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रतन जी टाटा एव नवाज बाई टाटा मिले ल टा रतन टाट बाबा निजर पालक पिता रतन जी नाम अनुसार बड़ो लेर नाम रतन रेखे लेन नवल टाटा रतन टाटा जन्म 1937 साले किंतु रतन साहेब बस जखन मात्र 10 बछर ठीक तखन व्यक्तिगत कारण डिवोर्स होए गलो नावल टाटा एव और स्त्री सुनू टाट टुक बय रतन टाट माथार उपर थे ता बाबा मायर हात जस्ट सरे गलो तब ठीक सेही समय रतन टाट जीवने रकता हि अभिभूत होलेन नवाज भाई टाटा जिनी सर्के रतन टाटा ठाकुमा छले नवाज बाई टाटा सिद्धांत ले ति त दई आदर नाती रतन
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नहीं चुपचाप निज एक बायोडेटा जमा दाओ टाटा कंपनी ते ताप बाकी टा देखे नि बायोडेटा जमा पलो स समय 1962 साले टाटा मोटर्स किछु दिन ट्रेनिंग थाक पर टीस्को कंपनी अर्थात बर्तमान समय टाटा स्टील कंपनी ते एकजन साधारण कर्मचारी हिब काज करा शुरू करले रतन टाटा से समय फैक्टरी श्रमिक संगे काधे का मिलिए काज करते रतन साहेब एमन दिन ग जखन तिनी निजे गन गने आगन आचे सामने बेलचा दिए चुना पाथर तुले ठीक एटा छाप सभा कर्म जीवन शुरु होलो रतन साहेब ताई त टाटा ग्रुप सर्ब सर्वा होए ठार पेने कोन नेपोटिज्म काज करनी काज
प्रति मानुष डेडिकेशन और लड़ाई जायगा छिने ने मानसिकता रतन साहेब के आकाश छूते साज्य करलो एकटा सिंहासन जन नेक दबीदार थाके तखन से राज सिंहासन बसर जन्य निजे के सेटा जोग्य हिब प्रमाण करते हैय 1962 साले रतन टाटा जेस्को कंपनी ते साधारण कर्मचारी हिब जॉइन कर लेन 1965 सालर म सेनक टेक्निकल ऑफिसर होए उठले तिनी आ तार ठीक छ बर मध्य नेशनल रेडियो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी डायरेक्टर इन चार्ज दायित्व पलेन रतन साहेब टाटा ग्रुप मेंबर देखले रतन टाटा जे डिपार्टमेंट हात देय से डिपार्टमेंट किछु दिन मधे सोना फुलते शुरू करे ताई तरा देरी करले ना
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ही मार्कन सुदरी संगे बिर कथा एक प्रकार फाइनली होए गलो रतन साहेब ई परिब काही आपत्ति लो ना विषय बियर दिन खानो ठीक होए गलो किंतु हत रतन टाटा ठाकुमा नवाज बाई टाटा अस्थ होए पड़े सेही समय विदेश थे तोड़ी घोड़ी रतन साहेब के देशे फिरते हैय नवस बाई टाटा सुथ होए उठले आगे भारतवर्ष ब एमन सिद्धत ने दुई परिब प थे तब रूप कथ गल्प बादशा भारत चीन युद्ध ल 1962 तुमू युद्ध परिस्थिति विदेश मे के भारते आते दिले ना रतन साहेब प्रेमिकार बाबा मा मेर सुरक्षा तिरे बंद होलो सेही बए और ताप हजार
चेष्टा सेही प्रेम आ कोन दिन बर पध पलो ना एर आ चार बार रतन साहेब बर कथा ठे किंतु प्रति बार सेही बए भते जाय नेके दाबी नि प्रथम प्रेमिक संगे विच्छेद जंत्र कोन दिन भुलते पारे रतन साहेब ताई सेही दुख थे तिनी आजीवन अकृत थे जावा सिद्धांत नेन एक टेलीन इंटरव्य रन साहेब एकबार दुख प्रकाश फेले तिनी बोलेन एमन नेक समय आ जखन स्त्री बा परिवार ना थाक कारणे भीषण एकाकी बोध करी कखन कखन मनेय एग थाक लो होतो का संगे निज मन कग भाग निते पले लो होतो पर अवश मनेय टा एक प्रकार
