दुनिया का सबसे ठंडा पानी पी लीजिए आप। एसी में बैठ जाइए फिर भी गर्मी में शरीर की जो कमजोरी है जो अंदर की सूखापन है वह आपको पकड़ ही लेगा क्योंकि गर्मी का असर बाहर से नहीं अंदर से शुरू होता है। कुछ दिन पहले मेरी एक 55 साल की सब्सक्राइबर मुझसे मिलने आई और उन्होंने जो बात कही वह शायद आपसे भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा डॉक्टर साहब पहले मैं इतना जल्दी नहीं थकती थी लेकिन अब सुबह उठते ही शरीर भारी लगता है। चक्कर सा आता है और दिन भर एनर्जी ही नहीं रहती। पानी भी
खूब पी रही हूं फिर भी कमजोरी जा ही नहीं रही। मैंने उनसे सिर्फ एक सवाल पूछा। आप गर्मी में क्या खा पी रही हैं? उन्होंने कहा बस वही जो साल भर खाते हैं और ज्यादा पानी पी लेते हैं। तभी मैंने उन्हें समझाया कि समस्या पानी की कमी नहीं है। समस्या है गलत चीजें और सही चीजें ना लेना। गर्मी में शरीर सिर्फ पानी से नहीं चलता। शरीर को चाहिए सही ठंडक देने वाला खाना, सही मिनरल्स। वरना शरीर अंदर ही अंदर सूखने लगता है और आपको पता भी नहीं चलता। मैंने उन्हें सिर्फ 10 चीजें बताई जो उनके
ही किचन में मौजूद थी और कहा कि 30 दिन तक इन्हें सही तरीके से शुरू करें। 30 दिन बाद जब वह फिर से मिली तो उनके चेहरे पर जो फर्क था उनकी एनर्जी जो थी वह खुद कह रही थी डॉक्टर साहब अब शरीर हल्का लगता है। चक्कर बंद हो गए और दिन भर ताकत बनी रहती है। तो दोस्तों वही 10 चीजें आज मैं आपको बताने वाला हूं जो अगर आपने गर्मी शुरू होते ही अपनानी शुरू कर दी तो आपका शरीर अंदर से ठंडा, मजबूत और एनर्जेटिक रहेगा। और अगर इन्हें नजरअंदाज किया तो धीरे-धीरे कमजोरी, थकान
और डिहाइड्रेशन आपको पकड़ लेगा। इसलिए इस वीडियो को अंत तक जरूर देखिए क्योंकि यह सिर्फ जानकारी नहीं है। यह आपकी गर्मी की पूरी सुरक्षा है और शुरू करने से पहले मुझे कमेंट में जरूर बताइए आपकी उम्र कितनी है और आप किस शहर से यह वीडियो देख रहे हैं ताकि मुझे पता चले कि हमारे सबसे ज्यादा साथी कहां से जुड़े हुए हैं। चलिए अब समझते हैं वह 10 जरूरी चीजें जो गर्मी में आपको जरूर शुरू करनी चाहिए। अब सबसे पहली चीज जिसे अगर आपने सही तरीके से शुरू कर दिया, तो गर्मी में शरीर के आधे लक्षण
अपने आप कम होने लगेंगे। सुबह सत्तू का पानी शुरू करें। अब आप सोच रहे होंगे सत्तू तो हम सालों से सुनते आ रहे हैं। इसमें नया क्या है? लेकिन फर्क यहां पड़ता है कैसे और कब लेते हैं? 50 के बाद शरीर को सिर्फ पानी नहीं चाहिए होता। उसे चाहिए ऐसी चीज जो अंदर से ठंडक भी दे और ताकत भी बनाए रखे। और सत्तू यहां सबसे सीधा, सस्ता और असरदार उपाय है। जब आप सुबह खाली पेट एक गिलास सत्तू का पानी लेते हैं जिसमें थोड़ा सा नमक और चाह तो हल्का नींबू मिला लें तो यह सीधे
आपके शरीर को हाइड्रेशन के साथ-साथ इंस्टेंट एनर्जी देना शुरू करता है। रात भर जो पानी और मिनरल्स शरीर से निकल गए होते हैं सत्तू उन्हें धीरे-धीरे बैलेंस करता है। यही वजह है कि जो लोग इसे सही तरीके से लेते हैं उन्हें सुबह-सुबह चक्कर, भारीपन और कमजोरी कम महसूस होती है। एक और जरूरी बात सत्तू पेट पर भारी नहीं पड़ता। उल्टा यह डाइजेशन को शांत करता है। शरीर के अंदर की गर्मी को कम करता है और आपको दिन भर स्टेडी एनर्जी देता है ना कि अचानक स्पाइक और फिर गिरावट जैसा चाय या मीठी चीजों में होता
