उनको फीड करता रहे नॉट फीड मतलब कोई ब्रेस्ट फीड ओबवियसली इतने बड़े आदमी को नहीं करेगा आपको यह समझना बहुत जरूरी है कि यू नीड टू बी इंडिपेंडेंट आदमी हो औरत हो वो डिपेंडेंट हो जाएगी अटेंशन की डिपेंडेंट बिकॉज ब्रेस्ट फीडिंग इज नॉट इक्वल टू कि भाई सिर्फ खाना अंदर जा रहा है
इट्स मोर ऑफ अटेंशन अटेंशन मिल रही है उसके बाद आता है एनल स्टेज एनल स्टेज चलता है वन टू थ इयर्स फोकस उसका मेन रहता है एनस पे व्हिच इज पॉटी ट्रेनिंग पिछवाड़े पे ज्यादा ध्यान दिया जाता है और यहां पे बच्चे सीखते हैं कि बॉडी कंट्रोल्स क्या होते हैं बिस्तर पे नहीं हग्गा मती करनी है जाओ पोटी करनी है जाके भैया टॉयलेट में करो सबसे जरूरी है है ना हम जानवर नहीं है मतलब जानवर हर इंसान जानवर होता है बट हम जानवर जैसे नहीं है हमारे बेसन इंसेंट्स नहीं है और अगर यहां पे कोई
भी गड़बड़ होती है तो बच्चा ना बड़े होके एक ओसीडी जैसी उसको डेवलप हो जाती है बहुत ज्यादा ओवरली टाइड रहने की कोशिश करता है साफ सफाई रखने की कोशिश करता है नहीं होते है कुछ लोग होते हैं कि भैया मेरी ये बोतल है मेरी बोतल भी नहीं छुओ एकदम दूर रखो मुझसे एक वो हो जाता है ना धोना शुरू कर देते हैं हाथ मिलाते हैं धोना शुरू कर देते और जिद्दी बन जाते हैं व्हेन दे रीच देयर एडल्टहुड तो ये एक चीज है फिर आता है फैलिक स्टेज व्हिच इज थ्री टू सिक्स इयर्स के
बीच में यहां पे फोकस आता है जेनिटल अवेयरनेस के ऊपर अब यहां पे ना जेंडर डिफरेंस पता लगने लग जाता है कि अच्छा ये मैं लड़का हूं मेरे पास ये औजार है ये लड़की है इसके पास ये है हम दोनों के बीच में ये डिफरेंस है और सेक्सुअल अट्रैक्शन टुवर्ड्स द अपोजिट जेंडर पेरेंट जहां पे डिप अस जो शुरुआत होती है फाउंडेशन होती है यहीं से ले डाउन होती है और अगर यहां पर कोई गड़बड़ होती है तो ओबवियसली आगे रिलेशनशिप्स में बहुत ज्यादा दिक्कत होती है जो कि हमने इलेक्ट्रा और डिप अस कॉम्प्लेक्टेड आता
है यहां पे सिक्स टू प्यूबर्टी सिक्स ईयर से लेक प्यूबर्टी के बीच में यहां पे फोकस रहता है डेवलपमेंट ऑफ सोशल स्किल्स सोशल स्किल्स डेवलप होनी चाहिए इसके अंदर यहां पे बहुत जरूरी किस तरीके से आप बात कर रहे हैं किस तरीके से अपने को प्रेजेंट एक बच्चा कर रहा है इंगेज कर रहा है सोशल एक्टिविटीज के अंदर हाथ बात मिलाना है ना अपने को आगे से आगे रखना नहीं होता इस इस एज में सिक्स इयर्स के बाद में सबसे ज्यादा बच्चे एक्टिविटीज में स्कूल एक्टिविटी में सबसे ज्यादा पार्टिसिपेट करते हैं कोई यहां पे इधर-उधर
नहीं हमें गर्लफ्रेंड बनाना है बॉयफ्रेंड बनाना है सीधा-सीधा हमें टीचर के सामने अपने पेरेंट्स के सामने अपना नाम रोशन करना है इसका आउटकम क्या होता है यहां पे फ्रेंडशिप्स डेवलप होती है इस स्टेज में फ्रेंडशिप डेवलप होती है जेंडर रोल समझ में आते हैं ये लड़की है मैं लड़का हूं लड़के का काम यह होता है सोसाइटी में लड़की का काम यह होता है सोसाइटी में यह फिजियोलॉजिकली समझ में आना शुरू शुरू होता है और साइकोलॉजिकली समझ में आना शुरू होता है मेरी यह य रिस्पांसिबिलिटीज है मेरे को सीखना है मेरे को अपना नाम बेटर करना
है फिर आता है जेनिटल स्टेज जेनिटल स्टेज आता है प्यूबर्टी के बाद प्यूबर्टी के बाद जो भी टाइम पीरियड आया उसमें मैच्योर फोकस होता है मैच्योर सेक्सुअलिटी अब यहां सेक्सुअलिटी समझ में आने लग गई है सेक्सुअल मैच्योरिटी आने लग गई है व्हाट इज सेक्स व्हाट इज जिसको हिंदी में यौन संबंध बोलते हैं क्या होता है हेल्दी रिलेशनशिप्स क्या होते हैं बहुत लोग समझते हैं कि एक पार्टनर होना बहुत जरूरी है एक हेल्दी रिलेशनशिप होना बहुत जरूरी है फोकस होना बहुत जरूरी है ना सिर्फ इसलिए कि आप सेक्सुअल एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट कर पाए बट आपका और
आपके पार्टनर का सेम विजन हो आपका और आपके पार्टनर का सेम गोल हो यू ग्रो ऑल टूगेदर वो गोल होता है वहां से आप मैच्योर होना शुरू होते हैं और लेटेंसी स्टेज और इसमें लेटेंसी स्टेज की भी एक चीज जो मैं कहना भूल गया अगर वहां पे कुछ भी गड़बड़ होती है तो आगे रिलेशनशिप्स बहुत दिक्कत में आते हैं आप किसी के साथ दोस्ती नहीं कर पाते आप किसी के साथ ठीक से बातचीत नहीं कर पाते वार्तालाप कर नहीं पाते हैं और बहुत दिक्कत क्रिएट होती है अब जेनिटल स्टेज में आउटकम क्या होता है एक
ओवर एक कंप्लीट वेल डेवलप पर्सनालिटी होती है क्योंकि आपने पांच पड़ाव पूरे कर दिए हैं ओरल एनल फैलिक लेटेंसी और अब आपने जेनिटल स्टेज भी कंप्लीट कर लिया आपके एग्जाम की तरह था फ्रॉड बाबा ने कहा और सी सीगी बाबा के हिसाब से अब आप यू आर अ वेल डेवलप पर्सनालिटी और आप मैच्योर एनफ है दुनिया को समझने के लिए और आसपास के रिलेशनशिप्स को समझने के लिए कांग्रे गलेश यहां पे इसको अगर डेप्थ में हर स्टेज को हम लोग और डेप्थ में लेकर घुसे तो ओरल स्टेज में सबसे प्राइमरी फोकस जो माउथ रहता है
वह रहता ही है जो हमने बात करी बट जो भी ऑब्जेक्ट उस बच्चे के मुंह में आ रहे हैं उस ऑब्जेक्ट के लिए एक लगाव एक रिस्पेक्ट सबसे ज्यादा यहां प इंपॉर्टेंट होता है और केयर गिवर की तरफ एक इमोशनल बॉन्डिंग ठीक है जो केयर गिवर है जो खाना दे रहा है उसके तरफ एक इमोशनल बॉन्डिंग होती है पता नहीं किस-किस ने जुरासिक पार्की लॉस वर्ल्ड देखी है जिसमें उन्होंने एक एक डायनोसोर बनाया था अजीब सा टीरेक्स और शायद रप्टली के और टीरेक्स को वेलोस रेप्टर और टीरेक्स को मिलाकर एक अजीब सा जानवर बनाया था
जो कि एक कैप्ट विटी के अंदर ही पैदा होता है वहीं पर उसको खाना मिलता है वहीं पर उसको सब कुछ किया करवाया जाता है तो वहां पे इरफान खान भी था उस फिल्म में इरफान खान या किसी ने बोला था एक डायलॉग बोला था कि सबसे ज्यादा ट्रस्ट अगर इस डायनासोर को है क्योंकि अभी-अभी बना है अपनी साइकोसेक्सुअल जिसके थ्रू गुजर रहा है उसने डायरेक्टली नहीं बोला बट यह बोला कि सबसे ज्यादा ट्रस्ट वो जिस चीज को करता है इस क्रेन को करता है वो क्रेन जो यहां पर बकरा गाय जो भी उसके खाने
के लिए उतार रही है वो क्रेन सबसे ज्यादा जरूरी है सबसे ज्यादा इमोशनल बॉन्डिंग इस डायनासोर की उसी के साथ है अगर वो किसी को हाम नहीं पहुंचाएगा तो उसको नहीं पहुंचाएगा क्योंकि उस डानसर को पता है अगर उंगली करी तो मेरे को खाना मिलना बंद हो जाएगा क्योंकि क्रेन खत्म तो खाना खत्म यहां पे प्लेजर प्रिंसिपल ऑफ द चाइल्ड चल रहा है इड पीक पे है उसको कोई फर्क नहीं पड़ता कौन सो रहा है कौन जग रहा है उसको बस खाना चाहिए वह जिद करेगा उसको भूख लग रही है उसको बस भूख से मतलब
है व उसके अ एक्सक्रीट के ऊपर कोई कंट्रोल नहीं है कहीं कभी भी वह मूत देगा कभी भी वह टॉयलेट कर देगा और उसके अंदर कोई मोरल कोड ऑफ कंडक्ट नहीं है उसका मेन गोल प्राइमरी गोल अपनी इड को सेटिस्फाई करना है जो कि वह किसी भी हालत में करके रहेगा धीरे-धीरे इस स्टेज में बच्चे सेल्फ अवेयरनेस बनाना शुरू कर देते हैं उनको समझ में आ जाता है कि पेन क्या होता है हंगर क्या होता है कब रोना है कब नहीं रोना है अगर आपने किसी गर्म चीज को चू लिया तो उस ब वो बच्चा
वापस उस गर्म चीज को नहीं छुए पहले बच्चा जैसे कोई चीज वहां पड़ी हुई है उसको उठाना चाह रहा है वो रोएगा रोएगा रोएगा वो रीच में नहीं है किसी के भी उस बच्चे के भी वो रोएगा जबरदस्ती रोएगा बाद में उसको रिलाइज होगा कि वो डिस्टेंस है मेरे और उस ऑब्जेक्ट के बीच में तो वो रोना बंद कर देगा वो समझेगा उसके अंदर एक सेल्फ अवेयरनेस आती है उसके अंदर एक अंडरस्टैंडिंग आती है यहां पे शुरू होता है व और वनिंग एक माइलस्टोन के तरह होता है वनिंग क्या होता है वनिंग होता है जब
एक बच्चा ब्रेस्ट फीडिंग से जाता है अदर फॉर्म्स ऑफ नरिच मेंट में मतलब ब्रेस्ट फीडिंग के अलावा सेरेलक नहीं बच्चों को दिया जाता है ग्राइ वाटर दिया जाता है दूसरी चीजें दी जाती है मां का दूध वो हर टाइम नहीं पीता है तो उसको समझ में आता है व्हाट इज द मीनिंग ऑफ डिलेड ग्रेटफोर पिला दिया हो गया काम ठीक है मैं अभी एक्शन करने वाला था गलत हो जाता बट हां तो सिंपल सा यहां पर क्या हुआ कि डिलेड ग्रिफिन हो गई कि भाई बच्चे बच्चे को पता है कि एकदम से रोने से नहीं
मिल जाएगा खाना मां-बाप खाना बनाएंगे उसको गर्म करेंगे दूध को गर्म करेंगे दूदू है ना गर्म करेंगे और देखेंगे कि भाई ज्यादा गर्म तो नहीं है टाइम लगता है तो मुझे भी अपने ऊपर कंट्रोल रखना बहुत ज्यादा जरूरी है य नहीं रो ही जा रहा हूं फ्रॉड ने कहा अगर इस वाली स्टेज प ओल स्टेज पर अगर बच्चे के ऊपर ध्यान नहीं दिया गया तो दो चीजें हो जाएंगी पहला हो जाएगा अंडर फुलफिलमेंट या ओवर फुलफिलमेंट मतलब अगर आप बच्चे के ऊपर बहुत ही ज्यादा ध्यान देंगे कि भाई रो रहा है एकदम भागे दूध पिलाने
रो रहा है एकदम भागे खाना लेके तो बच्चा आगे भी जिद्दी बनेगा जो उस वो जो चाहिए उसको एकदम चुटकी बजा के चाहिए सबकी नाक में दम करके रखेगा जब वो बड़ा भी हो जाएगा उसकी एडल्ट स्टेज में भी एडल्ट लाइफ में भी वो यही करेगा आसपास के लोगों को तंग करेगा अगर वो अंडर फुलफिल्ड है कि बच्चा रो रहा है मां फोन पर लगी हुई है बाप फोन पर लगा हुआ है किसी को कोई मतलब नहीं रोए जा रहा है रोए जा रहा है तो आगे जाते जाते वो घबराए इंट्रोवर्ट बन जाएगा वो कोई
भी चीज ना ट्रस्ट के साथ नहीं किसी के ऊपर कर पाएगा उसको ट्रस्ट ही नहीं होगा किसी के ऊपर ट्रस्ट इश्यूज होंगे तो आपके अगर फ्रेंड सर्कल में कोई है जो इन दोनों एग्जांपल्स में फॉल करते हैं जो कि मैक्सिमम लोग करते हैं तो समझ लो बचपन में उनके साथ क्या हुआ है मां-बाप ने बिगाड़ा है प्रॉड ने कहा कि साइंस क्या होते हैं ओरल आपको कि ओरल फिक्सेशन हो रही है मतलब ओरल परेशानियां हुई है बचपन में जिसकी वजह से बच्चा ऐसा हुआ है स्मोकिंग नेल बाइटिस जो माउस से रिलेटेड है ओरल स्टेज नीड्स
में अगर उसको वो चीज नहीं मिली है या कुछ ज्यादा ही मिली है तो वह साइंस आपको दिखा सकते हैं कि क्या बचपन में दिक्कत हुई है जिससे आप उस बच्चे का रूट कॉज या ट्रिगर कॉज पता कर सकते हैं दूसरा साइकोसेक्सुअल स्टेज एनल स्टेज डेवलप होता है अब आप ओबवियसली थोड़े बड़े हो चुके हैं और 18 मंथ के बाद जब बच्चा 18 महीने एक साल से ऊपर हो जाता है और न साल के बीच में अब प्लेजर सीकिंग जो पहले खाना था माउथ फीडिंग था अब वो उठक चला गया है आपके एक्सक्रीट की तरफ
मतलब आप जो खा रहे हैं उसको निकाल रहे हैं और उस निकालने के प्रोसेस में जो कंट्रोल आ रहा है जो ट्रेनिंग हो रही है उसके अंदर अब बच्चे का प्लेजर जाता है यहां पे ईगो का रोल डेवलप होना शुरू होता है अच्छी तरीके से पहली लके देखी जाएंगी और ईगो किस तरीके से डेवलप होती है कि भाई आपका इड कह रहा है यहीं प कर दो जो करना है ना यहीं पे एक्सक्रीट कर दो यहीं पे टॉयलेट कर दो बट आपका ईगो कह रहा है नहीं पेरेंट्स को अच्छा नहीं लगता है अगर आप अगर
बच्चा ऐसे कर देता है तो भैया पेरेंट्स मुझे घुर घुर के देखते हैं पेरेंट मुझसे चिट जाते हैं पेरेंट्स का मूड खराब हो जाता है तो यह इंस्टिंक्टिवली फीलिंग आने लग जाती है बच्चे में एज द बच्चा डेवलप्स अब जैसे डेवलपमेंट हो रही है तो एक डिलेड ग्रेटिफुली भाई अपनी ग्रेटिफुली है अपने पेरेंट्स को दुखी नहीं देखना है भाई यहां पे टॉयलेट ट्रेनिंग और पेरेंट इन्फ्लुएंस बहुत मैटर करता है पेरेंट सिखाते हैं कि आपको अपनी पोटी को कंट्रोल करना है आपको अपने बेसर डिजायर्स को कंट्रोल करना है तो भाई तुम ऐसे ही पजामे में कुछ
भी डाइपर में नहीं कर सकते हो धीरे-धीरे ओबवियसली डाइपर बनाया जाता है बट विद टाइम बच्चे को समझ में आता है बच्चे को सिखाया जाता है और फ्रॉड ने कहा यह स्टेज सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है इस स्टेज पे डिसाइड होगा कि उसकी पर्सनालिटी ट्रेट्स आगे जाके कैसी होंगी तो पेरेंट्स का यहां सही होना बहुत ज्यादा जरूरी है आज की डेट प भी पेरेंट्स को हमारे मां-बाप को यह चीज पता नहीं होती ओबवियसली फ्रॉड ने कहा साइकोलॉजी की बात है कि यह बचपन से ये सब चीजें शुरू होती हैं और अगर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो
गड़बड़ होगी लेकिन पेरेंट्स को ये लगता है बच्चा 4 साल 5 साल का हो जाता है उठ के बैठने लग जाता है चलने लग जाता है तब उसका माइंड डेवलप होना शुरू होता है वो अपने सेंसेस में आता है तब उसको चीजें सिखानी चाहिए बच्चा ओबवियसली जब -4 साल का हो जाएगा 5 साल का हो जाएगा 6 साल का होगा तो व आपसे ज्यादा इंटरेक्ट कर पाएगा इसका मतलब यह नहीं कि उसका बचपन से ही चीजें डेवलप नहीं हो रही उसकी पर्सनालिटी बहुत हद तक शेप हो चुकी है भले ही उसकी मोटर स्किल्स कॉग्निशन स्किल्स
अभी तक डेवलप पूरी तरीके से म कॉग्निशन स्किल्स अभी तक पूरी तरीके से डेवलप नहीं हुई है बट उसकी सबकॉन्शियस और अनकॉन्शियस में जो आप चीजें स्टोर कर रहे हैं वो धीरे-धीरे आगे बढ़ती जा रही है अभी यहां पे दो आउटकम्स के बारे में बात करी गई है एक है एनल एक्सक्लूसिव ट्रेनिंग मतलब अगर बच्चा रेजिस्ट कर रहा है ये जो एनल ट्रेनिंग चल रही है कि भाई आप ध्यान रखो बच्चे को कहीं प भी कुछ भी नहीं करना है कहीं प भी टॉयलेट बच्चा नहीं कर सकता है वो रो रहा है लड़ रहा है
झगड़ रहा है तो वो पर्सनालिटी आगे कैरी फॉरवर्ड करती है और बच्चा बहुत ज्यादा रिबेलियस बनता है व्हिच इज पेरेंट्स ने ध्यान नहीं दिया पेरेंट्स की लैक ऑफ गाइडेंस थी पेरेंट्स बच्चे को कंट्रोल नहीं कर पाए और वह पर्सनालिटी आगे जाके उसकी जिंदगी को इन्फ्लुएंस करती है दूसरा आता है एनल रिटेंटिव कैरेक्टर अगर आप बहुत ज्यादा कोई पेरेंट बहुत ज्यादा सिक्ट है बहुत ज्यादा स्बन है बहुत ज्यादा ही क्लीनलीनेस को लेके कि एकदम ही अ होता है ना कुछ पेरेंट्स कि भाई एकदम ही जिद्दी होते हैं एकदम ही स्ट्रिक्ट होते हैं एकदम यह टाइम होगा
दिन में एक ही हगना है बच्चे को दिन में दो ही बार हगना है बच्चे को इससे बाहर नहीं कर सकता है कुछ और यही टाइम होगा इतनी देर के लिए ही जाएगा तो वह भी चीज आगे क्या कैरी फॉरवर्ड करती है बच्चा सवर्ण बन सकता है और उसको क्लीन एस को लेके एक ओसीडी स डेवलप हो सकती है व्हिच इज हर चीज में क्लीन किसी से हाथ मिलाएंगे हाथ धोएंगे किसी ने उनका कप छू लिया हाथ उनका कप धोना शुरू कर देंगे कोई उनके सोफे या चादर प बैठ गया वो सोफा या चादर वो
चेंज करेंगे इसका आइडियल रेजोल्यूशन क्या है बड़ा सिंपल सा है पेरेंट्स को एक बैलेंस मेंटेन करके चलना बहुत ज्यादा जरूरी है यह भी नहीं बहुत स्ट्रिक्ट हो रहे हैं ये भी नहीं बहुत ज्यादा ढील दे दी यह भी नहीं कि बैठ गए हैं कि भाई कुछ छोड़ो कुछ नहीं बच्चा कर रहा है करने दो ये भी नहीं कि उसके पीछे एकदम पड़े हुए हैं एक सेल्फ कंट्रोल और सेटिस्फैक्ट्रिली करना है करते रहो ये नहीं उसको दो मिनट में जल्दी करो बाहर आओ कि उसका सेटिस्फैक्ट्रिली जब यह चीज हो जाएगी तो एक बैलेंस पर्सनालिटी बनती है
बच्चे की और आगे जाकर वह बैलेंस पर्सनालिटी लाइफ में शोकेस होती है लाइफ में पोट्रे होती है और अगर डायरेक्ट पर्सनालिटी की बात करें तो फ्रॉड ने सीधा-सीधा कहा कि यह जो हमने दोनों बात करी पहला नल एक्सक्लूसिव कैरेक्टर और नल रिटेंटिव कैरेक्टर एक्सक्लूसिव में अगर बहुत ज्यादा रेजिस्टेंस है आप बच्चे को ठीक से सिखा नहीं रहे हैं बच्चे को ठीक से प ट्रनिंग हुई टॉयलेट ट्रेनिंग नहीं हुई तो वो जिद्दी होगा लेथार्जिक होगा लेजी होगा काम नहीं करना चाहेगा और अगर आपने उसको रिटेंटिव अगर आप एक रिटेंटिव एडल्ट है और रिटेंटिव ट्रेनिंग दी है
तो बहुत ज्यादा पंक्चुअल होगा वो एक परफेक्शनिस्ट होगा और पर्टिकुलर एस्पेक्ट्स ऑफ लाइफ में बहुत ज्यादा एक्सेल करेगा तो यह पहचान होती है एंड दिस वाज द एनल स्टेज ऑफ साइकोसेक्सुअल डेवलपमेंट तीसरा आ गया अपना फेलिक्स स्टेज फेलिक्स स्टेज 3 साल से लेकर 6 साल की उम्र के बीच में डेवलप होता है और यह आप समझ लीजिए कि पहला हमारा फोकस रहा भाई माउथ के ऊपर फिर आया एक्सक्रीट के ऊपर टॉयलेट करने के ऊपर अब जेनिटल एरिया के ऊपर फोकस आ गया अब बच्चे डिफरेंस पता कर पा रहे हैं बिटवीन द टू सेक्सेस ये फीमेल
है ये मेल है हो सकता है वो अन ड्रेसिंग की एक्टिविटीज से अपने जेनिटल एरिया को एक्सप्लोर करके पहले तो बच्चे को क्योंकि यहां पे बच्चे कोब जैसे इंडिया में होता है ना खुद धोना सीखो भाई साहब एक टाइम तक बच्चे बच्चों का पेरेंट्स धुलवा हैं उसके बाद बच्चों को खुद सिखाया जाता है धोने को तो बच्चों को रियलाइफ सेस हैं यह मेरा जेनिटल एरिया है यह है वो उसको एक्सप्लोर करना शुरू करते हैं यहां पे लड़कों में डिप अस कॉम्प्लेक्टेड में इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्टेड किया था बट इधर लड़के के अंदर एक जेलेसी की भावना आने
लग जाती है अपने फादर के प्रति और अपने मदर के प्रति एक अट्रैक्शन की उस अट्रैक्शन को वो क्या कहे क्या नहीं कहे उसको समझ में नहीं आ रहा बट एक बहुत स्ट्रांग बॉन्ड और बहुत स्ट्रांग अटैचमेंट फील होती है जो उसको अपने पिताश्री फादर के साथ बिल्कुल भी नहीं होती लेकिन वो डर से अपने पिता को यह चीज बता नहीं सकता बिकॉज ही फियर्स कैस्ट्रेशन ही फियर्स कि मेरे साथ मेरा जेनिटल एरिया के साथ कुछ गलत हो सकता है औजार उघड़ा जा सकता है तो जो हमने पढ़ा एपस कॉम्प्लेक्शन होता है बच्चा अपने फादर
के कर्मों पर चलने की कोशिश करता है बच्चा डेवलप करने की कोशिश करता है पर्सनालिटी ट्रेट्स लाने की कोशिश करता है और एक एडल्ट मेल सोसाइटी का जो आर्किटाइप होता है आर्किटाइप फिगर मतलब एक ऐसा फिगर जो अक्रॉस द यूनिवर्स वेरी कॉमन है एक फादर कैसा होना चाहिए एक फादर का आर्किटाइप फिगर कैसा होता है स्ट्रांग होता है रेजिल होता है पोलाइट होता है वेल स्पोकन होता है बच्चों के लिए खड़ा रहता है बच्चों के लिए गोली भी खा लेगा वह अपने छाती में तो उसको देख के बच्चा लड़का डेवलप होता है और अपनी फीलिंग्लेस
एंजाइटी कि भाई वही औजार उखाड़ लिया जाएगा उसकी एंजाइटी अब इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्शन एनवी के बारे में बात करी कि मेरे पास मेल जेनिटल ऑर्गन नहीं है उसका दोष वह सीधा अपने मां के ऊपर डाल देती है क्योंकि उसको लगता है कि यह ऑर्गन होने से मैं अपनी मां के ऊपर कंट्रोल कर सकती हूं चूंकि मेरा बाप कंट्रोल कर रहा है तो मैं भी कर सकती हूं बट मेरे पास यह ऑर्गन नहीं है और इसके जिम्मेवार मेरी मां है क्योंकि मां ही बचपन से केयर टेकर रही है तो मां ही जिम्मे दार है कि मैं इस
एक डिसेबिलिटी के तरह बच्ची देखने लग जाती है मैं इस डिसेबिलिटी के साथ पैदा हुई हूं और उसका समाधान यही है सोशल आइडेंटिफिकेशन कैरेक्टर आइडेंटिफिकेशन फादर के साथ तरफ अफेक्शन है लेकिन यह समझना कि वुमन का इस सोसाइटी में क्या रोल होता है वह लड़की धीरे-धीरे सीखना शुरू करती है साइकोसेक्सुअल आउटकम्स स्टेज पर क्या होता है भाई लड़का तो एक सुपर ईगो डेवलप कर लेता है कॉन्शियस अ डेवलप कर देता है कि भाई हां ठीक है मैं जो हूं अपने पिताजी जैसा बनना चाहता हूं मैं एक अथॉरिटी फिगर बनना चाहता हूं बचपन से वह एक
स्ट्रांग अथॉरिटी फिगर बनना चाहता है बत बट लड़कियों के काम में यह होता है कि बहुत केसेस में वह यह जो फेलिक्स स्टेज है उसको पूरी जिंदगी कैरी फॉरवर्ड कर देती है वो पूरी जिंदगी उनकी पर्सनालिटी को इन्फ्लुएंस करता रहता है पर्टिकुलर सबमिसिव और फीलिंग ऑफ इनक्वे उनको हमेशा फील होता रहता है मैं कम हूं मैं कम हूं मैं किसी से कम हूं मैं इससे कम हूं मैं उससे कम हूं और तुम देखोगे कुछ लड़कियां होती हैं जो बहुत रिलेशनशिप्स में आती हैं बहुत रिलेशनशिप तोड़ती है है ना और लड़कियों का नाम इस वजह से
सोसाइटी में गलत तरीके से लड़के उछलते भी हैं वो इसलिए होता है कि हो सकता है उनका फेलिक्स स्टेज उनके पेरेंट्स ने ठीक से देखभाल नहीं करी और फेलिक्स स्टेज में वो अंडर डेवलप रह गया और वो क्योंकि एक इन इन एडिक्ट फीलिंग फील कर रही हैं अनकॉन्शियसली वो उनको समझ में नहीं आ रहा तो वो अपने पार्टनर पे ब्लेम डालती है और अपना पार्टनर स्विच करती जाती है एक पार्टनर से दूसरा पार्टनर तीसरे पार्टनर से चौथा पार्टनर तो हो सकता है कि पर्सनल काउंसलिंग से या फिर ऐसी किसी साइको एनालिटिक काउंसलिंग से वो चीज
बेहतर हो पाए लेटेंसी स्टेज आती है अब व्हिच इज द स्टेज फोर यहां पे बच्चा अब 6 साल की उम्र से लेकर प्यूबर्टी तक बच्चा समझ जाता है बहुत चीजें उसको समझ में आती है और अब वो अपनी ईगो डेवलपमेंट में काम करना शुरू करता है व्हिच इज बेसिकली सोशल स्किल्स और कॉग्निटिव स्किल्स इस उम्र में बच्चे अच्छे नंबर लाना चाहते हैं अ स्कूल में चीजों में पार्टिसिपेट करते हैं डिबेट्स में पार्टिसिपेट करेंगे बच्चे क्लब्स में पार्टिसिपेट करेंगे बच्चे स्पोर्ट्स में एक्टिव रहेंगे बच्चे फ्रेंडशिप में एक्टिव रहेंगे आप हम यू नो जो लैंग्वेज रहती है
ना अच्छे से बात करना है एक दूसरे से इस उम्र में अगर आपसे नहीं करी हो गई हो तो आपकी बदकिस्मती है अ बट ऐसे बच्चे मिलते हैं आसपास बड़े अच्छे से बात करेंगे बिकॉज दे वांट टू डेवलप देयर सोशल स्किल्स नाउ अब लेटेंसी स्टेज में क्या होता है आपके जो सेक्सुअल और एग्रेसिव इंपल्सेस होते थे वो कम हो जाते हैं और अब इंसान नॉन सेक्सुअल इंटरेस्ट में पार्टिसिपेट कर ने लग जाता है इसका बहुत रीजन हो सकता है कि उस बच्चे या बच्ची ने ईडिपस या इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्शन या पूरी तरीके से ओवरकम कर लिया
है और अब उसका जो पहले मुद्दा सिर्फ मां-बाप थे जो उनके केयर गिवर थे वोह नहीं रहे हैं अब मुद्दा उठके दूसरी चीजें लग गई अपने पियर्स रह गए हैं अपने आसपास के जो लोग हैं अपने आसपास के लोगों में इंटरेस्ट आ गया है और उनके साथ रिलेशनशिप बिल्ड करना इन अ नॉन सेक्सुअल मैनर है ना इस एज में होते हैं ना बहुत बच्चे होते हैं अ तुमको वो लड़की पसंद है यू लड़के को बोलो तुमको वो लड़का पसंद लड़की को बोलो तुमको लड़का पसंद है यू एक दूसरे को यू यू बोलते हू यू यू
इसलिए बोला जाता है जनजी टर्मिनोलॉजी है क्योंकि भाई साहब अब आपका नॉन सेक्सुअल एक्टिविटीज में पार्टिसिपेशन ज्यादा है एंड यू डू नॉट को रिलेट विद द सेक्सुअल एक्टिविटी दैट यू यूज टू क्योंकि कहीं ना कहीं बच्चा ओवरकम कर चुका है थ्रू ओवरकमिंग ईडिपस या इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्शन कर रहा है एडल्ट हेल्दी रिलेशनशिप्स के लिए उसको बच्चों को अंदर ही अंदर रियलाइफ हो गया है कि मां-बाप के बाहर और अपने केयर टेकर्स के बाहर भी एक दुनिया है उस दुनिया में मुझे निकल के जाना है दूसरे लोगों से मेरे को बातचीत करनी है दोस्ती करनी है और
उसका रिजल्ट यह होगा कि उनको अनकॉन्शियसली जब चीजें स्टोर हैं कि मेरी आगे जिंदगी बेहतर होगी यहां सबसे इंपॉर्टेंट है बिकॉज यहां पे कैरेक्टर डेवलपमेंट पूरी तरीके से होता है अगर यहां बच्चे ने रेसिलियंस सीख लिया यहां बच्चे ने कॉन्फिडेंस सीख लिया यहां बच्चे ने किसी प्रॉब्लम में टिकना सीख लिया तो आगे कॉन्फिडेंट रहेगा वह आगे अपनी जिंदगी बेहतर बना सकता है और वह आगे अच्छे रिलेशनशिप बिल्ड कर सकता है लेकिन यहां अगर बच्चा मात खा जाता है यहां अगर बच्चा पीछे रह जाता है तो भैया बहुत दिक्कत वाली बात होगी और बच्चे को आगे
भी जिंदगी में हमेशा प्रॉब्लम्स और दिक्कतें रहेंगी क्योंकि वह हैबिट फॉर्मेशन इस स्टेज में लेटेंसी स्टेज में ठीक से डेवलप ही नहीं हुई यहां पे बच्चे की सेकेंडरी प्रोसेस थिंकिंग बहुत ज्यादा डेवलप होती है अब बच्चे को यह समझ में आ गया है कि मुझे अगर सरवाइव करना है इस दुनिया में तो मुझे अपनी ग्रेटिफुली थिंकिंग करनी होगी लॉजिक का इस्तेमाल करते हैं प्लानिंग का इस्तेमाल करते हैं डिलेड ग्रेटिफुली लागू करना जिससे मैं अपनी एडल्ट रिस्पांसिबिलिटी का एक ग्राउंड वर्क और एक फ्रेमवर्क बना सकूं मतलब यहां से फाउंडेशन बननी शुरू हो गई बुनियाद बननी शुरू
हो गई इससे पहले की जितनी स्टेजेस थी ठीक है हो रहा था बिल्ड हो रहा था ईटेल लाके साइड पर रखे जा रहे थे ठीक है लेकिन अब फाउंडेशन पड़ी है अब बिल्डिंग खड़ी होनी शुरू हुई है तो यहां पे ये स्टेज बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट बन जाता है एडल्ट लाइफ को किस तरीके से जीना है उसके लिए इस स्टेज पे अगर कोई दिक्कत क्रिएट होती है तो उससे पॉसिबल क्या-क्या इश्यूज ऑ न्यूरोसिस न्यूरोसिस क्या क्रिएट हो सकते हैं सबसे पहला तो अगर ईडिपस कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लेक्टेड पल डिपल इश्यूज यहां पे रिजॉल्व नहीं हुई तो वह आगे
जाके एक फियर और अग्रेशन में डेवलप हो जाएगी टुवर्ड्स अथॉरिटेटिव फिगर्स अथॉरिटेटिव फिगर्स की तरफ आपके अंदर एक क्रोध आएगा आप फ्रेंडशिप्स नहीं बना पाएंगे आपकी फ्रेंडशिप बनाने की कैपेसिटी बहुत ज्यादा खराब रहेगी डिफेंस मैकेनिज्म आपके अंदर आ जाएंगे लेट्स से आपने रिप्रेशन के थ्रू उस फीलिंग को दबा दिया तो व आगे जाके कहीं ना कहीं निकलेगी जो कि अगेन आपको शाय बना सकती है आपको इंट्रोवर्ट बना सकती है आप लोगों से बात नहीं करना चाहेंगे और रिलेशनशिप्स में बहुत ज्यादा डिफिकल्टी होगी मैंने एग्जांपल्स बता दिए पहले भी हॉबीज हो गई स्किल बिल्डिंग हो गई
पेंटिंग स्पोर्ट्स म्यूजिक आर्ट कुछ भी हो सकता है फ्रेंडशिप डेवलपमेंट हो गया कि भाई अपने सेम शेक्स पीयर्स के साथ ज्यादा स्ट्रांग ब्रदरहुड एक स्ट्रांग फ्रेंडशिप कि भाई फैमिली से बाहर भी फ्रेंडशिप करनी है और एकेडमिक और एक्स्ट्रा करिकुलर फोकस आ जाता है स्पोर्ट्स हो गए क्लब्स हो गए पढ़ाई हो गई एकेडमिक्स हो गई उसमें क्योंकि पेशेंस चाहिए होता है पेशेंस से स्किल डेवलपमेंट कर देते हैं आप एंजॉय भी कर रहे हैं बट डिसिप्लिन भी उसके अंदर बहुत ज्यादा चाहिए टीम स्पोर्ट्स हो गया टीम टीम स्पोर्ट्स सबसे ज्यादा ब्रदरहुड होता है इस एज के अंदर
ओबवियसली आगे भी होता है बट ब्रदरहुड की भावना स्पोर्ट्स में यहीं से उत्पन्न होक आती है यहीं से डेवलप होक आती है पांचवा आ जाता है जेनिटल स्टेज प्यूबर्टी से लेकर एडल्ट लाइफ तक यह स्टेज डेवलप होती है यहां पर मैच्योर सेक्सुअलिटी आ जाती है अब एक बच्चे के अंदर अब उसको समझ में आ जाता है कि मुझे अगर सरवाइव करना है तो अपने पेरेंट से इंडिपेंडेंट रहना भी सीखना होगा और जितने भी प्रीवियस स्टेजेस हैं उन सबके बीच में एक तालमेल ढूंढते अब एक बच्चा फाइनल स्टेज की तरफ बढ़ता चला जाता है सबसे बड़ी
चीज इस उम्र में बच्चे होते हैं ना जो अर्ली टींस लेट टींस वाले होते हैं 16 17 18 साल के सबसे ज्यादा क्रोध बोलते हैं ना गर्म खून है हम सब भी अपने मां-बाप के ऊपर गुस्सा निकालना मैं अपने डिसीजन खुद ले सकता हूं मुझे मत सिखाइए आप क्या सही है आपको तो कुछ पता ही नहीं आप लोग तो पुराने जमाने के हैं वो सब आइडियो जीी और व सब थॉट्स यहीं पर डेवलप होने शुरू होते हैं कि एक इमोशनल डिटैचमेंट की भावना आने लग जाती है पेरेंट्स की तरफ से कि अब मैं अपने में
ही पूरा हूं मैं अपनी रिस्पांसिबिलिटी खुद ले सकता हूं मैं अपनी फैमिली भी अगर खुद स्टार्ट करूं तो खुद से अपनी फैमिली को संभाल सकता हूं अभी मौका दो मेरे को मैं आपको चार बच्चे संभाल के दे दूं यहां पे मैच्योर कंसेंशुअल सेक्सुअलिटी डेवलप होती है कि अगर मैं रिलेशनशिप्स में आऊंगा या आऊंगी तो सामने वाले की परमिशन से आऊंगा या आऊंगी कोशिश करूंगा या करूंगी कि उनकी फीलिंग हर्ट नाना हो और अपना बेस्ट दूंगा या दूंगी एंड दिस इज हाउ आई सेटिस्फाई माय पर्सनल डिजायर्स मैं सामने वाले को हर्ट नहीं करूं और हमारा जो
क्यूरियोसिटी होती है इमेच्योर क्यूरियोसिटी होती है वह खत्म होने लग जाती है कहीं ना कहीं सेक्सुअलिटी को लेकर पहले तो क्यूरियोसिटी होती है ना यार यह कैसे होता है यार यह कैसे होता है हर बच्चे को बचपन में होता है ना कि भाई सेक्स कैसे होता है और बायोलॉजी जब आता है तो सब ऊट करते हैं हल्ला करते हैं बायोलॉजी आया आठवी में जब शुरू होती है है ना सेक्सुअल रिप्रोडक्शन बायोलॉजी में पढ़ाते हैं ना तो बायो मैम को बड़ी एंबेरेसमेंट फील होती है हमारी बायो मैम को तो बड़ा मजा आता था पता नहीं क्यों
