[संगीत] हेलो गाइज माय नेम इज सरपे एंड वेलकम बैक टू अन द केस स्टडी विद मी जुलाई 2 2024 के दिन बरेली के एक गांव में पुलिस को एक औरत की लाश मिली पहले तो पुलिस को यह सीधा-साधा मर्डर केस लग रहा था लेकिन जब उन्होंने बारीकी से देखा उस औरत की बॉडी पर तब उन्हें लगा कि यह तो सेम 2023 में जैसे एक औरत की मौत हुई थी वैसे ही मारी गई है यह मर्डर उन्हीं की तरह था जिनकी वजह से बरेली के ऑलमोस्ट 90 गांव की औरतें घर से बाहर निकलने से पहले दो
बार सोचा करती थी तो पुलिस के दिमाग में चीज थी कि क्या यह सीरियल किलर सात महीने बाद दोबारा वापस लौट आया है सो लेट्स लर्न मोर अबाउट टुडेज केस रिवॉल्व अराउंड बरेली सारी किलर और बरेली नूस किलर [संगीत] जून 5th 2023 के दिन बरेली के शाही पुलिस स्टेशन में एक फोन आता है कि प्रतापपुर गांव के गन्ने के खेतों में 50 साल की औरत की लाश मिली है और जिनकी लाश मिली थी उनका नाम था कलावती कलावती जी की मौत गला दबाने की वजह से हुई थी ना तो कलावती जी की किसी से दुश्मनी
थी और ना ही रिसेंट के दिनों में उनकी किसी से लड़ाई हुई थी सो पुलिस पूरी तरीके से कंसंट्रेट थी उनके कातिल को ढूंढने के लिए लेकिन इससे पहले कि पुलिस को कोई भी एविडेंस मिलता दोबारा से 19 जून को उन्हें एक और लाश मिली कुलसा गांव के सड़क के किनारे 50 साल की धनवती जी की लाश पड़ी हुई थी एंड दोबारा से गन्नों के खेतों के पास पे धनवती जी का भी सेम कोई दुश्मन नहीं था और उनकी भी किसी से कभी अनबन नहीं हुई थी तो इसी वजह से पुलिस को इन दोनों केसेस
के बीच में कोई भी कनेक्शन नहीं दिख रहा था इन दोनों केसेस को एज अ इंडिविजुअल केसे से देखा जा रहा था और इनकी इन्वेस्टिगेशन भी ऐसे ही हो रही थी पुलिस को इस केस के बारे में भी धनवती जी के केस के बारे में भी कोई लीड तो नहीं मिली लेकिन मंथ के एंड में उन्हें दोबारा से एक और बॉडी मिली जून 38 2023 को आनंदपुर गांव के खेत के पास 55 साल की प्रेमवती जीी की लाश पुलिस को मिली थी लेकिन इस बार लाश को मारने का तरीका थोड़ा सा ऑड था प्रेमवती जीी
को उनकी ही साड़ी के पल्लू से गला घोट कर मारा गया था और फिर उनके पल्लू को उनके गले के अराउंड टाइटली बांधा गया था और फिर लेफ्ट साइड पे गांठ मार दी गई थी एज इफ मर्डर वांटेड टू मेक श्योर कि यह औरत जिंदा ना बचे एंड नाउ पिछले एक महीने में बरेली का यह तीसरा मर्डर था पुलिस पूरी कोशिश तो कर रही थी अपनी इन्वेस्टिगेशन करने की लिए लेकिन उनके हाथ में कोई भी एविडेंस नहीं लग रहा था और देखते ही देखते एक के बाद एक खून होते जा रहे थे यहां फोर्थ बॉडी
जुलाई 22 को खजूरिया गांव में मिली जो कि थी कुसुम या फिर कुसुमा जी की कुसुमा जी को भी उसी तरह मारा गया था जैसे प्रेमवती जी को मारा गया था फिफ्थ बॉडी वीरावती जी की थी जो कि ज्वालापुर गांव में मिली थी अब ना ही सिर्फ गांव वाले डरे थे पर पुलिस वाले भी डरे थे क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि अगला खून कहां होगा और अगली बॉडी उन्हें कहां से मिलेगी लेकिन क्योंकि ये बॉडीज सारी की सारी एक जगह से नहीं मिली थी या फिर आसपास जगह से नहीं मिली थी इसीलिए पुलिस का