है। लेकिन यहां गलती क्या होती है? लोग इसे कभी-कभी पीते हैं या फिर गलत टाइम पर लेते हैं। याद रखिए इसका असली फायदा तभी मिलेगा जब आप इसे सुबह खाली पेट धीरे-धीरे पिएं और रोज कंसिस्टेंसी के साथ लें। यकीन मानिए अगर आपने सिर्फ यह एक चीज भी सही तरीके से शुरू कर दी तो कुछ ही दिनों में आपको फर्क महसूस होगा। शरीर हल्का लगेगा एनर्जी स्टेबल रहेगी और गर्मी का असर उतना तेज महसूस नहीं होगा। अब दूसरी चीज जिसे लोग हल्के में लेते हैं लेकिन गर्मी में यह शरीर को संभाल कर रखती है। नारियल पानी
पिएं। देखिए गर्मी में सबसे बड़ा धोखा क्या होता है? आपको लगता है कि मैं पानी तो खूब पी रहा हूं। सब ठीक है। लेकिन असल में सिर्फ पानी पीने से काम नहीं चलता। शरीर से जो पसीने के साथ जरूरी साल्ट्स और मिनरल्स निकलते हैं, वही असली कमजोरी पैदा करते हैं और यहीं पर नारियल पानी काम आता है। जब आप एक ताजा नारियल पानी पीते हैं, तो यह सिर्फ पानी की कमी पूरी नहीं करता बल्कि शरीर में जो इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो गए हैं, उन्हें वापस भरना शुरू करता है। इसलिए कई बार आपने देखा होगा नारियल पानी
पीते ही थोड़ी देर में दिमाग हल्का लगता है। चक्कर कम होते हैं और बॉडी में एक नेचुरल एनर्जी महसूस होती है। अब ध्यान से समझिए इसे कैसे लेना है। सुबह के समय या फिर दोपहर में जब गर्मी सबसे ज्यादा लग रही हो, उस टाइम एक नारियल पानी धीरे-धीरे पिएं, एकदम से नहीं, और कोशिश करें कि यह फ्रेश हो फ्रिज का ठंडा नहीं। और एक बात याद रखिए इसे कभी-कभी पीने से उतना फायदा नहीं मिलेगा। अगर आप इसे गर्मी के दिनों में रेगुलर कर लेते हैं तो जो अंदर की थकान, कमजोरी और बार-बार पानी पीने के
बाद भी सूखापन महसूस होता है, वह धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। सीधी बात, अगर गर्मी में शरीर को अंदर से स्टेबल रखना है तो नारियल पानी सिर्फ ऑप्शन नहीं, जरूरत है। अब तीसरी चीज और ध्यान से समझिए क्योंकि गर्मी में शरीर की आधी परेशानियां यहीं से कंट्रोल होती हैं। छाछ को डेली रूटीन बनाएं। देखिए गर्मी में सबसे पहले असर पेट पर पड़ता है। खाना ठीक से पचता नहीं। हल्का-हल्का भारीपन बना रहता है। कभी गैस, कभी जलन और फिर यही छोटी-छोटी चीजें पूरे शरीर की एनर्जी को गिरा देती हैं। खासकर 50 के बाद जब डाइजेशन पहले
जैसा स्ट्रांग नहीं रहता, तब यह प्रॉब्लम और जल्दी दिखने लगती है। अब यहीं पर छाछ चुपचाप अपना काम करती है। जब आप पतली छाछ लेते हैं, उसमें थोड़ा सा भुना जीरा मिलाते हैं, तो यह सिर्फ ठंडक देने वाला ड्रिंक नहीं रहता। यह आपके डाइजेशन सिस्टम को अंदर से रिसेट करना शुरू कर देता है। पेट की गर्मी को कम करता है। खाना धीरे-धीरे और सही तरीके से पचने लगता है और जो खाने के बाद भारीपन या सुस्ती आती है वह कम होने लगती है। आपने खुद कभी ना कभी महसूस किया होगा जब छाछ सही टाइम पर