बट बहरहाल बच्चे मजे लेते हैं क्यों क्योंकि उस वक्त जिज्ञासा होती है कि हां भाई पढ़ेंगे बड़ी टैबू सी चीज है अब उसको पब्लिकली पढ़ाया जा रहा है बट इस एज तक आते-आते सब कुछ समझ में आने लग जाता है अब यहां पे इस स्टेज पे एक बच्चा पीछे जो चार स्टेजेस गई है या एटलीस्ट दो तीन स्टेजेस गई है उनको पीछे जाके रिलीफ कर सकता है और उनको बेटर कर सकता है हो सकता है उसके अंदर डिपेंडेंसी हो कंट्रोल इश्यूज हो एंगर इश्यूज हो जो कि पिछली स्टेजेस में रह गई हो साइकोसेक्सुअल स्टेज में
और यहां पर अब बच्चा उसको सुधारने की और बेहतर करने की कोशिश करता है अपने पुराने सेल्फ से एक बेटर रिलेशनशिप बनाने की कोशिश करता है कि जिससे आगे जाकर मेरे संबंध ठीक हो जाए उस अनकॉन्शियस में सारी ट्रेट निकाल निकाल के बच्चा सबकॉन्शियस में भी ला सकता है अगर उसके पाद इतनी पावर है सबकॉन्शियस में उससे कॉन्शियस में और इंसान एक अपनी पर्सनालिटी बनाना शुरू करता है जिसको वेल राउंडेड वेल डेवलप्ड पर्सनालिटी का नाम दिया जाता है यहां पे बच्चे अब बड़े हो रहे हैं बच्चे बड़े हो रहे हैं अब करियर की तरफ ज्यादा
फोकस सेकेंडरी थिंकिंग लॉजिकली करियर होना चाहिए पैसे कमाना चाहिए बाकी सब बाद में होता रहेगा इंपॉर्टेंट है अपना रिलेशनशिप्स तो होते रहेंगे होने जरूरी हैं लेकिन सीरियस पहले अपनी जिंदगी में कुछ होना चाहिए अ यह नहीं कि लगी पड़ी है एक फैमिली स्टार्ट करनी है सोशल रिस्पांसिबिलिटी है 10 तरीके की चीजें दिमाग में घूमती है और बच्चा एक स्टेबिलिटी क्रिएट करने की कोशिश करता है और जब आप बड़े हो जाते हैं तो फोकस में आता है कि फैमिली होना एक वेल इंटीग्रेटेड इंडिविजुअल एक अच्छी पर्सनालिटी वाला इंसान होना बहुत जरूरी है सोसाइटी में कंट्रीब्यूशन देना
बहुत जरूरी है यह नहीं कि हम बह चले जा रहे हैं अपने बेसिक ड्राइव्स की वजह से बेसिक ड्राइव को जो हमने बचपन से लेकर अभी तक अपनी बेसिक ड्राइव में कर लिया नहीं होते बहुत लौंडे बोलते हैं अ बहुत कर लिया सेक्स सूक्स की बातें बहुत हो गई फिर सेक्स सूक्स की बातें शुरू कर दी और अब हम वो नहीं करेंगे अब हम फोकस करेंगे करियर के ऊपर पर्सनालिटी डेवलपमेंट के ऊपर और सोसाइटी को कैसे हमें वापस प्रोवाइड करना है कुछ तो समरी में मेन गोल्स यहां पर क्या बन जाते हैं फॉर्मिंग स्टे रिलेशनशिप्स
नंबर टू करियर एंड लाइफ गोल्स और तीसरा सोशल रिस्पांसिबिलिटी और अगर यहां कांड कर दिया तो यहां कांड कर दिया तो जिंदगी भर वह इंसान कांड ही करता रहेगा क्योंकि य कहीं ना कहीं फाइनल स्टेज है जहां आप अपने को ठीक से डेवलप कर सकते हो वना भैया गई भैंस आगे बताओ क्या पानी में अब हम लोग यहां पर थोड़ा सा डिफेंस मैकेनिज्म को समझ लेते हैं जब भी कोई स्ट्रेसफुल सिचुएशन इंसान की जिंदगी में आती है तो फ्रॉड ने कहा कि आपका सबकॉन्शियस और आपकी ईगो वो मिलके मिलन करके डिफेंस मैकेनिज्म बनाती है हथियार
बनाती है जिससे आप उन स्ट्रेसफुल सिचुएशंस को कॉम्बैट कर सके तो इसमें एक बेसिक डिफेंस मैकेनिज्म होते हैं और हायर लेवल डिफेंस मैकेनिज्म होते हैं व्हिच हेल्प यू टू काउंटर सच अजीब अजीब सिचुएशंस तो यहां पे कुछ एक लाइंस है बहुत सारी हैं हम लोग 2025 हैं हम लोग उनको ले लेते हैं तो इन डिफेंस मैकेनिज्म को मैं यहां से नोट से बताता हुआ चलूंगा जिसके पास नोट हैं ओबवियसली वह साथ-साथ चल सकता है और जिसको नोट्स के बारे में नहीं पता या डिस्क्रिप्शन में नोट्स है वहां से जाके यू कैन टेक द नोट्स सबसे
पहला डिफेंस मैकेनिज्म इज एक्टिंग आउट इसकी डेफिनेशन क्या होती है कि ऐसे बिहेवियर्स और डिसर अपटिवो में पार्टिसिपेट करना जो कि आपको आपकी परेशानी से या अनकंफर्ट बल इमोशन जो आप जहनी तौर पर दिक्कत फील कर रहे हैं उससे आपको दूर करें इसका एग्जांपल हो सकता एक टीनेजर जो कि स्कूल स्किप करना चाह रहा है और अपने पेरेंट्स को स्किप करना चाह रहा है तो ऐसा कोई कांड करेगा जिससे स्कूल और पेरेंट्स के तरफ से या घर के तरफ से सारा फोकस हट जाए और जो उस बच्चे ने कांड किया उसके ऊपर चला जाए ठीक
है तो इसके एसोसिएटेड डिसऑर्डर्स क्या रहते हैं कॉमन डिसऑर्डर्स जो है एक कंडक्ट डिसऑर्डर हो गया एंटी सोशल पर्सनालिटी डिसऑर्डर हो गया और अपोजिशनल डिफाइंड डिसऑर्डर हो गया ये सब डिसऑर्डर्स है मैं आप सबको यहां एक्सप्लेन नहीं करूंगा दिस इज नॉट अ क्लिनिकल साइकोल लेसन ऊपर ऊपर से हम देख रहे हैं तो यह डिसऑर्डर्स आप जाके google3 साल का होगा या ठ साल 6 सात साल का होगा एक रिलेटिव आया और उस रिलेटिव ने मुझे ऐसे उठाया और ऐसे उछाला गोदी में लेकिन ये बच्चों को उछाल हैं उस दिन से जो मेरे अंदर उस रिलेटिव
को लेकर फियर ओबवियसली अब नहीं है भाई अब नहीं फट्टी जो फियर बैठा था वह 12 13 14 साल की उम्र तक मेरे अंदर था उस रिलेटिव को देख के हालत खराब होने लग जाती थी मैं रोने लग जाता था उल्टिया फेंकना शुरू कर देता था मूत भी देता था कुछ-कुछ केसेस में तो वो एक फियर बैठ गया उस अनकंफर्ट बल सिचुएशन को हटाने के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकता था मैं बीमारी का बहाना लेता था मैं उस रिलेटिव से मिलने नहीं जाना वो आ रहा है तो मैं ऐसे करता था कि
मेरे स्कूल में आज इंपॉर्टेंट फंक्शन है यह है वो है 10 तरीके के बहाने और सबसे डायरेक्ट रिलेशन इसका जो है इससे जो एसोसिएटेड डिसऑर्डर्स हैं वो होते हैं पीटीएसडी जो ट्रॉमा रिलेटेड रिमाइंडर होते हैं ना कि यार इस इस सिचुएशन की वजह से यह ट्रॉमा मेरी लाइफ में क्रिएट हुआ था इसलिए इस सिचुएशन से इज इंसान से दूर रहना है तीसरा है कन्वर्जन कन्वर्जन की डेफिनेशन है कि आप अपना साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस या जहनी तौर पे जो परेशानी हो रही है उसको समझाने के लिए कोई भी फिजिकल सिमटम्स जाएगा भाई यह तो बेवकूफ बना रहा
है इसका एग्जांपल होगा कि एक इंसान अचानक से बोलेगा भाई मेरे को ऐसा लग रहा है कि मेरे को सब धुंधला दिख रहा है या मेरे को पैरालिसिस अटैक पड़ रहा है मेरा एक एक तरफ का जो है ना हिस्सा मुझे ऐसा लग रहा है पैरालाइज हो गया मेरे बच्चा बोलेगा मेरे पेट में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है और इसका डायरेक्ट को रिलेशन होता है अगर इस डिसऑर्डर को कहां देख सकते हैं कन्वर्जेंट डिसऑर्डर में तो होता ही है और इसको एक और नाम दिया गया है व्हिच इज फंक्शनल न्यूरोलॉजिक सिम्टम्स राइट यह बड़े
स्केल पे हो गया बच्चे करते हैं ना स्कूल नहीं जाने के लिए फिजिकल सिमटम्स डेवलप कर लेते हैं पेट में दर्द हो रहा है असली में पेट में दर्द उस वजह से नहीं है कि आपको स्कूल जाना है मतलब कि आपको फिजिकल पेट में दर्द हो रहा है बट स्कूल नहीं जाना इस वजह से है और कभी-कभार ये मेनिफेस्ट भी कर जाते हैं फिजिकल सिम्टम्स में सही में होता है जैसे किसी को मैथ्स पीरियड से घबराहट होती है और वेनसडे है वेनसडे को दो से तीन पीरियड मैथ्स के होते हैं स्कूल में तो बच्चे की
छाती में दर्द होने लग जाएगा सांस लेने में दिक्कत होने लग जाएगी जिससे कि दे कैन अवॉइड दैट मैथ्स पीरियड उसके बाद डिनायल फेस उसकी डेफिनेशन यह है कि आदमी या बच्चा डिस्कंफर्ट को अवॉइड करने के लिए रियलिटी को रिजेक्ट कर देगा रियलिटी को डिनायर देगा यार ऐसा तो हो ही नहीं सकता सकता फॉर एग्जांपल एक गरीब आदमी है गरीब इंसान के पास पैसा नहीं है लेकिन वह फिर भी बिना पैसे के लग्जरी अफोर्ड करना चाहता है जितने पैसे आते हैं उससे लग्जरी अफोर्ड कर लेगा पैसा आया 1 लाख या 80000 ₹ लाख सैलरी है
ली महंगी माइकल कोर्स की घड़ी खरीद ली जो कि औरतों के लिए होती है मतलब एक एग्जांपल दिया कहीं और मैंने रिलेट कर दिया रोलेक्स तो इतनी सस्ती नहीं आती या महंगा आई ले लिया महंगा कुछ सामान ले लिया पैसा नहीं है जेम में लेकिन फिर भी उड़ाए चले जा रहे हैं बिकॉज दे आर इन डिनायल ऑफ द रियलिटी कि रियलिटी में बेटा तुम्हारे पास चवन्नी नहीं है जेब में अपना बटवा खोलोगे अंदर से मक्खियां निकलेंगी लेकिन फिर भी वो पैसा खर्च करे चले जा रहा है और इसका इंपैक्ट क्या होता है कि इमीडिएट स्ट्रेस
जब एक इंसान की जिंदगी में आता है ना तो वो डिनायल में रहता है जैसे बहुत लोगों के लिए बहुत कॉमन इंडिया में ये चीज होती है जब कोई इंडिया में क्या यूनिवर्सल चीज है ये जब किसी के किसी का देहांत हो जाता है किसी की मृत्यु हो जाती है कोई मर जाता है तो फैमिली या जो सबसे क्लोज वन होता है उस फैमिली से इतना ट्रामा में चले जाता है कि वह एक्सेप्ट ही नहीं कर पाता ऐसा कुछ हुआ है मेरा भी एग्जांपल यह रहा है मैं भी अपने फादर की डेथ एक हफ्ते तक
एक्सेप्ट ही नहीं कर पाया था हजम ही नहीं कर पाया था कि ऐसा भी कुछ हुआ है मुझे लग रहा था सब कुछ तो नॉर्मल है क्या हुआ ऐसा लग रहा था वो गए हॉस्पिटल वापस आ जाएंगे विदाउट नोइंग द फैक्ट कि ही इज गॉन नाउ अब ही विल नेवर कम बैक ट्रॉमा तो यह सब चीजें बैठ के रेट्रोस्पेक्ट में सोचो तो बड़ा इंटरेस्टिंग लगता है बड़ा रिलेटेबल लगता है इसलिए सिगमंड फ्रॉड ने लोगों को चुपता था क्योंकि सिगमंड फ्रॉड लोगों की रियलिटी और लोगों की लाइफ में जो कांड चल रहे हैं उसको सीधा-सीधा निकाल
के उनके सामने खुली किताब की तरह रख देता था इसलिए उनको बुरा लगता था भाई पांचवा आता है डिफेंस मैकेनिज्म व्च इज आइडेंटिफिकेशन बच्चा या कोई इंसान अनकॉन्शियसली सामने वाले को मिमिक करना शुरू कर देता है सामने वाले की तरह हरकतें करना शुरू कर देता है जैसे एक बच्चा अपने पेरेंट्स की हरकतें करना शुरू कर देता उनके तरह गुस्सा करेगा उनके तरह जवाब देगा और यह जो इसका अल्टरनेट नेम इंट्रोजेक्शन है इंट्रोजेक्शन को अगर आप ग पे टाइप करोगे बहुत रिसर्च पेपर्स आ जाते हैं बहुत डेप्थ है और यह चीज बहुत खतरनाक हो जाती है
यह मिमिंग चीज और बच्चा ज्यादातर गलत आदतें उठाएगा अच्छी आदत तो उठाए अच्छी बात है लेकिन गलत आदतें उठा देगा जिससे आगे जाकर उसकी एडल्ट लाइफ बहुत ज्यादा खराब हो सकती है उसके बाद आता है प्रोजेक्शन प्रोजेक्शन की डेफिनेशन है कि एक इंसान अपनी अनवांटेड फीलिंग्लेस बड़ा एग्जांपल रिलेशनशिप में होता है पार्टनर लॉयल नहीं है अनफेथफुल है और अपने पार्टनर के ऊपर लेट्स से कोई लड़की है या कोई लड़का है हु इज चीटिंग अब वह चीट कर रहा है उसको पता है व अनफेथफुल है लेकिन वह अपनी चीज प्रोजेक्ट कर देगा सामने वाले अपने पार्टनर
के ऊपर कि तुम भी ऐसे ही हो असल में वह वैसा है लेकिन जबरदस्ती वह रिलेशनशिप खराब करने की कोशिश कर रहा है जि उनको बोलते हैं ना टॉक्सिक लुक कि ना तो वो रिलेशनशिप छोड़ना चाह रहा है ना तो वो रिलेशनशिप रखना चाह रहा है और वह अपनी भी जिंदगी खराब कर देता है कॉन्फ्लेट क्रिएट करता है और सामने वाले की भी जिंदगी खराब कर देता है उसके बाद आता है रिग्रेशन रिग्रेशन मतलब कि आप ऐसी हैबिट्स में वापस से पार्टिसिपेट कर रहे हैं गलत हैबिट्स में जो हैबिट्स आपके डेवलपिंग साइकोसेक्सुअल स्टेजेस में एजिस्ट
करती थी लेट्स से फैलिक स्टेज में या फ फिर लेट्स से आपके एनल स्टेज में कोई ऐसी दिक्कत हो या प्रॉब्लम हो फेलिक्स स्टेज में ही ले लेते हैं कोई ऐसी प्रॉब्लम हो जब आप ग्रो कर रहे थे और उस वजह से आपकी वो चीज कैरी फॉरवर्ड हो गई अचानक से आपके एडल्टहुड में और आप समझा नहीं पा रहे कि वो किस वजह से हो रहा है और इसका प्राइम एग्जांपल होता है कुछ ऐसे लोग होते हैं ना जो अचानक से पागलों की तरह एक्ट करने लग जाएंगे सामान फेंक तोड़ेंगे पटक जोर-जोर से रोएंगे और
आप तुम्हें लगेगा यार यह बंदा या बंदी तो मेरे सामने हमेशा से इतना सुलझा हुआ नजर आता था बट यह क्या हुआ येसे पगलेट के तरह क्यों एक्ट कर रहा है या कर रही है यार यह तो सही बात नहीं है और वह चाइल्डहुड में कोई चीज होगी कोई ऐसा ट्रॉमा होगा जो अचानक से उस पर्टिकुलर हाई स्ट्रेस सिचुएशन में ट्रिगर हो गया है ना फॉर एग्जांपल एक मैंने वीडियो देखा था जिसमें यूएस में पार्टी चल रही है उसमें पार्टी चल रही है और 16-1 साल के बच्चे लड़के लड़कियां शराब का सेवन कर रहे हैं
और थोड़ा गांजा गूंज पता नहीं कोकेन काकन क्या था फूक रहे हैं पुलिस ने पकड़ लिया और वह 17 17 साल के 17 18 या 18 के थे आई डोंट नो या जो भी था बड़े थे एडल्ट थे शायद कोकेन करते हुए पकड़े गए व्हिच इज इल्लीगल और ऐसे टंट्रम्स थ्रो करने लग गए रोने लग गए चिल्लाने लग गए कि जैसे किसी छोटे बच्चे से उसका खिलौना ले लिया गया खिलौना लेने के लिए मना कर दिया गया तो दैट इज व्हाट रिग्रेशन इज एंड इट इज वन ऑफ द मोस्ट डेंजरस डिफेंस मैकेनिज्म फिर उसके बाद
एक और डिफेंस मैकेनिज्म आता है इंपॉर्टेंट जिसके ऊपर फ्रॉड ने सबसे ज्यादा बात करी थी वच वाज एंड व्हिच इज रिप्रेशन और रिप्रेशन एक ऐसा चीज है जिसमें सबकॉन्शियस उसका अपर हैंड होता है कॉन्शियस के ऊपर अनकॉन्शियस के ऊपर सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस को गाइड करता है कैसे गाइड करता है भाई कोई टोमेट इवेंट होता है सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस है पूरी तरीके से व टोमेट इवेंट डिलीट कर देता है वो इवेंट डिलीट हो जाता है उससे रिलेटेड इंफॉर्मेशन डिलीट हो जाती है इंसीडेंट्स डिलीट हो जाते हैं बट उससे रिलेटेड जो ट्रिगर मैकेनिज्म होते हैं और बिहेवियर्स होते हैं
वो नहीं डिलीट हो पाते हैं और वोह कहीं ना कहीं लाइफ में आगे जाके होते हैं ऐसे लोगों की साइको एनालिसिस के थ्रू भी या फिर एसोसिएशन फ्री टॉक थेरेपी के बावजूद इन लोगों की मदद नहीं करी जा सकती बहुत केसेस में ऐसा होता है क्योंकि वह भूल चुके हैं उनका सबकॉन्शियस भुला चुका है बस वो बिहेवियर्स पीछे रह गए हैं जैसे कि एक परछाई हो परछाई किसी की भी हो सकती है हमें नहीं पता इंसान दिखने में कैसा है बस हमने परछाई देखी उसकी वो परछाई ही एक्ट कर रही है फिर आता है नौवे
पे स्कज या शिजोइड फैंटेसी स्कज इड फैंटेसी इज क्रिजो फिनिया से समझ में आ गया होगा आपको कि इंसान रियलिटी को एस्केप करने के लिए या स्ट्रेसफुल रियलिटी में रिलेटेड सिचुएशंस को स्केप करने के लिए मन भिड़ंत अपने अंदर ही कहानियां बनाना शुरू कर देता है मन भिड़ंत कैरेक्टर्स बनाने लग जाता है मन बरं कहानी बना के उसी में जीने की कोशिश करने की कोशिश करता है और स्जो फेनिया में यह सबसे ज्यादा स्जो फ्रेनिया जो डिसऑर्डर है उसमें सबसे ज्यादा ओबवियसली यह प्रॉब्लम है क्योंकि बहुत केसेस में क्या होता है स्ट्रेस तो होता ही
है ब बट रिस्पांसिबिलिटीज को भी अवर्ट करने के लिए या रिस्पांसिबिलिटी से भी दूर भा ने के लिए आपकी जो भी रिस्पांसिबिलिटीज है उसमें भी इंसान अपनी जिम्मेदारियों को दूर फेंकता है स्कज फ्रेनिया का स्किजीनियस का इस्तेमाल करके फिर आता है एक और जो कि बहुत डेंजरस डिफेंस मैकेनिज्म माना जाता है जिसको बोलते हैं स्प्लिटिंग या तो वाइट है या ब्लैक है नो ग्रे जोन इंसान या तो बहुत ही बुरा है या तो बहुत ही अच्छा है इतना अच्छा है कि ब्लाइंड ट्रस्ट कर रहे हो तुम उस टॉक्सिक रिलेशनशिप में फंसे हुए हो बाहर ही
नहीं निकल पा रहे हो और खत्म हो गई तुम्हारी जिंदगी बाद में सुसाइड कर लिया क्योंकि हम अगर सही से शब्द बोलेंगे तो वो हम ना वीडियो हटा दिया जाएगा वो हम जाते नहीं है इतनी मेहनत करी है तो और बुरा इतना बना दिया कि बंदा कि उससे छिड़ मच गई इसको आप कॉमन अगर यह डिसऑर्डर देखोगे तो बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर कहलाता ही ये कि एकदम ही एक्सट्रीम पर्सनालिटी एकदम ही अच्छा है या फिर एकदम ही बुरा है यह भी बहुत खतरनाक चीज है यह भी बहुत गलत चीज है इसमें भी इंसान के रिलेशनशिप्स नहीं
बन पाते इसमें भी आगे इंसान अपनी लाइफ में नहीं बढ़ पाता अब यहां पे हायर लेवल डिफेंस मैकेनिज्म के बारे में बात करते हैं जो इतने बेसर नहीं है जो इड ड्रिवन नहीं है बट मोर ऑफ ईगो एंड सुपर ईगो ड्रिवन है ये कॉम्प्लेक्शन चीजें हैं और इंसान इसका इस्तेमाल हम लोग भी इसका इस्तेमाल सही तरीके से सेन तरीके से अपने होशो आवास में रहते हुए करते हैं सबसे पहली चीज है एंटीसिपेशन एंटीसिपेशन में क्या होता है कि भाई आदमी पहले से किसी फ्यूचर स्ट्रेसफुल सिचुएशन की प्रिपरेशन के लिए अपने को उस स्ट्रेसफुल सिचुएशन में
प्रेजेंट में डालता है लेट्स से तुम्हारा यूपीएससी का एग्जाम होने वाला है या 12थ का एग्जाम होने वाला है या मेडिकल इंजीनियरिंग का एग्जाम होने वाला है जो भी है जॉब इंटरव्यू होने वाला है लेट्स से इंसान अपने को पहले ही उस सिचुएशन में डालेगा होता है ना मॉक पेपर सॉल्व करते हैं बैठ के अपने को स्ट्रेसफुल सिचुएशन में डालते हैं 3 घंटे तक बैठे रहेंगे टॉयलेट आएगा टॉयलेट भी नहीं जाएंगे कंट्रोल करेंगे अपनी बायोलॉजिकल क्लॉक सेट कर लेते हैं कोटा जैसे इंस्टीट्यूट्स में तो बच्चों का बायोलॉजिकल क्लॉक सोना खाना पीना उसी हिसाब से सेट
होता है कि सुबह 10 बजे से लेके जो 1:00 बजे तक का पेपर होगा वह उस हिसाब से हो कि बच्चा किसी भी तरीके से वहां पे डाइवर्ट ना हो तो यह हो गया एंटीसिपेशन कि आप उस सिचुएशन को तुम उस सिचुएशन को पहले से एंटीसिपेट करके उसके लिए प्रिपेयर कर रहे हो इसका इंपैक्ट क्या पड़ता है फ्यूचर स्ट्रेस को इंसान बेहतर तरीके से संभाल पाता है इसके बाद नंबर टू आता है कंपनसेशन वैसे तो नंबर 12 चल रहा है यह 21 टोटल टोटल डिफेंस मैकेनिज्म है उसमें से आपके बाकी के जो मैं बता रहा
हूं 10 11 वो है हाय लेवल डि डिफेंस मैकेनिज्म तो आप समझ ले ये आपका 12वां आ गया कंपनसेशन हो गया राइट कंपनसेशन मतलब अगर आप एक एस्पेक्ट ऑफ लाइफ में वीक हैं तो आप दूसरे एस्पेक्ट ऑफ लाइफ को बेटर करने की कोशिश करते हैं जिससे कि दूसरी वाली चीज छुप जाए लेट्स से विराट कोहली विराट कोहली वाज नॉट गुड इन स्टडीज खुद उस उन्होंने कहा है भाई साहब मुह जबानी तीन नंबर आए थे 100 में मैथमेटिक्स में शायद अगर मेरे को सही याद है तो एकेडमिक्स में बुरे अगर वो एकेडमिक्स में ही बंदा लगा
रहता तो आज की डेट में विराट कोहली नाम तो होता लेकिन वो कहीं पे छोटी-मोटी यू नो कॉप उसमें प्राइवेट कंपनी में 30400 हजार की नौकरी कर रहा होता राइट धीरे-धीरे प्रमोशन करके रिटायरमेंट वाली स्टेज पे जाता बट ही सेड कि भाई नहीं मैं स्पोर्ट्स में एक्सेल करूंगा क्योंकि मैं पढ़ाई में वीक हूं ओबवियसली स्पोर्ट्स में इंटरेस्ट था बट ये भी सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस थॉट था कि मेरे को स्पोर्ट्स में बेटर करना है तो स्पोर्ट्स में बेटर करेगा और अपनी जिंदगी बेटर बनाएगा जिससे सेल्फ एस्टीम हाई हो और जहां जहां वो लैक कर रहा है जहां
जहां फीलिंग्लेस है विच इज पढ़ाई वो सब कवर हो जाए एक और आता है डिस्प्लेसमेंट अब डिस्प्लेसमेंट में अच्छे तरीके का डिस्प्लेसमेंट भी आता है और बुरे तरीके का डिस्प्लेसमेंट भी आता है जिसमें बेसिकली आप अपने इमोशंस ज्यादातर नेगेटिव इमोशंस रीडायरेक्ट करते हैं टू अ सेफर प्लेस व्हिच यू थिंक इज सेफर लेट्स से बॉस आपको गलि आता है ठीक है बॉस फ्रस्ट्रेट कर रहा है बॉस को कुछ कह नहीं सकते नौकरी से निकाल देगा पैसा नहीं आएगा लेकिन घर जाते हैं है और फ्रस्ट्रेशन घर पे निकलती है ज्यादातर हाउसहोल्ड्स में यह होता है फादर फिगर
होता है मदर फिगर होती हैं फ्रस्ट्रेट हो ग घर के ऊपर फ्रस्ट्रेशन निकालते हैं ऑफिस में तो बॉस के सामने निकाल नहीं सकते हैं तो घर पे निकालते हैं अब वो गलत हो जाता है क्योंकि अगर बच्चे में न्यूरॉन मिररिंग हो गई न्यूरॉन मिररिंग मतलब अपने एक थ्योरी आई थी थ्योरी है और आर्टिकल भी निकला था कि भाई जैसे पेरेंट्स होते हैं बच्चा वैसे ही एक्ट करने लग जाएगा अगर आप गुस्सा करेंगे तो बच्चा भी गुस्सेल टाइप ही निकलेगा राइट आप मारपीट करेंगे तो बच्चा भी अपने बच्चों के साथ मारपीट करेगा तो आपको लगता है
कि मेरे बच्चे जब मैं लेट्स से यू आर जॉब पे जाते हो नौकरी करते हो बॉस डाट है फ्रस्ट्रेटेड हो घर आते हो अपनी बीवी बच्चों पे अपना गुस्सा निकालते हो क्योंकि तुम्हारे लिए वो सेफ टारगेट है तुम उसको सेफली वो क्योंकि वो कुछ कर नहीं सकते तुम्हारा कुछ उखाड़ नहीं सकते तुम घर चला रहे हो तो तुम बोलते हो बाड़ में जाए और तुम उनके ऊपर अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालनी शुरू कर देते हो व्हिच इज रंग अब दूसरी तरफ बॉस तुम्हारे ऊपर गुस्सा कर रहा है तुम्हारे को फ्रस्ट्रेट कर रहा है तुमने मिक्स मार्शल आर्ट्स
की कोचिंग जॉइन करी और जाके भैया बॉक्सिंग सीखी कॉर्नर मकरेकर या खबीब बनेंगे हम वैसे दोनों एक दूसरे से बहुत चिड़ते हैं बट अब हम जाएंगे यूएफसी करेंगे अभी तो एलेक्स परेरा चल रहा है बहुत सॉलिड सॉलिड एकदम यूएफसी मजेदार चल रहा है आजकल और अभी तो जेक पॉल वर्सेस माइक टाइसन होने वाला है आप किसको सपोर्ट करते हैं मैं तो माइक आयरन माइक टाइसन फॉर लाइफ ऑलवेज लव हिज स्टाइल तो हम इधर-उधर चले जाते हैं बट मुद्दे की बात यह है कि आप बॉक्सिंग की तरफ जाते हैं मिक्स मार्शल आर्ट की तरफ जाते हैं
पंचिंग बैग को अपना सेफर प्लेस मान के उसके ऊपर फ्रस्ट्रेशन निकालते हो दूसरे दिन अच्छा लगता है और बहुत थेरेपी वाले भी बहुत साइको एनालिस्ट भी यह चीज बोलते हैं कि भाई कोई कोचिंग जॉइन करो क्रिकेट जॉइन करो स्विमिंग जॉइन करो स्पोर्ट्स के थ्रू अपनी फ्रस्ट्रेशन को चैनल करो फ्रस्ट्रेशन चैनलिंग इज वेरी इंपोर्टेंट एक और आता है व्हिच इज ह्यूमर कि भाई ऐसी अजीब सी सिचुएशन में ग्रीफ भरी सिचुएशन है या दुखद भरी सिचुएशन है वहां पे आपने जरा थोड़ा सा चुटकला छोड़ दिया और सब हंस रहे हैं सब मजे ले रहे हैं और इससे
आप खुद भी कोप कर पाते हो सिचुएशन से और दूसरों की भी मदद कर पाते हो कोप करने में लेट्स से किसी का किसी का इंतकाल हुआ देहांत हुआ घर में और यू नो उस ग्रीव को करने के लिए हल्का सा आपने बहुत सटल सा जोक पास कर दिया कि थोड़ी सी लोग हंस दिए ये नहीं है है है करके हंस रहे हैं भैया मौत हुई है किसी की यहां लाश पड़ी है और आप हंस रहे हैं कुत्तों के तरह वो नहीं होना चाहिए बट हां एक सटल सी हसी कि भाई लाइट हार्टेड माहौल हो
गया कि हां भाई अभी भी हम हम अपने अंदर जीवित हैं सामने वाला जीवित भले ही ना हो बट हम अपने अंदर जीवित हैं और वो खुश होनी हल्की फुल्की जरूरी है द शो मस्ट गो ऑन फिर एक और आता है इंटेलेक्चुलाइजेशन लेट्स से एक इंसान इमोशन से डिटैच होने के लिए लॉजिक और रेशनल थिंकिंग का इस्तेमाल करता है किसी को कोई बीमारी हो गई कैंसर हो गया अब वो परेशान है उसको कैंसर हो गया है पता है मौत आने वाली है अब तो उसको बारे में व इतनी रिसर्च करेगा इतनी लॉजिकल रिसर्च कर लेगा
कि वह लॉजिक में ही पड़ जाएगा और अब वह अपने को डिटैच कर लेगा कैंसर की मौत की गम से या कैंसर के मौत के डर से और उसने अपने को पूरी तरीके से डिटैच कर लिया जिससे उसका स्ट्रेस रिड्यूस हो गया और चूंकि उसका स्ट्रेस रिड्यूस हुआ तो उसके आसपास के लोगों का भी स्ट्रेस रिड्यूस हुआ लेट्स से कैंसर पेशेंट है उसको पता है उसके पास 6 महीने का वक्त है या 4 महीने का वक्त है वो मुंह लुट के बैठा है रोए जा रहा है परेशान है डिप्रेशन में हो तो उसके आसपास के
जितने लोग हैं वो भी वैसे ही रहेंगे लेकिन अगर वही कैंसर पेशेंट खुश है अरे हो गया ठीक है भाई ये छ महीने ऐसे जिएंगे कि जैसे कभी नहीं जिए ये छ महीने ऐसे जिएंगे कि 60 साल वाले लोग भी नहीं बुड्ढे जीते होंगे मैं जी के दिखाऊं तो आसपास के लोग भी खुश होंगे ट्रिप्स पर जा रहे हैं खूब खा रहे हैं कि मरना ही है इससे तो खा लो छ महीने अपने ऐसे सही में जिए जो लोग अपनी 60 साल की जिंदगी में नहीं जी पाते हैं तो भैया कैंसर होना अच्छी बात नहीं
है बट कैंसर वाले लोग बहुत केसेस में अच्छा जी जाते हैं रदर जो पूरी जिंदगी एक ही चीज एक ही लूप में घूमते रहते हैं घूमते रहते हैं वही चीज रिपीट रिपीट में करते रहते हैं और एक दिन अचानक डेट बेथ पे खत्म कुछ किया ही नहीं फिर आइसोलेशन ऑफ इफेक्ट किसी भी टोमेट इवेंट को इस तरीके से समझाना जैसे उस टोमेट इवेंट का आपके ऊपर कोई असर और फर्क ही नहीं पड़ा अगर आप किसी टोमेट इवेंट को घबराहट में रोते हुए समझाओ ग तो वो माइंड आपको माइंड तुम्हारा उस तरीके से उस टोमेट इवेंट
को ले लेगा कि यह बहुत खतरनाक ट्रॉमा था और जब भी यह फीलिंग आए ये ट्रिगर हो रोना शुरू कर दो डिप्रेशन में आ जाओ डिप्रेशन में बहुत वीकली फेंकता हूं मतलब एक ग्लूमी इफेक्ट में आ जाओ सैड में आ जाओ और कमरे के किनारे जाकर बैठ जाओ लेकिन यही अगर तुम उसको ब्लंटली बताओगे प्लेन प्लेन तरीके से बताओगे हां भैया हुआ ऐसा हुआ वैसा हुआ ऐसे होगा वो गाड़ी टकरा गई सर्वर भट गया हुआ वो रोड पे थोड़ा बर्फ पड़ी हुई थी बर्फ पे गाड़ी फिजल गई तो माइंड को भी लगेगा हां भाई इसके
लिए सब कुछ नॉर्मल है चलो अब उस ट्रॉमा को नॉर्मलाइज कर देते हैं उस ट्रॉमा से खुद बेखुद बाहर निकल आते हैं वो तो कोई ऐसी दुखत वाली बात नहीं है तो आप उस सिचुएशन को उस ट्रामा को प्रोसेस कर पाएंगे जिसको बोलते हैं रियल प्रोसेसिंग ऑफ ट्रामा जिस दिन इंसान अपना सबसे खतरनाक लाइफ का ट्रामा ऐसी ही बता पाए मतलब आप उस ट्रॉमा को कहीं ना कहीं प्रोसेस कर चुके हैं इसका मतलब यह नहीं कि ओवरकम कर गए वो खुश है इसका मतलब वो इंसान उसको प्रोसेस कर चुका है उसको एक्सेप्ट कर चुका है
कि दैट ट्रामा इज नाउ पार्ट ऑफ हिज और हर लाइफ उसका कुछ नहीं हो सकता अब आगे बढ़ना ही एक मात्र सॉल्यूशन है एक और चीज है जो कि नेगेटिव में भी जा सकती है पॉजिटिव में भी जा सकती है व्हिच इज रशन आइजे एक इंसान जो गिल्ट और शेम को अवॉइड करने के लिए कोई भी लॉजिकल रीजन देखा कोई चोर है जिसने चोरी करी अमीर के घर में चोरी करी है उसने लेकिन बोलेगा वह इतना अमीर है वह तो यह सोने का सिक्का फिर कमा लेगा कल दो दिन के अंदर-अंदर मैं तो गरीब हूं
मेरी तो य जिंदगी बदल देगा मेरे बच्चों को खाने पीने को रोटी मिल जाएगी मेरे बच्चे स्कूल जा पाएंगे वह अपने गिल्ट को रैशनल रिस्पांसिबिलिटी रैशनल रीजनिंग से सेव कर रहा है इसका पॉजिटिव इंपैक्ट हो सकता है कोई इंसान है लेट्स से उसको नौकरी नहीं मिली ठीक है तो यह बोल सकता है कि हां भाई रैशनल सोचते हैं नौकरी इसलिए नहीं मिली कोई लक की बात नहीं है मैं प्रिपेयर्ड नहीं था मेरे में अभी भी कमी है मेरा पोर्टफोलियो अभी भी वीक है मेरी सीवी रिज्यूमे अभी भी वीक है मुझे और स्ट्रांग करना पड़ेगा बहुत
स्ट्रांग और चीजें सीखनी पड़ेंगी फिर आएंगे तो इसका दोनों तरफ से आता है और ज्यादातर इसमें इंसान यह चीज करता है जो नेगेटिव तरीका हुआ अपनी सेल्फ एस्टीम को प्रोटेक्ट करने के लिए और रिस्पांसिबिलिटी से दूर जाने के लिए कि नहीं भाई मैं अपने बच्चों के लिए मेहनत करके मेहनत की रोटी कमा के उनको नहीं खिलाऊंगा मैं चोरी की रोटी उनको खिलाऊंगा तो यह भी एक बहुत खतरनाक चीज है एक और आता है रिएक्शन फॉर्मेशन कि जो उस सिचुएशन में फीलिंग आनी चाहिए उसका पूरा उलट फीलिंग देने की कोशिश करी जाए लेट्स से तुम्हारी कोई
क्रश है वह सामने से आ रही है या तुमसे बात करती है तुम्हें उसके सामने काइंडली बात करनी चाहिए तो नहीं तुम उससे रूडली बात करोगे तुम उसको टीज करोगे तुम उसके साथ बदतमीजी करोगे तुम उसको पब्लिकली चार लोगों के सामने उसकी खिल्ली यां उड़ाओ ग और इससे हो सकता है माइंड को यह लगे कि इट विल बी मोर इजियर टू अट्रैक्ट हर या फिर तुम उस पर्टिकुलर सिचुएशन को दूर भेजने के लिए यह चीज कर रहे हो और इसका डायरेक्ट डायरेक्ट इंपैक्ट पड़ता है इंसान के रिलेशनशिप्स में कंफ्यूजन क्रिएट होता है कॉन्फ्लेट क्रिएट होते
हैं और उसका रिलेशनशिप ओबवियसली खराब हो जाता है फिर आता है सेक्सुअल इजेशन बेफिजूल की चीजों में बेतुकी चीजों में एक सेक्सुअल इजेशन की भावना एक सेक्सुअल अट्रैक्शन का एंगल डाल देना और इस वजह से बहुत सारे डिसऑर्डर्स क्रिएट होते हैं होते हैं ना आजकल सुनने में आ रहा है कैट से सेक्सुअल अट्रैक्शन कु से सेक्सुअल अट्रैक्शन गाड़ी से तक लोगों को सेक्सुअल अट्रैक्शन होता है उसको उस चीज को एक डिसऑर्डर को एक नाम तक दिया हुआ है लोग मेरे को मैंने ऐसे तोक मतलब एक शो आता था उसके ऊपर वो यही सब फिटिश दिखाते