ये पता लगाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल था कि खूनी आखिर है कौन इनफैक्ट उन्हें शायद से तब तक यह भी नहीं पता होगा कि इन सारे खून के पीछे सिर्फ एक ही इंसान था और शायद से वो लोग ये चीज पता कर भी लेते अगर और खून होते लेकिन फिफ्थ खून होने के बाद फिफ्थ बॉडी मिलने के बाद दो महीने तक कुछ नहीं हुआ गांव में तो लोगों को लगा कि अब सारे खून होना बंद हो गया है ये आदमी भी यहां पे नहीं आ रहा है तो शायद से अब हम लोग अपनी नॉर्मल जिंदगी
में वापस जा सकते हैं शायद से अब हम लोग आराम से रह सकते हैं एंड दोबारा से लेडीज अपने गांव में बिना किसी डर के बिल्कुल फ्रीली दोबारा से घूमने लगी लेकिन फिर आया 31 अक्टूबर का दिन जिसके बाद से गांव में खून होना इतना ज्यादा बढ़ गया था कि अब सिर्फ लेडीज ही नहीं सभी लोग घर से बाहर जाने के लिए पहले दो बार सोचते थे अक्टूबर 31 2023 को लखीमपुर गांव के गन्नों के खेतों में 65 साल की महमूद की लाश मिली थी महमूद जी ने शलवार सूट पहना था उस दिन और किसी
ने उनका गला खोटकर मौत करी थी उन्हीं के दुपट्टे से और फिर सेम उनके दुपट्टे को भी उनके गले के साइड में गांठ मार के बांधा गया था 20 नवंबर को रसनी गांव में दुलारो देवी की लाश उन्हीं के खेत में मिली थी और मर्डर का पैटर्न बिल्कुल सेम था 26 नवंबर 63 साल की उर्मिला जी की लाश जगदीशपुर गांव में मिली थी और सेम उनकी सारी का पल्लू उनके गले में बहुत टाइटली बांधा गया था पुलिस इतने सारे खून देखकर इतने सारे डेड बॉडीज देखकर परेशान थे दे वर कंफ्यूज एंड दे वर स्केरड आल्सो
उन्हें लग रहा था कि जो खूनी था वो उन्हें सांस लेने का भी मौका नहीं दे रहा था क्योंकि जैसे ही पुलिस एक मर्डर की इन्वेस्टिगेशन करने के लिए तैयार होती वो लोग एक टीम बनाते तब तक कहीं कहीं ना कहीं किसी गांव में किसी और औरत का खून हो जाता था एंड आई एम श्यर कि तुम लोगों को भी अभी मर्डर करने में एक पैटर्न दिख रहा होगा जैसे कि सब विक्टिम्स 45 साल के ऊपर थे सब लेडीज थे सब विक्टिम्स की बॉडीज मोस्टली गांव के खेतों के पास ही मिली थी और ऑलमोस्ट सब
विक्टिम्स को उनके ही दुपट्टे या सड़ी के पल्लू से गला घोटकर मारा गया था लेकिन जब बिगिनिंग में ये मर्डर हुए थे और जब पुलिस को इन सबके बारे में पता चला था तो वो लोग यह पैटर्न आइडेंटिफिकेशन और करते भी कैसे यह सारे के सारे खून तीन अलग-अलग एरिया में हुए थे शाही शीष गण एंड फतेहगंज इन एरियाज के 25 किमी के रेडियस में यह मर्डर हुए थे हमें यह पैटर्न इतना इजली दिख रहा है बिकॉज़ हमारे पास सारी इंफो इकट्ठा है और हम सिर्फ इसी एक केस को देख रहे हैं लेकिन पुलिस के