ली जाती है तो खाना खाने के बाद शरीर हल्का लगता है। नींद नहीं आती और पेट आराम में रहता है। यही इसका असली फायदा है। लेकिन यहां गलती क्या होती है? लोग इसे या तो नजरअंदाज कर देते हैं या कभी-कभी पी लेते हैं और फिर कहते हैं कि फर्क नहीं पड़ा। ध्यान रखिए इसका सही फायदा तभी मिलेगा जब आप इसे सही तरीके से लें। दोपहर के खाने के बाद एक गिलास पतली छाछ उसमें हल्का सा भुना जीरा डालिए। चाहे तो थोड़ा काला नमक भी। इसे धीरे-धीरे पिए ताकि शरीर उसे आराम से एक्सेप्ट कर सके। बहुत
ज्यादा ठंडी या फ्रिज वाली छाछ लेने से बचें। नॉर्मल टेंपरेचर ज्यादा बेहतर रहता है। अब चौथी चीज जिसे लोग सबसे सिंपल समझते हैं। लेकिन गर्मी में यही चीज शरीर को अंदर से सूखने से बचाती है। तरबूज और खीरा जरूर खाएं। देखिए गर्मी में सबसे बड़ा इल्लुजन क्या होता है? आपको लगता है कि मैं दिन भर पानी पी रहा हूं तो डिहाइड्रेशन नहीं होगा। लेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ पानी पीने से शरीर लंबे समय तक हाइड्रेटेड नहीं रहता। थोड़ी देर बाद वहीं पानी निकल जाता है और शरीर फिर से सूखने लगता है। इसलिए शरीर को
सिर्फ पानी नहीं बल्कि पानी वाले फूड्स चाहिए होते हैं। और यहां पर तरबूज और खीरा सबसे पावरफुल काम करते हैं। जब आप तरबूज खाते हैं तो उसमें 90% से ज्यादा पानी होता है। लेकिन सिर्फ पानी ही नहीं उसमें नेचुरल साल्ट्स और हल्की मिठास होती है जो शरीर को तुरंत हाइड्रेट भी करती है और एनर्जी भी देती है। इसलिए आपने नोटिस किया होगा तरबूज खाने के बाद शरीर हल्का लगता है और गर्मी थोड़ी कम महसूस होती है। अब खीरे को समझिए यह अंदर जाकर बॉडी की हीट को धीरे-धीरे कम करता है। पेट को ठंडा रखता है
और जो अंदर ड्रनेस बन रही होती है, उसे बैलेंस करता है। खासकर 50 के बाद जब शरीर जल्दी पानी लूज़ करता है, खीरा उस लॉस को काफी हद तक कंट्रोल करता है। लेकिन यहां गलती क्या होती है? लोग इसे कभी-कभी खा लेते हैं या सिर्फ सलाद के नाम पर दो-तीन टुकड़े खा लिए और समझते हैं कि काम हो गया। ऐसा नहीं है। अगर आपको इसका असली फायदा चाहिए तो दिन में कम से कम एकद बार इसे शामिल करें। सुबह हल्के नाश्ते में ले सकते हैं या दोपहर में खाने से पहले। अब यहां एक काम कीजिए।
कमेंट्स में जरूर लिखकर बताइए कि आप रोज यह दोनों चीजें खाते हैं या नहीं। सच-सच बताइए क्योंकि यहीं से पता चलता है कि शरीर क्यों कमजोर हो रहा है और अगर आप चाहते हैं कि ऐसी ही सीधी काम की और बिना घुमाए फिराए जानकारी आपको मिलती रहे तो चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि आने वाले हर वीडियो से आपको फायदा मिल सके। अब पांचवी चीज जिसे लोग सबसे बोरिंग समझते हैं। लेकिन गर्मी में यही आपके शरीर को बचा कर रखती है। लौकी और तोरी जैसी हल्की हरी सब्जियां खाना शुरू करें। देखिए गर्मी में शरीर
पहले से ही गर्म चल रहा होता है। अगर आप ऊपर से हैवी तला भुना या मसालेदार खाना खाते रहेंगे तो शरीर और ज्यादा हीट जनरेट करेगा और यही वजह है कि फिर आपको आलस, भारीपन, चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगती है। अब यहीं पर लौकी और तोरी काम आती हैं। यह दोनों सब्जियां बहुत हल्की होती हैं। पेट पर बिल्कुल लोड नहीं डालती और अंदर जाकर बॉडी की एक्स्ट्रा हीट को धीरे-धीरे कम करना शुरू कर देती हैं। खासकर 50 के बाद जब डाइजेशन स्लो हो जाता है तब यह सब्जियां आपके शरीर को बिना थकाए न्यूट्रिशन देती