थे और फैंटेसी दिखाते थे कि भाई किसी ऑब्जेक्ट से सेक्सुअल अट्रैक्शन मतलब दीवार का टुकड़ा है उस दीवार के टुकड़े से सेक्सुअल अट्रैक्शन पता नहीं क्या है भाई कैसे लेकिन है लोगों को है फिर आया सब्लीमेशन जो कि मैं स्पोर्ट्स की बात कर रहा था हम वैसे नंबर 2th पे पहुंच चुके हैं जो भी हमारे डिफेंस मैकेनिज्म थे और सब्लीमेशन के अंदर अन एक्सेप्टेबल जो इमोशंस होते हैं जैसे गुस्सा क्रोध इज नॉट एक्सेप्टेबल हर बार गुस्सा नहीं करना चाहिए उस गुस्से को आपने चैनल कर दिया किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में फॉर एग्जांपल विराट कोहली अगेन गुस्सेल
आदमी है है ना सब कहते हैं गुस्सेल आदमी है बट ही इज द बेस्ट एट डूइंग व्हाट ही इज डूइंग ही इज द बेस्ट इन द वर्ल्ड व्हाई बिकॉज उन्होंने उस गुस्से को चैलेंज चैनल किया सही जगह व्हिच इज पोर्ट्स और इस तरीके से आप उस एंगर को अपनी मोटिवेशन बना सकते हैं जो कि उस सिचुएशन में स्पोर्ट्स के सिचुएशन में वह गुस्सा विराट कोहली का जायज है और वह गुस्सा बहुत ज्यादा हेल्दी माना जाता है फिर आया फाइनली सप्रे रिप्रेशन का एकदम उल्टा है इंसान जानबूझ के मेमोरीज अवॉइड करने की कोशिश करता है जिससे
कि वह अपने प्रेजेंट के ऊपर फोकस कर स कर सके लेट्स से यू आर गिवन गिविंग एन एग्जाम और बहुत नेगेटिव मेमोरी बहुत पुरानी मेमोरी उत्पन्न होक अचानक से आ गई तो तुम उसको दूर भेजने के लिए दूर भेजने की कोशिश करते हो और यू नो एग्जाम पे फोकस करते हो रिप्रेशन वाज कि वो अनकॉन्शियस में स्टोर्ड है तुम्हें नहीं पता वो अनकॉन्शियस में जा बैठ गई है जाके और तुम्हारे बिहेवियर्स को इन्फ्लुएंस कर रही है लेकिन यहां पे चीज अलग है यहां वो कॉन्शियसली तुम उसको डाइवर्ट कर रहे हो पता होते हुए भी तो
यह थे हमारे सारे डिफेंस मैकेनिज्म बहुत सारे थे भैया बट कोई बात नहीं आगे फ्रॉड का काम आया ड्रीम एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स हमारे ख्वाब हमारे सपने सपने वाले नहीं कि हम आगे यह करेंगे वो करेंगे सोने वाले सपने जो सोते हुए आते हैं और उनके ऊपर इन्होंने अपना काम देना शुरू किया काफी इंटरेस्टिंग काम और ड्रीम्स के ऊपर बात करना है विद अ साइंटिफिक व्यू पॉइंट पहली बार साइंटिफिक कम्युनिटी ने देखा था इन अ वेरी सिस्टमिक वे तो फ्रॉड ने सबसे पहले कहा कि जो ड्रीम को समझना चाहता है पहले उसको यह समझना
पड़ेगा कि ड्रीम के सोर्सेस ऑफ मटेरियल क्या है भैया खाना बनाएंगे तो खाना कैसे बन के उत्पन्न हो रहा है उससे पहले हमें यह समझना पड़ेगा हमारे इंग्रेडिएंट्स क्याक है तो उन्होंने इंग्रेडिएंट्स में बात बताई कि ना सिर्फ ड्रीम इंटरनल होता है बट एक्सटर्नल सेंसरी स्टमल की वजह से भी ड्रीम्स आते हैं ऐसे इवेंट्स जो बाहर से हम पर्सीव कर रहे हैं या ऐसी चीजें जो बॉडी में हो रही हैं या मेमरी में कोई ऐसी चीजें जो पास्ट में हुई है वह अचानक से आ जाएंगी और फ्रॉड के लिए ड्रीम एक ऐसी चीज थी जो
अनकॉन्शियस डिजायर्स को बहुत आराम से समझा सकती थी ऐसे डिजायर जो दब चुके हैं ऐसे डिजायर्स जो बाहर आना चाह रहे हैं और उन डिजायर्स के लिए एक आवाज बनके ड्रीम्स आती हैं होता है ना हम लोग के साथ कुछ पास में ट्रॉमा हुआ वह ट्रामा दो दिन पहले देखी हुई हैरी पॉटर मूवी के साथ मिलके कुछ और ही बन जा रही है आप हैरी पॉटर हैं बट डेडपूल के लिबास में लवन क्या सोचेगा लेकिन यह होती है आपकी ड्रीम्स क्योंकि सब कुछ इंटरमिक्स होके आ रहा है और अभी तो एक और रिसर्च पेपर आया
था रिसेंटली काफी इंटरेस्टिंग जिसमें अब ह्यूमैनिटी ने ड्रीम दो ड्रीमिंग लोगों के बीच में कांटेक्ट करवाने की कोशिश करी आसपास वो लेटे हुए थे एक मैसेज डिस्प्ले हुआ एक बंदा जो ड्रीम कर रहा था वो मैसेज वो ड्रीम करते हुए बंदे ने दूसरे बंदे को ट्रांसफर किया तो अब टेक्नोलॉजी इतनी आगे बढ़ रही है ह्यूमन डेवलपमेंट इतना आगे बढ़ रहा है कि अब यह कहा जा रहा है कि पीपल कैन कम्युनिकेट विल बी एबल टू कम्युनिकेट थ्रू देयर ड्रीम्स समझ रहे हो अब हर हर साल नया i लेने की लोगों को जरूरत नहीं है आप
दिमाग से ही करो जो करना है आर्टिकल है रिसर्च पेपर है ड्रीमिंग एंड उसका नाम था शायद एडवांसमेंट्स इन ड्रीमिंग एंड कम्युनिकेशन टू ड्रीमिंग थ्रू ड्रीमिंग अचीव्ड वो जाके यू कैन सी फ्रॉड ने कहा कि जो ड्रीम्स आ रही हैं ये एक मैसेज लेके आ रही है भले ही हम यह कह सकते हैं जो हमारी मेमोरी है कोई भी ट्रामेट्स आते हैं जिसमें टूट टूट के वो पार्ट्स अपने को सपने में दिखते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि उनके पीछे कोई मैसेज नहीं है उनके पीछे बहुत गहरा मैसेज है और उस मैसेज को समझना
बहुत ज्यादा जरूरी है वो मैसेज इंसान के ट्रॉमा डिपिक्ट कर सकता है तभी बहुत सारे साइकोलॉजिस्ट और साइको एनालिस्ट क्या करते हैं बोलते हैं नोटबुक के अंदर ऑन अ डेली बेसिस एक वीक 10 दिन रिकॉर्ड करो क्या-क्या ड्रीम्स तुम्हें आ रही है रिकॉर्ड करो फिर उसके बीच में पैटर्न ढूंढने की कोशिश होती है पैटर्न रिकॉग्निशन होता है तो पता लगता है ये प्रिडिक्ट किया जा सकता है कि आपके पास ऐसा ट्रामा कभी हुआ है तो उसको याद आएगा अरे हां ऐसा ट्रॉमा तो एक बार हुआ है क्योंकि वो अनकॉन्शियस में चला गया था या सबकॉन्शियस
में एजिस्ट कर रहा था अचानक से सामने वाले को वो चीज रियलाइफ करते है हिट करती है या कोई और बताता है हां जो तुम्हारे साथ है लेट्स से तुम बच्चे तुम बच्चे थे और तुम्हारे फादर थे तुम्हारे फादर भी तुम्हारे साथ थेरेपी में गए तुम्हारे फादर से पूछा गया थेरेपी में कि भाई इसके साथ ऐसा कभी हुआ है वो बोलेंगे हां हुआ है हमने इसको कभी इसके बारे में जाहिर नहीं होने दो तो वो भाई घबरा जाएगा यार ये हुआ है तो ड्रीम्स के थ्रू आप अपनी अनकॉन्शियस फ्रेगमेंट्स को जोड़ के समझा और एक्सप्लेन
कर सकते हैं असल में हुआ क्या था फ्रॉड की जो ड्रीम इंटरप्रिटेशन अप्रोच थी उसमें इन्होंने डिफरेंस दिया लेटेंट वर्सेस मेनिफेस्ट कंटेंट के बीच में और बेसिकली लेटेंट से मतलब छुपा हुआ और मेनिफेस्ट मतलब जो ड्रीम हम याद कर पा रहे हैं या द ड्रीम एज रिमेंबर्ड अब फ्रॉड का यह मानना था कि जो लेटेंट पार्ट था वह असल मीनिंग देने की कोशिश कर रहा है लेकिन लेकिन वह जो लेटेंट पार्ट था जो रियल मैसेज कन्वे करने की कोशिश कर रहा है लेटेंट मतलब छुपा हुआ ठीक है केमिस्ट्री में लोगों ने अगर पढ़ा होगा लेटेंट
हीट ऑफ फ्यूजन मतलब ऐसी चीज जो छुपी हुई है स्टीम क्यों ज्यादा गर्म होती है नंगी आथ से स्टीम इसलिए गर्म होती है क्योंकि उसमें लेटेंट हीट होती है वो ज्यादा टेंपरेचर वाली चीज होती है समझ लो इसलिए स्टीम से ज्यादा जल्दी हार्ट जलता है साइंस हो गया बहुत ज्यादा आप जाके देख सकते हो वैसे ही रियल मीनिंग लेटेंट से निकल के आता है रियल मीनिंग लेटेंट मेमोरी से निकल के आता है अब सिंपल सी चीज है यह इतनी आसानी से सामने नहीं निकल के आ पाता क्योंकि डिफेंस मैकेनिज्म की वजह से यह छुप चुका
है और क्या डिफेंस मैकेनिज्म है कंडेंसेशन डिस्प्लेसमेंट एंड सिंबॉलिज्म यह डिफेंस मैकेनिज्म है जिसकी वजह से वह छुप चुका है किसी चीज का सिंबॉलिक मीनिंग छुपा हो सकता है उसके अंदर जो कि टूटे टूटे टुकड़ों में एक ड्रीम के फॉर्म में आ रहा है और वह कोई मीनिंग दर्शाने की कोशिश कर रहा है यहां पे कुछ इंपॉर्टेंट टर्म्स हैं ठीक है जिसको फ्रॉड ने समझाने की कोशिश करी जिसको ट्रांसफॉर्मेशन मैकेनिज्म कहा और अकॉर्डिंग टू फ्रॉड इन्होंने टर्म कुछ टर्मिनोलॉजी दी ये शब्द बोलने में हमारी जुबान लड़खड़ा जाती है कुछ टर्म्स दिए जिसको इन्होंने कहा सबसे
पहला कंडेंसेशन जिसमें बहुत सारे आइडियाज बहुत सारे थॉट्स एक इमेज में आते हैं ड्रीम की बात कर रहा हूं मैं ड्रीम में एक इमेज में आते हैं यह हो गया कंडेंसेशन फिर आ गया डिस्प्लेसमेंट मतलब इमोशनल इंपॉर्टेंस जो होती है शिफ्ट करती जाती है जो हमने डिफेंस मैकेनिज्म में डिस्प्लेसमेंट पढ़ा था ना वैसे ही यहां पे हो गया इमोशनल जो भी इंपॉर्टेंस है कोई चीज में क्रोध होना चाहिए तो वहां प्यार आ जाएगा जहां प्यार आना चाहिए वहां क्रोध आ जाएगा सिंबॉलिज्म फॉर एग्जांपल आपको सपने में दिख रहा है पानी पानी एक इमोशन को रिप्रेजेंट
कर सकता है काम इमोशन आपको दिख रहा है आग आग हो सकता है आपको एक क्रोधित या एंगर वाले इमोशन के बारे में दिखाए आपको दिख रहा है जहर कि सांप ने काट लिया जहर है मतलब आपको गिल्ट दिखा सकता है वह कि आपकी जिंदगी में गिल्ट है और वह आपकी जिंदगी घोल रहा है धीरे-धीरे और एक और टर्म दिया सेकेंडरी रिवीजन मतलब टूटे टूटे टुकड़ों को एक नैरेटिव में डालने की कोशिश करता है सेकेंडरी रिवीजन मतलब बहुत सारी इमेजेस हैं बहुत सारे पार्ट्स हैं बहुत सारे थॉट्स हैं एक्सटर्नल स्टिम है बहुत सारी चीजें हैं
जो दिमाग में एक साथ चल रही हैं उसको एक साथ जोड़ के आपके सामने पेश करने का काम होता है इस चीज का ड्रीम का क्या मीनिंग है ड्रीम को समझने के लिए फ्रॉड ने सिंपली कहा कि भाई फ्री एसोसिएशन का इस्तेमाल करो ना सिर्फ किसी साइकोलॉजिस्ट साइको एनालिस्ट के साथ बैठो बट किसी भी इंसान के साथ बैठ के अपने ड्रीम्स और उनके सिंबल्स को अपने पर्सनल एक्सपीरियंस को खुल के शेयर करो हो सकता है आपकी मदद हो जाए तो फ्रॉड का सिर्फ ये नहीं था कि डॉक्टर के पास चले जाओ भैया उठके अपने ड्रीम्स
के थ्रू भी अपनी मदद करने की कोशिश करो बहुत ड्रीम्स री अ करंग ड्रीम्स होते हैं बार-बार आते हैं नाइटमेयर्स आते हैं और हो सकता है अनकॉन्शियस में कोई चीज हो इंसान के जो पड़ी हुई है बहुत जमाने से जो इंसान ट्रामा है वहां जाक दब चुका है अब उस ट्रामा वो ट्रॉमा ड्रीम्स के थ्रू उभर उभर के आ रहा है टूट टूट के आ रहा है तो फ्रॉड ने ली कहा भाई उनको समझो उनको परख और उनको इंप्लीमेंट करो अपनी लाइफ में अब यहां पे ना फ्रॉड की इस थ्योरी को जो कि इसमें जितना
था मैंने उसको कंडेंस कर दिया ड्रीम इंटरप्रिटेशन को अ बहुत लोगों ने उसके ऊपर काम किया बहुत मॉडर्न उसके अंदर अ डेवलपमेंट्स आए हैं और उसमें से एक आर्टिकल है जो कि चाइना के दो एसोसिएट प्रोफेसर्स ने बनाया मैं इस आर्टिकल के थ्रू गुजर रहा था तो मुझे इंटरेस्टिंग लगा तो आप उसको देख सकते हैं इसका नाम है सेल्फ ऑर्गेनाइजेशन थ्योरी ऑफ ड्रीमिंग जिसमें इन्होंने मैकेनिक्स ऑफ ड्रीम फॉर्मेशन के बारे में बताया कि जब इंसान सो रहा होता है तो जो उसका ब्रेन होता है वो जितने भी न्यूरल सिग्नल्स होता है चाहे वो टूटे हुए
हो फूटे हुए हो उन सबको जोड़ के एक नैरेटिव बिल्ड करने की कोशिश करता है हो सकता है वोह आपके ड्रीम जरूरी नहीं समझा रहे हो या वोह आपके अनकॉन्शियस को जरूरी नहीं समझा रहे हो बट वो कुछ ना कुछ करके जोड़ेगा क्योंकि माइंड नीड्स टू स्टे ब्रेन नीड्स टू स्टे एक्टिव अब आप सो रहे हो आप लॉजिकल रीजनिंग कर नहीं कर रहे हो आप कोई रैशनल थिंकिंग नहीं कर रहे हो तो आपके दिमाग को चलना जरूरी है वो चलता रहेगा तो वो ब्रेन एक्टिविटी करके कहीं ना कहीं से न्यूरल लिंक्स जोड़ के आपका एक
नैरेटिव बनाता है जिस नैरेटिव को आप ड्रीम कहते हैं फिर उन्होंने कहा ड्रीम्स एज को प्रोडक्ट्स नॉट गोल्स जरूरी नहीं है ड्रीम का कोई स्पेसिफिक पर्पस हो जो कि फ्रॉड कह रहे थे जरूरी नहीं है कोई हिडन मीनिंग हिडन मैसेज वो समझाने की कोशिश कर रहे हो बस ड्रीम का यह काम है कि वो ब्रेन की एक्टिविटी ब्रेन में जो मेमोरीज हैं माइंड में जो मेमोरीज है क्योंकि अब और न्यूरोलॉजी में अगर आप जाएं न्यूरोसाइंस में जाएं और थमलजिला हैं एंड्रू रमन उनको आप देखोगे जाके उनका इसके अंदर बहुत वास डिस्कशन है उनका यही काम
है इससे रिलेटेड काम है एगजैक्टली यह नहीं है बट वह जो ड्रीम्स है जरूरी नहीं हमारे पास्ट को दर्शाए या हमारी जिंदगी में ट्रामा दर्शाए बट जो हमारे साथ फिजिकली करंट स्टेट में हो रहा है हो सकता है उस चीज को भी दर्ज होता है ना कभी कभार सुबह में हल्की सी नींद इंसान की जाती और फिर वो सोता है तो घर में जो आसपास के लोग होते हैं ऐसा अपने आप ही पिक्चर बनने लग जाती हैं कि वो आसपास के लोग आपके साथ इंटरेक्ट कर रहे हैं जो कि असल में वो आसपास आपके आपसे
इंटरेक्ट कर नहीं रहे बस आपने उनकी आवाज सुनी और वो मूवी अपने आप कंटिन्यूएशन में चली गई होता है ना बहुत लोग कि उठ गए अच्छा सपना देख रहे थे उठ गए लेकिन आप अगर वही सपना सोचते हुए सो वापस ये नहीं उठ के पूरा ब्रश ब्रश करके वापस सोने की कोशिश करो बट नींद खुली थोड़ा इधर-उधर पलटे पता था कोई अच्छा सपना देख रहे हो वापस उस सपने को सोचते हुए सो तो आप उस सपने को कंटिन्यू कर सकते हो ओबवियसली उसका पाथ चेंज हो जाएगा आउटकम चेंज हो जाएगा बट उस सपने को कंटिन्यू
कर सकते हो फॉर एग्जांपल आपके साथ बहुत ट्रामेटिनीब और बहुत झगड़ा हुआ भैंस बाजी हुई और आपको सपने में अब उसी से रिलेटेड चीजें दिख रही है इसका मतलब यह नहीं कि वह कोई हिडन मीनिंग समझाने की कोशिश करर इसका मतलब यह है कि आपका आपके साथ रिसेंटली कुछ हुआ कॉन्शियस सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस में वो चीजें जा रही है स्टोर हो रही है उसके बीच में इंटरेक्शन चल रहा है उसके बीच में चीजें आसपास काम कर रही है और उस हिसाब से आपका ब्रेन आपको एक ड्रीम दिखा रहा है आगे बढ़ते हुए अब हम पहुंचते हैं
फ्री एसोसिएशन की तरफ और जो अभी हम बार-बार इस शब्द का प्रयोग कर रहे हैं फ्री एसोसिएशन अब उसके बारे में डेप्थ में जान लेते हैं तो फ्रॉय ने सबसे पहले देखा था योसेफ ब्रोर को यह चीज करते हुए और सबसे पहले वह फ्री एसोसिएट नहीं करते थे व हिप्नोसिस करते थे तो फ्रॉड ने भी हिप्नोसिस ट्राई किया और यह पाया कि हिप्नोसिस जो कि हम इस्तेमाल कर रहे हैं अनकॉन्शियस थॉट्स को एक्सेस करने के लिए वह उतना ज्यादा एफिशिएंट नहीं है अगर उसको ध्यान से बैठ के देखा जाए उसके अंदर कुछ इनकंसिस्टेंसीज है उसके
अंदर कुछ एरर्स हैं जिसकी वजह से वह खराब हो जाता है और खराब मतलब जो हमें डाटा कैप्चर होता है वह खराब होता है और वह काफी ज्यादा अनरिलायबल है इन्होंने कहा कि भाई सबसे इंपॉर्टेंट चीज यह है कि हमें अनकॉन्शियस की जगह कॉन्शियस एक्सप्लोरेशन की जरूरत है मतलब हिप्नोसिस में आप इंसान को सुला देते हैं या एक बेहोशी के स्टेट में डालते हैं या एक अनकॉन्शियस स्टेट में डालते हैं जिससे कि आप उसके अनकॉन्शियस हिडन मेमोरीज को एक्सप्लोइट कर सके मतलब एक्सप्ले मब गलत तरीके से नहीं उसको निकाल सके जैसे गोल्ड चुना जाता है
ना वैसे लेकिन इन्होंने कहा कि फ्री एसोसिएशन इज मोर बेनिफिशियल क्यों क्योंकि उस वक्त पेश पेट जगा हुआ होता है हम पेशेंट से बातचीत करते कर रहे होते हैं वार्तालाप कर रहे होते उस वार्तालाप के दौरान आप उस पेशेंट से उसकी हिडन मीनिंग हिडन बातें निकाल सकते हैं जिससे पेशेंट भी अनकंफर्ट बबल नहीं होता जो कि आज की डेट प सारे साइकोलॉजिस्ट करते हैं किसी भी साइकोलॉजिस्ट के पास जाओ तुम्हें यही रियलाइक्स वो नहीं मूवीज में दिखाते हैं घड़ी नहीं चमकाए है ना पेंडुलम के तरह वह आपको बोलेगा सेशंस में आओ फ्री थेरेपी आपकी करेगा
फ एसोसिएशन थेरेपी करेगा वन ऑन वन बातचीत करेगा यहां पर फ्रॉड ने फ्री एसोसिएशन में एक मेंटल रेजिस्टेंस नोटिस किया कि बहुत पेशेंट ना बात नहीं करना चाह रहे अपने ट्रॉमा के बारे में जिसका सीधा-सीधा यह मायने और मीनिंग था कि भाई वो ट्रामा कभी रिजॉल्व ही नहीं हुआ और वो ट्रामा के बारे में उस इंसान ने कभी किसी से बात ही नहीं करी क्योंकि अगर बात करी होती तो वो इंसान यहां नहीं बैठा होता उसका समाधान सॉल्यूशन पहले ही निकल गया होता तो देखा एक हिचकिचाहट है नहीं बात करना चाह रहा है और वो
इंसान अपने ट्रॉमा को ना बात करके अपने अनकॉन्शियस में पुश करने की कोशिश कर रहा है वह कभी उभर के ना आए और अगर यह चीज हो गई वह अनकॉन्शियस में चला गया तो भाई साहब बहुत ज्यादा दिक्कत हो जाएगी धीरे-धीरे ना फ्रॉड ने अपने फ्री एसोसिएशन मेथड को इंप्रूव किया 18929 5 के बीच में इसको इन्होंने बेहतर बनाने की कोशिश करी पहले क्या करते थे ना फ्रॉड बहुत सवाल पूछते थे डायरेक्शन देने की कोशिश करते थे कन्वर्सेशन को प्रेस करते थे सामने वाले को कि हां भाई जवाब दो या इस कन्वर्सेशन में इंडल्स करो
उससे क्या होता था ना फ्रॉड ने देखा कि इंसान धीरे-धीरे क्लोज हो रहा है या इंसान उस तरीके से बात करना चाह रहा है जिस तरीके से फ्रॉड उसको बात करवाना चाह रहे हैं तो उन्होंने बोला यार ये चीज हटाओ और 18954 कन्वर्सेशन खुल के बात करो बता भाई क्या है क्या दिक्कत है तेरे साथ भाई पेशेंट को भी मजा आ रहा है कि कोई मेरे साथ मेरी बात सुनने के लिए बैठा है क्योंकि ज्यादातर डिसऑर्डर्स में जो पेशेंट्स होते हैं उनकी य प्रॉब्लम होती है उनके घर वाले नहीं सुनते उनके आसपास के लोग उनकी
सुनना नहीं चाहते और लोग उन्हें बोलते हैं पागल हैं बट अगर एक इंसान तुम्हारी पगलेट बातें बैठ के सुन रहा है जो दुनिया को लग रही है पगलेट है बट वो साइकोलॉजिस्ट है वो आपके अंदर की भड़ास निकाल रहा है आपके अंदर की मेमोरीज निकाल रहा है वो आपका बेहतर कर रहा आपको भी अच्छा लग रहा है हां भाई फ्री फ्लोइंग कन्वर्सेशन चल रहा है अंदर की सारी बातें निकल रही हैं और क्या पता इसी से मेरा समाधान निकल जाए साइको एनालिसिस में फ्रॉड ने किस तरीके से एक्सप्लेन किया फ्री एसोसिएशन को सबसे पहले कहा
इन्होंने कि एक फंडामेंटल रूल है कि भाई जितने भी आपके थेरेपी सेशंस होंगे जो भी साइको एनालिस्ट करेगा फ्री एसोसिएशन उसका एक पार्ट होना जरूरी है दूसरी चीज पेशेंट को एक टास्क दे दिया गया कि अपने थॉट्स को पैसिवली बैठ के देखो उससे आपको ट्रिगर नहीं होना है चाहे वो कितने एंबेरेसमेंट थॉट्स हो और उनको एज अ सेकंड पर्सन देखना है उसको अपने से अटैच नहीं करना उसको ऐसे अटैच नहीं करना कि वह आपसे जुड़े हुए हैं ओबवियसली जुड़े हुए हैं बट उसको बताओ कि जब तक तुम बताओगे नहीं तब तक हम उसके बारे में
बात नहीं कर पाएंगे फ्रॉड ने कहा पूरी तरीके से ओपन रहना मेरे साथ पूरी तरीके से खुल के अपने थॉट्स एक्सप्रेस करना अगर कोई भी छोटी सी भी चीज हो जो तुम छुपाना चाह रहे हो हो सकता है वो तुम बताओ और तुम्हारी जितनी ये परेशानी चल रही है ना वो परेशानी ठीक हो जाए जितनी तुम्हारी पीड़ा चल रही है सफरिंग चल रही है लाइफ में हो सकता है वो अनकॉन्शियस में बैठी हो वो ठीक हो जाए तो मुझसे कुछ छुपाना मत फ्री एसोसिएशन मतलब फ्री लिटरली फ्री एसोसिएशन खुल के बताओ खुल के वार्ता लाभ
करो और इसके इन्फ्लुएंस बहुत लोगों के ऊपर है राइटर्स के ऊपर आए कि राइटर्स ने कहा फॉर एग्जांपल लुडविक बोन जैसे राइटर तो उन्होंने कहा कि भाई फ राइटिंग करो जो थॉट्स आए वो उतारो जिससे कोई सेंसरशिप नहीं होनी चाहिए फ्रॉड के अप्रोच को उन्होंने अपला अप्लाई किया जिससे कि ट्रू थॉट्स को इंसान रिवील कर पाए स्किलर जैसे लोग थे जिन्होंने क्रिएटिव थ्योरी थी ये सब जाके आप देख सकते हो कि जब आप अपनी रैशनल क्रिएटिविटी को निकालो या रैशनल कंट्रोल को आप छोड़ दो पूरी तरीके से तो आप ऐसी क्रिएटिविटी निकाल के दे सकते
हो ईजाद कर सकते हो जो दुनिया ने कभी नहीं देखी होगी और भी साइको एनालिस्ट आए जिन्होंने फ्रॉड की थ्योरी को सॉलिडिफाईज स्ट्रैची करके एक और साइको एनालिस्ट जिन्होंने बोला कि हां भाई फ्रॉड जो कह रहे हैं सही कह रहे हो दिस इज ग्राउंड ब्रेकिंग साइकोथेरेपी में दिस इज ग्राउंड ब्रेकिंग और बहुत डिसऑर्डर्स का क्योर निकाला स निकाला जा सकता है इस फ्री एसोसिएट थेरेपी के साथ तो फ्री एसोसिएशन के अगर हम जल्दी से समरी और कैरेक्टरिस्टिक लेकर चले तो जो कि बहुत इंपॉर्टेंट बन जाता है वो यह है कि सबसे पहली चीज इनकरेजमेंट ऑफ
एक्सप्रेशन कि जो भी है विदाउट सेंसरशिप अपनी चीज को एक्सप्रेस करो बहुत राइटर्स ने भी इसको अपने ऊपर अप्लाई किया बहुत जर्नलिस्ट ने भी इस फ्रॉड फ्रोइडीटीईआरटी ना जो डॉक्टर है या जो साइकोलॉजिस्ट है वह उस पेशेंट को जज करेगा एक एक्सेप्टिंग एनवायरमेंट होगा कि हां भाई जो बोल रहे हो एक अपने को बेहतर करने के लिए तो बोल रहे हो जो भी चीज़ हुई है अपने को बेहतर करने के लिए हो रही है फिर कॉन्फ्लेट ऑफ़ सेल्फ नॉलेज बहुत लोग खुद को बेहतर करना चाहते हैं बट सेल्फ एक्सपोजर नहीं करना चाहते क्योंकि वह डरते
हैं कि उनके वह एक्सपोज्ड पार्ट को एक्सपोज्ड माइंड के पार्ट को कोई भी प्यार नहीं देगा कोई भी एक्सेप्ट नहीं करेगा और उनको वह रिजेक्ट कर देगा इसलिए भी लोग खुल ये चीजें नहीं बता पाते हैं इसमें एक नॉन लीनियर प्रोसेस होना चाहिए जिसमें कोई फिक्स्ड एजेंडा नहीं रहेगा कि हम लोग आज इसी मुद्दे के ऊपर बात करेंगे यही होना चाहिए हम लोग थॉट्स को ऐसे ही कनेक्ट करेंगे यह हम प्लानिंग करेंगे पूरी स्ट्रेटेजिक प्लानिंग करने की आपको जरूरत नहीं है सबसे इंपॉर्टेंट चीज नो फिक्स एजेंडा फिर अनकॉन्शियस लॉजिक कि भाई जो इनसाइट्स हमारे अंदर
से निकल रहे हैं वो नेचुरल एव फ्लो जिसको बोल सकते हैं नेचुरली निकल रहे हैं नेचुरली फ्लो कर रहे हैं उसको आपको रोकना नहीं चाहिए इसको फ्रॉड ने डिस्क्राइब किया एज द लॉजिक ऑफ एसोसिएशन कि यह नहीं कि आप बैठ के उसमें उधेड़ बुंद में लगे हुए हैं क्या होगा कैसे होगा इस थॉट को इस मेमोरी से कैसे कनेक्ट करेंगे ये मेरी पर्सनल लाइफ से कैसे कनेक्टेड है उसमें ज्यादा लॉजिक ढूंढने की कोशिश मत करो बस उन चीजों को निकलने दो यह एक जर्नी ऑफ को डिस्कवरी बनता है यह ना सिर्फ उस पेशेंट के लिए
एक नई डिस्कवरी है कि यार ये ये चीजें मेरे में दबी हुई थी बट उस साइकोलॉजिस्ट के लिए भी साइको एनालिस्ट के लिए भी एक डिस्कवरी है कि अच्छा इस पेशेंट के साथ यह भी था हो सकता है और भी पेशेंट के साथ यह चल रही हो र् जेंस ऑफ थीम्स विद टाइम जब और और सेशंस होते जाएंगे उस साइको एनालिस्ट को थीम्स दिखेंगे रिपीटिंग पैटर्न दिखेंगे उस पर्टिकुलर पेशेंट के साथ अच्छा इसके साथ ये ये चीजें हैं ये ये पैटर्न रिपीट हो रहे हैं ये ये चीजें रिपीट हो रही है हो सकता है इसके
साथ यह बचपन से हो रहा हो हो सकता है इसकी कोर प्रॉब्लम हो ना सिर्फ यह इससे एक आप एक गोल ओरिएंट भी कर सकते हैं कि आप थॉट्स इमोशंस और सेल्फ आइडेंटिटी उस पर्टिकुलर पेशेंट की समझ सकते हैं और बेहतर तरीके से कि वो किस तरीके से सोचता है उसका बचपन किस तरीके से गया और वह किस तरीके से आगे अपनी जिंदगी को बेहतर कर सकता है फ्रॉड ने एक फंडामेंटल रूल दिया कि भाई मैं पहले ही बोल देता हूं जो भी चीज होगी खुल के बताओगे जो भी चीज होगी खुल के डिस्कस करोगे
कोई भी चीज को फिल्टर नहीं करना वोह कुछ ऐसा ही होना चाहिए जैसे एक ट्रेन प बैठे हो ट्रेन में सामने से पेड़ पहाड़ गाय भैंस बेल बैल निकलते हुए जा रही है और तुम उसको फिल्टर नहीं कर रहे कि मैं सिर्फ गाय ढूंढूं मैं सिर्फ पेड़ इसी तरीके का पेड़ ढूंढूं जो आ रहा है वो आ रहा है तुम्हें नहीं पता अब खिड़की के सामने से क्या गुजरने वाला है उसको फ्रीली जाने दोगे भले ही वह चीज आपको अनकंफर्ट बल करे वो चीज भले ही आपको इरेलीवेंट लगे कि यार यह तो बेकार है बट
आपको सब कुछ बताना है जिसको इन्होंने फंडामेंटल रूल का नाम दिया फ्रॉड की और अगर एक्सटेंडेड अप्रोच देखें हम फ्री एसोसिएशन में तो फ्रॉड ने फोकस थोड़ा सा शिफ्ट किया फ्रॉड ने यह कहा कि मेमरी कॉन्फ्लेट के ऊपर ज्यादा ध्यान दो रदर मेमोरी रिकॉल आप ज्यादा ध्यान दो कि यह इ इंटरनल कॉन्फ्लेट क्यों अराइज हो रहा है और फ्रॉड ने बोला कि मुझे ध्यान देना है कि इंटरनल कॉन्फ्लेट क्यों उभर के बार-बार आ रहा है और यह इंटरनल कॉन्फ्लेट की वजह से ऐसी क्या मेमोरीज है ऐसी कौन सी मेमोरीज है जो दबी पड़ी है रदर
रिकॉल करने कि अच्छा यह कब हुआ था वोह कब हुआ था नहीं नहीं नहीं ये अगर हुआ था तो उसकी वजह से क्या क्रिएट हो रहा है वह हमारा फर्स्ट फोकस रहेगा और यह चीज अभी भी थेरेपी में अप्लाई होती है कि भाई हमें सिर्फ मेमरी रिकॉल नहीं करनी हमें मेंटल कॉन्फ्लेट्स को समझना है कि वह मेमोरीज की वजह से जो कॉन्फ्लेट्स और झगड़े क्रिएट हो रहे हैं अपने आप से ही अपने माइंड में ही वह कितने इंपोर्टेंट है और वो क्यों हो रहे हैं यहां पे फ्रॉड ने कुछ की अनकॉन्शियस मैकेनिज्म दिए कुछ मैकेनिज्म
है कुछ चीजें हैं कुछ पार्ट्स हैं जो आप इंसान के बारे में समझ सकते हैं थ्रू फ्री एसोसिएशन सबसे पहले ट्रांसफरेंस पेशेंट क्या करता है ना चाहते हुए भी वह अपने इमोशंस अपनी चीजें सामने वाले इंसान पर डाल देता है और व इसलिए होता है क्योंकि उसके अंदर जो उदे बुन चल रही है वह अभी भी किसी ने सुलझा ई नहीं है जिसको प्रोजेक्शन भी कह सकते हैं कि अपनी इनसिक्योरिटीज अपनी चीजें वो किसी और के ऊपर डाल दे लेट्स से मैरिज काउंसलिंग चल रही है औरत आदमी को तंग करी है आदमी औरत को बहुत
तंग कर रहा है तो वो अंदर ही खुद परेशान है अपनी परेशानी सामने वाले पर डालने की कोशिश कर रहा है जो कि बहुत दिक्कत वाली बात होती है इस वजह से मैरिज काउंसलिंग की लोगों को जरूरत पड़ जाती है जो कि आगे प्रोजेक्शंस कि भाई अपनी जो इंटरनल फीलिंग्लेस प्रोजेक्ट कर रहे हो है ना और सामने वाला शीशा लेकर खड़ा हुआ है कहावत है ना यह कि भाई तुम अगर अपनी गंदगी किसी पर प्रोजेक्ट कर रहे हो तो समझ लो तुम सामने अपनी ही गंदगी देख रहे हो तुमको लग रहा है वह गंदा है
तुमको लग रहा है वह बदतमीज है असली में तुम बदतमीज हो उसने तुम्हारे साथ कोई गंदगी करी नहीं ए सच तुम बदतमीज हो तुम अपनी चीजें उसके ऊपर एक्सटर्नल ऑब्जेक्ट और एक्सटर्नल पीपल के ऊपर प्रोजेक्ट कर रहे हो फिर आता है रेजिस्टेंस पेशेंट अपने अंदर ही मेंटल ब्लॉक ले आते हैं अनकंफर्ट बल मेमोरीज को लेके जो मेमोरीज को वो फेस नहीं करना चाहते जो मेमोरीज को वह डेप्थ में गहराइयों में घुस के समझना नहीं चाहते उसके अंदर खुद बखुदा ही अनवेयर रहती है पेशेंट को पता ही नहीं होता मेरे साथ यह हो रहा है और
यह चीज अनकॉन्शियसली होती है फिर सबकॉन्शियसली आती है सबकॉन्शियस से इंसान के बिहेवियर में आती है और बहुत ज्यादा पेशेंट ख खुद ही इन फीलिंग्लेस नहीं कर पाता कि यह चीज एक पर्टिकुलर ट्रामा की वजह से हुई है या यह चीज एक पर्टिकुलर रिप्रेस मेमोरी की वजह से हुई है जो अब मेरे लेटर स्टेज में उभर के आ रही है और मेरी जिंदगी मुश्किल कर रही है फिर फ्रॉड ने कहा एक टर्म दिया अनकॉन्शियस इफेक्टिव मेमोरी नॉट ई ई वाला इफेक्टिव नहीं ए वाला इफेक्टिव जिसमें जो रिप्रेस्ड डिजायर्स हैं आपके अनकॉन्शियस में वो निकल के
बाहर आते हैं जो डिजायर्स बचपन में दब गए थे या टीनएज में गए थे और कभी उसके ऊपर किसी ने चर्चा नहीं करी वह फ्री एसोसिएशन की वजह से टॉक टॉकिंग थेरेपी की वजह से अब बाहर निकल के आ रही है और बाहर निकल के आ रही है और अब सामने आ रही है अब तुम्हें समझ में आ रहा है कि अच्छा अब साइको एनालिस्ट को भी समझ में आ रहा है अच्छा यह चीज थी जो इस इंसान को आगे बढ़ने से रोक रही थी फ्री एसोसिएशन के अगर हम फर्द डेवलपमेंट और क्रिटिसिजम देख ले
तो काल युंग जो कि काल युंग और यह दोनों काउंटर मतलब एक साथ कलीग्स इन दोनों ने काम भी किया दोनों की बहुत रिस्पेक्ट करते थे और बहुत बहुत एक्सटेंसिवली नहीं बट हां रिस्पेक्ट ी तो कार्ल युंग ने ज्यूरिक कलीग्स के साथ मिलके इनकी इन थ्योरी को टेस्ट टेस्ट किया एक्सपेरिमेंटल टेस्ट करें कि भाई इमोशनल फैक्टर्स जो होते हैं वो सही में मेमोरी को डिसर पट कर सकते हैं मेमोरी रिकॉल को डिसर पट कर सकते है अगर आप कोई पेशेंट इमोशनली डिस्टर्ब है इमोशनली बहुत ज्यादा हिला हुआ है तो आपकी मेमोरी रिकॉल मतलब वापस से