लिए यह पैटर्न आइडेंटिफिकेशन वो होते हुए भी तुम्हें नहीं दिखते दीज आर एगजैक्टली लाइक रेड फ्लैग्स जैसे रेड फ्लैग्स तुम्हारी आंखों के सामने होता है लेकिन दिखता नहीं है ना एवरीथिंग इज जस्ट ग्रीन इट्स एगजैक्टली सेम तो इस किलिंग स्प्री में हम लोग फिर भी पुलिस वालों को एक बेनिफिट ऑटर डाउट दे सकते हैं लेकिन इस बीच पुलिस वालों ने तीन आदमियों को अरेस्ट करा और वो लोग उन्हें पुलिस की कट घड़ी में लेके आए और ये सब कुछ होने के बाद भी जब इन तीनों के जेल में अंदर बंद होने के बाद भी बाहर
खून हो रहे थे तब पुलिस वालों को समझ आ गया था कि इन लोगों का इन खूनो से कोई भी रिश्ता नहीं है और ये तीनों तो पक्का क्रिमिन हो ही नहीं सकते हैं अभी बहुत ही जल्द पुलिस को इन सारे के सारे खून में एक कनेक्शन दिखने वाला था और वो तब हुआ जब इस खूनी ने अपने लास्ट विक्टिम का खून करा 2 जुलाई 2024 को अनीता देवी अपने माइके से वापस अपने ससुराल आने वाली थी एक दिन पहले ही उनका बेटा उन्हें उनके माय के छोड़ने गया था लेकिन उन्हें खेत में कुछ काम
आ गया था तो अनीता जी ने जल्दी घर आने की सोची वो अपने माइके से तो निकल चुकी थी लेकिन अपने घर व कभी भी नहीं पहुंची लेकिन जब रात 8 बजे तक अनीता जी अपने घर नहीं पहुंची तो उनके पति और उनके बेटे ने उन्हें ढूंढना शुरू कर दिया और वो अपने घर के हर जगह आसपास हर एक एरिया में उन्हें ढूंढते रहे उनके मन में बस यही चीज चल रही थी कि काश अनीता जी का सामना उस मर्डर से ना हुआ हो लेकिन उनका यह डर तब सच हुआ जब गांव में यह बात
फैलने लग गई कि गांव के पास में जो गन्ने के खेत है वहां पे एक औरत की लाश मिली है जब तक अनीता जी के घर वाले उनकी लाश देखने के लिए या फिर इस औरत की लाश देखने के लिए पहुंचे थे तब तक अनीता जी की बॉडी को ऑटोप्सी के लिए भेज दिया गया था और फिर उसके बाद पुलिस वालों ने अनीता जी के हस्बैंड को उनके कुछ आधार कार्ड और आइडेंटिटी प्रूफ दिखाए जिससे यह चीज पता चल गई थी कि मौत उनकी बीवी अनीता की ही हुई थी नाउ पैटर्न ऑफ किलिंग हेयर साड़ी
के पल्लू से गला घोट दिया गया था पर जब पुलिस ने अनीता जी की लाश देखी देन दे न्यू दैट समथिंग वाज ऑफ और पुलिस को एक चीज पता चल गई थी कि जिस इंसान की उन्हें तलाश थी वो कोई नॉर्मल आदमी नहीं हो सकता है क्योंकि कोई भी न इंसान 14 महीनों में नौ खून नहीं कर सकता है वो भी सिर्फ एक ही पैटर्न फॉलो करके एंड दे न्यू दिस थिंग कि वो लोग एक सीरियल किलर से डील कर रहे हैं और अब इस सीरियल किलर को पकड़ना और उसे ढूंढना पुलिस की अटम प्रायोरिटी
