[संगीत] हेलो फ्रेंड्स यह डार्क साइकोलॉजी सीरीज पर तीसरा वीडियो है लास्ट वीडियो में मैंने डिस्कस किया था नार्सिसिस्म और मैकिया बनिज म के बारे में जबकि आज हम डिस्कस करने वाले हैं साइकोपैथ यानी कि साइकोपैथी के बारे में तो अगर आपने अभी तक हमारे चैनल को फॉलो ना किया हो तो फिर फॉलो कर लीजिए चारों डार्क साइकोलॉजी ट्रेट्स में यह सबसे ज्यादा मेल वोलेंट होता है कहने का मतलब यह है कि जिस इंसान में साइकोपैथी के लक्षण होते हैं वह सबसे ज्यादा आपको नुकसान पहुंचा सकता है एक साइकोपैथ के अंदर जो एंपैथी होती है वो
ना के बराबर होती है कहने का मतलब यह लोग दूसरों की बिल्कुल भी केयर नहीं करते साथ में यह लोग इसलिए भी खतरनाक होते हैं क्योंकि इनके अंदर इंपल्सिवनेस बहुत ही ज्यादा होती है इंपल्सिवनेस ज्यादा होने का मतलब यह हुआ कि यह लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि उस काम के परिणाम की चिंता इनको बिल्कुल भी नहीं होती इसके साथ-साथ यह लोग थ्रिल सीकिंग भी होते हैं और उस थिल को फील करने के लिए यह दूसरों को कितना भी पेन दे सकते हैं क्योंकि इनके अंदर एंपैथी नहीं होती किसी साइकोपैथ को पहचान पाना बहुत
ही मुश्किल होता है क्योंकि यह दिखने में एक नॉर्मल इंसान जैसे ही होते हैं लेकिन इनके अंदर ना ही सिंपैथी होती है और ना ही एंपैथी फिर भी चूंकि यह लोग बहुत ही ज्यादा मैनिपुलेटिव होते हैं इस वजह से यह दुनिया को ऐसा दिखाने का प्रयास करते हैं कि यह लोग भी दूसरों का दुख दर्द समझते हैं साथ में दूसरों की केयर भी करते हैं मतलब कि यह लोग एक्टिंग भी कर लेते हैं वैसे अगर कोई इंसान मैनिपुलेटर है तो एक्टर तो होगा ही जो मूवीज बनती है ना वहां पर यह दिखाया जाता है कि
जो सीरियल किलर होते हैं सुपर विलन होते हैं या फिर जो बॉम्बर होते हैं वही साइकोपैथ होते हैं तो एक बात और जान लो जो साइकोपैथ होते हैं ना वो हमारी तरह नॉर्मल इंसान होते हैं इनको पहचान पाना आसान नहीं होता इनकी जो सच्चाई होती है ना वो किसी किसी के ही सामने आ पाती है वो भी उनके सामने जो इनके ट्रैप में फंस चुके होते हैं अब प्रश्न यह उठता है कि क्या किसी साइकोपैथ को ट्रीट किया जा सकता है यानी कि क्या साइकोपैथी का इलाज संभव है तो इसका उत्तर यह है कि अगर
कोई इंसान एडल्ट हो चुका है तो उसको ठीक नहीं किया जा सकता यानी कि एडल्ट साइकोपैथी का कोई भी इलाज नहीं है लेकिन अगर बचपन में ही पता चल जाए ना तो इन साइकोपैथी के लक्षणों को ग्रो होने से रोका जा सकता है उस बच्चे के अंदर सिंपैथी और एंपैथी डेवलप करने की कोशिश की जा सकती [संगीत] है अब मैं मैं आपको साइको पाथ और सोशियो पाथ में अंतर बता देता हूं जनरली क्या होता है कि इन दोनों शब्दों को एक दूसरे के स्थान पर प्रयोग किया जाता है लेकिन सच्चाई है कि ये दोनों ही
शब्द अलग-अलग हैं जो सोशियोपैथ होते हैं ना वो एंटी सोशल होते हैं यानी कि यह समाज की परंपराओं को तोड़ते हैं इनको समाज की परंपराओं को तोड़ने में बहुत अच्छा फील होता है और किसी परंपरा को तोड़ने से पहले यह लोग यह भी नहीं सोचते कि उन्होंने जिस परंपरा को तोड़ा वो सच में बुरी थी या फिर उन्होंने किसी ऐसी परंपरा को तोड़ा है जो इंसानों के इंटरनल ग्रोथ में हेल्प कर रही थी यानी कि यह लोग समाज की हर एक परंपरा से नफरत करते हैं ऐसा शायद इसलिए होता है क्योंकि जब यह सोशियो पाथ
बच्चा होगा तो हो सकता है समाज की परंपराओं के आड़ में इसको बहुत ही ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया हो मेंटल और इमोशनल टॉर्चर किया गया हो या फिर ऐसा भी हो सकता है कि यह इंसान जब बच्चा हो तो इसने देखा हो कि आसपास ऐसे लोग जिन्होंने परंपराओं को तोड़ा और किसी भी परंपरा को नहीं माना आज वह इंसान काफी ज्यादा आगे निकल चुके हैं इस वजह से भी हो सकता है कि वह बच्चा आज सोशियोपैथ बन गया यानी कि सोशियोपैथ वही लोग बनते हैं जिनकी परवरिश के टाइम पर गड़बड़ियां हुई होती हैं लेकिन जो
साइकोपैथ होते हैं ना वह जन्म से ही साइकोपैथ होते हैं यानी कि एक साइकोपैथ पैदा ही साइकोपैथ होता है लेकिन पैदा होने के बाद जहां इनकी परवरिश होती है ना वहां डिसाइड होता है कि इस साइकोपैथ का फ्यूचर क्या होगा अगर यह साइकोपैथ एक ऐसी फैमिली और सोसाइटी में जन्म लिया है जहां पर लोग बहुत ही अच्छे और केयरिंग हैं इसको बचपन से बहुत ही ज्यादा प्यार मिला हो तो इसके अंदर जो साइकोपैथी के लक्षण है वह ग्रो नहीं कर पाएंगे यानी कि जब यह बड़ा होगा तो एक नॉर्मल इंसान के रूप में ग्रो करेगा
लेकिन अगर यही साइकोपैथ एक ऐसे परिवार और समाज में जन्मा है जहा हां पर हिंसा बहुत ही ज्यादा होती है वहां पर शारीरिक और मानसिक शोषण भी होता है तो हो सकता है कि यह इंसान आगे चलकर बहुत ही खतरनाक साइकोपैथ बने क्योंकि इस साइकोपैथ के लक्षणों को ग्रो करने के लिए जो माहौल चाहिए था वह इसे मिल चुका है तो साइको पाथ के बारे में और भी बहुत सारी जानकारी है जिसे मैं आपसे शेयर करना चाहूंगा तो आगे चलकर मैं उसे शेयर भी करूंगा लेकिन डार्क साइकोलॉजी को समझने के लिए इतनी जानकारी काफी है
जितनी मैंने इस वीडियो में दे दी अब नेक्स्ट वीडियो में मैं आपको समझाने वाला हूं जो चौथा डार्क साइकोलॉजी ट्रेट है यानी कि सडिज्म के बारे में तो अभी तक आपने हमें फॉलो ना किया हो तो फिर फॉलो कर [संगीत] लीजिए