याद करो वो वाली चीज याद करने वाली क्षमता को ऊपर नीचे तहस-नहस कर सकते हैं तो काल युंग ने कहा हां भाई फ्रॉड ने ये चीज तो सही बोली और इस चीज के लिए फ्रॉड ने भी युंग की काफी कार्ल यंग की काफी पीठ थपथपाई कहा कि भाई हां मेरी रिसर्च में इन्होंने एक और चार चांद लगा दिए और यह बहुत ज्यादा जरूरी है आगे ह्यूमन माइंड को और फ्री एसोसिएशन फ्री टॉक थेरेपी को समझने के लिए फिर आए एक हंगेरियन साइको एनालिस्ट शंडोर फेरेंस और उन्होंने कहा कि भाई क्योर जो होता है मास्टरी के
थ्रू होता है क्योर सिर्फ ऐसे नहीं होता कि आप एक्सटर्नली उसको बो हां अब यह बताओ आगे क्या हुआ हां अब बताओ आगे व उससे नहीं होगा ट्रू हीलिंग तभी हो सकती है जब पेशेंट फ्रीली खुद से खुद के थॉट्स को ब्रांच कर पाए खुद से खुद समझ पाए कि यह क्या चल रहा है और अपनी हीलिंग कर पाए ठीक है जरूर जरूरत है एक साइको एनालिस्ट की व सामने बैठ के उस चीज को समझे और समझाए बट पूरी तरीके से उंगली पकड़ के मत ले चलो भैया पानी की तरफ फ्रॉड ने कहा कि यह
बहुत एक्से एक्सेसिबल टेक्नीक है कि भाई कोई भी कहीं पे भी बैठ के ये चीज कर सकता है और साइको एनालिस्ट इस चीज को पेशेंट के साथ कर सकते हैं बट फेरेंस ने कहा कि नहीं भाई पेशेंट को भी ये स्किल डेवलप करनी पड़ेगी यह नहीं कि सामने वाला सिर्फ उंगली पकड़ के लेके जा रहा है तो कभी आप अपना क्योर नहीं निकाल सकते ज्यादातर पेशेंट्स कभी क्योर नहीं हो पाएंगे इस पेशेंट को खुद से खुद को समझना पड़ेगा बोलते हैं ना बिकम द सर्जन ऑफ योर ओन माइंड खुद से खुद के थॉट्स को समझोगे
तो खुद से खुद की मदद कर पाओगे और सामने वाला तुम्हें गाइड कर पाएगा या नहीं पूरी तुम्हारी गाड़ी ए टू बी पहुंचा दी तुम्हें गाड़ी चलाना सिखा देगा गाड़ी तुम्हें खुद ही चलानी पड़े पड़ेगी फिर एक और आए साइको एनालिस्ट और साइकेट्रिस्ट जिनका नाम था फ्रेंच जिनका नाम था जक लका और जक लका ने कहा कि भाई ये अपने में ही कोर्स के तरह है और जिसने फ्री एसोसिएशन सीख लिया वो वैसे ही अपनी जिंदगी बेहतर बना लेगा क्योंकि अपने में ही एक थेरेपी है यह सीखना ही अपने में एक थेरेपी है क्योंकि ये
जो नेचर ऑफ फ्री एसोसिएशन है उसको मास्टर करना आसान चीज नहीं है मास्टर करने के लिए ही स्किल चाहिए और जो मास्टर कर लेगा वो पहले ही महारत हासिल कर लेगा 20 सेंचुरी में इसका एवोल्यूशन कैसे से हुआ यहां पे कुछ अजीब नाम है जो मेरे को पढ़ने पड़ेंगे बट यह कंक्लूजन क्लूजनर लोग आने लग गए कि यार यह ज्यादा लंबा चलेगा नहीं और बच्चों में डिसऑर्डर्स के लिए ट्रीटमेंट ज्यादा सही नहीं है तो यहां पे कुछ न्यू टेस्ट आने लग गए सबसे पहला टेस्ट था आरआईटीसी टेस्ट जिसमें किस तरीके से आप एसेस कर सकते
हैं अनकॉन्शियस थॉट्स को उसके बारे में बाल बात चली जो आरआईटीसी जम्स थे ऑनलाइन आप खोलो विकपीडिया देखोगे इधर उधर देखोगे तो बहुत सारे उसके ऊपर क्रिटिसिजम मिलेंगे बट जो टट टट टेस्ट है टीटी टेस्ट वो आज भी बच्चों के साथ इस्तेमाल किया जाता है तो आगे क्रिटिसिजम यही आई कि भाई साहब मच्छर बहुत हो रहे हैं भाई डेंगू मलेरिया जरा बच के रहे आजकल काला हिट डालते रहे तो यह तो ऐड हो गया तो बहुत सारी इनको क्रिटिसिजम मिली फ्रॉड की कि भाई फ्रॉड का जो प्रोसेस है फ्री एसोसिएशन का वह प्रेशराइज कर रहा
है सामने वाले को एक पाथ फॉलो करने के लिए उस प्रेशर की वजह से हो सकता है वह कभी अपने अनकॉन्शियस थॉट्स को एक्सेस ही ना कर पाए और वह उसको और कुंडली मार के बैठ जाए और वो उन थॉट्स को अपने दिमाग को और बंद कर ले तो भैया और लग गए इससे ओवर प्रोडक्शन ऑफ रेजिस्टेंस बन रहा है कि आपने फ्री एसोसिएशन इतना ज्यादा फ्री कर दिया इतना ज्यादा फ्री कर दिया कि इतनी फालतू बातें होने लग गई कि मेन मुद्दे की बात हो ही नहीं रही और मेन मुद्दे की बात नहीं हो
रही तो जो थेरेपी का प्रोसेस था वही खत्म हो गया बात की बात बात की खाल निकल रही है यहां से और इसके बारे में उसके बारे में बताओ बात कुछ होनी थी बात कुछ और होके रह गई अब किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा थेरेपी किस चीज के ऊपर थी अब साइको एनालिस्ट को ही भैया थेरेपी की जरूरत पड़ गई और ओबवियसली बहुत लोगों ने कहा कि यह साइंटिफिकली प्रूवन मेथड नहीं है सब हर दिमाग अलग हर दि हर हर जहन अलग और इसकी कोई वैलिडिटी नहीं है काम करता है बहुत लोग
में काम नहीं भी करता है बातचीत वार्तालाप करने के लिए सही है बट किसी पेशेंट को क्योर करने के लिए यह सही तरीका नहीं है तो यह थी फ्रॉड की फ्री एसोसिएशन और उससे रिलेटेड चीजें पार्ट थ्री में आते आते हम बात करेंगे फ्रॉयन कांसेप्ट इन पर्सनालिटी एंड आइडेंटिटी सबसे इंपॉर्टेंट यहां पर जो दो चीजें आती हैं पहला तो आता है लिबिडो एंड इरोस और दूसरा आता है डेथ ड्राइव दोनों के ऊपर डेप्थ में बात करेंगे अब क्या है लिबिडो को जब समझाया हमारे सिगी बाबा ने तो बोला लिबिडो एक एनर्जी के तरह होता है
और लिबिडो कैसी एनर्जी है वो सेक्सुअल इंपल्सेस के तरफ एक एनर्जी है जो अंदर से उत्पन्न होती है लेकिन अगर कोई इंसान चाहे तो उसको ट्रांसफॉर्म कर सकता है अदर फॉर्म्स ऑफ एनर्जी में जैसे मेंटल और फिजिकल एनर्जी में वह जरूरी नहीं है एक एनर्जी की तरह ही रहे बट वह एनर्जी ह्यूमन बिहेवियर में भी ट्रांस कर सकती है और ह्यूमन बिहेवियर को भी बहुत ज्यादा इफेक्ट कर सकती है फ्रॉड ने इस ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ एनर्जी का नाम दिया सब्लीमेशन च इज एक पर्टिकुलर एस्पेक्ट व्हिच इज सेक्सुअल डिजायर के एस्पेक्ट से आप एनर्जी उठा के डाल
दे रहे हैं क्रिएटिव एस्पेक्ट्स में इंटेलेक्चुअल एस्पेक्ट में तो ये जो ड्राइव होती है बेसर लेवल पे इड में कह ले या बेसर लेवल पे व्हिच इज लिबिडो वो जरूरी नहीं है एक इंसान को ड्राइव करे टुवर्ड्स सेक्स अगर वो इंसान चाहे तो उसको ट्रांसफॉर्म कर सकता है तो जो कि फ्रॉड का सबसे बड़ा यह क्लेम माना जाता है ना स कहते हैं कि सब चीजों की मोटिवेशन के पीछे यही एनर्जी होती है लिबिडो होती है सेक्सुअल एनर्जी होती है सेक्सुअल डिजायर होता है बट वो सेक्सुअल डिजायर्स का मतलब यह नहीं कि हर इंसान जो
चीज कर रहा है वह सेक्सुअल डिजायर के लिए कर रहा है लेट्स से एक मंक है हिमालय चला गया उसको सेक्सुअल डिजायर से एस्टेन करना है क्यों क्योंकि वो उसमें पार्टिसिपेट ही नहीं करना चाहता और इसका मतलब यह हुआ कि भाई फ्रॉड तो गलत है नहीं फ्रॉड ने कहा उसने अपनी लि लिबिडो को सब्लीमेशन के प्रोसेस के थ्रू डाल दिया उस एनर्जी को ट्रांसफॉर्म कर दिया इंटू मेडिटेशन इन दी हिमालयाज लिबिडो एंड एंड मेंटल हेल्थ के ऊपर अगर बात करें तो दो तरीके के लोगों में फ्रॉड ने डिफरेंस क्रिएट किया पहला जो हेल्दी है और
दूसरा जो अनहेल्दी है लेट्स से हेल्दी में एक इंसान है एडल्ट है ही चैनल हिज सेक्सुअल अर्जेस एंड डिजायर इनटू गुड थिंग्स वो नौकरी में आगे बढ़ता है या वो अपने करियर में आगे बढ़ता है वो अपने प्रोफेशन में आगे बढ़ता है जो भी वो करना चाहता है बट कोई इंसान जिसको एक मेंटल इलनेस है वो उस लिबिडो का सही इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और वो अर्जेस दूसरी तरीके से निकलेगी जरूरी नहीं है वो सेक्सुअल एक्टिविटी के थ्रू ही निकले कोई इंसान जो मेंटली इल है वो मर्डर करेगा जो मास मर्डर होते हैं ना जो
सीरियल किलर्स जो होते हैं वो क्या करते हैं उनमें एक मेंटल इलनेस होती है अगर तुम अगर उनका सबका केस स्टडी और क्लीनिकल केस स्टडी कुछ वीडियोस youtube1 एक डेढ़ डेढ़ घंटे के जिसमें ऐसी क्रिमिनल्स की साइकोलॉजी एक्सप्लेन करी हुई है उन सबको एक मेंटल इलनेस होती है और वो मेंटल इलनेस उन्होंने अपने लिबिडो का इस्तेमाल करके जरूरी नहीं अपने विक्टिम्स के साथ सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेट किया बल्कि ज्यादातर केसेस में य होता है बट उनको रुचि मिल रही है उनको रोमांच और मजे मजा मिल रहा है वो मर्डर करने में तो उससे वो लिबिडो
का गलत तरीके से इस्तेमाल किया इसका सबसे बड़ा एग्जांपल होता है एक वेल बैलेंस इंसान जो हमारी सोसाइटी में रहते हैं लोग हैं वेल बैलेंस रिलेशनशिप बैलेंस है फाइनेंस बैलेंस है वर्क लाइफ बैलेंस क्रिएट हो रखा है और दूसरी तरफ एक ऐसा इंसान जो एक पर्टिकुलर फिटिश की तरफ फिक्सेटेड है एक पर्टिकुलर एक्टिविटी की तरह फिक्सेटेड है और उसने अपनी लाइफ में एक इंबैलेंस क्रिएट कर दिया उसको बस वह फिटिश वह सेक्सुअल एक्टिविटी या वह एक्टिविटी जिससे उसको वह हिट मिलता है डोपामिन स्पाइक मिलता है उसके अंदर वह हमेशा लगा रहता है विदाउट यू नो
टेकिंग केयर कि आपकी जिंदगी में क्या उथल-पुथल चल रहा है यहां पे फ्रॉड की एक ड्राइव थ्योरी आती है जिसमें इन्होंने लिबिडिनल वर्सेस ईगो के बारे में बात करी व्हिच इज़ बेसिकली सेल्फ प्रिजर्वेशन वर्सेस सेक्सुअल एक्टिविटी या सेक्सुअल प्लेजर तो हमारा जो लिबिडिनल इंस्टिंक्ट होता है जो लिबिडो होता है वो ज्यादातर जाता है क्रिएटिविटी की तरफ सेक्सुअल एक्टिविटी की तरफ और फ्रॉड ने इसको इंस्टिंक्ट्स में डिवाइड कर दिया जो कि हम दो इंस्टिंक्ट्स के बारे में बात कर रहे हैं ये दोनों फोर्सेस अपोजिट है तो एक तरफ आपकी लिबिडिनल एक्टिविटी है लिबिडिनल फोर्स है जो
आपको पुश कर रही है क्रिएटिविटी की तरफ आपको पुश कर रही है सेक्सुअल एक्टिविटीज के तरफ आपको पुश कर रही है प्लेजर की तरफ और एक तरफ आपकी सेल्फ प्रिजर्वेशन है जो आपको सेल्फ इंटरेस्ट की तरफ पुश पु कर रही है और एक सेफ्टी की तरफ पुश कर रही है कि हमें लाइफ में सेफ रहना जरूरी है जिसको आगे आर्थ और चौफ नवर से लिंक किया गया बताते हैं फॉर एग्जांपल एक प एक इंसान है जिसको सेल्फ फुलफिलमेंट भी करनी है और प्लेजर भी सीख करना है प्लेजर लिबिडो में मिलता है उसको और सेल्फ फुलफिलमेंट
अपनी वेल बीइंग आसपास के लोग सही रहे मैं सही रहूं वो आपकी सेल्फ प्रिजर्वेशन में आते है मुझे कोई हानि ना पहुंचे और इन दोनों के बीच में ना एक उधेड़ बुंद चलता रहता है मुद भेड़ चलती चलती रहती है मतलब एक कॉन्फ्लेट चलता रहता है वही कॉन्फ्लेट है है द ड्राइव फॉर ह्यूमन मोटिवेशन और वही कॉन्फ्लेट है जिसको इन्होंने नाम दिया इंटरनल कॉन्फ्लेट जो क्रिएट हो रहा है जिसकी वजह से जितनी तरक्की ह्यूमन सोसाइटी में हो रही है हो रही है आगे इनका एक कांसेप्ट आया जिसका नाम था कैथस और कैथस एक ऐसा कांसेप्ट
है जिसमें आप अपना लिबिड एनर्जी पूरी तरीके से किसी पर्टिकुलर ऑब्जेक्ट के ऊपर इन्वेस्ट कर देते हैं जिसको कैथे भी बोला जाता है मतलब आप किसी चीज से इतना ज्यादा अटैच हो गए हो आप किसी चीज के ऊपर अपनी सारी एनर्जी उठा के जा रहे हो कि विद टाइम आपको लगने लग गया कि वह चीज ड्रेनिंग हो रही है मतलब तुम्हें नहीं लगेगा वो चीज ड्रेनिंग हो रही है लेकिन सामने से लोग देख पाएंगे वो ड्रेनिंग वो चीज ड्रेन हो रही है ऑब्सेशंस क्रिएट होने शुरू हो जाएंगे डीप अटैचमेंट्स क्रिएट होने शुरू हो जाएंगे और
इतने ऑब्सेशंस और अटैचमेंट क्रिएट हो गए कि इंसान नुकसान भी कर देता है जैसे होता है ना ये अपने भारत में लवर वगैरह पीछे पड़ जाते हैं एक दूसरे के लड़की के पीछे पड़ गया कोई लड़का है ना और पागल हो रहे हैं या कोई लड़के के पीछे कोई लड़की पड़ गई कि तुमने अगर मुझे छोड़ा मैं अपना सर देके नल पे मारूंगी उस टाइप के उस टाइप के जो लोग होते हैं ना तो यह जो एनर्जी है वो इमोशनल फॉर्म में निकल के आती है लोगों के रिलेशनशिप्स में निकल के आती है और एट
द एंड ऑफ द डे इसका सलूशन यही होता है कि भाई ऐसे रिलेशनशिप से दूर जाया जाए जहां पे इतनी ज्यादा टॉक्सिन ज्यादा धमकियां और इतना ज्यादा ऑब्सेशन है क्योंकि ये ऑब्सेशन किसी के लिए भी सही नहीं होता फ्रॉड की ना यहां पे डेथ ड्राइव का कांसेप्ट आता है जिसमें इन्होंने ने डिफरेंशिएबल हैं इनको अगर आप ट्रांसलेट करें इंग्लिश में तो यह अपना इंग्लिश वाला इंस्टिंक्ट निकल के आता है और इन दोनों के बीच में क्या डिफरेंस होता है इंस्टिंक्ट जो होता है लाइफ सस्टेनिंग अर्ज होती है बोलते ना इस का एक इंस्टिंक्चुअल बिहेवियर था
मेरा इंस्टिंक्चुअल बिहेवियर था इसलिए मैंने उसको मुक्का मारा हो सकता है सामने वाला बंदूक निकालने वाला हो आपकी बॉडी को में महसूस हुआ हो कि इससे खतरा है आपने उसको मुक्का मार दिया आपने उसका हाथ पकड़ के उसको जमीन पर उठा के पटक दिया तो दैट वाज योर इंस्टिंक्ट आपने इंस्टिंक्चुअल यह काम किया क्योंकि यू वांट टू लिव यू वांट टू सरवाइव तो व सेल्फ सस्टेनिंग अर्ज हो गई और ड्राइव इंटरनल फोर्स की तरह होता है जरूरी नहीं है वोह आपकी सेफ्टी और सेल्फ सस्टेन सस्टेनेबिलिटी के लिए हो या स वाइवल के लिए हो वो
ड्राइव किसी भी चीज के लिए हो सकती है वो ड्राइव एक मोटिवेशन की तरह हो सकती है वो ड्राइव आपके करियर में आगे बढ़ने और एक्सेल करने के लिए हो सकती है तो वो ड्राइव जरूरी है आगे हम लोग पढ़ेंगे ये फ्रेडरिक नीचा से भी इन्फ्लुएंस थे और फ्रेडरिक नीचा की विल टू पावर का कांसेप्ट भी इन्होंने उठाया था डायरेक्टली ये कभी नहीं कहते थे कि हां मैंने उनका काम उठाया बट हां कहीं ना कहीं इंस्पायर्ड है फ्रेडरिक नीजा आर्थर सोफिन और तो उसके बारे में थोड़ा और आगे बढ़ते हैं तो बात करेंगे और फिलॉसफी
में भी इनकी बात करेंगे तो इनकी जो डेथ ड्राइव थ्योरी है वो ओरिजनेट कैसे हुई इन उनको लगता था कि सब कुछ प्लेजर प्रिंसिपल के बेसिस पर काम करता है कि एक इंसान को डिस्कंफर्ट से दूर भागना है कंफर्ट सीख करना है और प्लेजर सीख करना है लेकिन इन्होंने कुछ ऑब्जर्वेशंस करें जिससे इन्होंने ये कंक्लूजन का जहन इंसान का दिमाग प्लेजर प्रिंसिपल से काफी ज्यादा परे है काफी ज्यादा बियोंड है उसमें और भी इक्वेशंस है जो काम करते हैं तो यहां पर इन्होंने तीन ऑब्जर्वेशंस दिए और वो ऑब्जर्वेशंस काफी क्रुशल बने यह कंक्लूजन में कि
देयर आर थिंग्स दैट एजिस्ट बियोंड द प्लेजर प्रिंसिपल फॉर एग्जांपल एक इन्होंने ऑब्जर्वेशन लिया रिपीटेशन ऑफ ट्रामा जो भी पेशेंट्स होते थे इनके जो वॉर वेटरन होते थे वॉर में होके आए हैं गोली बम बारूद इनका उन्होंने अपने दोस्तों को मरते हुए देखा अपने कलीग्स को मरते हुए देखा अपने भाइयों को ब्रदर्स को मरते हुए देखा वो वही ट्रामा बार-बार एक्सपीरियंस करते हैं अपने ड्रीम्स के थ्रू मतलब वो ट्रामा उनको प्लेजर नहीं ला रहा या वो ड्रीम्स उनको प्लेजर नहीं लाली वो ड्रीम्स उनको डिस्कंफर्ट में डाल रहा है तकलीफ में डाल रहा है फिर भी
उनको ड्रीम्स आ रहे हैं और बार-बार आ रहे हैं तो ऐसा क्यों हो रहा है भाई माइंड अगर परेशान है तो यह ड्रीम्स ये सपने ये अजीब अजीब चीजें तो नहीं आनी चाहिए रिपीटेशन में फिर इन्होंने एक ऑब्जर्वेशन लिया चिल्ड्रेंस प्ले में जिसमें इन्होंने अपने ग्रैंड चिल्ड्रन को ऑब्जर्व किया और पार्टिकुलरली इनका जो ग्रैंडसन था उसमें देखा कि बच्चा लेट्स से कोई बच्चा है उसका मां-बाप नहीं है या बाप नहीं है मां नहीं है वो बच्चा बार-बार पूछेगा मेरा बाप का है मेरा बाप का है मेरी मां का है मेरी मां का है भले ही
उसको डिस्कंफर्ट फील हो भले ही उसको जब पता लगे उसके मां-बाप अब कभी वापस नहीं आने वाले लेट्स से मर गए वापस नहीं आने वाले तो वो बच्चा रोएगा उसको पता है वो रोने वाला है लेकिन फिर भी बच्चा उस चीज को कहीं ना कहीं प्लेजर के तरह लेता है और बार-बार यह चीज सोचता रहता है बार-बार ये चीज सोचता रहता है और इसके ऊपर ना ऐसे कांसेप्ट के ऊपर एक अ बहुत अच्छी बहुत पुरानी मूवीज है 1960 या 70 की मूवी है और एक किताब भी है द टर्मिनल मैन करके वो इसी के ऊपर
है एक बंदा है जिसको सीजर्स आते हैं एक्सीडेंट के बाद सीजर्स आते हैं उसमें ब्लैक आउट हो जाता है कांड करता है तो उसके अंदर एक एक वो लगाया जाता है क्या म वो लगाया जाता है एक कंप्यूटर टाइप से उसको कनेक्ट किया जाता है किसी पर्टिकुलर ऑब्जेक्ट को उसके जो ब्रेन में वो डेटा एनालिसिस के लिए फीड किया जाता है और उस पर्टिकुलर जो भी उसके उसमें चीज लगाई जाती है मशीनरी लगाई जाती है उसका नाम मेरे को अभी याद नहीं आ रहा एगजैक्टली वो उसके जब भी सीजर आने वाला होता है उसको ठीक
कर देती है बट उसका ब्रेन उसी में प्लेजर ढूंढने लग जाता है और वो सीजर्स पहले तो पीरियोडिक होते थे अब वो परमानेंटली होने लग गए हर बार हो रहे क्योंकि ब्रेन को मजा आ रहा है शॉक शॉक थेरेपी होती है ना जैसे उस तरीके से कुछ होता है सीजर आने से पहले शौक पड़ेगा जिससे ब्रेन को लगेगा नहीं भाई ये गलत है अब सीजर नहीं आने चाहिए वो रोक देगा लेकिन ब्रेन को मजा आने लग गया और वह और इंक्रीजिंगली भर रहा है और फिर वो बंदा मर्डर करने निकल जाता है हर जगह तो
टर्मिनल मैन करके किताब है वो पढ़ भी सकते हो और अगर मूवी है बहुत पुरानी है शायद किसी को मजा ना है वो भी देख सकते हो उसमें मैं अभी उसको मैंने उसकी उदे पूरा ऊपर नीचे उधड़ बुध कर दिया लेकिन समझ जाना फिर रिप्रेस मेमोरी का कांसेप्ट कि ऐसे पेशेंट इन्होंने देखा जो अपने पेनफुल रिप्रेस मेमोरीज को बार-बार रिपीट करते हैं यह यह भूलते हुए कि वो पास्ट एक्सपीरियंस हैं और उनका प्रेजेंट में कोई काम नहीं है और ये प्लेजर प्रिंसिपल से भी काफी ज्यादा प्रिमिटिव है मतलब प्लेजर प्रिंसिपल से भी एक बेसिक फोर्स
है जो एक्ट कर रही है तो इन्होंने बोला कि इसको और विस्तार से हमें डेप्थ में जाके पढ़ना अब बहुत ज्यादा जरूरी है और इसी ऑब्जर्वेशन से फ्रॉड ने डेथ ड्राइव कांसेप्ट का इजाद किया च इ बेसिकली कि ट्रामा को इंसान इतनी बार रिपीट करता है इतनी बार रिपीट करता है जो कि वह ट्रामा है बॉडी के लिए अच्छा नहीं है माइंड के लिए अच्छा नहीं है और वह एक अर्ज है ठीक है वो जिद में एक इन एनिमेट वापस ऑब्जेक्ट की तरफ जाना जाता है मतलब जैसे बोलते हैं मौत में क्या होता है इंसान
पड़ा है कोई एक्शन नहीं हो रहा कोई एक्सप्रेशन नहीं है व एक नॉन लिविंग स्टेट में जाना चाहता है वह अपने को खुद पर खुद खत्म करता चला जा उसको पता है कि वो अपने शरीर को खत्म कर रहा है उसको पता है व खुद को खत्म कर रहा है और यह चीज आगे जाते-जाते बहुत हानिकारक हो सकती है लेकिन फिर भी वह उस चीज में लगा हुआ है जो सेल्फ सबोटाज एक्टिविटीज होती है ना जो अनकॉन्शियसली आपको इन्फ्लुएंस करती है लेट्स से कोई इंसान है अपने नहीं होते बहुत लोग जो सेल्फ हाम पहुंचाते हैं
खुद को काटने में मजे रुचि लेते हैं मजे लेते हैं है ना और अपने को मारते हैं अपने को ही मुक्के मारते हैं कमरे में बंद कर करके नोइंग दैट इट विल हार्म यू बट स्टिल परफॉर्मिंग दोज एक्टिविटीज दैट इज व्हाट ट ड्राइव इज और इसको इन्होंने नाम दिया थनोस जो अपने थनोस है ना उसी जैसा व्हिच इज इक्विवेलेंट टू डेथ ड्राइव अब हमने पढ़ा कि जो लिबिडिनल इंस्टिंक्ट्स है और सेल्फ प्रिजर्वेटिव इंस्टिंक्ट्स है इनको मिला के रोस बोला जाता है ये दोनों मिली रोस बना पहले तो अलग-अलग फ्राइड देख रहे थे इन दोनों को
अब ये मिल के रोस बन चुकी है और य थानाटोस आ गया व्हिच इज द डेथ ड्राइव अब इन दोनों के बीच में डिफरेंस क्या है तो बेसिकली रोस आपको प्रोग्रेस की तरफ लेकर जाता है बेहतर बनाता है बेटर इंसान बनाता है आप कोई भी एक्शन उठाते हो एक पॉजिटिव डायरेक्शन में उठाने की कोशिश करते हो किसी का नुकसान ना करते हुए डेथ ड्राइव उसका उल्टा है या तो वह आउटवर्क के अंदर अग्रेशन उसका सबसे बड़ा इमोशन होता है या तो वह आउटवर्क्स बाहर की तरफ लोगों को दिखा रहे हो दो लोगों के ऊपर डाल
रहे हो उनका नुकसान पहुंचाने के लिए या इनवर्ट होता है अपने आप को ही सेल्फ सबोटाज कर रहे हो अपने आप को ही नुकसान पहुंचा रहे हो जिससे कि आप मौत की तरफ बढ़ते चले जाओ इन्होंने यहां पे कनेक्शन बनाया मासु किजमुरी परेशान है उसको सफरिंग में मजा आ रहा है उसको पेन में मजा आ रहा है जो भाई काटना वाटना अपने आपको को और सफरिंग और पेन में मजा आ रहा है या काटा नहीं भी तो बैठ के पड़े हैं खाना नहीं खा रहे पानी नहीं पी रहे उठ के नहाने नहीं जा रहे बट
इन्होंने कहा कि इसके अंदर और बहुत सारे लेवल्स है और मासु किस्म जैसे कांसेप्ट को ड्राइव करने के लिए जो फोर्स जरूरी है व डेथ ड्राइव है व्हिच इज द सेल्फ सबोटाज टेंडेंसीज इसकी थ्योरी को उन्होंने इवॉल्व किया 1923 में जो इन्होंने दिया द ईगो एंड द इड जो अपना काम दिया उसमें यह कहा कि डेथ ड्राइव और अगर आप इरोस को मिला दोगे तो आप एक ऐसा मनस्टर क्रिएट कर सकते हो जो अग्रेशन जानता है बट उस अग्रेशन को कंट्रोल भी कर सकता है जो कि जॉर्डन पीटरसन भी बात करते हैं ना बिकम अ
मनस्टर एंड देन कंट्रोल इट विल टू पावर का उसको कांसेप्ट दिया फ्रेडरिक नीचे के विल टू पावर की तरह है कि यू बिकम योर बेस्ट सेल्फ उस बेस्ट सेल्फ को बनने के लिए आपके अंदर एक डेथ ड्राइव भी होनी चाहिए डिस्ट्रक्टिव ड्राइव भी होनी चाहिए अग्रेशन होना चाहिए आउटवर्ल्ड अग्रेशन बट इरोस की मदद से उसको चैनल सही जगह से करना है कि अपने आसपास का और अपना खुद का भी नुकसान ना कर सके इंसान 1930 में बाय सिविलाइजेशन एंड इट्स डिस्कंटेंट्स इनका काम आया था जिनमें जिसमें इन्होंने कहा कि जो पोजिंग फोर्स है इरोस और
डेथ ड्राइव दोनों जरूरी है एक सिविलाइजेशन को बनाने के लिए एक ह्यूमन लाइफ को बना ने के लिए ह्यूमन सोसाइटी को बनाने के लिए जब वह दोनों पोजिंग फोर्स एक साथ मिलके मिलन करके काम नहीं करेंगी तब तक ह्यूमन सिविलाइजेशन की तरक्की और उसका प्रोग्रेस होना काफी ज्यादा मुश्किल है और असंभव जैसा है एग्जांपल्स आप देख सकते हैं एवरीडे लाइफ में बहुत ऐसे लोग होते हैं जो जान मूझ के टॉक्सिक रिलेशनशिप्स में आते हैं एक सेल्फ सबोटाज टेंडेंसी उनके अंदर होती है बार-बार आते रहेंगे या वॉर्स जो होती है वॉर्स क्या होती है भाई यही
है मतलब आप अपने अंदर की डेड ड्राइव निकाल के बाहर की तरफ डाल रहे हैं और कतले आम कर रहे हैं वर्स हो रही है गंदगी हो रही है लोगों को मारा जा रहा है फ्रॉड ने कहा बेसर लेवल पर सब सब इंसान है हर इंसान जानवर जैसा है और वो अग्रेशन जो है बेसर इंस्टिंक्ट से ही आपकी इड से ही निकल के आ रहा है अब दुनिया में फैल रहा है डेट ड्राइव का सीधा सीधा लिंक था शोपिन हर की फिलोसोफी से व्हिच इज द विल टू लिव विल जुम लेबन जर्मन में और शोपिन
हर ने कहा कि प्लेजर सीक करना सरवाइव करना इस दुनिया में जीना अपने जींस उस वक्त जींस का तो बारे में पता नहीं था अपने आप को आगे बढ़ाना अपने जो खून को आगे बढ़ाना वो होता है एक जानवर या एक इंसान का काम और यहां पे हैप्पीनेस नहीं है यहां सफरिंग है और जितना विल टू लिफ की तरफ भागेंगे जितना आप जीना चाहेंगे उतनी ज्यादा सफरिंग बढ़ती जाएगी आगे बढ़ो ग सफरिंग आएगी आगे बढ़ो ग सफरिंग आएगी एक तरीके से वो मीम्स देखिए है एक बंदा सीढ़ी चढ़ रहा है चढ़ा चढ़ा फिर नीचे से
सीढ़ी हटा दी फिर नीचे आ गया फिर सीढ़ी चढ़ा फिर सीढ़ी हटा दी नीचे आ गया वो चढ़े जा रहा है चढ़े जा रहा है यहां मिथ ऑफ सिसिफस का जो कांसेप्ट है यार ये ऊपर चला जाता है बार-बार सिसिफस क्या करता है पत्थर रोल करना चाह रहा है लेकिन कभी वह पत्थर रोल नहीं कर पाएगा उसके ऊपर एक ड्यूटी की तरह हो गया है कि उसको पत्थर रोल करते रहना है वह इस उम्मीद में है कि पत्थर कभी ना कभी उस पार चला जाएगा और उसने उसी में खुशी ढूंढ ली यही होता है इंसान
तो यह सब आपस में लिंकड तो फ्रॉड का जो डेथ ड्राइव का कांसेप्ट है ये आर्थर शोपिन हर की विल टू लिव के एकदम ही उलट है एकदम ही कंटरी है एकदम ही कंट्रास्टिंग है कि यहां बल् टू लिव में आर्थर शफेनर कह रहे हैं कि इंसान जीना चाहता है यहां डेथ ड्राइव में फ्रॉड कह रहे हैं कि इंसान तो अपने को मारने की कोशिश करता है इंसान मौत के तरफ बढ़ने की कोशिश करता है फ्रॉड ने खुद ही अपने मुंह से कहा 1919 में 1919 में एक लेटर में एक खत में उन्होंने यह चीज
लिखी कि भाई यह मेरा पत्र है और इसमें मैं यह कहता हूं कि शोपन हर वास आल्सो अ वेरी स्मार्ट इंडिविजुअल और उन्होंने ह्यूमन साइकोलॉजी के बारे में एक वन ऑफ द मोस्ट फंडामेंटल चीज गेस जरूर कर ली उन्होंने उस टर्म को हाईलाइट किया गेस और उनको बहुत बड़ा क्रेडिट दिया फ्रॉड ने जरूर आर्थर चौ फनर की फिलोसोफी को अपने ऊपर लगाया बट फ्रॉड ने कहीं ना कहीं यह भी कहा कि दोनों का बैलेंस बहुत जरूरी है सिर्फ विल टू लिव नहीं है या डेथ ड्राइव नहीं है दोनों जब काम करती है तब एक इंसान
अपने आप को स्टेबल जिंदगी में देख पाता है तब एक इंसान एक स्टेबल लाइफ जी पाता है इसका एप्लीकेशन सिविलाइजेशन के ऊपर क्या है जो इनकी वही जो इनका काम था इन सिविलाइजेशन एंड इट्स दिस दिस कंटेंट्स 1930 में उसमें इन्होंने कहा कि जिससे सोसाइटी और सोसाइटी के लोग इस डेथ ड्राइव को आउट वर्डली ना फैलाए वॉर्स के थ्रू तो मोरल कोड ऑफ कंडक्ट होना बहुत जरूरी है रूल्स होने बहुत जरूरी हैं रेगुलेशंस होने बहुत जरूरी है और रेगुलेशंस के डर से इंसान आउट वर्डली तो डेड ड्राइव फैला नहीं सकता तो इनवर्ल्ड अपने अंदर ही
फैलाना शुरू करता है जिसके वजह से टेंशंस क्रिएट होती है जिसकी वजह से गिल्ट क्रिएट होती है यही अगर रूल्स नहीं होंगे तोर इंसान रोड पे चलता हुआ कांड करेगा वो मूवी देखिए द पर्ज है ना पर्ज की जो सीरीज है उसमें क्या होता है साल में एक दिन ऐसा आएगा जिसमें सबको अलाउड है एक दूसरे को मारना टाइमर शुरू होगा सब एक दूसरे को मारो पॉपुलेशन कंट्रोल होगी जैसे ही टाइमर बंद हो जाएगा मदद करने भी लोग पहुंच जाते हैं तो आउटवर्ल्ड निकल रहा है क् लोगों के अंदर फ्रस्ट्रेशन है पर सब तुम बर्ज
में देखोगे सब अपनी अपनी पर्सनल पर्सनल जितने भी फिक्शन है पर्सनल अपने अंदर जितने भी ग्रजेस हैं जितने अंदर भी अपने अंदर लेक गंदगी वो भरे हुए हैं किसी सामने वाले को लेके वो उसके ऊपर निकालते हैं थ्रू देयर अग्रेशन तो उस मूवी में यह बहुत बड़ा अच्छा एग्जांपल है और यह इनवर्ट जो चली जाती है एग्रेस उसकी वजह से एक वॉच डॉग क्रिएट होता है अपने अंदर ही एक वॉचमैन जैसा क्रिएट होता है जिसको उन्होंने कहा सुपर ईगो सुपर ईगो ही है जो बताता है यह गलत है यह सही है क्योंकि सोसाइटी में एक्सेप्टेबल
ही एक्सेप्टेबल नहीं है और वो चीज अंदर ही अंदर बिल्ट होती है लेकिन वही उसका रिपर कशन गिल्ट होता है उसका रिपर कशन टेंशन होता है अपने अंदर ही इंटरनल कॉन्फ्लेट्स होते हैं और ये क्यों होता है क्योंकि लेट्स से कोई इंसान परेशान है रिप्रेस्ड है वो उसके अंदर गिल्ट आएगा अगर वो कोई अग्रेसिव वाले थॉट लाएगा अपने अंदर कि मैं इसको मार दूं तो मजा आ जाए लेकिन उसके अंदर फिर गिल्ट आएगा क्यों क्योंकि मोरल कोड ऑफ कंडक्ट है लॉ में अलाउड नहीं है आप किसी को मार नहीं सकते तो वो गिल्ट उठा के
अपने अंदर वो इंसान डाल लेता है जिसकी वजह से जिसको उन्होंने कहा इंटरनल स्ट्रेस और एंजाइटी डेवलप होती है क्योंकि ओबवियसली वो चलते फिरते किसी के कंटाप नहीं बजा सकता है आपके ऊपर केस ठुक जाएगा इसलिए उस केस थूकने के गुस्से में और इंसान अपने आप में ही परेशान होता है इसमें ग्रुप डायनामिक और अग्रेशन आता है जो इंसान मतलब आप समझ लीजिए एक ग्रुप दूसरे ग्रुप के तरफ अग्रेशन डालता है ज्यादातर रिलीजस में होता है बेसर इंस्टिंक्ट होते हैं ना जब रिलीजन के बेस इंस्टिंक्ट काम करते हैं तो एक ग्रुप दूसरे ग्रुप ऑफ रिलीजस
को गाली बकने लग जाता है उनके साथ वॉर करता है उनके साथ लड़ाई करता है उनके साथ गंदगी करता है सिर्फ अपने आप को अपने अपने अग्रेशन को चैनल करने के लिए जो वॉर्स जितनी भी होती है और अपने आप को वो लोग विक्टिम दिखाते हैं सामने वाले को एनिमी दिखाते हैं तो डेथ ड्राइव इसलिए सोसाइटी में खराब भी होती है प्लेजर प्रिंसिपल नाम से ही पता लगता है डिस्कंफर्ट से दूर भागना है हमें अपने को कंफर्ट में डालना है अचानक से ग्रेटिफुली डोपामिन स्पाइक जो कि हमारे हैप्पीनेस से डायरेक्टली को रिलेटेड है या तो
फीलिंग ऑफ हैप्पीनेस से को रिलेटेड है तो वह जाता जाता है और एंड्रू बबन बाबा हमारे हबन बाबा ज्यादा बेहतर तरीके से सब चीजों के बारे में समझाते हैं वी आर नॉट एन थमलजिला आप जाकर देख सकते हैं बट डिस्कंफर्ट से दूर भागना प्लेजर सीक करना कंफर्ट सीक करना अपने अंदर जो डिजायर्स है इंपल्सेस है उनको पूरी तरीके से अपने ऊपर हावी होने देना ना यह सोचते हुए क्या होने वाला है और इसकी ड्राइविंग मैकेनिज्म क्या है इसको क्या ऑपरेट करता है इसको इड ऑपरेट करता है ओबवियसली जो हमारे बेसर इंसेक्ट्स हमारे बेस के ऊपर