बन चुका था क्योंकि अगर वो उसे टाइम पर नहीं पकड़ते तो गांव में कई और सारी औरतों की जान चली जाती तो पुलिस ने ऑपरेशन तलाश लॉन्च किया है जिसमें 22 पुलिस की टीम्स थी जिनका सोल परपस यही था कि कैसे भी करके इस किलर को ढूंढा आए इतना ही नहीं पुलिस ऑफिसर्स बलेरी से मुंबई आए स्पेशल ट्रेनिंग लेने के लिए उन्होंने क्रिमिनोलॉजिस्ट और क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट से भी बात की ताकि वो इस सीरियल केलर के साइक को समझ पाए एंड दे फाइनली केम अप विद अ प्लान पुलिस वालों ने यह प्लान बनाया कि वो लोग
बहुत सारी फीमेल ऑफिसर्स को अलग-अलग गांव में भेजेंगे जो भी इन गांव ज भी मडर है उनके पास वाले गांव में भेजेंगे ताकि वहां पे वो ऐसे प्रिटेंड करके रह सके कि वो वहां पे बचपन से ही पैदा हुए हो बचपन से ही बड़े हुए हो सो विच मेंट कि वो बाकी नॉर्मल गांव की औरतों की तरह दिन में काम को जाती थी मतलब खेत में जाती थी काम करने के लिए और रात को जल्दी सो जाते थे वो लोग और सुबह जल्दी उठ के ये लोग काम पे दोबारा चले जाते थे ये तो चल
ही रहा था लेकिन साथ-साथ पुलिस वाले सीसीटीवी फुटेजेस भी चेक कर रहे थे इन एरिया के पास में पुलिस ने टोटल में 1500 सीसीटीवी कैमरा की फुटेजेस चेक करी 600 नए कैमरा स्टॉल किए गांव वालों की हेल्प से पॉसिबल सस्पेक्ट के स्केचेस बनाए और जगह-जगह उन स्केचेस के पोस्टर लगाए गए थे कई लोगों से पूछताछ भी की इस टाइम पे पुलिस ने और पुलिस पूरे जीजन से ऑपरेशन तलाश को सक्सेसफुल करने में जुट गई थी लेकिन उन्हें अभी भी कोई एविडेंस नहीं मिल रहा था लेकिन जब उन्होंने बिल्कुल हार ही मान दी थी जब उन्हें
लग रहा था कि अब यह केस कहीं भी नहीं जा रहा है तब उन्हें अचानक से गांव में एक सिक्योरिटी गार्ड का कॉल आया सिक्योरिटी गार्ड ने पुलिस को फोन करके यह बताया कि जिसकी तलाश वो कर रहे हैं उसे उस गार्ड ने कुछ ही देर पहले अपने ने गांव में देखा था जैसे ही पुलिस को ये टिप मिली वो बिना कोई टाइम वेस्ट किए तुरंत उस लोकेशन में पहुंचे एंड दे फाइनली कॉट रगाए लेकिन आखिर ये आदमी था कौन और उसके रीजंस क्या थे ये सारे के सारे खून करने के पीछे इस कातिल का
नाम था कुलदीप कुमार गंगो इससे पहले कि हम लोग ये देखें कि कुलदीप ने ये खून करे कैसे हमारा यह जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है इस केस में कि आखिर कुलदीप है कौन उसका बचपन कैसा था वो कैसे बड़ा हुआ था था ताकि हमें ये चीज समझ आ सके कि उसके पीछे का दिमाग कैसे चला यहां पे कुलदीप बरेली के बाकरगंज थाना के नवाबगंज गांव में रहने वाला था कुलदीप की दो बहनें थी उसके फादर बाबूराम ने पहली बीवी के होते हुए दूसरी शादी कर ली थी लेकिन उनकी दूसरी बीवी को पहली बीवी कुछ
खास पसंद नहीं थी तो अक्सर उनकी दूसरी बीवी उनको बहुत ज्यादा भड़का द थी तो जिसकी वजह से वह अपनी पहली बीवी से नफरत करने लगे थे और व अपनी पहली बीवी प हाथ उठाते थे और ये सब कुछ कुलदीप की आंखों के सामने में होता था जब वो बहुत ज्यादा छोटा था तब से यू सी कुलदीप बचपन से ही मेंटली स्टेबल नहीं था उसे अपने इमोशंस एक्सप्रेस करने में प्रॉब्लम होती थी यहां तक कि वो सेंटेंसेस भी कंप्लीट नहीं बोल पाता था लेकिन उसे ये चीज क्लियर समझ आती थी कि उसकी सौतेली मां अच्छी
