विश्व हिंदू परिषद की ओर से आज संत सम्मेलन का आयोजन किया था और यहां पर सभी संत इकट्ठा हुए थे। किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई है? हम अखाड़ा परिषद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज से बात करेंगे। महाराज जी किन-किन मुद्दों पर आज संत सम्मेलन में चर्चा हुई है? बहुत-बहुत आशीर्वाद साधु। देखिए हमारा आज जो मुद्दा है जो आप देख रहे हैं पूरे हिंदुस्तान में इस समय जितने संत महात्मा है जो चर्चा का विषय बना है मैंने सबसे पहले ये बात की थी कि जो हमारे बटुक है जो हमारे ब्राह्मण बच्चे हैं
जिन्होंने शिखा रखी है यज्ञ पवित्र रखा है उनके साथ अत्याचार हुआ है इसका हमने विरोध किया है और इसके लिए हमने यही कहा इसके लिए जांच कमेटी बनाई जाए वो कौन से अधिकारी थे कौन से अफसर थे कौन से कर्मचारी थे जिन्होंने उनको मारा पीटा उसकी जांच होगी। यह माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा जांच होगी। और रही बात हमारा सबसे बड़ा मुद्दा जो है किसी मुख्यमंत्री को गाली देना यह कहां तक उचित है और गालियां एमबीए से दी गई है। मैं आपको बता नहीं सकता। आप YouTube में जाके देखो और किसी भी संघ से सुनो
क्या-क्या गालियां नहीं दी गई है। क्या कहा हुमायूं का बेटा अकबर का बेटा? आज आप कैसी भाषा बोल रहे हैं। आप एक मुख्यमंत्री जी को बदनाम करना चाहते हैं। ऐसे मुख्यमंत्री को जिसने उत्तर प्रदेश को उत्तर प्रदेश बनाया। जिसने लौ जहाज पे काम किया, जिसने रेण जहाज पे काम किया, आज जो सनातन की चर्चा हो रही है, इसकी देन कौन है? इसकी देन हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी है। और हम उनको गालियां देंगे और कौन गालियां दे रहा है, दे रहा है? विधर्मी नहीं दे रहे हैं। हमारे संत ही उनको गाली दे रहे हैं। मैं समझता
हूं ऐसे संतों का जो सनातन में कोई आवश्यकता नहीं है। अच्छा शंकराचार्य मान रहे हैं आप लोग उनको? नहीं देखिए शंकराचार्य की बात है। अब मैं क्या कहूं? जब ये शंकराचार्य का जो पद था जब हमारे जो बड़े महाराज श्री जब वो एक्सपायर हो चुके थे। मैंने उस समय भी विरोध किया था और आपने देखा होगा इनका जो केस है सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग पड़ा हुआ है। ये सुप्रीम कोर्ट जो डिसीजन देगा उसके पश्चात ही ये तय होगा शंकराचार्य कौन है कौन नहीं है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भी इसमें कुछ एक्शन लेगा। नहीं हम एक्शन
किस किसी को नहीं लेंगे ना हमें कोई आवश्यकता है लेकिन हमारी एक ही मांग है कि जो भी व्यक्ति जो भी सनातनी हमारे मुख्यमंत्री जी को जो स्वयं एक पीठाधीश्वर है गोरक्ष पीठाधीश्वर है हमारे संतों की आस्था है जिससे पूरा संत समाज नहीं पूरे सनातनी जिससे प्रेम करते हैं आप उसको गाली दे रहे हैं तो संत समाज से नाराज बहकावे में गाली दे रहे हैं जो विरोधी पार्टियां है विपक्ष के कहने पे आप गालियां दे रहे हैं आज आप कहते हैं योगी ऐसा योगी वैसा है। अरे भैया वो दिन याद करो जब सप्पा ने आपको
पीटा था, बटों को मारा था। वो दिन भूल गए। कांग्रेस ने जब गौ हत्या पे कहीं संतों को भूना था। आज वो वकालत कर रहे हैं। मैं कहना चाहूंगा योगी जी के खिलाफ बोलने से थोड़ा पहले सोचे। पहले तोलो फिर बोलो। तो संत समाज में इसमें नाराजगी है। बिल्कुल हम बहुत नाराज हैं। देखिए हम अखाड़ा परिषद है। हम जितने भी संत महात्मा है देखिए सबसे बड़ी बात है कि जो इतना बड़ा हम भव्य कुंभ की बात कर रहे हैं। ये कौन किया? ये योगी जी ने किया। और हमें वो दिन भी याद है जो 2014
का कुंभ था उस समय पूरे उत्तर प्रदेश में अखिलेश जी को मेला प्रभारी कोई और नहीं मिला। आजम खान ही मिले थे। आप कैसी बात कर रहे हैं? आप क्या संदेश देना चाहते हैं? और आज आप अखिलेश जी बहुत अच्छे हो गए। योगी जी बुरे हो गए। योगी जी क्यों बुरे हुए? कारण तो बताओ। अरे जिसने इतने मंदिरों का निर्माण किया है, जिनने सनातन की नींव रखी है, मैं यही कहता हूं जहां हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी है, हमारे गृह मंत्री जी है और योगी जी है तभी तो सनातन है। छोटे-छोटे भटकों को जो मारा गया
उसके लिए क्या आप बिल्कुल देखिए मैं उसकी निंदा करता हूं। ये अच्छी बात नहीं है और हमने इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र भेजा है और वार्ता भी होगी। इसके लिए जांच कमेटी बैठे जांच होगी क्यों उनको मारा गया वो कौन लोग थे ऐसा भी हो सकता है वो विपक्षी लोग होंगे वो चाहते हैं सनातन में दो फाड़ हो जाए सनातन खंड खंड हो जाए इसलिए वो जांच होना भी बहुत जरूरी है धन्यवाद ये हमारे साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र बराज हैं। इनका साफ कहना है कि मुख्यमंत्री को जिस तरह से
गाली दी गई है उसको लेकर संत समाज बेहद नाराज है। लेकिन बटों के साथ जो अभद्रता हुई है उसके लिए इसकी जांच की मांग करेंगे। पंकज श्रीवास्तव प्रयागराज आज तक जैसे मैं सो रहा हूं तो पिताजी को जगाना है मुझे तो वो डायरेक्ट उठाने के बजाय और हिंसा की परंपरा मेरे यहां नहीं थी सौभाग्य से तो वो क्या करते थे कि उस कमरे में आ जाएंगे या बाहर से गुजरेंगे और चौपाई बोलेंगे प्रातकाल उठ गए रघुनाथा मात पिता गुरु नाव माता कभी-कभी मैं गुस्से में उठ के अरे बाबा जब चरण स्पर्श किया और सो गया
मैंने कहा मत खाना गर्मियों की छुट्टी होने वाली थी। मेरे पापा आने वाले थे तो हम लोग सभी खुश थे। तो मैं एक बेड पे चढ़ के डांस कर रहा था। डांस कर रहा था। लेकिन वो पहले ही आ गए। फ्रीज तो मैं उस समय तो कंटिन्यू नहीं कर सकता था ना। तो फ्रीज फ्रेम टाइप का कसम पैदा कर।