हैं। आपने देखा होगा जिस दिन आप हल्का खाना खाते हैं जैसे लौकी या तोरी उस दिन शरीर ज्यादा हल्का लगता है। सुस्ती कम होती है और पेट भी आराम में रहता है। यही इनका असली फायदा है। अब इसे लेना कैसे है? यह समझ लीजिए। लंच या डिनर में हफ्ते में कम से कम तीन-चार बार इन सब्जियों को जरूर शामिल करें। बहुत ज्यादा मसाला या तेल मत डालिए। जितना सिंपल बनाएंगे उतना ज्यादा फायदा मिलेगा। अब छठी चीज छोटी लगती है लेकिन गर्मी में इसका असर बहुत गहरा होता है। पुदीना और धनिया का इस्तेमाल बढ़ाएं। देखिए गर्मी
में सिर्फ शरीर ही नहीं आपका पेट भी अंदर से गर्म हो जाता है और जब पेट गर्म होता है, तो फिर भूख कम लगती है, मुंह कड़वा रहता है, गैस बनती है और पूरे शरीर में एक अजीब सी बेचैनी बनी रहती है। लोग इसे समझ नहीं पाते, लेकिन इसकी जड़ पेट की गर्मी होती है। अब यहीं पर पुदीना और धनिया चुपचाप काम करते हैं। जब आप पुदीना या धनिया को अपनी रोज की डाइट में शामिल करते हैं। चाहे चटनी के रूप में या पानी में डालकर तो यह सीधे पेट की हीट को कम करना शुरू
कर देते हैं। पुदीना अंदर जाकर ठंडक देता है और धनिया डाइजेशन को स्मूथ करता है। इसलिए इसे लेने के बाद आपको हल्की सी फ्रेशनेस महसूस होती है। मुंह का स्वाद भी बेहतर होता है और पेट हल्का लगता है। आपने खुद महसूस किया होगा जब भी पुदीने की चटनी खाते हैं या पुदीना पानी पीते हैं तो शरीर को थोड़ी राहत मिलती है। यही इसका असली फायदा है। अब इसे लेना कैसे है? यह समझ लीजिए। रोज थोड़ी मात्रा में चाहे खाने के साथ पुदीना धनिया की चटनी ले लें या सादा पानी में कुछ पत्ते डालकर पी लें।
ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। बस इसे डेली हैबिट बनाना है। सीधी बात अगर गर्मी में पेट को ठंडा और शरीर को फ्रेश रखना है तो पुदीना और धनिया आपकी रोज की थाली का हिस्सा होना चाहिए। अब सातवीं चीज और गर्मी में यह सच में ढाल की तरह काम करती है। आम पन्ना जरूर लें। देखिए गर्मी में सबसे खतरनाक चीज क्या होती है? लू लगना। शुरुआत में आपको बस हल्की थकान, चक्कर या बेचैनी महसूस होती है। लेकिन धीरे-धीरे यही हालत बिगड़ सकती है। और सबसे बड़ी बात यह अचानक होता है। आपको संभलने का मौका
भी नहीं मिलता। अब यहीं पर आम पन्ना काम आता है। जब आप कच्चे आम का पन्ना पीते हैं तो यह सिर्फ एक ठंडा पेय नहीं होता। यह शरीर को अंदर से हीट से लड़ने की ताकत देता है। इसमें ऐसे नेचुरल तत्व होते हैं जो शरीर को ठंडा रखते हैं। पानी की कमी को बैलेंस करते हैं और जो सॉल्ट्स पसीने के साथ निकल जाते हैं उन्हें वापस भरने में मदद करते हैं। यही वजह है कि पुराने समय में लोग गर्मी में घर से निकलने से पहले आम पन्ना जरूर पीते थे। आपने खुद महसूस किया होगा आम
पन्ना पीने के बाद शरीर में एक अलग ही राहत मिलती है। चक्कर कम होते हैं और गर्मी उतनी तेज महसूस नहीं होती। अब इसे लेना कैसे है? यह समझ लीजिए। दोपहर के समय जब धूप सबसे तेज होती है, उस समय एक गिलास आम पन्ना जरूर लें। धीरे-धीरे पिएं और कोशिश करें कि यह घर का बना हुआ हो। बहुत ज्यादा मीठा या आर्टिफिशियल बनाने की जरूरत नहीं है। सिंपल ही ज्यादा असरदार होता है। सीधी बात अगर आप गर्मी में खुद को लू से बचाना चाहते हैं तो आम पन्ना सिर्फ एक ड्रिंक नहीं एक सुरक्षा है। अब