औरत नहीं है और वो अपनी सौतेली मां से अपनी स्टेप मॉम से बहुत ही ज्यादा नफरत करता था तो जैसे-तैसे करके इस एनवायरमेंट में भी कुलदीप बड़ा हुआ और 2014 में उसके पापा ने बहुत ज्यादा मुश्किल से उसकी शादी करा दी लेकिन कुलदीप ने भी सेम अपने फादर जैसा पैटर्न दोबारा से रिपीट करा और वो अपनी बीवी को मारता था पहले तो कुलदीप की बीवी शुरुआत में सब कुछ सहन कर लेती थी लेकिन जब कुलदीप का ये बिहेवियर बहुत ही ज्यादा अब्यूड़ोस सोचा कि मुझे कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा और अपनी सेफ्टी के बारे
में सोचते हुए कुलदीप की बीवी कुलदीप का घर छोड़ के 2018 में भाग गई थी वहां से नाउ इस पॉइंट पे कुलदीप कुछ काम काम नहीं करता था और अपने बीवी के जाने के बाद से उसे औरतों से और भी ज्यादा नफरत होने लगी थी तो इस भड़ास को निकालने के लिए कुलदीप नशे करा करता था तो दारू दूरू पी के नशे नशे करके वो हमेशा गायब रहता था उसका कोई ठिकाना भी नहीं था एक्चुअली इस पॉइंट पे तो वो हमेशा क्या करता था कि कहीं बारों कहीं बारों कहीं बार तो वो सड़कों प ही
लेट जाता था कहीं बार वो अपने बहनों के घर चले जाता था कई बार वो अपने चाचा औरों के घर चला जाता था और वहां उनके घर में जाकर उनके गांव में जाकर वहीं रहा करता था वो और उसका अपनी बहनों के गांव जाना अपने चाचा और के गांव जाना इतना ज्यादा फ्रीक्वेंसी गांव में जाता था वहां सबको ये चीज पता थी कि कुलदीप का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है तो उस परे दया करके एज अ पिटी वो लोग उसे खाने के लिए देते थे कभी-कभी उसके कपड़े फटे हुए होते थे तो वो लोग अपने
कपड़े उसे दे देते थे लाइक व्हिच एवर वन दे वर नॉट यूजिंग एंड आल्सो एक और बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट बात यहां पे है कि जब भी कुलदीप किसी भी गांव में जाता था तो उसके पास गाड़ी वाड़ी तो थी नहीं उसके पास साइकिल भी नहीं थी तो वो हमेशा इन गांव के बीच में ट्रेवल पैदल करा करता था जिसकी वजह से अगेन इट ओनली हेल्प हिम ये गांव के सारे के सारे डिटेल में गांव के सारे के सारे खेत के बारे में जानने में गांव का छप्पा चप्पा जानने के बारे में और ऐसे ही एक
दिन कुलदीप 2023 के जून के महीने में अपनी एक बहन के घर जा रहा था जब उसकी नजर गांव के खेत में काम कर रही दानव पर पड़ी तो कुलदीप उनके पास गया और वो उनसे बातें करने लग गया लेकिन बातें करते करते कुलदीप ने दानव जी से सेक्सुअल फेवर्स मांगे जो कि बहुत ही ज्यादा और चीज थी तो उन्होंने उस चीज के लिए रिफ्यूज कर दिया लेकिन कुलदीप से ये चीज सहन नहीं हुई और उसने उन पर हमला करा और उनका गला दबाकर मार दिया उन्हें फिर उसने उन्हीं के सारी के पल्लू से उनका