जो चीजें काम कर रही है लागू हो रही है जो इड होता है हमने इड ईगो सुपर ईगो में पढ़ा इसका एग्जांपल वही बच्चा रो एगा चिल्लाएगा उसको पता है कि उसको लगेगा कि एडल्ट्स परेशान हो रहे हैं लेकिन उसको इंस्टेंट प्लेजर चाहिए वो इंस्टेंट प्लेजर है खाने का ब्रेस्ट फीडिंग का वो इंस्टेंट प्लेजर है अगर वह बाद में अपने एनल स्टेज में जाता है अगर ओरल स्टेज से एनल स्टेज में जाता है तो अचानक से उसको टॉयलेट करने का जो डिजायर होता है वह सब है अब जैसे जैसे वो बड़ा होता है जैसे-जैसे लाइफ
आगे बढ़ती है रियलिटी प्रिंसिपल आता है जिसमें समझ में आता है कि नहीं भाई इससे बड़ी भी दुनिया है हमें अपना ग्रेटिफुली एक ऐसा इंसान जिसको लग्जरी वॉचेस का शौक है उसको एक गाड़ी खरीदनी है महंगी वाली लेकिन उसके बाद पैसे की कमी है तो आपका इड कह रहा है कि ले लो यार ले लो कोई नहीं भाई ले लो मटेरियल सिक चीजें है होना चाहिए लोग इंप्रेस होंगे इधर-उधर घूमेंगे मस्त गाड़ियों में लौंडे लपा कियों को लेके घूमेंगे लेकिन आपकी ईगो यहां पे आके कह रही है बोल रही है भाई ये ग्रेटिफुली कमा लो
फिर ये सब करना जब पैसा होगा करते रहना कौन रोक रहा है तुम्हें अब ये जो इजट और डिलेड ग्रेटिफुली ग्रेटिफुली का जो मैंने लेक्चर बनाया था अल्टीमेट लेक्चर उसमें मैंने दो घोड़े टू हॉर्स एंड द चैरिटी यर के बारे में बात कर थी तो जो वो कांसेप्ट लोगों ने देखा है उसमें दो या जिसको पता है दो घोड़े काला है एक सफेद घोड़ा है और एक चैरिटी है जो घोड़ा चला रहा है घोड़ा चलाने वाला भी कोई होना चाहिए काला घोड़ा बेसन इंस्टेंट्स की तरफ जाता है उसको खाना चाहिए उसको घास चढ़ने जाना है
और सफेद घोड़ा अपना उसको पता है कि मेरी डेस्टिनेशन वो है वहां जाना है अब चैरिटी का काम है उसको गाइड करना है ना कि भाई सही तरीके से तीनों हम हम ये दोनों घोड़े चले तभी हम अपने डेस्टिनेशन पर पहुंच पाएंगे वो ईगो हो गई चैरिटी कि भाई ईगो ने इड को भी कंट्रोल किया सुपर ईगो को भी कंट्रोल किया यह नहीं सुपर ईगो इतनी हो गई कि अब खाना ही पीना नहीं खा पा रहे भाई चैरिटी और को भी तो खाना होगा घोड़ों को भी तो जरूरत है खाने की कि चलल जा रहे
हैं चलल जा रहे हैं और हालत खराब हो गई बीच में रुक गए और इतना भी खाने के पीछे नहीं भागना कि अपनी डेस्टिनेशन पे भी नहीं पहुंचेंगे तो ईगो का काम है सुपर ईगो और इड गो कंट्रोल करना तो वही कोई एग्जांपल है वही कॉन्फ्लेट्स के बारे में बात करी इन दोनों कॉन्फ्लेट्स को भैया मैनेज करके चलना है इसको अगर आप डेली लाइफ में अप्लाई करें मैं बहुत ज्यादा अप्लाई करता हूं क्या चीज है जो इंस्टिंक्टिवली आ रही है अभी करना है अभी खरीद लो अभी ले लो लेकिन क्या चीज है जिसको आप डिले
कर सकते हो नहीं भाई थोड़ा पैसा हो जाए तो मेरे को गोल्ड लेना है गोल्ड लेके सेविंग्स करनी है अभी ले लो अभी ले लो ठीक है भाई लॉन्ग टर्म के लिए अच्छी चीज है लेकिन अभी जरा इतना गोल्ड लेने के लिए 20 ग्राम 30 ग्राम जितना गोल्ड लेना है इतना पैसा थोड़ा कर लो सेविंग्स में से निकाल लो फिर उसको लेंगे अभी मत लो सिर्फ शॉक के लिए तो आप शॉर्ट टर्म डिजायर और लॉन्ग टर्म डिजायर में प्रायोरिटी दे रहे हो कि किसमें शॉर्ट टर्म डिजायर है किसम लॉन्ग टर्म डि र है कभी-कभार क्या
होता है जैसे आई एम एन अंत्रप्रेनोर तो बहुत सारे ऐसे बिजनेसेस दिखते हैं जो इंटरेस्टिंग लगते हैं जिसको बोलते हैं एसओएस शाइनी ऑब्जेक्ट सिंड्रोम यह भी कलने इसमें भी पैसा है क्योंकि जब आप एक एंटरप्रेन्योर की तरह सोचते हो हर हवा में पैसा दिखता है लेकिन आप हर चीज कर भी नहीं सकते यू हैव 24 आवर्स ओनली 24 घंटे में क्या-क्या कर लोगे तो देखना होता है कि यह डिज ये ये बेसन इंस्टेंट की वजह से इसमें पैसा ज्यादा लग रहा है लेकिन यह लॉन्ग टर्म सस्टेनेबल नहीं है तो इसको खारिज करो जो चीज अभी
चल रही है जैसी चल रही है उसको चलने दो तो इस का एप्लीकेशन आपने देख लिया प्रैक्टिकल लाइफ में यहां पर आता है द रोल ऑफ एंजाइटी फ्रॉड ने कहा कि डिफरेंट टाइप्स ऑफ एंग्जाइटी होती है जो एसेंशियल होती है माइंड को कंट्रोल भी रखने के लिए और अपने इंस्टिंक्चुअल ड्राइव्स को कंट्रोल रखने के लिए इन इन एंजाइटी की वजह से जो इंटरनल और एक्सटर्नल कॉन्फ्लेट है डेंजर एवर्जन है डेंजर से खतरे से बचना खतरे को कैसे साइड हटाना वो उसमें बहुत ज्यादा मदद होती है तो यहां पर कुछ तीन चार है तीन है टाइप्स
ऑफ एंजाइटी जिसके बारे में हम थोड़ा सा यहां पे बात कर लेते हैं सबसे पहली होती है रियलिटी एंजाइटी नाम से पता लग रहा है एक तरीके की ऑब्जेक्टिव एंजाइटी होती है कि यह होना ही है यह पता है यह होगा वो एक्चुअल थ्रेट्स होते हैं जो उस एनवायरमेंट में एजिस्ट कर सकते हैं और यह वाली जो एंजाइटी होती है यह एक रैशनल रिस्पांस के तरह एक्ट करती है कि एक डेंजर वाली सिचुएशन आने वाली है हार्मफुल सिचुएशन आने आने वाली है उस सिचुएशन से हमें बचना है और उस प्रोसेस में हमें एंजाइटी आती है
जो बहुत ही ज्यादा वाजिब और वैलिड एंजाइटी होती है लेट्स से आप रात में रोड पर अकेले फिर रहे हो तो आपके अंदर एंजाइटी है कोई मुझे लूट ना ले जो कि वैलिड एंजाइटी है कोई आपको सही में लूट सकता है या इंसान कोई हंटिंग करने निकला हुआ है रात के वक्त कहां पे जंगलों में और आपको पता है शेर या भालू आ जाएगा और वह उसको लेकर जो डर होना वह सही डर है वह पता है आपको होना ही होना है दैट इज योर ऑब्जेक्टिव एंजाइटी तो उसका उसकी एंजाइटी होने में कोई नुकसान नहीं
है वो एंजाइटी होनी जरूरी है जिससे आप उस डेंजर से बच पाए और उससे दूर हट पाएं अब यहां पर आती है न्यूरोटिक एंग्जाइटी जिसमें मुद भेड़ चलती है हमारे इड बेसर इंस्टिंक्ट और ईगो रैशनल इंस्टिंक्ट के बीच में यहां पे ईगो को डर लगा रहता है कि भैया यह इड जो है जानवर जैसा है यह आउट ऑफ कंट्रोल ना चला जाए यह कंट्रोल वा ही ना खो दे अपना तो दिक्कत हो जाएगी बहुत ज्यादा मतलब लेट्स से कोई इंसान है जिसको पता है कि उसका गुस्सा बहुत खराब और वो हमेशा फियर में रहता है
कि यार मेरा गुस्सा कहीं गलत जगह ना निकल जाए तो मेरी लग जाएगी पता चला मीटिंग चल रही है मेरे बॉस बॉस सब बैठे और किसी ने मुझे कोई टोक दिया मैंने उसके सामने गुस्सा कर दिया लग गई मेरी चीज तो उसको लेके एक एंजाइटी डेवलप होनी शुरू हो जाती है जिसको न्यूरोटिक एंजाइटी बोलते हैं न्यूरो न्यूरोसिस में इसके ऊपर बात हुई हुई है कि यार मेरा अग्रेशन ही मेरी कांड का जिम्मेदार बन सकता है तीसरी आती है मोरल एंजाइटी नाम से पता लग गया होगा ईगो और सुपर ईगो के बीच में कलेश क्या कलेश
भाई सुपर ईगो इतनी ज्यादा इंसान की बढ़ जाती बढ़ सकती है कि ईगो को डर लगने लग जाता है कि भाई इसकी सुपर ईगो इतनी ना बढ़ जाए कि छोटी-छोटी चीजों में मैं मजे ना ले पाऊं जैसे छोटे से छोटा झूठ बोलने में डर लगता है कि भाई नहीं भाई ये झूठ नहीं बोल सकते ये झूठ बोलने से ये हो जाएगा वो हो जाएगा क्योंकि आपकी सुपर ईगो इतना ज्यादा आपकी बॉडी को टेक ओवर आपके माइंड को टेक ओवर कर चुकी है तो यह हो गया ईगो और सुपर ईगो के बीच में कॉन्फ्लेट तो रियलिटी
एंजाइटी जो रियल रियल रियल एजिस्ट कर रही है जिससे खतरा हो सकता है भाई ओबवियसली अगर आपने प्रेश कुकर का ढक्कन ठीक से बंद नहीं किया तो प्रेश कुकर फट सकता है उसकी एंजाइटी होना वाजिब है फिर हो गई न्यूरोटिक एंजाइटी जिसमें भाई ओबवियसली कि भाई ऐसा ना हो कि मेरी इड की वजह से मेरी लग जाए यह ईगो हो रही है एंजाइटी और यहां पे मोरल एंजाइटी जिसमें अगेन ईगो को एंजाइटी हो रही है कि मेरी सुपर ईगो इतनी ना हो जाए कि मैं लाइफ और लोगों के आसपास खुद को सेट ही ना कर
पाऊं और बाकी एंग्जाइटी में डिफेंस में मैकेनिज्म है जिनके ऊपर हमने बात पहले से कर रखी है अलग-अलग तरीके के डिफेंस मैकेनिज्म होते हैं और इनका इस्तेमाल और यूज थेरेपी में बहुत ज्यादा होता है आज की डेट में भी क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और साइकोएनालिस्ट यह थेरेपी में यूज करते हैं तो हम लोग आ जाते हैं पार्ट फोर पे एप्लीकेशंस ऑफ साइको एनालिसिस और इसकी शुरुआत होती है ट्रांसफरेंस एंड काउंटर ट्रांसफरेंस अब यह दो ऐसी चीज हैं जो पर्टिकुलर अनकॉन्शियस के अंदर क्या-क्या चल रहा है और अनकॉन्शियस जो मेमोरी कार्ड है ना फोन का एग्जांपल दिया था
उसमें क्या-क्या फंसा पड़ा है उसको निकालने के लिए और ट्रांसफरेंस बेसिकली जो पेशेंट के अनकॉन्शियस में ट्रॉमा और रिप्रेस्ड चीजें हैं वो डायरेक्टली और इनडायरेक्टली सीधा-सीधा निकल जाती है जो थेरेपिस्ट है उसके ऊपर मतलब जो तुम्हारी थेरेपी कर रहा है उसी के ऊपर वो चीजें निकल जाती है फॉर एग्जांपल पेरेंट्स का फियर या पेरेंट्स के जो अथॉरिटी थी उसकी वजह से जो फियर बचपन में था या वो मारते थे पीटते थे वो चीज अनकॉन्शियसली बैठी हुई है और जब थेरेपी थेरेपिस्ट आपको आपसे बात कर रहा है एक अथॉरिटी के तरह आप वो थेरेपिस्ट आपको नजर
आ रहा है तो आप अपना एंगर आप अपना गिल्ट आप अपना शेम डायरेक्टली और इनडायरेक्टली उस पर डालोगे अब यह थेरेपिस्ट कभी-कभार जान मूझ के करता है जब उसको शक होता है कि ये ये जो पेशेंट आया है मेरे पुराने पेशेंट जैसा है हो सकता है इसमें अनकॉन्शियस में रिप्रेस्ड मेमोरीज हो उसको निकालने के लिए मैं एक अथॉरिटी फिगर की तरह एक्ट करता हूं क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि इसके पेरेंट्स की वजह से इसकी यह हालत अभी 25 26 साल का हो गया 27 साल का हो गया हो रखी है लेट्स से वह बात
करता है जानबूझ के ऐसे प्रोजेक्शंस करता है कि अनकॉन्शियसली जो पेशेंट है उससे उस तरीके से एक्ट करेगा जैसे अपना गुस्सा उस थेरेपिस्ट के ऊपर निकाल रहा है जिसको ट्रांसफरेंस बोलते हैं तो समझ जाता है थेरेपिस्ट कि हां भाई यह इस वजह से हुआ है जो मैंने सोचा था वो भ ये सही है और फिर वह थेरेपिस्ट पकड़ता है पकड़ा करता है और बोलता है पेशेंट को देखो इन फीलिंग्लेस डाली समझो इन फीलिंग्लेस इज काउंटर ट्रांसफरेंस अब काउंटर ट्रांसफरेंस भी एक डेंजरस चीज होती है इसमें क्या होता है भाई ट्रांसफरेंस पेशेंट से थेरेपिस्ट पे जा
रहा है काउंटर ट्रांसफर समझ गए होगे भैया क्या थेरेपिस्ट ही बकलोल बन गए हैं थेरेपिस्ट ही डाल रहे हैं अपनी चीजें पेशेंट के ऊपर अपनी अनकॉन्शियस चीजें जो भी उसके साथ हो चुकी है या हुई है वह अनकॉन्शियसली वो डाल दे रहा है अपनी रिप्रेस मेमोरीज डाल दे रहा है पेशेंट के ऊपर अब इसमें भी दो कैविट है पहला कैविट मतलब ऐसी हिडन चीजें हैं या एक ऐसी चीजें जिसके बारे में हमें सामने सामने नहीं पता बट दो चीजें हैं नंबर वन हो सकता है थेरेपिस्ट जान मूझ के चीज करें जिससे वो देखना चाहे कि
पेशेंट किस तरीके से रिस्पांस देगा जो कि अपने में थेरेपी में एक अच्छी चीज है और दूसरी चीज हो सकती है कि वो थेरेपिस्ट अनकॉन्शियसली ये चीज कर दे राइट अब पहली चीज में तो पेशेंट की काफी मदद होगी लेकिन दूसरी चीज में क्या होगा कि पेशेंट की आप हेल्प ही नहीं कर पाएंगे लेट्स से एक थेरेपिस्ट है वो प्रोटेक्टिव है लेट्स से कोई तुम्हारा दोस्त है तुम थेरेपी में गए और वो ही इज प्रोटेक्टिव ही और शी इज प्रोटेक्टिव टुवर्ड्स यू तो वो जान मूझ के तुम्हें जान मूझ के मतलब क्या वो तुम्हें रेस्क्यू
करना चाहेगा इस परेशानी से बाहर निकालना चाहेगा उस परेशानी से बाहर निकालने के चक्कर में देन आर नॉट एबल टू हेल्प यू क्योंकि वो इतना प्रोटेक्टिव बन जाते हैं कि तुम्हें सोचने का मौका ही नहीं देते तुम्हें अपनी माइंड में अनकॉन्शियस में घुसने का मौका ही नहीं देते अपनी चीजें प्रोजेक्ट करने लग जाता हैं और वहीं पे थेरेपी गई तेल लेने सो इस थेरेपी की इंपॉर्टेंस क्या है इमोशनल डायनामिक्स बनाता है रिलेशनशिप पैटर्स बनाता है समझ में आते हैं कि किस तरीके से कहां एक्ट करना है कौन पेशेंट किस तरीके से किस एनवायरमेंट में काम
कर रहा है और अगर आपको एक अच्छा बेहतर थेरेपी एनवायरमेंट बनाना है तो इन चीजों के बारे में पता होना बहुत ज्यादा जरूरी है यह है फ्रॉड का सीधा-सीधा एक प्रैक्टिकल एप्लीकेशन फ्राइडिस थ्योरी का यहां पे हम थोड़ी सी केस स्टडीज ले लेते हैं क्योंकि बेहतर तरीके से समझना भी और काफी केस स्टडीज आने वाली हैं तो यहां पे पहली केस स्टडी ले लेते हैं जिसका नाम यहां पे हमने दिया है अनरिजॉल्वड पेरेंट फीलिंग इन ट्रांसफरेंस लेट्स से एक 30 साल की पेशेंट है औरत है वह आती है और उसके अंदर चाइल्डहुड से एक वो
है फियर है डिपेंडेंसी ऑन रिलेशनशिप है क्यों क्योंकि उसके फादर ने कभी भी उसके तरफ ध्यान नहीं दिया फादर की तरफ से हमेशा व नजरअंदाज हुई है और व चीजें उसके आगे जाके लाइफ में काफी दिक्कत दे रही है क्योंकि वो हर किसी के ऊपर क्लींज से कुछ लोग नहीं होते डिपेंडेंट हो जाती है बहुत ज्यादा और रिलेशनशिप्स उसके स्पॉइल हो रहे हैं बहुत सारे ब्रेकअप हो चुके हैं शायद लेटस से एक डाइवोर्स भी हो चुका है यहां पर हम कहानी बना रहे हैं अब यहां पर ट्रांसफरेंस डायनामिक शुरू हुआ ओवर टाइम क्या होता है
जो थेरेपी वाला होता है लेट्स से वो एक एड थेरेपिस्ट होता है 50 60 साल का या 55 साल का तो वो औरत उस आदमी को एस हर फादर फिगर देखने लग जाती है क्योंकि उसको बचपन में व प्यार नहीं मिला था अपने पिताजी से अब उसको लगता है कि अनकॉन्शियसली ये मेरे फादर फिगर है और अगर वो थेरेपिस्ट अपने को डिस्टेंस करने की कोशिश करता है उस औरत से तो वो चिट जाती है कि मेरे ऊपर ध्यान नहीं दे रहा ये आदमी तो इसका डायरेक्ट को रिलेशन आप समझ सकते हैं कि भाई अनकॉन्शियस चीज
उठ के उस थेरेपिस्ट के तरफ चली गई अब थेरेपिस्ट क्या कर सकता है इसकी थेरेपी वैल्यू क्या है अब वो थेरेपिस्ट उस चीज को पॉइंट आउट कर सकता है देख रही हो तुमने अपने बचपन की चीज मेरे साथ जोड़ ली और यही चीज है जो क्लींजस और डिपेंडेंसी है जो तुम्हें दिक्कत में डाल रही है और तुम जब इसको समझ लोगी तो तुम्हारी जिंदगी और बेहतर हो जाएगी तो थेरेपिस्ट ने जो चीज देखी ट्रांसपेरेंस की जो उस पेशेंट की तरफ से उस थेरेपिस्ट की तरफ आ रही थी वह देखी उसको समझा पॉइंट आउट किया और
अब वह औरत इस लिविंग हैप्पी एवर आफ्टर दूसरी के स्टडी ले लेते हैं काउंटर ट्रांसफरेंस एंड एंपैथी लिमिट्स की अब काउंटर ट्रांसफरेंस का एग्जांपल लेट्स से यहां पर एक पेशेंट आता है जो यंग मेल है और उसके अंदर बहुत ज्यादा ट्रामा भरा पड़ा है बिकॉज़ ऑफ हिज ब्यूस फादर और उस वजह से वह सबके साथ बदतमीजी करता है वह अपनी थेरेपी करवाने आया है और थेरेपी के दौरान व बदतमीजी करने लग जाता है और चूंकि जो थेरेपिस्ट है उसके भी एक फैमिली मेंबर रहा हो या उसके भी फादर ऐसे रहे हो जो उस तरीके के
हो वो चला जाता है कंजरवेटिव मोड में जो थेरेपिस्ट खुद है अपने को क्लोज कर लेता है प्रोटेक्टिव मोड में चला जाता है और व अब एंपैथाइज ही नहीं कर पा रहा अपने पेशेंट के साथ और अपने पेशेंट की हालत और खराब कर दे रहा है तो यहां पे क्या जरूरी है यहां पे ये जरूरी है कि यह चीज वो खुद रियलाइफ करें व्हिच इज हु द थेरेपिस्ट कि भाई हां मैंने अपने को प्रोटेक्ट कर लिया क्योंकि मेरे साथ भी अनकॉन्शियसली कभी हुआ था मुझे वो नहीं करना ये मेरा पेशेंट है मुझे उसको ओपनली विद
एंपैथी सुनना है मुझे अपने को उसके जूते में रख के सोचना है कि उसके ऊपर क्या बीत रही है तो ही मैं उसको ट्रीट कर पाऊंगा तो ऐसा होता है तो थेरेपिस्ट अगर ये चीज अप्लाई करता है तो और अच्छे और बेहतर तरीके से एक अच्छा एनवायरमेंट बना के उस यंग मैन की मदद कर सकता है एंड आल्सो द यंग मैन लिड हैपिली एवर आफ्टर आगे फ्रॉड ने एक कांसेप्ट के बारे में बात करी जिसका नाम था कथार्सिस या इमोशनल रिलीज बेसिकली कोई ऐसा इंसान जो कि अनकॉन्शियस में कोई चीजें हैं उसकी वजह से परेशान
है अनकॉन्शियस में रिप्रेस्ड इमोशंस है और वह इमोशंस आप कॉन्शियस में लाने की कोशिश करते हैं जिसको पेंटिंग अप बोलते हैं मतलब अपने अंदर की भड़ास निकालना अपने अंदर की जो परेशानी हो रही है वह निकालना अगर कथार्सिस को और समझे तो वह कहां से आया वो ओरिजनेट हुआ है द ग्रीक टर्म कथार्सिस विद अ के जिसका मतलब होता है प्यूरिफाई साफ सफाई करना जो कि फ्रॉड डायरेक्टली को रिलेट कर रहे थे कि भाई इंसान की अंदरूनी साफ सफाई हो रही है इसके थ्रू जैसे कि ग्रीक ट्रेजेडी में एरिस्टोटल ने बात करी थी कि उस
वक्त जो भी एंफी थिएटर्स और वो सब होते थे ना अब पुराने जमाने में जो बने हुए होते थे वहां पे प्लेस वगैरह होते थे वहां लोग जाते थे और प्लेस देखते थे ट्रैजिक प्लेस देखते थे रोते थे गुस्सा आता था पॉलिटिक्स से रिलेटेड होता था तो गुस्सा आता था लवर ने धोखा दे दिया दूसरे लवर ने अपने अपनी जान दे दी उसके ऊपर पिटी आती थी रोना आता था तो अपने वेंट आउट जिसको बोलते हैं कि अपने वेंट आउट मतलब निकालना बाहर निकालना अपने इमोशंस बाहर निकाल के इंसान को अच्छा लगता था इंसान को
एक अच्छी फीलिंग आती थी दिस इज व्हाट इट इज यह सीधा-सीधा थेरेपी में यूज़ होती है कि भाई थेरेपी में गए हैं ऐसी फीलिंग्लेस कोई किसी के मौत की ग्रीफ को प्रोसेस नहीं कर पाया तो उसको वार्तालाप के थ्रू बातचीत के थ्रू उसके थ्रू उसके अंदर से वह परेशानियां और वो गिल्ट कह लो या फिर वह जो सैड है वह पेसिम ज्म है वो निकालना जिससे कि दे फील गुड बट इस चीज के बारे में कॉन्शियसली पता होता है इंसान को अनकॉन्शियस से सीधा-सीधा कॉन्शियस में उठा के चीजों को रख देना दैट इज व्हाट कथार्सिस
इज इसमें सबसे इंपॉर्टेंट चीज यह है और इसको इसलिए ऊपर रखा जाता है बिकॉज़ इसके अंदर इंसान अवेयर होता है जो भी उसके साथ यह फीलिंग्लेस है जो पास्ट ट्रामा हुआ जो पास्ट में उसके साथ चीजें हुई उसको अब वो लिंक कर पा रहा है अपने प्रेजेंट के साथ और उसको खुद से भी ट्रीट कर पा र हैं अब ओबवियसली पूरी जिंदगी थोड़ी किसी को कोई ट्रामा हुआ लेट्स से 1819 साल की उम्र में वो पूरी जिंदगी थोड़ी साइकोलॉजिस्ट या जो भी थेरेपिस्ट उसके साथ रहेगा तो थेरेपिस्ट उसको तरीके बता देगा कि भाई जबजब तुम्हारे
साथ ऐसा हो तो इस तरीके से तुम अपने आप को इन सिचुएशन में स्टेबलाइज कर सकते हो तो अपने को स्टेबलाइज कर लेगा अलग-अलग थेरेपी सेटिंग्स में अलग-अलग तरीके के कथार्सिस के मेथड्स होते हैं जो आपका साइकोडायनेमिक्स और साइको एनालिटिक में होता है बेसिकली थेरेपिस्ट बात करता है आपके अंदर से वो भड़ास निकालता है आपको मजबूर करता है कि आप अपने अनकॉन्शियस में जाए वैसे मजबूर इन द सेंस डायरेक्टली नहीं बट कहीं ना कहीं आपको गाइड करते हुए दे हेल्प यू आउट कि जिससे आपके अंदर जो मेमोरीज हैं जो रिप्रेस्ड मेमोरीज है वो बाहर निकले
एंड यू आर एबल टू डील विद योर गिल्ट सैड एंगर और आपको एक सेंस ऑफ लिबरेशन फील हो एक और एक और थेरेपी होती है जिसको गेस्टाल्ट थेरेपी कहा जाता है गेस्टाल्ट थेरेपी में बेसिकली आपको रोल प्ले दिया जाता है लेट्स से गिल्ट था आपके फादर है या किसी की मां है किसी के बाप है जो अब नहीं रहा और कभी ना कभी उस इंसान के साथ बदतमीजी से बात करी हो और उसके दूसरे दिन ही उसका एक्सीडेंट हो गया वो खत्म हो गया और एक गिल्ट और ट्रामा बैठ गया कि मैंने आखिरी टाइम पर
अपने मां या बाप से इतनी ज्यादा ब बदतमीजी करी तो आपको थेरेपिस्ट बोलेगा रोल प्ले करो समझो मैं हूं आपका बाप या मां या इमेजिन करो योर फादर और योर मदर एक एक लेट्स से इमेजिनरी आइडेंटिटी बनाओ और उससे बात करो अपना गिल्ट जो है उसके तरफ उसके प्रति बताओ कि मैंने आपके साथ ऐसे बात करी थी और मुझे बहुत बुरा लगा मुझे बहुत अफसोस है मुझे प्लीज माफ कर दीजिएगा तो हो सकता है कि इसकी वजह से आपके अंदर जो गुस्सा भरा हुआ है या ग्रीव भरा हुआ या लेट्स से ब्रेकअप है किसी ने
किसी को धोखा दे दिया तो अब डायरेक्टली नहीं बात कर पा रहे तो एक इमेजिनरी फिगर बनाक उसको बताओ कि मैं कितना गुस्सा हूं तुमने मेरे साथ ऐसे किया तो सामने वालो को बोल के कोई फायदा नहीं आप अपने अंदर ही अपने आप को ही सेटिस्फाई कर पा रहे हैं और अपनी परेशानियों को पीड़ांतक हैं कथार्सिस के पहली बात तो कथार्सिस एक स्लो प्रोसेस है आप अपने इमोशंस रिलीज कर रहे हो अपने अंदर की भावनाएं रिलीज कर रहे हो बहुत आराम से बहुत एक कंट्रोल एनवायरमेंट में किसी की देखरेख में आप किसी की अ सुपरविजन
में आप ये चीजें कर रहे हैं बट इट कैन प्रूव टू बी वेरी वेरी डेंजरस सम टाइम्स हां ठीक है हम यह कह सकते हैं कि हमें वो इमोशंस या हमें वो ट्रामा प्रोसेस करने का टाइम मिलता है थ्रू कथार्सिस बट अगर फॉर एग्जांपल किसी का अभी हुआ है कोई ट्रामा हुआ है और उसको पोस्ट ट्रामेट्स डिसऑर्डर है पीटीएसडी है और आप उसमें कतार सेस करवाने की कोशिश कर रहे हैं तो इंसान पैनिक अटैक में जा सकता है इंसान हार्ट अटैक के थ्रू जा सकता है और उसके बहुत नेगेटिव साइड इफेक्ट्स भी पड़ सकते हैं
तो जहां पर कैथार्सिस एक अच्छी चीज है जहां पे आप किसी इंडिविजुअल को बोल रहे हो भाई अपने इमोशंस निकालो मैं तुमको गाइड करने के लिए हूं उससे मूड बेटर होता है इंसान की जिंदगी बेटर होती है इमोशनल रेगुलेशन कह सकते हैं एक इमोशन के ऊपर रेगुलेशन क्रिएट होता है लेकिन वहीं पे यह बहुत डेंजरस भी प्रूव हो सकता है थोड़ी बहुत कैथार्टिक टेक्निक्स के एग्जांपल यहां पे ले लेते हैं अगर कोई थेरेपिस्ट है कोई कैथार्सिस अपने वो अपने पेशेंट को करवा रहा है तो सबसे पहली चीज आती है गाइडेड इमेजरी जिसमें आपको आपका थेरेपिस्ट
बोलेगा एक रिलैक्स्ड पोजीशन में चले जाइए और फिर वो उस पेशेंट को इमेजरी के थ्रू गाइड करेगा लेट्स से उसके साथ कोई टोमेट इवेंट हुआ है जो उसके दिमाग में या अनकॉन्शियस में जाके बैठ गया है तो एक विजुअल सेटिंग बनाएगा जो थेरेपिस्ट होता है और बोलेगा चलो अब इस विजुअल सेटिंग के थ्रू चलो और एक कंट्रोल एनवायरमेंट में यह नहीं कि बहुत ओवर वेल्मिनिक चीजें हैं जो नेगेटिवली इंपैक्ट कर सकती है लेकिन इसको री एक्सपीरियंस करवाया जाता है जो ट्रामा हो रखा है या जो पास्ट इवेंट्स हो रखे हैं वापस से उसको एक्सपीरियंस करोगे
तो वो चीज इतनी ज्यादा ओवर वेल्मिनिक मेमोरीज जिसको न्यूरॉन फायरिंग कह सकते हो और अभी जो हमने बात करी न्यूरोटिक फील्ड्स न्यूरोटिक बोल रहा हूं जो इलेक्ट्रिक फील्ड्स जो हमारे ब्रेन में क्रिएट होती है थ्रू न्यूरॉन फायरिंग तो अभी तो टेक्नोलॉजी बदल गई है बट हां आपको रियलाइफ कुछ केमिकल्स का ऊपर नीचे होना है और असल में मेरी जिंदगी में प्रेजेंट मोमेंट में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है लेकिन बहुत लोगों को होता है फ्यूचर के चीजों को लेके भी एक ट्रामा डेवलप हो जाता है कि मैं शायद मर जाऊंगा मेरे को चलते-चलते हार्ट अटैक
हार्ट अटैक आ जाएगा मेरे साथ कुछ भी हो सकता है तो उन सब चीजों के लिए भी यहां पे जो गाइडेड इमेजरी है उससे मदद हो सकती है इमोशनली एक्सप्रेसिव राइटिंग एक कागज का टुकड़ा लिया जाए यह हो सकता है जो मैं बता रहा हूं बहुत लोगों को यह सब चीजें हो जो यह देख रहे हैं लेक्चर तो वो सब चीजें ये कर सकते हैं दीज आर प्रैक्टिकली इंप्लीमेंटेबल अ मेथड्स जिसको आप अपनी लाइफ में अप्लाई कर सकते हो तो एक कागज का टुकड़ा लीजिए उसके ऊपर लिखो जो भी अपना ट्रामा हुआ पॉइंट वाइज लिखो
क्या हुआ क्या पर्टिकुलर चीजें हैं जो तंग कर रही हैं जो परेशान कर रही है जो माइंड में बैठ चुकी हैं और वह अब निकल नहीं पा रही और उनको जब लिखोगे ना तो रिलाइज होगा कि वो अब एक्सटर्नलाइज हो चुकी है वो तुम्हारी बॉडी से तुम्हारे माइंड से अटैच नहीं है वह बाहर की तरफ है वह आपको ऐसा लगता है आपकी जिंदगी का पार्ट बन गया है आपकी जिंदगी के अंदर बस चुका है वह लेकिन असल में एवरीथिंग इज एक्सटर्नल एवरीथिंग इज इन्फ्लुएंस आपके अंदर में कुछ नहीं है अंदर में सिर्फ कह सकते हैं
कि ऐसे इमोशंस है जो ट्रिगर हो रहे हैं ऐसी मेमोरीज की वजह से बट वंस यू राइट स्टफ तुम उससे से बाहर निकल सकते हो यहां पे ग्रुप थेरेपी भी आती है कि एक ग्रुप सेटिंग में जिसमें और भी लोग हो सकते हैं ऐसे इमोशंस और ट्रामा के थ्रू गुजर रहे हो सब अपने ट्रामा और इमोशन शेयर करते हैं एक लाइट हार्टेड फीलिंग आती है एक कनेक्शन बिल्ड कर सकते हैं एंपैथी बिल्ड कर सकते हैं एक म्यूचुअल सपोर्ट हो सकता है आप एक इंसान के जहन को यह फील होता है माइंड को कि हां मेरे
जैसे और भी लोग हैं जो एजिस्ट कर रहे हैं और मेरे साथ इन इमोशंस को प्रोसेस कर रहे हैं जैसे फिल्म्स है ना फॉर एग्जांपल फाइट क्लब उसमें भी ऐसे इमोशनल सपोर्ट ग्रुप्स दिखाए हैं हेरेडिटरी जिसने वो हॉरर मूवी देखी उसके अंदर भी इमोशनल सपोर्ट ग्रुप्स हैं कि मां जा रही है अपने ग्रीफ को प्रोसेस करने की कोशिश कर रही है जिसने ब्रेकिंग बैड देखी है उसमें भी देखा होगा कि जो नशे करने वाले लोग होते हैं गांजे वांझ फूकने वाले लोग होते हैं उन लोग के लिए वैसे तो गांजा नहीं वो लोग मिथ करते
हैं मैथ करने वाले लोग होते हैं उन लोग उन लोगों के लिए एक अलग से ग्रुप बना रखा है हो सकता है उनसे वैसे तो रिहैब है एक तरीके से वो बट हां किसी के साथ ट्रामेट्स के साथ पास्ट में बुरा हुआ होगा तो वहां पे एक दूसरे के साथ मिलजु के उसका समाधान और सलूशन निकालने की कोशिश करते हैं दो यहां पे केस स्टडीज ले लेते हैं सबसे पहली केस स्टडी है केस ऑफ मिस टी जिसमें वो टी टी फॉर ट्रेन जिसमें ओल्ड ट्रामा रिलीज करने के लिए वोह आती हैं एज पेशेंट उनको नहीं
पता उनके अंदर ओल्ड रॉम है बट जो थेरेपिस्ट है उसको यह रिलाइज होता है हां यह बंदी है यह बचपन में हमें हमेशा अपने बचपन से लेकर बड़े तक अपने इमोशंस हाइड करके रखती थी जिससे कि शी वांटेड टू शो स्ट्रेंथ पीनेस एनवे की वजह से हो सकता है किसी ना किसी फैलिक स्टेज में कोई भी कोई गड़बड़ रह गई हो उस वजह से हो सकता है बट शी वांटेड टू शो हर स्ट्रेंथ अब क्या हुआ वहां पे उसने बोला थेरेपिस्ट ने बोला कि आप राइटिंग के थ्रू स्केचेस के थ्रू अपनी जो है भड़ास निकालने
की कोशिश करो समझो क्या हो रहा है आपके साथ क्या-क्या सिचुएशन हो रही है ट्राई टू रिमेंबर दैट पेनफुल एक्सपीरियंस एंड पेनफुल मेमोरीज और जब जब ये अपने अंदर से वो पेनफुल मेमोरीज निकालने लगी तब तब उसको एक अच्छी फीलिंग भी हुई बट धीरे-धीरे यह कुछ ज्यादा ही ओवर वेल्मिनिक ऐसी-ऐसी ट्रिगर्स आने लग गए ऐसी-ऐसी पास्ट मेमोरीज आने लग गई जिसकी वजह से वो और ट्रिगर होने लग गई बंदी और ज्यादा परेशान होने लग गई तो थेरेपिस्ट ने समझा कि अच्छा अगर मैं इसको बहुत ज्यादा तेजी से लेके जा रही हूं प्रोग्रेस दिख रहा है
लेकिन प्रोग्रेस का उल्टा भी हो रहा है बहुत ज्यादा ही इसके अंदर जो है जो भी हम लोग जो रिस्पांस आ रहा है इसके तरफ से इसके माइंड की तरफ से बहुत ज्यादा आ रहा है जो कि मैंने टर्मिनल मैन जो किताब है उसके बारे में बताया जिसमें रिस्पांस बहुत ज्यादा आने लग गया सो व्हाट यू नीड टू व्ट व्हाट शी डिड वाज कि इसका लेसन यह लिखा लिया कि स्लोली एंड ग्रेजुएट चलनी चाहिए कथार्सिस जैसी बहुत ज्यादा तेज लेकर चलोगे तो दैट पर्सन माइट रिव रिलीव दैट टोमेट इवेंट वंस मोर यहां पर एक और
आते हैं पेशेंट जिनका नाम है मिस्टर एस एस फॉर सांप या एस फॉर सूअर जो कि वो इंसान नहीं है बट इनके अंदर रिप्रेस्ड एंगर है इन्होंने कभी किसी के ऊपर गुस्सा नहीं किया लेकिन इनको य लगता है मैं अपना कंट्रोल हो दूंगा मैं अपना आप खो दूंगा मैं अपने को कंट्रोल करता हूं किसी तरीके से कि मैं किसी के साथ कुछ गलत ना कर दूं तो थेरेपिस्ट बोलता है ठीक है आपकी ये रिप्रेस्ड कोई इवेंट हो सकता है आप इस चीज को चैनल करो पंचिंग बैग के थ्रू पंचिंग बैग पे मारो जब भी गुस्सा