एक काम कीजिए कमेंट्स में जरूर बताइए कि आप यह वीडियो कहां से देख रहे हैं और अगर जानकारी काम की लग रही है तो वीडियो को लाइक जरूर कीजिए। अब आठवीं चीज और यह उन लोगों के लिए खास है जिन्हें गर्मी में बार-बार पेट जलना, खटास या अंदर से गर्मी महसूस होती है। जीरा या सौंफ वाला पानी पिए। देखिए गर्मी में कई लोगों को एक कॉमन प्रॉब्लम होती है। पानी तो पी रहे हैं लेकिन फिर भी पेट में जलन है, खट्टी डकारें आती हैं और शरीर अंदर से गर्म महसूस होता है। इसका कारण सिर्फ पानी
की कमी नहीं होता बल्कि अंदर की हीट और एसिडिटी बढ़ जाती है। अब यहीं पर जीरा और सौंफ का पानी क्वाइटली काम करता है। जब आप पानी को हल्का उबालकर उसमें जीरा या सौंफ डालते हैं और फिर उसे ठंडा करके दिन भर सिप करते हैं, तो यह पानी सिर्फ प्यास नहीं बुझाता बल्कि पेट की गर्मी को धीरे-धीरे कम करता है। जीरा डाइजेशन को सुधारता है और सौंफ पेट को ठंडा करती है। इसलिए इसे पीने के बाद आपको अंदर से राहत महसूस होती है। जलन कम होती है और पेट हल्का लगने लगता है। अब इसे लेना
कैसे है? यह समझ लीजिए। सुबह 1 लीटर पानी में थोड़ा सा जीरा या सौंफ उबाल लीजिए। उसे ठंडा होने दें और फिर पूरे दिन उसी पानी को थोड़ा-थोड़ा सिप करते रहें। एकदम से ज्यादा पीने की जरूरत नहीं है। धीरे-धीरे लेना ज्यादा असर करता है। अगर आप इसे रोज की आदत बना लेते हैं तो गर्मी में जो एसिडिटी, पेट की जलन और अंदर की हीट बढ़ती है, वह काफी हद तक कंट्रोल में आने लगती है। अब नौवीं चीज और ध्यान से समझिए क्योंकि यही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा लोग गलती करते हैं। हल्का और आसानी
से पचने वाला खाना खाएं। देखिए गर्मी में आपका शरीर पहले से ही स्ट्रेस में होता है। अंदर हीट ज्यादा होती है। डाइजेशन धीमा पड़ जाता है। लेकिन इसके बावजूद लोग वही हैवी खाना खाते रहते हैं। तेल मसाले वाला तला बुना ज्यादा मात्रा में और फिर कहते हैं खाना खाकर इतना भारीपन क्यों हो रहा है? नींद क्यों आ रही है? शरीर सुस्त क्यों हो गया? असल में गलती खाने की क्वांटिटी नहीं क्वालिटी और टाइप की होती है। जब आप गर्मी में दाल, चावल, खिचड़ी या हल्का घर का बना खाना लेते हैं, तो शरीर को उसे पचाने
में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। खाना आराम से डाइजेस्ट होता है। एनर्जी धीरे-धीरे मिलती है और सबसे जरूरी बात शरीर के अंदर एक्स्ट्रा हीट पैदा नहीं होती। आपने खुद महसूस किया होगा जिस दिन आप हल्का खाना खाते हैं उस दिन शरीर ज्यादा कंफर्टेबल लगता है। पेट भरा होने के बावजूद भारीपन नहीं होता और काम करने में मन भी लगता है। वहीं अगर हैवी खाना खा लिया तो थोड़ी देर बाद ही सुस्ती, नींद और आलस शुरू हो जाता है। तो यहां आपको क्या करना है? सीधा सा नियम बना लीजिए। गर्मी में जितना हो सके हल्का खाना।
दाल चावल, खिचड़ी, सिंपल रोटी, सब्जी और हैवी, ऑयली स्पाइसी चीजों को कम से कम कर दीजिए। खासकर दोपहर में क्योंकि उस समय गर्मी अपने पीक पर होती है। अब 10वीं और आखिरी चीज और इसे हल्के में लेना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। नमक चीनी का संतुलन बनाए रखें। देखिए गर्मी में सबसे बड़ा नुकसान सिर्फ पानी की कमी से नहीं होता बल्कि शरीर से जो नमक और शुगर निकलते हैं वही असली कमजोरी पैदा करते हैं। आप चाहे जितना पानी पी लें अगर यह बैलेंस बिगड़ गया तो शरीर पानी को पकड़ कर नहीं रख पाता। यही