गले के अराउंड बांधा उस चीज को जस्ट टू मेक श्यर कि ये प्रॉपर्ली पक्का मर गई हैं और ये सब कुछ करने के बाद वो वहां से बॉडी को वहीं छोड़ के भाग गया और बाकी सब कुछ तो मैंने तुम लोग को बता ही दिया कि कैसे उसने हर एक औरत को मारा था तो यहां से ऐसे ही जब वह अपनी बहनों के अपने चाचा हों के गांव में जाता था तो हमेशा नजर रखता था कि कहीं किसी खेत में कोई औरत अकेली तो नहीं है और जब भी उसे कोई औरत गन्ने के खेतों में
अकेली दिखती थी तो वो उन्हें अप्रोच करता था और उनसे सेक्सुअल फेवर्स मांगा करता था और अगर वो मना कर देते थे तो वो उन्हें मार देता था व्हिच वाज इन एवरी सिंगल केस अगर कब भी कोई उसका पीछा कर रहा होता था या फिर उसे देख लेता था तो उस दिन वो किसी का भी खून नहीं करता था बस वो वहां से भाग जाता था एंड आल्सो वो गन्ने के खेत ही स्पेसिफिकली इस इसलिए ढूंढता था क्योंकि अगर आप गन्ने के खेत देखेंगे तो यू वुड नो कि गन्ने कितने लंबे होते हैं अगर कोई
गन्ने के खेत के बीच में हो तो बाहर खड़े इंसान को पता भी नहीं चलेगा कि यहां बीच में कोई है एंड दिस वाज परफेक्ट फॉर कुलदीप वो ये सारे मर्डर खेतों में ही करा करता था ताकि अगर कोई आसपास जा भी रहा हो तो उसे पता ना चले कि अंदर कुलदीप किसी का खून कर रहा है वन मोर थिंग व्हिच इज वेरी वियर्ड एंड इंटरेस्टिंग हियर कि कुलदीप में सेक्सुअल डि डिजायर तो थे उसमें सेक्सुअल डिजायर तो थे लेकिन जैसे ही उसके पास मौका मिलता वो कुछ कर नहीं पाता था इस चीज के बारे
में बेसिकली उसमें कुछ भी करने की सेक्सुअली हिम्मत नहीं होती थी सो इंस्टेड ऑफ डूइंग समथिंग विद दीज अ वमन वो उनको मार के बस उनकी पर्सनल बिलोंग ंग ले जाता था एज अ ट्रॉफी चाहे वो विक्टिम की बिंदी हो लिपस्टिक हो आधार कार्ड हो या उनके ब्लाउज का टुकड़ा हो कुलदीप अपने साथ कुछ भी एज अ ट्रॉफी ले जाया करता था और पुलिस को ये सारे एविडेंसेस कुलदीप के पास से मिले भी थे एंड इवन कुलदीप ने नौ में से छह मर्डर का कन्फेशन खुद ही किया था अब यह सारी डिटेल सुनने के बाद
भी तुम्हें लग रहा होगा कि ये तो चीजें भी ले जा रहा है अपने साथ लेकिन ही वाज नेवर फाउंड आउट राइट पूरे नौ महीने पूरे जितने भी महीने तक उसने ये सब कुछ करा था ही वाज नेवर फाउंड आउट तो इसने तो बहुत ज्यादा प्लानिंग करी होगी इसने बहुत ही ज्यादा ढंग से सोचा होगा कि मैं ये वाला राउट लूंगा यहां से जाऊंगा वैसे जाऊंगा वेल दैट वाज नॉट द केस विद कुलदीप कुलदीप इतना शातिर था ही नहीं उसके पास बस सामान ही इतना कम था कि कुछ चीज वो पीछे छोड़ता ही नहीं था
दैट वाज हिज बिगेस्ट वीकनेस आल्सो कि वो गरीब था एंड दैट वाज हिज बिगेस्ट स्ट्रेंथ आल्सो कि वो गरीब था इसलिए उसके पास कुछ था ही नहीं पहले वो एक ऐसा टाइप का आदमी था जो कि मेंटली स्टेबल नहीं था एंड वो कभी किसी मच्छर को भी नहीं मार सकता था तो किसी को यह चीज सोचने में कि कुलदीप जो हमारे गांव से है वो नौ-नौ खून कर देगा यह चीज सोचना किसी के लिए भी बहुत ज्यादा मुश्किल था उस समय वो निर्दोष क्यों लग रहा है आपको वो जानना चाहे ये जब यहां प मूसा