है एक टाइम बांध लो उसपे मारो थेरेपी के तरह इसको करो वो मारता था बीच में अच्छा भी लगने लग गया उसको लेकिन धीरे-धीरे ना वो चीज डेली लाइफ में कैरी फॉरवर्ड होने लग गई वो अपने आसपास के लोगों के साथ अपने कलीग्स के साथ अपने बच्चों के साथ अपनी बीवी के साथ भी बदतमीजी करने लग गया गुस्सा करने लग ल गया तो थेरेपिस्ट को यहां समझ में आया अच्छा यह बहुत ज्यादा जल्दी जा रहा है जल्दी चल रही है यह थेरेपी जहां इसका एंगर कम होना चाहिए क्रोध कम होना चाहिए उतना ही क्रोध बढ़ता
जा रहा है तो इससे एक और चीज पता लगती है कि भाई साहब हर इंसान की अपनी सेल्फ कंट्रोल स्किल होती है आप थेरेपिस्ट ने ये बोला कि मैं इसको यह नहीं बता सकती बता सकता कि भाई आप पंचिंग बैग के थ्रू उसको चैनल करो क्योंकि जहां यह चैनलिंग करना शुरू कर देता अपने एंगर को वहां गड़बड़ हो जाती है वहां उसके ऊपर वो कंट्रोल नहीं रख पाता तो दूसरी टे इन लोगों ने अप्लाई करी जिसमें वो अपने एंगर को समझने की उससे कोशिश करवाई गई कि अपने एंगर को समझो क्या ट्रिगर मैकेनिज्म से क्यों
आता है जब जब आते है उसको नोट डाउन करो और ऐसे करके मिस मिस्टर एस वाज एस्टेड सक्सेसफुली एंड ही लिड हैपिली एवर आफ्टर अब इनके फाइनली साइको एनालिसिस के क्या इन्फ्लुएंस रहे हैं सिर्फ साइकोलॉजी और मेडिकल साइंस पे नहीं बल्कि इनके इन्फ्लुएंस आर्ट लिटरेचर पे रहे हैं आगे आने वाले फिलोसोफर प भी रहे हैं तो अभी तो फिलहाल हम लोग आर्ट और लिटरेचर के ऊपर बात कर लेते हैं फिलोसोफर के ऊपर आगे चलते हुए बात करेंगे सबसे ज्यादा लिटरेचर में वर्जीनिया वल्फ जेम्स जॉइस जैसे जो राइटर्स थे उनके ऊपर पड़े जो उनके अपने कैरेक्टर्स
थे उनके अपने कॉन्फ्लेट चल रहे हैं उनके अपने इनर थॉट्स चल रहे उनकी अपनी लड़ाई चल रही है तो यहां उनकी किताबों में आप उसकी झलक सिगमंड फ्रॉड के कांसेप्ट की झलक देख सकते हैं यह बहुत हल्ला करेंगे अब वो कर रहे हैं ना कास्ट बना रहे हैं कांक्रीट डालने के लिए अ ये बहुत हल्ला होगा कट यही काटेंगे सर ये कटेंगे यह बहुत परेशान करने वाले हैं अभी ये और देख दोनों टूटने लग गए दोनों साथ वो भी और वो भी इन किताबों में इन राइटर्स ने एक्सट्रीम ऑफ कॉन्शसनेस दिखाने की कोशिश करी कि
एक फ्री फ्लोइंग माइंड है एक फ्री फ्लोइंग स्टेट है जो कि नेचर ऑफ माइंड और लेयर्स ऑफ माइंड को दिखाने की कोशिश करता है कि अपने माइंड में अपने कॉन्फ्लेट्स होते हैं अपने माइंड में अपनी चीजें होती हैं जो कि बहुत ज्यादा अनप्रिडिक्टेबल होती है बट एक फ्री फ्लो में चलती हैं अगर आप थीम्स ऑफ एलियने की बात करें या थीम्स ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन की बात करें तो फ्रांस काफ्का से बेटर कोई नहीं हो सकता एल्बर्ट कामो से बेटर कोई नहीं हो सकता फ्रांस काफ्का की भी जो वन ऑफ द फेमस वर्क है मेटामार्केट बनाया जाके
अगर इंटरेस्ट है तो देख सकते हो बट फ्रांस काफ का जैसे राइटर्स ने एलियने सुरियलिज्म और ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम और नाइट मेरि नाइट मेरिश सिस्टम्स जो होते हैं जिसको काफ का बोला जाता है वो दिखाने की कोशिश करी कि इंसान के अंदर ही किस तरीके से आइडेंटिटी क्राइसिस होती है और उन साइकोएनालिटिक थीम्स की वजह से उन आइडेंटिटी का कैसे क्लैश होता है हर इंसान की अपनी आइडेंटिटी है घर पे एक आइडेंटिटी है बाहर ऑफिस में एक आइडेंटिटी है दोस्तों के साथ एक आइडेंटिटी है और उस आइडेंटिटी को अगर आप पूरी तरीके से हटा दो तो
कैसे लोग आपको ट्रीट करते हैं जो कि मेटामिनडी फ्रॉड की थ्योरी आप देख सकते हैं अगर इन आर्टिस्ट का काम देखोगे सालदो और दाली और रेने मार्गत वो लोग ड्रीम लाइक इमेजिनरी चीजें दिखाते हैं अपने आर्ट के थ्रू बेसिकली वो डिस्टोर्टेड परसेप्शन दिखाना चाह रहे हैं ऐसी चीजें जो लाइफ में हुई हैं बट वो कहीं ना कहीं अनकॉन्शियस में जाके स्टोर हो गई हैं और उसकी वजह से वो आर्ट आपको डिस्टोर्टेड लगता है और भी है मेरे एक फेवरेट आर्टिस्ट है जिनका नाम है फ्रांसिस बेकन फ्रांसिस बेकन बेकन का पेंटिंग देखो बहुत पेसिम मिस्टिक ब
बहुत डार्क होती है वो हर कैरेक्टर के फेस का डिस्टॉर्शन से उनकी लाइफ में क्या उथल-पुथल चल रही थी वो दर्शाने की कोशिश करते हैं कोई भी कैरेक्टर जो भी उनके अ पेंटिंग्स में कैरेक्टर होता है फ्रांसिस बेकन टाइप करोगे एक तो पुराना राजा फिलोसोफर भी दिखा देगा बट एक फ्रांसिस बेकन एक आर्टिस्ट भी है आर्टिस्ट टाइप करोगे तो देखोगे बड़ी डार्क इमेजरी है उनकी फेस डि डिस्टोर्टेड है अजीब तरीके से फेस हैं जो उनके लवर्स थे उनके फेस को डिस्टोर्ट कर देते थे अगर कोई फेस अच्छा आपको दिख रहा है बहुत अच्छा नहीं अच्छा
मतलब प्रोपोर्शनल दिख रहा है मतलब उसके साथ उसका रिलेशन अच्छा था अगर वो फेस डिस्टोर्टेड है तो उसके साथ उसके संबंध अच्छे नहीं थे और उसके साथ कहीं ना कहीं उसका एक अनकॉन्शियस या सबकॉन्शियस ट्रामा है सिंबॉलिज्म ऑफ मोटिव्स का इस्तेमाल हुआ अगर आप मार्गत मार्गरिट पिज्जा बना दिया सिंबॉलिज्म ऑफ मोटिव्स अगर आप मागते का वर्क देखें तो उनके काम में आप सिंबल्स देखेंगे एप्पल मास्क जो कि सिंबल दिखाना चाह रहे हैं एक इंटेंट है उस आर्टिस्ट के पीछे एक डीप हिडन मीनिंग है उस हिडन मी को थ्रू सिंबल्स एंड सिंबॉलिज्म वो दिखाने की कोशिश
करी गई है कल्चरल क्रिटिसिजम में जाएं तो यह देखा जा सकता है कि किस तरीके से कल्चर और सोसाइटी एक इंसान को इनवर्ल्ड परेशान कर सकता है और उसके अंदर बहुत तरीके के ट्रामा भी फिटन हो सकते हैं बहुत तरीके के आप यह कह सकते हो फीलिंग भी फिट इन हो जाती है उसके कल्चर को लेके आइडियो जीी एंड पावर के ऊपर बहुत थिंकर्स ने बात करी जैसे जक लेकन जैसे फ्रेंच थिंकर्स आए जो कि खुद भी एक साइको एनालिस्ट उन्होंने कहा कि सोसाइटी एक इंसान की कलेक्टिव आइडेंटिटी बिल्ड कर सकता है और कल्चरल इन्फ्लुएंस
जो कि बहुत वाइडर स्केल पे है वो एक इंसान की पर्सनल आइडेंटिटी को भी शेप कर सकता है तो व पर्सनली भी उसको इन्फ्लुएंस कर सकता है तो सोसाइटी को बहुत सोच समझ के आगे बढ़ना चाहिए तो ये सब हुआ फिल्म्स के थ्रू हुआ कल्चरस के थ्रू हुआ आर्ट के थ्रू हुआ क्योंकि थिंकर्स का मेन आर्गुमेंट था कि एक सोसाइटी किस तरीके से फंक्शन कर ी है बहुत इंपॉर्टेंट है हमारे आने वाले युवा नौजवानों के लिए क्योंकि वही डिसाइड ड करेगा फ्यूचर की हमारे युवा हमारा यूथ कैसा असल में लगेगा पार्ट फाइव में आते-आते हम
बात करते हैं भाई साहब कुछ कंट्रोवर्सी जो फ्रॉड की थ्योरी में थी कुछ कंट्रोवर्शियल टॉपिक्स जिसके ऊपर लोगों ने बहुत निंदा भी करी कि भाई यह तो बकवास करता है यह पगलेट आदमी है तो कुछ भी बग गया बुढा हो खिसक गया था बट इनकी चीजें आज की साइको एनालिसिस में बहुत मदद करती हैं चाहे लोग कितनी भी गाली दे ले कोई भी तरीके की चीज कोई भी तरीके का स्कूल ऑफ थॉट भले ही लोग कि उससे कितना चिड़े वो कहीं ना कहीं सोसाइटी में प्रोडक्टिविटी लाता है भले ही वो आपको गलत लगे बट वो
चीज गलत है उस चीज को गलत करार देना भी एक प्रोडक्टिव काम है कि हां भाई वो गलत है हमने ये चीज समझी कि वो स्कूल ऑफ थॉट गलत है अगर वो स्कूल ऑफ थॉट नहीं आता तो शायद हमें पता भी नहीं लगता कि कोई गलत चीज भी एजिस्ट करती है तो मतलब समझ रहे हो मैं क्या बोल रहा हूं मैं ज्यादा फिलोस फिकल हो गया यहां पे बट सबसे पहला क्रिटिसिज्म इनको मिला इनकी साइकोसेक्सुअल स्टेजेस के ऊपर जो इनकी पांच साइकोसेक्सुअल स्टेज थी सबसे पहली चीज तो इनको यह कहा गया कि भाई बहुत ज्यादा
सेक्सुअलिटी के ऊपर बहुत सेक्सिस्ट है ठीक है मिसोनी है सेक्सिस्ट है और फ्रेडरिक नीचा को यह पढ़ते थे तो बहुत लोगों ने यह भी क्लेम किया कि भाई क्योंकि यह नीचा को पढ़ता है नीचा को भी सेक्सिस्ट और मिसोनी कहा गया जोकि बहुत रेयरली उनके काम में दिख जाता है वह डायरेक्टली इंप्ला नहीं करना चाहते थे ही वाज अ वेरी अ फेमस प्रोपेगेटर ऑफ फेमिनिस्ट वह सपोर्ट भी करता है तो औरतों को बट उनके काम में कहीं-कहीं कोई कठोर लाइनों की वजह से झलक दिखला जाती है है ना जैसे गॉड्स सेकंड मिस्टेक इज वुमन ऐसे
ऐसे कांसेप्ट सबसे पहले जो इनकी साइकोसेक्सुअल थ्योरी को गाली पड़ी व इसलिए गलिया गया क्योंकि साइंटिस्ट ने कहा इसकी कोई साइंटिफिक बैकिंग नहीं है कोई प्रूफ नहीं है कोई एविडेंस नहीं है यह बस वेरियस केस स्टडीज के ऊपर है जो कि अन ऑर्गेनाइज केस स्टडीज है या फिर वो ऐसी केस स्टडीज है जो किसी की रेख में नहीं हुई है सिगम फ्रॉड और उनके कुछ कलीग्स ने करी है सो वी कैन नॉट से क्योंकि वो साइंटिफिक वेज को नहीं सेटिस्फाई करते हैं तो वी कैन नॉट से कि वो हर केस में ट्रू है और यह
कहा कि हो सकता है वो थ्योरी हवाबाजी हो वो थ्योरी कुछ केसेस में अप्लाई होती हो लेकिन मोस्ट ऑफ द केसेस में नहीं होती है क्रिटिक्स ने यह भी कहा कि इनका जो ओवर एमफसिस रहा है चाइल्डहुड सेक्सुअलिटी के ऊपर कि सब कुछ उठा के सेक्सुअल अट्रैक्शन प फेंक दिया गया जेनिटल्स पे फेंक दिया गया मानते हैं कि बचपन की जो भी चीजें होती हैं वो एक इंसान की पर्सनालिटी को डेवलप करती है लेकिन जरूरी नहीं है वह सेक्सुअल ट्रेट्स हो जिस तरीके से फ्रॉड ने समझा है तो इस चीज को बहुत ज्यादा गाली बकी
गई कि तुमने तो बच्चों को एक ऑब्जेक्ट के तरह ही बना दिया कि बस सेक्स है बस सेक्सुअल अट्रैक्शन है और एक बच्चा है और इतना छोटा बच्चा जिसमें कोई अकल नहीं है जिसका माइंड ठीक से डेवलप नहीं हुआ या डेवलपिंग स्टेज में है क्या तुम्हें लगता है वो इतनी कॉम्प्लिकेटेड चीजों को ग्रास्पर पाएगा भले ही वो फ्रॉड कहना चाह रहे अनक अनकॉन्शियसली हो रहा है फिर इनकी इनफ्लेक्सिबिलिटी ऑफ स्टेजेस जो थी उसको गलिया गया इनफ्लेक्सिबिलिटी मतलब फ्रॉड ने दिखाया कि साइकोसेक्सुअल स्टेजेस में अगर कुछ भी दिक्कत आती है तो इंसान की जिंदगी ऐसी हो
जाएगी एडल्टहुड में और एडल्ट हुड में उसकी जिंदगी आगे ऐसे प्रोग्रेस करेगी अब साइंटिफिक स्टडीज और साइकोलॉजिकल स्टडीज यह बताती है कि इंसान का माइंड और भी ज्यादा कॉम्प्लेक्टेड स्पेक्ट्रम ऑफ फैक्टर्स होते हैं मतलब बड़े तरीके के फैक्ट बहुत अलग-अलग विभिन्न प्रकार के फैक्टर्स होते हैं जो कि इफेक्ट करते हैं एक इंसान की साइकोलॉजी तो आप यह नहीं कह सकते पांच स्टेजेस के बलबूते पे कि भाई साहब इंसान की जिंदगी इस लीनियर पाथ पे ही चलेगी इंसान की जिंदगी ऐसे-ऐसे चलती है ऊपर भी जा सकती है नीचे भी जा सकती है फैक्टर्स बहुत ज्यादा वैरी
कर सकते हैं जो फ्रॉड का पीनेस एनवी का कांसेप्ट था ये जो उनकी थ्योरी थी फेमिनिटी के ऊपर बेसिकली कि जो हमने पढ़ा इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्शन एनवी होती है तो इनको बहुत ज्यादा सेक्सिस्ट क्लेम किया गया कि भाई जब मतलब फ्राइड का बेसिक कांसेप्ट तो यही था कि जो मदरहुड होती है एक औरत का शादी करने की क्षमता होती है पर्सनालिटी होती है पूरी इस पीनस एनवी के थ्रू ही डेवलप होती है तो कहा गया कि ऐसा नहीं होता भाई आप तो एक औरत को पूरी तरीके से एक कंपार्टमेंट में डाल के ये बोल रहे हैं
औरत मतलब जलती है लड़का नहीं जल सकता औरत ही जल रही है और औरत इनकंप्लीट है और पूरी जिंदगी अपने आप को इनकंप्लीट फील फील करती है और ऐसा हर केस में ट्रू नहीं होता बहुत बहुत औरतें बहुत सक्सेसफुल भी फील करती हैं साइकोलॉजिकली और फिजियोलॉजिकली बहुत स्टेबल होती है उनको किसी तरीके की ए एवी एनवीएस फीलिंग नहीं होती तो भैया फ्रॉड बाबा आप औरतों के ऊपर सेक्सिस्ट क्लेम्म मेल डेवलपमेंट को लेक इनके नैरो पर्सपेक्टिव थे ज्यादातर क्रिटिक्स ने यह कहा कि पूरा मेल ओरिएंटेड और मेल सेंट्रिक इनकी थ्योरी थी फीमेल को लिमिटेड दिखाया और
इनकी जो ये फीमेल की लिमिटेशंस थी वो डीप रूटेड जो जेंडर इनक्व और जेंडर बायससनेट होती थी व आ रही थी मतलब समझ रहे हो अपनी उन्होंने चीजें आउट आउटसोर्स बाहर की तरफ कर दी और चूंकि वह बहुत ज्यादा मेल ओरिएंटेड सोसाइटी थी तो उससे इन्फ्लुएंस होके मेल ओरिएंटेड थ्योरी ज्यादा थी इनकी ज्यादा डेप्थ में थी और फीमेल ओरिएंटेड थ्योरी को इन्होंने ऐसी हवाबाजी में निकाल दिया कुछ फीमेल साइको एनालिस्ट और साइकोलॉजिस्ट आगे आई जिन्होंने फ्रॉड को यह कहा कि इन्होंने कल्चरल और सोसाइटल इन्फ्लुएंस को इग्नोर किया एक बड़ा यूनिक सा नाम है कैरन होर्नी
करके वो एक फेमिनिस्ट भी थी फेमिनिस्ट प्रोपो गटर भी थी ऐसे ये दोनों शब्द अगर देखें तो दोनों का नेगेटिव मीनिंग ही निकल के आता है आज की डेट में अगर आप मॉडर्न एरा में देखें यू नो बहुत ज्यादा विविड मीनिंग निकल के आता है बट बट हमारा फोकस यहां पे रहेगा उन्होंने क्या कहा उन्होंने यह कहा कि सिंपली भाई आप पीनस एनवी नहीं कह सकते वोम एनवी भी कह सकते हैं उनका कह रहे इनका एक कांसेप्ट है आप जाके देख सकते हो खुद भी बट उन्होंने कहा वो एनवी भी हो सकता है और फ्रॉड
की थ्योरी जो है सीधा-सीधा कल्चरल बायससनेट खुद भी एक भगौड़ा था और दूसरे मर्दों को भी सिखाता था कि कैसे औरतों को नीचे गिराया जाए इनके जो सेक्सुअल डिटरमिनिज्म का कांसेप्ट था उसको बहुत ज्यादा गाली पड़ी अभी जो थ्योरी आते हैं अभी जो साइंटिस्ट और साइकोलॉजिस्ट आते हैं वो यह कहते हैं कि फ्रॉड ने सिंपली कहा कि भाई सेक्सुअल डिजायर्स इंसान की पर्सनालिटी को एडल्टहुड तक इन्फ्लुएंस करती है इन लोगों ने कहा नहीं भाई बहुत इन्फ्लुएंस होते हैं आर्टिस्टिक इन्फ्लुएंस होते हैं कल्चरल इन्फ्लुएंस होते पर्सनल एक्सपीरियंस होते हैं जो बहुत क्रुशल रोल प्ले करते हैं
जरूरी नहीं है दे दे आर ऑलवेज सेक्सुअल इन नेचर वह अलग भी हो सकते हैं तो फ्रॉड ने उसको एक ही नाव के ऊपर रख के बोला जाओ सहर करके आओ बेस्ड ऑन सेक्सुअल डिजायर्स वो गलत है विभिन्न प्रकार की चीजें वाइड स्पेक्ट्रम ऑफ चीजें इसमें काम कर रही है फिर और मॉडर्न एरा में जैसे-जैसे हम आते हैं और जनजी पॉपुलेशन की तरफ बढ़ते हैं तो यह कहा गया कि इनका फोकस हेट्रो नॉर्मेटिविटी के ऊपर बहुत था मतलब मेल फीमेल्स के ऊपर ही था उनके बीच के रिलेशनशिप रिलेशनशिप्स के ऊपर था जो एलजीबीटी क्य कम्युनिटी
है अब तो एलजीबीटी क्यू प्लस हो गया है भाई साहब आगे चीजें जुड़ने लग गई हैं साइंस जुड़ने लग गए हैं उस कम्युनिटी के बारे में कोई बात ही नहीं है क्योंकि उनकी पूरी पर्सनालिटी अलग होती है उनकी डेवलपमेंट अलग होती है उनकी सेक्सुअल डेवलपमेंट अलग होती है उनके डिजायर सेक्सुअल डिजायर डेवलपमेंट अलग होती है तो वो तो पूरी तरीके से एक्सक्लूड ही हो गए ऐसा तो नहीं है उस जमाने में नहीं होते होंगे उस जमाने में भी होते होंगे तो उनका क्या उनके बारे में कौन बात करेगा फिर इनको जो अपने करियर का सबसे
सबसे बड़ा क्रिटिसिज्म मिला वो था रिडक्शनिस्म व्हिच इज अपने थ्योरी को बहुत ज्यादा ओवर सिंपलीफाई कर दिया इन्होंने इंसान के बिहेवियर्स बहुत कॉम्प्लेक्टेड वाइड करके नहीं बता सकते हां यही है भैया जो है एक्सेप्ट करना है करो बेसिकली फ्रॉड ने कहा अग्रेशन है और सेक्सुअलिटी है इन दोनों की वजह से इंसान जो करता है करता है ह्यूमन सोसाइटी का आधार यही है इसी के ऊपर इंसान के पूरे बिहेवियर पैटर्स बेस होते हैं ट्रिगर्स बेस होते हैं और आगे जाके वह कैसे अपनी एडल्ट लाइफ को कंटिन्यू करेगा बेस होता है लेकिन ओबवियसली मॉडर्न टेक्नोलॉजी मॉडर्न एरा
मॉडर्न साइंटिस्ट यह कहते हैं कि इंसान का दिमाग और ज्यादा कॉम्प्लेक्शन से आप इतने वैरायटी ऑफ एक्सपीरियंस को नहीं समझा सकते और उसको आप रिड्यूस करके बॉल डाउन करके दो चीजों पे नहीं रख सकते हैं इसके अंदर डेप्थ होती है और हर इंसान का दिमाग अलग तरीके से काम कर करता है जरूरी नहीं है सीगी बाबा की चीज यहां पे भी अप्लाई हो हर इंसान पे अप्लाई हो जो रिजिल डिटरमिनिज्म है जोकि फ्रॉड कह रहे हैं एक सेक्सुअल चीज है उसकी वजह से इंसान इन्फ्लुएंस है न्यू साइंटिस्ट आए न्यू थ्योरी आई वो कह रही है
कि नहीं भाई कोई न्यू एक्सपीरियंस का अगर आपके ऊपर एक्सपेरिमेंट किया गया या कोई न्यू एक्सपीरियंस आपकी लाइफ में आया तो आपकी पर्सनालिटी स्विच कर सकती है और बहुत तगड़े तरीके से चेंज कर सकती है चुटक में मजा आता है कभी-कभार तो यह नहीं कहा जा सकता कि एक सेक्स है सेक्सुअल अट्रैक्शन है सेक्सुअल डिजायर है हां भैया इंसान की पूरी पर्सनालिटी अब हमने प्लेट प उठा के रख दी और कोई न्यू न्यू एक्सपीरियंस आके उसको हिंडरलैंड कर सकता है तो ऑल इन ऑल मॉडर्न पर्सपेक्टिव्स आए फ्रॉड की थ्योरी थ्योरी को कहा कि हां भाई
बेस पर उसको ले सकते हैं एक अच्छा फाउंडेशन ले करने के लिए है समझने के लिए अच्छा है लेकिन पूरी तरीके से उस परे हम अपनी चीजें उठा के नहीं डाल सकते एरिक एरिक्सन जैसे जो साइको एनालिस्ट है जिन्होंने साइ साइकोसोशल स्टेजेस के बारे में बात करी उन स्टेजेस को आगे मतलब ओबवियसली हम इस यहां पर इसके बारे में बात नहीं करेंगे फालतू में लेक्चर लंबा नहीं करना जो कि वैसे ही बहुत लंबा हो गया है और पर्सनल ग्रोथ कैसे इंपॉर्टेंट होती है एक्सपीरियंस कैसे इंपॉर्टेंट होते हैं और इंसान एक छोटी सी चीज में सीमित
नहीं होता छोटी सी फीलिंग में दो दो तीन फीलिंग में सीमित नहीं होता उनकी फीलिंग बहुत ज्यादा बड़ी और विविड होती है पार्ट सिक्स प हम लोग आ जाते हैं फ्रॉड के क्या लेटर थ्योरी थी और डेवलपमेंट उन्होंने खुद भी क्या डेवलपमेंट्स करी सबसे पहला तो बियोंड अ प्लेजर प्रिंसिप था जिसमें इन्होंने देखा कि प्लेजर प्रिंसिपल के बियोंड भी चीज है जिसको रिपीटेशन कंपल्शन बात करी जो कि वॉर वेटरन के बारे में बात करी ना वो अपने सपने में बार-बार वही नाइटमेयर्स देखते रहते हैं कि प्लेजर सीख करने के लिए कुछ भी कर सकता है
आपका माइंड उससे उसको प्लेजर मिल रहा है उससे वो चीज खींचना चाह रहा है कुछ एक्सट्रैक्ट करना चाह रहा है तो फ्रॉड ने बोला यार यहां तो कुछ अलग ही चीज आ रही है एक नाइटमेयर है एक ट्रामा है लेकिन माइंड उसको सपने के थ्रू बार-बार बार-बार रिलीव करने की कोशिश कर रहा रहा है और फ्रॉड ने फाइनली यह कहा कि जरूरी नहीं है कि यह गलत तरीका हो या सही तरीका हो बट हम यह कह सकते हैं कि माइंड जानबूझ के उसको बार-बार रिलीव करता है जिससे कि वह खुद पर उसको रिलीव रिलीव कर
कर के समझ जाए उसको आदत लग जाए उसका दिमाग आदि हो जाए और खुद से उस परेशानी का समाधान निकल जाए तो कुछ ऐसी चीजें हैं जो माइंड खुद भी जो अनरिजॉल्वड कॉन्फ्लेट्स है माइंड खुद भी उसका इलाज करने की कोशिश करता है जिसका इन्होंने ओबवियसली नाम दिया बियोंड द प्लेजर प्रिंसिपल यह जो स्लाइड है यह बहुत ज्यादा कठोर हो सकते है तो भैया व्यूअर डिस्क्रीशन इज एडवाइज फ्रॉड बाबा ने जो भी कहा जो भी रिलीजन के ऊपर बात है रियलिटी है रियलिटी हार्ड हिटिंग हो सकती है अगर आप बहुत ज्यादा दिल से धार्मिक इंसान
है तो अपना कलेजा संभाल के यह चीज देखें क्योंकि यहां पे रियलिटी और फैक्ट्स के बारे में बात करें करी जाएगी जो भी फ्रॉड ने कहा या जो भी मैं बोल रहा हूं क्योंकि लोग घुमा फिरा के मेरे ऊपर ही इल्जाम डालते हैं जैसे मैंने ये चीजें कही बट द पॉइंट टू बी मेड इज कि चीजों को ओपन पर्सपेक्टिव से ना यहां पे अपने दिल पर मत ले लेना और ओपन माइंड से देखो समझो क्या पता अगर तुम बहुत धार्मिक इंसान हो तो तुम्हारा फेथ ही स्ट्रंग हो जाए फिर उन्होंने बात करी द फ्यूचर ऑफ
एन इल्यूजन के ऊपर उन्होंने कहा रिलीजन धर्म एक इल्यूजन है और धर्म एक ऐसी चीज है जो इंसान को लगता है कि वह उसको कंफर्ट दे रहा है बट वह असल में कंफर्ट नहीं दे रहा उसको उसके फियर से फेस करने से दूर भेज रहा है इंसान चूंकि मौत से डरता है इसलिए उसने धर्म का कांसेप्ट बनाया इंसान ह्यूमन कैन नॉट एक्सेप्ट कि वो इम्मोर्टल है कि वह मरने वाला है तो उसने आफ्टर लाइफ का कांसेप्ट बना लिया उसके माइंड ने आफ्टर लाइफ का कांसेप्ट बना लिया मन भिड़ंत कहानियां बना ली जिससे कि वह अपने
अंदर ही खुशियां ढूंढ सके कि हां भाई मेरे मरने के बाद जो कि मैं एक्सेप्ट नहीं कर सकता कुछ और भी एजिस्ट करेगा रिलीजन जो है एक सेंस ऑफ ऑर्डर देता है पर्पस देता है क कंफर्ट टू इंडिविजुअल देता है और एक हायर ह्यूमन बिहेवियर के तरफ आपको भेजता है कि भाई इस तरीके के एथिकल कोड्स होने चाहिए यह पनिशमेंट्स होनी चाहिए यह रिवॉर्ड सिस्टम होने चाहिए रिवॉर्ड मैकेनिज्म होंगे लेकिन फ्रॉड ने कहा यह एक लिमिट तक आपको खुश रखेंगे यह एक लिमिट तक आपको कंफर्ट में रखेंगे बिकॉज़ यह रैशनल इंक्वायरी और रैशनल थॉट के
बिल्कुल उलट है यह सुपर नेचुरल एंटिटीज के ऊपर बिलीव करते हैं जो शायद एजिस्ट ही ना करती हो और इंसान ने अपने दिमाग में ही बनाया हुआ हो 100% कोई शोली नहीं कह सकता कि यह चीज एजिस्ट कर ही रही है हम बस अपने कंफर्ट को जस्टिफाई और सेटिस्फाई करने के लिए रिलीजस को सीख करते हैं रिलीजस के एथिकल कोड्स को सीख करते हैं और सोचते हैं कि चूंकि हम उन एथिकल कोड जो कि एक सुपर नेचुरल एंटिटी ने दिए हैं उस वजह से हम अपनी लाइफ में सक्षम है हम अपनी लाइफ में मुकम्मल हैं
फिर फ्रॉड ने कहा कि एक पर्सनल प्रोटेक्शन आपको मिल चुकी है रिलीजन के थ्रू एक सुपर नेचुरल एंटिटी है मैंने जब फिलोसोफी की शुरुआत करी थी जब मैंने ये सब कुछ नहीं पढ़ा था तो मैंने एक गॉड लेटस से आप सबसे ज्यादा भरोसा करते हो लेट्स से उस दिन मां ने आपको चाटा लगा दिया चाटा लगा दिया अब वोह आपकी सोल स्ट्रेंथ ऑफ वर्म नहीं है अब आप कोई और सोल स्ट्रेंथ ऑफ वार्म ढूंढोगे मां से बड़ा क्या हो सकता है दुनिया में आप अगर बच्चे हो तो इंसान जैसे-जैसे बड़ा होता जाता है तो उसको
एक गॉडल फिगर इमेजिन करने लग जाता है और वो फिगर ऐसा होता है जिसमें वो सारी कैरेक्टरिस्टिक डाल देता है जो वो दुनिया में इमेजिन करता है परफेक्ट वर्थ परफेक्ट लव परफेक्ट पावर परफेक्ट अफेक्शन और परफेक्ट पनिशमेंट और उसको वो गॉड का नाम दे देता है वर्म ढूंढने के लिए तो इंसान साइकोलॉजिकल लेवल पे वो वर्म एक्सटर्नली ढूंढता है तो वो गॉड का कांसेप्ट बिल्ड कर लेता है तो उसके ऊपर मैंने थोड़ा सा वर्णन किया था और इसके ऊपर फ्रॉड ने भी बात करी जो कि मेरे को जब फ्रॉड के अंदर घुसा तब पता लगा
भाई साहब फ्रॉड बाबा भी बोल चुके हैं फिर फ्रॉड ने कहा जैसे-जैसे इंसान आगे बढ़ता है अपनी जिंदगी में हो सकता है रीजन और साइंस से वो थोड़ा धर्म से अलग हट जाए उसके अंदर रैशनल आ जाए इंटेलेक्चुअलिटी आ जाए वो पर्दे फाश करना शुरू कर दे लेकिन इस चीज से जो रिलीजन से जो वह चिपक जाता है रिलीजन जो उसको कंफर्ट प्रोवाइड करता है अल्टीमेट कंफर्ट क्योंकि मरने के बाद का कंफर्ट प्रोवाइड कर रहा है रिलीजन उस चीज को छोड़ना जरा मुश्किल चीज है उस चीज को छोड़ना मुश्किल काम है सिगम फ्रॉड ने सीधा-सीधा
रिलीजन को कहा कि वो एक साइकोलॉजिकल फिनोमिना है रदर अ मिस्टिकल वन वो कोई जादुई फिनोमिना नहीं है आपके साथ जादू नहीं हो रहा स्पिरिचुअल जादू नहीं चल रहा है वो साइकोलॉजिकल फिनोमिना है जो आपके अनकॉन्शियस में वर्क कर रहा है बिहाइंड द सीनस काम कर रहा है और आपको लग रहा है कि कि वो एक मिस्टिकल चीज मेरे साथ हो रही है तो यहां पे इन्होंने कुछ ब्रेकडाउन दिए कुछ पॉइंट्स के ब्रेक डाउन दिए जैसे रिलीजन एज अ प्रोजेक्शन फादर बोलते है ना क्र क्रिश्चियनिटी में फादर बोला जाता है तो बचपन में फादर तो
आपका एक स्ट्रांग फिगर हो गया अ द होली फादर के बारे में जो बात होती है बचपन में एक स्ट्रंग फिगर हो गया अथॉरिटेटिव फिगर हो गया अब जैसे आप बड़े बन रहे हो वो फादर फिगर के अंदर आपको कमियां दिखती है नुआंसेस दिखते हैं अब आप बड़े हो रहे हो आपको वो स्ट्रांग फादर फिगर वापस से रिलीफ करना है तो आप एक मिस्टिकल फादर फिगर बना लेते हो आप एक कोई भी जो भी होते हैं मिस्टिकल फादर फिगर बना लेते हैं जिसको गॉड का कांसेप्ट दे दिया जाता है और उसके आप पर्दे में उसकी
चादर के नीचे रहने की कोशिश करते हैं विश फुलफिलमेंट करता है हमारी विश क्या है पैसा आ जाए सब कुछ आ जाए लेकिन इस पैसे का क्या यूज इस्तेमाल जब आपको एक दिन सबको मरना ही सब यहां पर छोड़ के जाना है तो आपकी विश हो गई फुलफिल भाई एक गॉड है वो गॉड आपको अनलिमिटेड वेल्थ देगा वो गॉड आपको अनलिमिटेड लाइफ देगा आप इम्मोर्टल बन जाओगे उससे बढ़िया चीज क्या हो सकती है वो डिवाइन आपको सब कुछ दे रहा है वो डिवाइन आपको जो आपका सबसे बड़ा फियर है द फियर ऑफ डेथ कि डेथ
के बाद क्या होगा डेथ के बाद मैं किस तरीके से एजिस्ट करूंगा क्या मेरे क्या मेरी आंख बंद हो जाएगी या मैं कहीं जाके वापस जन्म लूंगा या मेरे को कोई हेवन मिलेगा हेल का कांसेप्ट मिलेगा जो भी मिलेगा तो आपकी वो विश फुलफिल हो रही है तो उससे आपको एक मोरल कोड ऑफ कंडक्ट आता है कि यहां अगर मैं अच्छे कर्म करूंगा तो मेरी विश वहां पे फुलफिल होगी डिजायर है ऐसा नहीं है डिजायरेबल नहीं है वो जो इंसान है जो धर्म को पूरी तरीके से फॉलो कर रहा है वो लाल नहीं है उसको
लालसा है भले ही इस दुनिया की लालसा ना हो मटेरियल इिक चीज जो सामने उसकी लालसा ना हो लेकिन आफ्टर वर्ल्ड की आफ्टर लाइफ की लालसा है तो इंसान का बेसर डिजायर इस तरीके से किक इन और ट्रिगर हो रहा है भाई साहब वो जाता कभी नहीं है फ्रॉड ने कहा कि जो भी माइथोलॉजी स्टोरीज कहानियां सुन रहे हैं जो भी आप रिलीजस में कहानियां बनी हुई है माइथोलॉजी है वह सब आपके अनकॉन्शियस से आ रही है वो रोल ऑफ द अनकॉन्शियस है जो फियर्स हैं और डिजायर्स हैं जो अनकॉन्शियस में कते वो एज सपने
एज थॉट्स बाहर निकल के आ रहे हैं और वह बाहर निकल के आते हैं तो ऐसा लगता है कि आपको एक डिवाइन स्पिरिट गाइड कर रही है आपको एक मिस्टिकल स्पिरिट गाइड कर रही है और उस वजह से आप कोई काम नहीं कर पाते कोई फंक्शन नहीं कर पाते इन योर प्रेजेंट लाइफ और सब कुछ उठा के आफ्टर वर्ल्ड आफ्टर लाइफ पर डाल देते हो फ्रॉड ने एक प्राइमलूना कहा कि एंट ट्राइबल लाइफ में जो एक स्ट्रंग फादर फिगर होता था जो या जो मुखिया होता था उस ट्राइब का उसको फादर फिगर के साथ देखा
जाता था क्यों क्योंकि वो लीडर भी है वो लॉ इंफोर्सर भी है उस पर्टिकुलर ट्राइब में जो जो लॉज एंड रेगुलेशंस होंगे और फ्रॉड ने यह कहा कि वो जो जो ट्राइब के लोग होते थे वो उसको रिप्लेस करना चाहते थे या मारना चाहते थे जिससे उनके अंदर एक फीलिंग ऑफ गिल्ट उत्पन्न हो और उस गिल्ट की वजह से इंसान के अंदर और ज्यादा रिस्पेक्ट आए जैसे डिप अस कॉम्प्लेक्शन हो जाता है और बाद में वह एक रिस्पेक्ट के फॉर्म में आता है अपने फादर फिगर की तरफ जिसमें वह अपने पिता श्री के चरणों पर
चलने की कोशिश करता है और यही है रिलीजस रेवरेंस जिसमें रिलीजन के प्रति एक अंदर से सम्मान उत्पन्न होक आता है जो कि अनकॉन्शियसली किसी रिप्रेस्ड गिल्ट की वजह से क्रिएट हो रहा है तो ऑल इन ऑल फ्रॉड ने कहा भाई साहब यह जो रिलीजन है वह साइकोलॉजिकल नीड और गॉड का कांसेप्ट साइकोलॉजिकल नीड्स की वजह से निकल के आता है ना कि कोई एब्सलूट ट्रुथ के तरफ गाइड कर रहा है और जिस दिन कलेक्टिवली इंटेलेक्चुअल चीजों की तरफ बढ़ना शुरू करेगी वैसे-वैसे रिलीजस का बोलबाला अपने आप कम हो जाएगा और रिलीजन अपने आप खत्म
हो जाएंगे फ्रॉड किसकिस से इन्फ्लुएंस थे यहां पे जरा थोड़ी सी हम बात कर ले किन-किन लोगों ने उनको मेजर्ली बहुत लोगों से इन्फ्लुएंस था बट मेजर्ली किन-किन लोगों ने इन्फ्लुएंस किया सबसे पहले थे फ्रांस बंता एक जर्मन फिलोसोफर साइकोलॉजिस्ट फिर हम बात करेंगे थियोडोर लिप्स के बारे में जर्मन फिलोसोफर और फ्रदर विल्हेम नीचा हमारे नीचा बाबा फिलोलॉजिस्ट फिलोसोफर और एक सोशल क्रिटिक तो सबसे पहले हम ले लेते हैं इन्फ्लुएंस ऑफ फ्रांस ब्रंटन क्या ब्रंटन ने इनके ऊपर दिया इन्फ्लुएंस तो बंता और फ्रॉड ने एक साथ काम किया दोनों कलीग्स थे और फ्रॉड ने इनके
अंडर भी काम किया और साइकोलॉजी के ऊपर इन लोगों ने और साइकोलॉजी रिलीजन के ऊपर इन दोनों ने मिलके काम किया और जो कोर आइडियाज थे जो फ्रॉड ने इनके ब्रंथन के अपने ऊपर अपनाए वो थे एंपर एंड साइंटिफिक रिगर इन साइकोलॉजिकल स्टडीज कि साइकोलॉजी अलग नहीं है साइंस से साइकोलॉजी बेस्ड ऑन एमपरिवहन यहां पर द कांसेप्ट ऑफ इंटेंशनलिटी के बारे में बात करी कि माइंड जो है किसी पर्टिकुलर ऑब्जेक्ट की तरफ जाता है खिंचा चला आता है कहां गए हमारे कोटेट भाई शिरो भाई यह रहे तो इसके तरफ भगा चला जाता है इंसान कोई