स्वाधीनता न्य उद् ना भाब स्वाधीनता जेखाने शु निजर काज प्रति फोकस ते परा जाय भारतवर्ष अधिकांश मानुष का तिनी सृष्टिकर्ता पाठन दूतर मतो होले बांगला मानुष रतन टाटा के बुझते पारे ए निए भद्रलोक दुखे शेष लो ना साल 2004 मुंबई झम झम बृष्टि ट्रैफिक जैम म दलो रतन टाटर गाड़ी आम गाड़ी काच म दिए बाईर दिके ताते रतन साहेब चोख पलो एक स्कूटर दिके ताते परिब तीन जन सदस्य बसे रए मा बाबा एव ता संतान झम झम बृष्टि तीन जन भीज ओ निम्न मवि परिब करुण अवस्था देखे रतन टाट मनर म एक जंत्र तैरी होलो
ताले की निम्न बत्त भारतीय आजीवन एभ कष्ट करब रतन टाटा निजे एकजन आर्किटेक्चर छात्र हवाय ऑफिस फिरे तिनी डिजाइन करते बसले किब बाइक बा स्कूटर के आरो यूजर फ्रेंडली करा जाय ए भ टाना चार सप्ताह एक्सपर्ट दे संग आलोचना तिनी डिजाइन कर फेलन एकटा छोट चार चाका गाड़ी जाते चेपे कम उपार्जन कर भारतीय परिब चार जन सदस्य सहजे ए दि ओदक जेते पबन तार बृष्टि भजते ह ना एक्सीडेंट रेट कमब आका छोट बो रतन गाड़ी नाम रखले ननो और सिद्धांत लेन भारतवर्ष प्रति परिवार ज चार चाका गाड़ी साद पते पारे त तिनी छो गाड़ी दाम
खबन मात्र एक लाख टा मात्र एक लाख टा चार चाका गाड़ी ता रतन टाटर बनानो बाजार खबर रो लल पड़े गलो किंतु ननो गाड़ी कारखाना को ठीक सेही समय पश्चिम बंगे तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद भट्टाचार्य खबर पे जोगाजोग करले रतन टाट संगे तिनी रतन टाटा के आश्वास दिलन 997 एक जमते निश्चिंत ननो कारखाना तैरी सेही मतो 2006 साले प्राय 1000 कोटी टा इन्वेस्टमेंट निए बांगला माते कारखाना खुलते लेन रतन साहेब शुर दिन थे रतन ट स्वप्न लो प्रथम ल एक ल ननो गाड़ी तैरी भारतबासी के उपहार देवा किंतु ताप बांग बुके की की घटना टेलो ार
जा 28 मास धरे अपे करर पर अवशेष 2008 साले गुजरा सानंद पड़ी दिले रतन टाटा किंतु बांगला थे जा आगे तिनी पश्चिम बंगवासी जन एक खोला चिठी लिखे चलन जा सेही समय किछु पत्रिका प्रकाशित होलो सेही चिते रतन टाटा लिखे लेन पश्चिम बंगे मानुष तथा वर्तमान तरुण प्र जन्म उचित निद चिंता भावना प्रकाश कर तरा भविष्य पश्चिम बंग के कोन जायगा देखते चा सेटा सब बशी जरुरी तारा की आद बांगला के एक शिल्प बबसा शांति एव आधुनिक प्रज समृद्ध बांगला हि देखते चाय ना कि तरा चाय राज राजनैतिक हिंसा प्रतिवाद प्रतिरोध भरे उठक रतन टाट
लेखा से चि प्रति लाइने बोझा गलो बांगला थे चले ते तिनी टा कष्ट पेले चिर एक जायगा रतन टाटा नि स्वप्न छड़ ह क लिखे किंतु से समय बांगली रतन टाटा के भुल बुझे आज निद बड़ भुल हारे हारे टेर पान प्रत्यक बांगली 2024 साले 9 ऑक्टोबर रात 11:30 मि उत्सव शहरे खबर लो अस्थ संगे लड़ाई करते करते अवशेष शेष निश्वास त्याग करन श्री रतन नावल टाटा रतन साहेब मृत्युर खबर जनो एक धक्का शोके सागरे डुब दिलो गोटा देश के कन्ना भे पलो बहु साधारण मानुष जाति धर्म निर्ब शेषे गरीब मानुष भेजा चोख निए सृष्टिकर्ता
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