मूसे के बच्चे को नहीं मार सकता तो बाबा ने औरतें कैसे मार दी ये औरतें यहां नहीं थी वेल कुलदीप के पेरेंट्स और गांव वालों के हिसाब से कुलदीप बरेली के इनफेमस सारी किलर हो ही नहीं सकता था गांव वालों के हिसाब से जो इंसान छोटे बच्चों से भी डरता था वो नौ खून कैसे कर सकता है वो भी बिना कोई सबूत पीछे छोड़े जो इंसान चीटी को भी नहीं मार सकता वो बहा सीरियल किलर कैसे बनेगा वो वाली मेंटालिटी वहां पे इनफैक्ट एक विक्टिम की फैमिली वाले ही यह चीज मानने के लिए तैयार नहीं
थे कि कुलदीप ने ही उनका मर्डर करा होगा उनकी फैमिली के विक्टिम का ला उनकी फैमिली मेंबर का मर्डर करा होगा क्योंकि उनके हिसाब से यह काम किसी शातिर बहुत ही ज्यादा शातिर इंसान का है और कुलदीप यह चीज नहीं कर सकता था नहीं साब ला सा पर साब हम उसको आपका संतुष्ट नहीं कोई जगह मारा है उस जगह डाला है यह पागल का काम तो नहीं है आल्सो पुलिस ने जो तीन स्केचेस रिलीज किए थे उनमें से तो एक स्केच पुलिस ने कुलदीप को पकड़ने के बाद बनवाया था एंड शड इट ऐसे जैसे कि
वो स्केच पहले से बनाया गया हो व्हिच अगेन मेड पीपल बिलीव कि पुलिस कुलदीप को फंसाना चाह रही है बट वी कैन नॉट डिनायल दीप ने खुद कन्फेस करा है कि उसने नौ में से छह खून किए हैं और पुलिस को उसके पास से विक्टिम्स की बिलोंग भी मिली है कुलदीप खुद पुलिस को उन छह क्राइम सी पर लेकर गया और क्राइम सींस रीक्रिएट करे उसने एंड ऑल ऑफ दिस वल ही वाज जस्ट लाफिंग हिज एस ऑफ जब रिपोर्टर्स ने उनसे पूछा कुलदीप से पूछा कि भला तुमने इन औरतों को क्यों मारा तो उसने बेसिकली
यह कहा कि यह सारी की सारी औरतें गंदी थी ड़ी बता क्या कह गही क्या कह रही तुमत गलती गलती तो तुमने मार द मार कुलदीप को देखकर कोई भी ये चीज बिलीव नहीं करेगा कि यह आदमी यू नो दिस मेंटली चैलेंज आदमी इज अ किलर बट फिर सेम चीज वी कैन से अबाउट अमरजीत साडा जफी डामर उन्हें भी देख के कोई भी ये चीज नहीं कह सकता या फिर किसी भी सीरियल किलर को देख के कोई भी ये चीज नहीं कह सकता है कि ये आदमी इतने सारे खून कर सकता है सो बी अवेयर
ऑफ एवरीवन इवन इफ तुम्हारे आसपास कोई मासूम सा दिखने वाला आदमी भी है मे बी वो कुछ कर दे यू नेवर नो बट विद दैट कुलदीप कुमार का केस अभी यहीं पे समाप्त होता है ना बिफोर यू गो गाइज अगर तुम लोग को ट्रू काइम डॉक्यूमेंट्री देखना पसंद है देन प्लीज सब्सक्राइब टू मी क्योंकि यहां पे मैं वही बनाता हूं एंड आल्सो फॉलो ऑल ऑफ माय एसएनएस इफ यू वांट टू बट विद दैट आई होप दैट यू गाइज आर हैप्पी आई होप दैट यू गाइज आर हेल्दी प्लीज कीप योर लोडन वेरी क्लोस टू य एंड
आई विल सी यू वेरी वेरी सून बाय बाय