ऑब्जेक्ट है जिसके पीछे उसको जाना है और उस ऑब्जेक्ट को पाने के लिए वो कुछ भी कर सकता है ये इंसान को फेस टू फेस पता नहीं होता ये पीछे से कहीं चल रहा होता है जिसने फ्रॉड की अनकॉन्शियस थ्योरी को बहुत ज्यादा प्रभावित किया अब यहां पे बंता दोनो ने कहा कि भैया ऐसा है अनकॉन्शियस मेंटल स्टेट कुछ नहीं होता जो होता है वो कॉन्शियस होता है जो भी चीज होती है ऑल मेंटल जो भी मेंटली चल रहा है वो कॉन्शियसली हो रहा होता है और फ्रॉड ने कहा ऐसा नहीं होता भाई अनकॉन्शियस ही
तो है साइको एनालिसिस का कोर नीव कोर वेपन आप उसको ऐसे धकेल के साइड नहीं कर सकते हैं और बंता दोनो जो है बहुत ज्यादा रैशनल थीज म की तरफ गए थे गॉड के ऊपर भरोसा था रिलीजस को पूरी तरीके से मानते नहीं थे बट रैशनल थी थे और जो फ्रॉड की बाद में रिलीजन के ऊपर क्रिटिक्स हुई उसकी वजह से जरा दोनों के बीच में मुद भेड़ शुरू हो गई और दोनों अपने अलग-अलग रास्ते कट लिए फिर यह थियोडोर लिप्स से भी बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस हुए जो कि एक जर्मन फिलोसोफर थे और उ उन्होंने
इनके फ्रॉड के अनकॉन्शियस को बहुत ज्यादा सपोर्ट किया और इन्होंने कहा आपके माइंड में जो भी गतिविधियां हो रही हैं जो भी एक्टिविटीज हो रही है जो भी साइकोलॉजिकल चीजें चल रही है मेंटल चीजें चल रही है उसमें अनकॉन्शियस का बहुत बड़ा रोल है जिससे फ्रॉड को अपनी थ्योरी के ऊपर बहुत ज्यादा भरोसा हु हां भाई फिर इनका जो कांसेप्ट था थियोडोर लिप्स का व्हिच वाज द कांसेप्ट ऑफ एंपैथी एंपैथी में उन्होंने कहा कि इंसान जो होता है दूसरों को समझने के लिए अपनी मेंटल स्टेजेस को या अपनी मेंटल स्टेट्स को प्रोजेक्ट करता है अपने
जो उसके साथ कभी पुराना ट्रॉमा हुआ होगा सामने वाले को ट्रॉमा को सामने वाले के ट्रॉमा को समझने के लिए अपने ट्रामा के थ्रू उसको प्रोजेक्ट करेगा और समझने की कोशिश करेगा जिसका फ्रॉड ने अपनी साइकोएनालिटिक प्रैक्टिस में इस्तेमाल किया जो कि हमने पढ़े थे ना केस स्टडीज की किस तरीके से आप अपने थ्रू भी सामने वाले पेशेंट की मदद कर सकते हैं एज अ थेरेपिस्ट प्रोजेक्शन इन रिलीजन जो था लिप्स का बेसिकली कि इंसान की अंदर अपने डिजायरेबल चीजें हो होती साइकोलॉजिकल प्रोजेक्शंस होती हैं और वह ह्यूमन एटिबल है एक मिस्टिकल फिगर को और
वह बन जाते हैं आपके डिटीज जो कि एक्सटर्नली एजिस्ट कर रहे हैं फ्रॉड ने उसको उठा के अपनी फिलोसोफी में और साइकोलॉजी में पूरी तरीके से इंप्लीमेंट किया फिर आए हमारे नीचा बाबा अब जो मेरे चैनल प पहली बार आए हैं वो नीचा भरा पड़ा है नीचा फ्रेडरिक नीचा को जाके आप देख सकते हैं मुझे भी मजा आता है पढ़ाने में और लोगों को भी देखने में वीडियोस में मजा आता है इसलिए मैं उसके ऊपर बनाता हूं ज्यादातर वीडियोस तो फ्रेडरिक नीचा का क्या इन्फ्लुएंस रहा है पहली बात तो फ्रेडरिक नीचा सिगमंड फ्रॉड से पहले
आए थे उन्होंने पहले ही अपनी किताब बियोंड गुड एंड इविल एंड द स्पोक जरा थसरा में अनकॉन्शियस माइंड कैसे काम करता है और किस तरीके से ह्यूमन ड्राइव्स होती हैं इंस्टिंक्ट्स होते हैं शेप लेते हैं ह्यूमन लाइफ में उसको पहले ही डिस्क्राइब कर दिया था जो कि सिगमंड फ्रॉड ने कहा भी था कि नीचा माइट बी वन ऑफ द ग्रेटेस्ट साइको एनालिस्ट ऑफ द ह्यूमन हिस्ट्री ऑफ आवर जनरेशन फिर जो नीचा ने फोर्सेस दी अनकॉन्शियस फोर्सेस के बारे में बात करी लेट्स से विल टू पावर जो कि अनकॉन्शियस है लेकिन हर इंसान उस तरफ भाग
रहा है नीचा ने भी आर्थर शफेनर के जो कांसेप्ट था द विल टू लाइफ विल जुम लेबिन उसको इंप्रूव करके नीचा ने अपना दिया विल टू पावर विल जुर मात व्हिच इज कि हर इंसान अपने बेटर सेल्फ में बनने की कोशिश करता है नीचे का मैंने अल्टीमेट लेक्चर बनाया बहुत लेक्चर है उसमें जाके देख सकते हो जो कि इन्फ्लुएंस किया सीधा-सीधा इसके फ्रॉड के इड को और ईगो को फिर जो नीचा का क्रिटिक ऑफ रिलीजन था द जिनिल जीी ऑफ मोरल्स एंड द एंटी क्राइस्ट में भर भर के गालियां बकी नीचा ने क्रिश्चियनिटी को और
यह दिखाया कि इंसान वीक है इंसान के अंदर साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस है उस साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस और वीकनेस को ओवरकम करने के लिए इंसान ने रिलीजन का कांसेप्ट बनाया है और वो स्लेव मोरालिटी का पार्टिसिपेंट बन गया है मास्टर मो मास्टर तो कोई और ही बना पड़ा है भाई हम सिर्फ भेड़ चाल में चल रहे हैं फ्रॉड ने यही कांसेप्ट उठाया यह कांसेप्ट उठाकर अपने जो रिलीजस कांसेप्ट है व्हिच इज ही सेड कि वो इल्यूजन के तरह है और उसके अंदर क्या प्रोजेक्शंस आ रहे हैं ह्यूमन फियर्स और डिजायर्स के उसको एक्सप्लेन किया जो इनका फ्रॉड का
इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स एंड सिंबल्स था नीचा के राइटिंग से आया क्योंकि नीचा जो थे इंटरप्रेटेटिव राइटिंग स्टाइल लिखते थे जिसमें वह सिंबॉलिज्म का बहुत इस्तेमाल करते थे द पोक जरा थसरा की मैंने सीरीज बनाई थी उसमें बहुत सिंबल्स दिए हुए हैं फॉर एग्जांपल एक चाइल्ड एक कैमल एक लायन किस तरीके से इंसान जैसे साइकोसेक्सुअल स्टेज है ना फ्रॉड की वैसे ही किस तरीके से इंसान सेजेस के थ्रू गुजरता है और एक शेर बन के निकल के आता है बाहर एक ऐसा शेर बनके आता है जो पर्सनालिटी वाइज बच्चा है वो मैंने समझाया हुआ है जाके
देख सकते उसको मैं क्या कहना चाह रहा हूं तो उसको फ्रॉड ने अपने ऊपर इंप्लीमेंट किया अपनी थ्योरी में इंप्लीमेंट किया और दिखाया कि कैसे इंसान भी अनकॉन्शियस सिंबल्स बना सकता है नीचा ने जो एक्सप्लोरेशन दिया गिल्ट का फियर का रिप्रेशन का मोरालिटी का उसको उठा के फ्रॉड ने अपने कांसेप्ट सुपर ईगो में लगाया जो कि मोरल कोड ऑफ कंडक्ट में बहुत ज्यादा जरूरी होती है जो मोरालिटी जो कहाना नीच ने वी हैव टू बिकम द मोरल लेजिस्लेटर्स नलि जम आ रहा है गॉड मर चुका है अब हम क्या करेंगे खुशी में नहीं हंसते हुए
नहीं जिन लोगों को नहीं पता गॉड इज डेड मजाक में नहीं कहा गया था वो एक सीरियस टोन में कहा गया था कि तुम खुद से गॉड को मार रहे हो साइंटिफिक रेवोल्यूशन और मॉडर्न टेक्नोलॉजी को अपना के कितना गॉड को याद करते हो तो गॉड मरने वाला है लिज्म आने वाला है उस वर्ड को भरने के लिए क्या करोगे गॉड तो मर गया अब रूल्स कौन बनाएगा तुम बनाओगे यू आर द मोरल लेजिस्लेटर ह अपने हथियार अपने हाथ में उठाओ और इस नाहिल ज्म जो आ रहा है उसको फेस करो ही वाज नॉट अ
हिलिस ही वाज एन एसिस्टेंसिया हिलिस जो लिज्म को काउंटर करने का तरीका बता रहा था हथियार लो मोरल लेजिस्लेटर बनो मैंने पूरी नीचे की फिलॉसफी तुमको दो लाइन में यहां पे समझा दी तो अगर इनका सिंथेसिस ले ले इन्फ्लुएंस का सारे इन्फ्लुएंस इनके जो आए एंपर कल साइकोलॉजी इनको ब्रंथन से मिला जो भी एंपर कल साइकोलॉजी थी मेथड मेथड ल अप्रोच था साइकोलॉजी को और किस तरीके से अनकॉन्शियस एजिस्ट कर सकता है और किस तरीके से सबकॉन्शियस में अनकॉन्शियस में फर्क क्रिएट कर सकता है उसको स्ट्रक्चर में डिवाइड कैसे कर सकते हैं ब्रंटन से यहां
पे इनको मिला फिर अनकॉन्शियस एंड एंपैथी के बारे में इनको लिप्स से पता लगा कि भाई एंपैथी भी कुछ होती है और ह्यूमन एक दूसरे से एंपैथाइज किस तरीके से कर सकता है रिलीजस क्या होते हैं किस लिए होते हैं फिलोस फिकल डेप्थ ओबवियसली इनको नीचा से मिली बहुत ज्यादा डीप डार्क लेवल पे अनकॉन्शियस लेवल पे क्या-क्या डिजायर्स होते हैं ड्राइव्स होती हैं जो एक इंसान को शेप करता है उसके थॉट्स को शेप करता है उसके बिहेवियर को शेप करता है और उसके बाद कैसे एक सोशल स्ट्रक्चर बनता है और उस सोशल स्ट्रक्चर में सबको
ई एक दूसरे का काटने में लगा हुआ है या बनाने में लगा हुआ है पार्ट सेवन में थोड़ा सा हम जान लेते हैं कि क्या थे फ्रॉड के फिलोसॉफिकल इंप्लीकेशंस अभी तक तो हमें यह समझ में आ गया भाई साहब कि फ्रॉड के अकॉर्डिंग ह्यूमन बिहेवियर इफ्लू होता है अनकॉन्शियस माइंड के पार्ट की वजह से और अनकॉन्शियस ही है जिसकी वजह से हमारे डिजायर्स इन्फ्लुएंस होते हैं हमारी मेमोरीज जो रिप्रेस होती हैं हमारे ट्रामा रिप्रेस होते हैं हमारे जो भी डिजायर्स रिप्रेस होते हैं वो अनकॉन्शियस की वजह से होते हैं तो यहां पे हम डिटरमिनिज्म
के ऊपर बात करते हैं क्यूंकि फ्रॉड ने यह कहा कि जो भी चीज हो रही है इंसान के साथ अनकॉन्शियस में वो एक्सटर्नली हो रही है वो बाहर से आ रही है वो एक्सटर्नल फैक्टर्स के वजह से हो रही है और उस वजह से इंसान का बिहेवियर इफेक्ट हो रहा है व फ्री विल के डिटरमिनिज्म के कांसेप्ट में आ गया कि आपकी जो भी चीजें लाइफ में हो रही है जो भी आपकी लाइफ का पाथ और ट्रेजेडी है व एक्सटर्नल फैक्टर्स के वजह से डिसाइड हो रही है या फिर एक्सटर्नल फैक्टर्स की वजह से हो
रही है तो आपके हाथ में असल में कुछ नहीं है तो यह चाइल्डहुड में जितने भी एक्सपीरियंस हुए वह हमारी अनकॉन्शियस मोटिवेशंस को शेप करते हैं और ओबवियसली दे प्री डिटरमाइंड कि हमारी एडल्ट लाइफ में क्या होने वाला है फिर उन्होंने बात करी साइकिक डिटरमिनिज्म के ऊपर इनका बेसिकली कहना था कि हर थॉट और हर एक्शन का रूट जड़ होती है हमारे अनकॉन्शियस में और हमारा अनकॉन्शियस ही होता है जो हमारे एक्शंस को आगे इन्फ्लुएंस करता है हम क्या एक्शन चूज करेंगे हम क्या फ्रीली बात कर सकते हैं क्या हम फ्रीली अपनी लाइफ में एक्ट
कर सकते हैं फ्रॉड ने कहा नहीं भाई वो इन्फ्लुएंस हो रहे हैं बाय एक्सटर्नल फैक्टर्स फिर फ्रॉड ने बात करी एक्जिस्टेंशलिज्म के ऊपर और एक्जिस्टेंशलिज्म अस्तित्ववाद एक फिलोसोफी का स्कूल ऑफ थॉट है जो ह्यूमन कंडीशन के बारे में बात करता है व्हिच अराइज ड्यू टू क्वेश्चंस अबाउट आवर एसिस्टेंसिया क्यों हैं किसलिए हैं कहां से आए कहां जाएंगे कैसे आए थे कैसे जाएंगे सारे वो सवाल जो हमारी एसिस्टेंसिया है एजिस्ट एशियल ज्म के अंदर अब वो वेरियस तरीके के एजिस्ट मैंने एक लेक्चर एक घंटे का बहुत पहले बनाया था जब अपनी फिलोस फिकल जर्नी शुरू करी
थी तो वो जाके देख सकते हो बट फ्रॉड ने ये चीज एक्सेप्ट करी कि चूंकि हमारे अनकॉन्शियस में बहुत सारे रिप्रेस थॉट्स और रिप्रेस मेमोरीज हैं तो उसकी वजह से एक इनएविटेबल सफरिंग आती है क्योंकि कॉन्फ्लेट क्रिएट हो रहा है ना अनकॉन्शियस में सबकॉन्शियस में कॉन्शियस में इड के बीच में ईगो के बीच में सुपर ईगो के बीच में उसकी वजह से इंटरनल स्ट्रगल्स आ रहे हैं जो आप कभी पूरी तरीके से हटा नहीं सकते वो कभी ना कभी रहेंगे और यही है इंसान की दिस इज व्हाट दिस कॉन्फ्लेट इज पार्ट ऑफ ह्यूमन कंडीशन ये
हमेशा रहेगा देखता नहीं हो एक चीज से जो जिंदगी में कोई परेशानी चल रही होती है उस परेशानी से आप निपट के आगे बढ़ते हैं तो कोई और परेशानी आती है फिर वह बहुत बड़ी परेशानी बन जाती है ऐसे करते-करते इंसान देखता है पूरी जिंदगी निकल गई परेशानियां तो आती रहेंगी तो हमें ये एक्सेप्ट करना चाहिए कि परेशानियां तो रहेंगी हमें उनसे लड़ना आना चाहिए एसिस्टेंजा कोर कांसेप्ट है व्हिच इज अबाउट सेल्फ डिसेप्शन अपने आप को ही धोखे में रखना फरेब में रखना कि भाई हम अपने आप को तकलीफ में नहीं डाल सकते हम सत्य
और सच्चाई इस दुनिया का नहीं जानना चाहते तो हम उससे दूर भागते हैं जो कि अल्बर्ट कामू ने एब्सर्डिज्म के कांसेप्ट में भी बात करी लिज्म में भी इसके बारे में बात है कि एब्सर्डिज्म में कि आप पुकार लगा रहे हैं रो रहे हैं चिल्ला रहे हैं कि कोई हमें आके बचा ले लेकिन तुम्हारी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है एब्सर्डिज्म का ये नट शेल में यह कांसेप्ट है तो आपको यह रियलाइफ सुनने वाला कोई नहीं है आपकी सफरिंग के जो आप गुण गा रहे हैं रो रहे हैं उसको कोई नहीं सुनने वाला और आप
एक एब्जर्ड हीरो बन जाते हैं यह प्रोसेस में हीरो बन जाते हैं उसी को लिंक किया अपने साइकोएनालिसिस थ्योरी से जिसमें हमने बात करी थी जो भी डिनायल का फेज आता है एक इंसान के अंदर और जो भी डिफेंस मैकेनिज्म हैं जो हमने 21 डिफेंस मैकेनिज्म के बारे में बात करी वो इसलिए आते हैं क्योंकि वो साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस से दूर भागना चाहता है इंसान और उसकी वजह से वह ऐसे हथियार अपना लेता है जो उसके डिफेंस मैकेनिज्म की तरह होते हैं वो हथियार उसके भलाई के लिए भी काम कर सकते हैं उसके नुकसान के लिए
भी काम कर सकते हो सामने वाले की भलाई के लिए भी काम कर सकते हो सामने वाले का नुकसान भी कर सकते हैं एक्जिस्टेंशली का फोरफ्रंट पर गोल रहता है सर्च फॉर मीनिंग अ क्वेस्ट फॉर मीनिंग अ क्वेस्ट फॉर लाइफ यह मीनिंग यह लाइफ क्यों है किस लिए है कहां जाएगी और फ्रॉड ने कहा कि इसका डायरेक्ट डायरेक्ट रिलेशन है आपकी साइकोलॉजी से आपके अनकॉन्शियस से और जो इस अनकॉन्शियस सबकॉन्शियस कॉन्शियस के बीच में मुद भेड़ चल रही है कॉन्फ्लेट चल रहा है वही है जो आपको असल में आपके बिहेवियर को आपकी लाइफ को एक्सप्लेन
करता है तो एक्जिस्टेंशल फ्रीडम से ज्यादा आपकी साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस ऑफ फ्रीडम इंपॉर्टेंट होती है फ्रॉड ने कार्टिन डलिस म को सीधा-सीधा चैलेंज कर दिया यह सब ये इंप्लीकेशंस है उनकी थ्योरी के उन्होंने डायरेक्टली ऐसे हल्ला करते हुए इसके बारे में बात नहीं करी सेटली इनकी थ्योरी में थी यह सब चीजें तो कार्टस निज्म का जो माइंड बॉडी डुएलिटीज टोटली सेल्फ अवेयर है और कार्टस जम मतलब रेने अधिकार जो फिलोसोफर है जो आई थिंक देर फोर आई एम है ना जिसने दिया उन की कहानी बात करी थी सपने वाली वो कि भाई माइंड पूरी तरीके से
सेल्फ अवेयर है जिसको कहा फ्रॉड ने कि माइंड को खुद ही नहीं पता उसके अंदर क्या-क्या चीजें स्टोर्ड है तो अब माइंड को पूरी तरीके से सेल्फ अवेयर नहीं कह सकते क्योंकि ओबवियसली हमने देखा केस स्टडी से बाकी चीजों से कि माइंड अनकॉन्शियस में उसको पता ही नहीं है उसके साथ क्या हो रहा है और उसके अंदर क्या-क्या चीजें भरी हुई है तो आप यह नहीं कह सकते माइंड पूरी तरीके से अपने में कंप्लीट और संपूर्ण है फिर इन्होंने मोनिस्ट अप्रोच के ऊपर बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस डाला अब हमने मोनिज्म के ऊपर पहले भी बात करी
थी मोनिज्म की बहुत सारी डेफिनेशंस है राइट बहुत अलग-अलग तरीके की डेफिनेशंस है बट बेसिकली इट इज यूनिफिकेशन और वननेस वननेस है बट उस वननेस की गिनती कितनी है वो होल एक है वो होल दो है या वो होल तीन है बट यहां पे अगर हम लेके चलें तो मोनिस्ट अप्रोच की माइंड और बॉडी इंटर टवाइथन बॉडी एक है जो साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस हो रहा है आपको वो माइंड में किसी वजह से हो रहा है और उसके इंप्लीकेशंस आपकी बॉडी में आएंगे बॉडी में अगर आपका कुछ हार्मोनल इंबैलेंस है कुछ हो रहा है तो वो माइंड
को इफेक्ट करेगा तो आपका माइंड आपके कॉन्शियस कंट्रोल से बाहर है आप ये मत समझिए कि आप अपने माइंड को कंट्रोल कर सकते हैं जैसे चौपट पे शेर को बिठाया जा सकता है वैसे नहीं कर सकते हैं आप सर्कस में नहीं आए हैं तो उसने क्या किया सेल्फ अवेयरनेस थ्योरी और रैशनल रैशनल की थ्योरी को उठा के सीधा खिड़की से बाहर फेंक दिया जैसे दूध से निकाली हुई मक्खी फिर फ्रॉड ने अपना काम दिया नेचुरलिज्म के ऊपर फ्रॉड ने ये कहा कि ह्यूमन बिहेवियर नेचुरल फिनोमिना का पार्ट है चूंकि हमारे अंदर फिजियोलॉजिकल और सोशल फैक्टर्स
चल रहे हैं हमारे साथ बायोलॉजिकल फैक्टर्स हो रहे हैं हार्मोन ऊपर नीचे हो रहे हैं इसलिए हमारा जो बिहेवियर है उस वजह से इफेक्ट हो रहा है ना कि किसी डिवाइन इंटरवेंशन की वजह से कोई डिवाइन आके कोई गॉडल फिगर आके कोई गॉड ऑब्जेक्ट आके हमें या गॉड एंटिटी आके हमें नहीं बता रही हमारा बिहेवियर और एक्सपीरियंस कैसे होना चाहिए वह आसपास का कल्चर और आसपास की सोसाइटी बता रही है फ्रॉड ने यह घोषित किया कि भाई साइको एनालिसिस भी एक तरीके की साइंस है आप उसको खारिज नहीं कर सकते ओबवियसली हर इंसान अलग होता
है हम केस स्टडीज के बारे में बात कर रहे हैं बट फ्रॉड ने कहा कि भाई सब के बिहेवियर कहीं ना कहीं एक कॉमन पैटर्न में भी आते हैं और आप उसको साइंटिफिकली स्टडी कर सकते हैं आप उसको साइंटिफिकली समझने की कोशिश कर सकते हैं वो बहुत कॉम्प्लेक्शन है उसको साइंस अभी समझ नहीं सकता उसको खारिज नहीं कर सकते उसके पीछे की विज्ञान जानना बहुत ज्यादा जरूरी है फिर मोरल फिलॉसफी के ऊपर इनका बहुत ज्यादा चयन कि भाई साहब ओबवियसली हमारी सुपर ईगो बिल्ट अप होती है एक गिल्ट बिल्ट बिल्ट होता है अंदर एक फ्रस्ट्रेशन
बिल्ट होती है सोसाइटी को किस तरीके से आपको टर करना है सोसाइटी को किस तरीके से आपको डील करना है उस वजह से कॉन्फ्लेट क्रिएट हो रहा है एक मोरल फिलॉसफी क्रिएट हो रही है और यह यह जो सोशलाइजेशन का प्रोसेस चल रहा है यह बहुत ज्यादा डीप रूटेड है इंसान की साइक में इंसान की कॉन्शसनेस में इसको आप हटा नहीं सकते क्योंकि दोनों हैंड इन हैंड काम करते हैं आपके रूल्स एंड रेगुलेशंस बनते हैं मोरालिटी बनती है किस तरीके से आपको इस दुनिया को कैटर करना है क्या कारण करने हैं क्या कारण नहीं करने
किस तरी से एक्ट करना है किस तरीके से बिहेव करना है वह सब मोरल फिलॉसफी के अंदर आ जाता है फिर पार्टट पे क्या इनके मॉडर्न क्रिटिक्स रहे हैं मतलब मॉडर्न क्रिटिक्स ऑफ फ्रॉयन साइको एनालिसिस थोड़ा यहां पे लेकर चल लेते हैं ओबवियसली अगर हम ऊपर से लेकर चले हम बात करते हुए आ रहे हैं बट यहां पर मैं एक समरी की तरह यहां पे आपको दे देता हूं एक तो एंपर कल सपोर्ट कम है कि भाई साहब यह जो इनके ड्रीम एनालिसिस है या फ्री एसोसिएशन है यह हर केस में अलग रिजल्ट लाकर दे
सकती है यह साइंटिफिकली मेजर नहीं कर सकते यह क्वालिटेटिव स्टडीज है क्वांटिटेशन स्टडी नहीं है हम यह नहीं कह सकती कि अगर हमने एक इक्वेशन बनाया उस इक्वेशन में पर्टिकुलर वेरिएबल प्लॉट करें उसमें पर्टिकुलर कांस्टेंट्स प्लॉट करें तो उस इक्वेशन का एलएचएस इक्वल ट आरएचएस निकलेगा या कोई पर्टिकुलर x का वैल्यू निकलेगी जो कि यूनिवर्सलीस के लिए ट्रू होगी वो हम नहीं कह सकते एवरी रिजल्ट इज वेरी डिफरेंट एवरी एक्सपेरिमेंट इज वेरी डिफरेंट तो हम मॉडर्न साइकोलॉजिकल अप्रोच जिसको आप साइंस से जोड़ना चाह रहे हैं वह हम जोड़ नहीं सकते हैं क्योंकि यह दे आर
नॉट फाल्स फाइबल लिमिटेड सैंपल साइज था ज्यादातर व एनीज औरतों के ऊपर जो हाई क्लास अपर मिडिल क्लास विनीज औरतें होती थी वि विएना में उनके ऊपर यह केस स्टडीज हुई है या फिर अमीर लोगों के अमीर लोगों घरों के लोगों के ऊपर यह केस स्टडीज हुई हैं तो सवाल यह भी उठा कि भाई जो नीचे लोअर स्ट्रेटा के हैं नीचे तबके के लोग हैं जो गरीब हैं जिनकी सोशल अपब्रिंगिंग अलग है जो डिफरेंट रिलीजस अ ग्रुप से बिलोंग करते हैं मार्जिनलाइज ग्रुप से बिलोंग करते हैं उनका क्या होगा भाई तो यह चीज पूरी तरीके
से ह्यूमन माइंड के बारे में बताती नहीं है क्योंकि जो स्टडी हो रही है जिस ग्रुप के ऊपर वो बहुत नैरो है फिर जो इसका ट्रीटमेंट ड्यूरेशन था साइको एनालिसिस का वो बहुत लंबा चलता था आज की डेट में ओबवियसली कम हो गया है बट क्योंकि अभी और अच्छे से थ्योरी को थ्योराइज कर दिया गया है हमारे पास मेथ प्रेफर्ड मेथड अवेलेबल है बट उस टाइम पे सालों साल चलती थी बहुत-बहुत केस स्टडीज बहुत सारे क्लीनिकल केसेस तो दीज वेर नॉट फीजिबल इसलिए इसको साइंटिफिक क्रिटिसिजम मिला कि हमें इसमें फास्ट रिजल्ट्स चाहिए इतना स्लो लेके
चलोगे तो भैया कुछ नहीं होने वाला फिर दूसरा इनको क्रिटिसिज्म मेरा जेंडर एंड कल्चरल बायस जो हमने एलजीबीटी क प्लस पढ़ा और हमने यह पढ़ा कि भाई किस तरीके से औरतों को पूरी तरीके से एक्सक्लूड कर देते थे मेन सेंट्रिक था और सबसे बड़ा क्रिटिसिज्म यह था भी कल्चरल रेलीवेंस नहीं था जो यह काम कर रहे थे वो विक्टोरियन एरा के लोगों के ऊपर लागू ज्यादा होता था रदर मॉडर्न एरा अगर आप फ्राइड की उस टाइम की किताब सीधा उठा के बोलेंगे आज लगाए तो वो काम नहीं करेगी क्योंकि उस व कल्चरल डिफरेंस बहुत ज्यादा
था रिलीजस डिफरेंस जो था बहुत ज्यादा अलग था तो आप मिलन नहीं करा सकते आप एक्सप्लेन नहीं कर सकते क्योंकि डिफरेंस बहुत ज्यादा ड्रास्ट्रिंग में इसका कंपैरिजन साइकोएनालिसिस का शुरू हो गया सीबीडी से व्हिच इज़ कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी अब क्या है हमारे साइकोएनालिसिस में हम अनकॉन्शियस के बारे में बात कर रहे हैं अनकॉन्शियस एक्सपीरियंस के बारे में बात कर ें हैं बट कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी जो सीबीटी है वह बेसिकली करंट थॉट्स के ऊपर बात कर रहा है जो अभी हमारे साथ हो रहा है जो अभी बिहेवियर्स हमारे साथ हो रहे हैं और इस वजह से
सीबीटी जो होता है वो शॉर्ट टर्म होता है शॉर्ट स्पैंड होता है उसका आप इलाज जल्दी की कर सकते हैं उस थ्योरी का उस प्रोसेस का इस्तेमाल करके और ये एविडेंस बेस्ड है एविडेंस बैक्ड है साइंटिफिकली प्रूवन मेथड्स हैं रदर साइको एनालिसिस अब भले ही सीबीटी जो है बहुत ज्यादा अब करंट मॉडर्न एरा में यूज होती है लेकिन आप फ्रॉड का जो इन्फ्लुएंस था वो कभी खारिज नहीं कर सकते फ्रॉड का इन्फ्लुएंस आप पूरी तरीके से हटा नहीं सकते क्योंकि फ्राइड का जैसे साइकोडायनेमिक थेरेपी और वो जो कांसेप्ट है वो आज की डेट प भी
फाउंडेशन के तरह एक्ट करते हैं इन थ्योरी के ओबवियसली सीबीटी ने पूरी तरीके से रिप्लेस कर दिया फ्रॉड को या बहुत हद तक रिप्लेस कर दिया फ्रॉड की साइको एनालिसिस को लेकिन उसकी रेलीवेंस आज भी यहां है सीबीटी इसलिए भी बेटर है क्योंकि वो सिमटम्स के ऊपर डायरेक्टली एक्ट करता है एंजाइटी डिप्रेशन जल्दी-जल्दी उनके ऊपर उनका उनको परखना उनको जानना उनको समझना उसके अंदर क्या-क्या क्वांटिफाई बल एंड क्वालिटेटिव पॉइंट सिस्टम होते हैं क्या-क्या मेजर्स चल रहे हैं और उस हिसाब से इसका ट्रीटमेंट क्या हो सकता है तो वो जल्दी निकलता है क्योंकि आपको साल साल
नहीं लगाने पड़ते उस पूरे कांसेप्ट को समझने के लिए उस पूरी बीमारी को समझने के लिए और अपना वक्त जाया करने के लिए तो भाई फ्रॉड का जो साइको एनालिसिस का कांसेप्ट है लोगों ने अप्लाई भी किया लोगों ने उसको एक फाउंडेशन की तरह भी लिया लोगों ने इज्जत भी करी लोगों ने उसको गाली भी दी उसके खिलाफ मोर्चे भी निकले गए फ्रॉय को बोला भी गया कि वो जिंदा होता तो उसको जिंदा ही गाड़ देते हम लोग बहुत गाली पड़ी लेकिन जो मॉडर्न साइकोलॉजी है जिस तरीके से शेप हुई है वो फ्रॉड की साइको
एनालिसिस थ्योरी की वजह से ही हुई है और उसके तरफ से श्रेय कोई नहीं ले सकता है भाई साहब तो भैया फ्रॉड बाबा को हमारी तरफ से सलामी तो है ही भाई साहब फ्रॉड ने क्या लेगासी छोड़ी आज मॉडर्न साइकोलॉजी और साइकोएनालिसिस पे और फ्रॉड तो बहुत लोगों से इन्फ्लुएंस थे ही उन्होंने किस-किस को इन्फ्लुएंस किया चलो यहां पे थोड़ा सा देख लें तो हम पढ़ते हुए आए इस पूरी जर्नी में लेक्चर की किस तरीके से अनकॉन्शियस थॉट्स रिप्रेस थॉट्स इड ईगो सुपर ईगो साइकोसेक्सुअल डेथ ड्राइव थानाटोस इ रोस सब कुछ लिबिडो पढ़ने के बाद
अब हम यह समझ चुके कि फ्रॉड ने बहुत बड़ा योगदान तो दिया और ना सिर्फ एक साइकोलॉजिकल फिलोसॉफिकल योगदान दिया बट एक फिजियोलॉजिकल योगदान दिया एक गैप जो था साइक्र और साइकोलॉजी में फर्क बेसिक सा यही है बहुत डेप्थ है बेसिक स ही है साइकोलॉजी महज थोरेट्स इ मोर फिजियोलॉजिकल मतलब मेंटल इलनेस के क्या फिजियोलॉजिकल सिम्टम्स है और क्या फिजियोलॉजिकल चीजों की वजह से मेंटल मेंटल इलनेसेस आ रही हो और दवाइयों से कैसे कंट्रोल किया जा सकता है उसके ऊपर साइकेट्रिक बट उसमें भी थेरेपी का इस्तेमाल होने लग गया आज की डेट पे साइकेट्रिस्ट तक
कहता है कि पहले मेरे पास आने से पहले एक बार किसी साइकोलॉजिस्ट से कंसल्ट कर लो जब वो केस बियोंड साइकोलॉजी चला जाए किसी भी थेरेपी की मदद से ना जाए तब मेरे पास आना मैं आपको दवाइयां प्रिस्क्रुटनी एराई खींच लेंगे आपके दिमाग का थोड़ा इवॉल्व हुआ साइको एनालिसिस का फील्ड आगे जाते-जाते अल्फ्रेड एडलर आए एरिक एरिक्सन आए ये सब साइकोएनालिस्ट आए फिलोसोफर आए साइकोलॉजिस्ट आए जो कि नयो फ्रॉय कहलाने लग गए कि भाई फ्रॉड फ्राइडिस थ्योरी को इन्होंने मॉडर्नाइज करने की कोशिश करी अपना ट्विस्ट डालने की कोशिश करी इन सबके बारे में कौन-कौन लोग
इनसे इन्फ्लुएंस हुए हैं थोड़ा-थोड़ा इनकी थ्योरी के बारे में अगली स्लाइड प हम लोग थोड़ा सा जान लेंगे फ्रॉड ना सिर्फ अ साइंटिस्ट में या डॉक्टर्स में फेमस हुए बट फ्रॉड जो पढ़े लिखे हाउसहोल्ड्स थे वहां पर भी बहुत ज्यादा फेमस हो गए टर्म्स लाइक फ्रॉयन स्लिप रिप्रेशन ईगो यह सब हाउसहोल्ड कांसेप्ट में बहुत ज्यादा कॉमन हो गए ईगो जो बार-बार लोग ईगो ईगो ईगो कह देते हैं ना भाई साहब फ्रॉड ने ही इन्फ्लुएंस किया इन सब टर्मिनोलॉजी को और कैसे आप एक साइंटिफिक बैकिंग से साइंटिफिक बैकग्राउंड से आते हैं और किस तरीके से दुनिया
को इन्फ्लुएंस आज भाई चुटकी पता नहीं मैं क्यों बजा रहा हूं माफ कर दो दीजिएगा बार-बार बज रही है बट किस तरीके से हम उन चीजों को उठा के अपनी डेली लाइफ में ला पा रहे हैं वह कितना इंपॉर्टेंट हो जाता है आज देखो ईगो कितना एक्सटेंसिवली यूज होता है यह टर्म कितना एक्सटेंसिवली चलते फिरते लोग बोल देते हैं बट उसकी रूट्स अब हम सब जानते हैं कहां से आई है मॉडर्न स्टोरी टेलिंग फिल्म मेकर्स जर्नलिस्ट राइटर्स जितने भी प्ले राइट्स थे प्ले राइट आर्टिस्ट सब इन्फ्लुएंस हुए फ्रॉड की थ्योरी से अपनी स्टोरी टेलिंग की
अ जो स्किल सेट था उसको बहुत अच्छे मार्जिन से इंप्रूव कर पाए क्यों क्योंकि फ्रॉड ने इतनी सॉलिड थ्योरी दे दी थी अपनी अब जो नयो फ्रॉय कहलाते हैं मतलब जरूरी नहीं है कि वह फ्रॉड की थ्योरी से पूरी तरीके से सहमत हो और जरूरी नहीं है पूरी तरीके से उसको खारिज करें बट हां फ्रॉड की थ्योरी के ऊपर या तो इंप्रूवमेंट्स करना या फ्रॉड की थ्योरी के ऊपर वह लोग काम करें उन लोगों को न्यू फ्रोइडीटीईआरटी ने और फिलोसोफर भी ले लेंगे जिन लोगों ने उस इनकी थ्योरी के ऊपर काम किया तो दिस इज
इन द डिक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ देयर प्रायोरिटी तो सबसे इंपॉर्टेंट जो सबको पता है वो आए थे कार्ल युंग जिन्होंने साइकोलॉजी में एक नया भाग ले आए व्हिच वाज एनालिटिकल साइकोलॉजी युंग ने आर्किटाइप्स के बारे में बात करी कि बेसर लेवल पे कलेक्टिव अनकॉन्शियस होता है जो हर इंसान के बिहेवियर को समझा सकता है और अगर एक इंसान को अपनी लाइफ में ग्रो करना है बेहतर बनना है तो इन आर्किटाइप्स को बैलेंस करके चलना होता है जो हर एक इंसान में अवेलेबल होता है जिसको इन्होंने नाम दिया इंडिविजुएशन तो भाई एक लेक्चर कार्ल युंग पे भी
आएगा सिगमंड फ्रॉड पे भी आ गया कार्ल युंग पे ना आए इतना लंबा लेक्चर आई डोंट नो कितना लंबा बनेगा मैं तो बस भगता चला जाता हूं तो जो भी है वोह आना है और अगर चाहिए वो भी तो भाई साहब कमेंट कर दो अगर इफ यू आर रियली इंटरेस्टेड इन दैट अल्फ्रेड एडलर आए इन्होंने इंडिविजुअल साइकोलॉजी पर बात करी इन्होंने कहा कि हर इंसान इनफीरियर कॉम्प्लेक्टेड नहीं के लिए सोशल कनेक्शंस बनाता है और अपने बिहेवियर को इन्फ्लुएंस करवाता है जिसको अल्फ्रेड एडलर ने प्राइमरी मोटिवेशन ऑफ ह्यूमन कॉन्शसनेस कहा कि भाई मैं ऐसा ना हो
जाए कि मैं कम रह जाऊं ऐसा ना हो जाए कि मुझे सोसाइटी एक्सेप्ट ना करें और ऐसा भी ना हो जाए कि मैं सोसाइटी को किसी भी तरीके से कंट्रीब्यूट ना कर पाऊं फिर आए यहां पे कैरन हर्नी जो कि फेमिनिन साइकोलॉजी के ऊपर बात करती थी उन्होंने ज्यादातर उनका वैसे पीनस एनवी के ऊपर उन्होंने बात करी कि भाई जो फ्रॉड थे वो फेमिनिन बॉडी पार्ट्स के ऊपर कुछ ज्यादा ही कमेंट करते हैं बट उनका कल्चरल और सोशल फैक्टर्स की तरफ ज्यादा रुझान था वो यह कहती थी कि भाई सिर्फ यह नहीं जो फ्रॉड ने