वजह है कि कुछ लोगों को बार-बार प्यास लगती है। पानी पीने के बाद भी मुंह सूखा लगता है और शरीर में अजीब सी थकान बनी रहती है। आपने देखा होगा कुछ लोग कहते हैं मैं तो दिन भर पानी पी रहा हूं फिर भी कमजोरी जा नहीं रही। असल में वहां पानी नहीं बैलेंस की कमी होती है। अब यहीं पर नमक चीनी का सही इस्तेमाल काम आता है। जब आप हल्का सा नमक और चीनी मिलाकर पानी लेते हैं या जरूरत पड़ने पर ओआरएस लेते हैं तो यह शरीर को सिर्फ हाइड्रेट नहीं करता बल्कि जो पानी आप
पी रहे हैं, उसे शरीर के अंदर टिकने में मदद करता है। यानी पानी सही जगह तक पहुंचता है और लंबे समय तक असर करता है। इसका असर आपको कैसे समझ आएगा? थोड़ी ही देर में आपको लगेगा कि बार-बार प्यास नहीं लग रही। शरीर में हल्की एनर्जी आ रही है और जो चक्कर या कमजोरी थी वह धीरे-धीरे कम हो रही है। लेकिन यहां भी एक जरूरी बात है। इसे रोज आदत बनाकर ज्यादा मात्रा में नहीं लेना है। जब आपको ज्यादा पसीना आ रहा हो, बहुत गर्मी में बाहर जाना पड़ा हो या शरीर में कमजोरी महसूस हो
रही हो, तभी इसका इस्तेमाल करें। दिन में एक गिलास ओआरएस या हल्का नमक चीनी पानी काफी होता है। और ध्यान रखिए बहुत ज्यादा मीठा या बहुत ज्यादा नमक डालने की जरूरत नहीं है। हल्का बैलेंस ही सबसे ज्यादा असरदार होता है। तो दोस्तों आपने देखा गर्मी में शरीर को सिर्फ पानी नहीं बल्कि सही चीजों की जरूरत होती है। अगर आपने यह 10 चीजें समय रहते अपनी डेली रूटीन में शामिल कर ली तो ना सिर्फ आप गर्मी से बच पाएंगे बल्कि आपका शरीर अंदर से ठंडा, हल्का और एनर्जेटिक महसूस करेगा। लेकिन अगर इन्हें नजरअंदाज किया तो वही
चक्कर, वही कमजोरी, वही थकान धीरे-धीरे आपकी डेली लाइफ का हिस्सा बन जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा कि समस्या कब बढ़ गई। अब यहां सबसे जरूरी बात यह है जानकारी तभी काम की होती है जब आप उसे अपनाते हैं। इसलिए सिर्फ सुनिए मत। आज से ही इन चीजों को अपने रूटीन में लागू करना शुरू कर दीजिए। छोटा सा बदलाव लेकिन असर बहुत बड़ा मिलेगा। अब आप मुझे कमेंट्स में जरूर बताइए आपकी उम्र क्या है और आप किस शहर से यह वीडियो देख रहे हैं और इन 10 में से कौन सी चीज आप पहले से
कर रहे हैं और कौन सी आज से शुरू करने वाले हैं। मैं आपके कमेंट्स जरूर पढ़ता हूं। अगर आपको यह जानकारी सच में काम की लगी हो तो वीडियो को लाइक जरूर कीजिए और ऐसे ही आसान देसी और असरदार हेल्थ टिप्स के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल मत भूलिए क्योंकि यहां आपको वही बातें बताई जाती हैं जो सीधे आपकी जिंदगी में काम आती हैं। एक जरूरी बात और यह वीडियो सिर्फ अवेयरनेस के लिए बनाया गया है ताकि आप अपनी प्रॉब्लम को अच्छे से समझ सकें और समय रहते उस पर ध्यान दे सकें। अगर आपको
कोई भी बड़ी या गंभीर समस्या है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। चलिए, अब मिलते हैं अगली वीडियो में।