कहा सिर्फ वो चीजें नहीं बहुत फैक्टर्स होते हैं जो एक औरत की एक लड़की की पर्सनालिटी को इन्फ्लुएंस करते हैं हर्नी ने एमफसिस दिया कि भाई सेल्फ डिसेप्शन और एंजाइटी को ओवरकम करना बहुत ज्यादा जरूरी है जिससे एक इंसान का पर्सनल डेवलपमेंट और पर्सनल ग्रोथ हो फिर एरिक एरिक्सन आए जिन्होंने साइको सोशल डेवलपमेंट्स के ऊपर बात करी आठ स्टेजेस के बारे में बताया इंफें स्टेज में हो सकता है वो हो ट्रस्ट वर्सेस मिस्ट्रस्ट फिर जैसे-जैसे आप बड़े होते जाते इंटीग्रिटी वर्सेस डिस्पेरटनेस और सोशल फैक्टर्स हमारी आइडेंटिटी का बेस होता है हमारी आइडेंटिटी को वीक या
स्ट्रांग बनाता है अगर हम कभी के ऊपर इनके ऊपर लेक्चर बनाएंगे तो जरूर इन कॉन्सेप्ट्स के ऊपर विस्तार से बात करेंगे तो अभी तो ब्रीफ ओवरव्यू देना था फिर आया ज पियाजे जिन्होंने कॉग्निटिव डेवलपमेंट के बारे में बात करी बच्चों के ऊपर इन्होंने बात करी और कहा कि बच्चे किस तरीके से अलग-अलग स्टेजेस के थ्रू इवॉल्व करते हैं और वो सेंसरी एक्सपीरियंस से जो हम सेंस कर पाते हैं चीजें टच फीलिंग उससे वो एब्स्ट्रेक्ट रीजनिंग की तरफ जा पाते हैं मोर इंटेलेक्चुअल थिंकिंग मोर सॉलिड रीजनिंग और मोर सॉलिड थिंकिंग की तरफ जा पाते हैं और
इन्होंने यह दिखाया कि बच्चे किस तरीके से एक्टिवली अपने आसपास की चीजें डेवलप करते हैं अपने आसपास की चीजें अंडरस्टैंड करते हैं और यह अंडरस्टैंडिंग उन्हें फोर स्टेजेस के थ्रू आती है सबसे पहला है सेंसरी मोटर दूसरा प्री ऑपरेशनल तीसरा कांक्रीट ऑपरेशनल एंड चौथा फॉर्मल ऑपरेशनल यह स्टेजेस हैं जिसके थ्रू बच्चे अपने को एक सेंसरी एक्सपीरियंस से एब्स्ट्रेक्ट रीजनिंग के प्रोसेस में लेके जाते हैं फिर आए बीएफ स्किनर जिन्होंने बिहेवियरिज्म का का कांसेप्ट दिया इन्फ्लुएंस किया कॉग्निटिव बिहे बिहेवियरल थेरेपी को भी कहीं ना कहीं बट इनका यह कहना था कि रिवॉर्ड और पनिशमेंट सिस्टम जो
होता है जिसको रिइंफोर्समेंट कहा जाता है उससे आपका बिहेवियर बहुत हद तक इन्फ्लुएंस किया जा सकता है बहुत थेरेपी होती है जिसमें एक रबर बैंड थेरेपी होती है लेट्स से उसमें होता है कि जैसे किसी इंसान को नेगेटिव थॉट्स आ रहे हैं या मॉर्ब थॉट्स आ रहे हैं तो एक रबर बैंड पहन के रखो जब भी वो थॉट्स है रबर बैंड को पकड़ो और जोर से छोड़ो अपने हाथ में और रबर बैंड लगेगा तो उससे पनिशमेंट लि हो जाएगी तो जब भी वो थॉट आएगा दिमाग अपने आप उस थॉट को दूर भेज देगा कि नहीं
भाई मैं सोचूंगा तो मुझे रबर बैंड से चोट पड़ेगी और इन्होंने जो मॉडर्न बिहेवियरल थेरेपी है उनका फाउंडेशन ले किया अपने बीएफ स्किनर ने तो रबर बैंड यहां पे क्या हुआ एक एक्सटर्नल स्टिम हुआ इन्होंने ये दिखाया कि एक एक्सटर्नल स्टिमसन से आप किसी भी इंसान के बिहेवियर को मोल्ड कर सकते हो किसी भी इंसान के बिहेवियर को शेप दे सकते हो कार्ल रॉजर्स आए इसके बाद जिन्होंने ह्यूम निस्ट साइकोलॉजी के बाद बारे में बात करी इ इन्होंने इसमें एंपैथी और ऑथेंटिसिटी को सबसे ऊपर रखा कि एक इंसान अपने फुल पोटेंशियल को अचीव करना चाहता
है और उसके लिए बहुत जरूरत है एंपैथी की उसके लिए बहुत जरूरत है ऑथेंटिसिटी की अगर आप एक सपोर्टिव एनवायरमेंट देंगे ऑफ ऑथेंटिसिटी एंड एंपैथी तो इंसान एक बेटर सेल्फ में बन पाएगा और जो इंसान का सेल्फ कांसेप्ट है ना सेल्फ का कांसेप्ट है वो अपने ट्रू सेल्फ से उसको रिलेट कर पाएगा अपने बेस्ट सेल्फ में बन पाएगा अपने टॉप सेल्फ में बन पाएगा इस कांसेप्ट को इन्होंने अनकंडीशनल पॉजिटिव रिगार्ड का नाम दिया जो कि बहुत बड़ा है उसमें बहुत पेची चीजें हैं यहां पे हम डिस्कस ओबवियसली नहीं करेंगे फिर सबको इनका नाम पता है
ह्यूम निस्ट साइकोलॉजी पे इन्होंने काम किया है अब्राहम मासल मासल का जो या मैस लॉफ का जो ट्रायंगल है उसमें बेसिकली इन्होंने कहा कि बेसिक नीड्स पहले इंसान फुलफिल करता है फिर ऊपर जाता है सेल्फ एक्चुलाइजेशन लव एस्टीम यह सब ऊपर की चीजें हैं तो एक ट्रायंगल बनता है जिसमें नीचे बेस लेवल पे आपके सारे फूड शेल्टर बेसिक चीजें होती हैं और जैसे-जैसे आप उनको ओवरकम करते जाते हैं तो टॉप पे आप सेल्फ एक्चुलाइजेशन की तरफ बढ़ जाते हैं जो कि आपकी साइकोलॉजिकल किसी भी इंसान की साइकोलॉजिकल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है और परस्यूट
ऑफ मीनिंग के लिए बहुत जरूरी है आपको यह रियलाइफ कराता है कि ह्यूमन पोटेंशियल कितना बड़ा है और ह्यूमन पोटेंशियल का असली मीनिंग और परस्यूट क्या है फिर है जॉन बोलबी जिन्होंने बात करी अटैचमेंट थ्योरी के बारे में कि बचपन में ही अगर पेरेंट्स का केयर गिवर्स का और बच्चों का अटैच इमोशनल अटैचमेंट अच्छा होता है तो आगे जाके उनकी सोशल लाइफ बहुत बेहतर हो सकती है तो मां-बाप जितने हैं अपने बच्चों के ऊपर ध्यान दें एक स्ट्रांग रिलायबल एंड ट्रस्टफुल बॉन्ड बनाएं जिससे कि आगे जाके उन बच्चों को अपनी जिंदगी में दिक्कत ना हो
अगर आप अपने बच्चों का भला चाहते हैं तो बचपन से अपने बच्चों को ठीक से ट्रीट करें जिससे आप यह एक्सपेक्टेशन रख सकें कि व बड़े होक दूसरे लोगों को अच्छे से ट्रीट कर सके और अपने बच्चों को भी ट्रीट अच्छे से कर सके एक बहुत ही इंपॉर्टेंट थ्योरी आती है साइकोएनालिसिस में मॉडर्न थ्योरी जिसका नाम है ऑब्जेक्ट रिलेशंस थ्योरी जिसको दिया था एक साइको एनालिस्ट मिलनी क्लाइन है तो क्लाइन ने बेसिकली कहा कि जो केयर गिवर और बच्चों का बचपन में रिलेशनशिप बनता है उससे एक इंटरनल ऑब्जेक्ट या इंटरनल मेमोरी इंटरनल रिप्रेजेंटेशन बन जाती
है इन द फॉर्म ऑफ इमेजेस और व जो इमेजेस बनती हैं वो जो इनर इमेजेस जो शेप होती हैं वह आगे इंसान के बिहेवियर को और पर्सनालिटी को इन्फ्लुएंस करने में बहुत ज्यादा योगदान देती है तो पेरेंट्स बच्चों के साथ जब भी रिलेशन बनाएं तो यह चीज याद रखें कि वह बच्चा अपने अंदर ही इमेजरी बनाता चला जा रहा है और वह इमेजरी उसकी आने वाली लाइफ को बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस कर सकती है फिर जाक लखान है और यह भी इंपॉर्टेंट है वैसे मैंने स्टार्टिंग में जो बोला डिसेंडिंग ऑर्डर वो नहीं कह सकते बीच में
ऐसे भी लोग हैं जो इंपॉर्टेंट है तो उन्होंने भी साइकोएनालिसिस में फोकस किया लैंग्वेज के ऊपर सिंबॉलिज्म के ऊपर और यह कहा कि कि कैसे सेल्फ फॉर्म होता है थ्रू लैंग्वेज एंड सिंबॉलिक स्ट्रक्चर और एक कांसेप्ट दिया जिसको इन्होंने बोला मिरर स्टेज जिसमें एक इन्फेंट यह समझ पाता है कि मैं इन लोगों से अलग हूं मैं इस इंसान का पार्ट नहीं हूं मैं इस इंसान से अलग हूं समझ रहे हो बात जो कि अगर बचपन में क्योर नहीं करी गई तो वो नार्सिसिस्टिक टेंडेंसीज में आगे चली जाती है बहुत पेरेंट्स नार्सिसिस्टिक होते हैं जो समझते
हैं मेरा बच्चा मेरा एक पार्ट है या मेरा मैंने उसको पैदा किया तो मेरा एक पार्ट है जो मैं कहूंगा या कहूंगी वह उसके साथ होना चाहिए तो इंसान उस अपने को डिटैच नहीं कर पाता और उसकी जिंदगी नरक बना देता है चाहे वो 30 साल का हो 35 साल का हो और वो होती है नार्सिसिस्टिक टेंडेंसी और उसको वो चीज रिलाइज नहीं होगी वो नार्सिसिस्टिक है बट वो अंदर में हो रहा है फिर विलियम जेम्स है जिन्होंने फंक्शनल जम के ऊपर बात करी माइंड को हमेशा से जो है ना एक स्टैटिक एलिमेंट की तरह
लिया गया है वो स्टिल है वो स्टैटिक है बट जेम्स ने यह कहा कि इंडिविजुअल्स अपने आसपास के ट के साथ अडेप्ट करते हैं क्योंकि आपका माइंड या फिर आपकी कॉन्शसनेस बहुत एक्टिवली और प्रैक्टिकली पार्टिसिपेट कर रही है जिसको आगे जाकर साइकोलॉजी में प्रैगमेट जम का कांसेप्ट कहना शुरू कर दिया गया फिर लेव व्यगोत्सकी सोशो कल्चरल थ्योरी इन्होंने दी इन्होंने कांसेप्ट दिया जोन ऑफ प्रॉक्सिमल डेवलपमेंट जिसमें यह कहा कि जो भी गाइडेंस है अपने से बेटर इंसान से इफेक्टिव गाइड से जो आप गाइडेंस मिलती है लेट्स से योर टीचर या आपके पियर में कोई ज्यादा
इंटेलिजेंट है या कोई ज्यादा पहुंचा हुआ है कोई 15 साल का लड़का या 18 साल का लड़का दोनों के बीच में 3 साल का गैप है व ज्यादा समझा हुआ है उससे जो सोशल इंटरेक्शन होता है वो इंसान को बेटर करने में मदद करता है जॉन वाटसन आए जिन्होंने बिहेवियरिज्म के ऊपर बात करी कि सिर्फ इंटरनल थॉट्स को मत पढ़ो भाई साहब बिहेवियर को भी स्टडी करो सिर्फ जरूरी नहीं है इंटरनल थॉट्स बिहेवियर को इन्फ्लुएंस कर रहे हैं बिहेवियर भी इंटरनल थॉट्स को इन्फ्लुएंस करते हैं और मॉडर्न बिहेवियर साइकोलॉजी को इन्फ्लुएंस किया जिसका अब उपयोग
होता है इन फील्ड्स लाइक एडवर्टाइज एंड एजुकेशन सो फाइनली जितनी हम लोगों ने थ्योरी पढ़ी जो जो कांसेप्ट पढ़े अब उसको हम देखते हैं केस स्टडीज के थ्रू क्लीनिकल केस स्टडीज के थ्रू जो कि फ्रॉड की थी फ्रॉड के एक्सपीरियंस थे और फ्रॉड के जो भी रिकॉर्डेड पेशेंट्स थे उनके साथ क्या-क्या चीजें हुई इनके पास एक पेशेंट आया जिसका नाम था रट मैन और फ्रॉड ने निकनेम दिया उस पेशेंट को रट मैन ही वाज अ लॉयर यंग लॉयर और उसको ऑब्सेसिव थॉट्स आते थे एंजाइटी होता था और बहुत ज्यादा मॉर्ब फीलिंग्लेस रेकरिंग फीलिंग और थॉट्स
आते थे कि उसके जो सबसे क्लोज लोग हैं या पीपल हु आर क्लोज टू हिम उनको चूहे खा रहे हैं और वो जो चूहे उनको खा रहे हैं उस वजह से उन लोगों को बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है और तकलीफ से वो लोग बहुत ज्यादा चिल्ला चिल्ली कर रहे हैं जिस वजह से रड मैन को बहुत तकलीफ होती थी तो यह तो हुआ पेशेंट का बैकग्राउंड फिर आया मेनिफेस्टेशन ऑफ फियर ये जो फियर था फ्रॉड इसको कहीं पे भी लिंक नहीं कर पा रहे थे कोई भी ऐसी चीज नहीं थी लाइफ में राइट से
रिलेटेड या उसके एक्चुअल एक्सपीरियंस से रिलेटेड जो उसको परेशानी दे रही हो तो फ्रॉड फेल्ट कि यार इसका तो कोई निजी इसकी जिंदगी में कोई मतलब है नहीं बड़ा डिस्कनेक्टेड सा एक्सपीरियंस है इसका मैं इलाज कैसे करूंगा लेकिन यह चीज दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी और उसकी डेली लाइफ बहुत ज्यादा हिंडरलैंड काम कर पा रहा था ना अपनी चीजों पे ढंग से फोकस कर पा रहा था उसकी रोजी रोटी प लात पड़ रही थी इस वजह से क्योंकि बीच-बीच में पैनिक अटैक्स आने लग जाते तो इसका कुछ तो करना था अब यहां पे आया
रोल ऑफ रिप्रेशन तो यहां पे फ्रॉड ने ये देखा फ्रॉड ने ये समझने की कोशिश करी कि भाई जो रैट है जरूरी नहीं है रैट से रिलेटेड कुछ उसके साथ हुआ और रैट एक सिंबल है किसी चीज का जो कि उस इंसान के साथ हुई होगी जो कि बहुत ज्यादा डीपर है और हो सकता है वह अनकॉन्शियस के अंदर बैठा हुआ है तो फ्रॉड ने धीरे-धीरे फिगर आउट किया कि यह तो भैया रिप्रेस्ड मेमोरीज हैं जो उसके अनकॉन्शियस में बैठ गई है चाइल्डहुड ट्रामा है चाइल्डहुड में कोई ऐसी चीजें हुई है जो कि अब वह
भूल चुका है सबकॉन्शियसली अनकॉन्शियसली वो अनकॉन्शियस में चली गई है और उसकी वजह से ये फियर्स और यह ऑब्सेशंस क्रिएट हो रहे हैं फिर आगे स्टेज पे फ्रॉड ने देखा कि भाई यह तो अनकॉन्शियस चीज माइंड को बहुत ज्यादा डायरेक्टली इन्फ्लुएंस करती है भले ही अन कॉन्शियस थॉट्स जो होते हैं अनकॉन्शियस मेमोरीज जो होती हैं उस ट्रामा को छुपाने के लिए होती है उस ट्रॉमा को इंसान की जिंदगी से निकालने के लिए होती है जिससे उसकी जिंदगी बेटर हो जाए लेकिन फिर भी वो कॉन्शियस बिहेवियर्स में किसी ना किसी तरह कैरी फॉरवर्ड कर जाती है
और इस इंसान के साथ रट मैन के साथ भी यही हो रहा है जो कि उसके अंदर पुराने लाइफ इवेंट्स हैं जिसमें एक अनरिजॉल्वड गिल्ट है या एक एंजाइटी की भावना है या फिर कुछ ऐसा हुआ था जो उसके अनकॉन्शियस में और अब वो उभर के बाहर आ रहा है और जो सिंबॉलिज्म ऑफ रट था नेक्स्ट स्टेज में फ्रॉड ने यह पता लगाया कि वो उसके फादर से रिलेटेड था कोई ऐसी ट्रैजिक मेमोरी जो उसके फादर से रिलेटेड हुई थी वह उसके दिमाग में इनग्रेन कर गई और अब वह एज सिंबॉलिज्म रैट के फॉर्म में
निकल के आ रही है लेकिन है वह एक ऐसी चीज जो अनकॉन्शियस में जा चुकी है अब तो इस केस स्टडी से यह पता लगा और ओबवियसली फ्रॉड ने उसको सक्सेसफुली संभालने की भी कोशिश करी होगी बट बड़े लंबे स्पैन तक वो केस स्टडी चली थी जो कि एक क्रिटिसिज्म होता है फ्राइडिस इको एनालिसिस का कि लंबे स्पैन तक चलती हैसे यह पता ल है कि भाई ट्रामा किस-किस तरीके का शेप ले सकता है एक ट्रॉमा एक ऐसा ट्रॉमा जो कि फादर से रिलेटेड है लेकिन वो मेनिफेस्ट होके आ रहा है एक सिंबॉलिक फॉर्म ऑफ
रैट एक चूहा कितनी डेंजरस चीज है कि आप समझ भी ना पाएं और इसको समझना कितना मुझको हो सकता है किसी के साथ कोई नाइटमेयर सिचुएशन होती हो अजीब अजीब सपने आते हो लेकिन वह कभी समझ नहीं पा रहा बट उसका डायरेक्ट रिलेशन है ऐसे किसी सिंबल से जो कि आपके अनकॉन्शियस में रिप्रेस और दब चुका है यहां पे एक सबसे फेमस इनका केस पर्टिकुलर बॉयर का केस जो बॉयर ने सॉल्व करने की कोशिश करी थी चच इज बता पेपे नियम और एना ओ का जो केस है जो उनको निक नेम एना ओ करके दिया
गया वो बड़ा ही अजीब था जो कि हमने स्टार्टिंग में पढ़ा हिस्टीरिया से रिलेटेड था इनिशियली क्योंकि उसके सिम्टम्स मैं यहां पर बता देता हूं बहुत ही अजीब थे डिफिकल्टी वकिंग लॉस ऑफ स्पीच और पैरालिसिस तक हो जाता था चच वाज एक अल्टीमेट स्टेज ऑफ न्यूरोसिस कह सकते हो या उस जमाने में हिस्टर जो कि अन एक्सप्लेंड इमोशनल फीलिंग जो होती है हमने हिस्टीरिया के बारे में बात करी थी और विमेन में ये ज्यादातर होती थी तो यह केस आया इन लोगों के पास और इतनी सफरिंग हो गई थी उस लड़की को औरत को और
उसके आसपास के लोगों को कि सब परेशान थे इसका इलाज अब किस तरीके से हम ढूंढे और हद तब हो गई थी और उसको एना ओ को लेके इनके पास तब आया गया जब जो मेनिफेस्टेशन ऑफ सिमटम्स से एक्सट्रीम पर पहुंच गए वो ट्रांस लाइक सिचुएशन में चली जाती है जैसे नहीं खो जाता है इंसान बैठा है एक चीज को देखे जा रहा है कोई हिला रहा है देखे जा रहा है उसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा उसको कि भाई किसी तरह तुम अपने इस ट्रांस वाली सिचुएशन से बाहर आओ और लुसिस होने लग गए
थे अजीब अजीब चीजें दिखने लग गई थी स्पीच इश्यूज होने लग गए थे अनकंट्रोलेबल कफिंग होने लग गई खास रही तो खासे चले जा रही है तब इसको उठा के लेके आया गया यहां पे कि भाई ब्रोर बाबा आप इनका इलाज करें इसके ऊपर इन लोगों ने रिप्रेस ट्रामा का एक हाइपोथिसिस दिया पहले यर ने फिर फ्रॉड ने कि भाई यह जो सिम्टम्स है यह पुरानी मेमोरीज और इमोशंस की वजह से आ रहे हैं जो आपके इस मतलब एना ओ के बर्धा के अनकॉन्शियस में जाके बैठ चुकी है और यह माना इन लोगों ने यह
कंक्लूजन का जो अनकॉन्शियस है उसमें कुछ ऐसे इमोशनल कॉन्फ्लेट्स है और ऐसे ट्रामेट्स हैं जो कि अभी तक रिजॉल्व नहीं हुए हैं अभी तक उसका इलाज नहीं निकला है और वो अब मेनिफेस्ट होके आ रहे हैं सीधा-सीधा फिजियोलॉजिकल और फिजिकल सिमटम्स में जो उसकी लाइफ में हिंड्रिंग क्योर के बारे में बात हुई नेक्स्ट स्टेप जो था वह कथार्सिस था द रोल ऑफ कथार्सिस एना को बिठाया गया जब वह ट्रांस लाइक स्टेट में होती थी और उससे बातचीत होती थी कि भाई क्या तुम्हारे साथ हुआ है उसको ब्रॉयन ने हिप्नोटाइज भी किया और हिप्नोसिस के साथ
उनकी ड्रीम्स क्या मेमोरीज हैं क्या पास्ट इवेंट्स है वो निकलवाने की कोशिश करी और बीच में ऐसा भी होता था वो ट्रिगर हो जाती थी और ट्रिगर हो जाती थी वही फिजिकल सिमटम्स आने लग जाते थे ब्रॉर ने अपनी चीज कंटिन्यू रखी और बॉयर का यह मानना था कि अगर मैं हिप्नोटाइज करके इससे यह टॉकिंग थेरेपी करूंगा जिसको बाद में फ्रॉड ने फ्री एसोसिएशन बोला तो हो सकता है इनके जो अनरिजॉल्वड और डिस्ट्रेसिंग इवेंट्स है वो कम हो जाए हो सकता है पूरी तरीके से ठीक ना हो बट बहुत हद तक मदद हो सकती है
तो उन्होंने पूरी कोशिश करी कैथार्सिस का इस्तेमाल करने की बाद में फ्रॉड को और ब्रॉय को यह पता लगा कि जो फादर की डेथ जो हुई थी और फादर का जो लॉस था इसके ऊपर इतना ज्यादा पड़ा कि उससे वो जो रिप्रेस मेमोरीज थी वो ट्रामेट्स दिन होता है ना बहुत लोग सुनते हैं जब किसी का किसी की मृत्यु हो गई उनके घर में तो सुनते उसके बारे में एकदम पगला जाते हैं ट्रम बहुत लोगों तो ऐसे ही बैठे-बैठे नहीं बोलते दिल का दौरा आ जाता है पैरालिसिस अटैक पड़ गया तो इसके साथ भी वही
हो रहा था वो बार-बार वो रिलीफ कर रही थी पैरालिसिस हो रहा था एफेस या हो रहा था और ऐसे सिम्टम्स आ रहे थे जिससे लग रहा था कि इसको तो बीमारी कुछ और ही तरीके की है तो इससे बॉयर को पता लगा फ्रॉड को पता लगा और हमें पता लगा और पता लग रहा है कि अनकॉन्शियस माइंड कितना इंपॉर्टेंट होता है और ऐसे ट्रॉमा जो अनकॉन्शियस माइंड में जाक बैठ गए व्हिच इज अ डिबेटेबल टॉपिक अकॉर्डिंग टू मॉडर्न साइको एनालिसिस कितनी मदद कर सकता है और जो थॉट्स बैठ जाते हैं वो कैसे मेनिफेस्ट कर
सकते हैं फिजिकल रेलम में मतलब आपकी प्रेजेंस में सबसे बड़ी चीज हिस्टीरिया और उस वक्त की बीमारियां जो कह दी जाती थी यह तो बीमार है इसका कोई इलाज नहीं हो सकता अब उन बीमारियों का बहुत हद तक इलाज है शायद क्योर नहीं कह सकते बट इलाज है वो इंसान बेहतर हो सकता है टॉकिंग थेरेपी की फाउंडेशन ले करी गई फिर फ्रॉड ने उसको फ्री एसोसिएशन बनाया फ्री एसोसिएशन को आज भी इस्तेमाल किया जा रहा है तो पेशेंट जो थी नाओ एक बहुत पेचीदा कॉम्प्लेक्टेड क्टर्न विएना के उस एरिया के मना कर दिया था कि
नहीं भाई हम तो नहीं ले सकते इस पेशेंट को बट फिर भी इ लो इनन दोनों ने पर्टिकुलर ब्रोर ने बोला हां ठीक है भाई मैं मदद करूंगा और देख लो भाई बहुत सारे मिथ्स और जो लेजेंड्स थे इन बीमारियों से रिलेटेड उसको बस्त किया सलूशन दिया इनके कुछ अदर पेशेंट्स है जो कि हमने पहले बात करी थी एक दो के बारे में एक तो है लिटिल ंस जो 1909 में जो हॉर्स से जिसको फियर था व्हिच इज रिप्रेस्ड मेमोरीज अगेन अनकॉन्शियस में कि भाई फादर फिगर अथॉरिटेटिव फिगर से खौफ तो अथॉरिटी उसको हॉर्स में
देखी हॉर्स को सिंबल लिम बना लिया और हॉर्स से ही घबराहट होने लग गई तो लिटिल ंस का तो हमने केस देखा ही था कि भाई बचपन से ही कैसे इसका की अगर हम इनसाइड देखें तो बचपन से कैसे एक बच्चे के अंदर वो अथॉरिटेटिव फिगर का फियर बैठ सकता है और वह उसकी लाइफ को मुश्किल कर सकता है बहुत लोगों को क्लाउन से डर होता है शायद वो क्लाउन एक सिंबॉलिज्म है ऐसी किसी चीज का तो ये सब चीजें हैं जो अ फ्रॉड ने आगे अपने केस स्टडीज में संपूर्ण तरीके से दिखाने की कोशिश
करी 1905 में इनके पास एक और पेशेंट 14 साल की जिसका निकनेम दिया फ्रॉड ने डोरा डोरा द एक्सप्लोरर वारी नहीं निकनेम था आई वही फिजिकल सिमटम्स थे जिसको इन्होंने साइकोसोमेटिक सिमटम्स बोला फॉर एग्जांपल कफिंग होर्स एंड जनरल सेंस ऑफ इमोशनल डिस्ट्रेस आवाज भारी हो जाना मतलब बलगम वाली खांसी करना और इमोशनल डिस्ट्रेस घबराहट होनी तो फ्रॉड ने बैठ के समझा बात करी तो पता लगा डेप्थ में कि अनकॉन्शियस में हिडन फीलिंग हैं और वो फीलिंग्लेस टुवर्ड्स हर फादर क्योंकि उस फादर के बहुत सारे एक्सटर्नल मेरिटल अफेयर्स चल रहे थे ठीक है या एक्सटर्नल नहीं
एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर्स चल रहे थे जिसकी वजह से वो बहुत ज्यादा डिस्टर्ब थी और वो फिजिकल फिजिकल जो भी आप समझ ले मेनिफेस्टेशन के थ्रू बाहर निकल के आ रही थी भले ही डोरा ने कंप्लीट नहीं करी अपनी थेरेपी फ्रॉड के साथ बट उससे फ्रॉड को यह पता लगा कि भैया देयर आर अनरिजॉल्वड कॉन्फ्लेट्स जो एजिस्ट करते हैं इंसान में और वो इस तरीके से मेनिफेस्ट होते हैं शोइंग फिजिकल सिम्टम्स एक और पेशेंट आया इनके पास 1918 में जिसका नाम था भैया द वल्फ मैन भेड़िया भड़िया इंसान भड़िया मर्द जो भी उसको बोलते हैं और
जो वल्फ मैन आया वही प्रॉब्लम्स कहीं कहीं पर फियर आ जाना एंजाइटी हो रही है कहीं ना कहीं डिप्रेशन हो रहा है परेशान है काम पर फोकस नहीं कर पा रहा और सपने दिखता है देखता है कि पेड़ के ऊपर बहुत सारे भेड़िया बैठे हुए हैं वो सपने क्या है किसलिए हैं बट भेड़ी अगेन टेट फिगर जब खुरदा फ्रॉड ने पता लगा उसने बचपन में अपने मां-बाप को सेक्सुअल एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करते हुए देख लिया था आसपास तो यह प्राइम एग्जांपल बन गया एपस कॉम्प्लेक्टेड फिगर देखा होगा उस सीन में और उस वजह से उसको
सपने में वुल्फ दिख रहे थे और यह दिखाता है कि अगर साइको सेक्सुअल स्टेजेस में बच्चा कोई ऐसी चीज विटनेस कर लेता है तो कैसे उसको आगे भी दो चीजें इफेक्ट करती है यह उसका प्राइम एग्जांपल था फ्रॉड ने कहा फिर इनके पास 1911 में एक स्क्रोफा गया था जिसके बहुत ज्यादा बड़े लेवल तक सिमटम्स आने शुरू हो गए थे डिसऑर्डर थिंकिंग स्पीच इंपेयरमेंट और स्पीच में भी डिसऑर्डर आने लग गए थे जिसका फ्रॉड ने एग्जांपल शायद उसका इलाज ठीक से नहीं कर पाए थे क्योंकि अब वो एक एक फिजियोलॉजिकल एलमेंट बन चुका था कभी
जब इलाज सही टाइम प नहीं होता तो मेंटल इलनेस पूरी बॉडी को टेक ओवर कर लेती है जो स्किट्जो फ्रेनिक पीरियड्स होते हैं तो फ्रॉड ने यह कहा कि भाई अनकॉन्शियस इस लेवल पे रिप्रेस मेमोरीज को आपके ऊपर हावी करवा सकता है कि इंसान की यह हालत हो जाती है तो जो वो अनकॉन्शियस कॉन्फ्लेट होता है बिटवीन जो भी आपका अनकॉन्शियस है सबकॉन्शियस है अनकॉन्शियस है कॉन्शियस है उसके बीच में हो रहा है उस चीज को कभी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए और इसी ने आगे फर्द डेवलपमेंट किया साइकोएनालिटिक ट्रीटमेंट फॉर साइकोसिस साइकोसिस रिलेटेड रिलेटेड
एलिमेंट्स का साइको एनालिसिस के थ्रू इलाज कैसे निकाला जा सकता है तो फाइनली कंक्लूजन को फ्रॉड की लाइफ को और थोड़े बहुत मेरे पर्सनल रिफ्लेक्शंस इसके ऊपर इनके हेल्थ स्ट्रगल्स चलते रहे 1923 में इनको कैंसर हो गया था और 16 साल इन्होंने सफरिंग करी उस कैंसर से बहुत सारी सर्जरीज हुई 30 सर्जरी हुई और एक तो बाद में तो इनकी ऐसी हालत हो गई थी एक डिवाइस लगाना पड़ा था जिससे उनको खाना शरीर में डाला जा सके इतनी तकलीफ होती थी और उस डिवाइस का नाम ही इन्होंने द मनस्टर रख दिया था क्योंकि उनको इतनी
तकलीफ होती थी उस डिवाइस से इल थे परेशान थे लेकिन फिर भी वह अपना काम करते रहे उन्होंने अपनी इंटेलेक्चुअल लाइफ जैसी थी वैसी ही मेंटेन करके रखी ये नहीं कि भाई हट गए और ऐसे लोग जो ड्रिवन होते हैं ना उनके साथ ये बहुत कॉमन था आइंस्टीन के साथ भी ये चीज थी नीचा के साथ भी ये चीज थी जो हाईली इंटेलेक्चुअल लोग होते हैं अ फ्रॉड के साथ भी ये चीज थी कितने ट्रामा से गुजर रहे हैं कितनी परेशानियों से गुजर रहे लेकिन अपना काम करते रहना है इनका भाई साहब बड़ा ही लगाव
ड्रग्स की तरफ केन जैसे ड्रग्स मैं पूरा नाम नहीं लूंगा यहां पर वना वीडियो बंद कर दिया जाएगा हमारा तो हम वो नहीं चाहते बोलते थे एनर्जी आती है और काफी ज्यादा काम में फोकस लगता है जो कि एडिक्शन बाद में इनको भी रिलाइज हुआ गलत है और इन्होंने उसको बंद कर दिया उसको हटा दिया इंटरेस्टिंग इंसान थे आर्टीफैक्ट कलेक्ट करते थे रोमन इजिप्शियन ये सब आर्टीफैक्ट कलेक्ट करते थे उसमें उनको लगता था मैसेजेस हैं हिडन मैसेजेस है बड़ा इंटरेस्टिंग ल जैसे इन्होंने अपना अनकॉन्शियस का दिया ना कि भाई जैसे हमारे अनकॉन्शियस में हिडन मैसेजेस
है वैसे ही इन सारे आर्टफेड मैसेजेस है ये हमारे साइक के तरह है जैसे हमारी साइक होती है उसके अंदर बहुत सारी चीजें होती है और हमारा काम है भाई साहब उन चीजों को ढूंढना एज साइको एनालिस्ट तो काफी ज्यादा इंटरेस्टिंग इंसान काफी ज्यादा रोमांचक इंसान के इनके इंटरेस्ट रहे हैं पर्सनल ट्रेजेडीज इनके साथ हुई फैमिली में काफी लॉसेस देखे एक बूढ़ा आदमी है और एक बाप है किसी भी बाप के ऊपर यह दिन ना बीते कि अपनी ही बेटी की वो डेथ देख रहा है इनकी जो डॉटर थी सोफी 1920 में खत्म हुई और
इनका जो ग्रैंडसन था हाइंस 1923 में खत्म हुआ जिसकी वजह से इनके ऊपर बहुत इफेक्ट हुआ क्योंकि हाइंस के साथ बहुत टाइम अपने ग्रैंडसन के साथ बहुत ज्यादा टाइम स्पेंड करते थे ये कुछ जोब हमने पहले पढ़ी कुछ थ्योरी थी जो इन्होंने डेवलप भी करी थी तो बहुत ज्यादा इफेक्टेड थे इनका काम भी इफेक्ट हुआ बहुत ज्यादा इनके ऊपर दबाव था और इनको भागना पड़ गया ओबवियसली जब पूरी तरीके से नादी रेजीम ने कंट्रोल कर लिया था जुश लोगों को घड़ की कोशिश कर रहे थे तो ऐसा भी हुआ था कि इनकी जो बेटी है
ना उन उसको गस्ता पो वाले लोगों ने पकड़ लिया था इंटेरोगेशन के लिए पूछताछ के लिए तो बहुत ज्यादा यह घबरा गए थे 1938 में यह वहां से अपने फ्रेंड्स फैमिली जो बाहर रह रहे थे लंदन से बाहर रह रहे थे उनकी मदद से यह वहां से भग लिए किसी तरह कि भाई यहीं पर हमें मार ना दिया जाए तो यह लंदन में जाकर बस गए थे एक ही साल रहे आगे बात करते हैं क्या हुआ इनके साथ फिर इनकी इंटेलेक्चुअल प्रोडक्टिविटी इनके फाइनल ईयर्स में इनके इंटेलेक्चुअल प्रोडक्टिविटी भी रही ऐसा नहीं कि इन्होंने काम
कुछ काम धंधा नहीं किया काम दिया अपना बियोंड द प्लेजर प्रिंसिपल 1920 में इन्होंने अपना काम दिया जिसमें ओबवियसली इन्होंने अपने कांसेप्ट ऑफ डेथ ड्राइव और रिपीटेशन कंपल्शन समझाया फ्यूचर ऑफ एन इल्यूजन 1927 में रिलीजन को क्रिटिसिज्म दिया अपना साइकोएनालिटिक पर्सपेक्टिव दिया जो कि हमने बात करी सिविलाइजेशन एंड इट्स डिस्कंटेंट्स 1930 में इनका काम आया और जो भी इंडिविजुअल डिजायर ऑफ सोसाइटी की डिमांड्स होती है व्हिच इज इड ईगो और मतलब इट पर्टिकुलर और सुपर हीगो किस तरीके से लड़ती है और सोसाइटी के डिमांड्स को किस तरीके से मैच करने की कोशिश करती है फाइनली
1939 में इन्होंने अपना जो फिजिशियन फ्रेंड था उस उससे बोला कि भाई मेरे को लीथल डोज दे दो मॉर्फिन का मॉर्फिन एडिक्शन तो इनको था ही बोला था मेरे से ये पन पेन सहा नहीं जाएगा अब अब मेरे से हो गया मैं और नहीं कर सकता तो मुझे एक लीटल डोज दे दो मॉर्फिन का और मैं अपनी नींद में या जैसे भी मैं खत्म हो जाऊंगा मेरे लिए सबके लिए वही भलाई है क्योंकि जो उनका कैंसर ट्यूमर था आंख बॉल सॉकेट के पीछे बहुत ज्यादा पेनफुल होता जा रहा था तो सितंबर 23 1939 लंदन में
इनका देहांत हुआ इनकी डेथ हुई और जो इन्हो को छोड़ना था इन्होंने अपना काम छोड़ा और वह सबके सामने है ही तो भाई यह था फ्रॉड का अल्टीमेट लेक्चर मेगा लेक्चर ही बन गया मेगा लेक्चर आएगा एक फ्रॉड के ऊपर बहुत बातें हैं हमने इसको ब्रीफ टच करने की कोशिश करी कोशिश करी जितना डाल सकते हैं डाल पाए फर्द रीडिंग अगर आपको करनी है इनकी स्टडीज ऑन हिस्टीरिया 1900 में 1900 में आप यह इनके जो काम है वह पढ़ सकते हैं और थ्री एसेज ऑन द थ्योरी ऑफ सेक्सुअलिटी 1905 में इन्होंने यह अपना वर्क निकाला
था सेक्सुअल डिजायर किस तरीके से न्यूरोसिस से लिंक होता है सीधा-सीधा तो फ्रॉड ने बहुत कुछ दिया हमारी सोसाइटी को और उनका योगदान को जितना हम जितनी तारीफ करें उतनी कम है रिस्पेक्ट होनी चाहिए भले ही आप एग्री करें नहीं करें बहुत चीजों से मैं भी नहीं एग्री करा बहुत चीजों से मैं एग्री भी करा बहुत स्ट्रंग एग्री करा तो यही होती है फिलॉसफी एंड साइकोलॉजी एग्रीमेंट्स एंड डिसएग्रीमेंट्स एंड एग्रीमेंट्स एंड डिसएग्रीमेंट्स एंड डिसएग्रीमेंट्स एंड एग्रीमेंट्स मैं क्या बोल गया मुझे ही नहीं समझ में आया बट ये था अल्टीमेट लेक्चर और जो भी मैंने कहा
सब्सक्राइब अाइब यार ये सब देख लेना अपने एंड पे जो भी है नीचे [संगीत] whatsapp2 नया जो क्लिप्स का चैनल है उसको जाके जवाइन करिए जो मैंने चैनल बनाया ू चैनल क्लिप्स के लिए तो ल इन ऑल यही है तब तक हम मिलते हैं किसी अगले लेक्चर में है ना भैया ज्यादा इन्फ्लुएंस म हो जाना फ्रॉड की बातों से जाओ अब सो जाओ चलो भैया लग जाओ
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